नाशिक: नाशिक शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जनवरी से जुलाई 2026 के बीच शहर में सड़क दुर्घटनाओं में 116 लोगों की मौत हुई, जबकि 310 लोग घायल हुए। लगातार हो रहे हादसों के बीच शहर में खराब सड़कों, गड्ढों और विभिन्न विकास कार्यों के कारण प्रभावित यातायात व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
नाशिक में अगले साल होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले को देखते हुए शहर में बड़े पैमाने पर सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम चल रहे हैं। कई प्रमुख सड़कों पर खुदाई, पाइपलाइन, सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। प्रशासन के सामने एक तरफ कुंभ मेले से पहले काम पूरा करने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ मौजूदा समय में वाहन चालकों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
सात महीने में 116 मौतें
जनवरी से जुलाई के बीच 116 लोगों की सड़क हादसों में जान जाना शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इस अवधि में 310 लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। इन आंकड़ों ने सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
हाल के महीनों में नाशिक की खराब सड़कों और गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं की कई घटनाएं भी सामने आई हैं। जुलाई में सतपुर-अंबड लिंक रोड पर एक 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया था। पुलिस के अनुसार, बाइक सवार गड्ढे से बचने की कोशिश कर रहा था, तभी बाइक फिसल गई और वह एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया।
कुंभ मेले की तैयारियों से बढ़ा दबाव
नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए शहर में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कई प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं। नाशिक संभागीय आयुक्त कार्यालय के अनुसार, कुंभ मेले के लिए नाशिक महानगरपालिका क्षेत्र में सड़क और संबंधित कार्यों के लिए कई परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।
इन विकास कार्यों का उद्देश्य कुंभ मेले के दौरान देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर यातायात व्यवस्था तैयार करना है। लेकिन वर्तमान में कई जगह सड़कें खोदी जाने और निर्माण सामग्री के कारण सामान्य यातायात प्रभावित हो रहा है।
सड़क निर्माण में देरी भी चिंता का विषय
नाशिक महानगरपालिका ने हाल ही में कुंभ से जुड़े सड़क कार्यों में देरी के लिए नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण से मिलने वाली प्रशासनिक मंजूरियों में देरी को एक कारण बताया था। NMC के अनुसार, कई परियोजनाओं को मंजूरी चरणबद्ध तरीके से मिली, जिसके कारण सड़क निर्माण शुरू करने में समय लगा।
महानगरपालिका ने यह भी बताया था कि कुछ सड़कों पर उपयोगिता सेवाओं को स्थानांतरित करने का काम देर से शुरू हो सका। इसके कारण सड़क निर्माण और मरम्मत की समयसीमा प्रभावित हुई। अब प्रशासन पर इन कामों को तेजी से पूरा करने का दबाव है।
गड्ढों से हादसों का खतरा
बारिश के मौसम में सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। रात के समय या भारी बारिश में गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से जोखिम में रहते हैं।
नाशिक में सड़क की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी लगातार आवाज उठाई जा रही है। कई नेताओं ने कुंभ मेले की तैयारियों के बीच शहर की मौजूदा सड़क व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
नाशिक प्रशासन के सामने अब दो बड़ी चुनौतियां हैं—कुंभ मेले से पहले सभी जरूरी सड़क और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और तब तक शहर में सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना।
116 मौतों और 310 घायलों के आंकड़े बताते हैं कि सड़क सुरक्षा को केवल भविष्य की योजना के रूप में नहीं देखा जा सकता। खराब सड़कों, गड्ढों, निर्माण कार्यों और यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए तत्काल उपाय जरूरी हैं।
कुंभ मेले की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन नागरिकों की मांग है कि विकास कार्यों के साथ-साथ सुरक्षित और सुचारु यातायात व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जाए। आगामी महीनों में सड़क निर्माण, गड्ढों की मरम्मत और ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार नाशिक प्रशासन के लिए अहम परीक्षा साबित होगा।
