पालघर: पालघर जिले में अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वसई तालुका के मोरी गांव में 574 अनधिकृत निर्माणों और घरों को जमीनदोज कर दिया। यह कार्रवाई 1 सितंबर 2026 को की गई। प्रशासन के अनुसार, इन निर्माणों में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संरचनाएं शामिल थीं।
यह कार्रवाई स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के बाद की गई। प्रशासन का कहना है कि संबंधित जमीनों पर निर्माण के लिए आवश्यक मंजूरियां और वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए थे। इसके बाद महाराष्ट्र प्रादेशिक एवं नगररचना अधिनियम (MRTP Act) के तहत नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की गई।
मोरी गांव में एक साथ 574 निर्माणों पर कार्रवाई
वसई पूर्व के मोरी गांव में कई निजी जमीनों पर बड़ी संख्या में अनधिकृत निर्माण किए जाने की शिकायतें प्रशासन को मिली थीं। इनमें घरों के साथ-साथ व्यावसायिक और औद्योगिक उपयोग वाली संरचनाएं भी शामिल थीं।
शिकायतों की जांच के बाद राजस्व प्रशासन ने इन निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की थी। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के SIR से संबंधित चुनावी कार्यों में व्यस्त रहने के कारण यह कार्रवाई कुछ समय के लिए लंबित रही। SIR प्रक्रिया का पहला चरण पूरा होने के बाद लंबित कार्रवाई को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया।
MRTP Act के तहत जारी की गई थीं नोटिस
प्रशासन के मुताबिक, संबंधित निर्माणों के खिलाफ महाराष्ट्र प्रादेशिक एवं नगररचना अधिनियम, 1966 की धारा 52(1) के तहत कार्रवाई की गई। जमीन मालिकों और संबंधित खातेदारों को 14 अगस्त 2026 को धारा 53 के तहत नोटिस जारी किए गए थे।
नोटिस के माध्यम से संबंधित लोगों से जमीन के स्वामित्व के दस्तावेज, मंजूर निर्माण योजना, निर्माण की अनुमति और अन्य आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने को कहा गया था।
प्रशासन का कहना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक और वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद नियमों के तहत 574 निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की गई।
JCB और पोकलेन मशीनों से ढहाए गए निर्माण
मोरी गांव में कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया। JCB और पोकलेन मशीनों की मदद से अनधिकृत निर्माणों को हटाया गया। राजस्व विभाग के तलाठी और मंडल अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
कार्रवाई के दौरान किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो, इसके लिए पुलिस का पर्याप्त बंदोबस्त किया गया था। इसमें महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई थी। प्रशासन ने पूरी कार्रवाई पुलिस सुरक्षा के बीच पूरी की।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मोरी क्षेत्र में केवल इन 574 निर्माणों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। क्षेत्र में मौजूद अन्य अनधिकृत निर्माणों की भी जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी।
इससे वसई-विरार क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई और तेज होने के संकेत मिले हैं।
नागरिकों से प्रशासन की अपील
वसई के तहसीलदार एवं कार्यकारी दंडाधिकारी दीपक गायकवाड़ ने नागरिकों से अपील की है कि सरकारी या निजी जमीन पर निर्माण करने से पहले संबंधित सक्षम प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति जरूर प्राप्त करें।
प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि बिना मंजूरी किए गए निर्माण और स्वीकृत विकास योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाली संरचनाओं पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
अनधिकृत निर्माण पर प्रशासन का सख्त रुख
पालघर जिले में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बीच अनधिकृत निर्माण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। वसई-विरार क्षेत्र में जमीन के इस्तेमाल, निर्माण अनुमति और अतिक्रमण से जुड़े मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
मोरी गांव में हुई 574 निर्माणों की कार्रवाई को इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य नियोजित विकास, कानून का पालन और सार्वजनिक हित की रक्षा करना है।
हालांकि, किसी भी निर्माण को अवैध या अनधिकृत घोषित करने और उसके खिलाफ कार्रवाई की वैधता संबंधित दस्तावेजों तथा लागू कानूनों के आधार पर तय होती है। प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के खिलाफ संबंधित पक्षों के पास उपलब्ध कानूनी उपायों का इस्तेमाल करने का अधिकार भी बना रहता है।
मोरी गांव में 574 अनधिकृत निर्माणों पर हुई यह कार्रवाई पालघर जिले में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती है। अब क्षेत्र के अन्य निर्माणों की जांच और आगे की कार्रवाई पर भी लोगों की नजर रहेगी।
