मुंबई: मुंबई के अंधेरी पश्चिम इलाके में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के एक जूनियर इंजीनियर और एक कर्मचारी को कथित तौर पर ₹60 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी BMC के K/West वार्ड कार्यालय में तैनात थे।
ACB के मुताबिक, मामला एक बेकरी कारोबारी से जुड़ा है। आरोप है कि बेकरी का कारोबार बिना प्रशासनिक कार्रवाई के जारी रखने देने के बदले आरोपियों ने रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और रकम लेते समय एक आरोपी को पकड़ लिया।
पहले मांगे गए थे ₹70 हजार
ACB के अनुसार, शिकायतकर्ता अंधेरी इलाके में बेकरी का व्यवसाय चलाता है। आरोप है कि BMC कर्मचारी विजय रमेश पाटील ने उससे ₹70 हजार की रिश्वत मांगी थी। कथित तौर पर यह रकम बेकरी को बिना परेशानी चलाने और उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं करने के बदले मांगी गई थी।
रिश्वत देने के इच्छुक नहीं होने पर बेकरी मालिक ने 2 सितंबर को मुंबई ACB से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ACB ने शिकायत की प्राथमिक जांच और सत्यापन शुरू किया।
बातचीत के बाद ₹60 हजार में सौदा तय
शिकायत के सत्यापन के दौरान विजय पाटील ने कथित तौर पर दोबारा ₹70 हजार की मांग की। इसके बाद उन्होंने शिकायतकर्ता की मुलाकात अपने वरिष्ठ अधिकारी और BMC के जूनियर इंजीनियर निरवकुमार चुणीलाल जैसूर से कराई।
ACB के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद कथित रिश्वत की रकम घटाकर ₹60 हजार तय की गई। इसके बाद ACB ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई।
BMC कार्यालय में ACB का ट्रैप
ACB ने अंधेरी पश्चिम स्थित K/West वार्ड कार्यालय में जाल बिछाया। निर्धारित योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर वहां पहुंचा।
ACB के अनुसार, विजय पाटील ने जब शिकायतकर्ता से ₹60 हजार स्वीकार किए, तभी टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद अधिकारियों ने जूनियर इंजीनियर निरवकुमार जैसूर को भी उनके कार्यालय से हिरासत में लिया।
यह कार्रवाई BMC कार्यालय परिसर में हुई, जिससे स्थानीय प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है।
तलाशी में ₹2.78 लाख से ज्यादा नकदी मिली
ट्रैप के बाद ACB ने दोनों आरोपियों की तलाशी ली। जांच एजेंसी के अनुसार, विजय पाटील के पास से ₹40,820 नकद बरामद हुए। इसके अलावा उनके बैग से ₹2,37,600 की अतिरिक्त नकदी मिली।
इस तरह पाटील के पास से कुल ₹2,78,420 नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है। ACB अब इस अतिरिक्त रकम के स्रोत और उससे जुड़े संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।
इसके अलावा अधिकारियों ने जूनियर इंजीनियर जैसूर के पास से दो मोबाइल फोन और विजय पाटील के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
ACB ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों की ओर से मामले की आगे जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रिश्वत की मांग केवल इस एक मामले तक सीमित थी या इसके पीछे कोई व्यापक व्यवस्था या अन्य लोगों की भूमिका भी थी।
BMC की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब मुंबई महानगरपालिका में अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज तथा कथित भ्रष्टाचार को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
खास तौर पर निर्माण, लाइसेंस, दुकान और व्यवसाय संचालन, अनधिकृत निर्माण तथा प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े मामलों में नागरिकों और कारोबारियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में ACB की यह कार्रवाई नगर प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता के मुद्दे को फिर सामने लाती है।
हालांकि, गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के परिणाम पर निर्भर करेगी।
ACB की कार्रवाई से BMC कर्मचारियों में हलचल
अंधेरी पश्चिम के BMC कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के बाद नगरपालिका कर्मचारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। ACB की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि रिश्वत की शिकायत मिलने पर एजेंसी ट्रैप ऑपरेशन के जरिए कार्रवाई कर सकती है।
इस मामले में आगे की जांच के दौरान बरामद नकदी, मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि बेकरी कारोबारी से कथित तौर पर मांगी गई रकम के पीछे क्या पूरा मामला था और इसमें दोनों आरोपियों की भूमिका क्या थी।
फिलहाल ACB की जांच जारी है और मामले में आगे और जानकारी सामने आने की संभावना है।
