पुणे में 27 अगस्त को कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित, नागरिकों से पानी जमा रखने की अपील

पुणे: पुणे शहर के कई हिस्सों में गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को पानी की आपूर्ति प्रभावित रहने वाली है। पुणे महानगरपालिका के जलापूर्ति विभाग द्वारा जलकेंद्रों, पंपिंग स्टेशनों और पानी की टंकियों में विद्युत, पंपिंग तथा अन्य जरूरी रखरखाव और मरम्मत का काम किया जाएगा। इसके चलते शहर के कई इलाकों में पूरे दिन पानी की सप्लाई बंद रहने की संभावना है।

जानकारी के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में बुधवार 26 अगस्त की मध्यरात्रि से गुरुवार 27 अगस्त की मध्यरात्रि तक पानी की आपूर्ति बंद रह सकती है। रखरखाव का काम पूरा होने के बाद शुक्रवार, 28 अगस्त की सुबह पानी की आपूर्ति दोबारा शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन शुरुआत में पानी देर से और कम दबाव के साथ आने की संभावना है।

इस जलापूर्ति बंदी का असर पुणे के कई प्रमुख इलाकों पर पड़ सकता है। सहकारनगर, पद्मावती, बिबवेवाड़ी, मुकुंदनगर, महर्षिनगर, गंगाधाम, इंदिरानगर, कोंढवा खुर्द और आसपास के क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित रहने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा लोहगांव, कल्याणीनगर, विमाननगर, टिंगरेनगर, विश्रांतवाड़ी, येरवडा और खराड़ी जैसे पूर्वी पुणे के इलाकों में भी पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है।

पश्चिमी पुणे के औंध, बोपोडी, पुणे विश्वविद्यालय परिसर, बाणेर, पाषाण, सूस, कोथरूड, वारजे और कर्वेनगर जैसे इलाकों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में पानी पूरी तरह बंद रहने के बजाय अगले दिन कम दबाव से पानी मिलने की स्थिति बन सकती है।

महापालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी की कटौती को ध्यान में रखते हुए पहले से पर्याप्त पानी जमा करके रखें और उपलब्ध पानी का आवश्यकता के अनुसार ही इस्तेमाल करें। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद पानी की आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से सामान्य की जाएगी।

नागरिकों के लिए यह जरूरी है कि वे 27 अगस्त से पहले घर में पीने और दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त पानी का इंतजाम कर लें। खासकर सोसायटियों, अस्पतालों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पानी की उपलब्धता को लेकर पहले से योजना बनाने की सलाह दी गई है।

पुणे में समय-समय पर जलकेंद्रों और पंपिंग सिस्टम की मरम्मत के लिए इस तरह के शटडाउन किए जाते हैं। मौजूदा काम का उद्देश्य जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े जरूरी तकनीकी और रखरखाव कार्यों को पूरा करना है, ताकि आगे चलकर पानी की आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुचारु रूप से संचालित की जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share via
Copy link