नागपुर: हिंगणा औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। मुख्य सड़कों के किनारे ट्रेलर, कंटेनर और अन्य मालवाहक वाहन लंबे समय तक खड़े रहने से सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम हो जाती है। इसका सीधा असर रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों पर पड़ रहा है।
हिंगणा क्षेत्र में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां होने के कारण रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़कों के किनारे वाहनों की पार्किंग से पहले से व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव और बढ़ जाता है।
सड़क पर सीमित जगह, बढ़ा जाम का खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई स्थानों पर सड़क के दोनों ओर भारी वाहन खड़े दिखाई देते हैं। इससे आने-जाने वाले वाहनों के लिए सीमित जगह बचती है और कई बार वाहनों को एक-दूसरे को पास करने में भी परेशानी होती है।
पीक ऑवर में स्थिति और गंभीर हो सकती है। दोपहिया, कार और सार्वजनिक परिवहन के वाहनों को भारी वाहनों के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे यातायात की गति धीमी होती है और जाम की स्थिति बन सकती है।
दुर्घटनाओं का भी खतरा
सड़क के किनारे खड़े बड़े ट्रेलर और कंटेनर कई बार छोटे वाहनों के लिए दृश्यता कम कर देते हैं। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर सड़क पर खड़े भारी वाहनों से टक्कर का खतरा और बढ़ जाता है।
अचानक लेन बदलने या खड़े वाहन से बचने की कोशिश में दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना की स्थिति पैदा हो सकती है।
स्थायी पार्किंग व्यवस्था की मांग
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए अलग और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। इससे मुख्य सड़कों पर वाहनों की अनधिकृत पार्किंग को कम किया जा सकता है।
इसके साथ ही यातायात पुलिस और संबंधित प्रशासनिक विभागों से नियमित निगरानी तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की मांग भी की जा रही है।
प्रशासन के सामने चुनौती
हिंगणा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में मालवाहक वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है। इसलिए ट्रैफिक प्रबंधन के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और पार्किंग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान निकालना जरूरी है।
फिलहाल हिंगणा औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग यातायात और सड़क सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई है। अब स्थानीय नागरिकों की नजर प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई और स्थायी पार्किंग व्यवस्था पर है।
