MPSC परीक्षा ऑफलाइन कराने पर सरकार का रुख, फडणवीस बोले—फिलहाल ऑनलाइन करने की योजना नहीं

मुंबई: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं को ऑनलाइन यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों की आपत्तियों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार का रुख स्पष्ट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल MPSC की परीक्षाएं मौजूदा ऑफलाइन, OMR आधारित व्यवस्था के तहत ही आयोजित की जाएंगी।

फडणवीस का यह बयान ऐसे समय आया है जब MPSC की परीक्षाओं को ऑनलाइन कराने के प्रस्ताव का कई अभ्यर्थियों ने विरोध किया है। छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था को लेकर तकनीकी सुविधाओं, परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दे उठाए हैं।

छात्रों की आपत्तियों के बाद सरकार का फैसला

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की फिलहाल MPSC परीक्षाओं को ऑनलाइन कराने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली लागू करने को लेकर जो निर्णय लिया गया था, उसे टाल दिया गया है और वर्तमान व्यवस्था में ही परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में परीक्षा प्रणाली को ऑनलाइन करने पर विचार किया जाता है, तो छात्रों और परीक्षा अभ्यर्थियों से चर्चा किए बिना कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। सरकार के इस रुख के बाद फिलहाल OMR आधारित परीक्षा प्रणाली जारी रहने की स्थिति स्पष्ट हुई है।

ऑनलाइन परीक्षा को लेकर क्यों हुआ विरोध?

MPSC की ओर से कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने की योजना सामने आने के बाद अभ्यर्थियों ने कई सवाल उठाए थे। छात्रों की प्रमुख चिंताओं में ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त कंप्यूटर केंद्रों की उपलब्धता, इंटरनेट और तकनीकी सुविधाएं तथा परीक्षा के दौरान संभावित तकनीकी समस्याएं शामिल थीं।

कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी आशंका जताई कि परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या या कनेक्टिविटी में परेशानी होने पर उसका असर उनकी परीक्षा पर पड़ सकता है। इसी वजह से कई छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने मौजूदा OMR आधारित व्यवस्था जारी रखने की मांग की थी।

CBT प्रणाली को पहले ही टाला जा चुका है

MPSC ने पहले प्रतियोगी परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली में बदलने की दिशा में कदम उठाया था। हालांकि, छात्रों के विरोध के बाद इस बदलाव को टाल दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली लागू करने का निर्णय जुलाई 2027 तक स्थगित किया गया है।

इससे पहले जुलाई 2026 में भी मुख्यमंत्री फडणवीस ने MPSC की परीक्षा प्रणाली में बदलाव को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और मौजूदा व्यवस्था को तब तक जारी रखने की बात कही थी।

MPSC में हाल की गड़बड़ियों के बीच बड़ा फैसला

MPSC की परीक्षा प्रणाली में बदलाव पर चर्चा ऐसे समय हो रही है जब आयोग की कुछ परीक्षाओं को लेकर पेपर लीक और कथित अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। अगस्त 2026 में ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले के बाद भर्ती प्रक्रिया रद्द की गई थी। इसके बाद सितंबर में सरकार ने MPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए SIT गठित करने की घोषणा भी की।

सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक समिति के माध्यम से व्यापक सुधारों पर भी विचार किया जा रहा है। इसमें भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा व्यवस्था और इंटरव्यू से संबंधित दिशानिर्देशों पर चर्चा शामिल है।

अभ्यर्थियों की नजर आगे की परीक्षा व्यवस्था पर

फिलहाल MPSC अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि ऑफलाइन OMR आधारित परीक्षा प्रणाली जारी रहेगी और तत्काल ऑनलाइन CBT व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है। भविष्य में यदि परीक्षा प्रणाली में कोई बदलाव किया जाता है तो सरकार ने अभ्यर्थियों से चर्चा करने की बात कही है।

MPSC परीक्षा प्रणाली को लेकर सरकार का वर्तमान रुख स्पष्ट है—फिलहाल परीक्षाएं ऑफलाइन ही होंगी। हालांकि, परीक्षा व्यवस्था में दीर्घकालिक बदलाव और तकनीकी सुधारों को लेकर आने वाले समय में सरकार और MPSC की ओर से आगे निर्णय लिए जा सकते हैं।

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