सांगली: जिले में उपलब्ध जलसाठा घटकर करीब 34 प्रतिशत रह जाने से आने वाले समय में जलसंकट की आशंका बढ़ गई है। जलसाठे में लगातार हो रही कमी को देखते हुए प्रशासन ने संभावित पानी की कमी से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
प्रशासन की ओर से जिले के विभिन्न जलस्रोतों और जलाशयों में उपलब्ध पानी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। गर्मी और बारिश के बीच पानी की मांग तथा उपलब्धता का आकलन करते हुए आगे की रणनीति तैयार की जा रही है।
जलसाठा कम होने के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना और उपलब्ध जलस्रोतों का नियोजनबद्ध तरीके से इस्तेमाल करना है।
संभावित जलसंकट को देखते हुए नागरिकों से भी पानी का सावधानीपूर्वक और आवश्यकता के अनुसार उपयोग करने की अपील की जा सकती है। प्रशासन स्थिति के अनुसार टैंकरों, वैकल्पिक जलस्रोतों और पानी वितरण की अन्य व्यवस्थाओं पर भी विचार कर सकता है।
आने वाले दिनों में बारिश और जलस्रोतों में होने वाली आवक सांगली जिले की जलस्थिति के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। यदि जलसाठे में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं हुई, तो कुछ क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता को लेकर अतिरिक्त उपाय करने पड़ सकते हैं।
