पुणे: मुलशी तालुका के औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रही कई लघु एवं मध्यम औद्योगिक इकाइयों ने खराब सड़क व्यवस्था, लगातार ट्रैफिक जाम और अनियमित बिजली आपूर्ति को लेकर चिंता जताई है। औद्योगिक प्रतिनिधियों का कहना है कि इन समस्याओं का सीधा असर उत्पादन, माल की आवाजाही और कारोबार की लागत पर पड़ रहा है।
मुलशी का औद्योगिक बेल्ट पिरंगुट, कासार आंबोली, आंबटवेड, उरवडे और सुतारवाड़ी तक फैला है। यहां करीब 250 से 300 औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं। मुलशी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (MIA) ने इन समस्याओं को लेकर प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं।
बिजली कटौती से उत्पादन प्रभावित
उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ते लोड के कारण बिजली आपूर्ति में बार-बार व्यवधान आ रहा है। फिलहाल क्षेत्र को भरे सबस्टेशन से बिजली मिलती है। उद्योगों ने क्षेत्र के लिए अलग बिजली सबस्टेशन की मांग की है, ताकि बार-बार होने वाली बिजली कटौती को कम किया जा सके। प्रतिनिधियों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली बंद रहने से उत्पादन प्रभावित होता है और माल की डिलीवरी में भी देरी होती है।
जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी के साथ हुई बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि जमीन की पहचान और अंतिम रूप दिए जाने के बाद महावितरण क्षेत्र के लिए नया सबस्टेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
घोटावडे फाटा पर ट्रैफिक जाम
उद्योगों ने घोटावडे फाटा और आसपास के क्षेत्रों में पीक ऑवर के दौरान होने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या भी उठाई। जाम के कारण कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही में देरी होती है, जिससे परिवहन लागत बढ़ती है। MIA ने घोटावडे बस स्टॉप को करीब 100 मीटर स्थानांतरित करने का सुझाव भी दिया है।
प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए अतिरिक्त ट्रैफिक वार्डन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सड़क, बिजली, अग्निशमन, सार्वजनिक परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी संबंधित विभागों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि बेहतर सड़क और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
