नागपुर: छात्रों की शैक्षणिक जरूरतों और बदलते दौर की चुनौतियों को समझने के लिए नागपुर यूनिवर्सिटी की कुलपति मनाली क्षीरसागर ने गोंदिया और भंडारा जिले के कॉलेजों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और NEP 2020, परीक्षा व्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सोशल मीडिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
कुलपति के इस संवाद का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं, उनके अनुभवों और उच्च शिक्षा को लेकर उनकी अपेक्षाओं को समझना रहा। कॉलेजों में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों और नई शिक्षा नीति के प्रभावों पर भी चर्चा हुई।
NEP 2020 को लेकर छात्रों से संवाद
बातचीत में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 एक प्रमुख विषय रहा। विद्यार्थियों से नई शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई के बदलते स्वरूप, नए अवसरों और सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर उनके विचार जाने गए।
छात्रों को बदलती शिक्षा व्यवस्था के साथ खुद को तैयार करने और पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर भी जोर दिया गया। उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों की भागीदारी और उनकी राय को महत्व देने की जरूरत पर चर्चा हुई।
परीक्षा और छात्रों की समस्याओं पर चर्चा
परीक्षा व्यवस्था भी संवाद का अहम हिस्सा रही। विद्यार्थियों से परीक्षा से जुड़ी समस्याओं, तैयारी और अकादमिक प्रक्रिया को लेकर सीधे फीडबैक लिया गया। इस तरह के संवाद से विश्वविद्यालय को छात्रों की वास्तविक समस्याओं को समझने में मदद मिल सकती है।
AI और सोशल मीडिया पर भी चर्चा
आज के डिजिटल दौर में AI और सोशल मीडिया विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। संवाद के दौरान इन तकनीकों के शिक्षा और करियर पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी चर्चा की गई।
AI का जिम्मेदारी से इस्तेमाल, डिजिटल संसाधनों का बेहतर उपयोग और सोशल मीडिया के सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभाव जैसे मुद्दे छात्रों के साथ बातचीत का हिस्सा रहे।
कुलपति का कॉलेजों में जाकर छात्रों से सीधे संवाद करना विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों के बीच संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। ऐसे संवाद भविष्य में शिक्षा व्यवस्था को अधिक छात्र-केंद्रित बनाने और उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझने में मददगार साबित हो सकते हैं।
