मुंबई/बीड, 17 सितंबर 2026: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 20 दिनों से जारी मनोज जरांगे पाटील का अनशन गुरुवार को समाप्त हो गया। बीड जिले के पाटोदा में महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के बाद जरांगे पाटील ने अपना अनशन स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने सरकार को अपनी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई के लिए तीन महीने यानी 90 दिनों का समय दिया है।
जरांगे पाटील की सरकार के साथ हुई बैठक में मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील और दादा भुसे, एमएलसी प्रसाद लाड, विधायक सुरेश धस तथा वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। बातचीत के दौरान मराठा आरक्षण से जुड़ी मांगों और ऐतिहासिक रिकॉर्ड के आधार पर पात्र लोगों को कुनबी प्रमाणपत्र देने के मुद्दे पर चर्चा हुई।
फिलहाल मुंबई जाने का फैसला टला
अनशन खत्म करने के साथ ही जरांगे पाटील ने फिलहाल मुंबई की ओर प्रस्तावित मार्च को भी रोक दिया है। उन्होंने समर्थकों से वापस लौटने की अपील की। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। यदि तीन महीने के भीतर सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करने और मुंबई की ओर जाने की चेतावनी दे चुके हैं।
मराठा आरक्षण की मांग पर आगे क्या?
जरांगे पाटील की प्रमुख मांगों में पात्र मराठों को कुनबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया, ऐतिहासिक गजट और रिकॉर्ड को मान्यता देने तथा आरक्षण से जुड़े अन्य मुद्दों पर कार्रवाई शामिल है। सरकार ने बातचीत के दौरान प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है। अब अगले तीन महीने में सरकार की कार्रवाई पर आंदोलन की आगे की दिशा निर्भर करेगी।
जरांगे पाटील ने कहा है कि तीन महीने में मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन फिर तेज किया जाएगा।
