
छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर आपत्तिजनक बयान देने वाले प्रशांत कोरटकर को नागपुर और कोल्हापुर पुलिस ने 24 मार्च को तेलंगाना से गिरफ्तार किया था। उसे कोल्हापुर कोर्ट ने 28 मार्च तक राजारामपुरी पुलिस थाने की हिरासत में भेजा था। हालांकि, पुलिस ने उसकी सुरक्षा और जांच को लेकर पूरी गोपनीयता बरती है।बीती रात पुलिस हिरासत में ही प्रशांत कोरटकर की छाती में अचानक तेज दर्द हुआ, जिसके बाद कोल्हापुर पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए उसकी मेडिकल जांच करवाई। जांच के बाद, उसे पूछताछ के लिए किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया गया। हालांकि, उसे कहां ले जाया गया, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशांत कोरटकर को लेकर विवाद क्यों?
इतिहासकार इंद्रजीत सावंत को धमकी देने के बाद प्रशांत कोरटकर 25 फरवरी से फरार था। उसने छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए थे। पहले वह नागपुर से फरार होकर चंद्रपुर में छिपा हुआ था, लेकिन कोल्हापुर पुलिस के पहुंचने पर वहां से भाग निकला। बाद में खबरें आईं कि वह दुबई भाग गया है। हालांकि, एक महीने बाद पुलिस ने उसे तेलंगाना से गिरफ्तार कर लिया।प्रशांत कोरटकर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, जिसे 18 मार्च को न्यायालय ने खारिज कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। लेकिन अब खबर है कि पुलिस ने उसे आधी रात को कोल्हापुर से किसी अन्य स्थान पर ले जाया है। पुलिस की इस गोपनीय कार्रवाई के पीछे की वजह को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं।