
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने संतोष देशमुख हत्याकांड की फिर से जांच कराने और धनंजय मुंडे को सह-आरोपी बनाने की मांग की है।उन्होंने दावा किया कि मुंबई और परली में धनंजय मुंडे के कार्यालय में बैठक हुई थी, जिसमें संतोष देशमुख की हत्या की साजिश रची गई। इसी आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इस हत्या के षड्यंत्र में धनंजय मुंडे का नाम सामने आ रहा है, तो उन्हें सह-आरोपी क्यों नहीं बनाया गया?मनोज जरांगे ने यह भी कहा कि जो भी लोग इस हत्याकांड में शामिल अपराधियों की मदद कर रहे थे, उन्हें भी सह-आरोपी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि संतोष देशमुख के परिवार को तभी न्याय मिलेगा, जब इस हत्याकांड की दोबारा जांच होगी और असली गुनहगारों को सजा मिलेगी।