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कोरोनाः खतरनाक वायरस से सहमी दुनिया...

खतरनाक विषाणु (वायरस) कोरोना से पूरी दुनिया सहमी है। चीन के ग्यारह करोड़ की आबादी वाले वुहान नगर में संक्रमित हुए वायरस के विस्तार ने चीन के अनेक शहरों में दहशत फैला दी है। यहां के करीब 1283 लोग इसकी चपेट में हैं। 42 की मौत हो चुकी है और अनेक की हालत गंभीर है। यह विषाणु बिना किसी अवरोध के चीन की सीमा लांघ कर हांगकांग, मकाऊ, ताइवान, नेपाल, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, थाइलैंड, वियतनाम, फ्रांस और अमेरिका में फैल चुका है। भारत भी इसकी दस्तक से चौकन्ना होकर सावधानी बरत रहा है, जिससे इसका संक्रमण नियंत्रित रहे। गोया, भारत में दो हजार लोगों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा है। चीन से लौटे तीन लोगों का मुंबई के एक अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण किया गया, जिनमें से दो की जांच रिपोर्ट नकारात्मक है। तीसरे संदिग्ध यात्री के रक्त के नमूनों को जांच के लिए पुणे स्थित ‘नेशनल इंस्ट्रीट्यूट ऑफ वायरोलाॅजी‘ भेजी गई है। मुंबई में चीन से लौटने वाले 1789 और हैदराबाद में 250 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। चीन में भारत की शिक्षिका प्रीति महेश्वरी इस संक्रमण से गंभीर रूप से पीड़ित हैं। प्रीति यहां के इंटरनेशनल स्कूल ऑफ सांइस एंड टेक्नोलाॅजी में शिक्षिका हैं। उनके उपचार में करीब एक करोड़ रुपए खर्च आ रहा है। साफ है, आंख से नहीं दिखने वाला यह अत्यंत मामूली विषाणु जहां इंसान पर कहर बनकर टूट रहा है, वहीं आधुनिकतम चिकित्सा विज्ञान के लिए भयावह चुनौती के रूप में पेश आया है।

अक्सर हर साल दुनिया में कहीं न कही, किसी न किसी वायरस से उत्पन्न होने वाली बीमारी का प्रकोप देखने में आ जाता है, जिस पर यदि समय रहते नियंत्रण नहीं हो पाया तो महामारी फैलने में देर नहीं लगेगी। इस नए वायरस को जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और दूषित होते पर्यावरण का कारक बताया जा रहा है। ऋतुचक्र में हो रहे परिवर्तन और खानपान में आए बदलाव को भी इसके उत्सर्जन का कारण माना गया है। 

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