loader
Foto

Health Tips: जानिए कैसे करें अपने परिवार और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल...

आधुनिक व्यस्त दिनचर्या के चलते आज एक परिवार के लिए अपने बच्चों के स्वास्थ्य का खयाल रखना आसान नहीं होता हैं. लोगों को अब अपने बच्चों और खुद का ख्याल रखने का बहुत कम समय होता है. जिससे बच्चों में मोटापा और ओवर वेट जैसी समस्या का होना आज आम बात है. हालांकि एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन शैली को अपना कर इन बीमारियो से  बचावा किया जा सकता है. इसके साथ ही डायबिटीज, अस्थमा, हाईप्रेसर जैसे कई बीमारियों को भी रोका जा सकता है.

एक स्वस्थ और निरोग जीवन के लिए बहुत जल्द ही स्वस्थ आदतों को अपनाना जरूरी हो जाता है.  ये आदतें लोगों को उनके परिवारों के लिए एक स्मार्ट विकल्प बनाने में मदद कर सकती हैं. ऐसा देखा गया है कि बच्चे अपने माता-पिता की आदतों की नकल करते हैं. इसलिए यह बहुत जरूरी है कि गार्जियंस अपनी आदतों में अच्छे विकल्पों को अपनाएं.

ऐसे बनाए बेहतर स्वास्थ - 

  1. अच्छे स्वास्थ्य के लिए दिन की शुरुआत हेल्दी नाश्ते से करें. जो शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जी प्रदान कर सके.

  2. सप्ताह में कम से कम एक बार बच्चों के साथ पूरा परिवार खाना खाए.

  3. खाने को धीरे-धीरे और चबा-चबाकर खाना चाहिए.

  4. खाने में सब्जियां और ताजे फल का इस्तेमाल अधिक करें.

  5. अपने खाने में साबुत अनाज जैसे- ओट्स, ब्राउन राइस, राई और पूरे-गेहूं पास्ता को शामिल हैं.

  6. अधिक मात्रा में लिक्विड का इस्तेमाल करना चाहिए. जिसमें पानी, कम वसा वाला दूध, और कम कैलोरी वाले ड्रिंक्स लेना चाहए.

  7. खाने की कई वरायटी को कम मात्रा में लेना चाहिए.

शारीरिक रूप से सक्रिय रहना जरूरी 

परिवारों और बच्चों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहना बहुत जरूरी होता है. इसके लिए निम्न उपाय करना चाहिए-


  1. दिन में कम से कम 30 से 60 मिनट तक शारीरिक सक्रियता बहुत जरूरी होता है. इसके लिए खुद को और बच्चों को किसी खेल से जोड़ना चाहिए.

  2. ऐसा नियम बनाएं कि दिन में एक बार परिवार के साथ वॉक करें.

  3. परिवार के साथ छुट्टी बिताना चाहिए और इस दौरान लंबी पैदल यात्रा, साइकिलिंग और बाइक चलाना जैसा काम करना लाभप्रद होता है.

  4. शरीर की आवश्यकता के अनुसार ही कैलोरी लेना चाहिए. यह आप की शरीर की आवश्यकता और काम करने के तरीके पर निर्भर करता है.

  5. टीवी, कंप्यूटर, और वीडियो गेम जैसी क्रियाओं पर दिन में केवल 2 घंटे का समय ही दें. इसके बजाय शारीरिक गतिविधि को प्रोत्साहित करें.

Recent Posts