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Maharastra News

मुंबई. महाराष्ट्र में मंदिर खोलने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी  के बीच हुए चिट्ठी वार का असर अब भी लगातार दिख रहा है. पुलिस स्मृति दिवस पर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मंदिर तनाव के बाद पहली बार मंच साझा करने वाले थे, तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं. राज्यपाल का प्रोटोकॉल भी तैयार हो चुका था, लेकिन अचानक देर शाम राज्यपाल का नए गांव स्थित कार्यक्रम में आना कैंसिल हो गया. हालांकि इसके पीछे राज्यपाल के स्वास्थ्य संबंधी कारण नहीं दिए गए हैं. मंगलवार की देर शाम बीएमसी के एक मुद्दे पर बीजेपी के एक डेलीगेशन ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर उनको ज्ञापन दिया था. अचानक राज्यपाल का कार्यक्रम में ना आना यह बताता है कि अब भी राज्यपाल और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है.

मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच विवाद बता दें कि राज्यपाल ने मंदिर खोलने के मुद्दे पर सीएम उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या वह सेकुलर हो गए हैं और मंदिर पर आस्था नहीं है. जिसके बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने भी राज्यपाल को कड़े शब्दों में जवाब दिया. राज्यपाल और सीएम के बीच इस चिट्ठी के कारण विवाद पैदा हो गया.
मुख्यमंत्री ने भी इसका जवाब देते हुए कहा था कि उन्हें राज्यपाल से अपने हिंदुत्व का प्रमाण नहीं चाहिए. अब पार्टी के मुखपत्र सामना में राज्यपाल पर सवाल उठाए गए हैं. सामना में लिखा है कि राज्यपाल के पद पर आसीन व्यक्ति को कैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए, यह भगत सिंह कोश्यारी ने दिखा दिया है. मुखपत्र में लिखा है कि राज्यपाल ने आ बैल मुझे मार जैसा व्यवहार किया लेकिन वे ये कैसे भूल गए कि यहां बैल नहीं बल्कि शेर है.  

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की. भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के दौरान रेखा शर्मा ने 'लव जिहाद के बढ़ते मामलों' समेत राज्य में महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की. आयोग की ओर से जारी किए गए बयान के अनुसार, रेखा शर्मा ने दावा किया कि महाराष्ट्र में 'लव जिहाद' के मामलों में इजाफा हुआ है. उन्होंने आपसी सहमति से भिन्न धर्मों के लोगों के विवाह और लव जिहाद के बीच अंतर को रेखांकित करते हुए इस विषय पर राज्यपाल का ध्यान केंद्रीत किया.
 'लव जिहाद' शब्द का इस्तेमाल कुछ दक्षिणपंथी टिप्पणीकार करते हैं और आरोप लगाते हैं कि हिंदू महिलाओं को बहला-फुसलाकर उनका धर्मांतरण कराके शादी की जाती है. एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष ने इस ओर भी इशारा किया कि राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष नहीं होने की वजह से करीब 4,000 शिकायतों का निस्तारण नहीं किया जा सका है.  

एनसीडब्ल्यू ने किया ट्वीट राज्यपाल और एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष की मुलाकात के बाद आयोग ने ट्वीट किया, हमारी अध्यक्ष ने महाराष्ट्र के राज्यपाल, भगत सिंह कोश्यारी के साथ मुलाकात की. उन्होंने राज्य में महिला सुरक्षा (women safety) से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें महिलाओं को साथ हो रही छेड़छाड़ और रेप के मामले शामिल थे. रेखा शर्मा ने आंध्र प्रदेश के दिशा कानून की तरह एक कानून बनाने की जरूरत भी बताई जिसमें महिलाओं के खिलाफ अपराध में मुकदमा जल्दी पूरा करने और कड़ी सजा का प्रावधान हो. 

रेल मंत्री पीयूष गोयल के मुम्बई में लोकल ट्रेनों में महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति देने के एक दिन बाद पश्चिमी रेलवे ने उपनगरीय नेटवर्क पर चार और 'लेडीज स्पेशल ट्रेनें' चलाने का ऐलान किया है। अधिकारियों ने बताया कि गैर-व्यस्त घंटों में महिलाएं अन्य ट्रेनों में भी यात्रा कर सकती हैं।

रेलवे अधिकारियों ने 15 जून से महानगर में लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू कर दी थीं। अभी तक केवल आवश्यक सेवाओं में कार्यरत लोग ही इनमें यात्राएं कर रहे थे। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि चार और 'लेडीज स्पेशल' ट्रेनों के चलने के बाद अब पश्चिमी रेलवे (डब्ल्यू आर) महिलाओं के लिए कुल छह विशेष ट्रेनें चला रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मध्य रेलवे (सीआर) कुल 706 लोकल ट्रेनें चला रहा है, जिनमें से चार 'लेडीज स्पेशल हैं। रेल प्राधिकरण ने सीआर और डब्ल्यू आर मार्गों पर बुधवार से सुबह 11 से दोपहर तीन बजे और शाम सात बजे के बाद से महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति दे दी है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने 16 अक्टूबर को रेलवे से आग्रह किया था कि गैर व्यस्त घंटों में महिला यात्रियों को लोकल ट्रेन सेवा का इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाए। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने एक और पत्र लिख रेल अधिकारियों से कहा था कि राज्य के अनुरोध पर जल्द से जल्द विचार किया जाए। इसके बाद गोयल ने मंगलवार को महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति देने की घोषणा की थी।

महाराष्ट्र की राजनीति से बड़ी खबर आ रही है। महाराष्ट्र बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है। महाराष्ट्र के मंत्री जयंत पाटिल ने बुधवार को बताया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे शुक्रवार दोपहर दो बजे को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में शामिल होंगे। पाटिल ने दावा किया है कि इससे उनकी पार्टी और मजबूत होगी। भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद 2016 में तत्कालीन भाजपा सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देने बाद से ही खडसे नाराज चल रहे थे। पिछले कुछ दिनों से ही खडसे के भाजपा छोड़ने और शरद पवार नीत पार्टी में शामिल होने की खबरें चर्चा में थी।उन्होंने कहा कि कई अन्य भाजपा विधायक और नेता, जो उनके समर्थक हैं, राकांपा में शामिल होना चाहते थे। हालांकि, उनके शामिल होने पर निर्णय लिया जाना बाकी है। राज्य के राकांपा प्रमुख ने कहा, "हम कोरोनो. वायरस महामारी के दौरान चुनाव नहीं चाहते हैं और इस प्रकार अन्य नेताओं के बारे में निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा।'' खडसे ने एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत की। उनके करीबी सहयोगियों के अनुसार, उन्हें राज्यपाल के कोटे से एक एमएलसी सीट मिलने की उम्मीद है। महाराष्ट्र विकास परिषद (MVA) शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार को अभी तक विधान परिषद के सदस्य के 12 पदों पर नियुक्ति के लिए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के नाम की सिफारिश करने पर निर्णय लेना है।

पूर्व राजस्व मंत्री को भाजपा द्वारा 2016 में पुणे के पास एक भूमि सौदे में भ्रष्टाचार और हितों के टकराव के आरोपों के बाद पद से इस्तीफा देने के बाद पद से हटा दिया गया था। वह तब से पार्टी से नाराज हैं। उन्हें पिछले साल हुए राज्य विधानसभा चुनावों में टिकट से वंचित कर दिया गया था। राज्य भाजपा इकाई ने इसकी पुष्टि की है। पार्टी के प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने कहा कि राज्य के भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल को उनका इस्तीफा मिला है। उपाध्याय ने कहा, "हमने उनके साथ बातचीत के माध्यम से समस्याओं को सुलझाने की कोशिश की। यह काम नहीं आया। हम उन्हें शुभकामना देते हैं। भाजपा छोड़ने वाला एक छोटा कार्यकर्ता भी पार्टी के लिए एक नुकसान है।"

पिंपरी. महामारी कोरोना के चलते अधर में लटकी विषय समितियों में नए सदस्यों की नियुक्ति के बाद इन समितियों के अध्यक्ष पदों के चुनावों की घोषणा हो गई है. 23 अक्टूबर को होनेवाले चुनावों के लिए सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल किए जाने थे. इसकी निर्धारित मियाद में सत्तादल भाजपा के प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए. प्रभाग समिति अध्यक्ष पद के चुनावों की भांति इन चुनावों से भी प्रमुख विपक्षी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने दूर रहने की भूमिका अपनाई है. इसके चलते विषय समितियों के अध्यक्ष पद के चुनावों में भी भाजपा प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है.

औपरचारिकता भर बाकीमनपा की विधि समिति महिला और बालकल्याण समिति, शहर सुधार समिति, क्रीडा, कला, साहित्य और सांस्कृतिक समिति और शिक्षा समिति के अध्यक्ष पद के लिए 23 अक्टूबर को चुनाव घोषित किए गए हैं. आज इसके लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की मियाद तय की गई थी. निर्धारित मियाद में विधि समिति अध्यक्ष के लिए स्विनल म्हेत्रे, महिला और बालकल्याण समिति अध्यक्ष के लिए चंदा लोखंडे, शहर सुधार समिति अध्यक्ष के लिए सोनाली गव्हाणे, क्रीडा, कला, साहित्य और सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष के लिए उत्तम केंदले, शिक्षा समिति अध्यक्ष पद के लिए मनीषा पवार के एकमात्र नामांकन पत्र नगरसचिव उल्हास जगताप के पास दाखिल किए गए. इन पदों के लिए भाजपा के उम्मीदवारों के एकमात्र नामांकन दाखिल होने से 23 अक्टूबर की चुनावी प्रक्रिया औपचारिकता भर साबित होगी.

मुंबई. कोरोना महामारी के दौरान मुंबई बोरीवली संजय गांधी नेशनल पार्क लगभग 6 महीने से पूरी तरह से बंद है. यहां नेशनल पार्क में रहने वाले लगभग 1 हजार आदिवासी परिवार का रोजी, रोजगार, काम बंद है. ऐसे में लॉकडाउन के दौरान यहां के राहवाशियों को खाने पीने की दिक्कत को देखते हुए स्थानीय शिवसेना नगरसेविका माधुरी योगेश भोईर ने अपने जन्मदिन के मौके पर आदिवासी बच्चों के साथ जन्मदिन मनाने का संकल्प लिया.जिसके तहत दोपहर नेशनल पार्क के चुनापाढ़ा इलाके के करीब 500 आदिवासी परिवार के बच्चों के साथ न सिर्फ केक काटकर जन्मदिन मनाया, बल्कि परिवार के सभी लोगों के लिए महीने भर का राशन, कपड़ा और बर्तन का भेंट कर जन्मदिन मनाया. इस अवसर पर विधायक प्रकाश सुर्वे भी उपस्थित थे. इस मौके पर नगरसेविका माधुरी भोईर ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आदिवाशी बच्चों एक चॉकलेट तक नसीब नहीं हुई ऐसे आदिवासी बच्चों के साथ केक काटकर जन्मदिन मनाने का बहुत सुखद अनुभव मिला.

मुंबई के सभी डब्बावाले मेहनत करके लोगों को भोजन पहुंचाने का पुण्य काम कर रहे हैं. अच्छा काम करने वालों की ईश्वर हमेशा मदद करता है. आज भले ही डब्बावाले साइकिल से चल रहे हैं .लेकिन मैं ईश्वर के चरणों में प्रार्थना करता हूं कि उनके बच्चे भविष्य में कार और हवाई जहाज से चलें, यह कहना है महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का. सोमवार को राजभवन में श्री साईं श्रद्धा प्रतिष्ठान के तत्वाधान में मुंबई के डब्बावालों का सम्मान और साइकिल भेंट कार्यक्रम में कोश्यारी ने यह बातें कहीं.उन्होंने कहा कि बहुत लोगों के पास ज्ञान और धन होता है पर दूसरों को दे नहीं पाते हैं. मनुष्य वही है जो दूसरों के काम आए. बहुत लोगों के पास पैसा नहीं होता है, वे भी दूसरों की मदद करते हैं. ऐसे ही लोगों से यह समाज चल रहा है.छोटी-छोटी मदद से भी लोगों को बहुत राहत मिलती हैप्रतिष्ठान के कामों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि साईं इनकों इतनी शक्ति दें कि वे और भी अच्छा काम करें. बहुत लोगों के पास संपत्ति होती है, लेकिन वे अच्छा काम नहीं कर पाते हैं. बहुतों के पास ज्ञान होता है वो दें नहीं पाते हैं. छोटी-छोटी मदद से भी लोगों को बहुत राहत मिलती है.छोटी सी पहल से डब्बावालों को साइकिल भेंट की इस कार्यक्रम में श्री साईं श्रद्धा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष और भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य शुभ्रांशु दीक्षित ने राज्यपाल का पुष्पगुच्छ, शॉल और गणेश की मूर्ति देकर सम्मान किया. वहीं राज्यपाल ने मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तलेकर और दशरथ केदार सहित कई डब्बावालों को साइकिल की चाभी वितरित की. दीक्षित ने कहा कि पिछले 6 महीनों से ज्यादा समय तक लॉकडॉउन लगे रहने के कारण डब्बावालों की स्थिति खराब हो गई थी. इस दौरान डब्बावालों की साइकिल बरसात में भीगकर ख़राब हो गईं थी. जब इस बारे में हमारे प्रतिष्ठान को पता चला तो हमने तय किया कि हम लोग डब्बावालों को नई साइकिल भेंट करेंगे. उन्होंने कहा कि हम लोगों ने अपनी छोटी सी पहल से डब्बावालों को साइकिल भेंट की है. हमें उम्मीद है कि समाज के और लोग भी डब्बावालों की मदद के लिए आगे आएंगे.  

मुंबई. महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के एससी विभाग के प्रमुख नितिन राउत ने उत्तरप्रदेश में सोमवार को राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि वहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गया है और इस बारे में वहां की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को एक ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में राउत ने दावा किया कि दलितों और महिलाओं के खिलाफ अपराध, बलात्कार और हत्या की घटनाएं कई गुना बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तरप्रदेश में फासीवादी भाजपा शासन ने दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ नरसंहार का एजेंडा तैयार कर रखा है।'' उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश में पिछले चार वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराध 67 फीसदी से अधिक बढ़ गया है जबकि बलात्कार की घटनाओं से महिलाओं में भय का वातावरण पैदा हुआ है।

सत्यजीत तांबे का फडणवीस पर वार, कहा सत्ता जाने के बाद सभी जमीन पर आते हैं उन्होंने महिलाओं और अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के खिलाफ अपराध की समय पर एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच के अभाव के लिए वहां की एजेंसियों को दोषी ठहराया और कहा कि कई बार मामले दर्ज नहीं किए जाते हैं। राउत ने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों को चप्पल-जूतों की माला पहनाई जा रही है, उनको नंगा करके घुमाया जा रहा है, अंतिम संस्कार के लिए जगह देने से मना किया जा रहा है और उनके जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है। लोन लेकर करो किसानों की मदद, सीएम ठाकरे को पवार की सलाह उन्होंने कहा कि हाथरस की घटना के बाद उत्तरप्रदेश के बलरामपुर, बुलंदशहर और आजमगढ़ जैसे स्थानों से बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो दुनिया भर में सुर्खियां बन रही हैं। ज्ञापन में कहा गया, इसलिए देशहित में कानून का राज स्थापित करने और समाज में शांतिपूर्ण तरीके से रहने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाने की जरूरत है।  

"मुंबई. भांडुप को सोनापुर डिपो से वर्ली जा रही बेस्ट मिडी बस नंबर 27 विक्रोली में दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस दुर्घटना में 16 यात्री घायल हो गए हैं जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.शनिवार सुबह 10.45 बजे बस भांडुप से विक्रोली पूर्व द्रुतगती मार्ग पर पहुंची थी कि उडान पुल के पास बस के आगे बाइक सवार को बचाने के चक्कर में ड्राइवर ने दाहिनी तरफ बस को कट करना चाहा उस समय नियंत्रण खो दिया. बस फुटपाथ पर बने डिवाइडर को पार कर सड़क के किनारे चली गई. बस में 25 यात्री सवार थे. 16 घायलों में से 7 को घाटकोपर के राजावाड़ी, 8 को विक्रोली के आंबेडकर अस्पताल और एक को सायन अस्पताल में भर्ती किया गया है. दुर्घटना की सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय दराड़े भी मौके पर पहुंच कर वहां का निरीक्षण किया. विक्रोली पुलिस मामले की जांच कर रही है. बेस्ट जनसंपर्क अधिकारी मनोज वराडे ने बताया कि यात्रियों को मामूली चोट लगी है. हादसे में बस ड्राइवर सिराज पठान भी घायल हो गया है.  

मुंबई. सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput Case) की मौत के मामले में बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन (Drugs Connection) को लेकर कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने शुक्रवार को बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है. कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत (Sachin Sawant) ने हाल ही में कहा था कि ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को 'बीजेपी एंगल' की भी जांच करनी चाहिए. सचिन सावंत ने दावा किया कि सीबीआई मामले के ड्रग्स एंगल के संदर्भ में संदीप सिंह से पूछताछ की, जो 'पीएम नरेंद्र मोदी' फिल्म के निर्माता हैं. अब सांवत ने कहा कि एनसीबी बॉलीवुड में बीजेपी के ड्रग्स कनेक्शन की जांच नहीं कर रही है. वो ये मामला गृहमंत्री अमित शाह के सामने उठाएंगे.सावंत ने अपने पुराने ट्वीट को रि-ट्वीट करते हुए शुक्रवार को लिखा, 'मैंने बॉलीवुड में ड्रग्स कनेक्शन केस को लेकर बीजेपी एंगल की जांच की मांग की थी. मैंने खासतौर पर आदित्य अल्वा और संदीप सिंह का नाम लिया था. आदित्य अल्वा सैंडलवुड ड्रग्स रैकेट में आरोपी हैं और विवेक ओबेरॉय की बीवी के भाई हैं. आदित्य अल्वा संदीप सिंह के पार्टनर भी हैं, जिनकी फिल्म 'पीएम नरेंद्र मोदी' में विवेक ओबेरॉय ने मुख्य भूमिका निभाई थी.' सचिन सांवत ने एक और ट्वीट में लिखा, 'अब काफी कुछ साफ हो गया है. बेंगलुरु पुलिस ने सैंडलवुड ड्रग्स केस में विवेक ओबेरॉय के घर और ऑफिस में छापा मारा है, जो न सिर्फ फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी के लीड रोल में थे, बल्कि को-प्रोड्यूसर भी थे.

सचिन सांवत ने एक और ट्वीट में लिखा, 'अब काफी कुछ साफ हो गया है. बेंगलुरु पुलिस ने सैंडलवुड ड्रग्स केस में विवेक ओबेरॉय के घर और ऑफिस में छापा मारा है, जो न सिर्फ फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी के लीड रोल में थे, बल्कि को-प्रोड्यूसर भी थे.सचिन सांवत ने कहा था, 'क्या इसीलिए मामले की जांच में सीबीआई को लाने की इतनी जल्दी थी. जब बॉलीवुड में कई शीर्ष निर्माता थे तब इस परियोजना को अंजाम देने के लिए संदीप सिंह को क्यों चुना गया?' सावंत ने कहा था, 'मुख्यमंत्री, गृहमंत्री को बॉलीवुड, ड्रग्स और बीजेपी के बीच साठगांठ की जांच करनी चाहिए.'

पालघर. महाराष्ट्र में पालघर स्थित नालासोपारा में एक शख्स को पुलिस ने फोन कॉल करके कई दुकानदारों को कथित रूप से ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया है. मीरा भयंदर और वसई-विरार के पुलिस आयुक्त तुकाराम तातकर ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार को 40 वर्षीय मनीष आंबेकर को गिरफ्तार किया.तातकर ने कहा कि ठाणे, पालघर, मुंबई, नासिक और पुणे जिलों में विभिन्न स्थानों पर व्यापारियों और दुकानदारों को धोखा देने के आरोपी के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए. कहा कि 'आरोपी सामान्य दुकानों, मेडिकल दुकानों, ज्वैलर्स और थोक अनाज व्यापारियों को निशाना बनाता था. वह उन्हें एक महिला की आवाज में फोन करता था और उन्हें बताता था कि वह एक अस्पताल या अपनी दुकान के करीब स्थित एक घर से कॉल कर रही है.'
दुकानों से सामना मंगवाता था आरोपी
बताया कि 'इसके बाद आरोपी दुकानों से कुछ चीजें मंगवाता था. डिलेवरी मैन के मौके पर पहुंचने से पहले शख्स बताए गए पते पर मौजूद होता था. डिलेवरी मैन को वह बताता था कि उसे अमुक महिला ने भेजा है. डिलेवरी मैन से 2,000 रुपए के छुट्टे लेकर वह कहता था कि 2,000 रुपए की करेंसी के लिए इंतजार करें. हालांकि पैसा लेने के बाद वह मौके से गायब हो जाता था. बताया गया कि हाल ही में नालासोपारा में इसी तरह की घटना हुई थी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया. जांच के दौरान पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि उस अपराध में शामिल आरोपी नालासोपारा में अपने घर पर आ रहा है. इसके बाद एक प्लान बना कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. 

महाराष्ट्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। महाराष्ट्र के जलगांव जिले में चार बच्चों की कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि रावेर तालुक के बोरखेड़ा शिवार गांव में एक खेत में बने मकान में बच्चे खून से लथपथ पाए गए।

अधिकारी ने कहा कि घटना उस वक्त हुई जब बच्चों के माता-पिता अपने बड़े बेटे के साथ किसी संबंधी की मृत्यु के बाद के कर्मकांड में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश गए थे। उन्होंने आगे कहा कि खेत का मालिक सुबह जब खेतों पर गया तो उसने चारों भाई-बहनों को खून से लथपथ पाया और इसकी सूचना तत्काल गांववालों को तथा पुलिस को दी।

अधिकारी ने बताया कि रावेर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संगीता (13), राहुल (11) अनिल (8) और ननी (6) के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। उन्होंने कहा, ''बच्चों की हत्या कुल्हाड़ी से की गई है और उनके गले पर गहरे घाव हैं। अधिकारी ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज जांच की जा रही है।

इधर, नासिक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रताप दिवाकर ने बताया कि जलगांव पुलिस चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।  इस संबंध में एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया है।

महाराष्ट्र सरकार ने बिगेन अगेन के तहत 15 अक्टूबर से मेट्रो रेल सेवाएं शुरू करने की मंजूरी दे दी है. हालांकि राज्य में धार्मिक स्थलों को फिलहाल बंद ही रखा गया है. महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को नए दिशानिर्देश जारी किए जिसमें कहा गया है कि धार्मिक स्थल, स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थान में नियमित कक्षाएं फिलहाल 31 अक्टूबर तक बंद रहेंगी. हालांकि 15 अक्टूबर से लाइब्रेरियों को खोला जा रहा है. दिशानिर्देशों के मुताबिक 15 अक्टूबर से मेट्रो सेवाओं को ग्रेडड तरीके से शुरू किया जाएगा. शादियों और व्यक्तिगत कार्यक्रमों में 50 से ज्यादा लोगों को शामिल होने की इजाजत नहीं होगी जबकि अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे.
महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों को खोलने की विपक्ष लगातार मांग कर रहा है. इस संबंध में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र भी लिखा था जिसकी भाषा को लेकर काफी विवाद भी खड़ा हो गया था. वहीं भाजपा की आध्यात्मिक शाखा के सदस्यों ने महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों को खोले जाने की अपनी मांग के समर्थन में साईबाबा मंदिर (के बाहर प्रदर्शन किया. इस शाखा के सदस्यों में महंत और संत शामिल हैं. उन्होंने अहमदनगर जिले में स्थित इस प्रसिद्ध मंदिर में प्रवेश पर जोर दिया लेकिन उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी गई.  

पुलिस ने इस दौरान 10 लोगों को हिरासत में लिया जिनमें आचार्य तुषार भोसले भी शामिल हैं. भोसले राज्य में भाजपा की आध्यात्मिक शाखा के प्रमुख हैं. इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों को बाद में छोड़ दिया गया.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता संजय शिंदे की गाड़ी में मंगलवार शाम को आग लगने की वजह से मौत हो गई। संजय की गाड़ी में जिस समय आग लगी, उस वक्त वे मुंबई-आगरा हाईवे पर पिंपलगांव बसवंत टोल प्लाजा के पास थे। गाड़ी में आग लगने के पीछे की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। 

नासिक जिले के एक अंगूर निर्यातक शिंदे कथित तौर पर अपने बाग के लिए कीटनाशक खरीदने के लिए पिंपलगांव के रास्ते में थे। तभी कदवा नदी के ओवरब्रिज के पास उनके साथ यह हादसा हो गया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, शॉर्ट सर्किट की वजह से गाड़ी में आग लग गई। गाड़ी के अंदर हैंड सैनिटाइजर भी रखा हुआ था, जिसकी वजह से आग ने भीषण रूप ले लिया।

शिंदे गाड़ी के दरवाजे को खोलने और विंडो को तोड़ने की कोशिश करने लगे, लेकिन सफल नहीं हो सके। इस दौरान, आग और फैल गई, जिससे उनकी मौत हो गई।

गाड़ी में आग लगने के बाद स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और शिंदे को बचाने की कोशिश की। उन्होंने फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी। बाद में गाड़ी में लगी आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद मृत व्यक्ति की पहचान एनसीपी के नेता संजय शिंदे के तौर पर हो सकी।

हैदराबाद के बाद अब मायानगरी मुंबई में बारिश ने तबाही मचाई है। महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे समेत कई इलाकों में बुधवार की रात मूसलाधार बारिश हुई और पूरा शहर पानी से भर गया। मुंबई और पुणे में रातभर जमकर बारिश हुई है और सड़कों, गलियों में घुटनों से अधिक तक पानी भर गया है। पानी का बहाव इतना तेज है कि एक शख्स को बहते देखा गया, मगर लोगों की मदद से उसे रेस्क्यू किया गया। पुणे और मुंबई में लोगों के घरों में पानी घुस गया है। हैदराबाद की तरह ही मुंबई और पुणे में जल प्रलय सा नजारा देखने को मिल रहा है। 

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में आज भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भारतीय मौसम विभाग के ने मुंबई, ठाणे समेत पूरे नॉर्थ कोंकण इलाके के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। रातभर हुई भारी बारिश की वजह से मुंबई की रफ्तार कम गई है और सड़कों पर निकला लोगों का मुश्किल हो गया है। 

बुधवार को पुणे में भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात हो गए। बाढ़ प्रभावित निमगांव और केतकी गांव से करीब 40 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। फिलहाल 15 लोग अब भी फंसे है, जिन्हें रेस्क्यू करने का काम जारी है। इसके अलावा, एक अन्य घटना में इंदारपुर में दो लोगों को उनके गाड़ी के साथ रेस्क्यू किया गया है।  

बताया जा रहा है कि मुंबई में सियोन पुलिस स्टेशन के पास घुटनों तक पानी भर गया है और मुंबई, पुणे समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में सड़कों पर पानी का सैलाब बहता दिख रहा है। मुसलाधार बारिश की वजह से मुंबई के सियोन पुलिस स्टेशन और किंग्स सर्कल में भी सड़कें पानी से डूब गई हैं। वहीं, श्रीमंत दगड़ूसेठ हलवाई गणपति मंदिर के पास भी भारी बारिश की वजह से पानी भर गया है।

बारिश की वजह से मुंबई और पुणे में काफी लोग रात भर सोए नहीं। उनके घरों में पानी घुस गया है। इसकी वजह से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। अभी भी मुंबई के कई हिस्सों में भी बारिश हो रही है।

अभिनेता विवेक ओबेरॉय के मुंबई स्थित घर पर बेंगलुरु पुलिस ने छापेमारी जारी है। बताया जा रहा है कि ड्रग्स केस में विवेक ओबेरॉय के साले आदित्य अल्वा की कथित रूप संलिप्तता के चलते छापेमारी की जा रही है। 

मीडिया रिपोटर्स के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने कहा है कि आदित्य अल्वा फरार है। विवेक ओबेरॉय उनके रिश्तेदार है और हमें अल्वा के संबंध में कुछ जानकारी मिली है। हम मामले की जांच करना चाहते थे इसलिए अदालत का वारंट लेकर क्राइम ब्रांच की टीम मुंबई में उनके घर गई है।

बेंगलुरु में आदित्य अल्वा के घर की भी तलाशी ली गई। बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान बेंगलुरु पुलिस के दो इंस्पेक्टर दोपहर करीब एक बजे विवेक ओबेरॉय के घर पहुंचे थे। विवेक ओबेरॉय के साले आदित्य अल्वा कर्नाटक के पूर्व मंत्री जीवराज अलवा के बेटे हैं। आदित्य अल्वा पर कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को कथित रूप से ड्रग्स सप्लाई करने का आरोप है। कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री को सैंडलवुड के नाम से जाना जाता है।

इस मामले में कन्नड़ कलाकार रागिनी द्विवेदी और संजना गलरानी समेत 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों में रेव पार्टी के आयोजक वीरेन खन्ना और रियाल्टार राहुल थोंस भी शामिल हैं।

आदित्य अल्वा की मां नंदिनी अल्वा के स्वामित्व वाली बेंगलुरु की हेब्बल झील के पास पांच एकड़ की संपत्ति पर पिछले महीने पुलिसे ने छापा मारा था। जांच करने वाले अधिकारियों को संदेह है कि ड्रग का इस्तेमाल व्यापक संपत्ति में आयोजित पार्टियों में किया गया था जिसमें एक स्विमिंग पूल भी शामिल है।

साइबर सेल सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार किया गया आरोपी का संबंध किसी राजनीतिक पार्टी से होने के मिले हैं, जिसकी जांच की जा रही है. साइबर सेल यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं यह कोई सिंडिकेट तो नहीं है जो इस तरह की पोस्ट के लिए बनाया गया है.

मुंबई. महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अश्लील भाषा में पोस्ट करने के मामले में मुम्बई पुलिस की साइबर सेल ने पुणे के चिखली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस मामले में साइबर सेल ने जिस आरोपी को गिरफ्तार किया, उसका नाम श्रिशैल शरणप्पा खज्जे है जो महाराष्ट्र के उस्मानाबाद 
मुम्बई साइबर सेल के आला अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी ने फेसबुक पर Appa Keasarjavalgekar के नाम से फेक प्रोफाइल बना रखी थी और इसी फेक प्रोफाइल के जरिये वह लगातार महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख और प्रियंका गांधी के खिलाफ अश्लील कमेंट पोस्ट कर रहा था. इस पोस्ट को लेकर शिकायत मिलने के बाद मुम्बई क्राइम ब्रांच ने 9 अक्टूबर को कई धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की. जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की यूनिट 6 को इस फेसबुक फेक प्रोफाइल  को लेकर सुराग मिला. सुराग के मिलने के बाद तकनीकी का इस्तेमाल करते हुए उस सुराग को और पुख्ता किया. इसके बाद एक टीम पुणे भेजी गई. शक के आधार पर पुणे के चिखली इलाके से एक शख्स को हिरासत में लिया गया और उसने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल लिया.  

 

महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने बुधवार को कहा कि दो दिन पहले मुंबई में बिजली आपूर्ति ठप होने की घटना, किसी के द्वारा जानबूझकर की गई हरकत हो सकती है। राउत ने संवाददाताओं से कहा कि महानगर तथा ठाणे और नवी मुंबई में बिजली आपूर्ति ठप होना कोई 'छोटा मुद्दा नहीं है।'

उन्होंने कहा कि हम 400 केवी कलवा-पड़घा लाइन पर काम कर रहे थे और लोड को सर्किट एक से दो पर स्थानांतरित किया गया था। लेकिन कुछ तकनीकी समस्या के कारण खारगर इकाई बंद हो गई। मुंबई में आइलेंडिंग हुई जो नहीं होना चाहिए था। 

राउत ने कहा कि इसीलिए हमें आशंका है कि किसी ने जानबूझकर यह काम किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए केंद्र सरकार का एक तकनीकी दल यहां है और जांच समिति भी बनाई जाएगी। मंत्री ने कहा कि केंद्र का दल एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंप देगा।

उन्होंने कहा कि 2011 हुई इस प्रकार की घटना की जांच करने वाली समिति की रिपोर्ट का भी अध्ययन किया जाएगा।

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने अनलॉक-5 में बुधवार को बिगन अगेन (Begin Again) दिशानिर्देशों के तहत सावधानी के साथ मेट्रो रेल को 15 अक्टूबर (कल) से शुरू करने की अनुमति दे दी है। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना लॉकडाउन के दौरान बंद किए धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने की मांग को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है और अनलॉक-5 में उन्हें खोलने पर कोई फैसला नहीं लिया गया हैद्लध महाराष्ट्र सरकार के बिगन अगेन दिशानिर्देशों के तहत सरकारी और निजी पुस्तकालयों को खोलने की अनुमति भी दी जाएगी, साप्ताहिक बाज़ारों को चलाया जा सकता है और व्यापार प्रदर्शनियों को भी अनुमति दी गई है। वहीं राज्य सरकार के हाल के फैसले पर मंदिरों को खोलने को लेकर कोई आदेश नहीं दिया गया है। 

मुख्यमंत्री और राज्यपल के बीच वार-पलटवार
राज्यपाल और मुख्यमंत्री में पत्रों के माध्यम से वार-पलटवार हुआ। राज्यपाल के पत्र से मामला हिंदुत्व और धर्मनिरपेक्षता तक पहुंच गया है। पत्र की भाषा को लेकर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। उधर, मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने मंदिर खोलने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ कई जगह प्रदर्शन किए हैं।   दरअसल, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा था। 

कोश्यारी ने पत्र में सभी बार, पब, रेस्टोरेंट खोले गए हैं, लेकिन मंदिर बंद है। सभी सावधानियों के साथ धार्मिक स्थलों को खोलने को कहा है। राज्यपाल ने पत्र में लिखा है कि आप हमेशा ही हिंदुत्व की आवाज रहे हैं। आपने मुख्यमंत्री बनने के बाद अयोध्या में राम मंदिर जाकर अपनी श्रद्धा का परिचय दिया था। क्या आप अचानक से खुद भी ‘सेक्युलर’ हो गए है, वह एक शब्द जिससे आप घृणा करते थे। इस पत्र के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी पलटवार करते हुए मंगलवार को जवाबी पत्र लिखा और राज्यपाल को संविधान की नसीहत दी। 

ठाणे. महाराष्ट्र के ठाणे जिले के दीवा में 33 वर्षीय महिला ऑटोरिक्शा चालक के साथ कथित अभद्रता और उसके साथ मारपीट की घटना के मामले में दो लोगों पर मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने बताया कि यह घटना शनिवार शाम में हुई. पुलिस ने इस संबंध में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘ महिला ऑटोरिक्शा चालक ने शिकायत में बताया है कि उन्होंने शाम सात बजे दीवा मे एक बार के निकट अपना वाहन खड़ा किया. इसके बाद बार के दो कर्मचारियों ने उनसे वहां से वाहन हटाने के लिए कहा था. इसके बाद न केवल उन्होंने महिला के साथ अभद्रता की बल्कि उस पर जातिवादी टिप्पणी करते हुए मारपीट की. 

उन्होंने कहा, ‘‘ महिला इस हमले में घायल हो गई. उन्हें एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया है और अभी उनका इलाज चल रहा है.’’ आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. 

ठाणे. महाराष्ट्र के ठाणे में 17 साल की एक लड़की से कथित तौर पर बलात्कार करने वाले उसके पिता और प्रेमी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने यह जानकारी दी. सहायक पुलिस निरीक्षक योगेश गौरव ने कहा कि तीन दिन पहले, पुलिस को ठाणे के वाशिंद शहर में सड़क किनारे एक मृत भ्रूण मिला था. मामले की जांच के दौरान, यह पता चला कि भ्रूण पीड़िता का था.

उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके पिता और प्रेमी ने कई बार उसका कथित तौर पर बलात्कार किया, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई. पुलिस को यह भी पता चला कि पीड़िता और उसका परिवार पहले पास के नवी मुम्बई के पनवेल में रहता था. अधिकारी ने बताया कि पीड़िता 21 वर्षीय आरोपी से परिचित थी जो पनवेल में उसका पड़ोसी था और दोनों में संबंध थे. 

पीड़िता के बयान के आधार पर, उसके पिता और प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार) और बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया. उन्होंने बताया कि मामले में आगे की जांच के लिए आरोपी की डीएनए जांच करायी जाएगी.

पालघर. महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक व्यक्ति ने अपने ऊपर जादू-टोना किए जाने के संदेह होने पर अपनी 62 वर्षीय दादी की कथित तौर पर हत्या कर दी. घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पास्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. हत्यारोपी की तलाश की जा रही है.

जानकारी के मुताबिक विक्रमगढ़ तालुका के यशवंत नगर के रहने वाले आरोपी कैलास डांगटे का मानना था कि वह अपनी दादी द्वारा किए गए जादू-टोने के कारण जीवन में समस्याओं का सामना कर रहा है और इस लेकर वह उसके साथ झगड़ा करता था. जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को आरोपी ने अपनी दादी को कथित तौर पर कुल्हाड़ी से कई बार मारा और फिर घर से फरार हो गया. 

घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के एक सदस्य ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने बुजुर्ग महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.अधिकारी ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है और आरोपी की तलाश की जा रही है. 

ग्रिड फेल होने से पूरे मुंबई में पावर कट की स्थिति उत्पन्न हो गई। हर तरफ लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेजों के परीक्षाओं को सोमवार सुबह पावर ग्रिड की विफलता के कारण फिर से आयोजित करने का फैसला किया गया है। कुछ जगहों पर परीक्षाओं के शुरू होने के बाद बंद करना पड़ा। जिन कॉलेजों में सुबह 11 बजे से होने वाली थीं या बाद में वहां पूरी तरह से स्थगित कर दी गई।

सेंट एंड्रयूज कॉलेज, बांद्रा के प्रिंसिपल मैरी फर्नांडिस ने कहा, "हमने मूल रूप से परीक्षा शाम 4 बजे करने का फैसला किया था, लेकिन बिजली की स्थिति पर कोई स्पष्टता नहीं होने के कारण हमारे क्लस्टर हेड ने सभी कॉलेजों को परीक्षा रद्द करने के लिए सूचित कर दिया है।"

केसी कॉलेज और एचआर कॉलेज दोनों ने दिन के लिए अपनी परीक्षा स्थगित करने का फैसला किया और आने वाले रविवार को भी इसे फिर से जारी किया।

केसी कॉलेज, चर्चगेट प्रिंसिपल हेमलता बागला ने कहा, "हम बिजली के बहाल होने की उम्मीद के साथ छात्रों को पूरे दिन लटकाए नहीं रखना चाहते हैं। कुछ जगहों पर छात्रों को बिजली की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए हमने रविवार को दिन की सभी परीक्षाओं को फिर से कराने का फैसला किया।" 

ऑनलाइन परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने के बारे में अपनी चिंता साझा करने के लिए कई छात्रों ने सोशल मीडिया साइट्स का सहारा लिया।

आरडी नेशनल कॉलेज के छात्र अनुज शर्मा ने कहा हमारी परीक्षा सुबह 10 बजे होने वाली थी और कॉलेज ने हमें लगभग 11:30 बजे सूचित किया कि परीक्षा नहीं ली जा रही है।  सोमवार को कॉलेजों में ऑनलाइन कक्षाएं भी प्रभावित हुईं और अधिकांश कॉलेजों ने दिन के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया।

ठाणे. पैरोल की शर्तों का उल्लंघन कर जंगल में छुपे हत्या के एक दोषी को पकड़ने गए पुलिस दल पर दोषी ने शुक्रवार को हमला कर दिया जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए. अपराध शाखा से जुड़े वरिष्ठ निरीक्षक नितिन ठाकरे ने बताया कि घायल पुलिस कर्मी ठाणे पुलिस की अपराध शाखा यूनिट-1 के सदस्य थे और हत्या के दोषी नवनाथ गांगुर्दे को पकड़ने गए थे, जिसने एक धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया.
ठाकरे ने बताया कि नवनाथ को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा हुई है. वह हाल ही में पैरोल पर बाहर आया और उसकी शर्तों का उल्लंघन करके फरार हो गया. उन्होंने बताया कि पुलिस को उसके ठाणे जिले के सीपी तलाव इलाके में एक जंगल में छुपे होने की जानकारी मिली थी. उसे पकड़ने के लिए पुलिस सुबह करीब पांच बजे वहां पहुंची और जैसे ही उन्होंने उसे पकड़ने की कोशिश की उसने पुलिस दल के सदस्यों पर एक धारदार हथियार से हमला कर दिया. 

उन्होंने बताया कि हमले में उप-निरीक्षक दत्ता सरक और कॉन्स्टेबल आनंद बिलारे घायल हो गए. ठाकरे ने बताया कि दोषी ने भागने की कोशिश की लेकिन उसे पकड़ लिया गया. घायल पुलिस कर्मियों का एक स्थानीय अस्पताल में इलाज हो रहा है.

मुंबई. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी के लीडर अजित पवार  समेत 69 लोगों को मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक के कथित घोटाले में क्लिन चिट दे दी है. मुंबई पुलिस की इकॉनमिक ऑफेंस विंग ने एफआईआर दर्ज किए जाने के एक साल बाद एक सत्र अदालत में मामले की क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की. पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे. बता दें इस कथित घोटाले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इकॉनमिक ऑफेंस विंग को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे. कथित घोटाला करने वालों की लिस्ट में मंत्री जयंत पाटिल भी शामिल थे. आरोप था कि इस समूह के कृत्यों की वजह से सरकार को 25,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ.

प्रवर्तन निदेशालय ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था. ईडी ने जांच के दौरान अजित और एनसीपी मुखिया शरद पवार का बयान भी दर्ज किया था. ईडी ने यह जांच पड़ताल उस वक्त की थी जब राज्य में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में NDA की सरकार थी. मुंबई मिरर की एक रिपोर्ट के अनुसार सत्र अदालत में दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट का ईडी ने विरोध किया है.

क्लोजर रिपोर्ट में क्या है पुलिस का दावा
क्लोजर रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस कथित घोटाले पर एक साल तक चली जांच में कोई अनियमितता या उसके सबूत नहीं मिले. मुंबई मिरर के अनुसार एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने हजारों दस्तावेजों और ऑडिट रिपोर्ट्स की जांच की. 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए. इस दौरान जांच में यह भी सामने आया कि टेंडरिंग की प्रक्रिया में पवार के शामिल होने के कोई सबूत नहीं मिले और ना ही उन्होंने कभी कोई मीटिंग में हिस्सा लिया था.' 

 रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भी आपराधिक दुर्व्यवहार, हितों के टकराव, अनियमितताओं या कार्यालय का दुरुपयोग के दुरुपयोग की कोई शिकायत नहीं मिली. बता दें साल 2015 में एक्टिविस्ट सुरिंदर अरोड़ा ने ईओडब्ल्यू के पास शिकायत दर्ज की थी और एफआईआर दर्ज करने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

शिवसेना ने सीबीआई के पूर्व निदेशक अश्विनी कुमार की आत्महत्या को संदिग्ध बताते हुए सवाल उठाए हैं. शिवसेना ने कहा कि अश्विनी कुमार के इस तरह से खुदकुशी करने पर कोई सवाल नहीं कर रहा है, यह हैरान करने वाली बात है. शिवसेना ने इस मुद्दे पर फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को भी निशाने पर लिया है.शिवसेना के सामना के संपादकीय में लिखा गया है कि सीबीआई के पूर्व निदेशक अश्विनी कुमार ने आत्महत्या कर ली है. देश का सामाजिक, राजनीतिक माहौल बलात्कार और आत्महत्या जैसे मुद्दों से धुंधला हो गया है. ऐसे में अपने शिमला स्थित घर में अश्विनी कुमार की लाश का लटका हुआ मिलना झकझोर देने वाली घटना है.

शिवसेना ने कहा कि सीबीआई के प्रमुख निदेशक पद पर काम कर चुका व्यक्ति निराश हो जाता है, जीवन में जैसे कुछ बचा ही न हो और जिंदगी से निराश होकर आत्महत्या कर लेता है, इस पर हम सारे लोग आंख बंद करके विश्वास कर लेते हैं, हम इससे सहमत नहीं हैं. अश्विनी कुमार सिर्फ सीबीआई के निदेशक ही नहीं थे बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद वह नागालैंड और मणिपुर के राज्यपाल भी बने थे. वह हिमाचल राज्य के पुलिस महानिदेशक थे. दिल्ली में प्रमुख नेताओं की विशेष सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली एसपीजी में उन्होंने महत्वपूर्ण काम किया. मतलब वे मन और शरीर से मजबूत थे और इसीलिए सरकार ने उन पर विशेष जिम्मेदारियां सौंपी. ऐसा व्यक्ति अचानक आत्महत्या कर लेता है और कोई सवाल तक नहीं करता, इस पर आश्चर्य होता है.

महाराष्ट्र की एंटी टेररिज्म स्क्वायड (ATS) को शुक्रवार को बड़ी कामयाबी मिली है. एटीएस की नासिक यूनिट ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि शख्स लगातार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था और भारत से जुड़ी जानकारी साझा कर रहा था. पुलिस के मुताबिक ये शख्स हिन्दुस्तान ऐयरोनोटिक्स लिमिटेड (HAL) का कर्मचारी है.महाराष्ट्र एटीएस के बयान के मुताबिक, नासिक में रहने वाला शख्स भारतीय लड़ाकू विमान, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से जुड़ी जानकारी साझा कर रहा था. इसके अलावा विशाखापट्टनम में स्थित हिन्दुस्तान ऐयरोनोटिक्स लिमिटेड की यूनिट की जानकारी एक विदेशी नागरिक से साझा कर रहा था. 

जानकारी मिलने के बाद शख्स को गिरफ्तार किया गया जो HAL का ही कर्मचारी था. पूछताछ में पता लगा कि ये लगातार ISI के संपर्क में था और भारतीय लड़ाकू विमान से जुड़ी जानकारी साझा कर रहा था. HAL की यूनिट के अलावा नासिक, एयरबेस समेत अन्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की जानकारी साझा की जा रही थी.महाराष्ट्र एटीएस ने इस मामले में सीक्रेट एक्ट, 1923 के सेक्शन 3, 4, 5 के तहत केस दर्ज किया है. एटीएस ने छानबीन में तीन मोबाइल, पांच सिम, दो मेमोरी कार्ड जब्त किए हैं. जिन्हें लैब में भेज दिया गया है. महाराष्ट्र पुलिस को अदालत से दस दिन की पुलिस कस्टडी मिली है. ऐसे में अब और भी जानकारी मिलने की उम्मीद है.  

मुंबई. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में रविवार को भयानक हादसा हो गया. महानगर के मस्जिद बंदर इलाके में एक बिल्डिंग में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक यह आग शाम करीब 6 बजे लगी थी. आग लगने के 5 घंटे बाद ही ये अब तक पूरी तरह से बुझ नहीं पाई है. इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है. आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर मौजूद है. रिपोर्ट के मुताबिक, बिल्डिंग की आग को बुझाने के लिए मौके पर 9 फायर टेंडर और 7 जंबो टैंकर मौजूद हैं. जानकारी के मुताबिक, रविवार को मस्जिद बंदर कटलरी मार्केट इलाके में स्थित जुमा मस्जिद के पास इस्माइल बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. किसी ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी. इसके बाद 5 फायर इंजन आग बुझाने के लिए मौके पहुंची. आग की तेज लपटों को देखते हुए मौके पर और फायर टेंडर और जंबो टैंकर भेजे गए. 

लोगों ने भागकर जैसे-तैसे बचाई जान बिल्डिंग में आग लगने के बाद उसमें मौजूद लोगों ने भाग-भागकर बाहर निकलें और जैसे-तैसे अपनी जान बचाई.  ताजा जानकारी के मुताबिक अभी तक हादसे में जान के नुकसान की खबर नहीं है. आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है. आग के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है.

मुंबई से सटे नालासोपारा में भी एक रेप की घटना सामने आई है. नालासोपारा में रेप के बाद पीड़िता ने खुदकुशी कर ली है. मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस से परेशान होकर खुदकुशी करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि पुलिस की ओर से रेप मामले की जांच के दौरान अजीब सवाल पूछे जा रहे थे. वहीं पुलिस के मुताबिक 19 सिंतबर को पीड़िता ने रेप कि शिकायत दर्ज कराई थी. जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया था. जानकारी दी गई है कि पकड़ा गया आरोपी शादी का झांसा देकर पीड़िता से रेप करता रहा था. पीड़िता की मां ने सुसाइड को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए हैं. वहीं पीड़िता का सुसाइड नोट भी पुलिस ने बरामद किया है. लेकिन उसमें पुलिस पर आरोप के बारे में कुछ नहीं लिखा है. मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस कमिश्नर सदानंद दाते ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए है. डिप्‍टी एसपी स्‍तर के अफसर मामले की जांच करेंगे. कमिश्नर के मुताबिक अगर पुलिस वाले दोषी पाए जाते हैं तो सख्‍त कार्रवाई की जाएगी.

वहीं यूपी के हाथरस गैंगरेप मामले में सियासी पारा चढ़ चुका है. कथित तौर पर गैंगरेप और दरिंदगी से 19 साल की लड़की की मौत के मामले में देशभर में आक्रोश है. हालांकि, यूपी पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप की बात से इनकार कर रही है. 14 सितंबर को हुई वारदात के बाद पीड़िता को दो हफ्ते के लिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एडमिट कराया गया था. यहां के चीफ मेडिकल ऑफिसर  का कहना है एफएसएल रिपोर्ट जिसके आधार पर यूपी पुलिस लड़की के साथ गैंगरेप नहीं होने का दावा कर रही है, उसके सैंपल वारदात के 11 दिन बाद लिए गए थे. ऐसे में इस रिपोर्ट की कोई वैल्यू नहीं है.

फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत केस में सियासी बयानबाजी लगातार जारी है। दिल्ली स्थित एम्स की रिपोर्ट में इस बात की पु्ष्टि हुई है कि यह एक आत्महत्या थी। किसी भी तरह की हत्या की संभावना से एम्स ने इनकार किया है। इसपर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, 'यह एम्स फॉरेंसिक मेडिकल बोर्ड के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता की रिपोर्ट है। उनका शिवसेना से कोई राजनीतिक संबंध या कोई संबंध नहीं है।' आगे उन्होंने कहा, 'शुरुआत से ही इस मामले में महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। अगर अब सीबीआई जांच पर भी भरोसा नहीं किया जा रहा है, तो हम अवाक हैं।' सुशांत सिंह राजपूत की मौत हत्या थी या आत्महत्या, पिछले कई महीनों से यह सवाल अबूझ पहेली बनी हुई है। मगर अब सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में एम्स डॉक्टरों के पैनल ने हत्या-आत्महत्या की थ्योरी को सुलझा दिया है। एम्स पैनल ने इस बात का खुलासा किया है कि सुशांत सिंह की मौत आत्महत्या थी, हत्या नहीं। एम्स पैनल का नेतृत्व करने वाले डॉ सुधीर गुप्ता ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्या नहीं की गई थी, बल्कि यह आत्महत्या का केस है। सुशांत सिंह राजपूत के पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच करने के बाद एम्स की टीम इस निषकर्ष पर पहुंची है। 

सुशांत के परिवार के वकील ने कहा- नई फारेंसिक टीम गठन करने का सीबीआई से करेंगे अनुरोध       एक्टर सुशांत सिंह की मौत पर एम्स की रिपोर्ट ने नया बवाल खड़ा कर दिया है। एक दिन पहले एम्स की तरफ से दी गई रिपोर्ट में यह कहा गया कि बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने खुदकुशी की है। इसके बाद सुशांत के परिवार के वकील विकास सिंह ने कहा कि वे सीबीआई डायरेक्टर से अनुरोध करेंगे कि वे नई फॉरेंसिक टीम का गठन करें। वकील ने ट्वीट करते हुए कहा, “एम्स की रिपोर्ट से काफी पीड़ा पहुंची। सीबीआई डायरेक्टर से नई फॉरेंसिक टीम गठिन करने का अनुरोध करने जा रहा हूं। ऐसे एम्स की टीम बिना बॉडी के नतीजे वाली रिपोर्ट दे देंगे, जबकि कूपर हॉस्पीटल में किए गए पोस्टमॉर्टम में मौत का समय तक नहीं दिया गया है।”

मुंबई में बीएमसी के द्वारा फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के ऑफिस के कुछ हिस्सों को गिराने के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के साथ ही आदेश को फिलहाल सुरक्षित रख लिया गया है। कोर्ट को सूचित किया गया है कि इस केस से जुड़े सभी पक्षों ने अपना पक्ष लिखित में रखा है। इसके बाद सुनवाई को समाप्त कर दी गई और आदेश को सुरक्षित रख लिया गया।  आपको बता दें कि कंगना रनौत द्वारा आलोचनात्मक टिप्पणी किए जाने के बाद से उनके और शिवसेना के बीच तलवार खिंची हुई है और बीएमसी पर शिवसेना काबिज है। बंबई उच्च न्यायालय ने इससे पहले बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) से पूछा कि क्या उसने अनधिकृत निर्माण के अन्य मामलों में भी 'इतनी ही तेजी से कार्रवाई की जितनी कि कंगना रनौत के बंगले के मामले की गई। 

न्यायमूर्ति एस जे कथावाला और न्यायमूर्ति आर आई चागला की पीठ नौ सितंबर को बीएमसी द्वारा कंगना के बंगले के हिस्से को ध्वस्त करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।  बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता बीरेंद्र सर्राफ ने अदालत को बताया कि बीएमसी ने नोटिस का जवाब देने के लिए केवल 24 घंटे का समय दिया था। उन्होंने कहा था कि बीएमसी ने जवाब देने के लिए पर्याप्त समय दिए बिना ही कार्रवाई शुरू कर दी। नौ सितंबर को जब कंगना ने ध्वस्तीकरण के खिलाफ पहली बार बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था तब अदालत ने कार्रवाई पर रोक लगा दी थी और न्यायमूर्ति कथावाला ने बीएमसी की त्वरित कार्रवाई पर सवाल उठाया था। अदालत ने कहा था कि अगर नगर निकाय ने इतनी ही तेजी अन्य मामलों में दिखाई होती तो शहर बहुत अलग होता। अदालत ने कंगना के वकील को अगली सुनवाई तस्वीर और अन्य सामग्री जमा करने को कहा जिससे यह पता चले कि ध्वस्त किए गए सभी हिस्से जनवरी 2020 से ही मौजूद थे। 

एम्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट में सुशांत सिंह राजूपत की हत्या की थ्योरी को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. इस रिपोर्ट के अनुसार सुशांत ने सुसाइड किया है. इस पर बात करते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि डॉक्टर सुधीर गुप्ता जो कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में एम्स फॉरेंसिक मेडिकल बोर्ड के हेड हैं, उनका शिवसेना के साथ कोई भी पॉलिटिकल कनेक्शन नहीं हैं.आगे उन्होंने कहा, 'शुरुआत से ही इस मामले में महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है. अगर अब सीबीआई जांच पर भी भरोसा नहीं किया जा रहा है, तो हम अवाक हैं.'

इसके साथ ही आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में एक नया मोड़ आ गया है. एम्स के डॉक्टर सुधीर गुप्ता का एक ऑडियो टेप लीक हुआ है जिसमें वह मान रहे हैं कि सुशांत की हत्या हुई थी. यह ऑडियो टेप तब का बताया जा रहा है जब उन्होंने सुशांत की फोटो देखी थी लेकिन जब जांच हुई तो उन्होंने इसे आत्महत्या माना. इसके साथ ही ये ऑडियो टेप ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ ही दिनों पहले एम्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट में सुशांत की हत्या की थ्योरी का नकार दिया गया था. बता दें कि सुधीर गुप्ता उसी टीम के हेड हैं जिन्होंने सुशांत केस की फॉरेंसिंक रिपोर्ट सौंपी थी. इस ऑडियो टेप में डॉक्टर गुप्ता का कहना है कि जब सबसे पहले तस्वीरें उनके पास आई थीं उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि सुशांत का मर्डर हुआ था. हालांकि बाद में एम्स के फरेंसिक पैनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सुशांत की मौत फांसी लगाकर आत्महत्या करने के कारण हुई. एम्स की इस रिपोर्ट से सुशांत की फैमिली भी संतुष्ट नहीं थी.

पुणे. युवा सेना के पुणे शहर के पदाधिकारी दीपक विजय मराटकर की गुरुवार (1 अक्टूबर) की आधी रात को उनके आवास के पास हत्या कर दी गई. शहर शिवसेना के पदाधिकारियों सहित सभी पार्टी नेताओं ने पुलिस उपायुक्त स्वप्ना गोरे से मुलाकात की और अश्विनी कांबले और संदीप कोलते  के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

विजय मारटकर के थे बेटे

दीपक मारटकर दिवंगत शिवसेना नगरसेवक विजय मारटकर के पुत्र थे. कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण विजय मारटकर का हाल ही में निधन हो गया है. मारटकर  के बाद उनके बेटे विजय ने युवा सेना के माध्यम से अपना सामाजिक कार्य जारी रखा. फ़रासखाना पुलिस को यह अंदाज़ा दिया गया था कि दीपक की जान को अश्विनी कांबले और संदीप कोलते से खतरा था. सर्वदलीय नेताओं के बयान  में आरोप लगाया गया है कि कांबले और कोलते  ने गुस्से में दीपक की हत्या कर दी.  कांबले और कोलते सहित 7 से 8 लोग रिकॉर्ड में हैं. शहर शिवसेना ने पुलिस से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

फरासखाना पुलिस कर रही जांच शिवसेना शहर प्रमुख संजय मोरे, संपर्क प्रमुख प्रशांत बधे, विशाल धनवाडे, गजानन पंडित, मनसे नेता रूपाली पाटिल, नगरसेवक वसंत मोरे, गणेश भोकारे, आशीष सतीश पाटिल, भाजपा के प्रमोद कोंढरे और राकांपा के अजय दराडे ने पुलिस उपायुक्त से यह मांग की है.  दीपक कसबा विधानसभा के युवा सेना के पदाधिकारी थे. वे गुरुवार रात को खाने के बाद टहलने के लिए घर से निकले थे. इसके बाद वह लंबे समय तक बाहर रहे. उस पर 5 से 6 हमलावरों ने हमला किया, जो पहले से ही गुरुवार आधी रात को घात में थे. उसने दीपक पर अपनी छुरी और चाकू से हमला किया.  हमलावर बाइक पर थे. उन्होंने आंख, सिर, पीठ और छाती से वार कर दिया.  हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया.  स्थानीय लोगों और उनके परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई.  सभी हमलावर मास्क पहने हुए थे.उनकी बाइक पर नंबर प्लेट भी नहीं थी. फरसाखाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है. हमले का सटीक कारण तुरंत स्पष्ट नहीं हुआ है.

मुंबई. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) कार्यक्रम घोषित होने के बाद राजनीतिक दलों (Political partys) ने अधिकतम सीटें जीतने के लिए पार्टियों को जुटाना शुरू कर दिया है। इस बीच, महाराष्ट्र (Maharashtra) से जुड़े दो दलों ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है। सांसद असदुद्दीन ओवैसी (MP Asaduddin Owaisi) के नेतृत्व में एआईएमआईएम (AIMIM) के बाद अब एड. प्रकाश अंबेडकर (Prakash Ambedkar) के नेतृत्व में वंचित बहुजन अघाड़ी (Vanchit Bahujan Aghadi) ने भी बिहार चुनाव लड़ने की घोषणा की है। 

बिहार विधानसभा चुनाव में वंचित बहुजन अघाड़ी ने प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक गठबंधन (पीडीए) में शामिल होने का फैसला किया है। इस गठबंधन में अन्य दलों को भी शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। वंचित बहुजन अघाड़ी ने कहा कि, “इस गठबंधन के माध्यम से एनडीए की अमानवीय सरकार को सत्ता से हटाकर मानवीय सरकार बनाएंगे।”

वंचित बहुजन अघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि, “बिहार विधानसभा चुनाव जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष और प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक गठबंधन के समन्वयक राजेश  रंजन उर्फ़ पप्पू यादव के साथ लड़ेंगे। साथ ही यशवंत सिन्हा और कांग्रेस को साथ लेने का भी प्रयास किया जाएगा। हमें विश्वास है कि हम इस बार एनडीए सरकार को सत्ता से हटा देंगे।”

गौरतलब है कि, बिहार में तीन चरणों में चुनाव होने वाले हैं। पहला चरण 28 अक्टूबर, दूसरा 3 नवंबर और तीसरा 7 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में 71 सीटों पर, दूसरे चरण में 94 सीटों पर और तीसरे चरण में 78 सीटों पर मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

मुंबई. कुल 6 महीने की देरी के बाद बीएमसी समितियों की चुनावी प्रक्रिया शुरु है और 4 समितियों के लिए नामांकन दाखिल कर दिया गया है. बीते 25 सालों  से बीएमसी की सत्ता पर काबिज शिवसेना के सामने इस बार बीजेपी ही नहीं, बल्कि विरोधी पक्ष के उम्मीदवारों का भी सामना करना पड़ रहा है.

राज्य में शिवसेना-कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस जैसी 3 पार्टियों से महाविकास अघाड़ी सरकार गठन के बाद जब बीएमसी महापौर का चुनाव हुआ था तो प्रमुख विरोधी पार्टी कांग्रेस ने यह कह कर उम्मीदवार खड़ा करने से मना कर दिया था कि चुनाव जीतने के लिए उसके पास पर्याप्त नंबर नहीं है. इससे शिवसेना का महापौर चुन तो लिया गया, लेकिन बाद में सत्ताधारी पार्टी शिवसेना कांग्रेस नगरसेवकों की लगातार उपेक्षा करती रही. फंड बंटवारे में भी शिवसेना ने कांग्रेस सहित अन्य सभी पार्टियों की घोर उपेक्षा करते हुए 70% फंड शिवसेना नगरसेवकों में बांट दिया. समितियों में लाए गए प्रस्ताव का बीजेपी ने विरोध किया तो कांग्रेस शिवसेना के लिए संकटमोचक साबित होती रही लेकिन अब दोनों दलों के बीच भरोसे की कमी हो गई है. 

त्रिकोणीय लड़ाई अब समितियों के चुनाव में शिवसेना, बीजेपी और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय लड़ाई है. शिवसेना बीजेपी लंबे अर्से से साथ में ही थे, अब अलग होकर एक दूसरे के मुकाबले में हैं. सबने अपने पत्ते छुपा कर रखे हैं. समितियों में शिवसेना बीजेपी के बीच 2 से 4 वोटों का अंतर है तो चाबी विरोधी दल के पास आ गई है और आखिरी समय में पासा पलट भी सकता है

नालासोपारा. 2 अक्टूबर गांधी जयंती के उपलक्ष्य में वसई-विरार शहर भाजपा की ओर से वसई तालुका के विभिन्न स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया. भाजपा जिलाध्यक्ष राजन नाईक के मार्गदर्शन में वसई- विरार भाजयुमो अध्यक्ष अभय कक्कड़ के नेतृत्व में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा साफ सफाई की गई. शुक्रवार की सुबह 8:30 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर सफाई अभियान शुरू किया गया. इसके पश्चात भाजपा कार्यकर्ता स्वच्छ भारत अभियान का टी शर्ट पहने हाथों में झाड़ू और स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लिए सड़कों पर निकल पड़े और सड़कों के किनारे व्याप्त गंदगी की सफाई शुरू की.

अर्नाला, वसई गांव, नालासोपारा पश्चिम, बसंत नगरी, एवरसाईंन, विजय नगर, कामण गांव आदि क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा सड़कों की सफाई की गई. सफाई अभियान में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रज्ञा पाटिल, मनोज बारोट, आम्रपाली साल्वे, मनोज पाटिल, रामानुजम, गोपी मेमन, किरण भोईर, विनीत तिवारी, दक्षा मोदी, रवि सिंह, सतेंद्र रावत, प्रफुल्ल वाघमारे, पवन सिंह, सिध्देश तावडे, सचिन चौबे, प्रतिक चौधरी, राहुल पांडेय, नंदिनी, बिजल परमार, तन्वी देसले, वसंत पवार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए.

चांदवड़. चांदवड़ शहर के मुंबई-आगरा महामार्ग के नजदीक खड़े चार पहिया वाहन के पीछे होने वाला ताला तोड़कर अज्ञात चोर ने गाड़ी से अलग-अलग प्रकार के चमड़े के सामान के 7 बाक्स चोरी कर लिया. इसकी कीमत 1 लाख 28 हजार 123 रुपए है. चांदवड़ पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए चोर की तलाश शुरू कर दी है. 

पुलिस के अनुसार नवी मुंबई स्थित नहावाशेवा में उत्तर प्रदेश के कानपुर से गोल्डन ट्रान्सपोर्ट की गाड़ी (क्र.एम.एच.- 43/बी.जी.-0817) चमड़े के सामान के कुल 285 बाक्स लेकर वाहन चालक सुशीलकुमार बन्सी शर्मा (54, रा. हनुमानगंज, उत्तर प्रदेश) जा रहे थे. रात के समय चांदवड़ महामार्ग पर चौफुली के नजदीक होटल साईश्रद्धा के सामने गाड़ी खड़ी की. इस दौरान गाड़ी के पीछे का ताला तोड़कर अज्ञात चोर ने चमड़े के 7 बाक्स चोरी कर लिए. इस बारे में जानकारी मिलते ही वाहन चालक सुशीलकुमार शर्मा ने चांदवड़ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. इस मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक स्वप्निल राजपूत के मार्गदर्शन में पुलिसकर्मी कर रहे हैं.

पुणे. कोरोना संकट के समय में बंद की गई पीएमपी की सेवा फिर से शुरू कर दी गई है. हालांकि, अब PMP के यात्री किराए में 8 साल बाद बदलाव किया जाएगा. इसके अलावा, दैनिक पास को और सस्ता किया जाएगा. अब से पुणेकरों को शहर के चारों ओर एक दिन की यात्रा के लिए केवल 40 रुपये का भुगतान करना होगा. इस संबंध में निर्णय गुरुवार को निदेशक मंडल की बैठक में लिया जाएगा.

कई सालों बाद  बदलाव कोरोना के बढ़ते प्रचलन के कारण पीएमपी की सेवा छह महीने के लिए बंद कर दी गई थी. इसे 3 सितंबर को इसे दोबारा से शुरू किया गया. हालांकि, यात्रियों को राहत देने के लिए किराया दरों में बदलाव किया जाएगा. पीएमपी अध्यक्ष राजेंद्र जगताप ने बताया कि यह प्रस्ताव 1 अक्टूबर को बोर्ड की बैठक में पेश किया जाएगा. पीएमपी प्रशासन ने इस मामले पर प्रवासियों और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की थी. अब, यदि पुणे और पिंपरी नगर निगम के पदाधिकारी इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं, तो इसे लागू किया जाएगा. इस बीच, पीएमपी की आखिरी किराया वृद्धि 2012 में की गई थी.  फिर 2014 में, PMP के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ.. श्रीकर परदेशी ने पीएमपी किराए में 5, 10, 15 और 20 रुपये की वृद्धि की थी.

मुंबई. उत्तर प्रदेश के हाथरस में वाल्मीकि समाज की लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म को लेकर पूरे देश में योगी सरकार और यूपी पुलिस के खिलाफ लोगों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है. इसी कड़ी में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों को तत्काल फांसी पर लटकाए जाने की मांग को लेकर गोरेगांव पश्चिम में मोर्चा निकाला.आरोपियों को फांसी पर लटकाया जाए गोरेगांव तालुका युवक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज यादव के नेतृत्व में निकाले गए मोर्चे से पहले श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. इस अवसर पर तालुका अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि यदि आरोपियों को शीघ्र फांसी नहीं दी गई तो यूपी सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा.

श्रद्धांजलि सभा व विरोध प्रदर्शन के दौरान गोरेगांव तालुका अध्यक्ष मनोज यादव के अलावा उत्तर पश्चिम जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष सुफियान हैदर, ऑल इंडिया युवक कांग्रेस की महिला सचिव प्रियंका सनप, युवराज मोहिते, पूर्व नगरसेविका किरण पटेल, बंटू पटेल, अकाश सिंह, पिंकू सिंह, कृष्णा यादव, युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव सुधीर यादव, सूरज खोद, मोहम्मद सलाउद्दीन, मुन्ना पाल, जुगनू फारुकी, अमरीश यादव के साथ-साथ सैकड़ों युवक कांग्रेस  पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे. 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को कहा कि राज्य में हाथरस जैसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो महिलाओं के विरूद्ध अपराध में संलिप्त होंगे, उनसे कठोरता से निपटा जाएगा। उत्तर प्रदेश की हाथरस की 19 वर्षीय दलित युवती के साथ 14 सितंबर को चार व्यक्तियों ने बलात्कार किया था और मंगलवार को उसकी मौत हो गई थी। इसे लेकर देशभर में गुस्सा है। इसी बीच ठाकरे का बयान आया है। ठाकरे ने नव गठित मीरा-भायंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय का ऑनलाइन उद्धाटन करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, जब इस जैसी घटनाएं उत्तर प्रदेश में होती हैं, तो हम आमतौर पर कुछ समय के लिए इस पर चर्चा करते हैं और फिर भूल जाते हैं, लेकिन महाराष्ट्र में ऐसी घटनाएं होने नहीं दी जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, हाथरस-जैसी घटनाएं महाराष्ट्र में कभी सहन नहीं की जाएंगी। उत्पीड़न और छेड़छाड़ समेत महिलाओं के विरूद्ध किसी भी तरह के अपराध से कठोरता से निपटा जाएगा।उन्होंने बताया कि पुलिस का डर होना चाहिए और उन्हें क्षेत्र में ऐसी आपराधिक गतिविधियों को कुचल देना चाहिए। ठाकरे ने कहा, पुलिस व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि भले ही कहीं पुलिस कर्मी मौजूद नहीं हो, वे दिख नहीं रहे हों, तो भी लोगों को सुरक्षित महसूस होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीरा भायंदर और वसई विरार के लिए अलग पुलिस आयुक्तालय की आवश्यक्ता लंबे समय से थी।

सुशांत सिंह राजपूत केस को लेकर अभी सीबीआई जांच कर रही है. सुशांत के परिवारा समेत कई लोगों ने इसे हत्या बताया है. जबकि मुंबई पुलिस ने इसे सुसाइड कर दिया था. सुशांत कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ था कि उनकी मौत फांसी की वजह से दम घुटने से हुई थी. उनकी विसरा रिपोर्ट में भी कहा गया था उनकी शरीर में किसी तरह का रसायन या जहर नहीं पाया गया था. लेकिन सोमवार देर रात एम्स की फोरेंसिक टीम ने अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी हैं.इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत जहर से नहीं हुई है. एम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी शरीर में जहर नहीं पाया गाया है. इसके साथ ही फोरेंसिक टीम ने कूपर हॉस्पिटल में हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाया है. अब सीबीआई इस रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है. और इसका मिलान अपनी जांच से कर रही है.

कूपर अस्पताल की रिपोर्ट पर सवाल: प्राप्त जानकारी के मुताबिक एम्स की इस रिपोर्ट में कूपर अस्पताल को क्लीन चिट नहीं दी है. एम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि कूपर अस्पताल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में टाइमिंग नहीं डाला गया. मेडिकल टीम के चेयरमैन डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट के लिए कुछ कानूनी दृष्टिकोणों को देखना पड़ेगा.

जहर से मौत पर पूर्णविराम: वहीं, इस रिपोर्ट के सामने आने से उन सभी कयासों पर पूर्णविराम लग गया है, जिसमें कहा जा रहा था कि सुशांत की हत्या हुई है. एम्स ने इस पर मुहर लगा दी है कि सुशांत कि मौत जहर से नहीं हुई है. इसमें किसी भी तरह का फाउल प्ले नहीं है.

कई पहलू पर जांच कर रही है सीबीआई: इससे पहले, सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो पेशेवर जांच कर रहा है और सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है और अभी तक किसी भी पहलू से इंकार नहीं किया गया है.’’

मुंबईः राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी यांनी वनाधिकार अधिनियम २००६ मध्ये बदल करीत अनुसूचित जमाती आणि इतर पारंपारिक वननिवासी कुटुंबांना निवासालगतच्या वनक्षेत्रात घरे बांधण्यासाठी जमीन उपलब्ध करून देण्याबाबत अधिसूचना जारी केली आहे. सदर अधिसूचनेमुळे अनुसूचित क्षेत्रात परंपरेने राहत असलेले वननिवासी तसेच अनुसूचित जमातीतील लोकांना दिलासा मिळणार असून त्यांचे मूळ गावातून स्थलांतर कमी होईल अशी अपेक्षा आहे.

सदर अधिसूचना राज्यपालांनी संविधानाच्या पाचव्या अनुसूचीतील परिच्छेद ५, उपपरिच्छेद १ अंतर्गत असलेल्या प्राप्त अधिकारांचा वापर करून काढली आहे. अनुसूचित क्षेत्र असलेल्या पालघर, नंदुरबार आणि गडचिरोली यांसह इतर जिल्ह्यांच्या भेटी दरम्यान राज्यपालांच्या निदर्शनास आले होते की काही अनुसूचित जमाती आणि वननिवासी कुटुंबे अनुसूचित क्षेत्रातील त्यांच्या मूळ वस्तीस्थानापासून वाढलेल्या कुटुंबासाठी जागा उपलब्ध नसल्याने इतरत्र स्थलांतर करीत आहेत. या संदर्भात सर्व संबंधितांशी चर्चा करून सदर अधिसूचना जारी करण्यात आली आहे.

मुंबई में दो पुलिस कांस्टेबलों, एक ऑटो रिक्शा चालक तथा अन्य के खिलाफ बलात्कार और छेड़छाड़ का 'झूठा' मामला दर्ज कराने के आरोप में 35 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया गया है। घाटकोपर थाने के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि जिस पुलिस कर्मी ने महिला की कथित झूठा मामला दर्ज कराने में मदद की थी, उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। अधिकारी ने बताया कि महिला ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख कर आरोप लगाया था कि 11 जनवरी को मानव तस्करी के मामले की जांच के बहाने से उसके साथ बलात्कार किया गया और उसकी 11 साल की बेटी के साथ छोड़छाड़ की गई। इसके बाद पिछले महीने दो कांस्टेबलों और ऑटोरिक्शा चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।

उसने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों के हमले की वजह से उसका गर्भपात हो गया। अधिकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर कांस्टेबल शिशुपाल जगधने और एस गव्हाणे और ऑटोरिक्शा चालक घुरे को गिरफ्तार कर लिया गया।अधिकारी ने बताया कि पुलिस उपायुक्त (जोन सात) प्रशांत कदम के नेतृत्व में मामले की जांच और निगरानी के लिए एक एसआईटी बनाई गई थी। इसने पाया कि कथित घटना के समय जगधने उत्तर प्रदेश में था, गव्हाणे थाने में था जबकि ऑटोचालक साकीनाका स्थित अपने घर पर था। उन्होंने बताया कि एसआईटी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120 (आपराधिक साजिश) के तहत महिला को गिरफ्तार किया है। अदालत ने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

सितंबर के महीने में रिपोर्ट किए गए कोविड -19 के अधिकांश मामलों के साथ, मुंबई में सोमवार को  कोविड-19 मामलों की संख्या 2 लाख के हो गई। सितंबर में अब तक 50, 000 से अधिक मामले दर्ज किए गए। ये एक महीने में सबसे अधिक मामले थे। 18 जुलाई को शहर में एक लाख का आंकड़ा पार हो गया था। हालांकि, अगस्त में गणेश उत्सव के बाद से दैनिक मामलों में स्पाइक का चलन 2, 000 से अधिक मामलों के साथ जारी रहा है।

अब तक मुंबई में 198,846 कोविड -19 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 2, 261 मामले शामिल हैं, रविवार को रिपोर्ट किए गए। कोविड -19 सकारात्मकता दर 18.15% है। कुल में से, 1.62 लाख कोविड -19 रोगी ठीक हुए और उन्हें छुट्टी दे दी गई। 

भारत में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। देश में कोरोना का आंकड़ा 60 लाख के पार पहुंच चुका है। पिछले 24 घंटों में 82,170 मामलें और 1,039 मौतें दर्ज की गई हैं। भारत में कोरोना के कुल आंकड़ों की बात करें तो अभी कोरोना टैली 60,74,703 पर है। सक्रिय मामलों की बात करें तो भारत में 9,62,640 सक्रिय केस हैं।

कृषि विधेयकों के विरोध में केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से शिरोमणि अकाली दल के निकलने के बाद शिवसेना ने सोमवार को आश्चर्य जताया कि क्या राजग का अब भी वास्तव में कोई वजूद है। उसने साथ ही सवाल किया कि अब इसमें और कौन बाकी हैं। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा गया है कि यह अजीब है कि राजग के 'अंतिम स्तंभ' अकाली दल को गठबंधन से हटने से नहीं रोका गया। संपादकीय में कहा गया है, ''जब बादल (राजग से) हटे तो उन्हें रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई। इससे पहले शिवसेना भी राजग से हटी। इन दोनों हटने के बाद राजग में अब बचा क्या है? जो अब भी गठबंधन में हैं उनका क्या हिंदुत्व से क्या कोई लेना देना है?  

संपादकीय में कहा गया है, ''पंजाब और महाराष्ट्र वीरता का प्रतिनिधित्व करते हैं और शिअद व शिवसेना इस वीरता एवं बहादुरी का चेहरा हैं।'' संपादकीय में कहा गया है, ''अब जब कुछ ने इस गठबंधन को 'राम—राम' (अलविदा) कह दिया है और इसलिए राजग में अब राम नहीं बचे हैं जिसने अपने दो शेर (शिवसेना और शिअद) खो दिए हैं।'' संसद में कृषि विधेयकों के पारित किये जाने के विरोध में अकाली दल ने शनिवार को राजग से नाता तोड़ लिया। शिवसेना एवं तेलुगु देशम पार्टी के बाद हाल के समय में राजग से गठबंधन तोड़ने वाला अकाली दल तीसरा बड़ा घटक है। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के पद को लेकर विवाद के बाद शिवसेना ने पिछले साल विधानसभा चुनाव के बाद राजग को अलविदा कह दिया।

संपादकीय में कहा गया है, ''पहले शिवसेना को राजग से अलग होना पड़ा। अब अकाली दल ने छोड़ा । दो मुख्य स्तंभों के बाहर निकलने के बाद क्या वास्तव में राजग अब भी बचा हुआ है?'' संपादकीय के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के खिलाफ मजबूत गठबंधन बनाने के लिये राजग का गठन किया गया था। पिछले कुछ साल में इस गठबंधन ने बड़े उतार चढाव देखे हैं और कई अन्य दल भी गठबंधन छोड़ चुके हैं। शिवसेना ने कहा कि महाराष्ट्र में राकांपा एवं कांग्रेस के साथ सरकार अच्छा काम कर रही है और मौजूदा गठबंधन सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।

अहमदनगर: राष्ट्रवादी काँग्रेसचे आमदार रोहित पवार यांचा उद्या वाढदिवस आहे. आपल्या वाढदिवसानिमित्त बॅनर, बुके, केक यावर खर्च करण्यापेक्षा सध्याच्या संकटाच्या काळात सामाजिक भान जपण्याचं आवाहन रोहित पवार यांनी कार्यकर्त्यांना केलं आहे. त्यासाठी त्यांनी स्वत:हून कार्यकर्त्यांकडे वाढदिवसाचं एक गिफ्ट मागितलं आहे.

फेसबुकवर एक व्हिडिओ पोस्ट करून रोहित पवार यांनी आपलं मनोगत व्यक्त केलं आहे. वाढदिवसानिमित्त शुभेच्छा देणाऱ्या सर्वांचे आभार मानतानाच त्यांनी कार्यकर्त्यांकडे हक्कानं एक मागणी केली आहे. ते म्हणतात, 'करोनाच्या संकटामुळं सध्या ऑनलाइन शिक्षण सुरू आहे. मात्र, अनेकांकडे ऑनलाइन शिक्षणाच्या सुविधा उपलब्ध नाहीत. अशा मुलामुलींना मदत करता येईल का? त्यांच्यासाठी खर्च करता येईल का? गरजू विद्यार्थ्यांना स्मार्टफोन घेऊन देता येईल का? दहावी, बारावी झालेल्या विद्यार्थ्यांच्या पुढील शैक्षणिक शुल्काचा भार उचलता येईल का? याचा विचार करावा. काही कारणास्तव नैराश्य आलेल्या तरुणांना आधार देण्याचा विचार करावा.'
'मी केवळ इतरांना सांगतो आहे असं नाही. जमेल तेवढं मी स्वत: करत आहे. बारामतीतील शारदानगर संकुलातील १०० मुलींच्या शिक्षणाचा यंदाचा खर्च उचलण्याचा संकल्प मी माझ्या वाढदिवसानिमित्तानं केला आहे.

केंद्र सरकारने कामगारांसंबंधीचे विधेयक मंजूर केल्यानंतर देशभर त्याविरोधात कामगार संघटनांची आंदोलने सुरू झाली आहेत. नगरलाही अशी आंदोलने झाली. कितीही आंदोलने झाली तरी केंद्र सरकार हा निर्णय मागे घेणार की नाही, याची खात्री नाही. त्यामुळे राज्य सरकारनेच पुढाकार घेऊन किमान राज्यात तरी हा कायदा लागू करू नये, असे पत्र नगरच्या एका कामगाराने मुख्यमंत्र्यांना पाठविले आहे.

नगरच्या औद्योगिक वसाहतीतील एका खासगी कंपनीत काम करणारे तुषार बाळासाहेब सोनवणे यांनी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांना हे पत्र पाठविले आहे. नव्या कायद्यामुळे कामगारांवर अनिष्ठ परिणाम होणार असल्याकडे लक्ष वेधून सोनवणे यांनी किमान महाराष्ट्रात तरी हा कायदा लागू करू नये, अशी विनंती मुख्यमंत्र्यांना केली आहे. त्यांनी म्हटले आहे की, केंद्र सरकार "कामगार सुधारणा श्रमसंहिता विधेयक" लागू करण्याच्या प्रयत्नात आहे. ते अतिशय चुकीचे व सर्वसामान्य कामगारांच्याविरोधात आहे. आधीच कायदे कामगारांचे बाजूचे नसताना आता नवीन कामगार सुधारक विधेयक पारित करून सरकार कामगारांना कंपनी व्यवस्थापन व मालकांच्या हाताचे बाहुले बनवू इच्छित आहे काय? हा कायदा जर महाराष्ट्रात लागू झाला तर कारखाना व्यवस्थापक कारखाना मालक हे कामगारांना अक्षरश: आपले गुलाम बनून राबवून घेतील, कामगारांची मुस्कटदाबी होईल, तसेच कामगारांना आपले हक्क अधिकार मागता येणार नाहीत. आज कामगार संघटित होऊन आपल्या न्याय हक्कासाठी संघर्ष करीत आहे त्याला पुढील काळात संघटित होता येणार नाही. ज्या बोटावर मोजण्या इतक्या प्रामाणिक कामगार संघटना आहेत त्या मोडीत निघतील मी एक सर्वसामान्य कामगार आपणास आग्रहाची विनंती करीत आहे की जर केंद्र सरकारने कायदा अमलात आणला, लागू केला तर आपण हा कायदा महाराष्ट्रात लागू करू नये.'

मुंबई: अभिनेता सुशांतसिंह राजपूत मृत्यू प्रकरणातील मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती हिची बाजू न्यायालयात मांडणारे अॅड. सतीश मानेशिंदे यांनी गंभीर आरोप केला आहे. निवडणुकीच्या पार्श्वभूमीवर आधीच ठरवून दिलेला निष्कर्ष मांडण्याचा दबाव यंत्रणांवर आणला जात असल्याचं दिसत आहे,' असं त्यांनी म्हटलं आहे.सुशांतसिंह राजपूत मृत्यू प्रकरणातील गुंतागुंत दिवसेंदिवस वाढत आहे. या प्रकरणात ड्रग्जचाही एक अँगल पुढं आला आहे. ड्रग्ज रॅकेटशी रियाचा संबंध असल्याचं एनसीबीचं म्हणणं आहे. सध्या रिया चक्रवर्ती ऑर्थर रोड तुरुंगात नुकतीच तिची न्यायालयीन कोठडीही वाढवण्यात आली आहे. या सगळ्या पार्श्वभूमीवर मानेशिंदे यांनी प्रतिक्रिया दिली आहे. 'सुशांत प्रकरणाचा तपास निष्पक्षपणे व्हायला हवा. त्यासाठी सीबीआयनं स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड स्थापन करण्याची गरज आहे. तिथं सुशांतची फॉरेन्सिक तपासणी व्हावी, अशी मागणी मानेशिंदे यांनी केली आहे.

'सुशांतसिंहचा खून गळा दाबून करण्यात आल्याचं फोटोंवरून २०० टक्के दिसत आहे', असं सुशांतसिंहचे वकील विकास सिंग यांनी काल प्रसारमध्यमांसमोर सांगितलं होतं. फॉरेन्सिक तपासणी करणाऱ्या एम्स रुग्णालयाच्या पथकातील एका डॉक्टरच्या हवाल्यानं त्यांनी हे वक्तव्य केलं आहे. त्याच अनुषंगानं मानेशिंदे यांनी स्वतंत्र मेडिकल बोर्डाची मागणी केली आहे.'केवळ फोटोंवरून विश्लेषण करून मत मांडण्याचा हा ट्रेंड घातक आहे. बिहार विधानसभा निवडणुकीच्या पार्श्वभूमीवर डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे यांनी काही दिवसांपूर्वीच व्हीआरएस घेतल्याचे आपण पाहिले. निवडणुकीच्या पार्श्वभूमीवर आधीच ठरवून दिलेला निष्कर्ष मांडण्याचा दबाव यंत्रणांवर आणला जात असल्याचं दिसत आहे. यापुढं असं काही होता कामा नये,' असं मानेशिंदे यांनी म्हटलं आहे.

ठाणे. संपत्ति के विवाद में ही सौतेले भाई ने दूसरे भाई को मौत के घाट उतार दिया. दरसअल, ठाणे के शिवसेना नगरसेवक माणिक पाटिल के बेटे राकेश पाटिल की हत्या कर उसके शव को नवी मुंबई की खाड़ी में फेंके जाने का मामला सामने आया है. ठाणे शहर की कासरवडवली पुलिस ने राकेश की हत्या के आरोप में उसके सौतेले भाई सचिन पाटिल तथा नगरसेवक के ड्राइवर गौरव सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने गौरव सिंह को गिरफ्तार किया है और फरार सचिन की तलाश कर रही है.

पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार 20 तारीख को राकेश पाटिल (34) अचानक गायब हो गया था. बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट माणिक पाटिल ने कासरवडवली पुलिस स्टेशन में दर्ज की थी. छानबीन के बीच पाटिल के घर में रखे साढ़े तीन किलो गहनों के भी गायब होने की बात का पता चला. पूछताछ के दौरान राकेश की मोटरसाइकिल गौरव सिंह के पास मिली. पुलिस ने गौरव सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो हत्या का मामला सामने आया. गौरव सिंह माणिक पाटिल का ड्राइवर है.

मुंबई. मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की ही तरह नवरात्रोत्सव भी बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. गरबा डांस एवं डांडिया के बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन कोरोना की वजह से इस साल अन्य उत्सवों एवं त्यौहारों की ही तरह नवरात्रोत्सव भी साधारण ढंग से मनाया जाएगा. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नवरात्रोत्सव, दुर्गा पूजा, दशहरा का त्यौहार साधारण ढंग से मनाने की अपील लोगों से की है. इस संदर्भ में जल्द ही गाइड लाइन जारी की जाएगी.

वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से पिछले 6  महीनों से सभी उत्सव एवं त्यौहार साधारण तरीके से मनाए जा रहे हैं. महाराष्ट्र में बढ़ चढ़ कर मनाया जाने वाला गणेशोत्सव कब शुरू हुआ और कब खत्म लोगों के समझ में ही नहीं आया. अब 17 से 25 अक्टूबर के बीच शारदीय नवरात्र, दुर्गा पूजा, विजयदशमी (दशहरा) का त्यौहार है. इसी दौरान मुंबई शहर एवं उपनगरों में रामलीला का भी आयोजन किया जाता है. लेकिन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई सहित पूरे राज्य में कोरोना की परिस्थिति को देखते हुए त्यौहार सादगी से मनाने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि गणेशोत्सव में जिस तरह का सहयोग लोगों ने किया है, वही अपेक्षा नवरात्रोत्सव सहित अन्य त्यौहारों में भी है, जिससे कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा. उन्होंने कहा है कि इस संदर्भ में जल्द ही गाइड लाइन जारी की जाएगी.

कोरोना का असर इस साल शिवसेना के दशहरा रैली पर पड़ने वाला है. शिवसेना के स्थापना काल से ही दादर के शिवाजी पार्क पर रैली होती रही है. जिसे पहले शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे एवं बाद में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे संबोधित करते रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक शिवसेना इस बार वर्चुअल दशहरा रैली पर विचार कर रही है.

पुणे. कई कारणों से शुरू से ही विवादों में घिरे कोविड जंबो कोविड अस्पताल नए विवाद में फंस गया है. अस्पताल से धक्कादायक वाकिया सामने आया है. उपचार के लिस कोविड सेंटर में भर्ती युवती पिछले २७ दिनों से गायब है. परिवार से उसका कोई संपर्क नहीं है. जब परिवार ने अस्पताल प्रबंधन से संपर्क किया तो उसने जिम्मेदारियेां से दूर कर लिया है. जिसके चलते हॉस्पिटल के बाहर उसकही मां ने धरना आंदोलन की शुरूआत कर दी है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इस मामले में ध्यान देने की मांग उसने की है.

पुणे में कोरोनाबाधितों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके, इसलिए शिवाजीनगर के  सीईओपी कॉलेज मैदान पर जम्बो कोविड सेंटर बनाया गया है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसका उद्घाटन किया था. पर शुरूआत से ही यह हॉस्पिटल कई कारणों से विवादों में रहा है. कभी अधूरे सुविधाओं को लेकर तो कभी इलाज के अभाव में पत्रकार की मौत को लेकर यह चर्चा में लगातार बना रहा है. अब यह नया मामला सामने आया है. सेंटर में  उपचार के लिए प्रिया गायकवाड भर्ती हुई थी. पर पिछले  27 दिनों से उसका उसके परिवार से कोई संपर्क नहीं है. इससे चिंताग्रस्त परिवार ने अपनी बेटी की जानकारी के लिए अस्पताल प्रबुंधन से संपर्क किया. पर प्रशासन ने पल्ला झाड लिया.

टालमटोल का जवाब देकर अपने हाथ खड़े कर लिए. जिसके बाद मां  अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गई है. लापता युवती की मां ने कहा कि उसकी बेटी प्रिया को 29 अगस्त को जम्बो कोविड सेंटर में उपचार के लिए भर्ती किया गया था. तब डॉक्टर ने कहा था कि  13 सितंबर को उसे डिस्चार्ज किया जाएगा. पर उस दिन जब उसे लेने के लिए वे गए तो अस्पताल प्रशासन ने कह दिया कि इस नाम की लड़की तो यहां भर्ती हुई ही नहीं. उसकी बेटी के साथ क्या हुआ है, इसको लेकर परिवार को चिंता लग रही है. 27 दिन बीत जाने के बाद भी उसका उसकी बेटी से बात नहीं हो पाई है. इसलिए मुख्यमंत्री खुद इस ओर ध्यान दें व उकनी लड़की को वापस कराने में मदद करें.  भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्षा तृप्ति देसाई ने राज्य सरकार से सवाल किया है कि महिलाओं के लिए वह कोविड सेंटर में ठोस उपाय क्यों नहीं करती.

पुणे. राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने पुणे में मेट्रो के काम का एक बार फिर निरीक्षण किया. इसके लिए वह सुबह करीब 6 बजे पुणे स्टेशन पर मेट्रो के कार्य स्थल पर पहुंचे. नतीजतन, मेट्रो अधिकारियों को काफी कसरत करनी पड़ी. 

इससे पहले भी किया था निरीक्षण पुणे में पिंपरी-चिंचवड़ से स्वारगेट और वनज से रामवाड़ी तक 2 मार्गों का निर्माण महा मेट्रो द्वारा किया जा रहा है. अजीत पवार ने पुणे स्टेशन पर चल रहे काम के बारे में जानकारी ली. इस बीच, जब अजीत पवार ने कहा कि वह आएंगे, तो मेट्रो के अधिकारी भी मौजूद थे. कोरोना संकट के दौरान मेट्रो का काम बंद था. अब श्रमिकों की संख्या भी कम है इसलिए अजीत पवार ने पूछा कि इस समय मेट्रो परियोजना का काम कैसे चल रहा है, स्टेशन क्या होगा, क्या पुणे मेट्रो के लिए सभी स्थान संपादित किए जा रहे हैं? 

मेट्रो अधिकारियों के साथ चर्चा इस बारे में मेट्रो अधिकारियों के साथ चर्चा की. साथ ही वर्तमान में श्रमिकों की कमी है. इसलिए, यह समझा जाता है कि अजीत पवार ने मेट्रो अधिकारियों के साथ इस बात पर चर्चा की थी कि परियोजना को समय पर कैसे पूरा किया जा सकता है. इस बीच, अजीत पवार ने पहले भी सुबह के समय में पुणे मेट्रो के काम का निरीक्षण किया था. उस समय अजीत पवार ने पिंपरी-चिंचवड़ में चल रहे काम के बारे में जानकारी ली थी. वह सुबह 6 बजे फुगेवाड़ी स्टेशन पहुंचे थे. 

मुंबई. महाराष्ट्र में कोविड-19 के 19,164 नये मामले सामने आने से गुरुवार को राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 12,82,963 हो गई. यह जानकारी राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने दी. विभाग ने बताया कि दिन में 459 मरीजों की संक्रमण से मौत होने की जानकारी सामने आयी जिससे राज्य में मृतक संख्या बढ़कर 34,345 हो गई. विभाग ने कहा कि कुल 17,185 मरीजों को ठीक होने के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई जिससे राज्य में अभी तक ठीक हुए मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 9,73,214 हो गई. विभाग ने कहा कि राज्य में अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या 2,74,993 है.

मुंबई शहर में दिन में कोरोना वायरस के 2,163 नये मामले सामने आये जिससे यहां कुल मामले बढ़कर 1,92,427 हो गए. वहीं 54 और मरीजों की संक्रमण से मौत हो जाने से मृतक संख्या बढ़कर 8,658 हो गई. पुणे शहर में कोविड-19 के 1,572 नये मामले सामने आये जिससे वहां इसके कुल मामले बढ़कर 1,47,634 हो गए. वहीं 26 और मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 3,355 हो गई. विभाग के अनुसार महाराष्ट्र में अभी तक कुल 61,90,389 जांच हुई हैं.  

धारावी में 15 नए मामले: मुंबई के धारावी (Dharavi) में गुरुवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 15 नए मामले सामने आए जिसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3,102 हो गई. बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अब तक कोविड-19 के 2,627 मरीज ठीक हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि सितंबर की शुरुआत से प्रतिदिन सामने आने वाले संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है. अगस्त के अंत तक जहां सौ से भी कम मरीज उपचाराधीन थे, यह संख्या अब 194 पर पहुंच गई है. निकाय संस्था ने जून से धारावी में कोविड-19 से होने वाली मौत की संख्या बताना बंद कर दिया है.

शांत सिंह राजपूत मौत मामले से जुड़े ड्रग्स केस में एनसीबी को एक बाद एक कई अहम सुराग मिलते जा रहे हैं। यही वजह है कि ड्रग्स केस की जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, कई बॉलीवुड सेलेब्स एनसीबी की रडार पर आते जा रहे हैं। फिलहाल, सुशांत सिंह ड्रग्स मामले में एक ओर जहां रिया मुंबई की भायखला जेल में बंद हैं, वहीं उनका भाई शौविक तलोजा जेल में हैं। इस बीच एनसीबी को रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती का बयान दर्ज करने और जेल जाने की इजाजत मिल गई है।

स्पेशल एडीपीएस अदालत ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी को तलोजा जेल जाने और रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत सिंह राजपूत के कुक दीपेश सावंत का बयान दर्ज करने की इजाजत दे दी है। बता दें कि सुशांत सिंह ड्रग्स मामले में शौविक और दीपेश न्यायिक हिरासत में हैं। 

एनसीबी ने अदालत में कहा था कि शौविक चक्रवर्ती ने कई अन्य लोगों के साथ ड्रग्स का लेनदेन किया था। एनसीबी ने शौविक और मिरांडा को हिरासत में लेकर इन दोनों का एक दूसरे से सामना कराया है। काफी पूछताछ के बाद शौविक को नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंसिस (एनडीपीएस) कानून की विभिन्न धाराओं के तहत रात में गिरफ्तार किया गया था। एनसीबी ने अदालत से कहा था कि अन्य मामले सामने आये हैं जहां परिहार का शौविक और मिरांडा से संपर्क हुआ था। 

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी उपनगर में इमारत ढहने का बंबई हाई कोर्ट ने गुरुवार को स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे एक 'बेहद गंभीर' घटना बताया। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्त की अध्यक्षता वाली पीठ ने महाराष्ट्र राज्य, बृहन्मुंबई महानगर पालिका तथा भिवंडी-निजामपुर, कल्याण-डोम्बिवली, ठाणे और नवी मुंबई की निकाय संस्थाओं को मामले में प्रतिवादी बनाया है।

अदालत, कल्याण-डोम्बिवली में निर्माण के एक अन्य मामले की सुनवाई कर रही थी जब मुख्य न्यायाधीश दत्त ने कहा कि भिवंडी में की घटना में 40 लोग मारे गए थे और यह 'बेहद गंभीर' मसला है। भिवंडी के पॉवरलूम कस्बे में तीन मंजिला इमारत सोमवार को ढह गई थी। 

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, 'भिवंडी में एक इमारत ढह गई जिसमें कई लोगों की जान चली गई। हमें बताया गया है कि मुंबई में भी स्थिति गंभीर है।' उन्होंने कहा, 'हम राज्य और सभी निकाय संस्थाओं को प्रतिवादी बना रहे हैं और नोटिस जारी कर रहे हैं।'

इसके साथ ही न्यायमूर्ति दत्त ने महाधिवक्ता आशुतोष कुम्भकोणी को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करें कि राज्य और निकाय संस्थाओं द्वारा जवाब दाखिल किया जाए। अदालत ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल हो जाना चाहिए।

सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स एंगल का जांच कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को एक के बाद एक नए सुराग मिलते जा रहे हैं। एनसीबी जांच में ऐसे-ऐसे नाम सामने आ रहे हैं, जो हैरान करने वाले हैं। इस बीच बॉलीवुड में ड्रग्स के कथित गठजोड़ की जांच कर रही एनसीबी ने एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण, श्रद्धा कपूर, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह समेत 7 लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। इन सभी को अलग-अलग दिन पर एनसीबी ने पूछताछ के लिए बुलाया है। आज यानी गुरुवार को एनसीबी ने अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह, सुशांत सिंह राजपूत की टैलेंट मैनेजर श्रुति मोदी और डिजाइनर सिमोन खंबाटा को बुलाया है। 

Sushant Singh Rajput Drug Case NCB Probe Live Updates:

- बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान गोवा से मुंबई लौट आई हैं। उन्हें ड्रग्स मामले में 26 सितंबर को एनसीबी के सामने पेश होना है।

- बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान गोवा एयरपोर्ट से मुंबई के लिए रवाना हो गईं। उन्हें सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले से जुड़े एक ड्रग मामले में 26 सितंबर को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, मुंबई द्वारा तलब किया गया है।

- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कहा कि रकुल प्रीत सिंह को समन मिल गया है। माना जा रहा है कि कल दीपिता पादुकोण के साथ पूछताछ में शामिल हो सकती हैं।

-सुशांत सिंह राजपूत की टैलेंट मैनेजर श्रुति मोदी भी एनसीबी दफ्तर पहुंच चुकी हैं, जहां उनसे पूछताछ जारी है।

-एनसीबी ने कहा है कि रकुल प्रीत सिंह को कल समन जारी किया गया था। हमने अलग-अलग तरीके से उनसे संपर्क करने की कोशिश भी की, मगर अब तक उनका जवाब नहीं आया है। 
-सुशांत सिंह ड्रग केस में फैशन डिजाइनर सिमोन खंबाटा से एनसीबी दफ्तर में पूछताछ हो रही है।

-सुशांत सिंह ड्रग केस: फैशन डिजाइनर सिमोन खंबाटा एनसीबी दफ्तर पहुंचीं

मुंबई- सुशांतसिंह राजपूत मृत्यू प्रकरणातील ड्रग्ज अँगलमध्ये आतापर्यंत अनेक बॉलिवूड सेलिब्रिटींची नावं उघड झाली आहेत. रिया चक्रवर्तीने एनसीबच्या चौकशीत सारा अली खान आणि रकुलप्रीत सिंग या दोघींची नावं घेतली होती. यानंतर एनसीबीने त्यांना समन्स बजावला असून चौकशीसाठी हजर राहण्याचे आदेश दिले आहेत. २६ सप्टेंबरला साराला एनसीबीच्या कार्यालयात जायचं आहे. सध्या सारा गोव्यात होती मात्र समन्स मिळताच ती आई अमृता सिंगसोबत मुंबईला येण्यासाठी रवाना झाली. गोवा विमानतळावर मीडियाला पाहून साराने आपला चेहरा दुसरीकडे वळवला.

एनसीबीला रियाच्या चौकशीत साराविरुद्ध बरेच पुरावे मिळाले असल्याचं म्हटलं जात आहे. रियाने दिलेल्या जबाबानुसार सारा आणि सुशांत एकत्र धुम्रपान करायचे. दोघेही पवना फॉर्म हाऊसवर ड्रग्ज पार्टी करायचे. केदारनाथच्या सेटवर सुशांत आणि सारा दोघांनीही वीडचा हाय डोस घेतला असल्याचं रियाने चौकशीत स्पष्ट केलं होतं.

सारा अली खान आणि सुशांतसिंह राजपूतने केदारनाथ सिनेमात एकत्र काम केलं होतं. या सिनेमातून तिने बॉलिवूडमध्ये पदार्पण केलं होतं. सध्या या प्रकरणात रिया चक्रवर्ती, जया साहा आणि इतर ड्रग्ज पेडलर्सने दिलेल्या जबाबानुसार, अनेक सेलिब्रिटींची नावं समोर आली. याचमुळे आता एनसीबीच्या रडावर एक दोन नव्हे तर तब्बल ५० बॉलिवूड सेलिब्रिटी आले आहेत.

संसद में सरकार और विपक्ष के बीच की लड़ाई जारी है. इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार को आयकर विभाग का नोटिस पहुंचा है. ये नोटिस पिछले चुनाव में दिए गए हलफनामे को लेकर पहुंचा है.

सिर्फ शरद पवार ही नहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, मंत्री आदित्य ठाकरे, एनसीपी नेता सुप्रिया सूले को भी आयकर विभाग की ओर से नोटिस भेजा गया है. बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की ओर से इस नोटिस के जरिए पिछले कुछ चुनावों में दाखिल किए गए हलफनामे की जानकारी मांगी गई है

नोटिस मिलने को लेकर जब शरद पवार से सवाल किया गया तो मंगलवार को उन्होंने कहा कि वो लोग (नोटिस भेजने वाले) कुछ लोगों को ज्यादा चाहते हैं. 

आपको बता दें कि पिछले लंबे वक्त से भारतीय जनता पार्टी और महाराष्ट्र सरकार के बीच तनाव की स्थिति जारी है. इस बीच ये नोटिस का मामला सामने आया है.

इतना ही नहीं शरद पवार और शिवसेना की ओर से लगातार कृषि बिल का विरोध किया जा रहा है. साथ ही राज्यसभा सांसदों के सस्पेंशन के मसले पर मंगलवार को ही पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक दिन का उपवास रखने का ऐलान किया था. इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बीच नोटिस की खबर सामने आई है. 

कृषि बिल से पहले सुशांत सिंह राजपूत केस, कंगना रनौत पर बीएमसी के एक्शन और कोरोना संकट के मसले पर भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना-एनसीपी की सरकार महाराष्ट्र में आमने-सामने हैं. 

महाराष्ट्र के भिवंडी में एक तीन मंजिला इमारत के ढहने के हादसे में सात और लोगों के शव बरामद होने के बाद मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 20 हो गई। पुलिस ने बताया कि इमारत के गिरने के बाद पिछले 24 घंटे में ढाई वर्ष के बच्चे और एक दम्पत्ति का शव भी बरामद हुआ है।

पुलिस ने बताया कि पांच और लोगों के मलबे से जिंदा निकाले जाने के बाद हादसे में बचाए गए लोगों की संख्या 25 हो गई है। इन लोगों को भिवंडी और ठाणे के अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों में नौ बच्चे भी शामिल हैं।

अधिकारी ने बताया कि 43 वर्ष पुरानी 'जिलानी बिल्डंग सोमवार तड़के तीन बजकर 40 मिनट पर ढह गई थी। इमारत में 40 फ्लैट थे और करीब 150 लोग यहां रहते थे। आपको बता दें कि भिवंडी, ठाणे से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है।

उन्होंने बताया कि इमारत गिरने के मामले में नगर निकाय के दो अधिकारियों को निलंबित किया गया है और इमारत के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। धमनकर नाका के पास नारपोली में पटेल कम्पाउंड स्थित इमारत जिस समय ढही, उस समय उसमें रहने वाले लोग सो रहे थे।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ठाणे आपदा मोचन बल (टीडीआरएफ) के कर्मी मौके पर मौजूद हैं और खोज अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि यह इमारत भिवंडी-निजामपुर नगर निगम की जीर्ण-शीर्ण इमारतों की सूची में शामिल नहीं थी।

भिवंडी के पुलिस उपायुक्त राजकुमार शिंदे ने बताया कि इमारत गिरने के बाद नगर निकाय के अधिकारियों की शिकायत पर इमारत के मालिक सैयद अहमद जिलानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-337,338, 304 (2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। ठाणे के प्रभारी मंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि बृहन्मुंबई नगर निगम ने मामले में दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित किया है। एक जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें दो सहायक नगर योजनाकार (टाउन प्लैनर) शामिल हैं।

नगर निकाय अधिकारी ने बताया कि इमारत के लोगों को कथित अनियमितताओं के लिए 2019 और इस साल फरवरी में नोटिस भेजे थे लेकिन किराया कम होने की वजह से लोगों ने घर खाली नहीं किए।

राज्यसभा से निलंबित आठ सांसदों के समर्थन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार भी आगे आए हैं। उन्होंने एक दिन का उपवास रखने की घोषणा की है। एनसीपी चीफ ने कहा, 'मैं भी उनके (आठ निलंबित राज्यसभा सांसदों) आंदोलन में हिस्सा लूंगा और उनके समर्थन में एक दिन का उपवास रखूंगा'।

राज्यसभा में कृषि बिल के दौरान हंगामा करने वाले आठ विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। सरकार की ओर से सोमवार को कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे ध्वनिमत से मंजूर किया गया। राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि रविवार को जो कुछ हुआ निंदनीय है और वह बुरा दिन था। सरकार की ओर से प्रस्ताव के बाद सांसदों को निलंबित कर दिया गया।

कार्रवाई होने के बाद भी आठों सांसद सदन से बाहर नहीं गए। जिसके कारण पांच बार सदन को स्थगित करना पड़ा। हालांकि कुछ देर बाद निलंबित सांसद और विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। निलंबित आठ सांसद संसद भवन परिसर में धरने पर बैठे रहे। हालांकि आज उन्होंने अपना धरना वापस ले लिया।

जिन सांसदों पर कार्रवाई हुई है, उनमें डेरेक ओ ब्रायन(तृणमूल कांग्रेस), संजय सिंह(आप), रिपुन बोरा(कांग्रेस), नासिर हुसैन(कांग्रेस), केके रागेश(सीपीएम), ए करीम(सीपीएम), राजीव सातव(कांग्रेस) और डोला सेन(तृणमूल) शामिल है।

रिया चक्रवर्तीला ड्रग्ज प्रकऱणात १४ दिवसांची न्यायालयीनन कोठणी देण्यात आली होती. आज मंगळवारी तिची सुटका होईल. सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणातील ड्रग्ज चौकशीत एनसीबीने (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) तिला अटक केली होती. सलग तीन दिवसांच्या चौकशीनंतर एनसीबीने ८ सप्टेंबर रोजी रियाला अटक केली होती. या प्रकरणात रिया जर दोषी आढळली तर तिला १० वर्षांची शिक्षा ठोठावली जाऊ शकते.
१० वर्ष तुरूंगवासाची शिक्षा होऊ शकते

सुशांत प्रकरणातील चौकशीदरम्यान अटक केलेल्या इतर आरोपींच्या जबाबांच्या आधारे एनसीबीने रिया चक्रवर्तीला ८ सप्टेंबर रोजी अटक केली होती. भायखळा तुरुंगात रिया १४ दिवस न्यायालयीन कोठडीत होती. या दरम्यान न्यायालयाने रियाचा जामीन अर्ज दोन वेळा फेटाळण्यात आला. या प्रकरणातील मुख्य आरोपी रियाला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्युरो (एनसीबी) ने कलम ८ (सी), २७ (ए), २९, २० (बी) आणि २८ अंतर्गत अटक केली. या प्रकरणात रिया दोषी आढळल्यास तिला १० वर्षांपर्यंतची कारावासाची शिक्षा होऊ शकते.

ड्रग्जची देवाण- घेवाण करण्यात मदत केल्याचं तिने मान्य केलं
रियाला सुशांतच्या मृत्यू प्रकरणी नव्हे तर ड्रग्ज प्रकरणात अटक करण्यात आली होती. रियाने एनसीबीकडे स्वतःचा गुन्हा मान्य केल्यानंतर तिला अटक करण्यात आली होती. ड्रग्जच्या देवाण- घेवाणीत तिचा हात असल्याचं रियाने मान्य केलं होतं. इतकंच नाही तर रियानेही ती ड्रग पेडलर्सच्या सतत संपर्कात होती हेही मान्य केलं. या कबुली जबाबानंतर रियाला एनडीपीएस कायद्यांतर्गत अटक करण्यात आली. चौकशी दरम्यान रियाने फक्त स्वतःचाच गुन्हा कबुल केला नाही तर इतर २५ बॉलिवूड सेलिब्रिटींचीही नावं घेतली.

करोनाच्या पार्श्वभूमीवर सुरुवातीला करण्यात आलेल्या कडक लॉकडाऊननंतर राज्य सरकारनं अनलॉकला सुरुवात केली आहे. मात्र, संसर्गाच्या दृष्टीनं धोकादायक असलेले काही उद्योग, व्यवसाय अद्यापही बंद आहेत. हॉटेल, जीम आणि कोचिंग क्लासचा समावेश आहे. राष्ट्रवादी काँग्रेसचे आमदार रोहित पवार यांनी आता या उद्योग, व्यवसायासाठी सरकारला साकडं घातलं आहे.

रोहित पवार यांनी आज या संदर्भात एक ट्वीट केलं आहे. 'करोनाबाबत सरकार सर्व प्रयत्न करत असतानाही काहीजण नियमांकडं दुर्लक्ष करतात. पण लोकांची काळजी घेण्याची खबरदारी रेस्टॉरंट, जीम आणि क्लास चालक घेत असतील तर त्यांना परवानगी देण्यास हरकत नाही, असं मत रोहित पवार यांनी व्यक्त केलं आहे. अर्थात, हे आपलं वैयक्तिक मत असल्याचंही त्यांनी म्हटलं आहे. याबाबत सरकारनं योग्य निर्णय घ्यावा, अशी विनंती त्यांनी केली आहे. तसंच, सरकार तसा निर्णय घेईल, असा विश्वासही व्यक्त केला आहे.

'पुनश्च हरिओम' म्हणत सरकारनं करोनाच्या लॉकडाऊनमधून बाहेर पडण्याचा निर्णय घेतला आहे. त्यानुसार, हळूहळू अनेक गोष्टी खुल्या करण्यात आल्या आहेत. मात्र, अद्यापही व्यायामशाळा, रेस्टॉरंटना परवानगी देण्यात आलेली नाही. या व्यवसायातील चालक, मालक सातत्यानं सरकारला याबाबत विनंती करत आहेत. करोनाच्या अनुषंगानं सर्व प्रकारची काळजी घेण्याची तयारीही त्यांनी दाखवली आहे. हाच धागा पकडून रोहित पवार यांनी आपलं मत व्यक्त केलं आहे. यापूर्वी रोहित पवार यांनी तरुणांना नोकरीधंद्यासाठी बाहेर पडण्याचं आवाहन केलं होतं.

महाराष्ट्र के भिवंडी नगर में सोमवार तड़के तीन मंजिला एक इमारत के गिर जाने से 10 व्यक्तियों की मौत हो गई और करीब 20 अन्य के मलबे में फंसे होने की आशंका है। यह जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस ने बताया कि यह इमारत आज तड़के गिर गई। मलबे से अभी तक एक बच्चे सहित पांच व्यक्तियों को निकाला गया है। तलाश अभियान जारी है।

ठाणे आपदा प्रतिक्रिया बल (टीडीआरएफ) के कर्मी मलबे से एक बच्चे को निकालते और उसे पानी पिलाते देखे गए। भिवंडी, ठाणे से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित एक नगर है। एक निकाय अधिकारी ने बताया कि धमनकर नाका के पास नरपोली में पटेल परिसर स्थित इमारत तड़के तीन बजकर 40 मिनट पर गिर गई। हादसे के समय उसमें रहने वाले लोग सोये हुए थे। उन्होंने बताया कि इमारत में रहने वाले करीब 20 व्यक्तियों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।

पीएम मोदी ने कहा, "महाराष्ट्र के भिवंडी में इमारत ढहने से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना। बचाव अभियान चल रहा है और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।'

एनडीआरएफ के महानिदेशक एस. एन. प्रधान ने ट्वीट किया, '' 20-25 लोगों के फंसे होने की आशंका है। खोज अभियान जारी है। एनडीआरएफ की और टीमें रास्ते में हैं। ठाणे नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि इमारत का एक हिस्सा धराशायी हो गया और इमारत में रहने वाले कई लोग मलबे में फंस गए। 

अधिकारी ने बताया कि झिलानी इमारत कितनी पुरानी है इसकी जानकारी नहीं है। अभी यह भी पता नहीं चल पाया है कि यह इमारत निगम द्वारा घोषित जीर्ण-शीर्ण इमारतों की सूची में शामिल थी या नहीं।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने एनडीआरएफ के हवाले से बताया है कि स्थानीय लोगों द्वारा 20 लोगों को बचाया गया है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार कम से कम 20-25 लोगों के फंसे होने की आशंका है।

महाराष्ट्र के पालघर जिले में छोटे विवाद को लेकर 70 वर्षीय एक बुजुर्ग की हत्या करने के आरोप में एक ग्रामीण व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। पुलिस निरीक्षक जयकुमार सूर्यवंशी ने बताया कि यह घटना शनिवार रात में वाडा तालुका के कोंडल गांव में हुई। गांव में बांध के बहाव वाले क्षेत्र में पीड़ित का मछली जमा करने का एक स्थल था। पीड़ित को शक था कि 45 वर्षीय आरोपी वहां से मछली चुराता है। आरोपी की पास में ही जमीन है। 

शनिवार रात पीड़ित ने आरोपी को वहां से मछली चुराते हुए देखा जिसके बाद दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद आरोपी और उसकी पत्नी ने एक बड़ा सा पत्थर लेकर पीड़ित के चेहरे पर मारा, जिससे पीड़ित की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने शव को निकट की झाड़ियों में छुपा दिया।

 उन्होंने बताया कि पीड़ित की तलाश के दौरान परिवारवालों को उनका शव रविवार सुबह में मिला और उन्होंने संबंधित व्यक्ति तथा उसकी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसकी पत्नी को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। 

मुंबई के बलार्ड एस्टेट की एक्सचेंज बिल्डिंग में सोमवार दोपहर आग लग गई। इसी बिल्डिंग में सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स एंगल की जांच कर रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का दफ्तर भी है। आग लगने के फौरन बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं।

जानकारी के अनुसार, यह आग बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर पर लगी है। वहीं, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का दफ्तर बिल्डिंग के तीसरे फ्लोर पर स्थित है। इस हादसे में अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने की वजह भी सामने नहीं आ सकी है।

बिल्डिंग में आग लगने की वजह से हड़कंप मच गया। सामने आई तस्वीरों में दूसरे फ्लोर की खड़कियों से आग का धुंआ निकलता हुआ देखा जा सकता है। सोमवार को कोई अवकाश नहीं होने की वजह से बिल्डिंग में काफी लोग भी मौजूद थे, जिस वजह से अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, आग लगने के फौरन बाद दमकल विभाग को जानकारी दी गई। गाड़ियां आग पर काबू पाने की कोशिाश कर रही हैं।

भिवंडीतील पटेल कंपाउंड येथील जीलानी ही तीन मजली इमारत कोसळून मृत्युमुखी पडलेल्यांच्या कुटुंबियांना ५ लाख रुपयांची मदत राज्य शासनाच्या वतीने देण्यात येणार असल्याचे ठाण्याचे पालकमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी जाहीर केले. सोमवारी पहाटे पावणे चारच्या सुमारास ही इमारत कोसळून १० जण मृत्युमुखी पडले, तर किमान ३० ते ३५ जण अद्याप ढिगाऱ्याखाली अडकले असल्याची भीती व्यक्त होत आहे.

इमारत कोसळल्याचे वृत्त समजताच पालकमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी घटनास्थळी धाव घेतली. एनडीआरएफची एक तुकडी, ठाणे महापालिकेच्या आपत्कालीन विभागाची तुकडी, ठाणे आपत्ती प्रतिसाद दल आणि भिवंडी अग्निशमन दलाचे जवान पहाटेपासून मदतकार्यात गुंतले असून ढिगाऱ्याखाली अडकलेल्यांना बाहेर काढण्याचे काम सुरू आहे. जखमींना महापालिकेच्या इंदिरा गांधी रुग्णालयात दाखल करण्यात आले असून शिंदे यांनी तिथेही भेट देऊन जखमींची विचारपूस केली, तसेच उपचारांबाबत डॉक्टरांकडून माहिती घेतली.

या दुर्घटनेची चौकशी करण्यात येईल, असे एकनाथ शिंदे यांनी जाहीर केले. भिवंडी महापालिकेने शहरातील १०२ धोकादायक इमारती रिकाम्या केल्या असून अशा प्रकारच्या इमारतींचा आढावा सातत्याने प्रशासनाकडून घेतला जातो, असेही शिंदे यांनी सांगितले.

रुग्णसेवेत हेळसांड होत असल्याचा एक भयानक प्रकार समोर आला आहे. नगरहून पुण्याला हलविण्यात येत असलेल्या एका महिला रुग्णाला ऑक्सिजन लावण्यात आला होता. मात्र, देखभालीसाठी सोबत देण्यात आलेले डॉक्टर सिगारेट ओढत होते आणि मोबाईलवर गाणी ऐकत असल्याचे पुढे आले आहे. पुण्यात उपचार घेत असलेल्या या रुग्णाने आपल्या पतीला हा प्रकार सांगितल्याने याला वाचा फुटली.

नगर शहरातील एका महिलेला श्वसनाचा त्रास होत होता. सुदैवाने करोना चाचणी निगेटिव्ह आली. येथील खासगी रुग्णालयात उपचार सुरू होते. मात्र, अधिक उपचारांसाठी पुण्याला हलवावे, असा सल्ला येथील डॉक्टरांनी दिला. त्यामुळे एक खासगी सुसज्ज रुग्णवाहिका घेऊन रुग्णाला पुण्याला हलविण्यात आले. पुण्यात उपचारानंतर रुग्णाच्या प्रकृतीत सुधारणा झाली.

आता या महिलेने आपल्या पतीला रुग्ण्वाहिकेत घडलेल्या या भयानक घटनेची माहिती दिली. २० हजार रुपये भाडे देऊन ही सुसज्ज रुग्णवाहिका घेण्यात आली होती. त्यामध्ये देखभालीसाठी डॉक्टरही होते. रुग्णाच्या शरीरातील ऑक्सिजनची पातळी कमी असल्याने त्यांना ऑक्सिजन लावण्यात आला होता. रुग्णाची प्रकृती गंभीर असल्याने त्यांच्यावर सतत लक्ष ठेवणे आवश्यक होते. मात्र, या महिलेने आपल्या पतीला सांगितले की, रुग्णवाहिकेतील डॉक्टर ए.सी. रुग्णवाहिकेत सिगारेट ओढत होते. मोबाइलवर मोठ्या आवाजात गाणी ऐकत होते. नगर ते पुणे या संपूर्ण प्रवासात रुग्णाकडे लक्ष देण्याऐवजी डॉक्टर स्वत:तमध्ये दंग झाले होते. सुदैवाने रस्त्यात काही अनुचित प्रकार घडला नाही. पत्नीने सांगितलेला हा प्रकार ऐकून पती हादरून गेले.

प्रसिद्ध दिग्दर्शक अनुराग कश्यप याने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांचं कौतुक करताना केलेल्या एका वक्तव्यावरून माजी खासदार नीलेश राणे यांनी शिवसेनेला टोला हाणला आहे. 'अनुराग कश्यप याचं वक्तव्य ही सरळ सरळ बाळासाहेब ठाकरे यांची बदनामी आहे,' असा आरोप नीलेश राणे यांनी केला आहे.

सुशांतसिंह राजपूत प्रकरण व मुंबईबद्दल कंगना राणावत हिनं केलेल्या वक्तव्यानंतर शिवसेना व कंगना आमनेसामने आले होते. मुंबईत मला असुरक्षित वाटतं असं वक्तव्य तिनं केलं होतं. त्यानंतर शिवसेनेनं तिच्याविरोधात आघाडी उघडली होती. त्यास उत्तर देताना कंगनानं मुख्यमंत्री ठाकरे यांचा एकेरी उल्लेख केला होता. सुशांत प्रकरणावरून कंगनानं बॉलिवूडमधील काही कलाकारांनाही लक्ष्य केलं होतं. सुरुवातीला तिच्या वक्तव्याकडं दुर्लक्ष करणाऱ्या काही कलाकारांनी नंतर तिला प्रत्युत्तर दिलं. अभिनेत्री व राज्यसभा खासदार जया बच्चन, अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर यांनी कंगनाला सुनावलं होतं. दिग्दर्शक अनुराग कश्यप यानं कंगनाला अप्रत्यक्ष उत्तर देताना उद्धव ठाकरे यांचं कौतुक केलं आहे. शिवसेनेबद्दलची माझी मतं बदलली आहेत. शिवसेनेबद्दल माझी जी काही मतं होती ती उद्धव ठाकरे यांच्यामुळं बदलली आहेत. मला मुंबईत सुरक्षित वाटतं आणि कुठलीही भीती न बाळगता हवं ते बोलता येतं. महाराष्ट्रात मी आनंदी आहे,' असं त्यानं म्हटलं आहे.

'करोना संसर्गाच्या भीतीने डॉक्टरांकडून रुग्णांवर योग्य पद्धतीने उपचार होत नाहीत. अनेक ठिकाणी रुग्ण आत आणि डॉक्टर बाहेर, अशी स्थिती आहे. यामुळे मृत्यूदरात वाढ होत आहे. ही स्थिती अशीच सुरू राहिल्यास रुग्णालयांच्या बिलांसह डॉक्टरांच्या कामाचे ऑडिट करावे लागेल,' असे मत सांगलीचे पालकमंत्री तथा जलसंपदामंत्री जयंत पाटील यांनी व्यक्त केले. खासगी रुग्णालयांकडून होणाऱ्या रुग्णांच्या लुटीबद्दलही त्यांनी नाराजी व्यक्त केली. दक्षिण भारत जैन सभेच्या वतीने सुरू केलेल्या कोव्हिड रुग्णालयाच्या उद्घाटनावेळी ते बोलत होते.

दक्षिण भारत जैन सभेने पुढाकार घेऊन सांगलीतील राम मंदिर परिसरात चोपडे हॉस्पिटलमध्ये डेडिकेटेड कोव्हिड उपचार केंद्र सुरू केले आहे. १०० खाटांच्या कोव्हिड केंद्राचे उद्घाटन रविवारी सकाळी आरोग्य राज्यमंत्री राजेंद्र पाटील-यड्रावकर आणि पालकमंत्री जयंत पाटील यांच्या उपस्थितीत झाले. यावेळी बोलताना मंत्री जयंत पाटील यांनी डॉक्टरांच्या कार्यपद्धतीवर प्रश्नचिन्ह उपस्थित केले. ते म्हणाले, 'अनेक रुग्णालयांबद्दल तक्रारी वाढल्या आहेत. डॉक्टर बाहेर आणि पेशंट आत हे बरोबर नाही. डॉक्टर आतच जात नसतील तर उपचार कसे होणार? हा प्रकार गंभीर आहे. मी यावर कधी बोललो नाही, पण आता मृत्यू दर कमी येत नसल्याने यावर बोललेच पाहिजे. रुग्णांची काळजी डॉक्टरांनी घेतली तरच मृत्यू दर कमी होईल. ऑडिट बिलांचेच नव्हे तर डॉक्टरांचेही करण्याची गरज आहे. याबाबत आमच्यासह डॉक्टरांनीही आत्मचिंतन करण्याची गरज आहे.'
खासगी रुग्णालयांकडून होणाऱ्या लुटीवरही मंत्री पाटील यांनी नाराजी व्यक्त केली. ते म्हणाले, 'उपचाराच्या नावाखाली खासगी रुग्णालये भरमसाठ पैसे उकळतात. रुग्णांच्या नातेवाईकांकडून अनेक तक्रारी येत आहेत. लुटीच्या भीतीने लोक आजार दडवतात. उपचारात टाळाटाळ केल्याने अत्यवस्थ स्थितीतील रुग्णाला अखेरच्या क्षणी रुग्णालयात दाखल केले जाते. वेळ निघून गेल्यामुळे अत्यवस्थ रुग्णांचा मृत्यू होतो. यातून वाढणारा मृत्यूदर रोखण्यासाठी आरोग्य यंत्रणांना प्रामाणिकपणे काम करावे लागेल.

करोनाच्या लढाईत पोलिस ‘थकले आहेत, पण हिंमत हरलेले’ नाहीत, अशा शब्दांत राज्याचे गृहमंत्री अनिल देशमुख यांनी महाराष्ट्र पोलिस करत असलेल्या कामाचे कौतुक केले. करोना विषाणूचा प्रादू‌र्भाव झालेल्या प्रत्येक पोलिस कर्मचाऱ्याला चांगल्या प्रकारचे वैद्यकीय उपचार मिळावेत, यासाठी पोलिस आयुक्त आणि पोलिस अधिक्षक कार्यालयात विशेष कक्ष सुरू करण्यात आल्याचे देशमुख यांनी सांगितले.

पुणे श्रमिक पत्रकार संघाला रविवारी गृहमंत्री अनिल देशमुख यांनी भेट दिली. त्यानंतर उपस्थित पत्रकारांशी अनौपचारिक गप्पा मारताना त्यांनी ही माहिती दिली. करोनाच्या काळात गेल्या साडेपाच ते सहा महिन्यांपासून पोलिस कर्मचारी, अधिकारी दिवसरात्र रस्त्यावर उतरून आपली जबाबदारी पार पाडत आहेत. या काळात पोलिस दलातील २०८ सहकारी या आजाराने शहीद देखील झालेले आहेत. त्यांच्या कुटूंबियांच्या मदतीसाठी गृह विभाग आवश्यक ते प्रयत्न करत आहेत. पोलिस वेलफेअर फंडातून यासाठी ६५ लाख रूपयांची मदत देण्यात आल्याचे त्यांनी सांगितले. करोनामुळे शहीद झालेल्या पोलिस अधिकारी आणि कर्मचाऱ्याच्या कुटूंवाला त्याच्या सेवानिवृत्तीच्या दिवसापर्यंत सरकारी निवासस्थानामध्ये राहता येईल, त्यांना कोणीही बाहेर काढणार नाही, असा निर्णय घेण्यात आला असून करोनाच्या काळात निवृत्त झालेल्या कर्मचाऱ्यांना देखील सरकारी निवासस्थान सोडण्याचे कोणतेही बंधन घालण्यात आलेले नाही, असेही देशमुख यांनी स्पष्ट केले.

सुशांत सिंह राजपूत के मौत के मामले में आए ड्रग्स एंगल की जांच में जुटी एनसीबी ने शुक्रवार को मुंबई के कई इलाकों में छापेमारी कर और ड्रग पेडलर्स को गिरफ्तार किया है। ड्रग्स पेडलर्स के पास से एनसीबी ने लाखों रुपए की ड्रग्स भी बरामद की है। इन ड्रग पेडलर्स में से एक राहिल रफत विश्राम उर्फ़ सैम केस में सबसे अहम लिंक साबित हो रहा है।  

एनसीबी सूत्रों के अनुसार, सैम का नाम पिछले दिनों गिरफ्तार अंकुश अरेंजा की पूछताछ में सामने आया था। सैम के पास से एनसीबी ने करीब 4,36,000 रुपए कैश और 928 ग्राम चरस बरामद की है। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहिल ने एनसीबी की पूछताछ में कई हाई प्रोफाइल सिलेब्रिटीज का नाम लिया है। बॉलिवुड में राहिल को ‘सैम ड्रग अंकल’ के नाम से जाना जाता है।

राहिल के ‘बॉस’ का बॉलिवुड कनेक्शन 

‘टाइम्‍स नाऊ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, राहिल का ‘बॉस’ बॉलिवुड से जुड़ा कोई शख्‍स है। यह कोई ऐक्‍टर हो सकता है, कोई डायरेक्‍टर या फिर कोई प्रड्यूसर। बॉस के कई नामों सड़ कनेक्शन होने की बात सामने आ रही है जिनमें बॉलीवुड से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं।  

राहिल का है फ़िल्मी हस्तियों तक फैला नेटवर्क 

खबर है कि, राहिल की गिरफ्तारी के बाद अब एनसीबी बॉलिवुड के उन नामों तक पहुंचने की कोशिश में है जिनका बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स कनेक्शन हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहिल अपने इसी ‘बॉस’ के कहने पर सिलेब्रिटीज को है क्वालिटी का ‘मलाना क्रीम’ चरस सप्‍लाई करता था।

कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की कमी महसूस होने से उन्हें 100 प्रतिशत ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का निर्णय सरकार ने लिया है. इस पार्श्वभूमि पर उद्योगों को कम से कम 20 प्रतिशत ऑक्सीजन आपूर्ति करने की मांग निमा ने उद्योगमंत्री सुभाष देसाई से की. एक माह से कोरोना मरीजों की संख्या में दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हुई है.

इन मरीजों को ऑक्सीजन मिले, इसलिए जिलाधिकारी ने उद्योगों की 100 प्रतिशत ऑक्सीजन आपूर्ति बंद कर दी है. इससे जिले के पोलाद उद्योग सहित अभियांत्रिकी व वेल्डिंग शॉप के सभी उत्पादन बंद हो गए हैं. इसलिए हजारों कामगार बेरोजगार हो गए हैं. पोलाद उद्योग का उत्पादन बंद होने से भट्ठियों का नुकसान हो रहा है. इसलिए 20 प्रतिशत ऑक्सीजन आपूर्ति करने की मांग निमा ने उद्योगमंत्री देसाई से की. इस समय निमा के शशिकांत जाधव, तुषार चव्हाण, कैलास अहिरे आदि उपस्थित थे.

बीजेपी नेता और पूर्व विधायक सरदार तारा सिंह का शनिवार को सुबह निधन हो गया. सिंह पिछले काफी समय से  बीमार थे और उनका इलाज मुंबई के लीलावती अस्पताल में चल रहा था.  उनके निधन की खबर से मुलुंड और भांडुप क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई. बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.

 सरदार तारा सिंह की गिनती बीजेपी के कद्दावर नेताओं में की जाती थी. मुंबई मनपा की स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे सिंह मुलुंड विधान सभा क्षेत्र का लगातार 4 बार प्रतिधिनित्व किये थे. अधिक उम्र की वजह से पिछले चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था. हालांकि उन्होंने पार्टी उम्मीदवार को जिताने में पूरा सहयोग दिया था.

 पूर्व विधायक सरदार सिंह पिछले काफी समय से लीलावती अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे.15 दिनों पहले उनके निधन की अफवाह फैली थी. कई मंत्रियों सहित तमाम लोगों ने शोक व्यक्त किया था. हालांकि उस समय पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने ट्वीट कर उनको जीवित बताया था. शनिवार को सोमैया ने ही सबसे पहले ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी.

 

मुंबई से लगभग 95 किलोमीटर दूर अटगांव स्टेशन के पास शनिवार सुबह एक लोकल ट्रेन का डिब्बा पटरी से उतर गई. हालांकि इस हादसे में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है. अटगांव स्टेशन पड़ोसी ठाणे जिले में मध्य रेलवे (सीआर) मार्ग पर स्थित है.
रेलवे के अधिकारी के मुताबिक, ट्रेन कसारा स्टेशन जा रही थी. मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने कहा, 'लोकल ट्रेन का बीच का एक कोच सुबह करीब 7.28 बजे अटगांव स्टेशन के पास पटरी से उतर गया. इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ.'
क्षेत्रीय रेलवे अधिकारी के अनुसार, यह एक प्रथम श्रेणी का कोच था, जिसमें घटना के समय बहुत अधिक यात्री नहीं थे. वर्तमान में, केवल आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों के साथ-साथ राष्ट्रीयकृत बैंक और विभिन्न राज्य तथा केंद्र सरकार के कार्यालयों के कर्मचारियों को ही मुंबई की लोकल ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति है.  

अटगांव स्टेशन की ओर आते समय ट्रेन का डिब्बा पटरी से उतरा जिसके बाद कल्याण-कसारा मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई. मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि, ट्रैक के मेंटेनेंस का काम शुरू कर दिया गया है, और कोच को फिर से पटरी पर लाने कोशिश की जा रही है. 

सुशांत सिंह राजपूत केस से जुड़े ड्रग्स मामले में जांच एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को एक और सफलता हाथ लगी है। एनसीबी मुंबई ने ड्रग्स पेडलर राहिल विश्राम नामक शख्स को एक किलो चरस के साथ हिरासत में लिया है। इस बात की जानकारी एनसीबी के जोनल डायरेक्टर ने दी है। बता दें कि कल मुंबई में एनसीबी ने कई जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर के मुताबिक, 'एनसीबी मुंबई ने हिमाचल प्रदेश के 1 किलो चरस के साथ ड्रग्स पेडलर राहिल विश्राम को हिरासत में लिया है। एनसीबी ने उसके पास से 4.5 लाख रुपए नकद भी जब्त किए। वह सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले से संबंधित अन्य पेडलर्स से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।'

राहिल विश्राम के हिरासत में लिए जाने के बाद एनसीबी अब पूछताछ करेगी। पूछताछ में ड्रग्स कनेक्शन के कई राज सामने आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि राहिल विश्राम के सुशांत सिंह से जुड़े ड्रग्स तस्करों से सीधे संबंध हैं और एनसीबी इस बात की पुष्टि कर चुकी है कि इनके संबंध फिर रिया और शौविक से भी सीधे तौर पर हैं। ऐसे में राहिल को हिरासत में लेना इस मामले में एक और अहम कड़ी हो सकती है।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत को तीन महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी विभिन्न जांच एजेंसियों की जांच जारी है। ड्रग्स एंगल सामने आने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) लगातार एक्शन ले रहा है। एनसीबी ने गुरुवार को मुंबई के कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। माना जा रहा है कि जल्द ही ड्रग्स मामले में कोई बड़ा खुलासा हो सकता है।

बता दें कि एनसीबी की कार्रवाई के तहत अब तक रिया के अलावा 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एनसीबी सुशांत की गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शौविक समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। रिया चक्रवर्ती 22 सितंबर तक जेल में हैं।

सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। इतना ही नहीं दिशा ने आत्महत्या नहीं की थी बल्कि उसकी हत्या की गई है और पुलिस इस मामले में बहुत कुछ छुपा रही है। ऐसे आरोप भी मुंबई पुलिस पर लगे। इस पर शुक्रवार को मुंबई ने चुप्पी तोड़ी है और सभी सवालों के जवाब दिए हैं। 

क्या दिशा सालियान के फोन से आखिरी कॉल उनकी दोस्त अंकिता को की गई थी। क्या उसके आखिरी बार 100 नंबर डायल करने का जो दावा किया जा रहे है। इस सभी आरोपों पर मुंबई पुलिस के अधिकारी ने शुक्रवार को एएनआई से बात करते हुए गलत बताया है। 

आपको बता दें के बीजेपी विधायक नितेश राणे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिशा सालियान के लिव-इन पार्टनर रोहन राय की सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने यह मांग मुंबई में रोहन से सीबीआई पूछताछ के मद्देनजर की ताकि वह अपना बयान दर्ज करा सकें। राणे ने लिखा-सुशांत सिंह राजपूत और उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालिआन की मौत के मामले में जांच जारी है, लेकिन यह चकित करने वाली बात है कि अभी दिशा के लिव-इन पार्टनर रोहन राय से मुंबई पुलिस ने कोई पूछताछ नहीं की, यह जानने की कोशिश नहीं की गई कि 8 जून,2020 को दिशा के साथ क्या हुआ था।

राणे ने कहा था कि हमने सुना है कि दिशा की पार्टी में कुछ गलत हुआ था, जिसके बाद उन्होंने मलाड-मालवानी स्थित अपना घर छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने 100 नंबर डायल कर मदद मांगी थी और उन्हें सबकुछ बताया था। हालांकि, मुंबई पुलिस उनकी मदद नहीं कर सकी। राणे ने कहा था कि मैं सीबीआई को एक लीड दे रहा हूं और एजेंसी को जांच करनी चाहिए। 

महाराष्ट्र के मध्य मुम्बई के वर्ली इलाके में शुक्रवार सुबह प्रयोगशाला में रखे एक तरल नाइट्रोजन टैंक में विस्फोट के कारण इमारत का एक हिस्सा ढह जाने से 30 वर्षीय एक महिला घायल हो गई। अधिकारी ने बताया कि घटना मध्य मुम्बई के वर्ली इलाके में 'सेन्चुरी इमारत' में सुबह करीब नौ बजे हुई।

अधिकारी ने बताया कि इमारत में बनी प्रयोगशाला में टैंक में अचानक विस्फोट हो गया। टैंक में 250 लीटर क्षमता वाला था। उन्होंने बताया कि विस्फोट की वजह से इमारत का एक हिस्सा ढह गया और सुचित रश्मी नाम की एक महिला हादसे में घायल हो गई। 

महिला के सिर और पैर में चोट आई, लेकिन उन्होंने उसे मामूली बताते हुए अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। अधिकारी ने बताया कि दमकल विभाग का दल और पुलिस कर्मी मौके मौजूद हैं और मलबा हटाने का काम जारी है। उन्होंने बताया कि विस्फोट के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।

महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को गृह विभाग के प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता समेत 50 से ज्यादा आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया।  गुप्ता अब पुणे के नए पुलिस आयुक्त होंगे।

गुरुवार शाम जारी सरकारी आदेश में कहा गया कि 41 अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है जबकि बाकी अधिकारियों को अभी नई तैनाती नहीं मिली है।   पुणे के पुलिस आयुक्त के. वेंकटेशम का तबादला अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष अभियान) के रूप में किया गया है। 

इधर, बिहार में भी विधानसभा चुनाव से पहले अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक के ट्रांसफर का दौर जारी है। प्रदेश में कई आईपीएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। इसमें तीन आईपीएस को जिले में भेजा गया है वहीं एक महिला आईपीएस को आर्थिक अपराध शाखा में भेजा गया है। गृह विभाग की ओर से तबादले की अधिसूचना जारी कर दी गई है। बिहार सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक बिहार में चार आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। बेतिया की एसपी नताशा गुड़िया को पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध इकाई पटना के पद पर पदस्थापित किया गया है।

नीरज कुमार सिंह एसपी सिटी मुजफ्फरपुर को बक्सर का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक बक्सर उपेन्द्र वर्मा को पुलिस अधीक्षक पश्चिम चंपारण बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध इकाई राजेश कुमार को पुलिस अधीक्षक नगर मुजफ्फरपुर के पद पर पदस्थापित किया गया है। 

लग्न झालेले असताना त्याची माहिती लपवून एका तरुणीने तरुणाला प्रेमाच्या जाळ्यात ओढले. घरच्यांना माहिती न देता या दोघांनी रजिस्टर लग्न देखील केले. त्यानंतर या तरुणीने संबधित तरुणाचा मानसिक छळ सुरू केला. या त्रासाला कंटाळून तरुणाने गळफास घेत आत्महत्या केली. कोंढवा परिसरात ही घटना घडली.

कोंढवा पोलिसांनी आत्महत्येस प्रवृत्त केल्याप्रकरणी तरुणाच्या कथित पत्नीसह चौघांविरुद्ध गुन्हा दाखल केला आहे. या तरुणाच्या काकाने याबाबत कोंढवा पोलिसांकडे तक्रार दिली आहे. ही घटना उंड्रीमध्ये २८ जूनला घडली होती. त्यावेळी आकस्मित मृत्यूची नोंद करण्यात आली होती. याचा तपास करून पोलिसांनी आत्महत्येस प्रवृत्त करण्याचा गुन्हा दाखल केला आहे, अशी माहिती कोंढवा पोलीस ठाण्याचे वरिष्ठ निरीक्षक विनायक गायकवाड यांनी दिली. तरुण आणि तरुणीचे पाच वर्षापूर्वी प्रेमसंबंध जुळले होते. त्यातून त्यांनी गुपचूप रजिस्टर लग्न केले होते. मात्र, त्यांनी ही बाब आपल्या नातेवाईकांना सांगितले नाही. ते दोघेही आपापल्या घरी राहात होते.

'पंतप्रधान मोदी यांनी २४ मार्चला फक्त चार तासांच्या सूचनेवर २१ दिवसांच्या कडक लॉकडाऊनची घोषणा केली. त्या दिवसापासून देशात गोंधळ सुरू झाला. तो गोंधळ आणि अनिश्चितता आजपर्यंत कायम आहे. इतका गोंधळ देशात कधीच झाला नव्हता,' अशी घणाघाती टीका शिवसेनेनं केंद्र सरकारवर केली आहे.

करोनाची साथ व त्यानंतरच्या लॉकडाऊननंतर देशात उद्भवलेल्या परिस्थितीवर शिवसेनेनं 'सामना'च्या अग्रलेखातून भाष्य केलं आहे. देशातील सध्याच्या गोंधळाला केंद्र सरकार जबाबदार असल्याचा आरोप शिवसेनेनं केला आहे. 'देशावर आर्थिक संकट कोसळले आहे. सर्वच राज्यांच्या अर्थव्यवस्था कोसळल्या आहेत. या आर्थिक अराजकास नोटाबंदीसारखे घातक प्रयोग जबाबदार आहेत. १३ मार्च रोजी आरोग्यमंत्री सांगतात देशात आरोग्यविषयक आणीबाणी नाही. २२ मार्च पंतप्रधान जनता कर्फ्यूची घोषणा करतात आणि २४ मार्चला २१ दिवसांचा कडक लॉकडाऊन केला जातो. त्या गोंधळाच्या गर्तेत देश गटांगळ्या खात आहे. कसे होणार?,' अशी चिंता शिवसेनेनं व्यक्त केली आहे.

'मुंबईत कलम १४४ लागू करण्याचा पोलिसांचा आदेश नवा नाही. जमावबंदीचा ३१ ऑगस्ट रोजी घेतलेला निर्णय पुढे तसाच लागू राहणार आहे एवढाच याचा अर्थ आहे. त्यामुळं कुणीही घाबरून जाऊ नये,' असं आवाहन मुंबई उपनगरचे पालकमंत्री व राज्याचे पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे यांनी केलं आहे.

मुंबईत गेल्या काही दिवसांपासून करोना रुग्णांची संख्या पुन्हा वाढू लागली आहे. लॉकडाऊनमध्ये आलेल्या शिथिलतेचा हा परिणाम असल्याचं बोललं जात आहे. त्यामुळं प्रशासनानं पुन्हा एकदा संसर्ग रोखण्यासाठी कंबर कसली आहे. त्याचाच भाग म्हणून मुंबईत गुरुवारी मध्यरात्रीपासून दोन आठवड्यासाठी १४४ कलम लागू करण्यात आलं आहे. त्यानुसार ३० सप्टेंबरपर्यंत मुंबईत जमावबंदी लागू राहणार असून या काळात ४ पेक्षा अधिक लोकांना एकत्र बाहेर फिरण्यास मनाई करण्यात आली आहे. मात्र, पोलिसांच्या या आदेशामुळं मुंबई पुन्हा लॉकडाऊन लागल्याची चर्चा सुरू झाली होती. व्हॉट्सअॅपवरून विविध संदेश फिरवले जात होते. गावखेड्यापर्यंत या मेसेज पोहोचले आणि चिंतेचं वातावरण निर्माण झालं होतं.

वेळेच्या बाबतीत अत्यंत दक्ष असलेले उपमुख्यमंत्री व पुणे जिल्ह्याचे पालकमंत्री अजित पवार यांच्या धक्कातंत्राचा अनुभव पुणे मेट्रोच्या अधिकाऱ्यांना आज आला. अजित पवार हे आज सकाळी सहा वाजताच पुणे मेट्रोच्या कामाच्या पाहणीसाठी पोहोचले. अर्थात, या साऱ्याची कल्पना असल्यानं अधिकारीही सज्ज होते. अजितदादांनी मेट्रो प्रकल्पाची सर्व माहिती घेऊन अधिकाऱ्यांसोबत मेट्रो प्रवासही केला.

पुण्यातील कोविड परिस्थितीचा आढावा घेण्यासाठी अजित पवार पुण्यात आहेत. ही आढावा बैठक आज दुपारी होणार आहे. मात्र, पुण्यात असल्यानं आज अचानक त्यांनी पुणे मेट्रोच्या कामाची पाहणी केली. त्यासाठी सकाळी सहा वाजताच ते फुगेवाडीत दाखल झाले. अजितदादा मेट्रो प्रकल्पाची पाहणी करण्यासाठी येणार असल्याचं समजल्यानं व्यवस्थापकीय संचालक ब्रिजेश दीक्षित यांच्यासह इतर अधिकारी व कर्मचारी सज्ज होते.

सुरुवातीला अजित पवार यांनी ब्रिजेश दीक्षित यांच्यासोबत चर्चा करून पिंपरी-चिंचवड ते पुणे मेट्रोच्या कामाचा आढावा घेतला. त्यानंतर त्यांनी मेट्रोच्या संत तुकाराम नगर स्थानकाची पाहणी केली. तेथील तिकीट विक्रीच्या व्यवस्थेची माहिती घेतली. तिथेच मेट्रोचे पहिले तिकीट घेऊन त्यांनी तुकाराम नगर ते पिंपीर असा मेट्रो प्रवास केला. ब्रिजेश दीक्षित हेही त्यांच्यासोबत होते. दीक्षित त्यांना मेट्रोबद्दल माहिती देत होते.

फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस से इतर ड्रग्स कनेक्शन की जांच की जा रही है. नारकोटिक्स ब्यूरो ने गुरुवार को मुंबई के कई इलाकों में रेड डाली. अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ड्रग्स कनेक्शन के मामले में जेल में हैं, आज उन्हीं से संबंधित कुछ लोगों और जगहों पर छापेमारी की जा रही है.नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि इस छापेमारी से एक बड़ी कामयाबी मिल सकती है, जो केस को लेकर काफी जरूरी है. 
आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत की गुत्थी सुलझाते हुए ड्रग्स कनेक्शन सामने आया था. जिसके बाद एनसीबी ने अपनी जांच बढ़ाई, कई ड्रग्स पेडलर को गिरफ्त में लिया. रिया चक्रवर्ती, भाई शोविक चक्रवर्ती समेत आधा दर्जन लोगों को एनसीबी ने इस पूरे मामले में गिरफ्तार किया है. 
अब पूछताछ के आधार पर जो बातें सामने आ रही हैं, उसी को आगे बढ़ाते हुए एनसीबी इस मामले में आगे बढ़ रही है. बीते दिनों ही एनसीबी की टीम ने सुशांत सिंह के फॉर्म हाउस का दौरा किया था, जहां से नशा करने वाला काफी सामान मिला था. इसके अलावा जांच में एक आयलैंड का नाम सामने आया था, जहां सुशांत और उसके दोस्त जाकर ड्रग्स पार्टी करते थे. 

गौरतलब है कि इस पूरे मामले में एनसीबी पूछताछ कर रही है, बीते दिनों ही सुशांत सिंह की पूर्व मैनेजर को दफ्तर बुलाकर घंटों तक पूछताछ की गई. इसके अलावा जिस टापू पर सुशांत और उसके दोस्त जाते थे, वहां के बोटमैन और अन्य स्टाफ से भी एजेंसी ने सवाल-जवाब किए.

 

'उच्च न्यायालयाने कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट अर्थात न्यायालय अवमान कायद्याची व्याप्ती वाढवावी आणि गुन्ह्यांच्या प्रकरणांत प्रत्यक्षात न्याय होईपर्यंत तपासावर परिणाम करणारी कृती करणाऱ्यांना त्याच्या परिघात आणावे', अशा विनंतीची नवी जनहित याचिका अभिनेता सुशांतसिंह राजपूत मृत्यू प्रकरणाच्या निमित्ताने मुंबई उच्च न्यायालयात करण्यात आली आहे. न्यायालयाने त्याची दखल घेत केंद्र सरकार व विधी आयोगाला नोटीस काढून ८ ऑक्टोबरला म्हणणे मांडण्याचे निर्देश मंगळवारी दिले.

'इन पर्स्यू ऑफ जस्टिस' या संस्थेने अॅड. नीला गोखले व अॅड. योगिनी उगाळे यांच्यामार्फत ही जनहित याचिका केली आहे. यापूर्वी 'सुशांतच्या मृत्यूच्या तपासासंदर्भात विविध वृत्तवाहिन्यांकडून चुकीच्या बातम्या प्रसारित केल्या जात असून, स्वत:च खटला चालवत असल्याप्रमाणे (मीडिया ट्रायल) त्या वागत आहेत', असे निदर्शनास आणणाऱ्या दोन जनहित याचिका करण्यात आल्या आहेत. त्यात महाराष्ट्र पोलिस दलातील आठ माजी आयपीएस अधिकाऱ्यांच्या याचिकेचाही समावेश आहे. या प्रकरणात मुंबई पोलिस दलाला जाणीवपूर्वक बदनाम करणाऱ्या बातम्या प्रसारित केल्या जात असल्याचा आरोप त्या याचिकेत करण्यात आला आहे.

हिंदी सिनेसृष्टीचा लौकिक जागतिक स्तरावर आहे. हॉलिवूडच्या बरोबरीने बॉलिवूडचे नाव घेतले जाते. पण उद्योगात जसे टाटा, बिर्ला, नारायण मूर्ती आहेत, तसे नीरव मोदी, मल्ल्याही आहेत. बॉलिवूडचंही तसंच आहे,' अशा शब्दांत शिवसेनेनं बॉलिवूडला बदनाम करणाऱ्या मंडळींना झोडपून काढलं आहे.

सुशांतसिंह राजपूतच्या निमित्तानं बॉलिवूडमधील ड्रग्ज कनेक्शन सध्या चर्चेत आहे. बॉलिवूडमधील काही मोजकी मंडळी सरसकट सर्वांवर आरोप करत सुटली आहेत. याविरोधात खासदार जया बच्चन यांनी काल राज्यसभेत आवाज उठवला व बॉलिवूडला बदनाम करणाऱ्यांवर सडकून टीका केली. शिवसेनेचे मुखपत्र 'सामना'च्या अग्रलेखातून शिवसेनेनं जया बच्चन यांची पाठराखण करताना सत्ताधाऱ्यांच्या तालावर नाचणाऱ्या काही कलाकारांवर टीकेची झोड उठवली आहे. तसंच, पडद्यावर सुपरहिरोच्या भूमिका साकारणाऱ्या पण प्रत्यक्षात महत्त्वाच्या मुद्द्यांवर मूग गिळून बसणाऱ्या कलाकारांवरही निशाणा साधला आहे

कांदा निर्यातीवर बंदी लादण्याच्या मोदी सरकारच्या अनपेक्षित निर्णयाचे तीव्र पडसाद देशभरात उमटत आहेत. शेतकरी संघटनांसह विरोधकांनी या निर्णयाविरोधात आंदोलनाची हाक दिली असताना आता सत्ताधारी पक्षाचे लोकप्रतिनिधीही त्या विरोधात बोलू लागले आहेत. भाजपचे राज्यसभेचे खासदार उदयनराजे भोसले यांनी केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल यांना पत्र लिहिलं असून हा निर्णय शेतकऱ्यांना उद्ध्वस्त करणारा असल्याचं म्हटलं आहे.

'केंद्रीय ग्राहक संरक्षण मंत्रालयाने सरकारला दिलेला कांदा निर्यातबंदीचा प्रस्ताव हा करोनाच्या संकटकाळात कांदा उत्पादक शेतकऱ्यांना धक्कादायक आहे. बाजारातील कांद्याच्या वाढत्या किमतींच्या आधारावर केंद्र सरकारने केलेली निर्यात बंदी ही शेतकऱ्याना उद्ध्वस्त करणारी आहे. केंद्र सरकारने हा निर्णय तात्काळ मागे घेऊन शेतकऱ्याना दिलासा द्यावा,' अशी मागणी उदयनराजे यांनी केली आहे.

'कांदा उत्पादक शेतकरी हा गरीब आहे. करोना काळात संपूर्ण देशाला सावरण्याचं काम शेतकऱ्यांनी केलं आहे. देशाला अन्नधान्य व भाजीपाल्याची कमतरता भासू दिली नाही. आज जगभर कांद्याला मोठी मागणी आहे. अशा वेळी निर्यातबंदीमुळं शेतकऱ्यांचं मोठं नुकसान होत आहे. हजारो टन कांदा निर्यातीसाठी पडून आहे. जेव्हा भाव कोसळतात तेव्हा कांदा फेकून द्यावा लागतो. आज चांगला भाव मिळत असताना निर्यातबंदीचा निर्णय घेणे चुकीचं आहे,' हे उदयनराजे यांनी निदर्शनास आणून दिलं आहे.

करोना संसर्गानंतर निर्माण झालेले गैरसमज आणि पसरलेल्या अफवांमुळे कुक्कुटपालन व्यवसाय कोलमडला होता. अनेक व्यावसायिक कर्जबाजारी झाले, तर अनेकांना मागणीअभावी अंडी आणि कोंबड्या फेकून द्याव्या लागल्या. मात्र आता प्रतिकारशक्ती वाढवण्यासाठी अंडी, चिकन खाण्याचा सल्ला आरोग्य यंत्रणांकडून मिळत असल्याने कुक्कूटपालन व्यवसाय पुन्हा तेजीत आला आहे. अंड्याचे दर प्रति नग सात रुपयांपर्यंत तर चिकनचे दर प्रति किलो २०० ते २५० रुपयांपर्यंत गेल्याने या व्यवसायाला अच्छे दिन आले आहेत.

ग्रामीण भागात शेतीपूरक व स्वयंरोजगाराचे साधन असलेला कुक्कूटपालन व्यवसाय लाखो लोकांच्या रोजीरोटीचे साधन आहे. २००६ मध्ये आलेल्या बर्ड फ्लूच्या साथीनंतर यंदा या व्यवसायाला करोना संसर्गाचा मोठा फटका बसला. चिकनमधून संसर्ग होत असल्याच्या अफवा सोशल मीडियातून व्हायरल झाल्यामुळे जानेवारी महिन्यापासूनच चिकन आणि अंड्यांची मागणी कमी झाली. मागणीअभावी दर कोसळले. २५ मार्चपासून देशभर सुरू झालेल्या लॉकडाउनमुळे कुक्कूटपालन व्यवसाय उद्ध्वस्त झाला. वाहतूक बंदी आणि जिल्हा बंदीमुळे कोंबड्यांना खाद्य पोहोचू शकले नाही. अंडी आणि कोंबड्यांची वाहतूक थांबली. हॉटेल्स, मॉल, बाजार बंद झले, तर यात्रा, जत्रा रद्द झाल्याने अंडी आणि कोंबड्यांची मागणी ठप्प झली.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर एक कार्टून शेयर करने के बाद नेवी के रिटायर्ड ऑफिसर मदन शर्मा की शिवसैनिकों द्वारा पिटाई किए जाने से घिरी महाराष्ट्र सरकार ने इसी तरह के चार साल पुराने मामले में बीजेपी सांसद उन्मेश पाटिल के खिलाफ पुलिस जांच का आदेश दिया है। उस समय विधायक रहे उन्मेश पाटिल और उनके समर्थकों पर पूर्व सैन्यकर्मी सोनू महाजन के साथ वर्ष 2016 में मारपीट करने का आरोप लगा था।

मंगलवार को महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने 2016 में मारपीट के एक मामले में जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें 2016 में भारतीय जनता पार्टी के विधायक उन्मेश पाटिल पर रिटायर्ड सैन्यकर्मी सोनू महाजन के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था, जिसकी अब जांच की जाएगी। 

राज्य के गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता अनिल देशमुख ने ट्वीट किया, '2016 में तत्कालीन भाजपा विधायक और अभी के सांसद उन्मेश पाटिल और उनके लोगों ने पूर्व सैनिक सोनू महाजन पर हमला किया था। तत्कालीन भाजपा सरकार ने महाजन को न्याय नहीं दिया। इस संबंध में मुझे मिले कई आवदन मिले हैं और पुलिस को इस संबंध में जांच करने का आदेश दिया गया है।'

उन्होंने एक और ट्वीट में कहा, 'यह अपराध 2016 में हुआ था।  लेकिन तब भाजपा की सरकार थी, इसलिए उन्मेश पाटिल के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 2019 में एक प्राथमिकी दर्ज की गई। लेकिन आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।'

महाराष्ट्र सरकार की इस कार्रवाई को बीजेपी ने बदले की कार्रवाई बताया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा, 'वे किसी भी मामले को खोल सकते हैं और इसकी जांच करवा सकते हैं क्योंकि यह उनका अधिकार है। मगर 2016 की घटना के बाद ये लोग चुप क्यों थे? भंडारी ने आरोप लगाया कि समस्या यह है कि राज्य सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है और इसलिए अब प्रतिशोध की राजनीति में लिप्त हो गई है।

कोविड-१९ उपचारांत रुग्णांसाठी अत्यावश्यक अशा ऑक्सिजनची वाहतूक करणाऱ्या वाहनांना रुग्णवाहिकेचा दर्जा देण्याचे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी निर्देश दिले होते. त्यानुसार या वाहनांना रुग्णवाहिकेसारखा दर्जा देण्याची अधिसूचना गृह विभागाने सोमवारी जारी केली आहे. त्यामुळे आता वैद्यकीय ऑक्सिजनची वाहतूक करणाऱ्या या वाहनांवर सायरन असणार तसेच या वाहनांची वाहतूक रोखता येणार नाही. ( Coronavirus In Maharashtra Latest News )

राज्यात ऑक्सिजन अभावी आतापर्यंत अनेक करोना बाधित रुग्णांना प्राणास मुकावे लागले आहे. ही बाब गांंभीर्याने घेत सरकारने ठोस पावले टाकली आहेत. त्याचाच भाग म्हणून करोना बाधित रुग्णांवर वेळेत उपचार करण्यासाठी रुग्णालयांमध्ये ऑक्सिजन वायूचा पुरवठा सहजपणे उपलब्ध व्हावा यासाठी आपत्ती व्यवस्थापन अधिनियम आणि साथ रोग अधिनियमाच्या विविध कलमांन्वये या वाहनांना रुग्णवाहिकेचा दर्जा देण्यात आला आहे. त्यानुसार आपत्ती काळात पुढील एक वर्षासाठी वैद्यकीय कारणास्तव वापरल्या जाणाऱ्या ऑक्सिजन वायूची वाहतूक करणाऱ्या वाहनांना रुग्णवाहिका समकक्ष वाहन तसेच आपत्ती व्यवस्थापन कर्तव्यार्थ वाहन म्हणून समजण्यात येणार आहे. अशा वाहनांना केंद्रीय मोटार वाहन नियम लागू करण्यात येत आहे, असे गृह विभागाने काढलेल्या अधिसूचनेत नमूद करण्यात आले आहे.

मुंबई: एका व्यक्तीची हत्या करून त्याचा मृतदेह भिवंडी येथील जंगलात पुरल्याचा धक्कादायक प्रकार नागपाडा पोलिसांनी उघडकीस आणला आहे. या प्रकरणी दोन तरुणांना अटक करण्यात आली असून समलैंगिक संबंधातून ही हत्या केल्याचे म्हटले जात आहे. अटक करण्यात आलेले आरोपी रेल्वे आणि प्राप्तिकर खात्यामध्ये नोकरीला आहेत.

मुंबई महापालिकेत वरिष्ठ पदावर कार्यरत असलेला ४५ वर्षीय व्यक्ती हरवला असल्याची तक्रार त्याच्या कुटुंबीयांनी २८ ऑगस्ट रोजी नागपाडा पोलिस ठाण्यात केली. पालिकेत चांगल्या पदावर काम करणारा व्यक्ती अचानक घरातून गायब झाल्याने आणि दोन दिवस घरी परतला नसल्याने नागपाडा पोलिस ठाण्याचे पोलिस निरीक्षक सतीश कदम, दुष्यन्त चव्हाण यांच्या मार्गदर्शनाखाली सहायक निरीक्षक संदेश मांजरेकर, उपनिरीक्षक एकनाथ देसाई, बी. डी. जाधव, अनिल शिंदे यांच्या पथकाने शोध सुरू केला. तपासादरम्यान या व्यक्तीचा मोबाइल बंद येत होता. बँकेच्या व्यवहारावरही लक्ष ठेवले असता त्यातूनही काही व्यवहार होत नसल्याचे लक्षात आले. घरात पत्नीशी उडणाऱ्या खटक्यांमुळे ही व्यक्ती घराबाहेर पडल्याचा अंदाज बांधला जात होता. मात्र मोबाइल तसेच इतरही व्यवहार बंद असल्याचे आढळल्याने पोलिसांनी आणखी खोलवर जाऊन तपास सुरू केला. या व्यक्तीचे कॉल रेकॉर्ड तपासले असताना तो हरवण्यापूर्वी संपर्कात असलेल्या व्यक्तीचे नंबर पोलिसांना मिळाले. या नंबरवरून एलफिन्स्टन परिसरात राहणाऱ्या दोन तरुणांना पोलिसांनी ताब्यात घेतले.

निवृत्त नौदल अधिकारी मदन शर्मा यांना शिवसैनिकांनी केलेल्या मारहाणीवरून भाजपनं राज्यातील महाविकास आघाडी सरकारवर टीका सुरूच ठेवली आहे. पोलिसांनी केलेल्या कारवाईचा दाखला देत भाजपचे आमदार अॅड. आशिष शेलार यांनी राज्यातील सरकारला ईस्ट इंडिया कंपनी म्हणून हिणवले आहे.

कंगना राणावत हिनं मुंबईची तुलना पाकव्याप्त काश्मीरशी केल्यानंतर राज्यात राजकीय वाद निर्माण झाला होता. शिवसेनेनं कंगना राणावत हिच्या विरोधात आघाडी उघडली होती. कंगना व तिचे समर्थकही ठाकरे सरकारवर टीका करत होते. त्याच दरम्यान निवृत्त नौदल अधिकारी मदन शर्मा यांनी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांच्याबद्दलचे एक व्यंगचित्र सोशल मीडियात शेअर केले. त्यामुळं संतापलेल्या शिवसैनिकांनी मदन शर्मा यांना गाठून मारहाण केली होती. माजी सैनिकाला झालेल्या मारहाणाची हा मुद्दा उचलत विरोधी पक्ष भाजपनं महाविकास आघाडी सरकारवर टीका केली होती. त्यानंतर शिवसैनिकांवर गुन्हा दाखल झाला होता. मात्र, पोलिसांनी शिवसैनिकांना ताब्यात घेऊन लगेचच जामिनावर सोडून दिले.

हिन्दीभाषी नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी आर.एन. यादव को रायगड़ एनसीपी का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. रायगड़ के जिलाध्यक्ष सतीश पाटिल ने आर.एन. यादव को नियुक्ति पत्र सौपते हुए बधाई दी.इस अवसर पर सुरदास गोवारी, किशोर देवधेकर, कृष्णा मर्धेकर, शिवदास कांबले खास तौर पर मौजूद थे.  

बता दें कि यादव एनसीपी के कद्दावर मंत्री नवाब मलिक के बेहद करीबी और उनके सहयोगी रहे हैं. वर्ष 2001 में पहली बार उन्हें कल्याण क्षेत्र का उपाध्यक्ष बनाया गया था तबसे लगातार विभिन्न पदों पर रहते हुए वे राष्ट्रवादी कांग्रेस को मजबूती देने में जुटे हुए हैं. बीते लोकसभा चुनाव में मावल से खड़े एनसीपी प्रत्याशी पार्थ पवार के लिए आर.एन. यादव ने खूब जोर लगाया था. जिले को हिन्दीभाषियों को एकजुट करने और राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ जोड़ने में भी वे सफल रहे. उनकी सक्रियता और संगठन के लिए समर्पण भाव को देखते हुए ही उन्हें रायगड़ एऩसीपी का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

 तमाम संगठनों ने दी बधाई: अपनी नियुक्ति पर आर.एन. यादव ने कहा कि वे पार्टी की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए संगठन को मजबूत करने और अधिकाधिक हिन्दीभाषियों को एनसीपी से जोड़ने के लिए प्रयत्न करेंगे. आर.एन. यादव को तमाम संगठनों और हिन्दीभाषियों ने बधाईयां दी हैं.  

खानदेश्वर रेलवे स्टेशन के पास एक 17 साल के लड़के के पास से मोबाइल छीनने वाले 2 लुटेरों को कामोठे पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जिनके पास से पुलिस ने लूट के दौरान इस्तेमाल की गई वैगनआर कार को बरामद किया है. इन दोनों के खिलाफ पुलिस ने जबरन लूट करने का मामला दर्ज किया है.

 कामोठे पुलिस स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार खांदा कॉलोनी में रहने वाले एक 17 साल के युवक के हाथ से मोबाइल छीनकर 2 लुटेरे फरार हो गए थे. जिसकी शिकायत लड़के ने पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी. मोबाइल की कीमत 18 हजार रुपए बताई गई थी. इस मामले की छानबीन करने के लिए नवी मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की यूनिट- 2 को जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

 खबरी से मिली गुप्त जानकारी

नाबालिग लड़की व लड़कों के साथ लूटपाट करने वाले दोनों लुटेरों के कलंबोली उड़ान पुल के पास होने की गुप्त जानकारी खबरी ने पुलिस को दिया था. जिसके आधार पर सहायक पुलिस निरीक्षक शरद ढोले अपने दस्ते के साथ जल बिछाकर इन दोनों लुटेरों को गिरफ्तार किया है. नाबालिक बच्चों को शिकार बनाने वाले इन लुटेरों का नाम राजू राजेश्वर सोनी व अशोक लक्ष्मण गाढेकर है. इन दोनों ने इस तरह की कई घटनाओं को अंजाम देने का अपराध पूछताछ के दौरान कबूल किया है.

मुंबई के सेशन कोर्ट ने दिल्ली के एक वकील को अंतरिम जमानत दे दी है. एक महिला वकील ने दिल्ली के इस वकील पर शादी के नाम पर रेप करने का आरोप लगाया था. रेप के आरोपी दिल्ली के वकील कुणाल धमीजिया ने बताया कि मई 2018 में महिला ने उन्हें सोशल मीडिया साइट पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी. फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार करने के बाद दोनों ने 'ओपन रिलेशनशिप' पर बात करना शुरू किया.

धमीजिया का दावा है कि लड़की के कहने पर ही वह ओपन रिलेशनशिप के लिए तैयार हुए थे. फिर बाद में दोनों अपने रिश्ते को लेकर गंभीर हो गए. उनका दावा है कि दोस्तों के साथ दोनों लोगों ने नवंबर 2018 में राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर की यात्रा भी की. इसके अलाव वे लोग दिसंबर 2018 में अरुणाचल प्रदेश में तवांग और मार्च 2019 में गोवा घूमने भी गए थे.  

धमीजिया ने बताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों होटल के एक कमरे में ही रुके, जिसे लड़की ने ही बुक किया था. धमीजिया ने कहा कि इन यात्राओं के दौरान उनके बीच सहमति से शारीरिक संबंध बने थे और उन्होंने शादी का झूठा दिखावा नहीं किया था. धमीजिया के वकील तनवीर निजाम ने कहा, "लड़की का इरादा हमेशा ओपन रिलेशनशिप को लेकर रहा और वह जानती थी कि मेरा मुवक्किल अपना धर्म नहीं बदलने वाला है."

धमीजिया का कहना है कि हमने 'ओपन रिलेशनशिप' की शुरुआत में लड़की को बताया था कि हम कभी शादी नहीं कर पाएंगे क्योंकि दोनों अलग समुदाय से हैं. स्थिति से अवगत होने के बावजूद दोनों को अपने-अपने परिवारों को समझाना मुश्किल होगा. लड़की स्वेच्छा से ओपन रिलेशनशिप को तैयार थी.

धमीजिया ने आरोप लगाया कि मार्च 2019 में गोवा की अपनी अंतिम यात्रा के दौरान लड़की ने लड़के को इस्लाम में परिवर्तित करने और उसे शादी करने के लिए मनाने का प्रयास किया. धमीजिया ने कहा कि उन्होंने इसके लिए विनम्रता से मना कर दिया था. बाद में दोनों ने बातचीत करना बंद कर दिया. धमीजिया ने बाद में दूसरी लड़की से शादी कर ली. इसके बाद उस लड़की ने धमीजिया पर शादी का झांसा देकर रेप का केस दर्ज कराया था.

महाराष्ट्रातील कायदा-सुव्यवस्थेबाबत चिंता व्यक्त करत राष्ट्रपती राजवट लावण्याची मागणी करणारे बिहारमधील लोकजनशक्ती पक्षाचे नेते चिराग पासवान यांचा राष्ट्रवादी काँग्रेसचे आमदार रोहित पवार यांनी खरपूस शब्दांत समाचार घेतला आहे. 'सुशांतसिंहच्या मृत्यूचा वापर करून स्वत:चं राजकीय करियर करू पाहणाऱ्या अभिनेत्रीच्या सुरात सूर मिसळून महाराष्ट्राच्या विरोधात बोलणं सोपं आहे, पण बिहारच्या मूलभूत समस्यांची जबाबदारी घेऊन तिथं सुधारणा करणं कठीण आहे,' असा टोला रोहित पवारांनी हाणला आहे.

फेसबुकवर सविस्तर पोस्ट लिहून रोहित पवार यांनी चिराग पासवान यांना झापलं आहे. 'कायदा व सुव्यवस्थेची आपल्याला इतकीच चिंता वाटते तर २०१८ मुझफ्फरपूर येथील शेल्टर होममध्ये लहान मुलांवर झालेल्या अत्याचाराबद्दल तुम्ही का बोलला नाही? नितीशकुमार यांच्या राजीनाम्याची मागणी का केली नाही?,' असा सवाल रोहित पवारांनी केला आहे.

नॅशनल क्राइम रेकॉर्ड ब्यूरोच्या माहितीनुसार, बिहारची राजधानी पाटणा खुनांच्या गुन्ह्याच्या बाबतीत देशातील १९ मोठ्या शहरांमध्ये अव्वल आहे. हुंडाबळीच्या गुन्ह्यातील पाटणा पहिल्या क्रमांकावर आहे. २०१८ मध्ये राजेंद्र सिंह यांच्यासारख्या पाच आरटीआय कार्यकर्त्यांचा दिवसाढवळ्या खून झाला. अनेक पत्रकारांचे खून झाले. भूमाफियांकडून लोकांना मारणं, घरं जाळण्यासारख्या घटना बिहारमध्ये अगदीच किरकोळ झाल्या आहेत. १५ वर्षांत अर्ध्या डझनाहून अधिक अधिकाऱ्यांचे खून झालेत. मग सामान्य जनतेचे काय हाल होत असतील याची कल्पना करता येऊ शकते. हे सगळं घडत असतानाही तुमचा पक्ष सत्ताधारी आघाडीमध्ये सहभागी कसा?,' याबद्दल रोहित पवारांनी आश्चर्य व्यक्त केलं आहे.

‘बिहार निवडणुकीत आपल्या पक्षाला फायदा होण्यासाठीच भाजपच्या नेत्यांकडून महाराष्ट्राला दूषणे दिली जात आहेत. विरोधकांचा 'पॅटर्न' सर्वांच्या लक्षात आलेला आहे. पीडितांच्या खांद्यावर बंदूक ठेवून राज्य सरकारवर गोळ्या चालवण्याचे काम विरोधकांनी बंद करावे, महाराष्ट्रात त्यांचा हा 'पॅटर्न' कधीच यशस्वी होणार नाही,’ असा टोला राष्ट्रवादीचे कर्जत-जामखेडचे आमदार रोहित पवार यांनी लागावला आहे.

भाजपने बिहारच्या निवडणूक प्रचारासाठी महाराष्ट्राचे विरोधीपक्ष नेते देवेंद्र फडणवीस यांची नियुक्ती केल्यापासून महाराष्ट्रातील घडामोडी आणि राजकारणाची बिहारमध्ये चर्चा सुरू झाल्याचा आरोप होऊ लागला आहे. राष्ट्रवादीकडून आमदार रोहित पवार यांनी अनेकदा यावर भाष्य केले आहे. आज पुन्हा एकदा पवार यांनी राज्यातील काही घटनांचा आढावा घेत भाजपवर आरोप केला आहे. पवार यांनी म्हटले आहे की, ‘बिहार निवडणूक जवळ येताच महाष्ट्राची बदनामी करण्याचे कारस्थान सुरू झाले. आपले विरोधी पक्षनेते सुद्धा बिहारमध्ये जाऊन महाराष्ट्रात राष्ट्रपती राजवट लागू करा अशी मागणी करत आहेत. याआधी देखील राजकारणासाठी 'कुठे नेऊन ठेवला आहे महाराष्ट्र माझा', 'माझे अंगण,माझे रणांगण' यासारखी राज्याचा अपमान करणारी आंदोलने भाजपने केलेली आहेत. त्यामुळे आता देखील बिहार निवडणुकीत आपल्या पक्षाला फायदा होण्यासाठीच महाराष्ट्राला दूषणे दिली जात आहेत अस दिसतंय, परंतु आपली जनता सूज्ञ आहे, विरोधकांचा 'पॅटर्न' सर्वांच्या लक्षात आलेला आहे. पीडितांच्या खांद्यावर बंदूक ठेवून राज्य सरकारवर गोळ्या चालवण्याचं काम विरोधकांनी बंद करावे. महाराष्ट्रात त्यांचा हा 'पॅटर्न' कधीच यशस्वी होणार नाही.’

'कंगना राणावत या नटीने मुंबईबद्दल केलेल्या अपमानास्पद वक्तव्याबद्दल किमान अर्ध्या हिंदी सिनेसृष्टीनं बोलायला हवं होतं. कंगनाचं मत संपूर्ण सिनेसृष्टीचं नाही हे सांगायला हवं होतं. किमान अक्षय कुमार सारख्या मोठ्या कलावंतांनी समोर यायला हवं होतं. मुंबईनं त्यांनीही दिलं आहे,' असं परखड मत शिवसेनेचे खासदार संजय राऊत यांनी व्यक्त केलं आहे.

सामनातील लेखात संजय राऊत यांनी कंगना राऊत हिनं मुंबईबद्दल केलेलं वक्तव्य व त्यानंतरच्या एकूण घडामोडींवर भाष्य केलं आहे. मुंबईबद्दल कोणी बोलल्यास त्यावर प्रतिक्रिया देण्याचा मराठी माणसाला हक्कच आहे, असं त्यांनी ठणकावलं आहे. हिंदी सिनेसृष्टीतील अनेक मोठ्या कलावंतांनी बाळगलेल्या मौनाबद्दल त्यांनी नाराजी व्यक्त केली आहे. 'संपूर्ण नव्हे, निदान अर्ध्या हिंदी सिनेसृष्टीने तरी मुंबईच्या अवमानासंदर्भात व्यक्त व्हायलाच हवे होते. कंगनाचे मत हे संपूर्ण सिनेसृष्टीचे मत नाही, असे सांगायला हवे होते. निदान अक्षय कुमार वगैरे मोठय़ा कलावंतांनी तरी समोर यायला हवे होते. मुंबईने त्यांनाही दिलेच आहे. मुंबईने प्रत्येकाला दिले आहे. पण मुंबईबाबत कृतज्ञता व्यक्त करताना अनेकांना यातना होतात,' असा संताप त्यांनी व्यक्त केला आहे.

मराठा आरक्षणावरून माजी सरकारी वकिलांनी केलेल्या आरोपाचे महाराष्ट्राचे महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी यांनी स्पष्ट शब्दांत खंडन केलं आहे. देवेंद्र फडणवीस सरकारनं सांगितल्यामुळंच मी मराठा आरक्षणाच्या प्रकरणात न्यायालयात युक्तिवाद केला नाही,' असा खुलासा कुंभकोणी यांनी केला आहे.

मराठा समाजाच्या आरक्षणाला स्थगिती देण्याचा अंतरिम आदेश सर्वोच्च न्यायालयानं नुकताच दिला आहे. अंतिम निर्णयासाठी हे प्रकरण घटनापीठाकडे सोपवण्यात आलं आहे. त्यावरून महाराष्ट्रात राजकीय आरोप-प्रत्यारोप सुरू आहेत. त्यातच महाराष्ट्र सरकारचे माजी वकील निशांत कटनेश्वरकर यांनी सोशल मीडियात एक व्हिडिओ शेअर करून वेगळाच मुद्दा मांडला होता. महाराष्ट्राचे महाधिवक्ता आशुतोश कुंभकोणी हे आरक्षणाच्या प्रकरणात युक्तिवाद करण्यासाठी एकदाही उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालयात गेले नाहीत. महाधिवक्ता म्हणून या प्रकरणात युक्तिवाद करणं त्यांचं कर्तव्य होतं. मात्र, त्यांनी तसं केलं नाही. त्यामुळं आजच्या निर्णयाला तेही जबाबदार आहेत,' असं कटनेश्वरकर यांनी म्हटलं होतं.

मुंबईसाठी मराठी माणसांनी एक होण्याची वेळ आली आहे असं आवाहन करणारे व राज ठाकरे यांनाही साद घालणारे शिवसेनेचे खासदार संजय राऊत यांना मनसेनं उत्तर दिलं आहे. मनसेचे सरचिटणीस संदीप देशपांडे यांनी महाभारतातील एक प्रसंग सांगून राऊतांना टोला हाणला आहे.

'ठाकरे आणि पवार हे महाराष्ट्राच्या स्वाभिमानाचे ब्रॅण्ड आहेत. राज ठाकरे हे सुद्धा ठाकरे ‘ब्रॅण्ड’चे एक घटक आहेत व मुंबईवरून सध्या सुरू असलेल्या राजकारणाचा फटका भविष्यात त्यांनाही बसणार आहे. शिवसेनेबरोबर त्यांचे मतभेद असू शकतात, पण शेवटी महाराष्ट्रात ‘ठाकरे’ ब्रॅण्डचा जोर असायला हवा. ज्या दिवशी ‘ठाकरे’ ब्रॅण्डचे पतन होईल त्या दिवसापासून मुंबईचे पतन व्हायला सुरुवात होईल,' असं म्हणत राऊत यांनी 'सामना'तील लेखातून राज ठाकरे यांनाही साद घातली आहे.

संदीप देशपांडे यांनी त्यावर प्रतिक्रिया दिली आहे. शिवसेनेच्या आवाहनावर काय बोलायचं ते आमचे पक्षाध्यक्ष बोलतील, असं सांगून देशपांडे यांनी भूतकाळातील काही गोष्टींची आठवण करून देत शिवसेनेवर हल्ला चढवला आहे. '२००८ साली जेव्हा आम्ही परप्रांतीयांच्या विरोधात लढा देत होतो, तेव्हा संसदेत शिवसेनेचे खासदार गप्प होते. एकही खासदार तेव्हा मनसेच्या बाजूने बोलला नाही. पाकिस्तानी कलाकारांना हाकलून द्या अशी भूमिका घेऊन आम्ही आंदोलन करत असताना शिवसेना गप्प होती. रातोरात मुंबई महापालिकेतील आमचे सहा नगरसेवक चोरले. २०१७ आणि २०१४ साली आम्ही बाहेरच्या लोकांविरुद्ध लढत होतो, तेव्हा राज साहेबांनी शिवसेना साद घातली, पण शिवसेना गप्प राहिली होती, हे देशपांडे यांनी निदर्शनास आणून दिलं.

मुंबई पोलिस आणि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांच्या विरोधात आक्षेपार्ह वक्तव्य केल्याने अभिनेत्री कंगना राणावत विरोधात शनिवारी मिरजेत शिवसैनिकांनी आंदोलन केले. कंगना राणावतच्या प्रतिमेची गाढवावरून धिंड काढत तिच्या प्रतिमेचे दहन करण्यात आले. महाराष्ट्राची अस्मिता आणि पोलिसांबद्दल अपशब्द वापरणाऱ्यांची गय केली जाणार नाही, असा इशाराही शिवसेनेच्या वतीने देण्यात आला. ( Shiv Sena Protests In Sangli Against Kangana Ranaut )

सुशांतसिंह राजपूतच्या आत्महत्येनंतर अभिनेत्री कंगना राणावतने बॉलिवूडमधील ड्रग्स कनेक्शनच्या चौकशीची मागणी केली होती. यावेळी तिने मुंबई पोलीस आणि मुंबईबद्दल अपशब्द वापरले. यावरून शिवसेना आणि कंगनामध्ये सामना रंगला. शिवसेना खासदार संजय राऊत यांनी कंगनावर जोरदार पलटवार केला. त्यानंतर मुंबई महानगरपालिकेने कंंगनाच्या कार्यालयातील अनधिकृत बांधकामावर कारवाईचा बडगा उगारताच हा वाद न्यायालयात जाऊन पोहोचला आहे. दरम्यान, कंगनाकडून वारंवार शिवसेनेला डिवचण्याचे प्रयत्न सुरू असल्याने राज्यभर तिच्या विरोधात शिवसैनिकांकडून राग व्यक्त होत आहे.

कोरोना को लेकर लोगों में बढ़ती लापरवाही और बेलगाम होते केसों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने सावधान किया है। पीएम मोदी ने लोगों से बचाव के लिए पूरी सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि जब तक इसकी दवाई नहीं आ जाती है ढिलाई नहीं बरतें। पीएम मोदी ने कहा, ''जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।''

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में 12,000 गांवों में निर्मित 1.75 लाख आवासों का लोकार्पण कर 1.75 लाख परिवारों को गृह प्रवेश कराया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने लाभार्थियों से बात की। लोगों से कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करने की अपील करते हुए पीएम ने कहा, ''जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं, दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी।''

गौरतलब है कि 24 घंटे में देश में कोविड-19 के 97,570 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद शनिवार को कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 46 लाख के पार हो गई। वहीं इस संक्रमण से अब तक 36,24,196 लोग ठीक हो चुके हैं और देश में स्वस्थ होने की दर 77.77 फीसदी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 46,59,984 हो गई। वहीं पिछले 24 घंटे में 1,201 और संक्रमितों की मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 77,472 हो गई।

लॉकडाउन खत्म होने के बाद देश में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ने लगे और इस समय दुनिया में सर्वाधिक नए केस भारत में ही सामने आ रहे हैं। कुल संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत अब ब्राजील से भी आगे निकल गया है और अमेरिका से भी अंतर घट रहा है।

चीन ने कहा है कि उसने अमेरिका के आंतरिक मामलों में कभी हस्तक्षेप नहीं  किया है और अमेरिका को भी ऐसा नहीं करना चाहिए। चीनी के विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार को रूसी विदेश मंत्री सगेर्ई लावरोव के साथ वातार् के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन ने अन्य देशों के आंतरिक मामलों में कभी हस्तक्षेप नहीं किया है और निश्चित रूप से उसने अमेरिका के आंतरिक मामलों में कभी दखल नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि यह चीन की कूटनीतिक परंपरा और मामलों को संभालने का अपना तरीका है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंधों का मूलभूत सिद्धांत भी है।

वांग ने कहा कि अब समय आ गया है कि चीन अमेरिका से अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए कहे। विदेश मंत्री ने कहा कि चीन की शीर्ष विधायिका नेशनल पीपुल्स कांग्रेस ने कभी भी अमेरिका के आंतरिक मामलों पर चर्चा नहीं की और न ही कोई विधेयक पेश किया, लेकिन अमेरिकी कांग्रेस चीन के आंतरिक मामलों पर लगातार विधेयक पेश कर रही है। अमेरिका इस मामले में बहुत आगे चला गया है।

वांग ने कहा कि अमेरिका में कुछ लोगों को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मानदंडों का पालन करते हुए पहले अपने मामलों का प्रबंधन करना चाहिए औरर अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करना चाहिए।

‘महाराष्ट्रात जे काही ऑक्सिजन उत्पादित करणारे प्लांट आहेत, त्या सर्वांच्या बाबतीत आम्ही महत्त्वाचा निर्णय घेतला आहे. यापूर्वी उत्पादन होणाऱ्या ऑक्सिजनपैकी ८० टक्के ऑक्सिजनचा पुरवठा हा अन्य उद्योगांना होत होता, तर करोना साथ येण्याआधी केवळ २० टक्केच ऑक्सिजनचा पुरवठा मेडिकलसाठी केला जात होता. आता मात्र त्यात बदल करण्यात आला आहे. एकूण ऑक्सिजन उत्पादनाच्या ८० टक्के पुरवठा आता मेडिकलसाठी व २० टक्के पुरवठा उद्योगांसाठी करावा, असे निश्चित करण्यात आले आहे. हे कायद्याने बंधनकारक करण्यात आले आहे. त्यामुळे महाराष्ट्रात करोना बाधित व अन्य रुग्णांना ऑक्सिजनचा तुटवडा भासणार नाही. ऑक्सिजनचा पुरवठा शंभर टक्के पुरेल,’ अशी माहिती आरोग्यमंत्री राजेश टोपे यांनी दिली. ( Rajesh Tope on Shortage of Oxygen in Maharashtra )

जालना येथे जात असताना टोपे हे काही वेळ नगरच्या शासकीय विश्रामगृहावर थांबले होते. यावेळी ते माध्यमांशी बोलत होते. ते पुढे म्हणाले, ‘ऑक्सिजनचे उत्पादन होणारी जी ठिकाणे आहेत, तेथून प्रत्येक जिल्ह्यात व्यवस्थित ऑक्सिजन पोहोच व्हावा, यासाठी एक ‘वॉर रूम’ तयार केली आहे. या ‘वॉर रुम’ साठी अन्न व औषध प्रशासन, आरोग्य विभाग व आरटीओ विभाग येथील अधिकारी नियुक्त केले आहेत. प्रत्येक जिल्ह्यातील मागणी व होणार पुरवठा यांचे निरिक्षण येथून केले जात असून त्याद्वारे व्यवस्थित पुरवठा केला जात आहे. तसेच प्रत्येक जिल्ह्यात जेथे ऑक्सिजन प्लांट आहेत, त्याठिकाणी एका अधिकाऱ्याची नियुक्ती केली आहे. या अधिकाऱ्याला केवळ संबंधित प्लांटमधून ऑक्सिजन उद्योगांना न जाता कुठल्याही परिस्थितीत हॉस्पिटलला गेला पाहिजे, त्यादृष्टीने बारकाईने लक्ष देण्याची जबाबदारी दिली आहे. त्यामुळे ऑक्सिजनचा तुटवडा येण्याचे कारण नाही,’ असेही टोपे यांनी स्पष्ट केले.

‘करोना बाधितांची संख्या वाढतेय, हा काळजी वाटणाराच विषय आहे. त्यात दुमत काहीच नाही. त्यामुळे याबाबत लोकांमध्ये प्रबोधन करून त्यांना शिक्षित करणे व सोशल डिस्टन्सिंग, मास्क वापरणे बंधनकारक करणे गरजेचे आहे. महाराष्ट्रात सार्वजनिक ठिकाणी जे मास्क वापरत नसतील, सोशल डिस्टन्सिंग पाळत नसतील, त्यांना कुठेतरी दंड लावावच लागेल. तशी परिस्थिती निर्माण झाली आहे,’ असे आरोग्यमंत्री राजेश टोपे यांनी स्पष्ट केले. ते नगरमध्ये बोलत होते. लॉकडाऊनवरही टोपे यांनी आपले स्पष्ट मत मांडले.

महाराष्ट्रातील करोना बाधितांचा आकडा हा आज दहा लाखांच्या पुढे गेला आहे. त्याबाबत टोपे यांना विचारले असता ते म्हणाले, ‘करोनाची संख्या ही दहा लाखांच्या पुढे गेली असली तरी त्यामध्ये साडेसात लाख हे लोक बरे होऊन घरी गेले आहेत. दहा लाखांचा आकडा हा लक्षात ठेवण्यापेक्षा अॅक्टिव्ह पेशंट किती आहेत, हे लक्षात घ्यावे. या अॅक्टिव्ह पेशंटमधील गंभीर हे तीन ते चार टक्के असतात. परंतु संख्या वाढतेय, हा काळजी वाटणाराच विषय आहे. त्यात दुमत काही नाही. यासाठी प्रबोधन करून लोकांना चांगले शिक्षित करणे व सोशल डिस्टन्सिंग, मास्क वापरणे बंधनकारक केले पाहिजे. तसेच महाराष्ट्रभरात सार्वजनिक ठिकाणी मास्कचा वापर न करणाऱ्यांना, सोशल डिस्टन्सिंग न पाळणाऱ्यांना कुठेतरी दंड लावावच लागेल. तशी परिस्थिती निर्माण झाली आहे. कारण जोपर्यंत लस निर्माण होत नाही, तोपर्यंत करोनासोबत जगायचे आहे. त्यादृष्टीकोनातून या गोष्टी महत्त्वाच्या आहेत,’ असेही टोपे यांनी सांगितले.

अमृता फडणवीस यांनी गैरव्यवहार केल्यास विरोधी पक्षनेते देवेंद्र फडणवीस यांच्या पदाचा गैरव्यवहार होतो का?, अशा शब्दांत भाजपचे ज्येष्ठ नेते एकनाथ खडसे यांनी फडणवीसांवर टीका केली होती. त्याला अमृता फडणवीस यांनी प्रत्युत्तर दिलं असून खडसेंना टोलाही लगावला आहे.

अमृता फडणवीस यांनी ट्विट करून एकनाथ खडसे यांना प्रत्युत्तर दिलं आहे. तुम्ही खात्री बाळगा एकनाथ खडसेजी, तुमच्या जीवनातून खूप काही शिकल्यामुळे मी अशी चूक करणार नाही. सर्वांचे भले होवो, असा टोला अमृता फडणवीस यांनी खडसे यांना लगावला आहे.

काय म्हणाले होते खडसे
गेल्या काही दिवसांपासून खडसे यांनी पुन्हा एकदा फडणवीसांवर टीका करण्यास सुरुवात केली आहे. एमआयडीसीची कथित जमीन माझ्या बायको आणि जावयाने घेतली, मी मंत्री असताना माझ्या कुटुंबाने व्यवहार करायचे नाहीत का? समजा अमृता फडणवीस यांनी एखादा व्यवहार केला, तर तो काय देवेंद्र फडणवीस यांनी केलेला पदाचा गैरवापर होतो का?, असा सवाल खडसे यांनी केला होता. त्याला अमृता फडणवीस यांनी हे उत्तर दिलं आहे.

मुंबई पाकव्याप्त कश्मीर आहे की नाही, हा वाद ज्यांनी निर्माण केला त्यांनाच तो लखलाभ ठरो. मुंबईच्या वाटेला वाद हे तसे पाचवीलाच पुजलेले आहेत. पण त्या सगळ्या वादमाफियांना भीक न घालता मुंबई महाराष्ट्राची राजधानी म्हणून मिरवत आहे, अशा शब्दांत शिवसेनेने पुन्हा एकदा मुंबईवर टीका करणाऱ्यांवर हल्ला चढवला आहे.

संयुक्त महाराष्ट्र लढ्याच्या अग्निपरीक्षेतून तावून सुलाखून मुंबई महाराष्ट्राच्या हाती पडली. याचे भान महाराष्ट्र दुश्मनांच्या जयजयकाराच्या घोषणा देणाऱ्यांनी ठेवलेच पाहिजे, अशी विरोधकांवर टीका करतानाच महाराष्ट्र ही संत महात्म्यांची, क्रांतिकारकांची भूमी आहे. स्वाभिमान व त्याग हे मुंबईचे दोन तेजस्वी अलंकार आहेत. औरंगजेबाचे थडगे औरंगाबादेत आणि अफझलखानाची कबरही सन्मानाने प्रतापगडाच्या पायथ्याशी बांधणारा हा विशाल हृदयाचा महाराष्ट्र आहे. त्या विशाल हृदयाच्या महाराष्ट्राच्या हाती छत्रपती शिवाजी महाराजांनी भवानी तलवार दिली. बाळासाहेब ठाकरे यांनी दुसऱ्या हातात स्वाभिमानाचा निखारा ठेवला. त्या निखाऱ्यावर राख साचली आहे, असे कुणास वाटत असेल तर त्यांनी फक्त एक फुंकर मारून पाहावे!, असा टोलाही शिवसेनेने लगावला आहे. शिवसेनेचं मुखपत्रं असलेल्या दैनिक 'सामना'च्या अग्रलेखातून ही टीका करण्यात आली आहे.

महाराष्ट्र के मुंबई से नागपुर तक रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए समय की 50 प्रतिशत तक की बचत होने की संभावना है। मुंबई और नागपुर के बीच 753 किलोमीटर हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर बन जाने के बाद यह संभव होगा। यह हाई स्पीड कॉरिडोक दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को 11.30 घंटे से घटाकर केवल 6 घंटे कर सकता है।

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) मुंबई - नासिक और नागपुर के बीच एक हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर के निर्माण के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगी। वर्तमान में, मुंबई और नागपुर के बीच सबसे छोटी रेलवे दूरी 11.30 घंटे है। दुरंतो एक्सप्रेस छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से रात 8.15 बजे रवाना होती है और सुबह 7.30 बजे नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंचती है।

एनएचएसआरसीएल ने कहा है कि ट्रेनों को 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा सकता है। एक वरिष्ठ NHSRCL अधिकारी ने कहा “मुंबई और अहमदाबाद के बीच ट्रेन की गति 320 किमी प्रति घंटा होगी। इसी तरह से मुंबई- नागपुर कॉरिडोर 753 किलोमीटर का होगा, डीपीआर तैयार होने के बाद इसकी सही गति और समय निर्धारित किया जाएगा लेकिन हमें यात्रा समय 50 प्रतिशत तक कम करने की उम्मीद है”।

डीपीआर तैयार करने के लिए, संगठन को मंगलवार को ओवरहेड, ओवरग्राउंड और भूमिगत उपयोगिताओं की पहचान करने के लिए एक सर्वेक्षण करने के लिए टेंडर मंगाया गया था। सर्वेक्षण में मुंबई-नासिक और नागपुर हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर के साथ सबस्टेशनों के लिए पावर सोर्सिंग विकल्पों की पहचान भी शामिल होगी।

सुशांत सिंह केस से जुड़े ड्रग्स मामले में जेल में बंद रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती को एक और बड़ा झटका लगा है।  जेल में बंद रिया, शौविक समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिका कोक मुंबई की एक विशेष अदालत ने खारिज कर दिया है। मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती, शौविक चक्रवर्ती, दीपेश सावंत, सैमुअल मिरांडा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इन सभी को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया है। 22 सितंबर तक मुंबई के भायखला जेल में बंद रिया ने अपनी जमानत के लिए मुंबई के एक विशेष अदालत में याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। इससे पहले सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग मामले में गिरफ्तार रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती की जमानत याचिकाओं पर कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

मुंबई की विशेष अदालत का फैसला आने के बाद रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा कि 'हम कोर्ट के आदेश की कॉपी का इंतजार कर रहे हैं, मिलने के बाद अगले हफ्ते तक इस मामले में हाईकोर्ट जाने को लेकर फैसला किया जाएगा।'

दरअसल, यह दूसरी बार है कि रिया चक्रवर्ती की जमानत याचिका खारिज हुई है। इससे पहले मजिस्ट्रेट अदालत रिया चक्रवर्ती को जमानत देने से इनकार कर चुकी है। फिलहाल, रिया चक्रवर्ती ड्रग्स केस में मुंबई की भायखला जेल में बंद हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने रिया चक्रवर्ती को को मंगलवार को गिरफ्तार किया था और उसी दिन कोर्ट ने 22 सितंबर तक की न्यायिक हिरासत दे दी थी। इससे पहले मंगलवार को मजिस्ट्रेट अदालत ने रिया चक्रवर्ती को जमानत देने से इनकार कर दिया था। उसके बाद रिया ने जमानत के लिए दूसरी बार प्रयास किया है, जिस पर आज फैसला आया।

पुणे आणि पिंपरी चिंचवड महापालिका तसेच पुणे जिल्ह्याच्या ग्रामीण भागात २१ सप्टेंबरपर्यंत वाढणाऱ्या रुग्णांच्या तुलनेत खाटांची संख्या ही अपुरी असल्याने सध्या विविध रुग्णालयांतील उपलब्ध खाटांची नव्याने तपासणी केली जाणार आहे. रुग्णालयांनी योग्य व्यक्तींनाच खाटा उपलब्ध करून दिल्या आहेत की नाही, याची खातरजमा रुग्णालयांमध्ये जाऊन करण्यात येणार आहे. ( Coronavirus In Pune Latest Updates )राज्याच्या आरोग्य विभागाने पुणे जिल्ह्यात २१ सप्टेंबरपर्यंत किती रुग्णसंख्या असेल, याचा अंदाज प्रशासनाकडे दिला आहे. त्यानुसार खाटा उपलब्ध होतील, यासाठी प्रशासनाकडून नियोजन करण्यात येणार आहे. याबाबत विभागीय आयुक्त सौरभ राव म्हणाले, ‘आरोग्य विभागाने दिलेल्या रुग्णसंख्येच्या अंदाजानुसार अतिरिक्त खाटा उपलब्ध नसल्याचे निदर्शनास आले आहे. त्यामुळे खाटांची संख्या वाढविण्याच्यादृष्टीने पावले उचलण्यात येत आहेत. विविध रुग्णालयांमध्ये उपलब्ध असलेल्या खाटांची अद्ययावत माहिती दररोज घेण्यात येत आहे. आता योग्य व्यक्तींनाच खाटा उपलब्ध करून देण्यात आल्या आहेत का, याची तपासणी रुग्णालयांमध्ये जाऊन केली जाणार आहे’

‘सध्या विविध रुग्णालयांमध्ये दाखल असलेल्या रुग्णांपैकी सुमारे ३० टक्के रुग्ण हे बाहेरील जिल्ह्यांतील असल्याने खाटांच्या उपलब्धतेचा प्रश्न उभा रहिला आहे. त्यामुळे आता विभागातील कोल्हापूर, सोलापूर, सातारा आणि सांगली या जिल्ह्यांमध्ये अत्याधुनिक आरोग्य सुविधा देण्यासाठी प्रयत्न करण्यात येत आहेत. कोल्हापूरमध्ये सुमारे ७०० खाटा आणि सोलापूरमध्ये सुमारे ५०० खाटा उपलब्ध करून दिल्या जाणार आहेत. सांगलीतील वैद्यकीय महाविद्यालय आणि खुल्या मैदानावर जम्बो कोविड सेंटर उभारले जाणार आहे. साताऱ्यामध्ये आसीयू आणि ऑक्सिजनयुक्त खाटा वाढविण्यात येणार आहेत’, असे राव यांनी स्पष्ट केले.

'देवेंद्र फडणवीस यांना बिहार विधानसभा निवडणुकीची जबाबदारी सोपवण्यात आली आहे. पण त्यांनी महाराष्ट्रात तिकीट वाटपात जसे राजकारण केले तसे बिहारमध्ये करू नये', असा टोला भाजपचे माजीमंत्री एकनाथ खडसे यांनी देवेंद्र फडणवीस यांना लगावला. (Eknath Khadse Taunts Devendra Fadnavis )भाजप कार्यकर्ते प्रा. डॉ. सुनील नेवे यांनी एकनाथ खडसे यांच्या राजकीय जीवनावर लिहिलेल्या 'जनसेवेचा मानबिंदू : एकनाथराव खडसे' या पुस्तकाचा प्रकाशन सोहळा आज दुपारी मुक्ताईनगर येथे खडसेंच्या फार्महाऊसवर ऑनलाइन पद्धतीने पार पडला. या सोहळ्यानंतर खडसे पत्रकारांशी बोलत होते. एकनाथ खडसे पुढे म्हणाले की, फडणवीस यांना बिहार विधानसभेच्या निवडणुकीची जबाबदारी सोपवण्यात आली आहे. त्यांना माझ्या शुभेच्छा आहेतच. बिहारमध्ये नितीश कुमार आणि भाजपात युती आहे. त्यामुळे आमचे सरकार येईल, अशी आशा करतो. पण देवेंद्र फडणवीस यांच्याकडून एकच अपेक्षा करतो, त्यांनी महाराष्ट्रात जे राजकारण खेळले, याचे तिकीट कापायचे, त्याचे तिकीट कापायचे, याला पाडण्यासाठी प्रयत्न करायचे, त्याला पाडण्यासाठी प्रयत्न करायचे, असे तिथे होऊ नये, अशा शब्दांत एकनाथ खडसे यांनी फडणवीस यांना चिमटा काढत आपली नाराजी बोलून दाखवली.

ठाणे: अक्षय डाकी या तरुणाच्या अपहरणानंतर झालेल्या हत्येचा कासारवडवली पोलिसांनी उलगडा करून त्याच्या मित्रासह तिघांच्या मुसक्या आवळल्या आहेत. अक्षयच्या गळ्यातील चार तोळ्यांच्या सोन्याच्या साखळीसाठी मित्रानेच कट रचून अन्य दोघांच्या मदतीने ही हत्या केली आणि मृतदेह खाडीत फेकून दिल्याची बाब समोर आली आहे.

घोडबंदर रोडवरील वाघबीळ गावात राहणारा अक्षय हा अचानक बेपत्ता झाला होता. मुलगा हरवल्याची वडिलांनी कासारवडवली पोलिस ठाण्यात तक्रार केल्यानंतर पोलिसांनी अक्षयचा शोध सुरू केला. ओवळा, पानखंडा, वाघबीळ, कासारवडवली गावांत शोध घेऊनही अक्षय सापडला नाही. मित्र आणि नातेवाईकांकडेही चौकशी केली. मात्र, काहीच माहिती न मिळाल्याने अक्षयचा शोध घेण्यासाठी पोलिसांनी दोन पथके तयार केली. चौकशीत अक्षय त्याचा मित्र धनराज तरुडे याला भेटण्यासाठी पानखंडा गावात जात असल्याची माहिती पोलिसांना मिळाली. तसेच अक्षयची मोटारसायकल पानखंडा परिसरात सापडली. त्यामुळे पोलिसांचा धनराजवर संशय अधिक बळावला. त्याच्या चौकशीदरम्यान अक्षयच्या हत्येचा उलगडा झाला.

अक्षय याच्या गळ्यातील चार तोळ्याची सोन्याची साखळी मिळवण्यासाठी त्याच्या हत्येचा कट धनराजने रचला. जवळचा नातेवाईक कृष्णा घोडके आणि मित्र चंदन पासवान यांच्याशी संगनमत करून त्यांनी अक्षयला मारहाण केली आणि दोरीने गळा आवळून त्याची हत्या केली, अशी कबुली धनराज याने दिली. त्यांनी वसईतील मालजीपाडा खाडीत अक्षयचा मृतदेह फेकून दिला होता. अग्निशमन दल आणि स्थानिक गावकऱ्यांच्या मदतीने पोलिसांनी खाडीतून मृतदेह शोधून काढला. धनरासह कृष्णा आणि चंदन या दोन तरुणांना पोलिसांनी अटक केली आहे. धनराजकडून सोन्याची साखळी, मोबाइल फोन आणि इतर साहित्य जप्त केले आहे. वरिष्ठ पोलिस निरीक्षक किशोर खैरनार यांच्या मार्गदर्शनाखाली पोलिस पथकाने या गुन्ह्याची उकल केली.

महापालिकेनं कार्यालयातील बेकायदा बांधकामावर केलेली कारवाई अभिनेत्री कंगना राणावत हिच्या चांगली जिव्हारी लागली आहे. कंगनानं शिवसेना व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांच्यावर टीका सुरूच ठेवली आहे. आज पुन्हा एकदा ट्वीट करून तिनं उद्धव ठाकरेंवर निशाणा साधला आहे. (Kangana Ranaut lashes Shiv Sena & Uddhav Thackeray)

'माझ्या अनुपस्थितीत माझं घर तोडणाऱ्या गुंडांना महापालिकेचं नाव देऊ नका. राज्यघटनेचा इतका मोठा अपमान करू नका,' असं कंगनानं म्हटलं आहे. 'बाळासाहेब ठाकरे यांनी ज्या विचारधारेवर शिवसेना उभी केली, ती विचारधारा विकून शिवसेना सत्तेसाठी '

'तुमच्या वडिलांचे चांगले कर्म तुम्हाला संपत्ती आणि वारसा देऊ शकतात, पण आदर-सन्मान तुमचा तुम्हालाच मिळवावा लागतो. माझं तोंड बंद कराल तर माझ्यानंतर लाखो मुखातून त्याचा प्रतिध्वनी उमटेल. तुम्ही किती तोंडं बंद करणार? किती जणांचे आवाज दाबणार? कधीपर्यंत तुम्ही सत्यापासून पळणार?,' अशा प्रश्नांची सरबत्ती कंगनानं केली आहे. 'तुम्ही आहात कोण? घराणेशाहीचा केवळ एक नमुना आहात,' असा खोचक टोलाही कंगनानं उद्धव ठाकरे यांना हाणला आहे.

'कुणीतरी पूर्वीची अट्टल ड्रग अॅडिक्ट मुंबईला पाकिस्तान म्हणून महाराष्ट्राचा अपमान करते आणि स्वत:च्या कार्यालयाला राम मंदिर म्हणते आणि भाजप त्याचं समर्थन करते. हा महाराष्ट्राबरोबरच भगवान श्रीरामाचाही अपमान आहे,' असा हल्लाबोल काँग्रेसनं केला आहे.

मुंबईची तुलना पाकव्याप्त काश्मीरशी केल्यानंतर कंगना राणावत शिवसेनेच्या रडारवर आली आहे. कंगना आणि शिवसेनेच्या नेत्यांमध्ये शाब्दिक युद्ध सुरू आहे. कंगनानं शिवसेनेला आव्हान दिल्यानंतर मुंबई महापालिकेनं बुधवारी तिच्या कार्यालयातील बेकायदा बांधकामावर कारवाई केली. त्यामुळं संतापलेल्या कंगनानं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांच्यावर एकेरी भाषेत टीका केली. तसंच, बाबरा हे मंदिर पुन्हा उभं राहील, असं ती म्हणाली होती.

कंगनाच्या या भाषेला महाराष्ट्र काँग्रेसचे प्रवक्ते सचिन सावंत यांनी जोरदार आक्षेप घेतलाय. कंगना राणावत हिच्या प्रत्येक कृतीमागे भारतीय जनता पक्षच आहे, असा आरोप सावंत यांनी केला आहे. 'तोंड कोणाचेही असले तरी शब्द भाजपचेच आहेत,' असं त्यांनी म्हटलं आहे. 'काल भाजप पुरस्कृत एका चॅनेलने काही लोकांना जमवून निदर्शने करवणे, मोदी सरकारने कंगनाला तातडीने संरक्षण देणे, यातून सत्तापिपासू भाजपचे षडयंत्र स्पष्ट दिसत आहे, असंही त्यांनी म्हटलं आहे. #महाराष्ट्रद्रोहीभाजपला महाराष्ट्र माफ करणार नाही. गद्दार भाजपा महाराष्ट्रातून साफ होणार ही काळ्या दगडावरची पांढरी रेघ,' असा विश्वास त्यांनी व्यक्त केला आहे.

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के नागपुर स्थित ऑफिस में कल यानी मंगलवार को धमकी भरे कॉल आए। महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह धमकी भरे फोन कॉल फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) को लेकर दिए गए बयान के कारण आए हैं। आपको बता दें कि इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) चीफ शरद पवार और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरो को भी धमकी भरे फोन कॉल आ चुके हैं। 

आपको बता दें कि इससे पहले उद्धव ठाकरे के निजी आवास को उड़ा देने की धमकी की पुलिस द्वारा जांच किए जाने के बीच महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के नागपुर कार्यालय में फोन कर उन्हें और राकांपा प्रमुख शरद पवार को धमकी दी गई थी। प्रदेश के एक मंत्री ने यह जानकारी दी थी। मंत्री ने सोमवार को कहा था कि पुलिस को सूचित कर दिया गया है और वे जांच कर रहे हैं।

मुंबई पुलिस ने फोन पर धमकी मिलने के बाद ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर रविवार को सुरक्षा बढ़ा दी थी। फोन करने वाले ने अपने को भगोड़े माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम का सहयोगी बताया था।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मंगलवार को कहा था, ''विधायक सुनील प्रभु और प्रताप सरनाईक की अपील पर मैंने विधानसभा में जवाब दिया और कहा कि कंगना रनौत के अध्ययन सुमन के साथ रिश्ते थे, जिसने एक इंटरव्यू में कहा कि वह ड्रग्स लेती हैं और उन्हें भी इसके लिए मजबूर किया। मुंबई पुलिस इसकी जांच करेगी।''

गौरतलब है कि कंगना रनौत ने हाल में मुंबई की तुलना पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से की थी, जिसपर सत्तारूढ़ शिवसेना ने नाराजगी जताई थी। शिवसेना नेता संजय राउत और कंगना के बीच काफी बयानबाजी हुई। कंगना ने कहा कि संजय राउत ने उन्हें मुंबई नहीं आने की धमकी दी है। शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने भी कहा था कि कंगना मुंबई आएंगी तो पार्टी की महिला कार्यकर्ता उनका मुंह तोड़ देंगी। सरनाईक के इस बयान का राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है।

सुशांत सिंह राजपूत केस से जुड़े  ड्रग्स कनेक्शन में तीन दिन की पूछताछ के बाद सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया है और फिर मंगलवार को ही देर शाम 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कोर्ट द्वारा 22 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद रिया की पहली रात एनसीबी के लॉकअप में ही गुजरी। क्योंकि जेल मैनुअल के अनुसार, सूर्यास्‍त के बाद जेल में किसी कैदी की एंट्री नहीं होती। रिया की मंगलवार की रात यहीं (एनसीबी ऑफिस में) कटी। आज सुबह रिया को जेल भेजा भेज दिया गया।  

-एनसीबी की टीम रिया चक्रवर्ती को भायखला जेल लेकर पहुंची है। 22 सितंबर तक रिया यहीं रहेंगी।

-कुछ देर में रिया चक्रवर्ती को जेल भेजा जाएगा।

- रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक और अन्य आरोपियों को मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है।

-सूत्रों की मानें तो रिया चक्रवर्ती को मुंबई के भायखला जेल में किया जाएगा शिफ्ट

22 सितंबर तक न्यायिक हिरासत
रिया का मेडिकल जांच हुआ और फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुंबई स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने रिया की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें  22 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

ड्रग सिंडिकेट की एक्टिव मेंबर थीं रिया: एनसीबी
नसीबी ने दावा किया कि वह ड्रग सिंडिकेट की 'सक्रिय सदस्य' थी और अभिनेता के लिये ड्रग्स हासिल करती थी। अदालत ने रिया की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 22 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया क्योंकि एनसीबी ने कहा कि उसे अब और हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है क्योंकि वह पहले ही तीन दिनों तक पूछताछ कर चुकी है। वहीं, रिया के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा कि वह जमानत के लिये सत्र अदालत जाएंगे। 

बई की तुलना पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) से करने वाले बयान पर जारी विवाद के बीच वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा में एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) बुधवार दोपहर मुंबई पहुंच गईं। हंगामे के आसार देखते हुए एयरपोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इससे पहले, संजय राउत से जुबानी जंग के बीच कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले में स्थित अपने घर से मुंबई के लिए सुबह रवाना हुई थीं। बीते कुछ दिनों के विवाद को देखते हुए ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि मुंबई पहुंचते ही कंगना को शिवसेना के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान उन्हें प्रोटेक्ट करने के लिए 11 केंद्र सरकार द्वारा मुहैया कराई गई सिक्योरिटी टीम उनके साथ होगी। वहीं, बीएमसी ने मुंबई पहुंचने से पहले उनके दफ्तर में तोड़फोड़ की, जिसके खिलाफ कंगना ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 

Kangana Ranaut vs Shiv Sena Live updates:

- शिवसेना से तकरार के बीच कंगना रनौत मुंबई पहुंच गई हैं।

- एक्ट्रेस कंगना रनौत मुंबई पहुंचने वाली हैं। एक्ट्रेस आज सुबह हिमाचल प्रदेश से निकली थीं। कंगना के मुंबई पहुंचने से पहले एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एयरपोर्ट पर शिवसेना के कार्यकर्ता, करणी सेना के कार्यकर्ता मौजूद हैं।

- बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना की याचिका पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने कंगना के दफ्तर पर बीएमसी की तोड़फोड़ पर रोक लगा दी और बीएमसी से जवाब मांगा है।

-बीएमसी की कार्रवाई के खिलाफ कंगना की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है।

-कंगना के दफ्तर पर बीएमसी की ओर से तोड़फोड़ की कार्रवाई अब खत्म हो चुकी है।

-कंगना के दफ्तर पर बीएमसी की कार्रवाई पर अभिनेत्री ने कहा कि मेरे घर में कोई अवैध निर्माण नहीं है, सरकार ने भी 30 सितंबर तक कोविड संकट में तोड़फोड़ पर प्रतिबंध लगाया रखा है। बॉलीवुड अब इसे देखो फासीवाद कुछ ऐसा दिखता है।

दफ्तर पर BMC की कार्रवाई के खिलाफ बॉम्बे HC पहुंचीं कंगना, 12.30 बजे होगी सुनवाई।

राज्यात नवीन करोना बाधित रुग्णांचा आकडा सोमवारी १६ हजारांपर्यंत खाली आला होता. त्यामुळे ग्राफ उतरण्याची शक्यता वाटत असतानाच आज पुन्हा एकदा २० हजारपेक्षा अधिक रुग्णांची नोंद झाल्याने धोका कायम असल्याचे स्पष्ट झाले आहे. गेल्या २४ तासांत २० हजार १३१ नवीन रुग्णांची नोंद झाली असून आणखी ३८० जणांचा करोनाने बळी घेतला आहे. ( Coronavirus In Maharashtra Latest Updates )

राज्यात सोमवारचा अपवाद वगळता सलग तीन दिवस २० हजारावर नवीन करोना बाधित रुग्णांची नोंद झाली होती. रविवारी राज्यात २३ हजार ३५० रुग्णसंख्येचा उच्चांक गाठला गेला होता. त्यानंतर हा आकडा काल सोमवारी १६ हजार ४२९ पर्यंत खाली आला. मात्र आज पुन्हा एकदा नवीन बाधितांच्या आकड्याने उसळी घेतली आहे. गेल्या २४ तासांत राज्यात तब्बल २० हजार १३१ नवीन रुग्णांची नोंद झाली असून उपचार घेत असलेल्या रुग्णांची (अॅक्टिव्ह रुग्ण) एकूण संख्या आता २ लाख ४३ हजार ४४६ इतकी झाली आहे.

राज्यात आज ३८० करोना बाधित रुग्णांच्या मृत्यूंची नोंद झाली असून एकूण मृतांची संख्या आता २७ हजार ४०७ इतकी झाली आहे तर इतर कारणांनी ३६३ रुग्ण दगावले आहेत. राज्यातील करोना मृत्यूदर सध्या २.९ टक्के इतका आहे. आतापर्यंत राज्यात ४७ लाख ८९ हजार ६८२ इतक्या करोना चाचण्या घेण्यात आल्या असून त्यातील ९ लाख ४३ हजार ७७२ म्हणजेच १९.७ टक्के चाचण्यांचे अहवाल पॉझिटिव्ह आले आहेत. राज्यात सध्या १५ लाख ५७ हजार ३०५ जण होम क्वारंटाइनमध्ये आहेत तर ३८ हजार १४१ जण संस्थात्मक क्वारंटाइनमध्ये असल्याचे सांगण्यात आले. रुग्ण बरे होण्याचे प्रमाण सध्या ७१.२६ टक्के इतके आहे. आज १३ हजार २३४ रुग्णांनी करोनावर मात केली. या सर्वांना घरी सोडण्यात आले असून आतापर्यंत ६ लाख ७२ हजार ५५६ रुग्ण करोनामुक्त होऊन घरी परतले आहेत.

'राजकीय अजेंडे पुढे नेण्यासाठी देशद्रोही पत्रकार, सुपारीबाज कलावंताच्या राज्यद्रोहास पाठिंबा देणे ही मातीशी बेइमानीच आहे. महाराष्ट्रातील बेइमानांच्या पाठीशी जे उभे राहात आहेत, त्यांना १०६ हुतात्म्यांचे तळतळाट लागतीलच, पण राज्याची ११ कोटी जनताही माफ करणार नाही. ‘मुंबाई’ मातेचा अवमान करणाऱ्यांची नावे महाराष्ट्राच्या इतिहासात डांबराने लिहिली जातील,' अशी घणाघाती टीका शिवसेनेनं केली आहे.

मुंबई व मुंबई पोलिसांबद्दल अपमानास्पद वक्तव्य करणाऱ्या कंगना राणावत हिच्याविरोधात सध्या राजकीय वातावरण तापलं आहे. केंद्रातील सत्ताधारी भाजपनं कंगनाला सुरक्षा दिल्यानं शिवसेना भडकली आहे. पक्षाचे मुखपत्र दैनिक 'सामना'च्या आजच्या अग्रलेखातून शिवसेनेनं भाजपवर जोरदार तोफ डागली आहे.

'मुंबईचा अवमान हा महाराष्ट्रातील ११ कोटी जनतेला देशद्रोहासारखा गुन्हा वाटतो. असा गुन्हा करणाऱ्या व्यक्तीच्या मागे राष्ट्रभक्त मोदी सरकारचे गृहमंत्रालय सुरक्षा कवच घेऊन ठामपणे उभे राहते तेव्हा आपले १०६ हुतात्मेही स्वर्गात अश्रू ढाळत असतील. महाराष्ट्र हा सत्यवादी हरिश्चंद्राचा पूजक आहे. मऱ्हाटी जनांशी बेइमानी करणाऱ्या विकृतांशी मराठी माणूस सतत लढत राहिला. कोणीही यावे आणि महाराष्ट्राच्या मऱ्हाटी राजधानीवर टपली मारावी, कोणीही ऐऱ्यागैऱ्याने उठावे आणि महाराष्ट्राच्या मुख्यमंत्र्यांचा एकेरी उल्लेख करून आव्हानाची भाषा करावी या विरोधात संपूर्ण महाराष्ट्राने एकवटायला हवे. पण भाजप मुंबईचा आणि राज्याच्या मुख्यमंत्र्यांचा अवमान करणाऱ्यांना सरळ पाठिंबा देत आहे. महाराष्ट्रावर नशेच्या पिचकाऱ्या टाकणाऱ्या व्यक्तीला केंद्र सरकार विशेष सुरक्षेच्या पालखीचा मान देत आहे. मुंबादेवीचा हा अवमान ज्यांना प्रिय आहे असे लोक दिल्लीत आणि महाराष्ट्राच्या विधिमंडळात बसले आहेत म्हणून मुंबईचा धोका कायम आहे, असा सावधानतेचा इशारा शिवसेनेनं मराठी माणसाला दिलाय.

मुंबईची तुलना पाकव्याप्त काश्मीर करणारी अभिनेत्री कंगना राणावत हिच्या फोटोला जोडे मारणाऱ्या शिवसेनेवर भाजपनं जोरदार हल्लाबोल केलाय. 'कुख्यात गुंड दाऊद इब्राहिम याच्याकडून आलेल्या धमकीच्या अनुषंगानं भाजपनं हा टोला हाणला आहे.

सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणात ठाकरे सरकार व मुंबई पोलिसांवर आरोप करणाऱ्या कंगनानं मुंबईची तुलना पाकव्याप्त काश्मीरशी केल्यानंतर अचानक वातावरण तापलं. शिवसेनेनं ही संधी साधत कंगनाला घेरलं. शिवसेनेचे खासदार संजय राऊत यांनी कंगना आपल्या राज्यात जाण्याचा सल्ला दिला. तर, आमदार प्रताप सरनाईक यांनी थोबाड फोडण्याची भाषा केली. कंगनानं शिवसेनेला आव्हान दिल्यानंतर शिवसैनिक रस्त्यावर उतरले व कंगनाविरोधात 'जोडे मारो' आंदोलन करण्यात आलं.
शिवसेनेच्या या आंदोलनाची भाजपचे आमदार अतुल भातखळकर यांनी अप्रत्यक्षपणे खिल्ली उडवली आहे. 'मातोश्री बॉम्बने उडवून द्यायची धमकी मिळाल्यावर कमीत कमी दाऊदच्या फोटोला काळे फासून त्याला चपला मारण्याचा एखादा ब्रम्हांडव्यापी कार्यक्रम लाचार सेनेकडून साजरा व्हायला हवा होता,' असं भातखळकर यांनी म्हटलं आहे.

अभिनेत्री कंगना राणावत हिला सुरक्षा दिल्याबद्दल केंद्र सरकार व भाजपवर टीकेची तोफ डागणाऱ्या शिवसेनेला भाजपनं जशास तसं उत्तर दिलं आहे. भाजपचे आमदार अॅड. आशिष शेलार यांनी शिवसेनेच्या जुन्या भूमिकांचे दाखले देत शिवसेनेला काही प्रश्न केले आहेत. 'बात निकलेगी तो दूर तलक जायेगी' अशी हिंदी म्हण ट्वीट करत शेलार यांनी शिवसेनेला इशाराही दिला आहे.

मुंबई व मुंबई पोलिसांविरोधात आक्षेपार्ह वक्तव्य केल्यामुळं कंगना शिवसेनेच्या रडारवर आली होती. या वादात भाजपनं कंगनाची बाजू घेत तिला थेट 'वाय' दर्जाची सुरक्षा दिली आहे. त्यामुळं संतापलेल्या शिवसेनेनं 'सामना'च्या अग्रलेखातून भाजपला झोडपून काढलं आहे. 'राजकीय अजेंडे पुढे नेण्यासाठी देशद्रोही पत्रकार, सुपारीबाज कलावंताच्या राज्यद्रोहास पाठिंबा देणे ही मातीशी बेइमानीच आहे. महाराष्ट्रातील बेइमानांच्या पाठीशी जे उभे राहात आहेत, त्यांना १०६ हुतात्म्यांचे तळतळाट लागतीलच, पण राज्याची ११ कोटी जनताही माफ करणार नाही. ‘मुंबाई’ मातेचा अवमान करणाऱ्यांची नावे महाराष्ट्राच्या इतिहासात डांबराने लिहिली जातील,' असं अग्रलेखात म्हटलं आहे. शेलार यांनी या टीकेचा समाचार घेताना शिवसेनेला खालील प्रश्न विचारले आहेत.

महाराष्ट्र पुलिस ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि उसने इस साल अप्रैल में पालघर जिले में दो संतों समेत तीन लोगों की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिसकर्मियों को सेवा में लापरवाही के मामले में दंडित किया है।

शीर्ष अदालत ने छह अगस्त को महाराष्ट्र पुलिस से कहा था कि मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गयी जांच और कार्रवाई से अवगत कराएं।

सहायक पुलिस महानिरीक्षक विनायक द्वारा दाखिल हलफनामे में कहा गया, ''मेरा कहना है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच पूरी होने के बाद कोंकण रेंज के विशेष पुलिस महानिरीक्षक ने 27 जुलाई को पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

हलफनामे में कहा गया कि 18 दोषी पुलिसकर्मियों को अलग-अलग सजा दी गयी हैं और इनमें से कुछ को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है और कुछ को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई है।

मुंबई की तुलना पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) से करने पर कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके साथ-साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे को इंटरव्यू के लिए चुनौती देने वाले टीवी पत्रकेकार और रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन- चीफ अर्नब गोस्वामी खिलाफ भी महाराष्ट्र विधान परिषद के अध्यक्ष रामराजे नाइक ने विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है।

अर्नब गोस्वामी पर उद्धव ठाकरे के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगाते हुए शिवसेना की मनीषा कायंदे ने विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया। दूसरी तरफ कंगना के खिलाफ कांग्रेस विधायक अशोक (भाई) जगताप ने मुंबई को लेकर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया, जिसे रामराजे नाइक ने स्वीकार किया। उन्होंने कहा, 'मैंने विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव को स्वीकार किया है। इसके लिए समिति न होने की वजह से मैं ही आज इस प्रस्ताव पर फैसला करने जा रहा हूं।'

दरअसल, बीते दिनों कंगना रनौत ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके से की थी। कंगना ने ट्विटर पर लिखा था, 'संजय राउत ने मुझे खुलेआम  धमकी दी है और मुंबई नहीं आने को कहा है। मुंबई की गलियों में आजादी के भित्ति चित्र और अब खुली धमकी, मुंबई पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर जैसी फ़ीलिंग क्यों दे रहा है?'

अर्नब गोस्वामी ने अपने प्रोग्राम में उद्धव ठाकरे को  डिबेट की खुली चुनौती दी थी। अर्नब सुशांत सिंह केस पर टीवी डिबेट में संजय राउत पर भी जमकर गरजे थे और उन्हें भी इंटरव्यू के लिए खुली चुनौती दी थी। 

मुंबई और मुंबई पुलिस को लेकर कंगना रनौत के बयान से नाराज महाराष्ट्र सरकार बॉलीवुड अभिनेत्री को चौतरफा घेरने में जुट गई है। एक तरफ जहां बीएमसी ने उनके दफ्तर पर नोटिस चिपका दिया है तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने अध्ययन सुमन के उस पुराने इंटरव्यू के आधार पर मुंबई पुलिस से जांच कराने की बात कही है जिसमें उन्होंने कंगना रनौत पर ड्रग्स लेने के आरोप लगाए थे। इससे पहले महाराष्ट्र कांग्रेस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से कंगना के खिलाफ जांच की अपील की थी।

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मंगलवार को कहा, ''विधायक सुनील प्रभु और प्रताप सरनाईक की अपील पर मैंने विधानसभा में जवाब दिया और कहा कि कंगना रनौत के अध्ययन सुमन के साथ रिश्ते थे, जिसने एक इंटरव्यू में कहा कि वह ड्रग्स लेती हैं और उन्हें भी इसके लिए मजबूर किया। मुंबई पुलिस इसकी जांच करेगी।''

गौरतलब है कि रनौत ने हाल में मुंबई की तुलना पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से की थी, जिसपर सत्तारूढ़ शिवसेना ने नाराजगी जताई थी। शिवसेना नेता संजय राउत और कंगना के बीच काफी बयानबाजी हुई। कंगना ने कहा कि संजय राउत ने उन्हें मुंबई नहीं आने की धमकी दी है। शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने भी कहा था कि कंगना मुंबई आएंगी तो पार्टी की महिला कार्यकर्ता उनका मुंह तोड़ देंगी। सरनाईक के इस बयान का राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है।

कंगना रनौत ने कहा है कि वह 9 सितंबर को मुंबई आएंगी, जिसमें हिम्मत है रोक ले। इस बीच कंगना को केंद्र सरकार ने वाई कैटिगरी की सुरक्षा मुहैया करा दी है। बृहन्मुंबई महानगरपालिक (बीएमसी) के अधिकारियों ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के यहां स्थित बंगले के बाहर एक नोटिस चिपकाया है, जिसमें कहा गया है कि नगर निकाय की मंजूरी के बिना इसमें कई बदलाव किए गए हैं। नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया कि बीएमसी की टीम उपनगर बांद्रा में अभिनेत्री के पाली हिल बंगले गई थी। वहां नोटिस लेने वाला कोई नहीं था, जिस वजह से नोटिस को वहां चिपका दिया गया।  

बॉलिवूड अभिनेत्री कंगना राणावत हीने स्वतःच ड्रग घेत असल्याची एका व्हिडिओमध्ये कबुली दिली आहे. कंगना मित्रांनाही ड्रग्जसाठी जबदरस्ती करत होती अशी विधाने व काही व्हिडिओच्या माध्यमातूनही स्पष्ट होत आहे. या सर्वाची दखल घेत नार्कोटिक्स विभागाने कंगनाची ड्रग्ज संदर्भात चौकशी केली पाहिजे, अशी मागणी महाराष्ट्र प्रदेश काँग्रेस कमिटीचे सरचिटणीस व प्रवक्ते सचिन सावंत यांनी केली आहे. ( Sachin Sawant Targets Kangana Ranaut and BJP mla Ram Kadam )

कंगना राणावत सारख्या व्यक्तीची तुलना भाजपाचे "झांसे के राजा' आमदार राम कदम यांनी झाशीची राणी लक्ष्मीबाई यांच्याशी केली. इतिहासात झाशीच्या राणीचा एवढा मोठा घोर अपमान करण्याची कोणी हिंमत दाखवली नाही. त्याबद्दल भाजपाने देशाच्या जनतेची माफी मागितली पाहिजे. कंगनाची पाठराखण करणाऱ्या आमदार राम कदम यांच्यावर भाजपाने कारवाईही केलेली नाही. ते विधान राम कदम यांचे वैयक्तीक आहे असे म्हणून जबाबदारी झटकण्याचे काम केले आहे. तसेच कंगनाच्या विधानाशी सहमत नसल्याची सारवासारव भाजपाने केली पण त्यांनी तिच्या विधानाचा साधा निषेधही केलेला नाही, अशा शब्दांत सचिन सावंत यांनी भाजपच्या भूमिकेवर संशय घेतला.

सुशांतसिंह राजपूत, रिया चक्रवर्ती आणि कंगना राणावत ह्या सगळ्या वादातून बाहेर पडा आणि आजूबाजूला असलेल्या गंभीर समस्यांची दखल घ्या,' असं आवाहन राष्ट्रवादी काँग्रेसचे माजी खासदार व ज्येष्ठ विधीज्ञ माजिद मेमन यांनी सर्व संबंधितांना केलं आहे. या निमित्तानं त्यांनी केंद्र सरकारच्या खासगीकरणाच्या निर्णयावरही तोफ डागली आहे.

कंगना राणावतच्या बेताल बडबडीवरून सध्या राजकारण तापलं आहे. आरोप-प्रत्यारोप सुरू आहेत. केंद्रातील सत्ताधारी भाजपचे नेते कंगनाच्या बाजूनं थेट वक्तव्य करून वातावरण तापवत आहेत. मुंबई व मुंबई पोलिसांबद्दल आक्षेपार्ह वक्तव्य करणाऱ्या कंगनाला 'वाय' सेक्युरिटी देण्याचा निर्णयही केंद्र सरकारनं घेतला आहे. या पार्श्वभूमीवर माजिद मेमन यांनी ट्वीट करून चिंता व्यक्त केली आहे.

'सुशांत, रिया आणि कंगना यातून बाहेर या आणि आपल्या आसपास असलेल्या अधिक गंभीर समस्यावर लक्ष द्या. या समस्यांना तोंड देणाऱ्या लोकांच्या अवस्थेकडे बघा,' असं आवाहन त्यांनी सरकारला केलं आहे. विमानतळांचे लिलाव सुरू आहेत. रेल्वे मार्गांचे खासगीकरण सुरू आहे. यावरही त्यांनी आश्चर्य व्यक्त केलं आहे. विमानतळं व रेल्वे विकून मोठ्या प्रमाणात बैलगाड्या खरेदी करण्याची केंद्र सरकारची योजना आहे का, असा प्रश्न त्यांनी उपस्थित केला आहे. सत्तेत असलेल्यांना देश मागे न्यायचा आहे. ते सुट्ट्या एन्जॉय करत आहेत. पैशाच्या जिवावर मजा मारत आहेत,' असं त्यांनी म्हटलं आहे.

अभिनेत्री कंगना राणावत हिला 'हरामखोर' म्हटल्यामुळं वादात सापडलेले शिवसेनेचे खासदार संजय राऊत यांनी त्यावर खुलासा केला आहे. मात्र, त्या खुलाशावरूनही भाजपनं त्यांना घेरलं आहे. कंगनाला 'नॉटी गर्ल' म्हणायचं होतं, असं राऊत यांनी म्हटलं होतं. त्यावरून भाजपनं त्यांच्यावर खोचक शब्दांत टीका केली आहे.

मुंबई व मुंबई पोलिसांबद्दल आक्षेपार्ह वक्तव्य करणारी कंगना राणावत हिच्यावर शिवसेनेनं टीकेची झोड उठवली आहे. मुंबई पाकव्याप्त काश्मीरसारखी वाटत असेल आणि मुंबई पोलिसांची भीती वाटत असेल तर चंबूगबाळं आवरून आपल्या राज्यात निघून जा, असं संजय राऊत यांनी कंगनाला सुनावलं होतं. त्यावर राऊतांनी मला धमकी दिली. मी मुंबईत येणार, अडवून दाखवा, असं आव्हान कंगनानं दिलं होतं. त्यामुळं संतापलेल्या संजय राऊत यांनी तिच्यावर शेलक्या शब्दांत टीका केली होती. तिला 'हरामखोर' असं हिणवलं होतं. त्यावरून गदारोळ उठल्यानंतर खुलासा करताना मला कंगनाला 'नॉटी गर्ल' आणि 'बेईमान' म्हणायचं होतं असं ते म्हणाले.

संजय राऊत यांच्या या खुलाशावरून भाजपनं त्यांना घेरलं आहे. भाजपचे आमदार अतुल भातखळकर यांनी एक ट्वीट करून राऊतांसह शिवसेनेला चिमटा काढला आहे. आपल्या ट्वीटमध्ये भातखळकर म्हणतात,

'हरामखोर म्हणजे नॉटी गर्ल या धर्तीवर...
ताकद म्हणजे विश्वासघात,
सोनिया म्हणजे नवमातोश्री,
अस्मिता म्हणजे रिया,
शिवसेना म्हणजे हिंदुत्व
राऊत म्हणजे नॉटी बॉय...'

शिवसेनेचे खासदार संजय राऊत यांनी अभिनेत्री कंगना राणावत हिच्याबद्दल वापरलेल्या 'हरामखोर' शब्दावरून सध्या जोरदार गदारोळ सुरू आहे. राऊत यांनी यावर खुलासा केल्यानंतरही विरोधकांनी विशेषत: भाजपनं त्यांच्यावर टीका सुरूच ठेवली आहे. या टीकाकारांना उत्तर म्हणून आता राऊत यांनी आपल्या फेसबुक पेजवरून अभिनेता अजय देवगणचा एक व्हिडिओ शेअर केला आहे.

मुंबई व मुंबई पोलिसांबद्दल आक्षेपार्ह वक्तव्य करणारी कंगना राणावत शिवसेनेच्या टीकेच्या रडारवर आहे. आक्षेपार्ह वक्तव्य केल्यानंतरही आव्हानाची भाषा करणाऱ्या कंगनाला संजय राऊत हे 'हरामखोर' म्हणाले होते. त्यावरून गदारोळ झाल्यानंतर राऊत यांनी खुलासा केला. मला 'बेईमान' व 'नॉटी गर्ल' असं म्हणायचं होतं, असं ते म्हणाले. राऊत यांच्या या खुलाशावरून भाजपचे नेते त्यांच्यावर टीका करत आहेत. हरामखोर म्हणजे 'नॉटी गर्ल' असं असेल तर संजय राऊत म्हणजे 'नॉटी बॉय' आणि सोनिया गांधी म्हणजे 'नवमातोश्री' असं म्हणायचं का, असा सवाल भाजपनं केला होता. तसंच, आमदार अतुल भातखळकर यांनी संजय राऊत यांना साक्षरता दिनाच्या खोचक शब्दांत शुभेच्छाही दिल्या होत्या.

नार्को टेस्ट करण्याच्या काँग्रेसच्या मागणीवर भाजपचे आमदार राम कदम भडकले आहेत. 'माझ्यासह माझ्या संपूर्ण कुटुंबाची नार्को चाचणी करायला तयार आहे. पण या प्रकरणात अडकलेले ठाकरे सरकारमधील बडे नेते व मंत्री ही टेस्ट करायला तयार आहेत का,' असं आव्हान कदम यांनी काँग्रेसला दिलं आहे.

सुशांतसिंह प्रकरणात मुंबई पोलीस व ठाकरे सरकारवर सातत्यानं आरोप करणारे राम कदम व कंगना राणावत यांचा समाचार घेताना महाराष्ट्र काँग्रेसचे प्रवक्ते सचिन सावंत यांनी कदम यांची नार्को टेस्ट करण्याची मागणी केली आहे. 'राम कदम यांना विवेक मोईत्रा याच्या काळापासून ते आतापर्यंतच्या ड्रग पुरवठादारांची प्रचंड माहिती आहे. त्यांचे बॉलिवूडशी घनिष्ठ संबंध आहेत. त्यामुळे त्यांची नार्को टेस्ट करावी. त्यांची टेस्ट झाल्यास भाजप कार्यालयात ५३ वेळा फोन करून संदीप सिंह कोणाशी बोलत होता हे कळेल व भाजपाचे ड्रग माफियाशी असलेले संबंधही उघड होतील,' असा सावंत यांनी म्हटलं आहे.

सावंत यांच्या या मागणीला कदम यांनी तात्काळ प्रत्युत्तर दिलं आहे. 'छत्रपती शिवरायांना मानणारा मी मावळा आहे. उद्या नव्हे, या क्षणाला सांगाल त्या ठिकाणी यायला तयार आहे. माझ्यासह माझ्या संपूर्ण कुटुंबाची नार्को टेस्ट करावी. तयार आहे. मात्र, या प्रकरणात अडकलेले तुमच्या सरकारचे बडे नेते, मंत्री नार्को टेस्ट करायाला तयार आहेत का? ते तपासून पहा,' असा चिमटा कदम यांनी काँग्रेसला काढला आहे.

येरवडा: जन्मदाता वडीलच पोटच्या मुलीवर सहा वर्षांपासून राहत्या घरात बलात्कार करीत असल्याचा धक्कादायक प्रकार घडला आहे. पीडित सोळा वर्षीय मुलीला वेदना होऊ लागल्याने धाडस करून तिने शेजारील महिलांना हा प्रकार सांगितला. त्यानंतर पोलिसांना या घटनेची माहिती देण्यात आली. विश्रांतवाडी पोलिसांनी आरोपी वडिलाला अटक केली आहे. आरोपीवर बालकांचे लैंगिक अत्याचारापासून संरक्षण (पोक्सो) कायद्याअंतर्गत, तसेच बलात्काराचा गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे.

पोलिसांनी दिलेल्या माहितीनुसार, '४५ वर्षीय आरोपी हा बिगारी काम करतो. पत्नी आणि दोन मुलींसोबत तो धानोरीतील मुंजाबा वस्तीत राहतो. आरोपी त्याची मोठी मुलगी दहा वर्षांची असल्यापासून म्हणजे २०१३पासून तिच्यावर बलात्कार करीत होता. हा प्रकार कोणाला सांगितल्यास जीवे मारण्याची धमकी देत होता.

 

बॉलिवूड अभिनेत्री कंगना राणावत हिनं मुंबई पोलिसांबद्दल केलेल्या आक्षेपार्ह वक्तव्यावरून उठलेल्या वादावर भाजपचे आमदार नीतेश राणे यांनी प्रथमच प्रतिक्रिया दिली आहे. 'सावधान! सावधान!' असं सूचक ट्वीट त्यांनी केलं आहे.

'मला गुंड आणि मूव्ही माफियांपेक्षा जास्त भीती मुंबई पोलिसांची वाटते. मला हिमाचल प्रदेश किंवा केंद्र सरकारची सुरक्षा द्या. कृपा करून मुंबई पोलिसांची नको,' असं तिनं म्हटलं होतं. त्यावरून जोरदार गदारोळ सुरू आहे. जवळपास सर्वच राजकीय पक्षांनी कंगनावर टीकेची झोड उठवली आहे. मनोरंजन क्षेत्रातील अनेक कलाकारांनीही 'मुंबई मेरी जान' असं म्हणत कंगनाला खडे बोल सुनावले आहेत. तर, राज्याचे गृहमंत्री यांनीही कंगनाला मुंबईत राहण्याचा अधिकार नाही, असं वक्तव्य केलं आहे.

सर्वच मीडियात सध्या कंगनाचा वाद गाजतो आहे. त्यावरून नीतेश राणे यांनी एक ट्वीट केलं आहे. 'सावधान! सावधान! कंगना हा एक बहाणा आहे. सुशांतसिंह राजपूत आणि दिशा सालियनच्या प्रकरणावरून लक्ष विचलित करायचा हा प्रयत्न आहे. 'बेबी पेंग्विन'ला वाचवायचे आहे. (हा बेबी पेंग्विन कोण याबद्दल त्यांनी स्पष्ट काहीही उल्लेख केलेला नाही) बाकी काही नाही,' असं नीतेश यांनी म्हटलं आहे.

'भारतीय जनता पक्षाने राष्ट्रीय महिला आयोगाला हाताशी धरून माझ्या अटकेचा खेळ रचला आहे. पण लक्षात ठेवा, मुंबई आणि महाराष्ट्राच्या अस्मितेसाठी मला कितीही वेळा तुरुंगात जावे लागले तरी तयार आहे,' असं शिवसेनेचे आमदार प्रताप सरनाईक यांनी ठणकावलं आहे.

कंगना राणावत हिनं मुंबई पोलिसांबद्दल केलेल्या वक्तव्यावरून राजकीय गदारोळ सुरू आहे. कंगनाला मुंबई पोलिसांची भीती वाटत असेल तर तिनं चंबूगबाळं आवरून आपल्या राज्यात निघून जावं, असं शिवसेनेचे खासदार संजय राऊत यांनी सुनावलं होतं. त्यावर, प्रतिक्रिया देताना मी ९ तारखेला मुंबईत येणार आहे. कोणाच्या बापाची हिंमत असेल तर अडवून दाखवा, असं आव्हान कंगनानं दिलं होतं. तिच्या या वक्तव्यामुळं आगीत तेल ओतलं गेलं. शिवसैनिक रस्त्यावर आले.

आमदार प्रताप सरनाईक यांनी संतप्त प्रतिक्रिया दिली होती. कंगनाला संजय राऊत यांनी सौम्य शब्दांत समज दिली. ती इथे आली तर आमच्या रणरागिणी तिचे थोबाड फोडल्याशिवाय राहणार नाहीत. उद्योजक व सेलिब्रिटी घडवणाऱ्या मुंबईची तुलना पाकव्याप्त काश्मीरशी करणाऱ्या कंगनावर देशद्रोही म्हणून गुन्हा दाखल करण्याची मी गृहमंत्र्यांना मागणी करणार आहे,' असं सरनाईक म्हणाले होते. तो मुद्दा उचलून धर राष्ट्रीय महिला आयोगाच्या अध्यक्ष रेखा शर्मा यांनी मुंबई पोलीस आयुक्तांनी सरनाईक यांच्या वक्तव्याची स्वत:हून दखल घेऊन त्यांना अटक करावी, अशी मागणी केली होती. महाराष्ट्राच्या पोलीस महासंचालकांना त्यांनी तसं पत्रही लिहिलं आहे.

सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच में बड़ा डेवलपमेंट सामने आ रहा है। सुशांत सिंह राजूपत केस में ड्रग्स एंगल की जांच कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी की टीम को अहम सुराग हाथ लगे हैं। एनसीबी ने दावा किया है कि उसे सैमुअल, ड्रग पैडर्स और रिया के भाई शॉविक के बीच डायरेक्ट लिंक मिले हैं। एनसीबी ने ड्रग्स की तस्करी मामले में जैद विलात्रा से पूछताछ के आधार पर बांद्रा से बासित परिहार को भी गिरफ्तार किया है। एनसीबी के सूत्रों ने बताया कि दोनों ने सुशांत सिंह राजपूत के घर के मैनेजर सैमुअल मिरांडा और रिया चक्रवर्ती के भाई शॉविक के नामों का खुलासा किया है।

यही वजह है कि एनसीबी की टीम ने आज सुबह ही सैमुअल और रिया चक्रवर्ती के घर पर पर छापा मारा और फिर पूछताछ के लिए दोनों को समन जारी किया। सैमुअल को पूछताछ के लिए एनसीबी की टीम अपने साथ ही ले गई। बता दें कि रिया के घर सुबह सात बजे से पहले ही टीम पहुंच गई और छापमारी करने लगी।

एनसीबी के एक सीनियर आईपीएस अधिकारी ने कहा कि परिहार को बीती रात गिरफ्तार किया गया और उसे आज मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाएगा। छापेमारी के दौरान सैमुअल और शॉविक के घर से कुछ अहम सबूत भी मिले हैं। क्योंकि जांच अभी बहुत ही शुरुआती दौर में है और ऐसी स्थिति में सबूतों का विवरण नहीं दिया जा सकता है। 

बता दें कि इससे पहले मुंबई की एक अदालत ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार मादक पदार्थों के एक कथित तस्कर जैद विलात्रा को गुरुवार को नौ सितंबर तक एनसीबी की हिरासत में भेज दिया। आरोपी जैद विलात्रा (21) को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उसे आगे की जांच के लिये सात दिन की मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की हिरासत में भेज दिया।

एनसीबी ने अदालत को बताया कि विलात्रा ने कई व्यक्तियों के नाम बताए हैं जिन्हें उसने मादक पदार्थों की आपूर्ति की। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ किया जाना जरूरी है क्योंकि वह मादक पदार्थों की तस्करी में मुख्य शख्स हो सकता है। यही वजह है कि मिरांडा को आज हिरासत में लिया गया है, जिससे आज पूछताछ हो रही है। 

'पंतप्रधान नरेंद्र मोदी हे जेमतेम चार तास झोप घेतात. महाराष्ट्राचे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी तेवढा वेळ तरी काम करावं ही आमची विनंती आहे,' अशी खोचक टीका भाजपचे आमदार अतुल भातखळकर यांनी केली आहे.

राज्यातील करोनाच्या स्थितीवरून विरोधक सातत्यानं मुख्यमंत्री ठाकरे यांना लक्ष्य करत आहेत. 'घरात बसून राहणारे हे पहिलेच मुख्यमंत्री आहेत,' अशी टीका भाजप नेते करत आहेत. पुण्यात टीव्ही पत्रकाराच्या झालेल्या मृत्यूच्या घटनेनंतर मनसेनंही मुख्यमंत्र्यांना लक्ष्य केलं होतं. मुख्यमंत्री कुठे आहेत? ते कधी बाहेर पडणार आहेत? कधी लोकांना दिलासा देणार आहेत?, असे प्रश्न मनसेनं उपस्थित केले होते. विरोधकांच्या या टीकेला उत्तर देताना शिवसेनेचे खासदार संजय राऊत यांनी विरोधकांना टोला हाणला होता. 'सध्या पंतप्रधान मोदी आणि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांच्या कामाची पद्धत सारखीच आहे, हे विरोधकांनी लक्षात घ्यायला हवं. पंतप्रधान व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शहा हे त्यांच्या कार्यालयात बसून काम करतात. ही काळाची गरज आहे. मुख्यमंत्रीही त्यांच्या कार्यालयात बसून सर्व यंत्रणांवर लक्ष ठेवून आहेत. बाहेर पडून एका ठिकाणी जाण्यापेक्षा एका ठिकाणी राहून दहा ठिकाणची कामे मार्गी लागत असतील तर ते अधिक फायद्याचं आहे,' असंही ते म्हणाले होते.

उद्धव ठाकरे व मोदी यांच्या कामाची राऊत यांनी केलेली तुलना भाजपला रुचलेली नाही. त्यामुळंच भातखळकर यांनी तात्काळ राऊतांना उत्तर दिलं आहे. 'कार्यकारी संपादक उद्धवजींची तुलना ब्रह्मदेवाशीही करू शकतात. बाकी सत्य काय ते महाराष्ट्राच्या जनतेला ठाऊकच आहे,' असं त्यांनी म्हटलं आहे. 'मोदीजी फक्त चार तास झोप घेतात, तेवढा वेळ तरी काम करा,' असा चिमटाही त्यांनी उद्धव ठाकरे यांना काढला आहे.

नॅशनल पार्क तथा संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यानाजवळची ६०० एकर वनांसाठी राखीव ठेवून येथे वनसंपदेचे संवर्धन करण्याचा महत्त्वपूर्ण निर्णय ठाकरे सरकारनं घेतला आहे. या निर्णयानंतर राज्याचे गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड यांनी 'संघर्षाचा विजय असो' असं म्हणत सूचक ट्वीट केलं आहे.

मेट्रो कारशेडसाठी प्रस्तावित असलेली ही जागा हजारो झाडांची कत्तल झाल्यामुळं वादग्रस्त ठरली होती. फडणवीस सरकारच्या काळात या जागेवर मेट्रो कारशेड बांधण्याचा प्रस्ताव होता. त्यास पर्यावरणप्रेमी संघटना व मागील सरकारमध्ये सहभागी असलेल्या शिवसेनेनं विरोध दर्शवला होता. मात्र, भाजपनं शिवसेनेचा विरोध डावलून तिथं कारशेड उभारण्याचा चंग बांधला होता. राज्यात महाविकास आघाडीचे सरकार आल्यानंतर 'आरे'तील मेट्रो कारशेड प्रकल्प रद्द करण्याची चर्चा सुरू झाली होती. त्यावर काल मंत्रिमंडळाच्या बैठकीत शिक्कामोर्तब करण्यात आले. एखाद्या महानगराच्या मध्यभागी अशा रीतीने विस्तीर्ण जंगल फुलविण्याचे संपूर्ण जगातील हे पहिलेच उदाहरण ठरणार आहे. राखीव वनाचा निर्णय घेताना आदिवासी समुदाय तसेच इतर संबंधितांचे हक्क अबाधित ठेवावेत, असेही मुख्यमंत्र्यांनी निर्देश दिले.

सिंधुदुर्ग जिल्ह्यात व्यवसायानिमित्त येणाऱ्या नागरिकांना केवळ नोंदणी आणि थर्मल तपासणी करणे आवश्यक असल्याचे राज्याचे उच्च व तंत्र शिक्षण मंत्री तथा सिंधुदुर्ग जिल्ह्याचे पालकमंत्री उदय सामंत यांनी स्पष्ट केले. ( Uday Samant On Sindhudurg District Unlock ) मंत्रालयात झूम अॅपच्या माध्यमातून कोकण विभागाची आढावा बैठक घेण्यात आली. यावेळी आमदार वैभव नाईक, कोकण विभागाचे विभागीय आयुक्त अण्णासाहेब मिसाळ, सिंधुदुर्ग जिल्हाधिकारी के. मंजुलक्ष्मी, रत्नागिरी जिल्हाधिकारी लक्ष्मी नारायण मिश्र, पोलीस अधीक्षक दीक्षितकुमार गेडाम आदि उपस्थित होते.

उदय सामंत म्हणाले, करोना संकटाशी सामना करीत असताना केंद्र आणि राज्य सरकारतर्फे वारंवार वाहतुकीच्या आणि प्रवासाच्या नियमांमध्ये बदल करीत आले आहे. सिंधुदुर्ग जिल्ह्यामध्ये व्यवसाय करण्यासाठी येणाऱ्या नागरिकांची आणि कामगारांची संख्या लक्षणीय आहे. याचा विचार करीत आणि त्यांची कसलीही गैरसोय होऊ नये म्हणून जिल्ह्यात प्रवासासाठी घातलेले निर्बंध शिथिल करण्यात आले आहेत.

सिंधुदुर्ग जिल्ह्याच्या सर्व सीमा खुल्या करण्यात आल्या आहेत. त्यामुळे जिल्ह्यात येणे व जाणे सोयीस्कर होणार आहे. तसेच तपासणी नाक्यांवर प्रवेश करणाऱ्यांची प्राथमिक माहिती घेतली जाईल. त्यांचे थर्मल स्क्रीनिंग करण्यात येईल. गोवा राज्यातून कामानिमित्त सिंधुदुर्ग जिल्ह्यात येणारे व गोवा राज्यात जाणारे यांना परवानगी असेल. आता जिल्ह्याच्या सर्व सीमा खुल्या झाल्या असल्याचे सिंधुदुर्ग पालकमंत्री उदय सामंत यांनी सांगितले. बैठकीत वाळू लिलाव संदर्भातही चर्चा करण्यात आली.

पुणे महापालिकेचे माजी महापौर दत्तात्रय गोविंद तथा दत्ता एकबोटे यांचे मध्यरात्री सव्वा बाराच्या दरम्यान करोनाने ससून रुग्णालयात निधन झाले. ते ८४ वर्षाचे होते. त्यांच्यामागे पत्नी, दोन मुली आणि नातू आहे.

गरीबांचे लढाऊ नेते अशी ओळख असलेले एकबोटे हे समाजवादी विचारांचे होते. समाजवादी पक्ष, जनता पक्ष आणि त्यानंतर राष्ट्रवादी काँग्रेसमध्ये राज्य उपाध्यक्ष म्हणून काम केले. कष्टकऱ्याचेसाठी त्यांनी अनेकदा आंदोलने केली आणि तुरुंगवासही भोगला. आणीबाणीतही हे स्थानबद्ध होते. गोल्फ क्लब आणि खराडी इथे विडी कामगारांसाठीची शेकडो घरे त्यांनी उभारली. राणाप्रताप उद्यानात त्यांच्या पुढाकाराने एसेम जोशी यांचा पूर्णाकृती पुतळा त्यांनी उभारला. महात्मा फुले पेठेतून ते निवडून येत.

नुकतेच त्यांच्यात ज्येष्ठ मुलीचे आणि तरुण मुलाचे करोनाने निधन झाले आहे. एकबोटे यांना करोना झालाय हे समजताच त्यांनी अनेक रुग्णालयाशी संपर्क साधला, पण त्यांना कुठेच जागा उपलब्ध झाली नाही. अखेर त्यांना ससून रुग्णालयात दाखल व्हावे लागले. तिथेही त्यांना योग्य उपचार मिळत नव्हता. माजी नगरसेविका मीनाक्षी ज्ञानेश्वर काडगी यांनी गिरीश बापट, अजित पवार यांच्याशी संपर्क साधला त्यानंतर सुविधा उपलब्ध झाल्या आणि गांभीर्याने उपचार केले गेले. निधनानंतरही त्यांच्या अंत्यसंस्कारात अडचणी निर्माण झाल्या. निधनानंतर त्यांचं पार्थिव प्रथम कैलास स्मशानभूमीत नेण्यात आले. तिथे जागा नसल्याने त्यांना येरवडा इथं नेण्यात आले. आणि त्यानंतर कोरेगाव पार्क स्मशानभूमीत अंत्यसंस्कार करण्यात आले.

सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणाच्या निमित्तानं हिंदी चित्रपटसृष्टीतील अंतर्गत वादही उफाळून आले आहेत. या प्रकरणात ड्रग रॅकेटचीही चर्चा असल्यानं त्यावरूनही टीका-टिप्पणी सुरू झाली आहे. सुशांत प्रकरणात बॉलिवूडमधील काही मंडळींना व मुंबई पोलिसांना लक्ष्य करणारी अभिनेत्री कंगना राणावत हिनं काही अभिनेत्यांची ड्रग टेस्ट करण्याची मागणी केली आहे. तोच मुद्दा उचलून धरत माजी खासदार नीलेश राणे यांनी पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे यांना लक्ष्य केलं आहे.

सुशांत प्रकरणात कंगना राणावत हिनं सुरुवातीला बॉलिवूडमधील घराणेशाही व कंपूशाहीवर हल्लाबोल केला होता. मात्र, या प्रकरणाला राजकीय वळण लागल्यानंतर तिनं मुंबई पोलीस व राज्य सरकारवर टीका सुरू केली होती. आता या प्रकरणात ड्रग अँगल समोर आल्यानंतर तिनं बॉलिवूडमधील काही अभिनेत्यांना लक्ष्य केलं होतं.रणवीर सिंह, रणबीर कपूर, अयान मुखर्जी आणि विकी कौशल यांनी ड्रग टेस्ट करून घ्यावी, अशी मागणी तिनं केली होती. हे चौघे कोकेनच्या आहारी गेल्याच्या चर्चा आहेत. त्यांनी टेस्ट करून ह्या अफवांना उत्तर द्यावं. असं करून ते लाखो तरुणांसमोर एक उदाहरण ठेवू शकतात, असं ट्वीट तिनं केलं होतं. कोणत्याही कलाकाराला राष्ट्रीय पुरस्कार देण्यापूर्वी त्याची ब्लड टेस्ट करावी, असंही ती एका मुलाखतीत म्हणाली होती.

गणेशोत्सवाच्या काळात उत्सवाची नियमावली, चाकरमान्यांच्या प्रवासाची सोय व अन्य मुद्द्यांवरून ठाकरे सरकारला धारेवर धरणाऱ्या भाजपनं आता सरकारला नवरात्रोत्सवाची आठवण करून दिली आहे. भाजपचे आमदार अॅड. आशिष शेलार यांनी या संदर्भात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांना सविस्तर पत्रच लिहून एक महत्त्वाची मागणी केली आहे.

शेलार यांनी पत्राद्वारे मूर्तीकारांना दिलासा देण्याची मागणी सरकारकडं केली आहे. 'गणेशोत्सवानंतर नवरात्रोत्सवाची तयारी सुरू झाली आहे. मूर्तीकार देवीची मूर्ती घडविण्यास सुरुवात करत आहेत. करोनाच्या पार्श्वभूमीवर देवीच्या मूर्तीची उंची किती असणार? नवरात्र उत्सवाचे स्वरूप कसे असणार? गणेशोत्सवाचे नियम या उत्सवालाही लागू असतील की त्यात बदल होणार? याबाबत मूर्तीकारांना वेळीच माहिती मिळण्याची आवश्यकता आहे,' असं शेलार यांनी म्हटलं आहे.

'करोनामुळं आधीच मूर्तीकारांना मोठा फटका बसला आहे. मूर्तींच्या उंचीबाबत स्पष्टता होण्यास उशीर झाल्यानं चार फूटांपेक्षा उंच असलेल्या अनेक मूर्ती कारखान्यात शिल्लक आहेत. मोठ्या संख्येने मूर्तीकार व कारखाने असलेल्या पेणमधील दोहे, हरामपूर, केळवे या गावांचे आर्थिक नुकसान २० ते २५ कोटींचे आहे. तेच मूर्तीकार आता देवीच्या मूर्ती घडविणार असल्यानं वेळीच सरकारनं स्पष्टता आणणं गरजेचं आहे. मुंबई शहरात देवीच्या मूर्ती घडवणारे ५ हजार मूर्तीकार व कारखाने आहेत. मूर्तीच्या उंचीच्या बाबतीत त्यांच्या मनात संभ्रम आहे. मूर्तीकार ही एक छोटी इंडस्ट्री असून हजारो कामगार, कारागिरांचा उदरनिर्वाह त्या उद्योगावर अवलंबून आहे. इतर उद्योगांप्रमाणे या उद्योगालाही करोनाची झळ बसली आहे. त्यांचे अधिक नुकसान होऊ नये म्हणून उत्सवाच्या नियमावली सरकारनं वेळीच जाहीर करावी. त्यासाठी सर्व संबंधितांची तातडीची बैठक घ्यावी,' अशी मागणी शेलार यांनी पत्रातून केली आहे.

अनंत चतुर्दशी दिवशी पुणेकर गणरायाला भक्तीभावाने निरोप देत असताना, शहरातील सर्व सरकारी, खासगी रुग्णालयात दिवसभर करोना बाधितांसाठी आयसीयू व्हेंटिलेटरच्या खाटाच उपलब्ध नव्हत्या. सर्व रुग्णालयातील खाटा फुल्ल असल्याचे लाइव्ह डॅशबोर्डवर दिवसभर दाखवले जात होते. ( Coronavirus In Pune )

सप्टेंबर महिन्यात करोना साथरोग उच्चांक गाठण्याचे इशारे दिले जात असतानाच, महिन्याच्या पहिल्याच दिवशी एकाही रुग्णालयात आयसीयू ‘सप्टेंबर महिन्यात पुण्यात साथरोग उच्चांक गाठेल, असा इशारा आरोग्य तज्ज्ञांकडून दिला जात आहे. मात्र, महापालिका प्रशासन गाफील असल्याचे डॅशबोर्डवरील व्हेंटिलेटरयुक्त खाटांच्या अनुपलब्धतेवरून दिसत आहे. जंबो कोविड केअर सेंटरमुळे खाटांची कमतरता भासणार नाही, असा दावा केला जात होता. प्रत्यक्षात सीओईपीच्या ८०० बेडच्या रुग्णालयात केवळ तीसच व्हेंटिलेटरयुक्त खाटा उपलब्ध आहेत. त्यामुळे जंबो कोविड सेंटर हे व्हेंटिलेटरयुक्त खाटांच्या कमतरतेवर उपाय असू शकत नाही, हे वारंवार सांगूनही प्रशासन त्याकडे दुर्लक्ष करत आहे, अशी टीका आम आदमी पक्षाचे डॉ. अभिजित मोरे यांनी केली.

महापालिकेची सर्व रुग्णालये सुरू करून, तिथे ऑक्सिजन, व्हेंटिलेटरयुक्त खाटांची सोय केली पाहिजे. कमला नेहरू रुग्णालयांतील आयसीयू सुरू केले पाहिजे. त्याचबरोबर महात्मा फुले जनआरोग्य योजनेचा विस्तार केला पाहिजे. त्यामध्ये शहरातील लहान रुग्णालयांशी करार करून, त्यांनाही या योजनेच्या कक्षेत आणले पाहिजे, जेणेकरून अधिकाधिक बेड रुग्णांना उपलब्ध होतील, असे डॉ. अभिजित मोरे यांनी नमूद केले.

राज्यातील सर्व खासगी व धर्मादाय आयुक्तांकडे नोंदणीकृत असलेल्या रुग्णालयांमधील शासनाने दर नियंत्रित केलेल्या ८० टक्के खाटा करोना व अन्य रुग्णांच्या उपचारासाठी राखीव ठेवण्याच्या महत्त्वपूर्ण निर्णयाला राज्य शासनाने तीन महिन्यांची मुदतवाढ दिली आहे. यासंदर्भात आरोग्य विभागाचे प्रधान सचिव डॉ. प्रदीप व्यास यांच्या स्वाक्षरीने सुधारित अधिसूचना काढण्यात आली आहे, असे आरोग्यमंत्री राजेश टोपे यांनी सांगितले. ( Rajesh Tope Speaks About Private Hospitals Reserved Beds) मेस्मा, आपत्कालीन व्यवस्थापन कायदा, साथरोग नियंत्रण कायदा, बॉम्बे चॅरिटेबल ट्रस्ट आणि बॉम्बे नर्सींग होम कायद्यांमधील तरतुदींच्या अनुषगांने खासगी रुग्णालयांना राज्य शासनाने काढलेल्या आदेशाचे पालन करणे बंधनकारक असणार असून करोनाच्या रुग्णांना खाटा उपलब्ध होण्याबरोबरच उपचाराच्या दरावर देखील नियंत्रण राहील, असे आरोग्यमंत्र्यांनी सांगितले. राज्य या शासनाच्या या आदेशानुसार खासगी रुग्णालयांना शासन निर्धारित दरानुसार रुग्णांवर उपचार करणे बंधनकारक आहे. खाटा राखीव करण्याचे अधिकार महापालिका क्षेत्र वगळता जिल्हाधिकारी यांना तर महापालिका क्षेत्रासाठी महापालिका आयुक्त यांना प्राधिकृत करण्यात आले आहे. राज्यस्तरावर राज्य आरोग्य हमी सोसायटी च्या मुख्य कार्यकारी अधिकाऱ्यांना हे अधिकार देण्यात आले आहेत.

मनाई असतानाही जमावबंदीचा आदेश झुगारून पंढरपुरात आंदोलन केल्याप्रकरणी वंचित बहुजन आघाडीचे नेते प्रकाश आंबेडकर यांच्यासह दीड हजार कार्यकर्त्यांवर गुन्हे दाखल करण्यात आले आहेत. आंबेडकरांसह विठ्ठल मंदिरात प्रवेश करणाऱ्या १२ नेत्यांवरही गुन्हे दाखल करण्यात आले आहेत.

प्रकाश आंबेडकर यांनी काल पंढरपुरात आंदोलन करत विठ्ठल मंदिरात प्रवेश केला होता. यावेळी प्रचंड गर्दी जमली होती. त्यामुळे सोशल डिस्टन्सिंगचा फज्जा उडाला होता. जमावबंदी असतानाही हे आंदोलन झाल्याने पंढरपूर पोलिसांनी काल उशिरा आंबेडकरांसह १२ प्रमुख नेत्यांवर गुन्हे दाखल केले आहेत. तसेच इतर दीड हजार कार्यकर्त्यांवरही गुन्हे दाखल करण्यात आले आहेत.

राज्यातील मंदिरं सुरू करण्यासाठी प्रकाश आंबेडकर यांनी पंढपूरच्या विठ्ठल मंदिरात प्रवेश करण्याच्या आंदोलनाची हाक दिली होती. या आंदोलनात १ लाख वारकरी सामिल होणार असल्याचा दावा त्यांनी केला होता. आंबेडकर यांच्या कालच्या आंदोलनात एक लाख वारकरी सहभागी झाले नव्हते. मात्र, वारकऱ्यांसह हजारो लोकांनी या आंदोलनात भाग घेतला होता. या आंदोलनाच्या पार्श्वभूमीवर संपूर्ण पंढरपुरात मोठा पोलीस बंदोबस्त ठेवण्यात आला होता. तसेच पंढरपूरला येणारी एसटी सेवा बंद ठेवण्यात आली होती. तसेच मंदिराभोवती दहा फूट उंच बॅरिकेट्स लावण्यात आल्या होत्या. मात्र, आंदोलनात हजारो लोक सहभागी झाल्याने पोलिसांची तारांबळ उडाली होती. गर्दीमुळे पंढरपूर परिसरात रेटारेटी झाली. त्यामुळे सोशल डिस्टन्सिंगचा फज्जा उडाला होता. या पार्श्वभूमीवर आंदोलकांवर गुन्हे दाखल करण्यात आले आहेत.

सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणात चर्चेत असलेल्या संदीप सिंहचे व भाजपचे काय संबंध आहेत याची चौकशी करण्याची मागणी काँग्रेसनं लावून धरली आहे. त्यावरून माजी खासदार नीलेश राणे यांनी काँग्रेसवर जोरदार टीका केली आहे.

चित्रपट निर्माता असलेला संदीप सिंह हा बॉलिवूडमधील ड्रग रॅकेटशी संबंधित असल्याची चर्चा आहे. संदीपची सुशांतशी चांगली मैत्री होती. सुशांत प्रकरणात ड्रगचा अँगल पुढं आल्यानं संदीपचं नावही या प्रकरणात जोडलं गेलं आहे. 'पीएम नरेंद्र मोदी' या चित्रपटाची निर्मिती करणाऱ्या संदीपचे भाजपच्या नेते मंडळींशी मैत्रीचे संबंध आहेत. संदीप मागील वर्षी ठराविक कालावधीत महाराष्ट्र भाजपच्या कार्यालयात तब्बल ५३ वेळ कॉल केले होते, असा आरोपही काँग्रेसनं केला आहे. भाजप कार्यालयातून संदीप सिंहशी कोण बोलायचा? त्याचा भाजपमधील हँडलर कोण आहे?, असे प्रश्न काँग्रेस सातत्यानं उपस्थित करत आहे.

काँग्रेसचे प्रवक्ते सचिन सावंत यांनी काल याच प्रकरणी गृहमंत्री अनिल देशमुख यांची भेट घेतली व संदीप सिंह-भाजप व ड्रग कनेक्शनची चौकशी करण्याची मागणी केली. अनिल देशमुख यांनीही त्यास प्रतिसाद देत काँग्रेसची ही मागणी सीबीआयच्या अधिकाऱ्यांपर्यंत पोहोचवली जाईल, असं स्पष्ट केलं.

या पार्श्वभूमीवर नीलेश राणे यांनी ट्वीट केलं आहे. नीलेश राणे हे या प्रकरणात सातत्यानं बोलत असून पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे यांच्याकडं बोट दाखवत आहेत. आजच्या ट्वीटमध्येही त्यांनी थेट आदित्य ठाकरे यांचे नाव घेऊन काँग्रेसवर निशाणा साधला आहे. 'सुशांतसिंहच्या प्रकरणात आदित्य ठाकरेंना वाचवण्यासाठी काही काँग्रेसवाल्यांना शिवसेनेने पगारावर ठेवले आहे. रोज उठून काँग्रेसवाले संदीप सिंह आणि भाजपचं कनेक्शन शोधतायत. मीडियावाले सुद्धा दिशा सालियन आणि सुशांत प्रकरणातले खरे आरोपी शोधायचं विसरून फालतू प्रकरणात गुंतले आहेत,' असं नीलेश यांनी ट्वीटमध्ये म्हटलं आहे.

राज्यात महाविकास आघाडीचे सरकार आल्यापासून ठाकरे व पवार कुटुंबीयांतील जवळीक वाढली आहे. राज्यातील राजकीय प्रश्नांवर राष्ट्रवादी काँग्रेसचे अध्यक्ष शरद पवार व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांच्या सातत्यानं भेटीगाठी होत असतात. मात्र, पवार-ठाकरे कुटुंबीयांची सोमवारी झालेली भेट काहीशी वेगळी होती. गणेशोत्सवाच्या निमित्तानं ही दोन्ही कुटुंबं एकत्र आली होती.

वर्षा' या शासकीय निवासस्थानी प्रतिवर्षी श्रीगणेशाची प्रतिष्ठापना केली जाते. उद्धव ठाकरे यांनी मुख्यमंत्री झाल्यानंतर आपला मुक्काम 'वर्षा' निवासस्थानी हलवला नसला तरी गणपतीची प्रतिष्ठापना करण्यात आली आहे. मुख्यमंत्र्यांच्या घरातील गणपतीचे दर्शन घेण्यासाठी शरद पवार हे काल सहकुटुंब 'वर्षा' निवासस्थानी पोहोचले. प्रतिभाताई पवार, खासदार सुप्रिया सुळे व सदानंद सुळे हे देखील त्यांच्यासोबत होते. ठाकरे कुटुंबीयांनी या सर्वांचे स्वागत केले.

राज्यात विखे आणि पवार कुटुंबातील राजकीय वैर सर्वसुश्रत आहे. त्यांची तिसरी पिढी मात्र एका बायपासच्या कामासाठी एकत्र येणार आहे. तशी इच्छा भाजपचे खासदार डॉ. सुजय विखे यांनी व्यक्त केली असली तरी राष्ट्रवादीचे आमदार रोहित पवार यांची यासंबंधीची भूमिका अद्याप स्पष्ट व्हायची आहे.

कर्जत शहरातील बायपास रस्त्याचा प्रश्न सध्या गाजतो आहे. कर्जत-बारामती रस्त्याचे रुंदीकरण सुरू आहे. यामध्ये कर्जत शहरातील काही गाळे पाडावे लागणार आहेत. त्यामुळे तसे न करता शहराला सुमारे ४० किलोमीटरचा बायपास करण्याचा प्रयत्न आहे. त्यासाठी विखे यांच्या सूचनेनुसार सार्वजनिक बांधकाम विभागाने आराखडाही तयार केला आहे. यातून गाळेधारकांना दिलासा मिळणार असला तरी अन्य व्यापारी आणि ज्यांच्या शेतातून बायपास जाणार आहे, त्यांच्याकडून विरोध सुरू झाला आहे. शेत जमीन जाणार आणि बायपास झाल्यावर शहरातील बाजारपेठ ओस पडणार असे त्यांचे म्हणने आहे. त्यामुळे त्यांनी कर्जत-जामखेड मतदारसंघाचे आमदार रोहित पवार यांच्याकडे धाव घेतली आहे. पवार लवकरच कर्जतला येऊन यासंबंधी बैठक घेणार आहेत.

भिवंडी येथील कामावरी नदीत मासेमारी करण्यासाठी गेलेल्या दोन सख्ख्या भावांचा बुडून मृत्यू झाल्याची दुर्दैवी घटना भिवंडीत घडली आहे. बुडालेल्या दोन्ही भावांचे मृतदेह अग्निशमक दलाने बाहेर काढले. मासेमारी करताना हे दोघं भाऊ सेल्फी काढायला गेले आणि त्यात त्यांचा मृत्यू झाला. शहबाज अन्सारी आणि शाह आलम अन्सारी अशी या दोघा मृतांची नावं आहेत.

नदीत पडून दोन भावांचा मृत्यू
शहबाज आणि शाह आलम हे दोघे भाऊ शनिवारी संध्याकाळी ४ वाजता भिवंडी येथील कामवारी नदीत चाविंद्रा पेट्रोल पंपाच्यामागे मासे पकडण्यासाठी गेले होते. यावेळी त्यांची आई देखील त्यांच्यासोबत होती. मासेमारी करताना सेल्फी घेण्याच्या नादात एकाचा पाय घसरला आणि तो पाण्यात बुडाला. भावाला बुडताना बघून दुसऱ्या भावाने पाण्यात उडी घेतली. मात्र पाण्याचा अंदाज न आल्यामुळे दोन्ही भाऊ पाण्यात बुडाले. आईच्या डोळ्यादेखत हा सर्व प्रकार घडला. आपल्या मुलांना पाण्यात वाहून जाताना तिनं पाहिलं.

आईने केलेल्या आरडाओरडीमुळे स्थानिकांनी घटनास्थळी धाव घेतली. स्थानिक तरूणांनी तातडीने पाण्यात उतरून शोधकार्य सुरू केलं. रात्री साडेसातनंतर त्यांचे मृतदेह बाहेर काढण्यात यश आलं. या दुर्दैवी घटनेमुळे मिल्लत नगर भागात शोककळा पसरली.

सुशांतसिंह राजपूत याच्या आत्महत्या प्रकरणी सीबीआय चौकशीस जे विरोध करत आहेत त्यांच्याबाबत संशय निर्माण होत आहे. आम्ही कुणाचेच नाव घेतले नाही. यासंदर्भात दररोज एक नवीन तथ्य बाहेर येत आहे, असे म्हणत केंद्रीय अन्न व ग्राहक संरक्षण राज्यमंत्री रावसाहेब पाटील दानवे यांनी महत्त्वाचे भाष्य केले. ( Raosaheb Danve on Sushant Singh Rajput case )

सुशांत प्रकरणी ज्या घडामोडी घडत आहेत त्यावरून संशयाचे वातावरण निर्माण होत आहे. या प्रकरणाची सीबीआय चौकशी व्हावी असे भारतीय जनता पक्षाचे स्पष्ट मत आहे. त्यात आम्ही कुणाचेच नाव घेतलेले नाही. कुणावर आरोपही केलेले नाहीत. भाजपचा या सगळ्या प्रकरणात काहीही संबंध नाही. लोकांचे लक्ष विचलित करण्यासाठी काँग्रेस प्रवक्ते सचिन सावंत काहीही आरोप करत आहेत. ही सगळी गोष्ट त्यांच्याच अंगलट येत असल्याने हा खटाटोप सुरू आहे, असा प्रतिहल्लाही रावसाहेब दानवे यांनी केला.

मुलीच्या संगनमताने पत्नीने पतीची हत्या केल्याची धक्कादायक घटना नालासोपारा पश्चिम येथे उघडकीस आली. या प्रकरणी नालासोपारा पोलिस ठाण्यात हत्येचा गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे.

नालासोपारा पश्चिमेला हनुमान नगर येथे सुरेश जग्गा वाघेला (४६) हा पत्नी जसु वाघेला (३९) आणि मुलगी मोनिका वाघेला (२३) यांच्यासह राहत होता. या तिघांमध्ये आर्थिक कारणांवरून नेहमीच खटके उडत होते. २६ ऑगस्ट रोजी रात्री ८ वाजण्याच्या सुमारास सुरेश आणि त्याची मुलगी व पत्नी यांच्यात पैशांवरून भांडण सुरू झाले होते. वाद सुरू असताना खिडकीची तुटलेली काच सुरेश यांना लागून गंभीर दुखापत झाल्याने त्यांना रुग्णालयात दाखल करण्यात आले. त्यानंतर त्यांना डॉक्टरांनी उपचाराआधीच मृत घोषित केले.

याबाबत नालासोपारा पोलिस ठाण्यात अकस्मात मृत्यूची नोंददेखील करण्यात आली, मात्र तपासादरम्यान सुरेश यांची हत्या केल्याचा आरोप त्यांच्या कुटुंबीयांनी केल्याचे पोलिसांनी सांगितले. त्यानुसार नालासोपारा पोलिसांनी त्यांची पत्नी जसु आणि मुलगी मोनिका यांच्याविरोधात शनिवारी हत्येचा गुन्हा दाखल करून तत्काळ अटक केली. त्यांना ५ सप्टेंबरपर्यंत पोलिस कोठडी सुनावल्याचे नालासोपारा पोलिस ठाण्याचे सहाय्यक पोलिस निरीक्षक किशोर माने यांनी सांगितले.

सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणात मुंबई पोलिसांवर कशा प्रकारे दबाव टाकला जात होता आणि कोणाकडून टाकला जात होता, याची सगळी माहिती आमच्याकडे आहे. सीबीआयला ही माहिती देण्याची तयारी आहे, असं भाजपचे आमदार अतुल भातखळकर यांनी म्हटलं आहे.

भातखळकर यांनी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शहा यांना या संदर्भात एक पत्र लिहिलं आहे. सुशांत प्रकरणात मुंबई पोलिसांनी बॉलिवूडमधील अनेक निर्माते, दिग्दर्शकांची चौकशी केली होती. मात्र, काही लोकांना बोलावण्यात आले नव्हते. त्यावरून राज्य सरकारवर आरोप होत होते. मुंबई पोलिसांवर दबाव येत असल्याचा आरोप भाजपनं केला होता. आता भातखळकर यांनी अमित शहा यांना पत्र लिहून याबाबत माहिती देण्याची तयारी दर्शवली आहे. 'सुशांत प्रकरणाशी बॉलिवूड, ड्रग्ज आणि राजकीय नेत्यांच्या विषारी युतीचा संबंध आहे. ही युती चव्हाट्यावर येऊ नये म्हणून राज्य सरकारमधील काही मंत्री निकराचे प्रयत्न करत होते. मुंबई पोलिसांनी सुशांत प्रकरणात बॉलिवूडमधील मंडळीची चौकशी सुरू केल्यानंतर विशिष्ट लोकांना चौकशीला बोलवू नये. बोलवायचेच असेल तर अमूक अमूकच स्टेंटमेंट घ्या, असा दवाब पोलिसांवर टाकला गेला होता. सीबीआयनं या साऱ्याचा पर्दाफाश करावा, अशी मागणी भातखळकर यांनी पत्राद्वारे केली आहे.

'याबाबतची सर्व माहिती आमच्याकडे आहे. ती सीबीआयला देण्याची आमची तयारी आहे. सुशांतसिंह यांचा मृत्यू ही एक आत्महत्या आहे, असं दर्शवणारी वक्तव्ये व ट्वीट राज्याचे गृहमंत्री अनिल देशमुख यांनी केले होते. याचीही चौकशी व्हावी, अशी मागणी पत्रातून करण्यात आली आहे.

कर्जत-जामखेड मतदारसंघाचे आमदार रोहित पवार राज्यासह देशपातळीवरील मुद्यांवरही आपले मते मांडू लागल्यानंतर भाजपकडून आता त्यांना टार्गेट करण्यात येऊ लागले आहे. विरोधी पक्ष नेते देवेंद्र फडणवीस यांनी रोहित पवारांना कॅलक्युलेशन समजत नसल्याची टीका केली होती. तर भाजपचे माजी मंत्री प्रा. राम शिंदे यांनी पवारांना नॉलेज नसल्याचे म्हटले होते. फडणवीसांच्या टीकेला सविस्तर पोस्ट लिहून उत्तर दिल्यानंतर शिंदेच्या टीकेला उत्तर देताना रोहित पवार यांनी आरोग्याच्या प्रश्नावर केंद्र सरकारला टार्गेट केले आहे.

जीएसटी आणि व्हॅटसंबंधी पवार यांनी मांडलेल्या मुद्द्यावर पवार यांनी फडणवीस यांचा उल्लेख करून सविस्तर आकडेवारीसह पोस्ट लिहिली होती. आता त्यांचे मतदारसंघातील विरोधक माजी मंत्री शिंदे यांनी आरोग्य विषयावरून पवारांवर टीका केली. त्यावर पवार यांनी केंद्र सरकारच्या एका निर्णयाकडे लक्ष वेधून आपले आरोग्य विषयातही लक्ष असल्याचे दाखवून देण्याचा प्रयत्न केला आहे.

रोहित पवार यांनी म्हटले आहे की, ‘आरोग्याचा वाढता खर्च भागवताना राज्याच्या तिजोरीवर प्रचंड ताण येत आहे. अशातच आज एक बातमी वाचायला मिळाली ती म्हणजे 'आरटीपीसीआर टेस्ट किट', पीपीई किट आणि एन-९५ मास्क याचा राज्यांना करण्यात येणारा पुरवठा थांबवण्याचा निर्णय केंद्र सरकारने घेतला. हा निर्णय म्हणजे आधीच अडचणीत असलेल्या राज्यांची आणखी कोंडी करण्याचा प्रकार आहे. ही करोना प्रतिबंधक साधने आजपर्यंत केंद्र सरकारकडून राज्यांना पुरवण्यात येत होती. खरेदी मोठ्या प्रमाणात होत असल्याने ही साधने केंद्राला कमी किंमतीतही मिळू शकतात. पण एकीकडे पेशंटची संख्या वाढत असताना या साधनांचा पुरवठा बंद करण्याचा निर्णय घेतला, हे चुकीचे आहे.’

राज्यातील जिम सुरु करण्याबाबत शासन सकारात्मक आहे. जिमच्या माध्यमातून करोनाचा प्रसार होऊ नये याकरिता मार्गदर्शक तत्वे जिम मालकांनी शासनास सादर करावीत. त्याआधारे जिम सुरु करण्याचा निर्णय घेण्यात येईल, असे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी सांगितले.

मुंबईतील जिम चालकांनी आज वर्षा निवासस्थानी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांची भेट घेतली. त्यावेळी जिम सुरु करताना करोनाचा प्रसार रोखणे हे मोठे आव्हान असणार आहे. यासाठी सर्व जिमचालकांनी एकत्र येऊन नागरिकांच्या सुरक्षिततेच्या दृष्टीने काही मार्गदर्शक तत्वे ठरविणे आवश्यक आहेत. ही तत्वे राज्यातील जिम चालकांनी एकत्रितपणे ठरवून शासनास सादर केल्यास त्यावर लवकरात लवकर निर्णय घेण्यात येईल.

यावेळी मुख्यमंत्र्यांचे प्रधान सल्लागार अजोय महेता, मुख्यमंत्र्यांचे प्रधान सचिव विकास खारगे, मुंबईतील जिम चालकांचे प्रतिनिधी महेश गायकवाड, निखिल राजपुरिया, करन तलरेजा, हेमंत दुधवडकर, गुरुजितसिंग गांधी, योगिनी पाटील, साईनाथ दुर्गे, रमेश गजरीया, मनोज पाटील उपस्थित होते.

दरम्यान, काही दिवसांपूर्वी शिवसेना नेते संजय राऊत यांनी राज्यातील जिम सप्टेंबरच्या पहिल्या आठवड्यात सुरू होण्याचे संकेत दिले होते. माझ्या आकलनानुसार सप्टेंबरच्या पहिल्या आठवड्यात जिम सुरू होण्याचा निर्णय होऊ शकतो, असं सांगत मात्र, जिम सुरू करण्याबाबतचा अंतिम निर्णय मुख्यमंत्रीच घेतली असंही राऊत म्हणाले होते. त्यामुळे आज जिमचालकांनी मुख्यमंत्र्यांची भेट घेतल्याने मंगळवारनंतर जिम सुरू करण्याबाबतची नोटिफिकेशन्स राज्य सरकार काढण्याची शक्यता वर्तवली जात आहे.

सुशांतसिंह राजपूत याच्या आत्महत्या प्रकरणात सध्या चर्चेत असलेला त्याचा मित्र संदीप सिंह याचे भाजपशी खूप जवळचे संबंध असल्याचा दावा काँग्रेसनं एका वृत्ताच्या हवाल्यानं केला आहे. 'लंडनमध्ये पळून जाण्याच्या तयारीत असलेल्या संदीप सिंह याने महाराष्ट्र भाजपच्या कार्यालयात ५३ वेळा फोन केले होते, असा दावाही काँग्रेसनं केला आहे.

बॉलिवूडमधील ड्रग्ज रॅकेटच्या संदर्भात सीबीआय संदीप सिंहची चौकशी करणार आहे. हे समजताच महाराष्ट्र काँग्रेसचे प्रवक्ते सचिन सावंत यांनी काल विरोधी पक्षनेते देवेंद्र फडणवीस यांच्यासोबतचा त्यांचा फोटो ट्वीट केला होता. संदीप सिंह हा बॉलिवूडमधील एक निर्माता असून त्यांना पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या आयुष्यावर चित्रपट बनवला होता. त्यामुळं भाजपशी असलेल्या त्याच्या संबंधांची चौकशी व्हावी, अशी मागणी सावंत यांनी काल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व गृहमंत्री अनिल देशमुख यांच्याकडे केली होती. आज पुन्हा सावंत यांनी एका चॅनेलचा हवाला देत ट्वीट केलं आहे. त्या माध्यमातून त्यांनी पुन्हा एकदा भाजपला घेरलं आहे.

'संदीप सिंह यानं महाराष्ट्र भाजपच्या कार्यालयातील लँडलाइनवर १ सप्टेंबर ते २३ डिसेंबर २०१९ या काळात तब्बल ५३ वेळा फोन केला होता, असं कॉल रेकॉर्डमधून समोर आलं आहे. त्यावरून सावंत यांनी काही प्रश्न उपस्थित केले आहेत.

ते प्रश्न असे...
'संदीप सिंह हा भाजपच्या कार्यालयात नेमका कोणाशी बोलायचा?
भाजपमध्ये संदीप सिंहचा 'हँडलर' कोण आहे?
२०१८ मध्ये संदीप सिंह भारतीय दूतावासाच्या परवानगीने मॉरिशसला गेला होता. तिथं अल्पवयीन मुलीवर लैंगिक अत्याचार केल्याचा आरोप आहे. त्या प्रकरणाचं पुढं काय झालं? मोदी सरकारनं त्याला वाचवला का?
लैंगिक अत्याचाराचा आरोप असलेल्या व्यक्तीची भाजपनं पंतप्रधान मोदी यांच्यावर चित्रपट बनवण्यासाठी निवड का केली?

मिरा भाईंदर: अल्पवयीन मुलीवर तिच्या बापाने बलात्कार केल्याची संतापजनक घटना भाईंदरच्या उत्तन येथे समोर आली आहे. या प्रकरणी नराधम बापाला उत्तन सागरी पोलिसांनी अटक केली असून पोस्कोअंतर्गत गुन्हा दाखल केलाआहे. गुरुवारी ठाणे जिल्हा सत्र न्यायालयात आरोपीला हजर केले असता न्यायालयाने ३ सप्टेंबरपर्यंत पोलिस कोठडी सुनावली आहे.

भाईंदर पश्चिमेला असणाऱ्या उत्तन परिसरात राहणाऱ्या एका ९ वर्षीय मुलींवर तिच्या (३२) वर्षीय बापाने बलात्कार केल्याची धक्कादायक घटना समोर आली आहे. पोलिसांनी दिलेल्या माहितीनुसार उत्तन परिसरात हे कुटुंब राहत आहे. पीडित मुलीची आई कामाला जाते. तर लॉकडाउनमुळे दररोज काम नसल्याने नराधाम बाप घरीच होता. त्याचाच फायदा घेत दुपारच्या वेळेस मुलीचे लैंगिक शोषण करत असे.

मागील अनेक दिवसांपासून तिचे लैंगिक शोषण सुरू होते. याबद्दल कोणाला सांगितले तर तुला मारून टाकेन अशी धमकी देत पीडित मुलीवर बलात्कार नराधम बाप करत होता. या भीतीपोटी पीडित मुलीने कोणाला काही सांगितले नाही. मात्र गेल्या आडवड्यात पीडित मुलगी शेजाऱ्यांकडे गेली असता तू इतकी शांत का आहेस, असे विचारले असता सर्व घडलेला प्रकार तिने सांगितला. ही घटना एकूण शेजारी राहणाऱ्यांना धक्का बसला. त्यानंतर त्यांनी पीडित मुलीला घेऊन थेट उत्तन पोलिस ठाणे जाऊन सविस्तर माहिती पोलिसांना दिली. याप्रकरणी पोलिसांनी मंगळवारी रात्री पोस्कोअंतर्गत गुन्हा दाखल करून बुधवारी नराधम बापाला अटक केली. गुरुवारी आरोपीला ठाणे जिल्हा सत्र न्यायालयात हजर केले असता न्यायालयाने ३ सप्टेंबरपर्यंत पोलिस कोठडी सुनावली आहे.

भाजपनं घाईघाईनं एलबीटी रद्द केल्यामुळं राज्याचं नुकसान झालं असा आरोप करणारे राष्ट्रवादी काँग्रेसचे आमदार रोहित पवार यांनी विरोधी पक्षनेते देवेंद्र फडणवीस यांनी टोला हाणला आहे. 'रोहित पवारांना कॅलक्युलेशन समजत नाही. त्यांनी नीट अभ्यास करून बोललं पाहिजे,' असं फडणवीस म्हणाले. (Devendra Fadnavis taunts Rohit Pawar)

सातारा जिल्ह्यातील करोनाच्या स्थितीचा आढावा घेतल्यानंतर ते पत्रकारांशी बोलत होते. केंद्र सरकारकडून मिळणाऱ्या जीएसटीच्या परताव्यावरून सध्या आरोप-प्रत्यारोप सुरू आहेत. अलीकडेच झालेल्या एका बैठकीत अजित पवारांनी जीएसटीवरून केंद्र सरकारकडे तीव्र नाराजी व्यक्त केली होती. त्यानंतर रोहित पवारांनीही भाजपवर टीका केली होती. 'भाजपवाल्यांना खरंच महाराष्ट्रातील जनतेबद्दल कळवळा असता तर केंद्राकडे अडकलेले जीएसटीचे पैसे त्यांनी मागितले असते, असं रोहित पवार म्हणाले होते. फडणवीसांनी या सर्व टीकेला सविस्तर उत्तर दिलं.

'जीएसटी संबंधीच्या बैठकीत अजित पवार काय बोलले आणि त्यातून अर्थ काय काढले गेले यात फरक आहे. मी त्यासाठी अजितदादांना दोष देणार नाही. पण केंद्र जीएसटीचे पैसे देत नाही अशी ओरड सातत्यानं केली जातेय. खोटं बोल पण रेटून बोल अशी काँग्रेस, राष्ट्रवादी व शिवसेनेच्या कामाची पद्धत आहे. खरंतर, केंद्र सरकारने राज्यांना देणे असलेले मागील वर्षीचे म्हणजेच, मार्च २०२० पर्यंतचे १९,५०० रुपये आधीच दिले आहेत. साथ रोग कायद्याच्या नावाखाली केंद्र सरकार ते नाकारूही शकलं असतं. पण केंद्राने तसं केलेलं नाही. आताची जी मागणी होतेय, ती मार्चनंतरच्या जीएसटीची आहे. त्याबाबतही केंद्रानं मदतीची भूमिका घेतलीय,' असं फडणवीस म्हणाले.

पुणे: बहिणीबरोबर प्रेमसंबंध असल्याच्या रागातून दोन अल्पवयीन मुलांनी एका १७ वर्षीय मुलाचा चाकूचे वार करून खून केला. वानवडी पोलिस स्टेशनच्या हद्दीत हा धक्कादायक प्रकार घडला आहे.

आयान जावेद घनपुरे (वय १७) असे खून झालेल्या मुलाचे नाव आहे. या प्रकरणी पोलिसांनी दोन अल्पवयीन मुलांना ताब्यात घेतले. सविस्तर माहिती अशी, की मृत आयान याचे एका मुलीबरोबर प्रेमसंबंध होते. त्याची माहिती मुलीच्या भावांना समजली होती. यावरून त्यांच्यात आधी भांडणही झाले होते; पण त्यांनी हे भांडण मिटवण्यासाठी प्रयत्न केले.

आयान याला सिगरेट ओढण्याची सवय होती. या दोघा अल्पवयीन मुलांनी त्याला सिगारेट ओढण्यासाठी एम्प्रेस गार्डन परिसरात नेले. आयान खाली बसून सिगारेट ओढत असताना त्यातील एकाने त्याच्यावर चाकूने हल्ला केला. त्याचा जीव जाईपर्यंत त्याच्यावर ते चाकूचे वार करीत राहिले. जीव गेल्याची खात्री झाल्यानंतर त्यांनी त्याचा मृतदेह जवळच असणाऱ्या कॅनॉलमध्ये टाकला आणि तिथून पळ काढला. अशाप्रकारे खून झाल्याची माहिती पोलिसांना मिळाली होती. त्यानंतर पोलिसांनी नाना पेठेत या दोघांनाही फिरत असताना ताब्यात घेतले. त्यांच्याकडे केलेल्या अधिक चौकशीत त्यांनी खून केल्याची कबुली दिली. वानवडी पोलिसांनी या प्रकरणी गुन्हा दाखल केला असून, अधिक तपास सुरू आहे, अशी माहिती पोलिसांनी दिली.

बेळगावात पुन्हा एकदा छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या पुतळ्यावरून वाद पेटला आहे. पिरणवाडी गावात छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या पुतळ्यासमोरच रातोरात संगोळी रायान्ना यांचा पुतळा बसवल्यानं बेळगावात पुन्हा एकदा तणाव वाढला आहे.

संगोळी रायान्ना यांच्या पुतळ्यावरून पुन्हा एकदा बेळगावातील मराठी भाषिक आक्रमक झाले आहेत. कन्नड संघटनांनी मध्यरात्री रायन्ना यांचा पुतळा छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या पुतळ्यासमोरचं बसवला. रायान्ना यांचा पुतळा इतरत्र हलवा अशी मागणी करत पिरणवाडी गावातील मराठी भाषिक रस्त्यावर उतरले आहे. पिरणवाडी या गावात छत्रपती शिवाजी महाराजांचा पुतळा असून या चौकाला शिवाजी महाराजांचे नाव देण्यात आले आहे. या चौकात संगोळी रायान्ना यांचा पुतळा बसवण्याचा प्रयत्न काही दिवस सुरू होता. त्याला मराठी भाषिकांचा विरोध आहे. तरीही मध्यरात्री तीन ते चार वाजता शिवाजी चौकात अचानक संगोळी रायान्ना यांचा पुतळा बसविण्यात आला. सकाळी ही बाब लक्षात आल्यानंतर मराठी भाषिक आक्रमक झाले. रस्त्यावर उतरून मोर्चा काढून आंदोलन केले. यावेळी पोलिसानी आंदोलकांवर सौम्य लाठीमार केला.

बॉलिवूड अभिनेता सुशांतसिंह राजपूत याच्या मृत्यू प्रकरणाची सीबीआयकडून चौकशी सुरू असून, त्याची मैत्रीण रिया चक्रवर्तीला सीबीआयने समन्स बजावले आहेत. सीबीआयचे पथक सध्या सुशांतसिंह मृत्यू प्रकरणाशी संबंधित सर्व व्यक्तींची चौकशी करत आहे.

सुशांतसिंह राजपूत मृत्यू प्रकरणात त्याची मैत्रीण रिया चक्रवर्ती ही मुख्य आरोपी मानली जातेय. दुसरीकडे, रिया एका मुलाखतीत सुशांत आणि त्याच्या कुटुंबीयांमधील नात्यावर बोलली आहे. गेल्या काही दिवसांपासून सीबीआयचे पथक सुशांतसिंह मृत्यू प्रकरणाशी संबंधित प्रत्येक व्यक्तीची चौकशी करत आहे. सुशांतने आत्महत्या केली की, त्याची हत्या झाली याचा तपास केला जात आहे. सीबीआयचे पथक सुशांतच्या घरीही गेले होते. तेथे त्यांनी 'क्राइम सीन रिक्रीएट'ही केला होता.

सीबीआयचे पथक आठव्या दिवशी तपासासाठी डीआरडीओ गेस्ट हाऊसला पोहोचली आहे. आज, शुक्रवारी रिया चक्रवर्ती हिची या प्रकरणात चौकशी होण्याची शक्यता आहे. या प्रकरणात आतापर्यंत अनेक गोष्टी समोर आल्या आहेत. सीबीआय व्यतिरिक्त या प्रकरणात ईडीही तपास करत आहे. याआधी गुरुवारी सीबीआयने रियाचा भाऊ शोविक चक्रवर्ती याची तब्बल १४ तास चौकशी केली होती, अशी माहिती मिळते. गुरुवारीच रियाचे वडील इंद्रजीत चक्रवर्ती यांचीही ईडीने चौकशी केली होती. दरम्यान, रिया चक्रवर्ती ही डीआरडीओ गेस्ट हाऊसमध्ये पोहोचली आहे. रिया आता सीबीआयसमोर चौकशीसाठी हजर होणार आहे.
 

 

'मला मराठी येत नाही हिंदीत बोल' असं एका ग्राहकाला सांगणाऱ्या एअरटेलच्या एका कर्मचाऱ्याला मनसेच्या कार्यकर्त्यांनी जाब विचारत माफी मागायला लावली. चारकोप येथील एअरटेलच्या गॅलरीत काल हा प्रकार घडला. मनसेचे सरचिटणीस नयन कदम यांनी या संदर्भातील व्हिडिओ फेसबुकवर पोस्ट केला आहे.

एअरटेल कंपनीच्या गॅलरीमध्ये एक मराठी युवक मोबाइल रिचार्ज करण्यासाठी गेला होता. त्याला २४९ रुपयांचा रिचार्ज करायचा होता. त्यासाठी त्याने ५०० रुपये एरटेल कर्मचाऱ्याला दिले. उरलेले २५१ रुपये त्याला येणे अपेक्षित होते. परंतु एयरटेल कर्मचाऱ्याने १ रुपया कमी दिला. त्याबद्दल युवकाने विचारणा केल्यावर एयरटेल कर्मचाऱ्याने तुसड्या स्वरात त्याचे परतीचे पैसे देणे नाकारले. शिवाय, 'मला मराठी येत नाही तू हिंदीत बोल' असं सांगितलं व इतर कर्मचाऱ्यांची मदत घेऊन त्या युवकासोबत वाद घातला.

संबंधित युवकाने नयन कदम यांना ही माहिती दिली. त्यानंतर कदम यांनी मनसैनिकांना तातडीने चारकोप येथील एयरटेल गॅलरीमध्ये त्या युवकासोबत पाठवले. तिथल्या कर्मचाऱ्यांनी सुरुवातीला असे काहीही न घडल्याचे सांगितले व उद्धटपणे वर्तन केले. मात्र, मनसैनिक आक्रमक होताच सर्व गोष्टी कबूल केल्या व माफी मागितली. तिथल्या कर्मचाऱ्याने सरते शेवटी सर्व कर्मचारी मराठीत बोलतील व त्यांना मराठी भाषा शिकवण्यात येईल, असे आश्वासन दिले.

एअरटेलच्या कारभाराबद्दल नयन कदम यांनी तीव्र नाराजी व्यक्त केली. पोलिसांनी मनसेच्या कार्यकर्त्यांनाच दाबण्याचा प्रयत्न केल्याचा आरोपही त्यांनी केला. 'एअरटेल ही कंपनी देशभर कारभार करते. त्या-त्या राज्यातील ८० टक्के कर्मचाऱ्यांना या कंपनीने रोजगार द्यायला हवा व तेथील कर्मचाऱ्यांना तेथील भाषा यायला हवी. त्यांचा हा कारभार असाच सुरू राहिला तर मनसे स्टाईल आंदोलन केले जाईल, असा इशाराही कदम यांनी दिला आहे.

उत्तर कर्नाटकसाठी वरदान ठरलेल्या अलमट्टी धरणाची उंची वाढवण्यासाठी लवकरच पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांची भेट घेणार असल्याचे वक्तव्य कर्नाटकचे मुख्यमंत्री बी. एस. येडीयुरप्पा यांनी केले आहे. या धरणाची उंची वाढवण्यासाठी महाराष्ट्राने यापूर्वीच विरोध दर्शवला आहे. याशिवाय सुप्रीम कोर्टाने उंची वाढवण्यास परवानगी दिलेली नाही. यानंतरही कर्नाटक सरकारकडून अलमट्टीची उंची वाढवण्याचा घाट घातला जात असल्याने यावरून पुन्हा दोन्ही राज्यात वाद उफाळून येण्याची शक्यता निर्माण झाली आहे. 

सांगलीपासून १३४ किलोमीटर अंतरावर कर्नाटकातील विजापूर आणि बागलकोट या दोन जिल्ह्यात कृष्णा नदीवर अलमट्टी धरण आहे. या धरणाचे काम २००५ मध्ये पूर्ण झाल्यानंतर त्याचवर्षी महाराष्ट्रात सांगली आणि कोल्हापूर जिल्ह्याला महापुराचा सामना करावा लागला. यानंतर सातत्याने दक्षिण महाराष्ट्रातील पुराचा ठपका अलमट्टी धरणावर ठेवला जात आहे. सध्या धरणाच्या भिंतीची उंची ५१९ मीटर आहे, तर १२३ टीएमसी पाणी साठवण्याची क्षमता आहे. धरणाची उंची आणखी पाच मीटरने वाढवण्याचे प्रयत्न कर्नाटक सरकारकडून सुरू आहेत. मात्र, उंची वाढवल्याने याचा मोठा फटका सांगलीपर्यंतच्या गावांना बसू शकतो. याशिवाय पावसाळ्यात गंभीर पूरस्थिती उद्भवू शकते, असा काही तज्ज्ञांचा दावा आहे. याच कारणांमुळे महाराष्ट्र सरकारने अलमट्टीच्या उंचीला विरोध केला आहे. सुप्रीम कोर्टानेही उंची वाढवण्यास परवानगी दिलेली नाही.

ज्येष्ठ समाजसेवक अण्णा हजारे यांच्या आंदोलनातून पुढे आलेले दिल्लीचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हे हजारे यांच्यासाठी कायमच दुखरी नस बनून राहिले आहेत. एकेकाळी हजारेंचे शिष्य म्हणविल्या जाणाऱ्या केजरीवालांवर हजारे यांनी अनेकदा टीका केली. मात्र, त्यांच्या विरोधात ठोस कृती केलेली नाही आणि लोकही त्यांचे जुने संबंध विसरायला तयार नाहीत. आता दिल्लीतील भाजपचे प्रदेशाध्यक्ष आदर्श गुप्ता यांनी हजारे यांना पत्र पाठवून केजरीवाल विरोधातील जनआंदोलनात सहभागी होण्याचे निमंत्रण दिले आहे. (Delhi BJP invites Anna Hazare to join protest against Arvind Kejriwal) गुप्ता यांनी पाठविलेले हे पत्र अद्याप राळेगणसिद्धी येथील कार्यालयात प्राप्त झाले नसल्याचे सांगण्यात आले. ते आल्यावरच भूमिका जाहीर करण्यात येणार असल्याचे सांगण्यात आले. त्यामुळे हजारे नेमकी काय भूमिका घेतात, याकडे लक्ष लागले आहे. काहीही भूमिका घेतली तरी दोन्ही बाजूंनी पडसाद उमटण्याची शक्यता आहे.

दिल्ली भाजपचे अध्यक्ष गुप्ता यांनी सोमवारी हजारे यांनी हे पत्र लिहिल्याचे ‘टाइम्स नाऊ’चे वृत्त आहे. त्या पत्रात हजारे यांना दिल्लीत सध्या भाजपतर्फे सुरू असलेल्या आम आदमी पार्टी सरकारविरोधातील जनआंदोलनात सहभागी होण्याची विनंती गुप्ता यांनी केली आहे. या पत्रात गुप्ता यांनी केजरीवाल सरकारवर विविध आरोप केले आहेत. केजरीवाल सरकार हे सामाजिक, राजकीय आणि आर्थिक भ्रष्टाचाराचे नवे नाव आहे. या सरकारने गलिच्छ राजकारणाची परिसीमा ओलांडली आहे. स्वच्छ आणि निष्पक्ष राजकारणाच्या नावाखाली सरकारमध्ये आलेल्या आम आदमी पक्षाने राजकीय शुद्धतेचे सर्व मापदंड पायदळी तुडवले आहेत. दिल्लीतील दंगलीचे नियोजन केल्याचा आरोपही गुप्ता यांनी आम आदमी पार्टीवर केला आहे. त्यामुळे आम्ही त्यांच्याविरुद्ध सतत लढा देत आहोत. त्यामुळेच आपण दिल्लीत येऊन भ्रष्टाचाराविरोधात आवाज उठवावा आणि आमच्या आंदोलनास पाठिंबा द्यावा. केजरीवाल सरकारने विश्वासघात केल्याचे वाटत असलेल्या तरुणांना आणि दिल्लीतील लोकांची यापासून सुटका करण्यासाठी आपण पुन्हा आंदोलन उभे केले पाहिजे, असेही गुप्ता यांनी पत्रात म्हटले आहे.

ठाण्याप्रमाणे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी कल्याण-डोंबिवलीतही फेरफटका मारावा म्हणजे इथल्या रस्त्यावरचे खड्डे भरले जातील असा खोचक टोला लगावणारे मनसेचे आमदार राजू पाटील यांना शिवसेनेनं जशास तसं उत्तर दिलं आहे.

रस्त्यांवरील खड्ड्यांच्या मुद्द्यावरून मुंबई पाठोपाठ ठाणे व कल्याण-डोंबिवली महापालिकेवर सातत्यानं टीका होत असते. यंदाच्या पावसातही ठाणेकर व कल्याण-डोंबिवलीकर रस्त्यांवरील खड्ड्यांबाबत तक्रारी करत आहेत. खड्ड्यांमुळं अपघातांचे प्रमाणही वाढले आहे. त्यामुळं महापालिकेतील सत्ताधारी शिवसेनेवर टीका होत आहे. ही टीका होत असतानाच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांचा ठाणे दौरा ठरला. त्यानंतर ठाण्यातील महत्त्वाच्या मार्गांच्या डागडुजीचे काम हाती घेण्यात आले होते. त्यावरून मनसेचे आमदार राजू पाटील यांनी शिवसेनेवर टीका करताना मुख्यमंत्री ठाकरे यांना खोचक टोला हाणला होता.

'मुख्यमंत्री ठाण्यात येणार म्हणून त्यांच्या मार्गातील रस्ते खड्डेमुक्त केले. माझी विनंती आहे की त्यांनी डोंबिवलीतही सहज एक फेरफटका मारावा, किमान कल्याण-शीळ रोडवरचे खड्डे तरी भरले जातील. वाटल्यास मी स्वत: शीळफाट्यावर स्वागतासाठी उभा राहतो,' असं उपरोधिक ट्वीट राजू पाटील यांनी केलं होतं. पाटील यांच्या ट्वीटची जोरदार चर्चा ठाण्यात रंगली होती.

आर्थिक संकटाचा सामना करत असलेल्या बांधकाम क्षेत्राला दिलासा देण्यासाठी राज्य सरकारने मुद्रांक शुल्कात कपात करण्याचा निर्णय घेतला. हा चांगला निर्णय असला तरी रेडी रेकनरचे दर अजूनही का जाहीर होत नाहीत, असा सवाल भाजपचे नेते आशिष शेलार यांनी केला आहे. पुण्याहून ही फाईल निघाली असल्याचं सांगितलं होतं. पण तिघांच्या भांडणात ही फाईल अडकली तर नाही ना, असा बोचरा सवालही त्यांनी केला.

'निधीसाठी रोज केंद्र सरकारच्या नावाने ओरडणाऱ्यांनी राज्याच्या तिजोरीत जमा होणारा महसूल कमी करीत, मुद्रांक शुल्कात कपात करण्याचा निर्णय घेतला. चला चांगले आहे. पण रेडी रेकनरच्या दरांचे काय? ते का घोषित करत नाही?', असं ट्वीट आशिष शेलार यांनी केलं. 'रेडी रेकनरचे दर मार्चमध्ये कोरोनामुळे जाहीर झाले नाहीत. मे पर्यंत मुदतवाढ दिली. राज्याचे मुद्रांक महानिरीक्षक, पुणे यांच्याकडे मे मध्ये ही फाईल तयार झाली. पण...ती आँगस्ट संपला तरी मंत्रालयापर्यंत का पोहचलीच नाही? पुणे ते मुंबई या प्रवासाला तीन महिने का लागतात? पुण्याहून निघालेली रेडी रेकनरची फाईल बिल्डरांच्या कार्यालयातून "टोल" गोळा करीत तर मुंबईत येत नाही ना? तिघाडीच्या भांडणात अडकली नाही ना? मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे असताना ही फाईल सत्ताधाऱ्यांसाठी “पदयात्रा” करुन "लक्ष्मीदर्शन" तर करीत नाही ना? फाईल संशयाच्या बोगद्यात का अडकलेय?', असा सवाल शेलार यांनी केला.
 

अभिनेता सुशांत सिंह मृत्यू प्रकरणाला आता एक नवीन वळण मिळालं आहे. सुशांतचा मृतदेह शवविच्छेदनासाठी कूपर रुग्णालयात दाखल करण्यात आला होता. पण याचवेळी त्याची गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्तीला शवगृहात जाण्याची परवानगी देण्यात आली. यावरुनच राज्य मानवाधिकार आयोगाने मुंबई पोलीस आणि कूपर रुग्णालयाला कारणे दाखवा नोटीस पाठवली आहे. ४५ मिनिटांसाठी सुशांतचा मृतदेह शवगृहात असताना रियाला आतमध्ये जाण्याची परवानगी देण्यात आली होती.

मुंबई मिररच्या वृत्तानुसार, मानवाधिकार आयोगाने महापालिकेच्या कूपर रुग्णालयाला कारणे दाखवा नोटीस दिली आहे. तर मुंबई पोलिसांनाही अशीच नोटीस मिळाली असल्याचं टाइम्स नाऊच्या वृत्तात म्हटलं आहे. मानवाधिकार आयोगाचे प्रमुख एमए सय्यद हे मुंबई मिररशी बोलताना म्हणाले, 'रिया चक्रवर्ती कूपरमधील शवगृहात जातानाचे अनेक व्हिडीओ मी पाहिले आहेत. याविषयीच्या तरतुदी तपासण्याचे निर्देश कायदेशीर विभागाला दिले आहेत. का आणि कोणत्या परिस्थितीत रियाला शवगृहात जाण्याची परवानगी मिळाली हे आम्हाला माहित नाही. असं होणं चुकीचं आहे.'

पोलीस आणि रुग्णालय कर्मचाऱ्यांच्या मदतीविना सुशांतच्या कुटुंबीयांनाही शवगृहात जाण्याची परवानगी नव्हती. मग रियाला कोणत्या कारणासाठी परवानगी देण्यात आली, याचं स्पष्टीकरण द्यावं, अशी नोटीस कूपर रुग्णालयाच्या अधिष्ठात्यांना देण्यात आली आहे. 'मृताशी तिचा संबंध नसतानाही रियाने शवगृहात प्रवेश का केला याचा तपास आम्ही करत आहोत. सर्व कायदेशीर बाबी पाळल्या जातील. पोलिसांनाही परिणामांना सामोरं जावं लागेल, अशी प्रतिक्रिया मानवाधिकार आयोगाच्या अधिकाऱ्याने मुंबई मिररला दिली.

दरम्यान, आम्हाला अजून कारणे दाखवा नोटीस मिळालेली नसल्याचं मुंबई महापालिकेच्या एका वरिष्ठ अधिकाऱ्याने म्हटलं आहे. दुसरीकडे सीबीआयच्या तपासाला आता वेग आला आहे. सीबीआयने सिद्धार्थ पिठानीची डीआरडीओ गेस्ट हाऊसमध्ये पाचव्यांदा चौकशी केली.

राज्यातील वाहतूक क्षेत्राला वित्तीय सहाय्य देण्यासाठी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मोठा निर्णय घेण्याच्या तयारीत आहेत. गेल्या पाच महिन्यांपासून लॉकडाऊनमुळे वाहतूक क्षेत्राला कोट्यवधी रुपयांचा फटका बसला असून अनेक वाहनधारक आर्थिक संकटात आहेत. याच पार्श्वभूमीवर उद्धव ठाकरे हा निर्णय घेणार आहेत. वाहतूक क्षेत्राला पुन्हा उभारी यावी यासाठी १ एप्रिल ते ३० सप्टेंबर या काळासाठी राज्यातील ११.४ लाख व्यावसायिक वाहनांना ७०० कोटी रुपयांची रस्ते कर माफी देण्यात येणार असल्याची माहिती एका अधिकाऱ्याने दिली.

परिवहन मंत्री अनिल परब यांनी याबाबतच्या हालचाली सुरू केल्या होत्या. सरकारी आकडेवारीनुसार, राज्यात ११.४ लाख नोंदणीकृत व्यावसायिक वाहने आहेत. यामध्ये पर्यटक टॅक्सी, मिनी बस, बस, स्कुल बस, ट्रक, टँकर आणि मालवाहू वाहने यांचा समावेश होतो. लॉकडाऊन केल्यापासूनच या सर्वांचा व्यवसाय ठप्प आहे. वाहन मालक आणि त्यांच्या संघटनांकडून राज्य सरकारला अनेकदा याबाबत मागणी करण्यात आली आहे. त्यामुळेच या क्षेत्राला दिलासा देण्यासाठी कर माफी करणे अत्यावश्यक आहे, अशी प्रतिक्रिया एका अधिकाऱ्याने दिली.

अधिकाऱ्याच्या माहितीनुसार, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड आणि हरियाणा यासह १२ पेक्षा जास्त राज्यांनी सर्व प्रकारच्या व्यावसायिक वाहनांना रस्ते करातून सूट दिली आहे. महाराष्ट्रात वाहनांचे दोन वर्ग आहेत. वर्षाला रस्ते कर देणाऱ्या वाहनांची संख्या ११.४ लाख एवढी आहे. त्यामुळे एप्रिल ते सप्टेंबर या सहा महिन्यांसाठी व्यावसायिक वाहनांना रस्ते करातून सूट दिली जाणार आहे.

राज्य सरकारला वाहतूक विभागाकडून सध्या कोणताही कर येत नाही. शिवाय सध्या पेट्रोल आणि डिझेलची विक्रीही कमी असल्यामुळे सरकारी महसूलही कमी आहे. याशिवाय विमा क्षेत्रही संकटात आहे. अनेक वाहन मालकांनी वित्तीय संस्थांकडून कर्ज घेऊन वाहने घेतलेली आहेत. त्यांना कर्ज परतफेड करण्यासाठी अडचणी येत आहेत.

'महाविकास आघाडीबद्दल काँग्रेसच्या मंत्र्यांचे काय मत आहे याकडं आम्ही लक्ष देणार नाही. ज्या पक्षाला स्वत:चा अध्यक्ष ठरवता येत नाही, तो पक्ष पुढचे निर्णय काय घेणार,' असा बोचरा टोला राज्याचे विरोधी पक्षनेते देवेंद्र फडणवीस यांनी काँग्रेसला हाणला आहे.

विधीमंडळाच्या कामकाज सल्लागार समितीच्या बैठकीनंतर मंगळवारी ते पत्रकारांशी बोलत होते. काँग्रेसच्या भावी अध्यक्षपदाबद्दल सध्या जोरदार चर्चा सुरू आहे. भावी अध्यक्ष गांधी कुटुंबातील की बाहेरील, यावरून पक्षात दोन तट पडले आहेत. राज्याराज्यातील नेतेही आपापली मते मांडत आहेत. महाराष्ट्रातील काँग्रेसचे नेतेही यात मागे नाहीत. सार्वजनिक बांधकाम मंत्री अशोक चव्हाण, महिला बालविकास मंत्री यशोमती ठाकूर आणि मदत व पुनर्वसन मंत्री विजय वडेट्टीवार यांनी राहुल गांधी यांच्या नावाला ठाम पाठिंबा दिलाय. वडेट्टीवार यांनी तर त्याही पुढं जाऊन वक्तव्य केलंय. अध्यक्ष झाल्यानंतर राहुल गांधी यांनी सांगितल्यास राज्यातील सत्ताही सोडू, असं म्हटलंय. त्यावरून उलटसुलट चर्चा सुरू आहे.

वडेट्टीवारांच्या या वक्तव्याबद्दल फडणवीस यांना विचारलं असता ते म्हणाले, 'या सगळ्याकडं आता आम्ही फार लक्ष देत नाही. एका अध्यक्षपदावरून त्यांच्यात इतके वाद सुरू आहेत. सोनिया गांधींना अध्यक्षपदी राहायचं नाहीए. पण त्यांनाच राहावं लागतंय. जे अध्यक्ष पदाविषयी ठरवू शकत नाहीत, ते पुढचं काय ठरवणार? इतक्या मोठ्या पक्षाची ही अवस्था का झाली याचं आत्मचिंतन त्यांनी करायला हवं.'

राज्यातील करोना मृतांचा आकडा दिवसे न् दिवस वाढतानाच दिसत आहे. आज दिवसभरात आणखी ३२९ रुग्णांचा मृत्यू झाल्याने राज्यातील करोना मृतांची संख्या २२ हजार ७९४ एवढी झाली आहे. तर राज्यात आज १० हजार ४२५ रुग्ण सापडले असून दिलासादायक बाब म्हणजे आज १२ हजार ३०० रुग्ण करोनामुक्त होऊन घरी परतले आहेत. त्यामुळे राज्यातील करोनामुक्त होणाऱ्या रुग्णांची संख्या ५ लाख १४ हजार ७९० झाली आहे.

आज निदान झालेले १०,४२५ नविन रुग्ण आणि नोंद झालेले ३२९ मृत्यू यांचा तपशील असा(कंसात आज नोंद झालेले मृत्यू) : मुंबई मनपा-५८७ (३५), ठाणे- १०५ (३), ठाणे मनपा-१४३ (९), नवी मुंबई मनपा-३०२ (८), कल्याण डोंबिवली मनपा-९४ (२), उल्हासनगर मनपा-१३ (५), भिवंडी निजामपूर मनपा-१३, मीरा भाईंदर मनपा-९२ (४), पालघर-८६, वसई-विरार मनपा-५५ (३), रायगड-१४८ (३५), पनवेल मनपा-६९, नाशिक-१७० (१), नाशिक मनपा-६७५ (७), मालेगाव मनपा-५, अहमदनगर-२५६ (५),अहमदनगर मनपा-२०६ (३), धुळे-३६, धुळे मनपा-६ (१), जळगाव- ४७६ (६), जळगाव मनपा-१४३ (६), नंदूरबार-१०७, पुणे- ४५८ (१३), पुणे मनपा-१२२८ (३६), पिंपरी चिंचवड मनपा-८४२ (९), सोलापूर-३०५ (२), सोलापूर मनपा-४० (२), सातारा-४८९ (८), कोल्हापूर-३५८ (२०), कोल्हापूर मनपा-१३२ (१७), सांगली-१०९ (५), सांगली मिरज कुपवाड मनपा-२२९ (१०), सिंधुदूर्ग-७४, रत्नागिरी-४६, औरंगाबाद-१७४ (६),औरंगाबाद मनपा-२३७ (१५), जालना-३२ (१), हिंगोली-६, परभणी-५०, परभणी मनपा-३३ (१), लातूर-८१(६), लातूर मनपा-८४ (२), उस्मानाबाद-१०५ (७),बीड-१२२ (३), नांदेड-१२९, नांदेड मनपा-१४ (१), अकोला-२२ (१), अकोला मनपा-१४, अमरावती-४२, अमरावती मनपा-४०, यवतमाळ-८४, बुलढाणा-२७ (१), वाशिम-७, नागपूर-१८४ (३), नागपूर मनपा-६०५ (२१), वर्धा-५०(१), भंडारा-४९ (२), गोंदिया-३४, चंद्रपूर-४२ (१), चंद्रपूर मनपा-३० (१), गडचिरोली-२४, इतर राज्य ७.

महाड येथे काल संध्याकाळी इमारत कोसळून झालेल्या दुर्घटनेतील मृतांचा आकडा १२वर गेला आहे. इमारतीच्या ढिगाऱ्याखाली अजूनही ६ जण अडकल्याची शक्यता वर्तवण्यात येत असून २४ तासांपासून सुरू असलेलं रेस्क्यू ऑपरेशन अजूनही सुरू आहे. तर, या दुर्घटनेतील मृतांच्या नातेवाईकांना ५ लाख रुपये तर जखमींना ५० हजारांची मदत करण्याची घोषणा मदत आणि पूनर्वसन मंत्री विजय वडेट्टीवार यांनी केली.

महाडच्या काजळपुरा परिसरात काल सायंकाळी सव्वा सहा वाजता तारिक गार्डन नावाची पाच मजली इमारत कोसळली होती. या इमारतीच्या ढिगाऱ्याखाली ७० ते ८० लोक दबले होते. या घटनेनंतर स्थानिक लोक, अग्निशमन दल आणि एनडीआरएफच्या टीमने युद्धपातळीवर रेस्क्यू ऑपरेशन हाती घेऊन जखमींना ढिगाऱ्याखालून बाहेर काढलं. या इमारतीत एकूण ४१ कुटुंब राहत होते. त्यापैकी १८ कुटुंबांना बाहेर काढण्यात आलं आहे. या दुर्घटनेत आतापर्यंत १२ जणांचा दुर्देवी मृत्यू झाला.

१० जेसीबी, ४ पोकलेन आणि १५ डंपरच्या सहाय्याने कालपासून मातीचा ढिगारा उपासण्यात आला. साळुंखे ग्रुप, महाबळेश्वर ट्रेकर्स ग्रुप, ठाणे डिझास्टर मॅनेजमेंट फार्स, कोल्हापूर रेस्क्यू टीम या संस्थांनी या रेस्क्यू कामात मोठी मदत केली. दरम्यान, या दुर्घटनेत मृत्यूमुखी पडलेल्या व्यक्तिंच्या कुटुंबीयांना पाच लाखांची मदत केली जाणार आहे. यामध्ये चार लाख रुपयांची मदत आणि पुनर्वसन खात्यातर्फे तर १ लाख रुपये मुख्यमंत्री सहाय्यता निधीमधून देण्यात देण्यात येणार आहे. जखमींना ५० हजार रुपयांची नुकसान भरपाई दिली जाणार आहे. या घटनेत ज्यांनी आपलं घर गमावलं आहेत त्यांनाही आर्थिक मदत केली जाईल, असं आश्वासन विजय वडेट्टीवार यांनी दिलं आहे. तर खासदार सुनील तटकरे यांनी या दुर्घटनेतील लोकांचं सरकारनं पूनर्वसन करावं, अशी मागणी केली आहे.

मुंबईतील करोना रुग्ण बरे होण्याचा सरासरी दर वाढून तो ७६ टक्क्यांहून ८१ टक्क्यांवर पोहोचला आहे. तर, रुग्ण दुप्पट होण्याचा कालावधीही कमी होऊन ८७ दिवसांवर आला आहे.

मुंबईत ३१ जुलै रोजी रुग्ण दुपटीचा कालावधी ७६ दिवसांपर्यंत पोहोचला होता. त्यावेळी रुग्ण बरे होण्याची टक्केवारी ७६ होती. हा सरासरी दर आता ८१ टक्क्यांवर आला आहे. सद्यस्थितीत मुंबईत दररोज हजार ते १२०० रुग्ण आढळत आहेत. पण त्या तुलनेत बरे होणाऱ्या रुग्णांची संख्याही वाढत चालली आहे. गेल्या २४ दिवसांत चाचण्यांचे प्रमाण दोन लाखांनी वाढले आहे. ३१ जुलैपर्यंत ५ लाख २६ हजार ९८२ चाचण्या करण्यात आल्या. तर, २४ ऑगस्टपर्यंत ही संख्या ७ लाख ९ हजार ५८३पर्यंत पोहोचल्याचे पालिकेकडून सांगण्यात येते.

मुंबईत रोज १ हजार ते १२०० रुग्ण आढळत असले तरी बरे होऊन घरी परतणाऱ्यांची संख्याही मोठी आहे. करोना कोविड सेंटर, पालिकेसह खासगी रुग्णालयात उपलब्ध केलेल्या खाटा यामुळे करोनाबाधित रुग्णांवर वेळीच उपचार करणे शक्य होत आहे.

 

खासगी गाड्यांतून प्रवासासाठी ई पासची अट कायम ठेवण्याच्या राज्य सरकारच्या निर्णयावर विरोधी पक्षनेते देवेंद्र फडणवीस यांनी आज भाष्य केलं. 'ई पासचं औचित्यच आता संपलंय. लोक मीम्स आणि व्यंग बनवू लागलेत,' अशा शब्दांत फडणवीस यांनी सरकारला टोला हाणला.

राज्य विधीमंडळाच्या अधिवेशनाबाबत चर्चा करण्यासाठी विधान भवनात मंगळवारी कामकाज सल्लागार समितीची बैठक झाली. त्या बैठकीनंतर फडणवीस पत्रकारांशी बोलत होते. राज्यातील 'अनलॉक'बाबत सरकारचे निर्णय गोंधळाचे आणि विसंगतीपूर्ण आहेत. टप्प्याटप्प्यानं होणाऱ्या अनलॉकच्या संदर्भात केंद्र सरकारनं काही निर्णय लागू केले आहेत. इतर राज्यांनी हे निर्णय लागू केले आहेत. मात्र, महाराष्ट्रात त्याची अंमलबजावणी होताना दिसत नाही. मग तो प्रवासाचा मुद्दा असेल किंवा अन्य मुद्दे असतील. लोक एसटीनं जाऊ शकतात पण खासगी गाडीनं जायचं असल्यास ई पास काढावा लागतो. यावर आता मीम्स, व्यंग केले जात आहे,' हे फडणवीसांनी निदर्शनास आणलं.

...तर न्यायालयात जाणार!
आमदारांना दिलेल्या विकास निधीवरून महाविकास आघाडी सरकारमध्ये मतभेद दिसत आहेत. याबाबत विचारले असता फडणवीस म्हणाले, 'या सरकारनं मागच्या सरकारची अनेक विकासकामे रद्द केली आहेत. ज्या कामांचे टेंडर, वर्क ऑर्डर निघाल्या आहेत, ती कामेही रद्द करण्यात आली आहेत. करोनाचं कारण देऊन सरकारनं असा निर्णय घेतला असता तर समजण्यासारखं होतं. मात्र, आपल्या आमदारांना पैसे द्यायचे आणि दुसरीकडे विरोधी पक्षाच्या आमदारांच्या मतदारसंघातील सुरू असलेली कामं बंद करायची, हे योग्य नाही. ही बाब आम्ही सरकारच्या निदर्शनास आणून दिली आहे. त्यावर योग्य तो निर्णय घेण्याचं आश्वासन देण्यात आलं आहे. हे आश्वासन सरकारनं न पाळल्यास आम्हाला न्यायालयात जावे लागेल,' असा इशाराही फडणवीस यांनी दिला.

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र के तमाम छात्रों की मजबूरियों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। कोविड-19 महामारी को देखते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाओं के साथ-साथ प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों को भी स्थगित करने की बात कही है।

आदित्य ठाकरे ने अपने पत्र को टि्वटर पर पोस्ट करते हुए  लिखा, विभिन्न स्ट्रीम्स की प्रस्तावित परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं के कारण देशभर के छात्रों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य को होने वाले जोखिम को लेकर मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पत्र लिखा है। इस संबंध में उनसे निजी तौर पर दखल देने का आग्रह किया है।

आदित्य ठाकरे ने अपने पत्र में लिखा है कि महाराष्ट्र समेत पूरे देश में कोरोना महामारी का संकट बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में कई विश्वविद्यालय यहां प्रोफेशनल और नॉन प्रोफेशनल परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी में जुटे हैं। मेरे हिसाब से यह ठीक नहीं है। अब भी कई इलाकों में रेड जोन बने हुए हैं और यातायात के साधनों की सुविधा पूरी तरह से देश में शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में परीक्षाओं का आयोजन छात्रों की मुसीबत को और भी बढ़ा सकता है। इसके अलावा कोरोना की वजह से उनकी जान को भी खतरा है।

मालूम हो कि केंद्र जेईई और सीईट आयोजित करने का पक्षधर है, जिनमें हर साल लाखों छात्र उपस्थित होते हैं पर आदित्य ठाकरे ने कोविड-19 संकट का हवाला देते हुए इनका विरोध किया है। शिवसेना की युवा शाखा, जिसका नेतृत्व आदित्य ठाकरे कर रहे हैं, पहले ही सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा चुकी है ताकि परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग पूरी हो। राज्य के पर्यावरण मंत्री ने भी पूरे अकादमिक वर्ष को स्थगित करने की मांग की है।

रायगड जिल्ह्यातील महाडमध्ये पाच मजली इमारत कोसळून मोठी दुर्घटना घडली आहे. एका वृत्त वाहिनीनं दिलेल्या माहितीनुसार या प्रकरणी बिल्डरसह पाच जणांवर गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे. इमारतीचे बांधकाम निकृष्ट दर्जाचे असल्यानं इमारत पूर्णपणे ढासळली असून संबंधितांवर कठोर कारवाईचे आदेश नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे यांनी या आधीच दिले होते. (mahad building collapse)

सोमवारी संध्याकाळी ६.३० च्या दरम्यान महाडमधील तारिक गार्डन ही पाच मजली इमारत कोसळली. या दुर्घटनेत दोघांचा मृत्यू झाला असून सात जण जखमी झाले आहेत. तर, आत्तापर्यंत १८ रहिवाशांचा शोध सुरु आहे. तर, ७८ जणांना ढिगाऱ्याखालून बाहेर काढण्यात आले असून त्यांना उपचारांसाठी रुग्णालयात दाखल करण्यात आले आहे. स्थानिक रहिवशांनी या इमारतीचे बांधकाम निकृष्ट असल्याचा आरोप केला होता. या आरोपाची गंभीर दखल घेऊन एकनाथ शिंदे यांनीही कारवाईचे आदेश दिले होते. तर, रायगड जिल्ह्याच्या पालकमंत्री यांनीही या प्रकरणी अधिक चौकशी सुरु असल्याचं म्हटलं होतं. यासंबंधि एएनआयनं वृत्त दिलं आहे.

महाड दुर्घटनेची गंभीर दखल घेऊन इमारतीचे बांधकाम करणाऱ्या बिल्डरवर गुन्हा दाखल केला आहे. तसंच, तत्कालीन मुख्याधिकारी, आर्किटेक्चर, नगरपालिका इंजिनीअर आणि आरसीसी कन्सल्टन्स अशा पाच जणांवर कारवाईचा बडगा उचलला आहे. बिल्डरला अटक करण्यासाठी मडाडयेथून पथक रवाना झालं असल्याचं, अशी माहिती समोर येत आहे.

दुर्घटनेला १२ तास उलटून गेल्यानंतरही अद्याप बाचवकार्य सुरू असून ढिगाऱ्याखाली १८ जण असून त्यांना बाहेर काढण्याचे काम युद्धपातळीवर सुरू आहे. एनडीआरएफच्या तीन पथक घटनास्थळी आहेत.

महापालिकेने रॅपिड टेस्ट केल्यानंतर एका तरुणाचा अहवाल करोना पॉझिटिव्ह देण्यात आला. मात्र, या तरुणाने जिल्हा रुग्णालयात टेस्ट केल्यानंतर त्याचा अहवाल करोना निगेटिव्ह देण्यात आला. त्यामुळे या तरुणाला मी पॉझिटिव्ह आहे की निगेटिव्ह, असा प्रश्न पडला असून त्याने या संदर्भात एक पत्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांना पाठवले आहे. या माध्यमातून करोना चाचणीमध्ये सुरू असलेल्या घोळावर प्रकाश टाकला आहे.

मुख्यमंत्र्याकडे पाठवलेल्या पत्रात या २४ वर्षीय तरुणाने म्हटले आहे की, 'नगर शहर महानगरपालिकेतर्फे जी कोविड १९ अँटीजन (रॅपिड टेस्ट) तपासणी केली जाते, ही तपासणी खरंच कोविड सारख्या गंभीर महामारीचे निदान करते का? याबद्दल शंका आहे. मी २१ ऑगस्ट रोजी सायंकाळी चार वाजता भारतीय जैन संघटना, फोर्स मोटर्स,अहमदनगर महानगरपालिका, अहमदनगर जिल्हा प्रशासन, अहमदनगर जिल्हा रुग्णालय यांच्या वतीने आयोजित कोविड-१९ अँटीजन तपासणी उपक्रमांतर्गत जुने नगर जिल्हा रुग्णालय येथे तपासणी केली. तपासणीनंतर दहा मिनिटांतच मला कोविड १९ ची लागण झाल्याचे सांगण्यात आले. मी खूप घाबरून गेलो व टेन्शन आले. परंतु मला चाचणीची शंका आली. कारण, तिथे प्रत्येक व्यक्तीला पॉझिटिव्ह सांगत होते. मित्राशी चर्चा केल्यानंतर त्यानं मला सिव्हिल हॉस्पिटलमध्ये चाचणी करण्याचा सल्ला दिला. अजिबात विलंब न करता सिव्हिल हॉस्पिटलमध्ये गेलो व तिथे स्वॅब दिला. दोन दिवसांनी, २३ ऑगस्टला सिव्हिल हॉस्पिटलचा रिपोर्ट घेतला, त्यात मी निगेटिव्ह असल्याचे सांगण्यात आले. २४ ऑगस्टला मी पुन्हा रॅपिड टेस्ट केली, ती पुन्हा पॉझिटिव्ह आली आहे. त्यामुळे मी करोना पॉझिटिव्ह आहे की निगेटिव्ह ? असा प्रश्न मला पडला आहे.

शिवसेनेचे कोल्हापूरचे खासदार प्राध्यापक संजय मंडलिक यांना करोनाची लागण झाली आहे. त्यांच्यासह त्यांची पत्नी आणि मुलाचाही करोना अहवाल पॉझिटिव्ह आला आहे. जिल्ह्यातील तीन आमदारांच्या पाठोपाठ खासदारही बाधित झाल्यामुळे चिंता वाढली आहे. (Shiv Sena MP Sanjay Mandlik tests coronapositive)

करोना साथीच्या सुरुवातीच्या टप्प्यात तुलनेनं सर्वात कमी प्रभावित असलेला जिल्हा म्हणून कोल्हापूरचे नाव होते. मात्र नंतरच्या काळात जिल्ह्यात रुग्णांची संख्या वाढत गेली. आता लोकप्रतिनिधींनाही करोनाने विळखा घातला आहे. यापूर्वी आमदार प्रकाश आवाडे, ऋतुराज पाटील व चंद्रकांत जाधव यांना करोनाची लागण झाली आहे. या तिघांवरही सध्या उपचार सुरू आहेत. त्यातच आता मंडलिक यांना करोनानं गाठलं आहे. त्यांच्यावर जवळच्या रुग्णालयात उपचार सुरू करण्यात आले आहेत.

कोविड १९ ची साथ आणि त्यानंतर घेण्यात आलेल्या लॉकडाऊनच्या काळात लोकप्रतिनिधी विविध कामांनिमित्तानं मतदारसंघामध्ये फिरत आहेत. बैठका व अन्य जबाबदाऱ्यांमुळं त्यांचा अधिकारी व पोलिसांशी संपर्क येत आहे. त्यातून त्यांना करोनाची लागण होण्याचं प्रमाण वाढलं आहे. आतापर्यंत राज्य सरकारमधील अनेक मंत्र्यांनाही करोनाची लागण झाली आहे. त्याता साताऱ्याचे पालकमंत्री बाळासाहेब पाटील, गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड, अशोक चव्हाण, सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे, अस्लम शेख यांचा समावेश आहे. या सर्वांनी करोनावर यशस्वीरित्या मात केली आहे.

बॉलिवूड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत हत्या प्रकरणाची सीबीआय चौकशी सुरू झालीय. त्यानंतर विश्व हिंदू परिषदेनंही (VHP) महाराष्ट्रात चार महिन्यांपूर्वी झालेल्या दोन साधुंसहीत तीन जणांच्या हत्या प्रकरणाची सीबीआय चौकशी करण्यात यावी, अशी मागणी केलीय. 'जर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत प्रकरणाची केंद्रीय संस्थेकडून चौकशी केली जात असेल तर पालघरमध्ये झालेल्या जमावाकडून हत्या प्रकरणाची का होऊ शकत नाही?' असा प्रश्न विश्व हिंदू परिषदेनं विचारलाय.

विहिंंपची मागणी
महाराष्ट्राच्या पालघरमध्ये एक सुनियोजित कटासहीत दोन साधू आणि त्यांच्या वाहन चालकाची हत्या करण्यात आली होती. ज्या जागेवर या हत्या घडवून आणण्यात आल्या. तिथं ख्रिश्चन मिशनरीज सक्रीय आहेत. त्यांच्याच इशाऱ्यावर निर्दोष साधुंची हत्या करण्यात आली, असा दावा विश्व हिंदू परिषदेचे राष्ट्रीय प्रवक्ते विनोद बन्सल यांनी केलाय. 'महाराष्ट्र पोलिसांनी या प्रकरणात काहींना अटक केली असली तर हत्येचा कट रचणाऱ्या खऱ्याखुऱ्या खुन्यांचा पर्दाफाश होणं गरजेचं आहे आणि हे सीबीआय चौकशीमुळे शक्य होईल' असंही बन्सल यांनी म्हटलंय.

दुसरीकडे अखिल भारतीय आखाडा परिषदेच्या (ABAP) म्हणण्यानुसार, अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत याच्या मृत्यू प्रकरणाची सीबीआय चौकशी करण्याचे आदेश देत सर्वोच्च न्यायालयानं मुंबई पोलिसांची असक्षमता अधोरेखित केलीय. सोबतच आखाडा परिषदेकडून १६ एप्रिल रोजी मुंबईनजिकच्या पालघरमध्ये झालेल्या दोन साधुंच्या हत्या प्रकरणाची सीबीआय चौकशी करण्याची मागणी केलीय. परिषदेचे अध्यक्ष नरेंद्र गिरी यांच्या म्हणण्यानुसार, पालघरमध्ये झालेल्या हत्या प्रकरणात सीबीआय चौकशीसाठी एक प्रस्ताव पारित केला जाईल आणि गरज लागलीच तर आखाडा परिषदेद्वारे कोर्टाचा दरवाजाही ठोठावला जाईल.

 काँग्रेसच्या हंगामी अध्यक्षा सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) यांनी काँग्रेस कार्यकारिणीच्या बैठकीत (congress working committee meet) आपले हंगामी अध्यक्षपद सोडण्याची इच्छा व्यक्त केली आहे. आपण केवळ एका वर्षासाठी पक्षाचे हंगामी अध्यक्ष बनलो असून गेल्या १० ऑगस्ट या दिवशी हा कार्यकाल पूर्ण झाला आहे. हे पाहता आणि पक्षाने योग्य त्या व्यक्तीची या पदासाठी निवड करावी असे सोनिया गांधी यांनी बैठकीत म्हटले आहे. आज सकाळी ११ वाजता काँग्रेस कार्यकारिणीची नियोजित बैठक सुरू झाली. सुरुवातीलाच पक्षाध्यक्ष या नात्याने सोनिया गांधी यांनी उपस्थित नेत्यांना आणि पदाधिकाऱ्यांना संबोधित केले. या नंतर आता हंगामी पक्षाध्यक्ष पदासाठी कोणाची निवड करावी, हा मुद्दा काँग्रेस कार्यकारिणीपुढे आहे. (sonia gandhi has expressed her desire to step down as the interim president of the congress)

सध्या काँग्रेसला पक्षाच्या हंगामी अध्यक्षपदासाठीच नव्या नेत्याची निवड करावी लागणार आहे. करोनाचे संकट दूर झाल्यानंतर योग्य प्रक्रियेनुसार काँग्रेसला पक्षाचा पूर्णवेळ अध्यक्ष निवडावा लागणार आहे. दरम्यान, पक्षाच्या हंगामी अध्यक्षपदासाठी डॉ. मनमोहन सिंह, ज्येष्ठ नेते ए. के. अँटनी, मल्लिकार्जुन खरगे आणी मीराकुमार यांची नावे चर्चे आहेत.

 

 'काँग्रेस पक्षाला एकजीव ठेवण्याची, बांधून ठेवण्याची क्षमता केवळ गांधी कुटुंबाकडे आहे. इतिहासातही हे अनेकदा सिद्ध झाले आहे. या वास्तवाची जाणिव ठेवूनच पक्षाची पुढील वाटचाल झाली पाहिजे,' असं सांगतानाच, 'सक्षम, संयमी व संवेदनशील नेते असलेल्या राहुल गांधी यांनीच पक्षाचे नेतृत्व करावे,' अशी आग्रही मागणी काँग्रेस नेते व सार्वजनिक बांधकाम मंत्री अशोक चव्हाण यांनी केली आहे. (Ashok Chavan supports Rahul Gandhi as congress president)

दिल्लीत आज काँग्रेस कार्यसमितीची महत्त्वाची बैठक होत आहे. या बैठकीत पक्षाचा पुढील अध्यक्ष कोण यावर चर्चा होणार आहे. त्या पार्श्वभूमीवर राज्याराज्यातील नेते आपापली मते व्यक्त करत आहेत. हायकमांडचे विश्वासू नेते अशी ओळख असलेले अशोक चव्हाण यांनी राहुल गांधी यांच्या नावाला अध्यक्षपदासाठी पसंती दिली आहे.

'भारताची एकता, अखंडता तसेच प्रगतीमध्ये नेहरू-गांधी कुटुंबाने दिलेले योगदान अपूर्व आहे. देश व काँग्रेस पक्ष संघटित ठेवण्यासाठी पुढील काळातही त्यांच्या सक्रिय नेतृत्वाची नितांत गरज आहे. पक्षाला एकजीव ठेवण्याची, बांधून ठेवण्याची क्षमता केवळ गांधी कुटुंबाकडे आहे आणि इतिहासातही हे अनेकदा सिद्ध झाले आहे. या वास्तवाची जाणिव ठेवूनच पक्षाची पुढील वाटचाल झाली पाहिजे,' असं मत त्यांनी एका निवेदनाद्वारे व्यक्त केलं आहे.

'पक्षाच्या अध्यक्ष पदासंदर्भात काँग्रेस कार्यसमिती निर्णय घेईल. परंतु, राहुल गांधी यांनी पक्षाचे अध्यक्ष पद स्वीकारावे, अशी कार्यकर्त्यांची प्रबळ इच्छा आहे. राहुल गांधी हे सक्षम, संयमी व संवेदनशील नेते आहेत. सर्वसामान्यांच्या व्यथांना त्यांनी नेहमीच अत्यंत दूरदर्शीपणे व नेमकी वाचा फोडली आहे. राष्ट्रीय व आंतरराष्ट्रीय प्रश्नांवर व्यापक देशहिताची भूमिका परखडपणे मांडली आहे. त्यामुळे काँग्रेस पक्षाचे नेतृत्व त्यांनी करावे,' अशी आमची मागणी असल्याचं त्यांनी म्हटलं आहे.

'आताच्या परिस्थितीत काँग्रेसला कोणी वाचवू शकत असेल तर ते राहुल गांधीच वाचवू शकतात. त्यामुळं इतर कोणत्याही व्यक्तीपेक्षा राहुल यांनीच अध्यक्ष व्हावं. काँग्रेसच्या सर्व वरिष्ठ नेत्यांनी त्यांना पाठिंबा द्यावा,' असं मत मुंबई काँग्रेसचे माजी अध्यक्ष संजय निरुपम यांनी व्यक्त केलं आहे.

संजय निरुपम हे नेहमीच राहुल गांधी यांच्या पाठिशी ठामपणे उभे राहिले आहेत. आता पुन्हा एकदा काँग्रेसमध्ये नेतृत्वाचा प्रश्न ऐरणीवर आला असल्यानं ते राहुल गांधी यांच्या बाजूने मैदानात उतरले आहेत. राजधानी दिल्लीत आज काँग्रेसच्या कार्यकारी समितीची महत्त्वपूर्ण बैठक होत आहे. त्यात पक्षाच्या नेतृत्वावर जोरदार खल होण्याची शक्यता आहे. त्याच पार्श्वभूमीवर काही नेत्यांनी सोनिया गांधी यांना पत्र लिहून नव्या नेतृत्वाची मागणी केली आहे. त्यावरून राहुल समर्थक व विरोधक आमनेसामने आले आहेत. हे पत्र म्हणजे दुसरेतिसरे काही नसून राहुल गांधी यांच्या विरोधातील कारस्थान आहे, असा आरोप संजय निरुपम यांनी केला आहे. 'पत्र लिहिणाऱ्यांपैकी अनेक नेते राहुल यांच्या विरोधात याआधीही कारस्थानं करत होते. ही कारस्थानं कधी काँग्रेसच्या कार्यालयात, कधी नेत्यांच्या घरात तर कधी इतर कुठेतरी बंद दाराआड होत होती. आता ते सगळं पत्ररूपानं बाहेर आलंय. राहुल यांच्या नेतृत्वावर प्रश्न उपस्थित करण्याचा किंवा त्यांच्या विरोधात मोहीम राबवण्याचा हा प्रयत्न आहे,' असं त्यांनी म्हटलं आहे.

नगर: करोनामुळे यावर्षी तीर्थक्षेत्र आणि पर्यटनस्थळे बंद ठेवण्याचा आदेश आहे. मात्र, पावसाळी पर्यटनासाठी प्रसिद्ध असलेल्या भंडारदरा परिसर सध्या गजबजून गेला आहे. सामान्यांना ई-पास मिळणे दुरापास्त असताना विविध स्टीकर लावलेली वाहने घेऊन सुट्टी साजरी करण्यासाठी आलेल्या या पर्यटकांमुळे परिसरातील ग्रामस्थांना धडकी भरली आहे. करोनाचा प्रादूर्भाव जास्त असलेल्या शहरांतून हे पर्यटक येत असल्याने भिती वाढली आहे.

गेल्या दोन दिवसांपासून भंडारदरा परिसरात पर्यटकांची गर्दी वाढल्याचे दिसून येत आहे. नगरसह, मुंबई, पुणे, नाशिक भागातील हे पर्यटक आहेत. त्यातील अनेकांच्या वाहनांवर अत्यावश्यक सेवा, महाराष्ट्र शासन, पोलिस, भारत सरकार, प्रेस, व्हीआयपी अशी विविध प्रकारची स्टीकर्स लावलेली असल्याचे दिसून येत आहे. याचाच अर्थ करोना काळात सेवा देता यावी, यासाठी देण्यात आलेल्या सवलतीचा गैरफायदा अगर बनावट वापर करून ही मंडळी मौजमजा करण्यासाठी भंडारदरा परिसरात आल्याचे दिसून येते.

शनिवारी आणि रविवारी अशी शेकडो वाहने या परिसरात आली होती. त्यातून आलेले पर्यटक, रस्त्यावर, दऱ्याखोऱ्यांत, झऱ्यांजवळ फिरताना दिसत होते. काहींनी तर मद्यपान करून गोंधळ घातल्याचीही ग्रामस्थांची तक्रार आहे. मुख्य म्हणजे चालून आलेल्या संधीचे सोने करण्यासाठी बंदी असूनही परिसरातील काहींनी आपली हॉटेल्स उघडून या पर्यटकांना सेवा पुरविल्याचेही सांगण्यात येते. यामुळे करोनाचा संसर्ग पसरण्याचा धोका असल्याकडे सरपंच पांडुरंग खाडे यांनी लक्ष वेधले आहे. त्यांनी यासंबंधी रितसर तक्रारच प्रशासनाकडे केली आहे. येथे येणारे पर्यटक पोलिस किंवा सरकारी अधिकारी, त्यांचे कुटुंबीय किंवा नातेवाईक आहेत काय, त्यांना ही सवलत कोणी दिली, कारवाई का केली जात नाही, अशी तक्रार त्यांनी केली आहे. करोना संसर्ग नियंत्रण समितीचे सरपंच अध्यक्ष असतात. त्यामुळे त्यांच्या भागाची जबाबदारी कायद्यानुसार त्यांच्यावर सोपविण्यात आलेली आहे. आपल्या तक्रारीची दखल घेतली नाही, तर या समितीचा राजीनामा देण्याचा इशाराही खाडे यांनी दिला आहे.

विना परवाना आणि बिगर आवश्यक गोष्टींसाठी बाहेर पडणाऱ्या वाहनचालकांवर कारवाईचा सपाटाच मुंबई पोलिसांनी लावला आहे. मुंबई वाहतूक पोलिसांनी गेल्या चार दिवसात २००० वाहने जप्त केली आहेत. नियम मोडणाऱ्या वाहन चालकांवर कडक कारवाई केली जाईल, असा इशारा नुकताच मुंबई पोलिसांनी आपल्या ट्विटर हँडलद्वारे दिला होता. एकीकडे आपण फक्त राज्य सरकारच्या आदेशाचं पालन करत असल्याचं मुंबई पोलिसांचं म्हणणं आहे, तर राज्यात नेमकं लॉक आहे की आपण अनलॉकिंगकडे वाटचाल करतोय, असा प्रश्न नागरिक विचारत आहेत.

'तुम्ही कृपया विना परवाना आणि विना आवश्यक वाहतूक काय आहे हे स्पष्ट करू शकता का? पश्चिम द्रुतगती मार्गावरील वाहतूक कोंडी पाहतोय. आश्चर्य वाटतंय की तुम्ही फक्त परवाना असलेल्या आणि अत्यावश्यक वाहनांनाच परवानगी दिलीय,' असं खोचक ट्वीट कार्यकर्ते संदीप ओहरी यांनी मुंबई पोलिसांना रिप्लाय देताना केलं.

शॉपिंग आणि व्यायामासाठी बाहेर जाणे अशा गोष्टींसाठी जास्त लांब जाऊ नये, असे सरकारचे नियम आहेत. म्हणजेच कुणी वरळीत राहत असेल तर त्या व्यक्तीने मुलुंडच्या मॉलमध्ये जाऊ नये. कारण, त्याला जवळच्या मॉलमध्ये जाणंच योग्य आहे. करोनाविरोधात लढायचं असेल तर सर्वांनी मिळून काळजी घेणं अत्यावश्यक आहे, अशी प्रतिक्रिया एका आयपीएस अधिकाऱ्याने दिली. वैद्यकीय गरजा आणि परवानगी दिलेल्या सेवांमधील कर्मचाऱ्यांनाच निर्बंधरहित वाहतूक करता येईल.

करोनावर प्रभावी ठरणाऱ्या औषधांचा तुटवडा कायम आहे. मुंबई आणि महानगर प्रदेशातील करोनाबाधितांचा आकडा हळूहळू कमी होत असला तरी अत्यंत महत्त्वाच्या अशा टोसिलीझुमाब या औषधाचा रुग्णालयांमध्ये अभुतपूर्व तुटवडा निर्माण झाला आहे. रुग्णावर उपचार करताना हे औषध रेमडेसिविरसोबत मिळून वापरलं जातं. करोनावर मात करण्यासाठी रेमडेसिविर या औषधाने आतापर्यंत मोठी मदत केल्याचं सिद्ध झालं आहे. त्यामुळेच काही दिवसांपूर्वी रेमडेसिविरचाही अचानक तुटवडा निर्माण झाला होता.

टोसिलिझुमाब किंवा अटलीझुमाबचा वापर सायटोकाईम स्टॉर्मचा सामना करत असलेल्या रुग्णांवर केला जातो. ठाण्यातील वैद्यकीय अधिकारी डॉ. आरके मुरुडकर यांनी दिलेल्या माहितीनुसार, ठाणे महापालिकेने टोसिलिझुमाबचे १०० इंजेक्शन मागवले आहेत, ज्यापैकी ५५ इंजेक्शनच आतापर्यंत आले आहेत. या इंजेक्शनची आयातच झालेली नसल्यामुळे एक आठवड्यापासून विक्रेत्यांकडेही हे इंजेक्शन उपलब्ध नाही, असं ते म्हणाले.

काळा बाजार रोखण्यासाठी ठाण्यातील खाजगी रुग्णालये रेमडेसिविरप्रमाणे टोसिलिझुमाबची खरेदीही ठराविक केंद्रांवर सहजपणे करू शकतात, जेथून थेट डेलिव्हरी केली जाते. पण सध्या या केंद्रावरही पुरवठा बंद आहे, अशी माहिती मुरुडकर यांनी मुंबई मिररला दिली.

नवी मुंबई महापालिकेच्या प्रवक्त्यांनी दिलेल्या माहितीनुसार, नवी मुंबई महापालिकेने टोसिलिझुमाबचे ५०० डोस मागवले आहेत. पण पुढच्या आठवड्यापासूनच पुरवठा सुरू होईल, असं सांगण्यात आलं आहे. दुसरीकडे कल्याण डोंबिवली महापालिकाही याच औषधाच्या तुटवड्याचा सामना करत आहे.

 

सोलापूर: पीपीई कीट घालून आलेल्या चोरट्यांच्या टोळीने शहरातील विविध भागातील मोबाईल फोनची सहा दुकाने आज (शनिवार) पहाटे फोडली असून यातून मोबाईल फोन, लॅपटॉप, टॅब तसेच रोख रक्कम असा जवळपास ५० लाखाचा ऐवज लंपास केला आहे. कोरोना लॉकडाऊनमधून व्यापारी आता कुठे नव्या उमेदीने व्यवसायाला लागले असतानाच चोरट्यांनी व्यापार्‍यांत पुन्हा घबराहट आणि नाउमेदीचं, तर सोलापूर पोलिसांपुढे आव्हानाची स्थिती निर्माण केली आहे.

चोरटे चार ते पाच जण आहेत ते अलिशान पांढर्‍या गाडीतून आले. यातील दोघा जणांनी पीपीई कीट परिधान केलं आहे. तर इतर दोघांनी एक सारखा चौकडा शर्ट आणि पँट घातली असून त्यांनीही पुर्ण चेहरे झाकले आहेत. गाडीत चालकाला बसवून चार जण चोरी करत असल्याचं सीसीटीव्ही फुटेजमध्ये आढळून आलं आहे. या एकाच टोळीने सहाही चोर्‍या केल्या असल्याचंही सकृतदर्शनी निष्पन्न झालं आहे. शनिवारी पहाटे 1.30 च्या सुमारास सर्वप्रथम 256 गाळे, जुना बोरामणी नाका चौक परिसरातील युनिक एन्टरप्रायझेस हे दुकान चोरट्यांनी फोडलं.

यातील विविध कंपन्यांचे 40 ते 50 मोबाईल हॅन्डसेट आणि रोख रक्कम लंपास केली आहे. यानंतर अर्ध्या तासाच्या अंतरानं दक्षिण कसब्यात बालाजी दत्त मंदिरानजीक असलेलं गायत्री कॉम्प्युटर्स दुकानं शटर समोरुन बाजूनं उचकटलं. आत फारसे लॅपटॉप नव्हते. मुख्य काऊंटरवरील लॅपटॉप चोरट्याने हिस्कामारुन काढला, तसेच याच टेबलमध्ये ठेवलेली 60 हजाराची रोख रक्कम घेतली. यानंतर चौपाड विठ्ठल मंदिर नजीक नवीपेठ दिशेनं असलेल्या अक्षय एंटरप्रायझेस या दुकानाचंही शटर उचकटून आतील 40 वर मोबाईल हॅन्डसेट घेवून पोबारा केला.

जिल्ह्यातील दोन आमदारांना करोनाची लागण झाली आहे. चाळीसगाव येथील भाजपचे आमदार मंगेश चव्हाण तसेच पाचोरा-भडगावचे शिवसेनेचे आमदार किशोर पाटील यांना करोनाची लागण झाली आहे. मात्र, त्यांना कोणतीही लक्षणे नसल्याने ते घरीच ' क्वारंटाईन' झाले आहेत. याबाबत त्यांनीच सोशल मीडियावर माहिती दिली आहे.

चाळीसगाव येथील भारतीय जनता पक्षाचे मंगेश चव्हाण युवा आमदार आहेत. आमदार चव्हाण यांनी करोनाची लक्षणे जाणवत असल्याने आपली करोना तपासणी करून घेतली. त्यांचा अहवाल पॉझिटिव्ह आला आहे. डॉक्टरांच्या सल्ल्यानुसार ते आपल्या घरीच क्वारंटाईन झाले आहेत. दरम्यान, आमदार मंगेश चव्हाण यांचा उद्या, २३ ऑगस्ट रोजी वाढदिवस आहे. मात्र, करोनाच्या पार्श्वभूमीवर कार्यकर्त्यांनी वाढदिवस साजरा करू नये, असे आवाहन त्यांनी केले आहे.

पाचोरा-भडगाव विधानसभा मतदारसंघाचे शिवसेनेचे आमदार किशोर पाटील यांना देखील करोनाची लागण झाली आहे. करोनाची सौम्य लक्षणे जाणवत असल्याने त्यांची आपली करोना चाचणी करून घेतली. त्यात त्यांना करोना झाल्याचे निष्पन्न झाले आहे. आमदार किशोर पाटील यांनी सोशल मीडियावरून ही माहिती दिली आहे. करोनाची सौम्य लक्षणे असल्याने डॉक्टरांच्या सल्ल्यानुसार ते आपल्या घरीच क्वारंटाईन झाले आहेत.

झारखंड मुक्ती मोर्चाचे (JMM) अध्यक्ष आणि राज्यसभा सदस्या शिबू सोरेन करोना संक्रमित असल्याचं समोर आलंय. त्यांच्यासोबत त्यांची पत्नी रुपी सोरेन यांचीही करोना चाचणी पॉझिटिव्ह आलीय. दोघांना आयसोलेट करण्यात आलंय. यासोबतच शिबू सोरेन यांचे पुत्र आणि राज्याचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यांची पुन्हा एकदा करोना चाचणी घेण्यात येणार आहे. सोमवारी २४ ऑगस्ट रोजी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यांची करोना चाचणी होईल.

यापूर्वी माजी मुख्यमंत्री शिबू सोरेन यांच्या घरी तैनात असणारे १७ स्टाफ सदस्य आणि सुरक्षा रक्षक करोना पॉझिटिव्ह सापडले होते. त्यानंतर शिबू सोरेन आणि त्यांच्या पत्नी रुपी सोरेन यांची करोना चाचणी करण्यात आली. यात त्यांचा अहवाल करोना पॉझिटिव्ह आला.

शिबू सोरेन हे ७६ वर्षांचे आहेत. त्यामुळे करोना संक्रमणाच्या पुष्टीनंतर त्यांच्या आरोग्याकडे डॉक्टरांचा लक्ष आहे.करोना पॉझिटिव्ह सापडले होते. त्यानंतर शिबू सोरेन आणि त्यांच्या पत्नी रुपी सोरेन यांची करोना चाचणी करण्यात आली. यात त्यांचा अहवाल करोना पॉझिटिव्ह आला.

शिबू सोरेन हे ७६ वर्षांचे आहेत. त्यामुळे करोना संक्रमणाच्या पुष्टीनंतर त्यांच्या आरोग्याकडे डॉक्टरांचा लक्ष आहे.

करोनाच्या पार्श्वभुमीवर यंदा गणेश उत्सव साध्या पद्धतीने साजरा केला जाणार आहे. तरीही नागरिकांनी बाहेर पडू नये आणि काही अनुचित प्रकार होऊन नये म्हणून सात हजार पोलिसांचा बंदोबस्त रस्त्यावर तैनात राहणार आहे. नागरिकांनी स्वयंशिस्त पाळून सहकार्य करावे, असे आवाहन पोलिस सहआयुक्त रवींद्र शिसवे यांनी केले.

करोनाचा संसर्ग सध्या आटोक्यात आहे. पण, नागरिक उत्सवासाठी बाहेर पडल्यास करोनाचा प्रादुर्भाव वाढू शकतो. त्यामुळे यंदा श्रींच्या आगमन आणि विसर्जनाच्या मिरवणूका निघणार नाहीत. तसेच मंडळांनी साधेपणाने गणेशोत्सव साजरा करण्याचा निर्णय घेतला आहे. ६० ते ७० टक्के मंडळांनी मंदिरातच गणेश उत्सव साजरा करण्याचे ठरविले आहे. ज्या मंडळांना मंदिर नाहीत, त्यांना छोटे मंडळ उभे करण्यास परवानगी दिली आहे. उत्सव साध्या पद्धतीने साजरा केला जाणार असला तरी पोलिसांचा बंदोबस्त दरवर्षीप्रमाणेच असणार आहे. या बंदोबस्तात करोनाच्या पार्श्‍वभूमीवर विशेष काळजीही घेतली जाणार आहे.

पहिल्या दिवशी गर्दी होऊ नये म्हणून बंदोबस्त राहणार आहे. तसेच, घरगुती गणपतीचे सोसायटीत विसर्जन करण्याचे आवाहन करण्यात आले आहे. तरीही नागरिकांनी बाहेर पडू नये त्यासाठी बंदोबस्त ठेवण्यात आला आहे. गणेश उत्सवासाठीच्या बंदोबस्तामध्ये सुमारे सात हजार पोलिस कर्मचारी, सातशे अधिकारी आणि राज्य राखीव पोलिस दलाच्या तुकड्यांचा समावेश राहणार आहे. शहरात गणेशोत्सवात गुन्हे घडू नयेत म्हणून गुन्हे शाखेचा वेगळा बंदोबस्त तैनात करण्यात आला आहे. प्रत्येक झोननुसार गुन्हे शाखेची पथके तयार करण्यात आली आहेत. प्रत्येक पथकामध्ये १०० कर्मचारी असतील. त्याबरोबरच घातपातविरोधी कारवाईसाठी विशेष शाखेचाही बंदोबस्त राहणार आहे. बॉम्बशोधक व नाशक पथकाकडून वेळोवेळी तपासणी केली जाणार आहे. वाहतूक पोलिसांकडूनदेखील बंदोबस्ताचे नियोजन करण्यात आले आहे.

करोना महासाथीच्या पार्श्वभूमीवर यंदा गणेशोत्सवाला सुरुवात झाली आहे. या पार्श्वभूमीवर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांनी राज्यातील जनतेला गणेशोत्सवाच्या शुभेच्छा दिल्या आहेत. 'करोनाच्या विघ्नातून राज्याला लवकरात लवकर मुक्ती मिळो,' असं साकडं दोघांनीही गणरायाला घातलं आहे.

महाराष्ट्रासह देशात करोनाची साथ असल्यामुळं प्रत्येक सणउत्सव साधेपणाने साजरा करण्याचं आवाहन राज्य सरकारनं सुरुवातीपासूनच केलं आहे. आतापर्यंतच्या सर्व उत्सवांमध्ये जनतेनं या आवाहनास प्रतिसाद दिला. जन्माष्टमी, दहीहंडी यांसह अनेक सण साधेपणाने व शक्यतो घरीच साजरे करण्यात आले. गणेशोत्सवही याच पद्धतीनं साजरा होत आहे. सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडळांनीही सरकारच्या नियमांचे पालन करण्याची ग्वाही दिली आहे. उत्साह कायम असला तरी सर्व प्रकारची काळजी घेण्याचे प्रयत्न केले जात आहेत.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी गणेश चतुर्थीच्या पूर्वसंध्येलाच ट्वीट करून जनतेला उत्सवाच्या शुभेच्छा दिल्या आहेत. 'श्री गणेशाची प्रतिष्ठापना आपण दरवर्षी प्रमाणे यंदाही करतो आहोत, मात्र यावेळेस आपल्यासमोर करोनाचे विघ्न आहे. या विघ्नातून लवकरात लवकर मुक्ती मिळावी. तसंच, या साथीचा मुकाबला करण्यासाठी कोविड योद्ध्यांना आणि आपल्या सर्वांना शक्ती मिळो,' अशी प्रार्थना त्यांनी गणरायाकडे केली आहे.

उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांनी जनतेला शुभेच्छा देताना श्रीगणरायांच्या आशीर्वादानं संपूर्ण महाराष्ट्र लवकरच करोनामुक्त होईल, असा विश्वास व्यक्त केला आहे. 'बुद्धीची देवता श्रीगणरायांच्या समस्त भक्तांनी गर्दी टाळून, सोशल डिस्टन्सिंगचे नियम पाळून सण साधेपणानं साजरा करण्याचा घेतलेला निर्णय कौतुकास्पद आहे. यामुळं राज्यातील कोरोना संसर्ग रोखला जाईल,' असं त्यांनी म्हटलं आहे.

या वर्षीच्या स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान -२०२० मध्ये कागल, मुरगूड व गडहिंग्लज ही शहरे पहिल्या वीस क्रमांकामध्ये आली आहेत. पुढच्या वर्षी म्हणजेच स्वच्छ सर्वेक्षण -२०२१ अभियानात कागल, मुरगूड व गडहिंग्लज ही शहरे देशात पहिल्या तीन पारितोषिक विजेत्यामध्ये असतील, असा विश्वास व आशावाद ग्रामविकास मंत्री हसन मुश्रीफ यांनी व्यक्त केला.

राष्ट्रीय पातळीवरील या यशाबद्दल मंत्री मुश्रीफ यांनी कागलचे मुख्याधिकारी पंडित पाटील, मुरगूडचे मुख्याधिकारी संजय गायकवाड व गडहिग्लजचे मुख्याधिकारी नागेंद्र मुतकेकर या अधिकाऱ्यांचा सत्कार केला.

यावेळी बोलताना मंत्री मुश्रीफ म्हणाले, कागल, गडहिग्लज व उत्तूर मतदारसंघात समाविष्ट असलेल्या या तीन नगरपालिकाना राजकीय अभिनिवेश न बाळगता विकासकामांसाठी भरपूर निधी दिला. पारितोषिक म्हणून कागल नगरपालिकेला दहा कोटी रुपये तर मुरगूड व गडहिंग्लज नगरपालिकाना प्रत्येकी पाच कोटी रुपये मिळणार आहेत. तसेच नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे यांच्याकडे पाठपुरावा करून या तिन्ही शहरांच्या सर्वांगीण विकासासाठी मोठ्या प्रमाणात निधी आणू.

यावेळी मंत्री मुश्रीफ यांनी योगदानाबद्दल कागल, मुरगूड व गडहिंग्लज या तिन्ही शहराच्या जनतेचे, नगरपालिकांचे नगराध्यक्ष, उपनगराध्यक्ष, नगरसेवक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी व कर्मचाऱ्यांचे अभिनंदन केले.
 

शहर व जिल्ह्यात मृत्यूसंख्येप्रमाणे आता रुग्णसंख्याही वाढली आहे. गुरुवारी ३५४४ जणांना संसर्ग झाला असून जिल्ह्यात ७१ जणांचा मृत्यू झाल्याची नोंद करण्यात आली आहे. विघ्नहर्ता गणरायाचे आगमन होत असताना त्या पार्श्वभूमीवर वाढती रुग्ण आणि मृत्यूची संख्या चिंताजनक स्थिती पुन्हा निर्माण होत असल्याची चिन्हे आहेत. जिल्ह्याच्या ग्रामीण भागातील रुग्णसंख्याही गुरुवारी पाचशेच्या पुढे गेली आहे.

पुण्यासह पिंपरी चिंचवडमधील रुग्णसंख्या वाढत असल्याचे चित्र गेल्या काही दिवसापासून दिसत आहे. त्यामुळे गांभिर्य वाढत आहे. दुसरीकडे काही दिवसांपासून मृत्युमुखींची संख्याही दोन्ही शहरात वाढत असल्याने चिंता वाढली आहे. शहर व जिल्ह्यातील चाचण्यांची संख्या आता सहा लाखांच्या जवळ पोहोचली आहे.

पुणे जिल्ह्याचा ग्रामीण भागातही संसर्ग वाढत असल्याने त्या ठिकाणी करोनाचा प्रादुर्भाव पुन्हा वाढल्याचे चित्र आहे.

पुणे शहरात गुरुवारी पुन्हा रुग्णसंख्या वाढली. १६६९ जणांना लागण झाली असून आता ७९ हजारापर्यंत रुग्णसंख्या पोहोचली आहे. तर गंभीर रुग्णांच्या संख्येतही वाढ होऊन ८०२ रुग्णांची प्रकृती अत्यवस्थ असून ४८६ रुग्ण व्हेंटिलेटरवर आहेत. ३१६ रुग्ण अतिदक्षता विभागात आहेत. तसेच २४८५ रुग्ण ऑक्सिजनवर आहेत. एका दिवसात १३८६ रुग्ण डिस्चार्ज झाले असून आतापर्यंत ६२ हजार ३४९ रुग्ण बरे होऊन घरी परतले आहेत.

राज्यात आज तब्बल १२ हजार २४३ रुग्णांनी करोनाची लढाई जिंकली आहे. तर, राज्यात आत्तापर्यंत ४ लाख ५९ हजार १२४ जणांनी करोनावर यशस्वी मात केली आहे. यामुळं राज्यातील रुग्ण बरे होण्याचे प्रमाण (Recovery Rate) ७१.३७ टक्के इतका झाला आहे. राज्यात गेल्या २४ तासांत ३२६ करोनाबाधित रुग्णांचा उपचारादरम्यान मृत्यू झाला आहे. त्यामुळं एकूण करोना मृतांची संख्या २१ हजार ३५९ इतकी झाली आहे.

'प्रत्येक राज्याने भूमिपुत्रांचा विचार करावा. त्यांना रोजगारात प्राधान्य मिळावे हे घटनेनुसारच आहे, पण त्या घटनेनुसार महाराष्ट्राने भूमिपुत्रांचा विचार केल्यावर देशाला राष्ट्रीय एकात्मतेची उचकी लागते. मध्य प्रदेशने त्याच राष्ट्रीय एकात्मतेवर हातोडा मारला असताना सगळे चिडीचूप कसे आहेत? हा दुजाभाव शिवरायांच्या महाराष्ट्राला नेहमीच सहन करावा लागला,' अशी खंत शिवसेनेनं व्यक्त केली आहे.

मध्य प्रदेशातील भाजप सरकारनं स्थानिकांना नोकऱ्या देण्याचा कायदा केला आहे. त्यानिमित्तानं शिवसेनेचं मुखपत्र 'सामना'च्या अग्रलेखातून राष्ट्रीय एकात्मतावाल्यांवर टीका करण्यात आली आहे. महाराष्ट्रात जेव्हा जेव्हा स्थानिकांना रोजगारात प्राधान्य देण्याचा विचार समोर आला, त्या प्रत्येक वेळी एकात्मतेचे सर्वपक्षीय ठेकेदार हे संसदेपासून राज्याराज्यांतील विधानसभेत महाराष्ट्राच्या नावाने ठणाणा करीत उभे राहिले. भूमिपुत्रांनाच रोजगारात प्राधान्य ही चळवळ शिवसेनेने सुरू केली. ५० वर्षांपूर्वी शिवसेनाप्रमुख बाळासाहेब ठाकरे यांनी या विचारांची ठिणगी टाकली तेव्हा देशात काय गहजब उडाला होता! पण मध्य प्रदेश सरकारच्या निर्णयामुळं अजून राष्ट्रीय एकात्मतावाल्यांचे मन डचमळून कसे आले नाही,' असा प्रश्न शिवसेनेनं केला आहे.

नगर: गांजा ओढण्यासाठी एकत्र आलेल्या आदिवासी तरुणांमध्ये तुफान हाणामारीत तीन सख्या भावांसह चौघांचा खून झाला. श्रीगोंदा तालुक्यातील विसापूर फाटा येथे ही घटना घडली. घटनेनंतर तिघांचे मृतदेह नातेवाइक तरुणानेच दुचाकीवरून घरी नेले.

अहमदनगर-दौंड रस्त्यावर विसापूर फाटा आहे. त्या भागात आदिवासी-पारधी समाजाची वस्ती आहे. तेथे गुरुवारी सायंकाळी ही घटना घडली. पोलिसांना माहिती मिळताच ते घटनास्थळी पोहोचले आणि पुढील कारवाई सुरू केली. यासंबंधी मिळालेल्या माहितीनुसार, सुरेगाव येथील आदिवासी समाजातील हे तरूण गांजा ओढण्यासाठी विसापूरफाटा येथे जमले होते. त्यांच्यामध्ये काही कारणावरून वाद झाला. काळे व चव्हाण कुटुंबातील या तरुणांमध्ये हाणामारी सुरू झाली. यामध्ये लिंब्या हरब्या काळे (वय२२) नातीक कुंजा चव्हाण (वय ४०), नागेश कुंजा चव्हाण (वय १४) व श्रीधर कुंजा चव्हाण (वय ३५) यांचा मृत्यू झाला. यातील तिघे चव्हाण सख्खे भाऊ आहेत. चाकू आणि कोयत्याने वार करून खून करण्यात आला.

या भागातील गटांत नेहमीच वाद होत असतात. त्यामुळे घटना पाहणाऱ्या ग्रामस्थांना सुरुवातीला हा नेहमीचाच प्रकार असावा, असे वाटले. या भागात स्वस्तात सोने देण्याचे आमिष दाखवून सापळा रचून फसविलेल्या व्यापाऱ्यांना लुटण्याचे प्रकार होत असतात. त्यानंतर लुटीच्या मालावरून टोळीत अपापसांत वाद होण्याच्या घटना नेहमीच्या असल्याने सुरुवातीला ग्रामस्थांनी त्याकडे कानाडोळा केला. काही वेळात तेथे आणखी काही लोक आले. त्यातील एकाने तेथील तिघांचे मृतदेह दुचाकीवरून नेले. हा तरुण खून झालेल्या तिघांचा मावस भाऊ असल्याचे नंतर सांगण्यात आले. घटनास्थळी एक मृतदेह पडून होता. तर हल्लेखोर पळून गेले होते. घटनेचे गांभीर्य लक्षात आल्यावर काहींनी पोलिसांना याची माहिती दिली. बेलवंडी पोलीस ठाण्याच्या अधिकाऱ्यांसह नगरहून वरिष्ठ पोलिसांनीही घटनास्थळी धाव घेतली. सुरेगाव आणि परिसरात हल्लेखोरांचा शोध सुरू करण्यात आला. घटनेबद्दल आदिवासी वस्तीवर आणि ग्रामस्थांकडेही पोलीस चौकशी करत आहेत.

सुशांतसिंह राजपूत प्रकरण सर्वोच्च न्यायालयानं सीबीआयकडे सोपवल्यानंतर आता पुढील प्रक्रियेला सुरुवात झाली आहे. मात्र, या निर्णयानंतर सुरू झालेली राजकीय टीका-टिप्पणी अद्यापही थांबलेली नाही. न्यायालयाच्या निर्णयानंतर ठाकरे सरकारवर टीका करणाऱ्या बिहारी अधिकाऱ्यांवर शिवसेनेनंतर आता गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड यांनी उपरोधिक शब्दांत तोफ डागली आहे.

सुशांतसिंह प्रकरणाच्या तपासाला एका क्षणी मुंबई पोलीस विरुद्ध बिहार पोलीस असे वळण लागले होते. बिहारच्या पोलीस महासंचालकांनी या काळात अनेकदा वक्तव्ये केली होती. पाडे यांनी एखाद्या राजकीय नेत्याप्रमाणे मुंबई पोलिसांवर टीका केली होती. न्यायालयाच्या निकालानंतरही त्यांनी 'न्याय की अन्याय पर जीत' असं म्हटलं होतं. शिवाय, या प्रकरणातील एक संशयित अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती हिच्याबद्दलही असभ्य भाषेत टीका केली होती. शिवसेनेनं 'सामना'च्या अग्रलेखातून गुप्तेश्वर पांडे यांचा चांगलाच समाचार घेतला होता. बिहारमधील गुन्ह्यांची उदाहरणे देऊन शिवसेनेनं काही प्रश्न उपस्थित केले होते.

सुशांतसिंह राजपूत प्रकरण सीबीआयकडे सोपवण्याच्या सर्वोच्च न्यायालयाच्या निर्णयावर राष्ट्रवादी काँग्रेसचे अध्यक्ष शरद पवार यांनी प्रथमच प्रतिक्रिया दिली आहे. पवारांनी आज ट्वीट करून केंद्र सरकारकडून काही अपेक्षा व्यक्त केली आहे.

सुशांतसिंह प्रकरणात ठाकरे सरकारमधील एका युवा मंत्र्याचा सहभाग आहे, असा भाजपचा आरोप आहे. त्यामुळं हा तपास सीबीआयकडे द्यावा, अशी मागणी भाजपनं सुरुवातीपासूनच लावून धरली होती. सत्ताधारी महाविकास आघाडीने हे आरोप फेटाळतानाच सीबीआय चौकशीची गरज नसल्याचं म्हटलं होतं. खुद्द शरद पवारांनीही मुंबई व महाराष्ट्र पोलिसांवर विश्वास असल्याचं म्हटलं होतं. अर्थात, कोणाला सीबीआय चौकशी करायचीच असेल तर आमची हरकत नसल्याचं मतही त्यांनी मांडलं होतं. त्यानंतर आता हा तपास न्यायालयानंच सीबीआयकडे सोपवला आहे.

या पार्श्वभूमीवर शरद पवारांनी महत्त्वपूर्ण ट्वीट केलं आहे. आपल्या ट्वीटमध्ये ते म्हणतात, 'सर्वोच्च न्यायालयाने सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणाचा तपास सीबीआयकडे सोपवण्याचा आदेश दिला आहे. मला खात्री आहे की महाराष्ट्र सरकार या निर्णयाचा आदर करून चौकशी प्रक्रियेत पूर्ण सहकार्य करेल.'

 'सुशांतसिंह राजपूत आत्महत्या प्रकरणाचा तपास सर्वोच्च न्यायालयाने सीबीआयकडे सोपवल्यामुळं महाराष्ट्रातील, दिल्लीतील व बिहारसारख्या राज्यांतील काही मंडळींना अत्यानंदाचे भरतेच आले आहे. बिहार विधानसभेची निवडणूकच जिंकली अशा पद्धतीने ‘न्याय, सत्य’चा धोशा ह्यांनी लावला आहे,' अशी घणाघाती टीका शिवसेनेनं केली आहे.

सुशांतसिंह प्रकरणाचा तपास सीबीआयकडे देण्यात आल्यानंतर महाराष्ट्र व बिहारमधील भाजपचे नेते व मुख्यमंत्री नितीश कुमार यांनी आनंद व्यक्त केला होता. भाजप नेते ठाकरे सरकारवर तुटून पडले होते. बिहारचे पोलीस महासंचालक गुप्तेश्वर पांडे यांनी 'न्याय की अन्याय पर जीत' अशी प्रतिक्रिया दिली होती. शिवसेनेनं 'सामना'च्या अग्रलेखातून त्यांचा जोरदार समाचार घेतला आहे. ‘तपास करण्याचे अधिकार मुंबई पोलिसांचे आहेत. परंतु वादविवाद निर्माण होऊ नये यासाठी प्रकरण सीबीआयकडे सोपविण्यात येत आहे, असं निरीक्षण न्यायालयानं नोंदवलंय. सीबीआय चौकशीच्या मान्यतेवरून ‘जितंमया’ करणाऱ्यांनी जरा सर्वोच्च न्यायालयाच्या या निरीक्षणाकडेही एकदा पाहायला हवे. बिहार विधानसभेची निवडणूकच जिंकली अशा पद्धतीने ‘न्याय, सत्य’चा धोशा लावून नितीश कुमार बोलत आहेत, असा खोचक टोला शिवसेनेनं नितीशकुमारांना हाणला आहे.

राज्यात अनलॉक सुरू झाल्यानंतर विविध गोष्टी टप्प्याटप्प्यानं सुरू करण्यात आल्या आहेत. राज्यांतर्गत एसटी बस सेवाही आजपासून सुरू होत आहे. मात्र, व्यायामशाळा अजूनही बंद आहेत. त्यामुळं जिम चालक आर्थिक अडचणीत आले आहेत. याच पार्श्वभूमीवर राष्ट्रवादी काँग्रेसच्या खासदार सुप्रिया सुळे यांनी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांच्याकडं जिम उघडण्याची परवानगी देण्याची मागणी केली आहे.

काही दिवसांपूर्वी राज्याचे विरोधी पक्षनेते देवेंद्र फडणवीस यांनी मुख्यमंत्र्यांना याच संदर्भात पत्र लिहिलं होतं. दारूची दुकानं सुरू होतात, पण जिम बंद आहेत हे दुर्दैव आहे, असं फडणवीस यांनी म्हटलं होतं. मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे यांनी तर लॉकडाऊन झुगारून जिम उघडण्याचं आवाहन जिम चालकांना केलं होतं. सुप्रिया सुळे यांनीही त्यांच्या सुरात सूर मिसळला असून ट्वीटरच्या माध्यमातून जिम चालकांची, व्यायामपटूंची आणि प्रशिक्षकांची व्यथा मुख्यमंत्र्यांकडे मांडली आहे. मुंबईतील एका जिम चालकानं लिहिलेलं पत्रही त्यांनी ट्वीट केलं आहे.

'जिम, हेल्थ क्लब, व्यायामशाळा यावर उपजिविका असलेल्या सर्वांची आर्थिक परिस्थिती बिकट झाली आहे. लॉकडाऊन असले तरी जागामालक भाड्यासाठी, बँकवाले हप्त्यांसाठी, शाळाचालक मुलांच्या फीसाठी तगादा लावत आहेत. पाणी बिल, वीज बिल भरावेच लागत आहे. आतापर्यंत जेवढी बचत होती तीही संपली आहे. त्यामुळं जिमचे चालक, मालक, प्रशिक्षकांवर भीक मागण्याची वेळ आली आहे. त्यामुळं सरकारच्या ज्या काही अटी व नियम असतील, ते लागू करून जिम उघडण्याची परवानगी द्यावी, असं त्या पत्रात नमूद करण्यात आलं आहे. ह्याच पत्राच्या अनुषंगानं सुप्रिया सुळे यांनी मुख्यमंत्र्यांना जिम उघडण्यास मान्यता देण्याची विनंती केली आहे. 'राज्यातील अनेक जीम चालकांनी यामध्ये मोठी गुंतवणूक केली आहे. आता अनलॉकची प्रक्रिया सुरू असल्याने जीम पुन्हा सुरू करणे आवश्यक आहे,' असं त्यांनी म्हटलं आहे.

सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणाचा तपास केंद्रीय गुन्हे अन्वेषण (सीबीआय) विभागाकडे देण्याचे निर्देश सर्वोच्च न्यायालयानं देताच भारतीय जनता पक्षाने ठाकरे सरकारला घेरले आहे. 'आता न्याय होणारच', अशी प्रतिक्रिया भाजपनं दिली आहे.

गेल्या तीन महिन्यांपासून सुशांतसिंह प्रकरणावरून देशभरात राजकीय गदारोळ सुरू आहे. या प्रकरणाशी ठाकरे सरकारमधील मंत्र्यांचा संबंध असल्याचा आरोप भाजपकडून करण्यात येत होता. तसंच, मुंबई पोलिसांच्या भूमिकेवर संशय व्यक्त करून हा तपास सीबीआयकडे देण्याची मागणी केली होती. मात्र, राज्य सरकारनं त्यास ठाम नकार दिला होता. मुंबई पोलिसांवर राज्य सरकारचा पूर्ण विश्वास आहे. सीबीआय तपासाची गरज नाही, असं सरकारनं स्पष्ट केलं होतं. त्यानंतर हे प्रकरण सर्वोच्च न्यायालयात गेलं होतं. न्यायालयानं या प्रकरणाचा तपास सीबीआयकडे देण्याचे निर्देश द्यावेत, अशी विनंती करण्यात आली होती. न्यायालयानं सर्व बाजूंचे युक्तिवाद ऐकून घेतल्यानंतर तपास सीबीआयकडे देण्याचा निर्णय दिला आहे. सर्वोच्च न्यायालयाच्या या निर्णयाचं भाजपनं स्वागत केलं आहे.

कॅप्टन अमोल यादव यांनी भारतीय बनावटीचे विमान तयार केले आहे. त्यांच्या पुढील प्रकल्पासाठी महाराष्ट्र शासनाच्यावतीने सर्व प्रकारचे सहकार्य केले जाईल, अशी ग्वाही राज्याचे उद्योगमंत्री सुभाष देसाई यांनी येथे दिली. ( Subhash Desai On Captain Amol Yadav 's Project )

कॅप्टन अमोल यादव यांनी मोठ्या कष्टाने भारतीय बनावटीचे विमान तयार केले आहे. त्यांचे प्रात्यक्षिक देखील यशस्वी झाले आहे. यापुढे नागरी उड्डयण मंत्रालयाची (डीजीसीए ) मान्यता मिळाल्यानंतर पुढील प्रकल्पासाठी उद्योग विभागाच्यावतीने सर्व सहकार्य केले जाईल. त्यांना प्रकल्प उभारण्यासाठी जागा दिली जाईल.
कॅप्टन अमोल यांचा प्रकल्प लागु करण्यासाठी उद्योग विभागाच्यावतीने एक बैठक घेतली जाईल. यामध्ये एमआयडीसीचे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित राहतील. शासनाकडून उद्योगांसाठी दिले जाणारे प्रोत्साहन कॅप्टन अमोल यांच्या प्रकल्पाला दिले जाईल, असे देसाई यांनी स्पष्ट केले.

मुख्यमंत्र्यांनी केले कौतुक
एका मराठी माणसाने विमान तयार करण्याचे स्वप्न पाहिले आणि ते सत्यात उतरविले आहे, त्याचा सर्वांना अभिमान आहे. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनीही या प्रकल्पाचे कौतुक केले आहे. यापुढे देखील राज्य शासन त्यांना सर्व सहकार्य करेल, असे उद्योगमंत्री देसाई म्हणाले.

साखर उद्योगानंतर राष्ट्रवादी काँग्रेसचे अध्यक्ष सहकारी बँकांसाठी मैदानात उतरले असून त्यासाठी त्यांनी पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांना चार पानी पत्र लिहिलं आहे. 'सहकारी बँकांकडे बघण्याचा केंद्र सरकारचा व रिझर्व्ह बँकेचा दृष्टिकोन चुकीचा आहे, असं सांगतानाच, 'सहकारी बँकांचे अस्तित्व व ओळख टिकायलाच हवी,' अशी आग्रही मागणी पवारांनी पत्रातून केली आहे.

पवारांनी आपल्या पत्रात सहकारी बँकांचा इतिहास सांगताना देशाच्या अर्थकारणातील महत्त्व विषद केलं आहे. आर्थिक आकडेवारीसह त्यांनी सहकारी बँकांची सध्याची स्थिती मांडली आहे. केंद्र सरकारच्या जन धन सारख्या योजना तळागाळापर्यंत पोहोचवण्यासाठी सहकरी बँकांनी किती मोलाची कामगिरी बजावली आहे, हेही पवारांनी निदर्शनास आणून दिलं आहे. मात्र, केंद्र सरकार व रिझर्व्ह बँकेचा सहकारी बँकांकडे बघण्याचा दृष्टिकोन अस्पृश्यतेचा आहे. निव्वळ व्यावसायिकता व नफा हाच सहकारी बँकांकडे बघण्याचा सध्याचा केंद्र सरकारचा दृष्टिकोन आहे. मात्र, सहकारी बँकांचे स्थान व उपयुक्तता पाहता तो योग्य नाही, असं पवारांनी नमूद केलं आहे.

वांद्रे पश्चिम येथील शेरलो राजन रोड वर एक रिकामी इमारत बाजूच्या निवासी इमारतीवर कोसळून झालेल्या विचित्र दुर्घटनेत दोन जण जखमी झाले आहेत. घटनास्थळी युद्धपातळीवर मदतकार्य सुरू असून इमारतीच्या ढिगाऱ्याखाली आणखी काही रहिवासी अडकले असण्याची शक्यता अग्निशमन दलाकडून व्यक्त करण्यात आली आहे. ( Mumbai Building Collapse )

सोमवारी रात्री ८ वाजून ३८ मिनिटांच्या सुमारास ही दुर्घटना घडली. शेरलो राजन रोडवर कल्पना इमारतीसमोर असलेली ही चार मजली रिकामी इमारत शेजारच्या निवासी इमारतीवर कोसळली. घटनेची माहिती मिळताच मुंबई अग्निशमन दजाचे जवान, ८ फायर वाहनं, २ रेस्क्यू वाहनं, २ जेसीबी, ४ डंपर व ५० मजूर घटनास्थळी दाखल झाले. तिथे सध्या युद्धपातळीवर मदतकार्य सुरू असून दोन रहिवाशी जखमी झाले आहेत. मिळालेल्या माहितीनुसार, इमारतीच्या ढिगाऱ्याखाली अजून काही रहिवाशी अडकले असण्याची शक्यता असून अग्निशमन दलाच्या जवानांनकडून शोधकार्य सुरू आहे, असे मुंबई आपत्ती व्यवस्थापन कक्षातून सांगण्यात आले.

दरम्यान, दुर्घटनाग्रस्त भारती इमारत गेल्या तीन दशकांपासून रिकामीच होती, असे सांगण्यात येत आहे. इमारत नेमकी कोणत्या कारणाने कोसळली हे अद्याप स्पष्ट होऊ शकलेले नाही.

आमदार शेलार घटनास्थळी
भाजपचे स्थानिक आमदार अॅड. आशिष शेलार दुर्घटनेची माहिती मिळताच घटनास्थळी दाखल झाले आहेत. मदतकार्यात ते आवश्यक सूचना देत आहेत. जखमींना रुग्णालयात दाखल करण्यात येत असून रात्रभर शोधकार्य सुरू राहणार असल्याचे ट्विट शेलार यांनी केले आहे.

 

शिवसेनेचे खासदार संजय राऊत यांनी डॉक्टरांबद्दल केलेल्या आक्षेपार्ह वक्तव्यावरून सुरू झालेल्या वादात राज्याचे गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड यांनी उडी घेतली आहे. आव्हाड यांनी संजय राऊत यांची एक प्रकारे पाठराखण केली आहे.

'जागतिक आरोग्य संघटनेला काय कळतं? ती सीबीआयसारखीच आहे. जागतिक आरोग्य संघटना (World Health Organization - WHO) म्हणजे इकडून तिकडून गोळा केलेल्या माणसांचा एक गट आहे. त्यांच्यामध्ये डॉक्टर असले म्हणून काय झालं? खरंतर डॉक्टरांपेक्षा कम्पाउंडरला जास्त कळतं. मी कधीच डॉक्टरांकडून औषध घेत नाही. कम्पाउंडरकडून औषध घेतो. त्यांना जास्त कळतं. तुम्ही त्या WHO वाल्यांच्या नादाला लागू नका. त्यांच्यामुळंच करोना वाढलाय,' असं वक्तव्य राऊत यांनी एका वृत्तवाहिनीतील कार्यक्रमात केलं होतं. त्यावरून गदारोळ उठला होता. भाजपनं राऊत यांच्याकडून माफीची मागणी केली होती. निवासी डॉक्टरांची संघटना असलेल्या 'मार्ड'नं थेट मुख्यमंत्र्यांना पत्र लिहिलं होतं. 'डॉक्टरांना खरंच काही कळत नाही असं तुम्हालाही वाटतं का, अशी विचारणा 'मार्ड'नं मुख्यमंत्र्यांना केली होती. तसं वाटत नसेल तर राऊतांना माफी मागायला लावा अन्यथा रस्त्यावर उतरू, असा इशाराही देण्यात आला होता.

डॉक्टरांच्या या पवित्र्यानंतर राऊत यांनी आपल्या वक्तव्यावर खुलासा केला होता. 'बोलण्याच्या ओघात काही शब्द तुटकपणे येतात. मी जागतिक आरोग्य संघटनेबद्दल बोलत होतो. डॉक्टरांचा अपमान करण्याचा प्रश्नच येत नाही,' असं त्यांनी म्हटलं होतं. त्यानंतर आव्हाड यांनीही ट्वीट करत संजय राऊत यांची पाठराखण केली आहे.

'जागतिक आरोग्य संघटनेच्या विश्वासार्हतेबद्दल अमेरिकेनेही प्रश्नचिन्ह निर्माण केले आहे. त्यांच्याशी संबंधही तोडून टाकले आहेत. अनेक प्रख्यात डॉक्टरांनी, राष्ट्रांनी जागतिक आरोग्य संघटनेच्या कारभाराविषयी शंकाकुशंका व्यक्त केल्या. ह्या विषयावर कोणीही बोलताना दिसलेले नाही. संजय राऊत बोलले आणि जणू वादळच आले,' असा टोला आव्हाड यांनी हाणला आहे.

प्रसिद्ध दिग्दर्शक निशिकांत कामत यांच्या निधनामुळं बॉलिवूडमध्ये हळहळ व्यक्त होत आहे. बॉलिवूड सोबतच इतर क्षेत्रातील अनेक मान्यवरांनी निशिकांतच्या अकाली निधनाबद्दल तीव्र दु:ख व्यक्त केलं आहे. मनसेचे अध्यक्ष राज ठाकरे यांनीही जुन्या आठणवींना उजाळा देत निशिकांत कामत यांना श्रद्धांजली वाहिली आहे.

सिनेमाच्या कलेची उत्तम जाण असलेले राज ठाकरे यांचे बॉलिवूडमध्ये अनेक मित्र आहेत. बॉलिवूडमधील कलाकारांशी त्यांच्या भेटीगाठी होत असतात. चर्चा होत असतात. निशिकांत कामत हे राज यांच्या त्याच वर्तुळातील होते. त्यामुळं राज यांनी सविस्तर पोस्ट लिहून आपल्या मित्राला श्रद्धांजली वाहिली आहे.

आपल्या पोस्टमध्ये राज ठाकरे म्हणतात, 'निशिकांत कामतच्या निधनाने आपण एक उमदा दिग्दर्शक गमावला. त्याचं सिनेमावर मनापासून प्रेम होतं. दृश्य स्वरूपात सांगायची गोष्ट म्हणजे सिनेमा... हे मराठीतील ज्या अगदी बोटावर मोजता येतील इतक्या दिग्दर्शकांना कळलं होतं आणि ज्यांना स्वत:ची गोष्ट ताकदीनं मांडता यायची त्यात निशिकांत होता.

प्रत्येक दशकाचा एक 'कल्ट' सिनेमा असतो, तसा 'डोंबिवली फास्ट' हा मागच्या दशकातील मराठीतील कल्ट सिनेमा होता. राजकीय-सामाजिक स्थित्यंतरांमध्ये सामान्य माणूस घुसमटत असतो, त्यातून त्याचा स्वत:शीच संघर्ष सुरू होतो, ह्याचं भान निशिकांतमधल्या दिग्दर्शकाला होतं. सामान्य माणसाच्या आक्रोशाचा मराठीतील 'डोंबिवली फास्ट'मधून सुरू झालेला प्रवास हिंदीतल्या 'मुंबई मेरी जान'मध्येही सुरू राहिला.

मराठी सोबतच हिंदी चित्रपटसृष्टीतही ज्या मोजक्या दिग्दर्शकांकडे दीर्घ टप्पा गाठायची क्षमता होती त्यात निशिकांत होता. त्यांच्या जाण्यानं मी एक चांगला मित्र आणि सिनेमावर भरभरून बोलणारा एक रसिग देखील गमावला,' अशी भावना राज यांनी व्यक्त केली आहे.

करोनाची लागण झाल्यामुळं सध्या होम क्वारंटाइन असलेले माजी खासदार नीलेश राणे यांच्यासाठी राष्ट्रवादी काँग्रेसचे आमदार रोहित पवार यांनी नुकतंच एक ट्वीट केलं होतं. रोहित पवारांच्या या ट्वीटला नीलेश राणे यांनी तात्काळ उत्तर दिलं आहे.

नीलेश राणे यांनी स्वत:च्या करोना चाचणी अहवालाबाबत रविवारी संध्याकाळी एक ट्वीट केलं होतं. 'माझा कोविड-१९ रिपोर्ट पॉझिटिव्ह आला आहे. माझी तब्येत उत्तम असून डॉक्टरांच्या सल्ल्याने मी स्वतःला सेल्फ क्वारंटाईन करून घेतले आहे. माझ्या संपर्कात आलेल्या इतर सर्व व्यक्तींनीही स्वत:ची चाचणी करावी,' असं आवाहन त्यांनी केलं होतं.

नीलेश राणे यांचं हे ट्वीट रोहित पवार यांनी रीट्वीट केलं होतं. 'नीलेशजी लवकर बरे व्हा. सर्वांच्या सदिच्छा आपल्या पाठीशी आहेत,' असं रोहित यांनी ट्वीटमध्ये म्हटलं होतं. त्यांच्या या सदिच्छांना नीलेश राणे यांनीही प्रतिसाद दिला आहे. 'मी आपला आभारी आहे,' असं म्हणत नीलेश यांनी रोहित पवारांचं ट्वीट रीट्वीट केलं आहे.

काही दिवसांपूर्वी रोहित पवार व नीलेश राणे यांच्यात ट्विटरयुद्ध रंगलं होतं. राष्ट्रवादी काँग्रेसचे अध्यक्ष शरद पवार यांनी साखरेच्या प्रश्नावर पंतप्रधान मोदी यांना लिहिलेल्या पत्रावर नीलेश यांनी अप्रत्यक्ष टीका केली होती. साखर उद्योगाला आजवर झालेल्या मदतीचं ऑडिट करण्याची मागणी त्यांनी केली होती. रोहित पवार यांनी त्यांना खोचक शब्दांत उत्तर दिलं होतं. त्यानंतर नीलेश यांनी शेलक्या शब्दांत त्यांच्यावर टीका केली होती. कालांतरानं हा वाद थांबला होता. ताज्या ट्वीटमुळं ती कटुता दूर झाल्याचं मानलं जात आहे.

मुंबई: पंतप्रधान नरेंद्र मोदी आणि संरक्षण मंत्री राजनाथ सिंह यांनी स्वातंत्र्य दिनाच्या दिवशी केलेल्या भाषणावर शिवसेनेने जोरदार टीका केली आहे. जागतिक अर्थव्यवस्थेस गती देण्याचे सामर्थ्य भारतात आहे. असं केंद्रीय मंत्री सांगत आहेत. जगाचे राहू द्या साहेब, देशातल्या अर्थव्यवस्थेला धक्का द्या, असं सांगतानाच फक्त 'आत्मनिर्भर' होण्याचा ढोल वाजवून आर्थिक महासंकटाचा प्रश्न सुटणार नाही, अशी टीका शिवसेनेने केली आहे.

देशात जे भूकमरी व बेरोजगारीचे संकट तसेच आर्थिक मंदीचा राक्षस धुमाकूळ घालतो आहे त्याच्याशी मुकाबला कसा करणार? हे संकट आजही घरात निपचीत पडून आहे. ते उपाशी पोटाची आग घेऊन घराबाहेर पडेल तेव्हा या स्वदेशी संकटाचा सामना करण्यासाठी सैन्य बोलवावे लागेल अशी चिंता आम्हाला सतावत आहे. कोट्यवधी चुली विझताना दिसत आहेत, त्याच वेळी घराघरात भुकेचा आगडोंब उसळताना दिसत आहे. जागतिक अर्थव्यवस्थेस गती देण्याचे सामर्थ्य भारतात असल्याचे मत संरक्षण मंत्री राजनाथ सिंह यांनीही स्वातंत्र्यदिनी झेंडा फडकवताना व्यक्त केले. जगाचे राहू द्या साहेब, देशातल्या अर्थव्यवस्थेला धक्का द्या. स्वातंत्र्य दिन येतो व जातो, लाल किल्ला तोच आहे, प्रश्न आणि दुःख तेच आहे, असा टोला शिवसेनेने लगावला आहे. दैनिक 'सामना'च्या अग्रलेखातून ही टीका करण्यात आली आहे.

शिवसेनेची टीका
पंतप्रधान मोदी यांनी राष्ट्राला उद्देशून लाल किल्ल्यावरून जे भाषण केले ते त्याच पद्धतीचे होते. पाकिस्तान किंवा चीनला त्यांचे नाव न घेता इशारे वगैरे देण्याचे सोपस्कार त्यांनी पार पाडले. ते नित्याचेच क्रियाकर्म आहे. चीन अद्यापि आपल्या भूमीत घुसलेलाच आहे. पाकिस्तानचे शेपूट वाकडेच आहे. जम्मू-कश्मिरात जवानांची बलिदाने आणि भाजप कार्यकर्त्यांच्या हत्या थांबलेल्या नाहीत.

पंतप्रधानांचे भाषण सर्वसमावेशक होते. करोनामुळे समोर गर्दी कमी होती. त्यामुळे प्रमुख मंडळींच्या चेहऱ्यावरचे भाव ‘मास्क’मुळे समजणे कठीण होते; पण पंतप्रधानांचा आवेश, जोश कमी झाला नव्हता.

सांगलीत कृष्णा नदीची पाणीपातळी ३२ फुटांवर गेल्याने नदीकाठच्या सखल भागात पुराचे पाणी शिरले आहे. शहरातील सूर्यवंशी प्लॉट, दत्तनगर, काका नगर, नवीन बायपास रोड या परिसरातील घरांमध्ये पुराचे पाणी शिरल्याने नागरिकांचे सुरक्षितस्थळी स्थलांतर सुरू झाले आहे. कृष्णा नदीसह वारणा नदीची पाणीपातळी झपाट्याने वाढल्यामुळे नदीकाठावरील १०४ गावांमध्ये सतर्कतेचा इशारा दिला आहे. तसेच सखल भागातील नागरिकांना सुरक्षित स्थळी स्थलांतर करण्याच्या सूचना दिल्या आहेत.

सांगली शहरात रात्रीपासून चारशेहून अधिक लोकांचे स्थलांतर करण्यात आले. पूरबाधितांसाठी शहरातील शाळा आणि रिकाम्या इमारतींमध्ये थांबण्याची व्यवस्था केली आहे. एनडीआरएफचे एक पथक सांगलीत, तर दुसरे पथक आष्टा येथे तैनात असून, पूरबाधितांना सुरक्षित स्थळी हलविण्याचे काम पथकांकडून सुरू आहे. दरम्यान, रविवारी रात्रीपासून पावसाचा जोर वाढल्याने कृष्णा नदीची पाणीपातळी ३२ फुटांवर पोहोचली आहे, तर वारणा नदीही इशारा पातळीवर पोहोचली आहे. वारणा धरण क्षेत्रात अतिवृष्टी सुरू असल्याने वारणा नदीत पंधरा हजार क्युसेक पाण्याचा विसर्ग सुरू आहे. कोयना धरण क्षेत्रातील अतिवृष्टीमुळे कोयना धरणातून ५५ हजार क्युसेक पाण्याचा विसर्ग सुरू असल्याने सांगलीत पुराचा धोका वाढला आहे. कृष्णा नदीचे पाणी झपाट्याने वाढत असल्याने महापुराच्या पुनरावृत्ती होते की काय अशी स्थिती निर्माण झाली आहे.

कोल्हापूर आणि सांगली जिल्ह्यात दमदार पाऊस पडत असल्यामुळे वारणा राधानगरी आणि कोयना या सर्वच धरणातून प्रचंड प्रमाणात पाण्याचा विसर्ग सुरू झाला आहे. दमदार पावसामुळे नद्यांच्या पाणी पातळीत पुन्हा वाढ झाली असून पंचगंगा नदी इशारा पातळीवरून वाहत आहे.

अहमदनगर: राष्ट्रवादी काँग्रेसचे अध्यक्ष शरद पवार यांच्या मुंबईतील निवासस्थानी असलेल्या काही कर्मचाऱ्यांना करोनाची लागण झाल्यामुळं काळजी वाढली आहे. पवार साहेबांच्या तब्येतीबद्दल राष्ट्रवादीच्या नेते, कार्यकर्त्यांकडून विचारणा होत आहे. आरोग्यमंत्री राजेश टोपे यांनी याबद्दल आज माहिती दिली.

पारनेर येथील कोविड सेंटरच्या उद्घाटनासाठी आले असता टोपे पत्रकारांशी बोलत होते. ते म्हणाले, 'पवार साहेबांचं मुंबईतील निवासस्था असलेल्या 'सिल्व्हर ओक' येथे काम करणारे दोघे जण व पवार साहेबांचे तीन सुरक्षारक्षक पॉझिटिव्ह आले आहेत. हे सगळे सुरक्षारक्षक लोकांना पवार साहेबांपासून दूर ठेवण्यासाठी प्रयत्न करत असतात. त्यातून ते काही लोकांच्या संपर्कात आले असण्याची शक्यता आहे. मात्र, पवार साहेबांची अँटिजेन टेस्ट करण्यात आली आहे. ब्रीच कँडी हॉस्पिटलमध्ये त्यांची पूर्ण तपासणी करण्यात आली आहे. त्यांची प्रकृती उत्तम आहे. ते सुरक्षित व व्यवस्थित आहेत. त्यांची नीट काळजी घेतली जातेय,' असं टोपे यांनी सांगितलं.

'शरद पवार हे महाराष्ट्रासाठी आणि संपूर्ण देशासाठी महत्त्वाचे आहेत. त्यांची सुरक्षितता महत्त्वाची आहे. आम्ही त्यांना नेहमीच काळजी घेण्याबद्दल सांगत असतो. पण त्यांचा उत्साह मोठा आहे. लोकांच्या प्रती त्यांची बांधिलकी आहे. त्यातून ते लोकांमध्ये जात असतात. कदाचित फिरण्यातून त्यांना काही संदेश द्यायचे असतात. त्या सर्व अनुभवांतून जाण्याचा ते आवर्जून प्रयत्न करतात. त्यामुळे त्यांची अधिक काळजी घेण्याचा आमचा प्रयत्न आहे. ते स्वतःही काळजी घेत असून चिंता करण्याचे कारण नाही,' असेही राजेश टोपे यांनी यावेळी सांगितले.
 

'पार्थ पवार माझा जवळचा मित्र आहे. मी स्वतः त्यांच्याशी बोलेन. पार्थ अत्यंत समजदार असल्याने त्यांचा कोणताही प्रॉब्लेम राहणार नाही, याचा मला शंभर नाही तर एक हजार टक्के विश्वास आहे,' असे राज्याचे आरोग्य मंत्री राजेश टोपे यांनी स्पष्ट केले. 'छोट्या मोठ्या गोष्टीतून काही घडले तरी त्या तिथल्या तिथे दुरुस्त करण्याची व्यवस्था शरद पवार यांच्या कुटुंबात आहे,' असेही ते म्हणाले.

आरोग्य मंत्री राजेश टोपे यांच्या हस्ते पारनेर तालुक्यातील टाकळी ढोकेश्वर येथे शरदचंद्र पवार साहेब आरोग्य मंदिर या कोविड सेंटरचे उदघाटन झाले. हे एक हजार बेडचे कोविड सेंटर आमदार निलेश लंके यांच्या पुढाकारातून साकारले आहे. या कार्यक्रम नंतर टोपे यांनी माध्यमांशी संवाद साधला. यावेळी आमदार निलेश लंके उपस्थित होते.

पार्थ पवार यांच्याबाबत टोपे यांना विचारले असता ते म्हणाले, 'पवार परिवार हा अत्यंत आदर्श परिवार आहे. त्यांच्यापासून महाराष्ट्रातील सर्व परिवार बोध घेतात. हा अत्यंत प्रगती साधलेला परिवार आहे. आपण पाहिले तर पवार परिवारातील सर्वच घरातील लोक हे अत्यंत कर्तृत्ववान आहेत. सर्व जण वेगवेगळ्या क्षेत्रांमध्ये आहेत. मग ते पवार साहेबांचे भाऊ असतील, पुतणे असतील, नातू असतील किंवा तिसरी पिढी सुद्धा चांगलं कर्तृत्व दाखवत आहे. सर्वजण एकीने काम करतात. आता छोट्या मोठ्या गोष्टीतून काही घडले, तरी ते तिथल्या तिथे दुरुस्त करण्याची व्यवस्थाही या कुटुंबात आहे. पार्थ पवार हे माझे चांगले मित्र आहेत. मी त्यांच्यासोबत बोलणार आहे. ते अत्यंत समजदार असल्याने त्यांचा कोणताही प्रॉब्लेम राहणार नाही. याचा मला शंभर नाही तर एक हजार टक्के विश्वास आहे.'

अहमदनगर : राज्याचे ग्रामविकास मंत्री आणि अहमदनगरचे पालकमंत्री हसन मुश्रीफ यांनी विरोधी पक्षनेते देवेंद्र फडणवीस यांना जोरदार टोला लगावला (Hasan Mushrif criticize Devendra Fadnavis). ज्यांनी 5 वर्षे राज्याचं गृहखातं सांभाळलं त्यांचाच सुशांत सिंह प्रकरणात पोलिसांवर विश्वास नाही. हे दुर्दैवी आहे, असं मत हसन मुश्रीफ यांनी व्यक्त केलं. यावेळी हसन मुश्रीफ यांनी भाजप अभिनेता सुशांत सिंह आत्महत्या प्रकरणावरुन राजकारण करत असल्याचा आरोपही केला. हसन मुश्रीफ यांच्या हस्ते अहमदनगरला झेंडा वंदन पार पडले. यावेळी ते बोलत होते.  हसन मुश्रीफ म्हणाले, “देवेंद्र फडणवीसांनी सुशांत सिंह राजपूत प्रकरणी सीबीआय चौकशीची मागणी केली. त्यानंतर त्यांना बिहारच्या निवडणुकीची जबाबदारी देण्यात येत आहे. हे राजकारण आहे. 5 वर्षे ज्यांनी गृहखातं सांभाळलं तेच आपल्या पोलिसांवर संशय व्यक्त करत आहेत हे दुर्दैव आहे.”

यावेळी हसन मुश्रीफ यांनी जिल्ह्यातील कोरोना रुग्णांचा मृत्यूदर कमी करणे हे आव्हान असल्याचं नमूद केलं. तसेच प्रशासनाला रुग्णांना तात्काळ बेड उपलब्ध करुन देण्याचे आदेश दिले.

“आपल्यासमोर सध्या कोरोनाचा वाढता प्रादुर्भाव हे आव्हान आहे. हा प्रादुर्भाव रोखणं, मृत्यूदर कमी करणं, जी अंत्यवस्थ रुग्ण आहेत त्यांना ताबडतोब बेड मिळतील अशी व्यवस्था करणं, जास्तीत जास्त रुग्णांना लवकर बरं करणं हेच आज आपल्यासमोरचं आव्हान आहे. यासाठी काम सुरु आहे,” असं मत हसन मुश्रीफ यांनी व्यक्त केलं.

 गडचिरोलीत नक्षलवाद्यांनी केलेल्या गोळीबारात एक जवान शहीद झाला आहे. कोठी या गावात नक्षलवाद्यांनी हा हल्ला केला. याआधी भामरागड तालुक्यात नक्षलवाद्यांनी केलेल्या हल्ल्यात दोन जवान शहीद झाले होते.

गडचिरोलीत नक्षलवाद्यांकडून हल्ले सुरूच आहेत. कोठी गावात नक्षलवाद्यांनी केलेल्या गोळीबारात एक जवान शहीद झाला. दुशंत नंदेश्वर असं शहीद झालेल्या जवानाचं नाव आहे. तर दिनेश भोसले हे जखमी झाले आहेत. कोठी या गावात ते दुकानात खरेदीसाठी गेले होते. दोघेही जवान साध्या वेशात होते. त्याचवेळी नक्षलवाद्यांनी गोळीबार केला. यात नंदेश्वर हे शहीद झाले. तर भोसले हे जखमी झाले आहेत. त्यांना रुग्णालयात उपचारासाठी हलवण्यात आले आहे.

शहीद सप्ताहादरम्यान पोलिसांच्या बंदोबस्तामुळे नक्षलवाद्यांना कुठलीही घटना घडवून आणता आली नाही. यानंतर पोलिसांनी दोन जहाल नक्षल्यांना अटक केली होती. तर दोघांनी आत्मसमर्पण केले होते. या घटनांमुळे बिथरलेल्या नक्षलवाद्यांनी हा हल्ला केल्याचे बोलले जात आहे.

३ महिन्यांपूर्वी भामरागडमध्ये केला होता हल्ला

तीन महिन्यांपूर्वीही गडचिरोलीतील भामरागडमध्ये नक्षलवाद्यांनी गोळीबार केला होता. त्यात दोन जवान शहीद झाले होते.पोयरकोटी-कोपर्शी येथील जंगलात नक्षलवादी लपून बसल्याची माहिती पोलिसांना मिळाली होती. त्यानंतर पोलिसांनी जंगल परिसरात शोधमोहीम सुरू केली. जंगलात लपून बसलेल्या नक्षलवाद्यांनी पोलीस पथकावर गोळीबार केला होता. त्यात दोन जवान शहीद झाले होते.

राज्यातील जिम तत्काळ सुरू करण्यात याव्यात आणि हळूहळू सर्वच क्षेत्रांचा विचार करून अर्थकारणाला चालना देण्यासाठी त्या-त्या क्षेत्रांसाठी मार्गदर्शक तत्त्वे तयार करीत ती क्षेत्रं खुली करायला हवी, अशी मागणी विधानसभेतील विरोधी पक्षनेते देवेंद्र फडणवीस यांनी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांच्याकडे केली आहे.

फडणवीस यांनी या संदर्भात मुख्यमंत्र्यांना सविस्तर पत्र लिहिलं आहे. 'करोनाच्या संकटामुळे नागरिक त्रस्त असताना, आता त्यांना आणखी आर्थिक संकटात टाकता येणार नाही. जेव्हा एखादे संकट येते, तेव्हा केवळ आरोग्याच्या दृष्टीनेच त्याकडे पाहून चालणार नाही, तर त्या संकटाचे सामाजिक, आर्थिक, मनोवैज्ञानिक परिणाम सुद्धा तपासले पाहिजे आणि आरोग्यासोबतच आर्थिक आणि सामाजिक स्वास्थ सुद्धा टिकून राहील, याचाही कटाक्षाने विचार केला पाहिजे. आज राज्यातील दारू दुकाने उघडली जात असताना जिम मात्र बंद ठेवल्या जातात, हे अतिशय दुर्दैवी आहे. राज्याचे अर्थकारण टिकले पाहिजे, हा विचार त्यामागे असला तरी राज्याचे आरोग्य सुद्धा टिकले पाहिजे, हा विचारही व्हायला हवा. करोना नियंत्रणाची संपूर्ण रणनीतीच चुकली आहे. ज्या काळात चाचण्यांवर आपण भर द्यायला हवा होता, त्या काळात चाचण्या केल्या नाही. नंतर चाचण्या वाढल्या, हे भासविण्याचा प्रयत्न झाला. संख्यावृद्धीसाठी अँटीजेन चाचण्यांवर भर देण्यात आला. परिणामी आज स्थिती अवघड झाली आहे. महाराष्ट्र हा देश असता तर जगात सहाव्या क्रमांकावर असता,' अशी चिंता फडणवीस यांनी व्यक्त केली आहे.

ब्रिटनची अॅम्ब्युलन्स ही ठाकरे सरकारची देण असल्याचं सांगून त्याचं क्रेडिट घेणाऱ्या शिवसेना नगरसेवकाला ट्रोलरने चांगलंच फैलावर घेतलं आहे. ही अॅम्ब्युलन्स सेवा महाराष्ट्र सरकारने ब्रिटनमध्ये लॉन्च केलीय का?, असा खोचक सवाल नेटकऱ्यांनी शिवसेना नगरसेवकाला विचारला आहे.

शिवसेनेचे नगरसेवक अमेय घोले यांनी या ब्रिटनच्या अॅम्ब्युलन्सचा फोटो ट्विट करून त्यावर पोस्ट लिहिली आहे. मांडवा जेट्टी ते गेट वे ऑफ इंडियापर्यंत मरीन अॅम्ब्युलन्स सुरू करण्यात आली आहे. महाराष्ट्र सरकारचा अनोखा आणि स्त्युत्य उपक्रम. महाराष्ट्राच्या मुख्यमंत्र्यांचं आभार, असं घोले यांनी ट्विटमध्ये म्हटलं होतं. शिवसेनेच्या नेत्या आणि खासदार प्रियांका चतुर्वेदी यांनीही महाराष्ट्र सरकारचा चांगला उपक्रम असं ट्विट करत घोले यांचं ट्विट रिट्विट केलं होतं.

त्यावरून नेटकऱ्यांनी घोले आणि चतुर्वेदी यांच्यावर टीकास्त्र सोडलं आहे. या अॅम्ब्युलन्सचा फोटो ब्रिटनचा आहे. त्यामुळे महाराष्ट्र सरकारने ही मरीन सेवा ब्रिटनमध्ये लॉन्च केलीय का?, असा खोचक सवाल नेटकऱ्यांनी या दोघांना विचारला आहे.

काय आहे सत्य?
खरे तर या फोटोचा महाराष्ट्राशी काहीही संबंधित नाही. हा फोटो एका ब्रिटिश आयलँड गव्हर्न्सची आहे. फ्लाइंग क्रिस्टिन असं या बोटीचं- III नाव आहे. घोले यांनी ट्विट केलेल्या या फोटोचा २०१४मध्ये बीबीसीच्या एका आर्टिकलमध्ये वापर करण्यात आला होता. त्यामुळे या फोटोचा महाराष्ट्राशी काहीच संबंध नसल्याचं सिद्ध होते.

अभिनेता सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणात सीबीआय चौकशीची मागणी केली जात आहे. सीबीआयचा घाव घालून महाराष्ट्राचा स्वाभिमान जखमी करायचा हा डाव आहे. त्यासाठी पार्थ पवार यांचा कोणी पडद्यामागून वापर तर करत नाही ना?, असा संशय शिवसेनेने व्यक्त केला आहे.

महाराष्ट्रातील अनेक अनुभवी, जुनेजाणते लोकही सीबीआयची ‘री’ ओढत आहेत. सीबीआयचा घाव घालून महाराष्ट्राचा स्वाभिमान, अस्मिता जखमी करायची असा डाव पडद्यामागून रचला जात आहे, हे समजून घेतले पाहिजे. त्याकरिता लहान वयाच्या पार्थ पवारांचा कोणी वापर तर करून घेत नाही ना? अशी शंका घेण्यास वाव आहे, असं शिवसेनेने म्हटलं आहे. दैनिक 'सामना'तील अग्रलेखातून पार्थ यांना संयम आणि सबुरीचा सल्ला देतानाच शिवसेनेने ही शंकाही उपस्थित केली आहे.

पार्थ पवार हे राजकारणात नवीन आहेत. लोकसभेची त्यांची उंच उडी चुकली आहे. त्यांना थोडी जास्त मेहनत घ्यावी लागेल. घरातच राजकीय व्यायामशाळा आहे. त्यामुळे मल्लखांब वगैरे कसरतीचे प्रयोग करून कसदार बनायची संधी आहे. शरद पवारांचे बोलणे हे आजोबांचा सल्ला म्हणजेच आशीर्वाद यादृष्टीने घेतले तर मनावरचा ताण कमी होईल. पक्षाची धुरा सांभाळणाऱ्यांना अनेकदा ‘कटू’ बोलावे लागते. शिवसेनाप्रमुखांनी अनेकदा हे कडू घोट स्वकीयांना पाजले आहेत. जाहीरपणे कान उपटले आहेत. महात्मा गांधी, नरसिंह राव, अटलबिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी इतकेच काय, पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनीही वेळोवेळी स्वकीयांना कडू कारल्याची भाजी खायला घातलीच आहे. प्रकृतीला ती बरी असते. ज्येष्ठांनी असेच वागायचे असते. शरद पवार वेगळे वागले नाहीत, असं शिवसेनेने म्हटलं आहे.

ठाकरे कुटुंबातील कुणी व्यक्ती असं काही करणार नाही, असं सांगत मनसेने पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे यांची पाठराखण केली आहे. तसेच भाजपमुळेच हा वाद निर्माण झाल्याचा आरोपही मनसेने केला आहे.

सुशांतसिंह राजपूत आत्महत्या प्रकरणी आदित्य ठाकरे यांच्यावर आरोप केले जात आहे. या पार्श्वभूमीवर मनसेचे नेते बाळा नांदगावकर यांनी पक्षाची भूमिका स्पष्ट करताना आदित्य ठाकरे यांची बाजू घेतली. ठाकरे घराण्यातील व्यक्तीचा अशा प्रकारच्या घटनेत सहभाग असेल असं मला वाटत नाही. भाजपच्या आरोपामुळेच हा वाद सुरू झाला आहे. सुशांतप्रकरणाची सीबीआय चौकशी करण्याची मागणी सर्वांनीच केली आहे. राष्ट्रवादीचे अध्यक्ष शरद पवार यांनी त्यावर प्रतिक्रिया व्यक्त केली आहे. सर्वोच्च न्यायालयातही हे प्रकरण गेलं आहे. त्यामुळे चौकशी होत असल्याने त्यातून सत्य बाहेर येईल, असं बाळ नांदगावकर यांनी सांगितलं.

सुशांतसिंह आत्महत्या प्रकरणी आदित्य ठाकरे यांच्यावर अप्रत्यपक्षपणे आरोप करण्यात येत होते. बिहार भाजपने तर थेट आदित्य ठाकरे आणि शिवसेना नेते संजय राऊत यांची नार्को चाचणी करण्याची मागणी केली आहे. त्यामुळे राजकीय आरोप-प्रत्यारोपांची चिखलफेक सुरू झाली आहे. शिवसेनेनेही या प्रकरणात आदित्य ठाकरे यांचं नाव नाही. आदित्य यांचं कुणीची नाव घेतलेलं नाही. मीडियानेच सनसनाटी निर्माण करण्यासाठी त्यांचं नाव पुढे केल्याचा आरोप केला होता. या पार्श्वभूमीवर मनसेने आदित्य यांची बाजू घेऊन संकटाच्या काळात मतभेद विसरून ठाकरे कुटुंब एकत्र येत असल्याचा संदेशच दिल्याची राजकीय वर्तुळात चर्चा आहे.

पंढरपूर: आंतरजातीय प्रेमविवाहाच्या रागातून मंगळवेढा तालुक्यातील भाळवणी येथे जवानाच्या पित्याला झाडाला बांधून केलेल्या अमानुष मारहाण प्रकरणी पोलिसांनी व्हायरल झालेल्या क्लिपमधील १२ जणांवर गुन्हा दाखल केला असून १० आरोपींना बेड्या ठोकण्यात आल्या आहेत. या आरोपींना मंगळवेढा न्यायालयात हजर केले असता सर्वांना ५ दिवसांची पोलीस कोठडी सुनावण्यात आली. ही माहिती पोलीस निरीक्षक गुंजवटे यांनी दिली.

व्हायरल क्लिपमध्ये दिसत असलेल्या अन्य आरोपींचा शोध पोलिसांनी सुरूच ठेवला आहे. या घटनेत मंगळवारी सकाळी ८ वाजता दामाजी बरकडे यांना त्यांच्या वस्तीवर जाऊन बेदम मारहाण करण्यात आली होती. त्यानंतर त्यांचे हात बांधून ३ किलोमीटर धिंड काढून त्यांना गावात आणण्यात आले होते. यानंतर त्यांना गावात एका झाडाला बांधून पुन्हा गावकऱ्यांदेखत मारहाण करण्यात आली होती. यावेळी सगळे गावकरी समोर असूनही कोणीच त्याला सोडवण्याचा प्रयत्न केला नाही. याची माहिती पोलिसांना मिळताच तातडीने घटनास्थळी जात पोलिसांनी त्यांची सुटका केली. यानंतर मुलाच्या वडिलांनी पोलिसांत तक्रार दाखल केल्यावर वरिष्ठ पातळीवरून सूत्रे हलली आणि १० आरोपींना तातडीने अटक करण्यात आली. यात गावातील तंटामुक्त समितीच्या अध्यक्षांसह मुलीच्या कुटुंबातील वडील, भाऊ , चुलते, चुलत भाऊ यांनाही मारहाण प्रकरणी पोलिसांनी अटक केली आहे. आता या प्रकरणातील एक महिला व एक अल्पवयीन मुलाचा पोलीस शोध घेत आहेत. व्हायरल झालेल्या क्लिपमधून इतर आरोपींना शोधण्याची मोहीमही वेगाने सुरू झाली असून सोलापूरचे अतिरिक्त पोलीस अधीक्षक अतुल झेंडे यांनी गावात भेट देऊन अधिक माहिती घेतली.

पुणे: गॅलरीत कपडे वाळत घालत असताना रागाने पाहिल्याने चार जणांनी एका ५५ वर्षीय महिलेला शिवीगाळ करून मारहाण केली. या भांडणात एक आरोपीने या महिलेच्या डोक्यात कोयत्याने वारदेखील केला.

शहरातील मंगळवार पेठेत हा प्रकार घडला. या प्रकरणी प्रमिला राजेश पाडळे (वय ५५, रा. मंगळवार पेठ) यांनी फरासखाना पोलिस स्टेशनमध्ये तक्रार दिली आहे. यावरून पोलिसांनी पाच जणांविरुद्ध गुन्हा दाखल करून त्यांतील चार जणांना अटकदेखील केली आहे. अटक करण्यात आलेल्यांमध्ये दोन महिलांचा समावेश आहे. अंबिका रोकडे (३४) आणि मीनाक्षी वाघमारे, प्रथमेश वाघमारे, रवींद्र म्हेत्रे, यलम्मा म्हेत्रे यांच्यावर गुन्हा दाखल करण्यात आला असून, यातील चार जणांना अटक करण्यात आली आहे.

तक्रारदार महिला गॅलरीत कपडे वाळत घालत असताना आरोपी त्यांच्याकडे रागाने बघत होते. यानंतर या आरोपींनी तक्रारदार महिला पाडळे यांना खाली बोलावून घेतले. त्यानंतर गर्दी गोळा करून या महिलेस शिवीगाळ करून मारहाण केली. त्याच वेळी आरोपी प्रथमेश वाघमारे याने या महिलेच्या डोक्यात कोयता मारल्याची माहिती पोलिसांनी दिली. या प्रकरणी पोलिसांनी चार आरोपींना अटक केली असून, पुढील तपास फरासखाना पोलिस करीत आहेत.

कोल्हापूर: राष्ट्रवादी काँग्रेसचे अध्यक्ष शरद पवार यांनी पार्थ पवार यांना 'इमॅच्युअर' म्हणत जाहीररित्या फटकारल्यापासून राजकीय वर्तुळात प्रतिक्रियांची माळच लागली आहे. विशेषत: विरोधी पक्ष भाजपकडून खोचक प्रतिक्रिया येत आहेत. कोल्हापूरच्या जिल्हा परिषद सदस्या शौमिका महाडिक यांनी थेट पवारांना टोला हाणला आहे.

सुशांतसिंह राजपूत आत्महत्या प्रकरण आणि अयोध्येतील राम मंदिराच्या भूमिपूजनाच्या मुद्द्यावर अलीकडेच उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांचे पुत्र पार्थ यांनी पक्षाशी विसंगत भूमिका मांडली होती. त्यामुळं राष्ट्रवादीची कोंडी झाली होती. शरद पवार यांनी बुधवारी मुंबईत पत्रकारांशी बोलताना ही कोंडी फोडली. 'पार्थ पवार अपरिपक्व आहे. त्याच्या मताला आम्ही कवडीची किंमत देत नाही,' असं पवार म्हणाले होते. त्यावरून पवार कुटुंबातील वादाची चर्चा सुरू झाली आहे. भाजपच्या काही पदाधिकाऱ्यांनी त्यावर प्रतिक्रिया दिल्या आहेत. काहींनी थेट पार्थ पवारांची पाठराखण केली आहे. भाजपच्या शौमिका महाडिक या कोल्हापूर जिल्हा परिषदेच्या सदस्य आहेत. त्यांनी याआधी जिल्हा परिषदेचं अध्यक्षपदही भूषवलं आहे. भाजपचे माजी आमदार अमल महाडिक यांच्या त्या पत्नी आहेत. महाडिक यांनी पवारांच्या वक्तव्याच्या अनुषंगानं दोन ट्वीट केले आहेत. पहिल्या ट्वीटमध्ये त्या म्हणतात, 'आज गोपाळकाला आहे. महाभारतामध्ये कौटुंबिक वादातून सातत्याने अन्याय सहन करावा लागलेल्या 'पार्थ'चे युद्धात ज्याने सारथ्य केले. त्या श्रीकृष्णाचा दिवस..!

पहिल्या ट्वीटनंतर महाडिक यांनी लगेचच दुसरं ट्वीट केलं. त्यात त्या म्हणतात, 'मगाशी एका ट्वीटमध्ये मी चुकून श्रीकृष्णाचा पार्थ असा उल्लेख केला. माणसाकडून चुका होतात. जेमतेम दोन ते तीन मिनिटांत चूक कळताच मी ती सुधारली. पण तरीही मी चुकले हे मला बिलकुल मान्य आहे. मी चुकूच शकत नाही, मीच एकटी जाणती किंवा मीच फक्त मॅच्युअर व बाकी सारे इमॅच्युअर असा माझा अजिबात दावा नाही.'

महाडिक यांनी अप्रत्यक्षपणे शरद पवारांवर केलेल्या या टीकेची जोरदार चर्चा कोल्हापूरच्या राजकीय वर्तुळात आहे.

अहमदनगर: ‘आपली आर्थिक भागिदारी असलेल्या दूध पावडर कंपन्यांना आर्थिक लाभ व्हावा यासाठी महाविकास आघाडी सरकारमधील काही घटक मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांना चुकीची माहिती देऊन त्यांची दिशाभूल करत आहेत,’ असा आरोप दूध उत्पादक शेतकरी संघर्ष समिती व किसान सभेने केला आहे. त्यामुळे मुख्यमंत्र्यांनी यामध्ये स्वत: हस्तक्षेप करून तोडगा काढावा, अशी मागणी डॉ. अजित नवले यांनी केली आहे.

दुधाला प्रतिलिटर किमान ३० रुपये दर मिळावा यासाठी शेतकरी संघटना आणि भाजपतर्फेही सध्या आंदोलन सुरू आहे. यातून मार्ग काढण्यासाठी सरकारने काही निर्णय घेतले आहेत. मात्र, त्याचा थेट शेतकऱ्यांना फायदा होणार नाही, असा आंदोलकांचा आरोप आहे. यासंबंधी डॉ. नवले यांनी सांगितले की, करोनामुळे झालेल्या लॉकडाउनचे कारण देत दुधाचे खरेदी दर कमी करण्यात आले. प्रत्यक्षात ग्राहकांना विकण्यात येणारे दूध फारसे स्वस्त झालेले नाही. त्यामुळे शेतकरी आणि ग्राहकांची लूट करून मधेल घटक पैसे कमावत आहेत. ही लूट थांबण्यासाठी संघर्ष समिती सातत्याने आंदोलन करत आहे. मात्र सत्तेत सामील असलेल्या अनेकांचे हितसंबंध दूध कंपन्या व दूध संघांमध्ये गुंतलेले असल्याने शेतकऱ्यांच्या मागण्यांकडे सातत्याने दुर्लक्ष केले जात आहे.'

'राज्यात प्रतिदिन २० लाख लिटर दूध अतिरिक्त ठरत आहे. ५५ हजार टन दूध पावडर पडून आहे. अशा परिस्थितीत राज्य सरकारकडून महिन्याला केवळ ४५० टन दूध पावडर गरिबांना वितरित करून प्रश्न सोडविल्याचा आव आणला जात आहे. दूध प्रश्नाकडे सरकार गांभीर्याने पहात नसल्याचे हे द्योतक आहे. राज्य सरकारमध्ये सामील असलेल्या काही घटकांचे हितसंबंध दूध व्यवसायात व शेतकऱ्यांच्या व ग्राहकांच्या लुटीत सामावलेले असल्याने त्यांच्याकडून या प्रश्नाकडे जाणीवपूर्वक दुर्लक्ष होत आहे. त्यामुळे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनीच या प्रश्नांत लक्ष घालण्याची आवश्यकता आहे. दूध उत्पादक शेतकरी संघर्ष समिती व किसान सभेच्या वतीने यासाठी प्रयत्न सुरू केले आहेत,' असंही नवले म्हणाले.

सुशांतसिंह राजपूत यांच्या आत्महत्या प्रकरणाच्या सीबीआय तपासाच्या मागणीवर राष्ट्रवादी काँग्रेसचे अध्यक्ष शरद पवार यांनी आज प्रथमच भाष्य केलं. 'सीबीआय चौकशीला माझा विरोध नाही. पण महाराष्ट्र आणि मुंबई पोलिसांना मी गेली ५० वर्षे ओळखतो. त्यांच्यावर माझा पूर्ण विश्वास आहे,' असं शरद पवार यांनी स्पष्ट केलं. (Sharad Pawar backs Mumbai and Maharashtra Police)

सुशांतसिंह राजपूत याच्या आत्महत्येला जवळपास दोन महिने उलटून गेल्यानंतरही त्याबाबतची चर्चा सुरूच आहे. विरोधी पक्ष भाजपने सीबीआय चौकशीची मागणी लावून धरल्यानं या प्रकरणाला राजकीय वळण लागलं आहे. दोन्ही बाजूंनी या अनुषंगाने आरोप-प्रत्यारोप सुरू आहेत. शरद पवार यांनी आतापर्यंत यावर कुठलंही भाष्य केलं नव्हतं. मात्र, पार्थ पवार यांनी सुशांतच्या प्रकरणात सीबीआय चौकशीची मागणी केल्याबद्दल त्यांना विचारलं असता त्यांनी महाराष्ट्र पोलिसांवर माझा विश्वास असल्याचं सांगितलं. 'कोणी कोणावर काय आरोप केले, याच्या खोलात मला जायचे नाही. माझ्यासाठी ते फार महत्त्वाचे नाही. आत्महत्येची घटना ही दु:खदायकच आहे. मात्र, ज्या पद्धतीनं त्याची चर्चा होते ते आश्चर्यकारक आहे,' असं पवार म्हणाले.

 

ठाणे:ठाणे जिल्ह्यातील करोना बाधित रुग्णांच्या संख्येने एक लाखांचा टप्पा ओलांडला असून मंगळवारी नव्याने १०५१ रुग्णांची वाढ झाल्याने बाधितांचा एकूण आकडा १ लाख २०९ इतका झाला आहे. यापैक्की ८२ हजार ९२० रुग्णांनी करोनावर मात केली आहे. सध्या १४ हजार ४५८ रुग्णांवर उपचार सुरु आहेत. ( Coronavirus In Thane )

रुग्ण बरे होण्याचे प्रमाण वाढत आहे, ही बाब दिलासादायक असली तरी दुसरीकडे दररोज रुग्णांच्या मृत्यूचा समोर येणारा आकडा चिंता वाढवणारा आहे. मंगळवारी ५४ रुग्णांच्या मृत्यूची नोंद झाली. त्यामुळे मृतांचा आकडा २ हजार ८३१ वर गेला आहे. ठाणे ग्रामीणमध्ये दिवसभरात १७ (एकूण मृत्यू २२२), ठाणे ४ (७०४),कल्याण-डोंबिवली १० (४५८), नवी मुंबई ७ (४७८), मिरा-भाईंदर ६ (३२४), उल्हासनगर २ (१६१), भिवंडी ३ (२६२), अंबरनाथ २ (१६८), बदलापूर २ (५४) रुग्णांच्या मृत्यूची नोंद झाली आहे.

दरम्यान, ठाणे शहरात मंगळवारी १७३ नवे करोना रुग्ण आढळले असून एकूण करोना बाधितांची संख्या २१ हजार ४९९ वर पोहचली आहे. नवी मुंबईमध्ये २७८ नवीन रुग्णांची नोंद झाल्याने एकूण रुग्णांची संख्या १९०३३ इतकी झाली आहे. तसेच कल्याण-डोंबिवलीमध्ये करोनाचे १९६ नवीन रुग्ण सापडले असून एकूण रुग्णसंख्या २२,८४९ वर पोहचली आहे.

मुंबई: राज्यात महाविकास आघाडी सरकार आल्यापासून व उद्धव ठाकरे हे मुख्यमंत्री झाल्यापासून भारतीय जनता पक्ष शिवसेनेला सातत्यानं लक्ष करत आहे. त्यातही विधानसभा निवडणुकीपूर्वी भाजपमध्ये गेलेले राणे पिता-पुत्र उद्धव ठाकरे व आदित्य यांच्यावर रोजच्या रोज टीका करत आहेत. सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणावरूनही राणे यांनी आता ठाकरे पिता-पुत्रांना लक्ष्य केलं आहे.

सुशांतसिंह प्रकरणाची सुनावणी सध्या सर्वोच्च न्यायालयात सुरू आहे. पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे यांचा या प्रकरणाशी संबंध असल्याचा आरोप याआधीच भाजपनं अप्रत्यक्षरित्या केला आहे. तोच धागा पकडून आता माजी खासदार नीलेश राणे यांनी ठाकरे यांना इशारा दिला आहे. 'आदित्य ठाकरे यांचं नाव सर्वोच्च न्यायालयाच्या रेकॉर्डमध्ये आले... त्यांचा सुशांतसिंह प्रकरणात सहभाग जाणवतो. त्यामुळं तुम्हाला व तुमच्या मुलाला लवकरच राजीनामा द्यावा लागेल,' असं नीलेश राणे यांनी आपल्या ट्वीटमध्ये म्हटलं आहे. 'तुम्ही आणि तुमच्या मुलानं सुशांत प्रकरणात पदाचा दुरुपयोग केला आहे,' असा आरोपही नीलेश राणे यांनी केला आहे.

भाजपच्या कुठल्याही जबाबदार नेत्याने सुशांत प्रकरणात अद्याप आदित्य ठाकरे यांचे थेट नाव घेतलेले नाही. 'मुंबईतील युवा मंत्री' इतकाच उल्लेख भाजपच्या नेत्यांकडून केला जातो. आमदार नीतेश राणे व नीलेश हे मात्र सुरुवातीपासून थेट आदित्य यांचं नाव घेत आले आहेत.नीतेश राणे यांनी काही दिवसांपूर्वी मुंबईतील कोविड सेंटरमध्ये घोटाळा असल्याचा आरोप करतानाही आदित्य यांच्यावरच निशाणा साधला होता. कोविड सेंटरचे टेंडर वांद्र्यातील एक अभिनेता आणि त्याच्या मित्रमंडळींना विचारून काढले जातात, असा आरोपही त्यांनी केला होता.

कोल्हापूर: कामात त्रुटी अथवा दर्जा निकृष्ट आढळल्यास कंत्राटदारास देशद्रोही ठरवतानाच त्याच्यावर फौजदारी करण्याचा निर्णय राज्य सरकरने घेतला आहे. पण याचवेळी ज्याच्यावर या कामाच्या देखरेखीची जबाबदारी असते, त्या सार्वजनिक बांधकाम व पाटबंधारे खात्यातील सरकारी अधिकाऱ्यांना मात्र नामनिराळे ठेवण्यात आल्याने आश्चर्य व्यक्त केले जात आहे. दरम्यान, तीन हजार कोटींची बिले अडकली असताना त्यातील एकही रुपया न दिलेल्या सरकारने हा नवा नियम करून छोट्या कंत्राटदारांना संपवण्याचा घाट घातल्याचा आरोप करण्यात येत आहे.

राज्यात साडे तीन लाख छोटे कंत्राटदार आहेत. त्यांच्या माध्यमातून सार्वजनिक बांधकाम खात्यातील विविध कामे होतात. या कंत्राटदारांना बाजूला करण्यासाठी सर्वच कामे बड्या कंत्राटदारांना देण्याचा निर्णय तीन वर्षापूर्वी घेण्यात आला. यामुळे बडे कंत्राटदार निविदा भरतात आणि ते अशा छोट्या कंत्राटदाराकडून कामे करून घेतात. ज्यातून ते वरच्या वर लोणी खातात. या कठीण स्थितीतून सावरत असतानाच राज्याच्या सार्वजनिक बांधकाम खात्याने ३० जुलै रोजी एक परिपत्रक काढले आहे. यामध्ये राज्यातील छोट्या कंत्राटदारांना अनेक जाचक अटी व नियम लावण्यात आले आहेत. दर तीन वर्षानी नामनोंदणी करण्याचा नवा नियम करण्यात आला आहे. यासाठी कागदपत्रांची मोठी जंत्रीच जोडावी लागणार आहे.

मुंबई: अभिनेतासुशांतसिंह राजपूत याच्या आत्महत्या प्रकरणात शिवसेनेवर होणारे आरोप फेटाळताना सुशांतच्या कुटुंबीयांबद्दल वादग्रस्त वक्तव्य करणारे खासदार संजय राऊत यांना सुशांतच्या चुलत भावानं नोटीस धाडली आहे. 'तुम्ही केलेल्या वक्तव्यांबद्दल ४८ तासांत माफी मागा नाहीतर कायदेशीर कारवाईला सामोरे जा,' असा इशारा नोटिशीतून देण्यात आला आहे.

जून महिन्याच्या १४ तारखेला सुशांतनं मुंबईतील त्याच्या राहत्या घरी आत्महत्या केली होती. त्याच्या मृत्यूला जवळपास दोन महिने उलटल्यानंतरही त्यावरून चर्चा, वाद आणि आरोप-प्रत्यारोप सुरूच आहेत. राज्यातील विरोधी पक्षाने सीबीआय चौकशीची मागणी लावून धरल्याने व पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे यांचं नाव यात अप्रत्यक्षरित्या घेतलं जात असल्यानं या प्रकरणाला राजकीय वळण लागलं आहे. शिवसेनेनेही तातडीनं पुढं येत सर्व आरोप फेटाळले आहेत.

शिवसेनेवरील आरोप फेटाळताना संजय राऊत यांनी अलीकडेच शिवसेनेचं मुखपत्र दैनिक 'सामना'मध्ये एक लेख लिहिला होता. त्यात त्यांनी सुशांतच्या वडिलांबद्दल वादग्रस्त वक्तव्य केलं होतं. सुशांतच्या वडिलांनी दोन लग्न केल्यामुळं सुशांत नाराज होता. वडिलांचं दुसरं लग्न मान्य नसल्यामुळं त्यांच्यात तणाव होता, असं राऊत यांनी म्हटलं होतं. त्याचबरोबर, अंकितानं सुशांतशी मैत्री का तोडली होती याचा तपास व्हायला हवा. या दुर्दैवी घटनेकडे केवळ राजकीय दृष्टिकोनातून पाहिले जाऊ नये, अशी मागणीही राऊत यांनी केली होती.

संजय राऊत यांच्या या वक्तव्यांमुळं आमच्या कुटुंबाची बदनामी झाल्याचा आरोप करत सुशांतचा चुलत भाऊ नीरज कुमार बबलू यानं केला आहे. या प्रकरणी त्यानं राऊतांना नोटीसही पाठवली आहे. 'वादग्रस्त वक्तव्यांबद्दल ४८ तासांत जाहीर माफी मागा, अन्यथा कायदेशीर कारवाईला सामोरे जा,' असा इशारा बबलू यानं दिला आहे.

मुंबईतील घाटकोपरमध्ये एक धक्कादायक घटना घडली आहे. २५ वर्षीय अविवाहित तरुणीने नवजात बाळाला इमारतीच्या सहाव्या मजल्यावरून फेकून दिले आहे. या प्रकरणी तरुणीवर पंतनगर पोलीस ठाण्यात गुन्हा नोंदवण्यात आला आहे. दरम्यान, तरुणीला रुग्णालयात दाखल करण्यात आलं असून, तिला अशक्तपणा आला आहे. तसंच तिची प्रकृती बरी नाही, असे पोलिसांनी सांगितले.

पोलिसांनी या तरुणीविरोधात कलम ३१८ अन्वये गुन्हा नोंदवला आहे. या प्रकरणी तिला दोन वर्षांचा तुरुंगवास किंवा दंड किंवा दोन्हीही शिक्षा होऊ शकतात, अशी माहिती पोलिसांनी दिली.

मिळालेल्या माहितीनुसार, गौरीशंकर वाडीत एका इमारतीच्या खाली एक नवजात बालिका रक्ताच्या थारोळ्यात पडली असल्याची माहिती इमारतीत येणाऱ्या दूधवाल्याने सुरक्षा रक्षकाला दिली. ४ ऑगस्टला ही घटना घडली होती. मुंबईतील लॉकडाउन लागू करण्यात आला आहे. त्याला आता जवळपास पाच महिने झाले आहेत. या काळात कोण महिला गरोदर होती, हे आम्हाला माहिती नाही, असे इमारतीतील रहिवाशांनी पोलिसांना सांगितले. नवजात बाळाच्या डोक्याला जखमा झाल्या होत्या. जन्माला आलं तेव्हा बाळ जिवंत होतं, अशी माहिती डॉक्टरांनी दिली. या प्रकरणी चौकशी केली असता, तिनं गुन्ह्याची कबुली दिली आहे.

भारतात दिवसागणिक भयावह होत चाललेल्या करोनाच्या परिस्थितीवरून प्रसिद्ध दिग्दर्शक केदार शिंदे यानं केंद्र सरकारवर तिरकस टीका केली आहे. 'मागच्या १०० दिवसांत तिथं एकही करोनाबाधित रुग्ण सापडलेला नाही. मला न्यूझीलंडला जाऊन राहायचं आहे,' असं त्यानं म्हटलं आहे.

भारतात करोनाचा संसर्ग वाढतच असून एकूण बाधितांचा आकडा आजघडीला साडे बावीस लाखांच्याही पुढं गेला आहे. तर, ४५ हजारांहून अधिक मृत्यू झाले आहेत. जगातील इतर देशांनी मात्र करोनावर बऱ्याच प्रमाणात नियंत्रण मिळवलं आहे. जेसिंडा अॅर्डन या महिला पंतप्रधानांच्या नेतृत्वाखाली करोनाशी लढणाऱ्या न्यूझीलंडनं उल्लेखनीय करोनाला हद्दपार करण्याची उल्लेखनीय कामगिरी केली आहे. १ मे रोजी न्यूझीलंडमध्ये लॉकडाऊन शिथील करण्यात आला होता. तेव्हापासून मागच्या १०० दिवसांत एकही नवा रुग्ण आढळलेला नाही.

याच अनुषंगानं केदार शिंदे यानं ट्वीट करत केंद्र सरकारवर निशाणा साधला आहे. 'मला न्यूझीलंडमध्ये जाऊन राहायचयं. त्यांना कसं शक्य झालं माहीत नाही पण, गेल्या १०० दिवसांत तिथे एकही करोना बाधित रुग्ण सापडलेला नाही. न्यूझीलंडमध्ये महिला पंतप्रधान आहे. तिथे देवी जागृत आहे. आम्ही इथे फक्त 'बेटी पढाव, बेटी जगाव'चे फतवेच काढत राहणार,' अशी बोचरी टीकाही केदारने केली आहे.

केदारच्या या ट्वीटनंतर त्यांच्यावर जोरदार टीका होत आहे. त्याला ट्रोल केलं जात आहे. मात्र, या टीकाकारांनाही त्यानं सणसणीत उत्तर दिलंय. 'काही लोकांच्या मेंदूचा केमिकल लोच्या झालाय. उपरोध, तिरकसपणा या विषयी त्यांना काहीच कळत नाही. एखादी पोस्ट टाकली की उत्तरादाखल हे बुद्धीचं प्रदर्शन मांडणार. एक मोबाइल, आईबापाने भरलेला मोफत डेटा, भक्तीची पट्टी डोळ्यांवर बांधून यांची बोटं मोबाइलवर फिरतात! कृष्णानं जन्मून आता मर्दन करावं,' अशी इच्छाही त्यानं व्यक्त केली आहे.

औरंगाबाद: कचरा टाकण्याचा जाब विचारणाऱ्या महिलेच्या पतीसह तिच्या दिराला चाकू भोसकून जीवे मारण्याचा प्रयत्न करणाऱ्यांना जिन्सी पोलिसांनी रविवारी रात्री अटक केली. हमीद महेमूद सय्यद (वय २९) व सय्यद महेमूद अमीर (वय ५०, रा. रहेमानिया कॉलनी) अशी त्यांची नावे असून त्यांना गुरुवारपर्यंत पोलिस कोठडीत ठेवण्याचे आदेश प्रथम वर्ग न्यायदंडाधिकारी ए. एस. वाडकर यांनी सोमवारी दिले.

या प्रकरणात शेख परवीन बेगम शेख फहीमोद्दीन (वय २५, रा. रहेमानिया कॉलनी) यांनी तक्रार दिली. शेख परवीन या पती, दीर, सासू सासऱ्यासह शेरुभाई यांच्या घरात भाडेकरू आहेत. त्यांचे पती बांधकाम मजूर असून त्यांच्या घराच्या शेजारील इमारतीत आरोपी हमीद सय्यद व त्याचे कुटुंब राहते. हमीद याची पत्नी अंजूम, तिची जाऊ आस्मा व परवीन यांच्यात कचरा टाकण्याच्या कारणावरून नेहमी वाद होत होता. नऊ ऑगस्ट रोजी सकाळी नऊ वाजता हमीदच्या पत्नीने परवीन यांच्या घरात कचरा टाकला. त्यामुळे परवीन या तिला समजाविण्यासाठी गेल्या असता अंजूम व तिची सासू जमिला यांनी मारहाण केली. परवीनने हे पतीला सांगितल्याने तिच्या पतीने दोघांना समजावून सांगून कामावर गेला. त्यानंतर जमिलाचा पती तथा आरोपी महेमूद हा परवीन यांच्या घरी आला, त्याच्या सोबत दोन जण होते. त्यांनी दरवाजाला लाथा मारल्या. त्यामुळे परवीन यांनी पतीला फोन करून बोलावून घेतले. पती घरी येताच महेमूद व त्याच्या साथीदारांनी त्यांना शिवीगाळ सुरू केली. मुलगा जावेद, हमीद व जावई इम्रान यांना बोलावून घेतले.

अहमदनगर: 'मी भगव्याच्या धुंदीत आहे. तुम्ही तर भगवा सोडून पळाले, काँग्रेसमध्ये गेले, नंतर भाजपमध्ये आले. मी निष्ठावंत आहे. गद्दारांच्या यादीत माझे नाव नाही. त्यामुळे आधी आपण आपली औकात व निष्ठा कुठे आहे ती ओळखावी, नंतर माझ्यासारख्या कार्यकर्त्यावर टीका करावी, असा घणाघात शिवसेनेचे मंत्री गुलाबराव पाटील यांनी नारायण राणे यांच्यावर केला. ते नगर मध्ये बोलत होते.

सोशल मीडियाच्या माध्यमातून नितेश राणे यांनी गुलाबराव पाटील यांच्यावर टीका केली होती . या टीकेला उत्तर देताना पाटील यांनी राणेंवर तोफ डागली. 'नारायण राणे जेव्हा शिवसेनेतून होते, तेव्हा आम्ही त्यांचे पाठीराखे होतो. हे त्यांचे पोटे तेव्हा बनियनवर असतील. आता त्यांनी मला शिकवू नये . मी ३६ वर्षे शिवसेनेत असलेला कार्यकर्ता आहे. त्यामुळे त्यांनी आम्हाला धमक्या देऊ नये. आम्ही बाळासाहेबांचे शिवसैनिक आहोत. राणे यांनी माझ्यावर टीका केली आहे की, गुलाबराव पाटील किती वेळा शुद्धीत असतात? अरे मी एका धुंदीत असतो, ते म्हणजे भगव्याच्या. मी निष्ठावंत आहे. गद्दारांच्या यादीत माझे नाव नाही, असा टोलाही पाटील यांनी यावेळी लगावला.

'आणखी किती दिवस लॉकडाऊनमध्ये काढणार? जीम आणि व्यायामशाळा सुरू करा. बघू काय होतं,' असं आवाहन मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे यांनी जीम चालक व मालकांना केलं आहे. 'मात्र, जीम उघडताना केंद्र सरकारनं घालून दिलेल्या नियमांचं पालन करा,' अशा सूचनाही त्यांनी केल्या आहेत.

करोनाच्या संसर्गाच्या पार्श्वभूमीवर मार्च महिन्यात पुकारण्यात आलेला लॉकडाऊन मे महिन्यापासून शिथिल करण्यास सुरुवात झाली. त्यानुसार हळूहळू एकेका गोष्टींना परवानगी देण्यात आली. केंद्र सरकारनं नुकत्याच जारी केलेल्या नियमावलीत जीम व व्यायामशाळाही खुल्या करण्याची परवानगी दिली होती. मात्र, अंतिम निर्णय राज्य सरकारवर सोडला होता. राज्य सरकारनं इनडोअर जीम बंदच राहतील, असं स्पष्ट केलं होतं. त्यामुळं जीम चालक व व्यायामपटूंची चिंता वाढली होती. राज्यात आजघडीला चार हजारांहून जास्त जीम बंद आहेत. त्यामुळं जीम चालक, मालक, प्रशिक्षकांपुढं आर्थिक प्रश्नही उभा राहिला होता.

मुंबई: राज्यातील ठाकरे सरकार सप्टेंबर-ऑक्टोबरपर्यंत पडेल, असं भाकीत करणारे भाजपचे खासदार नारायण राणे यांच्यावर अल्पसंख्याक मंत्री व राष्ट्रवादी काँग्रेसचे प्रवक्ते नवाब मलिक यांनी सडकून टीका केली आहे. 'पोपटपंची करून राजकारण होत नाही,' असा टोला मलिक यांनी राणेंना हाणला आहे.

राज्यात सरकारचं अस्तित्वच जाणवत नाही. सरकार चालतच नाहीय. सगळं काही ठप्प आहे. सरकारमध्ये एकमत नाही. तिन्ही पक्ष वेगवेगळ्या भूमिका घेत आहेत. संवाद कुठेच दिसत नाही. अशा स्थितीत सरकार चालणार कसं? हे सरकार जेमतेम सप्टेंबर-ऑक्टोबरपर्यंतच राहील. आपसातील कुरघोडींतूनच हे सरकार कोसळेल, असं राणे म्हणाले होते. त्यांच्या या वक्तव्याचा नवाब मलिक यांनी खरपूस समाचार घेतला आहे. 'नारायण राणे हे आता भविष्य सांगणाऱ्या पक्षात गेले आहेत. त्यामुळं पोपट जसे भविष्य सांगतात, तसे ते भविष्य सांगत आहेत. पण चिठ्ठ्या टाकून आणि भविष्य सांगून सरकार चालत नाही आणि पडतही नाही. तो आकड्यांचा खेळ असतो,' असं मलिक यांनी सुनावलं आहे. ते 'टीव्ही ९' या वृत्तवाहिनीशी बोलत होते.

पार्थ पवारांबद्दलही बोलले!
सुशांतसिंह राजपूत आत्महत्या चौकशी प्रकरण व अयोध्येतील राम मंदिराबाबत पक्षाशी विसंसत भूमिका मांडणारे उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांचे सुपुत्र पार्थ यांच्याबद्दलही मलिक यांनी भूमिका मांडली. 'पार्थ पवार हे तरुण आहेत. नवीन आहेत. त्यांना अनुभव कमी आहे. त्यामुळं असं होत असतं. मात्र, याचा अर्थ पक्षात मतभेद आहेत असा होत नाही,' असं मलिक यांनी सांगितलं.

नाशिक: नाशिकच्या मध्यवर्ती ठिकाणी असलेल्या युको बँकेच्या शाखेत दरोडेखोरांनी मध्यरात्री दरोडा टाकला. सोमवारी सकाळी ही घटना उघडकीस आली. बँकेतून काय काय चोरीला गेलं आहे, याची माहिती पोलीस घेत आहेत.

नाशिकचा मध्यवर्ती भाग असलेल्या कारंजा येथील यशवंत मंडई परिसरात युको बँकेची शाखा आहे. शनिवार आणि रविवारी सुट्टी असल्याने बँकेचं कार्यालय बंद होतं. मध्यरात्रीच्या सुमारास दरोडेखोरांनी बँकेवर दरोडा टाकला. बँकेच्या कार्यालयाच्या मागील बाजूस असलेली भिंत फोडून दरोडेखोरांनी प्रवेश केला. आज, सोमवारी सकाळी ही धक्कादायक घटना उघडकीस आली. कार्यालयातील सर्व साहित्य अस्ताव्यस्त पडलेले होते. सीसीटीव्ही कॅमेरे फोडलेले आहेत. सीसीटीव्हीच्या नियंत्रण कक्षाचीही तोडफोड केली आहे.

या घटनेची माहिती मिळताच, नाशिक पोलीस, गुन्हे शाखेचे पथक, श्वान पथक घटनास्थळी पोहोचले आहे. घटनेची माहिती घेतली जात आहे. बँकेतून काय काय चोरीला गेले आहे, याचा तपास केला जात आहे, अशी माहिती पोलिसांनी दिली.

नवी मुंबईतील न्हावा-शेवा बंदरात अंमली पदार्थांचा मोठा साठा जप्त केला आहे. तब्बल १ हजार कोटी रुपये किंमतीचे हेरॉइन जप्त केले आहे. आंतरराष्ट्रीय बाजारात या हेरॉइनची किंमत १ हजार कोटी रुपये आहे. हेरॉइन अफगाणिस्तानहून पाकिस्तानमार्गे या बंदरात आणण्यात आले होते.

डीआरआय आणि कस्टम विभागाने केलेल्या संयुक्त कारवाईत हा अंमली पदार्थाचा मोठा साठा जप्त केला आहे. या प्रकरणी आतापर्यंत दोघांना अटक करण्यात आली आहे, अशी माहिती अधिकाऱ्यांनी दिली. मीडिया रिपोर्टनुसार, तस्करांनी हेरॉइन प्लास्टिकच्या पाइपमध्ये लपवून ठेवले होते. हे पाइप बांबूसारखे वाटत होते अशा पद्धतीने त्यांना रंग दिला होता. आयुर्वेदिक औषध असल्याची बतावणी तस्करांनी केली. मात्र, अधिकाऱ्यांना संशय आला. तपासणी केली असता, हेरॉइन असल्याचे स्पष्ट झालं.

या प्रकरणी हेरॉइन आयातीचे कागदपत्र तयार करणाऱ्या दोन कस्टम हाउसच्या एजंटना अटक करण्यात आली आहे. तसेच या प्रकरणी आणखी काही जणांना अटक करण्यात येणार असल्याचे सांगितले जाते. दिल्लीच्या एका फायनान्सरलाही अटक करण्यात आली आहे. त्याला मुंबईला घेऊन येणार असल्याचे सांगण्यात येत आहे. अटक केलेल्या दोघांना मुंबईच्या एका न्यायालयात हजर करण्यात आले आहे. त्यांना १४ दिवसांची न्यायालयीन कोठडी सुनावली आहे. हेरॉइन अनेक कंटेनरमधून आणले गेले होते. त्यामुळे कंटेनरच्या मालकांचीही चौकशी करण्यात येत आहे.

मुंबई : एकीकडे करोनाचं संकट आणि दुसरीकडे पावसामुळे मुंबईत आजारांचं प्रमाण वाढलं आहे. करोना रुग्णांनी रुग्णालये व्यापल्यामुळे बिगर करोना रुग्णांना अडचणींचा सामना करावा लागत आहे. यावर आता मुंबई महापालिकेने एक उपाय काढलाय. बीएमसी आता कोविड केअर सेंटरचं रुपांतर नॉन कोविड सेंटरमध्ये करणार आहे, जिथे डेंगू, मलेरिया आणि इतर आजारांवर उपचार केले जातील.

मुंबई महापालिकेच्या वरिष्ठ अधिकाऱ्यांची याबाबत शुक्रवारी बैठक झाली आणि धोरण ठरवण्यात आलं. अतिरिक्त महापालिका आयुक्त आणि सार्वजनिक आरोग्य विभागाचे प्रभारी सुरेश काकानी यांनी दिलेल्या माहितीनुसार, 'संपूर्ण मुंबईत आमच्याकडे १८६ दवाखाने आहेत आणि करोनासाठी फक्त २५ ठेवले आहेत, जे प्रत्येक २४ वॉर्डमध्ये एक आहे. महापालिकेकडे २८ प्रसूतीगृह आहेत. यापैकी २५ बिगर करोना रुग्णांसाठी आहेत.'

महापालिकेच्या राजावाडी, शताब्दी, भाभा हॉस्पिटल अशा १६ रुग्णालयांपैकी वांद्रे आणि कुर्ला येथील भाभा हॉस्पिटल, राजावाडी, जोगेश्वरी ट्रॉमा हॉस्पिटल आणि गोवंडी शताब्दी रुग्णालय कोविड आणि नॉन कोविडसाठी ठेवण्यात येतील. तर उर्वरित सर्व फक्त बिगर करोनाबाधितांसाठीच असतील, अशी माहिती काकानी यांनी दिली.

पूर्व गोदावरी: आंध्र प्रदेशच्या पूर्व गोदावरी जिल्ह्यात अंगाचा थरकाप उडवणारी घटना उघडकीस आली आहे. दारूच्या नशेत असलेली एक व्यक्ती हातात कापलेले शिर घेऊन थेट पोलीस ठाण्यात पोहोचली. जावयाची हत्या केली असून, हे त्याचे शिर आहे, असे त्या व्यक्तीने पोलिसांना सांगितले. या घटनेमुळे पोलीस ठाण्यात खळबळ उडाली. पोलिसांनी त्याला ताब्यात घेऊन अटक केली.

अन्नावरम पोलीस ठाण्याचे निरीक्षक रामबाबू यांनी सांगितले की, ही घटना रौतुलपुडी मंडलातील डीजेपुरममधील आहे. पल्ला सत्यनारायण (वय ५६) ची मुलगी पावनी हिचे लग्न लक्ष्मण (वय २५) याच्यासोबत झाले होते. पावनीचा दहा महिन्यांपूर्वी संशयास्पद मृत्यू झाला होता. पावनीच्या मृत्यूनंतर तिच्या दोन्ही मुली सत्यनारायणकडे राहत होत्या.

पावनीच्या मृत्यूनंतर ९ ऑगस्ट रोजी त्यांच्या घरी काही विधी करण्यात येणार होते. लक्ष्मण रात्री उशिरा आपल्या सासुरवाडीला पोहोचला. तेथे तो आपल्या सासऱ्यासोबत दारू प्यायला. दोघांनीही जेवण केले. दोन्ही मुलींना सोबत घेऊन जाण्यास सत्यनारायणने लक्ष्मणला सांगितले. मात्र, त्याने नकार दिला. माझे दुसरे लग्न लावून द्या, तेव्हाच मुलींना येथून घेऊन जाईल, असे त्याने सासऱ्याला सांगितले. यावरून दोघांमध्ये वाद झाला. रागाच्या भरात सत्यनारायणने लक्ष्मणच्या शरीराचे दोन तुकडे केले. जावयाची हत्या केल्यानंतर काही वेळाने सत्यनारायण भानावर आला. त्याने लक्ष्मणचे कापलेले शिर घेतले आणि पोलीस ठाण्यात गेला. जावयाची हत्या केल्याचे त्याने पोलिसांना सांगितले. पोलिसांनी त्याला अटक करून त्याच्याविरोधात हत्येचा गुन्हा दाखल केला आहे.

मुंबई: नि:स्वार्थ आणि निरपेक्ष समाजसेवा काय असते, याचा आदर्श मुंबईतील एका ५० वर्षीय महिलेनं घालून दिला आहे. रस्त्यावरील उघड्या मॅनहोलपासून लोकांना दूर ठेवण्यासाठी ही महिला तब्बल ७ तास पाण्यात उभी राहिल्याचं समोर आलं आहे. जिवाची पर्वा न करता तिनं दाखवलेल्या या प्रसंगावधानाबद्दल तिच्यावर कौतुकाचा वर्षाव होत आहे.

कांता मारुती कलन असं या महिलेचं नाव आहे. फुलांच्या विक्रीचा व्यवसाय करणारी कांता माटुंगा स्थानकाच्या बाहेरच्या फूटपाथवरील झोपडीत अनेक वर्षांपासून राहते. मुंबईत ३ ऑगस्ट रोजी झालेल्या पावसात तुळसी पाईप रोडवर मोठ्या प्रमाणात पाणी तुंबले. त्या पाण्यातच कांतानं कशीबशी रात्र काढली. दुसऱ्या दिवशी सकाळीही परिस्थिती तीच होती. पाणी वाढतच होतं. रस्त्याच्या बाजूला पार्क करण्यात आलेल्या मोटारसायकली पाण्यात तरंगत होत्या. महापालिकेकडून या रस्त्यावरील पाण्याचा निचरा व्हावा यासाठी काहीच हालचाल न झाल्याने शेवटी कांताच पुढं सरसावली. सकाळी सहा वाजण्याच्या सुमारास कपड्याची दोरी बनवून तिनं एका बाइकस्वाराच्या मदतीनं रस्त्यावरील मॅनहोलचे झाकण उघडले आणि पाण्याला वाट करून दिली. मात्र, मॅनहोलचे झाकण उघडल्यानंतरचा धोका तिच्या लगेचच लक्षात आला. त्यामुळं कुठलीही अनुचित घटना टाळण्यासाठी ती सहा वाजल्यापासून दुपारी १ वाजेपर्यंत रस्त्यावर उभी राहिली आणि वाहनांना सुरक्षित वाट दाखवत राहिली. ती घरी परतली तेव्हा तिचा संसार वाहून गेला होता. मुलीच्या ऑनलाइन क्लाससाठी जमवलेले १० हजार रुपयेही वाहून गेले होते.

औरंगा: बादनारेगाव येथील ५८ व गारखेडा येथील ३२ वर्षीय दोन महिला, तर मुकुंदवाडी येथील ५८, बीड बायपास येथील ६२ व जयभवानी नगरातील ३३ वर्षीय तीन पुरूष, अशा पाच करोनाबाधित रुग्णांचा उपचारादरम्यान खासगी रुग्णालयांमध्ये मृत्यू झाला. त्यामुळे जिल्ह्यातील करोना बळींची संख्या ५५४ झाली आहे. त्याचवेळी जिल्ह्यात सोमवारी (१० ऑगस्ट) सकाळी आणखी ७४ नवे बाधित आढळून आल्याने जिल्ह्यातील करोनाबाधितांची संख्या १६,८२७ झाली आहे. त्यापैकी १२,३४६ बाधित हे करोनामुक्त झाले असून, सध्या ३,९२७ बाधितांवर उपचार सुरू असल्याचे स्पष्ट झाले आहे.

शहर परिसरातील नव्या बाधितांमध्ये एन-नऊ, सिडको येथील १, बनेवाडी ४, नगारखाना गल्ली २, अजबनगर १, प्रियदर्शनी कॉलनी, सिडको १, कांचनवाडी १, हिंदुस्तान आवास, कांचनवाडी २, श्रीकृष्ण नगर १, मिलिट्री हॉस्पीटल १, ध्यान मंदिर, नारळीबाग १, साईकृपा सोसायटी, बजरंग चौक, एन-सहा सिडको १, नाझलगाव १, घाटी परिसर १, एन-आठ, आझाद चौक १, गजानन नगर १, श्रेयनगर १, शिवाजीनगर २, जवाहर नगर परिसर ४, गुरूदत्त नगर १, हर्सूल टी पॉइंट १ गणेश कॉलनी १, सह्याद्री हिल १, न्याय नगर २, एन-दोन, पायलट बाबा नगर १, बालाजी नगर ३, गांधी नगर ४, नवयुग कॉलनी, भावसिंगपुरा १, राजीव गांधी नगर, मुकुंदवाडी ३, एन-चार सिडको १, खंडोबा मंदिराजवळ, सातारा परिसर ८ आदी ठिकाणच्या व्यक्तींचा समावेश आहे.

ग्रामीण भागात १९ बाधित
ग्रामीण भागातील नव्या बाधितांमध्ये करमाड येथील ३, गोपाळपूर १, वाळूज ४, पाचोड, पैठण १, बजाज नगर १, सारा वृंदावन सोसायटी, बजाज नगर १, देवगिरी सोसायटी, बजाज नगर २, छत्रपती नगर, वडगाव १, गोपीनाथ चौक, बजाज नगर १, पिशोर, कन्नड १, चित्तेगाव १, मेन रोड, ‍सिल्लोड १, तर पैठण येथील एका व्यक्तीचा समावेश आहे.

मुंबई:करोना संकटाच्या पार्श्वभूमीवर कोकणात गणपती सणासाठी जाणाऱ्या चाकरमान्यांची मोठी कोंडी झाली असून गेले काही दिवस अनेक विघ्नांचा सामना करणाऱ्या चाकरमान्यांसाठी रेल्वेकडून खुशखबर मिळण्याची शक्यता आहे. ( Ganpati Special Trains For konkan )

कोकणात गणपतीसाठी जाणाऱ्या चाकरमान्यांसाठी विशेष एसटी बस सोडल्या जात आहेत. सुमारे ३ हजार बसेस चाकरमान्यांसाठी सज्ज ठेवण्यात आल्या आहेत. यात २२ प्रवाशांच्या ग्रुप बुकिंगचा पर्यायही ठेवण्यात आला आहे. पाऊस ओसरल्यानंतर या बस कोकणच्या वाटेवर मार्गस्थ झाल्या असतानाच गणपती स्पेशल ट्रेन बाबत खास बातमी चाकरमान्यांना मिळण्याची शक्यता आहे.

गणपतीसाठी विशेष गाड्या सोडण्याची तयारी रेल्वेने सुरू केल्याची माहिती आहे. राज्य सरकारच्या वतीने आपत्ती व्यवस्थापन विभागाचे संचालक अभय यावलकर यांनी मध्य रेल्वेच्या महाव्यवस्थापकांना याबाबत पत्र लिहिले आहे. या पत्राला रेल्वेकडून होकार मिळाला असून येत्या दोन दिवसांत विशेष गाड्यांबाबत अधिकृत घोषणा केली जाण्याची शक्यता आहे. या गाड्यांसाठी आरक्षण असेल व तिकीट हाच ई-पास मानला जाईल. करोना साथीच्या अनुशंगाने थर्मल स्क्रीनिंग, फिजिकल डिस्टन्सिंग या सर्व बाबी काटेकोरपणे पाळल्या जातील, असेही सांगण्यात येत आहे. या गाड्या नेमक्या कोणत्या तारखेपासून सोडल्या जाणार. या गाडीतून जाणाऱ्या प्रवाशांसाठी क्वारंटाइन कालावधी किती असणार याबाबत मात्र लवकरच स्पष्टता होणार आहे.

सिंधुदुर्ग: करोनाची साथ आणि त्यानंतरच्या लॉकडाऊनच्या पार्श्वभूमीवर राज्य सरकारकडून वेळोवेळी करण्यात येणारे नियम आणि त्यात केले जाणारे बदल यामुळं प्रचंड संभ्रम आहे. भाजपचे माजी खासदार नीलेश राणे यांनी याच मुद्द्यावरून राज्य सरकारवर जोरदार टीका केली आहे.

मुंबईतील करोना रुग्णांची संख्या वाढू नये आणि साथ पुन्हा पसरू नये यासाठी मुंबई महापालिकेने बाहेरगावाहून मुंबईत परतणाऱ्यांसाठी १४ दिवस घरात विलगीकरण सक्तीचे केले आहे. त्यामुळे गणपतीसाठी गेलेल्या चाकरमान्यांची गावी आणि मुंबईत अशा दोन्ही ठिकाणी विलगीकरण केल्याशिवाय सुटका नाही, अशी स्थिती निर्माण झाली आहे. या नियमातून अत्यावश्यक सेवेतील सरकारी अधिकारी व कर्मचाऱ्यांना काही प्रमाणात मुभा मिळणार आहे. मात्र, त्यामुळं पुन्हा एकदा संभ्रम निर्माण झाला आहे.

कोकणात गणपतीसाठी जाणाऱ्यांना राज्य सरकारनं नुकतीच क्वारंटाइन कालावधीत सवलत दिली आहे. त्यांचा १४ दिवसांचा कालावधी १० दिवसांवर आणला आहे. मात्र, त्याच चाकरमान्यांना मुंबईत परतल्यानंतर १४ दिवस घरात राहावं लागणार आहे. नीलेश राणे यांनी याच मुद्द्यावरून राज्य सरकारला टोला हाणला आहे. 'ह्या सरकारचं डोकं सरकलंय की काय,' असा खोचक सवाल त्यांनी केला आहे.

करोना आणि लॉकडाऊनच्या नियमावलीचे बरेचसे अधिकार राज्य सरकारनं संबंधित महापालिका व जिल्हा प्रशासनावर सोडले आहेत. त्यामुळं प्रत्येक ठिकाणी तेथील परिस्थितीनुसार निर्णय घेतले जात आहेत. मात्र, त्यातून जनतेची कोंडी होत असल्याचं चित्र आहे. सरकारनं काही बाबतीत राज्यव्यापी नियमावली जारी करावी, अशी मागणी आता होऊ लागली आहे.

मुंबई: करोनाच्या काळात महाराष्ट्रातील परिस्थिती संयमानं हाताळल्याबद्दल कौतुक झालेले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांचा पुन्हा एकदा देशातील सर्वोत्तम मुख्यमंत्र्याच्या यादीत समावेश झाला आहे. विशेष म्हणजे उत्तर प्रदेशचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हे देशातील सर्वोत्तम मुख्यमंत्री ठरले आहेत. त्यांनी पहिला क्रमांक पटकावला आहे. (Mood Of The Nation Survey)

कार्वी इनसाइट्सने संयुक्तपणे केलेल्या सर्वेक्षणातून हा निष्कर्ष काढण्यात आला आहे. 'मूड ऑफ द नेशन' नावानं १५ जुलै ते २७ जुलै या कालावधीत हे सर्वेक्षण करण्यात आलं होतं. देशातील वेगवेगळ्या राज्यांतील ग्रामीण व शहरी भागांतील लोकांची मतं जाणून घेण्यात आली. त्यांना आपापल्या राज्यातील सरकारबद्दल प्रश्न विचारण्यात आले. यापूर्वी जानेवारी महिन्यात असाच सर्व्हे करण्यात आला होता. त्याच्याशी तुलना करता उद्धव ठाकरे यांची लोकप्रियता वाढल्याचं दिसून येतं. उद्धव चांगले काम करत असल्याचं मत ७ टक्के लोकांनी व्यक्त केलं आहे.

पहिल्या क्रमांकावर असलेल्या योगी आदित्यनाथ यांची लोकप्रियता यावेळी आणखी वाढली आहे. यापूर्वी जानेवारीमध्ये करण्यात आलेल्या सर्वेक्षात १८ टक्के लोकांनी योगींच्या कामाचं कौतुक केलं होतं. आता २४ टक्के लोकांनी त्यांचं काम चांगलं असल्याचं म्हटलं आहे. अपहरण व खुनांच्या प्रकरणांवरून योगी सरकारवर टीका होत असतानाही त्यांची लोकप्रियता टिकून आहे. सलग तिसऱ्यांदा त्यांनी हे यश मिळवलं आहे.

दिल्लीचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हे १५ टक्के मतांसह दुसऱ्या क्रमांकावर आहेत. तर, आंध्र प्रदेशचे वाय एस जगनमोहन रेड्डी हे ११ टक्के मतांसह तिसऱ्या क्रमांकावर आहेत. ममता बॅनर्जी व नितीश कुमार यांची लोकप्रियता घटल्याचं सर्वेक्षणातून समोर आलं आहे. सर्वेक्षणातील पहिल्या सातपैकी सहा मुख्यमंत्री बिगर भाजप व काँग्रेसशासित राज्यांचे आहेत.
 

अहमदनगर: शिधा वितरणासोबतच सरकारी योजनांचा लाभ घेण्यासाठी रेशनकार्ड (शिधापत्रिका) महत्वाचा दस्ताऐवज असतो. तहसिलदार किंवा पुरवठा अधिकारी यांच्या सहीने रेशनकार्ड दिले जातात. संगमनेरमध्ये मात्र एका नगरसेवकाने स्वत:च सही शिक्के मारून रेशनकार्ड वितरीत केल्याचे आढळून आले. तालुका दंडाधिकाऱ्यांनी यासंबंधीच्या तक्रारीची दखल घेतली असून कारवाईचे आश्वासन दिले आहे.

संगमनेरमध्ये काँग्रेसचे नगरसेवक किशोर बद्रीनाथ टोकरी यांच्या सही शिक्क्यानिशी वाटप केलेली काही रेशनकार्ड आढळून आली आहेत. याविषयी माजी नगरसेवक कैलास वाकचौरे यांनी तहसिलदारांकडे तक्रार केली आहे. नगरसेवकांना अशा पद्धतीने रेशनकार्डवर सही शिक्के मारून देण्याचा अधिकार नाही, त्यामुळे हा प्रकार कसा घडला, याची चौकशी केली जाईल, असे आश्वासन तहसिलदारांनी दिले आहे.
रेशनकार्डच्या बाबतीत अनेकदा गैरप्रकार होत असतात. पुरवठा अधिकाऱ्यांचे बनावट सही शिक्के वापरून बोगस रेशनकार्ड केले जाण्याचे प्रकारही अनेकदा उघड होत असतात. प्रकार उघडकीस आल्यावर अशी कार्ड रद्द केली जातात. तरीही हे प्रकार थांबत नाहीत. संगमनेरमध्ये तर नगरसेवकानेच स्वत: सक्षम अधिकारी असल्याच्या थाटात रेशनकार्डवर सही शिक्के मारून दिले आहेत. विशेष कार्यकारी अधिकारी आणि नगरसेवक असे दोन्ही शिक्के यावर मारल्याचे दिसून येत आहे. नगरसेवकाला अशी रेशनकार्ड वितरित करण्याचा आधिकार नाही तसाच तो विशेष कार्यकारी अधिकाऱ्यालाही नाही. विशेष कार्यकारी अधिकाऱ्यांची कामे मर्यादित करण्यात आली आहेत. त्यांना केवळ कागदपत्रे साक्षांकित करण्याचा अधिकार आहे.

मुंबई: मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांचा फोटो एडिट करून त्यांचा मौलवीच्या वेशातील फोटो ट्विटरवर पोस्ट करणाऱ्या सुनयना होले नावाच्या महिलेविरुद्ध मुंबईतील सायबर पोलिसांनी गुन्हा दाखल केला असून सदर महिलेला अटक करून नंतर जामिनावर सोडण्यात आले आहे. या महिलेला जामीन मिळावा म्हणून दिल्ली भाजपचे प्रवक्ते ताजिंदर पाल बग्गा यांच्या सांगण्यावरून भाजप युवा मोर्चाचे देवांग दवे यांनी मदत केल्याचेही समोर आले आहे. ( Offensive post against CM Uddhav thackeray )

सुनयना होले नावाच्या महिलेने आपल्या ट्विटर हँडलवरून २५ जुलै रोजी आक्षेपार्ह फोटो व मजकूर पोस्ट केला आहे. मुख्यमंत्री ठाकरे व पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे यांचा फोटो एडिट करून पोस्ट करण्यात आला आहे. उद्धव ठाकरे यांना मौलवीच्या वेशात दाखवण्यात आले आहे तर आदित्य यांच्या फोटोत साप दूध पितानाचा फोटो इन्सर्ट करण्यात आला आहे. त्यानंतर २८ जुलै रोजी आणखी एक ट्विट करण्यात आले असून त्यात अत्यंत खालच्या पातळीवरील भाषेचा वापर करण्यात आला आहे. ट्विटमध्ये #SushantSinghRajput #CBICantBeDeniedForSSR हे हॅशटॅग वापरण्यात आले आहेत. या दोन्ही ट्विटवर तीव्र आक्षेप घेत अॅड. धर्मेंद्र मिश्रा यांनी सायबर पोलिसांकडे तक्रार दिली होती.

सातारा: 'अयोध्येत राम मंदिराच्या भूमिपूजनाच्या ऐतिहासिक क्षणी पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी शिवछत्रपतींचा व मावळ्यांचा केलेला उल्लेख हा आपल्या महाराष्ट्राचा सन्मान व गौरव आहे,' अशी भावना भाजपचे राज्यसभेचे खासदार उदयनराजे भोसले यांनी व्यक्त केली आहे.

अयोध्येतील राम मंदिराच्या भूमिपूजनाचा ऐतिहासिक सोहळा बुधवारी मंगलमय वातावरणात पार पडला. पंतप्रधान मोदी यांच्या हस्ते मंदिराची कोनशिला ठेवण्यात आली. मंत्रोच्चाराच्या साक्षीने हा कार्यक्रम पार पडला. त्यानंतर पंतप्रधान मोदी यांनी देशाला संबोधून छोटेखानी भाषण केले. भाषणात त्यांनी छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या स्वराज्यस्थापनेचा उल्लेख केला होता. 'ज्याप्रमाणे मावळे हे छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या स्वराज्याच्या कार्यात निमित्त झाले, त्याचप्रमाणे देशातील सर्व जनतेच्या सहकार्यानं राम मंदिराच्या पुनर्निमाणाचे पुण्य कार्य होऊ घातले आहे,' असं मोदी म्हणाले होते.

उदयनराजे यांनी मोदी यांच्या भाषणाची ती क्लिप ट्विटरच्या माध्यमातून शेअर केली आहे. तमाम देशवासीयांसमोर मोदींनी केलेला श्री शिवछत्रपतींचा व मावळ्यांचा उल्लेख हा महाराष्ट्राचा सन्मान व गौरव आहे,' असं त्यांनी म्हटलं आहे.

भिडेंनी केली होती शिवप्रतिमेच्या पूजनाची मागणी
शिवाजी महाराजांमुळेच देशावरील परकीय आक्रमणे थोपवता आली. हिंदुत्व जागृत राहिले, यामुळे अयोध्येतील भूमिपूजनाच्या कार्यक्रमात केंद्र सरकारने अगत्याने छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या प्रतिमेचे पूजन करावे, अशी आग्रही मागणी शिवप्रतिष्ठानचे प्रमुख संभाजी भिडे यांनी केली होती.

मुंबई: मुसळधार पावसामुळं मुंबईच्या झालेल्या अवस्थेवरून विरोधी पक्ष भाजपने शिवसेनेची सत्ता असलेल्या मुंबई महापालिकेवर (BMC) जोरदार टीका सुरू केली आहे. 'मुंबई महापालिकेने ठरवून मुंबईत पाणी साचण्याची व्यवस्था केली आहे. त्याचा सर्वांनी लाभ घ्यावा,' अशी उपरोधिक टीका भाजपचे विधान परिषदेतील आमदार प्रसाद लाड यांनी केली आहे.

गेले दोन दिवस मुंबईत जोरदार पाऊस झाला. सखल भागांत पाणी तुंबलं. बैठ्या चाळीतील अनेक घरांमध्ये पाणी शिरलं. इतकंच नव्हे तर जे. जे. रुग्णालयातही पाणी भरलं होतं. मंत्रालय परिसरात तुंबलेल्या पाण्याबद्दल खुद्द राष्ट्रवादी काँग्रेसचे अध्यक्ष शरद पवार यांनीही आश्चर्य व्यक्त केलं होतं. सामाजिक न्यायमंत्री धनंजय मुंडे यांनाही पावसाचा फटका बसला. मुंबईकरांचे हालहाल झाले. ही संधी साधून विरोधकांनी मुंबई महापालिका व शिवसेनेला घेरलं आहे.

भाजपचे नेते राधाकृष्ण विखे-पाटील यांनी काल नगरमध्ये बोलताना मुंबईतील भ्रष्टाचाराकडे बोट दाखवले होते. शिवसेनेमुळंच मुंबईची ही दुर्दशा झाल्याचा आरोप त्यांनी केला होता. त्यानंतर आमदार प्रसाद लाड यांनीही मुंबई महापालिकेवर तोफ डागली आहे. त्यांनी या संदर्भात एक ट्वीट केलं आहे. 'मुंबईत ठिकठिकाणी पाणी साचलंय. याला मुंबईत पडणारा मुसळधार पाऊस आणि करोना जबाबदार आहे,' असं त्यांनी म्हटलंय. 'लोकांनी घराबाहेर पडू नये, करोनाचा संसर्ग वाढू नये म्हणून मुंबईत पाणी साचले पाहिजे अशी व्यवस्था यंदाही मुंबई महापालिकेनं केली आहे. त्याचा सर्वांनी लाभ घ्यावा,' असा टोला त्यांनी हाणला आहे.

करोनाच्या पार्श्वभूमीवर गेल्या चार महिन्यांपासून राज्य सरकारकडून नागरिकांना शक्यतो घरातच राहण्याचे सल्ले दिले जात आहेत. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनीही फेसबुक लाइव्हच्या माध्यमातून वेळोवेळी तसं आवाहन केलं आहे. तोच धागा पकडून लाड यांनी मुख्यमंत्र्यांना शाब्दिक चिमटा काढला आहे. 'सर्वांनी घरीच राहा. गरम पाणी प्या,' असं त्यांनी ट्वीटमध्ये म्हटलं आहे.

मुंबई: सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणातील गुंतागुंत आणखी वाढत चालली असून आता या प्रकरणात सुसान वॉकर या विदेशी महिलेचं नाव पुढं आलं आहे. सुसान ही मेंटल थेअरपिस्ट असून तिनं दिलेल्या माहितीच्या आधारेच पोलिसांनी सुशांतच्या मृत्यूबद्दल निष्कर्ष काढल्याचा आरोप भाजपनं केला आहे. वॉकर यांनी सुशांतच्या मानसिक स्थितीबाबत मीडियालाही वेगवेगळी माहिती दिली असून त्यांची पोलीस, सीबीआय व ईडी मार्फत चौकशी व्हायला हवी,' अशी मागणी भाजपनं केली आहे.

भाजपचे आमदार अॅड. आशिष शेलार यांनी या संदर्भात एक व्हिडिओ ट्वीट केलं आहे. त्यातून त्यांनी सुसान वॉकर यांच्याबद्दल प्रश्न उपस्थित केले आहेत. 'सुशांतसिंहच्या आत्महत्येची पोलीस चौकशी योग्य दिशेनं चाललेली नाही असं आम्ही वारंवार म्हणतो आहोत. त्याला आता बळ मिळत आहे. मुंबई पोलिसांनी सुसान वॉकर नामक मनोविकारतज्ज्ञ महिलेनं दिलेल्या माहितीच्या आधारावर सुशांतनं आत्महत्या केल्याचा निष्कर्ष काढला आहे. मात्र, त्यातून काही गंभीर प्रश्न उपस्थित झाले आहेत,' असं शेलार यांनी म्हटलं आहे.

'मुळात सुसान वॉकर या एक विदेशी महिला आहेत. मनोविकारतज्ज्ञ म्हणून त्या भारतात व्यवसाय करतात. पण त्यांना भारतात व्यवसाय करण्याची परवानगी आहे का? तशी ती नसेल तर त्या व्यवसाय कशा करू शकतात? ज्या ठिकाणांहून त्या व्यवसाय करतात व कोट्यवधी रुपये कमावतात. त्यासाठी महापालिकेची व मुंबई पोलिसांची एनओसी त्यांनी घेतली आहे का आणि तसं नसेल तर सुसान वॉकर यांना बेकायदा व्यवसाय करण्याचं बळ राज्य सरकारमधील कोणी देतंय की बॉलिवूडमधील कलाकार देताहेत,' असे प्रश्न शेलार यांनी उपस्थित केले आहेत.

'आमच्या माहितीनुसार सुसान वॉकर यांनी वृत्तवाहिन्यांना सुशांतच्या मानसिक अवस्थेची माहिती दिली होती. मेंटल अॅक्टनुसार अशी माहिती देता येत नाही. मग त्यांनी कायद्याचा भंग कसा केला? त्यांना यासाठी कोणाचं पाठबळ आहे? या सगळ्याची चौकशी होण्याची गरज आहे,' अशी मागणीही शेलार यांनी केली आहे.

 

मुंबई: सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणात आरोप झाल्यानंतर प्रतिक्रिया देताना पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे यांनी वापरलेल्या एका वाक्यावरून भाजपनं आता त्यांना घेरलं आहे. 'आदित्य ठाकरे यांच्या त्या विधानाचा अर्थ लोकांनी कसा घ्यायचा,' असा सवाल भाजपचे महाराष्ट्र प्रवक्ते, आमदार अतुल भातखळकर यांनी केला आहे.

सुशांतसिंह प्रकरणात आरोप झाल्यानंतर आदित्य ठाकरे यांनी एक पत्रक प्रसिद्ध केले होते. 'बॉलिवूडमधील अनेक कलाकार माझे मित्र आहेत व तो काही गुन्हा नाही. सुशांतसिंह प्रकरणाशी माझा काडीमात्र संबंध नाही. माझ्याविरुद्ध केवळ गलिच्छ राजकारण सुरू आहे. पण मी संयम बाळगलाय,' असं ते म्हणाले होते. आदित्य यांच्या या वक्तव्यावरून भाजपनं त्यांना लक्ष्य केलंय.

'एका मंत्र्याने 'मी आजही संयम ठेऊन आहे' अशा प्रकारचे उद्गार काढणे याचा अर्थ लोकांनी काय घ्यायचा? संयम सुटला तर काय करणार आहात हे सुद्धा महाराष्ट्राच्या जनतेला कळण्याची गरज आहे. आदित्य यांच्या एका सहकाऱ्यावर सामान्य नागरिकाला मारहाण केल्याचे आरोप झाले होते, तशा पद्धतीचे काही करणे अपेक्षित आहे काय? लोकांच्या मनात असा प्रश्न निर्माण झाला तर याला जबाबदार कोण,' अशी विचारणाही भातखळकर यांनी केली आहे.

मुंबई: बिहारचे पोलीस अधिकारी विनय तिवारी यांना सुशांतसिंह राजपूत याच्या आत्महत्या प्रकरणाचा तपास डिजिटली करण्याचा सल्ला मुंबई महापालिकेनं दिल्यामुळं भाजप संतापला आहे. 'घरात बसून मोबाइल गेम खेळणाऱ्यांचा हा सल्ला नाही ना,' असा खोचक टोला भाजपचे आमदार अॅड. आशिष शेलार यांनी हाणला आहे. शेलार यांचा रोख आदित्य ठाकरे यांच्याकडं आहे.

सुशांतसिंह प्रकरणात राज्य सरकार काहीतरी लपवत असल्याचा भाजपचा आरोप आहे. आदित्य ठाकरे यांचा या प्रकरणाशी संबंध आहे. त्यामुळंच मुंबई पोलीस निष्पक्षपातीपणे चौकशी करत नसल्याचं भाजपचं म्हणणं आहे. बिहार पोलिसांच्या वतीनं मुंबईत तपासासाठी आलेल्या विनय तिवारी यांना क्वारंटाइन करण्यात आल्यामुळं भाजप अधिकच आक्रमक झाला आहे. विनय तिवारी यांना तपासासाठी क्वारंटाइनच्या नियमातून सवलत देण्यात यावी असं पत्र बिहार पोलिसांनी मुंबई महापालिकेला (BMC) लिहिलं होतं. त्यावर उत्तर देताना तिवारी यांनी तपासासाठी डिजिटल माध्यमांचा वापर करावा, असा सल्ला महापालिकेनं बिहार पोलिसांना दिला आहे. त्यावरून भाजपनं ठाकरे सरकारवर टीकेची तोफ डागली आहे. आमदार आशिष शेलार यांनी या संदर्भात एक ट्वीट केलं आहे.

पुणे: पतीने पत्नी आणि मुलांना १०० तुकडे करून फ्रिजमध्ये ठेवण्याची धमकी दिल्याप्रकरणी पतीसह घरातील सहा जणांविरोधात हडपसर पोलिस स्टेशन मध्ये गुन्हा दाखल झाला आहे.

फुरसुंगी येथे राहणाऱ्या ३४ वर्षीय महिलेने तक्रार दाखल केली आहे. त्यावरून पती सिध्दार्थन व्ही. पी (वय ४२, रा. तंजावरू, तमिळनाडू), पनीर माथोर, वडीवग्गाल व्ही. पी.(वय ६३) आणि इतर तिघांविरुध्द गुन्हा दाखल झाला आहे. तक्रारदार महिलेचा सिध्दार्थनबरोबर २०१०मध्ये विवाह झाला होता. त्यानंतर माहेरहून पैसे आणण्यासाठी तक्रारदारांचा वारंवार छळ करण्यात येत होता. पतीबरोबर सासरची मंडळीही त्यांचा मानसिक आणि शारिरीक छळ करत होते. दरम्यान, आरोपीने तक्रारदार महिलेला आणि तिच्या मुलांना ठार मारून तुकडे फ्रीजमध्ये ठेवण्याची धमकी दिली.

तरुणावर प्राणघातक हल्ला; तिघांना अटक
चार दिवसांपूर्वी झालेल्या भांडणाच्या रागातून पाच जणांच्या टोळक्याने एका तरुणावर पालघन, तलवारीने डोक्यात, हातावर, मानेवर, नाकावर वार केले. त्यानंतर सिमेंट ब्लॉक व फरशीच्या साह्याने मारहाण करून जीवे मारण्याचा प्रयत्न केला. बोपोडी परिसरात हा प्रकार घडला. निखिल ताराचंद गायकवाड (वय २३, रा. बोपोडी) असे वार झालेल्या तरुणाचे नाव असून, त्याच्यावर सध्या रुग्णालयात उपचार सुरू आहेत. या प्रकरणी खडकी पोलिसांनी पाच जणांविरुद्ध खुनाचा प्रयत्न केल्याचा गुन्हा दाखल केला असून, तिघांना अटक केली आहे. पप्पू उर्फ जयराज रंजन पिल्ले, राकेश वेगडे (धायरी), योगेश चव्हाण (बोपोडी) अशी अटक करण्यात आलेल्या तिघांची नावे आहेत. यातील पिल्ले रेकॉर्डवरील गुन्हेगार आहे. बोपोडी येथील जुन्या सोनार पडीक बिल्डिंगजवळ हा प्रकार घडला. याबाबत मारहाण झालेल्या तरुणाचा लहान भाऊ स्वप्नील गायकवाड (वय २३) याने तक्रार दिली आहे.

अहमदनगर: करोनासंबंधी एवढे प्रबोधन सुरू असतानाही अनेकांच्या मानातून त्यासंबंधीची भीती जात नाही. त्यातूनच लक्षणे लपविण्याचे प्रकार होत आहेत. हा प्रकार आता रुग्णांसोबतच डॉक्टरांच्याही जीवावर बेतत आहे. नगरच्या एका खासगी रुग्णालयातील तरुण डॉक्टरचा मृत्यूही अशा प्रकारातून झाल्याचे समोर आले आहे. करोनाची लक्षणे आणि लागण होण्याचा संभव असलेली माहिती रुग्णांकडून लपविली जात असल्याने हा धोका वाढत आहे. (Doctor dies of Corona in Ahmednagar)

डॉ. प्रशांत जगताप हे २६ वर्षांचे डॉक्टर येथील एका खासगी रुग्णालयात नोकरी करत होते. काल त्यांचा मृत्यू झाला. त्यांना करोनाची लागण झाली होती. लागण होण्यामागील कारण त्यांच्या काही सहकाऱ्यांनी सांगितल्यानुसार, रुग्णांच्या मनातील भीती असल्याचे स्पष्ट होते. रुग्णालयात आलेल्या एका रुग्णाला त्यांनी तापसले होते. प्राथमिक चौकशीत या रुग्णाने बरीच लक्षणे लपवून ठेवली. त्यांनी केलेला प्रवास, इतरांशी आलेले संपर्क ही माहिती विचारूनही ‘नाही’ असे उत्तर दिले. त्यामुळे त्यांच्यावर नेहमीप्रमाणे उपचार करण्यात आले. दुसऱ्या दिवशी त्या रुग्णाच्या कुटुंबातील दुसरा सदस्य आजारी पडल्याने पुन्हा रुग्णालयात आला. त्याला करोनाची लक्षणे दिसत होती. तपासणी केली तर त्या दोघांनाही करोनाची लागण झाल्याचे आढळून आले. त्यांच्यावर उपचार करणाऱ्या डॉक्टारांनाही यथावकाश त्याची बाधा झाली. त्यांच्यावर उपचार सुरू झाले. मात्र, त्यांचा उपयोग झाला नाही. शेवटी तरुण डॉक्टरांचा मृत्यू झाला. या मृत्यूमुळे नगरचे वैद्यकीय विश्व हळहळले. डॉ. जगताप यांचे गेल्या वर्षी लग्न झाले होते. त्यांची पत्नी गरोदर आहे. अशा परिस्थिती तरुण डॉक्टरचा मृत्यू सर्वांनाच चटका लावून गेला आहे.

अहमदनगर: अयोध्येतील राम मंदिराच्या भूमिपूजनाच्या सोहळ्यामुळं अवघा देश आज राममय झाला आहे. सोशल मीडियावरून देशातील रामभक्त आपल्या भावना व्यक्त करत आहे. एकमेकांचं अभिनंदन करत आहेत. आजच्या या मंगलमय दिवसाचं औचित्य साधून राष्ट्रवादी काँग्रेसचे आमदार रोहित पवार यांनी रामनामाचा महिमा सांगणारं जबरदस्त ट्वीट केलं आहे. रोहित पवारांचं हे ट्वीट प्रचंड व्हायरल होत आहे.

सर्वांना सन्मती दे... अशी प्रार्थना रोहित पवार यांनी श्रीरामाकडे केली आहे. आपल्या ट्वीटमध्ये ते म्हणतात, 'रामप्रहरापासून आपला दिवस सुरू होतो. जय जय राम कृष्ण हरी हा जगण्याचा मंत्र असतो. रामराम ही एकमेकांच्या ओळखीची खूण असते. साने गुरूजी म्हणायचे, 'रामराम म्हणताना तू ही राम आणि मी ही राम हे अपेक्षित असतं'. आपण पिढ्यान् पिढ्या असेच वागत आलो आहोत.'

ते पुढं म्हणतात, 'राम आपला एकट्याचा नव्हता, तर तो सगळ्यांचा होता आणि राहणार. शेवटचा श्वास घेताना राम म्हणणाऱ्या गांधींजींचा राम, वारकऱ्यांना सामाजिक समता शिकवणारे ज्ञानदेव तुकाराम. आपल्याच शेतात अयोध्या समजून शेतात राबणारा एखादा सखाराम. राम सगळ्यांचा असण्यातच राम आहे'.

 

राज्य परिवहन मंडळाच्या (एसटी) सेवेतील लाखो कामगारांसाठी दिलासा देणारी बातमी आहे. गेल्या दीड महिन्यांपासून रखडलेल्या कामगारांच्या पगारासाठी ५५० कोटी रुपयांचे अनुदान देण्याचा निर्णय राज्य सरकारनं घेतला आहे. त्यामुळं कामगारांची मोठी चिंता दूर होणार आहे.

राज्याचे उपमुख्यमंत्री अजित पवार आणि परिवहन मंत्री अनिल परब यांच्यात आज या संदर्भात बैठक झाली. चर्चेअंती साडे पाचशे कोटी रुपयांचे अनुदान मंजूर करण्यात आले. त्यामुळं कामगारांचा रखडलेला पगार काही अंशी मिळण्याचा मार्ग मोकळा झाला आहे.

करोना संसर्ग रोखण्यासाठी २३ मार्चपासून लॉकडाऊनची घोषणा झाली. त्या दिवसापासून एसटी बसेसची वाहतूक बंद करण्यात आली. त्यामुळे राज्यातील अठरा हजारावर बसेस डेपोमध्येच अडकून पडल्या आहेत. यातून महामंडळाला रोज सुमारे २३ कोटी रुपयांपेक्षा अधिक उत्पन्नावर पाणी सोडावे लागत आहे. चार महिन्यात हा तोटा सुमारे अडीच हजार कोटींपर्यंत पोहोचला आहे. जिल्हांतर्गत बसवाहतूक सुरू झाली असली तरी त्यातून डिझेलचा खर्चही निघत नसल्याने कर्मचाऱ्यांचा पगार थांबवण्यात आला. मार्च महिन्याचा २५ टक्के, मे महिन्याचा पन्नास टक्के पगार दिला नाही. जून महिन्याचा पगार जुलै महिना संपला तरी झाला नाही. त्यामुळं कामगारांपुढे पोटापाण्याचा प्रश्न उभा राहिला होता. याच विवंचनेतून सांगली जिल्ह्यात एका कामागाराने आत्महत्या केल्याचं समोर आलं होतं. महाराष्ट्र टाइम्सनं या संदर्भातील वृत्त दिलं होतं.

कामगारांचा पगार रखडला असताना तो देण्याचं नियोजन करण्याऐवजी महामंडळाने स्वेच्छा निवृत्तीची योजना पुढे आणली होती. कामगार संघटनांनी महामंडळाच्या या भूमिकेवर टीकेची झोड उठवली होती. महामंडळ जबाबदारी झटकण्याचा प्रयत्न करत असल्याचा आरोप कामगार नेत्यांनी केला होता. चहूबाजूंनी ओरड झाल्यानंतर अखेर सरकारनं बैठक घेऊन अनुदान देण्याचा निर्णय घेतला.

ठाणे: तडीपारीची नोटीस बजावून अटक करण्यात आलेले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेचे ठाणे जिल्हाध्यक्ष अविनाश जाधव यांना विरोधी पक्षातील काही नेत्यांकडूनही पाठिंबा मिळताना दिसतोय. माजी खासदार नीलेश राणे यांनी जाधव यांना धीर देताना राज्य सरकारवर टीकेची तोफ डागली आहे.

वसई-विरार महापालिकेतील आंदोलनाप्रकरणी जाधव यांना विरार पोलिसांनी दोन वर्षांच्या तडीपारीची नोटीस बजावली होती. त्यानंतर ठाणे महापालिका मुख्यालयसमोर परिचारिकांसाठी आंदोलन करत असताना त्यांना ताब्यातही घेण्यात आलं. त्यांचा जामीन अर्जही फेटाळला गेला आहे. मनसेसाठी हा मोठा धक्का मानला जात आहे.

मनसे अविनाश जाधव यांच्या पाठीशी भक्कमपणे उभी राहिली आहे. मनसेचे नेते बाळा नांदगावकर, अभिजित पानसे यांनी ठाण्यातील वरिष्ठ पोलीस अधिकाऱ्यांशी चर्चा देखील केली आहे. मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे यांनीही 'मी सोबत आहे' असं म्हणून जाधव यांना धीर दिला आहे.

 

कोल्हापूर: अयोध्येतील राम मंदिराच्या भूमिपूजनाचा मुहूर्त काढून देणारे पंडित विजयेंद्र शर्मा यांना आणि त्यांच्या निकटवर्तीयांना धमक्यांचे फोन येऊ लागले आहेत. त्यामुळे खळबळ उडाली आहे. धमकीची दखल घेऊन टिळकवाडी पोलिसांनी त्यांना पोलीस बंदोबस्त दिला आहे.

अयोध्येतील राम मंदिराच्या भूमिपूजनाचे चार मुहूर्त पंडित शर्मा यांनी काढून दिले होते. राम मंदिराच्या भूमिपूजनाचा मुहूर्त बेळगावचे पंडित विजयेंद्र शर्मा यांनी काढून दिला होता.आता राम मंदिराचे भूमिपूजन बुधवारी होणार आहे. पण मुहूर्त काढून दिलेले पंडित विजयेंद्र शर्मा यांना आता धमक्यांचे फोन येत आहेत.

रेल्वे ओव्हरब्रिज जवळील श्री राघवेंद्र नववृंदावनचे प्रमुख असलेले पंडित शर्मा यांच्या मठाजवळ पोलीस बंदोबस्त ठेवण्यात आला आहे. वेगवेगळ्या ठिकाणाहून हे फोन आले आहेत.

अयोध्येतील राम मंदिराचे ट्रस्टी स्वामी गोविंद देवगिरी महाराज यांनी शर्मा यांच्याशी संपर्क साधून राममंदिर भूमिपूजनासाठी शुभ मुहूर्त काढून देण्यास सांगितले होते. त्यानुसार शर्मा यांनी त्यांना चार शुभ मुहूर्त पाठवले होते. २९ जुलै सकाळी नऊ नंतर, ३१ जुलै सकाळी सात ते नऊ दरम्यान, ३ ऑगस्ट रोजी सकाळी दहा नंतर आणि ५ ऑगस्ट रोजी संपूर्ण दिवस असे ते चार मुहूर्त होते. त्यापैकी पाच ऑगस्टचा मुहूर्त राम मंदिर भूमिपूजनासाठी निश्चित करण्यात आला आहे. जून १५ रोजी हे चार मुहूर्त स्वतः पत्र लिहून शर्मा यांनी स्वामी गोविंद देवगिरी महाराज उर्फ किशोरजी व्यास यांना कळवले होते.

मुंबई: गणपतीसाठी मुंबई, पुण्यातून कोकणासह महाराष्ट्राच्या विविध जिल्ह्यांत जाऊ इच्छिणाऱ्या चाकरमान्यांची दलालांकडून अक्षरश: लूट सुरू आहे. राज्य सरकारची ई पास व्यवस्था नावालाच उरल्यानं दलाल शिरजोर झाले असून बोगस पास देऊन सर्वसामान्यांची लूट केली जात आहे. मनसेनं याबाबतची एक ऑडिओ क्लिपच प्रसिद्ध केली आहे.

करोनाचं संकट असल्यामुळं राज्यात जिल्ह्यांतर्गत प्रवास करणाऱ्या नागरिकांवर सरकारनं काही निर्बंध घातले आहेत. एका जिल्ह्यातून दुसऱ्या जिल्ह्यात गेल्यावर १४ दिवस क्वारंटाइन होण्यापासून ते वैद्यकीय प्रमाणपत्र व ई पास बाळगणे असे काही नियम ठेवण्यात आले आहेत. प्रवासाचा हा पास ऑनलाइन मिळेल, असं सर