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साल 2004 में केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्‍टम (NPS) को लॉन्‍च किया था. इसका मकसद उन सरकारी कर्मचारियों को पेंशन सिस्टम से जोड़ना था जो पुरानी पेंशन योजनाओं के दायरे से बाहर थे. सरकार ने 2009 में इसे निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भी खोल दिया. अब इस योजना में एक जरूरी बदलाव हुआ है.

क्या हुआ है बदलाव- दरअसल, पेंशन कोष नियामक पीएफआरडीए ने एनपीएस से जुड़ने के लिए ‘वन-टाइम पासवर्ड’ सुविधा पेश की है. नियामक ने एनपीएस खाता खोलने और उसे और आसान बनाने के लिये ये कदम उठाया है. इसके तहत अंशधारक अब ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिये अपना एनपीएस खाता खोल सकते हैं. इसमें पीओपी (प्वाइंट ऑफ प्रजेंस) के लिए रजिस्टर्ड बैंक के ग्राहक अगर संबंधित बैंक के इंटरनेट बैंकिंग के जरिये एनपीएस खाता खोलना चाहते हैं, वे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं.

देनी होगी केवाईसी की जानकारी- नॉन-इंटरनेट बैंकिंग डिजिटल माध्यम यानी पीओपी के जरिये बिना किसी कागजी दस्तावेज के लिए एनपीएस खाता खोलने को लेकर संबंधित ग्राहक के मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी और ई-मेल का उपयोग किया जा सकता है. केवाईसी (अपने ग्राहक को जानों) के पूरा होने के बाद पीओपी को एनपीएस अंशधारकों के बारे में सूचना/जानकारी ग्राहक के फोटो और हस्ताक्षर की इमेज के साथ सेंट्रल रिकार्ड कीपिंग एजेंसियों (सीआरए) को देनी होगी.

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच देश में 1 जुलाई से अनलॉक-2 लागू होने वाला है. इस बार कुछ इलाकों में सख्ती बरकरार है तो वहीं कई तरह की ढील भी दी गई है. इस नए अनलॉक का शेयर बाजार ने खुलकर स्वागत किया है.

एक दिन पहले सोमवार की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को रिकवरी देखने को​ मिली. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 250 अंक तक मजबूत होकर एक बार फिर 35 हजार अंक को पार कर गया. इसी तरह निफ्टी की बात करें तो करीब 70 अंक की तेजी रही और यह 10 हजार 400 अंक के स्तर पर पहुंच गया.

सोमवार को बाजार में गिरावट- विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों से सोमवार को घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा. सेंसेक्स 210 अंक यानी 0.60 फीसदी फिसलकर 34961.52 पर बंद हुआ. निफ्टी भी पिछले सत्र से 71 अंकों यानी 0.68 फीसदी की कमजोरी के साथ 10,312 अंक पर रहा.

किस शेयर का क्या रहा हाल- बीएसई के 30 शेयरों में से नौ शेयरों में तेजी रही जबकि 21 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए. सबसे अधिक तेजी वाले पांच शेयरों में एचडीएफसी बैंक (1.97 फीसदी), युनीलीवर (1.30 फीसदी), कोटक बैंक (1.27 फीसदी), भारती एयरटेल (1.24 फीसदी) और आईटीसी (1.08 फीसदी) शामिल रहे.

मंगलवार (16 जून, 2020) को शुरुआती कारोबार के दौरान गोल्ड की कीमतों में उछाल दर्ज की गई. सोने की तर्ज पर चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई. दरअसल भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से आर्थिक अनिश्चितताएं बढ़ गई हैं. इस वजह से सोने और चांदी की कीमत में उछाल दर्ज की जा रही है.

वायदा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमत में 0.32 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. इसकी कीमत 150 रुपये बढ़ कर 47,176 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गई. सिल्वर फ्यूचर में 0.61 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 287 रुपये बढ़ कर 47,680 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया.

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के मुताबिक सोमवार को सोने के कीमतों में 380 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी. राष्ट्रीय राजधानी में इसकी कीमत 47,900 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गई थी. सिल्वर की कीमत भी 590 रुपये गिर गई थी और घट कर यह 48,200 रुपये किलो ग्राम पर पहुंच गई थी.

इस बीच, अहमदाबाद के सर्राफा बाजार में गोल्ड हाजिर की कीमत 46,803 रुपये दर्ज की गई. वह 10 अगस्त को एक्सपायर होने वाले गोल्ड फ्यूचर की कीमत 47,100 रुपये दर्ज की गई.

सरकार की ओर से तीन लाख करोड़ रुपये का पैकेज जारी करने के बावजूद एमएसएमई की हालत ठीक नहीं है. क्रिसिल के हाल के आकलन के मुताबिक अगर जीडीपी में पांच फीसदी की कमी आई तो एमएसएमई की कमाई 21 फीसदी घट जाएगी. क्रिसिल ने कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक की ओर से उठाए गए कदमों से भी एमएसएमई को राहत मिलती दिखाई नहीं देती.

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुताबिक कोविड-19 की वजह से छोटी और मझोली कंपनियों के सामने संकट की स्थिति पैदा हो गई है. अगर हालात ऐसे ही रहे और जीडीपी में पांच फीसदी तक गिरावट आई तो एमएसएमई की कमाई 21 फीसदी तक घट जाएगी. इनके ऑपरेटिंग प्रॉफिट में चार से पांच फीसदी की गिरावट आ सकती है.

क्रिसिल ने कॉरपोरेट कंपनियों के रेवेन्यू में भी गिरावट की आशंका जताई है. उसका कहना है कि जीडीपी घटने से कॉरपोरेट कंपनियों की कमाई 15 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है.

ICSI अर्थात इन्स्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडियाने सीएस फाउंडेशन, एक्झिक्युटिव, प्रोफेशनल प्रोग्राम आमि पोस्ट मेंबरशीप क्वालिफिकेशन परीक्षा पुन्हा लांबणीवर टाकली आहे. सीएसची जून परीक्षा यापूर्वी एक लांबणीवर टाकत जुलै महिन्यात आयोजित केली जाण्याची घोषणा करण्यात आली होती. आता ही परीक्षा ऑगस्टमध्ये होणार आहे.

सीएस परीक्षा १८ ते २८ ऑगस्ट २०२० दरम्यान घेतली जाणार आहे. आयसीएसआय या परीक्षेसाठी मोफत ऑनलाइन क्रॅश कोर्सही चालवत आहे. याचे वर्ग २ जुलैपर्यंत चालणार आहे. आयसीएसआयच्या विद्यावाहिनी कार्यक्रमांतर्गत हे वर्ग घेण्यात येत आहेत.

कडाउन में ढील के बावजूद मई में नहीं हो पाया खास उत्पादन

मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट का सिलसिला मई में भी जारी रहा

इसके पहले अप्रैल में आई थी मैन्युफैक्चरिंग में भारी गिरावट

कोरोना के कहर और लॉकडाउन की वजह से देश की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को लगातार नुकसान हुआ है. आईएचएस मार्किट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के अनुसार मई महीने में भी देश की मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट आई है.

पीएमआई सर्वे के अनुसार मई महीने में मैन्युफैक्चरिंग का पीएमआई 30.8 रहा जो गिरावट को दर्शाता है. इस सर्वे में 50 से नीचे अंक हासिल होने का मतलब गिरावट और 50 से ऊपर होने का मतलब बढ़त होना है. इसके पहले अप्रैल महीने में मैन्युफैक्चरिंग में रिकॉर्ड गिरावट आई थी और तब पीएमआई इंडेक्स महज 27.4 ही था.

गौरतलब है कि देश में लगातार 32 महीने तक मैन्युफैक्चरिंग पॉजिटिव था यानी इसमें बढ़त हुई थी, लेकिन अप्रैल 2020 में इसमें इतने अंतराल के बाद पहली बार गिरावट देखी गई.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक आईएचएस मार्किट की इकोनॉमिस्ट इलियट केर ने कहा, 'नवीनतम पीएमआई डेटा से पता चलता है कि मई महीने में भी भारतीय मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट आई है.'

कोरोना के प्रकोप के बीच राहत के उपायों के तहत आईटी कंपनी कॉग्निजैंट (Cognizant) भारत और फिलीपींस में अपने करीब दो—तिहाई कर्मचारियों को अगले महीने 25 फीसदी अतिरिक्त सैलरी देगी.

कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि एसोसिएट और उससे नीचे के स्तर के कर्मचारियों को अप्रैल महीने के लिए 25 फीसदी का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा. इससे भारत में कंपनी के करीब 1.30 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा.

कंपनी का कहना है कि कोरोना वायरस संकट के बीच भी सेवाओं को जारी रखते हुए कर्मचारी असाधारण काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें एक तरह से प्रोत्साहन स्वरूप यह अतिरिक्ति वेतन दिया जाएगा. यह अतिरि​क्त राशि उनके मूल वेतन के आधार पर तय की जाएगी. गौरतलब है कि दिसंबर 2019 तक कंपनी के भारत में कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 2,03,700 थी.

 कोरोना वायरस (Coronavirus) का खौफ दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है. ऐसे में रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी कोरोना के प्रकोप को देखते हुए बंद करने का फैसला किया है. देश में 5 लाख रेस्टोरेंट का प्रतिनिधित्व करने वाले नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन (NRAI) ने 18 मार्च से 31 मार्च तक रेस्टोरेंट बंद करने की एडवाइजरी जारी की है. इससे देश में तकरीबन 5 लाख रेस्टोरेंट बंद रह सकते हैं. हालांकि यह रेस्टोरेंट के मालिक के ऊपर निर्भर करता है कि वो बंद करने का फैसला लेंगे या नहीं. इससे सबसे ज्यादा वो लोग प्रभावित होंगे जो बाहर भोजन करते हैं.

बिजनेस पर पड़ेगा असर
NRAI अपने जारी किए गए बयान में कहा है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हमें ऐसा फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इससे हमारे बिजनेस पर असर पड़ेगा. लेकिन ग्राहकों, कर्मचारियों और सामाजिक सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है. NRAI कहा कि हमारे ज्यादातर कर्मचारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं. इस दौरान इन कर्मचारियों को कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का खतरा है. ऐसे में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों को ऑपरेशन बंद करने की सलाह दी है. 

संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी के अनुसार, कोरोनो वायरस महामारी के कारण दुनिया भर में लगभग 25 मिलियन नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है. अगर सरकारों ने तेजी से कोई कारगर कदम नहीं उठाए और इसके लिए सही पॉलिसी नहीं बनाई तो बेरोजगारी और ज्यादा बढ़ेगी.
ILO ने चेतावनी दी 
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि दुनिया भर में आर्थिक संकट आ सकता है जिससे लोगों की नौकरियां मुश्किल में आ जाएंगी. ILO का ये भी कहना है कि कंपनियों को कर्मचारियों के लिए कुछ ख़ास कदम उठाने होंगे जिसमें सामाजिक सुरक्षा, काम का समय कम करना, पेड लीव देना शामिल है. ILO का प्रस्ताव है कि कुछ सेक्टर्स में काम करने वाले लोगो को वित्तीय सहायता भी मिलनी चाहिए. हालांकि आईएलओ ने यह भी कहा कि यदि उसी तरह से समन्वित रूप से अंतरराष्ट्रीय नीतिगत कदम उठाए गए जैसा कि 2008-09 की मंदी के दौरान हुआ था, तो बेरोजगारी को कम किया जा सकता है. 

रिपोर्ट यह बताती है कि कोरोनो वायरस के कारण कैसे बेरोजगारी बढ़ रही है. और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी बढ़ने की भी उम्मीद है, क्योंकि वायरस के फैलने के आर्थिक परिणाम काम के घंटों और वेतन में कटौती में बदल जाते हैं.

कोरोना वायरस (COVID-19) पर आज प्रधानमंत्री शाम 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. लेकिन, इसके ठीक पहले रेल मंत्रालय (Ministry of Railway) ने एक बड़ा फैसला लिया है. सभी कैटेगरी की ट्रेन टिकट (Train Tickets) पर मिलने वाली छूट को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है. हालांकि, दिव्यांगजनों की 4 कैटेगरी और 11 तरह के मरीजों को मिलने वाली छूट जा रही रहेगी. रेल मंत्रालय ने यह फैसला COVID-19 को देखते हुए लिया है. यह छूट अगली सूचना तक नहीं दी जाएगी.

रेलवे ने यह फैसला लिया है ताकि कम से कम संख्या में लोग ट्रैवल करें और कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को कम किया जा सके. इसके पहले रेलवे ने देश के कुल 250 रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले प्लेटफॉर्म टिकट को 10 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया था.

 कोरोना वायरस ने दुनियाभर के देशों में अपनी गिरफ्त में ले लिया है. अमेरिका से लेकर कई यूरोपीय देशों में खाली बड़े बाजार कोरोना के असर की दास्तां बयान कर रहे हैं. इटली, फ्रांस और स्पेन में जरूरी सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद कर दिया गया है. वहीं ब्रिटेन में सरकार ने लोगों को जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है.

अमेरिका में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. यहां पूरी तरह से लॉकडाउन नहीं है लेकिन होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, पब बंद हैं. जाहिर है कोरोना लोगों के साथ-साथ अब इकोनॉमी की हेल्थ पर भी असर डाल रहा है. इससे निपटने के लिए दुनियाभर के देशों ने इकोनॉमी के लिए राहत पैकेज देना शुरू कर दिया है. टैक्स छूट के साथ-साथ लोगों के हाथ में पैसा देने की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि इकोनॉमी का पहिया चलता रहे. भारत में भी इस तरह के कदम उठाने पर विचार हो रहा है.

भारत की जीडीपी ग्रोथ पर 0.5 फीसदी तक कमी आने का अनुमान 

कोरोना का असर इंडस्ट्री पर दिखने लगा है. सबसे ज्यादा असर एयरलाइंस, टूर एंड ट्रैवल्स, होटल एंड रेस्टोरेंट और ऑटो सेक्टर पर पड़ा है. एक्सपोर्टर्स भी सरकार से आर्थिक राहत की मांग कर रहे हैं. कोरोना की वजह से भारत की जीडीपी ग्रोथ पर 0.5 फीसदी तक कमी आने का अनुमान लगाया जा रहा है. सरकार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है और मदद के लिए तैयार है.

वैसे तो कोरोना वायरस के चलते सभी तरह के बचाव वाले कदम उठाए जा रहे हैं. शायद इसी एतियात भरे कदम के चलते लोगों ट्रेनों से भी यात्रा करने बच रहे हैं. लेकिन इस कदम का खामियाजा रेलवे को उठाना पड़ रहा है. हर रोज करीब 4 लाख यात्री अपनी यात्रा की टिकट कैंसिल करा रहे हैं. ऐसे में जब रेलवे को यात्री नहीं मिल रहे तो उसने सैकड़ों ट्रेनें भी कैंसिल कर दी है. यहां तक की आईआरटीसी ने भी अपनी 4 खास ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है.

मार्च महीने में रिकॉर्ड टिकट कैंसिल हुए हैं. सिर्फ उत्तर रेलवे जोन में 1 मार्च से 12 मार्च के बीच 12.29 लाख के करीब टिकट कैंसिल हुए हैं. जबकि एक महीना पहले फरवरी में इस दौरान सिर्फ 7.25 लाख टिकट कैंसिल हुए थे. इसके जरिए उत्तर  रेलवे ने करीब 85 करोड़ रुपये कमाई की है.

रेलवे कितनी करती है कमाई  - आरटीआई में हुए खुलासे के मुताबिक रेलवे के पिछले चार साल में तत्काल टिकट बुकिंग से 25,392 करोड़ रुपए की कमाई की. नेशनल ट्रांसपोर्टर ने साल 2016 से 2019 के बीच तत्काल कोटा टिकट से 21,530 रुपए और तत्काल प्रीमियम टिकट से 3862 रुपए की कमाई की है. वहीं, रेलवे को 2017 से 2020 के दौरान टिकटों के कैंसिल कराने से काटी गई रकम से 4,684 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. यही नहीं यदि इसमें वेटिंग लिस्ट में शामिल टिकटों को कैंसल न कराने पर काटी गई रकम को भी जोड़ लें तो यह आंकड़ा 9,000 करोड़ रुपये है. यदि आप भी टिकट कैंसिल कराने पर होने वाले नुकसान से परेशान हैं तो आपके लिए ये रेलवे के नियम पढ़ना जरूरी है.

दुनिया का सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका पर भी अब कोरोना का असर दिखने लगा है. दुनियाभर में अमेरिकी एक्सचेंज न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) के फेमस ट्रेडिंग फ्लोर को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया गया है. लेकिन वहां ई ट्रेडिंग जारी रहेगी. ऐसा अमेरिका के के इतिसाहस में तीसरी बार हुआ है जब एक्सचेंज पर कारोबार रोकना पड़ा. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की ओर से जारी ने दो लोगों में COVID-19 पॉजिटिव आने के बाद एहतियातन यह कदम उठाया है.

आपको बता दें कि अमेरिकी शेयर बाजार का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स डाओ जोंस  20 हजार के नीचे बंद हुआ है. ये फरवरी 2017 के बाद का निचला स्तर है. वहीं, एक महीने में इंडेक्स 30 फीसदी लुढ़क गया. ऐसे ही हालात भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों में है.

क्यों लिया ये फैसला-एनवाईएसई की पेरेंट कंपनी इंटरनेशनल एक्सचेंज के मुताबिक, न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के ट्रेडिंग फ्लोर कम्युनिटी के एक सदस्य और एक्सचेंज के एक कर्मचारी में कोरोना वायरस के पॉजिटिव आने के बाद यह कदम उठाया गया है. 

न्यूयॉर्क में न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज अमेरिकन ऑप्शंस मार्केट भी बंद हो जाएगा. इसी तरह सेन फ्रांसिस्को में एनवाईएसई आर्का ऑप्शंस  भी बंद होगा.

इससे पहले कब हुआ- एनवाईएसई के ट्रेडिंग फ्लोर पर हजारों ब्रोकर्स ट्रेडिंग करते और कराते है. 

 कोरोना वायरस  की मार एयरलाइन कंपनियों पर पड़ने लगी है. बजट एयरलाइन इंडिगो  ने गुरुवार को अपने सभी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती की घोषणा की है. इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रोनोजॉय दत्ता ने सभी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की घोषणा की है. वह खुद 25 फीसदी कम वेतन लेंगे. कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट्स और इससे ऊपर के कर्मचारियों की सैलरी में 20 फीसदी की कटौती होगी, जबकि वाइस प्रेसिडेंट्स और कॉकपिट क्रू की सैलरी 15 फीसदी कटेगी.

इंडिगो के सीईओ ने वेतन कटौती की घोषणा करते हुए कहा कि कोराना वायरस महामारी के कारण इनकम में गिरावट आई है, इससे एयरलाइन इंडस्ट्री का अस्तित्व संकट में है.

आर्थिक माहौल काफी बिगड़ गया है, सख्त कदम उठाने होंगे
इंडिगो के फ्लाइट ऑपरेशन के प्रमुख अशीम मित्रा ने गुरुवार को पायलटों को भेजे एक ई-मेल में कहा कि विमानन क्षेत्र में आर्थिक माहौल काफी बिगड़ गया है और अगले कुछ दिनों तथा हफ्तों में सख्त कदम उठाना आवश्यक हो गया है. कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण दुनियाभर में देशों के आंशिक या पूरी तरह से सीमाएं सील करने के कारण विमानन क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है क्योंकि विश्वभर में ज्यादातर विमानन कंपनियों ने अपने विमान संचालन में जबरदस्त तरीके से कटौती कर दी है. मित्रा ने ई-मेल में कहा, आर्थिक माहौल काफी बिगड़ गया है और कोई भी विमानन कंपनी इस गिरावट से बची नहीं है. 

 

यस बैंक (Yes Bank) को संभालने की सरकार की कोशिशों के बाद रेटिंग एजेंसी मूडीज (Rating Agency Moody's) से भी बैंक को राहत मिली है. मूडीज ने बैंक के आउटलुक में बदलाव करते हुए इसे पॉजिटिव कर दिया है. आरबीआई की पुनर्गठन योजना के तहत पूंजी स्थिति में तेजी के साथ सुधार को देखते हुए रेटिंग एजेंसी ने यह कदम उठाया है.

इससे पहले, दिन में यस बैंक ने घोषणा की कि एसबीआई की अगुवाई में सात बैंकों ने बैंक की आधार पूंजी मजबूत करने को लेकर करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है. बाद में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि जरूरत पड़ने पर यस बैंक को केन्द्रीय बैंक और अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध करायेगा.

मूडीज इनवेस्टर सर्विस ने देर शाम एक बयान में कहा कि हम आज (सोमवार) यस बैंक की लॉन्ग टर्म विदेशी मुद्रा निर्गमकर्ता और विदेशी मुद्रा (सीनिएर अनसिक्योर्ड) एमटीएन कार्यक्रम रेटिंग को क्रमश: सीएए3 से (पी) सीएए1 और (पी) सीएए3 से (पी) सीएए1 करते हैं. इसके अनुसार ऋण परिदृश्य को नकारात्मक से बदलकर सकारात्मक कर दिया गया है. 

 

 अगर आपके पास बैंक से जुड़े कुछ जरुरी काम है तो अगले हफ्ते मंगलवार तक उन सभी कामों को निपटा लें. क्योंकि अगले हफ्ते बैंक 4 दिन के लिए बंद हैं. पीएसयू बैंकों (PSU Banks) के मेगा विलय का विरोध, सैलरी बढ़ाने और हर हफ्ते दो छुट्टी मिले इन मांगों को मनवाने के लिए बैंक यूनियन 27 मार्च को हड़ताल करने वाली हैं. ये हड़ताल पहले 11 मार्च से तीन दिन के लिए होने वाली थी.  बता दें कि यूनियनों का यह भी कहना है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन देशव्यापी बैंक हड़ताल करेंगे.

ये हैं मांगे  - उनकी मांगों में 10 पीएसयू बैंकों के प्रस्तावित विलय को रोकना, आईडीबीआई बैंक का निजीकरण, बैंकिंग सुधारों का रोलबैक, बेड लोन की वसूली और जमा पर ब्याज दर में वृद्धि शामिल है.

4 दिन बंद रहेंगे बैंक - अगर ये हड़ताल होती है तो बैंकों की इस महीने के आखिर में 3 तीन की छुट्टी हो जाएगी. 25 मार्च को गुड्डी पड़वा की वजह से कई राज्यों की बैंक ब्रांच बंद रहेंगी. 27 मार्च को हड़ताल होगी, 28 मार्च को चौथा शनिवार है और 29 मार्च को रविवार की वजह से बैंक की छुट्टी रहेगी.

इस साल 2 बार पहले भी हो चुकी है बैंक हड़तालमार्च में अगर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल होती है तो यह इस साल अब तक की तीसरी बैंक हड़ताल होगी. इससे पहले 8 जनवरी को भारत बंद के दौरान बैंक यूनियनों मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया था. इसके बाद 31 जनवरी और 1 फरवरी को हड़ताल रही.

बेटियों का भविष्य वित्तीय रूप से सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Scheme) सबसे बेहतर निवेश योजना माना जाती है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि यह एक सरकारी स्कीम है और इसमें बेहतर रिटर्न भी मिलता है. इसके अलावा 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए उच्च शिक्षा और शादी के लिए बचत करने के लिहाज से केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना एक अच्छी निवेश योजना है. इस निवेश स्कीम में कई बदलाव हुए हैं. 12 दिसंबर 2019 के एक नोटिफिकेशन में इस बारे में बताया गया है. वित्त मंत्रालय ने इस बारे में बताया है कि सुकन्या समृद्धि स्कीम में क्या क्या बदला गया है. आइए आपको बताते हैं इस स्कीम से जुड़ी सभी जानकारी..

समय से पहले बंद करने पर - सुकन्या योजना के नए नियमों के तहत अगर तय समय से पहली किसी सुकन्या अकाउंट को बंद कर दिया जाता है तो इसकी इजाजत है. बच्ची को किसी गंभीर बीमारी या माता-पिता की मृत्यु की स्थिति में सुकन्या अकाउंट बंद किया जा सकता है. पहले सुकन्या स्कीम में बच्ची की मौत या उसके निवास स्थान में बदलाव के बाद ही अकाउंट बंद करने की सुविधा थी.

सुरक्षित भविष्य - सुकन्या समृद्धि योजना में हालांकि कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. आपके लिए हालांकि यह भी जानना जरूरी है कि बेटियों का भविष्य सुरक्षित करने वाली इस सरकारी बचत स्कीम में क्या बदलाव हुए हैं.

अधिक ब्याज - सुकन्या योजना के नए नियमों में अगर आप किसी वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये की रकम जमा नहीं भी कर पाते हैं तब भी इसे डिफॉल्ट अकाउंट ही माना जायेगा. नए नियम के मुताबिक डिफॉल्ट अकाउंट में जमा रकम पर भी वहीं ब्याज मिलेगा जो नियमित अकाउंट पर मिलता है.

संकट से जूझ रहे यस बैंक (Yes Bank) को पटरी पर लाने के लिए लागू हुए नए प्लान के बाद अब यस बैंक खाताधारकों के लिए एक राहत की खबर है. बैंक ने सोमवार को ट्वीट कर ये जानकारी दी है कि खाताधारकों के ऊपर से बैंक ने सारे प्रतिबंध हटा लिए हैं. कल यानी 18 मार्च शाम 6 बजे के बाद ग्राहक अपने खाते से सामान्य लेन-देन कर सकेंगे. खाताधारक बैंक की सभी 1,132 शाखाओं से लेनदेन कर सकेंगे. बता दें कि 5 मार्च 2020 को शाम 6 बजे से आरबीआई द्वारा यस बैंक डिपॉजिटर्स के विड्रॉल लिमिट 50,000 रुपये तय कर दी थी. इसके बाद से ही यस बैंक का कोई भी ग्राहक किसी भी माध्यम से न तो पैसे ट्रांसफर कर पा रहा था और न ही एटीएम से कैश निकाल पा रहा था. 

यस बैंक को पटरी पर लाने के लिए प्राइवेट बैंक भी देंगे पैसा- वित्ती मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यस बैंक (Yes Bank) में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी. SBI 3 साल तक अपनी स्टेक को 26 फीसदी से कम नहीं कर सकेगी. इसके अलावा प्राइवेट बैंक भी इसमें निवेश करेंगे. प्राइवेट बैंकों के लिए भी लॉक इन पीरियड 3 साल तक का ही होगा, लेकिन उनके लिए स्टेक की लिमिट 75 फीसदी तक है.
यस बैंक को 18,564 करोड़ रुपये का घाटासंकटग्रस्त यस बैंक ने दिसंबर, 2019 में समाप्त हुई तिमाही में उसे 18,564 करोड़ रुपये का घाटा होने की शनिवार को जानकारी दी. निजी क्षेत्र के इस बैंक का संचालन फिलहाल भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश पर प्रशांत कुमार कर रहे हैं. बैंक ने पिछले साल इसी अवधि में 1,000 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था और सितंबर में समाप्त हुई तिमाही में 629 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. यस बैंक की गैर-निस्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) दिसंबर तिमाही में 18.87 प्रतिशत हो गयी हैं जो पिछली तिमाही (सितंबर) में 7.39 प्रतिशत थीं. साथ ही बैंक के पास अनिवार्य रूप से रखी जाने वाली नकदी में भी गिरावट आयी है.

पेट्रोल-डीजल कीमतों में लगातार पांचवे गिरावट आई है. सोमवार को भी पेट्रोल-डीजल के दाम घटे हैं. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज को पेट्रोल के दाम 0.17 रुपए प्रति लीटर और डीजल 0.16 रुपए सस्ते कर दिए हैं. बता दें कि तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे से पेट्रोल रेट और डीजल रेट में संशोधन करती हैं, और जारी करती हैं.

चार महानगरों में पेट्रोल-डीजल का भाव
>> दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 69.59 रुपये, जबकि एक लीटर डीजल के लिए 62.29 रुपये खर्च करने होंगे.
>> कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल का दाम 72.29 रुपये है. वहीं डीजल का भाव 64.62 रुपये प्रति लीटर पर है.

>> मुम्बई में पेट्रोल का भाव 75.30 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल 65.21 रुपये प्रति लीटर पर है.
>> चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 72.28 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल का भाव 65.71 रुपये प्रति लीटर पर है.

अगर आप किसान हैं और 6000 रुपये वाली स्कीम का लाभ लेना चाहते हैं तो आधार वेरीफिकेशन के लिए तैयार हो जाईए. जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), लद्दाख, असम और मेघालय के किसानों को पीएम-किसान स्कीम का पैसा लेने के लिए 31 मार्च 2020 तक हर हाल में आधार लिंक करवाना होगा. वरना पैसा मिलना बंद हो जाएगा. यानी इसके लिए सिर्फ 15 दिन बाकी हैं. इसके बाद सरकार कोई मौका नहीं देगी. सरकार का यह निर्णय जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), लद्दाख, असम और मेघालय के किसानों के लिए है. जबकि शेष राज्यों में एक दिसंबर 2019 से ही आधार को अनिवार्य कर दिया गया है.

कितने किसानों को मिल चुका हैं पैसा- कृषि मंत्रालय (Ministry of Agriculture) के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के 7,91,245 किसान परिवारों को स्कीम की तीनों किश्तों का पैसा मिल चुका है. जबकि दूसरे चरण में 2000 रुपये की पहली किश्त 5,75,202 किसान ले चुके हैं.  इसी तरह असम में 19,97,844 किसानों को 2-2 हजार रुपये की तीनों किश्त मिल चुकी है जबकि 9,53,609 किसानों को दूसरे चरण की पहली किश्त का पैसा मिला है. जबकि मेघालय में कुल 36,951 किसानों को तीसरी किश्त जबकि 24,665 किसानों को दूसरे चरण की पहली या फिर यूं कहें कि स्कीम की चौथी किश्त मिली है. देश भर की बात करें तो 14.5 करोड़ किसान परिवारों में से सिर्फ 6.44 करोड़ को ही 2-2 हजार की तीसरी किश्त मिली है. ऐसा इसलिए है कि आधार अनिवार्य होने के बाद लाभार्थियों की संख्या तेजी से नहीं बढ़ रही है.

कोरोना वायरस (COVID-19) आपदा की वजह से दुनियाभर के कई बड़े बैंकों ने ब्याज दरों में इमरजेंसी कटौती करने का फैसला लिया है. भारतीय केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) से भी इसकी उम्मीद की जा रही थी. इसी को ध्यान में रखते हुए भी RBI भी जरूरी कदम उठा सकता है. अब से कुछ देर में ही आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं.

दुनियाभर के प्रमुख बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की है

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिज़र्व (Fed Reserve) ने भी लगातार दूसरी बार रविवार को ब्याज दरों मे कटौती करने का ऐलान किया है. फेड रिजर्व बैंक ने यह कटौती इसलिए की है तो कि आर्थिक सुस्ती की डर के बीच अर्थव्यवस्था में पर्याप्त तरलता बनी रहे. अमेरिका ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूरोपियन यूनियन ने भी इसी प्रकार ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया है.

जापान ने भी उठाए जरूरी कदम - बैंक ऑफ जापान (Bank of Japan) ने भी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF - Exchange Traded Fund) की दोगुनी खरीदारी की है. साथ ही, इस बैंक ने कॉरपारेट बॉन्ड्स और कॉमर्शियल पेपर की खरीद को पहले की तुलना में बढ़ाया है. इसके बाद अब कयास लगाया जा रहा है कि बैंक ऑफ जापान भी ब्याज दरों में कटौती कर सकता है.

दुनियाभर में कोरोना वायरस की दहशत से हर कोई कांप रहा है. इसी वजह से बाजार से मास्क और सैनेटाइजर गायब हो चुके हैं और जहां मिल रहे हैं वहां इनकी कीमतें आसमान पर हैं. लेकिन हम आपको दे रहा हैं मास्क से जुड़ी एक अच्छी. ये खबर आपको ख़ुशी दे सकती हैं. वैसे ये खबर केरल में रहें वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दरअसल यहां दो रुपये में मिल रहा है कोरोना से बचने का मास्क.  मास्ककेमिस्ट और फार्मेसीज जहां कोरोना के मास्क को बेचकर मोटा मुनाफा बनाने के चक्कर में गए हुए हैं. वहीं एक ऐसा दुकानदार ऐसा भी है, जो सिर्फ 2 रुपये में मास्क बेच रहा है.

2 रुपए में बेच रहे हैं मास्क  - कोरोना एक महामारी बन चुका है और भारत में इसके 100 से ज्यादा मामले सामने आ गए हैं. यही वजह है कि सभी दुकानदार इसकी ज्यादा कीमत वसूल कर रहे हैं. लेकिन केरल के एक सर्जिकल स्टोर ने यह फैसला किया है कि वह मास्क की ऑरिजनल कीमत पर बेचेगा. 2 रुपये के दाम पर इस स्टोर ने दो दिनों में 5000 मास्क बेचे हैं. कोच्चि में सर्जिकल शॉप के को-ओनर नदीम ने इकॉनोमिक टाइम्स को बताया कि दो दिनों में 2 रुपये की कीमत पर उन्होंने 5000 मास्क बेचे हैं. नदीम ने कहा कि उन्होंने फैसला लिया है कि उचित दाम पर वह मास्क बेचेंगे, खासतौर पर ह़ॉस्पिटल स्टाफ और स्टूडेंट्स को. कोचिन सर्जिकल्स के को-ओनर थसलीम पीके कहते हैं कि हम पिछले 8 सालों से 2 रुपये के भाव पर मास्क बेच रहे हैं. अब हर जगह दाम बढ़ गए हैं, हमने इन्हें 8 से 10 रुपये के भाव पर खरीदा है लेकिन 2 रुपये की कीमत पर बेच रहे हैं. वहीं अन्य लोग इसे 25 रुपये के दाम बेच रहे हैं. 

देश की दूसरी सबसे बड़ी क्रेडिट कार्ड इश्यू करने वाली कंपनी एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड (SBI Cards and Payment Services Ltd) की लिस्टिंग पर बाजार की गिरावट भारी पड़ी. SBI कार्ड्स के आईपीओ की शेयर बाजार में कमजोर लिस्टिंग हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर 755 के इश्यू प्राइस के मुकाबले 13% डिस्काउंट के साथ 658 रुपये पर लिस्ट हुआ. वहीं, एनएसई (NSE) पर शेयर 12.45 फीसदी डिस्काउंट के साथ 661 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ. बता दें कि यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 2-5 मार्च को खुला था. SBI Cards के आईपीओ को शेयर बाजार में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी. इस आईपीओ को 26 गुना ज्यादा बोलियां मिलीं.

ये थे आईपीओ के मैनेजर्स - कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, एक्सिस कैपिटल, डीएसपी मेरिल लिंच, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स ऑफर के लिए मैनेजर थे. भारतीय स्टेट बैंक की एसबीआई कार्ड में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि शेष हिस्सेदारी कार्लाइल ग्रुप के पास है. 

 

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार के लिए बहुत ही निराशाजनक रहा. खराब ग्लोबल संकेत के चलते भारतीय बाजारों में आज अंकों के लिहाज से सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली.  बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 1800 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. वहीं निफ्टी भी 500 अंकों से ज्यादा गिर गया. शुरुआती गिरावट के बाद बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स खबर लिखे जाने तक 1550 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ यानी 4.60 फीसदी नीचे 32,426 पर कारोबार कर रहा है. एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी शुरुआत में ही 432.35 अंक यानी 4.34 फीसदी की गिरावट के साथ 9522.85 पर कारोबार कर रहा था.
इससे पहले शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 3100 अंक टूट गया था. इतनी बड़ी गिरावट के बाद शेयर बाजार में कारोबार 45 मिनट के लिए रोकना पड़ा. आपको बता दें कि जब बाजार में लोअर सर्किट  (Lower Circuit) लग जाता है, तब कुछ देर के लिए कारोबार पर रोक लगा दी जाती है. 

एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि अमेरिकी शेयर बाजार के इंडेक्स डाओ फ्यूचर्स में गुरुवार की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को खरीदारी लौटी आई है. डाओ फ्यूचर्स 455 अंक बढ़कर 21,560 के स्तर पर पहुंच गया है. आपको बता दें कि गुरुवार की रात को अमेरिका समेत दुनियाभर के सभी शेयर बाजारों में 1987 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली. इसी का असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी दिख रहा है. आसिफ का मानना है कि सरकार जल्द बाजार को राहत देने के लिए बड़े ऐलान कर सकती है.

व्यापारियों के शीर्ष संगठन कैट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  को कोरोना वायरस महामारी के कारण प्रभावित कारोबार को बीमा दायरे में लाने को लेकर उपयुक्त निर्देश देने का आग्रह किया है. संगठन ने वित्त मंत्री से इस बारे में बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) को जरूरी निर्देश देने का आग्रह किया, ताकि वह बीमा कंपनियों को यह जिम्मेदारी दें.

व्यापारियों के अखिल भारतीय परिसंघ (कैट) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने सीतारमण को लिखे पत्र में जरूरत आधारित बीमा कवर लाने की आवश्यकता को रेखांकित किया.

उन्होंने इसमें मच्छर के काटने और विषाणु, जीवाणु से होने वाली बामरियों को बीमा दायरे में लाने की जरूरत बताई. कैट ने इस मामले को वित्त मंत्री के समक्ष उठाने के लिए इसी प्रकार का पत्र वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को भी भेजा है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते प्रकोप से निवेशकों में खौफ का माहौल है, जिसके कारण पूरी दुनिया के शेयर बाजारों (Share Market) में गिरावट का सिलसिला जारी है. इसी कड़ी में यूएस फेडरल रिजर्व बैंक (फेड) ने बेंचमार्क ब्याज दर जो एक फीसदी से 1.25 फीसदी थी उसे घटाकर शून्य से 0.25 फीसदी कर दिया है. आरबीआई फेडरल रिजर्व के ग्लोबल स्वैप लाइन फैसिलिटी का हिस्सा नहीं है, लेकिन वित्तीय बाजार में फ्रीजिंग जैसी स्थिति से बचने के लिए उभरते देशों के केंद्रीय बैंक के साथ सहयोग करने के लिए वह दरों में कटौती कर सकता है.

RBI गवर्नर की शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस होने वाली है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरबीआई रेपो रेट में कटौती की घोषणा कर सकती है. रेपो रेट में कटौती की घोषणा होने के बाद बैंक ब्याज दरों में कटौती कर सकती हैं. ब्याज दरों में कटौती से आपके लोन की ईएमआई घट जाएगी और आपको बड़ी बचत हो सकती है.

ब्याज दरों को जीरो किया  - वित्तीय बाजार के संकट को टालने के लिए बाकी उभरते देश के केंद्रीय बैंक की तरह भारत का बैंकिंग नियामक रिजर्व बैंक भी दरें कम करने की रणनीति में शामिल हो सकता है. कोरोना वायरस के प्रकोप से अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने की दिशा में अमेरिका के केंद्रीय बैंक यूएस फेडरल रिज़र्व ने बड़ा कदम उठाया है. फेडरल रिज़र्व ने प्रमुख ब्याज दरों में कटौती की है. यूएस फेड ने ब्याज दरों को घटाकर लगभग जीरो कर दिया है.

महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को राहत मिली है. फरवरी में थोक महंगाई दर (WPI Inflation) जनवरी के 3.1 फीसदी से घटकर 2.26 फीसदी पर पहुंच गई है. महीने दर महीने के आधार पर फरवरी में थोक खाद्य महंगाई दर जनवरी के 10.12 फीसदी से घटकर 7.31 फीसदी रही है. वहीं प्राइमरी ऑर्टिकल्स की थोक महंगाई दर जनवरी के 10.01 फीसदी के मुकाबले 6.71 फीसदी रही है.

सब्जियों की थोक महंगाई घटी
फरवरी में सब्जियों की थोक महंगाई भी घटी है. फरवरी में सब्जियों की थोक महंगाई 52.72 फीसदी से घटकर 29.97 रही है. वहीं फरवरी में अंडे, मांस की थोक महंगाई 6.73 फीसदी से बढ़कर 6.88 फीसदी रही.  

दाल और आलू की थोक महंगाई में गिरावट

इसके अलावा, फरवरी में दाल और आलू की थोक महंगाई में गिरावट रही. दाल की थोक मंहगाई 12.81 फीसदी से घटकर 11.42 फीसदी, जबकि आलू की थोक महंगाई 87.84 फीसदी से घटकर 60.73 फीसदी और प्याज की थोक महंगाई 293.37 फीसदी से घटकर 162.30 फीसदी रही. 

 

संकट से जूझ रहे यस बैंक (Yes Bank) को पटरी पर लाने के लिए लागू हुए नए प्लान के बाद अब यस बैंक खाताधारकों के लिए एक राहत की खबर है. बैंक ने आज यानी सोमवार को ट्वीट कर ये जानकारी दी है कि खाताधारकों के ऊपर से बैंक ने सारे प्रतिबंध हटा लिए हैं. यानी 18 मार्च शाम 6 बजे के बाद ग्राहक अपने खाते से सामान्य लेन-देन कर सकेंगे. खाताधारक बैंक की सभी 1,132 शाखाओं से लेनदेन कर सकेंगे. बता दें कि 5 मार्च 2020 को शाम 6 बजे से आरबीआई द्वारा यस बैंक डिपॉजिटर्स के विड्रॉल लिमिट 50,000 रुपये तय कर दी थी. इसके बाद से ही यस बैंक का कोई भी ग्राहक किसी भी माध्यम से न तो पैसे ट्रांसफर कर पा रहा था और न ही एटीएम से कैश निकाल पा रहा था. 

यस बैंक को पटरी पर लाने के लिए प्राइवेट बैंक भी देंगे पैसा- वित्ती मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यस बैंक (Yes Bank) में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी. SBI 3 साल तक अपनी स्टेक को 26 फीसदी से कम नहीं कर सकेगी. इसके अलावा प्राइवेट बैंक भी इसमें निवेश करेंगे. प्राइवेट बैंकों के लिए भी लॉक इन पीरियड 3 साल तक का ही होगा, लेकिन उनके लिए स्टेक की लिमिट 75 फीसदी तक है.
यस बैंक को 18,564 करोड़ रुपये का घाटासंकटग्रस्त यस बैंक ने दिसंबर, 2019 में समाप्त हुई तिमाही में उसे 18,564 करोड़ रुपये का घाटा होने की शनिवार को जानकारी दी. निजी क्षेत्र के इस बैंक का संचालन फिलहाल भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश पर प्रशांत कुमार कर रहे हैं. बैंक ने पिछले साल इसी अवधि में 1,000 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था और सितंबर में समाप्त हुई तिमाही में 629 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. यस बैंक की गैर-निस्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) दिसंबर तिमाही में 18.87 प्रतिशत हो गयी हैं जो पिछली तिमाही (सितंबर) में 7.39 प्रतिशत थीं. साथ ही बैंक के पास अनिवार्य रूप से रखी जाने वाली नकदी में भी गिरावट आयी है.

SBI Cards के आईपीओ में पैसा लगाकर शेयर बाजार से भारी मुनाफे की उम्मीद रहे निवेशकों को झटका लगा है. दुनिया भर में कोरोना के कहर से शेयर बाजार हलकान हैं. इसके असर से सोमवार को एसबीआई कार्ड के आईपीओ की लिस्टिंग इश्यू से भी करीब 13 फीसदी कम प्राइस पर हुई है, जबकि यह उम्मीद की जा रही थी कि इसकी लिस्टिंग इश्यू कीमत से 30 से 40 फीसदी प्रीमियम पर होगी. एसबीआई कार्ड्स की इश्यू कीमत 755 रुपये प्रति शेयर थी, लेकिन सोमवार को बीएसई में इसकी लिस्टिंग 658 रुपये प्रति शेयर पर ही हुई. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई में इसकी लिस्टिंग 661 रुपये प्रति शेयर पर हुई. गौरतलब है कि SBI Cards के आईपीओ में निवेश 2 से 5 मार्च तक खुला था और यह 26.54 गुना सब्सक्राइब हुआ था.

कारोबार के दौरान कुछ सुधार - हालांकि दिन में कारोबार के दौरान इसके शेयरों में कुछ सुधार दिख रहा है. सुबह 10.15 बजे तक SBI Cards का शेयर मूल्य इसके इश्यू कीमत के करीब 755 रुपये पर पहुंच गया था. दोपहर 11 बजे तक बीएसई पर इसकी बाजार पूंजी करीब 69,295 करोड़ रुपये थी. कोरोना वायरस के असर से ही सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 1000 अंकों की गिरावट के साथ खुला और थोड़ी ही देर में इसमें 2100 से ज्यादा अंकों की गिरावट आ गई. ऐसे में एसबीआई काड्र्स की लिस्टिंग के लिए यह अच्छा दिन साबित नहीं हुआ.

रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में बिकवाली के बीच बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 400 अंक टूट गया. बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 393.03 अंक टूट गया. हालांकि, बाद में इसने कुछ नुकसान की भरपाई की और यह 201.94 अंक या 0.50 प्रतिशत की हानि के साथ 40,079.26 अंक पर कारोबार कर रहा था. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी शुरुआती कारोबार में 58.10 अंक या 0.49 प्रतिशत के नुकसान से 11,739.80 अंक पर आ गया. सेंसेक्स की कंपनियों में सनफार्मा, भारती एयरटेल, टाटा स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी के शेयर दो प्रतिशत तक टूट गए.वहीं दूसरी ओर हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया, पावरग्रिड और एशियन पेंट्स के शेयर लाभ में थे. कारोबारियों ने कहा कि कोरोना वायरस की चिंता के बीच वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख और विदेशी कोषों की निकासी से बाजार धारणा प्रभावित हुई.

अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे की बढ़त के साथ 71.74 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में रुपया 71.76 प्रति डॉलर पर खुला. बाद में यह और सुधार के साथ 71.74 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. पिछले बंद स्तर की तुलना में यह 11 पैसे की बढ़त है. मंगलवार को रुपया 71.85 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

 चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस  का असर अब दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है. इसीलिए, मंगलवार को एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली. इन्हीं संकेतों का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिख रहा है. दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी  एक फीसदी तक लुढ़क गए है. इस गिरावट में निवेशकों के कुछ ही घंटों में 1.67 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन के कोरोना वायरस की वजह से बिजनेस एक्टिविटी बेहद धीमी हो गई हैं. इसीलिए अर्थशास्त्रियों (Economist) ने ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है.
आपको बता दें कि कोरोना वायरस से दुनिया भर में 60,000 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं. चीन में इस वायरस की वजह से 1400 लोगों की मौत हो चुकी है. इससे होने वाली मौतें 2002-03 में SARC से होने वाली मौतों से आगे निकल चुकी हैं. WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) ने आधिकारिक तौर पर ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है. इस वायरस की वजह से अभी तक 25 देशों के लोग संक्रमित हो चुके हैं.

कोरोना वायरस का भारत पर असर - एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन में कमोडिटी की कीमतें कम हो गई हैं. इसका असर धीरे-धीरे अब भारतीय कंपनियों पर भी होगा. भारत चीन का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. भारत के कुल इंपोर्ट का करीब 14 फीसदी चीन से आता है.मौजूदा हालात को देखते हुए सिटी ने चीन की इकोनॉमी की ग्रोथ का अनुमान 5.8 फीसदी से घटाकर 5.5 फीसदी कर दिया है. हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि शेयर बाजार पर इसका लॉन्ग टर्म नुकसान नहीं होगा. SARC, स्वाइन फ्लू, इबोला जैसी बीमारियों का मार्केट पर असर हुआ है लेकिन फिर इसमें तेजी से सुधार भी हुआ.

कोरोना वायरस की वजह से Apple  का उत्पादन घटा

इसकी वजह से दुनियाभर के शेयर बाजार में नरमी

बीएसई सेंसेक्स भी 13 अंकों की गिरावट के साथ खुला

थोड़ी ही देर में सेंसेक्स में आई 264 अंकों की गिरावट

वैश्विक बाजार में नरमी के संकेतों की वजह से भारतीय शेयर बाजार में भी मंगलवार को गिरावट देखी गई. अमेरिकी ऐपल इंक ने कोरोना वायरस की वजह से नुकसान की बात कही जिसके बाद वैश्विक बाजार टूटे हैं. मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 13 अंकों की गिरावट के साथ 41,042.46 पर खुला और सुबह 9.45 बजे तक यह 264 अंकों की गिरावट के साथ 40,791.61 पर पहुंच गया. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का एनएसई 17 अंकों की गिरावट के साथ 12,028.25 पर खुला और सुबह 9.45 बजे तक 82 अंकों की गिरावट के साथ 11,963.25 पर पहुंच गया. 

किन शेयरों में आई गिरावट - एनएसई के करीब 318 शेयरों में तेजी और 442 में गिरावट देखी गई. बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में जी एंटरटेनमेंट, कोल इंडिया, नेटवर्क 18, डेन नेटवर्क, हैथवे केबल आदि रहे, जबकि गिरने वाले शेयरों में यस बैंक, हिंडाल्को, वेदांता, टाटा मोटर्स और इंडसइंड बैंक शामिल रहे.

 चीन में कोरोना वायरस आपदा के बाद अब दुनिया की दूसरी सबसे अधिक आबादी वाली देश में मोबाइल फोन से लेकर जरूरी दवाओं की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले दवाओं में से एक पैरासिटामोल  की कीमतों में 40 फीसदी से अधिक का इजाफा हो चुका है. वहीं, बैक्टिरियल इन्फेक्शन से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा एजिथ्रोमाइसिन भी 70 फीसदी तक महंगा हो चुका है. फार्मा कंपनी Zydus Cadila के चेयरमैन पंकज पटेल ने यह जानकारी दी है. पटेल ने कहा लाइव मिंट को कहा कि अगर अगले महीने की पहले सप्ताह तक दवाओं की सप्लाई दुरुस्त नहीं की गई तो इससे अप्रैल महीने में फार्मा इंडस्ट्री 

 दवाओं की भारी कमी से जूझ सकता है.   

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को तगड़ा झटका - कोरोना वायरस आपदा में अब तक 1 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. अब दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को इसका खतरा सता रहा है. वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ भारत के लिए भी यह चिंताजनक स्थिति है, जो कि पहले से आर्थिक सुस्ती  के दौर से गुजर रहा है. चीन में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसके बाद से उत्पादन सेक्टर को तगड़ा झटका लगा है. भारत कच्चे माल से लेकर कई इंटरमीडिएट उत्पादों के लिए चीन पर निर्भर रहता है. ऐसे में चीन की ये आपदा, भविष्य में भारत की मुश्किलें बढ़ा सकता है.

 

भारत की इकॉनमी के लिए कई दिनों बाद अच्छी खबर आई है. अमेरिका की शोध संस्थान वर्ल्ड पॉपुलेशन रीव्यू ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया कि भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है. 2.94 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के साथ भारत ने साल 2019 में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले पांच साल के भीतर भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है.

वर्ल्ड पॉपुलेशन रीव्यू ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आत्मनिर्भर बनने की पूर्व की नीति से भारत अब आगे बढ़ते हुए एक खुली बाजार वाली अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित हो रहा है.  

ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का आकार 2.83 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि फ्रांस का 2.7 ट्रिलियन डॉलर है. क्रय शक्ति समानता (पीपीपी) के आधार पर भारत का जीडीपी 10.51 ट्रिलियन डॉलर है और यह जापान तथा जर्मनी से आगे है. हालांकि, भारत में अधिक आबादी के कारण प्रति व्यक्ति जीडीपी महज 2170 डॉलर है. अमेरिका में प्रति व्यक्ति जीडीपी 62,794 डॉलर है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत की रियल जीडीपी वृद्धि दर लगातार तीसरी तिमाही में कमजोर रह सकती है और 5 फीसदी के आसपास रह सकती है.  

रिपोर्ट में कांग्रेस की भी तारीफ
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में आर्थिक उदारीकरण (कांग्रेस के दौर में) 1990 की दशक में शुरू हुआ है. उद्योगों को नियंत्रण मुक्त किया गया और विदेशी व्यापार एवं निवेश पर पर नियंत्रण कम किया. साथ ही सरकारी कंपनियों का निजीकरण किया गया. इन उपायों से भारत को आर्थिक वृद्धि तेज करने में मदद मिली है. रिपोर्ट जारी करने वाला अमेरिकी का वर्ल्ड पॉपुलेशन रीव्यू एक स्वतंत्र संगठन है. 

कोरोना का पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है

इसका असर इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ पर भी होगा

मूडीज ने इस साल का जीडीपी ग्रोथ अनुमान घटा दिया है

मोदी सरकार के लिए यह एक और नेगेटिव खबर है

रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने वर्ष 2020 के लिए  भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ अनुमान को घटा दिया है. मूडीज ने यह अनुमान 6.6 फीसदी से घटाकर 5.4 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही मूडीज ने 2021 में जीडीपी बढ़त के अनुमान को भी 6.7 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है.मूडीज ने कहा कि नोवेल कोरोना वायरस (Covid-19) के प्रकोप की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो सुस्ती आई है, उसकी वजह से भारत के जीडीपी ग्रोथ में तेजी की रफ्तार कम हो सकती है. उसने कहा कि भारत में अब किसी भी तरह के सुधार को उम्मीद से कम ही माना जाना चाहिए.

चीन का अनुमान भी घटाया - मूडीज ने कहा कि साल 2020 में G-20 देशों की इकोनॉमी में 2.4 फीसदी बढ़त होने का अनुमान है. मूडीज ने इस साल चीन की ग्रोथ रेट अनुमान को भी घटाकर 5.2 फीसदी और 2021 के लिए 2.4 फीसदी कर दिया है. मूडीज ने कहा कि कोरोना वायरस के कहर का चीन की अर्थव्यवस्था के लिए काफी नकारात्मक असर होगा.

राधाकृष्ण दमानी बने भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स

वह D-Mart रिटेल चेन चलाने वाली कंपनी के संस्थापक हैं

दमानी का नेटवर्थ करीब 17.5 अरब डॉलर हो गया

उन्होंंने शि‍व नाडर, गौतम अडानी जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ा

शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और D-Mart रिटेल चेन चलाने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्केट के संस्थापक राधाकृष्ण दमानी भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए हैं. अपने 17.5 अरब डॉलर (करीब 1,25,000 करोड़ रुपये) के नेटवर्थ के साथ उन्होंने शि‍व नाडर, गौतम अडानी जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है. देश के सबसे अमीर शख्स रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुख‍िया मुकेश अंबानी हैं, जिनका नेटवर्थ 57.4 अरब डॉलर है.

फोर्ब्स रियल टाइम बिलिनियरीज इंडेक्स के मुताबिक पिछले हफ्ते एवेन्यू सुपरमार्केट के शेयर पिछले हफ्ते 5 फीसदी चढ़ गई. इसकी वजह से दमानी का नेटवर्थ बढ़ गया. शनिवार को दमानी का नेटवर्थ 17.8 डॉलर तक पहुंच गया था. उनके बाद अमीर भारतीयों की बात करें तो एचसीएल के श‍िव नाडर (16.4 अरब डॉलर),  उदय कोटक (15 अरब डॉलर) और गौतम अडानी (13.9 अरब डॉलर) का स्थान है.

मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने वर्ष 2020 के लिए भारत का सकल घरेलू उत्पाद  ग्रोथ अनुमान 6.6 फीसदी से घटाकर 5.4 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही मूडीज ने 2021 में जीडीपी बढ़त के अनुमान को भी 6.7 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है. मूडीज ने कहा, ''अब सुधार पहले की उम्मीद से कम रफ्तार से होगा. इसलिए ग्रोथ अनुमान 2020 के लिए 5.4 फीसदी और 2021 के लिए 5.8 फीसदी कर दिया है.'' मूडीज ने कहा कि मौजूदा तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स में कुछ सुधार दिखा है, लेकिन यह उम्मीद से कम है. इसके चलते हमने 2020 के लिए अनुमान को घटा दिया है. मूडीज के मुताबिक भारत की इकॉनमी स्थिरता की ओर बढ़ रही है, लेकिन प्रक्रिया बहुत धीमी है.

अभी उबरने की संभावना कम - मूडीज ने ग्लोबल आउटलुक जारी करते हुए कहा कि भारत की आर्थिक ग्रोथ बीते दो सालों में तेजी से कम हुई है और अभी इसके उबरने की संभावना कम ही है. बता दें कि 2019 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी से नीचे गिरते हुए 4.5 फीसदी पर पहुंच गई थी, जो बीते 11 सालों का सबसे निचला स्तर था. हालांकि जनवरी महीने में सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स में कुछ उछाल से आने वाले वक्त में स्थिरता की उम्मीद जगी है.  

चीन का अनुमान भी घटाया - मूडीज ने कहा कि साल 2020 में G-20 देशों की इकोनॉमी में 2.4 फीसदी बढ़त होने का अनुमान है. मूडीज ने इस साल चीन की ग्रोथ रेट अनुमान को भी घटाकर 5.2 फीसदी और 2021 के लिए 2.4 फीसदी कर दिया है.कोरोना वायरस का असर
मूडीज ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो सुस्ती आई है, उसकी वजह से भारत की जीडीपी ग्रोथ में तेजी की रफ्तार कम हो सकती है. मूडीज ने कहा, ''बजट 2020 में मांग में कमी के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया गया. जैसा कि अन्य देशों में इसी तरह की नीतियां दिखी हैं कि जब जोखिम ज्यादा होती है तो टैक्स कटौती हायर कंज्यूमर और व्यापार खर्च में तब्दील होने की संभावना नहीं है.''

भारतीय रेलवे अब भगवान राम से जुड़े स्थानों को कवर करने के लिए विशेष टूरिस्ट ट्रेन को फिर से शुरू करने जा रहा है. इसे ‘रामायण सर्किट ऑफ इंडिया’ कहा जाता है. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी के यादव का कहना हैं कि अब रामायण सर्किट को भी IRCTC ही चलाएगी. इसे होली के बाद मार्च महीने में चलाने की योजना है. इस ट्रेन की खासियत इसकी रामायण थीम है यानी अंदर भी रामायण की कलाकृति होंगी. वीके यादव ने बताया कि बोर्ड इसे मंजूरी दे दी है. इस ट्रेन में घूमने वालों को कई सुविधाएं मिलती हैं. लेकिन रास्ते में अगर लांड्री, दवा या किसी अन्य सामान की जरूरत होती है तो उसके लिए यात्री को अलग से पैसे देने होते है. किसी स्मारक में घूमने जाने के लिए आपको फीस देनी होगी.

रामायण एक्सप्रेस ट्रेन इन जगहों पर घुमाएगी- IRCTC के इस टूर पैकेज के तहत यात्रियों को हम्पी  - नासिक  - चित्रकूट धाम - वाराणसी  - बक्सर  - रघुनाथपुर  - सीतामढ़ी  - जनकपुरी  - अयोध्या  - नंदीग्राम - इलाहाबाद (Allahabad) - और श्रृंगवेरपुर   की यात्रा कराएगी जाएगी.मिलती हैं ये सुविधाएं- इस ट्रेन में यात्रियों को स्लीपर क्लास के तहत यात्रा करायी जाएगी.यात्रा के दौरान रास्ते में यात्रियों को धर्मशाला, हॉल या मल्टी शेयरिंग बेसिस पर ठहराया जाएगा.यात्रियों को सुबह की चाय, कॉफी, दी जाएगी.इसके अलावा सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और डिनर दिया जाएगा. यात्रियों को हर दिन पीने के लिए एक लीटर की पानी की बोतल दी जाएगी. रास्ते में यात्रियों को नॉन एसी गाड़ियों से ले जाया जएगा.ट्रेन में सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है. ट्रेन में सुरक्षा कर्मी मौजूद रहेंगे.कितने दिन का होगा टूर पैकेज- वी के यादव का कहना हैं कि इस बार टूर पैकेज की अवधि को घटाया जा सकता है क्योंकि 14 दिन की छुट्टी मिलना बहुत मुश्किल होता है. इससे पहले नवंबर 2019 में इस टूर पैकेज के तहत कुल 14 दिन की यात्रा करायी गई थी.कितना होगा किराया-IRCTC के रामायाण यात्रा  स्पेशल टूर पैकेज के लिए यात्रियों को अभी तक 15,990 रुपये किराया देना होगा. इस टूर पैकेज की बुकिंग IRCTC की वेबसाइट, IRCTC के किसी टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर,जोनल या क्षेत्रीय कार्यालय से की जा सकती है. लेकिन मार्च के लिए अभी तक रामायाण यात्रा  स्पेशल टूर पैकेज के दाम तय नहीं हुए है. 

आज वेलेंटाइन डे है. इस दिन प्रेम करने वाले अपने का इज़हार करते हैं. वेलेंटाइन डे के दिन प्रेमी एक-दूसरे को गुलाब का फूल भेंट करते हैं. आम दिनों में 5 रुपये में बिकने वाले गुलाब, वेलेंटाइन डे के दिन 200 रुपये का हो जाता है. वेलेंटाइन डे और अन्य समारोहों में फूलों की मांग को देखते हुए यहां कमाई का मौका बना है. फूलों के व्‍यापार को शुरू करने के लिए न्‍यूनतम 15,000 से 20,000 रुपए की आवश्‍यकता होती है. आप चाहें तो यह व्‍यापार बड़े पैमाने पर भी कर सकते हैं. अगर आप फूलों को बेचने के लिए शोरुम खोलना चाहते हैं तो लागत 2 से 3 लाख रुपये तक जा सकती है. जिसके अंतर्गत आप फर्नीचर, इंटीरियर आदि के हल्‍के, फुल्‍के काम करा सकते हैं, हालांकि एक साधारण स्‍थान से यह व्‍यापार अधिकतम 20,000 रुपये तक में शुरू किया जा सकता है.
 इस व्‍यापार में लाभ बहुत ही जल्‍दी प्राप्‍त होता है. आप फूल मंडी से थोक के भाव में फूल खरीद कर उससे बुके, माला आदि बना कर बेचें, तो आप को दुगना-तिगुना लाभ होता है. यदि आप खुदरे फूल पर 1,000 रुपये खर्च करते हैं तो आपको उन फूलों से माला आदि बनाकर बेचने पर 2,500 से 3,000 रुपये तक का फायदा होता है. आपका व्‍यापार जितना अधिक चलेगा उतना अधिक मुनाफा आपको प्राप्‍त होगा.  

आप अपने फूलों का व्‍यापार मंदिर के बाहर के दुकानों, बुके स्‍टाल, डेकोरेटर आदि के साथ मिलकर कर सकते हैं. आप चाहें तो एक होल सेलर के रुप में इन दुकानों और डेकोरेटर को अपना फूल दे कर व्‍यापार कर सकते हैं. आप अपने फूल व्‍यापार को एक वेबसाइट बना कर प्रमोट कर सकते हैं. आप इस वेबसाइट में सब तरह के बुके, फूल, अलग-अलग तरह की मलाओं के डिजाइन अपडेट करके ग्राहकों का दिल जीत सकते हैं.

अगर किसी बैंक में आपका अकाउंट है और किन्हीं कारणों से वह बैंक डूब जाता है तो आपके 5 लाख रुपये जरूर सुरक्षित रहेंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ऐलान किया था कि बैंक में हर अकाउंट होल्डर्स की जमा रकम पर डिपॉजिट इंश्योरेंस  को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. अंतिम बार साल 1993 में डिपॉजिट इंश्योरेंस को बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया गया था. इसके बाद करीब 27 साल बाद एक बार फिर इसमें 5 गुणा अधिक का इजाफा किया गया है.

सभी बैंकों को दे दी गई है जानकारी - बजट भाषण में ऐलान के बाद डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ने सभी बैंकों को इस संबंध में जानकारी दे दी है. DICGC द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया है कि प्रति 100 रुपये पर प्रीमियम को 12 पैसे कर दिया गया है. यह 1 अप्रैल 2020 से शुरू होने वाली वित्त वर्ष की छमाही से लागू होगा. इस सालाना प्रीमियम को 10 पैसे से बढ़ाकर 12 पैसे कर दिया गया है. 

1 व्यक्ति के कितने अकाउंट पर मिलेगा डिपॉजिट इंश्योरेंस का लाभ?
5 लाख रुपये का डिपॉजिट इंश्योरेंस प्रति डिपॉजिटर प्रति बैंक के आधार पर लागू होगा. ऐसे में अगर एक ही बैंक के कई ब्रांच में किसी व्यक्ति के अकाउंट है तो इन ब्रांचेज (Bank Branches) में जमा कुल रकम का केवल 5 लाख रुपये ही सुरक्षित रह सकेगा. हालांकि, अगर किसी एक ही व्यक्ति का अकाउंट अलग-अलग बैंक में है तो ऐसी स्थिति में सभी बैंकों के अकाउंट का डिपॉजिट 5 लाख रुपये तक सुरक्षित होगा. 

 

किन अकाउंट्स पर मिलेगा यह लाभ - बैंक डिपॉजिट में डिपॉजिटर्स के सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट, रिकरिंग डिपॉजिट, फिक्स्ड डिपॉजिट आदि शामिल होगा. ध्यान देने वाली बात है कि 5 लाख रुपये का यह डिपॉजिट आपके द्वारा इन्वेस्ट किए गए प्रिंसिपल अमाउंट के साथ-साथ इस पर मिलने वाले ब्याज भी शामिल होगा.

ज्वाइंट अकांउट की स्थिति में क्या होता है? - किसी एक ज्वाइंट अकाउंट को एक ही ईकाई माना जाता है. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इस अकाउंट में कितने लोगों का नाम है. इस एक अकाउंट में 5 लाख रुपये का ही डिपॉजिट इंश्योरेंस बनता है. जानकारों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति ने एक ही अन्य व्यक्ति के साथ 1 से अधिक ज्वाइंट अकाउंट खोल रखा है तो ऐसी परिस्थिति में सभी अकाउंट को मिलाकर केवल 5 लाख रुपये का ही डिपॉजिट सुरक्षित होगा.

 

कई बैंकों का पैसा लेकर लंदन भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या गुरुवार को ब्रिटिश हाईकोर्ट में रो पड़ा. माल्या ने कोर्ट में हाथ जोड़कर कहा कि भारतीय बैंक तुरंत पैसे वापस ले ले. रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस के बाहर माल्या ने कहा, 'मैं मूल रकम का 100 फीसदी वापस करने को तैयार हूं. सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय मेरे साथ जो कर रहे हैं, वह किसी भी तरह से ठीक नहीं है.' 64 साल के विजय माल्या पर भारत के बैंकों के 9 हजार करोड़ की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के हाथ में है.माल्या ने कहा, 'बैंकों की इस शिकायत पर कि मैं भुगतान नहीं कर रहा हूं, ईडी ने मेरी संपत्तियां जब्त कर लीं. मैंने पीएमएलए (मनी लान्ड्रिंग निरोधक कानून) के तहत कोई अपराध नहीं किया है कि ईडी मेरी संपत्तियां अपने आप जब्त कर ले.'

वकील बोले- गलत जानकारी दी - भारत सरकार की ओर से पेश क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीए) ने माल्या के वकील के उस दावे को गलत ठहराया, जिसमें माल्या के खिलाफ भारत में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के चार्जेस को अनुचित बताया गया था. सुनवाई में प्रॉसिक्यूशन की ओर से माल्या के खिलाफ सुबूत पेश किए गए और बताया गया कि वह बैंकों से कर्ज के रूप में लिए 9 हजार करोड़ रुपये चुकाने से बचने के लिए ब्रिटेन आया है.  

प्रॉसिक्यूशन ने ये भी कहा कि माल्या के खिलाफ 32 हजार पेज के सबूत पेश किए जा चुके हैं. भारत में बैंकों ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रखा है, जिसमें पेशी के लिए भारतीय एजेंसियों (CBI-ED) को माल्या की जरूरत है.

 केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने  प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया हैं, कि कोरोना वायरस से डरने की जरुरत नहीं है. साथ ही उन्होंने बताया कि देश में दवाओं की कोई कमी नहीं है. भारत, दवाओं के लिए चीन पर निर्भर नहीं है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देश में 21 हवाई अड्डों पर यात्रियों की अनिवार्य स्क्रीनिंग प्रक्रिया के तहत अब तक 2315 उड़ानों से आये 2,51,447 यात्रियों की अब तक जांच की गयी. हवाईअड्डों के अलावा चीन से संपर्क वाले 77 छोटे बड़े बंदरगाहों पर भी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना वायरस के सेंपल टेस्ट के लिए देश भर में कार्यरत 15 प्रयोगशालाओं में अब तक 1756 सैंपल परीक्षण किये गये. इनमें सिर्फ तीन सैंपल में कोरोना वायरस की पुष्टि हुयी है और 26 सेंपल की रिपोर्ट अभी आना बाकी है.

भारत के दवा का पर्याप्त भंडार- भारत में दवाओं के लिये कच्चे माल की चीन से आपूर्ति, कोरोना वायरस के कारण प्रभावित होने के कारण देश में दवाओं की कमी के सवाल पर डा. हर्षवर्धन ने कहा कि मंत्री समूह की बैठक में इस विषय पर चर्चा हुयी. उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख लाल मांडविया ने आश्वस्त किया है कि देश में तीन महीने का दवाओं का पर्याप्त भंडार सुरक्षित है.
उन्होंने कहा, अगले कुछ महीनों में चीन में हालात सामान्य नहीं होने पर भी भारत में दवाओं की आपूर्ति के लिये चिंता की कोई बात नहीं है. सरकार ने स्थिति से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुये पर्याप्त वैकल्पिक इंतजाम कर लिये हैं.  

हर्षवर्धन ने सरकार को अन्य देशों से प्राप्त जानकारी के हवाले से बताया कि चीन सहित 28 देशों में कोरोना वायरस की पहुंच हो गयी है. चीन में अब तक 48,206 लोगों में संक्रमण पाये जाने और 1310 की मौत हो गयी है.चीन से बाहर 27 देशों में कुल 570 मामलों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुयी और दो लोगों की मौत हुयी है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों के समूह की दूसरी बैठक के बाद डा. हर्षवर्धन ने बताया कि पूरे देश में कुल 15991 लोग निगरानी के दायरे में हैं. इनमें से 497 लागों में जुकाम और बुखार के लक्षण पाये जाने पर इन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया करायी गयी, जबकि 41 लोगों में संक्रमण के शुरुआती लक्षण पाये जाने पर पृथक चिकित्सा निगरानी केन्द्र (आईसोलेशन सेंटर) में रखा गया है. 

 

 

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक छोटे कारोबारी की समस्या को समझते हुए तुरंत एक्शन लिया. दरअसल  एक छोटे कारोबारी संजय पटेल  ने बैंक से परेशान होकर वित्त मंत्री को ट्विटर पर टैग करते हुए मदद मांगी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लिखा था कि कारोबार को मुश्किल हालात से उबारने के लिए हमने अपनी निजी प्रॉपर्टी तक बेच दी. हमारी मदद कीजिए. हमारी फैक्ट्री की काफी वैल्यू है. इस पर वित्त मंत्री  ने बिजनेसमैन को हुई परेशानी के लिए माफी मांगते हुए तुरंत मदद का भरोसा दिया. आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में नए बिजनेसमैन के लिए इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस सेल बनाने का ऐलान किया है. ये एक पोर्टल से काम करेगा. साथ ही, पीपीपी मॉडल 5 नए स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव है. इसके जरिए उद्योग को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा मोबाइल, इलेक्ट्रानिक उपकरणों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए नई स्कीम आएगी.

क्या है मामला- एक बिजनेसमैन संजय पटेल ने गुरुवार (13 फरवरी) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा हैं कि सरकारी बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया उनके घर के कागजात नहीं दे रहा है, जबकि वह चार महीने पहले ही लोन का पेमेंट कर चुके हैं.

श के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच को बंद करने और कर्मचारियों की छंटनी को लेकर सरकार ने सफाई देते हुए कहा हैं कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है. संसद के बजट सत्र के दौरान वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, कि न ही SBI की ब्रांच को ई-कॉर्नर्स से बदलने का कोई प्लान है और न ही बैंक के कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी. आपको बता दें कि लोकसभा में इस मामले को लेकर सवाल पूछा गया था कि, क्या सरकार देश में SBI ब्रांच बंद करके उन्हें ई-कॉर्नर्स से बदलने की योजना बना रही है. साथ ही क्या सरकार ने मार्च 2021 तक 16 लाख SBI कर्मचारियों की छंटनी का प्रस्ताव रखा है.

सरकार ने संसद में दी इसकी पूरी जानकारी- वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने लिखित जवाब में बताया हैं कि, SBI की ओर दी गई जानकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में SBI के देशभर में कुल 2.5 लाख कर्मचारी है. मार्च 2021 तक इनकी संख्या में कटौती करने की कोई योजना नहीं है और सरकार ने  SBI की शाखाएं बंद करने और इन्हें ई-कॉर्नर्स से रिप्लेस करने की भी कोई योजना नहीं बनाई है.

भारतीय रेलवे अब भगवान राम से जुड़े स्थानों को कवर करने के लिए विशेष टूरिस्ट ट्रेन को फिर से शुरू करने जा रहा है. इसे ‘रामायण सर्किट ऑफ इंडिया’ कहा जाता है. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी के यादव का कहना हैं कि अब रामायण सर्किट को भी IRCTC ही चलाएगी. इसे होली के बाद मार्च महीने में चलाने की योजना है. इस ट्रेन की खासियत इसकी रामायण थीम है यानी अंदर भी रामायण की कलाकृति होंगी. वीके यादव ने बताया कि बोर्ड इसे मंजूरी दे दी है. भारतीय रेलवे ने पिछले साल नवंबर में भी रामायण सर्किट चलाई थी. इससे पहले साल 2018 में चार विशेष पर्यटक ट्रेनें चलाईं थीं. ये ट्रेन 14 दिसंबर, 2018 को दिल्ली से संचालित हुई थी. भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा नवंबर में इस सर्किट पर रामायण यात्रा और रामायण एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाएंगी. ये पैकेज IRCTC की भारत दर्शन योजना का हिस्सा हैं. ट्रेन की यात्रा विभिन्न तीर्थस्थलों को कवर करेगी, जो भगवान राम से जुड़े हैं.

बीते 3 दिन से कच्चे तेल के दाम में तेजी का रुख बना हुआ है

गुरुवार को 56 डॉलर से ऊपर पहुंच गई कच्‍चे तेल की कीमत

बीते कुछ दिनों से चीन में कोरोना वायरस के कहर की वजह से कच्‍चे तेल के भाव कम हुए हैं. इसका फायदा ये हुआ कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत में लगातार कटौती हुई है. हालांकि, अब आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर राहत मिलने की संभावना बेहद कम है.

दरअसल,  तेल उत्पादक देशों का समूह ओपेक और इसके सहयोगी रूस तेल के उत्पादन में अतिरिक्त कटौती करने जा रहे हैं. यही वजह है कि बीते 3 दिन से कच्चे तेल के दाम में तेजी का रुख बना हुआ है.

इन तीन दिनों में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव करीब तीन डॉलर प्रति बैरल बढ़ गया है. ब्रेंट क्रूड का अप्रैल डिलीवरी अनुबंध 10 फरवरी को 53.27 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था जोकि गुरुवार को 56 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया.

 

इस वित्त वर्ष के पहले नौ महीने में गिरा चावल निर्यात

बासमती चावल के निर्यात में करीब 3% की गिरावट

गैर-बासमती चावल के निर्यात में 36.5 फीसदी की गिरावट

ईरान से भुगतान की समस्या के कारण भारत के बासमती चावल निर्यात पर इस साल असर पड़ा है. भारत का बासमती चावल निर्यात चालू वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीने में पिछले साल के मुकाबले तकरीबन तीन फीसदी घट गया है. वहीं, गैर-बासमती चावल के निर्यात में 36.5 फीसदी की गिरावट आई है.  

क्यों घटा निर्यात - ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध की वजह से वहां भारत का बासमती निर्यात प्रभावित हुआ. ईरान बासमती चावल का प्रमुख आयातक था. गैर-बासमती चावल का निर्यात घटने की वजह के संबंध में कारोबारी बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारत का गैर-बासमती चावल अन्य देशों के चावल के मुकाबले महंगा है, जिसके कारण इसकी मांग कम है.  हालांकि यह बात बासमती चावल पर लागू नहीं होती है, क्योंकि बासमती चावल का भारत का अपना एक बाजार है, जहां इसकी स्पर्धा किसी अन्य देशों से नहीं है. 

केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2019-20 के शुरुआती नौ महीने यानी अप्रैल से लेकर दिसंबर तक भारत ने करीब 297.75 करोड़ डॉलर मूल्य का बासमती चावल निर्यात किया, जोकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अविध के करीब 306.51 करोड़ डॉलर के मुकाबले 2.86 फीसदी कम है.  

बुलंदशहर के असदपुर घेड़ गांव निवासी चंद्रमणि आर्य पिछले छह माह से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम का लाभ पाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों की लालफीताशाही से लड़ रहे हैं. वह तीन बार अपने जिले के कृषि उप निदेशक, दो बार तहसीलदार, समाज कल्याण अधिकारी, तहसील दिवस में एसडीएम और लेखपाल के सामने अपनी बात रख चुके हैं. किसान पोर्टल पर शिकायत एक मैसेज आया लेकिन समाधान नहीं हुआ. आर्य ऐसे अकेले किसान नहीं हैं जिन्हें आधार, बैंक खाता नंबर और राजस्व रिकॉर्ड के बावजूद पैसा नहीं मिल रहा. देश में ऐसे लगभग 1.16 करोड़ किसान हैं. यानी इतने किसान अभी 6000 रुपये सालाना सहायता से वंचित हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने बजट दिया हुआ है, लेकिन अधिकारी किसानों को सरकारी तंत्र में फंसाए हुए हैं. हमने जब बुलंदशहर के कृषि उप निदेशक आरपी चौधरी से बात की तो उन्होंने कहा, “हमारे जिले में ही करीब सवा लाख किसानों को पैसा नहीं मिल रहा है. उनके कागजात का वेरीफिकेशन होना है. चौधरी के इस बयान के बाद हमने राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे किसानों का आंकड़ा निकाला जिनका रजिस्ट्रेशन है लेकिन लाभ नहीं मिला. कृषि मंत्रालय की ओर से लोकसभा में पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना के तहत 6 फरवरी तक रजिस्टर्ड कुल किसानों और लाभार्थियों की संख्या के बीच 1.16 करोड़ से अधिक का अंतर है.  

रिपोर्ट में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि योजना का पैसा लाभार्थियों के खातों में तब ट्रांसफर किया जाता है जब उनका सत्यापित डेटा पीएम किसान वेब पोर्टल पर संबंधित राज्यों द्वारा अपलोड किया जाता है. भुगतान से पहले कई स्तर का वेरीफिकेशन होता है. इसलिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना ही लाभ पाना तय नहीं करता. मंत्रालय राज्यों से किसान की भूमि जोत, गांव, बैंक डिटेल और आधार कार्ड नंबर आदि हासिल करता है. अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो उसे सुधारा जाना जरूरी है.

आखिर वेरीफिकेशन की याद दिसंबर 2019 में ही क्यों आई? 
सवाल ये भी उठता है कि तमाम कृषि प्रधान राज्यों और आम चुनाव के दौरान बिना वेरीफिकेशन किसानों के अकाउंट में पैसा क्यों भेजा गया? लाभार्थियों के डेटा का वेरीफिकशन दिसंबर 2019 से ही क्यों अनिवार्य किया गया, जबकि योजना दिसंबर 2018 से चल रही है. जानकारों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि तुरंत पैसा न मिलने पर किसानों के वोट का नुकसान हो सकता था. 

 

देश में ट्रेन से सफर करने के लिए टिकट बुकिंग का सबसे आसान तरीका IRCTC की वेबसाइट और ऐप है. आईआरसीटीसी यानी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड इसके लिए कुछ शुल्क भी लेती हैं. लेकिन आपको बता दें कि अक्टूबर-नवंबर और दिसंबर महीने में इंटरनेट टिकट बुकिंग के जरिए IRCTC की आमदनी तीन गुना बढ़कर 227 करोड़ रुपये हो गई हैं. वहीं, इस दौरान IRCTC ने पानी यानी रेल नीर को बेचकर कुल 58.6 करोड़ रुपये की आय हासिल की हैं. ये 42 फीसदी बढ़ी हैं.

जानिए IRCTC की आमदनी के बारे में...
IRCTC ने गुरुवार को अपने तिमाही नतीजों का ऐलान किया. अक्टूबर-नवंबर और दिसंबर में कंपनी की आमदनी 435 करोड़ रुपये से बढ़कर 716 करोड़ रुपये हो गई हैं. वहीं, मुनाफा 73.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 206 करोड़ रुपये हो गया है यानी मुनाफे में 180 फीसदी का उछाल आया हैं.  कंपनी ने अपने निवेशकों को खुश करने के लिए 10 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने का भी ऐलान किया हैं.  

केटरिंग यानी ट्रेन में खाना बेचने से IRCTC को दिसंबर तिमाही में 269 करोड़ रुपये की आय हुई है. यह 8.23 फीसदी बढ़ी हैं. इससे पहले वित्त वर्ष यानी साल 2018 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही से आमदनी 249 करोड़ रुपये रही थी. टूरिज्म पैकेज बेचकर IRCTC ने दिसंबर तिमाही में 95 करोड़ रुपये की कमाई की हैं. इसमें 15 फीसदी की ग्रोथ आई है. इससे पहले वित्त वर्ष यानी साल 2018 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही से आमदनी 82.75 करोड़ रुपये रही थी.आपको बता दें कि IRCTC देश की पहली दो प्राइवेट ट्रेन लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस और अहमदाबाद-मुंबई तेजस एक्सप्रेस  का संचालन कर रही है. अब इंदौर-वाराणसी रूट पर IRCTC तीसरी प्राइवेट ट्रेन चलाएगी. काशी महाकाल एक्सप्रेस चलने को तैयार है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से हरी झंडी दिखा सकते हैं. ये ट्रेन वाराणसी में बाबा विश्वनाथ, उज्जैन में महाकालेश्वर और इंदौर में ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के श्रद्धालुओं को दर्शन कराएगी. 

अगर आप भी अपने जन्मदिन को बेहद खास बनाना चाहते हैं तो आप मेट्रो के एक कोच को बुक कर ऐसा कर सकते हैं. इसके लिए आपको हर घंटे के हिसाब से पेमेंट करना होगा. इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक,बुकिंग कंफर्म होने के बाद प्रति घंटे 5 से 10 हजार रुपये तक की रकम जमा करानी होगी. इसके अलावा बुकिंग कराने वाले को सिक्योरिटी मनी के तौर पर 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी जमा करानी होगी, जो कि बाद में वापस हो जाएगी. मेट्रो में मनाएं बर्थडे पार्टी और कराएं प्री-वेडिंग सूट -एक्वा लाइन पर नोएडा-ग्रेनो मेट्रो के कोच में बर्थडे पार्टी करने का मौका अब आपको मिल जाएगा. चलती या फिर खड़ी हुई मेट्रो में इसकी अनुमति दी जाएगी. इसके लिए आपको 10 हजार रुपये तक चुकाने होंगे. 

नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड  ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी हैं. मेट्रो के कोच में जन्मदिन, प्री-वेडिंग या फिर कोई भी अन्य पार्टी करने का मौका मिलेगा. हालांकि इसके लिए एनएमआरसी की कुछ शर्तों का पालन करना होगा. अगर आयोजन मेट्रो की रोजाना की टाइमिंग में होनी है या फिर रात के 11 बजे से दो बजे तक होनी है इसका विकल्प चुनने का भी मौका मिलेगा. एक कोच में अधिकतम 50 लोग रह सकते हैं.नियम और शर्तों के बारे में जानिए- नोएडा के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से डिपो स्टेशन तक राउंड ट्रिप, बिना सजावट के रेगुलर रनिंग मेट्रो कोच-8 हजार रुपये प्रति घंटा प्रति कोच फीस होगी. वहीं, नोएडा सेक्टर-51 और डिपो मेट्रो स्टेशन पर खड़ी बिना सजावट की मेट्रो कोच-5 हजार रुपये प्रति प्रति घंटा प्रति कोच फीस होगी.जयपुर मेट्रो में पहले से मिल रही हैं बर्थडे पार्टी मनाने की ये सर्विस 

नोएडा सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से डिपो स्टेशन तक राउंड ट्रिप, सजावट के साथ रेगुलर रनिंग मेट्रो कोच-10 हजार रुपये प्रति घंटा प्रति कोच फीस होगी. नोएडा सेक्टर-51 और डिपो मेट्रो स्टेशन पर खड़ी सजावट की हुई मेट्रो कोच-7 हजार रुपये प्रति प्रति घंटा प्रति कोच फीस तय की गई हैं.

दुनिया के सबसे अमीर और अमेजन के फाउंडर-सीईओ जेफ बेजोस  ने अमेरिका के लॉस एंजिल्स में 16.5 करोड़ डॉलर (करीब 1200 करोड़ रुपये से अधिक) का आलीशान घर खरीदा है.अमेरिकी अखबार वॉलस्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक, बेजोस ने वार्नर एस्टेट को मीडिया कारोबारी डेविड गेफेन से खरीदा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह खरीद लॉस एंजिल्स में किसी रिहायशी संपत्ति का अब तक का सबसे महंगा सौदा है. इससे पहले 2019 में लाशन मर्डोक ने बेल-एयर एस्टेट को खरीदने के लिए करीब 15 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था. आपको बता दें कि अमेरिका की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस की संपत्ति 13 फरवरी को 131.3 अरब डॉलर आंकी गई है. वह मौजूदा समय में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं.

क्या है खास-यह घर नौ एकड़ में फैला है. फोर्ब्स मैगजीन की एक रिपोर्ट में बताया गया हैं कि आर्किटेक्चरल डाइजेस्ट की 1992 की एक स्टोरी में वार्नर एस्टेट का जिक्र हैं. इसके मुताबिक, 13600 वर्ग फीट का जॉर्जियन स्टाइल में यह मेंशन बना है. इसमें एक्सपेंसिव टेरेस और गार्डन हैं. इसके अलावा वॉर्नर एस्टेट में दो गेस्ट हाउस, नर्सरी और तीन हैटहाउस, टेनिस कोर्ट, स्विमिंग पूल, 9 होल गोल्फ कोर्स, मोटर कोर्ट, सर्विस गैराज और गैस पंप हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह  लॉस एंजिल्स में प्रॉपर्टी का नया रिकॉर्ड है. आपको बता दें कि इस आलीशान घर का नाम ‘वार्नर एस्टेट’ है. इससे पहले वार्नर ब्रदर्स के पूर्व अध्यक्ष जैक वार्नर ने 1930 में बनवाया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में आज कीटनाशकों की कीमतों से जुड़े एक कानून पर फैसला हो सकता हैं. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक Pesticide Management Bill 2020 को मंजूरी मिल सकती है. इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी. अब कंपनियां किसानों से कीटनाशकों की मनमानी कीमत नहीं वसूल पाएंगी. ऐसा करने पर 5 साल तक जेल की हवा खानी पड़ सकती है. इसके लिए सरकार नया बिल लाने जा रही है. सरकार चाहती है कि कृषि रसायनों की कीमतें सस्ती रहें और ये किसानों को आसानी से उपलब्ध भी हो सकें. कैबिनेट की बैठक में Major Port Authority Bill 2020 को भी मंजूरी मिल सकती हैं. इससे 11 पोर्ट ट्रस्ट अथॉरिटी में बदल जाएंगे. ये अथॉरिटी अपनी मर्जी से टैरिफ फिक्स कर सकेंगी. कैबिनेट से बिल को मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में पास कराया जाएगा. किसानों को मिलेगी बड़ी राहत- सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार एक प्राधिकरण का गठन करेगी जो अधिसूचित कीटनाशकों को बेचने के लिए कीमत तय करेगा. मौजूदा समय में कीमतों को रेगुलेट करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. इसके चलते कई कंपनियां किसानों से मनमानी कीमत वसूलती रही हैं.  

 (1) इसके लिए, संसद में लंबे समय से लंबित पड़े कीटनाशक प्रबंधन विधेयक को पारित कराने की संभावना है. नया बिल कीटनाशक अधिनियम, 1968 की जगह लेगा. इस अधिनियम के कई कानून काफी पुराने होने से कीटनाशक बनाने वाली कंपनियां नियमों का उल्लंघन करने के बाद भी बच जाती हैं.

(2) इसके अलावा, एक केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड बनाया जाएगा. यह किसानों के हितों का ध्यान रखेगा. इसमें किसानों को भी शामिल किया जाएगा.(3) बाजार में नया कीटनाशक उतारने से पहले इस बोर्ड की अनुमति लेनी पड़ सकती है. कई बार खराब बेसअर कीटनाशक के चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. नया कानून अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप होगा.

(4) अगर कीटनाशक बनाने वाली कंपनियां नियमों का उल्लंघन करेंगी तो उन्हें 25 हजार से लेकर 50 लाख तक का जुर्माना भरना पड़ेगा.

(5) मौजूदा नियमों के तहत फिलहाल 500-75,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है. इस तरह सरकार जुर्माने की रकम करीब 70 गुना ज्यादा करने की तैयारी में है. नए बिल में पांच साल तक की कैद का भी प्रस्ताव है. मौजूदा कानून में अधिकतम 2 वर्ष तक की सजा संभव है.

(6) मौजूदा कानून में, कीटनाशकों के केवल विनिर्माण, बिक्री, आयात, परिवहन उपयोग और वितरण को कवर किया गया है. प्रस्तावित कानून में, निर्यात, पैकेजिंग, लेबलिंग, मूल्य निर्धारण, भंडारण, विज्ञापनों को भी रेगुलेट किया जाएगा. सरकार लंबे समय से कीटनाशक अधिनियम, 1968 को बदलने की योजना बना रही है.

D-Mart के फाउंडर राधाकिशन दमानी रिटेल बिजनेस के किंग माने जाते हैं. लेकिन उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शेयर बाजार में निवेशक के तौर पर की थी.  लेकिन एक आइडिया ने उनकी किस्मत बदल दी और महज 24 घंटे में उनकी संपत्ति 100 फीसदी बढ़ गई. आपको बता दें कि D-Mart को चलाने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स का मार्केट कैप सोमवार को 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. सुपरमार्केट 'डीमार्ट' का मालिकाना हक एवेन्यू सुपरमार्ट्स के पास है. इस तरह अब यह कंपनी देश की 18वीं सबसे वैल्यूएबल  कंपनी बन गई है. इसका मार्केटकैप नेस्ले और बजाज फिनसर्व से ज्यादा हो गया है.

साल 1980 में राधाकिशन दमानी ने शेयर बाजार में एक निवेशक के तौर पर अपनी करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने साल 2017 में D-Mart का IPO लाने का ऐलान किया. 20 मार्च 2017 तक  राधाकिशन दमानी सिर्फ एक रिटेल कंपनी के मालिक थे, लेकिन 21 मार्च की सुबह जैसे ही उनकी कंपनी के शेयर की ट्रेडिंग BSE में शुरू हुई, वैसे ही उनकी संपत्ति 100 फीसदी तक बढ़ गई.

फिच सॉल्यूशंस ने कहा कि भारत की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रणाली की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारत में वायरस का संक्रमण फैलने की रफ्तार चीन की तुलना में अधिक होगी और घरेलू वाहन उद्योग पर अधिक व्यापक असर देखने को मिलेगा.

फिच सॉल्यूशंस ने चीन में कोरोना वायरस  के फैले संक्रमण के कारण 2020 में घरेलू वाहन विनिर्माण 8.3 फीसदी सिकुड़ जाने का अनुमान व्यक्त किया है. चीन में इस वायरस का संक्रमण के फैलने के कारण वाहनों के कल-पुर्जे बनाने वाली कंपनियों ने उत्पादन रोक दिया है. फिच ने कहा कि यदि भारत में भी वायरस का संक्रमण फैला तो यहां भी इस तरह की नीतियां अपनायी जा सकती हैं. उसने कहा कि भारत की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रणाली की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारत में वायरस का संक्रमण फैलने की रफ्तार चीन की तुलना में अधिक होगी और घरेलू वाहन उद्योग पर अधिक व्यापक असर देखने को मिलेगा.

वर्ष 2019 में 13.2 फीसदी रही थी गिरावट - फिच ने कहा कि चीन भारतीय वाहन उद्योग के लिये कल-पुर्जों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है. ऐसे में चीन में तैयार कल-पुर्जों की कमी होने से भारतीय वाहन उद्योग को उत्पादन की गति कम करने या बंद करने को बाध्य होना पड़ सकता है. उन्होंने कहा, इन कारणों से हम 2020 में घरेलू वाहन विनिर्माण में 8.3 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान करते हैं. वर्ष 2019 में इसमें 13.2 प्रतिशत की गिरावट रही थी. फिच ने कहा, चीन भारत के वाहन कल-पुर्जा जरूरत की 10 से 30 फीसदी की पूर्ति करता है. यदि भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की बातें करें तो यह दो या तीन गुना अधिक हो जाता है. इससे पता चलता है कि भारतीय वाहन उद्योग किस तरह से चीन के कल-पुर्जों पर निर्भर है. 

सरकार ने अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी वाली कंपनी निलांचल इस्पात निगम लिमिटेड को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी हैं. निलांचल इस्पात निगम लिमिटेड में MMTC की 49.08 फीसदी हिस्सेदारी है. निलांचल इस्पात निगम लिमिटेड में NMDC की 10.10 फीसदी हिस्सेदारी है.

सरकारी कंपनी निलांचल इस्पात निगम लिमिटेड  में हिस्सेदारी बेचने के लिए 17 फरवरी को सलाहकार की नियुक्ति होगी. इस बिक्री के लिए सलाहकार, लीगल एडवाइजर और एसेट वैल्यूअर नियुक्त होगी. SBI Capital Markets, Deloitte, ICICI Securities और IDBI Capital Market & Securities ने सलाहकार के आवेदन किए हैं. वहीं, मर्चेंट बैंकर के लिए Adroit Technical Services और LSI Financial Services ने आवेदन दिए हैं. लीगल एडवाइजर के लिए Link Legal India Law Services, Trilegal और L & L Partners ने आवेदन दिए है.
आपको बता दें कि कैबिनेट ने निलांचल इस्पात निगम लिमिटेड को बेचने की मंजूरी दी है. निलांचल इस्पात में सरकार अपनी पूरी 100 हिस्सेदारी बेचेगी. इस कंपनी का खास बात ये है कि निलांचल इस्पात में MMTC की हिस्सेदारी 49.08 फीसदी, NMDC की हिस्सेदारी 10.10 फीसदी, मेकॉन और BHEL की हिस्सेदारी 0.68 फीसदी है. 2018-19 में इस कंपनी का ग्रोथ 126 फीसदी रही है. इसकी उत्पादन क्षमता 1.1 मिलियन टन है.  

एक्सपर्ट्स का कहना हैं कि कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद रणनीतिक खरीदार का चयन दो चरणों वाली नीलामी प्रक्रिया से होता हैं. रणनीतिक विनिवेश के तहत सरकार किसी कंपनी में अपनी बहुमत हिस्सेदारी बेचती है. इसके बाद कंपनी का प्रबंधन भी सरकार खरीदार का सौंप देती है. इसका सीधा मतलब यह माना जा सकता है कि सरकारी कंपनी रणनीतिक विनिवेश के बाद एक निजी कंपनी हो जाती है.  नीलांचल इस्पात के वेबसाइट के मुताबिक कंपनी 2004-05 के बाद से देश में पिग आयरन की सबसे बड़ी निर्यात है. कंपनी के पास 11 लाख टन के एकीकृत लोहा और इस्पात संयंत्र हैं. कंपनी के पास अपनी जरूरत की पूर्ति के लिए अपना अलग बिजली संयंत्र है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Union Cabinet Decision) में  कीटनाशकों की कीमतों से जुड़े बिल (Pesticide Management Bill 2020) को मंजूरी मिल गई है. इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी. अब कंपनियां किसानों को कीटनाशक मनमानी कीमत पर नहीं बेच पाएंगी. मौजूदा कानून में, कीटनाशकों के केवल विनिर्माण, बिक्री, आयात, परिवहन उपयोग और वितरण को कवर किया गया है. प्रस्तावित कानून में, निर्यात, पैकेजिंग, लेबलिंग, मूल्य निर्धारण, भंडारण, विज्ञापनों को भी रेगुलेट किया जाएगा. सरकार लंबे समय से कीटनाशक अधिनियम, 1968 को बदलने की योजना बना रही है. इसके पीछे सरकार का मकसद कृषि रसायनों की कीमतें सस्ती करना और आसानी से किसानों को उपलब्ध कराना है.आपको बता दें कि कैबिनेट ने Major Port Authority Bill 2020 को भी मंजूरी दे दी हैं. इससे 11 पोर्ट ट्रस्ट अथॉरिटी में बदल जाएंगे. ये अथॉरिटी अपनी मर्जी से टैरिफ फिक्स कर सकेंगी. कैबिनेट से बिल को मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में पास कराया जाएगा.

किसानों को क्या होगा फायदा- कैबिनेट की बैठक के बाद अब Pesticide Management Bill 2020 को संसद से पास कराया जाएगा. केंद्र सरकार एक अथॉरिटी का गठन करेगी जो अधिसूचित कीटनाशकों को बेचने के लिए कीमत तय करेगा. मौजूदा समय में कीमतों को रेगुलेट करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. इसके चलते कई कंपनियां किसानों से मनमानी कीमत वसूलती रही हैं. आपको बता दें कि नया बिल कीटनाशक अधिनियम, 1968 की जगह लेगा. इस अधिनियम के कई कानून काफी पुराने होने से कीटनाशक बनाने वाली कंपनियां नियमों का उल्लंघन करने के बाद भी बच जाती हैं.

इण्डेन गैस ग्राहकों को एक ही इटके में बड़ी चपत। इंडियन ऑइल ने रसोई गैस सिलिंडर के दाम में करीब 150 रुपये का इजाफा कर दिया है। सभी महानगरों में बिना सब्सिडी वाले 14 किलो के रसोई गैस सिलिंडर के दाम में 144.50 रुपये से 149 रुपये तक की बढोतरी कर दी गई है, जो आज से लागू है।दिल्ली में अब 14 किलो का गैस सिलिंडर 858.50 रुपये में मिलेगा। यहां 144.50 रुपये दाम बढ़ाए गए हैं। वहीं, कोलकाता के ग्राहकों को 149 रुपये ज्यादा चुकाकर 896.00 रुपये के दाम पर सिलिंडर मिलेगा। मुंबई में 145 रुपये की बढ़ोतरी के साथ नया दाम 829.50 रुपये हो गया है और चेन्नै में इसके ने दाम 147 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 881 रुपये कर दिए गए हैं।

इससे पहले 1 जनवरी 2020 को रसोई गैस के दाम बढ़ाए गए थे। हर महीने सब्सिडी और मार्केट रेट में बदलाव होता है, लेकिन फरवरी की शुरुआत में कोई बदलाव नहीं किया गया था। 1 फरवरी को पेश हुए बजट से पहले कामर्शल गैस सिलेंडर के दाम में 224.98 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। कमर्शल सिलिंडर 1550.02 रुपये के दाम पर मिल रहा है। वहीं, घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया था। यानी में घरेलू रसोई गैस सिलिंडर (14.2 किलो) 749 रुपये का ही मिल रहा था। उधर, पिछले महीने तक सब्सिडी वाली कुकिंग गैस के दाम पिछले छह महीने में 13 पर्सेंट यानी 62 रुपये प्रति सिलिंडर बढ़े। सरकार के फ्यूल सब्सिडी में कटौती करने के बाद ऑयल कंपनियों ने कीमतों को प्रकाशित करना बंद कर दिया है। इस कारण LPG की महंगाई पर अब तक गौर नहीं किया गया था। बता दें कि रसोई गैस के कुल 27.6 करोड़ के करीब उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब दो करोड़ को सब्सिडी नहीं मिलती है।

 

फोर्ड-महिंद्रा 1925 करोड़ रुपये के निवेश से ज्‍वाइंट वेंचर बनाएंगी

महिंद्रा का मुनाफा तीसरी तिमाही में 73% घटकर 380 करोड़ रहा

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अमेरिकी ग्रुप फोर्ड मोटर और भारत की ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के बीच की डील को मंजूरी दे दी है.

दरअसल, दोनों कंपनियां 1925 करोड़ रुपये के निवेश से ज्‍वाइंट वेंचर बनाएंगी. यह ज्‍वाइंट वेंचर अमेरिकी ऑटो कंपनी के उत्पादों को भारत में विकसित करेगी और उसकी मार्केटिंग और वितरण करेगी. ज्‍वाइंट वेंचर में महिंद्रा एंड महिंद्रा की 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि शेष हिस्सेदारी फोर्ड की होगी. प्रतिस्पर्धा आयोग ने ट्वीट कर बताया कि उसने एमएंडएम और फोर्ड मोटर के बीच संयुक्त उद्यम के गठन को मंजूरी दे दी है.

इस दौरान कंपनी की आय 12,120 करोड़ रुपये रही. इससे पिछले वित्त की इसी अवधि में कंपनी की आय 12,893 करोड़ रुपये थी. तीसरी तिमाही में कंपनी की वाहन बिक्री 1,23,353 इकाई रही यह इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की 1,33,508 इकाई से आठ फीसदी कम है. समीक्षावधि में कंपनी के ट्रैक्टर की बिक्री छह फीसदी घटकर 81,435 इकाई रही. वहीं कंपनी का निर्यात 22 फीसदी घटकर 9,633 वाहन रहा. 

Ola के प्लेटफॉर्म पर 25,000 से ज्यादा चालक रजिस्‍टर्ड हैं

अगस्‍त 2019 में ब्रिटेन के कार्डिफ में ओला की हुई थी एंट्री

भारत में ऐप के जरिए कैब सर्विस प्रोवाइड कराने वाली प्राइवेट कंपनी ओला ने नया मुकाम हासिल किया है. दरअसल, ओला ने ब्रिटेन की राजधानी लंदन में अपनी कैब सर्विस शुरू की है. इसके तहत ओला ने कंफर्ट, कंफर्ट एक्सएल और एक्जीक्यूटिव राइड श्रेणियों में सेवाएं शुरू की हैं. वहीं कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 25,000 से ज्यादा चालक रजिस्‍टर्ड हैं. कंपनी को उम्मीद है कि लंदन की शुरुआत से वैश्विक विस्‍तार होगा. ओला के सह - संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भवीश अग्रवाल ने कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में बताया, " लंदन वास्तव में कैब सर्विस इंडस्‍ट्री में वैश्विक ताकत और शीर्ष कंपनी बनने की हमारी यात्रा की शुरुआत है. बहुत कम भारतीय ब्रांड हैं जो इस पैमाने पर और महत्वाकांक्षा के साथ वैश्विक बाजार में आते हैं. हमारी यात्रा और सफलता एक कीर्तिमान स्थापित करेगी."

अगले 3 महीने काफी अहम - भवीश अग्रवाल ने कहा कि अगले तीन महीने परिचालन के लिहाज से काफी अहम हैं. अग्रवाल ने कहा कि कंपनी तीन चीजों चालक, सुरक्षा और स्थानीय अधिकारियों एवं नियामकों के साथ सहयोग का रुख रखने पर ध्यान देगी. ओला इंटरनेशनल के प्रमुख सिमॉन स्मिथ ने कहा, "हम लंदन में परिचालन चालू करने को लेकर रोमांचित हैं. यह हमारे व्यवसाय के लिहाज से एक अहम उपलब्धि है. यह लोगों को जोड़ने की हमारी महत्वाकांक्षा की दिशा में अगले कदम को दर्शाता है."

अगस्‍त 2019 से ब्रिटेन में एंट्री - बता दें कि ओला ने पिछले साल अगस्त में कार्डिफ में परिचालन शुरू करके ब्रिटेन में कदम रखा था. इसके बाद बर्मिंघम, लिवरपूल, एक्सेटर, रीडिंग, ब्रिस्टल, बाथ, कोवेंट्री और वारविक में अपनी सेवाओं का विस्तार किया.  इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो ओला की एंट्री ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में हुई थी. यहां ओला ने फरवरी 2018 में सर्विस की शुरुआत की थी

 

Ola के प्लेटफॉर्म पर 25,000 से ज्यादा चालक रजिस्‍टर्ड हैं

अगस्‍त 2019 में ब्रिटेन के कार्डिफ में ओला की हुई थी एंट्री

भारत में ऐप के जरिए कैब सर्विस प्रोवाइड कराने वाली प्राइवेट कंपनी ओला ने नया मुकाम हासिल किया है. दरअसल, ओला ने ब्रिटेन की राजधानी लंदन में अपनी कैब सर्विस शुरू की है. इसके तहत ओला ने कंफर्ट, कंफर्ट एक्सएल और एक्जीक्यूटिव राइड श्रेणियों में सेवाएं शुरू की हैं. वहीं कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 25,000 से ज्यादा चालक रजिस्‍टर्ड हैं. कंपनी को उम्मीद है कि लंदन की शुरुआत से वैश्विक विस्‍तार होगा. ओला के सह - संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भवीश अग्रवाल ने कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में बताया, " लंदन वास्तव में कैब सर्विस इंडस्‍ट्री में वैश्विक ताकत और शीर्ष कंपनी बनने की हमारी यात्रा की शुरुआत है. बहुत कम भारतीय ब्रांड हैं जो इस पैमाने पर और महत्वाकांक्षा के साथ वैश्विक बाजार में आते हैं. हमारी यात्रा और सफलता एक कीर्तिमान स्थापित करेगी."

अगले 3 महीने काफी अहम - भवीश अग्रवाल ने कहा कि अगले तीन महीने परिचालन के लिहाज से काफी अहम हैं. अग्रवाल ने कहा कि कंपनी तीन चीजों चालक, सुरक्षा और स्थानीय अधिकारियों एवं नियामकों के साथ सहयोग का रुख रखने पर ध्यान देगी. ओला इंटरनेशनल के प्रमुख सिमॉन स्मिथ ने कहा, "हम लंदन में परिचालन चालू करने को लेकर रोमांचित हैं. यह हमारे व्यवसाय के लिहाज से एक अहम उपलब्धि है. यह लोगों को जोड़ने की हमारी महत्वाकांक्षा की दिशा में अगले कदम को दर्शाता है."

अगस्‍त 2019 से ब्रिटेन में एंट्री - बता दें कि ओला ने पिछले साल अगस्त में कार्डिफ में परिचालन शुरू करके ब्रिटेन में कदम रखा था. इसके बाद बर्मिंघम, लिवरपूल, एक्सेटर, रीडिंग, ब्रिस्टल, बाथ, कोवेंट्री और वारविक में अपनी सेवाओं का विस्तार किया.  इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो ओला की एंट्री ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में हुई थी. यहां ओला ने फरवरी 2018 में सर्विस की शुरुआत की थी

 

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के बाद देश के सबसे बड़े बैंक यानी SBI ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों को घटा दिया है. इसके साथ ही अब कई बैंकों ने FD पर ब्याज दरें कम देने का फैसला लिया है. ऐसे में अगर आप भी FD के जरिए अधिक ब्याज कमाने का सोच रहे तो इस इन बैंकों में FD कराना आपके लिए बेहतर विकल्प नहीं होगा. लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे बैंकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां अभी भी FD पर ब्याज दरें 9 फीसदी के करीब है. यानी इन बैंकों में FD कराने पर आपकी बेहतर कमाई हो सकती है.

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें 4 फीसदी से लेकर 9 फीसदी तक है. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह ब्याज दरें 4.25 फीसदी से लेकर 9.25 फीसदी तक हैं. इस बैंक में 5 साल की FD पर सबसे अधिक ब्याज दरें हैं. सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में आपको 7 से 14 दिन और 15 से 45 दिन के लिए 4 फीसदी ब्याज दर मिल रहा है. 46 दिन से लेकर 90 दिन के लिए FD पर 5 फीसदी और 91 दिन से लेकर 6 महीने की FD पर 5.50 फीसदी की ब्याज मिल रही है. इस बैंक में 6 महीने से 9 महीने के लिए 7.50 फीसदी और 9 महीने से लेकर 1 साल तक की FD पर 7.75 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इस बैंक में 1 साल से लेकर 2 साल की अवधि पर और 2 साल से लेकर 3 साल की अवधि पर क्रमश: 8.25 फीसदी और 8.50 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. 3 साल से लेकर 5 साल की अवधि पर 8.50 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. अगर आप सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में 5 साल से अधिक समय के लिए FD कराते हैं तो इसपर आपको 9 फीसदी अधिक ब्याज मिलेगा.  

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक: जना स्मॉल फाइनेंस बैंक में आपको 5 फीसदी से लेकर 8.50 फीसदी की दर से FD पर ब्याज मिल रहा है. इस बैंक में आपको 7 से 10 दिन की FD पर 5 फीसदी और 15 से 45 दिन की FD पर 5.25 फीसदी, 46 से 60 दिन की अवधि पर 6 फीसदी और 61 से 90 दिन की अवधि पर 6.25 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. 91 दिन से लेकर 180 दिन की FD पर 7 फीसदी, 181 दिन से 198 दिन की अवधि के लिए 7.75 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इस बैंक में 1 साल के लिए FD पर 8 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. अगर आप इस बैंक में 499 दिन के लिए FD कराते हैं तो इसपर आपको 8.25 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा. वरिष्ठ नागरिकों के लिए इस बैंक में 60 आधार अंक अधिक दर से FD पर ब्याज मिलेगा.  

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक:  उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक में आपको 7 से 29 दिन, 30 से 89 दिन और 90 से 179 दिन के लिए FD पर क्रमश: 5.50 फीसदी, 6.10 फीसदी और 6.60 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. वहीं, 180 दिन से लेकर 364 दिन के लिए ब्याज दर 7 फीसदी हे. 1 साल से 2 साल में मैच्योर हाने वाले FD पर ब्याज दर 8 फीसदी है. 

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक: उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में 7 से 45 दिनों और 46 दिन से लेकर 90 दिनों की FD पर ब्याज दरें क्रमश: 4.75 फीसदी और 5.50 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इस बैंक में 91 दिनों से लेकर 180 दिनों की FD पर 6.75 फीसदी की दर से और 181 दिन से लेकर 270 दिन के ब्याज पर ब्याज मिल रहा है. अगर आप इस बैंक में 271 दिन से लेकर 1 साल के FD कराते हैं तो 7.20 फीसदी और 1 साल से 445 दिनों के FD कराते हैं तो इस पर आपको 8.20 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इस बैंक में FD पर सबसे अधिक ब्याज दर 456 दिन से लेकर 2 साल की अवधि के लिए मिल रहा है. उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50 आधार अंक यानी 0.50 फीसदी अधिक ब्याज मिल रहा है.

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 दिल्ली के विधान सभा चुनाव नतीजे वाले दिन पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई हैं. पेट्रोल-डीजल के मोर्चे पर आम आदमी को बड़ी राहत मिली है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में इस हफ्ते लगातार दूसरे दिन कटौती की हैं. इस कटौती के बाद पेट्रोल-डीजल का भाव 5 महीने के निचले स्तर पर आ गया है. यानी पेट्रोल-डीजल 5 महीने में सबसे कम भाव पर बिक रहा है. अब दिल्ली में एक लीटर  पेट्रोल के दाम 72 रुपये प्रति लीटर के नीचे आ गए हैं. वहीं, एक लीटर डीज़ल की कीमतें 65 रुपये प्रति लीटर के नीचे फिसल गई हैं. आपको बता दें कि इस साल अभी तक पेट्रोल-डीज़ल के दामों में  4 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की गिरावट आ चुकी हैं.

पेट्रोल-डीज़ल  दिल्ली में पेट्रोल के दाम 71.94 रुपये प्रति लीटर पर आ गए हैं. वहीं, डीज़ल के दाम गिरकर 64.87 रुपये प्रति लीटर पर आ गए हैं. इसके अलावा मुंबई में पेट्रोल 77.60 रुपये प्रति लीटर हैं. कोलकाता में पेट्रोल के दाम 74.58 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में पेट्रोल के दाम 74.73 रुपये प्रति लीटर हैं.  

विदेशी बाजारों में लगातार कच्चा तेल सस्ता हो रहा हैं. इसी का असर घरेलू  बाजार पर पड़ रहा हैं. पिछले एक महीने में क्रूड यानी कच्चा तेल 30 फीसदी तक सस्ता हो गया हैं. 

वर्ल्ड की बड़ी रेटिंग एजेंसियों की रिपोर्ट में क्रूड कीमतों के और गिरने का अनुमान लगाया गया हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस  के चलते दुनियाभर में बिजनेस गतिविधियां कम हो गई हैं. इसलिए कच्चे तेल की डिमांड में बड़ी गिरावट आई है. जिसका असर कीमतों पर पड़ा है. आने वाले दिनों में कच्चे तेल के और सस्ता होने की उम्मीद हैं. 

भारतीय रेलवे ने अपनी यात्रियों की सुविधा का खास ख्याल रखते हुए नई सुविधा शुरू करेगी. रेल मंत्री पीयूष गोयल की ओर से ट्विटर पर दी गई जानकारी के मुताबिक, अब यात्रियों को उनके स्टेशन आने के आधे घंटे पहले एक Wake-up कॉल के जरिए अलर्ट (घ) किया जायेगा. इससे यात्रियों को बड़ी मदद मिलेगी. जी हां, अपने स्टेशन के आने से पहले ही उतरने के लिये तैयार हो सकेंगे. अगर आसान शब्दों में कहें तो कई बार सफर के दौरान यात्री सोते रह जाते हैं और उनका स्टेशन पीछे छूट जाता है, जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे रेल-यात्रियों की सुविधा और रेलवे यात्रा को ज्यादा आरामदेह बनाने के इरादे से भारतीय रेल स्टेशन आने संबंधी जानकारी देने के लिए फोन कॉल सेवा देती है.

यह सेवा आईआरसीटीसी और भारत बीपीओ के बीच संयुक्त पहल का हिस्सा है. इस सेवा के इस्तेमाल के लिए यात्री को रेलवे सहायता नंबर 139 पर फोन मिलाना होगा. इस सेवा एक अंतर्गत गंतव्य आने की जानकारी स्टेशन पर गाड़ी पहुंचने से आधे घंटे पहले ही यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एलर्ट फोन कॉल द्वारा भेज दी जाएगी.  

पैसेंजर की ओर दी गई जानकारी के बाद, सिस्टम उस ट्रेन की तत्कालीन स्थिति का पता लगाकर वेक-अप फोन कॉल के माध्यम से यात्री को सही जानकारी मुहैया कराएगा. 

139 सेवा, जो कि एक प्रमुख रेलवे इंक्वायरी नंबर है, में पिछले कुछ समय के दौरान काफी बदलाव किए गए हैं.इन सेवाओं के साथ-ही-साथ, 139 नंबर के माध्यम से तत्काल सेवा के अंतर्गत रेलवे सीट की उपलब्धता, सीट कैंसल करना, रिफंड संबंधी नियम और ट्रेन की प्लेटफॉर्म स्थिति के विषय में भी जाना जा सकता है.

बजट में हुए फैसलों का असर अब दिखने लगा हैं. देश की सबसे बड़ी सिगरेट कंपनी ITC ने अपने कई प्रोडक्ट के दाम बढ़ा दिए है.  मिली जानकारी के मुताबिक, ITC ने सभी सिगरेट के दाम 10-12 फीसदी तक बढ़ाने का ऐलान किया हैं. आपको बता दें कि बजट में 1 फरवरी को पेश हुए आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में तंबाकू और सिगरेट पर भी एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है. इसीलिए ITC ने दाम बढ़ा दिए हैं.

कितनी महंगी हुई सिगरेट- ITC का ब्रैंड KSFT की 10 सिगरेट वाले पैकेट के दाम 300 रुपये से बढ़कर 320 रुपये हो गए हैं. वहीं, गोल्ड फेल्क सुपरस्टार सिगरेट के दाम 50 रुपये से बढ़कर 60 रुपये हो गए हैं. इसके अलावा लिबर्टी सिगरेट के दाम 40 रुपये से बढ़कर 50 रुपये हो गए है. हालांकि, अभी तक कंपनी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई हैं.  

आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 जुलाई 2019 को अपने पहले बजट में सिगरेट पर 5 रुपये प्रति हजार से लेकर 10 रुपये प्रति हजार तक एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया था. जबकि, पहले ज्यादातर सिगरेट पर अभी तक एक्साइज ड्यूटी जीरो थी. लेकिन, मोदी सरकार 2.0 के पहले बजट में इसे बढ़ाकर 5-10 रुपये प्रति हजार तक कर दिया. सिगरेट की लंबाई और बनाबट के अधार पर सरकार ने एक्साइज ड्यूटी को तय किया. बजट में सरकार ने बीड़ी पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी थी.

65 मिमी से अधिक किंतु 70 मिमी लंबाई वाली फिल्टर सिगरेट का दाम पांच रुपए प्रति हजार बढ़ गए थे. 60 मिमी तक लंबाई वाली सिगरेट (फिल्टर की लंबाई सहित, फिल्टर की लंबाई 11 मिमी हो अथवा इसकी वास्तविक लंबाई, इनमें से जो भी अधिक) का दाम भी पांच रुपए प्रति हजार बढ़ गया था. 

60 मिमी से अधिक किंतु 70 मिमी से अनधिक फिल्टर सिगरेट (फिल्टर की लंबाई सहित, फिल्टर की लंबाई 11 मिमी हो अथवा इसकी वास्तविक लंबाई, इनमें से जो भी अधिक) का दाम भी सरकार ने पांच रुपये प्रति हजार बढ़ गया था.

कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लौटी खरीदारी के चलते घरेलू शेयर बाजार में जोरदार तेजी आई है. प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स  सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा उछल गया है. वहीं, निफ्टी में 120 अंक की तेजी बनी हुई है. आज के कारोबार में चौतरफा खरीदारी हो रही है. निफ्टी के ऑटो इंडेक्स में 0.81 फीसदी, आईटी इंडेक्स में 0.41 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स में 1.04 फीसदी, मेटल इंडेक्स में 0.99 फीसदी, फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 0.58 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है. बैंकिंग शेयरों में जोरदार तेजी दिख रही है जिसके चलते बैंक निफ्टी 0.72 फीसदी की बढ़त के साथ 31,280 के आसपास कारोबार कर रहा है.

क्यों आई शेयर बाजार में तेजी - वीएम पोर्टफोलियों के रिसर्च हेड विवेक मित्तल ने न्यूज18 हिंदी को बताया हैं कि भारतीय बाजारों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी क्रूड में आई गिरावट है. क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता हैं. ऐसे में कच्चे तेल का सस्ता होना आम आदमी के साथ-साथ सरकार के लिए फायदेमंद है.  

विवेक कहते हैं कि हर वायरस की उम्र होती है. साथ ही, मौसम में बदलाव भी वायरस पर असर डालते हैं. उनका मानना हैं कि मार्च के अंत तक चीन में कोरोना वायरस की समस्या से निपटना आसान हो जाएगा. इसके अलावा चीनी सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 12,900 करोड़ डॉलर (करीब 9 लाख करोड़ रुपये) सिस्टम में डाले हैं. इसका असर भी शेयर बाजार पर दिख रहा है. 

 गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) के मौजूदा दरों (Rates) और स्लैब (Slab) में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, सरकार मौजूदा 9 दरों की बजाय जीएसटी (GST) में सिर्फ 3 दर रखना चाहती है. ऐसे में कुल तीन स्लैब 8%, 18% और 28% पर सहमति बनाने पर जोर होगी. हालांकि इस पूरी कवायद में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि बदलाव से खाने-पीने की चीजों की महंगाई न बढ़े. फरवरी के अंत में जीएसटी काउंसिल  की बैठक हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक, बजट से निपटने के बाद जीएसटी दरों को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है. सरकार ज्यादातर आइटम्स के रेट रेवेन्यू न्यूट्रल से थोड़ा ज्यादा रखने के पक्ष में है.  

सरकारी नीति पर सलाह देने वाली संस्था नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने भी पिछले साल कहा था कि जीएसटी के सिर्फ दो स्लैब रखे जाएं. इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि जीएसटी के स्लैब या दरों में बार-बार बदलाव होने से कारोबार पर प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ जाए तो जीएसटी दरों में सालाना आधार पर बदलाव किया जा सकता है. एक जुलाई 2017 से देश में जीएसटी लागू होने के बाद सभी अप्रत्यक्ष कर (वैट, सर्विस टैक्स आदि) इसमें शामिल हो गए हैं. जीएसटी के लागू होने के बाद से कई बार जीएसटी की दरों में बदलाव किया गया है. इस समय जीएसटी के तहत चार स्लैब 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी हैं. इसके बावजूद कई उत्पाद पर जीएसटी नहीं लगता. इसके साथ ही पांच ऐसे भी उत्पाद हैं, जिन पर जीएसटी के अलावा उपकर या सेस भी लगता है. 

अब क्या होगा- सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर आइटम के रेट 18% वाले स्लैब में जा सकते हैं. निचले सभी स्लैब को मिलाकर सिर्फ एक 8% का स्लैब बनाने पर विचार हो सकता है, जबकि लग्जरी और डी-मेरिट गुड्स के लिए अधिकतम 28% बरकरार रहेगा.जीएसटी पर बनी एक समिति ने सरकार से सिर्फ दो स्लैब रहने की सिफारिश की है, इनमें 10 और 20 फीसदी के स्लैब हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी जीएसटी पर बनी समिति के मुखिया हैं. उन्होंने इस आशंका को भी खारिज किया कि किसी प्रोडक्ट पर जीएसटी की दर बढ़ाने की बात हो रही है. मोबाइल फोन, फार्मा, मानव निर्मित धागे/कपड़े, रेडीमेड गारमेंट, खाद, फैब्रिक और अक्षय ऊर्जा उपकरण पांच और 12 फीसदी स्लैब में आते हैं जिन पर इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर लगता है.

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI-State Bank of India) में अगर आपने फिक्सड डिपॉजिट यानी एफडी (FD-Fixed Deposit) कराई है तो यह खबर आपके लिए है. आपको बता दें कि एसबीआई ने एफडी की दरों में बदलाव कर दिया हैं यानी ब्याज दरें घटा दी हैं. ऐसे में अब एफडी कराने वालों को कम मुनाफा मिलेगा. एसबीआई द्वारा जारी की गई एफडी दरें 10 फरवरी 2020 से लागू होंगी. बैंक ने 1 साल से लेकर 10 साल में मैच्योर होने वाले लॉन्ग टर्म डिपॉजिट्स पर FD की दरों में 0.10 फीसदी से 0.50 फीसदी तक की कटौती करने का ऐलान किया है.
(1) 7 से 45 दिन की FD कराने वालों को 4.5 फीसदी ब्याज मिलेगा.

(2) 46 दिन से 179 दिन की FD- अब 46 से 179 दिनों की एफडी पर 5 फीसदी ब्याज मिलेगा. इससे पहले 5.50 फीसदी ब्याज मिल रहा था.  

 

(3) 180 दिन से 210 दिन की FD- बैंक 180 दिनों से 210 दिनों की एफडी पर 5.50 फीसदी ब्याज दे रहा है. 

 

(4) 211 दिन से 1 साल तक की FD- एसबीआई ने 211 दिन से 1 साल की एफडी पर ब्याज दरें 5.50 फीसदी हैं. 

 

(5) 1 साल से 2 साल तक की FD- एसबीआई अब 1-2 साल की एफडी पर 6 फीसदी ब्याज देगा.

(6) 2 साल से 3 साल तक की FD- एसबीआई अब 2-3 साल की FD पर 6.10 फीसदी की बजाय 6 फीसदी ब्याज देगा.

(7) 3 साल से 5 साल तक की FD- इस एफडी पर SBI 6 फीसदी ब्याज देगा.

(8) 5 से 10 साल तक की FD- इस एफडी पर 10 फरवरी से SBI सिर्फ 6 फीसदी ब्याज देगा  

SBI की सीनियर सिटीजन के लिए नई एफडी ब्याज दरें 

(1) 7 से 45 दिन की एफडी- एसबीआई 7 से 45 दिन के लिए एफडी पर 5 फीसदी ब्याज देगा.

(2) 46 दिन से 179 दिन - एसबीआई 46 से 179 दिनों के लिए एफडी पर 5.5 फीसदी ब्याज देगा.

(3) 180 दिन से 210 दिन - 180 दिन से 210 दिनों के लिए एफडी पर 6 फीसदी ब्याज देगा.

(4) 211 दिन से 1 साल तक के लिए - एसबीआई इस दौरान एफडी पर 6 फीसदी ब्याज देगा.

(5) 1 साल से 2 साल तक - इस एफडी पर 6.5 फीसदी का ब्याज मिलेगा.  

(6) 2 साल से 3 साल तक - 2 से 3 साल के लिए एफडी पर 6.5 फीसदी ब्याज देगा.

(7) 3 साल से 5 साल तक - 3 से 5 साल के लिए एफडी पर SBI 6.5  फीसदी ब्याज देगा.

(8) 5 साल से 10 साल तक - 5 से 10 साल के लिए एफडी पर 6.50 फीसदी ब्याज मिलेगा.

दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम 23-24 पैसे प्रति लीटर तक कम हो गए है. वहीं, इस दौरान डीज़ल की कीमतों में 25-27 पैसे प्रति लीटर की गिरावट दर्ज की गई हैं. आपको बता दें कि 11 जनवरी से अभी तक पेट्रोल-डीज़ल के दाम 4 रुपये प्रति लीटर तक गिर गए हैं.

देश की बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने लगातार तीसरे दिन पेट्रोल-डीज़ल सस्ता कर दिया हैं. शनिवार को दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल (Petrol Price Today) के दाम 23-24 पैसे प्रति लीटर तक कम हो गए है. वहीं, इस दौरान डीज़ल (Diesel Price Today) की कीमतों में 25-27 पैसे प्रति लीटर की गिरावट दर्ज की गई हैं. आपको बता दें कि 11 जनवरी से अभी तक पेट्रोल-डीज़ल के दाम 4 रुपये प्रति लीटर तक गिर गए हैं. दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसियों का कहना हैं कि चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते दुनियाभर में बिजनेस गतिविधियां कम हो गई हैं. इसीलिए कच्चे तेल की डिमांड में बड़ी गिरावट आई है. जिसका असर कीमतों पर पड़ा है. आने वाले दिनों में कच्चे तेल के और सस्ता होने की उम्मीद हैं. लिहाजा घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर घट सकती हैं.

पेट्रोल के नए प्राइस (Petrol Price in India on 8 February 2020)- शनिवार को दिल्ली में पेट्रोल के दाम गिरकर 72.45 रुपये प्रति लीटर पर आ गए हैं. वहीं, मुंबई में 78.11 रुपये प्रति लीटर हैं. इसके अलावा कोलकाता में 75.13 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 75.27 रुपये प्रति लीटर है. 

दिल्ली में गुरुवार को एक लीटर पेट्रोल के दाम गिरकर 72.89 रुपये के भाव पर आ गए हैं. इससे पहले 9 नवंबर को दिल्ली में पेट्रोल के दाम 73 रुपये प्रति लीटर के नीचे आए थे. आपको बता दें कि 10 जनवरी के बाद से अब तक पेट्रोल और डीज़ल 3 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा सस्ते हो चुके हैं.

नए साल में आम आदमी को महंगाई से थोड़ी राहत मिली हैं. क्योंकि पेट्रोल-डीज़ल  की कीमतें 3 महीने के निचले स्तर पर आ गई हैं. दिल्ली में गुरुवार को एक लीटर पेट्रोल के दाम गिरकर 72.89 रुपये के भाव पर आ गए हैं. इससे पहले 9 नवंबर को दिल्ली में पेट्रोल  के दाम 73 रुपये प्रति लीटर के नीचे आए थे. आपको बता दें कि 10 जनवरी के बाद से अब तक पेट्रोल और डीज़ल 3 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा सस्ते हो चुके हैं. एक्सपर्ट्स इसके पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को मुख्य वजह बता रहे हैं. उनका कहना हैं कि चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस के चलते क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल के दाम एक महीने में 27 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए हैं. इसीलिए घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीज़ल लगातार सस्ता हो रहा हैं. एक्सपर्ट्स आने वाले दिनों में भी पेट्रोल के दाम और गिरने का अनुमान लगा रहे हैं.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. RBI ने रेपो रेट को 5.15 फीसदी पर बरकरार रखा है. MPC के सभी 6 सदस्यों ने ब्याज दरें नहीं बदलने के पक्ष में मत दिया हैं. लगातार दूसरी बैठक में रेपो दर को स्थिर रखा गया है. वहीं, रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी पर बरकरार है. रिजर्व बैंक ने CRR 4 फीसदी और SLR 18.5 फीसदी पर बनाए रखा है. RBI ने इससे पहले लगातार 5 बार ब्याज दरों में कटौती की थी. RBI द्वारा ब्याज दरों में बदलाव नहीं किए जाने के असर निवेशकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) यानी FD पर पड़ेगा. आइए जानते हैं कैसे ब्याज दरों बदलाव नहीं होने का असर FD पर होगा...

निवेशकों के FD पर होगा असर - ब्याज दरों को बनाए रखने के आज के फैसले का मतलब यह होगा कि बैंक द्वारा एफडी दरों में कोई बदलाव आंतरिक कारकों के कारण होगा. जिसमें विभिन्न बैंकों की फंड जरूरतें शामिल हैं. RBI ने पिछले साल लगातार 5 बार रेपो रेट घटाया था. रेपो रेट में कटौती का असर फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले रिटर्न पर पड़ा था. दिसंबर 2019 में RBI ने ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया था. इसके बाद SBI ने निश्चित समय के लिए FD पर ब्याज दरें 15 बेसिस प्वाइंट घटा दी थीं.

10 जनवरी 2020 से एसबीआई के एक साल के एफडी पर ब्याज दर 6.10 फीसदी है, जबकि नवंबर 2019 को इस पर ब्याज दर 6.25 फीसदी थी. वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक साल के फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर 6.60 फीसदी है जो नवंबर 2019 को 6.75 फीसदी थी. इसके पहले, अगस्त 2019 में आम लोगों के लिए एफडी पर ब्याज दर 6.8 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.3 फीसदी थी.

वरिष्ठ नागरिकों पर होता सबसे ज्यादा असर - फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें घटने का सबसे ज्यादा असर वरिष्ठ नागरिकों पर होता है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी, इनकम का बेहतर जरिया है. एफडी की ब्याज दरें घटने से पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे टर्म डिपॉजिट और सीनियर सीटिजन सेविंग स्कीम्स वरिष्ठ नागरियों के बेहतर विकल्प हो सकती है.

2019-20 में 5 प्रतिशत रहने के अनुमान पर कायम - रिजर्व बैंक ने आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 में 5 प्रतिशत रहने के अनुमान को बनाये रखा. उसने कहा कि आर्थिक वृद्धि 2020-21 में सुधरकर 6 प्रतिशत हो सकती है. उसने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर अभी भी अपनी संभावित क्षमता से कम है. 

टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने बुधवार को 11 सर्किल्स में 3जी नेटवर्क बंद कर दिया है. कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी. Airtel का प्लान इस साल मार्च तक मौजूदा स्पेक्ट्रम को बूस्ट कर अपने 4G नेटवर्क पर रिफार्म करने का है. टेलीकॉम सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच एयरटेल का लक्ष्य सब्सक्राइबर्स को हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है. बता दें कि कंपनी ने पिछले साल अगस्त में मार्च 2020 तक देशभर में 22 टेलीकॉम सर्किल्स में अपने 3G नेटवर्क बंद करने की घोषणा की थी. 3G नेटवर्क बंद कर कंपनी अपना फोकस ज्यादा खर्च करने वाले यूजर्स को बेहतर सर्विस देने पर बढ़ाएगी.
भारती एयरटेल ने पिछले साल जुलाई में 3G नेटवर्क बंद करने की प्रक्रिया शुरू की थी. कंपनी ने कोलकाता के बाद हरियाणा और पंजाब सर्किल्स में 3जी सर्विस बंद की थी. हालांकि, टेलीकॉम कंपनी फीचर फोन ग्राहकों को 2G सर्विस प्रदान कर रही है. 

एयरटेल ने NCR में बंद की 3जी सेवाएं - इसके पहले, एयरटेल ने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली एनसीआर में अपनी 3जी सेवाओं को बंद कर दिया. भारती एयरटेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोपाल विट्टल ने बुधवार को निवेशकों से कहा, '11 सर्किल्स में 3G सेवा बंद हो चुकी है और हमारे सभी 2100MHz स्पेक्ट्रम मार्च तक 4G नेवटर्क्स तक रिफार्म्ड होंगे.'
मोबाइल फोन के लिए वॉयस ओवर लॉन्ग-टर्म इवोलूशन (VoLTE) एक हाई स्पीड वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम है. भारत में सिर्फ रिलायंस जियो पूरी तरह 4G-VoLTE नेटवर्क ऑपरेट करती है. रेवेन्यू के लिहाज से एयरटेल देश के दूसरे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर का प्लान धीरे-धीरे 2G और 4G नेवटर्क पर फोकस है. वोडाफोन आइडिया अब 2G, 3G और 4G पर ऑपरेट करती है. 

1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 87 हजार करोड़ की जगह सिर्फ 55 हजार करोड़ रुपए का फंड जारी करने का प्रस्ताव पेश किया गया है.

नई दिल्ली. मोदी सरकार की ओर से 1 फरवरी को पेश किए गए आम बजट 2020 में किसान सम्मान निधि फंड में भारी कटौती की गई है. 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 87 हजार करोड़ की जगह करीब 55 हजार करोड़ रुपये का फंड जारी करने का प्रस्ताव पेश किया गया है. वजह ये है कि स्कीम के पहले चरण में सरकार ने जितनी रकम के खर्च का अनुमान लगाया था उससे बहुत कम रकम खर्च हुई है. सभी 14.5 करोड़ किसान पैसा नहीं ले पाए हैं. मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर के सूत्रों के मुताबिक 2 फरवरी तक 8.38 करोड़ लोगों के खाते में अब तक पैसा आ चुका हैं. वहीं, 6.12 करोड़ लोगों को खाते में जल्द सरकार 37 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर करेगी. लेकिन, ये पैसा आधार वेरिफिकेशन पास करने वाले किसानों को ही मिलेगा.

कैसे हुआ 87 हजार करोड़ का फंड - जब दिसंबर 2018 में इस स्कीम को शुरू किया गया तो पैसा सिर्फ लघु एवं सीमांत किसानों को ही दिया जाना था. इस दायरे में केवल 12 करोड़ ही किसान आते थे. इसलिए इसका बजट 75 हजार करोड़ रुपये तय किया गया था. लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में वादा किया कि मोदी सरकार दोबारा सत्ता आई तो सभी 14.5 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा. बीजेपी जीत गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल की पहली कैबिनेट बैठक में वादा पूरा कर दिया. इसके साथ ही स्कीम का फंड बढ़ाकर 87 हजार करोड़ कर दिया गया.  

14 करोड़ किसानों को ही मिलेगा इस योजना का लाभ

सरकार के मुताबिक, कुछ राज्यों में चालू वित्त वर्ष के लिए यह बजट का आवंटन रिवाइज्ड अनुमान के आधार पर किया गया है. इन राज्यों में पश्चिम बंगाल भी शामिल है. बता दें कि पश्चिम बंगाल ने अभी तक इस स्कीम को अपने राज्य में लागू नहीं किया है. वहीं, कुछ अन्य राज्य सरकारों के पास किसानों को लेकर पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध नहीं है.साथ ही, इस स्कीम के लिए लाभ लेने वाले अनुमानित किसानों की संख्या को घटा दिया गया है. अकेले पश्चिम बंगाल में करीब 71 लाख किसान परिवार हैं, जिनमें से एक भी परिवार को पैसा नहीं लेने दिया गया है. जहां 14.5 करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाना था, वहां अब 14 करोड़ किसानों को ही इस योजना का लाभ देने का प्रोजेक्शन किया गया है. 

किसानों के लिए बजट में क्या - बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार बजट में फल और सब्जी जैसे जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों की ढुलाई के लिए किसान रेल का प्रस्ताव किया है. इसके तहत इन उत्पादों को रेफ्रिजरेटेड डिब्बों में ले जाने की सुविधा होगी. विशेष किसान रेलगाड़ियां सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत चलाने का प्रस्ताव है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए किसानों के लाभ के लिए कई उपायों का प्रस्ताव किया.
उन्होंने कहा कि जल्द खराब होने वाले सामान के लिए राष्ट्रीय शीत आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण को रेलवे पीपीपी मॉडल में किसान रेल बनाएगी. इससे ऐसे उत्पादों की ढुलाई तेजी से हो सकेगी. उन्होंने कहा कि सरकार का चुनिंदा मेल एक्सप्रेस और मालगाड़ियों के जरिये जल्द खराब होने वाले सामान की ढुलाई के लिये रेफ्रिजरेटेड पार्सल वैन का भी प्रस्ताव है. जल्द खराब होने वाले फल, सब्जियों, डेयरी उत्पादों, मछली, मांस आदि को लंबी दूरी तक ले जाने के लिये इस तरह की तापमान नियंत्रित वैन की जरूरत है.

पंजाब नेशनल बैंक को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में एकल आधार पर 492.28 करोड़ रुपये का घाटा जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में उसे 246.51 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। समीक्षाधीन तिमाही में बैंक ने खराब ऋणों के लिए 4,445.36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। यह साल भर पहले की गई 2,565.77 करोड़ रुपये की रकम से अतिरिक्त था।

पीएनबी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि बैंक की कुल आय दिसंबर, 2019 को समाप्त तिमाही में 15,967.49 करोड़ रुपये रही जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में उसकी आय 14,854.24 करोड़ रुपये थी।   बैंक ने आलोच्य तिमाही में फंसे कर्ज के एवज में 4,445.36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह राशि 2,565.77 करोड़ रुपये रही थी।

 एकीकृत आधार पर बैंक को 2019-20 की तीसरी तिमाही में 501.93 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। वहीं एक साल पहले इसी तिमाही में उसे 249.75 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।  एकीकृत आधार पर आलोच्य तिमाही में आय 16,211.24 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में 15,104.94 करोड़ रुपये थी।

 बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) दिसंबर 2019 को समाप्त तिमाही में सकल कर्ज का कम होकर 16.30 प्रतिशत रही। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 16.33 प्रतिशत थी।  बैंक का शुद्ध एनपीए (फंसा कर्ज) आलोच्य तिमाही में घटकर 7.18 प्रतिशत रहा जो एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में 8.22 प्रतिशत थी। 

मजबूत विदेशी संकेतों को देखते हुए घरेलू शेयर बाजार में आज तेजी का माहौल देखने को मिला. सुबह करीब 11 बजे सेंसेक्स 710 अंक उछलकर 40,583 अंकों पर और निफ्टी 210 अंक उछलकर 11,918 अंकों पर पहुंच गया. सेंसेक्स में बैंकिंग, ऑटो, ऑयल एंड गैस, आईटी-टेक कंपनियों के शेयरों में तेज लिवाली का माहौल बना हुआ है. इस कारण शेयर बाजार में तेजी का माहौल देखने को मिल रहा है.

इससे पहले सुबह करीब 10.29 बजे सेंसेक्स 560 अंकों की तेजी के साथ 40,432 अंकों पर और निफ्टी 167 अंकों की तेजी के साथ 11875 अंकों पर कारोबार कर रहा था. वैश्विक बाजारों में आई तेजी के कारण घरेलू शेयर बाजार में भी तेजी देखने को मिली.

सुबह बंबई स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक कल के मुकाबले जोरदार तेजी के साथ 40,178.74 पर खुला और 40,382.51 तक उछला. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी तेजी के साथ 11,786.25 पर खुला और 11,857.10 तक पहुंचा.

शुरुआती कारोबार में हीरो मोटोकॉर्प, हिंडाल्को, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस, आईसीआईसीआई बैंक, आईओसी, बजाज फिनसर्व, भारती इंफ्राटेल, वेदांता, जी इंटरटेनमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, डॉ रेड्डीज लैब्स, ओएनजीसी, एसबीआई और टेक महिंद्रा में मजबूती के साथ कारोबार शुरू हुआ.

 चीन में 11,800 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं. इसके कारण एप्पल ने चीन में अपने सभी स्टोरों को 9 फरवरी तक अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है. कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण एप्पल 9 फरवरी तक चीन में अपने सभी कॉर्पोरेट कार्यालयों, दुकानों और संपर्क केंद्रों को बंद रखेगा. जिसके कारण एप्पल के सीईओ टिम कुक ने आशंका जताई थी कि कंपनी के संचालन पर इसका असर पड़ सकता है. वहीं एप्पल आपूर्तिकर्ता फॉक्सकॉन का कहना है इसके चलते चीन में iPhone SE 2 के लॉन्च में देरी नहीं होगी.
फॉक्सकॉन का कहना है कि इसके लिए 'बैकअप योजना' बनाइ गई है. वहीं एप्पल के उत्पादन को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए उपाय किए गए हैं. बता दें कि एप्पल अगले महीने iPhone SE 2 लॉन्च करने की योजना बना रहा है. ऐसे में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण हुए लॉक डाउन के कारण एप्पल के सीईओ टिम कुक ने एप्पल के उत्पादन में असर पड़ने कि बात कही थी. वहीं फोनएरिना ने शुक्रवार को मायड्राइवर्स के हवाले से बताया कि एप्पल ने बहुप्रतीक्षित iPhone SE 2 का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है.

जहां तक ​​iPhone SE 2 की बात कि जाए तो इसमें कुछ नए फीचर्स होंगे. खबर है कि यह फोन 3GB रैम, 64GB और 128GB इंटरनल स्टोरेज और एप्पल A13 प्रोसेसर के साथ आने वाला है. इसके साथ ही इसमें मोटे बेजल्स के साथ 4.7 इंच का डिस्प्ले आने की बात कही गई है. वहीं कोवेन के एक प्रसिद्ध विश्लेषक कृष शंकर ने दावा किया है कि iPhone SE 2 की कीमत लगभग $ 475 तक होगी. बता दें कि चीन के कोरोना वायरस के कारण मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर अब 304 तक पहुंच गया है. वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों ने14 हजार से भी ज्यादा लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि की है.

चीन में कोरोनावायरस का प्रकोप गहराने के कारण विदेशी संकेत कमजोर रहने से घरेलू शेयर बाजार में गिरावट आई.

कोरोनावायरस का प्रकोप गहराने के कारण पैदा हुई आर्थिक चिंता के चलते एशियाई बाजारों में नरमी का रुख बना हुआ था.

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को तेजी के साथ हुई लेकिन विकवाली के दबाव में बाजार जल्द ही टूट गया. चीन में कोरोनावायरस का प्रकोप गहराने के कारण विदेशी संकेत कमजोर रहने से घरेलू शेयर बाजार में गिरावट आई. सेंसेक्स सुबह 9.39 बजे पिछले सत्र के मुकाबले 157.81 अंकों यानी 0.38 फीसदी की गिरावट के साथ 41,198.66 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी 49.55 अंकों यानी 0.41 फीसदी की कमजोरी के साथ 12,079.95 पर कारोबार कर रहा था. इससे पहले बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 181.48 अंकों की तेजी के साथ 41,380.14 पर खुला लेकिन विकवाली के दबाव में टूटकर 41,023.13 पर आ गया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी पिछले सत्र के मुकाबले बढ़त के साथ 12,147.75 पर खुला और 12,150.30 तक उछला, लेकिन जल्द ही फिसल कर 12,072.65 पर आ गया. पिछले सत्र में निफ्टी 12,129.50 पर बंद हुआ था. चीन में कोरोनावायरस का प्रकोप गहराने के कारण पैदा हुई आर्थिक चिंता के चलते एशियाई बाजारों में नरमी का रुख बना हुआ था. एशियन स्टॉक्स टूटकर करीब सात सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया है. जानकार बताते हैं कि कोरोनावायरस के कहर से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर असर पड़ने के कारण शेयर बाजारों में मंदी का माहौल है. 

कोरोना वायरस से 16 देश प्रभावित- कोरोना वायरस से अबतक दुनिया के तकरीबन 16 देश प्रभावित हो चुके हैं. बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात में भी पहला मामला दर्ज किया गया. इसके अलावा अभी तक थाईलैंड में 14, हॉन्गकॉन्ग में 8, ताइवान में 8, जापान, सिंगापुर, मकाऊ और मलेशिया में 7-7, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में 5-5, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और जर्मनी में 4-4, कनाडा और वियतनाम में 2-2, कंबोडिया और नेपाल में 1-1 मामले सामने आ चुके हैं.

वुहान शहर में सबसे अधिक असर- एक जानकारी के मुताबिक चीन में 28 जनवरी तक 31 प्रांतों में कोरोना वायरस के संदिग्ध मामले पाए गए हैं. अभी तक चीन के वुहान शहर में सबसे अधिक 3554 मामले पाए गए हैं. इस शहर में 500 के करीब भारतीय रहते हैं. भारत की सरकार इन भारतीयों को लेकर गंभीर है और स्थिति पर नजर रखे हुए है. इस शहर में इस वायरस के चलते अबतक 125 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 1239 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

तेजी से फैल रहा है वायरस- वुहान के बाद अब हुबई प्रांत में 840 नए मामले सामने आए हैं. वहीं पूरे चीन में अब तक करीब 6000 से अधिक मामले पाए जा चुके हैं. इन लोगों में उन लोगों की संख्या ज्यादा है जिनकी उम्र 60 के पार है. इसके साथ ही हांगकांग में 8, मकाउ में 7 और ताइवान में 8 मामले सामने आ चुके हैं.

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल ने उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक में स्‍वतंत्र निदेशक पद से इस्‍तीफा दे दिया है. बैंक ने इसकी जानकारी बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) को दी है. बैंक की ओर से दी गई जानकारी में सचिन बंसल के इस्‍तीफे की कॉपी भी अटैच है.

क्‍या है इस्‍तीफे की वजह - सचिन बंसल ने अपने पत्र में बताया है कि उनकी मुख्‍य ईकाई ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया है. ऐसे में यह कॉरपोरेट प्रशासन के हित में है, इसलिए मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए. सचिन बंसल ने स्‍पष्‍ट किया है कि उन्होंने किसी और वजह से इस्‍तीफा नहीं दिया है.

पत्र में सचिन बंसल ने बोर्ड मेंबर्स को संबोधित करते हुए लिखा है, ''मैं 27 जनवरी, 2020 से बैंक के एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में इस्तीफा देना चाहता हूं. मेरे स्वामित्व वाली एक इकाई ने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए RBI को एक आवेदन किया है. ऐसे में मुझे लगता है कि स्वामित्व और कॉरपोरेट प्रशासन के हित में ये उचित है कि मैं अपने पद को छोड़ दूं. मेरे लिए बैंक के बोर्ड में काम करना एक बेहद खुशी की बात है और मैं बैंक के प्रबंधन के सफलता की कामना करता हूं. ''

बता दें कि सचिन बंसल अपनी कंपनी नवी टेक्नोलॉजीज के माध्यम से फाइनेंसल सर्विस सेक्टर पर फोकस कर रहे हैं. मई 2018 में फ्लिपकार्ट से निकलने के बाद बंसल ने नवी टेक्नोलॉजीज की स्थापना की थी. इसकी माइक्रो फाइनेंस कंपनी चैतन्य इंडिया फाइनेंस क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड ने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया है. इसी ईकाई का जिक्र सचिन बंसल ने अपने इस्‍तीफा पत्र में किया है. 

शेयर में आई तेजी - इस खबर के बीच मंगलवार को उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर में 1.50 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली. बैंक के शेयर दोपहर 11 बजे 55.20 रुपये प्रति के हिसाब से कारोबार कर रहे थे.

पिछले दिनों आपने पढ़ा कि इटली के कई गांवों में खूबसूरत घर एक डॉलर से दस डॉलर के बीच बिक रहे हैं. बहुत से लोगों ने ये घर खरीदे भी. अब इटली में पहाड़ पर बसे एक और खूबसूरत कस्बे में एक डॉलर यानि केवल 70 रुपए में आलीशान घर और बंगले बिकाऊ हैं.

हम लोगों ने कुछ समय पहले पढ़ा था कि इटली के कुछ खाली पड़े गांवों में लोगों को बसाने के मकसद से एक डॉलर से दस डॉलर में घर बिक रहे हैं. कुछ गांवों में तो लोगो को मुफ्त में घर देने की पेशकश की गई है. बशर्ते कि घर में आने वाली दंपत्ति वहां कम से कम पांच से दस साल रहे. अब इटली के एक और खूबसूरत कस्बे में ऐसी ही पेशकश की गई है.
जिस दौर में घर और प्रापर्टी के रेट लगातार आसमान की ओर जा रहे हों, उसमें ये पेशकश हैरान करने वाली है. खासकर तब जबकि घर पुराने तो हों लेकिन खूबसूरत हों और उनके आसपास का कैनवॉस भी उतना ही सुंदर लगने वाला हो. अब इटली के जिस कस्बे में घर केवल एक डॉलर यानि केवल 70 रुपए में बिकाऊ हैं. वो चाहते हैं कि कुछ नए परिवार या दोस्तों का ग्रुप वहां आए. साथ ही कई प्रापर्टीज खरीदकर वहां रहे.
जैसा कि आप तस्वीरों में देख रहे होंगे कि ये कस्बा कितना खूबसूरत लग रहा है. इसका नाम बिसासिया है. ये इटली के दक्षिणी हिस्से कैंपानिया का इलाका है. यहां करीब 90 घर खाली पड़े हैं. बाजार में इसकी कीमत एक यूरो है. दरअसल इटली में गांव जितनी तेजी से खाली हो रहे हैं. उसके मद्देनजर स्थानीय निवासी इन इलाकों में लोगों को बेहद सस्ते में बुलाकर इसे आबाद करना चाहते हैं. 

यहां घर खरीदने पर क्या होगी सहूलियत - इटली के अन्य कस्बों में जहां खाली मकान सस्ते में बेचे जा रहे हैं, वहां समय सीमा में घर में निवेश कर उसे बेहतर करने और लंबे समय तक वहां रहने की बात है लेकिन बैसासिया में ऐसी कोई शर्त नहीं है कि आप कब तक पुराने मकान को खरीदने के बाद रेनोवेट करें या उसकी मरम्मत कराएं.

बैसासिया की एक खास ये भी है कि जब यहां के लोग बेहतर अवसर की तलाश में ये जगह छोड़कर दूसरे स्थानों पर गए तो इस संपत्ति को पूरी तरह स्थानीय अधिकारियों के हवाले कर गए.इसलिए यहां मकान लेने वालों को किसी तरह के कानूनी दांवपेच में फंसने की गुंजाइश भी नहीं है.

हालांकि ऐसी शिकायतें इटली के उन गांवों-कस्बों से आई हैं, जहां लोगों ने एक डॉलर या एक यूरो में मकान खरीद लिए लेकिन फिर वो मालिकाना हक के लिए मूल मालिक के साथ कानूनी दांवपेच में फंस गए.

कलात्मक तौर पर बनाया गया कस्बा - लिहाजा बैसासिया के अधिकारी लोगों को ऑफर कर रहे हैं यहां आइए, मकान या बंगला खरीदिए और फिर तेजी के साथ कानूनी प्रक्रिया भी पूरी कर लीजिए. कहीं कोई दिक्कत ही नहीं है.

बैसासिया नाम की ये जगह आमतौर पर कलात्मक तौर पर बनाई गई थी. इसमें लकड़ी का इस्तेमाल ज्यादा है. लेकिन इसके खाली होते जाने की दो वजहें हुईं. पहली लोग यहां से बेहतर अवसरों की तलाश में निकले तो कभी लौटे ही नहीं और दूसरी ये कि यहां कई भूकंप आते रहे हैं. हालांकि पिछला भूकंप 1980 में आया था.

गांव के लोग मेहनती और दोस्ताना - इस कस्बे को लोग जेंटल कस्बे के तौर पर भी जानते हैं. यहां के लोग हमेशा शिष्टाचार से भरे और मेहमानों का स्वागत करने के लिए जाने जाते रहे हैं. वो कड़ी मेहनत करने वाले भी रहे हैं. यहां के मेयर कहते हैं कि हम चाहते हैं कि ये जगह फिर गुलजार हो.

इसी तरह इटली में सिसिली का एक कस्बा बिवोना में भी घर एक डॉलर में बिक रहे हैं. यहां के स्थानीय लोगों को भी काफी दोस्ताना और मस्त रहने वाला जाता है. ऐसा भी कहा जा सकता है.  

नयी दिल्ली, मजबूत वैश्विक रुख के साथ सटोरियों के सौदे बढ़ाने से मंगलवार को वायदा कारोबार में सोना 203 रुपये चढ़कर 40,150 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में फरवरी महीने में डिलिवरी वाला सोना 203 रुपये यानी 0.51 प्रतिशत बढ़कर 40,150 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। इसमें 1,873 लॉट का कारोबार हुआ।

इसी प्रकार, अप्रैल डिलिवरी वाला सोना 208 रुपये यानी 0.52 प्रतिशत बढ़कर 40,269 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया। इसमें 455 लॉट का कारोबार हुआ। विश्लेषकों ने कहा कि वैश्विक बाजारों से सकारात्मक रुख के साथ प्रतिभागियों के नए सौदे करने से वायदा कारोबार में सोने के भाव में मजबूती आई। वैश्विक बाजार में न्यूयॉर्क में सोना 0.37 प्रतिशत बढ़कर 1,566 डॉलर प्रति औंस रहा।

नयी दिल्ली, कीमती धातु में मजबूत रुख के साथ प्रतिभागियों के सौदे बढ़ाने से मंगलवार को वायदा कारोबार में चांदी 238 रुपये उछल कर 46,939 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में मार्च महीने में डिलिवरी वाली चांदी 238 रुपये यानी 0.51 प्रतिशत बढ़कर 46,939 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गयी। इसमें 2,992 लॉट का कारोबार हुआ।
 
इसी प्रकार, मई डिलिवरी वाली चांदी 217 रुपये यानी 0.46 प्रतिशत बढ़कर 47,386 रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी। इसमें 16 लॉट का कारोबार हुआ। कारोबारियों ने कहा कि वैश्विक बाजारों से सकारात्मक रुख के साथ प्रतिभागियों के नए सौदे करने से वायदा कारोबार में चांदी के भाव में मजबूती आई। वैश्विक बाजार में न्यूयॉर्क में चांदी 0.15 प्रतिशत बढ़कर 18.10 डॉलर प्रति औंस रही।

घरेलू शेयर बाजार में गिरावट के साथ रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 71.17 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। मुद्रा डीलरों ने कहा कि अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं की तुलना में डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने रुपये में गिरावट को थामने का प्रयास किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया गिरावट के साथ 71.17 रुपये प्रति डॉलर पर खुला।

रुपया सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 71.11 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच , बंबई शेयर बाजार का सेसेंक्स शुरुआती कारोबार में 136.94 अंक यानी 0.33 प्रतिशत घटकर 41,391.97 अंक पर चल रहा था। ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.49 प्रतिशत गिरकर 64.88 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। शेयर बाजार के पास मौजूद आरंभिक आंकड़ों के मुताबिक , विदेशी संस्थागत निवेशक सोमवार को 5.87 करोड़ रुपये के शेयरों के शुद्ध लिवाल रहे।

कमजोर वैश्विक रुख के बीच एचडीएफसी , कोटक बैंक और आईटीसी जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट से सेंसेक्स मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 150 अंक गिर गया। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 150.97 अंक यानी 0.36 प्रतिशत घटकर 41,377.94 अंक पर आ गया। इसी प्रकार , नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी शुरुआती दौर में 45.70 अंक यानी 0.37 प्रतिशत गिरकर 12,178.85 अंक पर आ गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में कोटक बैंक में सबसे ज्यादा 1.25 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इसके अलावा टाटा स्टील , हीरो मोटोकॉर्प , एचडीएफसी , एचडीएफसी बैंक , पावरग्रिड और टाइटन भी नीचे रहे। इसके विपरीत , रिलायंस इंडस्ट्रीज , इंडसइंड बैंक , एनटीपीसी , एसबीआई , आईसीआईसीआई बैंक , ओएनजीसी और एचसीएल टेक लाभ में रहे। कारोबारियों के मुताबिक , कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के अनुरूप नहीं होने और वैश्विक बाजारों में नकरात्मक रुख के बीच घरेलू निवेशक सावधानी बरत रहे हैं।

शंघाई , हांगकांग , तोक्यो और सियोल के बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा। इस बीच , ब्रेंट कच्चा तेल 0.48 प्रतिशत गिरकर 64.89 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। शेयर बाजार के पास मौजूद आरंभिक आंकड़ों के मुताबिक , विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध रूप से 5.87 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक 1,419.85 करोड़ रुपये के शेयरों के शुद्ध बिकवाल रहे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव तकरीबन 10 दिनों की ऊंचाई पर चला गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई तेजी से घरेलू वायदा में भी तेल के भाव में तेजी का रुझान बना हुआ था. ली‍बिया में तनाव से कच्चे तेल की कीमत हुई प्रभावितअंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 दिनों की ऊंचाई पर गया भावदेश में पेट्रोल-डीजल कीमत पर भी आगे हो सकता है असर
तनावग्रस्त लीबिया से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से सोमवार को तेल के दाम में एक फीसदी से ज्यादा की तेजी आई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव तकरीबन 10 दिनों की ऊंचाई पर चला गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई तेजी से घरेलू वायदा में भी तेल के भाव में तेजी का रुझान बना हुआ था. 

घरेलू वायदा में भी तेजी - मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कच्चे तेल के फरवरी अनुबंध में सुबह 10.50 बजे 57 रुपये यानी 1.37 फीसदी की तेजी के साथ 4,219 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले तेल का भाव 4,222 रुपये प्रति बैरल तक उछला.  

फिर बढ़त सकती है कीमत - अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी आने से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर इजाफा हो सकता है. गौरतलब है कि लगातार पांच दिनों की कटौती के बाद दिल्ली में पेट्रोल 72 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है और डीजल का दाम भी 80 पैसे प्रति लीटर कम हो गया है. लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतों में ऐसे ही तेजी रही तो अगले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर से तेजी आ सकती है.

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार सोमवार को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम घटकर क्रमश: 74.98 रुपये, 77.58 रुपये, 80.58 रुपये और 77.89 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं.  

क्यों आई कच्चे तेल में तेजी - काफी लंबे अरसे से राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहे लीबिया की ताजा घटना से तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं से कीमतों में तेजी आई है. लीबिया में फौज द्वारा एक पाइपलाइन को बंद किए जाने के बाद नेशनल ऑयल कॉरपोरेशन ने कहा कि उसने दक्षिण-पश्चिम इलाके में दो ऑयलफील्ड को बंद करना शुरू कर दिया है.

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के मार्च डिलीवरी अनुबंध में 1.31 फीसदी की तेजी के साथ 65.70 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले ब्रेंट क्रूड का भाव 66 डॉलर प्रति बैरल तक उछला. बीते नौ जनवरी के बाद का ब्रेंट क्रूड के दाम का यह सबसे ऊंचा स्तर है.

पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार दूसरे दिन उपभोक्ताओं को राहत दी गई है. तीन दिनों से जारी बढ़ोतरी के बाद रविवार को पेट्रोल-डीजल के दाम में कमी आई थी. सोमवार को फिर से रेट में थोड़ी कटौती की गई.

सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल का दाम 10 पैसे प्रति लीटर घटकर 75.80 रुपये प्रति लीटर हो गया. इसी तरह डीजल 5 पैसे प्रति लीटर घटकर 69.06 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

कितना हुआ अब रेट - इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में सोमवार को पेट्रोल का दाम घटकर क्रमश: 75.80  रुपये, 78.39 रुपये, 81.39 रुपये और 78.76 रुपये प्रति लीटर हो गया है. इसी प्रकार कोलकाता में डीजल 71.43 रुपये, मुंबई में 72.42 रुपये और चेन्नई में डीजल 72.98 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

नए साल में पहली बार रविवार को तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती की थी. रविवार को दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल के दाम में 11 पैसे जबकि चेन्नई में 12 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई है जिसके बाद दिल्ली में पेट्रोल का दाम फिर 76 रुपये लीटर से नीचे आ गया. 

अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर - गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. कीमतें काफी ऊपर हो गई हैं, जिसकी वजह से अगले दिनों में भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बना रहेगा.

कच्चे तेल में जारी है उतार-चढ़ाव - अमेरिका ने इराक के एक एयरपोर्ट पर स्ट्राइक कर ईरान की सेना के सबसे हाई प्रोफाइल सैन्य अधिकारी मेजरल जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था जिसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है. अपने सैन्य अधिकारी की हत्या से ईरान गुस्से से उबल रहा है. उसने पलटवार करते हुए बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे गए.

इस तनातनी की वजह से लंदन के ब्रेंट क्रूड का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नरमी दिखाने के बाद इसमें नरमी आई है. अब ब्रेंट क्रूड 65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है.

नई दिल्ली: सेंसेक्स में 300 अंको की बढ़त और मजबूत रुपये के बीच सोने के दाम (Gold Price Today) भी अब गिरने लगे हैं. सोमवार को MCX पर सोने की कीमत 126 रुपये की गिरावट के साथ 39,745 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. वहीं चांदी में भी 226 रुपये की गिरावट के साथ 46,685 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है.

दिल्ली में पिछले सप्ताह ये रहे सोने के दाम
हमारे सहयोगी ज़ीबिज़ के अनुसार, विदेशों में सोने के दामों में रही तेजी का असर पिछले सप्ताह दिल्ली सराफा बाजार पर भी देखा गया. दिल्ली सराफा बाजार में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोने के दामों में 380 रुपये की तेजी रही. सोना 41,670 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. सोना बिटुर भी तेजी के साथ सप्ताहांत पर 41,500 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. आठ ग्राम वाली गिन्नी 100 रुपये की साप्ताहिक तेजी के साथ 31,000 रुपये हो गई. 

एक दिन में 1,160 रुपये टूटा सोना
यह लगातार पांचवां सप्ताह है जब स्थानीय बाजार में सोने की कीमत बढ़ी है. इन पांच सप्ताह के दौरान यह 2,570 रुपये महंगा हो चुका है. बीते सप्ताह इसमें भारी उतार-चढ़ाव देखा गया. बुधवार को यह 42,300 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गया था. हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से अगले ही दिन 1,160 रुपये टूट गया. चांदी में विदेशों में नरमी रही जिससे स्थानीय बाजार में भी यह 475 रुपये लुढ़ककर सप्ताहांत पर 48,025 रुपये प्रति किलोग्राम रह गयी.चांदी के दामों में आई गिरावट
चांदी हाजिर 475 रुपये गिर कर सप्ताहांत पर 48,025 रुपये प्रति किलोग्राम रह गयी. चांदी वायदा 616 रुपये की गिरावट में 46,911 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गयी. सिक्का लिवाली और बिकवाली 40-40 रुपये की साप्ताहिक बढ़त के साथ क्रमश: 980 रुपये और 990 रुपये प्रति इकाई पर पहुंच गये.

सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार हरे निशान के साथ खुला है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 128.86 अंक यानी 0.31 फीसदी की बढ़त के बाद 41,728.58 के स्तर पर खुला.
नई दिल्ली. सोमवार को हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी उछाल दर्ज किया गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 128.86 अंक यानी 0.31 फीसदी की बढ़त के साथ 41,728.58 के रिकॉर्ड स्तर पर खुला. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी  46.55 अंक यानी 0.38 फीसदी की बढ़त के बाद 12,303.35 के स्तर पर खुला.

वैश्विक संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत आज अच्छी तेजी के साथ हुई है. दिग्गज शेयरों के साथ ही मिड और स्मॉलकैप शेयर में भी तेजी नजर आ रही है. बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.28 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.15 फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है. तेल-गैस शेयरों में भी आज जोरदार तेजी नजर आ रही है. बीएसई का ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.27 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है.  
दिग्गज शेयरों की बात करें, तो इंफोसिस, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, सन फार्मा, इंफ्राटेल, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक और एसबीआई के शेयर हरे निशान पर खुले. वहीं यस बैंक, टाटा मोटर्स और टीसीएस के शेयर लाल निशान पर खुले.

शुक्रवार को दिनभर के कारोबार के बाद शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ था. सेंसेक्स 147.37 अंक यानी 0.36 फीसदी की बढ़त के बाद 41,599.72 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं निफ्टी 40.90 अंक यानी 0.33 फीसदी की बढ़त के बाद 12,256.80 के स्तर पर बंद हुआ था.

           ओयो 1,200 कर्मचारियों की छंटनी करने वाली हैअब तक 12 फीसदी की छंटनी की जा चुकी है
होटल इंडस्‍ट्री की चर्चित कंपनी ओयो (Oyo) के कर्मचारियों की नौकरी खतरे में है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी अगले तीन से चार महीनों में भारत में 1,200 अन्य कर्मचारियों की छंटनी करने वाली है. भारत के अलावा चीन में भी कंपनी कर्मचारियों की संख्‍या कम करेगी. यहां बता दें कि स्‍टार्टअप कंपनी ओयो भारत और चीन में बजट होटल सर्विस मुहैया कराती है.

कितने कर्मचारियों पर संकट?

रिपोर्ट के मुताबिक ओयो चीन में कार्यरत 12 हजार कर्मचारियों में से 5 फीसदी को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है. वहीं भारत में कार्यरत 10 हजार कर्मचारियों में से 12 फीसदी की छंटनी की जा चुकी है. जिन विभागों में छंटनी हुई है उनमें सेल्स, सप्लाई और ऑपरेशन शामिल हैं. इसके अलावा आने वाले तीन से चार महीने में 1200 अन्‍य कर्मचारियों की भी छंटनी होगी.

क्‍या कहा कंपनी ने?

रितेश अग्रवाल द्वारा स्थापित फर्म ओयो ने एक बयान में कहा, "हम काम करने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक हैं. इसकी एक अहम वजह लगातार कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन, ईनाम और पहचान करने की हमारी क्षमता रही है." बहरहाल, ओयो के भीतर का यह संकट मासायोशी सोन की सॉफ्टबैंक के लिए चिंता बढ़ाने वाला है.

इस कंपनी को सॉफ्टबैंक ने विजन फंड के जरिए 1.5 बिलियन डॉलर इन्वेस्ट किए हैं. कंपनी की वैल्‍यू फिलहाल 10 बिलियन डॉलर है. वहीं ओयो रूम्स के पास एक लाख से अधिक कमरे हैं.  बता दें कि 'ओरावल' नाम से शुरू हुई वेबसाइट का नाम साल 2013 में ओयो रूम्‍स दिया गया. इसकी शुरुआत रितेश अग्रवाल ने की थी. बेहद कम समय में इस स्‍टार्टअप को पहचान और सॉफ्टबैंक का समर्थन भी मिल गया.

      नयी दिल्ली. देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी टीसीएस ने शुक्रवार को कहा कि साइरस मिस्त्री को पुन: कंपनी का निदेशक बनाने के राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के फैसले पर उच्चतम न्यायालय ने रोक लगा दी है। टीसीएस ने एनसीएलएटी के निर्णय के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी।

टीसीएस ने कहा, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय ने 10 जनवरी के आदेश में एनसीएलएटी के उक्त फैसले पर रोक लगा दी है और मामले को अगली तारीख की सुनवाई के लिये सूचीबद्ध कर दिया है।'' उच्चतम न्यायालय ने मिस्त्री को पुन: टाटा समूह का कार्यकारी चेयरमैन बनाने के एनसीएलएटी के निर्णय पर भी रोक लगा दी है। टीसीएस ने शेयर बाजार को अलग से बताया कि वह दिसंबर तिमाही के परिणाम की घोषणा 17 जनवरी को करेगी। कंपनी ने तीसरे अंतरिम लाभांश के भुगतान के लिये 25 जनवरी रिकॉर्ड तिथि तय की है। उसने कहा कि निदेशक मंडल परिणाम को मंजूरी देने के लिये 17 जनवरी को बैठक करेगा। निदेशक मंडल शेयरधारकों को तीसरा अंतरिम लाभांश देने पर भी विचार करेगा।

       अमेज़न इंडिया की बहुप्रतीक्षित ‘ग्रेट इंडियन सेल’ वापस आ गई है, इसमें 19 से 22 जनवरी, 2020 तक बड़ी बचत की पेशकश की जा रही है. जबकि प्राइम मेंबर्स को 12 घंटे का एक्सक्लूसिव अर्ली एक्सेस मिलेगा, इनके लिए यह सेल 18 जनवरी, 2020 को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी. इस सेल में स्मार्टफ़ोन, कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन एवं सौंदर्य, घर एवं रसोई, लार्ज अप्लाइंसेस, टीवी, रोजाना इस्तेमाल किये जाने वाले प्रोडक्ट्स पर शानदार डील्स मिलेगी. साथ ही, ग्राहक अमेजन.इन पर सैकड़ों कैटेगरी में 20 करोड़ से ज्यादा प्रोडक्ट्स की खरीदारी कर सकते हैं.

ग्रेट इंडियन सेल के दौरान खरीदारी करने वाले ग्राहक एसबीआई क्रेडिट कार्ड और ईएमआई के साथ 10 फीसदी  का अतिरिक्त इंस्टेंट डिस्काउंट प्राप्त कर सकेंगे. ग्राहक बजाज फिनसर्व ईएमआई कार्ड, अमेज़ॅन पे आईसीआईसीआई क्रेडिट कार्ड और ईएमआई एवं चुनिंदा डेबिट और क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर नो-कॉस्ट ईएमआई के साथ 12 करोड़ से अधिक उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं. ग्रेट इंडियन सेल में ग्राहक बड़े ब्रांड्स पर बड़ी बचत प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा अमेजन की इको रेंज, फायर टीवी स्टिक और किंडल ईडीडर्स जैसे अमेज़न डिवाइसेस पर शानदार डील्स पा सकते हैं. अमेजन ग्रेट इंडियन सेल में ग्राहकों के लिए बेहतरीन भारतीय प्रोडक्ट पेश किए जाएंगे. यहां न केवल बड़े ब्रांड मिलेंगे, बल्कि छोटे और मध्यम व्यवसायों के अनूठे उत्पाद, इनोवेटिव टेक प्रोडक्ट्स, भारतीय स्टार्टअप्स के हेल्थ फूड प्रोडक्ट्स और भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के कारीगरों, बुनकरों और आदिवासी समुदाय के पारंपरिक हैंडीक्राफ्ट और बुनाई पेश की जाएंगी. अमेजन ग्रेट इंडियन सेल ग्राहकों को भारत के कारीगरों, महिला उद्यमियों और एमएसएमई द्वारा पेश की गई विशाल प्रोडक्ट रेंज में से खरीदारी का मौका प्रदान करेगी. इतना ही नहीं, स्टार्ट-अप और उभरते हुए ब्रांड बड़ी संख्या में क्रिएटिव गिफ्टिंग प्रोडक्ट, खास गैजेट और हर दिन के लिए इनोवेटिव सॉल्यूशंस पेश करेंगे.

अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से मिले सकारात्मक संकेतBSE सेंसेक्स 113 अंकों की तेजी के साथ 41,585 पर खुलाNSE का निफ्टी 56 अंकों की तेजी के साथ 12,271 पर खुला
ग्‍लोबली मिल रहे पॉजिटिव संकेतों के बीच सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में जबरदस्‍त तेजी दर्ज की गई. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स 41 हजार 800 अंक के स्‍तर के करीब था तो वहीं निफ्टी ने नए रिकॉर्ड बनाए. निफ्टी पहली बार 12 हजार 300 अंक के स्‍तर को पार किया. यह अब तक का उच्‍चतम स्‍तर है. वहीं सेंसेक्‍स ने 20 दिसंबर 2019 को 41 हजार 809 अंक के उच्‍चतम स्‍तर को टच किया था. बाजार में तेजी का यही माहौल रहा तो आज यानी शुक्रवार को यह रिकॉर्ड टूट सकता है.

- इससे पहले सेंसेक्स 113 अंकों की तेजी के साथ 41,585 पर खुला. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 56 अंकों की तेजी के साथ 12,271 पर खुला.

- कारोबार के दौरान एसबीआई, टाटा स्‍टील, एनटीपीसी, सनफार्मा और बजाज फाइनेंस के शेयर में तेजी रही.

इन्‍फोसिस में 2 फीसदी की तेजी

देश की दिग्गज आईटी फर्म इन्फोसिस के शेयर में 2 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई. दरअसल, शुक्रवार को तीसरे क्‍वार्टर के नतीजों का ऐलान होने की संभावना है. यही वजह है कि तेजी आई है. बता दें कि बीते कुछ महीनों में इन्‍फोसिस लगातार विवादों में है. कंपनी की मैनेजमेंट पर गड़बड़ी के आरोप भी लगे. गौरतलब है कि ग्लोबल पॉजिटिव खबरों की वजह से गुरुवार को भी भारतीय शेयर बाजार में रौनक देखी गई. कारोबार के अंत में सेंसेक्‍स 634.61 अंक यानी 1.55 फीसदी की बढ़त के साथ 41,452.35 अंक पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी 190.55 अंक (1.58%) की तेजी के साथ 12,215.90 अंक पर रहा. कारोबार के दौरान सेंसेक्‍स  41,482 अंक के उच्‍चतम और 41,175 अंक के निचले स्‍तर पर आया.

दो दिन में दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने (Gold Rate 10 January 2020) के दाम 846 रुपये प्रति दस ग्राम तक कम हो गए है. वहीं, शुक्रवार को चांदी 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है. आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटने से विदेशी बाजार में सोने के दाम लुढ़क गए है.

नई दिल्ली. रुपये में आई मज़बूती और विदेशी बाजार में कीमतें गिरने से घरेलू बाजार में लगातार दूसरे दिन सोने के दाम लुढ़क गए है. दो दिन में दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने के दाम (Gold Rate 10 January 2020)- 846 रुपये प्रति दस ग्राम तक कम हो गए है. वहीं, शुक्रवार को चांदी 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है. आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटने से विदेशी बाजार में सोने के दाम लुढ़क गए है.

सोने की नए भाव (Gold Price 10 January 2020)- शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा में 99.9 फीसदी वाले सोने के दाम 40,634 रुपये से गिरकर 40,554 रुपये पर आ गए है. जबकि, 24 कैरेट सोने की कीमत 41400 रुपये प्रति दस ग्राम से गिरकर 40,634 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गई थी. इस दौरान सोने की कीमतें 766 रुपये प्रति दस ग्राम तक सस्ती हुई. आपको बता दें कि दो दिन में ही सोने के दाम 846 रुपये तक लुढ़क गए है.

बुधवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमतें 41,325 रुपये से बढ़कर 41,810 रुपये पर पहुंच गई है. इस दौरान कीमतों में 485 रुपये प्रति दस ग्राम की तेजी आई.

सेंसेक्‍स 634.61 अंक की बढ़त के साथ 41,452.35 अंक पर बंदनिफ्टी 190.55 अंक की तेजी के साथ 12,215.90 अंक पर रहा बीते एक हफ्ते से ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव कम होता दिख रहा है. वहीं ट्रेड वॉर के मोर्चे पर अमेरिका और चीन के बीच पहले चरण का समझौता होने वाला है. ग्‍लोबली पॉजीटिव खबरों की वजह से गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में रौनक देखी गई. कारोबार के अंत में सेंसेक्‍स 634.61 अंक यानी 1.55 फीसदी की बढ़त के साथ 41,452.35 अंक पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी 190.55 अंक (1.58%) की तेजी के साथ 12,215.90 अंक पर रहा. कारोबार के दौरान सेंसेक्‍स  41,482 अंक के उच्‍चतम और 41,175 अंक के निचले स्‍तर पर आया.

ईरान-अमेरिका में तनाव कम - ईरान के समक्ष अमेरिका के शांति प्रस्ताव के बाद वैश्विक बाजारों में सुधार देखा गया. इसे पश्चिमी एशिया में तनाव कम करने के लिए अहम माना जा रहा है. कारोबारियों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान नेतृत्व को शांति की पेशकश करने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में सुधार देखा गया.  इसके चलते घरेलू निवेशकों का रुख भी सकारात्मक रहा.  ट्रंप ने दावा किया कि इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले में किसी भी अमेरिकी को नुकसान नहीं पहुंचा है.  ट्रंप ने साथ ही ईरानी नेतृत्व के सामने शांति की पेशकश की है. इस नरम हालात में कच्‍चे तेल के भाव भी कम हो गए.

 चीन-अमेरिका में पहले चरण का समझौता - इस बीच, चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि चीन के उप-प्रधानमंत्री लियू हे अमेरिका के साथ "पहले चरण" का व्यापार समझौता करने के लिए न्‍यूयॉर्क जाएंगे. मंत्रालय ने कहा कि लियू सोमवार से बुधवार तक अमेरिका में रहेंगे. इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और चीन के बीच नये आंशिक व्यापार समझौते पर 15 जनवरी को हस्ताक्षर किए जाएंगे.

केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी कंपनियों को हर तरह के एसी में डिफॉल्ट तापमान 24 डिग्री रखना होगा। ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियएंसी और सरकार ने 1 जनवरी से यह एनर्जी परफॉर्मेंस तय किया है। एसी बनाने वाली कंपनियों के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी कंपनियां केवल उन एसी का निर्माण कर पाएंगी जिनका न्यूनतम तापमान 16 के बजाए 24 डिग्री पर तय होगा। नए नियम के पीछे सरकार का उद्देश्य ऊर्जा की बचत के साथ ही ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन को कम करना भी है। इस नियम से 1 वर्ष में करीब 4.6 अरब यूनिट ऊर्जा की बचत होगी। दुनिया में भारत, जापान के बाद दूसरा देश होगा, जहां यह नियम लागू होगा। इस पर एक रिसर्च करवाया था था और 2018 में एयर कंडीशनर में तापमान 24 डिग्री सेल्सियस निर्धारित करने की सिफारिश की थी।सभी प्रकार के 1 से लेकर के 5 स्टार रेटिंग वाले इन्वर्टर और सामान्य एसी 24 डिग्री पर पर शुरू होंगे। स्पलिट एसी का नया स्टैंडर्ड 3.30 से 5 और विंडो एसी के 2.70 से 3.50 के बीच होगा।

   भारत में सोने को लेकर काफी आकर्षण है साथ ही इससे सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। यही कारण है कि इस पीली धातु के प्रति लोगों का रुझान कम ही नहीं होता। हाल ही में सोने के दामों में बेहत तेजी दर्ज की गई। माना जा रहा है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी रहता है तो सोना नई ऊंचाई को छू सकता है। अमेरिका और चीन के बीच पिछले डेढ साल में व्यापारिक मसलों के टकराव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास की रफ्तार धीमी हो गई है| इसी कारण 2019 में सोने के दामों में उछाल आया|

       पिछले सप्ताह सोने के भावों में 29 डॉलर से अधिक बढ़ते हुई| ऐसा माना जा रहा है अभी सोने के भावों में और भी उछाल आएगा| 2019 में सोने में निवेश करने वाले लोगों को अच्छा रिटर्न मिला| ऐसे में माना जा रहा है कि इस साल भी सोने के भावों में निवेश करने वालों को अच्छी रिटर्न का बेहतर विकल्प मिल सकता है| वहीं देश में सोने का भाव 40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचकर नए रिकॉर्ड बना रहा है| एक्सपर्ट मान रहे हैं कि आने वाले तीन महीनों में ये भाव और अधिक बढ़ सकता है| चलिए जानते हैं सोने के दामों में तेजी होने के कारण|

      अमेरिकी एयरस्ट्राइक के दौरान ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है| इससे सोने के दामों को बढ़ने का सपोर्ट मिल रहा है| वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती और डॉलर में कमजोरी भी सोने के दामों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है| 

म्यूचुअल फंड में इंवेस्ट करना न सिर्फ बहुत आसान हो गया हे बल्कि आप बहुत ही कम समय में अपने निवेश की रकम को कुछ ही सालों में कई गुणा बढ़ा सकते हैं.

 

आपको जानकर हैरानी होगी कि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के लांग टर्म इक्विटी फंड के जरिए लोगों को 20 सालों में 36 गुणा रिटर्न दिया है. 1999 में आईसीआईसीआई म्यूचुअल फंड में जिन लोगों ने मात्र 1 लाख रूपए का निवेश किया था आज उसका रिटर्न उन्हें 36 लाख रूपए के रूप में मिल रहा है.

म्यूचुअल फंड से ना सिर्फ आप अपना टैक्स बचाते हैं बल्कि ये रिटर्न पाने का एक बेहतर विकल्प भी है. यदि किसी व्यक्ति ने 10 हजार रूपए मासिक के हिसाब से एसआईपी में इंवेस्ट किया था तो अब वो कीमत 24 लाख 20 हजार रूपए से बढ़कर 2 करोड़ 13 लाख रूपए के साथ निवेशकों को रिटर्न में मिली है.

सिप यानिए एसआईपी में निवेश का सबसे बड़ा फायदा आप डेढ़ लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर टैक्स सेविंग कर सकते हैं. इसके अलावा ये आपकी रिटायरमेंट की सेविंग के लिए बेहतर विकल्प है. इतना ही नहीं, आप सिप में निवेश करके बेहतर रिटर्न पा सकते हैं. ध्यान रहें, म्यूचुअल फंड में निवेश करने में रिस्क होता है लेकिन लॉन्ग टर्म में निवेश करने का आपको निश्चित रूप से लाभ मिलता है.

 कल 6 करोड़ किसानों में बांटे जाएंगे 12000 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार नए साल पर किसानों को एक बड़ा तोहफा देने जा रही है| 2 जनवरी को मोदी सरकार की फ्लैगशिप PM-Kisan योजना के तहत करोड़ों किसानों को इस योजना का फायदा मिलेगा| Financial Express की एक रिपोर्ट ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि कर्नाटक के तुमकुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह करोड़ किसानों के लिए 12,000 करोड़ की रकम जारी करेंगे| सूत्रों ने बताया कि किसानों को दिसंबर महीने की 2,000 रुपये की किश्त नहीं मिली है| सरकार की योजना किसानों को नए साल पर एक साथ ही पूरी रकम देने की है|

14 करोड़ किसानों को फायदा मिलने का अनुमान
इस वित्त वर्ष की यह आखिरी किश्त होगी| इस किश्त में 6.5 करोड़ किसानों को फायदा मिलेगा| इतने किसानों का डेटा उनके आधार से जुड़े बैंक अकाउंट के साथ वेरिफाई कर लिया गया है| सरकार की इस योजना में 14 करोड़ किसानों को फायदा मिलने का अनुमान है| केंद्र सरकार 29 दिसंबर तक लगभग 9.2 करोड़ किसानों का डेटा इकट्ठा कर चुकी है| उत्तर प्रदेश में कुल 2.4 करोड़ किसान हैं, जिनमें से 2 करोड़ किसानों का डेटा इकट्ठा हो चुका है| इस स्कीम में बस पश्चिम बंगाल के किसानों का डेटा शामिल नहीं है, क्योंकि यहां की ममता बनर्जी की सरकार ने किसानों का डेटा साझा करने से मना कर दिया है|

FY19 में सरकार ने 6,000 करोड़ ट्रांसफर किया
इस योजना के शुरू होने के बाद से 30 नवंबर, 2019 तक केंद्र सरकार 35,955.66 करोड़ रुपये की रकम पहली किश्त 7.62 करोड़ किसानों, दूसरी किश्त 6.5 करोड़ और तीसरी किश्त 3.86 करोड़ किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर चुकी है| अकेले FY19 में सरकार ने 6,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं| ये भी पढ़ें: बेटी के लिए SSY के बाद नए साल पर ऐसे करें बेटे का

भविष्य सुरक्षित
बता दें कि पीयूष गोयल ने अपने वित्त मंत्री के कार्यकाल के दौरान अपने अंतरिम बजट में इस डायरेक्ट-बेनेफिट ट्रांसफर स्कीम का ऐलान किया था| इस योजना में 12 करोड़ छोटे और मार्जिनल किसानों , उन्हें तीन किश्तों में 2000-2000 करके साल भर में 6000 रुपये की रकम देने की योजना थी| हालांकि, इस साल दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में आने के बाद सरकार ने इसमें हर किसान को स्कीम का फायदा देने का फैसला किया|

      देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के कदम उठाने के बाद होम लोन फाइनैंस कंपनियां भी एक्सटर्नल बेंचमार्क रेट घटाने की तैयारी में जुट गई हैं। ये हाउसिंग फाइनैंस कंपनियां हर लोन प्रॉडक्ट में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 पर्सेंटेज पॉइंट तक की कमी करने पर विचार कर रही हैं। इन योजनाओं पर विचार करने के लिए ये कंपनियां जनवरी में अपनी ऐसेट लायबिलिटी कमिटी की मीटिंग बुला सकती हैं। LIC हाउसिंग फाइनैंस ने होम लोन कंपनियों की तरफ से पहल करते हुए कुछ दिनों पहले ही बेंचमार्क रेट में लगभग 25 बेसिस पॉइंट की कमी की थी। सूत्रों ने बताया कि HDFC, PNB हाउसिंग फाइनैंस, इंडियाबुल्स हाउसिंग ने भी रेट कट के वित्तीय पहलुओं पर विचार करना शुरू कर दिया है।
       ICRA रेटिंग्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कार्तिक श्रीनिवासन ने कहा, 'कॉम्पिटिटर्स के दबाव के चलते हाउसिंग फाइनैंस कंपनियां भी रेट में कमी लाना शुरू करेंगी। रेट कट कितना पर्सेंटेज पॉइंट होगा, यह उनकी उधारी की लागत पर निर्भर करेगा। चुनिंदा फर्म्स को छोड़कर बाकी हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों के लिए सस्ता फंड हासिल करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। उनके पास पब्लिक डिपॉजिट के ऐक्सेस वाले बैंकों जितनी लिक्विडिटी नहीं है।'
       सितंबर 2018 में IL & FS के रिपेमेंट में डिफॉल्ट कर जाने से डेट इन्वेस्टर्स में बदहवासी मचने के बाद से होम लोन कंपनियों को लिक्विडिटी के मोर्चे पर बैंकों से ज्यादा चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। होम लोन कंपनियों का रेट कट एकसमान होने के बजाय प्रॉडक्ट के हिसाब से हो सकता है। LIC हाउसिंग उन ऐप्लिकेशंस पर कम रेट लेगी जिसमें कम से कम एक ऐप्लिकेंट फीमेल होगी।
       PNB हाउसिंग फाइनैंस लिमिटेड के सीएफओ कपीश जैन ने कहा, 'कॉम्पिटिशन, कॉस्ट ऑफ बॉरोइंग और अपने कई होम लोन प्रॉडक्ट्स की मौजूदा प्राइसिंग जैसे एक्सटर्नल फैक्टर्स को देखते हुए रेट कट पर फैसला लिया जाएगा।' इसी महीने होने वाली कंपनी की ऐसेट लायबिलिटी कमिटी की अगली मीटिंग में रेट रीसेट से जुड़े फैसलों की समीक्षा की जाएगी। होम लोन फाइनैंस कंपनियों की लोन ग्रोथ इस साल सुस्त रही है जिसके चलते बैंकों को उनका मार्केट शेयर हथियाने का मौका मिल गया। ICRA रेटिंग्स के डेटा के मुताबिक सितंबर क्वॉर्टर में टोटल हाउसिंग लोन लगभग 10% बढ़कर 19.5 लाख करोड़ रुपये हो गया। टोटल होम लोन में हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों और नॉन बैंकिंग फाइनैंस कंपनियों का हिस्सा 36% रह गया है जो सालभर पहले 38% था जबकि बैंकों का हिस्सा पिछले साल के 62% से बढ़कर 64% हो गया। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनैंस के एमडी गगन बंगा ने कहा, 'हम जनवरी के पहले हफ्ते में होनेवाली अपनी ऐसेट लायबिलिटी कमिटी की मीटिंग में रेट कट पर विचार करेंगे। कैलेंडर इयर 2020 के पहले क्वॉर्टर में लोन की डिमांड में रिकवरी होने की उम्मीद है।' मार्च क्वॉर्टर में कंजम्पशन को बढ़ावा देने की सरकार की कोशिशों से लेंडर्स को लोन ग्रोथ बढ़ने की उम्मीद बंधी है।

  बिना सब्सिडी वाला घरेलू गैस सिलिंडर साल के पहले दिन महंगा हो गया है। लगातार पांचवें महीने एलपीजी गैस सिलिंडर की कीमत में इजाफा हुआ है। महानगरों में 14.2 किलोग्राम वाला इंडेन गैस 22 रुपये तक महंगा हो गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलिंडर की कीमत दिल्ली में 714 रुपये, कोलकाता में 747 रुपये, मुंबई में 684.50 रुपये और चेन्नै में 734 रुपये है। अगस्त महीने से घरेलू गैस करीब 140 रुपये तक महंगा हो चुका है।
         दिसंबर में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस की कीमत दिल्ली में 695 रुपये, कोलकाता में 725.50 रुपये, मुंबई में 665 रुपये और चेन्नै में 714 रुपये थी। अगस्त के महीने में रसोई गैस सिलिंडर करीब 62 रुपये सस्ता हुआ था। उसके बाद हर महीने कीमत में उछाल आया। अगस्त महीने से घरेलू गैस करीब 140 रुपये तक महंगा हो चुका है। 19 किलोग्राम वाले सिलिंडर की कीमत में भी करीब 33 रुपये तक का इजाफा हुआ है। 1 जनवरी से इस सिलिंडर की कीमत दिल्ली में 1241 रुपये, कोलकाता में 1308.50 रुपये, मुंबई में 1190 रुपये और चेन्नै में 1363 रुपये है। दिसंबर में 19 किलोग्राम वाले सिलिंडर की कीमत दिल्ली में 1211.50 रुपये, कोलकाता में 1275.50 रुपये, मुंबई में 1160.50 रुपये और चेन्नै में 1333 रुपये थी।

व्यक्ति या ऑर्गनाइजेशन बैंक से 1 करोड़ रूपए या उससे अधिक निकालता है तो उसे बैंक को 2 फीसदी टैक्स देना होगा| इस नियम को 1 सितंबर को लागू किया गया था| इस नियम का अहम मकसद लोगों द्वारा कैश के लेन-देन में कमी करना है| इन सभी नियमों और शर्तों को सरकार ने सरकार ने फाइनेंस बिल में सेक्शन 194एन के तहत पेश किया था|
      हालांकि कुछ ऐसी कंडीशंस भी हैं जब इतना अधिक पैसा निकालने के लिए आपको टैक्स नहीं देना होगा| इस स्थिति में टैक्स बचाने के लिए कैश निकालने वाले व्यक्ति को सेंट्रल, स्टेट, बैंक, डाकघर या आरबीआई से परामर्श करना होगा और सरकार द्वारा नोटिफाई होने पर ही उस व्यक्ति को टैक्स नहीं देना होगा|
      टैक्स काटने की में स्थिति में ये जरूरी नहीं कि आप एक साथ ही 1 करोड़ रूपए निकालें| यदि आपने हर सप्ताह कुछ लाख रूपए या हर महीने 10-10 लाख रूपए निकाले तो एक साल के अंदर 1 करोड़ रूपए की निकासी होते ही टैक्स के रूप में आपके 2 लाख रूपए कट जाएंगे| बैंक टैक्स काटकर सरकार को जमा करवा देता है|
         

इस साल बीएसई के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में ना सिर्फ 15 फीसदी की तेजी हुई है बल्कि कई शेयरों ने रिकॉर्ड तोड़ तेजी दिखाई| एक्सपर्ट मान रहे हैं कि अगले साल भी इन शेयरों का बोलबाला रहेगा| जानिए आपका 2020 में किन शेयरों में निवेश करने से मिल सकता है बड़ा लाभ| 

 

  • एयरटेल कंपनी के शेयर्स ने इस साल सेंसेक्स में धूम मचाई| कंपनी शेयर्स को इस साल 59.23% का फायदा हआ| इनका करेंट प्राइज 457.35 है|
  • बजाज फाइनैंस हमेशा से ही निवेशकों की पसंद रहा है| इस साल भी लोगों ने इसमें खूब निवेश किया| इस साल इनके शेयर्स में 56.69% बदलाव हुआ| इनका करेंट प्राइज 4138.35 है|
  • आईसीआई बैंक के शेयर्स ने भी इस साल अच्छा परफॉर्म किया| इन्होंने 50.29% का प्रोफिट शेयर होल्डर्स को दिया| इनका करेंट प्राइज 541.04 है| निवेश के हिसाब से
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे सुरक्षित माना जाता है| इस साल इनके शेयर्स में 37.9% बदलाव हुआ| इनका करेंट प्राइज 1545.95 है|
  • कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर्स ने इस साल आउटस्टैंडिंग परफॉर्म किया| 36.42% तक इस साल इनके शेयर्स में बदलाव देखा गया| इनका करेंट प्राइज 1,711.7 है|
     

गुरुवार को सोने का वायदा भाव 107 रुपये की बढ़त के साथ 38,746 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने का फरवरी अनुबंध 107 रुपये या 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38,746 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। इसमें 2,981 लॉट का कारोबार हुआ। इसी तरह सोने का अप्रैल अनुबंध 147 रुपये या 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38,835 रुपये प्रति दस ग्राम रहा। इसमें 277 लॉट का कारोबार हुआ।  
         चांदी का वायदा भाव 482 रुपये की बढ़त के साथ 46,988 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में चांदी का मार्च आपूर्ति का अनुबंध 482 रुपये की बढ़त के साथ 46,988 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इसमें 2,654 लॉट का कारोबार हुआ। इसी तरह चांदी का मई अनुबंध 574 रुपये की छलांग से 47,462 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। 

पीपीआई का उपयोग 10 हजार रुपये तक की खरीददारी और सर्विस का लाभ उठाने के लिए किया जा सकता है| पीपीआई कार्ड या इलेक्ट्रॉनिक रूप में हो सकता है| रिजर्व बैंक ने छोटी डिजिटल पेमेंट के लेन-देन को बढ़ावा देने के लिये हाल ही में पीपीआई को जारी किया है| आप कार्ड या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ही इसमें पैसे भर सकते हैं| कुछ समय पहले ही आरबीआई ने घोषणा की थी कि वो छोटे मूल्य के डिजिटल लेन-देन के लिये इस प्रकार के पीपीआई को पेश करेगा| आरबीआई ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा है कि छोटी कीमतों के लिए डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने और ग्राहकों को बेहतर अनुभव करवाने के लिए इस नए तरह के सेमी-क्लोज्ड पीपीआई को जारी किया गया है|
 फिलहाल तीन प्रकार के पीपीआई - क्लोज्ड सिस्टम, सेमी क्लोज्ड ओर ओपन पीपीआई हैं|
क्लोज्ड पीपीआई- आप केवल वस्तुओं और विभिन्न सेवाओं को खरीद सकते हैं इसके जरिए आप कैश नहीं निकाल सकते और ना ही किसी तीसरी पार्टी के लिए भुगतान कर सकते| 
सेमी क्लोज्ड पीपीआई- में छोटी मूल्य वाली वस्तुओं और सेवाओं को खरीद सकते हैं| साथ ही इनमें के साथ मनी ट्रांसफर करने या मंगवाने की सुविधा होती है| 
ओपन पीपीआई- में अन्य सुविधाओं के साथ आप कैश भी निकाल सकते हैं|
       पीपीआई को बैंक और गैर-बैंकिंग इकाइयां ही जारी कर सकती हैं| इसके लिए ग्राहकों से उनकी कुछ बेसिक जानकारी लेने के बाद इसे जारी किया जाएगा| इसके लिए ग्राहकों को वन टाइम पिन-ओटीपी, अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड जैसी चीजें वैरीफिकेशन के दौरान देनी होंगी| 

     वरिष्ठ ना‍गरिकों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में अब वरिष्ठ नागरिक तय सीमा से दोगुनी कीमत का निवेश कर सकते हैं| 60 साल या इससे अधिक उम्र के लोग इस योजना में निवेश कर सकते हैं| निवेश की अंतिम तारीख मार्च 2020 तक है| इसमें 10 साल तक निवेश कर सकते हैं जिसमें आपको 8 फीसदी तक रिटर्न की गारंटी के साथ ही पेंशन भी मिलेगी| 
     निवेश की कीमत दोगुनी करने से मासिक अधिकत्तम 10 हजार रूपए और न्यूनतम 1 हजार तक पेंशन मिलेगी| निवेश के लिए https://eterm.licindia.in/onlinePlansIndex/pmvvymain.do इस वेबसाइट से फॉर्म भर सकते हैं और जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे पैन कार्ड, बैंक खाता डिटेल्स और एड्रेस प्रूफ अटैच कर सकते हैं| 
     बुजुर्ग की उम्र 60 साल या इससे अधिक होनी चाहिए| बुजुर्ग गिरवी रखे हुए घर में रह सकता है| बुजुर्ग की मृत्यु् के बाद घर बैंक का हो जाता है| घर की कीमत के आधार पर 60 फीसदी तक बैंक लोन देता है| बुजुर्ग को लोन वापिस नहीं करना होता| यदि बुजुर्ग के परिवार के सदस्य बैंक से घर वापिस लेना चाहते हैं तो उन्हें बैंक को घर की पूरी कीमत देनी होगी| 

बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं| 1 फरवरी 2020 को पेश होने वाले बजट के लिए वित्त मंत्रालय ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात शुरू कर दी है| 2020-21 के आम बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व परामर्श शुरू कर दिया है| इस क्रम में वित्त मंत्री ने सोमवार को दो महत्वपूर्ण बैठकें की| पहली बैठक में वित्त मंत्री ने डिजिटल इकोनामी फिनटेक और स्टार्टअप क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श किया|वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, वित्त सचिव राजीव कुमार, इकोनामिक अफेयर्स सचिव अतनु चक्रवर्ती, राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सचिव अजय प्रकाश साहनी, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम सचिव अंशु प्रकाश समेत वित्त मंत्रालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे| वहीं, उद्योग क्षेत्र की तरफ से इस बैठक में विप्रो की तरफ से दीपक आचार्य, जिओ मोबाइल्स की तरफ से विशाखा सहगल, नैसकॉम की तरफ से आशीष अग्रवाल, उबर की तरफ से अमित बंसल, एप्पल की तरफ से विराट भाटिया समेत तमाम लोगों ने अपनी तरफ से सरकार को बजट संबंधी सुझाव दिए|

एनईएफटी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का नायाब तरीका है| अब इसको लेकर नियम बदल गए हैं| अब एनईएफटी की सुविधा सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे मिलनी शुरू हो चुकी है| यह नियम आज से लागू होगा| बता दें कि इससे पहले शनिवार और रविवार को यह सुविधा बंद रहती थी| NEFT से कैसे ट्रांसफर करे पैसे- NEFT ट्रांजैक्शन के लिए इंटरनेट बैंकिंग इस्तेमाल करने वाले लोगों के पास थर्ड-पार्टी ट्रांजैक्शन ऐक्टिवेट कराना जरूरी है| इसके अलावा जिस आदमी को पैसा भेजा जाना है, उसे बेनिफिशरी के तौर पर ऐड करना जरूरी है| पैसे भेजने के लिए सबसे पहले ट्रांसफर ऑप्शन का चुनाव करें| इसके बाद बेनिफिशरी का नाम, राशि और ट्रांसफर का ब्योरा पेश करें| डीटेल्स और सिक्युरिटी ट्रांजैक्शन पासवर्ड देने के बाद ट्रांसफर की प्रोसेसिंग हो जाती है|

नौकरी के दौरान आपने जैसी शानदार जिंदगी जी है वैसी ही आप रिटायरमेंट के बाद भी जी सकते हैं| चलिए जानें इसके लिए आपको किन बातों का ध्यान रखना होगा| रिटायरमेंट के साथ ही इमरजेंसी फंड भी हमेशा निवेश करें| कई बार जरूरत पड़ने पर आपको अपना रिटायरमेंट निवेश ही खर्च करना पड़ता है| ऐसे में आप मुश्किल हालातों का सामना कर सकते हैं| रिटायरमेंट फंड के साथ ही इमरजेंसी फंड के लिए भी निवेश करें| इससे आप भविष्य में आने वाली मुसीबतों से आसानी से बच सकते हैं और अपनी रिटायरमेंट को खुशी-खुशी जी सकते हैं| रिटायरमेंट के लिए सेविंग बहुत जरूरी है और ये सेविंग आपको नौकरी के कुछ समय बाद ही शुरू कर देनी चाहिए| कुछ लोग लंबे समय तक रिटायरमेंट के बारे में नहीं सोचते, लेकिन आप ये गलती ना करें| हमेशा जोखिम भरे निवेश से दूर रहें| बहुत से लोग लालच में आकर या हाई रिर्टन के चक्कर में गलत निवेश कर जाते हैं| आप ऐसा ना करें| आप रिटायरमेंट के लिए निवेश ऐसी जगह करें जो बिल्कुल सुरक्षित हो और समय पर आपको आपकी पेंशन देने में मदद करें|

आप कितने साल का बीमा ले रहे हैं| आपको बीमा से क्या लाभ होगा| बीमा में क्या-क्या चीजें कवर होंगी| चलिए जानते हैं ऐसी ही और कौन सी अहम बातों का आपको ख्याल रखना है| कुछ लोग बीमा तो करवा लेते हैं लेकिन उसमें मनी बैक पॉलिसी ले लेते हैं| इससे हर साल आपको बीमा पॉलिसी का कुछ एमाउंट वापिस मिल जाता है| जबकि ऐसी पॉलिसी को अच्छा नहीं कहा जाता क्योंकि इसका कवर लाभ ना के बराबर होता है| साथ ही, हर साल आने वाले रूपयों को यदि आप सही जगह इंवेस्ट नहीं कर पाते तो आपका बीमा करवाने का कोई लाभ नहीं होता| ऐसे में मनी बैक इंश्योरेंस पॉलिसी से बचे| जरूरी बातें- आपको हमेशा हर चीज़ का इंश्योरेंस करवानी चाहिए| फिर वो सेहत का हो, वाहन का हो या फिर भूमिका| हर महंगी चीज का बीमा करवाकर आप लाखों के नुकसान से बच सकते हैं| आप इंश्योरेंस करवाकर अपने वेतन से टैक्स को बचा सकते हैं| हमेशा ध्यान रखें ही बीमा पॉलिसी में कुछ नियम और शर्तें छिपी हुई होती हैं| इनके बारे में अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर लें| जैसे बीमा के दौरान गंभीर रोगों या पहले से हुई बीमारी को कवर किया गया है नहीं| वाहन में किन कंडीशंस में बीमा मिलेगा| ये भी ध्यान रखें सिर्फ कंपनी की बीमा पॉलिसी पर निर्भर ना रहें| अपना निजी बीमा जरूर करवाएं क्योंकि आप ये नहीं जानते कि कब आपकी नौकरी चली जाए| समय-समय पर अपने बीमा और इसमें हो रही अपडेट्स के बारे में जानते रहें और समीक्षक के संपर्क में रहें|

यदि आप बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए सोच रहे हैं तो आपको अभी से ही उनके नाम का निवेश कर देना चाहिए| बच्चों के लिए निवेश करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए| निवेश योजना बनाएं- बच्चों के लिए निवेश के दौरान योजना बनाएं. जैसे बच्चे के 18 साल तक होने के लिए निवेश, शादी के लिए निवेश, पढ़ाई के लिए निवेश और बच्चे के जीवन के अहम समय के लिए निवेश| इन सभी निवेशों का कैलकुलेट करके अलग-अलग वर्ष के हिसाब से निवेश करना शुरू करें| मैच्योरिटी डेट का ध्यान रखें- निवेश करते हुए ध्यान रखें कि मैच्योरिटी डेट क्या है| आप पैसा किन कंडीशंस में निकाल सकते हैं| मैच्योरिटी डेट में किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी| इन जगहों पर करें निवेश - हमेशा एक ही जगह निवेश ना करें| आप एफडी, आरडी, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स और सिप में भी पैसा निवेश कर सकते हैं| इससे आपको अलग-अलग जगह से रिटर्न मिलेगी और जरूरत के हिसाब से आप इसका इस्तेमाल कर पाएंगे| नियमित रहें- यदि आपने निवेश कर दिया है तो इस बात का खास ख्याल रखें कि निवेश लॉन्ग टर्म के लिए हो और आप नियमित रूप से निवेश की निर्धारित तिथी पर रूपया जमा करवा सकें| ये भी सुनिश्चित करें कि आप छोटी-छोटी जरूरतों पर इस पैसे को ना निकालें| तालिका बनाएं- आपने जहां भी जितना निवेश किया है| उसका पूरा हिसाब मेंटन करके रखें| आप पूरे कैलकुलेशन का रिकॉर्ड अपने पास रखें| इससे समय आने पर आपको समस्या नहीं होगा|

16 दिसंबर से बदल रहा ये नियम ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन करने वाले लोगों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बड़ी राहत दी है| दरअसल, आरबीआई ने एक बयान में कहा कि अब नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के तहत ट्रांजेक्शन की सुविधा अवकाश समेत सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध होगी| इसका मतलब ये हुआ कि अब आप कभी भी और किसी भी वक्‍त NEFT के जरिए पैसों का ऑनलाइन लेन-देन कर सकते हैं| आरबीआई ने क्‍या कहा रिजर्व बैंक ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि NEFT ट्रांजेक्शन को चौबीसों घंटे, सातों दिन शुरू करने का निर्णय लिया गया है| इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने सभी सदस्य बैंकों को नियामक के पास चालू खाते में हर समय पर्याप्त राशि रखने को कहा है ताकि एनईएफटी ट्रांजेक्शन में कोई समस्या नहीं हो| वहीं सभी बैंकों को सही ढंग से इस सर्विस को लागू करने को कहा गया है| आरबीआई के मुताबिक बैंक NEFT में किए गए बदलाव के बारे में उपभोक्ताओं को सूचित कर सकते हैं| क्‍या होता है NEFT NEFT ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन का एक तरीका है| इसके तहत आप एक समय में 2 लाख रुपये तक की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं| यह ट्रांजेक्‍शन बैंक ब्रांच या फिर इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग के जरिए किया जा सकता है| अभी की बात करें तो सामान्‍य दिनों में NEFT ट्रांजेक्शन सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के दौरान होता है| वहीं पहले और तीसरे शनिवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक घंटे के आधार पर किया जाता है| आरबीआई के मुताबिक अक्टूबर 2018 से सितंबर 2019 की अवधि में NEFT से 252 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है| सालाना आधार पर इनके लेनदेन में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है| बता दें कि रिजर्व बैंक पहले ही एनईएफटी ट्रांजेक्शन पर शुल्क समाप्त करने का निर्णय ले चुका है|

केन्‍द्रीय जीएसटी और राज्‍य जीएसटी से जुड़े प्राधिकरण आज से नए जीएसटी रिटर्न के लिए राष्‍ट्रव्‍यापी जीएसटी हितधारक प्रतिक्रया दिवस मना रहे हैं| इसका मकसद नए जीएसटी रिटर्न के बारे में मौके पर ही आवश्‍यक प्रतिक्रियाएं प्राप्त करना है| नई प्रणाली 1 अप्रैल 2020 से अमल में आएगी| आधिकारिक बयान के तहत इसके तहत अनुपालन में हो रही आसानी के आकलन और इन नये रिटर्नों की अपलोडिंग पर जोर दिया जाएगा ताकि जब ये रिटर्न भरना अनिवार्य हो जाएं, तो कारो‍बारियों को किसी भी तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े| फीडबैक में कौन लेंगे भाग इस फीडबैक से जुड़े इन सत्रों में उद्योग मंडल, करदाताओं, कर विशेषज्ञ एवं अनुपालन प्रबंधकों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले अन्‍य संगठन भाग लेंगे| इस अवसर पर कर अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे, जो करदाताओं का मार्गदर्शन करेंगे और इसके साथ ही नए रिटर्नों को उपयोग में लाने के लिए उनकी सहायता करेंगे| गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स को लागू करने के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर करदाता परामर्श की व्‍यवस्‍था की गई है| GST स्लैब की दरों में होने जा रहा बड़ा बदलाव वस्तु एवं सेवा कर पैनल रेवेन्यू कलेक्शन बढ़ाने के बारे में विचार कर रहा है| इसी सिलसिले में अब खबर आ रही है कि जीएसटी पैनल 5 फीसदी के टैक्स स्लैब को 1 फीसदी बढ़ाकर 6 फीसदी करना चाहता है| उम्मीद की जा रही है कि जीएसटी स्लैब में इस बदलाव से जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन में हर माह करीब 1,000 करोड़ रुपये का इजाफा होगा| इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संबंध में जीएसटी पैनल इसी माह के मध्य में राज्यों और अधिकारियों से बातचीत कर सकता है|

इनकम टैक्स में कटौती की तैयारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को इस बात की तरफ इशारा किया है कि बहुत जल्द ही इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया जा सकता है| सरकार की तरफ से यह कदम इसलिए उठाया जा सकता है ताकि लोगों के हाथों में अधिक से अधिक पैसे रखकर खपत को बढ़ाया जा सके| सरकार की तरफ से यह कदम एक ऐसे समय पर आएगा, जब कमजोर प्राइवेट इन्वेस्टमेंट और मांग में कमी की वजह से अर्थव्यवस्था चरमरा चुकी है| बजट तक करना पड़ सकता है इंतजार वित्त मंत्री ने हिंदुस्तान टाइम्स लीटरशीप समिट 2019 में कहा कि सरकार कई सारी चीजों पर विचार कर रही है| इनकम टैक्स में कटौती करना भी इन्हीं में से एक हो सकता है| जब उनसे पूछा गया कि कितनी जल्दी आम लोगों को इनकम टैक्स में कटौती का तोहफा मिल सकता है तो उन्होंने अपने जवाब में कहा कि बजट तक का इंतजार करिए| बता दें कि वित्त वर्ष 2021 के लिए फरवरी 2020 में केंद्रीय बजट पेश किया जाना है| GDP दर 4.5 फीसदी पर गौरतलब है कि सितंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार 4.5 फीसदी के करीब रही है, जोकि बीते 26 तिमाही में सबसे खराब है| हालांकि, बीते चार महीनों में केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई बड़े कदम उठाए हैं| सितंबर माह में केंद्र सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती करने का फैसला लिया था, जिसका सरकार के खजाने पर करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये का असर पड़ा था| भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले हफ्ते हुए मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया था|

अमेरिका और चीन के बीच चल रहे हैं ट्रेड वॉर से भारत को फायदा होते ही दिख रहा है| दरअसल ट्रेड वॉर के कारण व्यापारियों को अब चीन में बिजनस का वह माहौल नहीं मिल पा रहा है, जो ट्रेड वॉर से पहले मिल रहा था| यही वजह है कि वहां की कंपनियां अब अपने लिए दूसरे बाजार की तलाश कर रही हैं और धीरे-धीरे चीन से कारोबार समेटना शुरू कर दिया है| चीन की पांच कंपनियों ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की इच्छा जताई है| ग्रेटर नोएडा में 800 करोड़ रुपये निवेश होगा यह पांच कंपनियां ग्रेटर नोएडा में 800 करोड़ रुपये निवेश करने के बारे सोच रही हैं| अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी| उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल निवेश को आकर्षित करने के लिए चीन के तीन शहरों की यात्रा पर गया था| उसी के बाद यह निवेश आया है| ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के बयान के मुताबिक, प्रमुख फोन निर्माता शाओमी को स्पेयर्स की आपूर्ति करने वाली चीन की होलीटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात की और अपनी पांच साझेदारी कंपनियों का आशय पत्र सौंपा है|

दिग्गज उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया को लेकर एक बड़ा बयान दिया है| बिड़ला ने एनबीसी टीवी 18 की मैनेजिंग एडिटर शीरीन भान से बातचीत में कहा कि हमने ऐसा कल्चर कारोबार में पैदा किया है कि यदि अपेक्षा के अनुसार सरकारी सहायता नहीं मिली तो वह वोडाफोन आइडिया को बंद कर देंगे| इस कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में बिड़ला ने संकेत दिया है अब बिड़ला ग्रुप वोडाफोन-आइडिया में कोई निवेश नहीं करेगा| उन्होंने कहा कि अच्छे रुपये को बुरे रुपये में निवेश का कोई मतलब नहीं है| सरकारी राहत नहीं मिलने पर कंपनी के कदम के सवाल पर बिड़ला ने कहा कि हम अपनी दुकान बंद कर देंगे| उन्होंने कहा कि राहत नहीं मिलने की स्थिति में कंपनी दिवालिया प्रक्रिया का रास्ता अपनाएगी| सुप्रीम कोर्ट की ओर से एजीआर पर दिए गए फैसले का वोडाफोन-आइडिया पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है| इसके कारण कंपनी ने दूसरी तिमाही में 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा बताया है| रिलायंस जियो की लॉन्चिंग के बाद टेलीकॉम सेक्टर में बने रहने के लिए कुमार मंगलम बिड़ला ने अपनी आइडिया सेल्युलर का वोडाफोन इंडिया के साथ विलय कर दिया था और नई कंपनी वोडाफोन आइडिया अस्तित्व में आई थी| अभी कंपनी में 26 फीसदी हिस्सेदारी है बिड़ला ग्रुप की पिछले साल हुए विलय समझौते के अनुसार, वोडाफोन-आइडिया कंपनी में 45.1 फीसदी हिस्सेदारी वोडाफोन के पास है जबकि 26 फीसदी हिस्सेदारी आदित्य बिड़ला ग्रुप के पास है| अन्य शेयरहोल्डर्स के पास 28.9 फीसदी हिस्सेदारी है| वोडाफोन-आइडिया का संचालन दोनों कंपनियां संयुक्त रूप से करती हैं| वोडाफोन ने सरकार से मांगा था राहत पैकेज वोडाफोन ने सरकार से स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए दो साल का वक्त, लाइसेंस शुल्क में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ब्याज और जुर्माने में छूट सहित एक राहत पैकेज की मांग की थी| वोडाफोन दुनिया की दूसरी बड़ी मोबाइल ऑपरेटर है और स्पेन व इटली में सुधार के संकेतों से उसके राजस्व में लगातार सुधार हो रहा है| कैलेंडर वर्ष 2019 की पहली छमाही में उसके सेवा राजस्व में 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी| वहीं कंपनी ने मुश्किल दौर को देखते हुए पहली बार मई में अपने डिविडेंट में कटौती की थी|

देश में 15 जनवरी तक 21,000 टन आयातित प्याज आने की संभावना है जिसके ठेके हो चुके हैं| इसके अलावा एमएमटीसी ने 15,000 टन प्याज आयात के तीन नए टेंडर जारी किए हैं| प्याज की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है, जिसके तहत प्याज का आयात करने के साथ-साथ घरेलू स्तर पर प्याज की आपूर्ति व वितरण की व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है| सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि देश में विदेश व्यापार की सबसे बड़ी कंपनी एमएमटीसी ने 4,000 टन प्याज तुर्की से आयात करने का नया ठेका दिया है| यह प्याज जनवरी के मध्य तक देश में आएगा| मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि एमएमटीसी ने तुर्की से फिर 4000 टन प्याज मंगाने का अनुबंध किया है, जो इससे पहले दिए गए ठेके के अतिरिक्त है| इससे पहले कंपनी तुर्की से 11,000 टन और मिस्र से 6,090 टन प्याज मंगाने का अनुबंध कर चुकी है|

भारतीय रेलवे एक बड़ी सुविधा देने जा रहा है। रेलवे अब ट्रेन के जनरल डिब्बे में भी यात्रा करने वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट देगा। आपकी सीट का नंबर आपके फोटो के साथ आपके वॉट्सऐप पर आ जाएगा। यह रेलवे की डिजिटल टिकट होगी। इससे प्लेटफॉर्म पर लंबी लाइनों के झंझट से तो छुटकारा मिलेगा ही साथ ही सीट को लेकर गड़बड़ी की आशंका भी कम हो जाएगी। जनरल कोच में अनारक्षित सीटों पर कन्फर्म टिकट देते वक्त ही यात्रियों को बोर्डिंग पास दिया जा रहा है। इस टिकट को लेने के लिए जब आप ट्रेन के लिए रेलवे काउंटर से टिकट लेंगे तो साथ ही में ही एक पूरब का काउंटर बनाया गया है।

वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी यानी आर्थिक विकास दर में भारी गिरावट आई है| जुलाई-सितंबर तिमाही में देश की जीडीपी गिरकर 4.5 फीसदी हो गई है| पिछले साल इसी तिमाही में विकास दर 7.1 फीसदी रही थी| केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी है| 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर घटकर पांच फीसदी रह गयी| यह पिछले छह साल से ज्यादा वक्त में न्यूनतम स्तर था| इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने अनुमान दिया था कि मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी की बढ़ोतरी दर 5.6 फीसदी रहेगी| इससे तकरीबन एक महीना पहले एजेंसी ने 2019-20 में जीडीपी की बढ़ोतरी दर 6.1 फ़ीसदी रहने का अनुमान लगाया था| इसके अलावा हाल ही में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी कड़ी टिप्पणी की थी|

केंद्र सरकार ने देश में सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग अनिवार्य बनाने का फ़ैसला किया है| अगले साल 15 जनवरी से सरकार का फ़ैसला अमल में आ जाएगा लेकिन इसे पूरी तरह लागू करने के लिए एक साल का वक्त दिया जाएगा| ऐसे में इसे अनिवार्य बनाए जाने से यह सोने के आभूषणों में सोने की मात्रा की सरकार की ओर से दी जाने वाली गारंटी बन जाएगा| इससे असली और नकली सोने के आभूषणों की पहचान करना आसान हो जाएगा| अब बीआईएस हॉलमार्किंग के निशान और नंबर के साथ-साथ आभूषणों पर निर्माता का नाम और कैरेट में सोने की शुद्धता लिखना भी ज़रूरी बनाया गया है| 2016 के तहत केंद्र सरकार को सोने की हॉलमार्किंग ज़रूरी बनाने का अधिकार दिया गया था| सरकार के फ़ैसले के मुताबिक़ अब देशभर में सोने के आभूषण बेचने वाले ज्वैलर्स को बीआईएस से रजिस्ट्री करवाना होगा| रजिस्ट्री करवाने के बाद ज्वैलर्स केवल बीआईएस प्रमाणित किसी सेंटर से ही सोने की शुद्धता की जांच करवा पाएंगे| आभूषण निर्माता हॉलमार्क वाले आभूषण ही बेच पाएंगे| फ़ैसले की एक बड़ी बात ये है कि ये सोने की कलाकृतियों पर भी लागू होगा| फिलहाल भारत में सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग की व्यवस्था तो है लेकिन उसे अनिवार्य नहीं बनाया गया है| अगर चाहे तो सोने के आभूषणों का कोई निर्माता भारतीय मानक ब्यूरो से अपने उत्पाद के लिए हॉलमार्किंग का अधिकार ले सकता है|

पूरे देश में ही प्याज़ के दामों में आग लगी हुई है| राजधानी दिल्ली में प्याज़ 80-100 रुपए किलो बिक रहा है और थोक में भी इसकी कीमत 60 रुपए किलो है| पिछले कई दिनों से प्याज की कीमत से लोगों को राहत नहीं मिल पाई है, ऐसे में बचत करने के लिए लोगों ने अब प्याज से ही कन्नी काटना शुरु कर दिया है| पहले जो लोग एक-दो किलो प्याज़ लिया करते थे अब वे केवल आधा किलो ही प्याज़ खरीद पाते हैं| छोले या राजमा ज़्यादातर लोगों के घर खाने में बनता है लेकिन बचत करने के लिए लोग अब सादा खाना ही बना रहे हैं| सबको खाने का स्वाद आज कल फीका लग रहा है क्योंकि पहले जिस खाने के मसाले में प्याज़ पड़ता था अब बस वहां छौंका लगाने या मसाले में नाम भर का स्वाद डालने के लिए प्याज का इस्तेमाल किया जा रहा है|

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