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PAK मूल के पूर्व ब्रिटिश गृह मंत्री ने नहीं होने दिया था टाइगर हनीफ का प्रत्यर्पण

*  हनीफ को 2010 में स्कॉटलैंड यार्ड ने किया था गिरफ्तार

*  इंटरपोल ने हनीफ के खिलाफ जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस

ब्रिटेन के पूर्व गृह मंत्री और पाकिस्तान मूल के साजिद जाविद ने 1993 सूरत ब्लास्ट्स केस में अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के करीबी टाइगर हनीफ के भारत प्रत्यर्पण के अनुरोध को ठुकरा दिया था. आजतक/इंडिया टुडे के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक साजिद जाविद ने 2019 में गृह मंत्री के पद से हटने से ठीक पहले भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से किए गए टाइगर हनीफ के प्रत्यर्पण के आग्रह को नामंजूर किया था. टाइगर हनीफ सूरत में 1993 में हुए दो बम धमाकों में अपनी कथित भूमिका के लिए वांछित है.

लंदन हाईकोर्ट ने पहले फैसला दिया था कि जांच एजेंसियों की ओर से प्रदान किए गए सबूतों के आधार पर टाइगर हनीफ को भारत में प्रत्यर्पित किया जा सकता है. तब प्रत्यर्पण संबंधी कागजात मंजूरी के लिए ब्रिटेन के गृह विभाग को भेजे गए थे, लेकिन तत्कालीन गृह मंत्री साजिद जाविद ने टाइगर हनीफ के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी देने से इनकार कर दिया.

टाइगर हनीफ उर्फ ​​मोहम्मद हनीफ उमरजी पटेल को 2010 में स्कॉटलैंडयार्ड पुलिस ने इंटरपोल की ओर से जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया था. 60 साल के टाइगर हनीफ के खिलाफ हथियारों और विस्फोटकों के इस्तेमाल से जुड़े अपराध, संगठित अपराध और आतंकवाद के आरोप हैं.

अदालती कार्यवाही के दौरान, टाइगर हनीफ ने आरोप लगाया था कि भारत में प्रत्यर्पित किए जाने पर उसे यातना दी जाएगी. भारतीय एजेंसियों ने टाइगर हनीफ के खिलाफ जनवरी 1993 में सूरत के एक बाजार में धमाके और अप्रैल 1993 में सूरत रेलवे स्टेशन पर हुए धमाके में शामिल होने के आरोप मे सबूत पेश किए थे. सूरत के बाजार में हुए धमाके में 8 साल की एक बच्ची की मौत हो गई थी.

गुजरात पुलिस की ओर से पेश साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत और बाद में लंदन हाईकोर्ट ने टाइगर हनीफ के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी. 1993 मुंबई बम ब्लास्ट्स का आरोपी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम कई साल से पाकिस्तान में रह रहा है. कई बार सबूत सामने आने के बाद भी पाकिस्तान की ओर से दाउद के अपनी जमीन पर होने से इनकार किया जाता रहा है.

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