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निर्भया केस: फांसी टालने के लिए एपी सिंह ने गिनाए तर्क, कहा- कोरोना की वजह से कोर्ट बंद...

दिल्ली के निर्भया रेप केस को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है. गुरुवार दोपहर को जब दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई तो निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ने अदालत में कई तर्क दिए. एपी सिंह के तर्कों को सुनकर जज ने उनसे चुटकी ली और कहा कि अभी आप अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्या मैं भी ऐसा करूं.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्भया के एक दोषी पवन की याचिका को खारिज कर दिया था. इसके बाद एक अन्य याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई और अदालत में निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ने कोरोना वायरस को लेकर तर्क दिया.

एपी सिंह ने कहा कि अभी हमारी कई याचिकाएं अलग-अलग अदालतों में लंबित हैं, लेकिन सभी कोर्ट कोरोना वायरस के चलते बंद हैं. एपी सिंह ने गिनाया कि कड़कड़डूमा कोर्ट में एक दोषी की पिटाई और चोट लगने वाले मामले में अदालत ने दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट को अप्रैल में तलब किया है.

इसके अलावा दूसरे मामले का जिक्र करते हुए एपी सिंह ने कहा कि एक दोषी की याचिका हाई कोर्ट में है, जिसमें दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए दया याचिका को खारिज किया था.

एपी सिंह यहां ही नहीं रुके, उन्होंने निर्भया के अक्षय ठाकुर के तलाक के मामले को अदालत में रखा. वकील ने कहा कि दोषी की पत्नी उससे तलाक लेना चाहती है, वो मामला पेंडिंग है. साथ ही हमने एक अर्जी अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भी दी है, लेकिन कोरोना वायरस के चलते अदालत बंद है.

अदालत में जब एपी सिंह ने इतने तर्क गिना दिए तो सुनवाई कर रहे जज ने चुटकी ली. उन्होंने कहा कि एपी सिंह साहब, आपने तो अपनी सभी शक्तियां दिखा दीं. क्या मैं अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता हूं. इसी के बाद उन्होंने एपी सिंह से पूछा कि CRPC के किस प्रोविजन के तहत डेथ वारंट पर रोक लगाई जा सकती है.

बता दें कि कोर्ट के आदेश के अनुसार निर्भया के दोषियों को 20 मार्च की सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर फांसी होगी. हालांकि, इससे पहले जो जारी डेथ वारंट जारी हुए थे, उन्हें आगे बढ़ा दिया गया था. अब निर्भया के वकील एक बार ऐसी ही कोशिश कर रहे हैं.

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