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Vidarbha News

साकोली. तहसील के साकोली लाखांदूर वडसा इस आंतरजिला मार्ग पर शिवनीबांध जलाशय प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ सुंदर एवं आकर्षक स्थल है. लेकिन इस स्थल को पर्यटनस्थल के रूप में घोषित होने के लिए प्रतिक्षा करनी पड रही है. यहां के समीप ही सानगडी का किला विकास की प्रतिक्षा में है. गडकुंभली परिसर यानी प्रकृति से घिरा एक रमणीय स्थल है. अगर इन तिनों ही स्थलों का विकास हुआ तो साकोली तहसील के इस रमणीय स्थल को भेंट देने के लिए पर्यटक आएंगे.

छात्रों को प्राचीन गडकिल्ले, तालाब, पहाडियों के बारे में जानकारी मिलेगी. पिकनीक के आनंद के साथही छात्रों को भौगोलिक स्थिति की जानकारी मिलेगी. भूगोल, इतिहास के बारे में उनके ज्ञान में वृद्धी होगी. इसके अलावा पर्यटन केंद्र घोषित होने के कारण रोजगार उपलब्ध होगा. यह तिनों ही स्थल जनप्रतिनिधियों के विकासात्मक निधि की ओर एवं उनके दुर दृष्टी की ओर बडी अपेक्षा से देखा जा रहा है. संबंधित यंत्रणा एवं जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है.

भंडारा. देश के हर नागरिक का विशिष्ट परिचय क्रमांक कार्ड हो, इसके लिए सरकार की ओर से सभी को आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है. लगभग सभी सरकारी, गैर सरकारी तथा निजी काम के लिए आधार कार्ड पहचान पत्र के रूप में स्वीकार्य किया जाता है. इतना होने के बाद भी जिले में बहुत से ऐसे नागरिक हैं, जिनके पास आधार कार्ड नहीं हैं. कोरोना महामारी का प्रादुर्भाव न हो, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से लॉकडाउन की घोषणा की गई और इस लॉकडाउन के कारण आधार केंद्रों को भी बंद करना पड़ा. लॉकडाउन में जब शीथिलता दी गई तो लोगों ने उम्मीद जतायी थी कि अब आधार केंद्र भी शुरु हो जाएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, सभी आधार केंद्रों पर अभी भी ताले लगे हुए हैं.

मेरा आधार, मेरी पहचान कहकर आधार कार्ड रखने वाले बड़े गर्व से कहते हैं कि हम तो देश के सम्मानित नागरिक हैं. कोरोना का प्रादुर्भाव होने के बाद सभी सेतु केंद्र, आपलं सरकार सेवा केंद्र तथा सीएससी केंद्र 23 मार्च से जिलाधिकारी के अदेश से बंद करने के आदेश दिए गए. अब जबकि जुलाई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है, इसलिए आधार केंद्र खुलने के आसार कम हो गए हैं. 

जिले के आधार केद्र बंद होने के कारण नागरिकों के अनेक कार्य रुके पड़े हैं. नव वरवधु के आधार कार्ड पर नाम बदलने, कृषि या व्यवसाय के लिए कर्ज, आयकर लाइसेंस, बैंक में एकाउंट खोलने जैसे कार्य बगैर आधार कार्ड के नहीं हो सकते. आधार कार्ड के अभाव में नागरिकों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए नगर परिषद तथा जि प की सरकारी इमारत में कम से कम आधार केंद्र शुरु करने की मांग केंद्र संचालक तथा नागरिकों की ओर से की जा रही है.

भंडारा. महावितरण कम्पनी ने बिजली उपभोक्ताओं को कोरोना कार्यकाल की बिजली बिल ज्यादा का भेजा है. बिजली बिल का भुगतान करना आम लोगों को संभव नहीं है. इसलिए महावितरण कंपनी ने बिजली बिल दरवृद्धि को रद्द करने व कोरोना लॉकडाउन के कार्यकाल के 3 महीनों का बिजली बिल माफ करने की मांग मांग भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने जिलाधिकारी की ओर से मुख्यमंत्री, ऊर्जामंत्री को सौंपे निवेदन से की है. महावितरण ने कोरोना लॉकडाउन कार्यकाल में रीडिंग नहीं ली. शुरू महीने में सीधे 3 महीनों का अधिक का बिजली बिल भेजा है.

इस कारण नागरिक परेशान हो गये हैं. लॉकडाउन के कारण कई लोगों का रोजगार छीन गया है. कई लोगों ने नौकरियां गंवाई हैं. बच्चों की शिक्षा के साथ दैनिक खर्च करना मुश्किल हो गया है. ज्यादा बिजली बिल आने से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. महावितरण ने ज्यादा का बिजली बिल पीछे लेना चाहिए. सरकार ने इन 3 महीनों के कार्यकाल का बिजली बिल माफ करने की मांग भाकपा ने की है. शिष्टमंडल में हिवराज उके, सदानंद इलमे, गजानन पाचे, वामनराव चांदेवार, प्रितेश धारगावे, गौतम भोयर का समावेश है.

भंडारा. तहसील में रबी की धान फसल के पर्याय के रूप में मक्का के उत्पादन पर किसान विशेष रूप से ध्यान देने लगे हैं और लाखनी केंद्र पर पहले ही वर्ष 777 क्विंटल मक्का का उत्पादन हुआ है. जिले में लाखनी, साकोली, लाखांदूर तहसील में इस बार मक्के की खेती की गई है. मक्के की फसल काफी अच्छी होने के कारण मक्के की बिक्री के लिए बाजार ही नहीं था. किसानों को मक्का खरीद कर सरकार ने 1,760 रूपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य दिया है.

की ग्रीष्मकालीन बुआई
लाखनी तहसील के पाथरी, पलसगांव, कोलारी, महेगांव, पालांदूर चौरस के 41 किसानों ने 17 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन मक्के की बुआई की थी. कुल 1 लाख 14 हजार, 600 किलो मक्का के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था. साकोली तहसील के बोदरा, जांभली सड़क, वड़द के नौ किसानों ने 12.5 हेक्टर क्षेत्र में मक्का की फसल लगायी, उनका लक्ष्य 41, 700 किलो रखा गया है. सरकरा ने दिया संरक्षण

मक्का उत्पादन को सरकार ने संरक्षण दिया है. इस वर्ष पहली बार दी महाराष्ट्र को-आपरेटिव माकेर्टिंग फेडरेशन की ओर से जिला मार्केटिंग अधिकारी द्वारा लाखनी की साकोली तहसील सहकारी खरीदी बिक्री संस्था तथा लाखांदूर तहसील सहकारी खरीदी बिक्री संस्था तथा लाखांदूर तहसील सहकारी खरीदी बिक्री सोसायटी को मक्का खरीदी करने के निर्देश दिए. 

अकोला. अकोला जिले में रुक-रुक कर हल्की तथा अच्छी बारिश हो रही है. 8 जुलाई की शाम तक लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्रों में किसानों द्वारा बुआई का काम किया गया है. अकोला जिले में कुल बुआई क्षेत्र 4,83,291 हे. में से 3,32,439 हे. क्षेत्र में बुआई की गई है. जिसमें सबसे अधिक सोयाबीन की बुआई की गई. सोयाबीन का बुआई क्षेत्रफल औसतन 2,18,886 है. जिसमें से 1,60,782 हे. में बुआई की गई. इसी तरह अब तक 1,55,687 हे. में से 93,645 हे. में किसानों द्वारा कपास की बुआई की गई है.

एक सप्ताह पहले बारिश के अभाव में खरीफ फसल की बुआई का कार्य रुक गया था लेकिन कुछ दिनों से अच्छी बारिश होने से किसानों ने बुआई की गति बढ़ाई है. अन्य फसलों में तुअर की बुआई 56,008 में से 43,318.56, मूंग की बुआई 22,636.3 में से 16,577.32 हे., उड़द 16,651.8 में से 12,986.9 हे. क्षेत्र में बुआई की गई है. 20 कंपनियों द्वारा किसानों को बीज बदलकर दिये जायेंगे यह उम्मीद है. उचित वातावरण रहने पर किसान बुआई का काम पूरा कर सकेंगे, यह विश्वास कृषि विकास अधिकारी ने व्यक्त किया है. 

चंद्रपुर. जिले में बुधवार का पूरा दिन सूखा बीतने के बाद एक फिर मौसम ने करवट ली और गुरुवार को शहर सहित कई स्थानों पर झमाझम बारिश हुई. शनिवार, रविवार और सोमवार की रात को बारिश ने काफी अच्छा असर दिखाया था. जिससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया था. मंगलवार और बुधवार को कहीं बारिश नहीं हुई. गुरुवार को दोपहर से बारिश ने एक बार फिर असर दिखाया.

सुबह से थी तेज धूप
गुरुवार को शहर व जिले के कई हिस्सों में सुबह में तेज धूप थी. जिससे उमस भरी गर्मी महसूस हो रही थी. बारिश का कहीं भी नामोनिशान नहीं था. दोपहर करीब 12 बजे के बाद शहर में रिमझिम बारिश शुरू हुई और देखदे ही देखते बारिश का जोर बढ़ गया. लेकिन इसी समय आधे शहर में बारिश नदारद थी. बल्लारपुर से बायपास होकर आ रहे दुपहिया वाहन चालकों को बेनार रेलवे पुल तक बारिश का कोई अंदाज नहीं था, लेकिन बेनार रेलवे पुल के पार करने के बाद बंगाली कैम्प तक बारिश हो रही थी. इस बीच, बंगाली कैम्प से बस स्टैंड से पूरी तरह से सूखा था. वहीं बस स्टैंड से लेकर प्रियदर्शनी चौक, सिविल लाइन परिसर में बारिश हो रही थी. 15 से 20 मिनट तक हल्की बारिश होने के बाद मौसम पूर्व की तरह साफ हो गया था.

गोंडपिपरी. जिले में शराब बिक्री पर पाबंदी है. लेकिन इसके बाद भी जिले में बड़े पैमाने में तस्करी की जा रही है. महाराष्ट्र-तेलंगाना सीमा पर स्थित धाबा परिसर इससे अछूता नहीं है. पड़ोसी राज्य से शराब तस्करी का एक वीडियो वायरल होने के बाद धाबा पुलिस ने नदी किनारे छापा मारकर नाव, शराब, मोटरसाइकिल के साथ 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया. करीब 80,000 का माल जब्त किया गया. महाराष्ट्र और तेलंगाना राज्य के बीच वर्धा नदी बहती है. आज भी अनेक गांवों के लोग नाव की सहायता से दोनों राज्यों में आवागमन करते हैं.

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
धाबा पुलिस स्टेशन अंतर्गत गांव में पड़ोसी राज्य से शराब तस्करी की चर्चा थी. सीमा पर स्थित डोंगरगांव परिसर से नाव की सहायता से शराब आपूर्ति का वीडियो सोशल मीडियो पर वायरल हुआ. एक व्यक्ति ने नदी किनारे जाकर देखा, तो खुलेआम शराब की तस्करी शुरू थी. शराब तस्करों ने उसके साथ बदसलूकी की. उस व्यक्ति ने इसकी सूचना धाबा पुलिस को दी.

सूचना मिलते ही तुरंत थानेदार अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और शराब की ढुलाई करने वाले नाव के साथ मोटरसाइकिल और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों में किरमिरी के 3 शराब विक्रेताओं का समावेश है. जांच थानेदार सुशील धोपटे के मार्गदर्शन में धाबा पुलिस कर रही है. गोंडपिपरी तहसील में शराब की बिक्री होने की सूचना के आधार पर धाबा पुलिस ने छापामार कार्रवाई शुरू की है. पिछले 2 महीने में पुलिस ने डोंगरगांव, धाबा समेत अन्य गांव में छापा मारकर 38 कार्रवाइयां की हैं.

चंद्रपुर. जिले के बाहर से ताड़ोबा बफर जोन में पर्यटकों के आने पर गांव में कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ गया था. जिसके बाद चिमूर तहसील की मदनापुर और मोहुर्ली ग्रापं ने प्रस्ताव पारित कर ताड़ोबा के कोलारा व मदनापुर गेट बंद कर दिए हैं. अंतत: ताड़ोबा प्रकल्प संचालक ने अलिझंझा गेट से पर्यटकों को प्रवेश देना शुरू किया है. जिसके बाद इस गेट पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है.

1 जुलाई से शुरू किया प्रवेश
बरसात के दिनों में बंद रहने वाली ताड़ोबा सफारी 1 जुलाई से शुरू की गई. लॉकडाउन के दौरान इसे बंद रखा गया था. ताड़ोबा राष्ट्रीय व्याघ्र प्रकल्प में बाघ के स्वच्छंद विचरण को देखने नागपुर, अमरावती, यवतमाल जिले के साथ हाटस्पाट रेड जोन जिलों के पर्यटक आ रहे हैं. चिमूर तहसील में एक कोरोना बाधित पाया गया है. इसलिए परिसर को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है. कोरोना मुक्त चिमूर में पहला रोगी मिलने से लोगों में डर बढ़ गया है. बफर जोन में पर्यटकों के लिए सफारी शुरू की गई है.

वर्तमान में ऑनलाइन बुकिंग की बजाय आन द स्पाट बुकिंग की शर्त रखी गई है. इसलिए पर्यटकों की भीड़ बढ़ रही है. हाटस्पाट और रेड जोन से आने वाले पर्यटकों की वजह से गांव में कोरोना फैलने की आशंका से ग्रामीण डरे है. जिसके कारण उन्होंने एकजुट होकर यह निर्णय लिया.

अलिझंझा गेट से प्रवेश
ताड़ोबा के कोलारा व मदनापुर गेट बंद किए जाने के बाद ताड़ोबा प्रबंधन ने पर्यटकों के लिए अलिझंझा बफर गेट शुरू किया है. चिमूर तहसील का एक ही गेट शुरू होने से जिले के बाहर से आने वाले पर्यटकों की भीड़ यहां बढ़ने लगी है. बुकिंग के लिए लंबी कतार लगती है. लोगों ने कहा कि इससे कोरोना संक्रमण बढ़ सकता है. इसलिए प्रशासन ने उचित कदम उठाने चाहिए.

गोंदिया. श्रीनगर स्थित निरंकारी भवन के निकट रहने वाले शिक्षक श्याम रायगुरिया (49) के घर से चोरी गए 3 लाख के आभूषणों की खोज कर 5 महीने के बाद शहर पुलिस ने फिर्यादी को लौटा दिया है. पुलिस अधीक्षक मंगेश शिंदे के हस्ते उसे आभूषण सौंपे गए है. मरारटोली निवासी आरोपी बबन भांगडकर (23) ने घर के अंदर प्रवेश कर 3 लाख 17 हजार रुपये कीमत के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया था. 9 से 12 मार्च के बीच घटी घटना की 13 मार्च को शहर पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी. इस प्रकरण की जांच कर सहायक पुलिस निरीक्षक नितिन सावंत ने 20 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार किया था. 

चोरी के 7 दिनों बाद ही माल जब्त
मामला दर्ज होने के बाद 7 दिन के अंदर ही पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी का माल जब्त किया था. इस प्रकरण में चोरी गए माल की कीमत 3 लाख 17 हजार रुपये थी. जबकि पुलिस ने 2 लाख 95 हजार रुपये का माल जब्त किया था. इस माल को हासिल करने के लिए श्याम रायगुरिया ने न्यायालय में अर्जी दाखिल की थी. इसके बाद न्यायालय से आदेश मिलते ही आभूषण उसे दिए गए है. थानेदार बबन आव्हाड़ व जांच अधिकारी एपीआई सावंत आदि उपस्थित थे.

लाखांदूर. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2019-20 में मंजूर घरकुल लाभार्थियों को निर्माणकार्य पूरा होने के बावजूद भी पिछले 6 महीनों से घरकुल के शेष 2 चेक अभी तक नहीं मिले. लगातार चेक की मांग करने के बावजूद भी नप प्रशासन द्वारा कोई भी दखल नहीं लेने का आरोप करते हुए संबंधित लाभार्थी घरकुल अनुदान के लिए 13 जुलाई को स्थानीय नप कार्यालय के सामने बेमियाद अनशन करेंगे. आंदोलन का निवेदन लाखांदूर शहर शिवसेना द्वारा नप के मुख्याधिकारी को सौंपा गया है. 

वर्ष 2019-20 में लाखांदूर नप क्षेत्र में सरकार के प्रधानमंत्री घरकुल आवास योजना के तहत कुछ घरकुल मंजूर किए गए थे. इस मंजूरी अनुसार लाभार्थियों ने घरकुल का निर्माणकार्य किया गया. इसके लिए नप कार्यालय के तहत शुरुआत के 2 चेक लाभार्थियों को सौंपे गए. चेक अनुसार घरकुल का निर्माणकार्य करते समय कुछ लाभार्थियों के निर्माणकार्य पूर्ण हुए तो कुछ लोगों के निर्माणकार्य आधे से अधिक होकर अटके हैं. 

अधूरे है निर्माण कार्य
चेक नहीं मिलने के कारण घरकुल निर्माणकार्य अधूरा होने से कई परिवारों को बारीश के दिनों में खुले पर रहने की नौबत आयी है. शेष अनुदान उपलब्ध होने के लिए लाभार्थी  13 जुलाई से बेमियादी अनशन करेंगे. आंदोलन लाखांदूर शहर शिवसेना प्रमुख प्रमोद राऊत के नेतृत्व में लाभार्थी भास्कर मेश्राम, पुरुषोत्तम गुरनुले, नानाजी कुडेगाव, शंकर प्रधान, योगिता प्रधान, रमिजा शेख, गिरीजा घोरमाडे, यशोदा मडावी के साथ अन्य 30 लाभार्थी  करेंगे. इस मामले में सरकार के साथ स्थानीय नगर पंचायत प्रशासन ने शीघ्र दखल लेकर घरकुल के शेष चेक प्राप्त करने के लिए उपाय करने की मांग  लाभार्थियों ने की है.  

अकोला. अकोला मनपा क्षेत्र में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है. कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए मनपा, जिला, पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से अकोला महानगर में मास्क न लगाने वाले तथा सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का उल्लंघन करने वाले नागरिकों पर दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है. तदनुसार शहर के अकोट फैल, रामदासपेठ, पुराना शहर, डाबकी रोड़, एमआईडीसी, सिटी कोतवाली, खदान व

सिविल लाईन पुलिस थानांतर्गत पथकों द्वारा 307 नागरिकों पर 61,400 रु. की दंडात्मक कार्रवाई की गई. मनपा आयुक्त संजय कापडणीस ने शहर के नागरिकों से कहा कि वे अत्यावश्यक कार्य के लिए ही घर से बाहर निकले, सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन करें, मास्क लगाए, जिससे कोरोना वायरस प्रसार को रोका जा सके. 

चांदूर रेलवे. चांदूर रेलवे तहसील में कार्यरत शासकीय तथा अर्ध शासकीय अधिकारी, कर्मचारी अमरावती शहर जैसे रेड जोन से अप-डाउन कर रहे है.. एसडीओ और तहसीलदार भी अमरावती से ही आते-जाते है.  कोरोना संकट के बीच भी अधिकारियों का रेड जोन से सेफ जोन यात्रा बेरोक-टोक शुरू है. जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना का भय बढ़ता जा रहा है. वरिष्ठ अधिकारियों से इस ओर ध्यान देने की मांग की जा रही है. 

अनेक विभाग के अधिकारी-कर्मी 
तहसील के भीलटेक में मंगलवार को कोरोना का पहला पाजिटिव मिला. हालांकि इस व्यक्ति का अत्याधिक लोगों से मेल-जोल नहीं होने से तहसील अभी भी सेफ जोन में है, लेकिन कई अधिकारी व कर्मचारी लोगों में भय बढ़ा रहे है. उपविभागीय अधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय, पुलिस विभाग, पंचायत समिति , फारेस्ट, महावितरण, कृषि विभाग, लोकनिर्माण विभाग, सामाजिक वनीकरण, पोस्ट आफिस, शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारी ही नहीं बल्कि जिम्मेदार अधिकारी भी अन्य जिलों से अप-डाउन कर रहे है. अमरावती शहर से आने वाले अधिकारियों व कर्मियों की संख्या सर्वाधिक है. हेडक्वार्टर में रहना अनिवार्य होने पर भी राष्ट्रीय आपदा के समय भी अप-डाउन कर रहे अधिकारियों-कर्मियों पर अनुशासन भंग की कार्रवाई करने की मांग की जा रही है. 

बंद करो अप-डाउन
अनेक अधिकारी-कर्मचारी डेली अपडाउन कर रहे है. जो गलत है. जनता के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए हेडक्वार्टर में रहकर ही ड्यूटी की जाए. लेकिन इस अप-डाउन की ओर जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ अधिकारी जानबुझकर ध्यान नहीं दे रहे है

चांदूर बाजार. जादू टोने के संदेह में पिता पुत्र की लाठियों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई. यह वारदात मंगलवार की रात ब्राम्हणवाड़ा थडी थाना क्षेत्र के सांबोरा में घटी. इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को अरेस्ट किया है. मृतकों में पिता बिसन व बेटा सहदेव गजाम है.

5 हत्यारे अरेस्ट 
पुत्र विशाल कुमरे द्वारा कुछ दिनों पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे क्षुब्द आरोपी यादव कुमरे (45) को संदेह था कि बिसन और सहदेव द्वारा जादू टोना किये जाने से ही उनके बेटे ने आत्महत्या की. इसी शक के चलते मंगलवार को शाम 7 बजे आरोपी महादेव, यदवा सोमलाल कुमरे (40), संजय महादेव कुमरे (20), अजय कुमरे (18) व अक्षय मंगलसिंग कुमरे (20) को साथ लेकर बिसन व सहदेव पर हमला करने धमक पड़े.

घर में घुसकर पांचों आरोपियों ने मिलकर लाठियों व लोहे के पाइप तथा सरई से दोनों बाप-बेटे पर कातिलाना हमला कर दिया, जिससे घटना स्थल पर ही दोनों की मौत हो गई. सहदेव का पुत्र बीच बचाव करने पहुंचा तो आरोपियों ने उसके दोनों घुटने तोड़ दिए. सूचना पर ब्राम्हणवाड़ा थडी पुलिस ने तुरंत घटना स्थल पहुंचकर पांचों आरोपियों को अरेस्ट किया. एसपी डा. हरिबालाजी व एसडीपीओ अबदागिरे के मार्गदर्शन में थानेदार सचिनसिंह परदेशी जांच कर रहे है. 

अकोला.  जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है. इस संदर्भ में मरीजों की बढ़ती मौत पर  जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर ने मेडिकल टास्क फोर्स की बैठक बुलाई. उन्होंने अधिकारियों को  मृत्यु दर रोकने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया.

सरकारी चिकित्सा मवि में आयोजित बैठक में अधिष्ठाता डा.मीनाक्षी गजभिये, जिला शल्य चिकित्सक डा. राजकुमार चव्हाण,  निवासी उप जिलाधिकारी संजय खडसे, डा.श्यामकुमार शिरसाम, डा. रामधन पांडे, डा. सौरभ कोराने, डा. मुकुंद अष्टपुत्रे, डा. राजन पिंगले, डा. मधुरा काटदरे, डा. पीयूष गुप्ता आदि उपस्थित थे. 

कोरोना के कारण जिन व्यक्तियों की मौतें हुई हैं, इस पर  चिकित्सा कारणों की जानकारी ली गयी. बैठक में विविध जांच व संसर्ग रोकने हेतु औषधियां, प्रतिजैविका की जानकारी दी गई. कोविड वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू किए जाने की जानकारी बैठक में दी गयी.  प्रत्येक वार्ड की स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए मानवबल बढ़ाने के संदर्भ में चर्चा कर रोजंदारी पर नियुक्तियां करने का निर्णय लिया गया. 

चंद्रपुर. प्रेमसंबंधों के दौरान प्रेमिका के साथ खींची गई अश्लिल फोटो देखाकर उसे ब्लैकमेलिग का प्रयास करनेवाले प्रेमी को रामनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है.

सूत्रों के अनुसार कोतवाली वार्ड निवासी पवन भाटिया 30 की पीड़िता के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से पहचान हुई और फिर दोनों के बीच प्रेमसंबंध निर्माण हो गए परंतु कुछ ही दिनों में उनका ब्रेकअप हो गया.

शनिवार को सुबह पीड़िता का पीछा कर उसे बंगाली कैम्प परिसर में रोककर आरोपी ने उसके साथ खींची गई अश्लिल फोटो दिखाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी. पीड़िता इस बात से इतना डर गई कि उसने सीधे रामनगर पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी की शिकायत दर्ज करायी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है. आगे की जांच थानेदार प्रकाश हाके कर रहे है.

ब्रम्हपुरी. पूर्व विदर्भ में अधिकांश किसानों का जीवन कृषि पर निर्भर है. गत रबी मौसम में अवकाली बारिश के कारण किसानों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ. किसानों के मूंह तक आया निवाला छीन गया. खरीफ में भरपूर उत्पन्न की आशा में किसानों ने खेतों में मेहनत की है. परंतु मानसून के लहरीपन से फसलों का नुकसान होने की संभावना है. जिले के ब्रम्हपुरी, नागभीड़, चिमूर, सावली, सिंदेवाही तहसील में खेतों में धान, सोयाबीन, कपास, तील, हलदी, नगदी फसल के रूप में सब्जी भाजी की फसल ली गई है. बारिश के थमने से अंकुरित फसल नष्ट होने के कगार पर है.

विदर्भ के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे गोसेखुर्द प्रकल्प का पानी नहर से छोड़ा जाए तो किसानों की फसल नष्ट होने से बच सकती है. इसी तरह ब्रम्हपुरी तहसील में एक जुलाई से बंद समर्थन मूल्य धान खरीदी केन्द्र तुरंत शुरू किए जाए, महात्मा ज्योतिबा फुले कर्ज माफी योजना का लाभ नियमित कर्ज भरनेवाले किसानों को भी दिया जाए इन मांगों को लेकर शिवसेना जिला प्रमुख नितीन मत्ते के मार्गदर्शन में चिमूर विधानसभा क्षेत्र के शिवसेना उपजिला प्रमुख प्रा. अमृत नखाते ने राज्य में कृषि सप्ताह के मौके पर चंद्रपुर जिले के दौरे पर महाराष्ट्र राज्य के कृषिमंत्री दादाजी भुसे को दिए ज्ञापन में की है.

इस अवसर पर उपतहसील प्रमुख ब्रम्हपुरी डा. रामेश्वर राखडे, विभाग प्रमुख मोरेश्वर अलोने, भोजराज ज्ञानबोनवार, तहसील प्रमुख नागभीड़, मंगेश कावले, शहर प्रमुख नागभीड़, वक्किी मुकाम पूर्व शहर प्रमुख नागभीड़, बंडू पांडव, तहसील उपप्रमुख नागभीड़ नाना अमृतकर, गिरीश पांडव, अजीत गोडे, युवा सेना तहसील प्रमुख नागभीड़ नाजिम शेख, उपशहर प्रमुख नागभीड़, बालू सातपुते, युवा सेना उपजिला प्रमुख चिमूर, संतोष कामडी, बंडू पारखी, सचिव चिमूर आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे.

चंद्रपुर. जिले में पिछले तीनों से लगातार बारिश ने आज भी अपना असर दिखाया. मानसून ने पूरे जिले भर में जोर पकड़ा है. जिले में शनिवार को बल्लारपुर में सर्वाधिक 119.6 मिमी बारिश दर्ज की गई. बारिश का यह सिलसिला आज रविवार को भी जारी रहा. हालांकि सुबह से शाम 5 बजे तक घने बादल छाये हुए थे. शाम 5बजे के बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई.मानसून के जोर पकडने से कपास, सोयाबीन उत्पादक किसानों को दिलासा मिली है. वातावरण में नमी छाने से कई दिनों से उमस भरी गरमी से परेशान लोगों को भी राहत मिली है.

जून महीने के प्रारंभ में अच्छी शुरूआत के बाद मानसून थम सा गया था जिससे शुरूआती बारिश को देखते हुए जिन किसानों ने कपास, सोयाबीन, धान की बुआई की थी वें बारिश नहीं होने से चिंता में पड़ गए थे. मृग, आद्रा नक्षत्र मिलाजुला होने से किसानों को दमदार बारिश की प्रतीक्षा थी. ,खरीफ की पूरी तैयारी करने के बाद किसानों को दमदार बारिश की प्रतीक्षा थी. परंतु बारिश तो हो रही थी जो कि जमीन की धूप को कम करने में काफी नहीं थी.इससे किसान और भी टेंशन में आ गए थे.ऐसे में अंकुरित पौधों के मुरझाने का खतरा बढ गया था. कुछ स्थानों पर किसान परिवार के साथ जतन कर फसल को बचाने में जुटे थे तो कही नहर से पानी छोडने की मांग उठ रही थी. किसान दमदार और लगातार बारिश की उम्मीद लगाये हुए थे. आखिरकार किसानों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए पिछले तीन दिनों में जिले में बारिश अपना असर दिखा रही है. 

शनिवार की सुबह से लेकर रविवार की पूरी रात तक जमकर बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए है. खेतों में हरियाली नजर आने लगी है. महानगर समेत जिले के निचले इलाकों में जलभराव के कारण कुछ परेशानी जरूर हो रही है. यही हाल सड़कों का है जहां एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत बद से बदतर हो रही है और वहीं महानगर में सड़कों की गट्टिी उखड़ जाने से और गड्ढे नर्मिाण होने से दुर्घटना का खतरा बढ गया है.

अंजनगांव सुर्जी. कृषि उपज मंडी समिति की सभा आयोजित सभा  कोरम के अभाव में रद्द की गई. इस बात को लेकर सहकार क्षेत्र में  तरह-तरह की चर्चाएं है. अब यह सभा 6 जुलाई को बुलाई गई है. 

भूसंपादन व सचिव की मनमानी पर थी चर्चा
  बैठक में  मुख्यत: भुसंपादन व सचिव द्वारा किए गए नियम बाह्य कार्यों पर चर्चा होना तय था. लेकिन अचानक सचिव द्वारा अवकाश का आवेदन डाला जाना, सहसचिव का छुट्टी पर होना व मिटिंग के लिए आवश्यक संचालकों की संख्या की कमी इस बात को लेकर विविध चर्चाएं जारी है. 6 जुलाई को भी यदि बैठक रद्द होती है. तो क्या होगा. इस पर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.

बैठक में उपनिबंधक के पत्र के अनुसार बाजार समिति सचिव पर कार्यवाही करने, आरक्षित खेत वापल लेने विषय पर भी चर्चा होना तय था. बैठक के समय केवल अरुण खारोडे, पूर्व सभापति संजय रोहणकर, श्याम गायगोले, सुधीर आढावू, शेख रहीम, प्रिया वानखडे सहित 6 सदस्य ही उपस्थित थे. कोरम पूरा न होने से बैठक रद्द की गई. चर्चा है कि यह जानबुझकर किया गया. 

दर्यापुर. तहसील में शु्क्रवार की रात बारिश की मूसलाधार दस्तक ने सर्वत्र जलमय वातावरण कर दिया. बीते सप्ताह की भीषण गर्मी से त्रस्त नागरिकों को इस बारिश से राहत मिली है. इस बारिश से अनेक गांवों के खेतों की फसलों को संजीवनी मिली. भीषण गर्मी से उनके जलने का संकट दूर हुआ है. भारी बारिश के कारण लेंडी नाले में बाढ़ आयी. बाढ़ का पानी थिलोरी, कलाशी गांव के रिहायशी इलाकों में घुसा है. नाले के किनारे बसे मकानों को बाढ़ के पानी ने चपेट में लिया. अनेकों के घरों में पानी घुस गया. 

सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
इस वजह से कुछ मकानों को क्षति पहुंची तथा सामान बह गया. सौभाग्य से कोई जानहानि की खबर नहीं है. तहसील प्रशासन व ग्राम पंचायत ने तत्काल कारवाई करते हुए ग्रामस्थों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. रातभर पानी गांव से बहता रहा. सुरक्षा के तौर पर ग्राम पंचायत कार्यालय में अस्थायी प्रबंध किया गया. 

अनेक गांवों में नुकसान
तहसील के थिलोरी, कलमगव्हाण, येवदा, आरला, बोराला, शिरजदा, भांबोरा आदि गांवों को भी लेंडी,  शिंगाड़ी व  वाघाड़ी नाले में आई बाढ़ से मकानों में पानी घुसा है. कुछ गांव के खेतों में भी पानी घुसने से फसलों को नुकसान पहुंचा है. 

आसरा. 3 दिन में दूसरी बार हुई भारी बारिश और अतिवृष्टि से यहां की फसलों भारी नुकसान हुआ है.  असरा-जसापुर क्षेत्र में बुआई बह जाने से किसानों पर गंभीर संकट मंडराया है.

बही खेतों की उपरी सतह 
शनिवार की सुबह 9.30 बजे भातकुली तहसीलदार बलवंत अरखराव, जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष हरिभाऊ मोहोड़, पूर्व उप पंच बालासाहेब देशमुख, पटवारी वैभव बिहड़े, अमर मोहोड़, श्रीकांत गवली, अ. शकील अ. जलील मुख्य रूप से उपस्थित थे. बाढ़ प्रभावित जसापुर, असारा, अंबाड़ा नाले से सटे क्षेत्र के साथ ही आसरा भाग 1 और भाग 2 के के खेतों की उपरी सतह बह गई है.

पिछले साल भारी बारिश के दौरान 3 बड़े पुलों के निर्माण के दौरान भातकुली आसरा-दर्यापुर मार्ग पर अंबाड़ा नाला से डायवर्सन हटाते समय लोक निर्माण विभाग के अभियंता द्वारा उचित एहतियात नहीं बरतने के कारण इस बार आसरा-दर्यापुर यातायात पूरी तरह से बंद था. जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष हरिभाऊ मोहोड़ ने कहा कि किसानों को तत्काल वित्तीय सहायता की आवश्यकता है क्योंकि किसानों पर दोबार बुआई का संकट है. 

वर्धाः करोनाचा प्रादुर्भाव वाढत असताना सरकारनं लॉकडाऊनची घोषणा केली. लॉकडाऊनच्या काळात नागरिकांनी सोशल डिस्टनसिंगचे नियम पाळावेत म्हणून सरकारकडून वेळेवेळी आवाहन ही करण्यात येतं आहे. मात्र, असं असतानाच लोकप्रतिनिधींकडून मात्र सुरक्षित वावरांच्या नियमांचे उल्लंघन होत असल्याचा धक्कादायक प्रकार समोर आला आहे. वर्ध्याच्या भाजप कार्यालयात नवनियुक्त भाजप नेत्यांचा सत्कार सोहळा आयोजित करण्यात आल्याचं समोर आलं आहे. या कार्यक्रमाला वर्ध्याचे आमदार पंकज भोयर हे देखील उपस्थित होते. ( bjp broke lockdown rules)

भाजप कार्यालयात सुरू असलेल्या या कार्यक्रमाची माहिती मिळताच पोलिसांनी घटनास्थळी धाव घेतली व तातडीने आयोजकांना कार्यक्रम बंद करण्याचे आदेश दिले. महाराष्ट्र पोलीस कायदा कलम ३७ (१) (३) चे उल्लंघन केल्याप्रकरणी कलम १३५ अंतर्गंत रामनगर पोलिसांच्या गोपनीय शाखेच्या कर्मचाऱ्यांच्या तक्रारीवरून गुन्हा दाखल केला आहे.

आदेशाचे उल्लंघन केल्याच्या आरोपावरून पोलिसांनी भाजप शहराध्यक्ष पवन परियाल, प्रशांत इंगळे, गुडू कावळे, सुनिता ढवळे, मंजुषा दुधबडे, प्रशांत बुर्ले, विरु पांडे, निलेश किटे, नगरपालिका उपाध्यक्ष प्रदीपसिंग ठाकूर, श्रीधर देशमुख, शीतल ठाकरे, गिरीष कांबळे, अशोक कलोडे यांच्यासह आणखी ४० कार्यकर्त्यांविरोधात गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे.

गडचिरोली. उपविभाग हेडरी अंतर्गत आनेवाले पुलिस मदद केंद्र गट्टा (जां.) के तहत आनेवाले येलदडमी जंगल परिसर में नक्सल विरोधी अभियान चलाते समय हुई मुठभेड में एक नक्सली ढेर करने में सी-60 जवानों को सफलता मिली है. 

पुलिस विज्ञप्ति द्वारा दिए गए जानकारी के अनुसार नक्सल विरोधी अभियान अंतर्गत सी- 60 के जवान उपविभाग हेडरी अंतर्गत पुलिस मदत केंद्र गट्टा (जां.) के तहत आनेवाले येलदडमी जंगल परिसर में आज 3 जुलाई को शाम के दौरान नक्सल खोज मुहिम चला रहे थे. इस दौरान जंगल में घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों की दिशा में गोलीबारी की. जिससे जवानों ने भी जवाबी फायरींग की. उक्त मुठभेड करीब आधे घंटे तक जारी थी. जवानों का बढता दबाव देख नक्सली जंगल में भाग खडे हुए.

मुठभेड के बाद घटनास्थल पर जवानों द्वारा खोज मुहिम चलाने पर एक पुरूष नक्सली का शव बरामद हुआ. अधिक सर्चिंग करने पर देशविघातक कृति करने के लिए नक्सलियों द्वारा कैम्प नर्मिाण करने का दिखाई दिया. इस समय  घटनास्थल से 1 हथियार, 20 पट्टिू तथा बडी मात्रा में नक्सल साहत्यि बरामद हुए. मुठभेड में मृत पुरूष नक्सली की शिनाख्त नहीं हो पायी थी. मुठभेड के बाद उक्त जंगल परिसर में नक्सल विरोधी अभियान तव्रि किया गया है. 

डारा (का). विधायक परिणय फुके ने भंडारा के जिलाधिकारी एमजे प्रदीपचंद्रन के साथ जिले की विभिन्न योजनाओं के बारे में संयुक्त निवेदन देकर चर्चा की. इस बैठक में भंडारा जिले की प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंच प्रकल्प का पानी छोड़ने, घरेलु एवं कृषि बिजली बिल माफ करने, श्रावणबाल एवं संजय गांधी निराधार योजना, समर्थनमूल्य पर धान खरीदी, पिंडकेपार टोली एवं खापरी रेह.

गांव के मकानों का मुआवजा, फसल कर्ज वितरण करने, रेत माफियाओं पर कार्रवाई, वन अधिकार के संबंध में प्रलंबित दावों का निराकरण करने, पीएम किसान सम्मान योजना, राशन योग्य वितरण, इकार्निया वनस्पती नष्ट करने के लिए मशीन खरीदी, रेती तस्करों पर प्रतिबंध लगाने के लिए ड्रोन खरीदी आदि विभिन्न विषयों पर चर्चा की. एवं उन्होंने इन सभी विषयों पर शीघ्र कार्रवाई की जाने की सूचना जिलाधिकारी से दी. चर्चा दौरान सांसद सुनील मेंढे, जिलाध्यक्ष प्रदीप पडोले, मुन्ना पुंडे, संजय कुंभलकर, भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे.

भंडारा. कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष आषाढ़ी एकादशी के मौके पर न तो विठूनाम की जय-जयकार हुई, और नाही शोभायात्रा निकाली गई. कुछ चुनिंदा लोगों के बीच आषाढ़ी एकादशी का पर्व मनाया गया. पूजा समाप्त होने के तुरंत बाद मंदिर में फिर से ताला लगा दिया गया.

छोटे वारकरी रहे आकर्षण
मस्तक पर चंदन का टीका, हाथ में वादन यंत्र, सिर पर तुलसी का पौधा तथा विठ्ठल के नाम के जयघोष में लीन हुए छोटे- छोटे वारकरी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शोभा यात्रा निकाली गई. नूतन कन्या शाला की ओर से निकाली गई शोभा यात्रा को विशेष रूप से सराहा गया. 

गांधी चौक पर स्वागत
सभी स्थान से आए हुए बाल वारकरियों का गांधी चौक पर विशेष स्वागत किया गया. यहां पर हुए रिंगण कार्यक्रम को देखने के लिए हुजूम उमड़ पड़ा. जो पंढरी नहीं जा सके, उन्हें अपने स्वरूप से पंढरी पहुंचाने का पुनीत कार्य इन बच्चों ने किया. 

भद्रावती. केंद्र सरकार के आयुध निर्माणी के निजिकरण के खिलाफ देश के 82 हजार आयुध निर्माणी कर्मचारीयों ने शुक्रवार को 1 दिवसीय विरोध आंदोलन किया. इसी के तर्ज पर चंद्रपुर जिले के भद्रावती तहसील के आर्डिनन्स फैक्टरी में काले व लाल झंडे दिखाकर निजिकरण का विरोध किया गया. 

केंद्र सरकार के आर्डिनन्स फैक्टरी के निजिकरण को लेकर शुक्रवार को देशभर के 41 आयुध निर्माणी में कार्यरत 82 हजार कर्मचारी आंदोलन में सहभागी हुए थे. आंदोलन में सोशल डस्टिंन्सिंग पर अमल करते हुए बॉक्स में खडे रहकर काली फिता लगाकर काले व लाल झंडे दिखाकर विरेाध दर्शाया गया. संयुक्त संघर्ष समिति में सहभागी ऑर्डनन्स फैक्टरी मजदुर युनियन, एम्प्लॉईज युनियन, भारतीय सुरक्षा कर्मचारी संघ, स्वतंत्र मजदुर युनियन व सभी युनियन व असोसिएशन आयुध नर्मिाणी चांदा के सभी महासचिवों ने बताया की, सरकार की ओर से 41 आयुध निर्माणी का निजिकरण करने पर लिया गया निर्णय असंवैधानिक व अन्यायकारक होने की जानकारी दी गयी. आंदोलन में एआरडीएफ, बीएएमएस और इंटक, आईएनडीडब्लुएफ संगठन ने सुबह 7 बजे गेट नंबर 3 के सामने आंदोलन कर्ता जमा हुए और सरकार के विरोध में नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया. दौरान आर्डिनन्स फैक्टरी के जनरल सेक्रेटरी गुलाब चौधरी ने इस समय विचार व्यक्त किए. 

आंदोलन मे आ.फै.म.यु. के अध्यक्ष शितल वालदे, प्रकाश हरिदासन, प्रविण गेडाम, राम कुंडे, नेमाडे, रवि जिवतोडे, राकेश पवार, मोहम्मद राचीफ, प्रविण ठाकरे, राजेश यादव, प्रतिक बोकरे, नासीर, जितु नायक, मानिष मत्ते, प्रकाश गडपल्लीवार, विजय कांबले, दिगविजय पडवेकर, गणेश वरखडे सहभागी हुए थे. 

चंद्रपुर. केंद्र सरकार के कामगार विरोधी निति तथा पेट्रोल डिजल मुल्यवृध्दी के विरोध में शुक्रवार 3 जुलाई को राजीव गांधी कामगार भवन समक्ष महात्मा गांधी पुतले के पास कामगार नेता तथा पुर्व सांसद नरेश पुगलिया के नेतृत्व में राष्ट्रीय मजदुर कांग्रेस व विदर्भ किसान मजदुर कांग्रेस ने देशस्तरीय असकार व निषेध आंदोलन किया. आंदोलन के दोरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गयी. 

लाकडाऊन के दोरान असंघटीत कामगारों का सर्वाधिक नुकसान हुआ है. असंघटीत कामगारेां को सुरक्षा व स्वास्थ सुरक्षा तो दुरी की बात कई कामगारों को नोकरी से हाथ धोना पडा. ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार कामगारेां के विरोध में नितियां बना रही है. पेट्रोल डिजल में लगातार मुल्यवृध्दी कर रही है जिसका मजदुर कांग्रेस ने विरोध किया. 

केंद्र सरकार व राज्य सरकार ने कामगार कानुन स्थगित करने, 8 घंटो का कामकाज करने, लाकडाऊन के समय का संपुर्ण वेतन अदा करने, लाकडाऊन में फसे कामगार व नागरिकों को गांव जाने की व्यवस्था करने, गरिब परिवार को 7500 रूपये प्रति माह की सहायता करने, जरूरतमंदों को राशन अनाज आपुर्ती करने, पेट्रोल व डिजल भाव कम करने आदि मांग की गयी. 

आंदोलन में  प्रदेश युवक कांग्रेस के महासचिव राहुल पुगलिया, इंटक जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पोडे, गजानन गावंडे, एड. अविनाश ठावरी, शिवचंद्र काले, पार्षद अशेाक नागपुर, देवेंद्र बेले, प्रशांत दानव, स्वप्निल तिवारी, वसंत मांढरे, तारसींग कलसी आदि उपस्थित थे. 

चंद्रपुर. कोयला उद्योग में निजीकरण के खिलाफ वेकोलि की पांचों यूनियन की ओर से घोषित तीन दिवसीय हडताल के दूसरे दिन आज वेकोलि के चंद्रपुर, माजरी, बल्लारपुर, वणी और वणी नार्थ क्षेत्र की सभी कोयला खानों से उत्पादन और कोल ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह से ठप रहा. जिससे वेकोलि को करोडों का नुकसान हो रहा है. इसकी वजह से सभी क्षेत्रों में सन्नाटा छाया है.

कोयला उद्योग के निजीकरण की ओर ले जा रहे कमर्शियल माइनिंग के विरोध में वेकोलि में कार्यरत पांचों श्रमिक संगठनाओं ने एक साथ 3 दिवसीय हडताल शुरु की है. जिसका आज दूसरा दिन है.

माजरी सयुंक्त संघ मोर्चा के पांचों श्रम संघटन के पदाधिकारियों ने माजरी क्षेत्र में आज दूसरे दिन भी हडताल जारी रखी है. पांचों संगठन के साथ कामगारों का भी साथ मिल रहा है. आज दूसरे दिन भी कामगार अपने घरों से ही ड्यूटी के लिये नहीं निकले. सयुंक्त संघ अपनी मांगों को लेकर कर अड़े है. कोयला उद्योग के कमर्शियल माइनिंग बंद करो, सी.आई.एल. एवं एस.सी.सी.एल. के निजीकरण पर रोक लगाओ, सी.एम.पी.डी.आई.एल. को कोल इंडिया से अलग करने का आदेश वापस लिया जाए., सी.आई.एल. एवं एस.सी.सी.सी.एल. के ठेका मजदूरों की मजदूरी एवं अन्य सुविधा हाई पावर कमेटी की अनुशंसा के अनुसार लागू किया जाए तथा अन्य मांगो को लेकर हड़ताल अब भी जारी है. भारत सरकार ने श्रम संघ द्वारा दिए गए सुझाव को दरकिनार करते हुए एवं मजदूरों से किए गए वादों को तोड़ते हुए भारत सरकार ने 18 जून को कोयला खदानों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया. केंद्र सरकार के इस कोयला उद्योग के निजी करण नीतियों के खिलाफ कोयला मजदूरों ने काफी मात्रा में आक्रोश है. इसी कारण केंद्रीय श्रम संगठन के इंटक, आयटक, एच एम एस, बी एम एस, सीटू, द्वारा समस्त कोयला आंचल में तीन दिन के लिए कमर्शियल माइनिंग के विरोध में देशव्यापी हड़ताल जारी है।

 इसमें बी.एम.एस. के पदाधिकारी मोरेश्वर अवारी, विवेक पालके, सतीश कुडुदुला, इंटक के धनंजय गुंडावार, एटक के  बंडू उपरे, दीपक डोके, एच.एम.एस के सुनिल श्रीवास्तव, दत्ताकोम्बे,सीटू  के जगलाल ,राजेंद्र गेडाम शामिल हुए.

 

मूल. देश में पेट्रोल, डीजल की कीमतों में की गई बेतहाशा वृध्दि से वाहन धारकों के साथ आम नागरिकों पर अन्याय हो रहा है. इसलिए की गई ईंधन मूल्यवृध्दि वापिस लेने की मांग तहसील कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना आंदोलन के माध्यम से की है.

उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से देश के राष्ट्रपति को प्रेषित निवेदन में कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल मूल्यवृध्दि को कम करने में पूरी तरह से विफल रही है. कोरोना संक्रमण की वजह से किए गए लाकडाउन काल में समाज का हर घटक संकट में फंसा है. ऐसी संकट की स्थिति में बार बार की जा रही पेट्रोल, डीजल मूल्यवृध्दि का खामियाजा अप्रत्यक्ष रुप से आम नागरिकों को भुगतना पड रहा है. इसलिए की गई ईंधन मूल्य वृध्दि वापिस लेने की मांग की है. मांग पूरी न होने पर सडकों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी है.

पूर्व जिप अध्यक्ष संतोषसिंह रावत के नेतृत्व में आज तहसील के कांग्रेसियों ने सामाजिक दूरी बनाकर तहसील कार्यालय के सामने धरना आंदोलन कर प्रभारी एसडीओ डी.जी. जाधव को निवेदन सौंपा. इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष घनश्याम येनुरकर, जिला महासचिव संजय मारकवार, राकेश रत्नावार, दीपक वाढई, महिला तहसील अध्यक्ष रुपाली संतोषवार, युकां तहसील अध्यक्ष पवन निलमवार, शहर अध्यक्ष व्यंकटेश पुल्लाकवार, एनएसयूआई के अध्यक्ष विवेक मुत्यलवार, किसान आघाडी के तहसील अध्यक्ष रुमदेव गोहणे, पार्षद विनोद कामडे, ललिता फुलझेले, बाजार समिति के उपसभापति संदीप कारमवार, संचालक अखिल गांगरेड्डीवार, डा. पदमाकर लेनगुरे, पुरुषोत्तम भुरसे, कैलाश चलाख, जालिंदर बांगरे, साईनाथ मंडलवार, बबन कडस्कर आदि उपस्थित थे.

ब्रम्हपुरी. गुरुवार की रात चंद्रपुर जिले के पाजिटिव मरिजों की संख्या 102 तक पहुच गयी है. शुक्रवार की शाम बम्हपुरी तहसील में कुल 8 पाजिटिव मरिज पाए सामने आए है. अबतक जिले में कोरोना पाजिटिव मरिजों की संख्या 110 हुई है. 

जिले में उपचार ले रहे कोरोना बाधितों की संख्या 54 पर है. अबतक 56 मरिज स्वस्थ हुए है. ब्रम्हपुरी शहर के भवानी वार्ड के 27 वर्षीय पुरुष व 23 वर्षीय महिला का समावेश है. अन्य 2 मरिज गांगलवाडी के है. जिसमें 49 वर्षीय पुरुष व 37 वर्षीय महिला का समावेश है. ब्रम्हपुरी तहसील के वांद्रा में 30 वर्षीय पुरुष व २५ वर्षीय महिला का समावेश है. निलज गांव में तीन वर्षीय बालिका पाजिटिव पायी गयी. तो चौगान का 32 वर्षीय पुरुष का समावेश है. 

शुक्रवार को 8 बाधीतो में से 2 बाधीत मुंबई व हैद्राबाद से आए हुए है. तो अन्य 6 बाधीत पहले के बाधीतों के संपर्क के है. सभी बाधीतों का स्वास्थ तंदुरूस्त है. 

14 तक बढा लाकडाऊन 
जुन महिने के अंत में सप्ताह में ब्रम्हपुरी तहसील में अबतक कुल 28 कोरोना मरिज पाए गए. उनमें से केवल ब्रम्हपुरी में 9 कोरोना पाजिटिव पाए जाने से तहसील की जनता में भय का वातावरण नर्मिाण हुआ है. प्रशासन ने इस संदर्भ में कार्रवाई शुरू की है. लगातार दो दिन में कोरोना बाधीत मरिज पाजिटिव पाए जाने से 3 दिन का सक्त लाकडाऊन लागु किया था. परंतु जिलाधिश के मुआयने के पश्चात 14 जुलाई तक लाकडाऊन सक्त कर दिया है. साथ शुक्रवार को ब्रम्हपुरी तहसील में ओर 8 कोरोना पाजिटिव बाधीत मरिज पाए जाने से खलबली मच गयी है.     

वर्धा. बिती रात्रि हुई जोरदार बारिश से कुछ क्षेत्र के बडे नाले लबालब भरकर बह रहे थे़ सोनेगांव-आष्टा व गोजी शिवार में घटी घटना में चार लोगों की मौत हो गई़ पुलियां से बैलबंडी बह जाने से नाना व नाती की मौत हो गई़ जबकि सोनेगांव आष्टा शिवार में दो महिला इस आपदा की भेंट चढी़ महिलाओ के शव देर रात्रि मिले, जबकि बालक व व्यक्ती का शव शनिवार की सुबह गोजी शिवार में मिला़.

प्राप्त जानकारी के अनुसार धोत्रा निवासी नारायण पोहाणे (55) यह दूसरे की बैलबंडी लेकर सावली की ओर जा रहा था़ इस समय पुत्री का बेटा गणेश हिवरे (12) उनके साथ था़ देशाम हुई जोरदार बारिश से परिसर के नाले लबालब होकर बह रहे थे़.गोजी शिवार की पुलिया पर बैलबंडी बाढ की चपेट में आने से दोनो पानी के बवाह में बह गए़ वहीं दूसरी ओर सोनेगांव-आष्टा मार्ग पर नाले से पानी बह रहा था़ जहां खेत से लौट रही दो महिला मजदूर बाढ की चपेट में आकर बह गई़. 

इसमें सोनेगांव (स्टे़) निवासी चंद्रकला लोटे व तलेगांव (टा़) निवासी बेबी भोयर का समावेश बताया गया़ दोनो का शव देर रात्रि बरामद हुआ़ साथ ही गोजी शिवार में सुबह बालक तथा व्यक्ती का शव मिला़ सुबह यह दर्दनाक घटना सामने आने से सर्वत्र हडकम्प मच गया़ सूचना मिलते ही सेवाग्राम थाने के पुलिस निरीक्षक कांचन पांडे, पीएसआई कंगाली दलबल के साथ घटनास्थल पहुंचे़ आगे की जांच चल रही है़.

गडचिरोली:गडचिरोली जिल्ह्यात एटापल्ली तालुक्यातील एलदडमी जंगलात पोलिसांनी धाडसी कारवाई करत नक्षलवाद्यांचे शिबीर उद्ध्वस्त केले आहे. यावेळी नक्षलवाद्यांसोबत झालेल्या चकमकीत एक नक्षलवादी मारला गेला आहे. आज संध्याकाळी ही चकमक झडली. ( Gadchiroli Encounter )

गडचिरोली पोलिसांच्या सी-६० कमांडो पथकाने ही कारवाई केली. एलदडमीच्या जंगला नक्षलवाद्यांचे प्रशिक्षण शिबीर सुरू असल्याची खात्रीशीर माहिती कमांडो पथकाला मिळाली होती. मोठा घातपात घडवण्याच्या उद्देशाने हे शिबीर घेण्यात येत असल्याचेही सूत्रांकडून कळले होते. त्या पार्श्वभूमीवर घातपाताआधीच शिबीर उधळण्याची योजना पोलिसांनी आखली. त्यानुसार नियोजनबद्धरित्या धडक देऊन हे शिबीर उधळण्यात आले.सी-६० कमांडोंनी घेरल्याचे लक्षात येताच नक्षलवाद्यांनी गोळीबारास सुरुवात केली. त्याला कमांडोंनी चोख प्रत्युत्तर दिलं. सुमारे एक तास कमांडो व नक्षलवाद्यांमध्ये चकमक सुरू होती. या चकमकीत एका नक्षलवाद्याला ठार मारण्यात यश आले. कमांडोचा जोरदार प्रतिकार लक्षात घेऊन अन्य नक्षलवाद्यांनी दाट जंगलात पळ काढला. कमांडोनी नंतर शोध घेतला असता ठार झालेल्या नक्षलवाद्याचा मृतदेह आढळून आला, असे एका अधिकाऱ्याने सांगितले. घटनास्थळी मोठा शस्त्रसाठा वा नक्षलवादी चळवळीशी संबंधित साहित्य आढळून आले आहे.

दरम्यान, गडचिरोली पोलिसांचं सी-६० हे कमांडो पथक जंगल भागात कारवाई करण्यासाठी प्रसिद्ध आहे. या पथकाने अचूक माहितीच्या आधारे एलदडमी जंगलात कारवाई करून नक्षलवाद्यांना हादरा दिला. या कारवाईनंतर संपूर्ण परिसरात लगेचच शोधमोहीम हाती घेण्यात आली आहे.

गड़चिरोली. चंद्रपुर महामार्ग पर राष्ट्रीय महामार्ग के निर्माणकार्य की शुरूआत हुई है. गड़चिरोली समीपस्य नवेगांव, मुरखला गांव की जनसंख्या करीब 10,000 के आसपास है. जिससे उक्त जगह के सड़क पर डिवाइडर नहीं होने पर बड़ी मात्रा में दुर्घटना होने की संभावना है. जिससे सड़क पर डिवायडर के साथ दोनों छोर की नालियों का निर्माण करने की मांग स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक डा. देवराव होली से ज्ञापन द्वारा की है. 

दुर्घटना का खतरा बढ़ा
गड़चिरोली-चंद्रपुर महामार्ग पर राष्ट्रीय महामार्ग के निर्माणकार्य की शुरूआत हुई है. गड़चिरोली समीपस्य नवेगांव, मुरखले में दोनों छोर की नालियां तथा सड़क डिवाइडर का कार्य नहीं किए जाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ा है. जिससे उक्त जगह पर सड़क डिवाइडर व नालियों का निर्माणकार्य करना आवश्यक है. नाली व डिवाइडर का निर्माणकार्य शुरू नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी ग्रामीणों ने दी है.

विधायक डा. होली ने ग्रामीणों की भेंट लेकर उनको समझाते हुए सड़क डिवाइडर व नाली निर्माणकार्य के लिए वरिष्ठ स्तर पर पत्राचार करने का आश्वासन दिया. इस समय पंस सभापति मारोतराव ईचोडकर, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अनिल पोहनकर, प्रशिक्षण सेल के प्रमुख प्रशांत भृगुवार, पंस के उपसभापति विलास दशमुखे, उपसरपंच राजू खंगार, श्रीकांत पतरंगे आदि उपस्थित थे. 

अमरावती. बारिश के दिनों को देखते हुए दूषित जलापूर्ति से महामारी ना फैले इसलिए पेयजल स्त्रोत, पाइप लाइन मरम्मत के साथ सभी स्त्रोतों की शुद्धता की जांच तथा सैनिटाइजेशन करने के निर्देश राज्य की महिला व बालविकास मंत्री तथा जिले की पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने समीक्षा बैठक में दिए. पालकमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को पंचायत समिति में विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की गई. इस समय पंचायत समिति के सभापति संगीता तायडे, उपसभापति रोशनी अडसपुरे, तहसीलदार संतोष काकडे, गुटविकास अधिकारी दिलीप पतंगराव समेत अनेक जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य उपस्थित थे.

हर गांव में सर्वे
पालकमंत्री ने बारिश के मद्देनजर जल स्त्रोतों के शुद्धिकरण के लिए हर गांव में सर्वेक्षण मुहिम चलाने के साथ ही नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की सूचना दी. अमरावती तहसील व शहर से सटे वलगांव, नांदगांव पेठ में कोरोना मरीज पाए गए है. महानगरपालिका की तर्ज पर ऐसे गांवों में सैनिटाइजेशन प्रक्रिया चलाने के भी निर्देश दिए गए. 

बोगस बीज कंपनियों को नोटिस दे
तहसील में 19,000 हेक्टेयर पर सोयाबीन की बुआई हुई है, जिसमें से कुछ क्षेत्रों पर बीज अंकुरित नहीं होने की शिकायतें प्राप्त हुई है. ऐसी कंपनियों को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर किसानों को नुकसान भरपाई देने की सूचना दी गई. अन्यथा कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी नोटिस में देने की बात कही.

परतवाड़ा. कोरोना के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्र में थ्रोट स्वैब नमूने ले जाने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय के अत्यावश्यक सेवा के तहत नि:शुल्क स्वास्थ्य दल तैनात किया गया है. इसी दल का वाहन धारणी से 21 संदिग्धों के थ्रोट स्वैब नमूने लेकर अमरावती लौटते समय 29 जून को घटांग के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. सौभाग्य से सभी सैंपल सुरक्षित थे. यदि इस हादसे में थ्रोट स्वैब लिकेज होते तो बड़ा अनर्थ होता. घटना के 4 दिनों बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई है. 

रिपोर्ट प्रलंबित
धारणी के 21 थ्रोट स्वैब नमूनों का रिपोर्ट अब भी अप्राप्त है. जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा कोविड 19 की अत्यावश्यक सेवा के लिए मोबाइल दल नियुक्त कर थ्रोट स्वैब नमूने प्राप्त करने के लिए 14 लाख की नई गाड़ी खरीदी गई थी. चालक व थ्रोट स्वैब टेक्नीशियन धारणी से 21 लोगों के नमूने लेकर रवाना हुए थे. चालक का नियंत्रण छूट जाने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ. चालक ठेकापद्धति पर नियुक्त है, जिसके बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने दूसरी एम्बुलेंस से थ्रोट स्वैब नमूने पहुंचाए. इस घटना को लेकर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.दिलीप रणमले द्वारा त्रिसदस्यीय जांच समिति नियुक्त करने की जानकारी है.

नमुने सुरक्षित, जांच होगी
घटांग के पास हुए इस दुर्घटना की जांच के लिए समिति नियुक्त की गई है. थ्रोट स्वैब के सभी 21 सैंपल सुरक्षित है. रिपोर्ट अभी तक अप्राप्त है. बड़ा हादसा टला है, अन्यथा अनर्थ होता-डॉ.दिलीप रणमले, जिला स्वास्थ्य अधिकारी,अमरावती 

अमरावती. लॉकडाउन में पाबंदी के बावजूद 2 मंजिला इमारत में चल रहे जुआ अड्डे पर पुलिस छापे के बाद कुछ लोगों ने इमारत से छलांग लगा दी. सौभाग्य से किसी को कोई चोट नहीं आयी, लेकिन क्षेत्र में देर रात तक भागदौड़ मची रही. यह घटना फ्रेजरपुरा के प्रशांतनगर में बुधवार की देर रात हुई. इस बारे में अब तक पुलिस में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है.

कार्रवाई से बचने के लिए भागदौड़
पुलिस सूत्रों के अनुसार फ्रेजरपुरा पुलिस को खबर मिली कि एक पूर्व अधिकारी के घर में मनोरंजन क्लब की आढ़ में बड़े पैमाने में जुआ खेला जा रहा है. सूचना पर फ्रेजरपुरा के अधिकारी, कर्मचारी वहां कार्रवाई करने पहुंचे. दरवाजा खटखटाते ही लोगों में भगदड़ मच गई. पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए पीछे के दरवाजे से इमारत से छलांग लगाकर भाग निकले. पुलिस ने दरवाजा खोलने के बाद देखा तो वहां कुछ भी हाथ नही मिला. पुलिस ने परिसर की छानबिन की, लेकिन कोई भी शख्स पुलिस को नहीं मिला, जिससे मामला दर्ज नहीं हो पाया.

मामले की कर रहे जांच
इस बारे में पुलिस मामले की जांच कर रही है. यदि मनोरंजन क्लब की आढ़ में जुआ खेला जा रहा है, इस बारे में जिलाधिकारी कार्यालय को प्रस्ताव भेजकर क्लब का रजिस्ट्रेशन रद्द करवाया जाएगा-यशवंत सोलंके, डीसीपी

गोंदिया: विहिरीतील विषारी वायूमुळे चौघांचा गुदमरून मृत्यू झाल्याची घटना आमगाव तालुक्यातील पानगाव येथे गुरुवारी घडली. विहिरीच्या वास्तूपूजनाच्या दिवशी त्याच विहिरीत चौघांचा मृत्यू झाल्याने हळहळ व्यक्त होत आहे. आत्माराम भांडारकर, झनक आत्माराम भांडारकर या पिता-पुत्रांसह भैयालाल भांडारकर व धनराज गायधने (रा. कन्हारटोला) अशी मृतांची नावे आहेत.

आत्माराम भांडारकर यांनी आपल्या घरच्या शेतात खोदलेल्या विहिरीचे पूजन करण्यासाठी गुरुवारी पाच जण शेतात गेले होते. तेव्हा विहिरीतील मोटारपंपचा फूटबॉल दुरूस्त करण्यासाठी झनक हा विहिरीत उतरला. मात्र, तो विहिरीतून बाहेर न आल्याने त्याला पाहण्यासाठी एका मागोमाग एक एक करीत सर्व जण विहिरीत उतरले. मात्र, ते चौघेही परत वर आलेच नाहीत.

दरम्यान पाचवा व्यक्ती विहिरीतून अर्ध्यातूनच बाहेर आल्याने त्याचे प्राण वाचले. या घटनेची माहिती मिळताच पोलिस प्रशासन व अग्नीशमन दलासह घटनास्थळी दाखल झाले. विहिरीतून चौघांचेही मृतदेह बाहेर काढण्याचे प्रयत्न करण्यात येत होते. चौघांचा गुदमरून मृत्यू झाल्याने जिल्ह्यात सर्वत्र शोककळा पसरली आहे.

चामोर्शी. कुनघाडा रै. वनपरीक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले कक्ष क्रमांक 109 जंगल परिसर गिलगांव जमी के शामशहा सुंदरशहा आत्राम के गाय पर तेंदूए ने हमला कर गाय को मौत के घाट उतारने की घटना 29 जुन शाम के दौरान घटी. उक्त घटना से परिसर के नागरिकों में दहशत निर्माण हुई है. 

29 जुन को जंगल में मवेशीयों को चराने के लिए ले गए झुंड के एक गाय पर तेंदूए ने हमला किया. तेंदूएं ने गाय को डांमर सडक से 100 मीटर दुरी पर ले जाकर उसे मौत के घाट उतारा. जिससे पशुपालक का बडा नुकसान हुआ है. विशेष यह है की, यहं परिसर की यह 4 थी घटना है. घटना की जानकारी वनविभाग के कर्मीयों को मिलते ही वनपरक्षिेत्राधिकारी महेशकुमार शिंदे के मार्गदर्शन में क्षेत्र सहायक रामदास मडावी, वनरक्षक कौशल्य मडावी, वनरक्षक गुरू वाढई, वनरक्षक इंदू भेंडेकर, वनरक्षक संदीप आंबेडारे आदि वनकर्मचारी घटना का पंचनामा कर आगे की जांच कर रहे है. 

वनविभाग ने दिया सतर्कता बरतने की चेतावनी
गिलगांव जंगल परिसर में की यहं 4 घटना होकर तेंदूए जंगल में होने से परिसर में तेंदूए की दहशत नर्मिाण हुई है. तेंदूए का बंदोबस्त करने हेतु विभन्नि उपाययोजना शुरू होकर नागरिक जंगल में ना जाए, पालतु मवेशीयों को जंगल में ना छोडे साथ ही सतर्कता बरते. शाम के दौरान देर रात तक बाहर न रहे, जंगल में बाघ के दहशत संदर्भ में बोर्ड लगाया गया होकर नागरिक सतर्कत रहने की चेतावनी दी गई है.

गोंदिया. कोरोना वायरस को लेकर प्रथम चरण में 26 मार्च से संक्रमित मरीजों का जिस तरह आंकड़ा सामने आता गया. उसे लेकर प्रशासन ने भी हर तरह से निपटने युद्धस्तरीय प्रयासों का जो सिलसिला प्रारंभ किया वह सफलतापूर्वक आगे बढ़ता गया. 10 जून को अंतिम मरीज भी स्वस्थ्य होकर घर लौट गया और उसके चलते उसी दिन पूरा जिला कोरोना मुक्त घोषित कर दिया गया. इसके बाद कोई कोरोना संक्रमित न हो उसे लेकर सावधानी बरतने के लिए प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी कर दिए. कुल मिलाकर जिले के कोरोना मुक्ति के बाद बड़े पैमाने पर सभी को लगने लगा कि अब किसी तरह के संकट की स्थिति की संभावना नहीं है.

सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सारे कारोबार जोर-शोर से संचालित होने लगे और 5 बजे की बजाए शाम 7 बजे तक कारोबार शुरू रखने की मांग होने लगी. स्वयं सांसद प्रफुल पटेल की ओर से भी मुख्यमंत्री को समय बढ़ाने आग्रह किया गया. इसके अलावा विभिन्न संगठनों ने भी समय बढ़ाने की मांग की. एक ओर यह तस्वीर सामने आई वहीं दूसरी ओर निर्धारित मापदंडों का किसी भी स्तर पर पालन होता नजर नहीं आ रहा और उसी के कारण कोरोना मुक्ति को बनाए रखने का स्वप्न साकार नहीं हो पा रहा है. शासकीय कार्यालयों में भी इसकी अनदेखी हो रही है. 

विभिन्न बैंकों में तो जिस तरह सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही अन्य निर्देशों की धज्जियां उड़ रही है उसके नजारे सतत देखे जा रहे हैं. भारतीय स्टेट बैंक जैसी सर्वाधिक महत्वपूर्ण बैंक में जो नजारे सामने आ रहे हैं, वह चर्चा का विषय बना है. 

बना है दहशत का माहौल
अब फिर कोरोना पॉजिटिव सामने आ रहे हैं और ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे स्थिति नियंत्रण के बाहर होती जा रही हैं. गोंदिया तहसील में जो पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं वे मुंडीपार औद्योगिक बस्ती की एक कंपनी के बताए गए है जो नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती कोरोना पॉजिटिव जिसकी मृत्यु हो गई है के संपर्क में आए थे. इन सभी मरीजों की उम्र 20 से 60 आयु समूह के बीच बताई गई है. इसके बाद जिले में दहशत का माहौल बन गया.

तुमसर.  कृषि दिन पर किसानों को न्याय दिलाने बुधवार को विकास फाउंडेशन की ओर से कृषि उपज बाजार समिति के पास स्थित कार्यालय के सामने जेल भरो आंदोलन किया गया. इसमें पूर्व विधायक चरण वाघमारे के साथ ही 400 से भी अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रिहा किया गया. 

विकास फाउंडेशन कार्यालय के सामने सैकड़ों कार्यकर्ता इकठ्ठा होने के बाद संबंधित मोर्चा संस्थापक अध्यक्ष वाघमारे के नेतृत्व में उपविभागीय अधिकारी के कार्यालय की ओर जा रहा था. तब पुलिस प्रशासन की ओर से सभी आंदोलन कर्ताओं को बाजार समिति के सामने रोका गया. इसके बाद सभी लोग समिति के प्रांगण में जमा हो गए थे.

इस बीच पूर्व विधायक वाघमारे ने कार्यकर्ताओं को बताया कि, अपनी मांगों के संदर्भ में अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है. कुछ सीजन तक समाधान हुआ है एवं कुछ मांगें सरकार स्तर की होने के कारण इसके लिए उन्हें समय देना आवश्यक है. इस आंदोलन को अभी स्थगित करते हुए यदि उनकी मांगों की ओर अनदेखी की गई तो भविष्य में और भी तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा. 

तहसीलदार से चर्चा के बाद आंदोलन वापस
तहसीलदार गजेंद्र बालपांडे व पुलिस अधिकारी से चर्चा करने के बाद आंदोलन पीछे लिया गया था. इसके पश्चात आंदोलन कर्ताओं को कलम 68 के तहत गिरफ्तार कर पुलिस थाने ले जाया गया था. कुछ समय बाद उन्हें कलम 69  के तहत रिहा किया गया था.

तुमसर. जवाहर नवोदय विद्यालय द्वारा ली गई परीक्षा में स्थानीय पंस  अंतर्गत जिप प्राथमिक शाला सिहोरा के 3 छात्र सफल हुए. इनमें विशेष उके, उज्ज्वल रहांगडाले, प्रज्ज्वल रहांगडाले का समावेश हैं. छात्रों ने बताया कि, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एव उचित मार्गदर्शन के साथ ही भौतिक सुविधाओं की उपलब्धता, शिक्षकों का उचित मार्गदर्शन एव कड़ी मेहनत के कारण सफलता मिली है. सफल विद्यार्थियों का शाला में शिक्षा सभापति धनेंद्र तुरकर के हाथों सत्कार किया गया. 

इस अवसर पर सरपंच मधु अडमाचे, मुख्याध्यापक गायधने, मुख्याध्यापिका चौधरी, शाला व्यवस्थापन समिती अध्यक्ष अर्चना वासनिक, ओंकार चौहान, शिक्षिका शर्मा, चौधरी, मते, डेकाटे, बिसेन, शिक्षक निनावे  उपस्थित थे. छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय मुख्याध्यापक सकुन चौधरी, शिक्षिका सुरेखा गभने एवं अन्य शिक्षकों को दिया.

बोरगांव मंजू. बोरगांव मंजू में कोरोना  3 मरीज पाजिटिव पाए गए थे. ग्रामपंचायत, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संबंधित कोरोना बाधित मरीज के परिसर में जाकर निर्जंतुकीकरण के लिए छिड़काव किया और संबंधित परिसर को सील किया गया. कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण बुधवार को अकोला के उपविभागीय अधिकारी डा. नीलेश अपार ने किया और आवश्यक निर्देश दिए.

इसी तरह स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्कर, आंगनवाड़ी सेविकाएं, स्वास्थ्य कर्मचारी और आशा गट प्रवर्तक के माध्यम से प्रत्येक घर जाकर स्वास्थ्य सर्वे पूरा किया गया. उपविभागीय अधिकारी डा. नीलेश अपार के साथ मूर्तिजापुर के उपविभागीय अधिकारी डा. अर्जुन भोसले, तहसीलदार विजय लोखंडे, बीडियो राहुल शेलके, मदनसिंह बहुरे, तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डा. बनसोडे उपस्थित थे. उन्होंने ग्रामपंचायत प्रशासन, नागरिकों से चर्चा कर आवश्यक सूचनाएं दी. एसडीओ नीलेश अपार ने ग्राम पंचायत को सुचित किया कि वे मास्क न लगाने वाले लोगों पर कार्रवाई करें.

इस अवसर पर जि.प. सदस्य नीता गवई, सरपंच चंदा खांडेकर, पंचायत समिति सदस्य भरत बोरे, ग्रामविकास अधिकारी विलास देऊलकार, ग्रामसेवक संदीप गवई, ग्रामपंचायत सदस्य राजाभाऊ देशमुख, चिकित्सा अधिकारी डा. रुपाली पवार, वर्षा ढोके, सन्नाउल्ला शाह, दिलीप खांडेकर, मोहम्मद शारीक आदि उपस्थित थे.

मूर्तिजापुर. मूर्तिजापुर तहसील के माना थाना अंतर्गत ग्राम कोलसरा की 24 वर्षीय विवाहित महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना  उजागर हुई. मृतका का नाम प्रज्ञा वरघट (24) बताया गया. दर्यापुर तहसील के वडनेर गंगाई निवासी गुणवंत आठवले की पुत्री प्रज्ञा का विवाह ग्राम कोलसरा निवासी रवि वरघट के साथ हुआ था.

मृतका का पति मुंबई में रहकर निजी ट्युशन क्लास में काम करता था. उसने एक महिला से 2 लाख रु. उधार लिए थे. महिला बार-बार रकम वापस मांग रही थी. इसलिए रवि  ने पत्नी प्रज्ञा को मायके से 50,000 रु लाने के लिए मानसिक व शारीरिक यातनाएं देना शुरू किया. इस आशय की फरियाद पर पुलिस ने पति सहित वरघट परिवार के 5 व्यक्तियों के खिलाफ भादंवि की धारा 304 ब, 498 अ, 34 के तहत मामला दर्ज किया. मामले की जांच माना के थानेदार संजय खंडारे के मार्गदर्शन में की जा रही है.

अकोला.  जिले के ग्राम चोहट्टा बाजार में किसानों द्वारा कई शिकायतें मिलने के बाद विधायक रणधीर सावरकर चोहट्टा बाजार के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पहुंचे और किसानों को फसल कर्ज देने में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की. बैंक पहुंचने पर उन्हें कर्ज वितरण प्रक्रिया में लापरवाही दिखाई दी. अब तक केवल 42.17 प्रतिशत पात्र किसानों को कर्ज वितरित किए जाने की जानकारी मिली. किसानों के लिए बाधित बैंकों पर फौजदारी कार्रवाई करने की मांग जिलाधिकारी से लिखित पत्र में की है. 

धीमी गति से चल रहा कार्य
बैंक में कर्ज वितरण प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है. अब तक केवल 629 में से केवल 150 किसानों को ही कर्ज वितरित किया गया है. कोरोना संकट व लाकडाउन के कारण किसान परेशान है. आगामी बुआई के लिए किसानों को रकम की आवश्यकता है. बैंक द्वारा देरी से कर्ज वितरण की प्रक्रिया की जांच कर कार्रवाई करने की मांग विधायक सावरकर ने की है. उनके साथ भाजपा के मधुकर पाटकर, दत्तू पाटिल, पलसोद के सरपंच ज्ञानेश्वर आढे, अनिल पाटिल इंगले, मोहन कपले, संतोष फसाले, सुभाष मुकिंदे, पवन वर्मा, शेलके गुरुजी, राम पाटकर, श्रीहरी मोरे आदि उपस्थित थे.

अमरावती. कोरोना महामारी के चलते इतिहास में पहली बार आषाढ़ी एकादशी पर विदर्भ की पंढरी कौंडण्यपुर समेत सभी विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिरों में वीरानी छायी रही. आषाढ़ी एकदशी के उपलक्ष्य में प्रतीवर्ष कौंडण्यपुर में रुक्मिणी की पालखी निकाली जाती थी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. लेकिन इस वर्ष कोरोना के मद्देनजर कोई तामझाम नहीं किया गया.

पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर की पहल पर रुक्मिणी पालखी सीमित वारकरियों के साथ मंगलवार को पंढरपुर के लिए रवाना हुई. हर साल पालखी रवाना होने के बाद विभिन्न कार्यक्रम होते थे. रुक्मिणी के दर्शन के लिए जिले से ही नहीं बल्कि समूचे राज्य से भाविक आते थे. लेकिन इस वर्ष कौंडण्यपुर में सभी कार्यक्रम रद्द किए गए.

बाहर से ही लिए दर्शन
कोरोना संक्रमण के माहौल में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ होने की संभावना होने के चलते शहर के सभी विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर के पट बंद रखे गए थे. इस वजह से भाविकों ने बाहर से ही दर्शन किए. ग्रामीण क्षेत्र में मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर भजन कीर्तनों का आयोजन किया गया.

चांदूर बाजार: तहसील के विश्रोली स्थित पूर्णा बांध के 2 द्वार जल निकासी के लिये खोलने पड़े. मंगलवार की रात 2 बजे बांध के 2 गेट 10 सेंटी मीटर तक खोलकर जल विसर्ग शुरू किया गया. बुधवार को भी दिनभर जलविसर्ग जारी रहा. जुलाई के पहले ही दिन बांध के गेट खुलने से क्षेत्र में हर्ष है. हालांकि कोविड-19 के चलते इस बार डैम पर पर्यटकों की कमी है. इस तरह चांदूर बाजार तहसील से जलाशय के गेट खोले जाने का जिले में श्रीगणेश हुआ है. 

62.55 प्रश जलसंग्रह
विश्रोली स्थिति इस प्रकल्प में 62.55 प्रतिशत जलसंग्रह हुआ है. जबकि जुलाई माह में बांध में 57.7 मीटर तक ही जलसंग्रह का लक्ष्य है. रात को यह टारगेट लाइन पार हो जाने से बांध के 2 गेट खोलकर इसमें से 14.09 क्यूसेक जल विसर्ग शुरू किया गया है. अतिरिक्त जलविसर्ग किया गया. मंगलवार की रात विश्रोली में 34 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके साथ ही मध्य प्रदेश के बापजेही में 30, सावलमेंढा में 12 व भैसदेही में 3 मिमी बारिश होने से बांध में पानी की आवक तेज हो गई, जिसके कारण गेट खोलने पड़े.

गत् वर्ष की तुलना में अधिक
तहसील के 7 मंडलों में से मंगलवार की रात को चांदूर बाजार 47 मिमी, बेलोरा 45 मिमी, तलेगांव मोहना 36 मिमी, शिरजगांव कसबा 21 मिमी, आसेगांव 24 मिमी, करजगांव 09 मिमी ,ब्राम्हणवाड़ा 46 मिमी बारिश हुई. जबकि बुधवार को कुल 248.82  मिमी बारिश आंकी गई. जबकि गत वर्ष इस समय तक केवल  26.15 मिमी हुई थी.

जल विसर्ग जारी
मंगलवार की रात पूर्णा बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अत्याधिक बारिश होने की वजह से आवक तेज हो गई, जिसके कारण मध्यरात्री को बांध के 2 गेट खोले गए. बुधवार को भी दिन भर जल विसर्ग जारी रहा-  इरासकर, कनिष्ठ अभियंता, पूर्णा प्रकल्प

चंद्रपूर: मागील साडेतीन महिन्यांपासून बंद असलेला ताडोबा- अंधारी व्याघ्रप्रकल्प पर्यटनासाठी खुला करण्यात आला आहे. व्याघ्र प्रकल्पाच्या बफर झोनमध्ये बुधवारपासून मान्सून पर्यटन सुरू झाले. पहिल्याच दिवशी ५२ पर्यटकांनी हजेरी लावली.

ताडोब्यात सकाळ व दुपारच्या सत्रात मिळून १२ वाहनांतून ५२ पर्यटकांनी पर्यटनाचा लाभ घेतला. सकाळच्या सत्रात पाच वाहनांमधून २२ पर्यटकांनी सफारी केली. त्यात आगरझरी गेटमधून तीन तर कोलारा गेटवरील दोन वाहनांचा समावेश आहे. दुपारच्या सत्रात सात वाहनांतून ३० पर्यटकांनी पर्यटनाचा आनंद घेतला. यात आगरझरी येथून चार तर देवाडा, मदनापूर व अलिझंझा या गेटमधून प्रत्येकी एक वाहन गेले. करोनाच्या पार्श्वभूमीवर सफारी सुरू होण्याआधी सर्व खबरदारी घेतली जात घेतली जात आहे. सकाळी गेटवर पर्यटकांचे थर्मल टेस्टिंग करून जिप्सी सॅनिटाइज करण्यात आल्या. पर्यटनासाठी आरक्षण हे ऑफलाइन असून सबंधित प्रवेशद्वारावर प्रथम येणाऱ्याला प्राधान्य दिले

 

चंद्रपूर: तब्बल तीन महिन्यानंतर अखेर ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्पाच्या बफर झोनमध्ये आजपासून निसर्ग पर्यटन सुरू झाले. पण करोना पार्श्वभूमीवर मान्सून पर्यटनाला थंड प्रतिसाद मिळाला. २ गेटमधून ५ वाहनांतून २२ पर्यटकांनी पर्यटनाचा लाभ घेतला

सकाळच्या सत्रात केवळ ५ वाहनांमधून पर्यटकांनी सफारी केली. त्यात आगरझरी गेटमधून ३ तर कोलारा गेटमधून २ वाहनांचा समावेश आहे. एका वाहनात नागपूर येथून आलेले पर्यटक होते, तर उर्वरित चार वाहनात स्थानिक म्हणजे चंद्रपूर येथील पर्यटक होते. व्याघ्र प्रकल्पाच्या बफर झोनमध्ये एकूण १३ गेट आहेत. करोना पार्श्वभूमीवर सफारी सुरू होण्याआधी सर्व खबरदारी घेतली जात घेतली जात आहे.

करोना विषाणूचा प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी मागील साडे तीन महिन्यांपासून बंद असलेला ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प आजपासून पर्यटनासाठी खुला झाला आहे. ताडोबातील बफर झोनमध्येच पर्यटकांना जंगल भ्रमंती करता येणार असल्याचे ताडोबा व्यवस्थापनाने यापूर्वीच स्पष्ट केले आहे. दरम्यान पर्यटनासाठी आरक्षण हे ऑफलाईन असून सबंधित प्रवेशद्वारावर जो प्रथम येणार त्याला आरक्षण मिळणार आहे.

वरठी. लाकडाउन के कारण पिछले 3 महीने से आटोरक्सिा बंद होने से आर्थिक संकट में आए आटोरिक्शा चालक प्रवीण विजय मेश्राम (32) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. यह घटना वरठी के सुभाष वार्ड में घटी. आटोरक्सिा बंद होने से पिता ने शुरू किए सब्जी व्यवसाय में वह हाथ बटा रहा था, किंतु उसमें भी कुछ आय नहीं होने के कारण उसने आत्महत्या करने के कयास लगाया जा रहे हैं.

प्रवीण वरठी से भंडारा तक आटोरिक्शा चलाता था. पिछले 3 महीने से कोरोना लॉकडाऊन के कारण उसका काम बंद था. जिससे वह आर्थिक संकट में आया था. पिता भी आटोरिक्शा चलाने का व्यवसास कर रहे थे. पिता का भी व्यवसाय ठप पड़ था. घर में भुखमरी की हालत बन गई थी. आटोरिक्शा बंद होने से पिता ने वरठी में ही सब्जी का व्यवसाय शुरू किया था, किंतु नया व्यवसाय होने से पैसे कम पड़ रहे थे.

प्रवीण का पिछले कुछ महीनों से संतुलन बिगड़ गया था. ऐसे में सोमवार को अपने घर के किचन रूम में फांसी लगाकर आत्महत्या की. पिता काम से बाहर गया थे और माता तैयार की गयी बीड़ी पहुंचाने गयी थी. काम पर से घर में आने पर प्रवीण घर में दिखायी नहीं दिया. उस समय घर की बिजली आपूर्ति बंद थी. इधर उधर देखने के बाद वह फांसी लगायी हुई अवस्था में दिखायी दिया. घटना की जानकारी वरठी पुलिस को दी गयी. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

अकोला. अकोला जिले के काटेपूर्णा और वान बांध प्रकल्पों के परिसर स्थल में भूकंप मापक यंत्र लगाए जा रहे हैं. इस संदर्भ में जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर ने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को आदेश दिए हैं. भूकंप मापक यंत्र लगाए जाने से अकोला जिले में भूकंप के संदर्भ में समय पर जानकारी मिलने में मदद होगी. आपदा व्यवस्थापन कानून 2005 की धारा 25, 30 व 31 के तहत अकोला जिले में विविध आपदाओं के संदर्भ में पूर्व तैयारी, प्रतिबंध करने के लिए कार्यवाई करने के अधिकार जिला आपदा व्यवस्थापन प्राधिकरण को हैं.

तदनुसार भूकंप के समान आपदा के संदर्भ में सही जानकारी प्राप्त होने के उद्देश्य से अकोला जिले में सिंचाई विभाग अंतर्गत बार्शीटाकली तहसील में स्थित काटेपूर्णा और तेल्हारा तहसील में स्थित वान प्रकल्पों के स्थल पर भूकंप मापक यंत्र लगाने की कार्यवाही करने के आदेश जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर ने दिये है. इस संदर्भ में निवासी उप जिलाधिकारी प्रा.संजय खड़से ने बताया कि दोनों बांध स्थलों पर भूकंप मापक यंत्र लगाए जाने के बाद भूकंप के संदर्भ में जानकारी मिलने में मदद होगी.

भद्रावती. तहसील के आयुध निर्माणी चांदा में 3 जुलाई से राज्यव्यापी प्रोटेस्ट डे के नाम से विरोध दिन का आंदोलन किया जा रहा है. पूरे देश के सेंट्रल ट्रेड यूनियन द्वारा 41 आयुध निर्माणी में राज्यव्यापी हड़ताल के तहत आंदोलन किया जाएगा. एआरडीएफ, बीपीएमएस और इंटक आयएनडीडब्ल्यूएफ यह संगठन सरकार के विरोध में काले झंडे, काली फीता लगाकर नारेबाजी करते हुए आंदोलन करेंगे. यह आंदोलन का पहला कदम होगा. इस सरकार के पहले जो भी रक्षा मंत्री हुए उन्होंने लिखित दिया है कि आयुध निर्माणी का निजीकरण नहीं किया जाएगा. यह देश की रक्षा का प्रश्न है.  सरकार द्वारा आयुध निर्माणी का निजीकरण कभी नहीं करना चाहिए.  

ब्रम्हपुरी. ब्रम्हपुरी तहसील में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाये हैं.   बुधवार 1 से 3जुलाई तक तीन दिनों का सख्त लॉकडाउन घोषित किया गया है.  तीन दिनों तक ब्रम्हपुरी पूरी तरह से बंद रहेगा.   ब्रम्हपुरी नगर पालिका के मुख्याधिकारी ने बताया कि  बंद के दौरान केवल मेडिकल स्टोर्स, हास्पिटल, शासकीय कार्यालय शुरू रहेंगे. शहर की सब्जी मंडी, व्यापारिक प्रतिष्ठान अन्य सभी दूकानें बंद रहेगी.  आदेश का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज किया जाएगा. 

14  दिन के लॉकडाउन के पक्ष में जनता
इस बीच ब्रम्हपुरी की जनता चाहती है कि 3 दिन के बजाय 14 दिन का सख्त लॉकडाउन किया जाए. सर्वदलीय शिष्टमंडल ने इस आशय की मांग का निवेदन उपविभागीय अधिकारी को सौंपा. है. ज्ञापन में कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोरोना मरीज में 14 दिन के भीतर लक्षण नजर आते हैं. इसलिए लोगों के स्वास्थ्य रक्षा की दृष्टि से 14 दिन का सख्त लॉकडाउन होना चाहिए. 

निवेदन सौंपने वालों में पूर्व विधायक प्रा. अतुल देशकर, प्रा. सुभाष बजाज, डा. मनोहरराव उरकुडे, नगरसेवक मनोज वढे, अरविंद नंदूरकर,  पंचायत समिति सभापति रामलाल दोनाडरक, राकां तहसील अध्यक्ष अविनाश राऊत, भाजयुमो शहर अध्यक्ष सुयोग बालबुधे, जयप्रकाश अंडेलकर, हेमंत उरकुडे, रितेश दशमवार, नंदूजी गुड्डेवार, स्वप्नील अलगदेवे, विजय हुड, विजय रामटेके, गुरुदेव अलोने, चंद्रशेखर सातव, मधुकर मेश्राम, अरविंद चुनारकर, गोवर्धन दोनाडकर आदि का समावेश था. 

राजुरा. केंद्र सरकार ने कोयला उद्योग में कमर्शियल मायनिंग शुरू कर कोयला ब्लॉक की नीलामी शुरू की है. सरकार उद्योगपतियों की सुविधा एवं उनके हित का विचार कर रही है. इसके चलते कामगार, किसान, व्यापारी, बेरोजगार युवकों पर आर्थिक संकट आ गया है. इसके विरोध में बल्लारपुर क्षेत्र में सम्पूर्ण कोयला खदान कामगारों ने 2  से 4 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. इसमें सभी कोयला कामगारों को शामिल होने का आह्वान पांचों कामगार संघ के क्षेत्रीय नेताओं ने सास्ती कोयला खदान में हुई द्वार सभा में किया.

कामगार संगठनों की हुई द्वार सभा
गत 3 दिनों से  हड़ताल की तैयारी एवं जनजागरण बल्लारपुर क्षेत्र में सभी 8 खदानों सहित 11 स्थानों पर शुरू है. रोज सुबह 8 बजे एक ही समय द्वार सभा ली जा रही है. द्वारसभा में भारतीय मजदूर संघ के केन्द्रीय महामंत्री सुधीर घुरडे, जोगेंद्र यादव,विवेक अल्लेवार,अनिल निब्रड,पी.बी.पाटिल व शांताराम वांढरे, इंटक के नेता आर.शंकरदास, सुदर्शन डोहे,आर.आर.यादव, ईश्वर गिरी व विजय कानकाटे, आयटक के मधुकर ठाकरे, रायलिंगु झूपाका, दिलीप कनकुलवार, पुरुषोत्तम मोहुर्ले, विलास भोयर व दिनेश जावरे, एचएमएस के अशोक चिवंडे,प्यारेलाल पुंडे, ताज मोहम्मद,संग्राम सिंह व रंगराव कुलसंगे, सीटू के गणपत कुडे,शेख जाहीद, दिनेश सोनी,पी.एन.सुंचूवार व सचिन कुडे आदि ने अपने विचार रखते हुए केन्द्र सरकार एवं प्रधानमंत्री के उद्योग एवं कामगार विरोधी नीति पर जोरदार हमला कर हड़ताल को सफल बनाने का आवाहन किया.

यह है मांगें
कोयला उद्योग के निजीकरण को प्रोत्साहन देने वाली कमर्शियल मायनिंग बंद करने, सीएमपीडीआय को कोल इंडिया से अलग न करने, सीआयएल एवं एमसीसीएल इन कोल इंडिया से जुड़ी कंपनियों का निजीकरण न करने सहित ठेकेदारी कामगारों की मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है. 

द्वारसभा में राष्ट्रीय कोयला कोयला मजदूर संघ, भारतीय मजदूर संघ, संयुक्त खदान मजदूर संघ, कोयला श्रमिक सभा, लाल झंडा कोल माइन मजदूर संघ इन पांचों श्रमिक यूनियन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एवं कामगार बड़ी संख्या में उपस्थित थे. 

चंद्रपुर. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन लगने के बाद से बाघों के लिए विख्यात ताड़ोबा-अंधारी बाघ प्रकल्प में पर्यटन पूरी तरह से बंद कर दिया गया था. मुख्य वन्यजीव रक्षक तथा प्रधान मुख्य वनसंरक्षक महाराष्ट्र राज्य के निर्देश पर 1 जुलाई से व्याघ्र प्रकल्प के बफर क्षेत्र में पर्यटन शुरू किया जा रहा है.  इस बार सफारी के लिए बेहद कड़े नियम लगाये गए हैं.

ऑन स्पॉट बुकिंग होगी
बफर के कुल 6 प्रवेशद्वारों से प्रत्येक गेट से 6 के तहत हर फेरी में 36 वाहनों को छोड़ा जाएगा. इसके लिए पहले आओ पहले पाओ की नीति के तहत ऑन स्पॉट बुकिंग होगी. बफर जोन में सफारी का समय सुबह 6.30  से 10 बजे और दोपहर में 2 बजे से 5.30 बजे तक रखा गया है. प्रत्येक फेरी का जिप्सी शुल्क 2,200 रु., गाइड का शुल्क 350 रु., प्रति जिप्सी प्रवेश शुल्क 1,000 रु.,  कैमरे का शुल्क 250 रु. होगा. 

प्रवेश के पूर्व होगी थर्मल स्क्रीनिंग
बफर के मोहर्ली गेट से देवाडा, आडेगांव, आगरझरी, खुटवंडा गेट से जुनोना, नवेगांव गेट से नवेगांव, रामदेगी, अलीझंझा, निमडंला, कोलारा गेट से कोलारा, मदनापुर, सिरखेडा, पांगडी गेट से पांगडी, झरी गेट से झरीपेठ, केसलाघाट बफर क्षेत्र में सफारी होगी. प्रवेश के पूर्व प्रत्येक पर्यटक की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी. बुखार, सर्दी खांसी के लक्ष्ण पाये जाने पर प्रवेश नहीं होगा. हर पर्यटक को मास्क लगाना अनिवार्य होगा. मास्क, हैंड ग्लोव्ज, पानी के बोतलें बाहर फेंकने पर कार्रवाई होगी. वाहन से नीचे उतरने पर भी दंडित किया जाएगा. प्रत्येक वाहन को सैनिटाइज किया जाएगा.

 

चंद्रपुर. कोरोना के पार्श्वभूमि पर मार्च माह की 22 तारीख से अचानक देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है. इस दौरान सम्पूर्ण व्यवसाय उद्योग बंद रहा. 3 माह की अवधि के बाद नागरिकों को अचानक 3 महीने का बिजली बिल भेजा गया है. पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों पर और आर्थिक बोझ डाल दिया गया है. इसके खिलाफ संविधान संवर्धन समिति की ओर से फिरोजखान पठान के नेतृत्व में बिजली वितरण कंपनी के खिलाफ निषेधात्मक आभार आंदोलन कर बिजली बिल माफी संदर्भ में वित्तमंत्री को निवेदन दिया गया. तत्पश्चात बिजली बिल पर बेशरम के फूल अर्पित किए गए.

नागरिकों पर दोहरी संकट
शिष्टमंडल ने बताया कि लॉकडाउन के समय में किसान कामगार, मजदूर, छोटे व्यवसाय पूर्ण रूप से बंद थे. लॉकडाउन के समय व्यवहार ठप होने से सभी को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा है. ऐसे समय में सरकार ने स्वयं राशन किट और कम्युनिटी किचन द्वारा भोजन के डिब्बे देकर नागरिकों को दिलासा देने का प्रयास किया. धीरे-धीरे लॉकडाउन शिथिल किए जाने के बाद भी उद्योग व्यवसाय पूर्व की तरह नहीं आ पाया है. सभी को घर गृहस्थी चलाने के लिए काफी जतन करने पड़ रहे हैं. अचानक 3 माह का बिजली बिल आने से सामान्य नागरिक दोहरे आर्थिक संकट में  है.

अधिकारियों को गुलाब का फूल
संविधान संवर्धन के माध्यम से आंदोलन के बाद बिजली बिल माफ करने की मांग को लेकर निषेधात्मक आभार के रूप में गुलाब फूल देकर कनिष्ठ अभियंता, बिजली वितरण केन्द्र, दुर्गापुर को  निवेदन दिया गया. आंदोलन में कपिल भगत, मेहबूबभाई शेख, जावेद खान पठान, मारोती कांबले, बबलू चनोडे, अमित मुरमाले, शिला मुंजेवार, शरमीन पठान, माया रामटेके, भाग्यलक्ष्मी मुसमवार, सुरेखा वाकले, किक्षरण नालमवार, सागर फ्ररकुंडे ने योगदान दिया.

अमरावती. शहर में बढ़ रहे कोरोना मरीजों के कारण शालाएं शुरू करना खतरे से खाली नहीं होगा. शालाओं द्वारा उपाययोजना करने के बाद भी संक्रमण बढ़ा तो विपरित परिस्थिति निर्माण हो सकती है. इसलिए अगस्त तक शालाओं को शुरू करने का विचार नहीं किया जा सकता. परीणाम स्वरूप मुख्याध्यापकों ने भी शिक्षकों को पाठ्यक्रम व सत्र शुरू करने के लिए वाटस्एप ग्रुप, टेक्स मैसेज, वीडीयो, यू ट्यूब, गुगल मिट, झूम एप, दिक्षा एप के माध्यम से संवाद करने के निर्देश दिये है.

25 उपाययोजना की दी सूची
मुख्याध्यापकों को जारी पत्र में आयुक्त ने कहा कि शाला में अलग अलग क्षेत्र से विद्यार्थी दाखिल होते है. इतने सारे छात्रों के लिए उपाययोजना करना असंभव है. इसलिए यदि अगस्त 2020 के बाद कोरोना संक्रमण कम होता है, तो ही शालाएं शुरू करने पर विचार किया जायेगा. छात्रों से पाठ्यक्रम पूर्ण कराने के लिए निगमायुक्त ने 25 उपाययोजनाओं की सूची भी प्रकाशित की है.

स्वतंत्र कक्षा में करें काम
छात्रों के साथ शिक्षकों को शाला में नियमित पहुंचने के आदेश है, जिसमें शिक्षकों को शाला पूर्व तैयारी करना है. मूल्यांकन का काम, अंकपत्रिका तैयार करना, उपस्थिति रजिस्टर, वाट्सएप ग्रुप तैयार करना, छात्रों के प्रवेश समेत सभी कामकाज में मुख्याध्यापकों को भी शिक्षकों के उचित नियोजन के लिए उपस्थित रहना अनिवार्य है. एक से अधिक शिक्षक को बुलाया जाता है तो प्रत्येक शिक्षक को स्वतंत्र कक्षा में बिठाकर ही शैक्षणिक काम पूर्ण करने की जिम्मेदारी देनी होगी.

अमरावती. एसआरपीएफ गुट क्रमांक 9 में जलापूर्ति विभाग में पीतल के नलों के सामग्री में 1 लाख 51 हजार की धोखाधड़ी करने के मामले में वाटर सप्लाई इंचार्ज नायक पुलिसकर्मी  राहुल भास्करराव वानखेडे (ब.नंबर 807) के खिलाफ फ्रेजरपुरा पुलिस ने धोखाधड़ी व जालसाजी का मामला दर्ज किया है.

नल सामग्री में धांधली
एसआरपीएफ कंपनी के पुलिस निरीक्षक मारुति बाबूराव नेवारे ने फ्रेजरपुरा पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि एसआरपीएफ के जलापूर्ति विभाग में वाटर सप्लाई इंचार्ज के रूप में  नायक पुलिसकर्मी राहुल वानखडे कार्यरत थे, जिनके कार्यकाल में सरकारी निवास स्थान में जलापूर्ति के लिए 2,001 पीतल की नल की टोटी व 514 स्टॉप कॉक समेत 2,555 लगाने थे, जिसमें से 1,781 पीतल नल की टोटी व 454 पीतल स्टॉप कॉक समेत 2,235 नल टोटी की धोखाधड़ी कर 1 लाख 51 हजार 79 की सरकारी संपत्ति में धांधली की है. यह तथ्य सामने आते ही रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने धारा 409 के तहत मामला दर्ज किया है.

अमरावती. बुआई के बाद बीज अंकुरित नहीं होने से हलाकान किसानों को बुआई खर्च के साथ नये बीज अथवा बीज की रकम लौटाने के लिये शासन ने सीड्स कंपनियों को दो दिनों का अल्टीमेटम दिया है. दो दिनों के भीतर यदि इस पर तत्काल अमल नहीं किया गया तो संबंधित सीड्स कंपनियों के खिलाफ एफआयआर दर्ज की जाएंगी. एमएलए रवि राणा ने मंगलवार को जिला कृषि अधीक्षक कार्यालय में इस संबंध में मीटिंग ली.

इसी मीटिंग के बीच विधायक राणा ने सीधे कृषि मंत्री दादाराव भिसे से संपर्क कर जिले में बोगस बीजों के मामले से अवगत कराया. किसानों को तत्काल न्याय दिलाने की गुहार लगाई. कृषि मंत्री ने तत्काल कार्रवाई के नर्दिेश देकर दो दिन के अल्टीमेटम के अनुसार किसानों को राहत नहीं देने वाली सीड्स कंपनियों पर फौजदारी करने के सख्त आदेश दिए. 

3 को थाने में रिपोर्ट 
मीटिंग में विधायक राणा ने कृषि विभाग से स्पष्ट कहा कि आर्थिक तंगहाली में किसानों के बीज खराब निकलने के मामले में सभी कृषि अधिकारी संवेदनशीलता से कार्रवाई करें. किसानों के साथ छल बर्दाश्त नहीं करेंगे. बीज अंकुरित नहीं होने वाले किसानों को प्रति एकड़ 7000 रुपये मुआवजा दे. दो दिनों के भीतर भुक्तभोगी किसानों को बुआई खर्च के साथ बीज की रकम लौटाने अथवा नये बीज नहीं दिए जाने पर 3 जुलाई को थाने में कृषि अधिकारियों के साथ जाकर संबंधित सीड्स कंपनियों पर फौजदारी कार्रवाई करवाएंगे. इस संदर्भ में मीटिंग के मिनट्सि पर विधायक ने सभी कृषि अधिकारियों के हस्ताक्षर भी लिए है.  

कोल्हापूर: कोल्हापुरील सीपीआर रुग्णालयातून इचलकरंजीला पळालेल्या ५५ वर्षीय करोनाबाधित रुग्णाचा बुधवारी सकाळी उपचारादरम्यान मृत्यू झाला. यंत्रमाग कामगार असलेल्या या व्यक्तीच्या मृत्यूने कोल्हापुरातील करोना बळींची संख्या १२ झाली आहे. हा रुग्ण २४ जूनला सीपीआरमधून पळाला होता. आरोग्य यंत्रणांनी त्याला ताब्यात घेऊन पुन्हा उपचारासाठी सीपीआरमध्ये दाखल केले होते. (Corona Death cases in Kolhapur)

इचलकरंजीतील ५५ वर्षीय यंत्रमाग कामगाराला २२ जूनला सीपीआरमध्ये दाखल केले होते. २३ जूनला त्याचा अहवाल पॉझिटिव्ह आला. यानंतर २४ जूनला सकाळी त्याने सीपीआरमधील डॉक्टर आणि सुरक्षा रक्षकांची नजर चुकवून पळ काढला होता. महाराणा प्रताप चौकातून एका रिक्षाने तो थेट इचलकरंजी येथील कुडचे मळ्यातील घरात पोहचला होता. पॉझिटिव्ह रुग्ण सीपीआरमधून पळाल्याचे लक्षात येताच आरोग्य यंत्रणांनी पोलिसांच्या मदतीने त्याला पकडून पुन्हा उपचारासाठी सीपीआरमध्ये दाखल केले. उपचारादरम्यान प्रकृती अधिकच बिघडल्याने बुधवारी सकाळी त्याचा मृत्यू झाला. इचलकरंजीतील हा करोनाचा तिसरा बळी आहे, तर जिल्ह्यात बाराव्या करोना बळीची नोंद झाली.

दरम्यान, जिल्ह्यातील एकूण रुग्णांची संख्या ८४१ एवढी असून, यातील ७२० रुग्ण पूर्ण बरे होऊन घरी परतले आहेत. सध्या ११० रुग्णांवर उपचार सुरू असल्याची माहिती जिल्हा शल्यचिकित्सक डॉ. बी. सी. केम्पी-पाटील यांनी दिली.

गोंदिया. प्रेमिका के घर मध्यरात्री प्रवेश करने वाले प्रेमी के साथ लड़की के परिवार वालों ने मारपीट कर उसके शरीर पर पेट्रोल डाल दिया है लेकिन घटना स्थल से बीच बचाव कर भागने में सफल होने से वह बच गया. यह घटना शनिवार की सुबह 8 बजे जिले की देवरी तहसील अंतर्गत पिंंडकेपार ग्राम में घटी. जानकारी केअनुसार अश्विन मिलिंद टेंभुर्णीकर (22) यह अपनी प्रेमिका से भेंट करने के लिए 26 जून की रात 12 बजे उसके घर गया था. लेकिन उसे प्रेमिका की मां ने देख लिया और शोर मचाना शुरु कर दिया.

इस दौरान निंद से जागकर परिवार वालों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया. लेकिन वे सफल नहीं हो सके. रात के 3 बजे उसके घर पर दस्तक देकर प्रेमिका के परिवार वालों ने गालीगलौच की. जबकि प्रेमी के घर पर किसी के नहीं उठने से वे वापस लौट गए. उसके बाद दूसरे दिन 27 जून को सुबह 8 बजे प्रेमिका के घर के 4 लोगों ने प्रेमी के यहां जाकर पुन: गालीगलौच कर व उसकी मां के सिर पर लोहे की रॉड मार दी. इतना ही नहीं अश्विन का गला दबाने का प्रयास किया गया.

इस समय उसने अपना बचाव किया. इस दौरान किराना दूकान के सामने मोटर साइकिल में डालने के लिए बोतल में लाया गया पेट्रोल अश्विन के शरीर पर डाल दिया. लेकिन वह घटना स्थल से जैसे तैसे भागने में सफल हो गया. इस घटना की शिकायत पर देवरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एट्रासिटी कानून का मामला दर्ज किया है. फिर्यादी अश्विन ने पुलिस को बताया कि वह उन्हें अपनी प्रेमिका के बुलाने पर उसके घर गया था. जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रशांत ढोले कर रहे है.

गोबरवाही. चिखला गांव समीप बेहरबेन वन में गौशाला है. हनुमानजी देवस्थान है. रविवार को गौशाला के चार गाय वन में चराई के लिए गई थी किंतु वह वापिस आयी ही नहीं. लोगों का कहना है कि दोपहर 12 बजे के दौरान गाय चिल्लाने व बाघ का आवाज आया था. उसके बाद देखने के लिए जाने पर झाड़िओं में गाय मृतावस्था में दिखायी दी. जिससे अंदाजा लगाया गया कि बाघ ने ही गाय का शिकार किया गया होगा. गौशाला के मालिक ने सोमवार को नाकाडोंगरी रेंज आफिस में इसकी शिकायत की.

रेंज आफिसर नीतेश धनविजय ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर भेंट दी. गाय का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए पशुअस्पताल भेजा गया. धनविजय ने बताया कि गाय की शिकार बाघ या तेंदुए ने की इसकी जांच लगे हुए कैमेरे से पता चलेगा. तभी बता सकते है कि गाय की शिकार बाघ या तेंदुए ने की है. गौशाला को आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया. गाय की शिकार होने से गाव में दहशत का वातावरण निर्माण हुआ है. समाचार लिखे जाने तक 4 गायों में से एक गाय की शिकार हुई, किंतु 3 लापता गायों की कोई भी जानकारी नहीं मिली.

लाखांदूर. कोरोना के समय किसान, मजदूर, छोटे बड़े व्यवसायिक, जरूरतमंद जनता व आम लोगों का आर्थिक स्त्रोत बंद होने से सभी पर आर्थिक संकट आन पड़ा है. बिजली कम्पनी ने बिजली ग्राहकों को 4 महीने का एकसाथ बढ़ाकर बिल दिया है. जिससे आम लोगों को परेशानी हुई हैं. इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लाकडाउन समय के 4 महीने का घरेलू बिजली बिल पूर्णत: बंद करने की मांग का निवेदन राज्य के मुख्यमंत्री को भेजा गया है.

निवेदन राकां जिला उपाध्यक्ष दीपक चिमणकर के नेतृत्व में लाखांदूर तहसीलदार की ओर से मुख्यमंत्री को भेजा गया. कोरोना के महामारी में पिछले मार्च से जून महीने तक लाकडाऊन रखा गया है. इस समय में किसान, मजदूर, छोटे बड़े व्यवसायिक, पानठेले, सब्जी विक्रेता, फेरीवाले, जरूरमंद व आम लोगों पर भारी आर्थिक परिस्थिति निर्माण हुई है. लॉकडाउन में सभी काम बंद होने से जनता का आर्थिक स्त्रोत बंद पड़ा था. बिजली कंपनी ने बढ़ाकर घरेलू बिल भेजा है. जिससे ग्राहक व जनता में तीव्र रोष दिखायी दे रहा है. 

अकोला. पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता देंवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अकोला में कोरोना की मृत्यु दर सर्वाधिक है. राज्य सरकार ने इस मृत्यु दर को रोकने का गंभीरता से प्रयास करना चाहिए. देश भर को देखते हुए 46 प्रश मृत्यु दर महाराष्ट्र की है. विदर्भ में कोरोना से सर्वाधिक मौतें अकोला शहर में हुई हैं. 

संवाददाताओं से चर्चा करते हुए देवेंद्र ने कहा कि अकोला के डा. पीडीकेवी में स्थित क्वारंटाइन सेंटर में भेंट देकर मैने वहां का कामकाज देखा, वह समाधानकारक है. वहां भर्ती लोगों से बातचीत भी की, लोगों ने भी समाधान प्रकट किया. केंद्र सरकार द्वारा अकोला के सुपर स्पेशालिटी अस्पताल हेतु 150 करोड़ रु. देकर इसका नर्मिाण किया गया है. लेकिन कोरोना की इस भीषण स्थिति में उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है क्योंकि राज्य सरकार द्वारा इस अस्पताल हेतु अभी तक पदों की मान्यता नहीं दी गयी है. अकोला मनपा को भी कोरोना को लेकर राज्य सरकार द्वारा कोई निधि प्रदान नहीं की है. 

कपास के लिए दी राशि
केंद्र सरकार ने 5700 करोड़ रु. कपास खरीदी के लिए दिये तथा कपास खरीदी की अवधि भी बढ़ायी है. इसके बावजूद राज्य सरकार किसानों की कपास खरीदी नहीं कर पायी है. अभी भी किसानों के पास कपास पड़ा है. बोगस बीज का विषय भी गंभीर है. जिन कंपनियों के बीज बोगस निकले हैं उन कंपनियों ने किसानों को नुकसान भरपाई देनी चाहिए. राज्य सरकार द्वारा कर्ज माफी की गयी है, लेकिन अभी भी कई किसानों को कर्जमाफी नहीं मिली है. सरकार द्वारा 100 यूनिट तक बिजली बिल माफी हेतु कहा गया था लेकिन छूट न देते हुए बिजली की दर बढ़ायी गयी है. यह उचित नहीं है. 12वीं की परीक्षा न लेते हुए विद्यार्थियों को एवरेज के अनुसार सर्टीफिकेट दिये जाएंगे, यह भी ठीक नहीं है. इन सभी मुद्दों से सरकार को अवगत कराया जाएगा. 

 

अकोला. जिला पुलिस अधीक्षक जी. श्रीधर के विशेष पथक प्रमुख मिलिंदकुमार बहाकार ने गुटका यातायात करने वाले चार वाहनों को पकड़ा है. इस घटना ने अवैध गुटका सहित 37 लाख रु. का माल जब्त किया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार महाकाली चौक से तोष्णीवाल लेआउट की ओर संदेहास्पद चार मालवाहक गाड़ियों को रोका और जांच करने पर पता चला कि वाहनों में पान मसाला व सुगंधित तंबाकू के कट्टे, बड़ी मात्रा में गुटका पाया गया जिसका मूल्य 19.75 लाख रु. है.

इस प्रकरण में इमरान खान इरफान खान (23) निवासी शिवनी, शहाबाज मिर्जा गुलाब बेग (23) निवासी शिवनी, तनवीर खान हसन खान (40) निवासी अकोला, मजहर अली अयुब अली (30) निवासी अकोला, अफजल खान फिरोज खान (33) निवासी बैदपुरा, अकोला, आदिल खान फिरोज खान (30) निवासी बैदपुरा, सैय्यद उमर सैय्यद मुस्ताक (22) निवासी गुलजारपुरा बोरगाव मंजू से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि यह माल अकोला निवासी वहीद खान जागीर खान और नीलेश संगवी का है. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जी.श्रीधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत वाघुडे के मार्गदर्शन में विशेष पथक प्रमुख मिलिंदकुमार बहाकार के पथक ने की. 

चंद्रपुर. पेट्रोल-डीजल में लगातार हो रही मूल्यवृद्धि के विरोध में शहर कांग्रेस की ओर से सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना आंदोलन किया गया. कांग्रेस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम कम होने के बावजूद उसका लाभ आम जनता को होता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है. उसके विपरीत केंद्र सरकार पेट्रोल तथा डीजल के दाम बढ़ाकर आम जनता के जेब को बोझ बढ़ा रही है. पेट्रोल व डीजल के दाम कम करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को निवेदन भेजा गया.

सांसद बालू धानोरकर, विधायक प्रतिभा धानोरकर के नेतृत्व में पूर्व विधायक देवराव भांडेकर, शहराध्यक्ष रामू तिवारी, ग्रामीण अध्यक्ष प्रकाश देवतले ने जिलाधीश डा. कुणाल खेमनार को निवेदन सौंपा गया. प्रस्तावना शहर कांग्रेस अध्यक्ष रामू तिवारी ने रखी. आंदोलन में सेवादल जिलाध्यक्ष नंदू खनके, कृषि समिति सभापति दिनेश चोखारे, विनोद दत्तात्रय, एड. विजय मोगरे, विनोद अहीरकर, वरोरा शहराध्यक्ष विलास टिपले, महिला शहर अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल, घुग्घुस शहराध्यक्ष राजू रेड्डी, अश्विनी खोब्रागड़े, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष एड. मलक, सोहिल शेख, पूर्व सभापति संतोष लहामगे, पार्षद अमजद अली, सुनीता भोयर, ललिता रेवल्लीवार, नंदू नागरकर, सुनीता लोढिया, अन्नु दहेगांवकर, एकता गुरले, एजाज, संजय गंपावार आदि शामिल हुए. आभार कांग्रेस के कुणाल चहारे ने माना.

राजुरा. कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए आम नागरिकों को मेडिकल और अन्य सुविधाएं पहुंचाने में केंद्र सरकार पूरी तरह से असफल रही है. देशवासी एक ओर कोरोना, लॉकडाउन की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार लगातार पेट्रोल, डीजल जैसे ईंधन की मूल्यवृद्धि करती जा रही है. इससे आम नागरिक महंगाई की गर्त में धंसता जा रहा है. केंद्र सरकार की इस मनमानी के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस ने तहसील कार्यालय के सामने धरना आंदोलन किया. विधायक सुभाष धोटे ने आंदोलन का नेतृत्व किया. उन्होंने कहा कि सरकार यदि आम नागरिकों को न्याय नहीं दे सकती, तो केंद्र सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए.

पश्चात तहसीलदार डा. रवींद्र होली के माध्यम से राष्ट्रपति को निवेदन भेजा गया. आंदोलन में तहसील अध्यक्ष दादा लांडे, नगध्यक्ष अरुण धोटे, अ. हमीद अ. गणी पटेल, अशोक देशपांडे, अधि. सदानंद लांडे, दिनकर कर्नेवार, नप उपाध्यक्ष सुनील देशपांडे, पूर्व नगराध्यक्ष स्वामी येरोलवार, सभापति मुमताज जावेद, मंगेश गुरुनुले, जिप सदस्य नामदेव करमनकर, मेघा नलगे, कुंदा जेनेकर, महिला तहसील अध्यक्ष कविता उपरे, पार्षद हरजीत सिंह संधु, गजानन भटारकर, आनंद दासरी, पार्षद साधना भाके, दीपा करमनकर आदि ने हिस्सा लिया.

ब्रम्हपुरी. बच्चों को मुफ्त एवं सख्ती के शिक्षण का संवैधानिक अधिकार है, कोई भी शिक्षण से वंचित नहीं रहे इसका ध्यान सरकार ले रही है. कक्षा पहली के प्रवेश के लिए 5 वर्ष  पूर्ण होकर कुछ महीने हुए बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश नाकारा जा रहा है. अनेक विद्यार्थी शिक्षण से वंचित रहेंगे. शिक्षण विभाग ऐसे विद्यार्थियों का एक साल बर्बाद ना हो इसका ध्यान देकर सरकार ने कक्षा पहली में प्रवेश के लिए आयु में शिथिलता दे, विद्यार्थियों को प्रवेश दें ऐसी मांग निवेदन मुख्यमंत्री, स्कूली शिक्षामंत्री को उपविभागीय अधिकारी के मार्फत भेजा है.

सरकारी निर्णय अनुसार स्कूल प्रवेश के लिए बच्चों की अधिकतम आयु ३० सितंबर के आधार पर प्ले गुप, नर्सरी के लिए तीन वर्ष, जबकि कक्षा पहली में प्रवेश के लिए छह वर्ष पूर्ण ऐसा शासन निर्णय लिया गया था. परंतु बच्चों के अधिकतम आयु में शिथिलता लाये ऐसा निवेदन सरकार को प्राप्त होने से इस पर विचार कर 15 दिन की शिथिलता दी गई थी. बारंबार बदलते जा रहे निर्णय से अभिभावकों में संभ्रम निर्माण हो गया है.

चालू शैक्षणिक वर्ष में आज तक सरकार किसी तरह का इस संबंध में निर्णय नहीं होने से एवं संबंधित स्कूल छह वर्ष की शर्त लगाने से के.जी. पास हुए अनेक विद्यार्थी जिनकी आयु पांच वर्ष पूर्ण होकर 10 से 11 महीने हो चुके है उन्हें कक्षा पहली में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है. इसमें बच्चे को कक्षा पहली में प्रवेश मिलेगा या नहीं उनका एक साल बर्बाद तो नहीं होगा ऐसा डर अभिभावकों में है .सरकार द्वारा कक्षा पहली के प्रवेश के लिए आयु की शर्त शिथिल की जाए विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष बेकार नहीं हो, चालू सत्र में कक्षा पहली में प्रवेश के लिए पूर्व का 30 सितंबर यह मानवी दिनांक रद्द कर 30  दिसंबर ऐसा मानवी दिनका किया जाए इस मांग का निवेदन मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे, स्कूली शिक्षामंत्री वर्षा गायकवाड को भेजा गया है. निवेदन करने वालों में प्रशांत डांगे, जीवन बांगडे, इंजी. मिलींद मेश्राम, एड. नंदा फुले, विजय पाटिल आदि उपस्थित थे.

चंद्रपुर. नागरिकों की समस्याओं को हल करने के लिए शहर में 5 उड़ान पुल का निर्माण चल रहा है. किंतु इन कार्यों में हो रहे विलम्ब के चलते नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पांचों पुलों का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश विधायक किशोर जोरगेवार ने लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए. रेस्ट हाउस में लोकनिमार्ण विभाग के अधिकारियों से विधायक जोरगेवार ने बैठक ली. विधायक ने शहर के पांचों उड़ान पुलों के निर्माण की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया.

निर्माण कार्य का लिया जायजा
बैठक के बाद अधिकारियों के साथ उन्होंने वरोरा नाका पुल व दाताला पुल के निर्माण का मुआयना भी किया. इस समय अधीक्षक अभियंता सुषमा साखरवाड़े, कार्यकारी अभियंता संतोष जाधव, कार्यकारी अभियंता भास्करवार, प्रभारी उप कार्यकारी अभियंता अनिल गिरनाड, कोरे, मेंडे, चव्हाण, जूनियर अभियंता श्रीकांत भट्टड़, विवेक अंबुले, सी.आर. पाल, बोधनवार, डोंगरे, यंग चांदा ब्रिगेड के अजय जायसवाल, अमोल शेंडे, विलास वनकर, बंटी राखडे आदि उपस्थित थे.

15 अगस्त तक शुरू करें
विधायक जोरगेवार ने दाताला पुल को 15 अगस्त तक नागरिकों के लिए शुरू करने की दृष्टि से तेजी से कार्य पूर्ण करने की सूचना की. वरोरा नाका पुल के निर्माण पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की. वरोरा नाका पुल के घूमावदार हिस्से में दुर्घटना होने की आशंका उन्होंने व्यक्त की. जिसका अधिकारियों ने समर्थन दिया. हादसों पर नियंत्रण लगाने के लिए सूचना फलक व गतिरोधक लगाने के निर्देश दिए. बाबूपेठ पुल के निर्माण की शुरुआत करने की बात उन्होंने कही. पठानपुरा के पास आरवट पुल का भी अधूरा कार्य पूर्ण करने की सूचना उन्होंने अधिकारियों को दी.

दर्यापुर. बिजली की आपूर्ति में खंडित किए बिना या सुरक्षित रूप से मीटर बंद किए बिना काम न करें ऐसा आह्वान दर्यापुर के आपरेटर संतोष कलाने ने किया है. 

काटा जाए चालान
उन्होंने सभी बिजली कर्मचारी को सचेत करते हुए कहा है कि अर्थिंग की समस्या के कारण भी करंट लगने जैसी समस्या आती है. कई बार करंट लगने से बड़ी दुर्घटनाएं होती है.  दुर्घटनाओं से बचने के लिए सावधान रहने की आवश्क्ता है. दैनिक कार्यों में या घर पर भी कोलम्ब मीटर मल्टीमीटर सरल परीक्षक मल्टी टेस्टर का उपयोग किया जाना चाहिए. वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पूरे राज्य में जनजागृति अभियान चलाये जाने की आवश्यकता उन्होंने बतायी. साथ ही जानबुझकर लापरवाही करने वालों का चालान काटना चाहिए

अंजनगांव सुर्जी. बीते सप्ताहभर में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए शहरवासियों ने एकमत से 7 दिनों का लॉकडाउन का निर्णय लिया है. मंगलवार दोपहर 3 बजे से यह लॉकडाउन शुरू होने की घोषणा नगराध्यक्ष ने की है. 

एकमत से निर्णय 
शहर में 22 जून को पहला कोरोना मरीज पाए जाने के बाद सप्ताहभर में ही पाजिटिव की संख्या 8 तक जा पहुंची है. मरीजों की बढ़ती संख्या तथा शहर की भीड़ को देखते हुए संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए लॉकडाउन के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है, जिसके बाद उपविभागीय अधीकारी प्रियंका आंबेकर ने लॉकडाउन का निर्णय सभी के सहमती से लेने की सूचना स्थानीय प्रशासन को देने के बाद 27 जून को नगराध्यक्ष कमलकांत लाडोले ने  शहर के नगरसेवक, डाक्टर, व्यापारी, समाजसेवी, मीडियाकर्मी आदि के साथ चर्चा कर 7 दिनों के लॉकडाउन का निर्णय लिया.

कुछ व्यापारियों ने कहा कि पहले ही लॉकडाउन के कारण 3 माह व्यापार ठप था और सप्ताहभर व्यापार बंद होने से काफी परेशानियां बढ़ेगी. लेकिन बाद में शहर के हित के लिए प्रशासन के निर्णय के साथ होने की बात कही. बैठक में नगराध्यक्ष के साथ उपाध्यक्ष रवींद्र बोडखे, मुख्याधिकारी श्रीकृष्ण वाहूरवाघ, नगरसेवक, व्यापारी आदि उपस्थित थे. 

जनता कर्फ्यू को उस्फूर्त प्रतिसाद
शहर में बढ़ते मरीजों के चलते शनिवार 27 जून दोपहर 3 बजे से सोमवार 29 जून के सुबह 7 बजे तक जनता कर्फ्यू का निर्णय लिया गया था, जिसे उस्फूर्त प्रतिसाद मिला. पूराना बस स्टैंड, आलम चौक, पान अटाई, नया बस स्टैंड परिसर संपूर्णत: विरान रहा. व्यापारियों ने भी सहयोग देकर अपनी दूकानें बंद रखी थी.

अमरावती. वन व विभिन्न विभागों के सहयोग से जिले में इस वर्ष 11.75 लाख पौधारोपण का नियोजन है. मनरेगा के माध्यम से इस उपक्रम को गति देने तथा इसे सीमित न रखते हुए एक जन आंदोलन खड़ा होना चाहिए. इस उपक्रम के लिए स्वयंसेवी संस्था, शाला, कॉलेज विभिन्न संस्था व संगठनों का सहयोग प्राप्त करने के निर्देश राज्य की महिला व बालविकास मंत्री तथा जिले की पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने रविवार को संबंधित विभागों को दिए. 

13.48 लाख पौधे उपलब्ध
जिले में जुलाई माह से इस उपक्रम की शुरूवात की जाएगी. फिलहाल 13.48 लाख पौधों की उपलब्धता है. तहसीलनिहाय पौधों का निर्माण किया गया है. यह सभी विभागों को उपलब्ध कराई जाएगी. इस वर्ष जिला परिषद को 5.32 लाख, लोकनिर्माण विभाग को 1.59 लाख, जिप निर्माण विभाग को 5,000, कृषि विभाग को 42,000, महानगरपालिका को 6,500, विभिन्न पालिकओं को 20,400, जिला उद्योग कार्यालय को 5,500, शिक्षा विभाग को 50,000, एसआरपीएफ 5,600, सिंचाई विभाग को 16,000 आदि लक्ष्य निर्धारित किए जाने की जानकारी उपवनसंरक्षक गजेंद्र नरवणे ने दी है.

अमरावती: आमदार गोपीचंद पडळकर यांच्या मुद्द्यावरून राष्ट्रवादी काँग्रेसला आता राजकारण करायचं आहे. त्यासाठीच हा वाद कसा वाढत जाईल यावर राष्ट्रवादीचे नेते भर देत आहेत, असं सांगतानाच आमच्याविरोधात जेव्हा राष्ट्रवादीचे पदाधिकारी खालच्या पातळीवर टीका करत होते. तेव्हा राष्ट्रवादीचे नेते गप्प का होते? खरे तर राष्ट्रवादीला या विषयावर बोलण्याचा नैतिक अधिकारच नाही, असं विरोधी पक्षनेते देवेंद्र फडणवीस म्हणाले.

विरोधी पक्षनेते देवेंद्र फडणवीस आज अमरावतीत आले होते. यावेळी त्यांनी अमरावतीतील कोविड सेंटरची पाहणी केली. त्यानंतर प्रसारमाध्यमांशी चर्चा करताना गोपीचंद पडळकर यांच्या मुद्द्यावरून राष्ट्रवादीवर निशाना साधला. पडळकरांच्या मुद्द्यावर मी आधीच प्रतिक्रिया व्यक्त केली होती. पडळकरांच्या वक्तव्याचं आम्ही समर्थन केलं नव्हतं. त्यानंतर भाजपचे प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटीलही बोलले. राष्ट्रवादी काँग्रेसचे अध्यक्ष शरद पवार यांनीही त्यावर भाष्य केलं. असं असतानाही राष्ट्रवादीचे नेते हा मुद्दा चर्चेत ठेवण्याचा प्रयत्न करत आहेत. राष्ट्रवादीला राजकारण करायचं आहे. या विषयाचं भिजत घोंगडं कसं राहील आणि त्यावर राजकारण कसं होईल, यावर राष्ट्रवादीच्या नेत्यांचा भर आहे, असं फडणवीस म्हणाले.

यवतमाळ: आमदार डॉ. अशोक उईके व त्यांच्या सहकाऱ्यांनी शेतातून माझ्या अपहरणाचा प्रयत्न केला, अशी तक्रार विठ्ठल कोवे या शेतकऱ्याने जिल्ह्यातील वडकी पोलिस ठाण्यात केली आहे. जमिनीची कागदपत्रे हिसकण्याचा तसेच ट्रॅक्टरने पेरणी उद्ध्वस्त करण्याचाही प्रयत्न झाल्याचे या तक्रारीत म्हटले आहे. पोलिसांनी तपास सुरू केला आहे. दरम्यान, हे आरोप बिनबुडाचे असल्याचे आ. उईके यांनी म्हटले आहे.

माजी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी राळेगाव तालुक्यातील देवधरी येथे बिरसा मुंडा आदिवासी सहकारी सूतगिरणीला मंजुरी दिली होती. तत्कालीन आदिवासी विकासमंत्री डॉ. अशोक उईके हे या सूतगिरणीचे मुख्य प्रवर्तक आहेत. या सूतगिरणीसाठी शेताची बोगस खरेदी केल्याचे सांगत तक्रार कोवे कुटुंबीयांनी यापूर्वी माया मधुसूदन देशमुख, शंतनू मधुसूदन देशमुख व सूतगिरणीच्या विरोधात वडकी पोलिस स्टेशनमध्ये तक्रार केली होती.

ही शेतजमीन कोवे यांनी स्वमालकीची असल्याचे म्हटले होते. याच वादातून अपहरणाचा प्रयत्न झाला. कशीबशी सुटका करवून घेतल्याचे तक्रारीत म्हटले आहे. 'शेतीसंदर्भात माझा व कोवे यांचा काहीही संबंध नाही. मी त्यांना ओळखत नाही. सूतगिरणीसाठी जमीन शासनाने दिलेल्या पैशातून देशमुख यांच्याकडून खरेदी केली आहे. सर्व व्यवहार कायदेशीर आहे. कोवे सांगतात त्या दिवशी मी बाभूळगाव तालुक्यात शेतकऱ्यांच्या पिकांची पाहणी करण्यासाठी गेलो होतो', असे आमदार डॉ. उईके म्हणाले.

गोंदिया. जिले में शासकीय रेती घाटों की नीलामी अब तक नही हुई है. जिससे रेती का कारोबार करने वाले अनेक लोग घाटों से रेती चुराकर बिक्री करने में जुटे हुए है. जिले के अलग अलग 4 थानों में इन रेती चुराने वालों के खिलाफ मामले दर्ज कर पुलिस ने वाहनों सहित 12 लाख 16 हजार रु. का माल जब्त किया है. इसमें तिरोड़ा थाने के तहत खैरलांजी मार्ग पर टिप्पर क्र. एमएच 35 ए 1199 में 5 ब्रास रेती चुराकर ले जाते समय पुलिस ने पकड़ा है. इस कार्रवाई में 12 लाख 10 हजार रु. का माल जब्त किया गया.

दूसरी कार्रवाई रामनगर थाने के तहत बालाघाट मार्ग पर की गई. जहां एक ट्रैक्टर ट्राली में अवैध रुप से रेती की ढुलाई की जा रही थी. पुलिस ने 5 लाख 3 हजार रु. का माल जब्त किया है. तीसरी कार्रवाई सालेकसा थाने के तहत साखरीटोला-झालिया मार्ग पर ट्रैक्टर क्र. एमएच 35 जी 3762 में रेती ले जाने वाले चालक को पकड़कर 5 लाख 3 हजार रु. का माल जब्त किया है.

इसी तरह चौथी घटना आमगांव थाने के तहत मोहनटोला नदीघाट परिसर की है. जहां टैक्टर क्र. एमपी 50 ए 0986 में एक ब्रास रेती भरकर ले जाते वक्त पुलिस ने कार्रवाई कर ट्रैक्टर सहित 5 लाख 4 हजार रु. का मामला दर्ज किया है. इन प्रकरणों की जांच क्रमश: पुलिस उप निरीक्षक सावले, पीएसआई जमादार, हेडकांस्टेबल चिर्वतकर, उप निरीक्षक घारेपडे कर रहे है.

तिरोड़ा. स्थानीय मे. हाजी लतीफ गत्री बीड़ी मेन्युफेक्चर्स बीड़ी कम्पनी पिछले 3 महीने से बंद है. जिससे बीड़ी मजदूरों पर भूखों मरने की नौबत आ गई हैं. जबकि पिछले 1 जून से मालिक को मजदूर व बीड़ी सप्लायर ठेकेदार बीड़ी के काम शुरू करने की मांग कर रहे हैं.

सैकड़ों मजदूर काम से वंचित
विशेष बात यह है कि हाजी लतीफ गत्री बीड़ी कम्पनी 100 वर्ष पुरानी कम्पनी है. इसके मालिक हाजी असरफभाई एंड ब्रदर्स नागपुर निवासी है. जबकि कम्पनी की शाखा तिरोड़ा में कार्यरत है. कंपनी में अंतिम बार 20 मार्च को मजदूरों से बीड़ी ली गई. लॉकडाउन की वजह से कंपनी ने बीड़ी लेना बंद कर दिया है. जबकि इस कंपनी के कर्मचारी काम पर है व कंपनी भी शुरू है.

कंपनी से जुड़े सैकड़ों बीड़ी मजदूर काम से वंचित है. जिससे उन्हें आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीच 1 जून से बीड़ी मजदूरों व बीड़ी सप्लायर्स ने पूर्व की तरह बीड़ी कारखाना शुरू करने की मांग की, किंतु कम्पनी के मालिक ने टालमटौल कर दिया. 

उल्लेखनीय है कि जिले की बीड़ी कम्पनियां शुरू हो गई है. किंतु यह कम्पनी अब तक शुरू नहीं हुई है. सम्पूर्ण राज्य में कहीं भी मजदूरों को लिए न्यूनतम वेतन कानून लागू है, उनके प्रावीडंट फंड की कटौती, ग्रैज्युएटी, स्पेशल अलाउंस व वेतन में छूट लागू है. जबकि कंपनी मजदूरों को सभी सुविधा नहीं दे रही है. 

 

भंडारा. केंद्र सरकार के नवोदय विद्यालय समिति की ओर से ली गई चयन परीक्षा में स्थानीय एच.आर. नवोदय क्लास भंडारा का आर्ष प्रमोद सेलोकर जिले में प्रथम व श्रेय भूपेंद्र खेडीकर जिले में चौथे स्थान पर रहा. उनका नवोदय विद्यालय के लिए चयन हुआ है. फिलहाल आर्ष सेलोकर पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल कारधा का विद्यार्थी है.

वहीं श्रेय खेडीकर महिला समाज प्राथमिक शाला का विद्यार्थी है. नवोदय परीक्षा में सफलता करने पर एच.आर. नवोदय क्लास का सभी ओर अभिनंदन किया जा रहा है. सफलता विद्यार्थियों को पायल कैताडे का मार्गदर्शन मिला. दोनों ने अपनी सफलता का श्रेय सभी शिक्षक, माता-पिता व मित्र परिवार को दिया है.

मुर्तिजापुर. शहर में सीसीआई द्वारा कपास खरीदी शुरू है. कृषि विभाग द्वारा ठीक तरह से जांच पड़ताल न करते हुए रिपोर्ट दी थी. कई किसानों के पास कपास नहीं है. इस फर्जी रिपोर्ट की जांच की जानी चाहिए क्योंकि कई किसानों के पास आज भी बिक्री के लिए कपास उपलब्ध है. लगभग 116 किसानों के पास कपास है. लेकिन उनकी कपास का वजन कांटा करने के लिए अनुमति नहीं दी गयी. विधायक हरीश पिंपले ने भी इस संदर्भ में अधिकारियों से पूछताछ की व किसानों की कपास खरीदी करने के निर्देश दिये.

 इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष भूषण कोकाटे, शहर अध्यक्ष रितेश सबाजकर, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष सचिन देशमुख, तहसील अध्यक्ष पप्पू मुले, अनिल ठोकल, प्रशांत हजारी, डा.अमित कावरे, कमलाकर गावंडे आदि बड़ी संख्या में भाजपाइयों ने आंदोलन किया व किसानों की कपास शीघ्र खरीदने के लिये आह्वान किया.

तलोधी बा. घोड़ाझरी बफर जोन में वन विभाग के एक अधिकारी के साथ 20 से 25 कर्मचारियों द्वारा जमकर शराब की पार्टी कर जुआ खेलने की बात सामने आई है. बताया जाता है कि जिन वन्य प्रेमियों ने उन्हें पार्टी करते हुए देखा, उन्हें उन्होंने जान से मारने तक की धमकी दे डाली. हालांकि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं.

पक्षी निरीक्षकों को दिखे
जिस जगह वन अधिकारी व कर्मचारियों की पार्टी व जुआ शुरू था, उससे कुछ दूरी पर कुछ पक्षी निरीक्षक पक्षियों की गणना कर रहे थे. तभी वे पार्टी वाली जगह पर पहुंच गए. वहां सभी कर्मचारी नशे में धुत थे. नशे में धुत वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हीं से सवाल पूछने शुरू कर दिए. तुम्हें जंगल में घुसने की अनुमति किसने दी? यहां की पार्टी वाली जगह कैसे आए? इसके बाद जंगल में दिखाई दिए, तो रस्सी से फांसी पर लटका देंगे और किसी को पता नहीं चलेगा ऐसी धमकी भी दी. 

पाबंदी के बाद कहां से आई शराब
जिले में शराबबंदी होने के बावजूद वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जंगल में शराब पी रहे थे. ऐसे में उनके पास शराब कहां से आई, इसे लेकर वन्य प्रेमियों ने सवाल खड़े किए हैं. वहां पक रहा मांस किसका था इसे लेकर भी जांच की मांग उठ रही है. लॉकडाउन के कारण घोड़ाझरी अभयारण्य बंद है. गेट पर अभयारण्य में पार्टी करते पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की सूचना चिपकी है. इसके बावजूद वनाधिकारी ही घोड़ाझरी में पार्टी कर रहे हैं. वन्यजीव प्रेमियों ने इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.

मूल. बरसात के दिनों में रिहायशी निर्माणकार्य का अतिक्रमण हटाने से निवास करने वालों के सडक पर आने की संभावना होने से बरसात में रिहायशी अतिक्रमण न हटाने के शासन आदेश से ले आऊट के अतिक्रमण धारियों को फिलहाल राहत मिल गई है. इसलिए आज सोमवार को होने वाली अतिक्रमण हटाओ मुहिम फिलहाल सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है.

स्थानीय वाल्मिकी नगर के 324 एकड अकृषक जमीन पर मंजूर ले आऊट में लोगों के उपयोग के लिए छोडे गए 16000 वर्ग फुट ओपन स्पेस पर अनाधिकृत रुप से प्लाट निकालकर निर्माणकार्य किया गया. जनभावना का विचार कर इसके खिलाफ  पूर्व नगराध्यक्ष अरविंद बोकारे ने लोकायुक्त से फरियाद की. इस आधार पर उप लोकायुक्त डा. शर्मा ने लोगों के उपयोग के लिए छोडे ओपन स्पेस की जगह पर पक्के निर्माणकार्य को तोडकर इस जगह को अपने अधिकार में लेने के आदेश नगर परिषद को दिए थे. साथ ही गैरकानूनी कृत्य करने वाले राजस्व विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ राजस्व प्रशासन को कार्रवाई के आदेश दिए थे. इस आधार पर इस जगह को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए 29 जून की तारीख निर्धारित कर नगर परिषद ने पुलिस से सुरक्षा मांगी थी. किंतु अतिक्रमण को हटाने संबंधी शासकीय आदेश को आधार बनाकर अतिक्रमण धारकों ने नप से विनंती की इस आधार पर नगर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ मुहिम को फिलहाल स्थगित करने की चर्चा है.

शासन के नगर विकास विभाग के 23 जून 2000 के परिपत्र के आधार पर वर्षाकाल में रिहायशी निर्माणकार्य गिराने से निवास करने वालों पर खुले में रहने की नौबत आ सकती है और उन्हे भारी असुविधा होगी. किंतु बरसात का फायदा उठाकर यदि कही अनाधिकृत नया निर्माणकार्य शुरु हो तो रिहायशी और व्यवसायिक अनाधिकृत निर्माणकार्य को ढहा दिया जाये. किंतु जहां परिवार निवास कर रहे ऐसे रिहायशी अनाधिकृत निर्माणकार्य मानवता की दृष्टिकोण न ढहाने के स्पष्ट आदेश है.

अमरावती. बकाया व नियमित वेतन, वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर लगातार 6 दिनों से पीडीएमसी में शुरू परिचारिकाओ के काम बंद आंदोलन का मामला कामगार आयुक्त कार्यालय पहुंच गया है. रविवार को कामगार आयुक्त कार्यालय में परिचारिका व संस्था पदाधिकारियों के बीच मीटिंग हुई, जिसमें परिचारिकाओं की मांगों पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया.

परिचारिकाएं आज ले सकती है निर्णय
लंबी चली इस मीटिंग में वेतन से संबंधित सभी प्रश्नों पर परिचारिकाओं ने संस्था पदाधिकारी व डीन डा.पद्माकर सोमवंशी से बातचीत की. वहीं सरकारी हेल्थ वर्कर ने भी शासन के पास वेतन वृद्धि के लिए प्रस्ताव भेजा है, जिस पर निर्णय होना बाकी है. उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में कोविड-19 की महामारी के कारण कोई भी हेल्थ वर्कर काम बंद नहीं कर सकता है. इसीलिए आप अपनी हड़ताल वापिस लें. उनकी मांगों पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा. इस चर्चा के बाद परिचारिकाओं ने सोमवार को काम बंद आंदोलन पर निर्णय लेने की बात कही है. 

वरुड: कोरोना लॉकडाउन से सभी कामकाज ठप होने के कारण मजदूर परिवारों के दो वक्त के भोजन के भी लाले हैं.  सरकार द्वारा निशुल्क अनाज का वितरण सरकारी राशन दूकानों के माध्यम से किया जा रहा है. लेकिन वितरित की जा रही तुअर दाल अत्यंत घटिया दर्जे होने का आरोप है. यह दाल कीट युक्त होने से खाने लायक नहीं है. नि:शुल्क अनाज के नाम पर यह गरीब लाभार्थियों के साथ एक प्रकार मजाक होने का आरोप नागरिकों द्वारा लगाया जा रहा है.

घटिया दर्जे की तुअर दाल
राष्ट्रीय सुरक्षा योजनांतर्गत गरीबों को अनाज का वितरण किया जाता है, जिसमें गेहूं, चावल, तुअर दाल, चना दाल का समावेश है. इसमें तुअर दाल की तरह चना दाल भी घटिया दर्जें की है.  

नेताओं को खिलाओ दाल
मुफ्त अनाज दे रहे हैं, यह कोई उपकार नहीं है. ऐसी घटिया दाल, गेहूं नेताओं व अधिकारियों को खिलानी चाहिए. जानवरों का खाना बोलकर फेंक देंगे-सुचिता लटवे, गृहिणी

मजाक बनाया
यह दाल तुअर की है या और कोई, समझ नहीं आ रहा है. घटिया दर्जे की दाल नि:शुल्क देकर सरकार गरीबों का मजाक उड़ा रही है- कल्पना बोपची, गृहिणी

अमरावती. कार के पास खेल रहे बच्चे को गालीगलौज करने व हड़काने की मामूली बात पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के कोषाध्यक्ष अब्दुल राजिक अब्दुल लतीफ (26, लालखड़ी) पर चाइना चाकू से 3 आरोपियों ने जानलेवा हमला किया. इस हमले में हालत गंभीर होने से उन्हें नागपुर रेफर किया गया. नागपुरी गेट पुलिस ने मुख्य आरोपी शेख इमरान शेख सुलतान तथा शेख करीम को हिरासत में लिया है. आरोपियों को 30 जून तक पुलिस कस्टडी में लिया है. आरोपी शेख वहीद फरार बताया जा रहा है. 

बच्चे के विवाद में झगड़ा
शनिवार की रात 8 बजे राजिक का भांजा इमरान की फोर विलर के पास खेल रहा था. जिस पर इमरान ने गालीगलौज की. इस बारे में राजीक की मां ने उसे समझाने का प्रयास किया तो उसने उन्हें भी गालियां दी. इस बात से राजिक बीच-बचाव करने गया तो आरोपी ने चाइना चाकू निकालकर कमर पर वार किए. जबकि आरोपी वहीद व करीम ने लाठियों से उसके सिर पर वार किया. हमला करने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए.

नागपुर किया रेफर
सूचना मिलते ही नागपुरी गेट पुलिस घटनास्थल पहुंची. पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती किया. जहां हालत नाजुक होने से उन्हें नागपुर भेजा गया है. देर रात आरोपी इमरान तथा करीम को हिरासत में लिया गया. रविवार की दोपहर कोर्ट में पेश कर 30 जून तक पुलिस कस्टडी मांगी है. जबकि आरोपी वहीद की तलाश चल रही है.

अमरावती:करोना पॉझिटिव्ह रुग्णाच्या संपर्कात आलेल्या युवकाने विलगीकरण कक्षात ठेवण्यात आलेल्या युवकाने विलगीकरण कक्षात गळफास लावून आत्महत्या केल्याची घटना शनिवारी पहाटे तीन वाजताच सुमारास घडली. अजमद खाँ सत्तार खॉ (२९) असे आत्महत्या करणाऱ्या युवकाचे नाव आहे.

नांदगाव खंडेश्वर येथे एक व्यक्ती दिनांक २५ जून रोजी करोना पॉझिटिव्ह आढळला होता. सदर व्यक्तींच्या संपर्कात काही नागरिक आले होते. त्यामुळे प्रशासनाने नांदगाव खंडेश्वर येथील शासकीय वसतिगृहात सदर व्यक्तीच्या संपर्कातील नागरिकांना विलगीकरण केले होते. या विलगीकरण कक्षात गेल्या दोन दिवसापासून १६ संशयीतांचे विलगीकरण करण्यात आले आहे. परंतु आज दिनांक शनिवारी सकाळी विलगीकरण कक्षातील इतरांना अजमद खा याने कक्षाबाहेरील खिडकीला गळफास लावून आत्महत्या केल्याचे निदर्शनास आले. ही बाब सकाळी सात वाजण्याच्या सुमारास उघडकीस आली. अजमद खाँ सत्तार खॉ याने स्वतःजवळच्या ओढणीने फाशी घेतली होती. विलगीकरण कक्षातील अधिकारी व कर्मचारी यांनी पोलिसांना या घटनेची माहिती दिली.

चंद्रपुर. शहर के पुराने गंजवार्ड सब्जी मार्केट में कोरोना के दौरान नागरिकों की भीड़ को देखते हुए मार्केट का स्थानांतरण कोहीनूर मैदान में किया गया. किंतु मनपा प्रशासन ने इसका फायदा उठाकर सब्जी मार्केट धारकों को विश्वास में नहीं लेते हुए नई बैठक व्यवस्था का निर्णय लिया. जेसीबी व अतिक्रमण दस्ते द्वारा पुरानी बैठक व्यवस्था ध्वस्त की गई. जिससे सब्जी विक्रेताओं पर अन्याय हुआ. मनसे पार्षद सचिन भोयर ने सब्जी विक्रेताओं की पुराने जगह में बदलाव नहीं करने की मांग मनपा आयुक्त व महापौर को सौंपे निवेदन में की है. पार्षद भोयर व सब्जी विक्रेताओं ने गंजवार्ड मार्केट अध्यक्ष व मनपा द्वारा जारी की गई सूची में घोटाला होने का आरोप लगाया.

रिश्तेदारों के नाम किए शामिल
मनपा के मनमानी कारभार की शिकायत सब्जी विक्रेताओं ने पार्षद भोयर से की. भोयर ने गंजवार्ड सब्जी मार्केट को प्रत्यक्ष भेंट देकर मुआयना किया. सभी सब्जी विक्रेताओं की समस्या को जानकर काफी समस्या सामने आयी. इस समय पुराने सब्जी विक्रेताओं ने मनपा प्रशासन की सूची में घोटाला होने का आरोप लगाया. मार्केट में पुराने दूकानदारों के यहां कार्यरत कामगारों के नाम सूची में लिए गए. करीबी रिश्तेदारों के नाम सूची में शामिल करने का आरोप उन्होंने लगाया. पुराने दूकानदारों को बगैर बताए 4-6 महीने पहले सब्जी व्यवसाय शुरू करने वाले लोगों के नाम सूची में है. 

गोंडपिपरी. जून महीने के प्रथम सप्ताह में जिले में मानसून का आगमन हुआ. कोरोना के संकट से जूझ रहे किसान समय पर आए मानसून से खुश थे. जिसके बाद उन्होंने बुआई शुरू की. किंतु पखवाड़े भर बाद भी बरसात के गायब होने से किसान चिंता में है. उन पर दुबारा बुआई करने की नौबत आने की आशंका बढ़ती जा रही है. कोरोना वायरस के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों के सामने एक और संकट आ गया है.

कपास, सोयाबीन, धान की पैदावार
गोंडपिपरी तहसील में कपास, सोयाबीन और धान फसलों की पैदावार ली जाती है. बरसात के शुरू होते ही खरीफ मौसम की शुरुआत हुई. किसी प्रकार किसानों ने अपने खेतों में बुआई की. वाहनों का परिवहन ठप होने से किसानों को पैदल जाकर बीज, खाद निजी वाहनों को मनमाना किराया देकर लाना पड़ा. किंतु बरसात नहीं होने से किसानों के सामने विकराल समस्या आ गई है.

मौसम की बेरूखी से अब किसान हलाकान हो रहे हैं. गोंडपिपरी कृषि उपज बाजार समिति के सभापति सुरेश चौधरी ने संकट में फंसे किसानों को कर्ज देने वाली बैंकों से तुरंत कर्ज उपलब्ध कराने तथा बिजली विभाग से बिल माफ करने की मांग की है.

राजुरा. वेकोलि बल्लारपुर क्षेत्र अंतर्गत राजुरा तहसील के सास्ती, भडांगपुर, कोलगांव, मानोली, धोपटाला, माथरा एवं अन्य गांवों के किसानों की जमीन वेकोलि ने अधिग्रहित की. लेकिन नियमों के अनुसार अधिकांश किसानों को नौकरी पर नहीं लिया जा सका. वेकोलि को जमीन अधिग्रहण किए कई वर्ष बीत चुके है. वेकोलि के कई परियोजना प्रभावित लोगों को अब तक नौकरी में समाविष्ट नहीं किया गया. प्रभावित किसानों के संयम का बांध शुक्रवार की सुबह टूट गया. 3 प्रकल्प पीड़ितों ने टावर पर चढ़कर 4 घंटे तक वीरूगीरी की. अंत में प्रबंधन ने एक महीने में सभी को नौकरी पर लेने का आश्वासन दिया. जिसके बाद तीनों नीचे उतर आए.

टावर के पास जमा हुई भीड़
शुक्रवार की सुबह करीब 7 बजे धोपताला कालोनी स्थित मोबाइल टावर पर प्रकल्प पीड़ित मारोती मावलीकर, संजय बेले, विलास घटे चढ़ गए. उनके टावर पर चढ़ते ही अन्य प्रकल्पग्रस्तों का परिसर में जमावड़ा लग गया. प्रशासकीय अधिकारी, पुलिस एवं वेकोलि अधिकारी भी स्थल पर आ गए. 2 घंटे बाद टावर पर चढ़े प्रकल्पग्रस्तों को उतारने के लिए नीचे जाली बिछाकर पानी की बौछार के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाई गई.

हालांकि इसकी नौबत नहीं आई. सुबह करीब 11.30 बजे वेकोलि प्रशासन ने 30-35 दिन के भीतर एग्रीमेंट पूरा कर उसके आगे की कार्रवाई भी एक माह में पूर्ण करने का लिखित आश्वासन दिया. जिसके बाद तीनों प्रकल्पग्रस्त नीचे उतरे. मौके पर महाप्रबंधक सब्यसाची डे, महाप्रबंधक संचालन सी.पी. सिंह, वी.वी. परांजपे अमला अधिकारी खनन, जे.के. तिवारी उपक्षेत्रीय प्रबंधक सास्ती, डी.के. तहाने क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक, जी. पुल्लिया, प्लानिंग अधिकारी, उपविभागीय पुलिस अधिकारी स्वप्निल जाधव, पुलिस निरीक्षक नरेंद्र कोसुरकर, प्रकल्प सदस्य विजय चन्ने, प्रहार के सूरज ठाकरे, बंडू जुलमे, प्रभाकर येरने, किशोर आदि उपस्थित थे.

अमरावती. जून माह के दूसरे सप्ताह में मानसून की शानदार दस्तक के बाद बारिश बीते एक सप्ताह से गायब हो गयी है. जिले के विभिन्न तहसीलों में भले ही शानदार बारिश हो रही है, लेकिन शहरवासी अब भी मूसलाधार बारिश की प्रतीक्षा में है. शहर में बादल आते है. थोड़ी बहुत बूंदाबादी से केवल झलक दिखाकर फिर गायब हो जाते है. बारिश के अभाव में गर्मी और उमस हलाकान कर रही है.

जिले में अब तक 162.66 मिमी बारिश
सामान्यत: जिले में 26 जून तक औसतन 126.27 मिलीमीटर बारिश का अनुमान रहता है. लेकिन इस वर्ष 162.66 के औसत से मेघ बरसे है. जिले में सर्वाधिक बारिश वरुड़ तहसील में 252.55 मिमी दर्ज की गई है. उसी प्रकार चांदूर रेलवे तहसील में 175.30 मिमी, अंजनगांव सुर्जी में 167.17 मिमी, मोर्शी में 172.36 मिमी, नांदगांव खंडेश्वर में 205.89 मिमी, चिखलदरा में 159.51 मिमी, धामणगांव रेलवे में 156.95 मिमी, चांदूर बाजार 165.87 मिमी, दर्यापुर 131.02 मिमी, तिवसा 139.13 मिमी, भातकुली 154.15 मिमी, अमरावती 147.84 मिमी, अचलपुर 127.51 मिमी तथा धारणी तहसील में 95.40 मिमी वर्षा दर्ज की गई.

गत वर्ष की तुलना में बेहतर
वर्ष 2019 में 26 जून को जिले में मात्र 52.20 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई थी, जो इस वर्ष की तुलना में कई गुना कम थी. मौसम विभाग ने भी इस वर्ष बेहतर बारिश का अनुमान व्यक्त किया है. जिस पर खरा उतरते हुए मानसून भी समय पर पहुंचा और बारिश का औसत भी अच्छा है.

धारणी. आदिवासी बहुल क्षेत्र मेलघाट का इस बारिश में फिर एक बार भगवान ही मालिक है. गत् वर्ष हुई अतिवृष्टि के कारण शालाओं की छतें, पुल, सड़कें खराब हो गई, लेकिन 1 वर्ष का समय बीत जाने पर भी इनकी मरम्मत नहीं की गई. साथ ही धारणी तहसील प्रशासन द्वारा इस बार अब तक  मानसून पूर्व नियोजन नहीं किया गया है, जिससे फिर कई आदिवासी दुर्गम गांव का संपर्क टूटने के आसार है. लोगों की चिंता बढ़ गई है. पहले ही बारिश में कुपोषण का तांड़व रहता है, उसमें जिला प्रशासन की घोर अनदेखी आदिवासियों के लिये मानसून में बढ़ी मुश्किलें बढ़ा सकती है.

गत् वर्ष की बदहाली से नहीं लिया सबक
मेलघाट में चिखलदरा व धारणी 2 तहसीलें हैं. पहाड़ी क्षेत्र होने के चलते यहां पर अत्याधिक बारिश होती है. गत् वर्ष तहसील में रिकार्डतोड़ बारिश होने से नदियों-नालों में बाढ़ आ गई थी. कई स्कूलों की छत टूटी, पुल- सडकें बह गई, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क भी टूटा. मानसून समाप्त होने के बाद मरम्मत के कार्य व इस बार मानसून पूर्व नियोजन जरुरी थी. लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. जिससे अब बारिश के मौसम में सैकड़ों गांववासियों पर संकट होगा. इस बार मानसून समय पर आया है. गत् वर्ष जैसी बारिश हुई तो कई तरह के संकटों का सामना करना होगा.

अमरावती. महानगरपालिका के अंतर्गत बडनेरा जोन में 452 शौचालय निर्माण के बहाने 77 लाख रुपए के फर्जी बिल भुनाने के लिए अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर किए जाने के मामले में निगमायुक्त प्रशांत रोडे के आदेश पर शुक्रवार की सुबह कार्यालय अधीक्षक ज्ञानेश्वर गोविंद आडुले ने कोतवाली थानेदार शिवाजी बचाटे के पास शिकायत दर्ज कराई, जिनके साथ कनिष्ठ लिपिक निचत तथा एक सेवानिवृत्त अधिकारी मौजूद थे. कोतवाली पुलिस ने फर्जीवाड़े की शिकायत को जांच में रखा है. जांच के बाद ही इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के साथ ही कार्रवाई की जाएगी. ऐसा थानेदार बचाटे ने जानकारी दी है. 

वरिष्ठ अधिकारियों से की चर्चा
कोतवाली में रिपोर्ट मिलते ही थानेदार बचाटे संबंधित अधिकारियों व दस्तावेज लेकर शहर पुलिस आयुक्तालय पहुंचे. जहां सीपी संजय बाविस्कर व डीसीपी शशिकांत सातव के साथ चर्चा की. जिन्होंने दस्तावेज जांच करने के बाद पूरे प्रकरण की तहकीकात होने तक शिकायत को जांच में रखने के आदेश दिए, जिससे थानेदार बचाटे ने प्रकरण से संबंधित दस्तावेज कागजपत्र लेकर रिपोर्ट दर्ज कर जांच में रखा है. इस शिकायत में मनपा के स्थाई बाबू सारवन तथा ठेका पद्धति से कार्यरत बाबू रायकवार के नाम दिए गए हैं.

बल्लारपुर. कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम के लिए राज्य में संसर्गजन्य प्रतिबंधक कानून अंतर्गत हर व्यक्ति को सार्वजनिक और कार्यस्थल पर मास्क का उपयोग अनिवार्य किया है. इसके बावजूद मास्क नहीं लगाने वाले और फुटपाथ पर दूकान लगाने वालों के खिलाफ नगर परिषद ने कार्रवाई कर हजारों रुपये का जुर्माना वसूल किया. शहर के रास्ते पर घूमते समय मास्क नहीं लगाने वालों से 200 रुपए जुर्माना वसूल करने के आदेश दिए हैं. 

43 लोगों पर कार्रवाई
नगर परिषद के दल ने कार्रवाई कर मास्क नहीं लगाने वाले 43 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर 9,800 रुपए जुर्माना वसूल किया. उसी प्रकार मास्क का उपयोग नहीं करने वाले दूकानदारों पर 4,200 रुपए का जुर्माना ठोका गया. महात्मा गांधी संकुल के पास मार्ग के फुटपाथ पर दूकानों की भीड़ की वजह से भारी और दुपहिया वाहनों के आवागमन में बाधा निर्माण होकर दुर्घटना की आशंका रहती है.

इस कारण फुटपाथ पर लगाई दूकानें हटाने अतिक्रमण हटाओ दल के कर्मचारियों ने पुलिस बंदोबस्त में 6 दूकानदारों के खिलाफ 5,000 रुपए जुर्माना वसूल किया. राष्ट्रीय महामार्ग पर सब्जी, फल विक्रेताओं को महात्मा गांधी शाला के पास ओपन स्पेस पर स्थानांतरित किया गया. कार्रवाई के माध्यम से मुख्याधिकारी ने शहर के सभी दूकानदारों को फुटपाथ पर सामान नहीं रखने, मार्ग और सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूंकने, मास्क का उपयोग करने की अपील की है.

अर्जुनी मोरगांव. तहसील में कोरोना का संक्रमण बढ़ गया था. 31 पाजिटिव मरीज मिलने से संपूर्ण तहसील में हड़कंप मच गया था. जिससे तहसील के अनेक ग्रामों में कटेंनमेंट जोन घोषित किए गए थे. लेकिन अब सभी मरीज कोरोना मुक्त हो जाने से अर्जुनी मोरगांव की उपविभागीय अधिकारी शिल्पा सोनारे ने गुरुवार को कंटेनमेंट जोन के रूप में घोषित ग्रामों से प्रतिबंध हटाने का आदेश जारी किया है. जिससे अब तहसीलवासियों को बड़ी राहत मिली है.

यहां मिले थे मरीज
अर्जुनी मोरगांव तहसील के कोरंबी, आसोली, अरुणनगर, खामखुरा, करांडली, दिनकरनगर, आंभोरा, तुकूमनारायण, सिलेझरी, अरततोंड़ी, नगर पंचायत अर्जुनी मोरगांव के प्रभाग क्र. 3 व 4, बरडटोली में कोरोना प्रभावित मरीज मिलने से उसका संक्रमण अन्य क्षेत्रों में न फैले इसके लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य व नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर सभी ग्रामों में कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए थे. लेकिन अर्जुनी मोरगांव क्षेत्र के सभी कोरोना मरीज ठीक हो गए हैं.

इसी तरह तहसील के अंतिम कोरोना मरीज को 6 जून को कोविड केयर सेंटर गोंदिया से छुट्टी दे दी गई. इन सभी घर लौटे मरीजों का स्वास्थ्य एकदम ठीक है. इन प्रतिबंधित ग्रामों में कोई नया मरीज नहीं मिला है. इसके बाद उप विभागीय अधिकारी सोनारे ने उक्त सभी ग्रामों से कंटेनमेंट जोन हटाने के निर्देश दिए हैं. इस संबंध में निर्देश मिलते ही संबंधित ग्रामों के सरपंच, ग्रामसेवक व पुलिस कर्मचारियों ने कंटेनमेंट जोन हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी.

साकोली (सं). दोषयुक्त खाद, बीज, कीटनाशक का निर्माण करने वाली राष्ट्रीय तथा अंर्तराष्ट्रीय कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के पास की है. यहां के कृषि भवन में पटोले ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात कर चर्चा की.

समस्याओं से कराया अवगत
विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर को किसानों की समस्याओं के बारे में जानकारी दी. किसान वर्षभर खेतों में फसलें लेते हैं, उन्हें उसमें कंपनियां खाद, बीज तथा कीटनाशक पदार्थ राष्ट्रीय तथा अंतराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराया जाता है. इनमें दोष होने की शिकायतें की जा रही हैं. ऐसे में जिन कंपनियों ने दोषयुक्त बीज, खाद तथा कीटनाशक किसानों को दिए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. 

किसानों पर आर्थिक संकट
किसानों को बोगस बीज, खाद तथा कीटनाशक दिए जाने के कारण उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई की जाए. राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों पर कार्रवाई का अधिकार केंद्र सरकार के अधीन है.

आंबाड़ी (सं). समीप के माड़गी टेकेपार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से श्मशान भूमि की ओर जाने वाले सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण किए जाने के कारण गांव के नागरिकों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्राम पंचायत को इस बारे में जानकारी देने के वाजजूद अतक्रिमण को हटाया नहीं जा रहा है.

माड़गी ग्राम पंचायत के अंतर्गत स्मशान भूमि के रास्ते पर कविराज वाहणे, राज कुमार वाहणे ने अतक्रिमण किया है. इससे नागरिकों को आने जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. उपविभागीय अधिकारी तथा खंडविकास अधिकारी को दिए गए निवेदन के माध्यम से जल्दी से जल्दी अतक्रिमण हटाने की अपील की है.

अकोला. कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने लॉकडाउन घोषित किया था. जिससे आर्थिक स्थिति डगमगा गई थी. इसको देखते हुए सरकार ने अब लॉकडाउन को अनलॉक करना शुरू किया है लेकिन प्रशासन ने इसके साथ ही नियमों की पाबंदी लगाई है लेकिन जनता इसका पालन नहीं कर रही है. अकोला मनपा क्षेत्र में कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. बाजारों में जीवनावश्यक वस्तुओं की दूकानों के साथ-साथ मेडिकल, फल, सब्जी आदि की दूकानें हाथगाड़ियों पर अपना माल बेच रही है.

अकोला महानगर के कई भाग ऐसे है जहां नागरिक बिना डरे बाजार, दूकानों में भीड़ कर रहे हैं. अधिकतर लोग मास्क लगाना तथा सतर्कता बरतना भूल गए हैं जिसके कारण कोरोना के फैलाव का खतरा बढ़ रहा है. कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मुंह पर मास्क पहना जरूरी है लेकिन देखा जा रहा है कि अकोला में सब्जी, फल सहित लघु व्यवसायी अपनी सामग्री बेचते समय मास्क नहीं पहन रहे हैं. कई दूकानों में सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा है. 

दूकानदार भी ग्राहक वापस न जाए इसे देखते हुए ग्राहकों से कुछ नहीं कहते. अकोला मनपा प्रशासन को चाहिए की वे अधिक से अधिक पथक गठित कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रतिदिन कार्रवाई करें. सरकार द्वारा सतर्कता के लिए नियम घोषित किए गए हैं. जिस पर सभी को अमल करना जरूरी है.  

वाशिम के बाजार में उमड़ने लगी भीड़
कोरोना वायरस संकट में पिछले तीन माह से लाकडाउन शुरू किया गया है़ दरम्यान एक माह पूर्व इसमें कुछ छूट दी गई है़  छूट मिलते ही बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गया है़  जिलाधिकारी के आदेशनुसार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अधिकतर दूकानें खोलने की अनुमति दी गई है़  इस दौरान लोग आवश्यक वस्तु खरीदी के निमित्त भीड़ करते नजर आ रहे हैं. अनेक स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है़.

बल्लारपुर: जिस तेजी से राज्य और देश में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ रहा है. इससे बल्लारपुर शहरवासियों को सावधान रहने की आवश्यकता है. चंद्रपुर जिले में बल्लारपुर कोरोना का संभावित हाटस्पाट बन सकता है. इसलिए नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील नगर परिषद के मुख्याधिकारी विपिन मुदधा ने की है.

उन्होंने हर शहरवासी को सार्वजनिक स्थान पर मास्क का प्रयोग करने की अपील की है. मास्क का उपयोग न करने पर 200 रुपए जुर्माना वसूल किया जाएगा. आवश्यकता न हो तो घर से बाहर न निकले, भीड भाड वाले स्थान पर न जाये, दूसरे जिला, राज्य से आने वाले व्यक्ति इंस्ट्टीयूशनल क्वारंटाइन में रहे, होम क्वारंटाईन किए व्यक्ति और उनके परिवार के लोग घर से बाहर न निकले और प्रवासी व्यक्तियों के संपर्क में न आने की सावधानी बरते. घर में रहे कोरोना से बचे ऐसी अपील की है.

चंद्रपुर. देश में कोरोना की वजह से चंद्रपुर और गडचिरोली जिले में आवागमन बंद है. इसका असर सावली तहसील के नागरिकों पर पड रहा है. सावली तहसील के अनेक गांव के नागरिक विविध काम के लिए गडचिरोली आना जाना करते है. इसके अलावा स्वास्थ्य सेवा के लिए भी सावली तहसील के नागरिक गडचिरोली जिला सरकारी अस्पताल जाते है. क्योंकि यह अस्पताल चंद्रपुर की तुलना में उनके लिए करीब पडता है. इसलिए सावली के नागरिकों को गडचिरोली जिले में आवागमन की अनुमति देने की मांग समाजसेवी अनिल गुरनुले ने पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार को दिए निवेदन में की है.

निवेदन में कहा कि सावली तहसील गडचिरोली जिला मुख्यालय से महज 15 से 20 किमी की दूरी पर है. इसलिए सावली तहसील के नागरिक किराना, कृषि उपयोगी खाद, बीज, साहत्यि, व्यवसाय, मजदूरी, जिला सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गडचिरोली आवागमन करते है.  किंतु जिला बंदी की वजह से गडिचरोली आवागमन बंद है और नागरिकों को परेशानी उठानी पड रही है. इसलिए गडचिरोली आवागमन के लिए सावली के नागरिकों को बिना शर्त आवागमन की अनुमति की मांग की है. पालकमंत्री वडेट्टीवार ने आश्वास्त किया कि आने वाली 1 तारीख से सावली तहसील के नागरिकों को बिना शर्त गडचिरोली आवागमन की अनुमति  दी जाएगी

बडनेरा. लगातार बढ़ रहे मरीजों के मद्देनजर कोरोना संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए 4 दिनों के कड़े बंद के बाद गुरुवार को ऑड-इवन के फार्मूले से बाजार खुला, जिससे नई बस्ती व जूनी बस्ती में काफी चहल पहल देखी गई. लेकिन बडनेरा में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुरुवार को बाजार खुलने के साथ ही आधा दर्जन नए मरीज भी पाए गए है, जो कि चिंता का विषय है. यह बडनेरावासियों के लिए संकेत है कि लड़ाई लंबी है और वे अब भी रिलैक्स नहीं हो सकते. 

जमकर की खरीददारी
गुरुवार को मार्केट शुरू होते ही खरीददारी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सभी के चेहरे पर मास्क तथा दूकानदारों ने सैनिटाइजर के इस्तेमाल के साथ खरीदी बिक्री की. इस दौरान मनपा के स्वास्थ्य निरीक्षक ने भी क्षेत्र में दौरा कर नियमों का पालन करने की सूचना देते रहे.

अमरावती. 28 वर्षीय विधवा महिला को कैटरिंग के काम के बहाने राजस्थान ले जाकर 70,000 रुपए में बेच डालने का सनसनीखेज मामला गाडगेनगर में सामने आया है. इस मानव तस्करी के मामले में गाडगेनगर पुलिस ने आरोपी सैयद इमरान उर्फ राजा सैयद अकील (37, मौलाना आजाद कालोनी) को हिरासत में लिया है. जबकि आरोपी रवि अमरसिंह धारिया तथा नवलसिंह सिसोदिया फरार है. दोनों मध्य प्रदेश के इंदौर व राजस्थान के रहने वाले है. 

मध्यप्रदेश और राजस्थान से जुड़े तार
28 वर्षीय महिला अपने 4 बच्चो के साथ गाडगेनगर के रमाबाई आंबेडकरनगर में रहती है तथा कैटरिंग का काम करती है. 28 फरवरी को यह महिला कैटरिंग के काम पर गई थी, लेकिन देर शाम तक नहीं लौटी, जिसके चलते परिजनों ने उसकी मिसिंग रिपोर्ट गाडगेनगर थाने में दर्ज करायी. यह महिला कबाड़ भी बेचा करती थी. अक्सर कबाड़ को आरोपी इमरान के ऑटो से ले जाने का काम करती थी. इस दौरान पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि महिला का परिचित ऑटो चालक सैयद इमरान उसे कर्ज दिलाने के बहाने मध्यप्रदेश के इंदौर ले गया था. पैसों की जरूरत होने से इमरान ने उसे यह बताया कि इंदौर में रवि धारिया नामक शख्स उससें विवाह करेगा और उसे विवाह के बाद 50,000 देगा. 28 फरवरी को दोनों इंदौर के लिए रवाना हुए.

यवतमाळ: मोबाइलवर खेळल्या जाणाऱ्या पब्जी या ऑनलाइन खेळाने ग्रामीण भागातही प्रवेश केला असून गुरुवारी या खेळामुळे मानसिक संतुलन गमावलेल्या युवकाने गळफास लावून आत्महत्या केली. या घटनेमुळे जिल्ह्यात खळबळ उडाली आहे. निखिल पुरुषोत्तम पिलेवान (वय २३, रा. पिंपरी, ता. नेर) असे मृत युवकाचे नाव आहे. ही घटना गुरुवारी सकाळी उघडकीस आली.

गुरुवारी सकाळी निखिलचे आई-वडील व भाऊ शेतातील कामावर गेले होते. निखिल हा एकटाच घरी होता. गेल्या काही दिवसांपासून तो दिवसरात्र आपल्या घरातच मोबाइलवर पब्जी हा ऑनलाइन खेळ खेळत असे. इतर कामांकडे त्याचे लक्ष नव्हते. सतत मोबाइलवर पब्जी ऑनलाइन खेळ खेळणारे शेवटी आपले मानसिक संतुलन गमावून बसतात व आत्महत्येसारखे टोकाचे पाऊल उचलतात, अशी चर्चा आहे. निखिलच्या बाबतीतही हाच प्रकार घडला असावा व त्यातून त्याने आत्महत्या केली असावी, असा संशय त्याच्या कुटुंबियांनी व्यक्त केला. याबाबत निखिलचा भाऊ मितेश पुरुषोत्तम पिलेवान याने नेर पोलिसांत तक्रार दाखल केली असून नेरचे ठाणेदार प्रशांत मसराम पुढील तपास करीत आहेत.

गोबरवाही. क्षेत्र से बावनथडी नदी गुजरती है. जो महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश की सीमा रेखा है. इस नदी पर दोनों राज्यों का बराबरी का अधिकार है. न तो भंडारा जिले के और न तो बालाघाट जिले के रेती घाटो की निलामी हुई है. किंतु रात दिन नियमों का उल्लंघन करते हुए जेसिबी मशीनों की सहायता से रेती उत्खनन धडल्ले से जारी है. ऐसा लगता है कि आनेवाले दिनों में बावनथडी नदी मृतावस्था में आ जाएगी. इस नदी के दोनों ओर भंडारा व बालाघाट जिले के अनेक रेती घाट है. दोनों ओर के गावों में मुख्य फसल गन्नें की होती है. यह सारे गांव गुड उत्पादन में अग्रणी है.

नदी के दोनों ओर बसे डोंगरी बु., चांदमारा, लोभी, आष्टी, पाथरी, घानोड, धुटेरा, शक्करधरा, कवलेवाडा, सोंड्या, महालगाव, गोरेघाट, बडपानी, महेकेपार, बोनकट्टा, पुलफुट्टा, छतेरा आदि अनेक गांव है. इन अधिकतम गांवों में ग्रामपंचायत व जिला परिषद द्वारा संचालित पेयजल पूर्ति योजना चलाई जा रही है. अधिक रेती उत्खनन हो रहा है. जिससे ऐसा लगता है कि आनेवाले दिनों मे जनता को पिने का पानी मिलेगा या नहीं. पर्यावरण को भी खतरा उत्पन्न हो गया है. करीब 300 – 400 ट्रक प्रतिदिन रेती भरकर बड़े शहरों में जा रहे है. अनेक जेसिबी मशीन नदी में लगी हुई है.

पाथरी व बोनकट्टा के बिच बने हुए बड़े पुल के पल्लिरो के नजदीक भी उत्खनन किया जा रहा है. जिससे ऐसा लगता है कि यह शानदार पुल आनेवाले दिनों में धराशाही हो जाएगा. मध्यप्रदेश के रेती माफिया महाराष्ट्र की सीमा में आकर महाराष्ट्र के रेती माफिया मध्यप्रदेश की सीमा में जाकर अवैध रेत उत्खनन कर रहे है. भंडारा व बालाघाट जिले का प्रशासन इस अवैध रेती उत्खनन पर नियंत्रण करने में असफल साबित हो रहे है. उधर दुसरी ओर बताया जाता है कि मायल लिमिटेड ने पाथरी घाट को 25 वर्षो हेतु लिज पर लिया है. वह भी नर्धिारित सीमा में उत्खनन नहीं करते हुए अन्य जगह उत्खनन करते है.

लाखांदूर. तहसील का कारोबार संभालने के लिए कई सरकारी विभाग के कार्यालय कई वर्षों से किराए के घर में चल रहे हैं. इसके साथ ही अधिकारियों की भी निवास की व्यवस्था नहीं होने से कुछ लोग अपडाउन करते हैं, तो कुछ लोग किराए के घर में रहते हैं. इस कारण सरकारी कामों में समस्या आ रही है. 

तहसील में 63 ग्रामपंचायतें
लाखांदूर तहसील में कुल 63 ग्रामपंचायतें व 89 गांव है. किसान, छात्र कर्मचारी एवं आम नागरिकों का प्रतिदिन तहसील से संबंध आता है. हालांकि कई विभाग के अधिकारी निवास की व्यवस्था नहीं होने से अपडाउन करते है. इस कारण सरकारी काम के लिए आनेवाले नागरिकों को वापस लौटना पड़ता है. तहसील कृषि अधिकारी कार्यालय भी कई वर्षों से किराए के घर में है. 

खोजना पड़ता पता
कार्यालय का बोर्ड भी लगा नहीं होने के कारण नागरिकों को विभाग का पता खोजने में भटकना पड़ता है. अनुदान पर उपलब्ध होनेवाली सामग्री किसानों को समय पर उपलब्ध नहीं होती है. कम जगह एवं कर्मचारियों को बैठने के लिए समस्या होने के कारण इस विभाग के कार्यालय के लिए स्वतंत्र जगह उपलब्ध करा देने की मांग हो रही है. दुय्यम निबंधक कार्यालय भी कई वर्षों से किराए के घर में है. खेती संबंधित अनेक महत्व के दस्तावेज इस विभाग में बड़े ध्यान से रखे जाते हैं. स्वतंत्र कार्यालय की जगह उपलब्ध नहीं होने से नागरिकों के लिए काम करना सिरदर्द बना हुआ है. 

अकोला. कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने लॉकडाउन घोषित किया था. जिससे आर्थिक स्थिति डगमगा गई थी. इसको देखते हुए सरकार ने अब लॉकडाउन को अनलॉक करना शुरू किया है लेकिन प्रशासन ने इसके साथ ही नियमों की पाबंदी लगाई है लेकिन जनता इसका पालन नहीं कर रही है. अकोला मनपा क्षेत्र में कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. बाजारों में जीवनावश्यक वस्तुओं की दूकानों के साथ-साथ मेडिकल, फल, सब्जी आदि की दूकानें हाथगाड़ियों पर अपना माल बेच रही है.

अकोला महानगर के कई भाग ऐसे है जहां नागरिक बिना डरे बाजार, दूकानों में भीड़ कर रहे हैं. अधिकतर लोग मास्क लगाना तथा सतर्कता बरतना भूल गए हैं जिसके कारण कोरोना के फैलाव का खतरा बढ़ रहा है. कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मुंह पर मास्क पहना जरूरी है लेकिन देखा जा रहा है कि अकोला में सब्जी, फल सहित लघु व्यवसायी अपनी सामग्री बेचते समय मास्क नहीं पहन रहे हैं. कई दूकानों में सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा है. 

दूकानदार भी ग्राहक वापस न जाए इसे देखते हुए ग्राहकों से कुछ नहीं कहते. अकोला मनपा प्रशासन को चाहिए की वे अधिक से अधिक पथक गठित कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रतिदिन कार्रवाई करें. सरकार द्वारा सतर्कता के लिए नियम घोषित किए गए हैं. जिस पर सभी को अमल करना जरूरी है.  

वाशिम के बाजार में उमड़ने लगी भीड़
कोरोना वायरस संकट में पिछले तीन माह से लाकडाउन शुरू किया गया है़ दरम्यान एक माह पूर्व इसमें कुछ छूट दी गई है़  छूट मिलते ही बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गया है़  जिलाधिकारी के आदेशनुसार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अधिकतर दूकानें खोलने की अनुमति दी गई है़  इस दौरान लोग आवश्यक वस्तु खरीदी के निमित्त भीड़ करते नजर आ रहे हैं. अनेक स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है़.

बल्लारपुर. कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए 22 मार्च से प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन की घोषणा की थी. इसके बाद लगातार करीब 3 महीनों तक लॉकडाउन बढ़ाया गया. इस दौरान सभी काम धंधे, व्यापारिक प्रतिष्ठान, उद्योग आदि ठप पड़ गए थे. किंतु अब बिजली विभाग ने 3 महीने का बिजली बिल एकसाथ भेज दिया है. जिससे जिन लोगों को 1-2 हजार रुपये बिल आता था, उन्हें एकमुश्त तिगुना से चौगुना का बिल आ गया है. लॉकडाउन काल का बिजली बिल माफ करने की मांग के लिए उलगुलान संगठन के पदाधिकारियों ने नगर पालिका के सामने मुंडन आंदोलन किया. पश्चात तहसीलदार के माध्यम से मांग का निवेदन सरकार को भेजा गया.

काम बंद होने से आर्थिक संकट
संगठन ने कहा कि लॉकडाउन के समय काम बंद होने से लोग आर्थिक संकट में आ गए हैं. रोजगार नहीं होने से लोगों को खाने तक के लाले पड़े थे. ऐसे में 3 महीने का बिजली बिल माफ किया जाना चाहिए. आंदोलन करने वालों में उलगुलान संगठन के संस्थापक अध्यक्ष राजू झोड़े, एस.जी. मुरसे, वी.वी. कांबले, मारोती सालुरकर, दत्तात्रय घिवे, रमेश गुप्ता, बी.एस. खोब्रागड़े, शरद वानखेड़े, मनोज बेले, अनरुद्ध पाटिल, प्रितम पाटिल आदि शामिल थे.

चंद्रपुर. महाराष्ट्र के राहत और पुनर्वास मंत्री विजय वडेट्टीवार ने कहा है कि वह कोविड-19 महामारी समाप्त होने के बाद चंद्रपुर जिले में पर प्रतिबंध खत्म करने के पक्ष में हैं। राज्य में पिछली भाजपा सरकार ने अप्रैल 2015 में चंद्रपुर में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया था। राज्य के वर्धा और गढ़चिरोली जिलों में भी शराब पर प्रतिबंध है। चंद्रपुर के संरक्षक मंत्री वडेट्टीवार ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि जिले में नकली शराब की खपत के कारण जिले में गुर्दा संक्रमण और कैंसर के मामले बढ़ गए हैं ।

उन्होंने कहा कि यह भी पता चला है कि स्कूली छात्र भी एमडी (मेफेड्रोन) नामक नशीली दवा के आदी होते जा रहे हैं। मंत्री ने आगे कहा कि शराब बंदी के बाद से पुलिस ने लगभग 120 करोड़ रुपये की शराब जब्त की है। उन्होंने दावा किया कि प्रतिबंध लागू होने के बाद से जिले में पांच गुना अधिक शराब बेची जा रही है। मंत्री ने कहा, “नकली शराब पीने से गुर्दा संक्रमण और कैंसर के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। इसे देखते हुए मैं शराब से प्रतिबंध हटाने के पक्ष में हूं।”

अमरावती. गाडगे नगर क्षेत्र में रहने वाली एक युवती के साथ आरोपी भूषण नामदेव दयावते ने 4 वर्षों से प्रेम संबंध रखकर विवाह का लालच देकर जबरन दुष्कर्म किया, गाडगे नगर पुलिस ने युवती की शिकायत पर आरोपी भुषण के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है

4 वर्षों से थे प्रेम संबंध
युवती के साथ भुषण के 4 वर्षों से प्रेम संबंध है, इन्हींं प्रेम संबंधों के चलते उसने विवाह का लालच देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए, मार्च महीने में विवाह होना था, जब़कि सगाई तय हो चुकी थी, कोविड-19 के कारण लॉकडाउन घोषित हो जाने से सगाई का कार्यक्रम रद्द हो गया, इस दौरान भूषण ने विवाह से इंकार कर दिया, अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी का एहसास होने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

मोर्शी: तहसील के घोडदेव व डोंगरयावली परिसर में 22 जून को चक्रवाति तूफान के साथ अचानक आयी मुसलाधार बारिश ने संतरा, साग समेत अन्य सैंकडों पेडों और फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है. अनेक पेड जड के साथ धराशाही हो गए है. जिससे करोडों की क्षति का अनुमान है. रात करीब 1 बजे तूफान से मनीष गुडधे के खेत का गोठा गिरने से गाय भी जख्मी हुई. सौभाग्य से उसके प्राण बच गए. 

कृषि विभाग ने लिया जायजा
इस क्षति की सूचना बलीराजा संतरा उत्पादक संस्था के अध्यक्ष रुपेश वालके ने कृषि विभाग को दी. जिसके बाद तहसील कृषि अधिकारी कुंटावार, मंडल कृषि अधिकारी पांडुरंग मस्के, कृषि पर्यवेक्षक मोहन फुले, कृषि सहायक दिनेश चौधरी, प्रवीण सातव, रुपेश वालके, अजय केंदले ने भेंट देकर नुकसान का जायजा लिया.

उम्मिदों पर पानी फिरा
मोर्शी तहसील संतरा उत्पादन के लिए प्रसद्धि होने से इसे विदर्भ का कैलिफोर्निया कहा जाता है. तहसील के संत्रा उत्पादक किसान बीते कुछ वर्षों से अकाल के साथ विभन्नि संकटों का सामना कर रहे है. उसमें भी कोरोना के चलते लागू नर्यिात बंदी के कारण कौडीमोल दामों में संतरा बेचना पडा. बीते माह में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि फिर टड्ढिों का हमला आदि से किसान पस्त हो चुका है. इसके बावजूद मौजुदा आंबिया बहार में बेहतर उत्पादन की आंस किसानों की बंधी थी, लेकिन तूफान ने उनकी उम्मिदों पर पानी फेर दिया है.

चांदूर बाजार. कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देकते हुए 22 मार्च से जारी लॉकडाउन व स्कूल बंद के चलते स्कूल वैन बंद है. ऐसे में 3 माह से बेरोगजार हुए वैन चालकों मालिकों पर भारी आर्थिक संकट गहराया है. ऐसे में स्कूल वाहन चालकों से वाहनों के लोन की किश्त, बीमा किश्त, रोड टैक्स, 2020-2021 के पासिंग व परमिट के नूतनीकरण शुल्क को स्थिगित किया जाए. इस मांग को लेकर चालक मालक संघ ने तहसीलदार को निवेदन दिया है.

बीमा सुरक्षा दे सरकार
निवेदन में बताया गया है कि वैन व बसेस का नूतनीकरण नि:शुल्क किया जाए. स्कूल वाहन चालकों को सरकार बीमा सुरक्षा दे. साथ ही जब तक स्कूलें पूर्ववत नहीं होती तब तक वाहन चालकों को मासिक मानधन दिया जाए. निवेदन देने वालों में स्कूल विद्यार्थी परिवहन संघटन के तलसील अध्यक्ष रोशन देशमुख, सचिव नानासाहेब देशमुख, सहसचिव विकास गतफणे, कोषाध्याक्ष नंदकिशोर सिंगारकर मार्गदर्शक मदन पांडूरंग तिरमारे आदि उपस्थित थे.

बिरसी फाटा (तिरोड़ा). मानसुन की पहली बारिश होते ही तिरोड़ा तथा तुमसर की ओर जानेवाली सड़क कीचड़ से पट गई है. साथ ही मुख्य चौक भी कीचड़ व गड्ढे से पट गया है तथा उसमें में पानी ही पानी जमा होने से सड़क पर वाहन चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उल्लेखनीय है कि इस मुख्य चौराहे से नागपूर, भंडारा, गोंदिया व साकोली की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या भारी मात्रा में होती है. पिछले कुछ माह से बिरसी फाटा से तिरोड़ा महामार्ग चौडाईकरण व सीमेंटीकरन का कार्य शुरु किया गया है, जो धीमी गति से चल रहा है.

मुख्य सड़क के एक ओर सीमेंटीकरन का कार्य किया जा रहा है, जो पूर्ण नही हुआ है. जिसके कारण दुसरी ओर से यातायात शुरु है. लेकिन सड़क पर जगह जगह गड्ढे तथा कीचड़ व पानी जमा होने से मार्ग पर चलने वाले दुपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे है तथा अनेक वाहन चालक अपने वाहन को धक्का लगाते देखे जा रहे है.

भारी वाहनों के कीचड़ में फंसने से काफी देर तक यातायात प्रभावित हो रहा है. मार्ग का निर्माण करते समय सड़क पर मुरूम बिछाया गया, मिट्टी से मरम्मत की गई इसका नजारा देखने को मिल रहा है. बिरसी फाटा से करीब 2 किमी की दूरी पर नर्मिाणाधीन पुलिया का काम भी अधुरा पडा है.

महामार्ग का निर्माण कार्य लोगों को सुविधा मुहय्या करने के लिए किया जा रहा है. लेकिन महामार्ग का निर्माण करते समय ग्रामवासियों व वाहन चालको को किसी भी परेशानी से न जुझना पडे़ इसका विचार नही किया गया. जब भारी बारिश होगी तब इस मार्ग का क्या होगा इसका अनुमान लागाया जा सकता है. महामार्ग का एक ओर का कार्य शीघ्र पुरा करने की मांग की गई है.

गोरेगांव. शासकीय योजना अंतर्गत घरकुल निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए उठाए गए कर्ज का भूगतान किस तरह करे इसकी चिंता में एक व्यक्ति की हार्टअटैक से मृत्यु हो गई. मृतक का नाम सोमेश्वर बगडते (40) है. जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री घरकुल योजना के तहत गत वर्ष सोमेश्वर का घरकुल मंजूर हुआ था. कार्यादेश मिलने के बाद उसने घरकुल का निर्माण कार्य शुरु किया.

शासन के माध्यम से 1 लाख 30 हजार रु.की निधि मिली. लेकिन घरकुल निर्माण पुर्ण होने के बाद शेष रकम मिलेगी यह सोचकर उसने मित्र व रिश्तेदारों से रकम उधार ली. इस रकम से अपने घरकुल का निर्माण कार्य पुरा किया. शेष रकम मिलने के बाद उधार चुकता करने वाला था.

आखिर घरकुल का निर्माण कार्य हो गया. जबकि एक वर्ष बीत जाने के बावजूद शेष निधि नहीं मिलने से सोमेश्वर पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था. इस बीच उसने प्रधानमंत्री घरकुल विभाग में बार बार पुछताछ की. उसे अधिकारी व कर्मचारियों से कोई प्रतिसाद नहीं मिल रहा था. इसी चिंता में उसकी तबीयत बिगड़ जाने पर केटीएस जिला सामान्य अस्पताल में ले जाते वक्त हार्टअटैक आने से उसकी मृत्यु हो गई.

भंडारा (का). बारीश को शुरूआत हुई है. इन दिनों में मच्छर, मक्खियां, दूषित जल, हवामान का बदलाव, अस्वच्छता के कारण बिमारियां बढी है. जिसके चलते मरीजों की संख्या में वृद्धी हुई है. ग्रामीण अस्पताल के वैद्यकीय अधिकारियों ने जनता को आह्वान किया है कि स्वच्छता महत्व की होकर जनजागृती से स्वास्थ्य का ध्यान रखे.

मनुष्य का स्वास्थ्य प्रतिदिन ही खतरे में आ रहा है. मरीजों की श्रृंखला बढती जाने से आम मनुष्य का स्वास्थ्य संभालना मुश्किल हो रहा है. अस्वच्छता, व्यसन, भागदौड का जीवन, हवामान का बदलाव आदि के कारण कई बिमारियां घेर लेती है. पहले चरण में इन बिमारियों पर ध्यान नहीं दिया गया तो जान पर खतरा नर्मिाण होता है.

सभी लोगों ने समय पर भोजन, व्यायाम, अच्छी निंद एवं तनावमुक्त काम करने पर स्वास्थ्य अच्छा रहने में बडी मदद होती है. बारीश का पानी गटार, नालियों में जमा होने पर मच्छरों की पैदावार बढ रही है. जिससे स्वास्थ्य को खतरा नर्मिाण हो रहा है. इस ओर प्रशासन ने ध्यान देने की आवश्यकता है.

भंडारा (का). लॉकडाउन के दौरान में औसत बिजली बिल ग्राहकों को भेजने वाले बिजली वितरण विभाग ने लॉंकडाउन समाप्त होने के बाद इतना ज्यादा बिजली बिल ग्राहकों को भेजा है कि मध्यमवर्गीय तो क्या धनाड्य परिवार के लोग भी इस बिल की धनराशि देखकर चकरा गए हैं. ग्राहकों का माथा बिजली वितरण कंपनी पर ठनका है और उन्होंने बिजली वितरण कंपनी के अधिकारियों पर गुस्सा निकालते हुए यह सवाल पूछा है कि अगर इतनी बड़ी राशि बिजली बिल पर ही खर्च कर देंगे तो परिवार का अन्य खर्च कैसे चलेगा.

हर माह औसतन 500 से 700 रूपए का बिजली बिल भरने वाले ग्राहकों के पास तीन माह का बिजली बिल 3500 रूपए का भेजा गया है. अगर बिजली बिल की बड़ी राशि का भुगतान किया गया तो महिने का अन्य खर्च कैसे भरा जाएगा, ऐसा सवाल यहां की जनता लगातार बढ़ा रही है. बिजली वितरण कंपनी से जब इस मामले में विचार-विमर्श किया गया तो कहा गया कि बिजली बिल नियमानुसार ही भेजा गया है, उसमें कोई त्रुटी नहीं है. बिजली वितरण कंपनी की ओर से ग्राहकों की समस्या को न समझने के कारण ग्राहकों में भयंकर रोष उपजा और लोगों ने वद्यिुत विभाग कार्यालय की तुगलकी नीति का खुला विरोध किया है.

विगत 25 मार्च से कोरोना को लेकर लॉकडाऊन शुरु किया गया था. बिजली वितरण कंपनी ने इस दौरान मीटर की रीडिंग नहीं ली थी और अप्रैल तथा मई माह के औसत बिल भेजे. खास बात यह है कि बिजली वितरण कंपनी ने जिन लोगों पर बिजली बिल ग्राहकों तक भेजने की जम्मिेदारी सौंपी है, वे लोग अपनी जम्मिेदारी अच्छी तरह से नहीं निभा रहे हैं, इसीलिए तो कुछ ग्राहकों को बिल मिले तो कुछ ग्राहकों को अभी तक बिल नहीं मिले हैं. जिन ग्राहकों को बिल मिले हैं, वे उसमें अंकित राशि को देखकर उनका माथा ठनका तो जन्हिें अभी तक बिजली का बिल नहीं मिला है, वे यह सोच-सोच कर परेशान हैं, उनके बिल में भुगतान धनराशि कितनी है. जून माह का जो बिल ग्राहकों के हाथ में आया है, उसमें अंकित राशि अच्छो-अच्छों का होश उड़ाने के लिए काफी है.

 

शंकरपुर. पिछले वर्ष मोटेगांव से किटाली तक सड़क निर्माण कार्य मंजूर हुआ था. जिसके पश्चात सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ. परंतु पिछले 7 महीनों से सड़क का कार्य बंद है. सड़क के खुदाई किए जाने से वाहनों की आवाजाही हेतु वाहन चालकों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है. कई बार हादसों की संभावना जतायी जाती है. इस हेतु जल्द से जल्द सड़क की शुरूआत करने की मांग की जा रही है. 

मोटेगांव से शंकरपुर तक निकलने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है. यह मार्ग बनाने के लिए पिछले कई महीनों से एक ओर से सड़क खुदाई कर रखी है. साथ ही कछुआ गति से कार्य चल रहा है. 

पिछले 7 महीनों से काम बंद
पिछले 7 महीनों से कार्य बंद अवस्था में है. ठेकेदार कार्य अधूरा छोड़कर गायब है. सड़क निर्माण कार्य अधर में छोड़ देने से नागरिक, वाहनचालक, किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क खोदने से किसानेां को गड्ढों से खेतों तक जाना पड़ रहा है. वाहनों की आवाजाही से सड़क के किनारे धूल व  कीचड़ का सामना करना पड़ रहा है. इस संदर्भ में संबंधित विभाग ने गंभीर दखल लेते हुए डोमा, नवतला वासियों को जल्द से जल्द काम की शुरूआत कर सड़क निर्माण कराने की मांग ग्रामीणवासी कर रहे हैं. 

चंद्रपुर. प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना निधि से वड़गांव प्रभाग 8 में नांदे से चहांदे के निवासस्थान तक 10 लाख रुपये का सीमेंट कांक्रीट मार्ग मंजूर किया था. परंतु संबंधित सड़क की निधि कहीं और परावर्तित करने से सड़क के निधि की चोरी हुई है. इस संदर्भ में प्रभाग के पार्षद, कंत्राटदार व बीएन्डसी विभाग के अधिकारी इस चोरी से अंजान हैं. एकदूसरे की ओर उंगली दिखाकर जिम्मेदारी को मढ़ने का कार्य कर रहे हैं. इस मामले में वरिष्ठ स्तर पर पूंछताछ करने पर बडा मामला सामने आने की संभावना जतायी जा रही है. 

1 वर्ष के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं 
महाराष्ट्र शासन के लोकनिर्माण विभाग की ओर से वर्ग आठ व सोसायटी, सुशिक्षित बेरोजगार अभियंता तथा मजदूर सहकारी संस्था वर्ग के पंजीबध्द् ठेकेदार की ओर से आनलाइन टेंडर विज्ञापन वर्ष 2019 को एक प्रादेशिक समाचार पत्र में प्रकाशित की गयी. खनिज निधि कल्याण निधि अंतर्गत कुल 14 करोड़ 55 लाख के सड़क के कार्य के लिए टेंडर था. इसमें वड़गांव प्रभाग 8 के नांदे से चहांदे के निवासस्थान तक सीमेंट कांक्रिट मार्ग के लिए 10 लाख के निधि का ठेका मजदूर सहकारी संस्था को दिया गया. वड़गांव प्रभाग के सड़क का भूमिपूजन विधानसभा चुनाव के पहले तत्कालीन विधायक नाना शामकुले व भाजपा पार्षद देवानंद वाढ़ई तथा भाजपा पदाधिकारी की उपस्थिति में किया गया. सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की ओर वार्डवासियों की नजरे टिकी हुई थी. परंतु 1 वर्ष होने के बावजूद सड़क का निर्माण नहीं होने से परिसर के नागरिकों ने इस संदर्भ में जानकारी निकालना शुरू की. तत्पश्चात इसके पीछे बड़ा षडयंत्र होने की बात सामने आयी. 

 

नांदगाव खंडेश्वर. तहसील में सोमवार को हुई मुसलाधार बारिश के कारण खेतों में बोए गए बीज मिट्टी की परत के साथ बह गए, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है. किसानों पर दोबार बुआई की नौबत आयी है. एक ओर आर्थिक संकटों से जुझते हुए किसानों ने किसी तरह जुगाड़ कर बुआयी की. लेकिन अब इन किसानों पर फिर संकट आ गया है.

300 हेक्टेयर में क्षति
सोमवार को जिले के साथ ही तहसील के राजना काजना, कोहला जटेश्वर, सुकडी गुरव, हिवरा मुरादे, पापल गांव में भी मुसलाधार बारिश हुई. 300 हेक्टेअर से अधिक खेतों की परत इस बारिश के पानी के साथ बह गई. इस परत के साथ बोए गए बीज भी बहने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. रवींद्र मुंदे के खेत खराब होने के साथ ही खेत में लगा स्प्रिंकलर पंप, पास में रखी मिक्सर मशीन भी बह गई.  इस बारिश के कारण 5 गांव के किसान मुसीबत में है.

चांदूर बाजार. कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देकते हुए 22 मार्च से जारी लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद होने से स्कूली वैन बंद है. ऐसे में 3 माह से बेरोगजार हुए बैन चालकों व मालिकों पर भारी आर्थिक संकट गहरा गया है. ऐसे में स्कूल वाहन चालकों से वाहनों के लोन की किश्त, बीमा किश्त, रोड टैक्स, 2020-2021 के पासिंग व परमिट के नूतनीकरण शुल्क को स्थिगित किया जाए. इस मांग को लेकर चालक मालिक संघ ने तहसीलदार को निवेदन दिया है.

बीमा सुरक्षा दे सरकार
निवेदन में बताया गया है कि वैन व बसेस का नूतनीकरण नि:शुल्क किया जाए. स्कूल वाहन चालकों को सरकार बीमा सुरक्षा दे. साथ ही जब तक स्कूलें पूर्ववत नहीं होती तब तक वाहन चालकों को मासिक मानधन दिया जाए. निवेदन देने वालों में स्कूल विद्यार्थी परिवहन संघठन के तलसील अध्यक्ष रोशन देशमुख, सचिव नानासाहेब देशमुख, सहसचिव विकास गतफणे, कोषाध्याक्ष नंदकिशोर सिंगारकर, मार्गदर्शक मदन पांडूरंग तिरमारे आदि उपस्थित थे.

धारणी. कोरोना जैसी महामारी की चपेट में पूरा देश फंसा हुआ है. अन्य क्षेत्रों की तरह शिक्षा क्षेत्र भी कोरोना के कारण संकट में है लेकिन मेलघाट में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यहां के छात्रों के भविष्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. जहां पर स्कूलों के नाम पर टुटी फुटी, छतें, एक कमरे में 2 कक्षाएं एक साथ, शिक्षकों का अप-डाउन, बिजली, इंटरनेट का अभाव इन सभी के साथ किसी तरह सुरक्षित स्कूली वातारवण दिया जा सकेगा यह चिंतनिय विषय है.

नीतियों में हो स्पष्टता
कोरोना के संकट को देखते हुए स्कूलों में फिजिकल डिस्टेंसिंग, परिसर सैनिटाइज्ड कर स्वच्छ रखना अनिवार्य है. समस्याओं के जाल में उलझी इन शालाओं में यह कैसे संभव होगा. लेकन मेलघाट की स्कूलों में बारिश के मौसम में छतों से पानी टपकना, कमरो का आभाव, शौचालयों की कमी, स्वच्छ पेयजल का आभाव, सहित कई स्कूलों में और समस्याएं है. ऐसे में 15 जुलाई से स्कूलें शुरू करने का निर्णय कितना उचित होगा. यह सवाल पालक व अन्य बुद्धिजिवी उठा रहे हैं. उनका कहना है कि सबसे पहले सरकार शालाएं शुरू करने के लिए नीति तैयार करे व उसमें स्पष्टता लाए.

गडचिरोली. लोगों के मन में कोरोना का भय समाप्त हुआ दिखाई दे रहा है. मात्र वे सतर्कता बरतना छोडने न छोडे कोरोना का संक्रमण न हो इसलिए आवश्यक सतर्कता बरतना आवश्यक है. ऐसा आह्वान करते हुए जिले में कोरोना की स्थिती नियंत्रण में होकर जनजीवन सुचारू करने के लिए विशेष ध्यान देकर उपाययोजना चलाने के नर्दिेश जिले के  आपदा प्रबंधन, मदद व पुर्नवसन मंत्री तथा जिले के पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने प्रशासन को दिए है. 

जिलाधिकारी कार्यालय में आज सोमवार 22 जून को जिलास्तर के विभीन्न यंत्रणाओं का जाएजा लिया. प्रशासन सभी कार्यो को चरणबद्ध तरीके से मंजूरी दे रही है. जिले के प्रशासन, पुलिस विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अच्छे कार्य के कारण ही कोरोना को सामाजिक संक्रमण से रोकने में सफल होने की बात भी उन्होने इस समय कहीं.  बैठक में जिलाधिकारी दीपक सिंगला, पुलिस अधीक्षक शैलेश बलकवडे, जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. विजय राठोड, विधायक धर्मरावबाबा आत्राम, विधायक कृष्णा गजबे, जिप सदस्य एड. राम मेश्राम आदि उपस्थित थे. डा. नामदेव उसेंडी, आनंदराव गेडाम, हरिराम वरखडे उपस्थित थे. 

साकोली (सं). यहां के नागझीरा रास्ते पर गोपाल समाज के 11 परिवार रहते हैं. इन 11 में से 7 परिवारों को रसोई गैस के सिलेंडर प्राप्त हुए हैं. जबकि 4 परिवार अभी भी गैस सिलेंडर से वंचित हैं. गरीबी के बीच जर्जर झोपड़ियों में अपना जीवन यापन करनेवाले गोपाल समाज को अभी भी घर जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं.

इस समाज के लोगों को भरोसा है कि कोई न कोई तो उनकी मदद के लिए आगे आएगा. गोपाल समाज के कई परिवारों को केसरी कार्ड दिया गया है. बाद में इन कार्डों का रूपांतरण पीले कार्ड में नहीं किया गया. इन परिवारों को अभी तक सरकारी सस्ते गल्ले की दूकानों से अभी तक एक बार भी राशन नहीं मिला है. इन परिवारों को न तो रसोई गैस सिलेंडर मिल पा रहा है और न ही केरोसीन, इस वजह इन परिवारों को भोजन बनाना भी मुश्किल हो रहा है. समाज के लोगों ने सरकार से तत्काल मदद देने की मांग की है.

लाखनी. तहसील के मानेगांव सड़क में अवैध तरीके से मवेशियों की यातायात करनेवाला ट्रक लाखनी पुलिस ने सिनेस्टाइल से पीछा कर पकड़ा. ट्रक में 28 मवेशी थे. जिनकी कीमत 2 लाख 40 हजार रु. आंकी गयी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार आयशर ट्रक क्र. एम.एच. 40 बी.एल. 0971 यह साकोली की ओर से आने की जानकारी लाखनी पुलिस को मिली. मुंडीपार सड़क पर पुलिस दिखायी देते ही फरार हो आरोपी फरार हो गया.

पुलिस निरीक्षक दामदेव मंडलवार ने पुलिस गाड़ी पुलिसकर्मी लोकेश ढोक, गणेश बांते के साथ पीछा कर मानेगांव में पकड़ा. ट्रक की जांच करने पर उसमें 28 पाए गए. आरोपी के कब्जे से 2 लाख 40 हजार रु. के जनावर, 5 लाख रु. का ट्रक, तिरपाल 1 हजार 500 रुपए समेत कुल 7 लाख 41 हजार 500 रु. का माल जब्त किया

भंडारा (का). जिस तरह से जिले में कई प्रकार की फसलें होती हैं, उसी तरह फलों के मामले भी भंडारा जिला पीछे नहीं है. फलों का राजा आम का मौसम अब समाप्त होने को है. अक्षय तृतीय से आम खाने का सिलसिला शुरू होता है, वह वर्षाकाल के शुरू होने के कुछ दिनों बाद समाप्त हो जाता है. तरबूज तो गर्मी के मौसम में खाया जाने वाला फल है. केले को छोड़कर अन्य फलों का अपना-अपना सीजन है. इसलिए हर सीजन में आने वाले फल का विशेष महत्व होता है और जैसे ही वह फल बाजार में आता है. खरीदने वाले उसे खरीदना शुरू कर देते हैं. मानसून के सीजन में जामुन की मांग सबसे ज्यादा रहती है. मानसून के दिनों में जामुन की मांग उसी तरह बढ़ जाती है, जैसे ठंड के मौसम में चाय या गरमागरम भोजन की चाहत रहती है.

पाचक होता है फल
जामुन का फल बहुत पाचक होता है. इसलिए मानसून के मौसम में भोजन के बाद अगर जामुन खाया जाए तो हाजमा ठीक हो जाता है. जामुन डायबिटीज के रोगियों के लिए रामबाण दवा है. जामुन बहुत महंगा नहीं होता, इसलिए इसे सामान्य लोग भी खरीद सकते हैं. जिस तरह से दही-चावल खाने से हर सीजन में पेट संबंधी समस्याओं का समाधान होता है, उसी तरह मानसून काल में पेट की बीमारियों स बचने के लिए जामुन का नित्य सेवन बहुत अच्छा होता है. जिस तरह भोजन के बाद अगर अमरुद का सेवन किया जाए तो अपचन, अजीर्ण, गैस, एसिडीटी जैसी परेशानियों से मुक्ति मिलती है, उसी तरह मानसून काल में जामुन का सेवन करने का सीधा अर्थ यही है पेट की बीमारियों से मुक्ति पा लेना. 

तलोधी बा. नागभीड नगर परिषद क्षेत्र में बाघ ने हमला कर एक किसान को मार डाला और बामनी गांव के एक किसान को घायल कर दिया. दोनों घटनाएं चार दिनों के बीच होने से दहशत फैल गयी. किंतु ब्रम्हपुरी वनविभाग में बाघ को बेहोश कर पकडने की व्यवस्था न होने से अंत में चंद्रपूर ताडोबा से आये दल ने बाघ को ट्रैकूंलाइज कर पकडा और नागपुर के गोरेवाडा भेज दिया. जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.  

नागभीड शहर से सटकर जंगल है. इसके अलावा नये से घोषित झोडाझरी अभयारण्य की सीमा रेखा भी नप क्षेत्र से सटी है. घोडाझरी तालाब के चारों ओर के घने जंगलों में हिंसक जानवरों का निवास है. जहां से अक्सर हिंसक जानवर गांव तक आ जाते है. इसकी वजह से नागरिकों में सदा भय बना रहता है. 22 जून को बाघिन ने गोशाला में दो बछडों को मारा किंतु उसे खाया नहीं था. प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार बाघिन काफी कमजोर थी. उसने दो बछडों का शिकार किया और बछडे के पास बैठी थी किंतु उसे खाया नहीं. जिससे अनुमान लगाया जारहा है कि बाघिन के दांतों में कुछ तकलीफ हो सकती है. इस घटना की सूचना ब्रम्हपुरी वनविभाग को दी गई कि बामनी में बाघ है जिसे ट्रैकूंलाईज करना है किंतु उनके पास बाघ को ट्रैकूंलाईज करने की व्यवस्था न होने से शाम चार बजे से रात 10 बजे तक इंतजार करना पडा. ताडोबा से पहुंची टीम ने बाघिन को ट्रैंकूलाईज कर पिंजरे में कैद कर लिया. बाघिन को देखने वालों का भारी जमावडा लगा था. जब बाघिन को पिंजरे में कैद कर लिया गया तो लोगों ने राहत की सांस ली है. पकडी गई बाघिन काफी कमजोर होने की वजह से उसे आज नागपुर के गोरेवाडा भेजा गया है. क्योंकि बाघिन को देखने वालों का अनुमान है कि बाघिन काफी कमजोर है संभावना है कि उसने कई दिनों से कुछ नहीं खाया है. आज उसे मुर्गी खाने को दी गई तो उसे खा गई. किंतु रात में उसने दो बछडों को मारा था किंतु उसमें से एक भी नहीं खाया था. 

चंद्रपुर. किसान अपने समाज का मुख्य घटक है परंतु समाज में उन्हें दुय्यम दर्जा दिया जाता है, शासकीय कार्यालय, बैंक एवं अन्य स्थानों पर उनके कामों को प्राथमिकता नहीं दी जाती है परंतु अब किसानों को परिवार के सदस्य की तरह सम्मान मिलना चाहिए, उनकी समस्याओं का निवारण यही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए ऐसा प्रतिपादन सांसद बालू धानोरकर ने किया. वें कृषि उत्पन्न बाजार समिति चंद्रपुर के किसान निवास के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे.

इस अवसर पर सभापति दिनेश चोखारे, उपसभापति रणजीत डवरे, कांग्रेस नेता विनोद दत्तात्रय, रामू तिवारी, महेश मेंढे, चंद्रकांत गुरू, सुभाष गौर, कांग्रेस अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष एड. मलक शाकीर, अशोक मत्ते, नगरसेविका सुनीता लोढिया, अश्विनी खोब्रागडे, अनु दहेगांकर, राजेश अडूर, पप्पू सद्दिीकी, कुणाल चहारे, नागेश बोडे, गोविदा पोडे, अरविंद चवरे, विजय टोंगे, सुनील फलकाले, पवन अकतारी, नामदेव जुनघरे, रोशन पचारे, शंकर  खैरे, कवडू दिवसे, रमेश बुचे आदि की उपस्थिति थी.

इस अवसर पर सांसद बालू धानोरकर ने कहा कि कृषि उत्पन्न बाजार समिति यह किसानों के सेवा के लिए है बाजार समिति के माध्यम से किसानों का हित का कार्य होना चाहिए, चंद्रपुर के कृषि उत्पन्न बाजार समिति मेंअत्याधुनिक किसान निवास नर्मिति है. इसका लाभ किसानों को मिलना चाहिए.

गोंडपिपरी. चंद्रपुर गडचिरोली जिलों को जोडने वाला आष्टी समीप वैनगंगा नदी पर नये पुल के निर्माण हेतु मिटटी परीक्षण का कार्य शुरु हो गया है. चंद्रपुर जिले के दक्षिण दिशा से गडचिरोली को जोडने वाला यह महत्वपूर्ण पुल होने से पुल नर्मिाण की अनेक वर्षो से मांग हो रही है. पुराना पुल 6 दशक से अधिक पुराना होने से इस पुल से आवागमन खतरनाक है. उसी प्रकार की पुल की ऊंचाई कम होने से बरसात में बार बार पुल के उपर से पानी बहने पर दोनों जिले का संपर्क टूट जाता है. इसके लिए राष्ट्रीय विकास मंच के अध्यक्ष डा. भारत पांडे ने शासन से प्रयास किए, आंदोलन किए और अब उनके प्रयासों को सफलता मिली है.

बरसात के दिनों में इस पुल पर जल्दी पानी भर जाने से अनेकों बार दोनों जिले के नागरिकों को परेशानी उठानी पडती है. साथ ही राज्य परिवहन निगम से सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी होती है. बरसात के दिनों में भंडारा जिले के गोसीखुर्द परियोजना का जलस्तर बढने के बाद बांध का पानी छोडने के बाद इस नदी में बाढ आ जाती है और इस पुल के उपर से पानी बहने लगता है. जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पडता है. कई बार कुछ अति उत्साही लोग पुल पर पानी बहते हुए पुल पार करने का प्रयास करते है इसमें दुर्घटनाएं हो जाती है. किंतु नदी पर पुल बनने के बाद दोनों जिलावासियों को परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा.

इस पुल की ओर से पूर्व केंद्रीय गृहराज्यमंत्री हंसराज अहीर, पूर्व वत्तिमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने विशेष ध्यान दिया और केंद्रीय सडक परिवहन मंत्री नितन गडकरी ने पुल नर्मिाण के लिए 150 करोड रुपए गत वर्ष मंजूर किए और अब पुल नर्मिाण के लिए मट्टिी परीक्षण का काम शुरु होने से दोनों जिले के नागरिकों में हर्ष है. इसके लिए शासन से लगातार प्रयास करने वाले राष्ट्रीय विकास मंच के अध्यक्ष डा. भारत पांडे ने विशेष प्रयास किए है.

ब्रम्हपुरी. ब्रम्हपुरी तहसील में कोरोना पॉजीटीव मरीजों की संख्या नागपुर के समीपस्थ होने से आनेवाले नागरिकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए तहसील के कोरोना स्वैब जांच बढाया जाए ऐसे नर्दिेश पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने दिए. 

पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने आज तहसीलस्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर कोरोना बीमारी के संदर्भ में समीक्षा की. इस बैठक में उपविभागीय अधिकारी क्रांति डोंबे, नगराध्यक्ष रीता उराडे, मुख्याधिकारी मंगेश वासेकर, ग्रामीण अस्पताल ब्रम्हपुरी के वैद्यकीय अधीक्षक डा. सुभाष खल्लिारे, तहसीलदार विजय पवार, जिला परिषद के उपअभियंता नन्नावरे, तहसील वैद्यकीय अधिकारी डा.दुधपचारे आदि की उपास्थिति थी.

इस समय उन्होने चंद्रपुर जिले में वैद्यकीय सुविधा उपलब्ध करते हुए जिले में बड़ी प्रयोगशाला स्थापित की गई है. आवश्यकता अनुसार एवं तत्कालिक स्थिति को देखते हुए नागपुर और चंद्रपुर के प्रयोगशाला का उपयोग करने का सुझाव दिया. चंद्रपुर में पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार के प्रयासों से ढाई करोड रूपयो की स्वैब जांच की कोरोना प्रयोगशाला स्थापित हुई है. इस प्रयोगशाला के कारण चंद्रपुर जिले में स्वैब जांच रिपोर्ट तत्काल प्राप्त हो रहा है.जिले में आनेवाले प्रत्येक नागरिक की जांच गति से हो रही है. इस प्रयोगशाला का उपयोग करने के लिए उन्होने उपस्थित स्वास्थ्य अधिकारियों को नर्दिेशित किया.

इस अवसर पर खनिज निधि से तहसील में शुरू रास्ते के नर्मिाणकार्य की भी उन्होने समीक्षा की. मंजूर हुए रास्तों का तत्काल काम पूरा करने का उन्होने नर्मिाण्कार्य विभाग को नर्दिेश दिया.बारिश के पूर्व रास्तों को काम पूरा करने के लिए नर्दिेश दिए. इस समय उन्होने ग्रामीण जलापूर्ति के संदर्भ में समीक्षा की. तहसील में बंद पड़ी योजना, तकनीकी अडचन के कारण पिछड़ी योजना एवं ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कनेक्शन के कारण प्रलंबित योजना का संयोजन कर प्राथमिकता से काम करने के नर्दिेंश उन्होने दिए.

वर्धा. कोरोना वायरस के संक्रमण की पार्श्वभूमि पर अब प्रशासन फिर सख्त हो गया है. इसके तहत गत दो दिनों से नियमों का उल्लंघन करनेवालों पर कार्रवाई की जा रही है. रविवार को भी बिना मास्क लगाए घूम रहे 300 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई. रविवार को सुबह से ही शहर के विभिन्न परिसर में कार्रवाई शुरू हुई. इसके तहत विविध चौराहों पर दल तैनात है. बगैर मास्क घूम रहे तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करनेवालों पर राजस्व, नगर परिषद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की. सुबह के समय वर्धा शहर थाना के पुलिस थाना के सामने, उड़ान पुल, बोरगांव पुलिस चौकी के समक्ष, गांधी पुतला, धुनीवाले मठ चौक, इतवारा चौकी के समक्ष, रेलवे स्टेशन के समक्ष फिक्स प्वाइंट लगाकर बिना मास्क घूमनेवाले 101 लोगों खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई. उनकी ओर से 20 हजार 200 रुपए का जुर्माना वसूला गया. यह कार्रवाई पुलिस निरीक्षक योगेश पारधी, पुलिस उपनिरीक्षक चनोर, मांढरे, ज्योति देवकुले, राजू वैरागडे, श्रीवास्तव, पंचभाई, बोरकुटे, मंगेश झांबरे, बावणे, सराटे, पाईकवार, ताम्भारे, सुभाष धवड, मंगेश ने की. सोमवार को भी कार्रवाई जारी रहने की जानकारी दी गई.

सेलू में 100 के खिलाफ जुर्माना
सेलू. कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय योजना के तौर पर मास्क लगाना आवश्यक है. परंतु लोग लापरवाही बरतकर घूम रहे हैं. ऐसे 100 लोगों पर रविवार को जुर्माने की कार्रवाई की गई. इसके तहत मेडिकल चौक, विकास चौक, यशवंत चौक, रेहकी चौक में थानेदार सुनील गाडे के आदेश के तहत दंडात्मक कार्रवाई की गई

देसाईगंज. देसाईगंज-ब्रम्हपुरी मार्ग पर रविवार को सुबह के दौरान उपविभागीय अधिकारी विशाल मेश्राम ने दस्ते के साथ पीछा किया. करने वाले 3 ट्रक जब्त किए हैं. इस कार्रवाई के चलते तहसील के रेती तस्करों में खलबली मची है.

पंचनामा कर लिया हिरासत में
राजस्व विभाग को प्राप्त गुप्त जानकारी के अनुसार उपविभागीय अधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मियों के साथ देसाईगंज शहर के विर्सी चेक पोस्ट नाके पर जाल बिछाया था. रात करीब 1 बजे के दौरान 3 ट्रक आते हुए दिखाई दिए. उक्त ट्रक का पीछा करते हुए उक्त ट्रकों को रोककर जांच करने पर रेती का परिवहन होने की बात निदर्शन में आयी है. उक्त रेती की जांच करने पर रेती की अवैध रूप से तस्करी करने की बात उजागर हुई. मामले में ट्रक चालक आनंदानगर निवासी मुकेश प्रभाकर पचारे द्वारा चलाया जा रहा एम.एम.32 क्यू 5932 क्रमांक के ट्रक का पंचनामा कर हिरासत में लिया गया.

उक्त ट्रक समीउल्ला खान का है. दूसरा एम.एच. 32 क्यू 6346 क्रमांक का ट्रक अतुल अशोक भगत का बयान दर्ज कर व पंचनामा कर कब्जे में लिया गया है. ट्रक अजहर खान का है. वहीं एम.एच. 32 क्यू 6746 ट्रक का चालक अंधेरे का लाभ उठाकर घटनास्थल से फरार हो गया. जब्त किए गए तीनों ट्रक राजस्व प्रशासन के परिसर में जमा किए गए हैं. आगे की जांच शुरू है. समाचार लिखे जाने तक उक्त ट्रक में कितनी रेती थी इसकी जानकारी नहीं मिल पायी है. उक्त कार्रवाई उपविभागीय अधिकारी विशाल मेश्राम के मार्गदर्शन में नायब तहसीलदार राम नैताम, मंडल अधिकारी कावले, फुलकुंवर, पटवारी हेमंत रामटेके, चट्टे, वनकर, मगरे, कुंभरे आदि ने की.

 

आरमोरी. स्थानिय पुलिस ने शराब तस्करों से चौपहिया वाहन समेत 12 लाख 4 हजार रूपयों का माल जब्त करने घटना तहसील के कुरखेडा-वैरागड मार्ग पर पाठणवाडा गांव समीप शनिवार सुबह 4.30 बजे के दौरान घटी. उक्त मामले के आरोपीयों में गडचिरोली के रामनगर निवासी विशाल घनश्याम देशमुख (29), गोकुलनगर निवासी सोनु वामन पुल्लेवार (28) को गिरफ्तार किया गया होकर आरमोरी रोड गडचिरोली के व्यंकटेश नारायण गेहरवार (45) फरार है.

चौपहिया वाहन से शराब की तस्करी होने की जानकारी आरमोरी पुलिस को मिलते ही, पुलिस ने तहसील के कुरखेडा-वैरागड मार्ग के पाठणवडा गांव समीप जाल बिछाया. दौरान उक्त मार्ग से एमएच 29 बीसी 4398 क्रमांक की सफेद रंग की बोलेरो वाहन आते समय पुलिस को दिखाई दी. जिससे उक्त वाहन को रूकवाकर जांच करने पर वाहन से 4 लाख 55 हजार रूपयों की 65 देशी शराब की पेटीयां तथा 39 हजार रूपए किंमत के चार मोबाईल व 7 लाख 10 हजार रूपए किंमत की चौपहिया वाहन ऐसा कुल 12 लाख 4 हजार रूपए किंमत का माल पुलिस ने जब्त किया. उक्त मामले के आरोपी विशाल देशमुख, सोनू पुल्लेवार को गिरफ्तार किया गया. तो व्यंकटेश गेहरवार फरार हुआ होकर पुलिस उसकी जांच कर रही है. उक्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शैलेश बलकवडे, अप्पर पुलिस अधीक्षक डा. मोहितकुमार गर्ग, उपविभागीय पुलिस अधिकारी तथा सहायक पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन के मार्गदर्शन में आरमोरी पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक दिगंबर सुर्यवंशी, सहायक पुलिस निरीक्षक पंकज बोडसे, महिला पुलिस उपनिरीक्षक कांचन उईके, पुलिस हवालदार आनंदराव गलबले, नाईक पुलिस शिपाई लक्ष्मण नैताम, पुलिस कॉन्स्टेबल ज्ञानेश्वर सिडाम ने की.

50 लिटर महुआ शराब जब्त
आरमोरी पुलिस ने दुसरे एक कार्रवाई में आरोपी गजानन दामू मोटघरे (24) हरिदासी ऋषी धनकर (22) दोनों वैरागड निवासी होकर इनकी ओर से 10 हजार रूपयों की 50 लिटर महुआ शराब जब्त की. उक्त कार्रवाई पुलिस हवालदार केशव केंद्रे, पुलिस शिपाई दिनेश कुथे ने की. आगे की जांच नपोशी प्रकाश पेंदाम कर रहे है.

साकोली. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए देश में पिछले 3 महीनों के लॉकडाउन है. नप के तहत 477 लाभार्थियों को घरकुल मंजूर किए गए. किंतु अब तक उन्हें अनुदान वितरित नहीं किया गया है. जिसके कारण घरकुलों का कार्य अधूरा है. इसे देखते हुए तुरंत मंजूर घरकुलों का प्रलंबित अनुदान देने की मांग की गई है.

पहले चरण की मिली राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत ढाई लाख रुपये तक के खर्च का बजट वाले घरकुल मंजूर किए गए. शुरुआती कार्य पूर्ण होने पर लाभार्थियों को 40,000 से 1 लाख रुपये तक राशि दी गई. राशि मिलते ही कई लोगों ने काम के आगे के चरण की शुरुआत की. किंतु इसके बाद के चरणों की राशि नहीं मिलने के कारण घरकुलों का निर्माण अधर में है. नियम अनुसार पहला हफ्ता 40,000 रुपये, दूसरा हफ्ता 40,000 रुपये, तीसरा हफ्ता 20,000 रुपये, चौथा हफ्ता फिनिशिंग के लिए 1 लाख रुपये तथा अंतिम हफ्ते के रूप में 50,000 रुपये दिए जाते हैं.

किंतु शुरुआती राशि मिलने के बाद 477 लाभार्थियों को बाद के चरणों की राशि नहीं मिली है. केंद्र सरकार इस योजना के पैसे म्हाडा द्वारा नप, नपं एवं ग्रापं को भेजती है. लाभार्थियों ने अपने पुराने जर्जर मकानों को गिराकर घरकुलों का निर्माण शुरू किया है. बारिश शुरू होने से अब उन्हें सिर छुपाने के लिए जगह भी नहीं है. इसलिए जल्द समस्या का समाधान करने की मांग उन्होंने की है

अकोला. अकोला जिले में कोरोना संकट बढ़ता जा रहा है. पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मानव संसाधान राज्यमंत्री संजय धोत्रे ने उपरी स्तर पर बातचीत कर 36 वेंटिलेटर्स अकोला जीएमसी को उपलब्ध करवाये हैं. अब यहां वेंटलेटरों की संख्या बढ़कर 50 तक होने से स्वास्थ्य यंत्रणा और सक्षम हो गयी है. केंद्र सरकार के हेल्थ एन्ड फॅमिली वेल्फेयर मंत्रालय द्वारा अकोला के सर्वोपचार अस्पताल में 1.61 करोड़ रु. मूल्य के वेंटिलेटर्स उपलब्ध करवाए गए हैं. इसके पूर्व अकोला में केवल 14 वेंटिलेटर्स थे. वेंटिलेटर्स की उपलब्धता से अब पॉजिटिव मरीजों की मृत्यु दर में कमी होने की संभावना है.  

दर्यापुर. सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा पहली से 8 वीं तक के छात्रों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण आरंभ हो चुका है. तहसील की 129 जिला परिषद व 13 नगर पालिका व 81 निजी शालाओं के कुल 12,292 विद्यार्थियों को यह पुस्तकें वितरित की जा रही है. कोरोना से सतर्कता अमल में लाते हुए इन पुस्तकों को सैनिटाइज्ड किया जा रहा है.

स्कूलें खुलने के पहले दिन देंगे
प्राथमिक शिक्षा पर जोर देने के लिए सरकार द्वारा नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण किया जाता है, जिसके तहत इस बार तहसील में 129 जिप, 13 नप व 81 निजी शालाओं के कक्षा पहली से 8 वीं तक के छात्रों को यह पुस्तक दी जाएगी, जिसका पूरी तरह नियोजन हो चुका है. पुस्तकों के सेट शालाओं में पहुंचाए गए हैं. नए सत्र में स्कूलें खुलने के पहले ही दिन छात्रों को पुस्तकें उपलब्ध की जाएगी.

अमरावती. जून माह में भी संभाग के अनेक गांवों को जलसंकट से जुझना पड रहा है. 56 गांवों में टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है. गर्मी के दिनों में भूजलस्तर गिरने से कई कुएं भी सुख गए है. संभाग के पांचों जिलों के जलाशयों में भी केवल 32.99 प्रतिशत जलभंडार है. हालांकि राहत की बात है कि मानसून ने तय समय पर दस्तक दी है. लेकिन जलकल्लित से निजाद पाने तथा खरीफ बुआई के लिए प्रर्याप्त बारिश की आवश्यकता है.

अप्पर वर्धा प्रकल्प लबालब
21 जून की सिंचाई रिपोर्ट के अनुसार संभाग के सबसे डैम अप्पर वर्धा प्रकल्प में 51.18 प्रतिशत जलभंडार है. 564.05 दशलक्ष घनमीटर (दलघमी) क्षमतावाले इस डैम में 288.68 दलघमी जलसंचय है. संभाग में कुल 9 बडे, 25 मध्यम तथा 477 लघु प्रकल्प है. 1319.91 दलघमी क्षमतावाले 9 बडे प्रकल्पों में 41.88 प्रतिशत याने 586.23  दलघमी जलभंडार है. जबकि 733.15 दलघमी क्षमतावाले मध्यम प्रकल्पों में 35.08 प्रतिशत याने 257.19 दलघमी जलसंचय है. लेकिन लघु प्रकल्पों में केवल 20.85 फिसदी ही पानी शेष है. 1150.54 दलघमी क्षमतावाले 477 लघु प्रकल्पों में 239.84 दलघमी जल है.

वाशिम में सबसे कम
पांचों जिलों में सर्वाधिक जलसंचय 42.89 प्रतिशत संभागीय मुख्यालय अमरावती जिले में है. यवमताल जिले में 31.66 प्रतिशत, बुलढाणा जिले में 30.63 प्रतिशत तथा अकोला जिले में 28.71 प्रतिशत जलभंडार है. संभाग में सबसे कम जलसंचय वाशिम जिले में मात्र 19.86 प्रतिशत है. 

एटापल्ली. महिला व बालकल्याण विभाग अंतर्गत एटापल्ली तहसील के अंगणवाडीयां व घरपोच आपूर्ति किया जानेवाला पोषाहार घटिया स्तर का पाए जाने से तहसील में खलबली मची है. इस घटिया पोषाहार आपूर्ति से नौनिहाल बालकों के साथ गर्भवति महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड किए जाने की स्थिती तहसील में देखने को मिल रही है.

कुपोषण की समस्या हल कर माता-बालमृत्यू रोकने के लिए सरकार द्वारा पोषाहार की आपूर्ति करने की योजना चलाई जा रही है. मात्र एटापल्ली तहसील के अंगणवाडी केंद्रो को आपूर्ति होनेवाला पोषाहार घटिया स्तर का होने से सरकार से उक्त योजना व उद्देश पर ही पानी फिरता नजर आ रहा है. महिला व बालकल्याण विभाग अंतर्गत अप्रैल, मई, जून व जुलाई इन 4 माह का पोषाहार अंगणवाडीयों को आपूर्ति किया जा रहा है. मात्र आपूर्ति किया जानेवाला पोषाहार यह घटिया स्तर का पाया गया है. पोषाहार में गेहु, चावल, तुअर दाल, हल्दी, तेल, मर्चि पावडर, नमक आदि पाकीटबंद साहत्यिों का समावेश है. मात्र तहसील के अंगणवाडी केंद्र को आपूर्ति किया जानेवाला तेल व घरपोच आहार घटिया स्तर का पाया गया है. इसमें समयावधि समाप्त होनेवाले तेल व पाकिटबंद आहार पर उत्पादन तिथी व कालबाह्य की तिथी का भी उल्लेख  नहीं होने का दिखाई दे रहा है. पोषाहर आपूर्ति करने के पूर्व संबंधित प्रकल्प को नमुना (सॅम्पल) दिखाना अनिवार्य है. मात्र एटापल्ली के एकात्मिक बाल विकास कार्यालय की ओर किसी तह के नमुने नहीं होने की जानकारी आगे आयी है. 

संबंधित आपूर्तिधारक द्वारा संपूर्ण जिले में पोषाहार की आपूर्ति होने की बात कहीं जा रही है. इस मामले की वस्तिृत जांच कर संबंधित ठेकेदार को काली सुची में डालकर आपूर्तिधारक बदलने की मांग की जा रही है. 

गडचिरोली. भामरागड तहसील के ताडगाव पुलिस मदद केंद्र में कार्यरत महिला पुलिस सिपाही का विनयभंग करने के मामले में भामरागढ पुलिस थाने में ताडगाव पुलिस मदद केंद्र के प्रभारी अधिकारी पर विनयभंग व अनुसूचित जाति, जनजाति प्रतिबंध कानुन के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामला दर्ज किए प्रभारी पुलिस अधिकारी का नाम पीएसआई समीर शिवराम दाभाडे (31) है. इस घटना से पुलिस विभाग में खलबली मची है. 

महिला पुलिस सिपाही द्वारा किए गए शिकायत के अनुसार 30 मई को शाम के दौरान पिडीत महिला पुलिस सिपाही मोर्चा क्र. 1 व 5 पर गार्ड ड्यूटी कर रही थी. इस दौरान प्रभारी अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक दाभाडे वहां गए. इस दौरान पीएसआई दाभाडे ने महिला पुलिस कर्मी को अश्लिल शब्दों में बोल रहे थे. जिससे उक्त महिला पुलिस कर्मी ने इसका विरोध करने पर पीएसआई दाभाडे ने महिला पुलिस सिपाही का हाथ पकडकर विनयभंग किया. ऐसी शिकायत पिडीत महिला पुलिस सिपाही ने भामरागढ पुलिस थाने में दर्ज की. उक्त शिकायत पर प्रभारी पुलिस अधिकारी दाभाडे पर धारा 354 (अ), 354 (ड), 509 भादवि सहधारा 3 (2), (2) (द्बद्ब) , अनुसूचित जाति, जनजाति प्रतिबंध कानुन के अनुसार मामला दर्ज किया गया है. मामले की जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी डा. कुणाल सोनवणे कर रहे है. 

गोंदिया. ग्रामीण पुलिस स्टेशन द्वारा गोरेगांव तहसील अंतर्गत ग्राम गणखैरा में 19 मई को 1 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर गणखैरा को इपीक सेंटर बनाने के बाद कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया था. इस ग्राम से जुडे़ सभी मार्गो को बंद कर बेरिकेट्स लगा दिए गए थे. जिससे ग्रामवासियों सहित बाहर गांव के भी आने जाने वाले राहगिरों को परेशानी हो रही थी. लेकिन 19 जून को ग्रामीण पुलिस स्टेशन के पुलिस कांस्टेबल शेखर खोब्रागडे के नेतृत्व में पुलिस कर्मचारियों ने गणखैरा में लगे बेरिकेट्स को आवागमन के लिए खोल दिया है. इसमें रेलवे चौकी, हरिदास भवरजार हायस्कूल, पुरगांव मार्ग व ग्रापं परिसर में बेरिकेट्स लगाए गए थे. सरपंच धाराबाई तुप्पट, उपसरपंच लिखन पारधी, ग्रापं सदस्य व अन्य नागरिक उपस्थित थे.

तिरोड़ा. शहर में रानी अवंतीबाई चौक से रेलवे स्टेशन जाने वाला मार्ग सीमेंट का बना है जो रास्ते के दोनों ओर के मकानों से लगभग 2 से 3 फुट ऊंचा है. मार्ग बनने से पूर्व दोनों ओर के मकानों का पानी मार्ग से बह जाता था, किंतु सीमेंट मार्ग ऊंचा होने से अब इन मकानों का पानी रास्ते से बहने की जगह उन्हीं के मकानों में घूसेगा. ऐसे में ऊंचाई वाले रास्ते पर जमा पानी निकासी की व्यवस्था के लिए नाली का निर्माण कार्य शीघ्र होना चाहिए. कोरोना की वजह से निर्माण कार्य में शिथिलता आई है.

घरों में पानी घुसने का भय
तब इस क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बारिश का पानी निकासी के लिए कच्ची नाली खोदकर जगह के ढलान को देखते हुए बारिश पूर्व ढलान की ओर इस कार्य को पूरा किया जाए. अन्यथा बारिश का पानी घरों में जाएगा. इसी रास्ते के दूसरी ओर धामेचा श्रृंगार से चांदसी अस्पताल तक सीमेंट मार्ग के प्रावधान के साथ पानी निकासी के लिए नाली की व्यवस्था नहीं की गई थी और फरवरी माह में हुई बेमौसम बारिश का पानी अमृतलाल असाटी के मकान में चला गया. जिसका निरीक्षण व सहायता के लिए पार्षद अशोक असाटी, राजेश गुणेरिया, रश्मी बुराडे वहां पहुंचे. 

नप से ठोस कदम उठाने की मांग
उन्होंने व्यवस्था पर आरोप लगाते हुए कहा कि रास्ते के साथ नाली बनाने का प्रावधान स्टीमेट में नहीं था. यह सुनकर लोग आश्चर्य रह गए. अब लोगों के मकानों का पानी कहां जाएगा. पश्चात मुख्याधिकारी व नगराध्यक्ष को घटना की जानकारी दी गई. जिस पर दोनों ने नाली बनाने पर सहमति दर्शाई. कोरोना के चलते वर्तमान में इन निर्माण कार्यो की गति धीमी हो गई है. रास्ते के बाजू वाले मकान मालिकों का कहना है कि बारिश के पूर्व कच्ची नाली बना दी जाए. जिससे रास्ते से बहने वाला पानी भी इन कच्ची नालियों से बाहर निकल जाएगा. नप प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई करने की मांग नागरिकों की ओर से की जा रही है.

भंडारा. कोरोना लॉकडाउन के कारण दूकान बंद होने से कई छोटे व्यवसायी इस चिंता में पड़े हैं कि दूकान का किराया कैसे दें, नोकरों का वेतन, घर कैसे चलाएं. अगर दूकान को खोला गया तो जुर्माना लगेगा. ऐसी स्थिति में सलून व्यवसायियों के साथ अन्य लघू व्यवसायियों की हालत खराब है. व्यवसाइयों के सब्र का बांध अब टूटता जा रहा है. इसी चिंता में पड़े एक सलून व्यवसायी ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदहन का प्रयास किया.

3 माह से लॉकडाउन
सरकार ने 23 मार्च से लॉकडाउन घोषित किया है. लगभग 3 महीने बित चुके हैं. शुरूआत में घर में होनेवाले पैसों से कुछ दिनों तक घर चलाया गया, किंतु अब पैसे समाप्त हो गए. कोई उधार देने के लिए भी तैयार नहीं है. ऐसे में सरकार ने कुछ व्यवसायियों को नियम एवं शर्तों के साथ दूकान खोलने की मंजूरी दी, लेकिन सलून तथा पानठेला एवं चाय टपरी पर अब भी प्रतिबंध है. 

बुधवार को खोली दूकान
3 महीनों से आर्थिक चिंता में डूबे भंडारा के प्रमोद केसलकर ने बड़ी हिम्मत के साथ अपना सलून बुधवार को खोला था. इस दुकान में दिनभर ग्राहकों की भीड़ नहीं थी. ऐसे में शाम होते ही नप की टीम आ पहुंची एवं सवाल पूछने लगी. उस पर 5 हजार रुपए जुर्माना लगाने को कहा गया. जिससे प्रमोद चिंता में पड़ गया कि पहले ही घर में खाने को कुछ नहीं ऐसे में 5 हजार रू. जुर्माना कहां से भरे.  

सरकार करे मदद
प्रमोद जैसी स्थिति सभी व्यवसायिकों की है. कई व्यवसायी अब मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं. कई लोगों के सब्र का बांध अब टूटता जा रहा है. ऐसे में प्रशासन ने एक तो ऐसे व्यवसायियों को कुछ शर्तों एवं नियम के आधार पर व्यवसाय शुरू करने की मंजूरी देनी चाहिए या प्रतिमाह परिवार का जीवनयापन कर सके इतने पैसे देने चाहिए. 

दर्ज हुआ मामला 
आर्थिक चिंता में आत्महत्या का कदम उठाने के प्रयास में राजीव गांधी चौक के सलून व्यवसायी रवींद्रनाथ टैगोर वार्ड निवासी प्रमोद केसलकर (35) के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है. उसने नप. की टीम के सामने ही एक बोतल से अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदहन का प्रयास किया था. इस मामले में नप के अधिकारी खुशाल कलंबे ने शिकायत दर्ज की है. 

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पवनी (का). भंडारा जिले के अन्य स्थानों की तरह पवनी में भी मानसूनी वर्षा ने दस्तक दे दी है. पवनी तहसील में हर वर्ष ग्रीष्मकालीन धान की फसल ली जाती है. यहां की अनेक गांवों की कृषि जमीन काली उर्वरा है. हर वर्ष फसल के हाथ में आते ही प्रकृति कोप बरपता है. इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है.

पहले से ही कर्ज के बोझ के तले किसानों को सरकार की ओर से कर्जमाफी देने की घोषणा करने से राह तो मिली पर प्रत्यक्ष रूप से किसानों को कुछ नहीं मिला. कुछ फसलें खेतों में तैयार हैं, लेकिन उनकी कटाई अभी तक नहीं की गई है. देश का अन्न उत्पादक परेशानी में है. कोरोना काल में उसकी समस्या ने और विकराल रूप धारण कर लिया. प्रकृति की अवकृपा के कारण किसानों को जब आर्थिक संकट से जूझना पड़ता है तो उनकी व्यथा और बढ़ जाती है.

अकोला. हर वर्ष बारिश के मौसम में महानगर में अनेक क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण महानगर में अनेक क्षेत्रों में बारिश का पानी भर जाता है. जिसके कारण लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो जाता है और लोगों के हाल बेहाल हो जाते हैं. विशेष रुप से महानगर के पुराना शहर क्षेत्र की तमाम बस्तियों में लोगों को बारिश के मौसम में हाल बेहाल हो जाते हैं. पिछले वर्ष पुराना शहर के डाबकी रोड़ मुख्य मार्ग पर ही बारिश का इतना पानी जमा हो गया था कि जिसके कारण यातायात काफी समय के लिए जैसे रुक गया था और लोगों को डाबकी रोड़ पर वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया था. इसके बाद भी काफी समय तक पुराना शहर की सड़कों पर काफी पानी जमा हुआ था. लोगों को पानी में से वाहन चलाकर निकलना पड़ रहा था.

इसी तरह पुराना शहर में रेणुका नगर, लक्ष्मी नगर, कॅनॉल मार्ग और बालापुर नाका परिसर में कई लोगों के घरों में भी पिछले वर्ष पानी घुस गया था. क्योंकि यहां पर बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं थी. इसी तरह कौलखेड़ क्षेत्र में भी अनेक बस्तियों में पानी जमा हो जाने के कारण लोगों को तकलीफ हुई थी. यह उल्लेखनीय है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में महानगर के अनेक मुख्य मार्गों पर भी पानी की निकासी न होने के कारण यातायात प्रभावित होता है. इस तकलीफ से महानगर के लोगों को हर बारिश के मौसम में गुजरना पड़ता है. महानगर में अनेक क्षेत्रों में सड़कों का नर्मिाण बराबर न किए जाने के कारण भी उस सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो जाता है और लोगों को उसी पानी में से अपने वाहन चलाने पड़ते हैं. क्योंकि इसके अलावा लोगों के पास और कोई विकल्प नहीं है.

 

शंकरपुर. रेत व सागौन तस्करी का मामला उजागर करनेवाले वनविकास महामंडल के वनपरिक्षेत्र अधिकारी रमेश बलैय्या का वनविभाग वरिष्ठ अधीकारीयों ने तबादला कर दिया. संबंधित वनअधिकारी ने रेत व सागौन तस्करी में कई टैक्टर व अवैध सागौन जब्त किए थे. रेत व सागौन तस्करीयों की साझगांठ के चलते वरिष्ठ अधिकारीयों ने संबंधित अधिकारी को बली का बकरा तो नही बनाया ऐसी चर्चा विभाग तथा परिसर के नागरिकों में चल रही है. ऐसे में वनपरिक्षेत्र अधिकारी रमेश बलैय्या का तबादला रदद करने की मांग परिसर के नागरिकों द्वारा की जा रही है. 

चिमुर तहसील क्रांतीविरों की भुमी से परिचीत है. इस भुमी से ताडोबा व्याघ्र प्रकल्प नजदिक होने से यहां के जंगल व वन्यप्राणीयों का संरक्षण यहां के वनअधिकारीयों का पहला कर्तव्य है. चिमुर वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले उपक्षेत्र खडसंगी में पिछले कुछ वर्ष पहले नियुक्त हुए वनपरिमंडल अधिकारी रमेश बलैय्या ने खाकी वर्दी के कर्तव्य को समझते हुए जंगल परिसर में बनों का संरक्षण, पर्यावरण का संतुलन, अवैध रेत उत्खनन, सागौन तस्करी करनेवालों पर अंकुश लगाने के लिए शुरूवात की. जिससे कुछ ही दिनों में वनअधिकारी ने दबंग अधिकारी नाम से प्रचलिए हुए. उन्होने अवैध रेत यातायात करनेवालों पर कार्रवाई करते हुए टैक्टर जब्ती कर तथा हाथभट्टी से शराब निकालनेवालों पर कार्रवाई करते हुए जंगल तथा वन्यप्राणियों की शिकारीयो से सुरक्षा करना शुरू की. इसी दौरान अवैध सागौन तस्करी जंगल में वृक्ष कटाई के उजागर किए. कर्तव्य को निभाते हुए उन्होने अवैध रेत तस्करी, सागौन तस्करी पर नर्बिंध लगाया. जिसके चलते अवैध रेत तस्कर तथा सागौन तस्करों के लिए वनअधिकारी रमेश बलैय्या मार्ग का काटा लगने लगा. इन मामलों में कई बडे प्रतष्ठिीतों का भांडा फुटनेवाला था इसलिए वरष्ठि अधिकारीयों ने साझगाठ कर वन परक्षिेत्र अधिकारी रमेश बलैय्या का कुछ ही दिनों में तबादला किया गया. 

चुरणी. 8 माह के मासूम बच्चे को गर्म दराती के चटके देने की सनसनीखेज घटना चिखलदरा तहसील के बोरद्धा गांव में घटी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार के 8 महीने के शाम सज्जु तोटा को बीते 8 दिनों से खांसी, बुखार था. साथ ही उसका पेट फूल गया था, जिसे आदिवासी संस्कृति में ‘फोपसा’ भी कहते है. इस मासूम की मां जानु सज्जु तोटा के अनुसार दाई झनकाय कास्देकर ने 16 जून की सुबह इसे गर्म दराती के चटके दिए थे. 

झुलसने के जख्म
बच्चे के पुरे पेट पर झुलसने से अनेक जख्म हो गए है. घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने तोटा से संपर्क जानकारी ली तथा चुरणी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के वैद्यकीय अधिकारी डा. आदित्य पाटिल ने बच्चे को चुरणी ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. 

अंधश्रद्धा का मामला
प्राथमिक दृष्टि से यह प्रकरण अंधश्रद्धा का मामला माना जा रहा है. इस प्रकार चटके देने को आदिवासी संस्कृति में ‘डम्बा’ कहते है. यह मामला अंधश्रद्धा का होने से तूल पकड़ता जा रहा है.

टाकरखेडा शंभु. नियम के अनुसार कृषि विभाग द्वारा प्रमाणित बीज ही किसानों को बेचे जाने चाहिए, लेकिन इन दिनों अमरावती कृषि उपज मंडी समिति परिसर से एक अढ़त व्यापारी के माध्यम से 30 किलो की पैकिंग तैयार कर तुअर और सोयाबीन के अप्रमाणित बीज की खुलेआम बिक्री की जा रही है. इस मामले में संचालक श्याम देशमुख ने बाजार समिति से शिकायत की, जिसके बाद बाजार समिति सचिव ने तत्काल दखल लेते हुए इस दूकान को भेट दी. यहां से अप्रमाणित बीजों की बिक्री के तथ्य उजागर हुए. इस दूकान से दस्तावेज जब्त कर अढ़त व्यापारी डीके सोनी को नोटिस दी गई. लेकिन कृषि विभाग द्वारा इस दिशा में कोई कार्रवाई न किए जाने से विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है.

बगैर अनुमति करोड़ों के बीज बिक्री
एपीएमसी में से खरीदे गए अनाज की 30 किलो की पैकिंग कर बगैर अनुमति के करोड़ों की बीज बिक्री की जा रही है. यह गंभीर बात है. मैं जिलाधिकारी व कृषि अधिकारी के पास शिकायत करुंगा-श्याम देशमुख संचालक, बाजार समिति

नहीं कर सकते कारवाई
जब तक किसी भी प्रतिष्ठान से लेबल लगाकर अप्रमाणित बीजों की बिक्री नहीं की जाती, तब तक विभाग कार्रवाई नहीं कर सकता. एपीएमसी में भी कोई लेबल नहीं था.

अमरावती. आय से अधिक संपत्ति के मामले में नामजद नगर रचना विभाग के सहसंचालक हनुमंत नाझिरकर के खिलाफ पूना में एसीबी ने कार्रवाई कर अलंकार पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया है. सहसंचालक हनुमंत नाझिरकर के पास अमरावती विभाग के 5 जिलों की जम्मिेदारी है, जन्हिोंने पुना तथा सातारा में 8 स्थानों पर संपत्ति जमा की है.

नाझिरकर अमरावती विभागीय कार्यालय में वर्ष 2014 से कार्यरत है. इससे पहले यहां डेप्युटी डायरेक्टर पद पर देवरी नामक अधिकारी थे. जिनके तबादले के बाद नाझिरकर सहसंचालक पद पर यहां ज्वाइन हुए. विकास योजनाओं का प्रारुप तैयार करने तथा शासनस्तर पर भेजने का काम नगर रचना विभाग का है.

यह विभाग के प्रशासकीय जम्मिेदारी व संचालक नाझिरकर के पास थी. लॉकडाउन के कारण नगर रचना विभाग में काम बंद है. इस दौरान 3 महीने से नाझिरकर पूना में है. बीच-बीच में वह अमरावती कार्यालय में आते थे. 1 से 5 जून के दौरान वेतन बिल संबंधी हस्ताक्षर करने के लिए नाझिरकर अमरावती कार्यालय आए थे.

अकोला. सरकार ने तुअर और चने की खरीदी के लिए नाफेड को 16 जून की अंतिम तिथि दी थी लेकिन इस अवधि तक सभी किसानों का चना खरीदना असंभव रहने से किसानों की मांग को देखते हुए सरकार की ओर समयावधि बढ़ाने का प्रस्ताव प्रेषित किया गया था जो मंजूर हो गया है. अब आगामी आदेश तक चने की खरीदी करने के लिए समयावधि बढ़ाकर दिये जाने की जानकारी जिला उप निबंधक डा.प्रवीण लोखंडे ने दी है. सरकार की ओर से नाफेड मार्फत तुअर व चना की खरीदी शुरु किए जाने से किसानों को उचित दाम मिल रहे हैं.

लेकिन खरीदी के लिए आने के बाद तांत्रिक बाधाएं व मानव बल की कमी को देखते हुए नाफेड द्वारा धीमी गति से कृषि उपज की खरीदी की जा रही है जिसके कारण हजारों किसानों के पास आज भी चना उपलब्ध है. अब किसानों को प्रतिदिन केवल प्रति किसान 25 क्विंटल चना बेचने की अनुमति दी गयी है. जिसके कारण कई किसानों को अपना चना बेचने में 2-3 दिन का समय लग जाता है. यह शर्त रद्द करने के संदर्भ में अब तक नर्दिेश प्राप्त न होने की जानकारी जिला उप निबंधक डा.प्रवीण लोखंडे ने दी है. 

चंद्रपुर. लॉकडाऊन होने से ग्राहकों को बिजली बिल भरने का अवसर नहीं मिल पाया परंतु इस दौरान महावितरण ने ग्राहकों के हित के लिए बिजली आपूर्ति शुरू रखी थी. अब तीन महीने बाद लॉकडाऊन में शिथिलता मिलने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली बिल  भेजे जा रहे है जिसमें कुल तीन महीने का बिजली बिल एक साथ आने से उपभोक्ताओं की हालत पतली हो गई है. अधिकांश उपभोक्ता इस समय आर्थिक संकट से जूझ रहे है. उनके लिए एक साथ बिजली बिल अदा करना संभव नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में सभी उपभोक्ताओं द्वारा बिजली बिल माफ करने या कम से कम किस्तों में बिजली बिल भरने की मांग उठ रही है.

बिजली उपभोक्ताओं को एकसाथ तीन महिने का बिजली बिल भेजा गया है. जिसकी राशि अधिकांश उपभोक्ता के एक महीने के वेतन इतनी है ऐसे में उपभोक्ता परिवार का पेट पाले कि बिजली बिल अदा करें ऐसी स्थिति निर्माण हो गई है. आनेवाले समय में विद्यार्थियों के दाखिले से लेकर पढाई का खर्च भी अभिभावकों को वहन करना है. लॉकडाऊन ने हर किसी की कमर तोड़ दी है. लोग आर्थिक तंगी से गुजर रहे है. ऐसे में बिजली बिल कैसे अदा करे यह चिंता सता रही है. अनेक लोगों का रोजगार ठप्प है. लोग रोजगार की तलाश में भटक रहे है. इस संकट की स्थिति में महावितरण कंपनी उपभोक्ताओं के साथ रियायत बरतते हुए या तो उनका पिछला बिजली बिल माफ कर दे या फिर उनके बिजली बिल में रियायत दे. ऐसी मांग की जा रही है.

ब्रम्हपुरी. गोंडवाना विश्वविद्यालय ने प्राध्यापक एवं सहयोगी प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक पद के 36 रिक्त पदों के लिए 20 मार्च को विज्ञापन जारी कर आवेदन मंगाये गए थे. परंतु विज्ञापन में ओबीसी प्रवर्ग के लिए एक भी जगह नहीं होने पर ओबीसी समाज में काफी नाराजी थी इसलिए गोंडवाना विवि के सिनेट सदस्य एवं स्थायी समिति सदस्य एड. गोविंदराव भेंडारकर, ओबीसी महासंघ के अध्यक्ष बबनराव तायवाडे, प्रवीण घोसेकर, विशाल पानसे एवं अन्य ने मुंबई उच्च न्यायालय के नागपुर खंडपीठ में याचिका दायर की थी. 

इस याचिका पर न्यायाधीश रवि देशपांडे एवं न्यायाधीश विनय जोशी की खंडपीठ ने प्राध्यापकों की भरती प्रक्रिया की नियुक्ति को मंगलवार 16 जून को स्थगित दी है. इस संदर्भ में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के अध्यक्ष डा. बबनराव तायवाडे, उपाध्यक्ष प्रा. शेषराव येलेकर एवं एड. गोविंद भेंडारकर ने सरकार से पत्राचार किया. याचिकाकर्ताओं की ओर से एड. पुरूषोत्तम पाटिल एवं विश्वविद्यालय की ओर से भानुदास कुलकर्णी, एड. नीरजा चौबे ने कार्य संभाला.

अमरावती. बडनेरा में अनलॉक के बाद कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या 35 से अधिक हो चुकी है. इसके बाद भी संख्या बढ़ने की संभावना अधिक रहने होने के चलते बडनेरा के सभी पार्षदों ने जिलाधिकारी शैलेश नवाल व निगमायुक्त प्रशांत रोडे को ज्ञापन सौंपते हुए 8 दिनों तक सख्ती से लॉकडाउन करने की मांग की है.

बढ़ते मरीजों पर जताई चिंता
पार्षदों ने बताया कि लॉकडाउन शिथिल होने के पश्चात 8-10 दिनों में बडनेरा संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. बडनेरा नगरपालिका भले ही महानगरपालिका में विलीन हुई है, लेकिन आज भी बडनेरा में घनी बस्ती रहने से मकान एक-दूसरे से सटे हैं. सभी व्यवहार पूरी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों की तरह ही होते है. 80 प्रतिशत लोगों के मकान घनी बस्तियों में है, जिससे कोरोना फैलने का खतरा रहता है, उसमें भी अधिकांश क्षेत्र झुग्गियों का है, जिससे परिस्थिति प्रशासन के हाथों से भी निकल जाने का डर है. इसलिए लॉकडाउन लगाये, ऐसा अनुरोध किया गया है.

पुलिस प्रशासन का भी हो सहयोग
लॉकडाउन करते समय पुलिस प्रशासन का विशेष सहयोग होना जरुरी है. तभी उस लॉकडाउन को अर्थ रहेगा. क्योंकि आम नागरिक जरुरतों के अनुसार बाहर निकलते है. इसलिए आपत्ति व्यवस्थापन कानून 2005, महामारी प्रतिबंधक कानून 1897 के अनुसार बडनेरा शहर में सख्ती से लॉकडाउन करने की मांग पूर्व स्थायी समिति सभापति पापे ठाकुर, पार्षद प्रकाश बनसोड, ललीत झंझाड, इमरान अब्दुल सईद, मोहम्मद साबीर, पार्षद गंगा अंभोरे, इशरत बानो मन्नान खां, रुबिना तब्बस्सुम हारुण अली, जावेद मेमन ने की.

मोहाडी. भंडारा जिले के सेवानिवृत्त शिक्षकों को ग्रेच्युटी की आसान सुविधा दी गई है. 42 शिक्षकों के बैंक खातों में शीघ्र ही 2 करोड़ 57 लाख रु. जमा किए जाएंगे. भंडारा जिला मुख्याध्यापक संघ ने यह मांग रखी थी. इसके लिए माध्यमिक शिक्षाधिकारी के कार्यालय में मुख्याध्यापक संघ के पदाधिकारियों की एक सहविचार बैठक आयोजित की गई थी.

बैठक में शिक्षाधिकारी दिलीप वाघाये, उपशिक्षणाधिकारी डा. महेंद्र गजभिये, उपशिक्षणाधिकारी देवेंद्र शेंडे, अधीक्षक राजेंद्र कोवे, विस्तार अधिकारी नितिन वाघमारे, संघ के अध्यक्ष राजकुमार बालपांडे, सचिव जी. एन. टिचकुले, अनमोल देशपांडे, राजू बांते, प्रवीण गजभिये, सुनील गोल्लर, गोपाल बुरडे, राजू भोयर, एम. यू. शेंडे, प्रमोद धार्मिक, उमेश पडोले उपस्थित थे.

 पिछले कुछ दिनों से मुख्याध्यापक, शिक्षकों के सेवानिवृत्ति मामले शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लॉकडाउन के कारण रोककर रखे गए थे. इसके लिए भंडारा जिला मुख्याध्यापक संघ की ओर से अवगत किया गया.  सहविचार बैठक में शिक्षाधिकारी दिलीप वाघाये ने बताया कि  42 शिक्षकों के बैंक खातों पर ग्रेच्युटी जमा की जाएगी. तथा सेवानिवृत्ति चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामलों को जून के अंत तक सुलझा लिया जाएगा  तथा ग्रेच्युटी के मामले प्रतिदिन 15-20 सुलझाएं जा रहे हैं. 

खामगांव. कोरोना महामारी के चलते सतर्कता बरतने हेतु सभी ओर लॉकडाउन किया गया है. इसके बावजूद भी लॉकडाउन के दौरान बेवजह बाइक पर घूमने वाले 5,176 वाहनधारकों के खिलाफ शहर पुलिस ने कार्रवाई कर 10,35,200 रु. का जुर्माना वसूल किया है. जिलाधिकारी ने लॉकडाउन के दौरान बेवजह घूमने वाले वाहनधारकों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे. अब तक ऐसे 5,176 वाहनधारकों के खिलाफ कार्रवाई कर उक्त जुर्माना वसूला है.

आदेश का हो रहा उल्लंघन
 शहर के गांधी बाग, जगदंबा चौक, अग्रेसन चौक, जलंब नाका, बस स्टैंड परिसर में पुलिस बंदोबस्त लगाकर एएसपी हेमराजसिंह राजपूत, डीवाईएसपी प्रदीप पाटिल के मार्गदर्शन में शहर पुलिस थाने के थानेदार सुनील अंबुलकर व पुलिस कर्मियों ने यह कार्रवाई की है. जिले में 31 मई से अनलॉक शुरू हुआ है. इस दौरान शाम 5 से सुबह 7 बजे तक जिलाधिकारी के आदेशानुसार धारा 144 जारी की गई है.

लेकिन इस आदेश का उल्लंघन होते हुए दिखाई दे रहा है. अब पुलिस ने शाम 5 बजे के बाद बेवजह घूमने वालों के खिलाफ धड़ल्ले से कारवाई करना शुरू किया है. नागरिक कोरोना के चलते सावधानी बरतें और नियमों का पालन करते हुए प्रशासन को सहयोग दे यह आह्वान थानेदार सुनील अंबुलकर ने किया है.

घुग्घुस. परिसर के नाभिक बंधू कोरोना केकारण पिछले तीन माह से पूरी तरह से प्रभावित है. नाभिक बंधूओं की दुकानें किराये पर होने से दुकानों का किराया, बिजली बिल, परिवार का खर्च चला पाना कठिन हो गया है. लॉकडाऊन के कारण घुग्घुस परिसर के नाभिक समाज बंधुओं के दुकानें बंद होने से उन्हें आर्थिक अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है.

नाभिक बंधुओं के सुरक्षा के लिए विधा. सुधीर मुनगंटीवार द्वारा दी गई सुरक्षा किट घुग्घुस परिसर के सभी सलून दुकान में जाकर बांटी गई.

प्रयास हेल्थ क्लब में चंद्रपुर जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष देवराव भोंगले ने नाभिक समाज बंधूओं की समस्या सुनी और उन्हें सुरक्षा किट का वितरण किया. इस समय चंद्रपुर के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष देवराव भोंगले ने नाभिक बंधूओं को सुरक्षित रहेंकर आना व्यवसाय करने की सलाह दी.

इस समय घुग्घुस भाजपा शहर अध्यक्ष विवेक बोढे, जिला परिषद महिला एवं बालकल्याण सभापति नीतू चौधरी, पंचायत समिति के उपसभापति निरीक्षण तांड्रा, ग्रामपंचायत सदस्य साजन गोहणे, सुषमा सावे, सुचिता लुटे, भाजपा नेता प्रवीण सोदारी, बबलू सातपुते, दिलीप कांबले, विनोद चौधरी, पुंडलिक उरकुडे, पांडूरंग थेरे, गुड्डू तिवारी, विनोद जिंजला, मुकेश कामतवार, शंकर नागपुरे एवं नाभिक समाज बंधू उपस्थित थे.

चंद्रपुर. जंगल से गुमराह होकर गांव की ओर पहुचे भेडकी अर्थात हिरण की प्रजात पर गांव के आवारा कुत्तों ने हमला कर मौत के घाट उतारा. यह घटना मंगलवार की सुबह मुल तहसील के मारोडा गांव में हुई.

मंगलवार की सुबह वनविभाग के बफर जोन में मौजुद मारोडा गांव जंगल से गुमराह हुए एक भेडकी गांव में पहुची. गांव में नया वन्यप्राणी दिखाई देने से आवारा कुत्तों ने भेडकी पर हमला बोल दिया. यह बात गांव के सागर थेरकर व शैलेंद्र थेरकर के ध्यान में आते ही उसे कुत्तों के चुंगूल से छुडाने का प्रयास किया गया. तत्पश्चात जखमी भेडकी को मुल के वनविभाग कार्यालय ले जाया गया. वहां उपस्थित विशेष व्याघ्र संरक्षण दल के महादेव मुंडे, सायस हाके, तानाजी कांबले, मुकेश पांडव, भोजराज दांडेकर, अतुल मोहुर्ले, वर्षा पिपरे, यामीनी पोईनकर व सपना मडावी ने जखमी भेडकी को स्थानिय पशु चिकीत्सालय में उपचार के लिए ले जाया गया. किंतु उपचार के दौरान जखमी भेडकी की मृत्यू हो गयी. मृत भेडकी करिबन डेढ वर्ष की मादी है. 

चंद्रपुर. सींदेवाही पाथरी रोड पर 3 दुपहीयां वाहनों की टक्कर में 6 जण जखमी हो गए. यह घटना मंगलवार की शाम 5.30 बजे घटी. 

सींदेवाही के पास मरेगांव में 2 दुपहीया की आमनेसामने टक्कर हो गयी. सींदेवाही तहसील के पवना पवनपार के दिलीप आत्राम (45) रामदास कोकोडे(68 ) व लता मडावी(65 ) यह सींदेवाही से श्रावणबाल योजना के पैसे लेकर सुजुकी से गाव की ओर लौट रहे थे. उसी दौरान विपरित दिशा से मुल मारोडा के सुर्यकांत शेंडे, समीर गुरनुले व जगदीश वाढई यह हिरो डिलक्स से सींदेवाही की ओर जा रहे थे. दोनो दुपहीया की आमने सामने टक्कर में हुई. जीसमें 5 गंभीर जखमी हुए. तो 1 जण जखमी हुए.

पुलिस ने घटनास्थल पहुचकर पंचनामा के पश्चात जखमीयों केा सींदेवाही अस्पताल भेजा तत्पश्चात चंद्रपुर सरकारी अस्पताल में रेफर किया. 

वरोरा. वरोरा पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक रमेश खाडे को रिश्वत प्रतिबंधक विभाग ने 10 हजार रूपयों की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई 16 जून को शाम 4  बजे की गई.

शिकायतकर्ता चंद्रपुर निवासी है जिसे पिछले दो दिनों से सहायक पुलिस निरीक्षक रमेश खाडे ने झूठे आरोप में मामला दर्ज करने की धमकी दी थी. शिकायत चंद्रपुर से नागपुर जा रहा था, वरोरा के पास दुर्घटना होने से सब इन्स्पेक्टर खाडे उसे मामला दर्ज करने की धमकी देकर पैसों की मांग कर रहे थे. शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत एसीबी में कर दी. आज मंगलवार को वरोरा के बोर्ड चौक में दोनों के बीच दस हजार के लेनदेन की बात तय थी. एसीबी की टीम ने खाडे को दस हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा. उक्त कार्रवाई एसीबी के पुलिस उपअधीक्षक अविनाश भामरे के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक वैशाली ढाले, समेत अजय बागेसर, पु.कां. रविकुमार ढेंगले, रोशन चांदेकर, वैभव गाडगे, चालक दाभाडे ने की.

अमरावती. जिला सरकारी अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर मंगलवार की दोपहर एक शराबी ने अचानक पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया. पुलिसकर्मी कुछ समझ पाता तब तक उसने हाथापाई कर घायल कर दिया. घायल पुलिसकर्मी सुनील केवतकर हैं. कोतवाली पुलिस ने आरोपी आसिफ खान वसीम खान (25 गुलिस्तानगर) को हिरासत में लिया है. मंगलवार की दोपहर यह घटना हुई. 

होमगार्ड का साथी समझकर हमला
सुनील केवतकर ग्रामीण पुलिस में कार्यरत है. वह किसी काम से जिला सरकारी अस्पताल में आया था, इस दौरान आरोपी आसिफ खान वसीम खान भी शराब पीकर जिला अस्पताल परिसर में घूम रहा था, जिसकी कुछ देर पहले एक होमगार्ड से शाब्दिक बहस हुई, जिसके बाद होमगार्ड वहां से चला गया. इस बीच होमगार्ड का साथी समझ कर वहां से गुजर रहे पुलिसकर्मी सुनील केवतकर पर उसने हमला कर दिया. यहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर कोतवाली पुलिस को सूचना दी. सूचना पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया.

अंजनगांव सुर्जी. अंजनगांव सुर्जी शहर व  ग्रामीण क्षेत्र में शहानुर प्रकल्प से जलापूर्ति की जाती है. इसके लिए परतवाड़ा अंजनगांव मार्ग से पाइप लाइन बिछाई गई है. इस पाइप लाइन में एयर पास के लिए जगह-जगह एयर कॉक लगाए गए हैं. जब से यह एयर कॉक लगाए गए हैं. तब से इसमें लीकेजेस है. लेकिन वर्षों से यह लीकेज रिपेयर ना किए जाने से अब यह पानी आस-पास के केले के बगीचों में घुसकर फसल बर्बाद कर रहा है. 

शिकायत पर नहीं गंभीर
जिससे एक ओर पानी की बर्बादी हो रही है तो वहीं वर्ष भर बगीचों में यह पानी जाने से फसले सड़ रही है. इस संदर्भ में किसान पुंडलिक नथ्थुजी अस्वार ने कई बार मजीप्रा से इसकी शिकायत की है. आस पास के कई किसानों ने भी जानकारी दी है. लेकिन मजीप्रा के अधिकारी इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. 

अनशन की चेतावनी
अस्वार का 4.5 एकड़ खेत पांढरी खानमपुर के पास है. इस पाइपलाइन का पानी खेत में जाने से 1 एकड़ खेत हमेशा खाली रहता है. पाइप लाइन की लीकेज से पानी सीधे खेत में घुसता है, जिससे किसान परेशान है. परेशान होकर अब उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनशन की चेतावनी दी है.

अमरावती. कोरोना के साथ अब शहर में डेंगू का भी खतरा बढ़ गया है. लगातार दो-तीन दिनों के अंतराल में आ रही बारिश के कारण लोगों ने अभी तक कूलर साफ नहीं किए है. ना ही उसमें पानी बदला. इतना ही नहीं तो जगह-जगह बारिश का पानी जमा हुआ है, जिससे गंदे पानी का ठहराव तैयार है. इन ठहराव में भी डेंगू के मच्छर तैयार हो सकते है. जो अगले दिनों में प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है.

प्रशासन कोरोना में व्यस्त
दो वर्ष पूर्व डेंगू को लेकर शहर में हाहाकार मच गया था, जिसके चलते प्रशासन ने जोन निहाय टीम जारी कर डेंगू के मरीजों की जांच की थी, जबकि इस वर्ष कोरोना के मरीजों का इलाज किया जा रहा है. लेकिन अब प्रशासन को फिर एक बार डेंगू के मरीजों का सामना न करना पड़े, इसलिए डेंगू को लेकर भी जनजागृति करना होगा. शहर में बढ़ रहे कोरोना मरीजों के कारण स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से उसी में लगा हुआ है, जिसके कारण जून माह लगने के बाद भी डेंगू को लेकर किसी भी प्रकार की जनजागृति प्रशासन ने नहीं की है. 

राजुरा. राजुरा बामनी मार्ग के उडान पुल से उतर रहे तेज गति  ट्रक ने  4 दुपहिया वाहनों को कुचल दिया. सौभाग्य से दुपहिया में कोई सवार नहीं था. बरसात की वजह से सभी दुपहिया सवार वाहनों को सडक किनारे खडी कर बरसात से बचने को खडे थे. अन्यथा भीषण दुर्घटना में जनहानि हो सकती थी. यह घटना आज दोपहर 1.30 बजे राजुरा शहर से लगभग 4 किमी दूर घटी.

राजुरा से होकर आयशर ट्रक क्रं.. एमएच 40 बीएल 1818 छत्तीसगढ राज्य के लिए जा रहा था. इस दुर्घटना से कुछ देर के लिए वाहनों के आवागमन में बाधा आई. रविवार की रात से जिले भर में रुक रुक कर बरसात हो रही है. इसी प्रकार दोपहर डेढ बजे अचानक बरसात शुरु हो गई. बरसात से बचने के लिए दुपहिया को सडक किनारे खडे कर स्वयं बरसात से बचने के लिए छांव में खडे हो गए. इसी समय राजुरा शहर की ओर से आ रहे अनियंत्रित ट्रक ने दुपहिया को कुचल दिया जिसमें दुपहिया चकनाचूर हो गई.

इस उडान पुल से भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है. इस प्रकार की सूचना पुल के दोनों दिशा में लगी है. इसके बाजवूद जब से पुल शुरु हुआ तब से इसी पुल पर भारी वाहनों का आवागमन लगा है. कुछ दिनों पूर्व ही इस पुल पर दुर्घटना में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मृत्यु हो गई थी. अब यातायात पुलिस और सार्वजनिक नर्मिाणकार्य विभाग को इस ओर ध्यान देकर हो रही घटनाओं को रोकने का प्रयास करना चाहिए. सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है. मामले की जांच राजुरा पुलिस कर रही है.

गोंडपिपरी. तहसील अंतर्गत गोजोली खेत परिसर में आज सोमवार की सुबह 11 बजे बरसात के साथ हुए वज्रपात से एक बैल की मौत हो गई. इससे किसान के सामने खेती कैसे करें यह सवाल उठ रहा है.

मानसून बरसात शुरु होने के बाद खरीफ फसलों की बुआई शुरु हो गई है. ऐसे में सुबह खेती के लिए गोजोली निवासी किसान संजय शंकर मोहुर्ले अपने बैलों को लेकर खेत पर गया था और अचानक बरसात शुरु हो गई. इसलिए किसान ने अपना काम बंद किया बैलों को छोड दिया. कुछ देर बाद ही मूसलाधार बरसात के साथ बादलों की गडगडाहट शुरु हो गई.

बैल घर की ओर लौट रहे थे कि अचानक एक बैल पर वज्रपात हुआ और उसकी मौके पर मौत हो गई. घटना की सूचना राजस्व विभाग को दी गई तो मौका पंचनामा किया गया. खरीफ के शुरुवात में एक बैल की मृत्यु से किसान के सामने खेती कैसे करें यह सवाल है. इसलिए किसान ने नुकसान भरपाई की मांग की है.

चंद्रपुर. शहर के जुनोना तालाब के पास कुछ लोग जुआ खेलने की जानकारी एसडीपीओ की टिम को मिलने पर छापामार कार्रवाई करते हुए 18 आरोपीयों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने आरोपीयों से 11 लाख 27 हजार रूपये का माल जब्त किया है. यह कार्रवाई रविवार की शाम 5 बजे घटी. 

जुआं खेलने की गुप्त सुचना मिलने पर एसडीपीओ नांदेडकर के सहाय्यक पुलिस निरक्षिक मलिक, उपपुलिस निरक्षिक सचिन यादव, उपपुलिस निरक्षिक प्रविण सोनुने की टिम को लेकर छापामार कार्रवाई की गयी. मामले में 18 आरोपी गिरफ्तार किए गए. आरोपीयेां से नगद राशी 4 लाख, 20 मोबाईल, दो मोपेड, 1 आटो रक्षिा ऐसा कुल 11 लाख 27 हजार रूपये का माल जब्त किया. सभी आरोपी चंद्रपुर निवासी है. यह कार्रवाई जिला पुलिस अधक्षिक डा. महेश्वर रेड्डी के मार्गदर्शन में उपविभागीय पुलिस अधिकारी नांदेडकर व उनकी टिम ने की है

वरोरा. शहर के अधिकतर परिसर में दूषित जलापूर्ति की वजह से पीलिया फैला हुआ है. शहर के नेताजी वार्ड, चिरघर प्लाट में पीलिया के 40 से 50 रोगी है. इसकी जानकारी नगर परिषद को देने के बावजूद आज तक नप ने किसी प्रकार की उपाय योजना नहीं की. इससे दिनों दिन रोगियों की संख्या बढने का आरोप नागरिकों ने किया है.

वार्डवासियों ने इसकी सूचना नगरसेवक, जलापूर्ति अधिकारी को भी दी है. किंतु उनकी ओर से भी किसी प्रकार की ठोस उपाय योजना नहीं की गई है. महज दिखावे के लिए जांच कर अपने तरीके से नष्किर्ष लगाकर नगर परिषद के जलापूर्ति विभाग के अधिकारी चुपचाप बैठ गए. इसलिए पिछले दो दिनों से यहां के नागरिकों में पीलिया का सामना करना पड रहा है. दिनों दिन यह संख्या बढ रही है.

दूषित जलापूर्ति की ओर नगर परिषद गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है. इसके चलते दिनों दिन समस्या गंभीर होती जा रही है. एक ही वार्ड में 50 से 60 पीलिया के मरीज मिलने के बावजूद नगर परिषद हाथ पर हाथ धरे बैठी है. इसके गंभीर परिणाम वरोरा शहर वासियों को झेलने पड रहे है.

इस गंभीर समस्या की ओर भीम आर्मी के तहसील प्रमुख शुभम गवई ने ध्यान दिया कुछ समाजसेवियों के साथ वार्ड में जाकर उनकी समस्या सुनी. वरोरा अस्पताल की टीम को बुलाकर वहां की स्थिति की समीक्षा की.  उपाय योजना कर शुध्द जलापूर्ति का निवेदन भीम आर्मी की ओर से संबंधित अधिाकरियों को दिया. जब तक शुध्द जलापूर्ति नहीं होती तब तक इस मामले के लिए प्रयास करने का आश्वासन शुभम गवई ने दिया है.

अमरावती. लगातार 9वें दिन भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का सिलसिला जारी रहा. सोमवार को शहर में पेट्रोल के दाम 84.40 पैसे प्रति लीटर रहे. जबकि डीजल 74.48 लीटर पर रहा. दाम के लगातार बढ़ने से वाहन चालकों की जेबें खाली हो रही हैं.  साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों में भी व्यवसाय प्रभावित होने से असुविधा हो रही है. 6 जून को शहर में पेट्रोल के दाम 77.54 रुपए प्रति लीटर थे. जो रोजाना की तरह 40 से 50 पैसे की मूल्य वृध्दि के साथ 84.40 रुपए लीटर पर पहुंच गए. डीजल 67.48 रुपए से बढ़कर 74.48 लीटर हुआ, जिससे ग्राहकों में नाराजगी है.

दोहरी मार
अनलॉक के बावजूद  वाहन कम पैमाने पर चल रहे हैं. अन्य ट्रैवल्स बसे भी बंद हैं, जिससे पेट्रोल डीजल की बिक्री कम हुई है. उस पर अब तेल के दामों में आग लगने से खपत और अधिक प्रभावित हुई है.-जयकांत अग्रवाल, पेट्रोल पंप संचालक

अमरावती. कोरोना वायरस अब कम्युनिटी स्प्रेड के चरण में पहुंच कर शिकंजा कसता जा रहा है. जिले में पाजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. 350 के आंकड़े को छुते हुई यह महामारी शासन-प्रशासन की चिंता बढ़ा रही है. अनलॉक के तहत बेखौफ होकर सड़कों पर उतर रही भीड़ कोरोना के प्रसार के लिए पोषक बन रही है. इतना ही नहीं तो लॉकडाउन के ढाई माह की कसर निकालने में लगे अधिकांश दूकानदार भी केवल व्यवसाय को महत्व दे रहे हैं. फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क की अनिवार्यता जैसे नियमों को तिलांजलि दी जा रही है.

अकोला, नागपुर जैसा न बने हालात
जिस तरह सुबह से शाम 5 बजे तक शहर के सभी क्षेत्रों में भीड़ दिखाई दे रही है. उससे भय है कि आने वाले समय में अमरावती शहर के हालात भी अकोला अथवा नागपुर जैसे बेकाबू ना हो जाए. जिले के कई क्षेत्रों में कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड हो रहा है, जिसमें खास तौर से बडनेरा, बुधवारा, मसानगंज, अंबागेट जैसे क्षेत्र शामिल है.

नियंत्रण में प्रशासन नाकाम
इस संक्रमक से केवल फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क जैसी सावधानियों से ही बचा जा सकता है. सुबह 7 से शाम 5 बजे तक शहर में ऑड-ईवन के तहत मार्केट शुरू किए गए हैं. दूकानों में ग्राहक झुंड के साथ घुस रहे हैं. सब्जी, फल खरीदने से लेकर कपड़ा, बर्तन व अन्य दूकानों में भी नियमों की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं.

चंद्रपूर : राज्यात 4 टप्प्यातील लॉकडाऊनंतर आता अनलॉकचा पहिला टप्पा देखील आला मात्र, अद्यापही सलून चालकांना कोणताही दिलासा मिळालेला नाही. त्यामुळे सलून व्यवसाय ठप्प झाल्याचं पाहायला मिळत आहे. याच पार्श्वभूमीवर चंद्रपुरातील उर्जानगर-नेरी येथे राहणाऱ्या सलून चालकाने आर्थिक तंगीला कंटाळून आत्महत्या केली (Soloon owner Suicide due to Financial crisis) . यामुळे चंद्रपूरमध्ये एकच खळबळ उडाली. स्वप्नील चौधरी असं या 27 वर्षीय सलून चालकाचं नाव आहे. त्याने घरीच गळफास घेऊन आपलं जीवन संपवलं.

मृत सलून चालकाच्या आई-वडिलांचं वर्षभरापूर्वीच निधन झालं होतं. यानंतर त्याने शहराच्या अयप्पा मंदिराजवळ छोटं सलूनचं दुकान सुरु केलं होतं. त्याच्यावरच त्याचा उदरनिर्वाह सुरु होता. मात्र, लॉकडाऊनमुळे मागील मोठा काळ त्याला आर्थिक तंगीच्या परिस्थितीचा सामना करावा लागला. अखेर त्याने याला कंटाळून आत्महत्येचं टोकाचं पाऊल उचलल्याची माहिती त्याच्या नातेवाईकांनी दिली. दुर्गापूर पोलीस या घटनेचा अधिक तपास करत आहेत.

सलून चालक स्वप्निल चौधरी छोट्याशा झोपडीवजा घरात एकटाच वास्तव्याला होता. त्याच्या मातापित्यांचे याआधीच निधन झाले होते. 85 दिवसांच्या लॉकडाऊनमुळे शहराच्या अय्यप्पा मंदिर परिसरात असलेले त्याचे छोटे टपरीवजा दुकान सतत बंद राहिले. यामुळे त्याच्यावर आलेल्या आर्थिक संकटाला कंटाळून त्यांनी हे पाऊल उचलल्याची माहिती नातेवाईकांनी दिली आहे. गेले काही दिवस तो जवळच्या नातेवाईकांशी यासंदर्भात व त्याच्यावर असलेल्या कर्जा संदर्भातही बोलत होता. जवळच्या नातेवाईकांनी त्याला याबाबत धीरही दिला. मात्र, आर्थिक संकट आणि सलून व्यवसाय सुरळीत न होण्याची चिन्हे यामुळे त्याने आज हे पाऊल उचललं.

लाखांदूर (सं). कोविड-19 वाइरस के कारण देश में सभी ओर प्रतिबंध लगने से बियर बार की दुकाने भी बंद पडी थी. यह दुकान करीब 3 महिनों तक बंद रखी गई. 3 महिनों के पश्चात सरकारी आदेश से बियर बार दुकाने खोली गई. किंतु इस पर सरकार द्वारा नियम रखे गए कि केवल शेष शराब की नर्धिारित किमत में बक्रिी की जाए एवं इस पर 5 प्रश. बिक्री कर भरने का भी आदेश रहने से संबंधित दुकानदारों का सरकार द्वारा आर्थिक शोषण किए जाने कहा जा रहा है. देश में कोरोना वाइरस ने आतंक मचाने से पिछले 3 महिनों पूर्व संपूर्ण देश में जमावबंदी एवं संचारबंदी लागू करते हुए सभी ओर लाकडाउन किया गया.

लाकडाउन में सभी ही दुकान बंद रखी गई थी. केवल जीवनावश्यक वस्तु एवं दवा दुकान शुरू थी. देशी विदेशी शराब की दुकाने भी करीब 3 महिनों से बंद रहने के पश्चात पिछले कुछ दिनों पूर्व शुरू की गई. किंतु यह दुकान कुछ शर्तो पर शुरू किए जाने पर आदेश दिया गया कि दुकानों में शेष शराब की नर्धिारित किमत में बिक्री करनी चाहिए.

इस आदेश अनुसार वर्तमान स्थिति में बियर बार की दुकान खोली गई. किंतु यह बिक्री करते समय सरकार ने करीब 3 महिनों के पश्चात खोली गई शराब दुकानदारों को 5 प्रश. बक्रिी कर जुन महिने के आखिर तक भुगतान करने का आदेश देने से इन दुकानदारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड रहा है. सरकार के इस नर्णिय एवं आदेश के कारण बियर बार धारकों में नाराजी दिखाई दे रही है. इस आर्थिक शोषण को रोकने हेतु सरकार ने बक्रिी कर में सूट देनी चाहिए ऐसी मांग दुकानदारों ने की है.

अकोला. जिला परिषद के महिला व बालकल्याण समिति की सभा में अखर्चित निधि से घमासान हुआ. एक ओर लाभार्थी योजनाओं से वंचित रहते हुए भी निधि समय पर खर्च नही की जाती है. इस संदर्भ में सदस्यों ने घमासान किया. महिलाओं की सर्वांगीण विकास, स्वास्थ्य और आहार योजनाओं की अमल का जायजा सभापति मनीषा बोर्डे ने लिया. कोरोना से वर्तमान स्थिति में अंगणवाडियां बंद होकर व्हाट्सएप ग्रुप द्वारा गर्भवती माता, स्तनदा माता, किशोरी लड़की और 0 से 6 वर्ष आयु गुट के बच्चों के पालकों को महिला रोग विशेषज्ञ तथा बालरोग विशेषज्ञ डाक्टरों के साक्षात्कार लेकर उनका व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रसारण किए जाने की जानकारी अधिकारियों ने सभा में दी है.

आयुष प्रसाद के कार्यकाल में बालकल्याण विभाग के महासोना व अस्मितालाल योजना के लिए चयन हुए लाभार्थियों को सामग्री खरीदी करने के सभी कागजात व बिल प्रस्तुत करने पर भी उनके बैंक खातों में अभी तक अनुदान जमा हुआ नही है. लाभार्थी 36 लाख रुपए के अनुदान से वंचित होने की जानकारी सामने आई. महिला बालकल्याण विभाग मार्फत सरकार से चलाए जानेवाले विविध योजना व वेतन के संदर्भ में 2011 से अखर्चित 9 करोड़ रुपए की निधि सरकार जमा करने के संदर्भ में सभा में चर्चा की गई व खर्च न हुई निधि संबंधी तीव्र नाराजी व्यक्त की गई है.

महिला व बालकल्याण सभापति मनीषा बोर्डे की अध्यक्षता में सभा में अनुसया राऊत, योगिता रोकडे, रिजवाना परवीन, मीनाक्षी उन्हाले, लता नितोने, वंदना झलके, महिला व बालकल्याण अधिकारी तथा समिति सचिव  विलास मरसाले, जिला व तहसीलस्तरीय  अधिकारी उपस्थित थे. 

चिमुर/शंकरपुर. पती-पत्नी के पारिवारीक विवाद के चलते संतप्त पती 8 महिने की बच्ची को लेकर खेती की ओर काम करने चला गया. प्यास लगने के कारण कुए से पानी निकालते से बच्ची ने कुए में झाककर देखा. उसी समय संतुलन बिघड जाने से बच्ची कुए में गिर गयी. बेटी को बचाने पिता कुए कुद पडा. हादसे में 8 महिने की दर्दनाक मौत हो गयी. तो पिता की जान बालट्ठबाल बच गयी. यह हादसा शुक्रवार की सुबह 11 बजे अजागर हुआ. मृतक बच्ची का नाम रूबीना संघपाल गजभीये है. 

सुत्रो के मुताबिक, संघपाल गजभीये यह चिमुर नेरी समिपस्थ अडेगांव देश का निवासी है. संघपाल खेती में मजदुरी का काम करता था. सरिता व संघपाल के विवाह को करिबन साडे पाच वर्ष हुए हुए. उन्हे एक 4 वर्ष का लडका व 8 महिने की लडकी जिसका नाम रूबिना है. किसी पारिवारिक बात को लेकर पिछले कुछ दिनों से सरिता व संघपाल में विवाद हो रहे थे. गुरूवार की रात भी सरिता व संघपाल का विवाद हुआ. शुक्रवार की सुबह संघपाल व सरिता दोनो क्रोधित थे. पत्नी का क्रोध शांत होने के उद्देश से संघपाल 8 महिने की बच्ची रूबिना को लेकर खेत की ओर चल दिया. सुबह 9 बजे सोनेगांव सडक से अडेगांव देश गांव के पास उसे प्यास लगने से भास्कर बतके के खेत मे मौजुद कुए के पास पहुचा. वह बच्ची को कुए के किनारे रखकर पीने का पानी निकाल रहा था. कुआ बिना कथडा का था. उसी दौरान रूबीना 30 फिट गहरे कुए में 6 फिट पानी में गिर गयी. बेटी को बचाने पिता कुए में कुद गया. परंतु रूबीना की कुए में दर्दनाक मृत्यु हो गयी. तो पिता संघपाल बालट्ठबाल बच गया. 

मुंबई. बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने शुक्रवार को तबलीगी जमात के उन नौ सदस्यों को जमानत दे दी, जो मध्य एशियाई देश कजाकिस्तान और किर्गिजस्तान के नागरिक हैं तथा महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में रह रहे थे। इन सभी सदस्यों को वीजा शर्तों और लॉकडाउन निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन के मामले में गत 29 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। इनके वकील फिरदौस मिर्जा और मीर नान अली ने अदालत से कहा कि यह समूह मार्च के पहले सप्ताह में दिल्ली से गढ़चिरौली पहुंचा था।

वकील ने दलील दी कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के कारण इनके पास जिले में ठहरने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। राज्य सरकार ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामले में अभी जांच पूरी नहीं हुई है। हालांकि, न्यायाधीश मनीष पिताले ने कहा कि कुछ निश्चित शर्तों के साथ जमानत दी जा सकती है। अदालत ने सदस्यों को 20,000 रुपये के मुचलके पर जमानत देते हुए उन्हें चंद्रपुर में ही रहने और संबंधित थाने में लगातार हाजिरी लगाने का निर्देश दिया।

अमरावती. शहर में अमृत योजना का काम कछुवा गति से शुरु है. शुरुवाती बारिश ने भूमिगत गटर योजना के काम के साथ कंपनी व्दारा किये जा रहे लापरवाह कामकाज की पोल खोल कर दी है. तेज तूफानी बारिश के कारण कंपनी व्दारा किये काम का दर्जा नागरिकों के सामने आ रहा है. इस योजना के तहत खोदी गई सडक में शुक्रवार को रोड रोलर भूमिगत गटर में धंस गया. 

अधिकारियों ने भी दर्शायी नाराजगी
भूमिगत गटर योजना का काम महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की देख रेख में नासिक की सनराइज कंट्रक्शन कंपनी कर रही है. शहर के शारदा नगर के साथ माधव नगर परिसर में भूमिगत गटर योजना का काम शुरु है. सडक के बीचों बीच गटर योजना का काम किये जाने से बडे बडे गड्ढे पडे है. इस संदर्भ में परिसर के नागरिकों ने कई बार कंपनी के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन किसी ने दखल नहीं ली. इस मार्ग पर यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए भी मजीप्रा के अधिकारियों को ही जम्मिेदार ठहराने की शिकायत विशाल कुलकर्णी ने की. बावजूद इसके अधिकारियों दखल नहीं ली. लेकिन शुक्रवार की दोपहर रोड रोलर अचानक ही इन गड्डों में जा धंसा जिससे काम का निरीक्षण करने के लिए कार्यकारी अभियंता बक्षी, उपअभियंता सुरेंद्र गुप्ता, प्रोजेक्ट व्यवस्थापक शुक्ला आदि को बुलाया गया. दौरान अधिकारियों ने भी कंपनी व्दारा किये गये काम को लेकर नाराजगी व्यक्त की. 

अमरावती. कोरोना के बढते मरिजों के मद्देनजर अत्यंत कम समय में निर्माण संत गाडगेबाबा अमरावती विश्वविद्यालय के केंद्रीय उपकरणीकरण कक्ष की कोरोना टेस्टिंग लैब से महिनेभर में 4500 से अधिक रिपोर्ट प्राप्त हुए है. जिससे कोरोना प्रतिबंधात्मक उपाययोजनाओं को गति मिल रही है. राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में इसी तर्ज पर प्रयोगशालाएं शुरु करने प्रयास किए जा रहे है, जिसके लिए अमरावती की लैब मार्गदर्शक साबित हो रही है. कोरोना संक्रमण टेस्ट के साथ अन्य विभन्नि टेस्ट के लिए भी यह यंत्रणा कायम स्वरूपी होने की प्रतक्रियिा राज्य की महिला व बालविकास मंत्री तथा जिले की पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने व्यक्त की है. टेस्ट की संख्या बढाने आवश्यक यंत्रणा मुहैया कराने का भरोसा भी उन्होंने व्यक्त किया है. 

अधिक सक्षम करेंगे यंत्रणा
शुरुवात में कोरोना संदग्धिों के थ्रोट स्वैब नागपूर, वर्धा व अकोला के प्रयोगशालाओं में भेजे जाते थे. लेकिन पालकमंत्री के प्रयासों से अमरावती में यह सुविधा उपलब्ध हुई है. फिलहाल दिनभर में सौ-सवा सौ रिपोर्ट प्राप्त हो रहे है. तीन शफ्टि में काम चल रहा है. टेस्ट की संख्या बढाने आवश्यक ऑटोमेटेड मशीन व अन्य यंत्रणा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे दिनभर में 350 रिपोर्ट प्राप्त हो सकने की जानकारी पालकमंत्री ने दी.

अकोला. केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मूल्य निश्चित सेवा के संदर्भ में किसान सक्षमीकरण तथा संरक्षण करार अध्यादेश 2020 को मंजूरी दी गई है. जिससे किसानों को बाजार समिति के बाहर अपना कृषि माल बेचने का पर्याय उपलब्ध हुआ है. केंद्र सरकार के निर्णय का अकोला जिले की महिला किसानों ने रयत क्रांति संगठन के महाराष्ट्र युवती प्रदेशाध्यक्षा प्रिया लोडम के नेतृत्व में स्वागत करते हुए आनंदोत्सव मनाया. अब स्पर्धात्मक वातावरण में किसानों के कृषि माल को अतिरिक्त दाम मिलने की संभावना है. केंद्र सरकार का यह निर्णय स्वागतयोग्य है.

अब इस नये कानून के कारण किसान पूरी तरह से बंधनमुक्त हो गए है. प्रिया लोडम ने कहा, किसान नेता शरद जोशी नहीं रहने के बावजूद यह अध्यादेश पारित होना यही शरद जोशी की विजय है. इस अवसर पर बेबी ताथोड, मंगला मालवे, रुपाली देशमुख, दिव्या लोडम, रोहिणी चव्हाण, लक्ष्मी पवार, बेबी जाधव, आशा पवार, प्रमिला लोडम आदि उपस्थित थे. 

चिमूर. तहसील के ताडोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प से सटे कोलारा परिसर में जनवरी से 5 जून तक दो महिला समेत 5 लोगों का शिकार करने वाले नरभक्षी बाघ  को पिंजरे में कैद करने वनविभाग की टीम को सफलता मिली है.

बाघ को कैद करने का आदेश मिलने के बाद 10 जून की सुबह से 26 अधिकारी और कर्मचारियों की टीम ने जंगल में तलाशी अभियान शुरु किया है. अंतत: शाम 5 बजे चैती वन संरक्षित क्षेत्र में  बाघ को कैद करने में सफलता मिली. ताडोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प में बाघ की संख्या बढ रही है. यहां के बाघों को देखने के लिए वश्वि भर के पर्यटक ताडोबा राष्ट्रीय व्याघ्र पकल्प की ओर खींचे चले आते है. वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण ने वश्वि भर में हाहाकार मचा रखा है. प्रतिदिन मृतकों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. इसलिए जंगली प्राणियों को भी कोरोना न हो जाये इसलिए ताडोबा की सफारी फिलहाल बंद है.

लगातार बाघ के हमले से परिसर में दहशत निर्माण हो गई थी. बाघ के बंदोबस्त की मांग जनप्रतिनिधियों के साथ नागरिकों ने की. जिसके बाद वरिष्ठ स्तर पर बाघ को पिंजरे में कैद करने के आदेश जारी किए गए. बाघ की हलचल पर ट्रैप कैमरे की सहायता से नजर बनाये रखी थी. इस आधार पर बाघ चैती संरक्षित वनक्षेत्र में होने की जानकारी मिली थी और उसे बेहोश करने के लिए विशेष पथक तैनात किया जिसे शाम को सफलता मिली.

कोलारा परिसर में पिछले जनवरी से 5 जून के 5 नागरिकों को मार डाला था. 14 जनवरी की शाम महीने में खेतों की रखवाली करने गए बालाजी वाघमारे को, 8 अप्रैल को महुआ चुनने गई सातारा  निवासी यमुना पांडुरंग गायकवाड को 19 मई को तेंदुपत्ता संकलन को गई कोलारा निवासी लिलाबाई चंद्रभान जिवतोडे, 4 और 5 जून को खेत में बाड लगाने गए बामनवाडा निवासी राज्यपाल दायाराम नागोसे और खेत में गए कोलारा निवासी राजेश्वर दडमल को बाघ ने अपना शिकार बनाया. बाघ को पकडने वाली टीम में वरष्ठि अधिकारी लडकट, खोरे, जाधव, बाघ संरक्षण दल के जाधव, आरएफओ शेंडे, चौहान, आर.ओ. कोडापे आदि कर्मचारियों का समावेश है.

गोंडपिपरी. शहर के जलसंकट को देखते हुए गत वर्ष पंचशील वार्ड में दलित बस्ती योजना अंतर्गत बोरवेल मंजूर की गई. किंतु प्रभाग के नगरसेवक ने बोरवेल अपने अपने घर से सटकर गजानन ईटकलवार की निजी जगह पर बोरवेल खुदाई करने से यह विवादों में आ गई है.

पंचशील वार्ड के पार्षद की अगुवाई में गत वर्ष कराये बोरवेल पर आज तक हैंडपंप नहीं लगाया गया है. गड्ढा किए बोरवेल पर घरमालिक ने बाथरुम बना लिया है. इससे चर्चा शुरु हो गई कि वह बोरवेल नगर पंचायत के मल्कियित की है अथवा व्यक्तिगत. वार्ड में अनेक समस्याएं है. वर्तमान में शहर के प्रभाग क्रं. 7 के मुख्य रोड से सटे और प्रभाग 9 में एक एक बोरवेल है.  पेयजल की भीषण समस्या को ध्यान में रखकर गतवर्ष किए सर्वे के बाद प्रभाग 9 के क्षेत्र में दो बोरवेल मंजूर किए गए. जिसमें से एक बोरवेल कहा मारी गई इसका पता आज तक नहीं लगा है और इस संबंध में पार्षद कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. दूसरी ओर उनकी अगुवाई में मिली दूसरी बोरवेल भी संबंधित पार्षद ने जनहित को दारकिनार कर अपनी सुविधा के अनुसार घर से सटकर बोरवेल के लिए जगह का चयन किया. किंतु वह जगह नगर पंचायत की न होकर व्यक्तिगत है. इसके लिए मकान मालिक की अनुमति न लेने की जानकारी है. बोरवेल के गड्ढे में मकान मालिक ने बाथरुम बना लिया है. पार्षद के मनमानी कार्यो से नागरिकों को भारी असुविधा हो रही है. इस मामले की जांच कर दोषितयों के खिलाफ कार्रवाई के मांग की शिकायत राजु झाडे ने की है.

इस संबंध में नपं के पार्षद नरेंद्र इटेकर ने कहा कि  इस बोरवेल के लिए जगह मालिक की अनुमति नहीं ली गई है. बोरवेल के समय पर उस व्यक्ति ने इंकार किया था इसलिए काम अधुरा छोड दिया है. बोरवेल का बिल नगर पंचायत में प्रस्तुत नहीं किया गया है.

अमरावती. पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने कहा कि बारिश को ध्यान में रखते हुए दुर्घटना टालने के लिए सड़कों की मरम्मत के साथ जिले के अत्यावश्यक पुल, सड़क इमारतें आदि के काम प्राथमिकता से पूर्ण करें. गड्ढों को तुरंत बुझाने से दुर्घटनाएं टल सकती हैं. इसलिए सड़कों की मरम्मत का काम बारिश के पूर्व निपटाने के आदेश अधिकारियों को दिये.

समस्या हो तो संपर्क करें
उन्होंने अधिकारियों से यह भी स्पष्ट किया कि किसी काम में यदि बाधा अथवा समस्या निर्माण हो रही है तो उन्हें तत्काल संपर्क करें, लेकिन काम नहीं रुकना चाहिए. वनविभाग की अनुमति हो अथवा शासन से किसी भी मामले में पत्रव्यवहार किया जायेगा. 

कोरोना में नहीं टूटे संपर्क
बारिश के दिनों में मेलघाट के पुल मरम्मत, सड़क आदि के काम निपटाये. ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क ना टूटे, ऐसी व्यवस्था करने के निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से संपर्क टूटता है और वहां कोरोना का मरीज पाया जाता है तो निश्चित ही प्रशासन के लिए यह काफी चुनौती होगी. साथ ही अमरावती-चांगापुर-वलगांव, अंजनगाव-दर्यापुर-म्हैसांग, वलगांव-दर्यापुर आदि सडकों के अधूरे कामों को निपटाने के आदेश दिये. बैठक में विधायक बलवंत वानखडे, प्रताप अड़सड़, राजकुमार पटेल, जिप अध्यक्ष बबलू देशमुख, जिलाधिकारी शैलेश नवाल आदि उपस्थित थे.

गोंदिया. मृग नक्षत्र प्रारंभ होने के 4 थे दिन जिले में बारिश नहीं हुई है. जिसके कारण लोगों को गर्मी फिर सताने लगी हैं. गत 4 दिनों से चिलचिलाती धूप व उमस से लोग परेशान है. जिले में कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी होने की जानकारी है, किंतु यह बारिश भाप की तरह सूख गई. लगातार बढ़ रही गर्मी से हलाकान जिलावासी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

छाया रहा बदरीला मौसम
उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय सहित कुछ क्षेत्रों में कभी कभी बदरीला मौसम बना रहता है. वहीं कुछ स्थानों में हल्की बूंदाबांदी को छोड़कर कहीं भी तेज बारिश होने की जानकारी नहीं मिली है. जानकारी के अनुसार 1 से 9 जून तक जिले में सर्वाधिक बारिश सड़क अर्जुनी तहसील में 84.02 मिमी दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश तिरोड़ा तहसील में 13.0 मिमी रिकार्ड की गई है. इसके अलावा गोरेगांव तहसील में 73.01, अर्जुनी मोरगांव में 61.06, देवरी में 37.05, सालेकसा में 68.02, आमगांव में 73.02, गोंदिया तहसील में 26.00 बारिश दर्ज की गई है.

नालियों की सपाई जारी
बारिश के मौसम में अक्सर देखा गया है कि नालियों में झिल्ली व कचरा जमा रहने से पानी चोक हो जाता है. लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जिसे ध्यान में रखते हुए बारिश पूर्व सफाई अभियान चलाया गया. जिससे बारिश के मौसम में नालियां चोक नहीं होगी. क्षेत्र की हर नालियों से कचरा व मलबा निकालकर उसे तत्काल नालियों के किनारे से हटाया जा रहा है. जिससे वह मलबा नालियों में ना चला जाए. नागरिकों से अपील की गई है कि घर से निकलने वाला कचरा मार्गों पर न फेंकते हुए वार्ड में आने वाली कचरा गाड़ी में ही डाले.

भंडारा (का). कोरोना के इस संकट के समय में नप प्रशासन द्वारा स्थानीय रमाबाई आंबेडकर वार्ड निवासी मैपत रत्नापुरे इस दव्यिांग व्यक्ती की झोपडी गिराकर उसे बेघर किया गया. जिससे उसका परिवार खुलेपर आने से उन्होंने जिला प्रशासन की ओर न्याय के लिए गुहार लगाई है.

मंगल पांडे वार्ड के रूप में पहचाना जानेवाले रमाबाई आंबेडकर वार्ड के सार्वजनिक शौचालय समीप 3 वर्ष पूर्व विकलांग हो चुका मैपत अपने परिवार के साथ झोपडी बनाकर रह रहा था. मैपत जीवनयापन के लिए कपडा इस्त्री का काम करता है. इसके साथही परिवार के लोग भोजन डब्बिा एवं घरकाम करके अपना जीवनयापन करते है.

लाकडाउन के कारण संपूर्ण परिवार घर में ही रहने से उनकी दयनीय अवस्था हुई थी कि अचानक शुक्रवार को दोपहर के दौरान नप. प्रशासन का अतक्रिमण हटानेवाली टीम पुलिस के साथ पहुंची. एवं वरष्ठिों का आदेश होने का बताकर गरीब, विकलांग व्यक्ती के मकान को भूमिगत किया. मैपत के परिवार ने इसका विरोध करने के बावजूद भी नप. प्रशासन ने असंवेदनशीलता दिखाई. इस कारण अतक्रिमण के कई मामले प्रलंबित है.

अतक्रिमण के नाम पर खुदरा बक्रिेताओं का आर्थिक नुकसान करके छोटी छोटी दुकानों को अधिक किमत में अपने ही लोगों को वितरित किए जाने की चर्चा है. इस कारण नप. प्रशासन पर सवाल खडा हो रहा है. सरकार द्वारा सहायता मिले एवं गरिबों को न्याय मिलना चाहिए इसलिए रत्नापुरे परिवार जिला प्रशासन की ओर गुहार लगा रहे है.

तुमसर. नप अंतर्गत शहर का घनकचरा उठाने वाले 16 ठेका कामगारों को पूर्वरत काम पर लेने के निर्देश भंडारा सहायक कामगार आयुक्त यू. एस. लोया की ओर से दिए गए हैं. इससे कामगारों में हर्ष का वातावरण निर्माण हो गया है. गत 3 वर्षों से नप अंतर्गत शहर का घनकचरा संकलित कर उसे  डम्पिंग यार्ड तक पंहुचाने का ठेका  नागपुर जिले के रामटेक तहसील के हिवरा बाजार की शारदा महिला मंडल को दिया गया है. ठेकेदार के पास 50 से अधिक ठेका कामगार कार्यरत थे. कामगारों को महाराष्ट्र कामगार कानून के अनुसार न्यूनतम वेतन राशि नहीं दी जा रही थी. ठेकेदार द्वारा लॉकडाऊन में कामगारों को काम पर से निकाला गया था. 

शिवसेना ने सहायक कामगार आयुक्त को सौंपा था निवेदन
कामगारों की मांगों को लेकर शिवसेना की ओर से मुख्याधिकारी अर्चना मेंढे व सहायक कामगार आयुक्त लोया को निवेदन सौंपा गया था. इस पर सहायक कामगार आयुक्त की ओर से संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया था, लेकिन ठेकेदार व मुख्यधिकारी अनुपस्थित रहने से सहायक आयुक्त द्वारा कामगारों को काम पर लेने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही दोबारा बैठक का आयोजन किया गया है.

चंद्रपुर. जिले में बुधवार की शाम करीब 6 बजे से जोरदार बारिश शुरू हुई. बारिश लगभग 1 से डेढ़ घंटे तक रही. बादलों की गर्जना के साथ जोरदार बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी. जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप बुधवार को भी जारी रहा. प्री मानसून में बारिश झलक दिखाकर गायब हो चुकी थी. मृग नक्षत्र में बारिश होने की संभावना थी, परंतु 3 दिन बीत जाने के बाद भी बारिश नहीं हुई थी. लेकिन बुधवार को दिनभर धूप रहने के बाद शाम को मौसम ने करवट लेनी शुरू की. शाम करीब 6 बजे से जिले में कई स्थानों पर बारिश शुरू हुई. जिसके कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली. 

बल्लारपुर व चंद्रपुर में धुआंधार
बुधवार की शाम करीब 6 बजे से बल्लारपुर तहसील में जमकर बारिश हुई. इस बीच, चंद्रपुर में भी धुआंधार बारिश दर्ज की गई. पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण तापमान बढ़ने लगा था. मंगलवार की तरह बुधवार को भी दोपहर के समय चटके लगने वाली गर्मी और उमस ने सभी को परेशान कर दिया था. सुबह से पसीने से तरबतर करने वाली गर्मी पड़ रही थी. दोपहर के समय बदली ने बारिश के आगमन के संकेत दिए, लेकिन बाद में बादल छट गए. किंतु शाम को फिर मौसम ने करवट बदली और अच्छी बारिश दर्ज की गई. हालांकि मौसम विभाग ने किसानों से बुआई में जल्दबाजी नहीं करने की अपील की है.

चंद्रपुर. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन घोषित किया है. लॉकडाउन के दौरान लगाए गए नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,253 नागरिकों पर मनपा ने कार्रवाई कर 2 लाख 55 हजार 340 रुपये का जुर्माना वसूल किया. शहर में बिना मास्क घूमने, पब्लिक प्लेस में थूंकना तथा बगैर अनुमति अधिक समय दूकान शुरू रखने वालों पर कार्रवाई की गई.

मास्क पहनना जरूरी
कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहने बिना घर से बाहर निकालने पर पाबंदी लगाई गई है. इस संदर्भ में शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं. जिसके आधार पर मनपा ने मास्क लगाने का आह्वान किया. किंतु शहर में मास्क के बगैर सड़कों पर घूमने वाले तथा पब्लिक प्लेस पर थूंकते पाए जाने की शिकायतें मिलने के बाद मनपा ने कार्रवाई की. कार्रवाई अतिक्रमण विभाग के राहुल पंचबुद्धे, नामदेव राऊत, स्वच्छता निरीक्षक प्रदीप मडावी, उदय मैलारपवार, भूपेश गोठे, विवेक पोतनुरवार, महेंद्र हजारे, अनिरुद्ध राजुरकर, अनिल ढवले ने की.

अमरावती. कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए थ्रोट सैंपल के लिए शीघ्र ही 2 से 3 सेंटर बढ़ाए जाने की जानकारी जिलाधिकारी शैलेश नवाल ने बुधवार को दी. फिलहाल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के साथ हैदरपुरा तथा डा.पंजाबराब देशमुख मेडिकल कालेज में सैंपल लिए जा रहे हैं.

ट्रू नेट इर्विन में शिफ्ट
नवाल ने बताया कि पीडीएमसी अस्पताल से ट्रू नेट मशीन इर्विन में शिफ्ट की गई है, जहां पर उसका इस्तेमाल किया जाएगा. इसी तरह सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से 40 संक्रमित मरीजों को पीडीएमसी में रेफर किया गया है.

नाश्ते की गाड़ी लगाने अनुमति जरुरी 
जिलाधिकारी नवाल ने बताया कि नाश्ते की गाड़ी लगाने के लिए मनपा प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा. इसी तरह मंगल कार्यालय व लॉन में विवाह के लिए मनपा या संबंधित तहसीलदार से अनुमति लेनी होगी. स्कूल शुरू करने पर फिलहाल कोई विचार नहीं है. नई गाइडलाइंस के बाद ही स्कूल शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा.

धामणगांव रेल्वे. तहसील के तलेगांव दशासर में बीते सोमवार को 9 लाख का बोगस बीज जब्त करने के दुसरे दिन ही मंगलवार की रात तहसील के निंबोरा बोडखा व तलणी परिसर में पुलिस ने 171 बैग कपास के बोगस बीज जब्त किए हैं. इस कार्रवाई में पुलिस ने 4 आरोपियों समेत सवा लाख का माल जब्त किया है. 

4 गिरफ्तार
व्यंकट परिताला (42, तलणी), राजेंद्र विनायक लकडे (61,तलणी), विलास पांडुरंग आसोले (40, तलणी) व सुरेंद्र राजाराम अलोने (52, निबोरा बोडखा) गिरफ्तार आरोपी है. मंगरूल दस्तगीर कृषि अधिकारी दादासाहेब व्यंकट पवार की शिकायत पर पुलिस ने धोकाधड़ी तथा बीज अधिनियम 1966 के तहत अपराध दर्ज किया है. मामले की जांच मंगरूल दस्तगीर पुलिस कर रही है. 

गुप्त सूचना पर लगाया ट्रैप
खरीफ बुआई के चलते किसानों की बीज खरीदी के लिए भागदौड़ शुरू है. इस वर्ष भी बीज की कालाबाजारी करनेवाले सक्रिय हो गए हैं. इस संदर्भ में कृषि विभाग के विभागीय गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक अनंत मस्करे को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कृषि अधिकारी अजय तलेगांवकर ने मंगलवार की रात ट्रैप लगाकर निंभोरा, बोडखा व तलणी से बिल्ला नामक अनाधिकृत कंपनी के 171 बैग कपास के बोगस बीज जब्त किए, जिसकी कीमत सवा लाख बताई जा रही है.

अमरावती. कोरोना के कारण उद्योग व्यवसायों के साथ निकाय संस्थाओं की आर्थिक स्थिति भी बिकट होती जा रही है. 70 प्रतिशत तक आय कम होने से महानगरपालिका ने भी 300 से अधिक विकास कामों को स्थगिती दी है, जिसमें 70 विकास कामों की निविदा भी जारी की गई थी. जबकि 225 से अधिक कामों को प्रशासकीय मंजूरी दी गई थी.

अधूरे काम होंगे पूर्ण
संपत्ती कर, बाजार परवाना व शासन से प्राप्त होनेवाली निधि मनपा का मुख्य आर्थिक स्त्रोत है. लॉकडाउन में संपत्ती टैक्स समेत नगररचना विभाग को प्राप्त होनेवाली आय नहीं के बराबर हुई है. नागरिकों से सख्त वसूली भी नहीं की जा सकती. जबकि शासन से प्राप्त होनेवाली रकम वेतन व सफाई पर खर्च होती है. प्रशासन के अनुसार 70 नए कामों की निविदाएं जारी की थी. इसके अलावा 225 कामों में प्रशासकीय मंजूरी प्राप्त होने, निविदा जारी करने, स्टैंडिंग से मंजूरी प्राप्त होनेवाले कामों का समावेश है. ऐसे कामों को भी स्थगिति दी जायेगी. केवल अधूरे कार्य पूर्ण किए जाएंगे. 

आर्थिक स्थिति देखकर कामों को प्राथमिकता
प्रशासन आर्थिक स्थिति को देखते हुए विकास कार्यों का नियोजन कर रहा है. बजट में जिस तरह प्रावधान किया गया था. उस तरह का बजट अब असंभव है. इसलिए नए कामों को स्थगित करने का निर्णय लिया गया.-प्रशांत रोडे, निगमायुक्त मनपा

अकोला. वर्षों पूर्व अकोला के लिए पुलिस आयुक्तालय की मंजूरी मिली थी लेकिन अभी तक शहर में पुलिस आयुक्तालय का निर्माण नहीं हो सका. सन 1992 के दंगे के बाद से अकोला संवेदनशील शहर के रूप में गिना जाता है. कई बार शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी, इसके बाद भी अभी तक इस संबंध में कोई गतिविधियां दिखाई नहीं दी हैं. राज्य में पिछली युति सरकार में गृह राज्यमंत्री और पालकमंत्री अकोला शहर के ही थे, फिर भी पुलिस आयुक्तालय का निर्माण नहीं हो सका. कई बार पुलिस आयुक्तालय बनाने की मांग की गई. इसके बावजूद पुलिस आयुक्तालय का निर्माण नहीं हो सका.

शहर के साथ ही जिले का अकोट शहर भी संवेदनशील माना जाता है. वहां भी कई बार अप्रिय घटनाएं घटी हैं. यह उल्लेखनीय है कि पुलिस आयुक्तालय के लिए जितना पुलिस बल चाहिए उतना पुलिस बल यहां नहीं है. पिछले कुछ समय से शहर तथा जिले में हत्या की करीब 8 घटनाएं घटी हैं. कई बार त्योहारों के समय भी यहां अप्रिय घटनाएं घटती हैं. पिछले दिनों एनआरसी के विरोध में आयोजित एक समारोह की समाप्ति के बाद भी स्थिति बिगड़ गई थी. किसी तरह उस पर काबू पाया गया. 

समाजकंटक समय-समय पर मुंह उठाते रहते हैं. इसलिए यहां पुलिस आयुक्तालय का निर्माण होना जरूरी है. राज्य में पृथ्वीराज चव्हाण सरकार के समय सर्वप्रथम अकोला पश्चिम के विधायक गोवर्धन शर्मा ने पुलिस आयुक्तालय की मांग की थी तथा पुलिस आयुक्तालय की मंजूरी करवाई थी. लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हो सका है. जनप्रतिनिधियों का काम है कि सरकार पर दबाव बनाकर पुलिस आयुक्तालय का निर्माणकार्य शीघ्र करवाया जाए.

गडचिरोली. तहसील के रेगुंठा परिसर में धान उत्पादक किसान बडी मात्रा में है. इस वर्ष किसानों ने धुपकालीन धान फसलों की बडी मात्रा में बुआई की. मात्र खरीदी केंद्र के अभाव में अबतक किसानों ने धान की बक्रिी नहीं की है. जिससे सरकार तत्काल धान खरीदी केंद्र शुरू करे, ऐसी मांग रेगुंठा परिसर के किसानों ने विधायक धर्मरावबाबा आत्रामकी ओर ज्ञापन द्वारा की है. 

2 माह से कोविड-19 बिमारी के प्रादुर्भाव के कारण लॉकडाऊन शुरू है. जिससे रेगुंठा परिसर के किसानों को 60 किमी की दूरी तय कर तहसील के धान खरीदी केंद्र पर धान बक्रिी के लिए लाना पडता है. जिससे किसानों को व्यापक समस्याओं का सामना करना पड रहा है. खरीफ सीजन को शुरूआत होने के पूर्व धान बेचकर पैसा जमा करना आवश्यक होता है, अन्यथा आगामी सीजन में बुआई करना असंभव जो जाता है. जिससे तत्काल सरकारी धान खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग विधायक धर्मरावबाबा आत्राम की ओर ज्ञापन से की गई है. ज्ञापन सौंपते समय स्वामी चुक्कावार, चंदू कडालवार, तिरुपती बंडमवार, राकेश सुंकरी व किसान उपस्थित थे.

नांदगाव खंडेश्वर. मौजा जावरा में बिजली एक, दो नहीं पूरे 3 पोल काटकर चुराने वालों के खिलाफ उपकार्यकारी अभियंता विलास शिंदे ने स्वयं थाने पहुंचकर मामले दर्ज करवाए.

खेत की मेंझ पर मिले
नादगांव खण्डेश्वर उपविभाग  अंतर्गत ग्रामीण वितरण केंद्र अंतर्गत मौजा जावरा में उपविभागिय उपकार्यकारी अभियंता श्विलास नि शिंदे अपनी टीम  के साथ वद्यिुत लाईन चेक करने व  कृषी पपों का सर्वे करने रोहना गांव पहुंचे. इस समय पंपु थोरात के खेत के तीन पोल काटकर चोरी होने की बात उजागर हुई. पास के ही राहुल दहातोंडे के खेत की मेंढ पर दो कटे हुए पोल पड़े  दिखाई दिए. 1 पोल थोरात के गोठे में मिला. इसके साथ ही 24 हजार रुपए मूल्य का तार मिला.

उन्होंने तुरंत थाने जाकर शिकायत की. पुलिस ने थोरात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है. इस  समय उनके साथ ग्रामीण वितरण केंद्र के प्रधान तंत्रज्ञ, ललित कावरे प्रधान तंत्रज्ञ श्री संतोष शेंगोकार  तंत्रज्ञ प्रेमीला मासोदकर बाह्यस्रोत कर्मचारी संतोष सोलंके आदि उपस्थित थे.

तलेगांव दशासर. ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के विशेष दल ने सोमवार को देवगांव चौक पर बीज समेत 9 लाख का माल जब्त किया. तलेगांव की सीमा में पेट्रोलिंग करते समय धामणगांव से पुलगांव की ओर जाते टाटा एस (एम एच 27एक्स 6569) को संदेह पर रोककर जांच करने पर उसमें बोगस हाईब्रिड बीटी कपास के बी होने का मामला उजागर हुआ. 

नाकाबंदी कर पकड़ा
पुलिस अधीक्षक के विशेष दल को सूचना मिली थी कि पुलगांव से धामणगांव को एक मिनी टाटा एस में बोगस बीटी कपास के बीज की यातायात की जाने वाली है. पुलिस दल ने तलेगांव पुलिस के कर्मियों को साथ मिलकर नाकाबंदी कर टाटा एस को पकड़ा, जिससे 9 बोरी में बोगस बीटी कपास बीज मिला.

गुणवत्ता नियंत्रक अमरावती व कृषि अधिकारी धामणगांव की प्रमाणित कर यह माल नकली बिजवाई होने की बात सामने आयी हैं. यह माल कुल 9 लाख रूपये का है, जिसे सील कर दिया गया है. पुलिस अधीक्षक हरी बालाजी के मार्गदर्शन में विशेष दल के प्रभारी अजय आकरे, सैय्यद अज़मत, स्वप्निल तंवर, पंकज फाटे, विजय अवचार व तलेगांव पुलिस के प्रवीण पाटिल,संजय भोपले ने भाग लिया.

अकोला. पालकमंत्री बच्चू कडू ने जायजा बैठक में जिला प्रशासन, मनपा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कोविड सेंटर में अव्यवस्था कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि अकोला में कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है. प्रशासन के बीच समन्वय न रहने से कोविड सेंटर में संदेहास्पद व कोरोना बाधित मरीजों का योग्य उपचार नहीं किया जा रहा है. 

 बैठक में जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर, जिला पुलिस अधीक्षक अमोघ गावकर व अन्य अधिकारी उपस्थित थे. उन्होंने अस्पताल में कार्यरत डाक्टर्स, नर्स व अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता के संदर्भ में पूछताछ की. डा.पीडीकेवी स्थित क्वारंटीन सेंटर कोविड कक्ष में मरीजों की असुविधा के बारे में नाराजगी व्यक्त की. पालकमंत्री बच्चू कडू ने अकोट-तेल्हारा, देवरी-शेगांव और अकोला-अकोट रास्ते के निर्माणकार्य के बारे में तथा घरकुल योजनाओं का भी जायजा लिया.

गडचिरोली: माओवाद्यांनी एटापल्ली तालुक्यातील गट्टा जांबिया येथील वनपरिक्षेत्राधिकारी कार्यालयाची तोडफोड करून जाळपोळ केल्याची घटना मध्यरात्री घडली. तसंच येथील दोन वनसंरक्षकांना बेदम मारहाण करून त्यांच्याकडील मोबाइल घेऊन ते पसार झाले.

काही दिवसांपूर्वी माओवादी नेता सृजनाक्का चकमकीदरम्यान मारली गेल्यानंतर माओवाद्यांनी वाहनांची जाळपोळ केल्याची घटना घडली होती. त्यानंतर काल, मध्यरात्रीच्या सुमारास माओवाद्यांनी पुन्हा जाळपोळ आणि तोडफोड केली आहे. एटापल्ली तालुक्यातील गट्टा जांबिया येथील वनपरिक्षेत्राधिकारी कार्यालयात घुसून तोडफोड केली. त्यानंतर कार्यालय पेटवून दिलं. येथील दोन वनसंरक्षकांना मारहाण केली. तसंच त्यांच्याकडील मोबाइल पळवले. माओवाद्यांनी वनविभागाचं कार्यालय पेटवून दिल्यानं कार्यालयातील काही महत्वाचे दस्तावेज जळून खाक झाले आहेत. तसंच या जाळपोळीत कार्यालयाचं मोठं नुकसान झालं आहे. दरम्यान, काही वर्षांपूर्वी माओवाद्यांनी हेच कार्यालय पेटवून दिलं होतं. त्यानंतर मध्यरात्री पुन्हा या कार्यालयात घुसून जाळपोळ केली आहे. त्यामुळं वनविभागाच्या अधिकारी-कर्मचाऱ्यांमध्ये भीतीचं वातावरण आहे. या ठिकाणी कामे कशी करायची असा प्रश्न त्यांच्यासमोर निर्माण झाला आहे. दरम्यान, ही जाळपोळ गट्टा दलम आणि कंपनी दलमच्या माओवाद्यांनी केल्याचा प्राथमिक अंदाज व्यक्त करण्यात येत आहे.

वरोरा. कोरोना संक्रमण की वजह से जारी लॉकडाउन के बाद अब सरकार ने काफी छूट दी है. जिससे अब बाजार में बरसात से बचने वाले सामान लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है. कुछ दिनों पूर्व बरसात ने जिले में दस्तक दी. वरोरा कृषि बाजार समिति में पड़ा हजारों क्विंटल कपास भीग जाने से नुकसान हुआ. अब बाजार खुलने से लोग छाते, रेनकोट, कवेलू, घरों की छतों पर बिछाने के लिए तिरपाल आदि सामानों की खरीददारी के लिए निकल रहे हैं. अब तक स्कूल के संबंध में कोई निर्णय नहीं होने के कारण फिलहाल स्कूल बैग, किताबें, बच्चों के छाते और रेनकोट की खरीददारी नहीं हो रही है. लॉकडाउन लागू होने की वजह से जीवनावश्यक वस्तुओं की दूकानों को छोड़कर अन्य दूकानें सुबह 10 से शाम 5 बजे तक शुरू रहती हैं.

किसानों को भी सता रही चिंता
लॉकडाउन की वजह से लगभग ढाई महीने तक बाजार ठप रहा है. खरीफ का मौसम शुरू होने वाला है. इसलिए किसानों को भी चिंता सताने लगी है. वैसे किसानों ने अपने खेतों को बुआई के लिए तैयार कर लिया है. किंतु मौसम विभाग ने किसानों को बुआई के लिए जल्दबाजी नहीं करने की हिदायत दी है. खाद, बीज आदि खरीददारी के लिए कई किसानों के पास जमा पूंजी तक नहीं है. इसके लिए रुपया कहां से लाए यह भी किसानों के सामने समस्या है.

चंद्रपुर. शहर के इंदिरानगर परिसर में रामनगर पुलिस को एक बुलेरो वाहन में शराब के बक्से होने की जानकारी मिली. सूचना के आधार पर पुलिस ने परिसर में पहुंचकर वाहन की जांच कर देसी शराब के कुल 15 बक्से जब्त किए. पुलिस ने शराब सहित 4.50 लाख रुपये का माल जब्त किया. इस दौरान 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. आरोपियों के नाम गणेश ढोक, सतीश वाढई व अभिजीत कुंभेकर है. 

कार से ला रहे थे शराब
इंदिरानगर परिसर में चौपहिया वाहन से शराब लाने की सूचना रामनगर पुलिस को मिली. सूचना के आधार पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया. उसी दौरान एमएच 34-1574 क्रमांक की बुलेरो परिसर के माता मंदिर चौक पहुंची. पुलिस को वाहन पर शक होने के बाद वाहन को रोककर तलाशी ली गई. जांच के पश्चात वाहन में देसी शराब के 15 बस्के पाए गए. जिसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है. कार्रवाई सहायक पुलिस निरीक्षक ए.वाई. मलिक, सुमीत खैरे के मार्गदर्शन में शुरू है.

चंद्रपुर. राजोली चक क्रमांक 1 गांव के पास जंगल में बकरियों को चराने ले गए किसान पर हमला कर बाघ ने उसे गंभीर जख्मी कर दिया. घटना सोमवार की सुबह करीब 9 बजे वन विकास महामंडल के कक्ष क्रमांक 166 में हुई. जख्मी किसान का नाम माधव गावडे (50) है. जख्मी को उपचार के लिए चंद्रपुर जिले के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. रोजाना की तरह माधव गांव के डंबाजी पेंदाम व धुलेश सुरपाम के साथ गांव के पास जंगल में बकरियों को चराने के लिए गया था.

उसी दौरान जंगल में छिपे बाघ ने तीनों पर हमला किया. जिसमें माधव जख्मी हो गया. डंबाजी व धुलेश जान बचाने पेड़ पर चढ़े. दोनों ने शोर मचाने से बाघ जंगल में भाग गया. उन्होंने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी. जिसके बाद माधव को अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसके कंधे व छाती पर चोटें आयी हैं. इसके पहले भी जखमी माधव पर बाघ ने हमला किया था. उस समय वह बचने में कामयाब हो गया था. ग्रामीणों ने बाघ का बंदोबस्त करने की मांग की है.

अकोला. अभी डाबकी रोड से रेलवे गेट परिसर की सड़क का चौड़ाईकरण का काम शुरू है. इस कार्य में ठेकेदार की मनमानी कार्य से बार बार पानी की पाइन लाइन क्षतग्रिस्त होकर जलापूर्ति खंडीत हो रही है. सोमवार 8 जून को इससे उदय नगर परिसर में जलापूर्ति हो नही सकी. कुछ दिनों पूर्व सड़क के कार्य की जेसीबी ने इस परिसर को जलापूर्ति करनेवाली पाइप लाइन जगह जगह पर उखडी है. जिससे गजानन नगर परिसर में तकरीबन 13 से 14 दिन के बाद जलापूर्ति हुई. नागरिकों को पानी के लिए दर दर भटकना पड़ा है. महानगर पालिका के जलप्रदाय विभाग को पानी की पाइप लाइन की दुरुस्ती के लकए 1 लाख रुपयों के पास खर्च आने की जानकारी जलप्रदाय विभाग के अधिकारियों ने दी है.

मोहाड़ी (सं). रोहा, पांजरा, देव्हाडा के रेती घाटों पर तहसीलदार देवदास बोंबर्डे की टीम ने छापा मारकर रेती चोरों से 12 लाख 39 हजार 200 रु. का दंड वसूला. तहसीलदार के रूप में नियुक्त होने के पश्चात देवदास बोंबर्डे की यह पहली कार्रवाई है. रेती चोरी का यह प्रकार नया नहीं है. रेती चोरी को रोकने में प्रशासन असफल रही है.

होती रहती कार्रवाई
ऐसे रेती चोरों पर जुर्माना लगाने के लिए प्रशासन के अधिकारी कार्रवाई करते रहते हैं. ऐसी ही कार्रवाई करने के लिए तहसीलदार देवदास बोंबर्डे,  नायब तहसीलदार घनश्याम सोनकूसरे,  मंडल अधिकारी मडामे, पटारी वैभव ठाकरे, अंकुश धांडे, प्रशांत डूइनवार, आशीष टेकाम, कोतवाल चंदन नंदनवार, गणेश ठवकर, हेमंत गराडे एवं पुलिस टीम के मोबाइल टीम ने रात के वक्त रोहा घाट पर छापा मारा. 

जब्त किया माल
इसमें एम. एच. 40 वाय 9751, एम. एच. 36 ए. पी. 3845, एम. एच. 36 ए. 0762, एम. एच. 40-4447 क्रमांक के टिप्पर पकड़े. इसके साथ ही देव्हाडा बुज के रेती घाट एवं पांजरा बोथली रेती घाट पर बिना क्रमांक के ट्रैक्टर पकड़े गए. करीब 68 लाख रु. का माल पुलिस स्टेशन मोहाड़ी एवं करडी में जमा किया गया. तहसील के रेती चोरों पर प्रतिबंध डालने के लिए स्थायी एवं मोबाइल टीम तैयार की जाएगी.

लाखांदूर. ग्रीष्मकालीन धान फसल की कुछ प्रमाण में चुराई होने के बावजूद भी जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण खुले पर रखे गए धान के बोरे बारिश में भीग गया. किसानों ने लाखांदूर में धान खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग की है. बारिश के डर से किसानों ने ग्रीष्मकालीन धान की कटाई व चुराई शुरू की है. कुछ जगह हार्वेस्टर यंत्र तो कुछ जगह मजदूरों द्वारा चुराई यंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है.

ग्रीष्मकालीन सीजन में लाखांदूर तहसील में करीब 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान की बुआई की गई थी. कुछ प्रमाण में धान की कटाई व चुराई हुई है. आधे से अधिक फसल की कटाई व चुराई शेष है. रोहिणी नक्षत्र में बारिश के झमाझम दस्तक से कुछ क्षेत्र की ग्रीष्मकालीन फसल का नुकसान हो गया है.

हजारों क्विंटल धान भीगा
धान बिक्री के लिए अभी तक सरकार के समर्थनमूल्य धान खरीदी केंद्र शुरू नहीं होने से तहसील के सैंकड़ों किसानों के हजारों क्विंटल धान बारिश में भिगने की जानकारी है. तहसील के जैतपुर, बारव्हा, दिघोरी/मोठी, पारडी, डोकेसरांडी के साथ-साथ कुछ स्थानों पर आधार केंद्र शुरू हुए है. केंद्र विवाद में फंसते दिखाई दे रहा है.

लाखांदूर केंद्र में सबसे अधिक ग्रीष्मकालीन धान उत्पादक गांवों का समावेश है. बावजूद भी सरकार प्रशासन की अनदेखी से अब तक धान खरीदी केंद्र शुरू नहीं हुए है. सरकार ने शीघ्र दखल लेकर लाखांदूर में तत्काल समर्थनमूल्य धान खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग की है.

भंडारा. जिले में कोरोना प्रतिबंध को लेकर जहां एक ओर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन मुस्तैद है. वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम कोरोना मरीजों के सफल उपचार के लिए जुटी है. उनकी समर्पित सेवा की वजह से ही रविवार को एक ही दिन में 6 मरीज ठीक हुए हैं. इस उपलब्धि के बाद जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या अब 17 रह गई है.

उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 41 मरीजों को कोरोना पाजिटिव पाया गया था. जिले में कुल 41 मरीजों को कोरोना पाजिटिव पाया गया था. भंडारा तहसील के 5, साकोली तहसील के 19, लाखंदूर तहसील के 11, तुमसर तहसील के 1, मोहाड़ी तहसील का 1, पवनी तहसील के 3 व लाखनी तहसील के 1 मिलाकर कुल 41 मरीजों का समावेश है.

146 के रिपोर्ट का इंतजार 
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि जिला अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में से रविवार को 6 मरीजों को छुट्टी दी गई. जिसके बाद कोरोना से स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या 24 हो गई है. 23 मरीजों पर उपचार जारी है. जिले के साकोली, तुमसर, लाखंदूर,  लाखनी, भंडारा व मोहाड़ी तहसील में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में कुल 317 व्यक्ति भर्ती है. 76 व्यक्तियों को से छुट्टी दे दी गई है. जिले में पुणे, मुंबई व अन्य राज्यों से अब तक 40 696 वापिस पहुंचे हैं. इसमें से 29,433 व्यक्तियों का 28 दिनों का होम क्वारंटाइन पीरियड पूरा हो चुका है.

जबकि 11,263 व्यक्तियों को होम क्वारंटाइन किया गया है. उन्हें 28 दिनों तक घर में रहने की सख्त हिदायत दी गई है. 6 जून को 28 व्यक्तियों के थ्रोट स्वैब जांच के लिए नागपुर भेजे गए. अब तक भेजे गए 2,385 नमूनों में से 2,198 की निगेटिव रिपोर्ट प्राप्त हुई. 41 की रिपोर्ट पॉजिटिव है व 146 रिपोर्ट का इंतजार है. जिले में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण अस्पताल, उपजिला अस्पताल, नागरिक स्वास्थ्य केंद्र में फ्लू ओपीडी शुरू किए गए हैं. इनमें अब तक 153 व्यक्तियों को भर्ती किया गया. सभी के नमूने जांच के लिए भेजे गए. जिले में अब तक 95,948 नागरिकों ने आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड किया है.

चिमूर. अपने खेत में शुक्रवार को काम करने गया किसान देर शाम तक नहीं लौटा. परिजन और रिश्तेदार लगातार 2 दिनों से किसान की तलाश कर रहे थे. इस बीच, रविवार की सुबह किसान राजेश लक्ष्मण दडमल (55) का शव मिला. सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची.

वन विभाग ने बताया कि किसान को बाघ ने मारा है. जिसके बाद मृतक की पत्नी को वन विभाग की ओर से 5 लाख रुपए का धनादेश तत्काल प्रदान किया गया. तहसील के कोलारा ग्राम निवासी राजेश शुक्रवार को अपने खेतों में खरीफ पूर्व तैयारी के लिए गया था. देर शाम तक वह नहीं लौटा. रविवार की सुबह एफडीसीएम रिसोर्ट मार्ग पर गांव के लोग उसकी तलाश कर रहे थे, तो रिसोर्ट के बाजू में एक कटा हाथ दिखाई दिया. जिसके बाद यह घटना प्रकाश में आयी.

बुआई के लिए तैयार कर रहे खेत
मानसून पूर्व बसारत के बाद किसानों ने अपने खेतों में बुआई के पूर्व की तैयारी शुरू कर दी है. शुक्रवार की सुबह राजेश अपने खेतों में जुताई के लिए गया था. जुताई के बाद शाम को किसान अपने घर नहीं लौटा. किसान के नहीं लौटने पर शाम को परिजन और ग्रामीणों ने खेत में जाकर उसकी तलाश की, तो खेत के पास उसकी चप्पल, तौलिया, पानी की बोतल मिली. किंतु राजेश दिखाई नहीं दिया. शनिवार की रात राजेश के परिजनों ने चिमूर थाने में उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने लापता का मामला दर्ज किया. 

रिसोर्ट के पास था बाघ
रविवार को रिश्तेदार और गांव के लोग कोलारा गेट समीप एफडीसीएम रिसोर्ट परिसर में उसकी तलाश कर रहे थे, तो रिसोर्ट के पास स्थित मार्ग पर बाघ बैठा दिखाई दिया और मृतक का हाथ वहां पड़ा था. तब लोगों ने बाघ को वहां से खदेड़ा. परिसर में दुर्गंध आने पर लोगों ने तलाश की, तो रिसोर्ट से आधा किमी दूरी पर ताड़ोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प के जंगल में राजेश का शव बरामद हुआ. घटना टेकड़ी मांडवझरी खेत भूमापक क्र. 91 में हुई.

गोंदिया (का). जिले में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए साथ रोग अधिनियम के प्रावधान अनुसार अधिसूचना जारी की गई है. राज्य शासन की सूधारित सूचनाओं के अनुसार जिलाधीश द्वारा दिए गए आदेशा अनुसार जिले की सभी शाला, महाविद्यालय, शैक्षणिक संस्था, प्रशिक्षण केंद्र व कोचिंग क्लासेस आगामी आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए है. लेकिन जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं को केवल शिक्षकेत्तर काम करने की मंजूरी दी गई.

जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं को तथा उनके कर्मचारी वर्गो को केवल ऑनलाइन शिक्षा पद्धति का विकास करना है. उत्तर पत्रिकाओं का मूल्यांकन करना व परिणाम घोषित करना आदि शिक्षकेत्तर कामों के लिए शाला में उपस्थित रहने की मंजूरी जिलाधीश डा.कादंबरी बलकवडे़ ने अपने आदेश में दी है.

तुमसर (सं). लॉकडाउन के कारण वर्तमान में भी पूर्णतः काम धंदे शुरु नही होने के कारण अनेक मजदूरो की आर्थिक स्थिति गंभीर दिखाई देती है. ऐसे में देव्हाडी के गरीब एवं जरूरतमंदों को पुलिस एवं मिलिट्री जवान द्वारा ग्रामीणों के सहयोग से अनाज का वितरण किया जा रहा है.

लॉकडाउन के बीच खाने-पीने की समस्या झेल रहे गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के बीच जवानों द्वारा बारिश शुरु होने के बावजूद अनाज का वितरण किया. उन्होंने जरूरतमंदों को आर्थिक मदद भी की. उनके नुसार लॉकडाउन शुरु रहने से गरीब तबके के लोगों के बीच खाद्य पदार्थों की घोर समस्या उत्पन्न हो गई है. ऐसे में उन जरूरतमंद लोगों के बीच अनाज का वितरण करने से उन्हें थोड़ी राहत मिलेगी. समाज के सभी सक्षम लोगों द्वारा लाचार लोगों की मदद करने में आगे आने की जरूरत है. सबकुछ सरकार के भरोसे छोड़ना सही नहीं होता है उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की अवधि तक जरूरतमंदों के बीच अनाज का वितरण करने का निर्णय लिया गया.

इसमे थानेदार रामेश्वर पिपरेवार के मार्गदर्शन में पी एस आय भारत वर्मा, जीतू मल्होत्रा, समाधान लांडगे, विलेश, मिलिट्री जवान गंगाप्रसाद द्वारा गेंहू, चावल एवं तेल का वितरण किया गया था. इसमें पुलिस मित्र आलम खान द्वारा सहयोग किया गया था. उनके इस कार्य के लिए विधायक राजू कारेमोरे द्वारा सराहना की गई हैं.

साकोली (सं). स्थानीय नप. ने दमकल वाहन खरीदी करते समय इसमें गैर व्यवहार होने का आरोप करते हुए इस मामले की जांच करने की मांग विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले को सौंपे निवेदन से साकोली शहर कांग्रेस की ओर से की गयी है. साकोली नप. के लिए 90 लाख 50 हजार रु. में दमकल वाहन खरीदा गया था. इसमें कई बाते संदेहित है. 14 अगस्त 2018 के प्रस्ताव अनुसार दमकल सुरक्षा अभियान के तहत निधि की मांग की गयी. हालांकि वाहन खरीदी करने के लिए आम सभा का प्रस्ताव ही नहीं लिया गया. 4 मई 2019 को जिला नियोजन समिति ने निधि मंजूर किया था.

किंतु तत्कालीन मुख्याधिकारी एवं अध्यक्ष ने इस बारे में नगरसेवक को जानकारी नहीं दी ऐसा आरोप है. तथा इस निवेदन में कहा है कि प्रशासन के मंजूरी के बिना निविदा मंगवाई गयी. 26 अगस्त 2019 को जिलाधिकारी ने 50 लाख रु. एवं शेष 41 लाख रु. ऐसे कुल 91 लाख रु. के निधि को प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की है.

किंतु चौदावे वित्त आयोग निधि से 41 लाख रु. खर्च करने में प्रशासकीय मंजूरी प्रदान करते समय दरपत्रक की संपूर्ण प्रक्रिया जांच नहीं की गयी ऐसा भी इस निवेदन में कहा है. इन सभी प्रक्रिया में गैर व्यवहार होने का दिखाई दे रहा है. ऐसा आरोप करते हुए इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की गयी है. इस पर राज्य सरकार कौनसी कार्रवाई करती है इस ओर ध्यान लगा है.

तुमसर (सं). तीन चाकी रिक्षा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर पाल्यों का कैसे तो भी शिक्षा का खर्च वहन करने वाले रिक्षा चालको पर कोरोना के लॉकडाउन के कारण भूखमरी की नोबत आ पड़ी है.

क्षेत्र में उद्योग धंदे एवं रोजगार के अभाव में कुछ लोगो द्वारा बैंकों से कर्जा उठाकर 3 पहियों का रिक्षा खरीदकर अपने परिवार का गुजारा कर रहे थे. एव इसमे से कुछ पैसे बचाकर अपने पाल्यों को पढ़ा रहे थे. लेकिन मार्च माह से शुरु हुए लॉकडाउन के कारण उनकी रोजी रोटी छीनी गई है.

वर्तमान में उनके यह हालात है कि उन्हें दो वक्त की रोटी बराबर नसीब नही हो रही है. तब अपने पाल्यों को शिक्षा की सामग्री कैसे उपलब्ध कराएंगे यह सवाल उनके समक्ष खड़ा हुआ है. कोरोना लॉकडाउन के कारण उनके रिक्षे के पहिये रुक चुके है. उन्हें इस संकट से बाहर निकालने के लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता देने की आवश्यकता है.

अकोला.  अकोला मनपा द्वारा निविदा प्रक्रिया व अग्रीम रकम की ओर अनदेखी करते हुए आयुक्त संजय कापडणीस ने क्षेत्रीय स्तर पर शहर में मानसून पूर्व नाला सफाई का काम करने के नर्दिेश दिए है और तेज गति से यह कार्य किया जा रहा है. मनपा प्रशासन ने जोन निहाय नाला सफाई का नियोजन किया है. नाला सफाई कार्य में छोटी बडी नालियों का समावेश रहता है.

शहर के सभी नालियों की सफाई की जा रहीं है. जो पडीक वार्ड है वहा मजदूरों के माध्यम से नाला सफाई का कार्य किया जा रहा है तथा जो आस्थापना के प्रभाग के वहा आस्थापना प्रभाग के मजदूरों के माध्यम से नालों की सफाई की जा रही है. मनपा की सीमा वृद्धी के बाद नालों की संख्या बढ गई है. प्रतिदिन जहां साफसफाई की जा रही है वहा के फोटो संबंधित अधिकारियों को देने के नर्दिेश मनपा प्रशासन द्वारा दिए जाने की जानकारी मिली है.

चंद्रपुर. चिमूर तहसील के काग बाम्हणी में नथ्थू तलवेकर के खेत में मौजूद 75,000 रुपये का सागौन अज्ञात चोरों ने चोरी किया. फिर्यादी तलवेकर की शिकायत पर थानेदार स्वप्निल धुले में 24 घंटों के भीतर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने काग बामणी निवासी गुणवंत खुकसू धोंगडे (50), विट्ठल भाऊराव मसराम (26), विनायक वसंता धोंगडे (50) व मारोती गोविंदा रामटेके (32) को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों से माल जब्त किया. कार्रवाई उपविभागीय पुलिस अधिकारी तारे व पीआई स्वप्निल धुले के मार्गदर्शन में डोनु मोहुर्ले, दिनेश सूर्यवंशी, विशाल वाढई ने की.

चंद्रपुर. कोरोना संक्रमण के कारण राज्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. राज्य सरकार आर्थिक मोर्चे पर भी लड़ रही है. ऐसे में विद्यार्थियों द्वारा दी गई परीक्षा शुल्क की 75 प्रश राशि सीएम राहत कोष में देने की मांग एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष यश दत्तात्रय ने पालकमंत्री वडेट्टीवार, सांसद धानोरकर के माध्यम से शिक्षा मंत्री से की है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विवि की परीक्षा नहीं लेकर नतीजे घोषित करने का निर्णय लिया है.

किंतु विद्यार्थियों ने परीक्षा फीस पहले ही भर दी है. लेकिन परीक्षाएं रद्द होने से यह निधि विवि के पास जमा रहेगी. इस निधि को कोरोना जैसे संकट में उपयोग में लाने के लिए 75 प्रश राशि सीएम राहत कोष में जमा करने की मांग उन्होंने की. निवेदन सौंपते समय एनएसयूआई की शिवानी वडेट्टीवार, कुणाल चहारे, सचिन कात्याल, शिवसेना जिलाध्यक्ष संदीप गिरे, हरीश कोत्तावार, राम हिगले आदि उपस्थित थे.

अमरावती:अमरावती आणि नागपूरमध्ये आज एकूण ५ करोनाबाधित रुग्ण सापडले आहेत. यात अमरावतीतील ४ आणि नागपूरमधील एका करोनाबाधिताचा समावेश आहे. या सर्वांना उपचारासाठी रुग्णालयात दाखल करण्यात आले असून त्यांची प्रकृती स्थिर असल्याचं सांगण्यात आलं.

अमरावतीत आज सकाळी चार जणांचे रिपोर्ट पॉझिटिव्ह आल्याने येथील करोनाबाधितांची संख्या ६५वर गेली आहे. आज सापडलेल्या चार रुग्णांपैकी एक रुग्ण २३ वर्षाचा असून बाकी तीन रुग्ण चाळीशीच्या पुढचे आहेत. यात एका महिलेचा समावेश असून या सर्वांवर तातडीने उपचार करण्यात येत आहेत. तर नागपूरच्या सतरंजीपुरा येथील एका महिलेचा अहवाल पॉझिटिव्ह आला असून नागपूरमधील रुग्णांची संख्या १६१वर पोहोचली आहे.

विदर्भात करोनाची रुग्ण संख्या वाढत असतानाच चंद्रपूरकरांसाठी दिलासादायक बातमी आहे. चंद्रपूरमध्ये २ मे रोजी सापडेल्या पॉझिटिव्ह रुग्णाची पत्नी आणि मुलीचा रिपोर्ट आला असून, हे दोन्ही रिपोर्ट निगेटिव्ह आले आहेत. तर मुलाचा रिपोर्ट अजून यायचा आहे. चंद्रपूर जिल्ह्यात करोनाचा पॉझिटिव्ह रुग्ण सापडल्याने एकच खळबळ उडाली होती.

गोंदिया (का). संक्रमण अधिनियम व आपत्ती व्यवस्थापन कानून की तरह राज्य में सार्वजनिक स्थल पर तंबाकू, सुपारी, पान, पान मसाला, गुटखा सहित अन्य तंबाकू पदार्थो का सेवन व थूंकने तथा धूम्रपान को प्रतिबंध करने उपाय योजनाओं पर कड़ाई से क्रियान्वयन करे ऐसा निर्णय राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने लिया है.

इस निर्णय को लागू करने के अधिकार घोषित किए गए सक्षम प्राधिकारी को प्रदान किए है. जिसमें संबंधित प्राधिकारी को उसके अधिपत्य वाले क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश, दंड व दंडनीय कार्रवाई संबंधी व्यापक जनजागृति व सार्वजनिक स्थलों पर फलक लगाने है. यह आदेश संपूर्ण राज्य के शासकीय, गैर शासकीय, निजी कार्यालय, मंडल व्यवसायिक, शैक्षणिक, वैद्यकीय क्षेत्र, बस स्थानक, रेलवे, न्यायालयीन संस्था, होटल, बाजार क्षेत्र में लागू रहेंगे.

उल्लेखनीय है कि सार्वजकिन धूम्रपान प्रतिबंध कानून 2003 से लागू है. वहीं 18 जुलाई 2013 के निर्णय अनुसार सुगंधित तंबाकू, सुपारी का निर्माण, संग्रह व वितरण तथा बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है. इसमें विशेषकर नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा निर्माण होता है. कंैसर, टीबी, स्वाईन फ्लू, निमोनिया जैसी घातक बीमारियों का फैलाव होता है इतना ही नहीं कोविड जैसी महामारी संक्रमण यह थूंक के माध्यम से होने की बात स्पष्ट हुई है. इस संदर्भ में अति सतर्कता लेकर जनता के हित के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय योजना करने के लिए राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्णय लिया है. उक्त आदेश प्रधान सचिव डा.प्रदीप व्यास ने जाहीर किया है.

जुर्माना व सजा का प्रावधान
सार्वजनिक स्थल पर थूंकते पाए जाने पर पहली बार के लिए 1 हजार रु. दंड व सार्वजनिक सेवा करनी पडे़गी. इसी तरह दूसरी व तीसरी बार अपराध के लिए 3 व 5 हजार रु. दंड तथा 3 व 5 दिन सार्वजनिक सेवा करनी होगी. इसके साथ ही 6 माह से दो वर्ष तक कारावास की सजा का प्रावधान है. इतना ही नहीं सिगरेट व तंबाकू के उत्पादन के विज्ञापन, पूर्ति, व्यापार व वितरण के लिए भी कडे़ जुर्माने का प्रावधान है.

साकोली. तहसील के ज्यादातर किसान खेती पर निर्भर है. खेत में कृषि पम्प चलाने विद्युत आपूर्ति के लिए साकोली उपविभाग के 2 हजार से अधिक किसानों ने महावितरण के पास आवेदन किया था. खरीफ की फसल के दौरान धान, रबी की फसल में गेहूं, लखोरी दाल व चना के साथ-साथ ग्रीष्मकालीन धान का उत्पादन किया जाता है. कृषि पम्प के बिजली की व्यवस्था नहीं करने से किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

साकोली, लाखनी, लाखांदूर इन तहसीलों के अधिकांश नागरिकों की उपजीविका का साधन कृषि है. कृषि कार्य के लिए किसानों ने सरकारी योजना के तहत कुएं तो खोदे हैं, किंतु कुएं से पानी बाहर निकालने के लिए जो कृषि पम्प कुएं में लगाए गए हैं, उसके लिए बिजली का कनेक्शन होना जरूरी है. बिजली कनेक्शन के लिए किसानों ने 2018 में ही आवेदन किया था, किंतु अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है.

कनेक्शन के लिए जमा की डिमांड राशि
साकोली, लाखनी व लाखांदूर तहसीलों में लगभग 2000 किसानों ने 3 वर्ष पहले 5,338 का डिमांड भरकर बिजली का कनेक्शन देने आवेदन किया था. आवेदन किये 3 वर्ष बितने के बाद भी किसानों को कृषि पंप के लिए बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पाया है. कृषि पम्प के लिए बिजली आपूर्ति कब होगी, इस मांग को लेकर महावितरण कम्पनी की साकोली शाखा के कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं.

किसानों ने कर्ज निकाल कर खेत में बोरवेल लगाए, कुएं खोदे, कई किसानों ने कृषि पंप भी खरीदे, किंतु बिजली नहीं मिलने के कारण उनका कृषि पंप खरीदना व्यर्थ रह गया है. एक कृषि पंत व बोरवेल खरीदने पर आमतौर पर 80 हजार रुपये का खर्च आता है, किंतु 3 वर्ष से बिजली का कनेक्शन नहीं मिलने की वजह से किसानों को कृषि पंप का उपयोग करने नहीं मिल रहा है.

चंद्रपुर. अरब सागर में उठे तूफान का प्रभाव गुरुवार को जिले में बना रहा. बुधवार की शाम जोरदार बारिश के पश्चात गुरुवार को बदली व धूप का खेल शुरू था. गुरुवार को दिनभर ठंडी हवा चलती रही. सुबह 9 बजे जिले में बदरीला मौसम बना. उसके पश्चात दिनभर बादल व धूप की आंखमिचौली चलती रही. जिले में बारिश ने दस्तक देने से कई लोग घर की छत के कवेलू की दुरुस्ती के कार्य में जुट गए हैं. बारिश के चलते नाली से रिसाव होने वाला पानी उससे बाहर होकर बह रहा है. कई वार्डों में गुरुवार को नाली की सफाई का कार्य सुबह से चलता रहा.

विदर्भ में फिर भी सबसे गर्म
मनपा ने पिछले कुछ दिनों से मानसून पूर्व तैयारी शुरू की है. बारिश के पश्चात नागरिकों ने कपाट में रखे छाते व रेनकोट बाहर निकाले. गुरुवार को चंद्रपुर जिले का तापमान 34.8 डिसे रहा. जो विदर्भ में सबसे अधिक था. हालांकि लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है. अकोला जिले का तापमान 30.7 डिसे, अमरावती 27.0 डिसे, बुलढाना 30.6 डिसे, चंद्रपुर 34.8 डिसे, गड़चिरोली 34.4 डिसे, गोंदिया 32.2 डिसे, नागपुर 29.9 डिसे, वर्धा 30.2 डिसे, वाशिम 32.0 डिसे और यवतमाल जिले का तापमान 31.5 डिसे रहा.

अमरावती. जिले में शुक्रवार 5 जून से पेट्रोल पंप सुबह 6 से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे. पेट्रोल-डीजल मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी. यह निर्णय जिला प्रशासन ने गुरुवार को लिया. इस संदर्भ में सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सूचना भेजी गई है,  जिससे अब नागरिकों में राहत है. यह जानकारी जिलाधिकारी शैलेश नवाल ने दी.

सेतू केन्द्र पर नहीं होगी भीड़
जिले में गुरुवार तक सुबह 8 से शाम 5 बजे तक ही पेट्रोल पंप शुरू रखने के आदेश थे. लेकिन अब यह बढ़ा दिया गया है. इसके साथ ही सेतु केन्द्रों पर भीड़ टालने के लिए कोविड-19 आपत्ति व्यवस्थापन के तहत कास्ट वैलिडिटी की ऑनलाइन सुविधा शुरू की गई है, जिसके तहत घर बैठे ही स्व प्रतीक्षा पत्र के साथ ऑनलाइन सुविधा मिलेगी.

अमरावती. कोरोना के बढ़ते संक्रमण से मसानगंज व इतवारा बाजार को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है. ताकि कोरोना फैलने से रोका जा सके, लेकिन प्रतिबंध के बाद भी कंटेनमेंट जोन में खुलेआम नाश्ता बिक्री की जा रही है, जिससे निगमायुक्त के समक्ष नाश्ता विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई. अतिक्रमण पथक प्रमुख गणेश कुत्तरमारे के साथ योगेश कोल्हे की टीम ने मसानगंज व इतवारा में यह कार्रवाई की. गांधी चौक में भी बेचा जा रहा नाश्ता जब्त किया. 

2,700 जुर्माना
हमालपुरा जोन के अंतर्गत स्वास्थ्य अधीक्षक अरुण तिजारे की उपस्थिति में दस्तुरनगर चौक में मास्क नहीं लगाने वाले 9 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई. 300 रुपये प्रति व्यक्ति के अनुसार 2,700 रुपयों का जुर्माना ठोंका गया. इस समय स्वास्थ्य निरीक्षक कुंदन हडाले, पंकज तट्टे, बिटप्युन राजेश पचेल, मुकेश निंधाने उपस्थित थे.

अमरावती. 5,000 रुपए की रिश्वत लेते सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआइ) राहुल रामधन जाधव (40, अर्जूननगर) और एक पुलिस कांस्टेबल वैभव अशोकराव डोइफोडे (33, नागपुरी गेट, ब.नं.1517) को एन्टी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को रंगेहाथ गिरफ्तार किया. थाने में दर्ज केस में से नाम निकालने के लिये यह रिश्वत मांगी गई थी.

आरोपी का नाम हटाने मांगी कैश
एसीबी के अनुसार शिकायतकर्ता का भांजा जमील कालोनी समीप छायानगर का निवासी है. उसके खिलाफ नागपुरी गेट पुलिस थाने में एक अपराध दर्ज है. आरोपियों में से नाम हटाने तथा सहयोग करने के लिए एपीआई जाधव ने शिकायतकर्ता से 5,000 की डिमांड की. एसीबी ने इस रिश्वत की डिमांड की पड़ताल कर मंगलवार को नागपुरी गेट पुलिस थाने में ट्रैप लगाया. इस दौरान जाधव उपस्थित नहीं होने से पुलिस कांस्टेबल डोइफोडे ने यह रिश्वत की रकम स्वीकारने का प्रयास किया. लेकिन शिकायतकर्ता ने डोइफोडे को रकम नहीं दी. जिससे एसीबी ने बुधवार को नागपुरी गेट थाने में दोबारा ट्रैप लगाया. इस समय एपीआई जाधव द्वारा शिकायतकर्ता से 5,000 की रकम स्वीकारते ही एसीबी ने एपीआई जाधव समेत कांस्टेबल डोइफोडे को गिरफ्तार कर लिया.

लॉकडाउन में ACB की पहली कार्रवाई
लॉकडाउन में शहर में एसीबी की यह पहली कार्रवाई है. एन्टीकरप्शन ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धीवरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंजाबराव डोंगरदिवे, पुलिस उपअधीक्षक गजानन पडघन के मार्गदर्शन में जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक राहुल वसंत तसरे के दल के विनोद कुंजाम, युवराज राठोड, वैभव जायले, सुनील जायेभाये व चालक सतीश किटुकुले ने ट्रैप में हिस्सा लेकर यह कार्रवाई की.

अमरावती. शहर में पैर पसार रहे कोरोना पर लगाम कसने के लिए अब प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है. निगमायुक्त ने इस संदर्भ में अनलॉक में नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर निकलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है. इतना ही नहीं तो सर्वाधिक ध्यान कंटेनमेंट जोन पर देने के निर्देश दिये हैं. कंटेनमेंट जोन का एक भी व्यक्ति प्रशासन के आदेश तक बाहर नहीं निकल पाये, ऐसा कड़ा बंदोबस्त करने का निर्णय लिया है.

कपड़ा मार्केट में ट्रायल पालिसी नहीं
निगमायुक्त रोडे ने कहा कि शहर का मार्केट क्षेत्र भले ही खुला कर दिया है, लेकिन प्रतिष्ठानों के संचालकों को कंटनमेंट जोन के कर्मियों को प्रतिष्ठानों में नहीं बुलाना चाहिए. संभवत: ऐसे कर्मियों को घर से काम करना तथा उन्हें वैसे ही वेतन देना भी जरुरी है. खासकर कपड़ा मार्केट में एक्सचेंज पालिसी नहीं रखनी चाहिए. एक्सचेंज व कपड़ों की ट्रायल पालिसी रखने से कपड़ों के माध्यम से कोरोना फैलने का डर बना रहता है.

मुंबई, पुणे से आने वालों पर रहेगी नजर
कोरोना पर लगाम कसने के लिए अब एक्शन प्लान तैयार है. जिसमें सर्वाधिक ध्यान कंटेनमेंट जोन पर दिया जायेगा. साथ ही मुंबई, पुणे आदि क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों को स्वयंस्फूर्ति से 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन रहना होगा. उसकी जानकारी स्वयं प्रशासन को देना अनिवार्य है. यदि शिकायत के माध्यम से पता चलता है तो निश्चित ही दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी.

अमरावती. कोविड-19 अस्पताल में इलाजरत हबीबनगर के 54 वर्षीय व्यक्ति की मंगलवार देर रात मौत हो गई. पाजिटिव पाए जाने के बाद उसे 24 मई को सुपर स्पेशालिटी के कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां तबियत अधिक बिगड़ने से उसकी मौत हो गई. जिसके बाद कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 16 हो गई हैं. इस तरह संपूर्ण राज्य में मृत्यु दर के मामले में अमरावती टॉप पर पहुंच गया है. हालांकि सर्वाधिक 33 मौतें भले ही अकोला जिले में दर्ज की गई हैं, लेकिन रोगियों की तुलना में मृत्यु दर अमरावती में अधिक दर्ज की गई हैं.

भाई की अचानक हुई थी मौत
कोरोना से मृत इस 54 वर्षीय व्यक्ति के भाई की 18 मई को अचानक मौत हुई थी. जिसके बाद उसके परिवार के सभी सदस्यों के थ्रोट स्वैब नमूने लिए गए थे, जिनमें से कुल 4 सदस्यों के नमूने पाजिटिव पाए गए थे. इसमें यह 54 वर्षीय व्यक्ति व उसके बेटे का भी समावेश था. जिन्हें 24 मई को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी वह रिकवर नहीं हो पाया, जिसके चलते मंगलवार की देर रात उसकी मौत हो गई.

SI की देखरेख में सुपूर्द ए खाक
54 वर्षीय व्यक्ति के मौत की खबर रात में ही उनके परिजनों को दे दी गई. बुधवार को सीमित सदस्यों के बीच स्वास्थ्य निरीक्षक की देखरेख में उसे सुपूर्द ए खाक किया गया.

वर्धा. किसान संगठन ने एचटीबीटी कपास बुआई आंदोलन खरीफ मौसम में चलाने का ऐलान किया था़ इसी तर्ज पर 2 जून को देवली तहसील के मुरदगांव (खोसे) के किसान ने अपने खेत में प्रतिबंधीत बीजो की बुआई कर च्मैं भी गुनहगारज् प्रतिकात्मक आंदोलन शुरु कर दिया है़. 

बता दे कि, किसान संगठन के तहसील अध्यक्ष खुशाल बालाजी हिवरकर ने अपने खेत से इस आंदोलन की शुरुवात कर दी है़ सरकार ने एचटी बीटी की बुआई पर रोक लगाई है़ कन्तिु हमें यह नई तकनीक के माध्यम से बुआई करनी है, ऐसी मांग किसान संगठन कर रही है़ महाराष्ट्र सहित पुरे देश में यह आंदोलन किया जाएंगा, ऐसी चेतावनी किसान संगठन ने दी है़ दुनिया में नई तकनीकि के माध्यम से बुआई हो रही है़ परंतु भारत में इन बीजो पर प्रतिबंध लगाया गया़ सरकार के निषेधार्थ यह आंदोलन किया जा रहा है, ऐसा भी किसानों ने कहा़ इसके माध्यम से नई तकनीकि की दिशा दिखाने का प्रयास है़ इससे देश का किसान कपास उत्पादन व तेल बिजो में आत्मनर्भिर ही नहीं तो नर्यिातक्षम बनेंगा़ देश में खेती उपज की नर्यिात किस प्रकार बढ सकती है, इसका उदाहरण सरकार के सामने पेश करेंगे़ देश का किसान समृध्दी बनाने की दिशा में यह एक कदम है़ आंदोलन के दौरान किसानो ने च्मैं भी गुनहगारज्, च्एचटीबीटीज्, च्मै किसानज् इस प्रकार की सूचना तख्ती दिखाकर सरकार की नीति का निषेध दर्शाया़ 

गांवखेडे की ओर बढ रहे मजदूर
कोवीड-19 के कारण अनेक मजदूर शहर से गांव में आये है़ अब अधिक बोझ गांवखेडो पर बढ गया है़ अगर किसानों को नई तकनीकि का उपयोग करने अनुमति दी गई तो वह सक्षम होंगा़ साथ ही मजदूरों को रोजगार उपलब्ध होंगा़ देश की आर्थिक व्यवस्था केवल खेती पर ही नर्भिर है़ इस लिए किसानों की ओर गंभीरता से ध्यान दे़ एक उदाहरण के तौर पर यह आंदोलन कर रहे है़ इससे देश को नई दिशा मिलेगी, ऐसी जानकारी किसान संगठन युवा आघाडी के अध्यक्ष सतीश दानी ने दी़

वर्धा. शहर से सटे सिंदी (मेघे) परिसर स्थित कुएं में युवती का शव बरामद होने से सर्वत्र हडकम्प मच गया़ उक्त मामला मंगलवार, 2 जून की सुबह सामने आया़ मृतक का नाम कोमल सुनील नितनवरे (24) बताया गया़ प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह कुछ लोगों को आईनगर परिसर स्थित कुएं में युवती का शव तैरते दिखाई दिया़ सूचना मिलते ही रामनगर थाने की पीएसआई मेघाली गावंडे दलबल के साथ घटनास्थल पहुंची़ जहां युवती का शव नागरिकों की मदद से बाहर निकाला गया़ छानबीन में मृतक की शिनाख्त हुई़ युवती का परिवार कुछ माह पूर्व म्हसाला से सिंदी (मेघे) स्थित घारपुरे लेआऊट में रहने आया था़ जहां किराये के मकान में निवासीत थे़ मृतक सात वर्षों से गंभीर बिमारी से ग्रस्त थी़ इसी चिंता में उसने अपनी जिवनलीला खत्म कर ली, ऐसी चर्चा है़ रामनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी़

गडचिरोली. जिले में कोरोना बाधित मरीजों में से आज मंगलवार 2 जून को और 2 कोरोना बाधित मरीजों ने कोरोना संदर्भ की जंग जिति है. इस दौरान दोनों मरीजों को तालियां बजाकर अस्पताल से रवाना किया गया. जिससे अबतक कोरोना संक्रमण से मुक्त होनेवाले मरीजों की संख्या 12 हुई है. आज अस्पताल से डस्चिार्ज दिए गए दोनों मरीज कुरखेडा तहसील के होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने दी है. 

अबतक जिले में कोरोना बाधित मरीजों की संख्या 38 पर पहुंची थी. मात्र 12 कोरोना बाधित मरीजों ठिक होने से अब सक्रिय कोरोना बाधित मरीजों की संख्या 26 बची है. सोमवार को 2 मरीजों को अस्पताल से डस्चिार्ज दिया गया था, वहीं आज मंगलवार को भी 2 मरीजों को डस्चिार्ज दिया गया. वहीं आज मंगलवार को शाम तक एक भी कोरोना बाधित मरीज का पंजियन नहीं हुआ था. जिले में अबतक 12 मरीज कोरोना मुक्त हुए है, यह बात राहत देनेवाली साबित हो रही है. 

246 रिपोर्ट आनी बाकी 
जिले में अबतक 2340 संदग्धि मरीजों के रिपोर्ट भेजे गए है. उसें से 2094 रिपोर्ट निगेटीव आयी है. इसमें से 246 मरीजों की रिपोर्ट आनी बाकी है. मंगलवार को शाम 5 बजे तक एक भी कोरोना बाधित मरीज नहीं पाया गया. जिले में 461 लोगों को निगरानी में रखा गया है. उसमें से 26 मरीज अस्पताल में तो 342 मरीज संस्थात्मक विलगीकरण में है. आज मंगलवार को जांच हेतु 34 नमुने लिए गए. जिले में कोरोना बाधित पाए गए 10 प्रतिबंधात्मक क्षेत्र सक्रीय है, ऐसी जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने दी है.

गडचिरोली. केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए बिली बिल कानुन व उर्जा क्षेत्र के कंपनीयों का निजीकरण करने की नितियों का निषेध करते हुए गडचिरोली के महावितरण कार्यालय के कर्मचारी व अभियंता ने 1 जून को काले फित लगाकर निषेध किया. 

केंद्र सरकार के नई नितियों के कारण देशभर के किसान, औद्योगिक ग्राहक व गरीब जनता को अनेक समस्याओं का सामना करना पड रहा है. नई नितियों के चलते उर्जा क्षेत्र में नर्णिय लेने के राज्य सरकार के अधिकार में कटौती आनेवाली है. जिससे अनेक संकटों का सामना करना पड रहा है. सभी अधिकार केंद्र सरकार की ओर जानेवाले है. गरीब नागरिक, किसानों को दी जानेवाली सबसिडी बंद होने की संभावना है. उक्त निति केवल निजी कंपनियों के लिए पोषक है. कोरोना के मद्देनजर बिजली कर्मचारी व अभियंता आंदोलन नहीं कर सते है, यह बात ध्यान में लेकर केंद्र सरकार ने चोरीछुपे नई निति लागू करने की तैयारी शुरू की है. इस निति का विरोध करते हुए प्रथम चरण में 1 जून को काला दिवस मनाया गया. गडचिरोली प्र-विभाग के कर्मचारी व अभियंताओं ने काले फित लगाकर आंदोलन किया. आंदोलन का नेतृत्व अश्विनी बनसुले, संतोष रुद्रशेट्टी, सुरेश लडके, पवन टिकार ने किया. 

कुरखेडा में भी मनाया काला दिवस - केंद्र सरकार के बिजली नितियों का निषेध करते हुए करुखेडा के उपविभागीय महावितरण बिजली विभाग के कार्यालय के समक्ष कर्मीयों ने काले फित लगाकर काला दिवस मनाया. इस समय सहाय्यक अभियंता डी. एम. झोडापे, एस. एम. निखारे, धिरज चव्हाण, फिरोज खान पठाण, पवन बोरकुटे, संदिप क्षिरसागर, आकाश गाडगे, राधेश्याम कुथे, मधूकर किलन्न आदि उपस्थित थे. सामाजिक दूरी बनाए रखकर यह आंदोलन किया गया.

अकोला. साहूकार की प्रताड़ना से त्रस्त होकर एक किसान ने आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद सहकार विभाग ने अकोला के साहूकारों पर छापामार कार्रवाई शुरू की. मंगलवार की दोपहर तक यह प्रक्रिया जारी रही. अकोला जिले में महाराष्ट्र साहूकारी अधिनियम इस नये कानून के अनुसार जिला स्तरीय समिति की स्थापना की गई, तदनुसार सहकार विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस बल के समावेश वाली संयुक्त पथक गठित कर इसके पूर्व भी शहर में कई साहूकारों के घर पर छापे मारे गए थे. 

सहकार विभाग की कार्रवाई
जिसमें कोरे धनादेश, खरीदी खत, मुद्रांक और लाखों रुपए भी जब्त किए गए. इस बीच कृउबास में आढ़तियां के रूप में सक्रिय एक किसान की आत्महत्या से खलबली मच गई. जांच में पाया गया कि साहूकार की प्रताड़ना से त्रस्त होकर किसान ने यह कदम उठाया है. अब सहकार विभाग द्वारा नियोजन के साथ छापे मारे गए. उप निबंधक कार्यालय द्वारा तीन स्थानों पर छापामार कार्रवाई की गई. जिसमें अकोला के 2 और म्हैसांग में एक स्थान पर कार्रवाई की गई. मामले की जांच सहकार विभाग द्वारा की जा रही है.

अमरावती. शहर में जनजागृति करने में अमरावतीवासी पीछे नहीं हटते है. और ना ही प्रशासन टैक्स वसूली में पीछे हटता है. लेकिन जिले में जब से कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. वैसे ही शहर के सभी होर्डिंग खाली पड़े है. जहां प्रशासन भी होर्डिंग के माध्यम से कोरोना को लेकर जनजागृति करने में जुटा था. वह भी पीछे हट रहा है, जिससे एकमात्र जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य गेट पर लगाये गये एलइडी स्क्रीन से ही कोरोना की जनजागृति की जा रही है.

जनता कर्फ्यू भी बंद
जिला प्रशासन द्वारा गाइडलाइन के अनुसार ही शनिवार व रविवार को किये जाने वाले जनता कर्फ्यू भी बंद कराया गया, जिससे लोग अब बेखौफ होकर बाहर घुमने लगे हैं. राज्य सरकार द्वारा भी अलग अलग गाइडलाइन देकर लोगों को राहत दी है. परिणामत: जनजीवन आम हो रहा है. ऐसे में लोगों को क्या एहतियात बरतने चाहिए. प्रशासन किस तरह काम कर रहा है. बढ़ आंकडों के बाद क्या होगा. यह सवालों के जबाव देकर भी प्रशासन जनजागृति कर सकता है.

वर्धा. कोरोना विषाणू के बढते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए अब जिलाधिकारी विवेक भीमनवार ने अन्य प्रांत से जिले में आनेवाले बोरवेलधारकों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है.इस संदर्भ में आदेश जारी करते हुए केवल स्थानिक बोरवेलधारकों को नियमों के आधिन रहकर काम करने की अनुमति प्रदान की है.

 बता दे कि, लॉकडाऊन के दौरान अत्यावश्यक सेवा के अलावा अन्य परिवहन पर प्रतिबंध लगाया गया है.गर्मी के दिनों में जलापूर्ति सेवा को ध्यान में रखकर बोरवेल करने को अनुमति दी गई है. किन्तु जिले में आंध्रप्रदेश, गुजरात, तामिलनाडू तथा तेलंगना आदि प्रांत से बोरवेल धारक आते थे. उनके साथ बडी मात्रा में मजदूर भी होने से कोरोना संक्रमण का डर लगा रहता था. इसी बीच वर्धा जिला बोरवेल असोसिएशन ने जिलाधिकारी को एक निवेदन पेश किया था. इसमें कुछ महत्वपूर्ण बातों पर प्रशासन का ध्यान खींचा गया. इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी विवेक भीमनवार ने अन्य प्रांत के बोरवेलधारकों को जिले में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है.

साथ ही संभावित जलकिल्लत को देखते हुए स्थानीय बोरवेलचालकों को बोर करने की अनुमति दी गई है. इस संबंध में कुछ नियम भी जारी किए है.  कम से कम मजदूरों की मदद से काम किया जाए, मास्क पहनना अनिवार्य रहेंगा, सामाजिक दूरी बनाये रखे, काम के ठिकाण पर सैनिटाईजर का उपयोग करें. बोरचालक नियमित थर्मल स्क्रीनींग करें, किसी भी मजदूर को लक्षण पाये जाने पर उसे अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी बोरवेल चालक की होंगी. प्रतिबंधीत क्षेत्र में अन्य प्रांत के बोरवेलधारक दिखाई देने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएंगी, ऐसा भी आदेश में कहा गया है.

तुमसर (सं). तहसील के घानोड में मप्र के ठेकेदार द्वारा अवैध रूप से डम्पिंग की गई रेती की सुरक्षा के लिए पटवारी एवं कोतवाल द्वारा स्वयं का स्वार्थ सिध्द कर ग्रामीणों के नदी की ओर जाने वाले 3 पगडंडी मार्गों पर देर रात के समय जेसीबी के माध्यम से गड्ढे खुदवाकर यातायात के रास्ते बंद करवाए गए हैं.

तहसीलदार की धमकी
यही नहीं तो ग्रामीणों को डराने के लिए तहसीलदार के आदेश होने का झूठा बहाना बनाकर डराने का काम किया है. इस तरह वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी कर ठेकेदार के हित में कार्य करने वाले पटवारी एवं कोतवाल के खिलाफ तत्काल कार्यवाही करने की मांग ग्रामीणों ने की है.

अवैध रूप से हो रही डम्पिंग
तहसील के रेती घाटों की नीलामी नहीं होने से मप्र के ठेकेदार द्वारा धानोड़ में नदी किनारे सैकड़ों ट्रैक्टर रेती की अवैध रूप से डम्पिंग की जा रही है. डम्पिंग की रेती  कोई नहीं ले जा सके इस उद्देश्य सबंधित ठेकेदार द्वारा गांव के पटवारी एवं कोतवाल के सहयोग से गड्ढे खुदवाए. इस संबंध में तहसीलदार ने बताया कि गड्ढे खोदने का कोई आदेश नहीं दिया गया है.

भंडारा. शिक्षा अधिकार कानून (आरटीई) अंतर्गत पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, आर्थिक रूप से दुर्बल व अन्य सभी घटकों के 25 प्रश विद्यार्थियों को निजी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में प्रवेश दिया जाता है. ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया अमल में लायी जा रही है. जिले के आरटीई के लिए पंजीकृत किए गए 94 स्कूलों में 897 विद्यार्थियों का लॉटरी पद्धति से चयन किया गया.

मई समाप्त होने के बाद भी लॉकडाउन के चौथे चरण की समाप्ति तक प्रवेश संबंधी कोई निर्देश नहीं मिलने से चयनित हुए विद्यार्थियों के पालकों में संभ्रम की स्थिति बनी हुई है. स्कूल कालेज खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. शैक्षणिक सत्र जुलाई में शुरू हो सकता है. इसके बाद ही इस बारे में फैसला होगा. स्कूल प्रशासन का कहना है कि जब तक सरकारी आदेश नहीं आता, तब तक चयनित किए गए विद्यार्थियों की प्रवेश प्रकिया शुरू नहीं हो पाना संभव नहीं लग रहा हैं.

बल्लारपुर. चौथे लॉकडाऊन के पश्चात देश के उद्योगों को शुरू करने की कवायद केन्द्र एवं राज्य सरकारों ने प्रारंभ तो की पंरतु उत्पादित माल को खरीददार नहीं मिलने की सूरत में उद्योग पुनर्‍ बंद होने के कगार पर पहुंच रहे है.

जिले की अर्थवाहिनी की संज्ञा प्राप्त बल्लारपुर पेपरमिल 24 मार्च को प्रारंभ हुए पहले लॉकडाऊन को देखते 25 मार्च को बंद कर दी गई थी. जो 5 मई को चौथे लॉकडाऊन में उद्योगों को दी गई रियायतों के पश्चात पुनर्‍ शुरू की गई. परंतु लगभग 20 दिनों तक सुचारू रूप से चलने के बाद उत्पादित माल का उठाव नहीं होने से प्रबंधन ने फैसला लेते हुए उद्योग बंद करने का नर्णिय किया है.  27 मई से ही उद्योग के एकट्ठएक विभाग बंद किए जा रहे है. चप्पिर हाऊस, डायजेस्टर, पल्प मिल तथा पेपरमशीन क्र.7 पहले ही बंद किए जा चुके है. पेपरमशीन क्र.2 और 4 सोमवार रात्रि तक बंद हो जाएंगे जिसके बाद सर्फि फिनिशिंग हाऊस डिपार्टमेंट ही अगले 2-3 दिनों तक पेपर कटिंग ट्ठफिनिशिंग का कार्य पूर्ण होने तक शुरू रहेगा. मिल प्रबंधन ने वैसे तो 12 जून से मिल को पुनर्‍ शुरू करने की बात कही है परंतु वर्तमान हालातो को देखते हुए लगता कि पेपर मिल डेढ दो महीने के पहले प्रारंभ होगी.

तुमसर. तहसील के आष्टी जिप आने वाले किसानों की फसल को जीवनदान देने व ग्रामीणों की प्यास बुझाने बावनथड़ी प्रकल्प का पानी नदी में छोड़ने से किसान व ग्रामीणों को राहत मिली हैं. विधायक राजू कारेमोरे की ओर से रायुकां अध्यक्ष ठाकचंद मुंगुसमारे के अनुरोध पर सार्थक प्रयास किए गए थे. आष्टी जिप क्षेत्र अंतर्गत गांव बावनथड़ी नदी किनारे स्थित होने के बावजूद इन गांवों में पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा हैं.

जलस्तर घटने से चिंता
भविष्य में और भी स्थिति गंभीर होने की संभावना व्यक्त की गई थी. साथ ही इससे भी अवगत कराया गया था कि, इस वर्ष धान की फसल को मावा, तुड़तुड़ा व अन्य कीटाणु लगने से किसानों का भारी नुकसान हुआ था. साथ ही गन्ने व अन्य फसलों पर भी बुरा असर पड़ा था. इसके अलावा बावनथड़ी प्रकल्प का पानी नहीं छोड़ने से नदी किनारे गांवों का जल स्तर काफी नीचे चला गया था.

इस कारण देवनारा, चिखली, डोंगरी बु., रोहिणी टोला, चांदमारा, लोभी, आष्टी, बावनथड़ी, पाथरी, कवलेवाड़ा, सक्करदरा, धानोड, सोंडया, वारपिंडकेपार, महालगांव व अन्य गांवों के किसानों की फसल को नुकसान पंहुचने के साथ पीने के पानी की भी समस्या निर्माण हुई थी. इस पर विधायक राजू कारेमोरे की ओर से जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए बावनथड़ी प्रकल्प का पानी छोड़ने के निर्देश देने कहा गया था. प्रकल्प का पानी छोड़ने पर  जिप सदस्य संगीता मुंगुसमारे, रायुकां अध्यक्ष ठाकचंद मुंगुसमारे, पंस उपसभापति शिशुपाल गौपाले, सरपंच राजू देशभ्रतार, अनिल गौपाले आदि ने विधायक कारेमोरे का आभार माना.

अकोला. पिछले खरीफ मौसम के दौरान उड़द और मूंग इन दो फसलों का बीमा हाल ही में मंजूर किया गया है. फसल बीमा की रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जा रही है. अकोला जिले के लिए यह रकम 6.50 करोड़ रु. के आस पास है. इसमें से अब तक कुछ रकम वितरित की गयी है.

फसल बीमा का प्रति हेक्टेयर कितना लाभ? राजस्व मंडल की संख्या कितनी? किसान व क्षेत्र के संदर्भ में जानकारी उपलब्ध होने में लॉकडाउन के कारण देरी हो रही है. फिर भी बीमा कंपनियों का कहना है कि किसानों के बैंक खाते में उड़द, मूंग, फसल बीमा की रकम जमा की जा रही है. इसके पूर्व पिछले वर्ष के सोयाबीन, तिल्ली और ज्वारी फसलों की बीमा रकम 142 करोड़ रु. मंजूर कर वितरित भी की गयी है. लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में बीमा की रकम जमा करने का काम शुरू है.

गड़चांदूर. नांदाफाटा में निजी आवास निर्माण के लिए शासकीय काम के लिए उपयोग का नॉट फार रिटेल/रिसेल लिखा हुआ अंबुजा सीमेंट कंपनी का सीमेंट उपयोग में आने की गुप्त जानकारी पुलिस मिली. पुलिस ने छापा मारकर आवास निर्माणकर्ता हारुण सिद्दीकी के निर्माण क्षेत्र से सीमेंट से भरे 35 बैग, उपयोग हो चुके खाली 45 बैग जब्त किए. इस मामले में 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

शासकीय काम के लिए करने थे इस्तेमाल
नांदाफाटा चौक निवासी हारुण सिद्दीकी के घर का निर्माण कार्य शुरू है. स्लैब के काम के लिए हारुण ने काकड़े की दूकान से सीमेंट बैग खरीदे. सीमेंट के 80 बैग रास्ते के किनारे खुले कर उपयोग में लाए जा रहे थे. यह शासकीय काम के लिए उपयोग किया जाने वाला सीमेंट था. इसकी जानकारी होने पर किसी ने फोटो खींचकर पुलिस को इसकी जानकारी दी. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर हारुण सिद्दीकी (40), दूकानदार ज्ञानेश्वर काकड़े (36), ठेकेदार नामदेव पानघाटे (48) के खिलाफ मामला दर्ज किया. यह जानकारी थानेदार गोपाल भारती ने दी. बताया जाता है कि पानघाटे को देवकते कंस्ट्रक्शन के नाम पर अंबुजा सीमेंट कंपनी से सस्ते दर में सीमेंट प्राप्त हुआ था. जांच एपीआई प्रमोद शिंदे कर रहे हैं.

अमरावती. पूराने बायपास पर 150 से अधिक पेड काट दिए गये. जिससे पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी व्यक्त की जा रही है. सडक चौडाइकरण के नाम पर यह पेड काटे जाने की जानकारी लोकनर्मिाण विभाग ने दी है.

तीन गुना लगाएंगे पौधे
वेलकम पाइंट से अलमास गेट तक सडक डामरीकरण का काम शुरु किया जा रहा है. चरणबध्द तरीके से यह काम शुरु रहने से 250 पेड तोडने की अनुमति वृक्ष प्राधिकरण समिति से प्राप्त हुई है. इसके अलावा भी जो पौंधे मार्ग में बाधा नर्मिाण करेंगे. उसे काटने का नर्णिय लिया है. जितने भी पौंधे तोडे जायेंगे, उससे तीन गुना पौंधे लगाने का नियोजन है. जिसके लिए पर्यावरण प्रेमियों ने भी शहर विकास के लिए सहयोग देना चाहिए. ऐसा आवाहन विभाग के कार्यकारी अभियंता सदानंद शेंडगे ने किया है.

पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी
वेलकम पाइंट से चपरासीपुरा तक के 200 से अधिक पेड पौंधे की कटाई किये जाने से पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी जताई जा रही है. इतने बडे पैमाने पर पौंधे तोडने की जरुरत नहीं होने की बात भी की जा रही है.

पेड कटाई की अनुमति
लोकनर्मिाण विभाग ने विकास कार्य शुरु करने की अनुमति मांगी थी. आवेदन प्राप्त होने से उसे संबंधित में जोन कार्यालय को भेजा गया. वृक्ष प्राधिकरण समिति से अनुमति प्रदान की गई है.-उद्यान अधीक्षक, मनपा

चंद्रपूर जिल्ह्यामध्ये शनिवारी सकाळी दोन वेगवेगळ्या दुर्दैवी घटनांमध्ये शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालयातील (इन्स्टिट्यूशनल कॉरंटाइन) अलगीकरण कक्षात दोघांचा मृत्यू झाला. यापैकी एकानं आत्महत्या केल्याचं समोर आलं आहे.

चंद्रपूर येथील श्याम नगर भगतसिंग चौक येथील रहिवासी असणाऱ्या ३० वर्षीय युवकाने सकाळी शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालयाच्या मुलींच्या वसतीगृहातील अलगीकरण कक्षात साडेसातच्या सुमारास आत्महत्या केली. हा युवक नागपूर येथून आल्यानंतर अलगीकरण कक्षामध्ये होता.

दुसऱ्या घटनेत अभियांत्रिकी महाविद्यालयाच्या निवासी कक्षामध्ये (शासकीय निवासस्थान) आपल्या कुटुंबासह अलगीकरणात असणार्‍या ४० वर्षीय नागरिकाचा प्रकृती अस्वास्थामुळे आकस्मिक मृत्यू झाला. ही व्यक्ती मूळचे यवतमाळ जिल्ह्यातील वणी तालुक्यातील शिरपूर गावची होती. त्यांचे कुटुंब त्यांच्यासोबत यावेळी होते. त्यांची प्रकृती स्थिर होती. कुटुंबासोबत त्यांचा सकाळी संवादही झाला. सकाळी साडेसातला ते आराम करत होते. झोपेतच त्यांचा मृत्यू झाला. त्यांच्या मृत्यूचे कारण अद्याप अस्पष्ट आहे.

या दोन्ही मृतकांचे करोना स्वॅब देखील घेण्यात येणार आहेत. या दोन्हीही रुग्णांची प्रकृती स्थिर होती. दोन्हीही रुग्ण शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालयाच्या वेगवेगळ्या इमारतीमध्ये अलगीकरणात होते. या दोन्ही ठिकाणी जिल्हाधिकारी डॉ. कुणाल खेमनार , मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल कर्डीले, अतिरिक्त पोलीस अधिकारी प्रशांत खैरे, उपविभागीय पोलीस अधिकारी शिलवंत नांदेडकर यांनी भेट देऊन प्रत्यक्ष पाहणी केली.

तुमसर. तहसील के दावेझरी (आं) के किसानों को अब तक बावनथड़ी प्रकल्प के नहर में गई खेती का मुआवजा नहीं मिला हैं. जिससे उनमें रोष व्याप्त हो गया है. वर्तमान में चल रहे लॉकडाउन के चलते सभी काम बंद होने से उन्हें आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा हैं. दावेझरी के किसानों ने नगराध्यक्ष प्रदीप पडोले के नेतृत्व में उपविभागीय अधिकारी से भेंट कर तत्काल मुआवजा देने की मांग की है.

कार्यालय के लगा रहे चक्कर
उन्होंने बताया कि दावेझरी के किसानों की खेती से  बावनथड़ी प्रकल्प के छोटे कैनल का निर्माण कार्य पूर्ण हुए वर्षों बीत गए हैं, किंतु अब तक संबंधित किसानों को खेती का मुआवजा नहीं दिया गया हैं. इस बारे में किसानों द्वारा कई बार निवेदन देकर कार्यालय में जाकर पूछताछ की गई थी. किंतु उन्हें टालमटोल जवाब दिया जा रहा था.

वर्तमान में कोरोना संक्रमण के चलते जारी लॉकडाउन के कारण किसान, मजदूर व सर्वसामान्य लोगों का रोजगार चले गया. इससे उन पर भुखमरी की नौबत आन पड़ी है. साथ ही आर्थिक स्थिति गंभीर हुई है. इस कारण उन्हें तत्काल मुआवजा देकर राहत देने की मांग की गई हैं. निवेदन देते समय  नगराध्यक्ष व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पडोले, जिला महामंत्री मुन्ना पुंडे, जय मोरे, राजकुमार टेकाम व अन्य किसान उपस्थित थे.

अकोला. लॉकडाउन के कारण सभी व्यवहार ठप्प पड़े हुए हैं. कई लोग बेरोजगार हो चुके हैं. ऐसे कठिन समय में आम की आवक बढ़ जाने के कारण कई लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं. अकोला में कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. केवल जीवनावश्यक वस्तुओं की दूकानें शुरू रखने के आदेश सरकार द्वारा दिए गए हैं. अनाज व सब्जी तथा फलों की दूकान अब हाथगाड़ियों पर दिखाई देने लगी है. गलियों में धूमकर आमों की बिक्री की जा रही है.

शहर के विविध भागों में लालबाग, नीलम, दशहरी, लंगड़ा, कलमी, बादामी आदि विविध तरह के आम बिक्री के लिए आ रहे हैं. आम की खरीदी के लिए ग्राहकों का प्रतिसाद भी मिल रहा है. आम स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर होता है. वहीं कच्चे आमों में विटामिन सी की मात्रा काफी अधिक रहती है. आम पक जाने पर उसमें विटामीन ए की मात्रा बढ़ जाती है. प्रतिदिन सुबह आम खाने से कई लाभ मिलते हैं.

मधुमेह हा मल्टिसिस्टिम इव्हॉलमेन्ट डिसिज म्हणजे एकाहून अधिक अवयवांवर प्रभाव पाडणारा विकार आहे. दीर्घकालापासून मधुमेहाने ग्रस्त असलेल्यांच्या शरीरात अनेक बदल होत असतात. त्यामुळे मधुमेहग्रस्त व्यक्तींनाही करोनाच नव्हे तर कुठल्याही रोगाचा प्रादुर्भाव होण्याची शक्यता असते. अर्थात हा मधुमेहग्रस्तांसाठी फार धोकादायक आहे, असेही नव्हे. पण आपणास खबरदारी घेणे अत्यावश्यक आहे. मधुमेहींमध्ये (Diabetes Patients Care Tips) काही कारणाने रोगप्रतिकारक शक्ती कमी होते. मधुमेह अनियंत्रित असेल तर प्रादुर्भाव होण्याची शक्यता अधिक असते. त्यामुळे 'कोव्हिड-१९'च्या या सगळ्या काळात आणि पुढेही मधुमेहग्रस्तांनी विशेषत्त्वाने काळजी घेणे आवश्यक आहे. आपणास माहिती आहे, की टाइप-१ आणि टाइप-२ या दोन प्रकारचे मधुमेह असतात. टाइप-१मध्ये शरीरात इन्सुलिन तयार होत नाही आणि टाइप-२मध्ये इन्सुलिन तयार होत असले तरी त्याचा वापर शरीरात होत नाही.

​मधुमेहींनी काळजी घेणे गरजेचं, कारण...

- दोन्ही प्रकारचे मधुमेह असलेल्या रुग्णांना आपला मधुमेह नियंत्रित ठेवण्यासाठी नियमित डॉक्टरांचा सल्ला घेणे क्रमप्राप्त आहे. याशिवाय काही पथ्ये पाळणे व औषधोपचार करणे अथवा इन्सुलिन घेणे आवश्यक असते.

- जे मधुमेही डॉक्टरांनी सांगितलेली पथ्ये पाळत नाहीत त्यांचा एचबीए-१सी (मागील तीन महिन्यातील मधुमेहाचा स्तर मोजण्यासाठीची एक चाचणी) रिपोर्ट हा वाढलेला असतो. अशा मधुमेहींना 'कोव्हिड-१९'चा प्रादुर्भाव होण्याचा आणि प्रादुर्भाव झाल्यावर गुंतागुंत निर्माण होण्याचा धोका अधिक असतो.

- दोन महिन्यांपासून लॉकडाउनच होते. आणि ते पुढेही राहणार आहे. याशिवाय लॉकडाउननंतरही करोनाचा धोका कमी झालेला नसेल. अशा वेळी व्यायामावर निर्बंध आले आहेत.

देश के पंतप्रधान नरेंद्र मोदी हमेशा करपशन के बारे मे बालते हमेशा ही वे करमशन खिलाफ रहे है ओर हम भी उनका साथ देते आ रहे है मगर ये बात हम तभी स्वीकार करते तब अपना मतलब हो कई बार हम सभी अपना काम निकालने के लिए छोटी मोटी चाय पानी देकर उसे बढावा दे रहे है मगर ये कहातक सही है अब ये देखो जब भी हम हायवे पर जाते है तो हमे हमेशा किसी एक टक पर आडे रखे टक्टर या गाडीया रखी दिखाई देती है इसे चालक को ना ही दाए का दिखता है नाही बाए का बडी बडी कंपनीया अपने पैसे बचाने के उद्देश से rto  के साथ मिली भगत कर टक चालक साथ खिलवाड कर रही है इसे रोड पर अपघात होणे कि संभावणा होती है मगर इस सभी के बारे मे टक चालक को कुछ पता नही रहता है वे तो रोजी कमाने के लिए ओर कपनी के कहने पर चलते है 
बाईट चालक
इस सभी विषय पर अब भाई चारा राजमार्ग परिवहन सेवा टक चालक के साथ खडी हुई है नरेंद्र मिश्रा ज्वाईट एकशन कमेटी ओर प्रल्हाद अगवाल इन्होने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितीन गडकरी से मांग कि है इस तरह से टासपोट बंद किया जाए इसकि इजाजत rtoभी नही देता है इसके पहीले भी कमेटी कि ओर से महेंदा एड महेंद्र कंपनी को इस विषय पर निवेदन दिया है 

भुके राहागीरो व प्रवासी मजुदूरो की भुक मिटाने के लिये बिट्रानिया कंपनी द्वारा गुड्डे बिस्केट दिये जा रहे मुक्त में

देश और विदेश की जानी-मानी बिस्किट कंपनी ब्रिटानिया ने भी सामाजिक प्रतिभा की भावना से प्रवासी कामगारों व राहागीरो को बिस्कुट बांटकर अपनी भागीदारी दिखाई।
   अब जब चौथा लाॅकडाॅऊन शुरू हो गई है, तब भी प्रवासी श्रमिकों की संख्या में कमी नहीं हो रही है।
                  सैकड़ों श्रमीक अभी भी शहर के राजमार्गों पर मार्गक्रमन करते हुए दिखाई दे रहे हैं, और सामाजिक और धर्मार्थ कार्यकर्ता  ने अब  अन्नछत्र  को बं भी बंद कर दिया  हैं जा उन्हें भोजन और पानी प्रदान करते थे
     इस बीच, प्रसिद्ध बिस्कुट कंपनी ब्रिटानिया ने अपने प्रसिद्ध ब्रांड गुड-डे बिस्कुट को इन श्रमिकों को मुफ्त वितरण के लिए भेजा है। ब्रिटानिया कंपनी के स्थानीय वितरक के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूखे प्रवासी श्रमिकों को वितरण के लिए ये बिस्कुट उपलब्ध कराए गए हैं

शहर के दो दिन पहिले उदघाटन होणे वाले सागर माॅल  कपडे के भव्य शोरुम पे हिंगणघाट उपविभागीय अधिकारी चंद्रभान खंडाईत व्दारा कोरोणा प्रादुर्भाव के रहते जो निर्देश दिये गय है
उसका उलंघन करणे पे कार्यवाई किई गई है

कोरोणा प्रादुर्भाव रहते माॅल का भव्य उदघाटन भी हुवा है तब शहर के पोलीस विभाग व्दारा  भी दो हजार रुपये का दंड भी उदघाटन के  पहिले दिन किया गया था तब दि.21 मई को आज फिर नियमो कि धज्जीया उडाई गई तब उपविभागिय अधिकारी व्दारा आज तत्परता दिखाते हु आज कार्यवाई किई गई लेकीन आज नियम के व्दारा उसको सिल करना  अनिवार्य था । तब उपविभागिय  अधिकारी हिंगणघाट द्वारा सात दिन के लिये दुकान कि ताला बंदी कर दिई गई ।
सागर माॅल द्वारा नियम कि सारी धज्जिया उडाई गई  थी सामाजिक दुरता को बगल दि गई थी ग्राहको सेनटाॅईजर के लिये कोई व्यवस्था नहि थी तब शासन व्दारा दिये गये नियमो कि धज्जिया उडाई गई थी विषेश  यह माॅल जिस स्थान पे शुरु हुवा है मार्ग शासन के भिड्ड वाले सुची मे आता है
तब दुकान के सामने ग्राहाको के गाडीयो कि भिड रहती है तब रोड मै यातायात का प्रश्न भी निर्मान होते नजर आता है । एक और प्रशासन कि और से कोरोना प्रादुभार्व के रहते लोगो कि भीड किस प्रकार  कम किई जाये यह प्रयास शुरु है तब इस प्रकार भीड जमा हो रहि है तब आने वाले वक्त मै 
प्रशासन कि और से क्या कुछ उचीत कदम उठाये जायेगें या सात दिन कि ताला बंदी करने के बाद पहिले प्रकार कि स्थीती हो जाये  गी यह कार्यवाई उपविभागीय अधिकारी हिंगणघाट और उनके चमु द्वारा आज दुपेर मै कि गई

 कोंढाली-: यहां से  पांच  कि मि दुरी  के खुर्सापार  ग्रा प के समिपस्थ  निर्मल सुत कारखाने  में 20मई को दोपहर 01-00बजे राज्य के  बीजली  मंत्री  तथा नागपुर  जिले के  पालक  मंत्री  नितीन राऊत  के प्रमुख  उपस्थित में  काटोल  विधान सभा चुनाव क्षेत्र   में  चौथा कपास खरेदी  केंद्र का शुभारंभ  हुआ!इस अवसर पर  पुर्व  मंत्री  सतीश  चतुर्वेदी, पुर्व  विधायक  गिरीश  गांधी, जि प सदस्य चंद्रशेखर  कोल्हे,  सलिल देशमुख, समीर उमप,  जि प के पुर्व उपाध्यक्ष  चंद्रशेखर चिखले,काटोल पं समिती  सभापति  धम्मपाल खोब्रागडे,नरखेड  पं स  सभापती  निलीमा  रेवतकर तथा  पं स  सदस्य जिलाधिकारी  रवींद्र  ठाकरे, पणन  महा  संघ के जयेश  महाजन, कृषी उत्पन्न  बाजार  समीती  तारकेश्वर  शेलके  तथासंचालक  भास्कर  पराड,  पुर्व उपसभापति   अनूप  खराडे, योगेश  गोतमारे,   प्रमोद  मानमोडे, बाबा गुजर, जयंत  टालाटूले,   सरपंच  सुधरी  गोतमारे , केशवराव धुर्वे, स्वप्नील व्यास के उपस्थिति  में  यहाँ  के निर्मल  उज्वल सुतगीरणी  में सुमन ताई परबत के कपास की खरेदी  कर काटोल  विधान सभा  के चौथे   कापास  खरेदी केंद्र शुरू  का उद्घघाटन  किया गया ।

गोंदिया : जिले के नागरिकों ने कोरोना महामारी का डटकर मुकाबला किया है. देश में 24 मार्च से लॉकडाउन घोषित किया गया था. इसके बाद सतत चौथे चरण का लॉकडाउन 31 मई तक घोषित किया गया है. लेकिन दीर्घ अवधि तक लॉकडाउन का सामना कर रहे नागरिकों को केंद्र व राज्य शासन ने आखिरकार बड़ी राहत दी है.

जिला प्रशासन ने तीसरे चरण के बाद 5 मई से व्यापारियों को कुछ शर्तो के साथ दूकाने शुरु रखने की अनुमति दी है. इसके पूर्व जीवनावश्यक वस्तुओं की दूकानें सतत शुरु ही थी. जिला प्रशासन के आदेश के बाद एक तरह से संपूर्ण मार्केट खुल गया है. लेकिन बाजार से 2 सप्ताह बीत जाने के बाद भी रौनक गायब है. लोगों में खरीददारी को लेकर कोई उत्साह नजर नहीं दिखाई दे रहा है.

शासकीय कार्यालयों में पहले की तरह कामकाज नहीं हो रहा है. अधिकांश कार्यालयों में कर्मचारियों का अभाव है. वहंी शासकीय कार्यालयों में काम के लिए जाने वालों की संख्या भी नगण्य है. जिला मुख्यालय में गिनती के होटल व रेस्टारेंट शुरु किए गए है. लेकिन वहां केवल पार्सल कर खाद्य सामग्री दी जा रही है. जिले में सब्जी भाजी की बिक्री खुब हो रही है.

कृउबास मुख्य बाजार के साथ साथ हिंदी टाउन स्कूल, सुभाष स्कूल मैदान व नप स्टेडियम में जिला प्रशासन की पहल पर अस्थायी लघु बाजार बनाए गए है. जहां लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर खरीददारी कर रहे है. विवाह का सीजन भी फिका हो गया है. अप्रेल व मई इन दो माह में सामूहिक के साथ साथ बड़ी संख्या में पारिवारीक विवाह होते है. जिससे विवाह करने वाले दोनों पक्षों के लोग मार्केट में जमकर खरीदी करते थे. जबकि कोरोना वायरस ने उन्हें भी मुश्किल मंें डाल दिया है. अनेक परिवारों ने विवाह की तिथियां आगे बढ़ा दी है. इसका असर भी मार्केट की खरीददारी पर पड़ रहा है.

गोंदिया: टीबी की बीमारी यह नोटिफायबल होने से हर एक टीबी मरीज की जानकारी जिला टीबी अधिकारी के पास समय पर देना बंधनकारक है. इसके बाद भी निजी व्यवसायिक उनके पास की जानकारी समय पर अपडेट कर नहीं भेजते है. जिससे ऐसे निजी व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यह जानकारी जिला टीबी अधिकारी ने दी. टीबी रोग यह सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या है.

इस बीमारी का संक्रमण रोकने के लिए व टीबी को नियंत्रित करने जल्द से जल्द निवारण व संपूर्ण उपचार करना अत्यंत आवश्यक है. जितने मरीज शासकीय स्वास्थ्य संस्था में उपचार ले रहे है उसी प्रमाण में निजी वैद्यकीय व्यवसायियों के पास मरीज उपचार करा रहे है. इसमें गलत रोग निवारण और अनियमित उपचार से डीआर टीबी होने की अधिक संभावना रहती है. जिसकी वजह से टीबी को नोटिफायबल बीमारी के रुप में घोषित किया गया है.

केंद्र शासन के अनुसार निजी वैद्यकीय व्यवसायिक, निजी दवाई विक्रेता व निजी प्रयोग शाला वालों को टीबी मरीजों की जानकारी जिला टीबी अधिकारी को देना बंधनकारक है. इसके लिए शासन की गाईड लाईन अनुसार टीबी नोटिफिकेशन करने 500 रु.व मरीज का संपूर्ण उपचार पूर्ण होने के बाद 500 रु. इंसेटिव्ह देय है. इसी तरह उपचार वाले सभी टीबी मरीजों की सिबीनॅट जांच, एचआयवी जांच व आरबीएस जांच यह शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में नि:शुल्क की जाती है. मरीजों के कांटेक्ट ड्रेसिंग करना व उपचार के अंत में आउट कम डालना अत्यंत आवश्यक है. टीबी मरीजों की निजी वैद्यकीय व्यवसायियों को निक्षय इस ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन करना आवश्यक है. इसमें टीबी मरीजों का सन 2020 में जनवरी 49 मरीज, फरवरी 33, मार्च 28 व अप्रैल में 17 मरीजों की निक्षय ऑनलाईन पोर्टल पर पंजीयन किया गया है.

ब्रम्हपुरी. देश भर में लाखों मजदूर, कामगारों का रोजगार छीन गया है उन्हें दो जून की रोटी जुटाने के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है. उनके पास खाने को अनाज नहीं, घर तक पहुंचने के लिए पैसे नहीं, अपने परिवार को पालन पोषण यशप्रश्न बन गया है. इतना होने के बाद भी सरकार उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रही है. इसलिए केन्द्र सरकार के नष्ठिूरता के विरोध में एवं स्थानांतरित मजदूरों की मांगों को लेकर भारतीय कम्युनस्टि पार्टी की ओर से आज मंगलवार 19 मई को देश भर में काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया गया. भाकपा के राज्य कौन्सिल सदस्य कॉ. विनोद झोडगे के नेतृत्व में तहसील कार्यालय के सामने हाथ में विभन्नि मांगों के फलक लेकर सरकार विरोधी घोषणा देकर निदर्शन किया. तहसीलदार के माध्यम से मांगों का निवेदन प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को दिया गया.

ज्ञापन में स्थानांतरित मजदूर, कामगारों के लिए अधिकाधिक रेलवे एवं बस सेवा दी जाए, जिसमें उनके खानपान की सुविधा उपलब्ध करके दी जाए, सभी मजदूरों को यात्रा भत्ते के रूप में प्रत्येक को 10 हजार रूपये दें, मनरेगा योजना अंतर्गत काम के दिन बढाये जाए, प्रत्येक परिवार के सदस्य को समय पर काम का मुआवजा दिया जाए, शहरी क्षेत्र में रोजगार एवं ठहरने की गारंटी दी जाए, बिना शर्तों के तहत उन्हें राशन दिया जाए, कामगार कानून के संदर्भ में किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाए, ग्रामीण क्षेत्र के गरीब लोग एवं किसानों के स्थानीय समस्याओं का तत्काल निवारण करें, वृध्द, विधवा और विकलांग व्यक्तियों को पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा नश्चिति की जाए, इसमें राशि बढाई जाए, किसानों को प्रतिमाह दस हजार रूपये एवं सम्पूर्ण कर्जमाफी एवं खेतिहर मजदूरों को प्रतिमाह 7500 रूपये की मदद दी जाए, 20 लाख करोड़ का लुभावना पैकैज नहीं सामान्य व्यक्ति को डायरेक्ट आर्थिक मदद दे आदि मांगों का समावेश है.

प्रदर्शन करनेवालों में भाकपा के राज्य कौन्सिल सदस्य विनोद झोडगे, तहसील सचिव विनोद राऊत, मिलींद भन्नारे, धनराज आंबोने, भास्कर वनस्कर, नरेंद्र चौधरी, गणेश दोनाडकर, अनिल शेंडे, के.डी. बगमारे आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे.

चंद्रपुर. महानगर में मुंबई एवं पुणे अथवा अन्य शहरों से लौट रहे नागरिकों ने सर्वप्रथम प्राथमिक जांच एवं पंजीयन शंकुतला लॉन में करे ऐसा आवाहन महानगर पालिका आयुक्त राजेश मोहिते ने किया है. जिले अन्य शहरों से आनेवाले प्रत्येक नागरिकों की जांच संबंधित तहसील के बस स्थानक पर हो रहा है. गांव स्तर पर आशा वर्कर द्वारा जांच क जा रही है इसका लाभ लेने का आवाहन प्रशासन ने किया है.

चंद्रपुर में महानगर पालिका एवं जिला स्वास्थ्य यंत्रणा के मार्फत शकुंतला लॉन में बाहर से आनेवाले नागरिकों के थर्मल स्क्रीनिंग एवं अन्य स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है. परस्थितिि की गंभीरता को ध्यान में रखकर स्वास्थ्य विभाग के वैद्यकीय अधिकारी, स्वास्थ्य सेवक, स्वास्थ्य सेविका, सफाई विभाग के कर्मचारी, शक्षिक कर्मचारी साथ ही गांव से वापस लौटे नागरिकों की जांच करने काम हो रहा है अब तक 1550 नागरिकों की जांच की गई. इसके साथ ही उन्हें घर में रूकने की सलाह दी गई है.

जिले के नागपुर रोड पर स्थित शंकुलता लॉन में परप्रांत एवं अन्य जिलों से आनेवाले नागरिकों की जांच की जा रही है. इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग एवं महानगर पालिका स्वाथ्स्य पथक तैयार है. सर्वप्रथम आये नागरिकों का पंजीयन किया जा रहा है. थर्मल स्क्रीनिंग द्वार वैद्यकीय जांच की जा रही है. नागरिकों का समुपदेशन कर उन्हें होम कोरेन्टाईन का मुहर लगाकर उन्हें 14 दिनों को होम कोरेन्टाईन किया जा रहा है.

चंद्रपुर. लॉकडाऊन के समय जिले के एवं अन्य जिले के अनेक कामगार तेलंगाना में फंसे हुए है. इनमें से गोंदिया जिले के देवरी तहसील के 28कामगार चंद्रपुर पहुंचे थे. पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार के नर्दिेश पर एसटी बस से उन्हें उनके गांव पहुंचाया गया.

जिला प्रशासन की ओर से सभी कामगारों का पंजीयन किया गया. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र क्र. 1 इंदिरानगर में थर्मल स्क्रिनिंग द्वारा स्वास्थ्य जांच की गई. इसमें 13 पुरूष, 9 महिला कामगार एवं 6 बच्चों का समावेश है. इस समय जिला प्रशासन की ओर से सभी कामगारों के चायपान की व्यवस्था की गई. कामगारों ने पालकमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार माना.

पालकमंत्री कार्यालय के सहसमन्यवक उमेश आडे, चंद्रपुर के नायब तहसीलदार अजय भास्करवार, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के वैद्यकीय अधिकारी डा. जयश्री वाडे, स्वास्थ्य सेविका एवं स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित थे.

दर्यापुर. पूरे देश में कोरोना का खौफ है, लेकिन राष्ट्रीय आपदा की इस घड़ी में भी राशन दूकानदारों द्वारा आम गरीब व जरूरतमंद नागरिकों की लूट की जा रही है. थिलोरी गांव में सरकारी राशन दूकानदार द्वारा अधिक दामों पर राशन बेचने, नियमित अनाज ना देने, ग्राहकों का तिरस्कार कर उनके साथ सम्मानजनक बर्ताव ना करने का मामला सामने आया है.

दूकान के सामने सैकड़ों की भीड़
राशन कार्ड धारक संगीता चोरपगार, रोशन धर्माले, संतोष वानखड़े, गजानन दाभेराव की शिकायत के अनुसार राशन दूकानदार अशोक तांबले द्वारा मनमानी की जा रही है. नागरिकों ने आपूर्ति अधिकारी के पास कई बार शिकायत की है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिए जाने से लोगों का संताप बढ़ गया है. नागरिकों के बढ़ते रोष को देखते हुए आपूर्ति अधिकारी ने थिलोरी गांव पहुंचकर दूकान के दस्तावेज जांचे व अन्य पड़ताल आरंभ की.

इस समय संतप्त नागरिकों की भीड़ फिजिकल डिस्टेंसिंग को तोड़कर जमा हो गए. वरिष्ठ अधिकारी तुरंत इस मामले में ध्यान दें व सरकारी योजना के तहत अनाज वितरण प्रणाली सुचारु न रखने वाले दूकानदार व नियंत्रण न रखने वाले अधिकारी पर कार्यवाही करे. ऐसी मांग की गई.

अमरावती. गाडगे नगर पुलिस थाना में कार्यरत 43 वर्षीय पुलिस जमादार व उसके बेटे की रिपोर्ट कोरोना पाजीटीव आने के बाद गाडगे नगर थानेदार समेत पुलिस कर्मचारी व ट्रैफिक कर्मचारी समेत 32 कर्मचारियों को क्वॉरेंटाइन किया गया था. जिसमें गाडगे नगर थानेदार समेत 24 पुलिस कर्मियों के रिपोर्ट निगेटिव आई है. जिससे जनता की सुरक्षा में 24 घंटे तैनात रहने वाले कोरोना वारियर्स पुलिस दल को बड़ी राहत मिली है. 

सेल्फ क्वॉरेंटाइन किया: गाडगे नगर के थानेदार व अन्य कर्मचारियों ने संस्थात्मक क्वारंटाइन किया गया है. जिनके सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उनके लौटने की कई लोग प्रतीक्षा कर रहे है. लेकिन पुलिस अब सेल्फ क्वॉरेंटाइन हो गए है. नागरिकों से भी सेल्फ क्वॉरंटाइन होकर प्रशासन को सहयोग करने आव्हान थानेदार मनीष ठाकरे ने किया है.

अमरावती: कोरोना वायरस का प्रादुर्भाव रोकने जिला प्रशासन द्वारा विभन्नि उपाययोजना की जा रही है. कोरोना संकटकाल में किसानों को राहत देने के लिए पीएम किसान योजना अंतर्गत जिले के 2 लाख 33 हजार खाताधारकों को प्रथम चरण में दो हजार रुपयों की कश्ति अदा किये जाने की जानकारी जिलाधिकारी शैलेश नवाल ने दी.

1.66 लाख जनधन खातों में अनुदान
जिले के गरिब लोगों को इंधन उपलब्ध हो इसलिए उज्वला गैस योजना से छह हजार लाभार्थी छोड 1 लाख 31 हजार 335 लाभार्थियों को गैस रिफिल के अनुदान भी जमा कराये गए है. लाकडाउन में कोई भी भूखे पेट न सोये इसलिए यह उपाययोजना कराई गई है. परितक्ता व वृध्द व्यक्ति के 1 लाख 66 हजार खाताधारकों के बैंक खातों में जनधन योजना अंतर्गत 500 रुपये पेंशन के रुप में जमा कराये गए है. जिले के आश्रय केंद्र व अन्य जगहों से दाखिल हुए 17 हजार से अधिक परप्रांतियों को वापस भेजा गया है. 1206 निजी वाहनों को अन्य जिले में पहुंचाने के लिए अनुमति दी गई है.

करोनाचा फैलाव वाढत असल्याने लागू करण्यात आलेल्या लॉकडाउनचा फटका मिरा-भाईंदरमधील स्टील उद्योगालाही बसला आहे. मिरा-भाईंदरमधील स्टील उद्योग हा शहराच्या अर्थकारणाचा कणा ठरला आहे. मात्र हाच कणा लॉकडाउनमुळे मोडून पडण्याची वेळ आली आहे.

मिरा-भाईंदरमध्ये भारतातील सर्वात मोठ्या प्रमाणात स्टील भांडी वस्तूंचे उत्पादन घेतले जाते. करोनाचा प्रादुर्भाव वाढत असल्याने लॉकडाउन लागू करण्यात आल्याने शहरातील स्टील उद्योग मागील दोन महिन्यांपासून बंद असून सुमारे २०० कोटींची उलाढाल बंद झाली आहे. त्यामुळे कारखानदार, कामगार आणि उद्योगाशी संबंधित अन्य घटकांवरही आर्थिक संकट उभे राहिले आहे. मिरा-भाईंदर शहरात पाच हजारांपेक्षा जास्त लहान-मोठे स्टीलपासून भांडी तयार करणारे कारखाने आहेत. १२०हून अधिक दुकानांमधून स्टीलच्या भांड्यांची घाऊक विक्री केली जाते. उत्तर प्रदेश, बिहार, उडीसा या राज्यांतील सुमारे २५ हजार कामगार स्टील कारखान्यात काम करतात. या सर्वांनाच या लॉकडाउनचा फटका बसला आहे.

शहरात स्टीलच्या कच्च्या मालापासून चमचे, ताट, वाटी, ग्लास व फ्रिज यांसारख्या वस्तू मोठ्या प्रमाणात तयार केल्या जातात. या वस्तूंची भारतातील सर्व राज्यांत निर्यात केली जाते. परदेशातूनदेखील स्टीलच्या वस्तूंची मागणी करण्यात येते. परंतु लॉकडाउनमुळे स्टील उद्योग बंद असल्याने कारखानदारांचे आर्थिक गणित कोलमडले आहे. सद्यस्थितीत व्यावसायिकांचे उत्पन्न बंद असले तरी देखभाल-दुरुस्तीचा खर्च, भाडे, व्यवसाय कर, वीजबिल यांचा खर्च कसा करायचा, असा प्रश्न उभा राहिला आहे.

मदतीची अपेक्षा

मिरा-भाईंदर शहरातून स्टीलच्या वस्तूंची मोठ्या प्रमाणावर निर्यात केली जाते. त्यामुळे या उद्योगांवर अवलंबून असणाऱ्या माथाडी कामगार व टेम्पो चालकांवर उद्योग बंद असल्याने उपासमारीची वेळ आली असून ते मदतीच्या अपेक्षेत आहेत.

भंडारा. कोरोना के संकट में शराब की बिक्री को अनुमति देकर सरकार ने क्या सिद्ध किया, ऐसा सवाल उठाते हुए केंद्र तथा राज्य सरकार के खिलाफ रिपब्लिकन सेना तथा सामाजिक न्याय संगठन के अध्यक्ष अचल मेश्राम ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा है. जिलाधिकारी का सौंपे गए ज्ञापन में प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि कोरोना के संकटकाल में शराब बिक्री को अनुमति न दी जाए. देश की जनता ने सरकार के आदेश का पालन करके तालाबंदी के दिनों में घर में ही रहने के आपील को स्वीकार किया. तालाबंदी का तीसरा चरण शुरु होते ही शराब बिक्री की अनुमति देकर सरकार ने क्या बताने की कोशिश की है.

कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग तथा जिला प्रशासन के कर्मचारी तथा अवैतनिक आशा वर्कर गाव में घर-घर जाकर अपना जीवन खतरे में डालकर दिन-रात एक कर रहे हैं. रोज खाने तथा कमाने वाले लोगों समेत अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग बड़ी शांति के साथ लॉकडाउन का समर्थन किया, लेकिन लॉकडाउन के तीसरे चरण में शराब की दुकानें शुरु करने की घोषणा करके सरकार ने यह बता दिया कि उसे जन स्वास्थ्य से ज्यादा अपनी तिजोरी भरने की चिंता है. सरकार को अगर तिजोरी भरनी ही थी तो उसे कोई अन्य रास्ता चुनना था, शराब बेंचकर तिजोरी भरने का सरकार ने जो रास्ता चुना, वह पूरी तरह से गलत है.

भंडारा: आग दहकाते सूर्य की तपिश से जब जनता परेशान हो गई तो फिर पशुओं का भयंकर गर्मी में परेशान होना स्वाभाविक ही है. भयंकर गर्मी के पशु भी बीमार पड़ रहे हैं. उष्माघात की वजह के पशुओं की मौत न हो, पशुपालक पशु चिकत्सिाधिकारी की ओर से दी जा रही सलाह का पालन अच्छी तरह से करें.

पशुचिकत्सिक के अनुसार उष्माघात के कारण पशुओं के शरीर का तापमान 103 से 107 अंश तक बढ़ जाता है. इस उषमाघात से पशुओं के सांस लेने की गति तथा ह्दय के ठोका बढ़ जाता है. जीभ बाहर करके मुंह से सांस लेने, लार गिराने, बेचैन होने, संतुलन बिगड़ने के कारण जमीन पर गिरने जैसे परेशानी पशुओं को होती है.

बढ़ते तापमान के कारण जिस तरह से लोग खुद को बचाते हैं, वैसे ही इस मौसम में पशुओं को बचाना पशुपालकों का दायत्वि है. पशुपालकों को सदैव इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसके द्वारा पाले जा रहे सभी पशुओं को समय पर चारा, पानी मिल रहा है या नहीं. गर्मी के मौसम में पशुओं की चिंता और ज्यादा करनी चाहिए, क्य़ोंकि ज्यादा तापमान से मानव की तरह पशु भी प्रभावित होते हैं.

अकोला. आगामी खरीफ मौसम के लिए जिले में 4.80 लाख हेक्टेयर खेत जमीन में कृषि विभाग द्वारा बुआई का नियोजन किया गया है. बुआई के लिए बीज, खाद आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने का दावा कृषि विभाग द्वारा किया गया है. जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मोहन वाघ ने किसानों से कहा है कि वे अपने घर के सोयाबीन बीज का उपयोग बुआई के लिए करें. इसके पूर्व बीजों की उपज क्षमता के संदर्भ में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा.

कृषि विभाग के अनुसार जिले में कपास और सोयाबीन इन दो फसलों के लिए प्रत्येकी 1.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का नियोजन किया गया है. कपास के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाये जाएंगे. सोयाबीन बीज की कमी महसूस होने पर किसानों को बीज उपलब्ध करवाये जाएंगे. अब तक 20 प्रश यानि 25 हजार मीट्रिक टन खाद प्राप्त हुआ है. कपास के बीजों की कमी नहीं रहेगी. महाबीज द्वारा 50 हजार क्विंटल सोयाबीन के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे तथा शेष निजी कंपनियों द्वारा सोयाबीन के बीजों की उपलब्धता रहेगी. ग्राम बीजोत्पादन के शेष किसानों के पास उपलब्ध बीजों का उपयोग खेतों में बुआई के लिए किया जाएगा. इस कारण सोयाबीन के बीजों की कमी महसूस नहीं होगी.

चंद्रपुर. केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल का जवान होमदेव ईश्वर इंगोले (40) जनवरी महीने में छुट्टियों पर घर आया था. परंतु लॉकडाउन के चलते वह यहीं फंस गया. कर्तव्य पर जाने के लिए उसने पत्राचार प्रक्रिया शुरू की थी. इस दौरान शाम 6.30 बजे इंगोले ने सलीमनगर स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

पुलिस सूत्रों के अनुसार होमदेव इंगोले यह मूलत : मांगली(देवतले) का निवासी है. आयु के 22वें वर्ष में सीआरपीएफ में होमदेव का चयन हुआ था. 17 वर्ष की देशसेवा पूर्ण होने के बाद हवालदार पद पर कार्यरत हुए. इस दौरान रेलवे सेवा शुरू होने के पश्चात कश्मीर जाने प्रशासकीय प्रक्रिया शुरू की. घटना के दिन होमदेव एक मित्र के साथ वणी में कुछ काम के लिए गया था. शाम के 6 बजे वह घर आया.

उस समय होमदेव की पत्नी व बच्चे घर में पूजा कर रहे थे. इस दौरान उसने बेडरूम में दुपट्टे से पंखे को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सहायक पुलिस निरीक्षक नीलेश चवरे व पुलिस सिपाही मंगेश शेंडे ने शव का पंचनामा किया. आत्महत्या का कारण मालूम नहीं हो पाया. घटना की जांच पुलिस निरीक्षक उमेश पाटिल के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक नीलेश चवरे कर रहे हैं.

दर्यापूर. महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के ठेकेदार द्वारा जगह-जगह पाइपलाइन खोदी जाने से पाइपलाइन लिकेज हो गई है. जिससे लाखों गैलन पानी बर्बाद हो रहा है. साथ ही इस फुटी पाइपलाइन में से गटर का पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है.

कोकाटे मार्केट में दूषित जलापूर्ति
पाइपलाइन से पानी बर्बाद होने से क्षेत्र में भीषण कृत्रिम जलसंकट फैला है. लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी न मिलने से लोग परेशान है. ग्रीष्मकाल के मई जैस महीने में भीषण जल संकट फैलने से लोगों में रोष है. ठेकेदार द्वारा कछुआ चाल से काम किया जा रहा है. कोकाटे मार्केट के पास की जगह पर खुदाई की गई है. इस फुटी पाइपलाइन में गटर का पानी जाने से कोरोना जैसे संकट काल में भी दूषित पेयजलापूर्ति हो रही है. कई बार नागरिकों द्वारा इस संदर्भ में शिकायत किए जाने के बावजूद मजीप्रा के अधिकारी अपने इस ठेकेदार की मनमानी पर नकेल नहीं कस रहे हैं. पाइपलाइन की मरम्मत हो या नई पाइपलाइन डालने का काम मजीप्रा युध्द स्तर पर इसे पूरा करे ऐसी मांग नागरिक कर रहे हैं. ऐसी मांग सामाजिक कार्यकर्ता अमोल पाटिल धर्माले, राजू पाटिल तराल, पूर्व पार्षद पप्पू पाटिल होले आदि ने की है.

 हिंगणा तहसील के अडेगाव और आसपास के परिसर के किसानों को मवेशियों को चारा पानी के लिये बोर अभयारण्य ले जाने पर वनविभाग द्वारा रोक लगाई गई थी.लेकिन अब पूर्व मंत्री रमेशचंद्र बंग ने वनविभाग से अनुमति दिला दी है.मवेशियों के चारे की समस्या से हिंगणा तहसील के आडेगाव परिसर के किसान काफी संकट में थे.परिसर से सटे बोर अभयारण्य में मवेशियों को छोड़ने पर वन विभाग द्वारा पाबंदी लगाई गई थी.लेकिन पूर्व मंत्री रमेशचंद्र बंग ने वन विभाग को निवेदन दिया और पशुसंवर्धन व दुग्ध विकास मंत्री सुनील केदार के साथ वन विभाग के अधिकारीयो की बैठक हुई.जिसमे    चर्चा कर वनविभाग द्वारा बोर अभयारण्य की कुछ जगह आडगाव परिसर के किसानों को मवेशियों के लिए चारा पानी के लिए देने का आश्वासन दिया.इस बैठक में पशु संवर्धन व दुग्ध विकास मंत्री सुनील केदार,पूर्व मंत्री रमेशचंद्र बंग, नितीन काकोडकर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक वन्यजीव, रविकिरण गोवेकर मुख्य वनसंरक्षक क्षेत्र संचालक पेंच प्रकल्प, राहुल गवई विभागीय वन अधिकारी, निलेश गावंडे वनपरिक्षेत्र अधिकारी बोर अभयारण्य आदी अधिकारी उपस्थित थे.इस समस्या को हल करने के लिए कॅबिनेट मंत्री सुनील केदार,पूर्व मंत्री रमेशचंद्र बंग  व वनविभाग के अडेगाव के पूर्व उपसरपंच युसूफ पठाण, भीमराव बाजनघाटे, जयराम उके, विठ्ठल राऊत, विनायक पवार ने आभार माना.

कोराना महामारी के प्रादुर्भाव के चलते हिंगणघाट शहर के समीप रिमडोह गांव में कोराना से ग्रामीण स्तर पर लढ रहे सभी योध्दा को सुरक्षा के दुष्टी से मास्क, ग्लब्स और सैनीटाइजर का वितरण श्री साई मित्र परीवार (रिमडोह) और प्रितम  मोतीराम कुमरे ने किया.इस दौरान ग्रांमपंचयात कर्मचारी ,ग्रामसेवक  भगत ,स्वास्थ्य विभाग के भोगांडे ,ठमके, रिमडोह गांव की सेविका अर्चना मेश्राम ,पुलिस पाटिल कल्पना उईने,स्कुल के कर्मचारी देवतले, अंगणवाडी सेविका अल्पना उईके को यह  साम्रगी दी गई.यह सभी योध्दा कोरोना महामारी के इस संकट की घड़ी में सभी जरूरी उपाय रिमडोह गांव के लिये कर रहे है. यह गांव राष्ट्रीय मार्ग से सटा है.इसलिए गांव को और गांव के लोगों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी इन कोरोना योद्धाओं पर सौपी गई है.साथ ही इन योद्धाओं की सुरक्षा भी जरूरी है. और इस बात को ध्यान में रखते हुए श्री साई मित्र परिवार और प्रितम मोतीराम कुमरे ने कोरोना विषाणु से बचाव के लिए मास्क, सैनीटाइजर और हैंड ग्लब्स वितरित किये.इस दौरान गांव के नागरीक विलास भोमले ,धनंजय सराटे, शंकर मोरेकार , बादल उईके उपस्थीत थे .

कोंढाली : राशन तथा गैस सिलेंडर वितरकों को सुरक्षा कवच के रूप मे बीमा का कवच दिए जाने की मांग काटोल तहसील राशन वितरक और गैस सिलेंडर वितरकों द्वारा की गयी है. कोरोना संक्रमण जैसे  वैश्विक महामारी मे संपुर्ण देश मे लॉकडाउन है. जिसमें  डॉक्टर, नर्सेस, पुलीस,सफाई कर्मचारी  के साथ-साथ  अन्य  सरकारी, अर्ध -सरकारी कर्मचारी रात दिन मेहनत कर कोविड-19 के संक्रमण को रोकने में लगे है. इनमें से कई कोरोना योद्धाओं को सुरक्षाकवच (बीमा) दिया गया है. 

  कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिये गांव-गांव,घर-घर अनाज वितरण और गैस सिलेंडर वितरकों की सेवा भी महत्वपुर्ण है. सरकारी राशन वितरक को गांव  के प्रत्येक राशन कार्ड व्यक्ती को राशन आपुर्ती करना है. इस बीच  जिसके  पास  राशन कार्ड  नही  ऐसा  व्यक्ती  भी भूखा ना रहे इसलिये  बिना  राशनकार्ड धारक को भी अनाज दिया जा रहा है.ऐसे में  सरकार  द्वारा  राशन आपुर्ती हो रही है . फिर भी इस वितरण प्रकार प्रक्रिया  से गुजरते समय कोरोना संक्रमण का खतरा बना रहता है. इसी प्रकार ही गैस  सिलेंडर  वितरकों  का हाल  है. सुबह  से शाम तक घर -घर  जाकर गैस  सिलेंडर  वितरण  करते  समय  भी  कोरोना  संक्रमण  का खतरा  बना रहता है. 

कोंढाली :  पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अब पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की है। इसकी खासियत यह है कि पशुपालकों को बिना किसी गारंटी के 1 लाख 60 हजार रुपये का कर्ज मिलेगा। हालांकि कर्ज लेने के इच्छुक पशुपालक ने पहले कर्ज न लिया हो, तो उन्हें बस पशु पालन विभाग के अधिकारियों से सत्यापित पत्र पर ही कर्ज मिल जाएगा।पहले किसान क्रेडिट कार्ड योजना ही चल रही है। इसके किसानों को अपनी जमीन बैंक के नाम करवाने के बाद ही कर्ज मिलता है। जबकि पशु क्रेडिट योजना में ऐसा नहीं है। 1 लाख 60 हजार रुपये तक कर्ज लेते समय उन्हें सिर्फ पशुपालन एवं  दुग्ध डेअरी विभाग के उपनिदेशक का सत्यापित पत्र देना होगा। इससे पहले किसान को अपने पशु का बीमा भी करवाना होगा। उसके लिए मात्र 100 रुपये देने होंगे.यह जानकारी  नागपुर  जिला  पशुसंवर्धन  अधिकारी  डाॅ अविनाश  ठाकरे  ने दी है। साथ ही  इस योजना  के लिये  किसानों  में  जनजागृती  करने की  आवश्यकता है। 

पहले पशुओं का कर्ज लेने में होती थी परेशानी 
पहले पशुओं का कर्ज लेने में भारी परेशानी होती थी। फाइल तैयार करवाने में महीनों लग जाते थे, अब ऐसा नहीं होगा। एक लाख 60 हजार रुपये तक राशि बिना कोई चीज गिरवी रखे मिलेगी। वहीं पशु किसान क्रेडिट कार्ड को बैंक डेबिट कार्ड की तरह प्रयोग किया जा सकेगा।  स्कीम के तहत प्रति भैंस 60249 रुपये का लोन देने का प्रावधान है तो प्रति गाय के लिए 40783 रुपये का लोन मिलेगा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना संबंधित सारी प्लानिंग तैयार कर ली है और ये प्लानिंग सभी जिलापशुसंवर्धन  अधिकारीयों  को  भेज दी है। पशु किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की जिम्मेदारी पशु चिकित्सकों तथा तहसील पशुसंवर्धन अधिकारी  की रहेगी।

समुद्रपुर : बुधवार को राष्ट्रीय माहामार्ग पर एक 65 वर्षीय ट्रक ड्राइवर की अचानक मौत हो गई. घटना समुद्रपुर के शेडगांव के पास की है जिससे परिसर में हलचल मच गई। एम एच 40 वाय 8873 आयसर ट्रक लेकर खंडाले नामक ड्राइवर चद्रंपुर से नागपुर की ओर आ रहा था.इसी बीच ड्राइवर शेडगांव के पास नामदेव महाजन के टपरी के पास रुका.वहा आने-जाने वाले लोगों के लिए साथ ही लॉकडाउन में फंसे लोगो के लिए भोजन का आयोजन किया गया था. सभी को आलुभात वितरित किया जा रहा था. ट्रक ड्राइवर भी आलुभात खा रहा था। इसी दौरान उन्हें अचानक चक्कर आने से वह गिर गया। नीचे गिरने से उनके सिर में चोट आ गई और घटनास्थल पर ही ड्राइवर की मौत हो गई. आसपास के लोगो ने मामला समझते ही इसकी जानकारी समूद्रपुर पुलिस को दी.पुलिस ने घटनास्थल पहुचकर पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.साथ ही आगे की जांच कर रही है। 

पोलीस स्टेशन हिंगणा येथे वरिष्ठ पोलीस निरीक्षक सारीन दुर्गे यांच्या मार्गदर्शनाखाली व गुन्हे प्रकटीकरण विभाग हिंगणा विनोद कांबळे यांच्या पथकातील एन.पी.सी. अभय पुडके यांचा 44 वा वाढदिवस जनजागृती गीत संगीताच्या माध्यमातून जनजागृती करुन वाढदिवस साजरा करण्यात आला. या वाढदिवसात पोलीस स्टेशन हिंगणा शहर येथील वरिष्ठ पोलीस निरीक्षक सारीन दुर्गे यांच्या मार्गदर्शनात अतिशय उत्तम प्रकारे हिंगणा पोलीस ठाण्यातील सर्व अधिकारी व कर्मचाऱ्यांच्या सोबत घेऊन सोशल डिस्टंसिंगचा अवलंबून पोलीस स्टेशनच्या समोर हिंगणा चौकात केक कापून व गीत संगीताच्या माध्यमातून विनोद कांबळे, मनोज ओरके, यांनी जनजागृती करत लोकांना सुरक्षित राहण्याचा संदेश दिला. व पुडके यांचा वाढदिवस साजरा करण्यात आला.या वाढदिवसाला पोलीस क्राइम पोलीस निरीक्षक सपना क्षीरसागर, सहाय्यक पोलीस निरीक्षक अरविंद रघुवंशी, उपनिरीक्षक अमृता सोमवंशी, मनोज ओरके, जयदीप पवार, मल्हारी डोईफोडे, विनोद नरवाडे, प्रा. सतीश भालेराव, सर्व पोलीस अधिकारी व कर्मचारी होम सैनिक व प्रतिस्ठीत नागरिक या वाढदिवसाला उपस्थित होते.

कोंढाली: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत  मेटपांजरा  जिलापरिषद  क्षेत्र  के ग्राम पंचायत  के सभी गांवो  में  जिला परिषद  सदस्य  सलील देशमुख पहुंचकर स्थानिय  नागरिकों  की कोव्हिड 19के विषय  तथा अन्य जन समस्याओं  की  जानकारी ली. इस अवसर पर  कोंढाली  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के  प्रभारी  मेडीकल  ऑफिसर  डाक्टर  सुनील येरमल, तथा आरोग्य  सेवक,  आरोग्य  सेविका,  ग्राम अधिकारी, ग्राम  सचीव आदी के उपस्थिती में  आदिवासी  तथा एन टी व्ही जे  बाहुल  क्षेत्र (घुबडी, पांजरा(काटे ),मिनीवाडा,  मसाला, दोडकी,  वसंतराव नगर, आदी गांव में सैनिटायजर,  मास्क  तथा कैप  का वितरण किया!
 साथ ही कोंढाली  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के  सह अध्यक्ष  के नाते  कोंढाली  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के  डाक्टर  अश्विनी दातीर  तथा  डाक्टर बिलाल पठाण  से  कोंढाली  के स्वास्थ्य  केंद्र पर कोव्हिड 19के पुर्व  प्राथमिक  जांच के विषयावर  जानकारी ली!
 थर्मोस्कॅनर,तथा पल्स  आॅक्सिमिटर  की मांग
 ग्रामीण  तथा आदिवासी  बहूल  आंचल  के प्रथमिक  स्वास्थ्य केंद्र  उप केंद्रों  पर आरोग्य  सेवा  देनेवाले  डाक्टर, आरोग्य सेवक,  सेविकाओं को स्वास्थ  तथा उप केंद्र  पर आये  रूग्णों के बुखार  के जांच के  लिये  थर्मोस्कॅनर  की मांग  कोंढाली  के सरपंच केशवराव धुर्वे तथा उपसरपंच स्वप्निलसिंह  व्यास  ने की है.

 ने जि प सदस्य  तथा  कचारी सावंगा  स्वास्थ्य केंद्र के अध्यक्ष सलील देशमुख  से मांग की है.

सैकडों जरुरतमंद लोगो को रोज बाबा मेंढे मित्र मंडल द्वारा बाटा जा रहा खाना...
 
              
हिंगणा.                            नागपुर शहर में लॉकडाउन के दौरान कोई मजबुर परिवार भुखा न रहे इसलिए स्वयं के खर्च से एवं दान दाताओ के मदत से बाबा मेंढे मित्र मंडल द्वारा सुबह एवं शाम गरीबो को भोजन कराया जा रहा है.इस मंडल द्वारा फुड्स पैकेट्स कई बस्तियों मे किराये दार, झोपडपट्टी, सडक किनारे, बाहर गाव के मजदूर और अन्य जरुरत मंद भूखे-गरिबो को बाटे जा रहे हैं. साथ ही जिनके पास ना कोई राशन कार्ड है और ना कोई सरकारी सहायता मिल रही है ऐसे लोगो को बाबा मेंढे एवं मित्र मंडल परिवार द्वारा रोजाना सुबह और शाम को पेट भर भोजन खिलाया जा रहा है. इस कार्य मे सुरज मेश्राम, मिलिंद शेरकी, ऍड.किशोर लांबट, समर्थ कांबले, अजय भंडारे, उमेश हाडके, अमोल काकडे, अश्विन काकडे, गोपाल मेंढे, रोशन सावरकर,विनय बुराडे सहकार्य कर रहे है.अब तक इस मंडल द्वारा सोनेगांव, खापरी, खामला, त्रिमूर्ति नगर, पन्नासे ले आउट, मोखारे कॉलेज, स्लम एरीया टाकली, जयताला, भीम नगर, अमर नगर हिंगणा के स्लम एरिया मे और झोपडपट्टी फुटपाथ पर बैठे मजदूर भिखारी वर्ग के लोगो खाना खिलाया गया.साथ ही भोजनदान का कार्य अब भी जारी है.

चिखलदरा: विगत एक माह से जारी लॉकडाउन के चलते हिल स्टेशन चिखलदरा में हालात बिगड़ते नजर आ रहे है. अधिकांश व्यवसाई केवल पर्यटकों पर निर्भर होने से तथा उपजीविका का अन्य कोई साधन नहीं होने से पर्यटननगरी में बेरोजगारी का संकट गहरा गया है.

50 से अधिक होटल
चिखलदरा पर्यटन स्थल होने की वजह से क्षेत्र में होटल व्यवसाईयों की संख्या अधिक है. यहां 50 से अधिक होटलों में करीब 20,000 पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था है. जिनमें 1,000 से अधिक कर्मचारी नौकरी करते है. साथ ही पर्यटन से जुड़े गाईड और जंगल सफारी जिप्सी चालक इनकी संख्या भी 100 के आस-पास है, जो बीते एक माह से पूरी तरह बेरोजगार हो गए है, जिनपर बेरोजगारी के साथ भुखमरी के भी आसार मंडरा रहे है.

अमरावती : विधायक रवि राणा के व सांसद नवनीत राणा के थ्रोट स्वैब के नमूने गलत लिए जाने का सनसनीखेज तथ्य उजागर हुआ है. नागपुर के एम्स अस्पताल के डाक्टरों ने सांसद नवनीत को फोन कर इस बात की पुष्टि की जिससे जिला सरकारी अस्पताल की इस घोर लापरवाही को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है. सांसद और विधायक के सैंपल ही इस तरह गलत लिये जाते हैं तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा. यह चिंता विधायक और सांसद राणा जता रहे है. इस बीच संडे को राणा दंपति के दोबारा थ्रोट स्वैब लेकर नागपुर लैब भेजे गये.

जिला अस्पताल की लापरवाही
3 दिनों से बुखार में तप रहे विधायक रवि राणा को शनिवार की सुबह रेडियंट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. जिसके तुरंत बाद डाक्टरों की सलाह पर कोरोना टेस्ट करने के लिये राणा दंपति के थ्रोट स्वैब लिए गए. इसके लिये जिला शल्य चिकत्सिक ने सुपर स्पेशालिटी अस्पताल के 3 लोगों की टीम भेजी थी. बाद में यह सैम्पल नागपुर लैब भिजवाए गए. रविवार को रिपोर्ट मिलनी थी. इसके लिये सांसद नवनीत ने एम्स में फोन लगाया. एम्स के विशेषज्ञ डा. मीना ने संसद राणा को बताया कि प्राप्त हुए दोनों के थ्रोट सैम्पल गलत है.

अमरावती : कोरोना संक्रमण की इस विपरीत परिस्थिति में उच्च माध्यमिक प्रमाणपत्र (बारहवीं) तथा माध्यमिक प्रमाणपत्र (दसवीं) की परीक्षाओं के नतीजे समय पर लगाने बोर्ड की जद्दोजहद शुरू है. आमतौर पर हर वर्ष मई के तीसरे सप्ताह में नतीजे घोषित होते है. लॉकडाउन के कारण परचे मूल्यांकन के लिए विलंब से पहुंचे, लेकिन कुछ दिनों बाद परचे पहुंचने पर मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हुई, जो अब भी शुरू है. उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के चलते 10वीं का अंतिम परचा शिक्षामंत्री द्वारा रद्द करा दिया गया था.

3.39 लाख परीक्षार्थियों को प्रतीक्षा - संभाग के पांच जिलों से 3,39,457 परीक्षार्थियों ने 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा दी है. जिसमें बारहवीं की परीक्षा 18 फरवरी से 18 मार्च तक चली. 1,51,393 छात्रों ने बारहवीं की परीक्षा दी है. जिनमें अमरावती जिले से सर्वाधिक 38307, अकोला से 27321, बुलढाना से 32534, यवतमाल से 33681 तथा वाशिम जिले से 19549 छात्र परीक्षा में बैठें थे. जबकि 3 से 23 मार्च तक चली दसवीं की परीक्षा में 1,88,064 छात्र सहभागी हुए. जिसमें अमरावती जिले से सर्वाधिक 45938, अकोला से 30785, बुलढाना से 43922, यवतमाल से 44305 तथा वाशिम जिले से 23114 छात्र इम्तेहान दिया.

रिजल्ट समय पर लगाने की कोशिश - दसवीं और बारहवीं की परीक्षा के उत्तरपत्रिकाओं का मूल्यांकन शुरू है. रिजल्ट समय पर लगाने की कोशिश बोर्ड द्वारा की जा रही है.

अमरावती . केंद्र सरकार ने कोरोना के रेड जोन, आरेंज जोन, ग्रीन जोन ऐसे 3 चरणों में जिलो को विभाजीत किया है. जिस तरह प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों को कामकाज निपटाने की प्राथमिकता दी गई है उसी तर्ज पर 20 अप्रैल से कुछ व्यापारियों को गतिविधियां चलाने के लिए भी 3 से 4 घंटे तक प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति देने की गुहार अमरावती महानगर मर्चन्टस एंड इंडस्ट्रीज की ओर से मुख्यमंत्री से लगाई है. इस संदर्भ में रविवार को व्यापारियों ने विधायक सुलभा खोडके को ज्ञापन सौंपा.

28 दिनों से बंद है व्यवसाय
व्यापारियों ने बताया कि अमरावती की तुलना में अन्य जिलों में कोरोना मरीजों की संख्या अधिक होने के बावजूद व्यापारी प्रतिष्ठान खुला करने में छूट दी गई है. सोशल डिस्टेन्स, मास्क, सैनिटाइजर के इस्तेमाल करने की शर्त पर अनुमति दें. लगातार 28 दिनों से व्यवसाय पूरी तरह से बंद रहने से व्यवसाय की पूरी कमर टूट गया है. व्यापार के खर्च बिजली बिल, स्टाफ का वेतन, दूकान का किराया, बैंक कर्ज पर ब्याज के साथ फैमिली का खर्च कैसे करेंगे. इसलिए व्यापारियों की गुहार मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री तक पहुंचाकर व्यापारियों को न्याय देने की मांग की. इस समय घनश्याम राठी, अतुल कलमकर, अशोक राठी आदि उपस्थित थे.

अमरावती : पानी की बात को लेकर चिलम छावनी में शनिवार की रात 9 बजे 2 गुटों में सशस्त्र संघर्ष हो गया. तलवार चाकू, फर्शा, लाठी जैसे तीक्ष्ण हथियार से एक-दूसरे पर हमला कर 6 लोगों को घायल कर दिया. गाडगे नगर पुलिस ने दोनों गुटों के 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसमें से एक गुट के 6 आरोपियों को अरेस्ट किया है. अरेस्ट आरोपियों में काशिफ चाउस आबु चाउस (23) मुदसीर हसन चाउस(31), अहमद बिन मोहम्मद चाउस (36), अतीक चाऊस ताकीद चाउस(26), राजीक चाउस तालिब चाउस(32) तथा आसिम चाउस हरदिल चाउस( 27 )सभी रहने वाले चिलम छावनी है.

पानी को लेकर विवाद
चिलम छावनी निवासी अरबाज खान अमीनुद्दीन पठान (20)के मकान पर पानी की टंकी है. इस टाकी से चाउस परिवार पानी चोरी कर रहे हैं. ऐसा आरोप पठान परिवार ने लगाया. इस बात पर शनिवार की रात 9 बजे दोनों गुटों में शाब्दिक विवाद होने के बाद दोनों गुट तीक्ष्ण हथियार लेकर आमने-सामने आ गए. जिन्होंने एक दूसरे को तलवार, चाकू फरसा, लाठी जैसे हथियारों से हमला किया. इस घटना के बाद परिसर में तनाव निर्माण हो गया. सूचना पर गाड़गे नगर पुलिस घटनास्थल पहुंची. पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाकर घायलों को जिला अस्पताल में भिजवाया.

इस प्रकरण में अरबाज पठान की रिपोर्ट पर शेख बबलू चाउस, असीम चाऊस, आशु चाउस, मुदस्सिर चाउस, काशिफ समेत 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया. इसी तरह दूसरे गुट से अतीक चाऊस तालिब चाउस की रिपोर्ट पर इमरान उद्दीन, रफीकुद्दीन, नजीरूद्दीन, अरबाज उद्दीन समेत तीन से 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर एक गुट के 6 लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें रविवार की दोपहर कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी ली गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

जगभऱ्यासह देशात महाराष्ट्रात कोराना विषाणूचा संसर्ग झपाट्याने वाढत आहे.तसेच कोराना बाबत योग्यती खबरदारी घेण्याचे आदेश वर्धा जिल्हा अधिकाऱ्यांकडुन जिल्ह्यात धार्मिक संस्थांना देण्यात आले आहे. या अनुषंगाने जिल्हात आपत्ती व्यवस्थापन कायद्या लागू करण्यात आला आहे. 

जिल्हा प्रशासनाकडून देण्यात आलेल्या आदेशानुसार साठी वर्धा जिल्ह्यातील गिरड येथिल हिंदू मुस्लिम एकतेचे प्रतिक असलेल्या विदर्भ सुप्रसिद्ध पाहाड फरीद दर्गाह टेकडी व बाबा फरीद दर्गाह शक्करबाहुली या दोन्ही प्रशासनाकडून कोरोना विषाणूचा संसर्गा बाबत खबरदारी म्हणून आज पासून पुढिल शासनाच्या आदेश येईपर्यंत भाविकांना दर्शनासाठी दर्गाह बंद ठेवण्याचा निर्णय दोन्ही कमेटीकडुन घेण्यात आल्याची माहिती बाबा फरीद दर्गाह टेकडी कमेटीचे चेअरमन करीमुद्दीन काजी यांनी दिली आहे...

कल रात मंगलवार के दिन रात्री ११.४० के दरम्यान सुरु हुये वेगवान बारीश और तुफान के कारण हिंगणघाट तालुका के  शहरी व ग्रामीण भाग का बडा नुकसान हुवा है
हिंगणघाट शहर मै तेज  तुफान के   साथ तेज हवा और बिजली के गडगडाट के साथ पाणि शुरवात हु उस वक्त बिजली आपुती खंडीत हो चुकी थी

  शहर के अनेक जगाहा के बडे पेड धराशाहि हुये और बिजली के कई खंबे भी तेडे हो गय दिखाई दिये दिये, स्थानिक रामनगर वार्ड के प्रंशात जीकार ईनके घर का छप्पर सिंलीग फॅन के सह उड गया उस वक्त जिकार परीवार गहरी निंद मै था तब यह सब प्रकार हूवा प्रशांत जिकार ईनके परीवार के दो छोटी लडकीया, उनकी पत्नी, उनके माता, पिता निंद मै रहते हुये हादसा हुवा सुदैवसे कोई जिवित हानि नहि हुई. पंरतु रोजमजुरी करके परीवार का उदरनिर्वाह करणे वाले गंरीब परीवार का बड आर्थीक नुकसान हुवा है।ईस तेज तुफान और पाणी के कारण घर रखे अन्न धान्य के साथ जिवन आवश्यक वस्तुये धराशाहि हुई है
 उनका आसपास देड लाख नुकसान हुवा है । उनोने  शासन कि और से मद्दत कि मांग किई है| हिंगणघाट शहर के सिमा लगत परीसरमै  पिंपळगांव परीसर मै नये ले आऊट के काम के लिये मंजुरो कि टोली आई है कल तुफान और पाणी के कारण उनका का भी संसार उदवस्त हुवा है। उनकी भी झोपडिया उडके उन्हके भी बर्तन भांडे कपडे और अन्य ईधर उड गये।शहर के न्यायालय के सामने  समाधान हाॅटेल पे जिर्ण हुवा झाडे गिरा उसके साथ गांव मै अन्य जगाह भी बडे पेड धरा शाहि हुये|

चंद्रपुर. नागपुर मार्ग पर स्थानीय जनता कालेज चौक में स्थित रेणुका गेस्ट हाउस पर पुलिस ने छापामार कार्रवाई की. इस दौरान वहां से कालेज के कुल 26 छात्र-छात्राओं को पकड़ा गया. शुक्रवार को दोपहर को रामनगर पुलिस ने कार्रवाई की. किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस की एक टीम दोपहर को इस गेस्ट हाउस पर पहुंची और तलाशी कार्रवाई शुरू की. अचानक पड़े इस छापे से गेस्ट हाउस में हड़कंप मच गया और अफरातफरी शुरू हुई.

इस भागदौड़ में कुछ युवक-युवतियां गेस्ट हाउस से भागने में सफल हुए, जबकि पुलिस ने अलग-अलग कमरों से युवक-युवतियों के कुल 13 जोड़ों को धरदबोचा. सभी को रामनगर पुलिस थाने में लाया गया. जहां पुलिस ने सभी संबंधित छात्र-छात्राओं के परिजनों को थाने में बुलाकर सबसे माफीनामा लिखवा लिया. पश्चात सभी को छोड़ दिया गया. इस घटना से शहर में खलबली मच गई. बताया जाता है कि इस गेस्ट हाउस की कई शिकायतें पुलिस को इससे पहले भी प्राप्त हुई थी. पुलिस उचित मौके की तलाश कर रही थी.

वर्धा. जब्त किये गए रेती से लदे तीन टिप्पर लेकर चालक फरार हो गए़ राजस्व प्रशासन की लापरवाही के चलते उक्त मामला सामने आते ही सर्वत्र खलबली मच गई़ इस प्रकरण में वडनेर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी़.

प्राप्त जानकारी के अनुसार हिंगनघाट के नायब तहसीलदार विजय पवार ने अवैध रेतमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की़ इसमें उन्होंने तीन टिप्पर (क्र.एमएच 36 एफ 0517, एमएच 32 एजे 0648 व एमएच 32 एजे 0649). जब्त कर लिए़ इसमें 30 से 35 ब्रास रेती जब्त कर सभी वाहन मौजा शेकापुर बाई स्थित विकास विद्यालय समक्ष गोठाडी शिवार में खडे रखे थे़ इस संबंध में राजस्व कर्मचारी देवानंद गोविंद खेकारे (53) को सूचना देते हुए सभी जब्त माल सुपुर्दनामे पर देने की बात कही़ सूचना मिलते ही खेकारे घटनास्थल पर पहुंचे़ जहां उन्हें 50 फीट दूरी पर तीन टिप्पर दिखाई दिए़ पंचनामा कर सभी वाहन कर्मचारियों के स्वाधीन कर दिये गए़ किन्तु शाम 4 बजे दौरान टिप्पर चालकों ने कर्मचारियों को चकमा देते हुए तीनों टिप्पर लेकर फरार हो गए़ यह बात सामने आते ही सर्वत्र खलबली मच गई़.

थाने में शिकायत - इस प्रकरण में देवानंद खेकारे की शिकायत पर वडनेर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी़ जब्त किये गए टिप्पर लेकर चालक कैसे फरार हुए, यह प्रश्न उपस्थित किया जा रहा है़ वहीं दूसरी ओर राजस्व प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है़.

वर्धा: कपास उत्पादक किसानों इस वर्ष आस्मानी व सुलतानी संकट का सामना करना पड़ रहा है. परिणाम स्वरुप किसानों को करीब 10 हजार करोड़ का नुकसान होने की संभावना है. जिस कारण धान उत्पादक की तरह कपास उत्पादकों को प्रति क्विंटल 1,000 रुपए बोनस देने की मांग किसान संगठन के विजय जावंधिया ने की. इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को ज्ञापन सौंपा.

गत वर्ष से कम है दाम - गत वर्ष सूखा प्रभावित स्थिति थी. चारें की किल्लत थी. जिस कारण सरकी, ढेप के दरों में तेजी थी. जिससे सरकी के दाम 3500 से 4000 रुपए प्रति क्विंटल मिले. इस दाम से कपास उत्पादकों को कपास का गारंटी मूल्य 5450 रुपए प्रति क्विंटल होकर बाजार में 6000 से 6500 रुपए दाम मिला था. इस आकर्षक वृद्धि से किसानों ने इस बार किसानों ने 25 फीसदी अधिक कपास की बुआई की. महाराष्ट्र में प्रतिवर्ष औसत 80 लाख कपास गाठो का उत्पादन होता है. एक गांठ यानी 5 क्विंटल कपास, इसका अर्थ 4 करोड़ क्विंटल कपास का उत्पादन था. आज महाराष्ट्र में कपास उत्पादकों को औतस 5 हजार रुपए प्रति क्विंटल कपास का उत्पादन मिल रहा है. यह दाम गत वर्ष से 1000 रुपए से कम है. भारत सरकार का गारंटी मूल्य 5550 रुपए है. इसका अर्थ ऐसा कि, सुलतानी संकट के कारण कपास उत्पादक किसानों को 4 करोड क्विंटल कपास उत्पादन पर 4 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा. इस वर्ष 25 फीसदी कपास उत्पादन का बढ़ा था. जिससे 5 करोड़ क्विंटल से अधिक कपास का उत्पादन होना अपेक्षित था. परंतु प्रत्यक्ष 4 करोड़ क्विंटल का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है. यानि 1 करोड़ क्विंटल का नुकसान होगा. औसत अपेक्षित 6000 रुपए प्रति क्विंटल के दाम से यह नुकसान 6 हजार करोड़ रुपए का था जिस कारण कपास उत्पादक किसानों को 4,000 करोड़ रुपए कम दाम से 6,000 करोड रुपए के कम उत्पादन से 10,000 करोड़ का नुकसान होगा. ऐसा ही रहा तो किसानों की आय दुगनी कैसे होगी? ऐसा सवाल विजय जावंधिया ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा है.

मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन - धान उत्पादकों को जिस तरह से गारंटी मूल्य पर 700 रुपए प्रति क्विंटल बोनस जारी किया है, उसी तरह कपास उत्पादकों को 1000 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग जावंधिया ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को ज्ञापन सौंपकर की है.

अमरावती. विदर्भ का दूसरा प्रमुख संभाग अपराध के मामलों में पिछे नहीं है, अमरावती ग्रामीण, अकोला, यवतमाल, बुलढाना और वाशिम ऐसे पांच जिलों में एक वर्ष 2019 में कुल 203 हत्याएं दर्ज की जा चुकी है. अमरावती परिक्षेत्र के इन पांचों जिलों में पुलिस का डिटेक्शन 60 फीसदी दर्ज किया है. इस वर्ष क्राइम के मामले में संभाग में बुलढाना जिला अव्वल रहा है. विशेष पुलिस महानिरीक्षक डा.मकरद रानडे ने चार्ज संभालते ही अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर शिंकजा कसने के साथ ही क्राइम कंट्रोल व डिटेक्शन ग्राफ बढ़ाने के लिए पांचों जिले के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए है.

क्राइम ग्राफ घटा, डिटेक्शन बढ़ा - अमरावती परिक्षेत्र के पांचों जिले में वर्ष 2019 में कुल 18,770 मामले दर्ज किए गए है, जबकि वर्ष 2018 में 19,332 इतने मामले दर्ज हुए है. पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 562 अपराध कम दर्ज हुए है. जबकि संगीन मामलों के आंकडे देखे तो वर्ष 2019 में कुल 203 मर्डर, 260 हत्या के प्रयास, 35 डकैती, 220 राबरी, 800 बडी चोरियां, 1100 दुर्घटना में मौत, 400 दुष्कर्म तथा 1,300 छेड़छाड़ के मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष 2018 के आंकड़े देखे तो कुल 209 मर्डर, 282 हत्या के प्रयास, 23 डकैती, 242 रॉबरी, 821 बडी चोरियां, 456 रेप व 1,500 के करीबन छेड़छाड़ की घटनाएं दर्ज की गई है. इस वर्ष लगभग संगीन अपराधों में कमी आयी है, जबकि डिटेक्शन का ग्राफ बढ़ा है. इन संगीन अपराधों में 60 से 65 फीसदी डिटेक्शन दर्ज किया है.

यवतमाल क्राइम में दूसरे नंबर पर - वर्ष 2019 में कुल 18,770 अपराध दर्ज किए गए. जिसमें सर्वाधिक 4,941 प्रकरण बुलढाना जिले में दर्ज हुए है, जबकि 4,559 यवतमाल जिले में दर्ज हुए है, जिससे यवतमाल क्राइम में दूसरे नंबर पर रहा. वहीं अमरावती में 3,597, अकोला 3,632 तथा वाशिम में 2,241 मामले दर्ज किये गए.

अमरावती. शहर में शुक्रवार की सुबह 2 अलग अलग हादसों में 2 ट्रक पलट गए. भाग्य से कोर्ई जीवित हानि नही हुई. हादसों की देर शाम तक कोई शिकायत संबंधित थानों में दर्ज नहीं की गई थी. अकोली रोड पर शुक्रवार की सुबह गिट्टी लेकर जा रहा टिप्पर (एमएच27 एक्स 832) अचानक सड़क किनारे पलट गया. इस दौरान यहां से गुजर रहे स्कूली छात्र बाल बाल बच गए. टिप्पर अकोली रोड से म्हाडा कालोनी की ओर जा रहा था. इस मार्ग पर खडीकरण का काम शुरू रहने से कच्चे सड़क पर गिट्टी डाली हुई थी. गिट्टी से लदा यह टिप्पर आगे जाकर अचानक पलट गया. जिससे कोई जीवितहानी नहीं हुई. देर शाम तक इस मामले में खोलापूरी गेट थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी.

गोंदिया. शहर पुलिस स्टेशन में दिल्ली निवासी खुशमितसिंह सविंदासिंह भाटिया (37) की शिकायत पर नकली पावर हेबिल्स प्लस की बिक्री करने वाले दूकानदार व पूर्ति के खिलाफ कापी राइट कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. सिंधी कालोनी निवासी रोचवानी अपनी सब्जी मंडी चना लाइन परिसर की दूकान में पावर हेबिल्स प्लस लिखे हुए प्लास्टिक के पाइप बिक्री करने के लिए रखे थे. जबकि सिविल लाइन निवासी विवेक असाटी उसे उक्त पाइप की पूर्ति कर रहा था.

इस संदर्भ में फिर्यादी का कहना है कि दूकानदार के पास लायसेंस टेडमेन कॉपी राईट न होते हुए भी हेबिल्स कम्पनी के नाम का उपयोग कर प्लास्टिक पाइप पर हेबिल्स प्लस लिखकर नकली पाइप की बिक्री कर रहा था. घटना की शिकायत दर्ज होते ही सहायक पुलिस निरीक्षक विवेक नार्वेकर ने दूकान पर छापा मारकर नकली पाइप सामग्री की जब्ती की है.

गोंदिया. शासन ने अब तक रेती घाटों की नीलामी नहीं की है. फलस्वरूप रेती का अवैध उत्खनन हो रहा है. इसके बाद रेती की अवैध ढुलाई की जाती है. अब रेती घाटों की नीलामी प्रक्रिया के लिए संबंधित राजस्व विभाग ने गतिविधियां शुरू कर दी है. तहसील स्तरीय तकनीकी समिति ने वैसी रिपोर्ट जिला स्तरीय सनियंत्रण समिति के पास भेजा है. जिसमें जिले के 65 रेती घाटों में से 27 रेती घाट योग्य दर्ज किए गए है, इसमें जनसुनवाई व पर्यावरण मान्यता प्राप्त होने के बाद रेती घाटो की नीलामी प्रक्रिया पूर्ण होगी. जिले में शासकीय व निजी निर्माण कार्य बड़े पैमाने पर शुरू है. इसमें भी तिरोड़ा, तुमसर, गोंदिया, गोरेगांव, देवरी, आमगांव इन राज्य मार्गों सहित शासकीय बांधकाम हो रहे हैं. प्रधानमंत्री घरकुल योजना अंतर्गत व निजी निर्माण कार्य के काम शुरू है. बावजूद शासन स्तर पर जिले के रेती घाट शुरू नहीं किए गए.

हर दिन सैकड़ों ब्रास रेती का उत्खनन - जिससे रेती का व्यवसाय करने वालों की बन आई है. जिले में हर दिन सैकड़ों ब्रास रेती का अवैध उत्खनन कर रेती की तस्करी की जा रही है. निर्धारित किए गए रेती घाटों के अलावा अन्य स्थानों पर भी कई घाट तैयार हुए है. पर्यावरण के नियमों का पालन किए बिना किसी भी स्थान से रेती का उत्खनन किया जा रहा है. इसके बाद अधिक दर पर रेती की बिक्री की जाती है. जिले में गोंदिया, तिरोड़ा, सड़क अर्जुनी, आमगांव, सालेकसा, देवरी व अर्जुनी मोरगांव इन तहसीलों में रेती के घाट है. तहसीलों की तहसील तकनीकी समिति के रिपोर्ट अनुसार तिरोड़ा तहसील के 9 रेती घाट नीलामी के योग्य है. वहीं गोंदिया 9, सड़क अर्जुनी 3, आमगांव 2, सालेकसा 1, देवरी 1 तथा अर्जुनी मोरगांव तहसील में 2 रेती घाट इस तरह कुल 27 रेती घाटों को नीलामी के लिए योग्य ठहराए जाने की रिपोर्ट समिति ने दिया है.

पर्यावरण समिति के समक्ष पेश होगी - उल्लेखनीय है कि जन सुनवाई के बाद पर्यावरण मान्यता के लिए पर्यावरण समिति को रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाएगा. पर्यावरण समिति के निर्णय के बाद कितने रेती घाटों की नीलामी की जाएगी यह निश्चित किया जाएगा. रेती घाटों की नीलामी के लिए समिति का रिपोर्ट प्राप्त हो गया है. जिसकी जन सुनवाई व पर्यावरण समिति की हरी झंडी मिलने के बाद तत्काल रेती घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूर्ण की जा

भंडारा. पालोरा में राष्ट्रीयकृत इलाहाबाद बैंक की शाखा में खातेदार इसलिए परेशान हैं कि वे 20 हजार से ज्यादा की धनराशि नहीं निकाल सकते. इस शाखा में 13 गांव के लोगों के खाते हैं. इस शाखा में जिन खातेदारों के खाते हैं, वे तरह-तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं. बैंक के खातेदारों को जरूरत हो तो भी 20 हजार रूपए से ज्यादा नहीं निकला सकते. पालोरा के इलाहाबाद बैंक की शाखा में आने वाले खातेदारों को पैसों के लेन-देन में काफी प्रतीक्षा करनी पड़ती है. इस वजह से लोगों को अपना बहुत सा वक्त बैंक में ही व्यतीत करना पड़ रहा है. बैंक के मुख्य व्यवस्थापक का कहना है कि मुख्य शाखा से अधिक धनराशि न मिलने के कारण प्रति खातेदार को अधिकतम 20 हजार रूपए निकालने की ही अनुमति दी गई है.

अमरावती. उधार पैसे लौटाने में मदद करने के नाम पर महिला से दुष्कर्म की घटना फ्रेजरपुरा थानांतर्गत घटी है. शनिवार की रात थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़ित महिला ने उसकी एक सहेली से 15,000 रुपए उधार मांगे थे. मां के इलाज के लिए सहेली ने पीड़िता से पैसे की मांग की. लेकिन पैसे नहीं होने से वह लाचार थी. आरोपी डा. मोहित मेत्रे (बियाणी चौक) ने उसे पैसे लौटाने में मदद का भरोसा दिलाया और उसे बियानी चौक में गिरमकर ले आउट स्थित फ्लैट में बुलाया. पीड़िता के अनुसार फ्लैट में आरोपी के साथ दो लोग शराब पी रहे थे. आरोपी ने पीड़िता को भी जबरदस्ती शराब पिलायी, वहां से जाने नहीं दिया व रात भर दुष्कर्म किया. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है.

कामावर जाण्यासाठी घराबाहेर पडलेल्या एका तरुणीला भरचौकात तिच्या अंगावर पेट्रोल ओतून तिला जाळल्याची धक्कादायक घटना वर्धाजिल्ह्यातील हिंगणघाट येथील नंदेरी चौकात घडली. या तरुणीला तातडीने जवळच्या रुग्णालयात दाखल करण्यात आले असून तिची प्रकृती गंभीर असल्याचे समजते. आरोपीने हे कृत्य केल्यानंतर तो तिथून तत्काळ पसार झाला असून पोलीस त्याचा शोध घेत आहेत. आज सकाळी घडलेल्या या घटनेमुळे हिंगणघाटमध्ये भीतीचे वातावरण पसरले आहे.

वर्धा: सांगली येथे दोनच दिवसांपूर्वी प्रेमी युगुलांना मारहाण करून, तरुणीचा विनयभंग करून ते चित्रित करण्याची लाजीरवाणी घटना ताजी असतानाच, आज विदर्भातील वर्धा येथे तरुणीला भर चौकात दिवसाढवळ्या जाळण्याचा धक्कादायक प्रकार घडला आहे. कामावर जाण्यासाठी घराबाहेर पडलेल्या या पीडित तरुणीला भरचौकात तिच्या अंगावर पेट्रोल ओतून तिला जाळण्याचा प्रयत्न एका तरुणाने केला. वर्धा जिल्ह्यातील हिंगणघाट येथील नंदेरी चौकात ही घटना घडली. या तरुणीला तातडीने जवळच्या रुग्णालयात दाखल करण्यात आले असून तिची प्रकृती गंभीर असल्याचे समजते. या मुळे पीडित तरुणीचा चेहरा पूर्णपणे जळाला असून तिची वाचाही गेल्याचे डॉक्टरांनी सांगितले.

आरोपीने हे कृत्य केल्यानंतर तो तिथून तत्काळ पसार झाला. मात्र काही तासांतच पोलीस त्याचा शोध घेत त्याला ताब्यात घेतले आहे. विकी नगराळे असे आरोपीचे नाव असून तो तरुणीच्या गावचाच रहिवासी असल्याचे पोलिसांनी सांगितले. एकतर्फी प्रेमातून हा प्रकार घडल्याचे सांगण्यात येत आहे. मात्र पोलिसांनी या घटनेबाबत अधिक माहिती देण्यास नकार दिला आहे. आज सकाळी घडलेल्या या घटनेमुळे हिंगणघाटमध्ये भीतीचे वातावरण पसरले आहे.

चंद्रपुर. जिले के लिए राज्य सरकार द्वारा 2020-21 वर्ष के लिए निर्धारित किए 180 करोड़ के नियमित खर्च में 43.60 करोड़ रुपये अतिरिक्त की मांग की गई थी. अगले वर्ष के लिए 223.60 करोड़ के जिला वार्षिक योजना को राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री अजीत पवार ने नागपुर में मंजूरी दी. पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने अतिरिक्त निधि की मांग है. इस संदर्भ में निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए जाने का वित्तमंत्री ने स्पष्ट किया.

नागपुर में हुई बैठक - जिला वार्षिक योजना के प्रारूप बजट को मंजूरी देने के लिए उपमुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री अजीत पवार के मार्गदर्शन में विभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित बैठक में गृहमंत्री अनिल देशमुख, राज्य के सहायता एवं पुनर्वास व चंद्रपुर जिले के पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार, जिला परिषद अध्यक्ष संध्या गुरनुले, सांसद सुरेश धानोरकर, विधायक किशोर जोरगेवार, विधायक प्रतिभा धानोरकर, नियोजन विभाग के अपर मुख्य सचिव देवाशीष चक्रवर्ती, विभागीय आयुक्त डा. संजीव कुमार, जिलाधिकारी डा. कुणाल खेमनार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल कर्डिले आदि विभाग प्रमुख उपस्थित थे.

पालकमंत्री ने की 425 करोड़ की मांग - जिलाधिकारी डा. कुणाल खेमनार ने जिले में विभिन्न स्रोतों से प्राप्त होने वाली निधि एवं प्रस्तावित जिलास्तरीय योजना के बारे में तैयार किए गए प्रारूप की जानकारी दी. जिले को 2020-21 वर्ष के लिए सरकार की सूचना अनुसार 180 करोड़ का नियतव्यव मंजूर किया गया था. पालकमंत्री वडेट्टीवार ने 425.38 करोड़ रुपये अतिरिक्त की मांग की. वित्तमंत्री ने कहा कि जिला वार्षिक समिति के निकष अनुसार सभी जिलों को विस्तारित निधि दी जाएगी. जिले में आंगनवाड़ी निर्माण कार्य के संदर्भ में बड़े पैमाने पर निधि मांगी गई. वित्तमंत्री ने बताया कि मनरेगा में बड़े पैमाने पर इस संदर्भ में निधि उपलब्ध है. केन्द्र सरकार की ओर से यह निधि मिलने से जिला नियोजन समिति के माध्यम से अति आवश्यक होने पर निधि का उपयोग किए जाने के निर्देश दिए. जिले के विभिन्न कार्यालयों के सदर्भ में 64 करोड़ रुपये की मांग जिलाधिकारी डा. कुणाल खेमनार ने रखी. जिला परिषद के सीईओ राहुल कर्डिले ने आंगनवाड़ी दुरुस्ती का प्रश्न रखा. विद्युत वितरण कंपनी को सौर एवं अन्

अमरावती. सीएए-एनआरसी व एनपीआर के विरोध में भारतीय संविधान सुरक्षा संघर्ष समिति के बैनर तले लगातार 17 वें दिन बुधवार को भी सत्याग्रह आंदोलन बदस्तूर जारी रहा. बुधवार को उलेमाओं की अगुवाई में ट्रक बाडी मेकर व पेंटर मल्टीपरपज एसोसिएशन तथा मेकनिक व स्पेयर पार्टस विक्रेता मल्टीपरपज एसो. इतवारा बाजार सब्जी व फल विक्रेता तथा उस्मानिया कम्पाउड के मैकनिक ने सत्याग्रह आंदोलन को समर्थन देकर एक दिवसीय धरना आंदोलन किया. सीएए काले कानून के निषेधार्थ काले गुब्बारे परिसर में बांधकर काला निषेध जताया गया.

सीएए-एनआरसी कानून को रद्द करने के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया. इस समय समाजवार्दी पार्टी के शहर व जिला अध्यक्ष सलीम खान ने भी सत्याग्रह आंदोलन का समर्थन दिया. इस समय जयरोड वेज के इमरान खान, युनुस खां पठान, रहमत खान, अमजद खान, मो.शाकीर, छोटू खान, शेख जाबीर, अ.कलीम, हाजी राजा, अ.राजीक, महेद्र शर्मा, सलीम सैय्यद, शफीद्दीन, मो.आबिद, शेख फिरोज, अफसर खान, पाशु खान, अशपाक खान, शेख अंजु समेत अन्य उपस्थित थे.

अमरावती. शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो बुधवार को शहर में भारत बंद का मिला-जुला असर रहा. मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में सुबह से दूकानें नहीं खुली. कुछ स्कूल-कालेज को छुट्टी दे दी गई. आटो, साइकिल रिक्शा, चाय टपरियां, पानठेले बंद रहे. पिछले बंद में हुए लाठीचार्ज को देखते हुए सावधानी बरतते पुलिस ने संयम से काम लेते देखने की भूमिका अपनाई. वहीं कुछ आंदोलनकारियों ने मांगीलाल हाइटस में स्थित फिर उसी शाप पर पथराव किया. आयकान पर 5-6 पत्थर दे मारे. जबकि ईर्विन की ओर आ रही 2 कारों को रोककर बोनट पर मुक्के मारे. यह नजारा देखकर भी पुलिस ने दूरी बनाए रखी. आंदोलनकारियों ने ही उग्र प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया.

ईर्विन पर उमड़ी भीड़ - भारत बंद के दौरान ईर्विन चौक पर सुबह 11 बजे हजारों की भीड़ उमड़ पडी. एक ओर भारतीय संविधान सुरक्षा संघर्ष समिति का लगातार 17 वें दिन सत्याग्रह आंदोलन जारी था, वहीं दूसरी ओर बहुजन क्रांति मोर्चा ने भी ईर्विन चौक पर ही भारत बंद के लोगों को इकठ्ठा किया. दोनों पंडाल में हजारों की संख्या में लोग उमड़ पडे. यहां मुलनिवासी के सम्मान में हम बहुजन मैदान में, सीएए-एनआरसी हटाओ देश बचाओ, संविधान बचाओं देश बचाओ जैसे नारे लगाये. जिन के हाथों में केसरी, नीले, हरे व पीले रंग के झंडे थे. कुछ महिला कार्यकर्ताओं ने नो सीएए, नो एनआरसी, नो एनपीआर के बैनर हाथ में लेकर प्रदर्शन किया.

उग्र हुई भीड़ - दोपहर 1 बजे ईर्विन चौक पर 10,000 के करीब भीड़ इकठ्ठा हो गई. जिससे पुलिस को पूरे ईर्विन चौराहे के मार्ग को बंद करना पड़ा. इस दौरान 2 कारों ने भीड़ में घुसने का प्रयास किया. जिन्हें आंदोलनकारियों ने रोक लिया जिसके बोनट पर कुछ आंदोलनकारियों ने मुक्के मारे. जिससे चालक ने कार को वापस पलटा लिया. आंदोलनकारी इतने पर भी नहीं रुके तो भीड़ की शक्ल में ईर्विन से आगे बढ़ने लगे. जिन्होंने मांगीलाल हाइट्स स्थित उसी आयकान एलइडी शाप पर 5 से 6 पत्थर मारे.

समय रहते आयकान एलइडी के कर्मचारियों ने शटर गिरा दिया. जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ. दौरान आंदोलनकारी और आगे बढ़कर वालकट कम्पौंड की ओर बढ़े. जहां पर महेश ट्रेडिंग कंपनी दूकान खुली देखकर आंदोलनकारी भड़क उठे. जिन्होंने जोरदार नारे लगाए. जिससे तत्काल ट्रेडिंग कंपनी के मालि

वर्धा. पैसों को लेकर चल रहे विवाद में दो भाइयों ने एक की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी़ उक्त सनसनीखेज वारदात इंदिरानगर समीप बुरांडे लेआउट में शनिवार की रात्रि 8.45 बजे घटी़ इस खूनी संघर्ष के सामने आते ही परिसर में हड़कम्प मच गया. मृतक अविनाश शेखर मसराम (30) बताया गया़ जबकि उसका साथी सौरभ मदन कुवेरकर (30) गंभीर जख्मी हुआ़ पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बुरांडे लेआउट निवासी आरोपी प्रीतम चंदनखेडे व उसका भाई सुमीत का मृतक अविनाश के साथ पैसों को लेकर पुराना विवाद चल रहा था़.

25 जनवरी की दोपहर अविनाश व प्रीतम में न्यू आर्ट्स, कामर्स कालेज के समीप इस बात पर विवाद हुआ़ विवाद बढ़ने पर मृतक व उसके साथी ने प्रीतम व उसके भाई सुमित को जान से मारने की कोशिश की़ इसमें सुमीत के हाथ का अंगूठा कट गया़ किंतु किसी तरह दोनों हमलावरों के चंगुल से बचकर निकल गए़ पश्चात प्रीतम व सुमित सीधे शहर थाने पहुंचे़ जहां उन्होंने मृतक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई़ इसका पता चलते ही शनिवार की रात्रि 8.30 बजे दौरान मृतक अविनाश अपने साथी सौरभ के साथ दुपहिया से प्रीतम के घर पहुंचा़ उसने प्रीतम की मां के साथ विवाद शुरू किया.

इस दौरान घात लगाये बैठे प्रीतम व सुमीत ने दोनों पर कातिलाना हमला कर दिया़ उनकी आंखों में मिर्च पावडर फेंका गया़ पश्चात प्रीतम ने अविनाश के सीने व सिर पर चाकू से वार किए़ इसमें अविनाश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई़ हमले में सौरभ गंभीर जख्मी हो गया़ वारदात को अंजाम देकर दोनों वहां से फरार हो गए़ घटना की जानकारी मिलते ही वर्धा व रामनगर पुलिस घटनास्थल पहुंची़ सौरभ को गंभीर हालत में सेवाग्राम अस्पताल में दाखिल किया गया, जहां से उसे नागपुर रेफर कर दिया़ देर रात्रि रामनगर पुलिस ने प्रीतम हरि चंदनखेडे (25) को हिरासत में ले लिया़ अंगूठा कटा होने से सुमित (28) सावंगी अस्पताल में उपचारार्थ दाखिल हुआ़ वारदात घटते ही परिसर में दहशत फैल गई़ घटनास्थल को उपविभागीय पुलिस अधिकारी पियुष जगताप ने भेंट दी़ आगे की जांच थानेदार धनोजी जलक के मार्गदर्शन में चल रही है़.

आरोपी को 30 तक पीसीआर - कातिलाना हमले के आरोपी प्रीतम चंदखेडे को रामनगर पुलिस ने न्यायालय में पेश किया़ जहां उसे 30 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है़ जबकि सुमित क

अमरावती: गत वर्ष सितंबर-अक्टूबर में बेमौसम बारिश ने किसानों की फसलें बर्बाद कर दी. इस संकट से किसानों को फसल बीमा के मुआवजे से राहत की उम्मीद थी, लेकिन यह फसल बीमा भी बिरबल की खिचड़़ी बना हुआ है. जिले के 1 लाख 10 हजार 163 किसान अब तक बीमा राशि के इंतजार में है.

बेमौसम बारिश से क्षति - अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में खेतों में फसलें लहलहा रही थी, लेकिन अतिवृष्टि और लौटती बारिश ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया. 14 तहसीलों की सोयाबीन, मुंग, उड़द फसलों को भारी क्षति पहुंची. लाखों हेक्टेयर कृषि का माल मिट्टी में मिल गया. कहीं खड़ी फसलें तो कहीं काटकर रखी गई फसलें प्राकृतिक आपदा के भेंट चढ़ गई. प्राकृतिक आपदा के चलते राज्यपाल ने भी तुरंत मदद के आदेश दिये. जिससे प्रशासन सर्वे के काम में जुट गया. सर्वे के बाद जिले में बड़े पैमाने पर फसलों को क्षति होने का जानकारी राज्यसरकार को भेजी गई. मदद का वितरण भी हुआ. किसानों को एग्रिकल्चरल इन्शोरेन्स कंपनी से शत-प्रतिशत बीमा मिलने की भी उम्मीद थी, लेकिन अब तक किसानों के खातों में यह राशि जमा नहीं हुई है.

1.95 लाख किसानों ने निकाला था बीमा - जिले की 14 तहसीलों में 1 लाख 95 हजार 544 किसानों ने 1 लाख 88 हजार 133 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र का बीमा निकाला था. जिसमें से 1 लाख 10 हजार 163 किसानों के 1 लाख 14 हजार 100 हेक्टेयर भूक्षेत्र की फसलें बेमौसम की बारिश से तबाह हुई. फसलों की क्षति का जानकारी 72 घंटे के भीतर भेजन की सूचनाएं शासन ने प्रशासन को दी थी.

भेजे  पंचनामे - अतिवृष्टि बाधित किसानों के पंचनामे कर राज्य सरकार की ओर भेजे गये है. जो कि बीमा कंपनियों को हस्तांतरित हुए है. जल्द ही नुकसान भरपाई का अनुदान किसानों के खातों में जमा होगा-विजय चव्हाले, जिला कृषि अधीक्षक

                                        बेमौसम बारिश से हुई क्षति                तहसील किसानों की संख्या बाधित क्षेत्र

अमरावती                                   9092                                               10704

भातकुली                                   16700                                              19918

चांदूर रेलवे                &nbs

          बिहार के पटना में एक लड़के ने शादी से बचने के लिए खुद की हत्या का नाटक रच दिया. उसने मौत का ड्रामा रचते हुए अपनी फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. फोटो वायरल होते ही इलाके में सनसनी फैल गई. वहीं पुलिस ने लड़के की चालाकी को बखूबी समझ लिया और चार घंटे के अंदर ही लड़के के ड्रामे का पर्दाफाश कर दिया. बताया जा रहा है कि लड़का शाहजहांपुर के नूरीचक इलाके में अपने परिवार के साथ रहता है. लड़के की मार्च में शादी होनी थी. उसकी शादी के कार्ड भी बंट चुके थे. इस बीच वह गुरुवार को अपने घर से गायब हो गया. इसके बाद लड़के ने सबलपुर इलाके में एक कमरा लिया और अपने दोस्त की मदद से अपनी ही हत्या का ड्रामा रच दिया.

हत्या का फोटो खिंचवाया - पुलिस ने बताया कि लड़के ने जमीन पर लेट कर अपने माथे पर गाढ़ा रंग गिरा लिया. उसने ऐसा नाटक किया कि फोटो देखने से लोगों को लगे कि किसी ने लड़के के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी हो. इसके बाद लड़के के दोस्त ने उसकी फोटो खींची और उसका फोटो वायरल कर दिया. थाना अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि फोटो की सच्चाई का पता लगाते हुए मोबाइल लोकेशन के आधार पर लाश की खोज की गई. चार घंटे के बाद ही लड़के को नदी थाने के सबलपुर इलाके से सकुशल बरामद कर लिया गया. वहीं लड़के ने बताया कि वह 12वीं का छात्र है और अभी पढ़ाई करना चाहता है लेकिन परिजन शादी का दबाव बना रहे थे. इसी कारण उसने यह ड्रामा किया.

मुंबईः  मुंबई के पास वसई पुलिस की हद में. डेढ़ साल पहले पुलिस को एक जंगल में बोरी में बंद एक लाश मिली. बोरी में बंद लाश का पता 6 महीने बाद लगा जब जंगल में कुछ लोगो ने उसे को देखा. लाश पूरी तरह से हड्डियों में तब्दील हो चुकी थी. पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया.
सिर्फ हड्डियों की बिनाह पर पुलिस को इस हत्या की जांच करना और हत्यारे तक पहुंचना बेहद कठिन लग रहा था. पुलिस इस मामले को लगभग भूल चुकी थी लेकिन इस हत्या के डेढ़ साल बाद पुलिस के हाथ एक ऐसा अपराधी लगा जिसने इस हत्या के राज खोल दिये.
दरअसल ठाणे पुलिस ने एक चोरी के मामले में एक चोर को हिरासत में लिया. पुलिस इस आरोपी से पूछताछ कर रही थी लेकिन इसी पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया की उसने सिर्फ चोरी नही की बल्कि डेढ़ साल पहले अपनी पहली पत्नी की हत्या भी की है. लाश को उसने बोरी में भरकर मुंबई अहमदाबाद हाइवे पर वसई के एक जंगल में फेंक दिया था. इस आरोपी ने पुलिस की बताया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या गला दबाकर की थी, जिसमें उसका साथ उसकी पहली पत्नी ने दिया था. पुलिस ने जब फाइल निकाली तो पता चला ये वही मामला है जिसमें लाश हड्डियों में तब्दील हो गयी थी.
वैसे पुलिस के साथ ऐसा कम ही होता है जब वो किसी एक मामले की जांच कर रही हो और दूसरा मामला भी सुलझ जाये. फिलहाल अदालत ने इस आरोपी को 6 जनवरी तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है और पुलिस आगे की जांच कर रही है.

अमरावती- नववर्ष  पर ज्यादातर लोग कोई न कोई प्रण लेते हैं| नया साल आते ही हम जीवन में कुछ सकारात्मक परिवर्तन लाने के बारे में सोचने लगते हैं| कई लोग किसी बुरी आदत को छोड़ने का  संकल्प  लेते हैं तो कुछ किसी अच्छी आदत को आगे भी जारी रखने का निश्चय करते हैं| इसी क्रम में जिले की राजनीति में सक्रिय अधिकांश एमएलए भी नववर्ष में नव संकल्प में अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के साथ ही लंबित प्रकल्पों को पूरा करने और कुछ हटके काम करने की चाहत रखते है|

सर्वांगीण विकास ही मुख्य लक्ष्य
जिले का सर्वांगीण विकास ही मुख्य लक्ष्य है| लंबित प्रकल्पों को भी पूरा करने विशेष जोर रहेगा| खासकर किसानों को उन्नत बनाने सिंचाई प्रकल्पों को जल्द से जल्द पूरा कर सुजलाम-सुफलाम का सपना साकार करने कोई कसर बाकी नहीं रखुंगी| उद्योग, कल-कारखानों का रिव्यू लेकर बेरोजगारी के संकट को पाटने का भी प्रयास होगा| विकास के मामले में असामनता दूर करना है-एड|यशोमति ठाकुर, कैबिनेट मंत्री

संतरा प्रक्रिया प्रकल्प होगा साकार
पिछले 10 वर्षों से इस निर्वाचन क्षेत्र से जो कार्य अधूरे है उन्हें पूरा करना मेंरी प्राथमिकता होगी| इसके साथ ही संतरा उत्पादन का केंद्रबिंदू यह क्षेत्र होने के कारण यहां पर सरकारी संतरा प्रक्रिया केंद्र शुरु करने के लिए मैं विशेष कार्य करुंगा| मुख्यमंत्री उद्ध्व ठाकरे ने अपने पहले अभिभाषण में ही यहां के संतरा प्रक्रिया केंद्र का वादा किया | इसे पूरा करनेा का मेरा संकल्प है|

सर्वांगीण ही सर्वोपरि
मेरे लिए हर नया दिन और अधिक काम करने के संकल्प के साथ आता है| नया वर्ष मुझे अपने जिले की जनता के लिए और ताकत से काम करने के लिए संकल्पबध्द करता है| अब तक जिले के विकास के पहिए थमें हुए थे| अब इस विकास को गति देने के लिए अपनी पूरी ताकत मैं झोंक दूंगी| जिले के औद्योगिक विकास व महिलाओं के लिए रोजागर के अवसरों का सृजन करने का प्रयास आरंभ हो चुका है| नए वर्ष में इसका परिणाम दिखाई देगा| सकल कृषि उपज सरकार खरीदी करें इसके लिए सदन में मैं बार बार मुद्दा उठा रही हुं-नवनीत राणा, सांसद

शिक्षा का स्तर उंचा करुंगा
मेलघाट का भवष्यि नौनिहालों के हाथ में है| यहां पर शिक्षा व्यवस्था चुस्त करने क<