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National News

*  इंदौर के टाटपट्टी बाखल इलाके में मेडिकल टीम पर पथराव

*  मुस्लिम समुदाय ने अखबारों में विज्ञापन देकर मांगी माफी

मध्य प्रदेश के इंदौर के टाटपट्टी बाखल इलाके में पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना संक्रमितों की जांच के लिए पहुंची थी, जहां पर भीड़ ने स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पथराव किया था. इस घटना ने इंदौर ही नहीं बल्कि देश के तमाम मुस्लिम समुदाय के लोगों को शर्मिंदा कर दिया है. ऐसे में टाट पट्टी बाखल की घटना के लिए इंदौर के प्रमुख मुस्लिम संगठन ने अपनी ओर से अखबार में माफीनामा का विज्ञापन छपवाकर सार्वजनिक रूप से डॉक्टर्स और नर्स सहित तमाम लोगों से माफी मांगी है.

मुस्लिम संगठनों की ओर से छपे माफीनामा में कहा गया है, 'डॉ. तृप्ति कटारिया, डॉ. जकिया सैयद, समस्त डॉक्टर, नर्सों, मेडिकल टीम, शासन-प्रशासन के समस्त अधिकारी, सभी पुलिसकर्मी, सभी आशा-आंगनबाड़ी, संस्थाएं और समस्त लोग कोरोना के बचाव में लगे हुए हैं, हमारे पास आपके लिए शब्द नहीं हैं, जिससे हम आपसे माफी मांग सकें. यकीन कीजिए हम शर्मसार हैं, उस अप्रिय घटना के लिए जो जाने-अनजाने और अफवाहों में आकर हुई है.'

*  कोरोना से जंग में कैबिनेट के दो बड़े फैसले

*  सभी सांसदों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती

*  2 सालों के लिए MPLAD खत्म किया गया

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में आज दो फैसले लिए गए. पहले फैसले के मुताबिक सभी सांसदों की सैलरी में एक साल के लिए 30 फीसदी कटौती की गई है. दूसरे फैसले के अनुसार दो साल के लिए MPLAD फंड को खत्म कर दिया गया है. इस फंड का इस्तेमाल कोरोना वायरस से लड़ने में किया जाएगा.

एक साल के लिए सैलरी में 30 फीसदी की कटौती - कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि एक साल तक सभी सांसदों की सैलरी में 30 फीसदी की कटौती करने का फैसला किया है. सांसदों की इस सैलरी का इस्तेमाल कोरोना वायरस से लड़ने के लिए किया जाएगा.कैबिनेट के इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्रियों और राज्यमंत्रियों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती हो जाएगी.

पूरे देश में लॉकडाउन है. सिर्फ जरूरत के सामान ही बाजार में मिल रहे हैं. इसी के चलते दिल्ली में शराब की दुकानें भी बंद हैं. हालांकि कई बार यह मांग भी उठी कि शराब को जरूरी सम्मान में रखना चाहिए जिससे लॉकडाउन के चलते घरों में बैठे लोग कोरोना वायरस के इस ट्रामा से बाहर निकल सकें. लॉकडाउन के चलते बॉर्डर सील हैं.जगह-जगह पुलिस पेट्रोलिंग कर रही है. इस लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में क्राइम ग्राफ भी काफी घट गया है लेकिन चोरों ने शुक्रवार रात सब्जी मंडी इलाके में एक शराब की दुकान पर हाथ साफ कर दिया. पेट्रोलिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने टूटे हुए शटर को देखा. जिसके बाद दुकान मालिक को जानकारी दी गई.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात को जब पुलिस सब्जी मंडी थाना क्षेत्र के रोशन आरा इलाके में पेट्रोलिंग कर रही थी तब पुलिसकर्मियों ने शराब के ठेके का शटर टूटा हुआ देखा. जिसके बाद दुकान के मालिक को की जानकारी दी गई. हालांकि दुकान मालिक अभी यह नहीं बता पाया है की कितनी शराब दुकान से चोरी हुई है. फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है. लेकिन जिस तरीके से लॉकडाउन के दौरान सड़कों पर इतनी पुलिस होने के बावजूद चोरी हुई उससे कहीं ना कहीं पुलिस पर भी सवाल खड़े होते हैं.

मैसेज वायरल- कोरोना वायरस से शराब लड़ने में है कारगर - कोरोना वायरस से निपटने के लिए सोशल मीडिया पर कई तरह के उपाय वायरल हुए थे. कोई आयुर्वेद में इसका इलाज बता रहा था तो कोई होम्योपैथिक में. कुछ लोगों का तो यह भी कहना था की शराब पीने से कोरोना वायरस शरीर पर असर ही नहीं करेगा. हालांकि डॉक्टरों ने इस बात को पूरी तरीके से गलत बताया था. डॉक्टर का कहना है कि शराब से इंसान की इम्युनिटी कम होती है.  जिसके चलते कोरोना वायरस उस शख्स पर और भी ज्यादा हावी हो सकता है.

कर्नाटक सरकार की अनोखी पहल के तहत अब बेंगलुरू में 96 फीवर क्लीनिक बनाए गए हैं जो फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस होंगे. यानी क्लिनिक्स कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्धों के लिए प्रथम संपर्क बिंदु होंगे. बेंगलूरु में 60 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 36 निजी अस्पतालों में फीवर क्लिनिक शुरू किए जा चुके हैं. जरूरत के अनुसार इन क्लिनिकों की संख्या बढ़ाई जाएगी.

कर्नाटक की सरकार ने बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत व गले में खराश की शिकायत वाले लोगों से फीवर क्लिनिकों में जांच कराने की अपील की है. हर फीवर क्लिनिक में कोविड-19 रैपिड रेस्पॉन्स टीम (सीआरआर) को तैनात किया गया है. हर टीम में एक डॉक्टर, दो नर्स व एक स्वास्थ्य सेवा कार्यकता शामिल हैं. हर दिन सुबह नौ से शाम पांच बजे तक ये क्लिनिक खुले रहते हैं. बुखार और अन्य लक्षण के आधार पर लोगों को वर्गीकृत किया जाएगा.

दरअसल सरकार का यह कदम इसलिए सामने आया है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लोग कोरोनावायरस के डर के मारे बुखार और खांसी को लेकर भी Covid 19 एक्सक्लूसिव अस्पतालों में जाने लगे थे जिसके कारण वहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही थी. लेकिन इन फीवर क्लीनिक खोलने के बाद अब लोगों के लिए पहला संपर्क यही क्लीनिक रहेंगे. जिसमें संदिग्ध लोगों को आगे की जांच के लिए स्वाब संग्रह केंद्र भेजा जाएगा. रिपोर्ट आने तक संदिग्ध को अलग निगरानी में रखा जाएगा. इन क्लिनिक में जांच नि:शुल्क है. स्वाब जांच के लिए पैसे नहीं लिए जाएंगे.

सरकार द्वारा लिए गए इस कदम के बाद कोविड-19 एक्सक्लूसिव अस्पतालों में मरीजों की संख्या में काफी कमी आ गई है. अब वहीं लोग वहां पहुंच रहे हैं जिन पर कोरोनावायरस के सिम्टम्स दिख रहे हों.

देश इस वक्त कोरोना आपातकाल का सामना कर रहा है. हजारों लाखों लोग ऐसे हैं जिनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है क्योंकि कोरोना वायरस से बचने के लिए देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की गई है. ऐसे लोगों को ध्यान में रखते हुए खुद प्रधानमंत्री भी देश के लोगों से लगातार अपील कर रहे हैं कि वह जरूरतमंदों की मदद करें. प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद में समाज के हर एक तबके से जुड़े हुए लोग सामने आए हैं जो एक दूसरे की मदद कर रहे हैं. इन्हीं में से एक है दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी भी हैं जो लोगों के घरों तक राशन पहुंचा रहे हैं.

मनोज तिवारी लोगों के घरों तक भेज रहे हैं राशन - मनोज तिवारी का कहना है कि उनकी कोशिश यह है कि जरूरतमंदों के घरों तक खाना पहुंचाया जा सके और उसके लिए बाकायदा बीजेपी के जो कार्यकर्ता इलाकों में सक्रिय हैं उनसे जरूरतमंदों की लिस्ट मांगी जा रही है और उसी लिस्ट के आधार पर उनके घरों तक सामान भेजा जा रहा है. जो सामान लोगों तक पहुंचाया जा रहा है उसमें आटा, चावल, दाल, चने, तेल, चीनी, नमक और मसाले मौजूद हैं. मनोज तिवारी के मुताबिक जो राशन लोगों के घरों तक भेजा जा रहा है वह इतना है की इसके जरिए एक परिवार 15 दिन तक अपना पेट भर सकता है और अगर किसी परिवार को कम पड़ता है तो उसको दोबारा भी दिया जा रहा है.

रेलवे ने शनिवार को कहा कि ट्रेन सेवाओं को बहाल करने पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और इस पर फैसला कुछ ही दिनों में लिया जाएगा. यह बयान तब आया है जब रेलवे ने कोरोना वायरस के कारण यात्री ट्रेनों को 21 दिन तक स्थगित करने के बाद 15 अप्रैल से अपनी सभी सेवाएं बहाल करने की तैयारी शुरू कर दी है.

एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, ''रेलवे बोर्ड से हर ट्रेन को मंजूरी मिलने पर ही ट्रेन सेवाएं बहाल की जाएंगी. रेलवे बोर्ड को चरणबद्ध योजना के लिए सुझाव दिया जाना चाहिए.'' अधिकारियों ने बताया कि रेल मंत्री पीयूष गोयल की रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के साथ शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में यह फैसला लिया गया. ट्रेनों का संचालन सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद ही शुरू होगा. सरकार ने इस मुद्दे पर मंत्रियों का समूह गठित किया है.

सभी 17 जोन बोगियों की उपलब्धता के लिहाज से ट्रेनों की पहचान करने और अपनी सेवाएं बहाल करने की योजनाएं बना रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि रेलवे सभी यात्रियों की थर्मल जांच भी कर सकता है और सरकार द्वारा सुझाए सभी प्रोटोकॉल का पालन करेगा. बहरहाल, वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है और चूंकि टिकटें केवल 14 अप्रैल तक रद्द की गई हैं तो 15 अप्रैल से शुरू करने के लिए कोई नया आदेश जारी करने की जरूरत नहीं है.

कोरोना वायरस को लेकर जम्मू से एक अच्छी खबर सामने आयी है. इस वायरस से पीड़ित जम्मू संभाग की पहली महिला ने शुक्रवार को इस बीमारी को हरा दिया और उन्हें एक महीने के उपचार के बाद शुक्रवार को छुट्टी दे दी गयी.

कोरोना वायरस से संक्रमित महिला को 3 मार्च को जम्मू के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. एक महीने के उपचार के बाद उन्हें 3 अप्रैल को अस्पताल से घर भेज दिया गया. जम्मू राजकीय मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट डॉ दारा सिंह के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमित इस महिला के ठीक होने से डॉक्टरो और स्वस्थ्य कर्मचारियों को सुकून मिला है.

डॉ दारा सिंह ने बताया कि जम्मू मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों के लिए 33 बेड रखे गए हैं, जहां फिलहाल 15 संक्रमित मरीज़ों का इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि इन मरीज़ों की देख रेख के लिए हमेशा करीब 15 कर्मचारी, जिनमें डॉक्टर और स्वास्थ कर्मचारी शामिल है, तैनात रहते हैं. इन सभी मरीज़ों की देखरेख एचओडी मेडिसिन और माइक्रोबायोलॉजी की देख रेख में हो रही है.

जम्मू-कश्मीर में अभी तक कोरोना के 75 मामले सामने आये हैं. जिनमें से पांच मरीज अभी तक ठीक हो चुके हैं और अब सात और ठीक होने की राह पर हैं. दो मरीजों की इस संक्रमण के चलते मृत्यु हो गयी है.

देश में बिजली का आना जाना कोई नई बात नहीं है. बरसों से देश को रोशन रखने के लिए घर-घर बिजली पहुंचाने का सरकारी मिशन चल रहा है. लेकिन कोरोना के खिलाफ युद्ध जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर एक पहल की है. पीएम ने देश से कहा है कि कल रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घरों की बिजली बंद कर दीजिए. मकसद एक बार फिर कोरोना के खिलाफ देश को एकता के सूत्र में बांधना है. लेकिन घर की लाइट बंद करने को लेकर देश में एक विवाद शुरू हो गया है. कहा जा रहा है कि लाइट बंद की तो पावर ग्रिड फेल हो जाएगा. मतलब देश की बिजली सप्लाई ही ठप हो जाएगी.

अब पावर ग्रिड विवाद पर बिजली मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है. बिजली मंत्रालय और पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने कहा कि चिंता की बात नहीं है, पूरी तैयारी है. कल रात 9 बजे बिजली बंद होने पर पावर ग्रिड फेल नहीं होंगे.

बिजली मंत्रालय ने कहा है कि पीएम मोदी ने स्वेच्छा से लाइट बंद करने की बात कही है. य़े समझना गलत है कि इससे पावर ग्रिड फेल हो जाएगा और इलेक्ट्रिक उपकरण पावर फैल्चुएशन से खराब हो जाएंगे. बिजली मंत्रालय ने कहा है कि रात 9 बजे से 9 मिनट तक स्ट्रीट लाइट ऑन रहेगी. घर में कम्प्यूटर, टीवी, पंखे, फ्रिज, एसी चलेंगे. इनको बंद रखने की बात नहीं है. अस्पताल, पुलिस स्टेशन समेत जरूरी जगहों पर लाइट ऑन रहेगी.

बता दें कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने अपील की है कि 5 अप्रैल यानी कि रविवार की रात 9 बजे देशभर के लोग 9 मिनट के लिये अपने घरों की बत्तियां बंद कर दें और उसके बदले में दिये या फिर मोमबत्ती जलाएं.

कोरोना महामारी में राज्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कांग्रेस ने केंद्र सरकार से राज्य सरकारों के लिए तत्काल एक लाख करोड़ का कोरोना पैकेज जारी करने की मांग की है. इसके साथ ही बकाया जीएसटी राजस्व का भुगतान करने की मांग की गई है. कांग्रेस ने कहा है कि अगर राज्यों को वक्त पर जीएसटी का बकाया नहीं मिला तो कोरोना के खिलाफ लड़ाई पर असर पड़ सकता है और राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि "हम केंद्र सरकार से अपील करते हैं कि राज्य सरकारों को सक्षम बनाएं क्योंकि राज्य सरकारें अग्रिम पंक्ति में कोरोना से लड़ रही हैं. राज्य सरकारों को अस्पतालों के लिए संसाधन और गरीबों की मदद के लिए पैसा चाहिए. केंद्र सरकार तत्काल एक लाख करोड़ रुपए का कोरोना पैकेज राज्य सरकारों के लिए जारी करे. साथ ही जीएसटी राजस्व में केंद्र सरकार पर विभिन्न राज्य सरकारों का 42 हजार करोड़ रुपए बकाया है, इसकी तुरंत भरपाई हो." कांग्रेस के मुताबिक जीएसटी के बकाया राजस्व के लिए बीजेपी शाषित राज्यों की तरफ से भी मांग उठी है.

*   छत्तीसगढ़ कांग्रेस का पीएम मोदी पर हमला

*   फिल्मी डायलॉग के जरिए ट्विटर पर कसा तंज

कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रविवार दीया जलाने की अपील की है. इससे पहले जनता कर्फ्यू के मौके पर पीएम ने थाली-ताली बजाने को कहा था. इस बीच पीएम के इस ऐलान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस की ओर से ट्वीट किया गया और तंज कसा गया.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की ओर से लिखा गया, ‘जली को आग कहते हैं, बुझी को राख कहते हैं, जो महामारी को भी महोत्सव बना दे…उसे नरेंद्र दामोदर दास कहते हैं’.

बता दें कि ये मशहूर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की फिल्म विश्वनाथ का डायलॉग है, जिसको छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मौजूदा परिस्थिति के हिसाब से बदल दिया. अगर कांग्रेस की बात करें तो पार्टी की ओर से लगातार बड़े नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संबोधन पर सवाल खड़े कर रहे हैं और निशाना साध रहे हैं.

*  सुप्रीम कोर्ट में पलायन से जुड़ी याचिका खारिज

*  सॉलिसिटर जनरल ने जताई थी आपत्ति

लॉकडाउन की वजह से हुए मजदूरों की पलायन से जुड़ी याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. इन याचिकाओं को वकील हर्ष मंदर, प्रशांत भूषण समेत कई वकीलों ने दायर किया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लाखों लोगों के पास लाखों विचार हैं. हम सभी के विचार नहीं सुन सकते और इसके लिए सरकार को बाध्य नहीं कर सकते.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें होटल और रिसॉर्ट्स का इस्तेमाल प्रवासी मजदूरों के लिए किए जाने की मांग की गई थी. दलील थी कि शेल्टर होम में पर्याप्त स्वच्छता और सुविधा नहीं मिल पा रही है. इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया.

*  मरकज से लौटे 204 लोग क्वॉरंटाइन में हैं

*  ऊना में तीन पॉजिटव मामले सामने आए

कोरोना वायरस से देश में संकट बढ़ता ही जा रहा है. दिल्ली स्थित तबलीगी जमात के मरकज से लौटे लोगों की वजह से सरकार और प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है. इस बीच हिमाचल प्रदेश के डीजीपी एसआर मरडी का बड़ा बयान है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित तबलीगी जमात के मरकज से लौटे 204 लोगों की पहचान कर ली गई है. सभी क्वॉरंटाइन में हैं. हिमाचल पुलिस को जब से तबलीगी जमात के बारे में सूचना मिली है तब से पुलिस अलर्ट मोड पर है.

डीजीपी ने कहा बीते गुरुवार को ऊना में कोरोना वायरस के तीन मामले पॉजिटिव पाए गए हैं. तीनों संक्रमित एक मस्जिद में रह रहे थे. ये सभी 21 मार्च को ऊना पहुंच थे, उस समय लॉकडाउन भी नहीं घोषित हुआ था.

*  सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से PM मोदी ने की बात

*  कोरोना से लड़ने के लिए बनाया गया मेगा प्लान

कोरोना को लेकर जंग लड़ रही राज्य सरकारों ने केंद्र से अपने बकाये पैसे की मांग की है. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से बात रहे थे. इस दौरान राज्यों ने केंद्र से मेडिकल किट, बकाये पैसे के साथ ही आर्थिक मदद की मांग की है. राज्यों ने केंद्र से पूछा कि लॉकडाउन कब तक लागू रहेगा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2500 करोड़ के मदद की मांग की है. इसके साथ ही 50 हजार करोड़ के पुराने बकाये की भी मांग की गई है. पश्चिम बंगाल की ही तरह पंजाब ने भी 60 हजार करोड़ के पुराने बकाये की मांग की है. इसके साथ ही पंजाब ने नए फसल के आने से पहले केंद्र सरकार से दो लाख मीट्रिक टन गेहूं को रखने की व्यवस्था करने की मांग की.

पश्चिम बंगाल और पंजाब की तरह बाकी राज्यों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोरोना से जंग लड़ने के लिए पर्सनल प्रोटेक्शन इक्वीपमेंट की सप्लाई की मांग की. साथ ही पुराने बकाया राशि को भी देने की मांग की गई है. राज्यों ने पीएम मोदी से कहा कि इस बार लॉकडाउन की वजह से राजस्व कलेक्शन में कमी आएगी, इसकी भरपाई केंद्र को करनी चाहिए.

*  अरुणाचल सीएम पेमा खांडू का ट्वीट

*  15 अप्रैल को खत्म हो सकता है लॉकडाउन

*  कुछ ही देर बाद ट्वीट को किया डिलीट

कोरोना वायरस के खतरे के कारण देश में लागू किए गए 21 दिनों के लॉकडाउन को लेकर गुरुवार को बड़ी खबर आई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर चर्चा करने के बाद अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने दावा किया कि लॉकडाउन 15 अप्रैल को खत्म हो सकता है. लेकिन ट्वीट करने के कुछ देर बाद ही उन्होंने इसे हटा दिया और बाद में एक सफाई पेश की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की एक वीडियो साझा करते हुए पेमा खांडू ने लिखा, ‘लॉकडाउन 15 अप्रैल को पूरा हो जाएगा, लेकिन इसका मतलब ये नहीं होगा कि लोग सड़कों पर घूमने के लिए आजाद होंगे. कोरोना वायरस के असर को कम करने के लिए हर किसी को जिम्मेदारी लेनी होगी. लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग इससे लड़ने के ही उपाय हैं’.

 कोरोना के प्रकोप के बीच कारगिल से एक अच्छी खबर आई है. जहां क्वारंटाइन किये गए गांव में एक महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है. क्वारंटाइन में 14 दिन रहने के बाद मां-बेटे को वापस गांव भेज दिया गया है. महिला कारगिल के सानकू गांव की है. जहां दो कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जाने के बाद से पूरे गांव को सील किया गया था.

कारगिल के डिप्टी कमिश्नर बसीर उल हक चौधरी ने बताया कि महिला को 28 मार्च को अस्पताल ले जाया गया. लेकिन कोरोना ग्रस्त होने के कारण महिला की डिलीवरी के लिए विशेष प्रबंध करने पड़े. डॉक्टरों का कहना है कि मां और बच्चे दोनों की तबीयत स्थिर है. इस महिला की मदद के लिए स्थानीय NGO ने भी मदद की और महिला के लिए दवाइयां और नवजात बच्चे बच्चे के लिए कपड़ों का इंतजाम किया.

वहीं महिला का कोरोना टेस्ट निगेटिव आया है लेकिन उसको भी पूरे गांव के साथ एहतियातन क्वारंटाइन रखा गया है. वहीं अस्पताल में दो दिन रहने के बाद और डिस्चार्ज होने के बाद महिला ने खुद अपने गांव वापस जाने का फैसला किया है. महिला का दोहरी खुशी है. पहली उसके घर में एक स्वस्थ बच्चा आया और दूसरी उसका कोरोना टेस्ट निगेटिव आया है.

ओखला क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान (Amanatullah Khan AAP) ने दावा किया है कि उन्होंने निजामुद्दीन मरकज मामले में पुलिस को 23 मार्च को रात 12 बजे इस बारे में जानकारी दी थी, लेकिन इसपर कार्रवाई नहीं की गई. दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के दौरान मरकज में एक मार्च से 15 मार्च के बीच करीब 2000 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे और अब कई लोग कोरोनावायरस के पॉजिटिव पाए जा रहे हैं. साथ ही मरकज में शामिल होने वाले लोग देश के कई हिस्सों में जा चुके हैं तो कोरोना के संक्रमण का फैलने का खतरा काफी हद तक बढ़ गया है.

AAP विधायक अमानतुल्ला खान ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट करके जानकारी दी. उन्होंने लिखा, ''23 मार्च को रात 12 बजे मैंने डीसीपी साउथ ईस्ट और एसीपी निजामुद्दीन को बता दिया था कि निजामुद्दीन मरकज़ में 1000 के आस-पास लोग फंसे हुए हैं, फिर पुलिस ने इनको भेजने का इंतज़ाम क्यों नहीं किया.''

100 से ज्यादा लोगों के कोरोनावायरस (Coronavirus) के टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद  निज़ामुद्दीन मरकज़ से सभी 2,100 लोगों को बाहर निकाला गया है. आज सुबह 4 बजे मरकज को खाली कराया गया. करीब 2100 लोग मरकज़ से निकाले गए. हालांकि, मरकज़ से जुड़े लोगों का दावा है कि अंदर महज़ 1000 लोग थे. तेलगांना के 6 समेत सात कोरोनावायरस संक्रमितों की मौत के बाद सोमवार को निजामुद्दीन मरकज में रुके लोगों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की गई थी. दिल्ली पुलिस ने मरकज़ प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगी. 

राजधानी दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्थित मरकज में 8 से 10 तक तबलीगी जमात में हिस्सा लेने के लिए दो हजार से ज्यादा लोग पहुंचे थे. इसमें देश के अलग-अलग राज्यों और विदेश से कुल 1830 लोग मरकज़ में शामिल हुए, जबकि मरकज़ के आसपास व दिल्ली के करीब 500 से ज्यादा लोग थे. तबलीगी जमात के इस कार्यक्रम में 200 से ज्यादा विदेशी लोगों के शामिल होने की खबर है.

देशभर में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच, उत्तर प्रदेश में कोरोना से पहली मौत होने की सूचना आई. गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज की सोमवार को मौत हो गई थी. उसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. डॉक्टरों का दावा है कि मरीज के परिजनों ने उसके यात्रा का ब्योरा नहीं दिया था. जांच में कोरोनावायरस से संक्रमित निकलने के बाद हडकंप मच गया है. पुलिस ने उस क्षेत्र को सील कर दिया है, जहां मृतक रहता था. वहीं. मृतक के संपर्क में आए रिश्तेदारों समेत अन्य लोगों की पहचान की गई है और उन्हें क्वारंटाइन किया गया है. इसके अलावा, बस्ती जिला अस्पताल और गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्टाफ की भी पहचान की जा रही है और क्वारंटाइन किया जा रहा है.  

अधिकारी इस बात को लेकर भी चिंतित है कि इस शख्स ने बरेली अस्पताल में भर्ती होने तक कितने लोगों के संपर्क में आया होगा और कितने लोगों को संक्रमित किया गया होगा.

बस्ती जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि मरीज को उसके रिश्तेदार 28 मार्च को अस्पताल लेकर आए थे और सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या बताई थी. बस्ती जिला अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर ओ.पी. सिंह ने संवाददाताओं को बताया, "मरीज ने अपनी यात्रा से जुड़ी जानकारी नहीं दी थी. यह मरीज और उसके रिश्तेदारों की गलती है. वह एक महीने से बीमार था. जिस वक्त उसे भर्ती किया, उसे बुखार नहीं थी. इसलिए हमने सामान्य ओपीडी में जांच करके उसे जनरल वार्ड में भर्ती कर दिया. यदि मरीज या उसके परिजन एक बार की बता देते कि वह मुंबई से लौटा है तो हम उसे तुरंत कोरोना वार्ड में भेज देते."

दिल्ली में एक और सरकारी डॉक्टर के कोरोनावायरस से संक्रमित होने की खबर आई है. यह डॉक्टर दिल्ली सरकार के अस्पताल में कार्यरत है. डॉक्टर के पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल को बंद कर दिया गया. इसके साथ ही उसे सेनेटाइज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. बता दें, दिल्ली में पिछले चौबीस घंटे में कोरोना वायरस के 23 नए मामले सामने आने के बाद मंगलवार को संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 120 हो गई. स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी. इन 120 मामलों में 24 वे व्यक्ति हैं जिन्होंने निजामुद्दीन पश्चिम में एक धार्मिक सभा में भाग लिया था. दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कम से कम पांच लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है, दो व्यक्तियों की मौत हो चुकी है और एक देश से बाहर चुका है. सोमवार रात तक कोविड-19 के 97 मामले सामने आ चुके थे.

बुधवार को जिस डॉक्टर को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. वह दिल्ली सरकार के दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में कार्यरत हैं. इस अस्पताल या डॉक्टर का कोरोना से कोई लेना-देना नहीं था. अस्पताल के दफ्तर, OPD और लैब बंद करके सेनेटाइज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. डॉक्टर के संपर्क में आए लोगों को भी क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है. अस्पताल के निदेशक बीएल शेरवाल ने एनडीटीवी को बताया कि डॉक्टर के भाई-भाभी यूनाइटेड किंगडम से आए थे, उनसे संक्रमण होने की संभावना है.

*  कोरोना वायरस से देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन

*  कोरोना से मरने वाले के शव का क्या किया जाए?

कोरोना वायरस से मरने वाल रोगियों के शवों के अंतिम संस्कार को लेकर मुंबई में बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) ने सोमवार को एक सर्कुलर जारी कर कहा था रोगियों शवों को धर्म की परवाह किए बिना अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए. कोरोना से मरने वालों दफनाने की अनुमति नहीं होगी बल्कि उन्‍हें जलाया जाएगा. शव को दफनाने से दूसरे में संक्रमण की संभावना होती है और जलाना ही संक्रमण को रोकने के लिए ज्‍यादा बेहतर तरीका है.

हालांकि, बीएमसी ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से दबाव पड़ने के बाद इस आदेश को एक ही घंटे में वापस ले लिया है. इसके बावजूद देश के तमाम मुस्लिमों के बीच बेचैनी बढ़ गई है और चिंतित नजर आ रहे हैं. मुस्लिम उलेमाओं ने कहा कि इस्लाम में शव को जलाने की इजाजत नहीं है. ऐसे में सरकार को दूसरे विकल्पों के बारे में सोचना चाहिए और उसी लिहाज से गाइड लाइन जारी की जानी चाहिए.

*  पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम का वार

*  ‘बिना सोचे समझे किए लॉकडाउन का ऐलान’

*   तमिलनाडु के गांव में नहीं पहुंच रही मदद: चिदंबरम

देश में कोरोना वायरस का संकट गहराता जा रहा है. मंगलवार दोपहर तक करीब 1400 मामले सामने आ चुके हैं और संकट बढ़ता जा रहा है. इस बीच 21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से आम जनमानस को दिक्कतें हो रही हैं और गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित है. पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने इसी मसले पर तमिलनाडु और मोदी सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता ने कहा है कि सरकार ने लॉकडाउन बिना किसी तैयारी के किया.

पूर्व वित्त मंत्री ने मंगलवार को ट्वीट कर लिखा, ‘तमिलनाडु के थिरुवर जिले से सीधी ग्राउंड रिपोर्ट ये कहती है कि हर पंचायत में कुछ गांव हैं. लेकिन किसी भी एक गांव में केंद्र या फिर राज्य सरकार के द्वारा की गई मदद नहीं पहुंची है.

बरेली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे के मद्देनजर लॉकडाउन (Lockdown) के बीच जान जोखिम में डालकर गांव-घर के लिए जाने वाले लोगों पर प्रशासन की सख्ती बढ़ती ही जा रही है. यूपी के बरेली में ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है. देश के विभिन्न राज्यों से बरेली पहुंचे सैकड़ों लोगों की जिंदगी के साथ नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीम ने यह खिलवाड़ किया. बरेली में लोगों को बस स्टैंड के भीतर सड़क एक साथ बैठाकर उनके ऊपर केमिकल का छिड़काव (Chemical Spray) किया गया. इसके बाद कुछ लोगों और बच्चों ने आंखों में जलन की शिकायत भी की.वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद बरेली के डीएम ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं. इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) ने भी घटना का विरोध करते हुए ट्वीट किया. प्रियंका गांधी ने केमिकल छिड़काव को अमानवीय बताते हुए यूपी सरकार से कार्रवाई की मांग की है.

इंसानों के लिए नहीं होता है इस्तेमाल - सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि फायर ब्रिगेड की टीम बसों और सड़कों को सेनेटाइज करने वाले केमिकल का इस्तेमाल लोगों के ऊपर कर रही है. बरेली के सेटेलाइट बस स्टैंड पर सभी लोगों को साथ बैठकर उनके ऊपर सोडियम हाइड्रोक्लोराइड केमिकल का छिड़काव कर दिया गया. बता दें कि इस केमिकल का छिड़काव इंसानों के लिए नहीं है.

इचलकरंजी : संचारबंदीमुळे दारु मिळत नसल्याच्या कारणातून यंत्रमाग कामगाराने आत्महत्या केल्याची घटना समोर आली आहे. कोल्हापुरातील इचलकरंजीत हा धक्कादायक प्रकार घडला. (Kolhapur Alcoholic Suicide during Lockdown)

‘कोरोना’च्या वाढत्या प्रादुर्भावामुळे महाराष्ट्रात संचारबंदी आणि लॉकडाऊन करण्यात आलं असून सर्व दारुची दुकाने बंद आहेत. दारु मिळत नसल्याने हताश झालेल्या यंत्रमाग कामगाराने टोकाचं पाऊल उचललं. राहत्या घरी गळफास घेऊन त्यांनी आत्महत्या केली.

यंत्रमाग कामगाराच्या आत्महत्येनंतर नातेवाइकांनी आक्रोश केला. कोल्हापुरातील शिवाजीनगर पोलिस घटनास्थळी दाखल झाले असून अधिक तपास करत आहेत.

केरळमध्येही दारुची दुकानं बंद असल्याने दारुच्या आहारी गेलेल्या पाच तळीरामांनी पाच दिवसात आत्महत्या केल्याच्या चिंताजनक घटना समोर आल्या होत्या.

दरम्यान, इचलकरंजी शहर आजपासून तीन दिवस 100 टक्के लॉकडॉकन करण्यात आलं आहे. त्यामुळे रस्ते ओस पडले आहेत. जीवनावश्यक वस्तूंच्या खरेदीसाठी मोठी गर्दी होत होती. त्या पार्श्वभूमीवर नगराध्यक्षांनी हा निर्णय घेतला. (Kolhapur Alcoholic Suicide during Lockdown)

 

* पलायन पर केंद्र दाखिल करेगी रिपोर्ट

* बुधवार को होगी मामले की अगली सुनवाई

लॉकडाउन के बाद पूरे देश में मजदूरों ने पलायन शुरू कर दिया है. इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस एसए बोवड़े ने केंद्र से रिपोर्ट तलब की है. केंद्र से पूछा गया कि वह क्या कदम उठा रही है? अब इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी.

चीफ जस्टिस एसए बोवडे और जस्टिस नागेश्वर राव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामले की सुनवाई की. इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र और राज्यों ने स्थिति को कम करने के लिए कदम उठाए हैं. केंद्र द्वारा उठाए जा रहे कदमों को बताने के लिए एक स्थिति रिपोर्ट दायर की जाएगी.

* कोरोना मरीजों की संख्या हुई 1173

* अब तक 32 मरीजों की मौत

भारत में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 1173 हो गई है और इसमें से 32 लोगों की मौत हो चुकी है. मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच एक अच्छी खबर आई है. कोरोना से संक्रमित मरीजों के ठीक होने का आंकड़ा 100 को पार कर गया है. अब तक 110 मरीजों का रिपोर्ट निगेटिव आ चुका है. इसमें से कुछ लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि कुछ क्वारनटीन हैं.

कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है. यहां अब तक 215 पॉजिटिव केस आ चुके हैं. इसमें से आठ लोगों की मौत भी हो चुकी है. सोमवार को पुणे में 5, मुंबई में 3, नागपुर में 2 और कोल्हापुर व नासिक में एक-एक मामला सामने आया. गनीमत की बात है कि अब तक 38 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं.

 

कोरोनावायरस के संक्रमण से निपटने के लिए देश में लागू 21 दिन का लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ेगा। ऐसी कुछ अफवाहें और रिपोर्ट आई थीं कि सरकार लॉकडाउन को 90 दिन तक बढ़ा सकती है। सोमवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने इन रिपोर्ट्स को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अभी लॉकडाउन को 14 अप्रैल से बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। इससे पहले केंद्र ने रविवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सख्ती से लॉकडाउन लागू करने के निर्देश दिए थे। इसमें चूक होने पर जिले से डीएम और एसपी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

 

लॉकडाउन तोड़ने वालों को 14 दिन क्वारैंटाइन किया जाए: केंद्र - लॉकडाउन के बीच दिल्ली, मुंबई, सूरत समेत अन्य बड़े शहरों से दिहाड़ी मजदूर और कामगार हजारों की तादाद में पैदल अपने राज्यों की ओर जा रहे थे। इन्हें रोकने के लिए केंद्र सरकार ने आपदा फंड के नियमों में बदलाव किया था। गृह मंत्रालय ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा है कि वे मजदूरों के लिए अस्थाई शिविर बनाने, खाना और मेडिकल सुविधा के लिए आपदा फंड की राशि खर्च कर सकते हैं। साथ ही कहा कि बॉर्डर पर मजदूरों का मूवमेंट रोका जाए। इन लोगों को सीमाओं पर ही 14 दिन के लिए क्वारैंटाइन किया जाए। मजदूरों के पलायन पर चर्चा के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर मंत्री समूह की बैठक भी हुई।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने दावा किया है कि अगले 9 दिन में राज्य कोरोनावायरस के संक्रमण से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने रविवार को कहा कि तेलंगाना में अभी 70 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इलाज के बाद इनमें से 11 का टेस्ट निगेटिव आया। इन्हें सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। 58 मरीजों का इलाज चल रहा है। विदेश से लौटे 25 हजार 937 लोग निगरानी में हैं। इनके क्वारैंटाइन का समय 7 अप्रैल को पूरा होगा। अगर आगे कोई नया मामला नहीं आता है तो राज्य 7 अप्रैल तक कोरोना मुक्त घोषित होगा।

राव ने कहा कि कोविड-19 के लिए डॉक्टर्स, नर्स, मेडिकल ग्रैजुएट एक समूह बनाएंगे। राज्य की सेवा के लिए वे कभी भी ऐसा करें, उनका स्वागत है। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनसे किसी तरह की नरमी नहीं दिखाई जाएगी। सरकार ऐसी गतिविधियों पर नजर रख रही है।

लॉक डाउन की घोषणा होते ही प्लांट भी बंद हो गया, अन्य साथी मजदूर टे्रनें, बसें बंद होने के पहले ही घरों को चले गए।   सबकुछ बंद होने से खाने के लाले पड़ गए। ऐसी स्थिति में घर वापसी के अलावा कोई विकल्प नहीं लेकिन सबसे बड़ी समस्या संसाधन की थी। आखिर पैदल ही चलने का संकल्प लिया और  नमकीन, बिस्कुट से भूख मिटाते हुए लगातार 18 घंटे चलकर किसी तरह परसिवनी तक पहुंचे। पैरों में छाले भी पडऩे लगे और एक कदम आगे बढ़ाना भी मुश्किल हो रहा था तब भी आगे बढऩे का हौसला कम नहीं हुआ। इन हालातों से  
कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ेरा के युवक जूझ रहे हैं जो एक प्लांट में काम करने नागपुर गए थे। इन पर लॉक डाउन मुसीबत का पहाड़ बनकर टूटा। घर से सैंकड़ों मील दूर एक प्लांट में काम करने 15 दिन पहले ही नौ युवक नागपुर गए थे। गुरुवार शाम पांच-छह बजे से जल्द से जल्द घर पहुंचने के लिए रात में कहीं रुके भी नहीं और बीच-बीच में रेस्ट करके शुक्रवार दोपहर 12 बजे महाराष्ट्र सीमा के परसिवनी तक पहुंचे। पैदल चलते-चलते पैरोंं में छाले भी पडऩे लगे थे। परसिवनी में युवकों ने पुलिस का वह मानवीय चेहरा भी देखा जब वे उनके लिए फरिश्ता बन गए। जब उन्हे भूख मिटाने के लिए बिस्कुट के पैकेट और पानी की बॉटल उपलब्ध कराईं। इतना ही नहीं उत्तरप्रदेश की जा रहे एक डम्पर में बैठाकर युवकों को कटनी तक भेजा। इन्हे यह भी नहीं पता कि उन्होने कितने किलोमीटर रास्ता तय किया है। युवकों ने बताया कि गुरुवार शाम से शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक लगातार चलते रहे। बीच-बीच में थकान मिटाने रुके थे। कल से अब तक 70 से 80 किलोमीटर चल चुके होंगे।

आज (शनिवार) यहां 506 वर्क शॉप के एआरजी सेक्सन में धमाका होने से एक सैनिक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। दो घायलों को मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हादसा उस समय हुआ, जब वेंकी सैनिटाइजिंग के दौरान नाइट्रोजन सिलेंडर फट जाने से धमाका हुआ और वहां काम कर रहे तीन सैनिक इसकी चपेट में आ गए। धमाका होते ही पूरे वर्कशॉप में अफरा तफरी मच गई और सारे जिम्मेदार अधिकारी घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े।

सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 130 एमएम गन के सिलेंडर में धमाके से यह हादसा हुआ, जिसमें 3 कर्मचारी घायल हुए हैं। सभी घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना दोपहर 12:30 बजे के करीब हुई, उस वक्त 130 एमएम वेंकी सैनिटाइजिंग की जा रही थी। जानकारों का कहना है कि इसी दौरान नाइट्रोजन सिलेंडर फट गया और उसके टुकड़े  दूर-दूर तक छिटक गए। इस घटना से वहां काम कर रहे जवान कालूराम की मौके पर ही मौत हो गई तीन अन्य जवानों को मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जिसमें से एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

कोरोनोवायरस महामारी से लड़ने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली शहर की तैयारी की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार हर दिन 100 मामलों से निपटने के लिए तैयार है, जबकि वर्तमान में मरीजों की दर एक दिन में चार से पांच हैं। एक डिजिटल प्रेस काॉफ्रेंस के माध्यम से उन्होंने कहा कि पांच डॉक्टरों की एक टीम गठित की गई है, जो इसकी रिपोर्ट सरकार को सौपेंगी।

सीएम केजरीवाल ने कहा, टीम ने योजना बनाई है और फिलहाल एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें बताया गया है कि हमारी तैयारी कैसी होगी। तैयारी तीन तरह की होगी-अगर हर दिन में 100 मामले सामने आते हैं, अगर हर दिन 500 मामले आते हैं या अगर हर दिन 1000 मामले आते हैं।

केजरीवाल ने कहा कि अगर हर दिन 100 मामले भी आते हैं तो इसके लिए मौजूदा तैयारी पर्याप्त है। उन्होंने कहा, अगर मामले प्रतिदिन के हिसाब से 100 से अधिक आते हैं, तो इसके लिए भी हम तैयारी कर लेंगे, इसकी योजना तैयार है। तैयारियों में वेंटिलेटर, बेड, आईसीयू बेड, परीक्षण करने की क्षमता, एम्बुलेंस और अन्य चीजों की संख्या बढ़ाई गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार रिपोर्ट के सुझावों पर काम कर रही है। हम जल्द ही हर दिन 1000 रोगियों से निपटने के लिए तैयार होंगे। हालांकि, मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि यह स्थिति न आए। लेकिन हमें तैयार रहना होगा।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए एक पत्रकार को कोरोनावायरस के टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। इससे पहले लंदन से आई उनकी बेटी को भी कोरोना पॉजिटव पाया गया था। 20 मार्च को अपना इस्तीफा राज्यपाल लालजी टंडन को सौंपने से पहले कमलनाथ ने ये प्रेस कॉन्फ्रेंस सीएम हाउस में आयोजित की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में दर्जनों पत्रकार शामिल हुए थे। दिल्ली से इस घटनाक्रम को कवर करने आए कुछ पत्रकार भी इसमें मौजूद थे। इनके अलावा कई मंत्री, विधायक और सरकार के पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के कई लोग भी कॉन्फ्रेंस शामिल हुए थे।

10 लोगों का किया गया था कोरोना टेस्ट - कोरोना पॉजिटिव पाए गए पत्रकार की बेटी हाल ही में लंदन से दिल्ली के रास्ते भोपाल लौटी थी। शताब्दी एक्सप्रेस में अपनी बहन के साथ दिल्ली से भोपाल आने वाले उनके भाई को टेस्ट में नेगेटिव पाया गया है। भोपाल सीएमएचओ ने कहा कि पत्रकार की बेटी को पॉजिटिव पाए जाने के बाद ICMR की गाइडलाइन के तहत उनके करीबी 10 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया था, जिसमें से केवल उनके पिता को कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है।

कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए पत्रकार होम क्वारनटीन - वहीं मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के सेक्रेटरी पी नरहरी ने पत्रकार के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उन सभी लोगों को होम क्वारनटीन होने के लिए कहा है जो इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक कोरोनावायरस के 9 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इंदौर में चार लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। जबकि उज्जैन में 65 वर्षिय एक महिला की कोरोनावायरस से मौत हो गई। इसके अलावा जबलपुर, ग्वालियर, भोपाल और शिवपुरी में कोरोनावायरस के मामने सामने आए हैं।

हनुमानताल थानान्र्तगत भानतलैया क्षेत्र में आज दिन दहाड़े एक कांग्रेसी पार्षद की गोली मार कर हत्या कर दी गई । सूत्रों के अनुसार पुरानी रंजिश के चलते क्षेत्र के ही पं. राधाकृष्ण मालवीय वार्ड के पार्षद धर्मेन्द्र सोनकर पर यह हमला किया गया। जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिये उसे सिटी अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी। लोगों ने बताया कि धर्मेन्द्र सोनकर पर यह हमला उस समय हुआ जब वह घर के बाहर स्थित मंदिर में बैठा हुआ था और लोगों से बातचीत में व्यस्त था तभी पुरानी रंजिश के चलते क्षेत्र के ही बदमाश मोनू सोनकर द्वारा अचानक उन पर गोली चला दी जिसके बाद धर्मेन्द्र घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। हमला करने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए है।
सीन और पेट में लगी गोली
हमले के दौरान धर्मेन्द्र के गोली सीने और कमर में लगी है, गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा,सूचना मिलने पर परिजन भी तत्काल वहां पहुंच गए और घायल धर्मेन्द्र को वाहन द्वारा सिटी अस्पताल लेकर जाया गया। पुलिस अधीक्षक का कहना है किं आरोपी की पहचान कर ली गई थी और उसे पकडऩे टीम को सतर्क कर दिया गया था जिसके  बाद तत्काल ही पुलिस द्वारा मोनू सोनकर को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

भारत में लॉकडाउन के बाद भी कोरोना वायरस का कहर जारी है। देश में शुक्रवार सुबह कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या 747 तक पहुंच गई है। जबकि 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 66 मरीज ठीक हो चुके हैं। 

तमिलनाडु में कोरोना के 6 नए मामले सामने आए - तमिलनाडु में कोरोना के छह नए मामले सामने आने के साथ कुल मामलों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-तमिलनाडु ने यह जानकारी दी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-तमिलनाडु (एनएचएम-टीएन) ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा कि राज्य में कोविड-19 के छह नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। नए मामलों में से पांच उन लोगों के संपर्क में आने से हुए हैं, जो कोरोना पॉजिटिव थे। चेन्नई की एक 25 वर्षीय महिला को अरियालुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

कर्नाटक में तीसरी मौत - तुमकुर जिले के कोरोनावायरस संक्रमित 60 वर्षीय व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही कर्नाटक में कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्याक 3 हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, शुक्रवार सुबह जिले के एक अस्पताल में उस व्ययक्ति की मौत हो गई। यह राज्य का 60 वां कोरोना पॉजिटिव मरीज था, जिसने 13 मार्च को ट्रेन से दिल्ली की यात्रा की थी। तब से स्वास्थ्य विभाग ने उनके साथ प्राथमिक संपर्क में आए 24 हाईरिस्क लोगों का पता लगा लिया है और उनमें से 13 को एक अस्पताल में अलग रखा गया है। 13 में से 8 का परीक्षण निगेटिव आया है। इसमें तीन स्वास्थ्यकर्मी हैं, जो घर में क्वारैंटाइन में रह रहे हैं।

दिल्ली के निर्भया रेप केस को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है. गुरुवार दोपहर को जब दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई तो निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ने अदालत में कई तर्क दिए. एपी सिंह के तर्कों को सुनकर जज ने उनसे चुटकी ली और कहा कि अभी आप अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्या मैं भी ऐसा करूं.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्भया के एक दोषी पवन की याचिका को खारिज कर दिया था. इसके बाद एक अन्य याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई और अदालत में निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ने कोरोना वायरस को लेकर तर्क दिया.

एपी सिंह ने कहा कि अभी हमारी कई याचिकाएं अलग-अलग अदालतों में लंबित हैं, लेकिन सभी कोर्ट कोरोना वायरस के चलते बंद हैं. एपी सिंह ने गिनाया कि कड़कड़डूमा कोर्ट में एक दोषी की पिटाई और चोट लगने वाले मामले में अदालत ने दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट को अप्रैल में तलब किया है.

इसके अलावा दूसरे मामले का जिक्र करते हुए एपी सिंह ने कहा कि एक दोषी की याचिका हाई कोर्ट में है, जिसमें दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए दया याचिका को खारिज किया था.

भारत में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते असर के बीच एक अच्छी खबर आई है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के द्वारा दावा किया गया है कि भारत में कोरोना वायरस समाज में फैल नहीं रहा है. यानी कि अगर किसी एक व्यक्ति में पॉजिटिव लक्षण पाए गए तो इसका मतलब ये नहीं है कि उसकी वजह से पूरे इलाके में इसका असर फैल जाएगा. लगातार पॉजिटिव आ रहे मामलों के बीच ये राहत वाली खबर हो सकती है.

ICMR के सूत्रों के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 1000 सैंपल लिए गए हैं, उससे पता चला है कि देश में अभी कोरोना वायरस का दूसरा फेज़ चालू था. जिनके सैंपल लिए गए हैं, वो ना तो विदेश गए थे और ना ही किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आए थे जो विदेश गया हो. इन्हीं सैंपल के आधार पर ये सामने आया है कि भारत में अभी कोरोना वायरस ने विकराल रूप नहीं लिया है, जो कि आसानी से एक दूसरे में फैल जाए.

ICMR ने इन सैंपलों को जांच के लिए अलग-अलग लैब में भेजा था. हालांकि, अभी ये विस्तृत रिपोर्ट नहीं है. ICMR गुरुवार दोपहर को ही इस बारे में जानकारी देगा.

कोरोना वायरस के चलते स्कूल, दफ्तर, मॉल, सिनेमा हाल सब बंद कर दिए गए हैं। इसी कड़ी में जिम भी बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में महाराष्ट्र के नागपुर से एक तस्वीर सामने आई है जिसमें लोग सड़क पर एक्सरसाइज करते दिख रहे हैं। 

भारत में कोरोना वायरस का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है और इससे संक्रमित लोगों की संख्या 169 हो गई है। कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने से एक तरह से देश की रफ्तार पर ब्रेक सी लग गई है। दिल्ली, पटना, मुंबई, गुरुग्राम समेत कई अन्य शहरों में सार्वजनिक स्थलों, मॉल-मल्टिप्लेक्स, सिनेमाघर, बाजार और मंदिर बंद कर दिए गए हैं। इस महामारी का असर शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। कोरोना का का घातक असर यूरोप में देखने को मिल रहा है, जहां लगातार मौतें हो रही हैं। भारत में अभी तक तीन मौतें हुई हैं।

उद्योगपतियों और स्टार्टअप चलाने वाले लोगों के एक समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि कोरोनावायरस के फैलाव को रोकने के लिए सख्ती से कदम उठाए और सभी प्रमुख शहरों में धारा 144 लागू कर पूरी तरह से बंदी कर दें.

मंगलवार को अर्बन क्लैप के सह-संस्थापक अभिराज सिंह भाल ने कोरोना पर पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन ट्वीट किया, जिसमें बताया गया है कि जिन देशों ने जल्द और सख्ती से कदम उठाए हैं, उन्होंने इस बीमारी को फैलने से रोकने में कामयाबी पाई है. इन देशों में दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और जापान का ज़िक्र किया गया है. वहीं जो इस बीमारी से जूझ रहे हैं, उनमें इटली, ईरान और अमेरिका जैसे देशों ने इंतजार किया और इसका रूप भयानक हो गया.अपने प्रेजेंटेशन में भाल ने कहा कि यह वायरस राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव नहीं करता, बल्कि राष्ट्र बड़ा हो या छोटा, इस वायरस से लड़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है एक ठोस और मजबूत कदम. 20 मार्च से महत्वपूर्ण शहरों में लॉकडाउन और धारा 144 लगना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा, लॉकडाउन और धारा 144 लागू करने से मौतों को पांच गुना कम किया जा सकता है (यानी 10,000 लोगों की जान बचाई जा सकती है).

बता दें कि 10 स्लाइड के पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन को बनाने में स्नैपडील के कुणाल बहल, रेडबस के फानिंद्रा सामा, मैपी इंडिया के रोहण वर्जमा सहित 50 उद्यमी शामिल हैं. आगे कहते हैं कि भारत के कई राज्यों में स्कूल, कॉलेज, सिनेमाहॉल, मॉल बंद करवाकर सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है.

मध्य प्रदेश के सियासी घमासान के बीच कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट में कांग्रेस की ओर से वकील दुष्यंत दवे ने कहा, ''आज हम एक अजीबोगरीब स्थिति में हैं. राज्य की जनता ने कांग्रेस पार्टी (114 सीटों) पर भरोसा किया और भाजपा ने 109 सीटें जीतीं. सबसे बड़ी पार्टी ने उस दिन विश्वास मत जीता था. 18 महीनों से बहुत ही स्थिर सरकार काम कर रही थी.'' कांग्रेस ने आगे कहा, ''स्पीकर को ये देखना होगा कि इस्तीफे स्वैच्छिक हैं या नहीं.'' दवे ने आगे कहा, ''विधायकों को अगुवा किया गया. राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट का जो आदेश भेजा वो पूरी तरह असंवैधानिक है.''

कोर्ट में दुष्यंत दवे ने कहा, ''यह साधारण फ्लोर टेस्ट का सवाल नहीं है, बल्कि बाहुबल और धन शक्ति का उपयोग करके लोकतंत्र को नष्ट करने का सवाल है.'' उन्होंने कहा, ''आज सुबह दिग्विजय सिंह वहां गए लेकिन उन्हें हिरासत में लिया गया है. वे क्या चाहते हैं, मुझे समझ नहीं आ रहा. भाजपा एक जिम्मेदार पार्टी और सत्ता में पार्टी है. हम एक संकट का सामना कर रहे हैं जो मानवता ने पहले कभी नहीं देखा है, क्या वे चाहते हैं कि अदालत अब इस पर सुनवाई करे.''

दवे ने कोर्ट में कहा कि इस समय दुनिया गंभीर समस्या से गुजर रहा है ऐसे में क्या अभी बहुमत परीक्षण जरूरी है? संविधान पीठ से तय करे कि क्या विधायक इस तरह इस्तीफा दे सकते हैं?

 

कोरोनावायरस के संक्रमण के लद्दाख में तीन और मामले सामने आए हैं। इस केंद्र शासित प्रदेश में अब कुल संक्रमितों की संख्या सात और देशभर में 129 हो गई है। इस बीच, मुंबई में 64 साल के व्यक्ति की मौत हो गई है। इस तरह देश में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या तीन हो गई। इससे पहले कलबुर्गी में 63 साल के एक व्यक्ति की और दिल्ली में 69 साल की महिला की जान गई थी। महाराष्ट्र के बुलढाणा में भी एक बीमार बुजुर्ग ने दम तोड़ा था, लेकिन बाद में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इस बीच, केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने कोरोनावायरस संक्रमण के शक में खुद को अलग-थलग कर लिया है। वे अभी केरल के त्रिवेंद्रम में हैं। वहीं, पुणे का शनिवार वाडा किला और शिर्डी का साईं मंदिर आम लोगों के लिए अस्थाई रूप से बंद किया गया।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को आंकड़ों के जाल में उलझते नजर आए. उन्होंने लोकसभा में बैंक संकट का मामला उठाया और सरकार को घेरते हुए 50 डिफॉल्टर के नामों की जानकारी मांगी. एक ओर जहां उन्होंने लोकसभा में 50 डिफॉल्टर की जानकारी मांगी तो वहीं संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने 500 डिफॉल्टर्स का नाम पूछा.

पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पूछा था कि सबसे बड़े 500 डिफॉल्टर्स कौन हैं. स्पीकर की ड्यूटी है कि मेरे अधिकारों की रक्षा करें, लेकिन उन्होंने मुझे दूसरा सवाल पूछने नहीं दिया. यह मेरे अधिकारों का हनन है. यह गलत है.

राहुल गांधी ने आगे कहा कि सरकार इन 500 लोगों का नाम लेने में क्यों डरी हुई है. हमें पता है कि देश की अर्थव्यवस्था आगे नहीं बढ़ रही है. 500 लोगों ने देश की संपत्ति की चोरी की है. पीएम मोदी ने कहा था कि वे इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. वे इनका नाम क्यों नहीं दे रहे हैं. मैं बार-बार कह रहा हूं कि बैंकों की हालत और कोरोना वायरस की वजह से परिणाम बेहद खराब आएंगे.

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने कम्बाइंड ग्रेजुएट लेवल (टियर-1) की आंसर की घोषित कर दी है. एसएससी सीजीएल टियर-1 परीक्षा 2019 आंसर की  आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है. जिन अभ्यार्थियों ने एसएससी ने सीजीएल टियर-1 की परीक्षा  दी थी वे अपने आंसर एसएससी द्वारा जारी ऑफिशियल आंसर की से चेक कर सकते हैं.

विदित हो कि यह परीक्षा  3 मार्च 2020 से 9 मार्च 2020 तक देश के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की गई थी. मध्य क्षेत्र के अधीन उत्तर प्रदेश और बिहार में 490904 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे. एसएससी सीजीएल टियर-1 परीक्षा 2019 के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार में कुल मिलाकर 19 शहरों में कुल 88 केंद्र बनाए गए थे. जहाँ यह परीक्षा आयोजित हुई.

अभ्यर्थी अपने आंसर ऑफिशियल आंसर की से मिलान कर लें. यदि उन्हें किसी प्रश्न पर आपत्ति है तो वे 16 मार्च को 11.00 बजे से 21 मार्च 2020 को 11.00  बजे तक अपनी आपत्ति आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन मोड़ में दर्ज करा सकते हैं. इसके लिए परीक्षार्थी को प्रति प्रश्न 100 रू. के हिसाब से शुल्क का भुगतान करना होगा. निर्धारित तिथि और समय के बाद किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं किया जायेगा.
 

 दिल्ली हिंसा पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. इस दौरान सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला और गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने बिना नाम लिए कपिल मिश्रा पर भी निशाना साधा. कांग्रेस नेता ने पूछा कि पिछले रविवार से गृह मंत्री कहां थे और क्या कर रहे थे?

सोनिया गांधी के पांच सवाल-

1- पिछले रविवार से गृह मंत्री कहां थे और क्या कर रहे थे?

2- दिल्ली के सीएम कहां थे और क्या कर रहे थे?

3- कितनी पुलिस फोर्स दंगे वाले इलाके में लगाई गई?

4- पुलिस वाले हालात पर काबू क्यों नहीं कर पाए?

5- पैरामिलिट्री फोर्स को क्यों नहीं बुलाया गया?

दिल्ली हिंसा मामले में हाई कोर्ट में फिर से सुनवाई शुरू हो गई है. हाई कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली में दूसरे '1984' को नहीं होने देंगे. 1984 में सिख दंगा हुआ था, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाया और बीजेपी नेताओं का वीडियो देखा गया. दिल्ली हिंसा पर हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी पर केंद्र सरकार के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि डीसीपी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं,  एक कांस्टेबल की जान भी जा चुकी है. पुलिस अधिकारी के सिर में चोट लगी है और वह वेंटिलेटर पर है.

इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि जल्द से जल्द संवैधानिक पदाधिकारियों को क्षेत्र का दौरा करना चाहिए. आपको आश्वस्त होना चाहिए कि आप कहीं भी रहें आप सुरक्षित रहेंगे. दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से दंगा पीड़ितों को मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए भी कहा.दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि हम अभी भी 1984 के पीड़ितों के मुआवजे के मामलों से निपट रहे हैं, ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए. नौकरशाही में जाने के बजाय लोगों की मदद होनी चाहिए. इस माहौल में यह बहुत ही नाजुक काम है, लेकिन अब संवाद को विनम्रता के साथ बनाये रखा जाना चाहिए.

राजधानी के उत्तर पूर्वी दिल्ली मे बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है इसके लिए सुरक्षाबलों की 60 कंपनियों को तैनात किया गया है. खुद विशेष पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव मामले की कमान संभालने के लिए दंगाग्रस्त इलाके में पहुंच चुके हैं. उधर शाहीन बाग में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा की जा रही है जिसके बाद पुलिस प्रशासन वहां से लोगों को हटाने या ना हटाने का फैसला ले सकता है. उत्तर पूर्वी दिल्ली के अनेक इलाकों मे हुई हिंसा के बाद आज केंद्र सरकार ने केन्दीय सुरक्षाबलों की 15 और कंपनियां भेजी हैं, अब वहां कुल 60 कंपनिया तैनात हो गई है. जिसमें सीआरपीएफ, एसएसबी आदि शामिल है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा मे लगी कंपनियो को भी वहां भेजा गया है.

इन कंपनियो मे से 15 कंपनियों को रिजर्व रखा गया है जबकि बाकी की 45 कंपनियां वहां लगातार काम करेंगी. दिल्ली पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि दंगाग्रस्त इलाके मे बडी कार्रवाई के लिहाज से इतनी बड़ी मात्रा में फोर्स की तैनाती की गई है क्योंकि पिछले तीन दिन से वहां हालात लगातार खराब होते जा रहे थे.उधर दिल्ली पुलिस में तैनात किए गए नव नियुक्त विशेष आयुक्त एसएस श्रीवास्तव सुबह ही सीलमपुर इलाके में पहुंच गए जहां उन्होंने आला अधिकारियों के साथ बैठक की और दंगाग्रस्त इलाको का दौरा भी किया. सूत्रों ने बताया कि श्रीवास्तव ने बैठक मे स्पष्ट तौर पर आला पुलिस अधिकारियों से कहा कि दंगाइयों से कड़े तरीके से निबटा जाए और किसी के साथ कोई भेदभाव ना किया जाए.उधर शाहीन बाग मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद पुलिस मुख्यालय मे एक बैठक बुलाई गई. दरअसल सुप्रीम कोर्ट मे सुनवाई के दौरान सॉलीसिटर जनरल ने कोर्ट से कहा कि कार्रवाई किए जाने का आदेश दिया जाए. जिसपर कोर्ट ने कहा कि वो कोई आदेश नहीं दे रहे लेकिन कोई रोक भी नही लगा रहे. दिल्ली पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश की वैधानिक समीक्षा की जा रही है और उसके बाद शाहीन बाग के लोगों को हटाने या ना हटाने पर निर्णय लिया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट में शाहीन बाग पर आज सुनवाई हुई और कोर्ट ने 23 मार्च को अगली सुनवाई की तारीख तय की है. कोर्ट ने कहा कि मामले को सुलझाने में वार्ताकारों को सफलता नहीं मिली. सुनवाई के दौरान उत्तरी दिल्ली में हिंसा की बात भी सामने आई. इस पर कोर्ट ने सुनवाई के शुरुआत में ही कहा कि कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुई हैं लेकिन हमारे सामने सड़क रोके जाने का सीमित मामला है. हम मामले को विस्तृत नहीं बनाना चाहते.

कोर्ट ने कहा, ''हमने वार्ताकार भेजे. उन्होंने रिपोर्ट दी. जहां तक दूसरे इलाके की घटना का सवाल है, उसे हाई कोर्ट देख रहा है.'' सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर के वकील के दलीलें रखने का विरोध किया. सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि इनका इस मामले से कोई संबंध नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा को लेकर वजाहत हबीबुल्ला और चन्द्रशेखर की अर्ज़ी का निपटारा किया.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ''हमने देखा कि वार्ताकारों ने पूरी गंभीरता से कोशिश की. उन्हें सफलता नहीं मिली. लेकिन हमें हर मामले में प्रयोगात्मक समाधान की कोशिश करते रहनी चाहिए. अंत में हमारा निवेदन है कि हर कोई अपना गुस्सा शांत करे. समाज को इस तरह बर्ताव नहीं करना चाहिए, 23 मार्च को अगली सुनवाई होगी.''

इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि वार्ताकारों की भूमिका जारी रहेगी. सॉलिसीटर जनरल ने शाहीन बाग में कार्रवाई के लिए आदेश मांगा. इस पर जज ने कहा कि हम कोई आदेश नहीं दे रहे लेकिन कोई रोक भी नहीं लगा रहे.

अधिकारियों ने इलाके के लोगों के लिए जारी की चेतावनी

परेशान करने वाले के खिलाफ FIR दर्ज कर होगी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में मुस्लिम कॉलेज से एक विवादित मामला सामने आया है जहां की छात्राओं ने पुलिस को शिकायत कर कहा है कि उन्हें बुर्का नहीं पहनने को लेकर परेशान किया जा रहा है. बुलंदशहर जिले के खुर्जा की कॉलेज छात्राओं ने सोमवार को सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ईशा प्रिया से मुलाकात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि बदमाशों के जरिए उन्हें बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया जा रहा है और उनका उत्पीड़न हो रहा है.समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक शिकायत पर तेजी से कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के स्टेशन हाउस अधिकारी (एसएचओ) के साथ एसडीएम ईशा प्रिया छात्राओं के इलाके में पहुंचीं और स्थानीय निवासियों के साथ बैठक की. अधिकारियों ने इलाके के लोगों के लिए चेतावनी जारी की. उन्होंने कहा कि कॉलेज की छात्राओं को परेशान करने वाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा.एसडीएम ईशा प्रिया ने कहा, 'सराय मुर्तजा कॉलोनी में कुछ बदमाश लड़कियों को परेशान कर रहे थे और उन्हें बुर्का पहनने के लिए कह रहे थे. लड़कियों ने हमें बताया कि जब उनके परिवारों को बिना बुर्का के कॉलेज भेजने में कोई समस्या नहीं थी, तो ये लोग इस मामले पर कैसे आपत्ति जता सकते हैं?'

एसडीएम ने स्थानीय लोगों के साथ बैठक की और उन्हें अपनी बेटियों को कॉलेज भेजने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने कहा, 'शुरुआत में हमने आरोपियों को सिर्फ चेताया है, लेकिन अगर उन्होंने अपना रवैया नहीं बदला तो हम मामले में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करेंगे.' समुदाय के स्थानीय निवासियों और धार्मिक प्रमुखों ने एसडीएम और पुलिस को आश्वासन दिया है कि उत्पीड़न की घटना को नहीं दोहराया जाएगा.

रेल टेल 5600 स्टेशनों पर देगा मुफ्त वाई-फाई

भारत समेत दुनिया में गूगल ने बंद की सेवा

टेक कंपनी गूगल दुनिया भर में रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई सेवा बंद करने जा रही है. गूगल ने कहा है कि वो 2020 तक अपने बहुचर्चित प्रोग्राम 'स्टेशन' को बंद करने जा रहा है. इसमें भारत भी शामिल है.  हालांकि भारत के लगभग 5600 रेलवे स्टेशनों पर रेल सवारियों को मुफ्त वाई-फाई मिलती रहेगी. सरकारी कंपनी रेलटेल इन स्टेशनों पर पहले की मुफ्त वाई-फाई देती रहेगी.

गूगल की मुफ्त सर्विस बंद होगी - बता दें कि गूगल ने भारतीय रेलवे और रेल टेल के साथ मिलकर 2015 में स्टेशन नाम का कार्यक्रम लॉन्च किया था. इसका मकसद 2020 के मध्य तक देश के 400 रेलवे स्टशनों पर तेज और मुफ्त वाई-फाई देना था. रेल टेल भारत के रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-वाई की सुविधा दे रही है. इस प्रक्रिया में गूगल इसका तकनीकी पार्टनर था. रेल टेल ये सुविधा देश के 415 ए-वन, ए और सी कैटेगरी स्टेशनों में दे रहा था.

 

राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक 19 फरवरी को

ट्रस तय करेगा किसे चंदा लेने का है अधिकार

अयोध्या में रामलला का मंदिर बनवाने के लिए गठित ट्रस्ट की दिल्ली में 19 फरवरी बैठक तय है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक में इस बात पर भी फैसला लिया जाएगा कि ट्रस्ट के अलावा क्या कोई दूसरा संगठन भी मंदिर निर्माण के लिए दान ले सकता है या नहीं? दअरसल वाराणसी में ज्योतिष्पीठाधीश्वर व द्वारका के शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की अगुवाई वाले रामालय ट्रस्ट ने स्वर्ण-संग्रह-सपर्या अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान के तहत हर ग्राम पंचायत से सोना इकट्ठा करने की योजना है. इस अभियान का सूत्रवाक्य है कि एक ग्राम स्वर्ण दान यानी हरेक ग्राम पंचायत एक ग्राम सोना दान करे. इससे मंदिर में रामलला के स्वर्ण आभूषण और स्वर्ण मंडन की सेवा की योजना है. यानी इस अभियान के जरिए राममंदिर के लिए हर गांव से कम से कम एक ग्राम सोना दान स्वरूप लेने का लक्ष्य रखा गया है. इस अभियान को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के सदस्य नाराज हैं. उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति या संगठन कैसे राम मंदिर निर्माण को लेकर लोगों से चंदा ले सकता है? उसके हिसाब किताब की ज़िम्मेदारी और जवाबदेही किसके पास होगी.

तीर्थक्षेत्र न्यास को ही मिले चंदा इकट्ठा करने का हक - ट्रस्ट के सदस्यों का मानना है कि चंदा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास को ही मिलना चाहिए न कि किसी दूसरे निजी संगठन को. क्योंकि मंदिर निर्माण की सामाजिक और न्यायिक जिम्मेदारी उनकी ही है. हालांकि ट्रस्ट के सदस्यों का कहना है कि 19 फरवरी को होने वाली मीटिंग में इस पर चर्चा होगी और संभवतः आदेश भी पारित होगा.

कोरोना का पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है

इसका असर इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ पर भी होगा

मूडीज ने इस साल का जीडीपी ग्रोथ अनुमान घटा दिया है

मोदी सरकार के लिए यह एक और नेगेटिव खबर है

रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने वर्ष 2020 के लिए  भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ अनुमान को घटा दिया है. मूडीज ने यह अनुमान 6.6 फीसदी से घटाकर 5.4 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही मूडीज ने 2021 में जीडीपी बढ़त के अनुमान को भी 6.7 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है. मूडीज ने कहा कि नोवेल कोरोना वायरस (Covid-19) के प्रकोप की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो सुस्ती आई है, उसकी वजह से भारत के जीडीपी ग्रोथ में तेजी की रफ्तार कम हो सकती है. उसने कहा कि भारत में अब किसी भी तरह के सुधार को उम्मीद से कम ही माना जाना चाहिए.

चीन का अनुमान भी घटाया - मूडीज ने कहा कि साल 2020 में G-20 देशों की इकोनॉमी में 2.4 फीसदी बढ़त होने का अनुमान है. मूडीज ने इस साल चीन की ग्रोथ रेट अनुमान को भी घटाकर 5.2 फीसदी और 2021 के लिए 2.4 फीसदी कर दिया है. मूडीज ने कहा कि कोरोना वायरस के कहर का चीन की अर्थव्यवस्था के लिए काफी नकारात्मक असर होगा.

दिल्ली चुनाव में एतिहासिक जीत दर्ज करने वाले अरविंद केजरीवाल 16 फरवरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. हर किसी की नजर इस बात पर थी कि क्या अरविंद केजरीवाल पीएम मोदी को आमंत्रित करेंगे. इन चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है. आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया है.इससे पहले दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली एतिहासिक जीत के बाद पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल को बधाई दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को दिल्ली चुनावों में जीत के लिए बधाई. मैं आशा करता हूं कि दिल्ली की जनता की अपेक्षाओं को वे पूरी करेंगे.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट के बाद अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है. अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'आपका शुक्रिया सर. मैं केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए इच्छुक हूं. हम दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने की दिशा पर काम करेंगे.'

पूरी दिल्ली को न्योता - दिल्ली के चुनाव में लगातार दूसरी बार प्रचंड जीत हासिल करने के बाद अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए तैयार हैं. रविवार को अरविंद केजरीवाल तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और इसका गवाह पूरी दिल्ली बनने जा रही है. अरविंद केजरीवाल ने तय किया है कि वह अपनी टीम में बदलाव नहीं करेंगे.रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल अपनी कैबिनेट के साथ शपथ लेंगे. इसके लिए पूरी दिल्ली को न्योता दिया गया है. अरविंद केजरीवाल ने साथ एक ही ऑडियो मैसेज जारी कर दिल्ली वालों को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता दिया है.

एक खास मेहमान को न्योता - इस खास मौके के लिए आम आदमी पार्टी ने एक खास मेहमान को न्योता दिया है, जो ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगा. आम आदमी पार्टी की जीत के बाद चर्चा में आया ‘बेबी मफलरमैन’ शपथ ग्रहण समारोह में मेहमान होगा. आम आदमी पार्टी ने ट्विटर पर इस बात का ऐलान भी किया. पार्टी के ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ‘अनाउंसमेंट: बेबी मफलरमैन को अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह के लिए न्योता दिया गया है. तैयार हो जाओ जूनियर’.

सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दोषी विनय की याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक निर्भया के दोषी विनय की मानसिक हालत बिल्कुल ठीक है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि ताजा मेडिकल रिपोर्ट कहती है कि दोषी विनय की न सिर्फ शारीरिक हालत ठीक है, बल्कि मानसिक हालत भी ठीक है. दोषी विनय शर्मा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दया याचिका खारिज करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. उसने मानसिक हालत ठीक नहीं होने की दलील दी थी. उसने यह भी आरोप लगाया था कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सामने सभी दस्तावेज नहीं रखे गए थे. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दोषी विनय की इन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया. शीर्ष कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति के सामने सभी दस्तावेज रखे गए थे.जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस ए. एस. बोपन्ना की बेंच ने दोषी विनय की दलील को खारिज करते हुए कहा कि हमने सारी फाइलें देखकर विचार किया है. लिहाजा दोषी विनय की इस दलील को खारिज किया जाता है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उसके सारे दस्तावेज नहीं देखे. साथ ही यह दलील भी खारिज की जा रही है कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने फाइल पर साइन नहीं किए थे.इससे पहले दोषियों के वकील ए. पी. सिंह ने दलील दी थी कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव के दौरान डिजिटल साइन कैसे हो सकते हैं?

वहीं, गुरुवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए डेथ वारंट जारी करने की मांग वाली याचिका पर 17 फरवरी तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी थी. कोर्ट ने कहा था कि निर्भया के दोषी आखिरी सांस तक कानूनी उपायों का इस्तेमाल करने के हकदार हैं और उनके मौलिक अधिकारों की अनदेखी नहीं की सकती.इसके साथ ही अदालत ने गुरुवार को निर्भया कांड के दोषी पवन गुप्ता की तरफ से पैरवी करने के लिए वकील रवि काजी को नियुक्त किया था. अब चारों दोषियों में से सिर्फ पवन गुप्ता के पास ही क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका दाखिल करने का विकल्प है. एडिशनल सेशन जज धर्मेद्र राणा ने कहा था, 'निर्भया के दोषी पवन के वकील को थोड़ा समय मिलना चाहिए, ताकि वो मुवक्किल का प्रभावी प्रतिनिधित्व कर सकें.

दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी का खेमा ऊपर से भले ही शांत दिख रहा हो लेकिन अंदरखाने बेचैनी तेज है. हार के कारणों पर अब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी से जवाब मांगा है. इस बैठक में हार के कारणों पर चर्चा होगी.चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी लगातार दावा कर रही थी कि इस बार वह 45 से अधिक सीटें जीतेगी. खुद मनोज तिवारी भी लगातार 48 सीटें जीतने की हुंकार भर रहे थे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ है बीजेपी का रथ सिर्फ 8 सीटों पर थम गया. गुरुवार को मनोज तिवारी के साथ पार्टी के संगठन मंत्री बीएल. संतोष भी जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे और हार पर मंथन करेंगे. बता दें कि बुधवार को ही एक बयान में मनोज तिवारी ने कहा था कि पार्टी की ओर से उनसे इस्तीफा देने को नहीं कहा गया है और ना ही उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की है. दिल्ली बीजेपी में कुछ ही समय बाद संगठन के चुनाव होने हैं, इसी वजह से इस्तीफा नहीं मांगा गया है.

जीत को लेकर आश्वस्त थे मनोज तिवारी - मनोज तिवारी भारतीय जनता पार्टी की जीत के लिए आश्वस्त थे और नतीजों के दिन भी लगातार जीत का दावा कर रहे थे. नतीजों वाली सुबह मनोज तिवारी कह रहे थे कि शाम तक के नतीजों में भाजपा बहुमत को छू लेगी लेकिन बीजेपी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी. इससे पहले एग्जिट पोल में भी जब बीजेपी की हार दिखाई गई तो भी मनोज तिवारी ने इसे मानने से इनकार कर दिया था.एक तरफ भारतीय जनता पार्टी ने अब मंथन शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में लगातार 0 आने पर भूचाल शुरू हो गया है. कांग्रेस में अभी तक प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा, प्रभारी पीसी चाको ने अपना इस्तीफा दे दिया था. दोनों नेताओं के इस्तीफे को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्वीकार कर लिया है.

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री चार दिन बाद यानी 16 फरवरी को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. आज अरविंद केजरीवाल को विधायक दल का नेता चुना जाएगा. इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने लगभग साल 2015 के प्रदर्शन को दोहराते हुए 62 सीटें हासिल की हैं.न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, सीएम केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा. इस शपथ ग्रहण समारोह में केजरीवाल के साथ कई विधायक भी मंत्रिपद की शपथ ले सकते हैं. अभी ये साफ नहीं है कि समारोह में किन-किन हस्तियों को न्योता भेजा जाएगा.

कल पार्टी की जीत से उत्साहित केजरीवाल ने कहा था, ‘’ये जीत मेरी जीत नहीं है ये दिल्ली के लोगों की जीत है. ये हर उस परिवार की जीत है, जिन्होंने मुझे बेटा मान कर इतना समर्थन दिया. ये हर उस परिवार की जीत है जिनके घर में 24 घंटे बिजली मिलने लगी है. ये हर उस परिवार की जीत है, जिनका दिल्ली के अस्पतालों में अच्छा इलाज होने लगा है.’’बता दें कि आम आदमी पार्टी की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तमाम छोटे बड़े नेताओं ने अरविंद केजरीवाल को बधाई दी है. गौरतलब है कि 70 विधानसभा सीटों में से आम आदमी पार्टी को 62 और बीजेपी को 8 सीटें मिली हैं. वहीं, कांग्रेस पिछली बार की तरह इस बार भी खाता नहीं खोल पाई. साल 2015 के चुनाव में आम आदमी पार्टी को 67 और बीजेपी को 3 सीटें मिली थीं.

महज सात साल पहले अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में बनी आम आदमी पार्टी ने दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी को दिल्ली में करारी मात दी है. इस तरह से बीजेपी की दिल्ली में 22 साल के सत्ता के वनवास को खत्म करने की कोशिशें धरी की धरी रह गईं. इस तरह से बीजेपी का वनवास 5 साल का इजाफा और हो गया है. बीजेपी को आम आदमी पार्टी ने लगातार दूसरी बार शिकस्त दी और भाजपा दोनों बार डबल डिजिट भी पार नहीं कर सकी. दिल्ली में फिर से आम आदमी पार्टी की मिली प्रचंड जीत ने बीजेपी की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अन्ना आंदोलन से निकले अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के गठन के महज सात साल हुए हैं. कह सकते हैं कि AAP का सियासी आधार दिल्ली तक ही सीमित है और थोड़ा बहुत पंजाब में है. वहीं, बीजेपी के 12 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं और मौजूदा समय में बीजेपी या उसके सहयोगियों की 16 राज्यों में सरकार में है. ऐसे में बीजेपी ने दिल्ली की सल्तनत पर काबिज होने के लिए अपने सभी बड़े नेताओं ने प्रचार में उतारा था, लेकिन केजरीवाल के विजय रथ को नहीं रोक सके.

आम आदमी पार्टी के मुफ्त बिजली, पानी व महिलाओं को डीटीसी में फ्री यात्रा के मुद्दे का बीजेपी कोई तोड़ नहीं निकाल सकी. हालांकि बीजेपी ने शाहीन बाग को भी मुद्दा बनाया और इसका उसे लाभ भी मिला, लेकिन इतना नहीं कि वह आम आदमी पार्टी से बराबरी का मुकाबला कर सके. जिस तरह से 2019 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के साथ हुआ था, ठीक उसी तरह दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के लिए रहा कि (कोई विकल्प नहीं) फैक्टर ने काम किया.आम आदमी पार्टी ने बेहद चतुराई से दिल्ली के मतदाताओं को समझाया कि बीजेपी के पास केजरीवाल की जगह लेने के लिए कोई योग्य शख्सियत है ही नहीं. पिछले छह माह के दौरान केजरीवाल सरकार ने और मुफ्त चीजों की घोषणा की जिसमें बसों और मेट्रो में महिलाओं और विद्यार्थियों को मुफ्त यात्रा शामिल है. इसके चलते महिलाओं के बीच केजरीवाल की पकड़ मजबूत हुई.

दिल्ली में बीजेपी जिस तरह से शाहीन बाग मुद्दे पर आक्रामक रही, उससे मुस्लिम मतदाता आम आदमी पार्टी के पक्ष में एकजुट हो गया, जिसने करीब एक दर्जन सीटों को प्रभावित किया. वहीं, केजरीवाल ने सॉफ्ट हिंदुत्व की राह को भी अपनाया और उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया. इससे

देश में टिड्डियों के खतरे को लेकर के केंद्रीय गृह मंत्रालय सक्रिय हो गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने टिड्डियों के खतरे को लेकर पिछले शुक्रवार को गृह मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की थी. इस बैठक में एनडीएमए के अधिकारियों के साथ-साथ एनडीआरएफ के अधिकारी, एयर फोर्स, कृषि मंत्रालय और कुछ राज्यों के प्रतिनिधि शामिल थे. सूत्रों ने आजतक को जानकारी दी है, कि इस साल जून 2020 में टिड्डियों के बड़े हमले का अलर्ट गुजरात और राजस्थान में आया है.

टिड्डियों के हमले रोकने के लिए बड़ी मीटिंग - जानकारी के मुताबिक यह टिड्डी दल पाकिस्तान, ओमान और दक्षिणी इरान के इलाके से भारत में प्रवेश कर सकता है. हालांकि इसका असर विश्व के दूसरे देशों में भी पढ़ने वाला है. इसके लिए कई देशों ने बड़ी मीटिंग भी की हैं. गृह मंत्रालय की इस बैठक का खास मुद्दा था की डेजर्ट के इलाके में जब भी टिड्डी दल का हमला होगा. तब किस तरीके से एयरफोर्स उनके ऊपर पेस्टिसाइड का स्प्रे करके उनको भगाने का काम करेगा. इस मीटिंग में एयरफोर्स से हेलीकॉप्टरों की उपलब्धता और उनके कामों की भी समीक्षा की गई. बता दें कि संयुक्त राष्ट्र संघ के कृषि एवं खाद्य संगठन (एफएओ) के अभिन्न अंग मरुस्थलीय टिड्डी कंट्रोल कमेटी की 10 से 14 दिसंबर तक इथोपिया में बैठक हुई. इस बैठक में भारत, पाक, अफगानिस्तान, ईरान, सऊदी अबर, इटली सहित 20 देशों के 20 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

आखिर टिड्डियों का प्रकोप इतना क्यों बढ़ रहा है? - इस बैठक में यह चर्चा की गई कि आखिर टिड्डियों का प्रकोप इतना क्यों बढ़ रहा है. इसके पीछे जो लॉजिक दिया गया, उसमें कहा गया है कि 26 साल बाद टिड्डी की संख्या बढ़ने की वजह यमन में अच्छी बरसात को माना जा रहा है. गृह मंत्रालय की आपदा प्रबंधन विंग की रिपोर्ट के मुताबिक टिड्डी दल अदन की खाड़ी और लाल सागर के आसपास स्थित देशों से होते हुए भारत में फिर से हमला करेंगे. इथोपिया और इरिट्रिया में इस समय भी बहुत बड़े टिड्डी दल मौजूद हैं.

लोकसभा चुनाव 2014 में बीजेपी की प्रचंड जीत के साथ जैसे-जैसे देश में पार्टी का ग्राफ बढ़ा वैसे-वैसे राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) की जड़ें भी मजबूत होती गईं. 2019 के आम चुनाव में बीजेपी की जीत ने संघ को और भी मजबूती प्रदान करने का काम किया. आरएसएस का संगठन मजबूत हुआ सदस्यों की संख्या बढ़ती गई तो प्रसार क्षेत्र में भी तेजी से इजाफा हुआ. ऐसे में संघ नेताओं के हालिया बयान इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि अब संगठन व्यापक प्लान की ओर बढ़ रहा है तो उसे हिंदुत्व की चिंता भी है.आरएसएस के सर कार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने रविवार को गोवा के पणजी में बयान दिया है कि हिंदू समुदाय का मतलब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबंधित होना नहीं है. साथ ही, भाजपा का विरोध करने को हिंदुओं के विरोध के तौर भी नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजनैतिक लड़ाई चलती रहेगी, लेकिन इसे हिंदुओं से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. भैयाजी जोशी के इस बयान को संघ की एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. आरएसएस ने अपने इस बयान से यह बात साफ कर दिया है कि अगर किसी चुनाव में बीजेपी की हार होती है तो उसे हिंदुत्व की हार के तौर पर न देखा जाए. विपक्षी पार्टियां जिस तरह से बीजेपी को टारगेट करने के लिए संघ को भी आढ़े हाथों लेती हैं, भैयाजी जोशी के बयान को इससे जोड़कर भी देखा जा रहा है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जब भी बीजेपी या नरेंद्र मोदी सरकार पर सवाल खड़े करते हैं तो आरएसएस को बराबर निशाने पर लेते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर बीजेपी के तमाम नेताओं पर वो संघ की विचाराधारा को देश में लागू करने का आरोप लगाते हैं. राहुल ही नहीं, बल्कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव सहित तमाम विपक्ष के नेता बीजेपी और संघ को एक साथ खड़ा करते हैं. इसीलिए संघ के भैयाजी जोशी ने अपने बयान से एक सियासी लकीर खींचने की कोशिश की है. 

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मोदी पर बढ़ती बेरोजगारी को लेकर तंज कसा है. उन्होंने पीएम के सूर्य नमस्कार वाले बयान पर कहा कि देश में बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में प्रधानमंत्री अगर बेरोजगारों के लिए कोई आसन बता दें तो अच्छा होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के डंडे वाले बयान के बाद गुरुवार को लोकसभा में तंज कसते हुए कहा था कि अब वह और ज्यादा सूर्य नमस्कार करेंगे ताकि उनकी पीठ और मजबूत हो जाए.समाजार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अब इसी बयान पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी सूर्य नमस्कार के जरिए अपनी पीठ मजबूत करने की बात कर रहे हैं. ऐसे में अगर वह बेरोजगार युवाओं के लिए इसी तरह का कोई आसन बता देते तो यह अच्छा होता. देश में बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन प्रधानमंत्री को इस पर सोचने का वक्त नहीं है.'अखिलेश यादव ने यह बात बाराबंकी में मीडिया के सामने कही.

राहुल गांधी ने दिया था ये बयान - बता दें कि राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लेकर एक विवादिक बयान दिया था. उन्होंने कहा, 'ये जो नरेंद्र मोदी भाषण दे रहा है, 6 महीने बाद ये घर से बाहर नहीं निकल पाएगा. हिंदुस्तान के युवा इसको ऐसा डंडा मारेंगे, इसको समझा देंगे कि हिंदुस्तान के युवा को रोजगार दिए बिना ये देश आगे नहीं बढ़ सकता.'

राहुल गांधी ने कहा कि सब लोग चाहते हैं कि चीन को कोई न कोई बैलेंस करे. व्यापारियों ने अपना पैसा चीन में डाला और वहां वायरस हो गया. चीन की सब फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं. पूरी दुनिया कह रही है कि हम अपना पैसा हिंदुस्तान में इन्वेस्ट करना चाहते हैं, लेकिन देश में बढ़ती हिंसा और नफरत के कारण इन्वेस्टर पीछे हट जा रहे हैं.

नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. आज सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि विरोध का अधिकार है लेकिन जगह ऐसी हो जहां दूसरों को परेशानी न हो। ऐसा अनिश्चित काल के लिए भी नहीं होना चाहिए.इसके साथ ही कोर्ट ने सड़क को ब्लॉक करने पर भी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि इस तरह से सार्वजनिक सड़क को ब्लॉक करना उचित नहीं है. हालांकि अभी सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करने से मना किया. इस मामले पर अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी.

बता दें कि शुक्रवार को यह याचिकाएं सुनवाई के लिए लगी थीं. तब कोर्ट ने यह कहते हुए सुनवाई टाल दी थी कि चुनाव के बाद ही मामला सुनना उचित रहेगा. वकील अमित साहनी और बीजेपी नेता नंदकिशोर गर्ग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. सुनवाई सुबह 11.45 बजे होगी. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में यह मांग की गई है कि कोर्ट दिल्ली पुलिस को शाहीन बाग में सड़क से लोगों को हटाने का आदेश दे. नोएडा को जाने वाला रास्ता खोला जाए. शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन से पैदा हालात की निगरानी दिल्ली हाई कोर्ट के कोई जज करें. प्रदर्शन में शामिल होने और वहां भाषण देने वालों पर भी पुलिस नजर बनाए रखे. यह देखा जाए कि कहीं वह देश विरोधी गतिविधियों के लिए लोगों को उकसा तो नहीं रहे हैं. उनका किन संगठनों से संबंध है.

नागरिकता कानून को लेकर जुबानी जंग अब भाषा की अमर्यादा तक पहुंच गई है. एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी विधायक संगीत सोम ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है. दरअसल असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि कागज नहीं दिखाएंगे गोली सीने पर खाएंगे.  ओवैसी ने क्या कहा था? - हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ''जो मोदी-शाह के खिलाफ आवाज उठाएगा वो सही मायने में मर्द-ए-मुजाहिद कहलाएगा. मैं वतन में रहूंगा लेकिन कागज नहीं दिखाऊंगा. कागज अगर दिखाने की बात होगी तो सीना दिखाएंगे की गोली मारे. दिल पर गोली मारें क्योंकि दिल में भारत की मोहब्बत है.'' बता दें कि ओवैसी लगातार नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं.

संगीत सोम क्या बोले? - ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए संगीत सोम ने भाषा की मर्यादा लांघ गए. उन्होंने कहा, ''जूते खाएंगे और कागज भी दिखाएंगे. अगर देश में रहना है तो जूते खाकर भी कागज दिखाने पड़ेंगे. भारत में संविधान के हिसाब से रहना पड़ेगा और जो कागज नहीं दिखाएगा. जो सरकार और शासन मांगेगा वह देना ही पड़ेगा. अगर ओवैसी का कहना है कि गोली सीने पर खाएंगे तो मैं यही कहना चाहता हूं कि जूते खाएंगे और कागज भी दिखाएंगे.''

शाहीन बाग प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस - नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. आज सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि विरोध का अधिकार है लेकिन जगह ऐसी हो जहां दूसरों को परेशानी ना हो. ऐसा अनिश्चित काल के लिए भी नहीं होना चाहिए. इसके साथ ही कोर्ट ने सड़क को ब्लॉक करने पर भी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि इस तरह से सार्वजनिक सड़क को ब्लॉक करना उचित नहीं है. हालांकि अभी सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करने से मना किया. इस मामले पर अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी.

दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर वोटिंग जारी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन, बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा समेत कई बड़े नेताओं ने अपने परिवार के साथ वोट डाला है. पोलिंग बूथ पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं. दिल्ली में मतदान के लिए 13 हजार 750 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं. 70 सीटों पर 672 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें 148 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं. 

दिल्ली की सीलमपुर सीट पर सड़क पर कम से कम 200 लोगों की लाइन वोट देने के लिए इंतज़ार में खड़ी है. मुस्लिम बहुल इस सीट पर बुर्क़े में महिलाओं की लंबी लाइन है तो वहीं पुरुषों की संख्या भी बहुत ज़्यादा है. पोलिंग सेंटर के अंदर और बाहर ज़बरदस्त भीड़ अब मतदान करने निकली है. ये वो इलाक़ा है जहां नागरिकता कानून को लेकर सबसे पहला विवाद हुआ था. अभी भी टेंट में महिलाएं एनआरसी और सीएए के ख़िलाफ़ धरने पर हैं. बावजूद इसके सीलमपुर में मतदाता लाइनों में लगकर वोटिंग के लिए अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं.

दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए  वोटिंग जारी है, लेकिन नेता वोटिंग के दिन भी बयान देने से अभी भी बाज नहीं आ रहे हैं. दिल्ली में बीजेपी का चुनाव प्रचार सीएए के खिलाफ चल रहे शाहीन बाग प्रदर्शन के एजेंडे में रहा है तो वोटिंग के दिन भी यह मुद्दा छाया हुआ है. वहीं, भगवान हनुमान को लेकर भी बीजेपी और  AAP नेताओं के बीच जुबानी जंग आज भी जारी है. इसके अलावा बीजेपी के तमाम नेता भगवा रंग में रंगे हुए नजर आ रहे हैं.

बीजेपी नेताओं की जुबान पर शाहीन बाग - पश्चिमी दिल्ली सीट से बीजेपी के सांसद परवेश वर्मा अपनी पत्नी के साथ वोट डालने पहुंचे थे. मतदान करने के बाद परवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली के लोगों को तय करना है कि वो शाहीन बाग के साथ हैं या नहीं. साथ ही मॉडल टाउन सीट से बीजेपी प्रत्याशी कपिल मिश्रा ने बयान दिया कि दिल्ली की जनता वोट डालकर हिसाब कर देगी. दिल्ली में जैसे-जैसे बटन दबता जाएगा शाहीन बाग का तंबू हटता जाएगा. वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली में बीजेपी को उतनी ही सीटें मिल रही हैं, जितने दिनों से शाहीन बाग चल रहा है. 

कागज न दिखाने वाले की मानसिकता हारेगी - आरएसएस के सह संपर्क प्रमुख रामलाल ने वोट डालने के बाद कहा है कि मतदान के दिन शाहीन बाग ही नहीं कई मुद्दों पर वोट पड़ रहा है. उन्होंने शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर तंज कसते हुए कहा, 'जो लोग कागज न दिखाने की बात करते थे आज वोट देने के लिए उन्हें कागज तो दिखाना ही पड़ेगा. आज मतदान के दिन कागज न दिखाने वाली मानसिकता हारेगी और कागज दिखाने वाली मानसिकता जीतेगी.

दिल्ली विधानसभा चुनाव में रैली के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेरोजगारी मुद्दे पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, ''ये जो नरेंद्र मोदी भाषण दे रहा है, 6 महीने बाद ये घर से बाहर नहीं निकल पाएगा. हिंदुस्तान के युवा इसको ऐसा डंडा मारेंगे, इसको समझा देंगे कि हिंदुस्तान के युवा को रोजगार दिए बिना ये देश आगे नहीं बढ़ सकता.'' राहुल गांधी न सिर्फ चुनावी रैलियों में बल्कि अपने ट्विटर अकाउंट पर रोजाना ट्वीट के जरिए भी पीएम मोदी पर लगातार हमला बोल रहे हैं.

बताते चले कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश की आर्थिक व्यवस्था को लेकर निशाना साधा था. राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया और लिखा, ''डियर प्रधानमंत्री, अर्थव्‍यवस्‍था ध्‍वस्‍त हो गई है और आपको ये सोचना चाहिए कि इस तोहमत से आप खुद को कैसे बचाएं. बेखबर निर्मला जी द्वारा पेश की गई बकवास बजट का उपयोग कीजिए. उन्‍हें हटाइए और सारा दोष उनके ऊपर थोप दीजिए. समस्‍या का समाधान हो जाएगा.' वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों में केवल कूड़ा भरा होता है और लोग उनकीउन्होंने कहा, ''मैं 15 साल से राजनीति में हूं. आप मेरा कोई भी भाषण सुन सकते हैं, उनमें आपको एक भी झूठ नहीं मिलेगा. आप मोदी, केजरीवाल, शाह को सुनना छोड़ दीजिए. शाह को मत सुनिए, उनके (भाषणों में) केवल कूड़ा होता है.'' दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए आठ फरवरी को मतदान होना है. 11 फरवरी को नतीजे आएंगे. बात न सुनें. राहुल गांधी ने कोंडली और चांदनी चौक में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए दावा किया कि उन्होंने अन्य पार्टियों के नेताओं की तरह अपने भाषणों में कभी झूठ नहीं बोला. कांग्रेस नेता ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी, अरविंद केजरीवाल सिर्फ झूठ बोलते हैं.''

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने शाहीन बाग में हो रहे नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शनों पर निशाना साधा है. गुरुवार को उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि अब यह आंदोलन नहीं रहा, सुसाइड बॉम्बर का जत्था बनता जा रहा है. उन्होंने ट्वीट किया, 'यह शाहीन बाग अब सिर्फ आंदोलन नहीं रह गया है. यहां सुसाइड बॉम्बर का जत्था बनाया जा रहा है. देश की राजधानी में देश के खिलाफ साजिश हो रही है.'

बता दें, भाजपा नेता व केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हाल ही में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर आरोप लगाया था कि वह जामिया मिल्लिया इस्लामिया और एएमयू जैसे शिक्षण संस्थानों में देश के खिलाफ ‘जहर घोल' रहे हैं. साथ ही कहा कि पाकिस्तान का गठन ऐसे ही लोगों के लिए किया गया है. सिंह ने ट्वीट किया था, ‘ओवैसी जैसे चरमपंथी जामिया और एएमयू जैसे संस्थानों में देश के खिलाफ जहर घोल कर देशद्राहियों की सेना तैयार कर रहे हैं. ओवैसी और उनके जैसे अन्य संविधान विरोधियों को रोकना होगा. भारतीय अब जाग उठे हैं. हम दबाएं और तोड़े नहीं. पाकिस्तान आपके लिए बनाया गया था. हमें शांति से जीने दें.'

केन्द्रीय मंत्री ने ओवैसी का एक वीडियो टैग किया था, जिसमें वह लोकसभा में बोल रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे जामिया के छात्रों को अपना समर्थन दे रहे हैं. साथ ही, वह सरकार पर अत्याचार करने का आरोप लगा रहे हैं. सीएए विरोधी प्रदर्शनों और उत्तर प्रदेश पुलिस का संदर्भ देते हुए ओवैसी बोल रहे हैं, ‘एक बच्चे की आंख चली गई. बेटियों को पीटा जा रहा है. बच्चों पर गोलियां चल रही हैं.'

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी होंगे, जिसमें एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा. यह ऐलान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया. उन्होंने बुधवार को ट्वीट करके कहा कि सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाले ऐसे अभूतपूर्व निर्णय के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनेक अनेक बधाई देता हूं. अमित शाह ने अपने ट्वीट में लिखा, 'भारत की आस्था और अटूट श्रद्धा के प्रतीक भगवान श्रीराम के मंदिर के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के लिए मैं उनका कोटि-कोटि अभिनन्दन करता हूं. आज का यह दिन समग्र भारत के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का दिन है.' गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ' श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार आज भारत सरकार ने अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण की दिशा में अपनी कटिबद्धता दिखाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से ट्रस्ट बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है.'

अमित शाह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा को जानकारी दी कि कैबिनेट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने का प्रस्ताव पास किया है. उन्होंने बताया कि ये ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा. पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने नौ नवंबर को राम मंदिर मसले पर ऐतिहासिक फैसले के दौरान सरकार को ट्रस्ट गठित करने का निर्देश दिया था. प्रधानमंत्री मोदी ने अपील करते हुए कहा, 'आइए, इस ऐतिहासिक क्षण में हम सभी सदस्य मिलकर अयोध्या में श्रीराम धाम के जीर्णोद्धार के लिए, भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए, एक स्वर में अपना समर्थन दें.'

PM मोदी ने बुधवार को संसद में राम जन्मभूमि मंदिर के ट्रस्ट का ऐलान किया इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राम जन्मभूमि के विवादित भीतरी और बाहरी भूमि पर रामलला का स्वामित्त्व है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार आपस में परामर्श करके सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन आवंटित करें. मुझे इस सदन और पूरे देश को ये बताते हुए खुशी हो रही है कि आज सुबह कैबिनेट की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में अहम फैसले लिए गए.

साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक श्रीराम जन्मस्थली पर भगवान राम के मंदिर के निर्माण और इससे संबंधित अन्य विषयों के लिए बड़ी योजना तैयार की है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से एक ट्रस्ट का गठन करने का प्रस्ताव पारित किया गया है. यह ट्रस्ट अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य राम मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर फैसले लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा. वहीं कोर्ट के आदेश के मुताबिक गहन विचार विमर्श के बाद अयोध्या में सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने के लिए यूपी सरकार से अनुरोध किया था, जिसे यूपी सरकार ने मान लिया है. इसके साथ ही सरकार ने एक और फैसला किया है कि अयोध्या विवाद से जुड़ी 67 एकड़ा जमीन ट्रस्ट को दी जाती है.

गौरतलब है कि सरकार ने मंगलवार को बताया था कि उच्चतम न्यायालय के 9 नवंबर 2019 के निर्णय से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है और इसके निर्देशों के तहत केंद्र सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है. लोकसभा में भोला सिंह, जयंत कुमार राय, विनोद कुमार सोनकर, सुकांत मजूमदार और राजा अमरेश्वर नाईक के प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा था, ‘‘वर्ष 2010 की सिविल अपील संख्या 10866-10867 एवं अन्य संबंधित मामलों में उच्चतम न्यायालय द्वारा 9 नवंबर 2019 को दिये गए निर्णय से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है.''

 दिल्ली चुनाव 2020: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का उम्मीदवार का ऐलान नहीं करना पार्टी की रणनीति का हिस्सा है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल हर मोर्चे पर फेल हो चुके हैं. इस भोले-भाले चेहरे के पीछे, जो देशविरोधी और अपने साथियों का विरोधी, हमेशा साजिश करने वाली छवि सामने आ गई है. उसे दिल्ली जान चुकी है. 8 फरवरी को फैसला आ जाएगा.

शाहीन बाग पर मनोज तिवारी ने कहा, हमारी चिंता शाहीन बाग नहीं. शाहीन बाग के लोग भी नहीं चाहते कि उनकी छवि ऐसी बने. बाहर से लोग ला गए. आम आदमी पार्टी ने उन्हें बदनाम करने के लिए अपने कार्यकर्ता से गोली चलवा दी. अपने कार्यकर्ताओं से गोली चलवाकर हिंदूओं को बदनाम न करें. दिल्ली के लोग शाहीन बाग नहीं, शांति बाग चाहते हैं. आप लोगों का रास्ता कैसे रोक सकते हैं.  साथ उन्होंने कहा, 'AAP के मनीष सिसोदिया ने 20 हजार क्‍लास रूम बनाने की बात की लेकिन मनीष सिसोदिया से पूछना चाहता हूं कि क्‍या उस क्‍लास रूम में पढ़ाने के लिए शिक्षकों की नियुक्‍त‍ि की? कितने शिक्षकों की नियुक्‍ति की?'

अक्सर अपने बिगड़े बोल और विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहने वाले कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने फिर आपत्तिजनक बयान दिया है। भाजपा सांसद अनंत हेगड़े के महात्मा गांधी को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने भाजपा को कहा की ये लोग महात्मा को गाली देते हैं। अधीर रंजन ने लोकसभा में कहा, 'आज ये महात्मा गांधी को गाली देते हैं। ये राम के पुजारी का अपमान कर रहे हैं।' जिसके बाद भाजपा के तमाम सांसदों ने अपनी सीट से खड़े होकर विरोध किया। इससे पहले भाजपा सांसद अनंत हेगड़े के महात्मा गांधी को लेकर दिए बयान पर विपक्ष ने लोकसभा में हंगामा किया था।
अधीर के बयान पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, 'हम भाजपा के लोग असली भक्त हैं। हम महात्मा गांधी के असली अनुयायी हैं। ये लोग सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसे 'नकली' गांधी के अनुयायी हैं।' 

हेगड़े ने स्वतंत्रता आंदोलन को बतया था ड्रामा - बंगलूरू में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हेगड़े ने कहा था कि कैसे ‘ऐसे लोग’ भारत में महात्मा पुकारे जाते हैं। उन्होंने कहा था, 'पूरा स्वतंत्रता आंदोलन अंग्रेजों की सहमति और समर्थन से खेला गया एक बड़ा ड्रामा था। सत्याग्रह और भूख हड़ताल भी ड्रामा था। ये तथाकथित नेता एक बार भी पुलिस द्वारा नहीं पीटे गए।'
उत्तर कन्नडड से सांसद ने कहा था कि यह वास्तविक लड़ाई नहीं बल्कि तालमेल से किया स्वतंत्रता आंदोलन था। उन्होंने कहा था कि लोग कांग्रेस का यह कहते हुए समर्थन करते हैं कि अनशन और सत्याग्रह के कारण देश को आजादी मिली, लेकिन यह सत्य नहीं है। ब्रिटिश शासक सत्याग्रह नहीं बल्कि निराशा और कुंठा के कारण देश छोड़कर गए।

अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के बड़े नेता हैं। इस बार कांग्रेस पार्टी के दिग्गजों के चुनाव हार जाने के बाद लोकसभा में नेता हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की शुरूआत हुई तो विपक्ष के नेता के तौर पर उन्होंने चर्चा को आगे बढ़ाया और पूरी महफिल लूट ले गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदन में मौजूदगी के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र सरकार के कामकाज की जमकर बखिया उधेड़ी। यहां तक कि प्रधानमंत्री की तुलना भी नाली से कर बैठे। हंगामा मचा तो माफी भी मांगी। मोदी सरकार के एक पूर्व मंत्री ने इस चर्चा को रोचक और सार्थक बताया।दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से प्रधानमंत्री मोदी की तुलना को नकारने के बाद अधीर रंजन चौधरी ने भाजपा नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री की तुलना स्वामी विवेकानंद से करने पर आड़े हाथों लेना शुरू किया। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल का अपमान बताया और स्वामी विवेकानंद की तुलना पवित्र नदी गंगा नदी से की तो प्रधानमंत्री को नाली बता दिया। बाद में अधीर ने अपने इस वाक्य के लिए खराब हिन्दी होने का हवाला देकर माफी मांग ली। 

अधीर ने कहा कि उनकी हिंदी अच्छी नहीं है। वह उनके कहने का अर्थ नाली नहीं चैनल से था। अधीर ने कहा कि वह प्रधानमंत्री का सम्मान करते हैं और यदि उन्हें इससे ठेस पहुंची है तो माफी मांगते हैं। अधीर रंजन ने यह टिप्पणी लोकसभा में चर्चा की शुरूआत करने वाले केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी के जवाब में की थी। सारंगी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री की तुलना स्वामी विवेकानंद से कर दी थी। इसी तरह से इंदिरा गांधी को लेकर सारंगी ने अपनी बात को रखा था।

कर्नाटक की उत्तर कन्नड़ सीट से लोकसभा सांसद अनंत हेगड़े ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की है. बीजेपी नेता अनंत हेगड़े ने महात्मा गांधी के स्वतंत्रता संग्राम को बनावटी कहा है. शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए हेगड़े ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वाधीनता आंदोलन को ब्रिटिश साम्राज्य का समर्थन हासिल था. हेगड़े का कहना है कि आजादी की लड़ाई में किसी बड़े नेता को एक भी बार पुलिस से मार नहीं पड़ी. हेगड़े के अनुसार पूरा स्वतंत्रता आंदोलन दिखावटी था. जिसे अंग्रेजों के साथ मिलकर किया गया था.

पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके अनंत हेगड़े के अनुसार कांग्रेस का समर्थन करने वाले कहते हैं कि हमें आजादी भूख हड़ताल और सत्याग्रह से मिली. जबकी यह सच नहीं. वहीं हेगड़े का कहना है कि अंग्रेजों ने देश को सत्याग्रह की वजह से नहीं छोड़ा था. हेगड़े के अनुसार अंग्रेजों ने निराशा और हार की वजह से भारत को आजादी दी थी. वहीं महात्मा गांधी पर बोलते हुए हेगड़े ने कहा कि जब भी मैं इतिहास पढ़ता हूं, तो मेरा खून खौलने लगता है. हमारे देश में ऐसे लोगों को महात्मा बना दिया जाता है.

बता दें कि इससे पहले भी अनंत हेगड़े अपने विवादास्पद बयानों के लेकर चर्चा में रह चुके हैं. 2017 में हेगड़े ने संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द को बदलने की बात कही थी. उन्होनें कहा था कि बीजेपी ऐसे संविधान को बदल देगी जिसमें धर्मनिरपेक्ष शब्द लिखा होगा. इसके साथ ही उन्होंने ट्वीट करते हुए बेंगलुरु को हिंदुत्व की राजधानी बनाए जाने की भी बात कही है.

मोदी सरकार ने दोबारा सत्ता में आने पर 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' का नारा देकर दावा किया था, जिसे अमलीजामा पहनाने का काम बजट के जरिए किया. मोदी सरकार 2.0 का दूसरा बजट केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया. मोदी सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 के लिए पेश किए बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के आवंटन में पिछली बार से 329 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है. मोदी सरकार बजट में अल्पसंख्यकों पर मेहरबान नजर आई. केंद्रीय वित्त मंत्री ने साल 2020-21 के लिए पेश बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को 5029 करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया है. मोदी सरकार का अल्पसंख्यकों के लिए 2014 से अब तक का ये सबसे ज्यादा रुपये का प्रावधान किया गया है.

बता दें कि मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद पिछले साल जुलाई में बजट पेश किया था. वर्ष 2019-20 के बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए सरकार ने 4700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा था. लेकिन सरकार ने इस बार 329 करोड़ की इजाफा करके 5029 करोड़ कर दिया है. वहीं, लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार की ओर से अंतरिम बजट पीयूष गोयल ने पेश किया था. सरकार ने इस अंतरिम बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 4700 करोड़ रुपये का आवंटन किया था. इससे पहले साल 2018-19 के आम बजट में अल्पसंख्यक मंत्रालय के लिए आवंटन में 505 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 4700 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था. वहीं, 2017-18 में मंत्रालय के लिए 4195 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, जबकि 2016-17 में 3800 करोड़ रुपए आवंटित हुए थे.

मोदी सरकार ने 2024 तक इंडियन इकोनॉमी को 5 ट्रिलियन डॉलर की बनाने का लक्ष्य रखा है. अर्थशास्त्री मानते हैं कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ रेट 8 फीसदी सालाना होनी चाहिए. लेकिन इस लक्ष्य को रखने के पहले ही साल आर्थिक सर्वेक्षण ने इसे झटका लगा दिया है. इस वर्ष तो जीडीपी ग्रोथ करीब पांच फीसदी रहने का अनुमान है ही, अगले साल के लिए भी खुद मोदी सरकार मानती है कि GDP ग्रोथ रेट 6-6.5 फीसदी के बीच रहेगी.

5 ट्रिलियन इकोनॉमी को झटका? - दरअसल सरकार ने वर्ष 2019-2020 का आर्थ‍िक सर्वेक्षण संसद में पेश कर दिया है. इस सर्वे रिपोर्ट में देश की अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर कई अहम आंकड़े पेश किए गए हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2020-21 में GDP ग्रोथ रेट 6-6.5 फीसदी के बीच रहेगी. यानी 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लिए जो जीडीपी का लक्ष्य रखा गया है, उससे डेढ़ से 2 फीसदी तक ग्रोथ रेट कम रह सकती है.

जीडीपी ग्रोथ के मोर्चे पर झटका - अगर वित्त वर्ष 2020-21 में GDP ग्रोथ रेट 6-6.5 फीसदी रहती है, तो फिर अगले तीन साल में 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी तक पहुंचने के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 8 फीसदी से भी ऊपर पहुंच जाएगा. क्योंकि सरकार ने 2024 तक भारतीय अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर बनाने का लक्ष्य रखा है. ऐसे में बजट 2020 से पहले आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों ने जीडीपी ग्रोथ के मोर्चे पर सरकार को झटका दे दिया है.

क्या 2024 तक पूरा नहीं हो पाएगा मोदी का सपना? -बता दें, पिछले साल जब मोदी सरकार दोबारा सत्ता में आई, तो उसने जुलाई 2019 में बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण के दौरान के भारतीय इकोनॉमी को 5 ट्रिलियन बनाने का ऐलान किया था. उसी समय अनुमान लगाया गया था कि इस लक्ष्य को पाने के लिए 2024 तक लगातार कम से कम 8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट की जरूरत होगी. लेकिन खुद सरकार चालू वित्त वर्ष (2019-20) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 5 फीसदी तक बढ़ने का अनुमान लगाया है. वहीं 2020-2021 के लिए अब 6 से 6.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है. 

मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश होने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. अपने भाषण में राष्ट्रपति ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया. इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, नागरिकता कानून लागू करने को बड़ा फैसला बताया. संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने विरोध के नाम पर हिंसा करने की आलोचना की. राष्ट्रपति के भाषण में कैसे मोदी सरकार के फ्यूचर प्लान की झलक दिखी, बड़ी बातों में जानें...

1.    विभाजन के समय भारत के लोगों को काफी परेशानी हुई. महात्मा गांधी ने कहा था कि जो हिंदू पाकिस्तान में नहीं रहना चाहते वो भारत आ सकते हैं, मेरी सरकार ने नागरिकता कानून लागू कर बापू की इच्छा पूरी की.

2.    राष्ट्रपति ने जैसे ही अपने भाषण में CAA का जिक्र किया तो विपक्षी नेताओं ने संसद में हंगामा किया और नारेबाजी की. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस दौरान पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे हमले की निंदा की और ननकाना साहिब की घटना का जिक्र किया.

3.    सरकार यह पुन: स्पष्ट करती है कि भारत में आस्था रखने वाले और भारत की नागरिकता लेने के इच्छुक दुनिया के सभी पंथों के व्यक्तियों के लिए जो प्रक्रियाएं पहले थीं, वे आज भी वैसी ही हैं. किसी भी पंथ का व्यक्ति इन प्रक्रियाओं को पूरा करके, भारत का नागरिक बन सकता है. शरणार्थियों को नागरिकता देने से किसी क्षेत्र और विशेषकर नॉर्थ ईस्ट पर कोई सांस्कृतिक प्रभाव न पड़े, इसके लिए भी सरकार ने कई प्रावधान किए हैं.

4. हमें यह हमेशा याद रखना चाहिए कि किसी भी विचारधारा के नेता या समर्थक होने से पहले हम देश के नागरिक हैं. हमारे देश की प्रतिष्ठा हमारी दलीय प्रतिबद्धताओं से कहीं बढ़कर है.

5. सरकार ने आतंकवाद फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों को पूरी छूट दी हुई है. सरकार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.

6.Neighbourhood First की नीति हमारी प्राथमिकता है. अपने पड़ोसियों के साथ-साथ विश्व के अन्य देशों के साथ हमारे संबंध मजबूत हुए हैं. यही कारण है कि अनेक देशों ने अपना सर्वोच्च सम्मान भारत को दिया है. 

दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी के बाहर गोली चलाकर पूरे देश में सनसनी फैलाने वाले नाबालिग आरोपी को अपने किए का कोई पछतावा नहीं है . पुलिस पूछताछ के दौरान उसने यह बात पूछताछ कर रही पुलिस टीम से कही. साथ ही यह भी कहा की आप चाहे तो मेरा एनकाउंटर कर दो. पुलिस सूत्रों के मुताबिक नाबालिक ने पुलिस को बताया की वो गुरूवार को दोपहर करीब 12 बजे बस दिल्ली पहुंचा था. और ये हथियार उसने बुधवार को ही गांव के एक शख्स की मदद से लिया था.अब तक की पूछताछ में आरोपी ने किसी भी संगठन से ताल्लुक होने से इनकार किया है.

कासगंज के चंदन गुप्ता की हत्या का बदला लेना चाहता था -पूछताछ के दौरान नाबालिक ने पुलिस को बताया की वो चंदन गुप्ता की हत्या का बदला लेना चाहता था. लेकिन हैरानी की बात ये है की इसका चंदन गुप्ता से कोई रिश्ता नही है. ये ना ही उसका दोस्त था न ही रिश्तेदार. पुलिस सूत्रों के मुताबिक नाबालिक सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर रैडिक्लाइस हुआ था.और ईस वारदात को अंजाम देने के लिए ही उसने ये देसी कट्टा लिया था.

पुलिस खंगाल रही है आरोपी की काल डिटेल्स - मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच को शक है की इस वारदात के पीछे कोई बड़ी कॉन्सपिरेसी भी हो सकती है. हो सकता है की नाबालिक के साथ कोई और शख्स भी शामिल हो और किसी ने उसका ब्रेन वाश किया हो. इसलिए क्राइम ब्रांच अब नाबालिक की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है. की पिछले कुछ दिनों में ये किसके संपर्क में था. किस किस से बाते कर रहा था. जिसके बाद पुलिस उन लोगो को भी पूछताछ के लिए बुलाएगी.

 

Nirbhaya Case-निर्भया के गुनहगार फांसी की सजा को टालने के लिए हरसंभव कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर रहे हैं. गुनहगार विनय ने फांसी पर रोक लगाने की मांग की है. पटियाला हाउस कोर्ट में गुरुवार को विनय की ओर से दाखिल याचिका में राष्ट्रपति के पास दया याचिका लंबित होने के आधार पर फांसी पर रोक लगाने की अपील की गई है. पवन की याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है. दोषी पवन की याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि विनय ने दया याचिका लगाई है, इसलिए हमें याचिका के निपटारे तक इंतजार करना होगा, लेकिन बाकी तीनों को फांसी पर 1 फरवरी को लटकाने में किसी नियम का उल्लंघन नहीं होगा. इस पर दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने पवन गुप्ता की जुविनेल्टी से जुड़ी पुनर्विचार याचिका दाखिल की हुई है, जिस पर सुनवाई होनी बाकी है.

अलग-अलग नहीं दी जा सकती है फांसी - इस मामले में वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि इस मामले में फांसी अलग-अलग नहीं दी जा सकती है. नियम के हिसाब से भी किसी भी एक मामले में दोषियों को अलग-अलग फांसी नहीं दी सकती, जब तक कि सभी दोषियों की सभी याचिकाओं का निपटारा न हो जाए. वकील वृंदा ग्रोवर ने 1981 के एक मामले का जिक्र किया, जिसमें 3 लोगों को फांसी की सजा दी गई थी. इस मामले में 2 लोगों ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका लगाई और उनको राष्ट्रपति ने माफ कर दिया था, लेकिन एक दोषी ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका नहीं लगाई और उसे फांसी दे दी गई. एक ही मामले में एक को फांसी हुई. इसलिए उसके बाद से सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया किसी एक मामले में फांसी सभी दोषियों को एक साथ दी जाएगी.

बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों को संबोधन के दौरान जब राष्ट्रपति ने नागरिकता संशोधन ऐक्ट (CAA) का जिक्र किया तो सत्ता पक्ष के सांसदों ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जमकर मेजें थपथपाईं। इस दौरान, करीब एक मिनट तक तालियां बजती रहीं। दरअसल, राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में CAA लागू करने की स्थिति का जिक्र किया था।

'पूज्य बापू की इच्छा पूरी गई' - राष्ट्रपति ने जैसे ही अपने अभिभाषण में कहा कि विभाजन के बाद बने माहौल में राष्ट्रपति महात्मा गांधी ने कहा था कि हिंदू और सिख जो पाकिस्तान में नहीं रहना चाहते हैं, वे भारत आ सकते हैं। उन्हें सामान्य जीवन मुहैया कराना भारत सरकार का कर्तव्य है। राष्ट्रपति के यह बोलते ही केंद्रीय कक्ष में मौजूद सत्ता पक्ष के सासंदों ने जमकर मेजें थपथपाईं। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी अभिभाषण की इन बातों का समर्थन करते हुए करीब एक मिनट तक मेज थपथपाई। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा, 'पूज्य बापू और समय-समय पर अनेक नेताओं और राजनीतिक दलों ने भी इसे बढ़ाया। मुझे खुशी है कि CAA बनाकर उनकी इच्छी को पूरा किया गया।'

विपक्षी सांसदों ने लगाए नारे - हालांकि सत्ता पक्ष मेजें थपथपाने के बाद विपक्षी दलों के सांसदों ने इसका विरोध भी किया और राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान व्यवधान भी पड़ा। विपक्षी दल शेम-शेम कहते हुए कुछ देर तक CAA का विरोध करते रहे। बता दें कि संसद ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंग्लादेश में रह रहे धार्मिक अल्पसंख्यकों को कानून बनाकर भारत की नागरिकता देने वाला कानून पास किया है।

हमने राष्ट्र निर्माताओं का किया सम्मान - राष्ट्रपति ने कहा, 'हमारे राष्ट्र निर्माताओं की इच्छा का सम्मान करना हमारा दायित्व है। मुझे खुशी है कि दोनों सदनों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून बनाकर उनकी इच्छा को पूरा किया गया।'

चारों में मुकेश पहला और इकलौता वो गुनहगार है जिसकी फांसी के बीच आने वाली सारी कानूनी अड़चनें और रहम की फऱियाद सब कुछ बुधवार को खत्म हो गई. फांसी से बचने के लिए अब मुकेश के पास कोई कानूनी रास्ता नहीं बचा है. यानी उसके हिस्से अब मुश्किल से 48 घंटे की सांसें बची हैं. पर फांसी से पहले अगले 48 घंटों में अभी बहुत कुछ होना बाकी है. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ये अदालत दया याचिका खारिज करने के राष्ट्रपति के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करती है. और इसके साथ ही करीब 7 साल और डेढ़ महीने बाद निर्भया के चार गुनहगारों में से एक मुकेश की सारी लाइफ लाइन खत्म. अदालत के सारे दरवाज़े अब बंद. राष्ट्रपति का रहम खत्म. अब मुकेश और उसकी मौत के बीच कोई अड़चन नहीं बची. यानी चार में से एक की फांसी की तस्वीर अब बिल्कुल साफ हो चुकी है. पर सिर्फ फांसी की तस्वीर साफ हुई है. फांसी की तारीख को लेकर तस्वीर अब भी धुंधली है. और ये धुंध इन तीनों की वजह से है यानी अक्षय, विनय और पवन.

तो मुकेश की सारी लाइफ लाइन खत्म. दूसरी डेथ वारंट के हिसाब से फांसी की तारीख अब भी एक फरवरी है. यानी मुकेश की ज़िंदगी और मौत के बीच सिर्फ 48 घंटे हैं. इन 48 घंटों में क्या होगा? क्या मुकेश तय तारीख पर यानी एक फरवरी को अकेला फांसी के फंदे पर चढ़ेगा या फिर बाकी तीन गुनहगारों के बाकी बची लाइफ लाइन के अंजाम का इंतज़ार किया जाएगा. दिल्ली जेल मनुअल 1988 के हिसाब से किसी एक जुर्म के लिए अगर एक से ज़्यादा को मौत की सज़ा होती है. तो उन सभी को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा. अलग-अलग नहीं. अब अगर इस जेल मनुअल के हिसाब से चलें तो सारी लाइफ लाइन खत्म होने के बावजूद मुकेश, पवन, विनय और अक्षय की बाकी बची लाइफ लाइन के सहारे अपनी लाइफ कुछ और जी सकता है. यानी जब तक पवन, विनय और अक्षय का फैसला नहीं आ जाता. तब तक मुकेश को एक फरवरी को फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता है. हां, अगर सुप्रीम कोर्ट खास इस केस में अगले दो दिनों के अंदर कोई आदेश जारी कर दे तभी एक फरवरी को फांसी मुमकिन हो सकती है. जिसकी उम्मीद ना के बराबर है.

 

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शनों में भड़काऊ भाषण देने के लिए गिरफ्तार जेएनयू छात्र शरजील इमाम भारत को इस्लामिक देश बनाने का मंसूबा रखता है। यह बड़ी जानकारी दिल्ली पुलिस की पूछताछ में सामने आई है। बता दें कि शरजील फिलहाल दिल्ली पुलिस की रिमांड पर है। पुलिस सूत्रों ने बताया है कि शरजील कट्टरपंथ से बहुत ज्यादा प्रभावित है और उसे गिरफ्तारी का कोई मलाल नहीं है।

भारत को इस्लामिक देश बनाने का है मंसूबा -पुलिस ने शरजील को बिहार के जहानाबाद से मंगलवार को गिरफ्तार किया था। उसने असम को देश के बाकी हिस्से के काटनेवाला भड़काऊ भाषण दिया था जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अब पुलिस सूत्रों से उससे पूछताछ के दौरान की कुछ बातें सामने आई हैं। सूत्र बताते हैं कि शरजील इमाम कट्टरपंथी है और मानता है कि भारत को इस्लामिक देश होने चाहिए। सूत्रों के अनुसार उसने यह भी मान लिया है कि उसकी विडियोज से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। फिलहाल उसके भाषण वाली विडियोज को फरेंसिक जांच के शरजील ने पूछताछ में यह भी कहा है कि उसे अपनी गिरफ्तारी का कोई मलाल नहीं है। अब पुलिस यह देख रही है कि उसका इस्लामिक यूथ फेडरेशन ऐंड पॉप्यूलर फ्रंट ऑफ इंडिया से कोई संबंध है या नहीं। बता दें कि सीएए के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों में इस्लामिक यूथ फेडरेशन ऐंड पॉप्यूलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( पीएफआई) का नाम आया था। पीएफआई एक उग्र इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन है।इसपर बात करते हुए एक अधिकारी ने कहा, ‘शरजील के पास मटीरियल (संदिग्ध जानकारी) बहुत है। अब तक उससे हुई बातचीत से पता चला है कि शरजील के पीछे कुछ हद तक पीएफआई का भी हाथ है। लेकिन इसकी पुष्टि के लिए अभी और वक्त चाहिए।’
शरजील को लगातार शिफ्ट कर रही पुलिस -मिली जानकारी के मुताबिक, पूछताछ में लगी टीमें शरजील को कुछ देर एक स्थान पर पूछताछ करके दूसरी जगह शिफ्ट कर दे रही हैं, ताकि वो मानसिक दबाब में रहे। साथ ही पुलिस को बिना किसी ज्यादा जद्दोजहद के शरजील इमाम से ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल हो सके। दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के एक सूत्र के मुताबिक, ‘पुलिस से बचने के लिए इधर-उधर छिपता फिर रहा शरजील तीन-चार दिन से ठीक से सो नहीं पाया था।

जब कोई फांसी पर चढ़ने जा रहा होता है. जेलर उसके पास जाकर पूछता है बताओ कोई आखिरी ख्वाहिश है? वो अपनी ख्वाहिश बता भी देता है. लगता है चलो मामला खत्म. मगर ख्वाहिश पूछने के बाद फांसी की तारीख ही आगे बढ़ जाती है. लिहाज़ा कुछ दिन बाद जेलर फिर उसके पास जाता है. फिर नए सिरे से पूछता है बताओ कोई आखिरी ख्वाहिश है? अब ऐसे में फांसी पर चढ़ने वाले को गुस्सा आएगा कि नहीं? तिहाड़ जेल में फांसी की राह देख रहे निर्भया के चारों गुनहगारों के साथ फिलहाल कुछ ऐसा ही हो रहा है. हफ्ते के अंदर निर्भया के चारों गुनहगारों की मौत की तारीख दो बार बदल दी. लेकिन जिस तरह से चारों गुनहगार पूरी होशियारी से अपनी-अपनी लाइफ-लाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं उसे देखते हुए अगर फांसी की तारीख आगे भी दो और बार बदल जाए तो हैरान होने की जरूरत नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर - निर्भया के गुनहगारों को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट अहम फैसला सुना सकती है. दरअसल, निर्भया कांड के एक दोषी मुकेश ने दया याचिका ख़ारिज किए जाने के राष्ट्रपति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इस मामले पर मंगलवार को कोर्ट में बहस पूरी हो गई. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार तक के लिए फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था. यानी अब सिर्फ़ तीन दिन बचे हैं फांसी में. लेकिन अभी भी सवाल है कि क्या एक फ़रवरी को फांसी हो पाएगी? अगले तीन दिनों में क्या होगा?

8 जनवरी 2020, तिहाड़ जेल नंबर-3 - मुकेश.. पवन.. विनय और अक्षय चारों तिहाड़ की जेल नंबर 3 के डेथ सेल में पहुंचाए जा चुके थे.. डेथ सेल में पहुंचने की वजह भी चारों को पता थी.. क्योंकि 24 घंटे पहले ही यानी सात जनवरी की शाम चारों जेलर के ज़रिए उनकी फांसी की तारीख बताई जा चुकी थी.. डेथ वॉरंट निकल चुका था.. डेथ वारंट पर मौत की तारीख थी 22 जनवरी और वक्त सुबह 7 बजे का.. डेथ वारंट जारी होने के 24 घंटे बाद 8 जनवरी को तिहाड़ जेल तीन नंबर के जेलर पहली बार चारों के डेथ सेल में अलग अलग जाकर अधिकारिक रुप से पूछते हैं बताइये आप लोगों की आखिरी ख्वाहिश क्या क्या है..? किन-किन से मिलना है.. और कौन कौन से अधूरे काम पूरे करने हैं..

आतंकी संगठन अल-कायदा भारत में आतंक फैलाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के नेता ओसामा महमूद ने एक ऑडियो-विजुअल मैसेज जारी किया है, जिसमें वह भारतीय मुसलमानों को भड़काने की कोशिश कर रहा है. इस ऑडियो-विजुअल मैसेज का टाइटल है, 'इस्लाम तुम्हारा देश है, तुम मुस्तफा से ताल्लुक रखते हो.' नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शनों के बाद भारतीय मुसलमानों को भड़काने के लिए अल-कायदा का यह पहला बयान है.

AQIS के आतंकवादी ओसामा महमूद ने भारतीय मुसलमानों को 'आने वाले तूफान' की चेतावनी देते हुए जिहाद के लिए तैयार रहने को कहा है. आतंकी ओसामा ने कहा कि जो तुम पर हमला करे उससे लड़ाई करो. अपने संदेश में ओसामा ने रोहिंग्या मुस्लिमों की स्थिति का भी जिक्र किया. भारतीय मुस्लिमों को भड़काने की नापाक कोशिश करते हुए ओसामा ने कहा कि वह कश्मीर में जिहाद में शामिल हों. आतंकी संगठन अल-कायदा के आतंकी ने अपने वीडियो में सीएए और एनआरसी का कोई जिक्र नहीं किया है. हालांकि इंडिया टुडे ग्रुप इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता.

गौरतलब है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सीएए और एनसीआर को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. दिल्ली के शाहीन बाग में महीने भर से ज्यादा समय से महिलाएं धरने पर बैठी हैं. उनकी मांग है कि मोदी सरकार सीएए और एनआरसी को वापस ले. हालांकि बीजेपी ने अपने रुख से पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है. लेकिन हाल ही में पार्टी के ही एक विधायक ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी.

मध्य प्रदेश के मैहर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक नारायण त्रिपाठी ने नागरिकता संशोधन कानून का खुले तौर पर विरोध किया है और इसे समाज को बांटने वाला बताया है. उन्होंने कहा है कि इस कानून के चलते देश में गृह कलह की स्थिति बन गई है. बीजेपी जहां एक तरफ जगह-जगह सीएए के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित कर रही है, वहीं पार्टी के ही विधायक नारायण त्रिपाठी ने खुले तौर पर सीएए का विरोध शुरू कर दिया है. त्रिपाठी ने मंगलवार को कहा, 'मैं गांव से आता हूं, मेरे गांव में भी मुस्लिम भाई हैं. बाबा भीमराव आंबेडकर के संविधान में सर्वधर्म समभाव की बात कही गई है. इस देश में धर्म के आधार पर नागरिकता का बंटवारा नहीं किया जा सकता. इ

शिवसेना के मुखपत्र सामना में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुसलमान घुसपैठियों के खिलाफ एक बार फिर से आवाज बुलंद की गई है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि देश में घुसे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुसलमानों को बाहर निकलाना चाहिए. सामना में एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे पर भी तंज कसा गया है. शिवसेना ने सामना में कहा कि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुसलमानों को बाहर निकालने के लिए किसी राजनीतिक दल को अपना झंडा बदलना पड़े, ये मजेदार है. दूसरी बात ये कि इसके लिए एक नहीं, दो झंडों की योजना बनाना ये दुविधा या फिसलती गाड़ी के लक्षण हैं. राज ठाकरे और उनकी 14 साल पुरानी पार्टी का गठन मराठा मुद्दे पर हुआ था. लेकिन अब उनकी पार्टी हिंदुत्ववाद की ओर जाती दिख रही है.

महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और NCP गठबंधन की है सरकार - शिवसेना का बयान उस समय सामने आया है, जब नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (एनआरसी) को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल एकजुट हो गए हैं. फिलहाल महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) गठबंधन की सरकार है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना के बीच दरार आ गई थी. इसके बाद शिवसेना ने बीजेपी से किनारा कर लिया था और कांग्रेस व एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बना ली. भारतीय जनता पार्टी से अलग होने के बावजूद शिवसेना ने नागरिकता संशोधन अधिनियम पर लोकसभा में मोदी सरकार का साथ दिया था. हालांकि बाद में राज्यसभा में शिवसेना ने वॉकआउट किया था और मोदी सरकार संसद से नागरिकता संशोधन अधिनियम पारित कराने में कामयाब हो गई थी.

मोदी सरकार का कहना है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धर्म के आधार पर उत्पीड़न का शिकार हुए अल्पसंख्यकों यानी हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, पारसी और बौद्ध समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए नागरिकता संशोधन अधिनियम बनाया गया है. इसका हिंदुस्तान के मुसलमानों से कोई लेना-देना नहीं हैं. इस कानून में सिर्फ नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है.

दिल्ली आने वालीं 21 ट्रेनें आज (शनिवार) 1 से 6 घंटे लेट पहुंच रही है. रेल विभाग के मुताबिक ज्यादातर ट्रेन के देर से पहुंचने का कारण फॉग यानी कि धुंध बताया जा रहा है. ट्रेनों के देर से दिल्ली पहुंचने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. इतना ही नहीं उनका इंतजार कर रहे परिजनों को घंटो-घंटो तर स्टेशन पर बिताना पड़ रहा है. ऐसे में रेलवे की तरफ से यात्रियों के परिजनों को सुझाव दिया गया है कि वो जब भी स्टेशन के लिए रवाना हो रहे हैं तो एक बार ट्रेन की वास्तविक स्थिति का पता लगा लें.

ये ट्रेन सबसे लेट - सबसे ज्यादा देरी से चलने वाली ट्रेनों में पुरी-न्यू दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और रक्सौल-आनंद विहार सद्भावना एक्सप्रेस हैं जो 6 घंटे की देरी से दिल्ली आ रही हैं.

लेट ट्रेनों की सूची - गया-महाबोधि एक्सप्रेस 2 घंटे 30 मिनट

                          -रक्सौल-आनंद विहार सत्याग्रह एक्सप्रेस 1 घंटे

                          -रीवा-आनंद विहार रीवा एक्सप्रेस 1 घंटे 30 मिनट

                          -इलाहाबाद-नई दिल्ली प्रयागराज एक्सप्रेस 1घंटे

                          -आजमगढ़-दिल्ली कैफियत एक्सप्रेस 1 घंटे

                          -हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस 2 घंटे

                          -नई दिल्ली-काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस 3 घंटे 30 मिनट

                          -सियालदह-अमृतसर जालिया बाग एक्सप्रेस 2 घंटे

                          -भागलपुर-आनन्द विहार विक्रमशीला एक्सप्रेस 1 घंटे

                          -अहमदाबाद- नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस 2 घंटे

                          -और अहमदाबाद-दिल्ली आश्रम एक्सप्रेस 2 घंटे की देरी से दिल्ली पहुंच रही हैं.

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध देश के कई हिस्सों में ज़ोर-शोर से चल रहा है. लोग सड़को पर उतर कर अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं उत्तर प्रदेश के मुजफ़्फ़रनगर में पोस्टर के जरिए आंदोलन बढ़ाया जा रहा है, ये कहना है यूपी पुलिस का. लेकिन हंगामे की वजह यह नहीं है. दरअसल पुलिस ने पोस्टर लगाने के शक में एक पकौड़े बेचने वाले को पकड़ लिया है, यह शख्स बेहद ग़रीब और बुज़ुर्ग है. जिसके बाद इस बात को लेकर चर्चा ज़ोंरों पर है कि पुलिस एक्शन के नाम पर गरीब और लाचार लोगों को परेशान क्यों कर रही है?

क्यों है विवाद? - पुलिसिया एक्शन से पहले जानते हैं कि विवाद की शुरुआत कहां से हुई थी. मुजफ़्फ़रनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मुस्लिम बाहुल्य मदीना चौक पर अज्ञात लोगों ने सीएए और एनआरसी के विरोध में कुछ भड़काऊ पोस्टर्स लगाए हैं. पोस्टर में लिखा गया है कि अगर इस भयानक क़ानून की मुख़ालफ़त नहीं की गई तो आने वाली नस्लें जीते जी मर जाएंगी. ज़ाहिर है पोस्टर भड़काऊ है समाज को बांटने वाला है तो पुलिस एक्शन लेगी. पुलिस ने कुछ ऐसा ही किया भी. पुलिस मौक़े पर पहुंची और पोस्टर्स को हटा दिया लेकिन उन्होंने आगे जो भी किया लोग उस बात से हैरान हैं. लोगों का कहना है कि पुलिस को अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाने के नाम पर ग़रीब-मज़लूम लोगों को परेशान नहीं करना चाहिए. 

पीड़ित का क्या है आरोप? - वहीं पीड़ित मोहम्मद शमीम ने इस बारे में कहा, 'मैंने मदीना चौक पर चाट-पकौड़ी का ठेला लगाया हुआ था. दारोगा जी आए और पूछने लगे कि पोस्टर किसने लगाया? जब मुझे इस बारे में पता ही नहीं तो क्या बताऊं. लेकिन पुलिस मुझे अपने साथ ले आई. मैं अनपढ़ आदमी हूं, चाट पकौड़ी की ठेली लगाकर किसी तरह अपने परिवार का पेट पालता हूं. मुझे तो इस कानून के बारे में कुछ भी नहीं पता.

पुलिस ने क्या कहा? - न्यू मंडी पुलिस स्टेशन के सर्किल ऑफिसर हरीश भदौरिया ने बताया कि गुरुवार को मदीना चौक पर किसी ने आपत्तिजनक पोस्टर लगाया था. पुलिस ने पोस्टर उतारक अपने कब्जे में ले लिया है. हमने 153बी और 120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया है. 

निर्भया मामले में सभी चार दोषियों को एक फरवरी को फांसी दी जाएगी. इससे पहले दिल्ली पुलिस के वकील ने अदालत में कहा कि दोषी विलंब की तरकीब अपना रहे हैं. साथ ही बताया कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने मौत की सजा पाए दोषियों के वकील द्वारा मांगे सभी संबंधित दस्तावेज मुहैया करा दिए हैं. इसी दौरान चार में से एक दोषी विनय शर्मा के वकील ने अदालत में दावा किया कि उनके मुवक्किल को धीमा जहर दिया गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन कोई चिकित्सा रिपोर्ट नहीं दी जा रही. मामले में चार दोषियों में से तीन की ओर से पेश हुए वकील ने शुक्रवार को अदालत का रुख करते हुए आरोप लगाया कि तिहाड़ जेल के अधिकारी कुछ दस्तावेज नहीं दे रहे हैं और इसी वजह से उन्हें दया और सुधारात्मक याचिकाएं दायर करने में देरी हो रही है. ए. पी. सिंह ने आरोप लगाया कि जेल अधिकारियों ने अभी वे दस्तावेज नहीं दिए हैं जो विनय कुमार शर्मा (26) के लिए दया याचिका और अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन सिंह (25) के लिए सुधारात्मक याचिकाएं दायर करने के लिए आवश्यक हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दो अन्य दोषियों विनय और मुकेश सिंह (32) की सुधारात्मक याचिकाएं खारिज कर दी थीं. राष्ट्रपति ने इस महीने की शुरुआत में मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी थी. अदालत के आदेश के अनुसार, सभी चारों को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी होनी है. पैरा मेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा से 16-17 दिसंबर 2012 की मध्यरात्रि को छह लोगों ने चलती बस में वीभत्स सामूहिक दुष्कर्म किया था और उसे सड़क पर फेंक दिया था. उसे इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया. इस लड़की को काल्पनिक नाम ‘निर्भया’ से जाना गया.

नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष और विरोध में पूरा देश जिस तरह आंदोलित है, उसे देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के सामने अच्छा विकल्प यही था कि वह इस मामले में कोई जल्दबाजी न दिखाए। इसलिए उस तर्क को सबसे पहले खारिज हो ही जाना था, जिसमें यह आग्रह किया जा रहा था कि इस कानून पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए। इस मामले के महत्व को देखते हुए अब इस मामले को पांच जजों की पीठ के हवाले कर दिया गया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार को इस कानून पर उठाई गई आपत्तियों का जवाब देने के लिए चार सप्ताह का और समय दिया गया है। पांच सप्ताह के बाद अदालत मामले की अगली सुनवाई के लिए नई तारीख देगी। पिछली बार जब सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 22 जनवरी की तारीख मुकर्रर की थी, तो 60 से अधिक याचिकाएं दायर की गई थीं। और यह तारीख आते-आते अदालत में लगभग 80 अन्य याचिकाएं दायर हो गईं, जिनमें केरल राज्य द्वारा दायर याचिका भी शामिल है। केंद्र सरकार का आग्रह था कि नए तर्कों को देखते हुए उसे जवाब तैयार करने के लिए थोड़ा वक्त और मिलना चाहिए। अदालत को इस तर्क में दम दिखाई दिया और उसका यह अनुरोध स्वीकार कर लिया गया।

इस समय अदालत में इस कानून की सांविधानिक वैधता को चुनौती देने वाली 143 याचिकाएं हैं। ज्यादातर में तर्क यही है कि इस कानून पर रोक लगनी चाहिए, क्योंकि यह संविधान की भावना के विपरीत है। हालांकि कुछ याचिकाएं ऐसी भी हैं, जो कहती हैं कि यह कानून असम समझौते का उल्लंघन करता है, इसलिए इस पर रोक लगनी चाहिए। ऐसी ही याचिका त्रिपुरा मामले में भी दायर की गई है। केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल का तर्क था कि कानून की सांविधानिक वैधता का मामला अलग है और असम-त्रिपुरा का मामला अलग, इसलिए इन दोनों तरह के मामलों में अलग-अलग सुनवाई होनी चाहिए। अदालत ने यह तर्क स्वीकार कर लिया, इसलिए अब दोनों तरह के मामलों की सुनवाई दो अलग-अलग पीठ करेंगी। यह ठीक है कि सांविधानिक वैधता का मामला अभी पूरे देश में चर्चा का मुख्य विषय है, इसलिए ज्यादा ध्यान उसी पर रहेगा, लेकिन असम समझौते को लेकर उठाए गए तर्क भी कम महत्वपूर्ण नहीं हैं और उस पर होने वाली बहस भी पूरे देश का ध्यान खींचेगी।

भले ही सुप्रीम कोर्ट का यह मकसद नहीं रहा होगा, लेकिन चार सप्ताह का जो समय दिया गया है, उसका एक राजनीतिक महत्व भी है।

इस वित्त वर्ष यानी 2019-20 में नवंबर माह तक कुल 62 लाख नई नौकरियों का सृजन हुआ है. कर्मचारी भविष्य निध‍ि संगठन (EPFO) ने यह दावा किया है. ईपीएफओ द्वारा जारी आंकड़ों में बताया गया है कि सिर्फ नवंबर महीने में ही औपचारिक क्षेत्र में 11.62 लाख लोगों को नौकरियां मिली हैं. एक साल पहले के मुकाबले इसमें बढ़त हुई है.

एक साल पहले के मुकाबले बढ़त - वित्त वर्ष 2018-19 में कुल 61.12 लाख नौकरियों का सृजन हुआ था, जबकि इस वित्त वर्ष में  नवंबर तक ही 62.38 लाख लोगों को नौकरी मिल चुकी है. यानी पिछले वर्ष के मुकाबले इसमें अच्छी बढ़त हुई है. ईपीएफओ का कहना है कि नवंबर, 2018 में सिर्फ 4.03  लाख नौकरियों का सृजन हुआ था. गौरतलब है कि EPFO पीएफ और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की  सब्सक्रिप्शन के आधार पर फॉर्मल सेक्टर की नौकरियों का डेटा जारी करता है. हालांकि ये आंकड़े भी अभी प्रारंभ‍िक ही हैं और अभी इसमें संशोधन होगा. अभी तक जो संशोधन देखे गए हैं, उनमें आंकड़ों में कुछ गिरावट ही आती है. 

फॉर्मल सेक्टर में बढ़ीं नौकरियां - आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2017 से नवंबर 2019 के बीच  ईपीएफओ की पीएफ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से 1.39 करोड़ नए लोग जुड़े. इससे यह संकेत मिलता है कि पिछले 27 महीने में औपचारिक क्षेत्र में ज्यादा नौकरियां मिली हैं. इनमें से 15.53 लाख नौकरियों का सृजन सितंबर 2017 से मार्च 2018 के बीच हुआ है.

किस उम्र वर्ग में ज्यादा रोजगार - ईपीएफओ के अनुसार, नवंबर 2019 में सबसे ज्यादा 3.09 लाख नौकरियां  22 से 25 साल की उम्र के लोगों को मिली हैं. इसके बाद 18 से 21 वर्ष की उम्र के लोगों को 2.98 लाख नौकरियां मिली हैं. इसी तरह, 29 से 35 साल की उम्र के लोगों में 2.08 लाख नौकरियों का सृजन हुआ है. 26 से 28 लाख की उम्र के बीच नौकरियों का सृजन 1.47 लाख तक हुआ है. गौरतलब है कि मोदी सरकार रोजगार के मोर्चे पर लगातार विपक्ष के निशाने पर रही. इसके बाद अप्रैल 2018 से ईपीएफओ ने औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों के आंकड़े जारी करना शुरू किया. उसने सितंबर 2017 से अब तक आंकड़े जारी किए हैं. सबसे ज्यादा 11.62 नौकरियों का सृजन नवंबर में हुआ, जबकि सबसे कम 4.73 लाख नौकरियों का सृजन मई में हुआ है. हाल में एसबीआई इकोरैप की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थ‍िक सुस्ती की वजह से 2019-20 में कम से कम 16 लाख नौकरियां घटी हैं.

 मंगलवार को निर्भया गैंगरेप केस में सुनवाई हुई| अदालत ने मामले के चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी कर दिया है| चारों दोषियों को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी दी जाएगी| दोषियों के खिलाफ मृत्यु वारंट जारी करने वाले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने फांसी देने के आदेश की घोषणा की| मामले में मुकेश, विनय शर्मा, अक्षय सिंह और पवन गुप्ता को फांसी दी जानी है| उधर, निर्भया की मां ने दोषियों की फांसी की सजा की तिथि मुकर्रर किए जाने के बाद कहा कि यह आदेश कानून में महिलाओं के विश्वास को बहाल करेगा| उनकी मांग थी कि सभी दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी हो| इस मामले में कोर्ट ने कहा कि आप अपना वकालतनामा जमा करें| फिर दोषी मुकेश के वकील एमएल शर्मा ने कहा कि मैं आधे घंटे में जमा कर दूंगा| उनका कहना है कि मुकेश को जेल में प्रताड़ित किया जा रहा है|

      भारत के ये अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में भारतीय व्यंजनों का ही लुत्फ उठाएंगे। इन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को खाने में मूंग दाल हलवे के अलावा एग रेल, वेज रोल, इडली और वेज पुलाव उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए फूड हीटर भी उपलब्ध करावा जाएगा। सभी खाद्य पदार्थ मैसूर स्थित डिफेंस फूड रिसर्च लैबरेटरी ने विशेष वैज्ञानिक प्रक्रिया से तैयार किए हैं। गगनयान भारतीय मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है। इस मिशन में पहली बार ISRO 2022 तक भारतीयों को अंतरिक्ष में 7 दिन की यात्रा के लिए भेजेगा। इस मिशन पर 10 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। अंतरिक्ष यात्री विभिन्न प्रकार के माइक्रो-ग्रैविटी टेस्ट को अंजाम देंगे।
    अंतरिक्ष में जाने से पहले चुने हुए कैंडीडेट्‍स रूस में विधिवत ट्रेनिंग लेंगे। इसरो के प्रमुख के सिवन ने बताया कि इस मिशन के लिए कुल 12 में से पहले 4 कैंडिडेट्स का चयन हो चुका है। ये चारों कैंडीडेट्‍स रूस में इस महीने के आखिर में ट्रेनिंग शुरू करेंगे। ये सभी भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट्स हैं, लेकिन इनकी पहचान गुप्त रखी गई है।
        

     सुनवाई के दौरान निर्भया की मां के वकील ने कहा कि किसी दोषी की कोई याचिका कहीं लंबित नहीं है | डेथ वारंट जारी करना चाहिए| आज सुनवाई के दौरान अगर अदालत को लगता है की यह दोषी सिर्फ वक्त जाया करने के लिए इस तरीके की बातें कर रहे हैं तो अदालत दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी कर सकती है| सुप्रीम कोर्ट जुलाई 2018 में ही खारिज कर चुका है और इनके पास क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने के लिए डेढ़ साल का वक्त था लेकिन तब उन्होंने ऐसा नहीं किया| सामने आ रही जानकारी के मुताबिक दोषियों ने तिहाड़ जेल प्रशासन को दिया अपने जवाब में क्यूरेटिव पिटिशन दायर करने के लिए मोहलत देने की बात की है| इस केस में सभी दोषियों को फांसी की सजा हो चुकी है| लेकिन अभी सभी गुनहगार तिहाड़ जेल में ही बंद हैं| और जिस तरह से कानूनी दांव पेंच चल रहा है उससे तो यही लगता है कि अब भी वक्त लगेगा|  

  छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले में शामिल लोगों की पहचान के लिए दिल्ली पुलिस वीडियो फुटेज और चेहरे पहचानने की प्रणाली का इस्तेमाल कर रही है| सूत्रों ने बताया कि पुलिस हमले को लेकर हिंदू रक्षा दल के दावे की जांच भी कर रही है| जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित हमले में कम से कम 34 लोग घायल हो गए थे| 
          पुलिस ने बताया कि ये प्राथमिकी जेएनयू प्रशासन की शिकायत पर पांच जनवरी को दर्ज की गई| जेएनयू प्रशासन ने तोड़फोड़ के सिलसिले में छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष समेत अन्य पदाधिकारियों के नाम दिए थे लेकिन पुलिस ने घोष या अन्य छात्रों के नाम प्राथमिकी में आरोपी के रूप में दर्ज नहीं किए हैं| 

 

    भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान मिग-27 आज रिटायर हो गया है| राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर आज सुबह करीब 10 बजे मिग-27 ने आखिरी उड़ान भरी| ये लड़ाकू विमान 38 साल पहले वायुसेना में शामिल किया गया था| इतना ही नहीं इसने करगिल युद्ध में अहम भुमिका निभाई थी| आज मिग-27 इतिहास हो गया है| देश मिग-27 विमान का इस्तेमाल नहीं करता| इस फाइटर जेट ने 1999 की करगिल जंग में बड़ी भूमिका निभाई थी| तब से भारतीय वायुसेना के पायलट इस विमान को बहादुर नाम से बुलाते हैं| ये मिग विमान तत्कालीन सोवियत रूस से खरीदे गए थे| ये उस दौर का सबसे बेहतरीन फाइटर जेट था| ये हवा से जमीन पर हमला करने का बेहतरीन विमान था और 1700 किमी/घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम था| इतना ही नहीं इन विमानों में साथ 4 हजार किलो हथियार ले जाने की क्षमता भी थी|

  सिद्धू के लिए साल 2019 कुछ खास नहीं रहा। अब 2020 की शुरूआत में भी उनकी परेशानी बढ़ सकती है। हाल ही में RTI अधिनियम से सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा से जुड़ी नई जानकारी का खुलासा हुआ है। RTI में पाई गई सूचना के मुताबिक सिद्धू ने अपनी पाकिस्तान यात्रा के लिए सरकारी कोष से पैसे लिए थे। जबकि यह यात्रा शासकीय न होकर एक निजी यात्रा थी। 
          इस दौरान उन्होंने अमृतसर स्थित अपने घर से वाघा बॉर्डर तक आने-जाने के लिए वाहन ईंधन का खर्च, ड्राइवर की पेमेंट और स्वयं के डेली एलाउंस के साथ-साथ ट्रैवल एलाउंस का क्लेम पंजाब सरकार से लिया। इस बीच अकाली दल ने सवाल उठाया है कि यह किस तरह की निजी यात्रा थी, जिसमेंं सिद्धू मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मना करने के बावजूद भी पाकिस्तान गए और उसका खर्च भी राज्य सरकार से लिया। बता दें कि सिद्धू और उनकी पत्नी ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद स्वयं ही अपनी पाकिस्तान यात्रा को निजी बताया था और दावा भी किया था कि उन्होंने इस यात्रा के लिए सरकार से किसी भी प्रकार का क्लेम नहीं लिया।

      आज शुक्रवार जुमे की नमाज के दिन कोई अनहोनी न हो पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर दिया है। विभिन्न जिलों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती कर दी गई है। ड्रोन से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। वहीं प्रदेश में बीस जिलों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। 
        इन में प्रमुख रूप से कानपुर, लखनऊ, फिरोजाबाद, मेरठ, अलीगढ़, बुलंदशहर, बिजनौर, हापुड़, सहारनपुर, रामपुर, अनरोहा, बहराइच, बरेली, मुजफ्फरनगर, संभल, गाजियाबाद, वाराणसी, आजमगढ़, आगरा और मुरादाबाद शामिल हैं। वहीं पुलिस अधिकारी ने मौलानाओं और मुस्लिम संगठनों के नेताओं से मुलाकात कर शांति बनाए रखने की अपील की है। जबकि पांच हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही हैं।  एसआईटी को हिंसक प्रदर्शनों के जांच के निर्देश दिए हैं। हर जिले में एडिशनल एसपी स्तर का अधिकारी एसआईटी प्रमुख होगा। लखनऊ के जिला अधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा, अब तक 100 लोगों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है और उन्हें सात दिन के अंदर खुद को निर्दोष साबित करने के लिए कहा गया है। इन लोगों की पहचान सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर की गई।आरोपियों से यह पूछा गया है कि सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उनकी संपत्ति को जब्त क्यों ना किया जाए। जो लोग इन नोटिस के जवाब नहीं देंगे उन्हें नुकसान की भरपाई करनी होगी। 
 

बोर्ड ने गुरूवार को कहा कि हिन्दुस्तानी मुसलमानों को राष्ट्रीय नागरिक पंजी से खतरा नहीं है और एनआरसी हिन्दुस्तान में लागू होना चाहिए| बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा, 'हिन्दुस्तानी मुसलमानों को एनआरसी से खतरा नहीं है| एनआरसी हिन्दुस्तान में लागू होना चाहिए| असल मामला घुसपैठियों की पहचान का है जो हमारे देश के लिए खतरा है|' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर प्रदेश में घुसपैठियों के वोटर आईडी कार्ड बना रही है| रिजवी ने कहा कि जब एनआरसी लागू होगा तो घुसपैठियों की शक्ल सामने आएगी| पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के जो अल्पसंख्यक हिन्दू भारत आये हैं, वो असल में धर्म के आधार पर जुल्म झेल कर अपना धर्म और अपनी जान बचा कर आये हैं| 

  राज्य में सरकार बनाने के बाद कांग्रेस ने प्रदेश के नगरीय निकाय चुनावों में बाजी मारी है| कांग्रेस ने 103 नगर पंचायतों में से 48 में जीत हासिल की है| पार्टी ने 10 नगर निगमों में से 7 पर अपना कब्जा जमाया है वहीं बीजेपी मात्र 2 निगमों पर ही जीत हासिल कर है| छत्तीसगढ़ में इस बार महापौर का चुनाव सीधे नहीं हुआ है| पार्षद ही माहापौर चुनेंगे| इसके अलावा पूरे चुनाव ईवीएम का इस्तेमाल नहीं किया गया| सभी जगह बैलेट पेपर पर ही चुनाव कराए गए| इसलिए चुनाव के नतीजे आने में थोड़ी देरी हुई| हालांकि नतीजे कल देर रात तक आ गए थे लेकिन तस्वीर अब साफ हुई है| वहीं एक नगर निगम कोरबा पर बीजेपी ने लीड लिया है जबकि नगर पंचायत में भी कांग्रेस ने बढ़त बनाई है|

   भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर सबक सिखाया है| पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारत ने पाकिस्तानी सेना की कई चौकियां तबाह कर दी और दो जवान भी मार गिराए| पाकिस्तानी सेना की इस कायराना हरकत के कारण भारतीय सेना का एक सूबेदार शहीद हो गया| भारत की ओर से सेना ने पाकिस्तान को आर्टिलरी और मोर्टार से जवाब दिया| उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन हुआ| भारतीय सेना की इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना की कई चौकियां तबाह कर दी गई| इसके साथ ही पाकिस्तानी सेना ने स्वीकार किया है कि उसके दो सैनिक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के देवा सेक्टर में मारे गए| पाकिस्तान ने बुधवार शाम को उरी सेक्टर में भारी गोलीबारी की| पाकिस्तान की इस नापाक हरकत में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया| इसके साथ ही एक स्थानीय भारतीय महिला भी गोलाबारी का शिकार हो गई| उस वक्त अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की गई थी|  पाकिस्तान ने बुधवार शाम को उरी सेक्टर में भारी गोलीबारी की| पाकिस्तान की इस नापाक हरकत में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया| इसके साथ ही एक स्थानीय भारतीय महिला भी गोलाबारी का शिकार हो गई| 

मध्यप्रदेश कांग्रेस शांति मार्च निकाल रही है| इसकी अगुवाई खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री कमलनाथ कर रहे हैं| राजधानी के न्यू मार्केट के रंगमहल चौराहे से शुरु होकर मिंटो हॉल गांधी प्रतिमा तक यह शांति यात्रा है| मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस की संस्कृति सभी धर्मो को जोड़ने की रही है| उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा के लिए आज हम सब यहां एकत्रित हुए है|
       भार्गव ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली कांग्रेस नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रही है| मुख्यमंत्री कमल नाथ का शांति मार्च प्रदेश में अशांति फैलाने के लिए है |नागरिकता संशोधन कानून में नागरिकता देने का प्रावधान है, लेने का नहीं, लेकिन कांग्रेस इसे दुष्प्रचारित कर रही है|

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जयंती के मौके पर 'अटल भूजल योजना' की शुरुआत की है| इस योजना के लिए सरकार की ओर से 6 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे| अटल भूजल योजना का लाभ छह राज्यों को मिलेगा| भूजल योजना में उतर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र शामिल हैं| लॉन्च करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''पानी का विषय अटल जी के लिए बहुत महत्वपूर्ण था, उनके हृदय के बहुत करीब था| अटल जल योजना हो या फिर जल जीवन मिशन से जुड़ी गाइडलाइंस| ये 2024 तक देश के हर घर तक जल पहुंचाने के संकल्प को सिद्ध करने में एक बड़ा कदम हैं|'' 
             बता दें कि मंगलवार को कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया था कि पानी की समस्या से निपटने के लिए अटल भूजल योजना लागू किया जाए| इस परियोजना पर पांच साल में 6 हजार करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा| इसमें 3,000 करोड़ रुपये वर्ल्ड बैंक और 3,000 करोड़ रुपये सरकार देगी|

 गुरुवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को CAA के खिलाफ देश में हो रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकने और धारा 144 लगाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि 'ऐसा करना भारत की आत्मा का अपमान है।' केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 'सरकार को कॉलेज बंद करने, टेलीफोन - इंटरनेट सेवाएं बंद करने, मेट्रो सेवाएं बंद करने के साथ-साथ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन रोकने और भारत की आवाज दबाने का कोई अधिकार नहीं है।' दरअसल गुरुवार को CAA के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर, दिल्ली के कुछ इलाकों में धारा 144 लगाई गई है। उत्तर प्रदेश में भी पहले से ही धारा 144 लागू है। इसके अलावा देश के कई इलाकों में जरूरत के मुताबिक इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं रोक दी जा रही हैं, जिससे CAA और NRC को लेकर लोग अफवाहें न फैला सकें।

दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक प्रदर्शनकारी कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं। गुरुवार को कई वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई। पुलिस थाने औक चौकी को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिसकर्मियों को पीटा गया। वहीं लखनऊ में एक और मंगलौर में दो की मौत हो गई। वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए हमलों को लेकर चिंता व्यक्त की। इधर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने कहा कि मैंने इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है। जो भी इस हिंसा का जिम्मेदार होगा, उसकी जवाबदेही तय करेंगे। 
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन: जामिया मिलिया इस्लामिया और जसोला विहार शाहीन बाग के प्रवेश और निकास द्वार बंद हैं। इन स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी।  
लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। जिन शहरों में पूरी तरह से इंटरनेट बंद हैं, उनमें लखनऊ, बरेली, अलीगढ़, गाजियाबाद, प्रयागराज, संभल, मेरठ, मऊ और कानपुर शामिल हैं।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के हेड ऑफिस में यूनाइटेड मुस्लिम एक्शन कमेटी, हैदराबाद मीटिंग हुई। 

हिरासत में लिए गए तमाम नेता

विरोध प्रदर्शन के दौरान बैंगलुरू में इतिहासकार रामचंद्र गुहा, दिल्ली में कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित, छात्र नेता उमर खालिद और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव को भी पुलिस ने कार्यकर्ताओं समेत हिरासत में लिया. याचिकाकर्ता तहसीन पूनावाला और सीपीआई नेता सीताराम येचुरी को भी दिल्ली में हिरासत में लिया गया.

 

किन-किन शहरों में प्रदर्शन का असर

इस कानून के खिलाफ राजधानी दिल्ली के लाल किला, मंडी हाउस और जामिया इलाके में प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीं भोपाल, बैंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई और जम्मू, नागपुर  में भी विरोध प्रदर्शन हो रहा है. बाकी राज्यों में बिहार की राजधानी पटना, दरभंगा, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और संभल जिले और दक्षिण में हैदराबाद, कर्नाटक में भी प्रदर्शन हो रहे हैं. यूपी के संभल में प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी बसें आग के हवाले कर दीं.

 

दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट और मेट्रो पर बुरा असर

राजधानी दिल्ली में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने मंडी हाउस, लाल किला, जामिया समेत कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करा दी. साथ ही सरकार के आदेश में डीएमआरसी ने सुबह 4 मेट्रो स्टेशन बंद किए थे. लेकिन बाद में जब प्रदर्शन हिंसक हुआ तो दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशनों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया. लखनऊ में नागरिक संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन को लेकर केडी सिंह बाबू मेट्रो स्टेशन बंद कराया गया है. शाम 5 बजे तक ये मेट्रो स्टेशन बंद रहेगा.

 

दिल्ली-गुरुग्राम हाइवे पर जबरदस्त जाम

प्रदर्शनों के चलते दिल्ली के आसपास स्थित सीमा क्षेत्र के प्रवेश मार्गों पर यातायात बंदोबस्त चरमरा गए. सबसे ज्यादा प्रभावित नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और दक्षिण-पूर्वी, उत्तरी दिल्ली रहे. जबकि बार्डर पर सबसे ज्यादा जाम का झंझट नोएडा-डीएनडी मार्ग, महरौली-गुरुग्राम  और दिल्ली गुरुग्राम नेशनल हाईवे-8 पर देखने को मिला. दिल्ली पुलिस द्वारा बैरिकेटिंग कर वाहनों की जांच के चलते गुरुग्राम हाइवे पूरी तरह जाम हो गया है.

 

हैदराबाद यूनिवर्सिटी छात्र हिरासत में

सीएए के खिलाफ रैली में शामिल होने जा रहे हैदरा

 वामपंथी और मुस्लिम संगठन के कंसोर्टियम की और से बुलाए गए राज्यव्यापी बंद को देखते हुए धारा 144 लगाने का आदेश जारी किया गया है। हालांकि स्कूल, कॉलेज, सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान रोज की ही तरह खुले रहेंगे। गुरुवार सुबह 6 बजे से 21 दिसंबर की मध्यरात्रि तक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा, 'बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। निषेधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

       रैली और विरोध के लिए अब तक जारी सभी अनुमति रद्द कर दी गई है।' जामिया यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर वसीम रिजवी ने पुलिस पर आरोप लगाया था कि पुलिस ने कैंपस में जबरन घुसकर छात्रों के साथ बर्बरता की। उन्होंने कहा था कि यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है। हम प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और छात्रों के खिलाफ पुलिस एक्शन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। 

 CAA  इस कानून को लेकर यूनिवर्सिटी से लेकर राजनीतिक पार्टियां सड़कों पर उतर आई हैं। इनसब के बीच गुजरात से एक बड़ी खबर सामने आई हैं। यहां पाकिस्तान से आई एक मुस्लिम महिला को भारत की नागरिकता दी गई। महिला का नाम हसीना बेन है। जिन्होंने दो साल पहले नागरिकता के लिए आवेदन किया था। जिसके बाद उन्हें नागरिकता मिल गई।  
        दो साल पहले उन्होंने भारत में नागरिकता के लिए आवेदन किया था। 18 दिसंबर 2019 को उन्हें नागरिकता का प्रमाणपत्र दिया गया। दरअसल हसीना बेन भारत की रहने वाली है। वह 1999 में शादी के बाद पाकिस्तान चली गई थीं। पति के मौत के बाद वह वापस भारत लौट आई।

निर्भया गैंगरेप मामले पर दोषी अक्षय सिंह की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि 'मैं बहुत खुश हूं।' वहीं दोषी अक्षय ने कोर्ट को बताया कि वह राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका रखना चाहता है, जिसके लिए उसे तीन सप्ताह का समय चाहिए। मंगलवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने खुद को बेंच से अलग कर लिया था, जिस कारण इसे बुधवार के लिए टालना पड़ा। अब मामले पर सुनवाई जस्टिस भानुमति की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही है, जिन्होंने अक्षय के वकील ए पी सिंह को दलील रखने के लिए आधे घंटे का समय दिया है।

   पहली टू प्लस टू वार्ता नई दिल्ली में पिछले वर्ष सितंबर में हुई थी| वॉशिंगटन डीसी में आयोजित होने वाली इस वार्ता में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करेंगे। उम्मीद है कि यह वार्ता बेहद असरदार होगी। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संबंध में प्रणाली को मंजूदी दी। आज होने वाली इस वार्ता से पहले मोदी और ट्रंप के बीच चार मुलाकातें हुई। भारतीय राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि टू प्लस टू वार्ता भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय स्तर की संस्थागत प्रणाली है। 

          सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है| सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है| इस मामले में अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी| सुप्रीम कोर्ट में सीएए को लेकर 59 याचिकाएं दाखिल की गई थीं| याचिकाओं पर चीफ जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्य कांत की बेंच ने सुनवाई की है| ज्यादातर याचिकाओं में धर्म के आधार पर शरणार्थियों को नागरिकता देने वाले कानून को संविधान के खिलाफ बताया गया है| मनोज झा ने वकील फौजिया शकील के जरिए दायर याचिका में कहा, ‘‘भारतीय नागरिकता का चरित्र धर्मनिरपेक्ष है| धर्म के आधार पर नागरिकता देते हुए लोगों के बीच भेदभाव करना संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 25 का उल्लंघन है| 

 

विनय शर्मा की दया याचिका के मामले में आज तिहाड़ जेल प्रशासन ने राष्ट्रपति भवन को अपनी रिपोर्ट भेजी दी है| राष्ट्रपति भवन को दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि विनय शर्मा ने दया याचिका भेजते समय जेल अधिकारियों के सामने अपने हस्ताक्षर किए थे और अंगूठा लगाया था| चार दोषियों में से एक दोषी विनय शर्मा की दया याचिका को लेकर तिहाड़ जेल प्रशासन ने राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट भेज दी है| राष्ट्रपति इस मामले में कानूनी सलाह मशवरा कर रहे हैं| कानूनी सलाह के बाद राष्ट्रपति इस मामले में अपना फैसला देंगे| विनय ने पहले राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दाखिल की थी और उसके बाद उसने अपनी दूसरी याचिका अधिकारियों को दी थी जिसमें कहा गया था कि वह अपनी पहली याचिका विड्रॉ करना चाहता है| वहीं उसके वकील ने भी कहा था कि विनय शर्मा ने कोई दया याचिका राष्ट्रपति के सामने नहीं लगाई है|

उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में भी हिंसा की आशंका को देखते हुए एहतियात बरते जा रहे हैं| हिंसा की आशंका के चलते पूरे प्रदेश में धारा 144 भी लागू कर दी गई है| इसी बीच अलीगढ़ में व्याप्त तनाव के मद्देनजर इससे सटे आगरा के जिला प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं| एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'जरूरत पड़ने पर इंटरनेट सेवाओं को निलंबित किया जा सकता है| अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए पुलिस साइबर सेल सोशल मीडिया पोस्ट्स पर नजर बनाए हुए है| डिजिटल स्वयंसेवी संगठन सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग कर रहे हैं|' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन्होंने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून के सन्दर्भ में कुछ निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा फैलाई जाने वाली किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें| प्रदेश सरकार हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है|

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में तनाव की स्थिति को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात कर दिया गया है। इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई है। इंटरनेट सेवा गुरुवार रात 12 बजे से ही बंद कर दी गई है। यह रोक शुक्रवार शाम पांच बजे तक रहेगी। इसके अलावा शहर को 25 सेक्टरों में बांटा गया है। दो पालियों में 25-25 मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। तहसील स्तर पर एसडीएम व सीओ को सेक्टर बनाकर मजिस्ट्रेट तैनात करने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि शांति मार्च निकालने के लिए जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद परिसर से जिलाधिकारी कार्यालय तक विशाल जुलूस निकालने की घोषणा की है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से जुलूस में शामिल होने का आह्वान किया है।

लोकसभा में बीजेपी महिला सांसदों ने जमकर हंगामा किया| दरअसल, कुछ दिनों पहले एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए एक विवादित बयान दिया था| रेप घटनाओं का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि दुनिया अब भारत को 'मेक इन इंडिया' नहीं बल्कि 'रेप इन इंडिया' के नाम से जानती है| राहुल गांधी के इस बयान का काफी विरोध भी हुआ था| उन्होंनें कहा कि गांधी खानदान के शख्स का ये बयान शर्मनाक है| उन्होंने स्पीकर से कार्रवाई मांग की है कि राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की जाए| भारत को रेप कैपिटल के तौर पर देखती है| राहुल गांधी ने कहा था कि यूपी के एक विधायक ने कथित तौर पर एक महिला के साथ रेप किया लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मसले पर एक शब्द नहीं कहा|

असम के डिब्रूगढ़ में सड़कों पर आगजनी भी हुई| इस दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की| छात्र संगठनों के 12 घंटे के बंद पर डिब्रूगढ़ से लेकर गुवाहाटी तक दुकानें भी नहीं खुली| बता दें कि ये बिल कल लोकसभा से पास हो गया है| प्रदर्शनकारियो ने असम के मुख्यमंत्री सरबानंद सोनोवाल के घर के बाहर भी प्रदर्शन कर अपना आक्रोश दिखाया| लोकसभा में बिल को कांग्रेस, एनसीपी, डीएमके, बीएसपी, समाजवादी पार्टी और एआईएमआईएम समेत अन्य दलों ने संविधान के खिलाफ बताया| पूर्वात्तर छात्र संगठन के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए गुवाहाटी यूनिवर्सिटी और डिब्रुगढ़ यूनिवर्सिटी ने कल होने वाली परीक्षाएं टाल दी हैं| पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लोग नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं|

लोकसभा में पारित होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि इस 'असंवैधानिक' विधेयक पर लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जाएगी| लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 311 वोट पड़े|जबकि, विपक्ष में 80 वोट| बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक के पक्ष में जेडीयू, शिवसेना, बीजेडी और पूर्वोत्तर के कुछ दलों के साथ आने के कारण सरकार को इस बिल को पास कराने में दिक्कत नहीं हुई| संसद ने उस विधेयक को पारित किया जो असंवैधानिक है और अब लड़ाई उच्चतम न्यायालय में होगी|' पूर्व गृह मंत्री ने कहा, निर्वाचित सांसद अपनी जिम्मेदारी को वकीलों और न्यायधीशों के ऊपर डाल रहे हैं|' विधेयक लोकसभा में आसानी से पास हो गया है और अब मोदी सरकार इसे बुधवार को राज्यसभा में पेश करेगी|

बुधवार को राज्यसभा में बिल पेश किया जाएगा। बिल पेश होने के बाद राज्यसभा में इसपर चर्चा होगी। भाजपा ने 10 और 11 दिसंबर को अपने राज्यसभा संसादों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। केंद्र सरकार अब राज्यसभा में भी इस बिल को जल्द पास करवाना चाहती है। राज्यसभा में बिल पास होते ही इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा| सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा और मतविभाजन के बाद पास हो गया। देर रात चली चर्चा के बाद बिल के पक्ष में 311 वोट, जबकि विरोध में 80 वोट पड़े। जेडीयू और शिवसेना ने इस बिल के पक्ष में वोट किया। चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि कई सदस्यों ने धारा-14 का हवाला देते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया। मैं कहना चाहता हूं कि किसी भी तरह से ये बिल गैर संवैधानिक नहीं है। इस देश का विभाजन धर्म के आधार पर न होता तो बिल लाने की जरूरत ही नहीं होती। जिस हिस्से में ज्यादा मुस्लिम रहते थे वो पाकिस्तान बना और दूसरा हिस्सा भारत बना। वहां अल्पसंख्यकों को न्याय मिलने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। 1947 में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी 23% थी। 2011 में ये 3.7% पर आ गई। बांग्लादेश में 1947 में अल्पसंख्यकों की आबादी 22% थी जो 2011 में 7.8% हो गई। आखिर कहां गए ये लोग। जो लोग विरोध करते हैं उन्हें में पूछना चाहता हूं कि अल्पसंख्यकों का क्या दोष है कि वो इस तरह क्षीण किए गये? शाह ने कहा, 1951 में भारत में मुस्लिम 9.8 प्रतिशत थे।

नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पेश करेंगे। मोदी सरकार ने साठ साल पुराने नागरिकता कानून को बदलने की तैयारी पूरी कर ली है। बीजेपी ने अपने सांसदो को तीन दिन के लिए व्हिप जारी किया है।लोकसभा में सोमवार को होने वाले कार्यों की सूची के मुताबिक गृह मंत्री दोपहर में विधेयक पेश करेंगे जिसमें छह दशक पुराने नागरिकता कानून में संशोधन की बात है और इसके बाद इस पर चर्चा होगी। लोकसभा में सरकार के पास बहुमत होनो की वजह से बिल को आसानी से मंजूरी मिल जाएगी। अगर यह बिल कानून बन जाता है तो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से भागकर आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों को नागरिकता संशोधन विधेयक के तहत भारत की नागरिकता दी जाएगी। लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के 10 जनपथ आवास पर कांग्रेस संसदीय रणनीतिक समूह की बैठक के बाद कहा कि कांग्रेस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी।

कुछ बूथों पर ईवीएम में खराबी की शिकायत आई। अधिकांश बूथों पर सुबह से ही वोटरों की लंबी लाइनें देखी गई, कुछ जगहों पर सुबह सन्नाटा परसा रहा। एक दो जगहों पर वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की शिकायत भी मिली। इन सीटों के लिए 6066 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां सात दिसंबर को वोट पड़ेंगे। इस चरण में 260 प्रत्याशी मैदान में है। पांच चरणों में होने रहे विधानसभा चुनाव में सर्वाधिक 20 सीटों पर वोट इसी चरण में डाले जाएंगे। इनमें से 16 आदिवासियों और एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जमशदेपुर पूर्वी और पश्चिमी तथा बहरागोड़ा सीट अनारक्षित है। 15 सीटें नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आती हैं। जगह-जगह जुलूस, रैली और रोड शो कर शक्ति का प्रदर्शन किया। दूसरे चरण के चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के अलावा पहली बार कांग्रेस नेता राहुल गांधी और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन भी मैदान में उतरे। भाजपा के कई और वरिष्ठ नेता राजनार्थ सह और जेपी नड्डा ने भी चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया| इन सीटों पर चुनाव| बहरागोड़ा, घाटशिला, पोटका, जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्व, जमशेदपुर पश्चिम, सरायकेला, चाईबासा, मंझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर, चक्रधरपुर, खरसावां, तमाड़, तोरपा, खूंटी, मांडर, सिसई, सिमडेगा और कोलेबिरा।

इस एनकाउंटर से हीरो बनी पुलिस की मुश्किलें अब बढ़ सकती हैं| एनकाउंटर की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम हैदराबाद पहुंची है| एनएचआरसी की जांच टीम पुलिस अधिकारियों से एनकाउंटर पर रिपोर्ट तलब कर सकती है| एनएचआरसी ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया| आयोग ने शुक्रवार को ही जांच के लिए एक टीम को तत्काल रवाना करने का निर्देश दिया था| हाईकोर्ट ने पुलिस से मारे गए आरोपियों की डेड बॉडी 9 दिसंबर तक सुरक्षित रखने को कहा है| हालात की गंभीरता को पुलिस भी समझ रही है| पुलिस ने एनकाउंटर साइट को घेर रखा है| वहीं भाजपा सांसद मेनका गांधी ने भी इसे भयानक बताया| राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा था कि हम फांसी की सजा चाहते थे, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत|

इलाहाबाद हाई कोर्ट कल यानी शुक्रवार छह दिसम्बर को अपना फैसला सुनाएगा| इस मामले में जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता की सिंगल बेंच का फैसला दोपहर ढाई बजे आएगा| इस मामले में अदालत कल सिर्फ पीएम मोदी की तरफ से दाखिल की गई आपत्तियों के आधार पर यह फैसला सुनाएगी कि पूर्व फ़ौजी तेज बहादुर यादव की अर्जी सुनवाई के लायक है या नहीं| अगर अदालत को यह लगता है कि तेज बहादुर की अर्जी में दिए गए तथ्यों के आधार पर पीएम व वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुकदमा चल सकता है तो वह इसकी मंजूरी देते हुए सुनवाई के लिए कोई तारीख तय करेगी| कहा जाए तो हाई कोर्ट की सिंगल बेंच से कल आने वाला फैसला सिर्फ अर्जी की पोषणीयता यानी उसकी मेरिट को लेकर होगा| पीएम मोदी की तरफ से अदालत में यह दलील दी गई कि याचिकाकर्ता तेज बहादुर यादव न तो वाराणसी लोकसभा सीट के वोटर हैं और न ही वहां हुए चुनाव में प्रत्याशी थे| ऐसे में में उन्हें अदालत में चुनाव याचिका दाखिल करने का अधिकार ही नहीं है| पीएम मोदी की इस आपत्ति पर याचिकाकर्ता तेज बहादुर की तरफ से दलील पेश की गई| तेज बहादुर ने इसके लिए अपना नामांकन पत्र खारिज किये जाने को बड़ा आधार बनाया था और आरोप लगाया था कि उनका पर्चा पीएम मोदी के दबाव में खारिज किया गया है| अर्जी में इसके साथ ही पीएम व बीजेपी उम्मीदवार रहे नरेंद्र मोदी के नामांकन पत्र में परिवार के ब्यौरे समेत कई कालम खाली छोड़े जाने को भी चुनौती दी गई थी| कहा गया था कि इस आधार पर उनका नामांकन भी खारिज हो जाना चाहिए| तेज बहादुर यादव की इस अर्जी को जस्टिस एमके गुप्ता की बेंच ने 17 जुलाई को सुनवाई के लिए मंजूर करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को नोटिस जारी किया था और उनसे जवाब दाखिल करने को कहा था|

संसद में अब माननीय औने-पौने दामों में लजीज खाने का आनंद नहीं उठा सकेंगे| संसद की कैंटीन में मिलने वाले भोजन पर सब्सिडी खत्म कर दी गई है| इस फैसले से सरकार को हर साल 17 करोड़ रुपये की बचत होगी| फैसले का सभी दलों ने समर्थन किया है| सांसदों को सस्ता भोजन मिले इसके लिए सरकार की तरफ से हर साल सालाना 17 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की जाती है| संसद में अभी तक वर्तमान सांसदों के अलावा पूर्व सांसदों को भी इस सुविधा का लाभ मिलता था| वहीं, संसद के अधिकारियों के अलावा जो लोग यहां विजिटर के तौर पर आते थे उन्हें भी सस्ते रेट पर खाना मिलता था| अभी तक यहां सांसदों को 5 रुपये में कॉफी, 50 रुपये में चिकन डिश और 35 रुपये में वेज थाली मिलता था| इसके साथ ही यहां 6 रुपये में बटर ब्रेड, 2 रुपये की रोटी, 60 रुपये में चिकन तंदूरी, 65 रुपये में बिरयानी और 40 रुपये में मछली मिलता था| अब सब्सिडी खत्म होने के बाद इन सभी डिश के दाम बढ़ जाएंगे|

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 5 बजे मंत्री समूह की बैठक होगी| इस बैठक में उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के अलावा कई विभागों के सचिव मौजूद रहेंगे| इसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी भी बैठक में रहेंगे| देश में 15 जनवरी तक 21,000 टन आयातित प्याज आने की संभावना है जिसके ठेके हो चुके हैं| इसके अलावा एमएमटीसी ने 15,000 टन प्याज आयात के तीन नए टेंडर जारी किए हैं| देश के बाजारों में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है, जिसके तहत प्याज का आयात करने के साथ-साथ घरेलू स्तर पर प्याज की आपूर्ति और वितरण की व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है| सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि देश में विदेश व्यापार की सबसे बड़ी कंपनी एमएमटीसी ने 4,000 टन प्याज तुर्की से आयात करने का नया ठेका दिया है|

वेबसाइटों की हैकिंग को रोकने के मामले में अच्छा काम कर रही हैं| 2016 से हर साल होने वाली हैकिंग की घटनाओं की संख्या में लगातार गिरावट आई है| इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम की ओर से ट्रैक की गई, इस साल अक्टूबर तक 48 वेबसाइटों को हैक किया गया था अक्टूबर जबकि 2018 में 110, 2017 में 172 और 2016 में 199 हैक करने की घटनाएं हुई थीं| साइबर अपराधों पर अंकुश के लिए सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं| उन्होंने आगे कहा कि सभी सरकारी वेबसाइटों और एप्लिकेशंस को होस्ट किए जाने से पहले साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से ऑडिट किया जाता है|

मेरठ में मौजूद पुश्तैनी जल्लाद पवन ने आईएएनएस को मंगलवार देर रात फोन पर बातचीत करते हुए अपने दिल में उठ रहे तमाम गुबार को बेझिझक निकाला। इसके लिए बहुत जरूरी है कि जितनी जल्दी हो सके निर्भया के मुजरिमों को फांसी पर लटका दो। मैं तो एकदम तैयार बैठा हूं। निर्भया के मुजरिमों के डेथ-वारंट मिले और मैं तिहाड़ जेल पहुंच जाऊंगा। मुझे मुजरिमों को फांसी के फंदे पर टांगने के लिए महज दो से तीन दिन का वक्त चाहिए। सिर्फ ट्रायल करुंगा और अदालत के डेथ वारंट को अमल में ला दूंगा। हैदराबाद की मासूम बेकसूर डॉ. प्रियंका बेमौत मरने से बच गई होती। निर्भया के हत्यारों को आखिर तिहाड़ जेल में पालकर रखा ही क्यों जा रहा है? निर्भया कांड के मुजरिम हों या फिर प्रियंका के हत्यारे। पवन ने आईएएनएस से आगे कहा, मैं खानदानी जल्लाद हूं। इसमें मुझे शर्म नहीं लगती। मेरे परदादा लक्ष्मन जल्लाद, दादा कालू राम जल्लाद, पिता मम्मू जल्लाद थे। मतलब जल्लादी के इस खानदानी पेशे में मैं अब चौथी पीढ़ी का इकलौता जल्लाद हूं। एशिया की सबसे सुरक्षित समझी जाने वाली तिहाड़ जेल के पूर्व जेलर और बाद में कानूनी सलाहकार के पद से सन 2016 में रिटायर हो चुके सुनील गुप्ता से भी मंगलवार देर रात आईएएनएस ने बात की। सुनील गुप्ता ने हाल ही में जेल की जिंदगी पर ब्लैक-वारंट नाम की सनसनीखेज किताब भी लिखी है।

सोनभद्र जिले में जेपी ग्रुप को वन विभाग की करीब 1083 हेक्टेयर जमीन अवैध तरीके से देने के मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है| अवैध रूप से जमीन दिए जाने के मामले में कल्पना अवस्थी पर कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश आने के बाद भी पवन कुमार को उन्होंने नहीं हटाया था| उत्तर प्रदेश शासन ने प्रमुख सचिव वन कल्पना अवस्थी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक और विभाग के अध्यक्ष पवन कुमार को हटा दिया है| इस मामले में राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार की अगुवाई में एक जांच करवाई और उसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी गई|

उन्होंने कहा कि सभी दल के सदस्यों ने मुझे अपनी भावनाओं से अवगत कराया है| ऐसी घटनाएं और अपराध हमें चिंतित भी करते हैं और आहत भी करते हैं| ऐसी घटनाओं की किसी भी राज्य में पुनरावृति नहीं हो इसके लिए सदन चिंतित है| ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कठोर से कठोर कानून बनाए गए हैं| आवश्यकता होगी तो सदन की सहमति से पुनर्विचार भी करेंगे| फांसी कैसे दी जा सकती है, लेकिन एक महिला की इज्जत लूट कर उसको जला देना फिर उस महिला के मानव अधिकार का क्या हुआ| जब तक दोषियों को तय वक्त में कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलेगी तब तक देश में कुछ भी नहीं बदलेगा| वहीं राज्य सभा सांसद सोनल मानसिंह ने कहा कि अगर मैं ऐसे दोषियों के खिलाफ फांसी की बात करूंगी तो लोग मेरे ऊपर टूट पड़ेंगे कि उनके मानव अधिकार का क्या हुआ| नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कोई भी राज्य या सरकार नहीं चाहती है कि उसके राज्य में ऐसी घटना घटे| उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. गुलाम नबी आजाद ने कहा, ''हमने बहुत कानून बनाए लेकिन कभी-कभी सिर्फ कानून बनाने से ही समस्या हल नहीं होती| इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए पूरे समाज को खड़ा होना होगा| ''

भारी बारिश के कारण दीवार पूरी तरह कमजोर पड़ चुकी थी| पुलिस ने बताया कि बचाव कर्मियों ने अभी तक नौ शव बरामद किए गए हैं| बचाव अभियान जारी है| खबरों के मुताबिक मृतकों में चार महिलाएं भी शामिल हैं| दीवार गिरने से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है| तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते शैक्षणिक संस्थान सोमवार के लिए बंद कर दिए गए हैं| तमिलनाडु और पड़ोसी पुडुचेरी के कई हिस्सों को प्रभावित किया है| मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में और अधिक बारिश की भविष्यवाणी की है|

दोपहर 1 बजे तक 48.83% मतदान हुए है। चुनाव आयोग ने प्रथम चरण में नक्सल प्रभावित इलाकों में मतदान का समय 3 बजे तक रखा है। झारखंड की 81 सीटों पर पांच चरणों में चुनाव होंगे। दूसरे चरण का मतदान 7 दिसंबर, तीसरे चरण का 12 दिसंबर, चौथे चरण का 16 दिसंबर और पांचवे चरण पर मतदान 20 दिसंबर को होगा। चुनाव परिणाम 23 दिसबंर को आएंगे। पहले चरण में कुल 37,78,963 मतदाताओं में 19,79,991 पुरुष और 17,98,966 महिलाएं और पांच तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं। इन सीटों पर कुल 189 उम्मीदवार हैं, जिनमें 15 महिलाएं हैं। भवनाथपुर विधानसभा सीट पर 28 उम्मीदवार हैं, जो पहले चरण में किसी सीट पर सबसे ज्यादा हैं।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है| प्रियंका गांधी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, तरक्की की चाह रखने वाले भारत और उसकी अर्थव्यवस्था को बीजेपी सरकार ने अपनी नाकामी के चलते बर्बाद कर दिया है| उन्होंने कहा कि आज GDP ग्रोथ 4.5% है, जिससे साबित होता है कि सारे वादे झूठे हैं| प्रियंका गांधी ने कहा कि 2 करोड़ रोजगार हर साल, फसल का दोगुना दाम, अच्छे दिन आएंगे और अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन होगी| देश की जीडीपी सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में घटकर 4.5 फीसदी हो गई है| यह लगातार पांचवीं तिमाही में गिरावट है और 6 सालों में सबसे कम जीडीपी वृद्धि दर है| प्रियंका गांधी ने कहा है कि तरक्की की चाह रखने वाले भारत और उसकी अर्थव्यवस्था को बीजेपी सरकार ने अपनी नाकामी के चलते बर्बाद कर दिया है|

एक बार फिर महिलाओं के सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में दिल्ली की एक लड़की आज शनिवार सुबह संसद भवन के सामने विरोध प्रदर्शन कर रही थी। इसके बाद मौके पर पुलिस ने युवती को हिरासत में ले लिया। युवती की पहचान अनु दुबे के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही दिल्ली महिला आयोग की एक टीम पुलिस स्टेशन पहुंची। महिला आयोग की टीम ने पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद अनु दुबे को पुलिस हिरासत से मुक्त कर दिया गया। जिसपर लिखा था, Why I Can't Feel Safe In My Home, India? उन्होंने कहा कि वो लगातार दुष्कर्म की घटनाओं को देखकर थक गई थीं, इसलिए प्रदर्शन कर रही हैं। गिरफ्तारी से पहले कहा कि हैदराबाद में वो जली है, कल मैं भी जलूंगी लेकिन मैं लडूंगी। उन्होंने कहा, बस अब डरने का मन नहीं करता।

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