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Coronavirus: वन्य जीवन विशेषज्ञों ने कहा है कि वैक्सीन उत्पादन के लिए 5 लाख शार्क को मारा जा सकता है. कुछ कोविड-19 की वैक्सीन निर्माण में एक पदार्थ स्क्वैलिन का इस्तेमाल किया जाता है. स्क्वैलिन यानी प्राकृतिक तेल शार्क के लीवर में बनता है.

कोविड वैक्सीन के लिए 5 लाख मार दी जाएंगी शार्क?: वर्तमान में प्राकृतिक तेल का इस्तेमाल दवा में सहायक के तौर पर होता है. ये मजबूत इम्यूनिटी पैदा कर वैक्सीन के असर का बढ़ा देती है. ब्रिटिश फार्मा कंपनीग्लैक्सोस्मिथक्लाइन (GSK) अभी फ्लू वैक्सीन के निर्माण में शार्क के स्क्वैलिन का इस्तेमाल कर रही है. कंपनी ने बताया कि मई में कोरोना वायरस वैक्सीन में संभावित इस्तेमाल के लिए स्क्वैलिन का एक बिलियन डोज बनाएगी. एक टन स्क्वैलिन निकालने के लिए करीब तीन हजार शार्क की जरूरत होगी.

अमेरिका के कैलिफोर्निया की शार्क अलाइज संस्था का कहना है अगर शार्क के लीवर में तेल से कोविड-19 वैक्सीन का एक डोज दिया जाता है तो करीब ढाई लाख शार्क को मारा जाएगा. ये इस बात निर्भर करेगा कि स्क्वैलिन की कितनी मात्रा इस्तेमाल की जाती है. लेकिन अगर लोगों को दो खुराक की जरूरत पड़ी तो 5 लाख शार्क को मारना पड़ेगा.

शार्क के लीवर में पाया जाता है प्राकृतिक तेल: शार्क की आबादी पर मंडराते खतरे से बचने के लिए वैज्ञानिक स्क्वैलिन का वैकल्पिक परीक्षण कर रहे हैं. इसके लिए उन्होंने खमीर युक्त गन्ने से सिंथेटिक वर्जन तैयार किया है. शार्क अलाइज की संस्थापक स्टीफनी ब्रेन्डिल ने बताया कि जंगली जीव को मारना कभी टिकाऊ साबित नहीं होने जा रहा है. खासकर तब जब शार्क का प्रजनन बड़े पैमाने पर नहीं होता हो. उन्होंने चेताया कि अगर हम शार्क का इस्तेमाल करते रहे तो स्क्वैलिन के लिए हर साल ज्यादा शार्क को मारना पड़ेगा.

नई दिल्ली: राज्यसभा में दो कृषि विधेयक पारित किए जाने के दिन हुए शोर-शराबे और हंगामे के बीच उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कड़ा रुख अपनाया था. उन्होंने उस दिन के घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा दिया है.विपक्ष का आरोप था कि मत-विभाजन के उसके अनुरोध को दरकिनार कर दिया गया. सिंह की सफाई एक खबर के संदर्भ में आई है, जिसमें कहा गया है कि सिंह ने मत-विभाजन के लिए सदस्यों के बैठने की व्यवस्था जिस तरह से करवाई थी, वह पूर्व प्रायोजित थी.

सिंह ने कहा, "वैधानिक प्रस्ताव अध्यादेश को नामंजूर करता प्रतीत हो रहा था और के.के. राजेश ने विधेयक में संशोधन के लिए उसे सलेक्ट कमेटी में भेजे जाने की बात कही थी, जिसे सदन ने 1.07 बजे ध्वनिमत से नकार दिया था. श्री राजेश सदन के वेल में चले गए थे. उस समय वह गैलरी की अपनी सीट पर नहीं थे. वीडियो में देखा जा सकता है कि उन्हें अपना संशोधन प्रस्ताव पेश करने को कहा जा रहा है, मैंने गैलरी की तरफ देखा, लेकिन वह वहां नहीं थे."

सिंह ने आगे कहा कि तिरुचि सिवा ने दोपहर से पहले बिल को सलेक्ट कमिटी को भेजे जाने के संदर्भ में अपनी सीट से अपने संशोधन प्रस्ताव पर मत-विभाजन की मांग की थी, लेकिन उन्होंने यह कहकर बचाव किया, "आप वैसा ही वीडियो दोपहर एक बजे देखेंगे, जिसमें एक सदस्य रूलबुक को फाड़ते और मेरी ओर फेंकते नजर आ रहे हैं. वह मुझसे पेपर छीनने की कोशिश कर रहे थे, उसी समय कुछ सदस्यों ने मुझे चारों तरफ से घेरकर बचाया." उन्होंने यह बात तृणमूल कांग्रेस के सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन के संदर्भ में कही.

Coronavirus: हैदराबाद के एक अस्पताल में संक्रमित व्यक्ति से वायरस के हवा में प्रसार का पता लगाने की कवायद की जा रही है. अध्ययन को सीएसआईआर के सेल्युलर और आणविक जीवविज्ञान केन्द्र (CCMB) ने शुरू किया है. इसका मुख्य मकसद स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

क्या कोरोना वायरस हवा के जरिए फैल सकता है?: CCMB के निदेशक राकेश मिश्रा ने बताया कि करीब 10 दिन पहले शुरू हुए अध्ययन का उद्देश्य यह जानना है कि क्या वायरस वास्तव में हवा के जरिए फैल सकता है. और अगर ऐसा होता है तो वायरस फैलकर कितनी दूर तक जा सकता है और वातावरण में उसकी मौजूदगी का समय कितना हो सकता है.

अध्ययन के जरिए संक्रमित मरीज से स्वास्थ्य कर्मियों को वाजिब दूरी तक रखने में मदद मिलेगी. गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को करीब दो महीने पहले 200 से अधिक वैज्ञानिकों ने पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने हवा के जरिए कोरोना वायरस फैलने का सबूत पेश करने का दावा किया था. फिलहाल ये अध्ययन अब उसी दिशा में किया जा रहा है.

मिश्रा ने बताया कि अध्ययन के नतीजे पर CCMB बैंक या मॉल जैसे बंद हॉल या सार्वजनिक स्थानों के नमूने ले सकता है ताकि वहां प्रसार की आशंका का आकलन किया जा सके. उन्होंने कहा, ‘‘हम यह देखेंगे कि संक्रमण के स्रोत (मरीज) से कितनी दूरी तक और कितने समय तक वायरस हवा में रह सकता है.’’ अध्ययन के तहत, गहन देखभाल इकाई (ICU) या कोविड-19 वार्ड जैसे अस्पताल के विभिन्न स्थानों से मरीज के दो, चार और आठ मीटर जैसी अलग-अलग दूरी से ‘एयर सैम्पलर’ के इस्तेमाल से नमूने एकत्र किए जाएंगे.

हैदराबाद के एक अस्पताल में अध्ययन शुरू : मिश्रा ने कहा कि इसका लक्ष्य यह पता लगाना है कि वायरस कितनी दूर तक जा सकता है और कितनी देर तक हवा में रह सकता है. उन्होंने कहा कि इसके जरिए कोविड संक्रमित मरीज से दूरी का फैसला करने में आसानी होगी. हमारा अध्ययन स्वास्थ्य सेवा कर्मियों की सुरक्षा को बेहतर बनाने की एक रणनीति है. वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के तहत CCMB, आधुनिक जीव विज्ञान के प्रमुख क्षेत्रों का एक अनुसंधान संगठन है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के खाद्य निरीक्षक मनीष स्वामी का निलंबन रद्द कर दिया है. इंदौर शहर के कलेक्टर मनीष सिंह ने कार्रवाई करते हुए स्वामी को निलंबित कर दिया था. दरअसल, राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 23 सितंबर को इंदौर पहुंचे थे. इस दौरान सीएम को ठंडा खाना दिया गया था. मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल के पालन में लापरवाही के चलते स्वामी पर कार्रवाई हुई थी. हालांकि जब इस पर राजनीति हुई तो इस निलंबन को वापस ले लिया गया.एक आधिकारिक विज्ञप्ति में शिवराज सिंह का बयान सामने आया. इसमें कहा गया, “मैं एक आम आदमी हूं. सूखी चपातियां खाने में मुझे कोई समस्या नहीं है. मेरे भोजन के लिए किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं लगता. अगर मुझे जिलों की यात्रा के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ता है, तो मैं इसे दिल से नहीं लगाता.”

विज्ञप्ति में कहा गया कि कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी निलंबन के बारे में मुख्यमंत्री को पता चला. इसके बाद उनके निलंबन को रद्द कर दिया गया.इस पूरे मामले को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया. जीतू पटवारी ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान खुद को किसान का बेटा बताते हैं. लेकिन एक अधिकारी को इसलिए सस्पेंड कर दिया जाता है क्योंकि खाना ठंडा था. आपके राज मे कई लोग भूखे सो जाते हैं. ये शर्मनाक है.

अगस्ता वेस्टलैंड केस में दिल्ली की राऊज एवेंयू कोर्ट ने बिजनसमैन राजीव सक्सेना के साथ ही अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल के डायरेक्टर जियाकोमिनो सपनारो, संदीप त्यागी समेत अन्य आरोपियों को समन भेजा है. मामले की सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी. कुछ दिन पहले ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी.

जिन 15 लोगों के नाम चार्जशीट में शामिल है उनमें संदीप त्यागी, प्रवीण बख्शी, प्रताप कृष्ण अग्रवाल (आईडीएस इन्फोटेक लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक), नरेंद्र कुमार जैन, कोलकाता के राजेश कुमार जैन, सुनील कोठारी (ओम मेटल्स इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक), क्रिश्चियन मिशेल के सहयोगी केवी कुन्हिकृष्णन (पूर्व जीएम, वेस्टलैंड सपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड) का नाम है.

इसके अलावा राजीव सक्सेना (इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के तत्कालीन निदेशक), जियाकोमिनो सपनारो (अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक), दीपक गोयल, आईडीएस इन्फोटेक लिमिटेड, एयरोमेट्रिक्स इंफो सॉल्यूशंस, नील माधव कंसल्टेंट्स, मैनक एजेंसी और इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का नाम चार्जशीट में दाखिल है.

इस मामले में 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है. साथ ही कई बैंकों में फर्जी बैंक खाते खोलेकर धन के हेराफेरी की बात भी कही गई है. चार्जशीट में यह आरोप लगाया गया कि दो आरोपियों ने अपनी नई दिल्ली स्थित कंपनी के माध्यम से 2009 में कोलकाता में स्थित एक कंपनी का अधिग्रहण किया था, ताकि अवैध धन को वैध बनाया जा सके.

वहीं सीबीआई ने पहले इस मामले में 1 सितंबर 2017 को तत्कालीन एयर चीफ मार्शल (अब सेवानिवृत्त) और 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी.

राजस्थान के जोधपुर में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के चलते जिला प्रशासन ने लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी है जो अगले तीन दिनों तक लागू रहेगी।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शुक्रवार रात 10 बजे से लॉकडाउन शुरू होगा और यह सोमवार सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। लॉकडाउन जोधपुर शहर और इसके परिधि में आने वाले 20 गांवों में लागू होगा।

जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार, आपातकालीन सेवा को छोड़कर अन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी। जिला कार्यालय के अनुसार, मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। लोग दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं जैसे कि मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना। 

उन्होंने कहा कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती है तब तक मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सावधानियों से ही कोरोना से बचा जा सकता है। 

जोधपुर में अब तक कुल 22692 मामले सामने आए हैं। शुक्रवार को भी जोधपुर से 630 मामले सामने आए थे जो अब तक का सर्वाधिक है।

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में संसद द्वारा पारित कृषि बिलों के खिलाफ विभिन्न किसान संगठनों द्वारा किए जा रहे एक राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में अपने कर्मियों की तैनाती बढ़ा दी है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा के पास चिल्ला क्षेत्र में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमारे कर्मियों को पड़ोसी राज्यों में किसानों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर एहतियात के तौर पर दिल्ली-उत्तर प्रदेश पिकेट सीमाओं पर तैनात किया गया है। 

अधिकारी ने कहा कि दिल्ली-हरियाणा सीमा पर तैनात पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया है। कुछ राज्यों में विपक्षी दल और किसान संसद द्वारा हाल ही में पारित किए गए कृषि बिलों का विरोध कर रहे हैं।

किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2020, मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा विधेयक, 2020 का किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) विधेयक और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 दोनों सदनों द्वारा पारित कर दिए गए हैं अब राष्ट्रपति से मंजूरी का इंतजार है।

कोरोना महामारी के चलते छोटे व्यापारी लगातार संघर्ष कर रहे थे कि अब मोराटोरियम के खत्म होने पर कर्ज चुकाने की बारी से परेशान दिख रहें है. आपको बता दें, आरबीआई ने उधार्कताओं को 31 अगस्त तक का कर्ज चुकाने के लिए मोराटोरियम की सुविधा दी थी. जो अब खत्म हो चुकी है.

बताया जा रहा है कि देश के 1.8 ट्रिलियन डॉलर के लोन का एक तिहाई हिस्सा इन उधारकर्ताओं के पास है. कोरोना के चलते व्यापारियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा था. जैसे तैसे अब थोड़ा उनका काम पटरी पर लौट रहा था कि एक बार फिर उनके काम पर ताला लगने की नौबात आ खड़ी हुई.

जयपुर में एक ट्रैवल एजेंसी के मालिक का कहना है कि मोराटोरियम से उन्हें कुछ राहत जरूर मिली थी. लेकिन अब उसके समाप्त होने पर परेशानियां एक बार फिर आ खड़ी हुई है. वो परेशान है कि लोन को किस तरह चुकाया जाए, साथ ही कर्मचारियों की सैलरी को लेकर भी तनाव बना हुआ है.

बताया जा रहा है कि केंद्रीय बैंक ने बैंकों से मोराटोरियम का विस्तार करने की अनुमति देकर उधारकर्ताओं को राहत प्रदान की है. दरअसल, बैंक दो साल के लिए एक्सटेंशन दे सकता है. उधारकर्ताओं के पास दिसंबर तक का वक्त है कि वो बताये उन्हें कौन से लोन की रीस्ट्रक्चरिंग करनी है.

अलीगढ: उत्तर प्रदेशातील अलीगढमधील अतरौली पोलीस ठाण्याच्या हद्दीतील एका गावात भयानक घटना घडली. येथील अल्पवयीन मुलीचं अपहरण करून तिच्यावर सलग तीन दिवस सामूहिक बलात्कार केला. बेशुद्धावस्थेत मुलीला गावाजवळील बेरिया बागेत फेकून आरोपी पसार झाले. घटनेनंतर संतापलेल्या ग्रामस्थांनी पोलीस ठाण्यात धडक दिली. आरोपींविरोधात कठोर कारवाई करण्याची मागणी केली.

पीडितेच्या तक्रारीनुसार, २० सप्टेंबर रोजी दुपारी ती काही कामासाठी गावाबाहेर जात होती. त्याचवेळी रस्त्यालगत दबा धरून बसलेल्या गावातीलच दोन तरुणांनी तिला पकडले. तिला बेशुद्ध केले आणि त्यानंतर तिला अनोळखी ठिकाणी घेऊन गेले. तिथे डांबून ठेवून तीन दिवस तिच्यावर सामूहिक बलात्कार केला.

बुधवारी रात्री उशिरा बेशुद्धावस्थेत मुलीला गावाजवळील बेरियो बागेत फेकून आरोपी फरार झाले. या घटनेनंतर मुलीने आपबीती सांगितली. कुटुंबीय आणि ग्रामस्थांनी पोलीस ठाण्यात धाव घेतली. त्यांनी आरोपींविरोधात कठोर कारवाईची मागणी केली. पोलिसांनी तक्रारीच्या आधारे गुन्हा दाखल करून दोन्ही आरोपींचा शोध सुरू केला आहे.

संरक्षण मंत्री राजनाथ सिंह यांच्या तेहरान दौऱ्यानंतर इराण-भारत संबंध पुन्हा पूर्ववत होत असल्याचं चित्र आहे. चाबहार बंदर आणि झेहदान रेल्वे प्रकल्पासाठी आपण इराणशी चर्चा करत असल्याचं मोदी सरकारने सोमवारी स्पष्ट केलं. या भागातील दळणवळणासाठी झेहदान रेल्वे प्रकल्प अत्यंत महत्त्वाचा मानला जातो. तर मध्य आशिया आणि अफगाणिस्तानशी व्यापारासाठी भारतासाठी चाबहारचं महत्त्वही मोठं आहे.पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या मे २०१६ मधील इराण दौऱ्यात भारतीय रेल्वेची कंपनी IRCON आणि इराण रेल्वेची कंपनी CDTIC (वाहतूक पायाभूत सुविधा बांधकाम आणि विकास कंपनी) यांच्यात सामंजस्य करारावर स्वाक्षरी करण्यात आली होती. या करारानुसार, चाबहार-झेहदान रेल्वे प्रकल्पाचा भारत आणि इराणकडून विकास केला जाणार होता. याबाबतच्या प्रश्नावर परराष्ट्र राज्यमंत्री व्ही मुरलीधरन यांनी लोकसभेत उत्तर दिलं.

भारत आणि इराण यांच्यात यावर सातत्याने चर्चा सुरू आहे. चाबहार बंदर प्रकल्पासह इराणमधील सर्व विकास प्रकल्पांवर भारत समन्वय साधत असल्याची माहिती मुरलीधरन यांनी दिली. पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी मे २०१६ ला केलेल्या त्रिपक्षीय करारानुसार, आंतरराष्ट्रीय वाहतूक आणि वाहतूक कोरिडॉरची तरतूद करण्यात आली होती. भारत, इराण आणि अफगाणिस्तान यांच्यात ही वाहतूक व्यवस्था तयार केली जाणार आहे. इराणसोबत समन्वय साधून पहिल्या टप्प्यातील शाहीद बेहेस्ती बंदर विकासासाठी भारत सहभाग घेत आहे, अशी माहिती त्यांनी दिली.

महाराष्ट्रात मुंबईनजिक भिवंडीमध्ये सोमवारी मध्यरात्री तीन मजली इमारत कोसळली. या दुर्घटनेत आत्तापर्यंत जवळपास १० जण मृत्युमुखी पडल्याचं समजतंय. पंतप्रधान नरेंद्र मदी यांनीही या दुर्घटनेवर दु:ख व्यक्त केलंय. 'महाराष्ट्राच्या भिवंडीत इमारत कोसळल्यानं घडलेल्या दुर्घटनेमुळे दु:खी आहे. पीडित कुटुंबीयांसोबत माझ्या संवेदना आहेत. जखमी लोक लवकरात लवकर बरे व्हावेत, यासाठी प्रार्थना करतो. रेस्क्यू ऑपरेशन सुरू आहे आणि प्रभावित लोकांना हरएक प्रकारे मदत पुरवण्याचा प्रयत्न केला जातोय' असं पंतप्रधान मोदींनी सोशल मीडियावर म्हटलंय.

सोमवारी पहाटे ३.४० मिनिटांनी ही दु:खद घटना घडली. मुंबईकच्या नजिक असलेल्या भिवंडीत धामनकर नाक्याजवळच्या पटेल कम्पाऊंड भागात 'जिलानी' नावाची इमारत कोसळली. या दुर्घटनेत १० जणांचा मृत्यू झाल्याचं समजतंय. स्थानिक रहिवासी आणि अग्निशमन दलाचे जवानांकडून इमारतीच्या मलब्याखाली अडकलेल्या नागरिकांच्या बचावासाठी शर्थीचे प्रयत्न सुरू आहेत. 'एनडीआरएफ'ची एक टीम बचाव कार्यासाठी घटनास्थळी उपस्थित आहे. उल्लेखनीय म्हणजे, या इमारत समावेश धोकादायक इमारतींच्या यादीमध्ये नव्हता. दरम्यान, दुर्घटनेनंतर पालकमंत्री एकनाथ शिंदे हेदेखील घटनास्थळी उपस्थित झाले. महापालिकेच्या इंदिरा गांधी रुग्णालयात दाखल करण्यात आलेल्या जखमींची विचारसपूसही त्यांनी केली. या दरम्यान, राज्य शासनाच्या वतीने या दुर्घटनेत मृत्युमुखी पडलेल्यांच्या कुटुंबियांना ५ लाख रुपयांची मदत शिंदे यांनी जाहीर केली आहे.

'शेतकरी (सक्षमीकरण आणि संरक्षण) मूल्य आश्वासन करार आणि कृषीसेवा करार विधेयक २०२०' आणि 'कृषी उत्पादन व्यापार आणि वाणिज्य विधेयक २०२०' ही दोन विधेयके लोकसभेनंतर राज्यसभेतही मंजूर करण्यात आली आहेत. रविवारी, राज्यसभेत विरोधकांच्या गोंधळादरम्यान आवाजी मतदानाद्वारे ही विधेयके मंजूर करून घेण्यात आली. ही विधेयके संमत झाल्यानंतर पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी सोशल मीडियावर आनंद व्यक्त करत शेतकऱ्यांचं अभिनंदन केलंय. या विधेयकामुळे शेतकऱ्यांची दलालांच्या तावडीतून सुटका होणार असल्याचं पंतप्रधानांनी म्हटलंय.

'भारताच्या कृषि इतिहासात आज एक मोठा दिवस आहे. संसदेत महत्त्वाची विधेयके मंजूर होण्यासाठी मी आपल्या परिश्रमी अन्नदात्यांना शुभेच्छा देतो. यामुळे केवळ कृषि क्षेत्रातच अमूलाग्र बदल घडणार नाही तर यामुळे अनेक शेतकरी सशक्त होतील. दशकांपासून आपले शेतकरी बंधू-भगिनी अनेक प्रकारच्या बंधनांत अडकले होते आणि त्यांना अनेक दलालांचा सामना करावा लागत होता. संसदेत ही विधेयके मंजूर झाल्यानं अन्नदात्यांची आता या सर्वांतून मुक्तता झाली आहे. यामुळे शेतकऱ्यांचं उत्पन्न दुप्पट करण्याच्या प्रयत्नांना बळ मिळेल आणि त्यांची समृद्धी सुनिश्चित होईल' असा विश्वास पंतप्रधान नरेंद्र मोदींनी व्यक्त केला आहे.

'मी अगोदरही म्हटलं आणि पुन्हा एकदा सांगतो की हमीभावाची (MSP) व्यवस्था सुरूच राहील. सरकारी खरेदीही सुरू राहील. आम्ही इथे शेतकऱ्यांच्या सेवेसाठी आहोत. आम्ही अन्नदात्यांच्या मदतीसाठी हरएक संभव प्रयत्न करू आणि त्यांच्या येणाऱ्या पिढ्यांसाठी चांगलं जीवन सुनिश्चित करू' असंही पंतप्रधानांनी म्हटलंय.

राजस्थानच्या अलवरमध्ये मानवतेला काळिमा फासणारी घटना घडली आहे. ४५ वर्षीय महिलेवर तिच्या भाच्यासमोरच सामूहिक बलात्कार केला. त्यानंतर अश्लील व्हिडिओ काढून तो सोशल मीडियावर व्हायरल केला. पोलिसांनी आतापर्यंत या प्रकरणात तीन जणांना अटक केली आहे.

अलवर जिल्ह्यातील तिजारा येथे ही घटना घडली. १४ तारखेला ही घटना घडली असून, १७ तारखेला महिलेने पोलिसांत तक्रार दाखल केली. महिला आपल्या भाच्यासोबत दुचाकीवरून आपल्या माहेरहून परतत होती. या घटनेची व्हिडिओ क्लिप सोशल मीडियावर व्हायरल झाल्यानंतर हे प्रकरण उघडकीस आले. आतापर्यंत तिघांना अटक करण्यात आली आहे. त्यांनीच या घटनेचा व्हिडिओ काढला होता. इतर आरोपींचा शोध घेण्यात येत आहे. यातील एक आरोपी अल्पवयीन आहे.

महिला ही आपल्या माहेरी भावाकडे पैसे देण्यासाठी गेली होती. परत येत असताना, सहा ते सात जणांच्या टोळक्याने त्यांना पाहिले. शस्त्रांचा धाक दाखवला. त्यानंतर भाच्याला बांधून ठेवले. त्यानंतर त्यातील काही तरुणांनी तिच्यावर बलात्कार केला. हा प्रकार इतर साथीदारांनी मोबाइल कॅमेऱ्यात शूट केला. त्यानंतर हा व्हिडिओ सोशल मीडियावर व्हायरल केला. या घटनेचा तपास करण्यासाठी पोलिसांचे एक पथक स्थापन करण्यात आले आहे, अशी माहिती पोलीस अधिकाऱ्यांनी दिली.

मध्य प्रदेशच्या इंदूरमध्ये एक अल्पवयीन मुलगी काही दिवसांपूर्वी बेपत्ता झाली होती. मुलीच्या कुटुंबीयांनी याबाबत पोलिसांत तक्रार केली होती. पोलिसांनी अपहरणाचा गुन्हा दाखल केला होता. पोलिसांनी शोध घेतला असता, ती पंजाबमध्ये असल्याचं कळलं. पबजी पार्टनरच्या घरी ती सापडली. पबजी गेम खेळता खेळता ती पार्टनरच्या प्रेमात पडली होती. त्याचा बर्थडे साजरा करण्यासाठी ती पंजाबला त्याच्या घरी गेल्याची माहिती समोर आली.

इंदूरच्या मल्हारगंज पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत राहणाऱ्या एका कुटुंबानं ३१ ऑगस्टला मुलगी बेपत्ता झाल्याची तक्रार दाखल केली होती. पोलिसांनी अपहरणाचा गुन्हा नोंदवला होता. त्यानंतर तपास सुरू केला. मुलगी नेहमी पबजी खेळायची. मित्राचा वाढदिवस असून, त्यासाठी पंजाबला जाणार असल्याचे ती बोलल्याचे तिच्या आईने पोलिसांना सांगितले. मात्र, कुटुंबीयांनी तिला जाऊ दिलं नाही. त्यामुळे मुलगी कदाचित पंजाबला गेली असावी, अशी शक्यता कुटुंबीयांनी व्यक्त केली होती. पोलिसांनी या माहितीच्या आधारे तिच्या मोबाइलचे लोकेशन शोधले. ती अमृतसरला असल्याची माहिती मिळाली. पोलीस अमृतसरला गेले. ती आपल्या पबजी पार्टनरच्या घरी होती.इंदूर पोलीस दोघांनाही घेऊन शहरात आले. दोघे जण दीड वर्षांपासून एकत्रित पबजी खेळत होतो. खेळता खेळता आम्ही एकमेकांच्या प्रेमात पडलो. ९ सप्टेंबरला मित्राचा वाढदिवस होता, असे त्यांनी पोलिसांना सांगितले.

विरोधकांचा विरोध डावलत कृषि विषयक विधेयके आज राज्यसभेत आवाजी मतदानाद्वारे संसदेत मंजूर करण्यात आली आहेत. दुसरीकडे मात्र, करोनाकाळातही पंजाब - हरियाणामध्ये शेतकऱ्यांनी मात्र या विधेयकाविरुद्ध आपलं आंदोलन तीव्र केलंय. अनेक शेतकरी संघटना आज रस्त्यावर उतरलेल्या दिसत आहेत. शेतकऱ्यांनी अनेक ठिकाणी 'रस्ता रोको' आंदोलन करत महामार्ग ठप्प करून टाकलेत. शेकडोंच्या संख्येनं शेतकरी अंबालाच्या रस्त्यांवर उतरलेले दिसत आहेत. ट्रॅक्टरसहीत रस्त्यावर आलेल्या या शेतकऱ्यांनी शेतकऱ्यांविरोधात जोरदार घोषणाबाजीही केलीय. अनेक आंदोलनकर्त्यांनी झेंडे आणि बॅनर दाखवत सरकारच्या धोरणाचा विरोध केलाय.

पंजाबहून मोठ्या संख्येनं शेतकऱ्यांनी दिल्लीकडे आपली वाटचाल सुरू केलीय. या शेतकऱ्यांना हरियाणातल्या अनेक संघटनांचं समर्थन आणि पाठबळ मिळालंय. त्यामुळे पोलिसांनाही अलर्ट राहण्याचे आदेश देण्यात आले आहेत. अंबाला सीमेपासून राजधानी दिल्लीपर्यंत सुरक्षा व्यवस्था वाढवण्यात आलीय.

पंजाबमध्ये मोहालीजवळ जीरकपूरमध्ये राष्ट्रीय महामार्गाजवळ मोठ्या संख्येत शेतकरी एकत्र जमले. कृषि विषयक विधेयकाविरोधात चंदीगड ते दिल्लीपर्यंत ट्रॅक्टर रॅली काढण्याच्या तयारीत हे शेतकरी आहेत. या आंदोलनाची तीव्रता लक्षात घेऊन खबरदारीचा उपाय म्हणून करनाल हायवे ब्लॉक करण्यात आलाय. शेतकरी दिल्ली - अंबाला - चंदीगड महामार्ग रोखण्याच्या तयारीत आहेत.

मध्य प्रदेशच्या दमोहमध्ये मानवता आणि नात्याला काळिमा फासणारी घटना घडली आहे. घरी आलेल्या एका नातेवाईकानेच दोन वर्षांच्या चिमुरडीवर बलात्कार केला. या घटनेमुळे परिसरातील नागरिकांनी संताप व्यक्त केला आहे. तर आरोपी पसार झाला आहे. त्याचा शोध पोलीस घेत आहेत.

जबेरा पोलीस ठाण्याच्या हद्दीतील एका गावात दोन वर्षीय मुलीवर तिच्या नातेवाईकानेच बलात्कार केला. शनिवारी रात्री तो त्यांच्या घरी राहायला आला होता. मुलीची आई त्याच्यासाठी जेवण करत होती. घरात भाजी नसल्याने ती शेजारी गेली. त्यामुळे तिने आपल्या दोन वर्षांच्या मुलीला त्याच्याकडे खेळण्यासाठी सोडले. ती परत आली त्यावेळी मुलगी वेदनेने विव्हळत होती. त्यामुळे महिलेला धक्काच बसला. ती सारखी रडत होती. तिच्या रडण्याचे कारण समजत नव्हते. मुलीला जवळ घेतले असता, ती बेशुद्ध पडली. घरी आलेल्या पाहुण्याने मुलीवर अत्याचार केल्याचे समजले. वेदना होत असल्याने मुलगी रडत होती. तर आरोपी हा घटनास्थळावरून पसार झाला.

याबाबतची माहिती महिलेने तात्काळ कुटुंबीयांना दिली. त्यानंतर ते रात्रीच मुलीला घेऊन पोलीस ठाण्यात पोहोचले. तिथे तक्रार दाखल केल्यानंतर ते मुलीला जिल्हा रुग्णालयात घेऊन गेले. रात्री तिच्यावर रुग्णालयात उपचार केले. त्यानंतर आता मुलीची प्रकृती बरी आहे, असे रुग्णालय प्रशासनाकडून सांगण्यात आले. आरोपीविरोधात बलात्कार आणि पॉक्सो कायद्यांतर्गत गुन्हा दाखल केला आहे. आरोपी फरार असून, लवकरच त्याला अटक करण्यात येईल, अशी माहिती जबेरा पोलिसांनी दिली.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया। विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक भागीदारी को मजबूत बनाने की बात दोहराते हुए दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर बात की। पुतिन और मोदी ने इस बात पर भी खुशी जाहिर की कि कोविड-19 के बावजूद दोनों देशों में संवाद बना रहा। मोदी और पुतिन में यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है जब भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव चरम पर है। हालांकि, अभी यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि दोनों नेताओँ में चीन को लेकर भी कुछ बातचीत हुई या नहीं, लेकिन टाइमिंग को देखते हुए यह काफी अहम माना जा रहा है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती देने में व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को लेकर शुक्रिया कहा। पीएम ने पुतिन को द्वीपक्षीय बातचीत के लिए भारत आने का न्योता दिया। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देश इस बातचीत के लिए तारीख तय करेंगे। पीएम ने पुतिन को एससीओ और ब्रिक्स सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी के लिए भी धन्यवाद दिया।

चीन के साथ भारत की सामरिक रिश्ता बेहद मजबूत है। दूसरी तरफ चीन का रूस के साथ भी विवाद है। मॉस्को ने हाल ही में बीजिंग को एस-400 सरफेस टु एयर मिसाइल सिस्टम की डिलिवरी को टाल दिया। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसे समय पर उठाया गया जब चीन साउथ चाइना सी पर दावे सहित कई मुद्दों पर घिरा हुआ है। रूस और चीन रिश्तों में 2014 के बाद सुधार हुआ था, जब पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से रूस नए व्यापार और निवेश सहयोगियों की तलाश में पूर्व की ओर देखने को मजबूर हुआ। लेकिन एक बार फिर बीजिंग और मॉस्को के बीच दरार दिखने लगे हैं। हाल ही में रूस ने अपने एक आर्कटिक रिसर्च पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने संवेदनशील जानकारियां चीन को दे दी। 

कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे सुदर्शन टीवी ने उच्चतम न्यायालय में आवेदन देकर उस याचिका पर सुनवाई का लाइव टेलीकास्ट कराने का अनुरोध किया है जिसमें उसके कार्यक्रम 'बिंदास बोल' के खिलाफ शिकायत की गई है। इस कार्यक्रम के सामने आए प्रोमो में दावा किया गया है कि 'वह सरकारी सेवा में मुस्लिमों की घुसपैठ की साजिश' का बड़ा खुलासा करेगा। गौरतलब है कि 15 सितंबर को उच्चतम न्यायालय ने अगले आदेश तक चैनल द्वारा 'बिंदास बोल' के एपिसोड का प्रसारण करने पर रोक लगा दी थी। न्यायालय ने कहा कि प्रथमदृष्टया लगता है कि कार्यक्रम के प्रसारण का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को बदनाम करना है।

सुदर्शन न्यूज चैनल की ओर से निदेशक और संपादक सुरेश चव्हाणके के जरिए दाखिल आवेदन में कहा ''यह सम्मानपूर्वक बताया गया कि वर्तमान मामला जनता के विषय में सबसे महत्वपूर्ण मामलों में से एक है, क्योंकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) द्वारा संरक्षित प्रेस की स्वतंत्रता का प्रश्न इसमें शामिल है।'' आवेदन में कहा गया कि चैनल के करोड़ों दर्शक कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानना चाहते हैं और पक्षकारों द्वारा दिए गए तर्कों और बहस के बिंदुओं को सुनना चाहते हैं। चैनल ने कहा, '' अत: आधिकारिक एजेंसी द्वारा जिसे अदालत इसके लिए उपयुक्त मानती है, सुनवाई का सजीव प्रसारण ऑडियो-वीडियो माध्यम से कराने का निर्देश दे।''

न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ मामले पर दोपहर में सुनवाई करेगी। हलफनामा के जरिए दाखिल जवाब में अदालत ने अपने कथित कार्यक्रम ''प्रशासनिक सेवा में मुस्लिमों की घुसपैठ बचाव किया है। चैनल ने कहा कि यह उनके प्रवेश के खिलाफ नहीं है बल्कि विभिन्न आतंकवाद से संबंध संगठनों से चंदा लेने वाले 'जकात फाउंडेशन से प्राप्त सूचना के आधार पर उसने 'यूपीएससी जिहाद शब्द का इस्तेमाल किया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना संकट के दौरान गरीब बच्चों को ऑनलाइन क्लास लेने में हो रही दिक्कतों को देखते हुए आज एक बड़ा और बेहद अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने सरकारी वित्तपोषण रहित सभी निजी और सरकारी स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाओं के लिए गरीब बच्चों को गैजेट्स और इंटरनेट कनेक्शन देने का आदेश दिया है। जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिए अपने आदेश में सरकारी वित्तपोषण रहित निजी स्कूलों और सरकारी स्कूलों जैसे केंद्रीय विद्यालय को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग (EWS/DG) के छात्रों को अच्छी इंटरनेट स्पीड के साथ-साथ गैजेट देने को कहा है ताकि इन्हें भी ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त हो सके।

इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे गैजेट और डिजिटल उपकरण के साथ-साथ इंटरनेट पैकेज की लागत भी ट्यूशन फीस का हिस्सा नहीं होगी और ये उपरकण ईडब्ल्यूएस और वंचित वर्ग के छात्रों को निजी गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों और सरकारी स्कूलों द्वारा मुफ्त प्रदान किए जाने चाहिए। वहीं हाईकोर्ट ने ईडब्ल्यूएस और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए गैजेट्स और उपकरणों की आपूर्ति की प्रक्रिया में तेजी लाने और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र, दिल्ली सरकार और स्कूल एसोसिएशन की कमेटी के एक-एक सदस्य वाली तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करने का भी निर्देश दिया है जो इस नजर रखेगी। 

हाईकोर्ट ने यह फैसला एक गैर सरकारी संगठन (NGO) 'जस्टिस फॉर ऑल' की जनहित याचिका पर सुनाया है। एनजीओ ने वकील खगेश झा के जरिये दाखिल जनहित याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को गरीब बच्चों को मोबाइल फोन, लैपटॉप या टैबलेट मुहैया कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया था, ताकि वे भी कोविड-19 लॉकडॉउन की वजह से चल रही ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ ले सकें।

सुप्रीम कोर्ट ने इस साल के लिए अपनी अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बैंगलोर के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर 21 सितंबर के लिए अपना निर्णय सुरक्षित रखा है। सोमवार, 21 सितंबर को दिया जाएगा फैसला। 

शीर्ष अदालत ने 17 सितंबर की सुनवाई में एनएलएसआईयू से पूछा कि देश के शीर्ष कानून विद्यालयों में विश्वविद्यालय होने के बावजूद एनएलएटी के लिए केवल 20,000 छात्र ही क्यों उपस्थित हुए। अदालत ने यह भी सवाल किया कि क्या आवेदन करने के लिए पर्याप्त समय था।

इसके लिए, NLSIU के लिए उपस्थित वरिष्ठ वकील अरविंद दातार ने कहा कि NLAT 2020 के लिए आवेदन करने के लिए नौ दिन थे और यह छात्रों के लिए 'पर्याप्त से अधिक' था।17 सितंबर को सुनवाई में, वरिष्ठ वकील अरविंद दातार एनएल के लिए उपस्थित हुए।

दातार ने यह भी कहा कि सीएलएटी को 'जानबूझकर' स्थगित कर दिया गया था जिसके कारण एनएलएसआईयू ने अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया।पेपर लीक के आरोपों पर, दातार ने कहा कि इस मामले पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।

एनएलएसआईयू के कुलपति की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता साजन पूवय्या ने कहा कि कदाचार करने वाले छात्रों को परीक्षा से अयोग्य घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि घर-आधारित ऑनलाइन प्रोक्टेड परीक्षण एक ऐसा निर्णय था जिसमें पूरे एनएलएसआईयू संकाय की सर्वसम्मत स्वीकृति थी

रूस के सॉवरेन वेल्थ फंड ने भारत को कोरोना वायरस की वैक्सीन 'स्पूतनिक-V' के 10 करोड़ डोज देने के लिए करार किया है. रशियन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) ने भारत में सप्लाई के लिए दिग्गज कंपनी डॉ. रेड्डीज लैब से समझौता किया है. आरडीआईएफ के सीईओ किरिल दिमित्रिव ने कहा है कि स्पूतनिक-V टीके के क्लीनिकल परीक्षण और वितरण के लिये डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के साथ मिलकर काम करेगी. उन्होंने कहा, ''स्पूतनिक-V टीके के क्लीनिकल परीक्षण के लिये सभी आवश्यक शर्तें पूरी हों यह सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नियामकों के साथ बातचीत कर रहे हैं.''
स्पूतनिक-V की आपूर्ति इस साल के अंत तक हो सकती है. डॉ. रेड्डीज के सीईओ जीवी प्रसाद ने कहा है कि स्पूतनिक-V के पहले औऱ दूसरे चरण के ट्रायल के नतीजे उत्साहजनक रहे हैं. भारतीय नियामकों के मानकों को पूरा करने के लिए भारत में तीसरे चरण का ट्रायल होगा. उन्होंने कहा कि भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में स्पूतनिक-V वैक्सीन विश्वसनिय विकल्प हो सकती है.
बता दें कि यह डील ऐसे समय में हुई है जब भारत में कोरोना वायरस के केसों की संख्या 50 लाख पार चली गई है. पिछले सप्ताह ही नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा था कि केंद्र सरकार स्पूतनिक-V वैक्सीन का ट्रायल भारत में करने के पक्ष में है और देश में इसके उत्पादन के लिए दो-तीन कंपनियां बातचीत कर रही हैं.
हालांकि वैक्सीन के दाम का खुलासा अब तक नहीं किया गया है. आरडीआईएफ ने एक बयान में कहा है कि हम मुनाफे के बारे में नहीं सोच रहे हैं. हमारा ध्यान सिर्फ लागत पर है. रूसी कंपनी भारत के अलावा ब्राजील, मेक्सिको, कजाखिस्तान के करार किया है. इस वैक्सीन को मॉस्को स्थित गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों और रूस के रक्षा मंत्रालय ने मिलकर बनाया है.

जम्मू पुलिस ने शहर में सक्रिय एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है. पुलिस ने इस मॉड्यूल में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.जम्मू पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक सेना की खुफिया इनपुट पर जम्मू की दोमाना पुलिस ने इलाके में सक्रिय एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर एक शख्स को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए शख्स की पहचान नज़र हुसैन के रूप में हुई है. आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है.

दरअसल, जम्मू पुलिस को 14 सिंतबर को एक सूचना मिली थी कि दोमाना क्षेत्र से आतंकियों का एक मॉड्यूल चलाया जा रहा है. आरोपी ने कई ऐसे वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की है जिससे देश विरोधी माहौल बनाने की कोशिश की गई. इसके साथ ही आरोपी ने कई ऐसी गतिविधियों को आजम दिया था जिसका सीधा कनेक्शन विभिन्न आतंकी संगठनों से था. पुलिस का दावा है कि आरोपी कर पकड़े जाने के बाद अब इस पूरे मॉड्यूल का पता लगाया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मारीन ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को अभी और आगे ले जाने की बहुत संभावनाएं मौजूद हैं.यह उल्लेख करते हुए कि दोनों देश नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय सीमा के बड़े समर्थक हैं, उन्होंने कहा कि फिनलैंड यूरोपीय संघ (ईयू) का सक्रिय सदस्य है और जुलाई महीने में हुई भारत और यूरोपीय संघ के देशों के शिखर सम्मेलन की सफलता के परिदृश्य में भारत और यूरोपीय संघ के संबंध भरोसा देने वाले लगते हैं.

मोदी को लिखे एक पत्र में मारीन ने कहा कि दोनों देशों के पास मौका है कि अब अपने संबंधों को "कार्रवाई" में तब्दील करें. उन्होंने कहा, "फिनलैंड भारत और यूरोपीय संघ के बीच कई क्षेत्रों मसलन सतत विकास सहित आर्थिक, मुक्त व्यापार और मानवाधिकार जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग का समर्थन करता है."प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस पत्र को साझा किया. मारीन ने कहा कि दोनों देशों ने हाल में अपने कूटनीतिक संबंधों के 70 साल पूरे किए हैं.

अभिनेता सुशांतसिंह राजपूत मृत्युप्रकरणानंतर सीबीआय, तसेच नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्युरोचा (एनसीबी) तपास चित्रपटसृष्टीच्या अमली पदार्थ तस्करांशी जोडला जात असतानाच, केंद्र सरकारने मंगळवारी लोकसभेत याबाबतचे कोणतेही धागेदोरे हाती आले नसल्याचे स्पष्ट केले आहे. 'अमली पदार्थाच्या तस्करांशी संबंध असल्याप्रकरणी चित्रपटसृष्टीत काम करणाऱ्यांवर कारवाई करता येईल, अशी कोणतीही माहिती 'एनसीबी'ला लॉकडाउनच्या काळात मिळालेली नाही,' अशी माहिती केंद्रीय गृह मंत्रालयाने दिली आहे.

चित्रपटसृष्टीत काम करणारे व अमली पदार्थ तस्करांच्या संबंधांची सरकारने चौकशी केली काय, या प्रश्नावर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी यांनी लेखी उत्तरात स्पष्टीकरण दिले आहे. 'गेले वर्षभर एनसीबीने सूत्रांकडून मिळालेल्या माहितीवरून अनेक ठिकाणी छापे घातले आहेत. काही ठिकाणी अमली पदार्थ हस्तगत केले आहेत. काही जणांना अटकही करण्यात आली आहे. याप्रकरणी तपासही सुरू आहे,' अशी माहिती केंद्र सरकारने दिली आहे. 'चित्रपटसृष्टी व अमली पदार्थांच्या तस्करांचे संबंध असल्याची कोणतीही माहिती लॉकडाउनकाळात एनसीबीकडे आली नाही,' असेही या उत्तरात स्पष्ट करण्यात आले आहे.

याच उत्तरात सुशांतसिंह प्रकरणानंतर चित्रपटसृष्टीतील काही जणांवर झालेल्या कारवाईबाबतही माहिती देण्यात आली आहे. '२८ ऑगस्ट रोजी एनसीबीच्या मुंबई विभागाकडे एक प्रकरण नोंद झाले आहे. याबाबत आत्तापर्यंत १० जणांना अटक झाली आहे. या वेळी झालेल्या कारवाईत त्यांच्याकडून गांजा, हशीश, टेट्रो हायड्रो कॅनाबिनॉल आणि लिसर्जिक अॅसिड डिथिलेमिड हे अमली पदार्थ जप्त करण्यात आले आहेत,' अशी माहितीही गृह मंत्रालयाने दिली आहे.

दिल्लीतील मयूर विहार परिसरातील एका व्यक्तीला त्याच्या पत्नीने बेदम मारहाण केली. जास्त पैसे खर्च केल्याने त्याने तिला हटकले आणि घरखर्चासाठी आणखी पैसे देण्यास नकार दिला. त्यामुळे तिला भयंकर राग आला. तिने वायपरने त्याला बेदम मारले. त्याने कशीबशी आपली सुटका करून घेतली.

या घटनेची माहिती शेजाऱ्यांनी पोलिसांना दिली. पतीला जखमी अवस्थेत लालबहादूर शास्त्री रुग्णालयात नेण्यात आले. तिथे उपचारानंतर त्याला डिस्चार्ज देण्यात आला. पोलिसांनी पतीने दिलेल्या जबाबानंतर पत्नीविरोधात गुन्हा दाखल करून चौकशी सुरू केली आहे. मयूर विहार पोलीस ठाण्यातील अधिकाऱ्यांनी दिलेल्या माहितीनुसार, पीडित व्यक्ती आपल्या कुटुंबासोबत त्रिलोकपुरीत राहते. त्याचा स्वतःचा व्यवसाय आहे. लॉकडाऊननंतर व्यवसाय मंदावला. घरखर्च भागवताना त्यांना तारेवरची कसरत करावी लागत आहे. त्यामुळे पती-पत्नीत खटके उडू लागले. सोमवारी पती बाहेरून घरी आला. त्यावेळी पत्नीने त्याच्याकडे घरखर्चासाठी पैसे मागितले. पतीने पैसे नाहीत आणि मित्राकडून उसने पैसे घेणार असल्याचे सांगितल्याने तिला राग आला. पती घराबाहेर जात असतानाच तिने दरवाजातच त्याला रोखले. घरातील वायपरने त्याला मारहाण करण्यास सुरुवात केली. या मारहाणीत तो जखमी झाला. शेजाऱ्यांनी याबाबत पोलिसांना माहिती दिली. तसेच त्यांनी जखमी अवस्थेत त्याला रुग्णालयात नेले. रुग्णालयात गेलेल्या पोलिसांनी पतीच्या जबाबाच्या आधारे पत्नीविरोधात गुन्हा दाखल केला असून, चौकशी सुरू केली आहे.

करोना संक्रमणाच्या वेगात गेल्या काही दिवसांत कमालीची वाढ झालेली दिसून येतेय. अशा वेळी दिल्ली आणि मुंबईतून करोना संबंधी धक्कादायक अशी माहिती समोर येतेय. नोएडा आणि मुंबईमध्ये करोनातून बरे झालेले काही रुग्ण पुन्हा एकदा करोना संक्रमित असल्याचं आढळलं आहे. यामध्ये नोएडाच्या दोन तर मुंबईच्या चार आरोग्यसेवेच्या कर्मचाऱ्यांचा समावेश आहे. दिल्लीतल्या सीएसआयआरच्या 'इन्स्टिट्यूट ऑफ जिमोमिक्स अॅन्ड इंटिग्रेटिव्ह बायोलॉजी'च्या (IGIB) संशोधनात हा खुलासा झालाय.

दिल्लीच्या 'इन्स्टिट्यूट ऑफ जिमोमिक्स अॅन्ड इंटिग्रेटिव्ह बायोलॉजी'च्या संशोधनात समोर आलेल्या धक्कादायक माहितीनुसार, नोएडाच्या एका रुग्णालयातील दोन आरोग्यसेवा कर्मचारी पुन्हा एकदा संक्रमित आढळले. दुसऱ्यांदा संक्रमण आढळलेलं हे देशातील पहिलंच प्रकरण असू शकतं.

दिलेल्या माहितीनुसार, IGIB च्या टीमनं मुंबईच्या ४ आरोग्यसेवा कर्मचाऱ्यांमध्ये पुन्हा करोना संक्रमण आढळल्याचं म्हटलंय. यातील तीन जण मुंबई सेंट्रल भागातील नायर रुग्णालयाचे तर माहिमच्या हिंदुजा हॉस्पीटलशी निगडीत असल्याचं समोर आलंय. मुंबईतील हे परिणाम सहा दिवसांपूर्वी एका आंतरराष्ट्रीय मेडीकल जर्नलमध्ये प्रकाशित करण्यात आले होते.

शांघाय सहकार्य संघटनेच्या (SCO) सदस्य देशांच्या राष्ट्रीय सुरक्षा सल्लागारांच्या (एनएसए) महत्त्वपूर्ण बैठकीवर भारताने मंगळवारी बहिष्कार टाकला. पाकिस्तानच्या प्रतिनिधीने 'काल्पनिक' नकाशाचा वापर करत भारतीय प्रदेशावर आपला दावा केला होता. भारताचे राष्ट्रीय सुरक्षा सल्लागार अजित डोवल हे या व्हर्च्युअल बैठकीत भाग घेणार होते.

रशियाच्या राष्ट्रीय सुरक्षा सल्लागाराच्या अध्यक्षतेखाली झालेल्या या बैठकीत पाकिस्तानी सुरक्षा सल्लागाराने हेतुपुरस्सर हा काल्पनिक नकाशा सादर केला. हा नकाशा काही दिवसांपूर्वी पाकिस्तानने अधिकृतपणे जाहीर केला होता. यजमान देशाने दिलेल्या सल्ल्याकडे दुर्लक्ष आणि एससीओ नियमांचे हे उघड उल्लंघन आहे, असं परराष्ट्र मंत्रालयाचे प्रवक्ते अनुराग श्रीवास्तव म्हणाले.भारताने यजमान रशियाशी सल्लामसलत करून त्याचवेळी बैठक सोडली. ही एक व्हर्च्युअल बैठक होती. अपेक्षेप्रमाणे या बैठकीत पाकिस्तानने भ्रामक विचार मांडले, असं नुराग श्रीवास्तव यांनी सांगितलं.

एससीओ चार्टरचे पूर्ण उल्लंघन
पाकिस्तानची ही कृती एससीओ चार्टरचे 'सर्रास उल्लंघन' आहे. एससीओ सदस्य देशांच्या सार्वभौमत्वाचे आणि प्रादेशिक अखंडतेचे रक्षण करण्याच्या सर्व स्थापित नियमांच्या विरोधात आहे. पाकिस्तानने बेकायदेशीर नकाशा वापरल्याबद्दल भारताने तीव्र आक्षेप नोंदवला आणि रशियाच्या प्रतिनिधीनेही पाकिस्तानच्या प्रतिनिधीला तसे न करण्यास पटवून देण्यासाठी जोरदार प्रयत्न केले, असं सरकारी सूत्रांनी पीटीआय या वृत्तसंस्थेला सांगितलं.

ऑक्सफर्ड विद्यापीठ आणि astrazeneca कंपनी यांच्याकडून करोनावर तयार करण्यात येत असलेली AZ1222 या लसीची चाचणी भारतात पुन्हा सुरू केली जाऊ शकते. लसच्या निर्मिती अॅस्ट्राझेनेकाची भागीदार भारतीय कंपनी सीरम इन्स्टिट्यूट ऑफ इंडियाने (SII) याबद्दल माहिती दिलीय. ड्रग कंट्रोल जनरल ऑफ इंडियाने (DGCI) मंजुरी देताच लसीची चाचणी पुन्हा सुरू केली जाईल, असं सीरम इन्स्टिट्यूटकडून सांगण्यात आलंय. एका व्यक्तीवर चाचणी दरम्यान परिणाम झाल्यानंतर AZ1222 ची चाचणी थांबवण्यात आली होती. पण आता ती पुन्हा सुरू करण्यात आली आहे.

अदार पुनावाला यांनी व्यक्त केला आनंद
SII चे संचालक मुख्य कार्यकारी अधिकारी आणि मालक अदार पुनावाला (SII CEO and Owner Adar Poonawalla) यांनी या वृत्ताबद्दल आनंद व्यक्त केला आहे. चाचण्यांदरम्यान अशा प्रकारचे अडथळे येत असतात, असं ते म्हणाले. 'चाचण्या पूर्ण होण्यापूर्वीच आपण कुठलाही निष्कर्ष काढू नये. प्रक्रियेबद्दल कोणतीही धारणा न ठेवता शेवटच्या टप्प्यापर्यंत आपण त्याचा आदर करावा. अलीकडील घडामोडी हे स्पष्ट होतं. आणि ही चांगली बातमी आहे', असं पुनावाला यांनी ट्विट करून सांगितलं.

ब्रिटनमध्ये AZ1222 ची चाचणी पुन्हा सुरू
ब्रिटनचे ड्रग रेग्युलेटर एमएचआरएने ऑक्सफर्ड विद्यापीठ आणि astrazeneca ची करोना लस AZ1222 ची चाचणी पुन्हा सुरू केली आहे. काही दिवसांपूर्वी एका स्वयंसेवकार लसीचा विपरीत परिणाम दिसून आल्यानंतर लसीची चाचणी थांबवली गेली होती. वैद्यकीय माहिती उघड करू शकत नाहीत. पण स्वतंत्र तपासणीत ही चाचणी सुरक्षित असल्याचे आढळून आले आहे, असं ऑक्सफर्ड विद्यापीठ आणि अ‍ॅस्ट्राझेनेका यांनी निवेदनात म्हटलं आहे.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पक्षाचे सरचिटणीस सीताराम येचुरी, स्वराज अभियानाचे नेते योगेंद्र यादव यांच्यासह इतर काही सामाजिक कार्यकर्त्यांविरोधात दिल्ली दंगल प्रकरणी पुरक आरोपपत्र दाखल केल्याच्या वृत्ताचे दिल्ली पोलिसांनी खंडन केले आहे. या प्रकरणावर राजकारण सुरू झाले होते. या पूर्वी, दिल्ली दंगल प्रकरणी सीताराम येचुरी, अर्थतज्ज्ञ जयंती घोष, दिल्ली विद्यापीठाचे प्राध्यापक आणि कार्यकर्ते अपूर्वानंद, लघुपट निर्माते राहुल रॉय यांची नावे दंगलीचा कट रचल्याच्या आरोपामुळे पुरक आरोपपत्रात दाखल करण्यात आल्याचे वृत्त प्रसिद्ध झाले होते.

अशा प्रकारचे वृत्त प्रसिद्ध झाल्यानंतर सीताराम येचुरी यांनी दिल्ली पोलिसांवर जोरदार टीकास्त्र सोडले होते. हे चुकीचे आणि अवैध असल्याचे म्हणत येचुरी यांनी भारतीय जनता पक्षाच्या वरिष्ठ नेत्यांच्या इशाऱ्यावर दिल्ली पोलिसांनी उचललेले हे पाऊल असल्याचे म्हटले आहे. येचुरी यांनी अनेक ट्विट करत केंद्र सरकारवरही निशाणा साधला होता. दिल्ली पोलिस केंद्र सरकार आणि केंद्रीय गृह मंत्रालयाच्या अधीन असल्याते त्यांनी म्हटले. ही बेकायदेशीर कारवाई भारतीय जनता पक्षाच्या वरिष्ठ नेत्यांच्या राजकारणाचा थेट परिणाम असल्याचे त्यांनी म्हटले आहे.

जाफराबाद दंगलीशी संबंधित एका प्रकरणात... ही नावे सीएए-विरोधी आंदोलनाचे आयोजन आणि त्यांना संबोधित करण्याप्रकरणी एका आरोपीच्या जबाबात ही नावे आल्याचे वृत्त एका ऑनलाइन वृत्तसंस्थेने दिल्याचे दिल्ली पोलिसांच्या प्रवक्त्याने पीटीआयचा हवाला देत म्हटले आहे.

उत्तर प्रदेशच्या बलिया जिल्ह्यातील हल्दी पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत शुक्रवारी रात्री उशिरा घरात झोपलेल्या एका ७० वर्षीय महिलेवर बांधकाम साइटवरील मजुरानं बलात्कार केल्याची धक्कादायक घटना घडली. वृद्ध महिलेने आरडाओरड केल्यानंतर कुटुंबीय आणि शेजारच्यांनी आरोपीला पकडले आणि पोलिसांच्या ताब्यात दिले.

मिळालेल्या माहितीनुसार, गावात एका व्यक्तीच्या घराचे बांधकाम सुरू होते. तिथे काही मजूर आणि गवंडी काम करणारे होते. तिथे सिकंदरपुर परिसरातील इंद्रजीत नावाचा मजूरही काम करत होता. तो रात्री तिथेच वस्तीला राहत होता. शुक्रवारी रात्री जेवण झाल्यानंतर सर्व जण झोपी गेले. पहाटे चार वाजता ७० वर्षीय महिला घरात एकटीच झोपलेली होती. इंद्रजीत हा त्या महिलेच्या घरात घुसला. त्याने तिला मारहाण केली. तिला जीवे मारण्याची धमकी देऊन तिच्यावर बलात्कार केला. बचावासाठी तिने आरडाओरड केली. शेजारी आणि कुटुंबीय धावून आले. त्यांनी आरोपीला पकडले. महिलेच्या पुतण्याने दिलेल्या तक्रारीनुसार, पोलिसांनी आरोपीविरोधात गुन्हा दाखल केला आहे. पोलिसांनी आरोपी इंद्रजीतला अटक केली. तसेच महिलेला वैद्यकीय तपासणीसाठी जिल्हा रुग्णालयात पाठवण्यात आले.

पंतप्रधान कार्यालयीत तीन सनदी अधिकाऱ्यांना मोठी जबाबदारी देण्यात आली आहे. मंत्रिमंडळाच्या नियुक्ती समितीने (ACC) तिन्ही सनदी अधिकाऱ्यांच्या नियुक्तीवर शिक्कामोर्तब केला. या तीन अधिकाऱ्यांमध्ये उत्तराखंडमधील टिहरी येथील जिल्हाधिकारी मंगेश घिल्डियाल यांचा देखील समावेश आहे. त्यांना पंतप्रधान कार्यलयात अवर सचिव पदावर नियुक्त करण्यात आले आहे. या प्रकरणात पर्सनल अॅण्ड ट्रेनिंग विभागाने उत्तराखंडच्या मुख्य सचिवांना १२ सप्टेंबरला पत्र देखील पाठवण्यात आले होते.या व्यतिरिक्त मध्य प्रदेश केडरचे सनदी अधिकारी रघुराज राजेंद्रन यांना पंतप्रधान कार्यालयात संचालक आणि आंध्र प्रदेश केडरचे सनदी अधिकारी आम्रपाली काटा यांनी उपसचिव पदावर नियुक्त करण्यात आले आहे.

टहरीचे जिल्हाधिकाऱ्याती पंतप्रधान कार्यालयात तैनाती
मंगेश घिल्डियाल या पूर्वी रुद्रप्रयाग येथे जिल्हाधिकारी होते. तेथे ते केदारनाथचे पुनर्निर्माण आणि चार धाम रोड निर्मितीशी संबधित कामे पाहत होते. हे दोन्ही प्रकल्पांची पायाभरणी पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी केली होती. रुद्रप्रयागपूर्वी घल्डियाल यांनी बागेश्वरचे जिल्हाधिकारी म्हणून काम पहिले आहे.

मध्य प्रदेश केडरचे आयएएस अधिकारी रघुराज राजेंद्रन
अशा प्रकारे मध्य प्रदेश केडरचे सन २००४ बॅचचे रघुराज राजेंद्रन यांना पंतप्रधान कार्यालयात संचालक म्हणून नियुक्त करण्यात आले आहे. या पूर्वी त्यांनी इस्पात मंत्रालयात पेट्रोलियम आणि नैसर्गिक वायू आणि इस्पातचे कॅबिनेट मंत्री धर्मेद्र प्रधान यांचे खासगी सचिव म्हणून काम पाहिले आहे.

गाझियाबादच्या कौशांबी भागातील हुक्का पार्लरवर कारवाई करत पोलिसांनी अचानक धाड टाकली. या कारवाईत ५० हून अधिक तरुण - तरुणींना अटक करण्यात आलीय.

मिळालेल्या माहितीनुसार, कौशांबी भागातील एन्जेल मॉलमधल्या एका रेस्टॉरन्टमध्ये अवैध पद्धतीनं हुक्का पार्लर सुरू होतं. तसंच इथं ग्राहकांना दारुही उपलब्ध होत होती. पोलिसांना याची गुप्त सूचना मिळाल्यानंतर धडक कारवाई करत पोलिसांनी उपस्थित तरुण - तरुणीना ताब्यात घेतलं.

नशेसोबतच इथं उपस्थित असलेल्या गर्दीमुळे करोना संक्रमणाचा धोकाही वाढला होता. 'नो रुल्स' नावाच्या या रेस्टॉरन्टमध्ये पोलिसांना दारु आणि हुक्के सापडले. काही तक्रारी मिळाल्यानंतर पोलीस आणि प्रशासनानं इथं अचानक धाड टाकली. रेस्टॉरन्टमध्ये उपस्थित असलेल्या गर्दीकडून सोशल डिस्टन्सिंगच्या नियम कुणीही पाळले नाहीत तसंच अनेकांनी मास्कचाही वापर केला नव्हता

गाझियाबादचे पोलिस अधीक्षक (शहर) अभिषेक वर्मा यांनी दिलेल्या माहितीनुसार, कौशांबी भागातील एन्जेल मॉलमधल्या नो रुल्स नावाच्या एका रेस्टॉरन्टवर ही कारवाई करण्यात आलीय. इथे दारुही ग्राहकांना उपलब्ध होत होती. छाप्यादरम्यान इथं ५० हून अधिक तरुण - तरुणी उपस्थित होते. महामारी कायदा आणि इतर कायद्याच्या कलमान्वये सर्वांविरोधात गुन्हे दाखल करण्यात आलेत.

अलाहाबादच्या उच्च न्यायालयानं लखनऊ खंडपीठानं राज्यात हुक्का पार्लरवर बंदी आणलीय. कोणत्याही प्रकारच्या रेस्टॉरन्ट आणि कॅफेमध्ये हुक्का बार चालवण्याची परवानगी दिली जाऊ नये, असे आदेश उच्च न्यायालयानं मुख्य सचिवांना दिलेत.

भारत में अक्टूबर के पहले सप्ताह में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 70 लाख के पार हो जाने और देश में संक्रमित लोगों की कुल संख्या अमेरिका समेत दुनिया भर में सर्वाधिक हो जाने की आशंका है। बिट्स पिलानी, हैदराबाद के अनुसंधानकर्ताओं के दल के अध्ययन में यह बात सामने आई है।

बिट्स पिलानी के हैदराबाद परिसर में 'ऐप्लाइड मैथेमैटिक्स विभाग की डॉ. टीएसएल राधिका ने 'पीटीआई को ई-मेल के जरिए बताया कि यह दल उन्नत सांख्यिकीय तकनीक के जरिए भारत में कोविड-19 वैश्विक महामारी संबंधी पूर्वानुमान जता रहा है। इस टीम का नेतृत्व भी राधिका कर रही हैं। टीम ने अपने अध्ययन का निष्कर्ष 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इन्फेक्शियस डिजीजेस को हाल में भेजा है।

राधिका ने कहा कि अध्ययन के निष्कर्ष में सामने आया है कि भारत में अक्टूबर के पहले सप्ताह तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले देश में सर्वाधिक हो सकते हैं और इनके अमेरिका के मामलों से भी अधिक हो जाने की आशंका है। उन्होंने बताया कि उस समय तक संक्रमण के मामलों की कुल संख्या 70 लाख से अधिक हो जाने की आशंका है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर शुक्रवार को 45 लाख के पार चले गए। इस बीच, अमेरिका में एक राष्ट्रीय जनस्वास्थ्य संस्थान द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में आठ सितंबर तक संक्रमित लोगों की कुल संख्या 60 लाख से अधिक हो गई।

कोविड 19 इंडिया ओआरजी के अनुसार, शुक्रवार को देश में पॉजिटिव केसों की संख्या 45 लाख 66 हजार से ज्यादा हो चुकी है। इनमें से 9.47 लाख एक्टिव केस हैं और 35 लाख 42 हजार के करीब स्वस्थ हो चुके लोग हैं। अब तक 76336 की मौत हो चुकी है।

एलएसी पर चीन के साथ भारी तनाव के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, तीनों सेना के प्रमुख और शीर्ष रक्षा अधिकारी साउथ ब्लॉक में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में मौजूद रहे।

यह बैठक ऐसे वक्त पर हुई है जब पूर्वी लद्दाख में शुक्रवार सुबह 11 बजे से चीन और भारत के बीच ब्रिगेड कमांडर्स स्तर की बातचीत चल रही है। दोनों देशों के बीच ऐसी बातचीत सोमवार-मंगलवार को छोड़कर रोजाना आधार पर हो रही है, जब एलएसी पर रेजांग ला के आसपाच चीन ने भड़काऊ कार्रवाई की थी।

सूत्रों के मुताबिक, इस बातचीत का उद्देश्य रोजाना की गतिविधियों को साझा किए जाना और मतभेद दूर करने के लिए बातचीत के दरवाजों को खुला रखना है। इस हफ्ते के शुरू में हुए ग्राउंड कमांडर्स स्तर की बातचीत के दौरान दोनों पक्षों की तरफ से कॉर्प्स कमांडर्स स्तर की बातचीत पर सहमति बनी थी। हालांकि, अभी समय और तारीख का फैसला किया जाना अभी बाकी है, लेकिन जून से अब तक यह छठी बैठक होगी।

गुरुवार को एलओसी के पास जम्मू के रोजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में एक धमाका हुआ जिसमें एक मेजर सहित भारतीय सेना के दो जवान घयाल हो गए। एक रक्षा अधिकारी ने कहा, “गुरुवार सुबह नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास अनजाने में एक बारूदी सुरंग पर जाने से एक प्रमुख और एक जेसीओ (जूनियर कमीशंड अधिकारी) घायल हो गए। वे एक रक्षा क्षेत्र में गश्त पर थे।"

घायलों को इलाज के लिए उधमपुर के कमांड अस्पताल में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी हालत अब स्थिर है। आमतौर पर, बारूदी सुरंगें, जो वजन में हल्की होती हैं, मानसून के दौरान बह जाती हैं और गश्त ड्यूटी पर सुरक्षाकर्मियों के लिए खतरा बन जाती हैं। 

पाकिस्तानी सेना की सहायता से पाकिस्तान स्थित आतंकवादी भी नियंत्रण रेखा पर भारतीय सुरक्षा बलों को गंभीर रूप से चोट पहुंचाने के लिए भारतीय भूमि पर ऐसे बारूदी सुरंग लगाते हैं।

वॉशिंग्टन: अमेरिकेच्या उत्तर-पश्चिम पॅसिफिक भागात लागलेली भीषण आग वेगाने वाहत असणाऱ्या वाऱ्यामुळे अधिकच पसरली आहे. या दरम्यान ऑरेगन भागातील शेकडो घरे आगीत भस्मसात झाली. ऑरेगनचे राज्यपाल केट ब्राउन यांनी सांगितले की जंगलाला लागलेल्या आगीमुळे राज्याच्या इतिहासातील सर्वाधिक नुकसान होण्याची भीती आहे. तर, मागील काही दिवसांपासून लागलेल्या आगीमुळे कॅलिफोर्नियाच्या किनारी परिसरातील आकाश केसरी रंगाचे झाले होते. त्यामुळे या भागावर केसरी रंगाची उधळण झाली असल्याचे दृष्य होते.

आगीची तीव्रता मोठी असल्यामुळे कॅलिफोर्निया, सॅनफ्रॅन्सिस्को आदी भागातील आकाशाचा रंग भगवा झालेला आढळला. त्यामुळे अनेकांनीही चिंता व्यक्त केली. काही ठिकाणी राख, धूरकं असल्यामुळे दृष्यमानतेवर परिणाम झाला होता.

आगीवर नियंत्रण मिळवण्यासाठी अग्निशमन दलाचे जवान प्रयत्नांची पराकाष्ठा करत आहेत. जवळपास ८० किमी प्रतितास वेगाने हवा वाहत आहे. त्यामुळे आगीने रौद्र रुप धारण केले आहे. ऑरेगनच्या पश्चिम भागातील काही समुदायांना तात्काळ घरे रिकामी करण्यास सांगितले आहे. सोमवारपासून लागलेल्या आगीमुळे आणखी मोठे नुकसान होण्याचा इशारा ऑरेगनचे राज्यपाल केट ब्राउन यांनी दिला.

कानपूर: उत्तर प्रदेशच्या कानपूरमध्ये भररस्त्यात हायव्होल्टेज ड्रामा पाहायला मिळाला. प्रियकरासोबत हातात हात घालून फिरणाऱ्या महिलेला तिच्या पतीने रंगेहाथ पकडले. पतीने पत्नीच्या प्रियकराला भररस्त्यात चपलेने आणि लाथाबुक्क्यांनी मारहाण केली. हा गोंधळ पाहून तिथं बघ्यांची गर्दी जमली. तेथून ये-जा करणाऱ्या काही जणांनीही हात धुवून घेतले. त्यांनीही या प्रियकराला कानफटवले. घटनास्थळी पोहोचलेल्या पोलिसांनी पत्नीसह तिच्या प्रियकराला आणि पतीलाही पोलीस ठाण्यात नेले.

फीलखाना परिसरात मॉलरोडवर रात्री उशिरा अचानक रस्त्यावर गोंधळ सुरू झाला. हरबंश मोहालमध्ये राहणाऱ्या एका व्यापाऱ्याच्या पत्नीचे (वय ४२) परिसरातच राहणाऱ्या एका व्यापारी तरुणासोबत प्रेमसंबंध होते. तिच्या पतीला संशय आला होता. स्थानिकांनीही त्या दोघांच्या प्रेमसंबंधांबाबत व्यापाऱ्याला सांगितले होते. तो त्याच्या पत्नीवर लक्ष ठेवू लागला. पती घरात नसताना ती प्रियकराला घरी बोलावायची. तसेच ते दोघे फिरायलाही जायचे. पत्नीच्या प्रेमसंबंधांची चर्चा संपूर्ण परिसरात होत होती. त्याचवेळी पत्नी प्रियकरासोबत फिरत असल्याचे त्याला समजले. त्याने आपल्या मित्रांच्या मदतीने पत्नी आणि तिच्या प्रियकराला रंगेहाथ पकडले. त्यानंतर पतीने मित्रांच्या मदतीने तिच्या प्रियकराला चपलेने आणि लाथाबुक्क्यांनी मारहाण केली. कपडे फाटेस्तोवर त्याला चोपले.

आश्चर्याची बाब म्हणजे इतकं सारं होऊनही ती प्रियकराला त्यांच्यापासून वाचवायचा प्रयत्न करत होती. प्रियकराला मारहाण करणाऱ्या जमावाच्या तावडीतून त्याची सुटका करण्याचा प्रयत्न ती करत होती. काही वेळाने पोलीस घटनास्थळी पोहोचले. त्यांनी पत्नी, तिचा प्रियकर आणि तिच्या पतीसह मित्रांनाही पोलीस ठाण्यात नेले. पोलिसांच्या माहितीनुसार, महिलेचा पती आणि प्रियकर हे दोघेही किराणा मालाचे व्यापारी आहेत. दोघांनीही आपांपसात मिटवून घेतले आहे. त्यांनी परस्परांविरोधात कोणतीही तक्रार दिली नाही.

एका बाजुला चर्चा सुरू असतानाच भारत चीनच्या सीमेवर दोन्ही देशांचं लष्कर आमने-सामने आल्याचं चित्रं आहे. वास्तविक नियंत्रण रेषेवर (LAC) चीनकडून दगाबाजीचा धोका असल्यानं भारतीय सेनेकडून आता १५५ मिमी होवित्झर तोफा तैनात करण्यात आल्यात. उल्लेखनीय म्हणजे, रशियाची राजधानी मॉस्कोमध्ये काल (गुरुवारी) रात्री भारताचे परराष्ट्र मंत्री एस जयशंकर (s jaishankar) आणि चीनचे परराष्ट्रमंत्री वांग यी (wang yi) यांच्या बैठकीत पाच मुद्यांवर दोन्ही पक्षांची सहमती झाल्याचं सांगण्यात आलं होतं. तसंच दोन्ही देशांकडून मोकळेपणाने चर्चा करण्याची आणि चर्चेतून मार्ग काढण्यासंबंधी चर्चाही झाली होती.

पॅन्गाँग सरोवराजवळ चिनी सेनेकडून आपली ताकद वाढवल्याचं लक्षात आल्यानंतर भारतीय लष्करानं सीमेवर बोफोर्स तोफा तैनात करण्याचं महत्त्वाचं पाऊल उचललंय. वास्तविक नियंत्रण रेषेवर सध्या जवळपास ४० हजार भारतीय जवान तैनात आहेत. वायुसेनाही सज्ज आहे त्यातच होवित्झर तोफा सीमेवर पाठवण्यात येत आहेत. भारतीय सेनेतील सूत्रांच्या माहितीनुसार, ऑगस्टच्या शेवटी उंचावरील क्षेत्रावर ताबा मिळवण्यासाठी पॅन्गाँग सरोवराच्या दक्षिणेपासून ऑपरेशन सुरू करण्यात आलं होतं.

लोक जनशक्ती पक्षाचे नेते (Lok Janshakti Party) आणि केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) यांनी शुक्रवारी रुग्णालयात उपचारासाठी दाखल झाल्याचं सांगितलंय. आपल्या अनुपस्थितीत आपला मुलगा चिराग पासवान याच्याकडे पक्षाची सूत्रं सोपवल्याचंही त्यांनी म्हटलंय. पक्षासंबंधी निर्णय घेण्याचे सर्व अधिकार तसंच एखाद्या पक्षासोबत जाण्याचा किंवा न जाण्यासंबंधी चिराग पासवान जे निर्णय घेतील, ते अंतिम निर्णय असतील, असंही त्यांनी स्पष्ट केलंय. काही दिवसांपासून रामविलास पासवान आजारी असल्याच्या काही बातम्या मीडियांतून समोर येत होत्या. मात्र, आपली तब्येत खालावल्याचं लक्षात आल्यानंतर रामविलास पासवान यांनी ही माहिती उघड केलीय. मात्र, आपल्या आजारासंबंधी त्यांनी माहिती दिलेली नाही.

'करोना संकटकाळात खाद्य मंत्री म्हणून आपली सेवा देण्यसााठी आणि योग्य वेळी खाद्यसामग्री जागेवर पोहचण्यासाठी हरएक प्रयत्न केले. याच दरम्यान तब्येत आणखीन खालावू लागली परंतु, कामात काही अडथळे येऊ नये यासाठी मी रुग्णालयात दाखल होण्याचं टाळलं होतं. परंतु, माझी तब्येत ढासळल्याचं चिरागच्या लक्षात येताच त्याच्या सांगण्यावरून मी रुग्णालयात उपचारासाठी दाखल झालो आहे' असं रामविलास पासवान यांनी म्हटलंय.

येत्या १४ सप्टेंबरपासून सुरू होत असलेल्या संसदेच्या पावसाळी अधिवेशनाच्या पहिल्याच दिवशी राज्यसभेच्या उपसभापती पदासाठी निवडणूक होणार आहे. विरोधी पक्षांचा संयुक्त उमेदवार उभा करण्याचा इरादा असला, तरी ही निवडणूक एकतर्फीच ठरणार आहे.

पावसाळी अधिवेशनाच्या रणनीतीवर चर्चा करण्यासाठी काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी यांच्या अध्यक्षतेखाली झालेल्या बैठकीत राज्यसभेत विरोधी एकजूट दाखविण्याची संधी देणारी ही निवडणूक लढण्याचा निर्णय घेण्यात आला. विरोधकांकडून उपसभापती पदाची उमेदवारी द्रमुकला दिली जाण्याची शक्यता आहे. मात्र, विरोधी ऐक्य साधले जाण्याची शक्यता कमीच आहे. बिजू जद, वायएसआर काँग्रेस, तेलंगण राष्ट्रसमिती, बसप काँग्रेसची साथ देण्याची शक्यता नसल्यामुळे ही निवडणूक प्रतीकात्मकच ठरण्याची चिन्हे आहेत.

राज्यसभेचे उपसभापती म्हणून एप्रिल महिन्यात हरीवंश यांचा कार्यकाळ संपल्यामुळे ही निवडणूक होत आहे. अर्ज दाखल करण्याची तारीख ११ सप्टेंबर आहे. काँग्रेसने केंद्रातील सत्ताधारी मोदी सरकारच्या चार वटहुकुमांना विरोध करण्याचा निर्णय घेतला आहे. उपसभापती पदासाठी सत्ताधारी भाजप-एनडीएकडून पुन्हा हरीवंश यांनाच उमेदवारी मिळण्याची चर्चा आहे. गेल्या वेळी हरीवंश यांनी काँग्रेसचे बी. के. हरीप्रसाद यांचा १२५ विरुद्ध १०५ मतांनी पराभव केला होता. पण राज्यसभेत एनडीए समर्थक पक्षांचे संख्याबळ वाढल्यामुळे त्यांचेच पारडे जड आहे.

काँग्रेसचे माजी अध्यक्ष राहुल गांधी  यांनी करोना आणि लॉकडाउनच्या मुद्द्यावरून पुन्हा एकदा मोदी सरकारवर हल्लाबोल केला आहे. राहुल गांधी यांनी आज बुधवारी एक व्हिडिओ शेअर करत हा हल्लाबोल केला आहे. देशात अचानक लागू करण्यात आलेला लॉकडाउन हा असंघठीत कामगारांसाठी (Unorganized workers) एक मृत्युदंड सिद्ध झाल्याचे त्यांनी म्हटले आहे. तसचे करोनाशी लढा देण्यासाठी सरकारची तयारी आणि अर्थव्यवस्थेतील सुधारणेसाठी उचलल्या जात असलेल्या पावलांबाबतही त्यांनी मोदी सरकारवर टीकास्त्र सोडले आहे. 

राहुल गांधी आपल्या ट्विटमध्ये लिहितात, 'अचानक लागू करण्यात आलेला लॉकडाउन असंघटित वर्गासाठी मृत्युदंड सिद्ध झाला आहे. २१ दिवसांत करोना संपण्याचे आश्वासन देण्यात आले होते, मात्र कोट्यवधी रोजगार आणि छोटे उद्योग संपले. मोदीजींचा जनविरोधी 'डिझास्टर प्लान' जाणून घेण्यासाठी व्हिडिओ पाहा.'

राहुल गांधी आपल्या व्हिडिओत म्हणतात की, 'करोनाच्या नावावर असंघटित क्षेत्रावर तिसरे आक्रमण, तिसरा वार होता, कारण गरीब लोक रोज कमावतात आणि रोज खातात. छोट्या आणि मध्यम वर्गाच्या व्यापाऱ्यांचेही असेच आहे. तुम्ही कोणतीही पूर्व कल्पना न देताच लॉकडाउन लागू केले याचा अर्थच त्यांच्यावर आक्रममण केले. करोनाविरोधातील ही २१ दिवसांची लढाई असेल असे पंतप्रधान म्हणाले, मात्र असंघटित क्षेत्राची कणाच २१ दिवसात तुटला.'
 

अमली पदार्थांचं सेवन केल्याप्रकरणी बेंगळुरू पोलिसांच्या मध्यवर्ती गुन्हे विभागाने (सीसीबी) मंगळवारी संजना गलरानी या कन्नड अभिनेत्रीला अटक केलीय. या प्रकरणात अगोदर रागिणी द्विवेदी हिलाही अटक करण्यात आली आहे. संजनाला पोलिसांनी इंदिरानगर परिसरातील घरातून ताब्यात घेतलं. आधीच अटकेत असलेला वीरेन खन्ना याच्या घरावर पोलिसांनी छापाही मारला. या प्रकरणात आत्तापर्यंत एकूण १३ जणांना आरोपी बनवण्यात आलंय तर पाच जणांना अटक करण्यात आलीय.

कन्नड सिने इंडस्ट्रीत होत असलेल्या ड्रग्जच्या वापराची चौकशी मध्यवर्ती गुन्हे विभागाकडून सुरू आहे. याच प्रकरणात चौकशीनंतर मंगळवारी संजना गलरानी हिला अटक करण्यात आली. यापूर्वी शहरात हाय-प्रोफाईल पार्ट्यांमध्ये ड्रग्ज पुरवण्यासाठी अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी हिला शहर पोलिसांनी अटक केली होती. यानंतर मंगळवारी मध्यवर्ती गुन्हे विभागानं गलरानीच्या इंदिरा नगर परिसरातील घरावर छापा टाकला त्यानंतर तिला अटक करण्यात आलीय. यानंतर संजनाला मध्यवर्ती गुन्हे विभागाच्या कार्यालयात चौकशीसाठी नेण्यात आलं.

अनलॉक-४ (Unlock-4)मध्ये रेल्वेने आणखी काही गाड्या सुरू केल्याबरोबर तिकिटाचा काळाबाजार (Black market) करणारेही सक्रिय झाले आहेत. असे असले तरी त्यांच्यासाठी हा काळाबाजार सोपा राहिलेला नाही. रेल्वे संरक्षण दलाने (Railway Protection Force) कन्फर्म तिकीट बुकिंगसाठी वापरण्यात आलेले 'रियल मँगो' (Real Mango) हे अवैध सॉफ्टवेअर (illegal ticket booking software) बंद केले असून तिकिटाचा काळाबाजार (Black market of train tickets) करणाऱ्या एकूण ५० दलालांना अटक केली आहे.

तिकिटांचा हा घोटाळा पश्चिम बंगाल ते आसाम, बिहार आणि गुजरातपर्यंत पसरलेला आहे. या व्यतिरिक्त रेल्वेने सुमारे ५ लाख रुपयांची तिकिटे देखील जप्त केली आहेत.

'रियल मँगो'द्वारे सुरू होता खेळ
आरपीएफचे महासंचालक अरुण कुमार यांनी दलालांच्या या काळाबाजाराबाबत संपूर्ण माहिती दिली. एका अवैध सॉफ्टवेअरच्या माध्यमातून एका मोबाइल अॅपद्वारे कॅप्चा, बँक ओटीपीला बायपास केले जात होते. त्यानंतर तिकीट बुक केले जात होते, अशी माहिती अरुण कुमार यांनी दिली. हे सॉफ्टवेअर स्वत:च प्रवासी आण पेमेंटचा तपशील फॉर्ममध्ये भरण्याचे काम करत होते. दलाल बहुतेक वेळा तत्काळ तिकिट बुकिंगसाठी याचा वापर करत होते, अशी माहितीही अरुण कुमार यांनी दिली.

लोकसभा का मानसून सत्र 14 सितंबर से लागू हो रहा है. कोरोना के चलते संसद के इस सत्र में खास व्यवस्थाएं की गई हैं. जिसमें बैठने की व्यवस्था में बदलाव से लेकर समय में भी चेंज किया गया है. लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने अपने 65 साल से ऊपर के सभी सांसदों से कहा है कि वो इस सत्र में नहीं जाएं ताकि उनकी पूरी तरह महफूज रहें. ऐसे में जानना चाहिए कि लोकसभा में कितने सांसद 65 साल से ऊपर के हैं.

लोकसभा में कुल मिलाकर 545 सीटें हैं. जिसमें 02 सीटें रिक्त हैं. सबसे ज्यादा सांसद बीजेपी के हैं. उनकी संख्या 303 है जबकि सत्तारूढ़ नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस में कुल 336 सदस्य हैं. विपक्ष में 205 सदस्य हैं, जिसमें कांग्रेस की अगुवाई वाली कांग्रेस में 91 सदस्य हैं. वैसे सबसे अच्छी बात ये है कि इस बार की 17वीं लोकसभा आमतौर पर युवा सदस्यों वाली है.
आमतौर पर युवा है 17वीं लोकसभा
लोकसभा की साइट  के अनुसार इस बार 30 से 50 साल के बीच उम्र के 168 सदस्य हैं. ये संख्या एक अच्छी तादाद कही जाएगी. जो लोकसभा को आमतौर पर युवा महसूस कराती है. 51 साल से 60 साल वाले सांसदों की संख्या भी लोकसभा में कम नहीं है. वो नंबर्स में 169 हैं. 

 तृणमूल की क्या है हिदायत

इसमें कोई शक नहीं कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा 65 साल से ऊपर के बुजुर्गों पर ज्यादा बताया जा रहा है. शायद इसी के मद्देनजर तृणमूल कांग्रेस ने अपने बुजुर्गवार सदस्यों को मानसून सत्र को अनदेखा करने की सलाह दी है. वैसे लोकसभा में 65 साल के ऊपर के सांसदों की संख्या भी किसी हालत में कम नहीं है.

कितने हैं 65 साल के ऊपर से सांसद
लोकसभा में जो 130 सांसद 65 साल या इससे ऊपर के हैं. उसमें 12 महिलाएं हैं तो 118 पुरुष. इन अधिक उम्र वाले सांसदों में सबसे ज्यादा सांसद बीजेपी से आते हैं. उनकी तादाद 72 हैं. पार्टी के अनुसार 65 साल के ऊपर के सांसदों की संख्या इस तरह है-

भारतीय सेना ने एक बार फिर चीनी चालबाजियों के झूठ की पोल खोल दी है. चीन ने दावा किया था किया था कि भारतीय सेना की ओर से एलएसी पर फायरिंग की गई. अब भारतीय सेना के आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर चीन के दावे को खारिज किया है. सेना ने कहा कि भारतीय सेना ने ना तो एलएसी पर किसी तरह की आक्रामक कदम नहीं उठाया. फायरिंग चीन की तरफ से हुई.

सेना ने क्या कहा?: भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा, ''भारत सीमा पर सेना की तैनाती कम करने और शांति के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन चीन हालात को बिगाड़ने वाली और उकसाने वाली कार्रवाई कर रहा है. भारत ने एलएसी को कभी क्रॉस नहीं किया. फायरिंग समेत भारत ने कोई भी आक्रामक कार्रवाई नहीं की है. चीन की सेना आक्रमक रुख के साथ लगातार समझौते का उल्लंघन कर रही है. जबकि सैन्य और राजनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है.''

कल शाम की घटना को लेकर सेना ने कहा, ''सात सितंबर को चीनी सेना ने एलएसी पर भारत के एक फॉर्वर्ड पोजीशन के करीब जाने की कोशिश की, तब हमारी सेना ने पीछा किया. चीन ने हमारे जवानों को धमकाने के लिए कुछ राउंड हवा में फायरिंग की. उकसावे के बावजूद भारतीय जवानों ने पूरी तरह शांति और परिपक्वता का परिचय दिया.''

सेना ने आगे कहा, ''भारतीय सेना शांति कायम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. अपनी अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत का संकल्प भी मजबूत है. विवाद पर चीनी सेना का बयान अपनी जनता और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को भ्रमित करने के लिए है.''

'रोम जळत होते आणि निरो बासुरी वाजवत होता,' तसे 'देश करोनाच्या गर्तेत जात असताना, मोदी मोराला दाणे खाऊ घालत होते,' अशी टीका करीत देशात आवाक्याबाहेर गेलेल्या करोना संकटासाठी सोमवारी काँग्रेसने केंद्रातील मोदी सरकारला जबाबदार ठरविले. अंधश्रद्धा आणि विज्ञानविरोधी भूमिका घेत पंतप्रधान मोदींनी करोनाशी लढण्याचा प्रयत्न केल्यामुळे भारत जगात करोनाची राजधानी बनल्याचा आरोप काँग्रेसने केला.

भारतात पहिल्या ११० दिवसात एक लाख रुग्णांची नोंद झाली. पण नंतरच्या ५९ दिवसांत १० लाख, २१ दिवसांत २० लाख, १६ दिवसांत ३० लाख आणि १३ दिवसांत ४० लाख रुग्णसंख्येचा आकडा गाठला गेला. हा वेग असाच कायम राहिला, तर तज्ज्ञांच्या मते ३० नोव्हेंबरपर्यंत रुग्णसंख्या एक कोटीवर पोहोचेल. ३० डिसेंबरपर्यंत एक कोटी ४० लाखांवर हा आकडा जाईल. करोनामुळे होणाऱ्या मृत्यूंची संख्या पावणेदोन लाखांवर पोहोचण्याची भीती व्यक्त करण्यात येत आहे. ही परिस्थिती कुठल्याही सरकारला अस्वस्थ करणारी असली, तरी मोदी सरकारने सर्व इशारे धुडकावून लावले आहेत. तज्ज्ञांच्या मते करोना संसर्गाच्या दुसऱ्या लाटेसह देशात सामूहिक संसर्ग सुरू झाला आहे. पण, त्याची मोदी सरकारने दखल घेतलेली नाही. राज्यांना विश्वासात न घेता देशावर लॉकडाऊनचा तुघलकी निर्णय लादताना कधी टाळ्या आणि थाळ्या वाजवून, तर कधी दिवे विझवून आणि जनतेत अंधश्रद्धा आणि विज्ञानाविषयी भ्रम पसरवून पंतप्रधान मोदींनी करोनाशी लढण्याचे आवाहन केले. चारवेळा लॉकडाऊन करणारा भारत हा जगातील एकमेव देश ठरूनही करोनावर नियंत्रण मिळवता आलेले नाही. लॉकडाऊन हटवताच करोनाची प्रकरणे आणि मृत्यू आणखी वेगाने वाढत आहेत. करोनाशी लढणाऱ्या राज्यांना जीएसटीमधील वाटा देण्यासही मोदी सरकारने नकार दिला आहे. करोनाचा फैलाव, मृत्युदर, प्रचंड वेगाने वाढलेली बेरोजगारी यासाठी मोदी सरकार जबाबदार असल्याचा आरोप काँग्रेसचे मुख्य प्रवक्ते रणदीपसिंह सुरजेवाला यांनी केला.

तृणमूल काँग्रेसच्या खासदार महुआ मोइत्रा (TMC MP Mahua Moitra) यांनी सोमवारी बॉलिवूड अभिनेत्री कंगना रानौत हिला केंद्रीय गृह मंत्रालयाकडून पुरवण्यात आलेल्या वाय प्लस दर्जाच्या सुरक्षेवर प्रश्नचिन्ह उपस्थित केलंय. यावरूनच मोइत्रा यांनी केंद्र सरकारवर निशाणा साधलाय. 'स्त्रोतांचा / यंत्रणांचा योग्य वापर' करण्यावरून महुआ मोइत्रा यांनी काही प्रश्न उपस्थित केलेत.

'मणिकर्णिका' फेम बॉलिवूड अभिनेत्री कंगना रानौत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मृत्यू प्रकरणात वारंवार महाराष्ट्रातील शिवसेना - काँग्रेस - राष्ट्रवादी महाविकास आघाडी सरकारवर हल्ले करताना दिसतेय. एवढचं नाही तर मुंबईची तुलना पाकव्याप्त काश्मीरशी करत कंगनानं मुंबईच्या कायदे-सुव्यवस्थेवरही प्रश्नचिन्ह उपस्थित केले. यावरूनच महुआ मोइत्रा यांनी कंगनावर जोरदार हल्ला करत तिला 'बॉलिवूड ट्विटराटी' नाव बहाल केलंय.

'बॉलिवूडच्या ट्विटराटींना वाय प्लस सुरक्षा का पुरवली जातेय, जेव्हा भारतात पोलिसांचं प्रमाण लोकसंख्येमागे प्रतीलाख १३८ असताना आहे आणि भारताचा क्रमांक ७१ देशांच्या यादीत शेवटच्या पाच देशांमध्ये लागतो? स्रोतांचा आणखी काही चांगला वापर होऊ शकत नाही का, माननीय गृहमंत्री?' असं ट्विट महुआ मोइत्रा यांनी केलंय.

पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी आज (मंगळवारी) सकाळी ११.३० च्या सुमारास राजस्थानची राजधानी आणि 'पिंकसिटी' म्हणून ओळखल्या जाणाऱ्या जयपूरमध्ये जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित ऐतिहासिक 'पत्रिका गेट'चं लोकार्पण केलं. व्हिडिओ कॉन्फरन्सिंगच्या माध्यमातून व्हर्च्युअल पद्धतीनं हा लोकार्पण सोहळा पार पडला. राजस्थानच्या वास्तुशिल्प आणि सांस्कृतिक वारशाचं प्रतिबिंब उमटवणाऱ्या या गेटमुळ जयपूरमध्ये दाखल होणाऱ्या पर्यटकांसाठी आणखी एक आकर्षणाचं केंद्र निर्माण झालंय.

राजस्थानचे मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत या कार्यक्रमाचे मुख्य अतिथी होते. जयपूर एअरपोर्टला वॉलसिटीला जोडणाऱ्या या 'पत्रिका गेट'चं निर्माण जयपूर विकास प्राधिकरण (JDA)च्या 'मिशन अनुपम' अंतर्गत राजस्थानच्या पत्रिका ग्रुपच्या वतीनं करण्यात आलंय.

'कोणत्याही समाजातील बुद्धीजीवी वर्ग, समाजातील लेखक किंवा साहित्यकार हे त्या समाजासाठी पथदर्शकाचं काम करतात, ते समाजाच्या शिक्षकाप्रमाणे असतात. शालेय शिक्षण तर संपतं परंतु, आपली शिक्षण घेण्याची प्रक्रिया मात्र आयुष्यभर सुरू राहते, प्रत्येक दिवशी ती सुरूच असते. यामध्ये पुस्तक आणि लेखक महत्त्वाची भूमिका बजावतात', असं यावेळी पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी म्हटलंय. 'पत्रिका गेट'च्या लोकार्पणासोबतच, 'पत्रिका समूहा'चे अध्यक्ष संपादक गुलाब कोठारी यांच्या 'संवाद उपनिषद' आणि 'अक्षर यात्रा' या दोन पुस्तकांचं प्रकाशनही पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी केलंय.

संसदेच्या पावसाळी अधिवेशनात मोदी सरकारने वटहुकूम काढून अंमलात आणलेल्या अकरापैकी चार विधेयकांना काँग्रेसने विरोध करण्याचे ठरविले आहे. या विधेयकांमध्ये पीएम केअर्स निधीचाही समावेश आहे.

काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी यांच्यासोबत झालेल्या राज्यसभा व लोकसभेतील नेत्यांच्या व्हर्चुअल बैठकीत हा निर्णय घेण्यात आला. या बैठकीत गुलामनबी आझाद, आनंद शर्मा, अहमद पटेल, के. सी. वेणुगोपाळ, के. सुरेश, गौरव गोगोई यांचा समावेश होता.

येत्या १४ सप्टेंबरपासून सुरू होत असलेल्या संसदेच्या अधिवेशनात मोदी सरकार अकरा वटहुकुमांवर संसदेचे शिक्कामोर्तब करुन घेणार असून त्यापैकी पीएम केअर्स निधीला देणग्या देणाऱ्यांना करात सवलत, खासदारांना मिळणारा स्थानिक क्षेत्र विकास निधी करोना संकटामुळे दोन वर्षांसाठी गोठवणे, कृषी उत्पादन व्यापार आणि वाणिज्य विधेयक, नादारी आणि दिवाळखोरी विधेयकात दुरुस्ती अशा चार वटहुकुमांचा लोकसभा आणि राज्यसभेत विरोध करण्याचे काँग्रेसने ठरविले आहे. ही विधेयके स्थायी समित्यांकडे पाठविण्यात यावी, अशी मागणी काँग्रेसकडून करण्यात येईल. मात्र, खासदारांच्या वेतनात कपात करणाऱ्या विधेयकांसह इतर सात विधेयकांचे समर्थन करुन पारित करण्यास हातभार लावण्याची भूमिका काँग्रेसने घेतली आहे. संसदेत, विशेषतः राज्यसभेत या चार विधेयकांना विरोध करण्यासाठी इतर समविचारी विरोधी पक्षांशी काँग्रेसचे नेते संपर्क साधणार आहेत. राज्यांना द्यावयाची जीएसटी भरपाई, करोना संकटादरम्यान लावण्यात आलेला तीन महिन्यांचा देशव्यापी लॉकडाऊन आणि लडाखच्या सीमेवर चीनशी निर्माण झालेल्या तिढ्यावर मोदी सरकारला जाब विचारण्याचा काँग्रेसचा प्रयत्न आहे.

पूर्व लडाखमधील चीन सीमेवरील परिस्थिती थोडीशी नाजूक आणि गंभीर असल्याचे लष्करप्रमुख जनरल मनोज नरवणे यांनी शुक्रवारी सांगितले. मात्र, लष्कराने उचललेल्या खबरदारीच्या पावलांमुळे ही परिस्थिती निवळण्यास मदत होईल, असा विश्वास देखील त्यांनी व्यक्त केला.

प्रत्यक्ष नियंत्रण रेषवरील तणावपूर्ण परिस्थितीचा आढावा घेण्यासाठी लष्करप्रमुख जनरल नरवणे गुरुवारी लेहमध्ये, तर शुक्रवारी लडाखमध्ये पोहोचले. दोन दिवसांच्या या दौऱ्याबाबत त्यांनी वृत्तसंस्थेला माहिती देताना सांगितले, 'सीमेवरील सद्यस्थिती काहीशी नाजूक आणि गंभीर आहे. पण, आम्ही त्याबद्दल विचार करत आहोत. सैन्याच्या सुरक्षेसाठी आम्ही काही सावधगिरीची पावले उचलली आहेत आणि आम्हाला खात्री आहे की परिस्थिती नियंत्रणात येईल. काल लेह दौऱ्यावर असताना, मी विविध ठिकाणांना भेट दिली आणि लष्करी अधिकाऱ्यांशी चर्चाही केली. आपल्या जवानांचे आणि अधिकाऱ्यांचे मनोबल खंबीर आहे आणि ते कोणत्याही आव्हानांना तोंड देण्यासाठी तयार आहेत. मी असे म्हणेन की आपले जवान सर्वोत्तम आहेत.'

उत्तर प्रदेशच्या बरेली जिल्ह्यात मॉब लिंचिंगची घटना घडली आहे. एका गावात चोरीच्या संशयावरून ३२ वर्षीय तरुणाला जमावाने झाडाला बांधून लाथाबुक्क्यांनी मारहाण केली. यात त्याचा मृत्यू झाला. बासिद खान असे मृत तरुणाचे नाव आहे. त्याला दारूचे व्यसन होते. मात्र, तो चोर नव्हता असे सांगितले जाते. ही घटना गुरुवारी रात्री उशिरा घडली. मारहाणीत जखमी झालेल्या तरुणाचा शुक्रवारी संध्याकाळी बरेलीच्या एका रुग्णालयात मृत्यू झाला.

मिळालेल्या माहितीनुसार, बासिद हा दारूच्या नशेत होता. तेथील एका सुरक्षा रक्षकाने त्याला चोर समजून पकडले. त्यानंतर आरडाओरड केली. ते ऐकून तिथे लोक जमले. त्यांनी बासिदला मारहाण करण्यास सुरुवात केली. त्यानंतर एका झाडाला बांधले. झाडाला बांधल्यानंतरही जमावाने त्याला लाथाबुक्क्यांनी मारहाण केली. या घटनेची माहिती मिळाल्यानंतर स्थानिक पोलीस घटनास्थळी पोहोचले. जमावाने बासिदला पोलिसांच्या ताब्यात दिले. त्याच्याविरोधात कुणीही तक्रार दाखल केली नाही. त्यामुळे पोलिसांनी त्याला सोडून दिले. जखमी झालेल्या बासिदला कुटुंबीयांनी एका रुग्णालयात दाखल केले. रक्तस्त्राव मोठ्या प्रमाणात झाल्याने त्याचा मृत्यू झाला. त्याच्या मृत्यूनंतर गावात पोलीस तैनात करण्यात आले आहेत.

 देशभरात गेल्या काही वर्षांत दलित अत्याचाराच्या घटनांत कमालीची वाढ हा चर्चेचा विषय ठरलाय. याच दरम्यान बिहार सरकारकडून दलितांना आकर्षित करण्यासाठी हरएक प्रयत्न केले जात आहेत. बिहारमध्ये लोक जनशक्ती पक्षाचे अध्यक्ष चिराग पासवान यांनी मुख्यमंत्री नितीश कुमार यांना या प्रश्नावरून धारेवर धरलंय. यानंतर नितीश कुमार सरकारनं घेतलेला आणखी एक निर्णय वादग्रस्त ठरण्याची शक्यता आहे.

राज्यात एखाद्या दलित, अनुसूचित जाती-जमातीच्या व्यक्तीची हत्या झाली तर त्याच्या कुटुंबातील एका सदस्याला सरकारी नोकरी दिली जाईल, अशी घोषणाच मुख्यमंत्री नितीश कुमार यांनी केलीय. यासाठी नियम बनवण्याचे आदेशही त्यांनी अधिकाऱ्यांना दिलेत. शुक्रवारी पाटण्यात ते अनुसूचित जाती आणि जमात अधिनियम अंतर्गत गठीत करण्यात आलेल्या राज्यस्तरीय सतर्कात आणि देखरेख समितीच्या बैठकीला संबोधित करत होते.

या बैठकीत सर्व दलीय दलित खासदारांनी व्हिडिओ कॉन्फरन्सिंगच्या माध्यमातून नितीश कुमार यांच्यासमोर आपल्या तक्रारी मांडल्या. या बैठकीत मुख्यमंत्र्यांनी राज्याच्या पोलीस महासंचालकांना या दोन वर्गाच्या प्रलंबित प्रकरणं येत्या १५ दिवसांत मार्गी लावण्याचे आदेश दिलेत. अर्थात पोलिसांना येत्या २० सप्टेंबरपर्यंत सर्व प्रलंबित प्रकरणांची चौकशी पूर्ण करून रिपोर्ट सादर करावा लागणार आहे.

दलितांशी संबंधित सध्या सुरू असलेल्या सर्व योजनांची समीक्षा करण्याचे आदेशही या बैठकीत मुख्यमंत्र्यांनी मुख्य सचिवांना दिलेत.

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को ट्यूब प्रक्रिया से हवाई यातायात नियंत्रकों (एटीसी) की ब्रीथ एनालाइजर जांच की अनुमति दे दी, जिसे कोविड-19 महामारी के चलते रोक दिया गया था। हाईकोर्ट ने इस जांच पर रोक लगाने के 23 मार्च के अपने अंतरिम आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि डीजीसीए मेडिकल बोर्ड की 16 जून की सिफारिशों को मानने के लिए बाध्य है।

जस्टिस नवीन चावला ने पिछले आदेश में संशोधन और चिकित्सा सेवा महानिदेशालय (डीजीएमएस) की मेडिकल रिपोर्ट को कार्यान्वित करने की अपील करने से संबंधित नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की अर्जी स्वीकार कर ली। डीजीएमएस के मेडिकल बोर्ड की सिफारिशों के अनुसार एक मशीन से एक ही व्यक्ति की जांच की जाएगी और अगले 12 घंटे तक इसे दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

अदालत ने कहा कि एटीसी और यात्रियों के हित को संतुलित करने के साथ ही इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि वर्तमान में पायलटों की भी चरणबद्ध तरीके से ब्रीथ एनालाइजर जांच की जा रही है।

यह आवेदन एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स गिल्ड (इंडिया) की लंबित याचिका के तहत दिया गया था। अदालत में गिल्ड का प्रतिनिधित्व पीयूष सांघी और खुशबू साहू कर रहे हैं। आवेदन में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को वायरस के प्रसार को रोकने के लिए ट्यूब प्रक्रिया के माध्यम से जांच करने पर अस्थायी रूप से पाबंदी लगाने का निर्देश देने की अपील की गई थी। 

संसद के मॉनसून सत्र में प्रश्नकाल के निलंबन को लेकर विपक्ष के विरोध के बाद अब 30 मिनट तक सवाल पूछने की इजाजत दी गई है। इससे पहले आगामी संसद सत्र में प्रश्नकाल के निलंबन की बात कही गई थी। बता दें कि संसद के दोनों सदन में एक घंटे का प्रश्नकाल होता है जिसमें सवाल किया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए प्रश्नकाल के समय को निलंबित कर दिया गया था। प्रश्नकाल के निलंबन के बाद विपक्ष लामबंद हो गया है विरोध शुरू हो गया था।

प्रश्नकाल के निलंबन को लेकर बृहस्पतिवार को सरकार पर तीखा हमला बोला था और आरोप लगाया कि यह विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास है। मुख्य विपक्षी कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया था कि प्रश्नकाल का निलंबन करके लोकतंत्र का गला घोटने और संसदीय प्रक्रिया को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, कांग्रेस पार्टी इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। हम इसका संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह पुरजोर विरोध करेंगे। विपक्ष के विरोध के बाद अब सरकार ने संसद में प्रश्नकाल के लिए 30 मिनट का समय निर्धारित किया है।

प्रश्नकाल नहीं चलाने को लेकर विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए सरकार के सूत्रों ने कहा था कि पहली बार ऐसा नहीं हो रहा कि किसी सत्र में प्रश्नकाल नहीं चलेगा। 2004 और 2009 में भी प्रश्नकाल नहीं हुआ था। इसके अलावा विभिन्न कारणों से 1991 में और उससे पहले 1962, 1975 तथा 1976 में भी प्रश्नकाल नहीं हुआ था। राज्यसभा के एक विश्लेषण में सामने आया है कि पिछले पांच साल में प्रश्नकाल के 60 प्रतिशत समय का इस्तेमाल नहीं किया गया और केवल 40 प्रतिशत समय का उपयोग किया गया।

राज्यसभा के एक विश्लेषण में सामने आया कि पिछले पांच साल में प्रश्नकाल के 60 प्रतिशत समय का इस्तेमाल नहीं किया गया और केवल 40 प्रतिशत समय का उपयोग किया गया। सूत्रों ने कहा कि पहली बार 1975 और 1976 में आपातकाल के दौरान प्रश्नकाल नहीं हुआ था। जब विपक्ष के नेताओं और मीडिया को छोड़कर बाकी सब सामान्य था। तब विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था और मीडिया पर पाबंदी लगा दी गयी थी।

भारत में कोरोना वायरस की रफ्तार थमने की बजाय बढ़ती ही जा रही है। सितंबर में कोरोना वायरस और भी कहर मचा रहा है। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 83 हजार से अधिक केस सामने आए, जिससे कोरोना वायरस के मामलों का कुल आंकड़ा 39 लाख पार कर गया है। इसके अलावा, कोरोना से मौतों की संख्या भी 68,472 पहुंच चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 83,341 नए पॉजिटिव केस दर्ज किए गए हैं, वहीं  1,096 मरीजों की मौत हो गई है। फिलहाल, देश में कोरोना वायरस के कुल मामले 39,36,748 हैं, जिनमें से 8,31,124 एक्टिव केस हैं और 30,37,152 रिकवर होने वालों की संख्या है। वहीं कोरोना टेस्ट की बात करें तो 3 सितंबर को 11,69,765 कोरोना सैंपल की जांच हुई। अब तक 4,66,79,145 टेस्ट हुए।

देश में गुरुवार को कोरोना संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 83,883 नए संक्रमित मिले। इसी के साथ गुरुवार को कुल मामलों की संख्या 38 लाख को पार कर गई। साथ ही देश में बुधवार को एक दिन में रिकॉर्ड 11.70 लाख नमूनों की जांच की गई। वहीं, एक दिन में रिकॉर्ड 68,584 मरीज स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं। इस तरह से कोरोना ने एक दिन में तीन-तीन रिकॉर्ड बनाए। मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की दर 77.09 प्रतिशत है।  

पूर्व लडाखच्या चुशूल सेक्टरमध्ये चीनकडून सैनिकांची संख्या मोठ्या प्रमाणात वाढवण्यात आलीय. परंतु यापूर्वीच भारतीय सैनिकांनी 'ठाकुंग'पासून 'रेक इन पास'पर्यंत अनेक महत्त्वाच्या अनेक टेकड्यांवर आपली स्थिती मजबूत केलीय. त्यामुळेच या भागात दोन्ही शेजारी देशांचे सैनिक मोठ्या संख्येत एकमेकांसमोर उभे ठाकलेले दिसत आहेत. सैनिकांसोबतच या भागात टँक, हत्यारयुक्त वाहनं आणि तोफाही तैनात करण्यात आल्या आहेत.

लष्करप्रमुखांचा लडाख दौरा
दरम्यान गुरुवारी लष्करप्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे यांनी चुशूल सेक्टरमध्ये संरक्षणाचा आढावा घेतला. शुक्रवारी दिल्ली परतण्यापूर्वी ते उत्तरेकडील आघाडीच्या चौक्यांनाही भेट देणार आहेत.

वायुसेना प्रमुखांचंही लक्ष
लडाख ते अरुणाचल प्रदेशापर्यंत ३,४८८ किलोमीटरच्या वास्तविक नियंत्रण रेषेवर (LAC) शीगेला पोहचलेल्या तणावादरम्यान भारतीय वायुसेनेचे प्रमुख एअर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया यांनीदेखील बुधवारी या भागाचं निरीक्षण केलं. हाशिमारा (Hashimara) सहीत संपूर्ण पूर्व भागातील आघाडीच्या लष्करी विमानतळांचा त्यांनी आढावा घेतला.

'एलएसीवर मोठ्या संख्येत सैनिक आणि हत्यारांच्या तैनातीमुळे परिस्थिती गंभीर बनलीय. परंतु, पूर्व लडाख भागात स्थिती विस्फोटक बनलीय' असं वरिष्ठ अधिकाऱ्यांचं म्हणणं आहे.

उत्तर प्रदेशातल्या लखीमपूर खीरी (Lakhimpur Kheri) जिल्ह्यात अवघ्या तीन वर्षांच्या चिमुरडीवर बलात्कार करून हत्या करण्यात आलीय. गुरुवारी उसाच्या शेतात या चिमुरडीचा मृतदेह आढळून आला. लैंगिक अत्याचारानंतर मुलीचा गळा दाबून हत्या करण्यात आल्याचं पोलिसांनी सांगितलंय. उल्लेखनीय म्हणजे, लखीमपूर खीरी जिल्ह्यात गेल्या २० दिवसांत घडलेली ही बलात्काराची तिसरी घटना आहे.

संबंधित तीन वर्षांची मुलगी बुधवारपासून बेपत्ता झाली होती. तिच्या कुटुंबीयांनी तिचा शोध घेण्याचा प्रयत्न केला. परंतु, गुरुवारी गावाजळच या मुलीचा रक्तबंबाळ अवस्थेत मृतदेह आढळून आला आणि तिच्या कुटुंबाला धक्काच बसला. मुलीच्या डोक्यावर वार करण्यात आल्याच्या खुणा आहेत.

मुलीच्या वडिलांनी गावातच राहणाऱ्या एका व्यक्तीवर आपल्या मुलीच्या खुनाचा आरोप केलाय. जुन्या शत्रुत्वामुळे आपल्या मुलीचं अपहरण करून तिची हत्या करण्यात आल्याचं त्यांनी म्हटलंय. पोलीस या बाजूनंही या घटनेचा तपास करत आहेत.

पोलिसांनी ही हत्येची घटना असल्याचं म्हटलंय. मुलीच्या मृतदेहाच्या ऑटोप्सी (Autopsy) मध्ये लैंगिक अत्याचाराच्या संशयाला दुजोरा मिळाला. या प्रकरणाच्या चौकशीसाठी पोलिसांनी चार टीम तैनात केल्यात.

२४ मार्चला देशव्यापी लॉकडाऊन सुरू झाल्यानंतर भारतीयांच्या आयुष्यमानच पार पालटून गेलंय. करोना व्हायरसच्या धास्तीनं लोकांना आपल्या घरातच कैद केलं. जवळपास सहा महिन्यानंतर अनलॉकच्या चार टप्प्यानंतर हळूहळून जनजीवन सामान्य स्थितीत परतण्याचा प्रयत्न करताना दिसतंय. सरकारकडून हळूहळू अनेक निर्बंध हटवण्यात येत आहेत. याच क्रमात दिल्लीत बार, पब आणि क्लबला (Delhi Bar and Pub Reopen For All) ९ सप्टेंबरपासून मद्यविक्रीसाठी परवानगी देण्यात आलीय. दिल्लीचे उपराज्यपाल अनिल बैजन यांनी यासंबंधी दिल्ली सरकारच्या प्रस्तावाला मंजुरी दिलीय.

मदयविक्रीला परवानगी मिळाली असली तरी करोनाचे नियम आणि गाईडलाईन्स पालन मद्यप्रेमींनाही आणि बारलाही करावं लागणार आहे. सरकारकडून यासाठी एक मानक प्रक्रिया (Standard operating procedure) जारी करण्यात आलीय. यानुसार...

- बार किंवा पबच्या क्षमतेच्या ५० टक्के लोकांनाच इथं बसण्याची परवानगी असेल

- ९ सप्टेंबरपासून हॉटेल, रेस्टॉरन्ट, बार आणि क्लब उघडले जातील. परंतु, ३० सप्टेंबर हे केवळ ट्रायल बेसिसवर उघडले जाणार आहेत

- ज्या व्यक्तींना करोनाची कोणतीही लक्षणं नसतील अशाच व्यक्तींना बार आणि पबच्या स्टाफमध्ये काम करण्याची परवानगी असेल

 करोना संकटाच्या पार्श्वभूमीवर १४ सप्टेंबरपासून लोकसभा आणि राज्यसभेतील प्रश्नोत्तराच्या तासाशिवाय संसदेचं पावसाळी अधिवेशन सुरू होत आहे. अधिवेशनासाठी शनिवार आणि रविवारच्या सुट्ट्या रद्द करण्यात आल्या आहेत. दोन्ही सभागृहांच्या १४ सप्टेंबर ते १ ऑक्टोबरदरम्यान एकूण १८ बैठकी होणार आहेत. या दरम्यान प्रश्नोत्तराचा तास वगळल्यानं विरोधकांनी मोदी सरकारला घेरलंय. केंद्र सरकारचा हा लोकशाहीला पायदळी तुडवण्याची टीका काँग्रेस आणि तृणमूल काँग्रेसच्या नेत्यांकडून करण्यात आलीय. वाद वाढल्यानंतर संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी यांनी यावर स्पष्टीकरण दिलंय. या विषयावर अंतिम निर्णय येणं अद्याप बाकी आहे, हा अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष आणि राज्यसभेचे सभापती घेणार असल्याचं त्यांनी म्हटलंय.

सरकारचं स्पष्टीकरण
शिवाय, प्रश्नोत्तर आणि शून्य काळ रद्द करण्यासंबंधी सर्व दलांची चर्चा करण्यात आली होती. त्यावेळी मात्र तृणमूल काँग्रेस सोडून इतर पक्षांनी सहमती दर्शवली होती, असं स्पष्टीकरणही जोशी यांनी दिलंय. 'अर्जुन राम मेघवाल, व्ही मुरलीधरन आणि मी सर्व पक्षांशी यासंबंधात चर्चा केली होती. तृणमूल काँग्रेसच्या डेरेक ओ'ब्रायन यांना सोडून इतरांनी प्रश्नोत्तर तास रद्द करण्यासाठी सहमती दर्शवली होती' असं जोशी यांनी म्हटलंय.

राष्ट्रीय गुन्हे नोंदणी विभागाने (National Crime Record Bureau/NCRB) नुकतेच जाहीर केलेल्या आकडेवारीनुसार, सन २०१९ मध्ये केंद्रीय सशस्त्र पोलिस दलाच्या (Central Armed Police Force) ३६ जवानांनी आत्महत्या (Suicide) केली आहे. गेल्या सहा वर्षांमध्ये अशा प्रकारच्या एकूण ४३३ घटना घडल्या आहेत. एनसीआरबीच्या माहितीनुसार, सहा वर्षांच्या काळात केंद्रीय सशस्त्र पोलिस दलाच्या ४३३ जवानांनी आत्महत्या केली. सन २०१८ मध्ये सर्वात कमी, म्हणजेच २८ घटनांची नोंद झाली आहे, तर सन २०१४ मध्ये सर्वाधिक १७५ घटना घडल्या आहेत. (36 central armed forces personnel committed suicides in 2019)

सन २०१७ मध्ये अशा घटनांची संख्या ६० इतकी होती, कर सन २०१६ मध्ये ७४ आणि सन २०१५ मध्ये ६० जवानांनी आत्महत्या केली. गृह मंत्रालयाच्या प्रशासकीय नियंत्रणात असलेल्या सीएपीएफमध्ये एकूण सात केंद्रीय सुरक्षा दलांचा समावेश आहे. यात आसाम रायफल्सव्यतिरिक्त, सीमा सुरक्षा दल, केंद्रीय राखीव पोलिस दल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा दल, भारत-तिबेट सीमा पोलिस, सशस्त्र सीमा दल आणि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्डचा समावेश आहे.

१ जानेवारी २०१९ ला सीएपीएफमध्ये (CAPF) एकूण ९ लाख २३ हजार ८०० कर्मचारी होते, असे एनसीआरबीने (NCRB) सांगितले. हे दल सीमांच्या सुरक्षेव्यतिरिक्त आंतरिक सुरक्षा राखण्यासाठी, तसेच बेकायदेशीर कारवायांवर अंकुश लावण्यासाठी केंद्र आणि राज्य सरकारांच्या मदतीसाठी महत्त्वाची भूमिका पार पाडते.

भारतात करोना संक्रमित रुग्णांच्या आकड्यात फारच तेजीनं वाढ होताना दिसतेय. गेल्या २४ तासांत कोविडचे एका दिवसातील आत्तापर्यंत सर्वाधिक म्हणजेच ८३ हजार ८७७ रुग्ण सापडलेत. हा देशातील एका दिवसाचा आत्तापर्यंतचा सर्वात मोठा आकडा आहे. याचसोबत देशातील एकूण संक्रमितांचा आकड्यानं आता ३८ लाखांचा टप्पा ओलांडलाय. संक्रमितांची संख्या आहे ३८ लाख ५३ हजार ४०६.

आरोग्य मंत्रालयाकडून गुरुवारी सकाळी जाहीर करण्यात आलेल्या आकडेवारीनुसार, गेल्या २४ तासांत करोनाचे ८३ हजार ८७७ रुग्ण सापडले तर याच २४ तासांत जवळपास १ हजार ०४३ रुग्णांना आपले प्राण गमवावे लागलेत. देशातील मृत्यूंची संख्या आता ६७ हजार ३७६ वर पोहचलीय.

आकडेवारीनुसार, देशातील रिकव्हरी रेट अर्थात रुग्ण बरे होण्याचं प्रमाण ७७.०८ टक्क्यांवर पोहचलंय. मृत्यू र १.७४ टक्के तर पॉझिटिव्हिटी रेट ७.१५ टक्क्यांवर आहे.

गेल्या २४ तासांत ६८ हजार ५८४ रुग्ण बरे होऊन घरी परतलेत. देशात आत्तापर्यंत २९ लाख ७० हजार ४९२ रुग्ण करोनावर मात करण्यात यशस्वी ठरलेत. सध्या देशात ८ लाख १५ हजार ५३८ रुग्णांवर उपचार सुरू आहेत.

मेरठमधून एका नवविवाहित महिलेचे अपहरण करून तिला हरयाणाला नेले. तिथे तिच्यावर सामूहिक बलात्कार केला. या प्रकरणी एका महिलेसह चार जणांविरोधात तक्रार दाखल करण्यात आली. त्यामुळे आरोपींनी नवविवाहित महिलेला मेरठला पुन्हा सोडले. पीडितेने घरी आल्यानंतर कुटुंबीयांना आपबीती सांगितली. या घटनेचा पोलीस तपास करत आहेत.

लिसाडी गेट पोलीस ठाण्याच्या हद्दीतील एका गावातील महिलेचे काही महिन्यांपूर्वी न्यू इस्लामनगरच्या तरुणाशी लग्न झाले होते. महिनाभरापूर्वीच ती आपल्या माहेरी आली होती. ११ ऑगस्टला या महिलेचे तीन तरुणांनी अपहरण केले. तिच्या आईने या प्रकरणी पोलीस चौकीत ती बेपत्ता झाल्याची तक्रार दाखल केली होती. त्यात एका महिलेसह चौघांची नावे होती. पोलिसांनी संशयित आरोपींची चौकशी सुरू केली. या अपहरण प्रकरणात परिसरातील एका महिलेचाही सहभाग असल्याचे समोर आले. घटनेनंतर ती बेपत्ता असल्याचे समजले. पोलीस या घटनेचा तपास करत असल्याचे समजताच आरोपींनी पीडितेला मेरठला सोडले.

पीडित महिला घरी आल्यानंतर तिने आपबीती सांगितली. परिसरातील महिलेने तिला आपल्या घरी बोलावले होते. तेथून अपहरण करून हरयाणातील रोहतकमधील फरवाना येथे घेऊन गेले. तिथे एका वीट भट्टीजवळ असलेल्या एका खोलीत ठेवण्यात आले. तिथे दिलशाद, अफसार आणि अशरफ नावाच्या तीन व्यक्तींनी सामूहिक बलात्कार केला. पीडितेच्या आईने या घटनेची माहिती पोलिसांना दिली.

महिलेची वैद्यकीय तपासणी करण्यात आली. पोलीस या घटनेची चौकशी करत आहेत. एसएचओ प्रशांत कपिल यांनी सांगितले की, या संपूर्ण घटनेची चौकशी केली जात आहे. आरोपींचा शोध घेण्यात येत आहे. वैद्यकीय अहवाल प्राप्त झाल्यानंतर गुन्हा दाखल करण्यात येईल.

वास्तविक नियंत्रण रेषेवर (LAC) चीनसोबत सुरू असलेल्या तणावादरम्यान लष्करप्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे आज अचानक दोन दिवसांच्या लेह दौऱ्यावर दाखल झालेत. दक्षिण पॅन्गाँग सरोवराजवळच्या भागात चीनच्या घुसखोरीचा प्रयत्न भारतीय जवानांनी नुकताच हाणून पाडला होता. तसंच पॅन्गाँग जवळच्या टेकडीवर भारतानं आपली पकड मजबूत केलीय. आपल्या लेह दौऱ्यात लष्करप्रमुख लेह-लडाख भागातील परिस्थितीचा आढावा घेणार आहेत. दोन दिवसांच्या दौऱ्यात लष्करप्रमुख सीमेवर तैनात अधिकाऱ्यांशी रणनीतीवर चर्चा करू शकतात. उल्लेखनीय म्हणजे, भारत आणि चीन दरम्यान सैन्य संवादानंतरही परिस्थितीत कोणताही बदल झालेला नाही. अनेक भागांत दोन्ही देशांचे सैन्य एकमेकांच्या फायरिंग रेंजमध्ये आहेत.

नरवणे दक्षिण पॅन्गाँग भागात चीनच्या कारवायांची माहिती घेतील तसंच चिनी जवानांची घुसखोरी रोखणाऱ्या जवानांचीही ते भेट घेतील. लेहमध्ये सध्या भारतीय लष्कर आणि वायुसेना पूर्ण सज्ज आहेत. वायुसेनेचं लढावू विमान सतत सीमेवर नजर ठेवून आहे. चीनसोबत तणाव वाढल्यानंतर नरवणे यांनी आपला म्यानमार दौरा रद्द केला होता. त्यानंतर ते लेह दौऱ्यावर दाखल झाले आहेत.

मे महिन्यात नियंत्रण रेषेवर चीनच्या कारवायांनंतर भारतात लेह-लडाख भागात सैन्य अलर्टवर आहेत. २९-३० ऑगस्टच्या मध्यरात्री पॅन्गाँग सरोवराच्या दक्षिण किनाऱ्यावर चिनी सेनेनं घुसखोरीचा अयशस्वी प्रयत्न केला. दक्ष भारतीय जवानांनी हा प्रयत्न हाणून पाडला होता. सोबतच भारतीय जवानांनी याच भागातील एका उंच टेकडीवर आपली स्थिती मजबूत केलीय.

भारतात करोनाचा (Coronavirus In India) संसर्ग अतिशय तीव्र गतीने वाढत आहे. अशा परिस्थितीत करोनावर लस (Corona vaccine latest update)कधी येईल, याकडे सर्वांचे डोळे लागले आहेत. लस आल्याशिवाय लोकांचे जीवन रुळावर येणार नाही हे स्पष्ट आहे. मात्र, तज्ज्ञांनी अभ्यासात करोना विषाणूचे सतत बदलते स्वरुप ( multiple mutations in Covid 19) पाहिलेले आहे. हा अतिशय चिंतेचा विषय बनला आहे. जर करोना विषाणू सतत आपले स्वरुप बदलत राहिला, तर लशीच्या ( Corona Vaccine) काम करण्यावर त्याचा परिणाम होईल आणि संभवत: लस निघाली तरी ती या विषाणूचा संसर्ग रोखू शकणार नाही. (sars cov 2 virus which causes covid 19 has undergone multiple mutations)

अनेकदा विषाणू्च्या प्रोटीनमध्ये बदल
SARS-CoV-2 हा विषाणू Covid-19 मुळे तयार होतो असे एका मेडिकल जर्नलमध्ये प्रकाशित झालेल्या एका संशोधनावरील लेखातून स्पष्ट झाले आहे. या विषाणूच्या 'स्पाइक प्रोटीन'मध्ये अनेक बदल झालेले आहेत. या प्रोटीनमुळेच या विषाणूला मानवी कोशिकांमध्ये घुसखोरी करण्याची क्षमता मिळते. या विषाणूने शरीरात प्रवेश केल्यानंतर संसर्ग पसरवणे सुरू करतो. त्यानंतर अनेक प्रकारच्या समस्या उत्पन्न होतात.

मध्य प्रदेशातील इंदूरमध्ये शिवसेना नेते आणि ढाब्याचे मालक असलेल्या रमेश साहू यांची गोळ्या झाडून हत्या केली आहे. त्यामुळे शहरात खळबळ माजली आहे. घटनेची माहिती मिळताच पोलीस अधिकारी घटनास्थळी पोहोचले आहेत. हत्येचे कारण अद्याप समजू शकले नाही. या घटनेमुळे कायदा आणि सुव्यवस्थेवर प्रश्नचिन्ह उपस्थित केले जात आहेत.

इंदूरच्या तेजाजी नगर पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत उमरीखेडा येथे ढाब्याचे मालक आणि शिवसेना नेते रमेश साहू यांची गोळ्या झाडून हत्या करण्यात आली. आज, बुधवारी पहाटे पावणेतीनच्या सुमारास ही घटना घडली. या घटनेबाबत पोलिसांना समजल्यानंतर त्यांनी तात्काळ घटनास्थळी धाव घेतली. साहू हे शिवसेनेचे मध्य प्रदेशातील प्रमुख होते. ढाब्यावरच त्यांची हत्या करण्यात आली. सर्वप्रथम कर्मचाऱ्यांच्या ही बाब लक्षात आली.

ढाब्यावरील कर्मचाऱ्यांनी सर्वात आधी पोलिसांना कळवले. पोलिसांनी घटनास्थळी पोहोचून पंचनामा केला. पूर्ववैमनस्यातून ही हत्या झाल्याचा संशय व्यक्त केला जात आहे. मात्र, नेमकी कोणत्या कारणातून हत्या झाली हे तपासानंतरच समोर येईल, असे सूत्रांकडून सांगण्यात आले.

सीसीटीव्ही फुटेजची तपासणी
घटनास्थळाजवळ लावलेल्या सीसीटीव्हीमध्ये कैद झालेल्या फुटेजची तपासणी करण्यात येत आहे. ढाब्यावर काम करणाऱ्या कर्मचाऱ्यांकडे चौकशी केली जात आहे. साहू यांचा मृतदेह विच्छेदनासाठी रुग्णालयात पाठवण्यात आला आहे, असे पोलिसांनी सांगितले.

सीमेवरील तणाव दूर करण्यासाठी भारत-चीनमधील लष्करी आणि राजनैतिक स्तरावर अनेक चर्चा झाली. चीन पूर्व लडामधून सैनिकांना मागे हटवावं यावर भारत ठाम आहे. तर चीन मागे हटण्यास तयार नसल्याने दोन्ही देशातील चर्चा अपयशी ठरली. आता चीनने पुन्हा कुरघोडी केली आहे. शेकडो चिनी सैनिकांनी प्रत्यक्ष ताबा रेषा ( Line of Actual Control ) ओलांडून घुसखोरी करत पँगाँग सरोवराच्या ( Pangong Tso lake ) भागातील भारताच्या हद्दीत असलेल्या दोन टेकड्यांवर कब्जा केला आहे. चीनच्या पिपल्स लिबरेशन आर्मीच्या सैनिकांनी पँगाँग त्सो सरोवराच्या दक्षिण भागात असलेल्या हेल्मेट टॉवर कब्जा केलाय. रविवारी ही घटना घडल्याचं वृत्त 'बिझनेस स्टँडर्ड'ने दिलं आहे.

चिनी सैनिकांनी भारतीय टेकड्यांवर फक्त कब्जाच केला नाही तर तिथे बांधकामही सुरू केलं आहे. थाकुंग पोस्ट (Thakung post) येथील भारतीय जवानांनी चिनी सैनिकांना रोखण्याचा प्रयत्न केला. यावेळी दोन्ही देशांच्या सैनिकांमध्ये झटापटही झाली आहे. पण तिथे कुठलाही गोळीबार झालेला नाही. तसंच भारतीय जवाणांची कुठलीही हानी झालेली नाही, अशी माहिती केंद्र सरकारमधील सूत्रांनी दिल्याचं बिझनेस स्टँडर्डने वृत्तात म्हटलं आहे.

पँगाँग सरोवराच्या दक्षिणेस असलेल्या हेल्मेट टॉप आणि त्याला लागून असलेल्या ब्लॅक टॉप या टेकड्यांवर चिनी सैनिकांनी कब्जा केला आहे. या दोन्ही टेकड्या प्रत्यक्ष ताबा रेषेच्या अलिकडील भारताच्या हद्दीतील आहेत. या टेकड्यांवरून चिनी सैन्याला पँगाँग सरोवरच्या भागातील भारतीय जवानांच्या हालचालींवर नजर ठेवता येणार आहे. एवढचं नव्हे तांत्रिक दृष्ट्या भारतासाठी महत्त्वाच्या असलेल्या चुशूल येथील शिबंदीवरही लक्ष ठेवता येणार आहे.

भारतीय रेल्वेकडून लवकरच आणखी १०० रेल्वे चालवण्यात येण्याची घोषणा होऊ शकते. सणावाराची तयारी म्हणून रेल्वेकडूनही नागरिकांच्या सुविधेसाठी आणखी काही रेल्वे रुळावर येऊ शकतात. सध्या रेल्वेकडून केवळ २३० एक्सप्रेस रेल्वे चालवल्या जात आहेत. यात ३० राजधानीचा समावेश आहे. या सर्व 'स्पेशल रेल्वे' म्हणून चालवण्यात येत आहेत. करोनाच्या पार्श्वभूमीवर वाढवल्या जाणाऱ्या १०० रेल्वेही स्पेशल पद्धतीनंच चालवण्यात येतील. या रेल्वे राज्यांतर्गत आणि आंतरराज्यही असतील. सूत्रांच्या माहितीनुसार, रेल्वे मंत्रालयाला यासाठी गृह मंत्रालयाच्या परवानगीची आवश्यकता आहे.

येत्या दोन महिन्यांत किंवा एप्रिल महिन्यात रेल्वेकडून जारी करण्यात येणाऱ्या झिरो-बेस्ड टाईमटेबलमध्ये या रेल्वेच्या वेळांत कोणताही बदल केला जाणार नाही. रेल्वे मंत्रालयानं टप्प्याटप्यात परिस्थिती रुळावर आणण्यासाठी प्रयत्न केले जाणार असल्याचं म्हटलंय. या अगोदर अनेकदा प्रवाशांच्या मागणीमुळे रेल्वे चालवण्याचा प्लान होता. परंतु, करोनाची परिस्थिती पाहता हा प्लान वारंवार पुढे ढकलण्यात आला.

'अनलॉक ४' अंतर्गत केंद्र सरकारनं सप्टेंबरच्या दुसऱ्या आठवड्यापासून मेट्रो रेल्वे सुरू करण्याची परवानगी दिलीय त्यामुळे कर्मचारी वर्गाचा प्रवास मोठ्या प्रमाणात सुरू होण्याची शक्यता आहे. त्यातच सणांचेही दिवस आहेत त्यामुळे रेल्वेची मागणी वाढू शकते.

रेल्वे अधिकाऱ्यांकडून जेईई-एनईईटीच्या विद्यार्थ्यांनाही दिलासा देण्यात आलाय. मुंबई आणि उपनगराचे विद्यार्थी केवळ आपलं परीक्षेचं अॅडमिट कार्ड दाखवून या रेल्वेतून प्रवास करू शकतील. सध्या या रेल्वेमध्ये आवश्यक सेवांत काम करणाऱ्या व्यक्तींनाच प्रवेश दिला जातो.

करोना विषाणूने (Corona Virus) जगात थैमान घातल्यानंतर आता भारतात कहर सुरू आहे. विशेष म्हणजे ऑगस्ट महिन्यात सुमारे २० लाख लोकांन करोनाची लागण झाली आहे. जगातील कोणत्याही देशात महिन्याभरात वाढलेल्या करोनारुग्णांच्या संख्येहून ही संख्या सर्वात मोठी आहे. इतकेच नाही, तर या दरम्यान २८ हजार ८५९ लोकांचा करोनामुळे मृत्यू झाला. म्हणजेच गेल्या जुलै महिन्याच्या तुलनेत ही संख्या ५० टक्क्यांपेक्षा अधिक आहे. (india sets a new global covid-19 record)

भारतात ऑगस्ट महिन्यात ३१ दिवसांमध्ये १९ लाख ८७ हजार ७०५ करोना रुग्ण आढळले. याबरोबरच अमेरिकेत जुलै महिन्यात १९ लाख ४ हजार ४६२ रुग्ण आढळले होते. हा विक्रम भारताने तोडला आहे. एखाद्या महिन्यात जगात सर्वाधिक करोना रुग्ण वाढल्याचा विक्रम भारताच्या नावे नमूद आहे.

मृत्यूचा विचार करता अमेरिका आणि ब्राझील हे ऑगस्ट महिन्यात सर्वात पुढे आहेत. अमेरिकेत करोनामुळे एकूण ३१ हजार लोकांचा मृत्यू झाला, तर ब्राझीलमध्ये २९ हजार ५६५ जणांचा मृत्यू झाला आहे. भारत तिसऱ्या स्थानी आहे. मात्र ही संख्या सकारात्मक असल्याचे दिसत नाही. करोनाच्या संसर्गाला लगाम न घातल्यास येणाऱ्या काही आठवड्यांमध्ये स्थिती आणखी भयावह होऊ शकते.

 माजी राष्ट्रपती प्रणव मुखर्जी यांचे दिल्लीत ८४ व्या वर्षी निधन झाले. त्यांच्या निधनानंतर नेते आणि मान्यवरांकडून शोक व्यक्त करण्यात येत आहे.

- भारतीय लष्कराचे प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे यांनी संपूर्ण लष्काराच्या वतीने मुखर्जींच्या निधनावर शोक व्यक्त केला

- नेपाळचे पंतप्रधान केपी शर्मा ओली यांनी प्रणव मुखर्जींच्या निधनावर शोक व्यक्त केला. भारत-नेपाळ संबंध अधिक दृढ करण्यात त्यांचे मोलाचे योगदान आहे, असं ओली म्हणाले

- प्रणव मुखर्जींची मुलगी शर्मिष्ठा यांचे भावुक ट्विट. बाबा तुम्ही देशसेवेत आपलं संपूर्ण जीवन दिलं. तुमची मुलगी म्हणून जन्माला आल्याचं माझं भाग्य आहे, असं शर्मिष्ठा म्हणाल्या

- भारतरत्न प्रणव मुखर्जी हे एक प्रिय सहकारी आणि प्रिय मित्र होते. दिलेल्या जबाबदारीवरून ते कधीच मागे हटले नाही. देशाच्या भल्यासाठी त्यांनी दृढतेने काम केलं, अशा शब्दात माजी केंद्रीय मंत्री आणि राष्ट्रवादी काँग्रेसचे अध्यक्ष शरद पवार यांनी शोक व्यक्त केला

काँग्रेस नेते राहुल गांधी यांनीही शोक व्यक्त केला आहे. त्यांच्या निधनाने दुःख झाले आहे, असं राहुल गांधी म्हणाले

- भारत मातेने आज एक गुणी आणि देशभक्त पुत्र गमावला आहेः शिवराजसिंह चौहान, मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश

- प्रणव मुखर्जींच्या जाण्याने राजकीय क्षेत्रात एक मोठी पोकळी निर्माण झाली आहे, असं म्हणत केंद्रीय अमित शहांनी शोक व्यक्त केला आहे

'सेवेमध्ये ३० वर्षांपेक्षा जास्त कार्यकाळ पूर्ण केलेल्या कर्मचाऱ्यांच्या सेवापुस्तिकांचा आढावा घेण्याचे आदेश केंद्र सरकारने त्यांच्या सर्व विभागांना दिले आहेत. यातील अकार्यक्षम व भ्रष्ट कर्मचाऱ्यांना जनहिताच्या दृष्टीने मुदतपूर्व निवृत्त करण्यात येईल,' असे केंद्रीय कार्मिक मंत्रालयाच्या या आदेशात म्हटले आहे..

या आदेशासाठी मुलभूत अधिकारातील आणि केंद्रीय नागरी सेवा नियमांचा आधार घेण्यात आला आहे. जनहिताच्या दृष्टीने आवश्यक असेल, तर सक्षम अधिकाऱ्याला सरकारी कर्मचाऱ्यांना निवृत्त करण्याचा पूर्ण अधिकार आहे, असे या आदेशात म्हटले आहे. सेवेतील ३० वर्षे पूर्ण केलेल्या कर्मचाऱ्यांपैकी ५० ते ५५ वर्षे वय असणाऱ्या कर्मचाऱ्यांना जनहिताच्या दृष्टीने सरकार कधीही निवृत्त करू शकते. सरकारी कर्मचाऱ्यांच्या कामगिरीचा नियमितपणे आढावा घेण्याच्या सूचना वेळोवेळी जारी करण्यात आल्या आहेत. आतापर्यंतच्या सूचनांमध्ये स्पष्टता आणि एकवाक्यता यावी, यासाठी हा आदेश देण्यात आल्याचे मंत्रालयाने म्हटले आहे. या कर्मचाऱ्यांना तीन महिन्यांची नोटीस देणे बंधनकारक असून, त्यांना निवृत्तीवेतन मिळतच राहणार आहे. या सर्व आढाव्यांच्या नोंदीविषयी एक रजिस्टर तयार करण्याची सूचना या आदेशामध्ये करण्यात आली आहे; तसेच प्रत्येक तिमाहीच्या सुरुवातीला मंत्रालय, विभागाच्या एका वरिष्ठ अधिकाऱ्याकडून या रजिस्टरची तपासणी करण्यात येईल. ज्या कर्मचाऱ्याची कामाविषयीची निष्ठा संशयास्पद वाटेल, त्याला निवृत्त करण्यात येईल, असेही या अहवालात नमूद करण्यात आले आहे.

भारत आणि चीनच्या सैनिकांमध्ये सीमेवर पुन्हा एकदा संघर्ष पाहायला मिळाला. पूर्व लडाख भागात पॅन्गाँग सरोवराजवळ दोन्ही देशांचे सैनिक २९-३० ऑगस्टच्या रात्री एकमेकांना भिडल्याचं समोर येतंय. चीनी सैनिकांकडून या भागात घुसखोरीचा प्रयत्न करण्यात आला. हा प्रयत्न भारतीय सैनिकांनी हाणून पाडला.

२९-३० ऑगस्टच्या रात्री चीनी सेनेच्या 'पीपल्स लिबरेशन आर्मी'च्या (PLA) जवानांनी शेवटच्या बैठकीत झालेला करारही तोडला आणि पूर्व लडाख भागात परिस्थिती बदलण्याचा प्रयत्न करताना घुसखोरीचा प्रयत्न केला. परंतु, भारतीय जवानांनी पीपल्स लिबरेशन आर्मीच्या जवानांचा हा प्रयत्न हाणून पाडला आणि पॅन्गाँग सरोवराच्या दक्षिण किनाऱ्यावर चीनी सेनेची घुसखोरी रोखली, अशी माहिती अधिकृत सूत्रांकडून देण्यात आलीय.
 

उत्तर प्रदेशच्या पीलीभीतमधील एका ३६ वर्षीय महिलेने पतीच्या पासपोर्टवर बॉयफ्रेंडला सोबत घेऊन ऑस्ट्रेलियाला गेली, मात्र लॉकडाऊनमुळे ती तिथेच अडकली. तेथून परत आल्यानंतर दोघांच्या प्रेमसंबंधांचा भंडाफोड झाला. दोघेही ६ जानेवारीला ऑस्ट्रेलियाला गेले होते. त्यांना मार्चमध्ये परत यायचं होतं. पण लॉकडाउनमुळे ते २४ ऑगस्टला परतले.

ते दोघे परत आल्यानंतर महिलेच्या पतीने (वय ४६) पोलिसांत तक्रार दिली. पत्नी आणि संदीप सिंह (वय ३६) या दोघांचे अनैतिक संबंध आहेत. दोघांनी बनावट कागदपत्रांद्वारे त्याच्या नावाने पासपोर्ट तयार केला. या दाम्पत्याची मुले ऑस्ट्रेलियात शिक्षण घेत आहेत. पतीने केलेल्या आरोपांची गंभीर दखल घेऊन पोलीस अधीक्षक जय प्रकाश यादव यांनी या प्रकरणी चौकशीचे आदेश दिले. पतीच्या तक्रारीच्या आधारे एफआयआर दाखल केला आहे. तक्रारदार गेल्या २० वर्षांपासून मुंबईत काम करतो. कधी कधी तो पत्नीला भेटण्यासाठी घरी जातो. त्याची पत्नी पीलीभीतमध्ये फार्महाऊस आणि शेतीचे काम पाहते.

मी १८ मे रोजी घरी परतलो असता, पत्नी घरी नसल्याचे समजले. संदीपच्या कुटुंबीयांकडून समजले की, दोघेही ऑस्ट्रेलियाला गेले आहेत. संदीपने माझ्या नावाने पासपोर्ट तयार करून विदेश दौऱ्यावर गेला नाही ना, हे जाणून घेण्यासाठी मी बरेलीत पासपोर्टसाठी अर्ज केला. त्यावेळी २ फेब्रुवारी २०१९ रोजी माझ्या नावाने पासपोर्ट तयार केला आहे, अशी माहिती त्या कार्यालयातून मला मिळाली, असे महिलेच्या पतीने सांगितले. या प्रकाराची पोलीस अधीक्षकांनी गंभीर दखल घेतली आहे. बनावट पासपोर्ट तयार कसा केला याची चौकशी केली जाणार असल्याचे पोलिसांनी सांगितले.

काँग्रेसचे माजी अध्यक्ष आणि वायनाड मतदार संघाचे खासदार राहुल गांधी (Rahul Gandhi) हे सतत विविध मुद्द्यांवरून केंद्रातील मोदी सरकारवर (Modi Government) टीका करत आहेत. देशाच्या अर्थव्यवस्थेबाबत (Indian Economy) राहुल गांधी यांनी एक व्हिडिओ शेयर करत पुन्हा एकदा केंद्र सरकारवर निशाणा साधला आहे. ३ मिनिटे ३८ सेकंदाच्या या व्हिडिओत राहुल गांधी म्हणतात, 'संपूर्ण देश सामना करत असलेल्या आर्थिक समस्येबाबतचे सत्य आज स्पष्ट होणार आहे. भारतीय अर्थव्यवस्था ४० वर्षांमध्ये पहिल्यांदाच मंदीमध्ये (Economic downturn) पोहोचली आहे. असत्याग्रही याचा दोष देवाला देत आहेत. सत्य काय आहे हे पाहण्यासाठी माझा व्हिडिओ पाहा.'

.व्हिडिओत राहुल गांधी म्हणतात, 'भारतीय जनता पक्षाने देशातील असंघटीत अर्थव्यवस्थेवर (unorganized economy) आक्रमण केले आहे आणि तुम्हाला गुलाम बनवण्याचा प्रयत्न करण्यात येत आहे. सन २००८ मध्ये एक मोठे आर्थिक वादळ आहे, संपूर्ण जगात आले. अमेरिकेत, जपानमध्ये, चीनमध्ये, सगळीकडे आले. अमेरिकेच्या बँका कोसळल्या, कंपन्या बंद झाल्या, एकानंतर एक, बंद होण्यासाठी कंपन्यांची रांग लागली. युरोपमधील बँका कोसळल्या, मात्र भारताला काहीही झाले नाही. यूपीएचे सरकार होते. मला थोडे आश्चर्य वाटले. मी पंतप्रधानांकडे गेलो आणि विचारले, मनोमोहनजी, तुम्ही हे जाणता, हे सांगा की संपूर्ण जगात आर्थिक नुकसान झाले आहे, मात्र भारतात काहीही परिणाम झाला नाही, कारण काय आहे?'

राहुल गांधी पुढे म्हणतात, 'मनमोहन सिंह यांनी सांगितले की, जर तुम्हाला भारताच्या अर्थव्यवस्थेला समजून घ्यायचे असेल, तर भारतात दोन प्रकारच्या अर्थव्यवस्था आहेत हे समजून घ्यावे लागेल. पहिली असंघटित अर्थव्यवस्था आणि दुसरी संघटित अर्थव्यवस्था. संघटित अर्थव्यवस्थेतील मोठ्या कंपन्यांची नावे तुम्हाला माहीत आहेत. असंघटित व्यवस्थेत शेतकरी, मजूर, छोटे दुकानदार, मध्यम आकाराच्या कंपन्या. ज्या दिवसापर्यंत भारतातील असंघटित व्यवस्था मजबूत आहे, त्या दिवसापर्यंत भारताला कोणतेही आर्थिक वादळ स्पर्श करू शकत नाही. आता आजच्या दिवसावर येऊ या, गेल्या ६ वर्षांपासून भारतीय जनता पक्षाच्या सरकारने असंघटित अर्थव्यवस्थेवर आक्रमण केले आहे.'

देशाचे परराष्ट्र मंत्री एस. जयशंकर यांनी दहशतवादाच्या मुद्द्यावरून शेजारी देश पाकिस्तानवर नाव न घेता निशाणा साधला आहे. ज्या देशांनी दहशतवाद्यांना तयार करून इतर देशांमध्ये पाठवण्याचे काम केले, ते देश देखील आपण दहशतवादाने पीडित असल्याचे सांगत आहेत. या वाईट गोष्टीचे समर्थन करणारी व्यवस्था बंद करण्यासाठी जागतिक स्तरावर एक नीती तयार करण्याची आवश्यकता आहे, असे वक्तव्य देशाचे एस. जयशंकर यांनी शुक्रवारी केले.

आंतरराष्ट्रीय दबाावमुळे दहशतवादी समूहांना, तसेच गुन्हेगारी गटांना मदत करण्याशी, तसेच त्यांना प्रशिक्षण आणि सूचना देण्याशी संबंधित असलेल्या एका देशाला इच्छा नसतानाही आपल्या क्षेत्रात दहशतवादी आणि संघटीत गुन्हेगारीशी संबंधित नेते असल्याचे स्वीकारावे लागले, असेही पाकिस्तानच्या संदर्भात परराराष्ट्र मंत्री जयशंकर यांनी म्हटले आहे. गेल्याच आठवड्यात पाकिस्तानने एक वैधानिक नियामक आदेश (SRO) जारी केला. या आदेशात दाऊद इब्राहिम, हाफिझ सईद, मसूद अजहरसह एकूण ८० दहशतवाद्यांच्या नावांचा उल्लेख आहे. फायनान्शियल अॅक्शन टास्क फोर्सद्वारे (Financial Action Task Force) आपले नाव काळ्या यादीत टाकले जाऊ नये हाच हा आदेश काढण्यामागील उद्देश आहे.

काँग्रेसच्या ज्येष्ठ नेत्यांनी पक्षाच्या हंगामी अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) यांना पत्र लिहिल्यानंतर काँग्रेसमधील अंतर्गत वाद उफाळून वर आले. त्यानंतर आता पत्र लिहिणाऱ्या नेत्यांपैकी एका नेत्याने राहुल गांधी यांच्याबाबत नवे वक्तव्य केले आहे. सतत दोन लोकसभा निवडणुकांमध्ये पराभवाला सामोरे जावे लागल्यानंतर आता पक्षाला पुन्हा उभे करण्यासाठी राहुल गांधी हे उपयुक्त व्यक्ती नाहीत असे वक्तव्य या नेत्याने केले आहे. राहुल गांधी यांच्याकडेच पुन्हा पक्षाचे नेतृत्व देण्याची मागणी पक्षातून होत आहे. तसेच पक्षातील अनेक नेते राहुल गांधी यांनाच पुन्हा पक्षाचे अध्यक्ष बनवा, अशी मागणीही करत आहेत.

एनडीटीव्हीने हे वृत्त दिले आहे. आपले नाव न जाहीर करण्याच्या अटीवर या नेत्याने हे वक्तव्य केले आहे. खरेच राहुल गांधी हे काँग्रेस पक्षाचे नेतृत्व करू शकतील का, हे सांगण्याचा स्थितीत आम्ही नाही आहोत आणि सन २०२४ मध्ये ४०० जागा निवडणून आणण्यात खरेच राहुल गांधी आमची मदत करतील का, हे सांगता येत नाही, असे हा नेता म्हणाला. २०१४ आणि २०१९ च्या लोकसभा निवडणुकीत पक्षाला अपेक्षेप्रमाणे जागा मिळू शकलेल्या नाहीत याची जाणीव आम्हाला असणे गरजेतेआहे, असेही हा नेता पुढे म्हणाल्याचे वृत्तात म्हटले आहे. २०१९ च्या लोकसभा निवडणुकीनंतरच राहुल गांधी यांनी काँग्रेसच्या अध्यक्षपदाचा राजीनामा दिला होता. यानंतर सोनिया गांधी यांची पक्षाच्या हंगामी अध्यक्षपदी नियु्क्ती करण्यात आली होती.

 

मुंबईत एका दुर्दैवी रेल्वे अपघातात आपले हात गमवाव्या लागणाऱ्या मोनिका मोरे हिला 'ट्रान्सप्लान्ट' शस्रक्रियेद्वारे मानवी हात पुन्हा एकदा मिळाले आहेत. तसंच उत्तर प्रदेशच्या गाझियाबादच्या एका रुग्णाला फुफ्फुस मिळाल्यानं या व्यक्तीला नवीन आयुष्यच मिळालंय. या दोघांनाही नवजीवन मिळालं ते चेन्नईमध्ये 'ब्रेन डेड' अवस्थेत पोहचलेल्या एका रुग्णाचे अवयव दान करण्याच्या त्याच्या पत्नीच्या निर्णयामुळे...

एका व्यक्तीच्या अवयवदानामुळे...
चेन्नईच्या ग्लोबल रुग्णालयात या 'ब्रेन डेड' व्यक्तीवर उपचार सुरू होते. परंतु, कोणतीही आशा उरलेली नसल्यानं या व्यक्तीच्या पत्नीनं 'अवयव दाना'ला परवानगी दिली. अवयव दानामुळे यकृत, हृदय, फुफ्फुस दोन वेगवेगळ्या रुग्णालयांमध्ये दोन रुग्णांना देण्यात आले. तर मूत्रपिंड दोन रुग्णांसाठी जेम हॉस्पीटलकडे सोपवण्यात आलं. तर त्वचा 'एसआयएमएस' रुग्णालयाला आणि हातांना मुंबईतील ग्लोबल रुग्णालयाकडे सोपवण्यात आले.

मोनिका मोरेला पुन्हा मिळाले मानवी हात
हात दान करणाऱ्यांची संख्या फारच कमी असल्यानं मोनिका गेल्या आठ महिन्यांपासून ट्रान्सप्लान्टच्या 'प्लानिंग स्टेज'मध्ये होती. परंतु, नुकतंच मोनिकाच्या कुटुंबाला चेन्नई रुग्णालयातील अवयव दात्याबद्दल माहिती मिळाली. 'क्रॉस मॅच' केल्यानंतर दान करण्यात आलेले हात एका 'स्पेशल चार्टर' विमानानं रात्री उशिरा मुंबईत धाडण्यात आले. यासाठी मुंबई पोलिसांनी एक ग्रीन कॉरिडॉरही तयार केलं होतं. २७ ऑगस्ट रोजी रात्री २.०० वाजता हे अवयव रुग्णालयात पोहचले आणि सायंकाळी ५.३० वाजेपर्यंत मोनिकावर 'ट्रान्सप्लान्ट' शस्रक्रिया यशस्वीरित्या पार पडली होती.

भारत आता करोनाबाधितांच्या मृत्यूंच्या यादीतही तिसऱ्या क्रमांकावर आहे. भारताने शुक्रवारी तिसऱ्या क्रमांकावर असलेल्या मेक्सिकोलाही मागे टाकलं. सलग तिसऱ्या दिवशी ७६ पेक्षा जास्त नवे रुग्ण आढळलेत, तर सलग चौथ्या दिवशी १ हजारपेक्षा जास्त मृत्यू झाले आहेत. शुक्रवारी १०१५ मृत्यूंची नोंद करण्यात आली, ज्यासोबत एकूण मृतांचा आकडा ६२ हजार ६३५ एवढा झाला आहे. तर वर्डोमिटरच्या आकडेवारीनुसार, मेक्सिकोमधील मृतांचा आकडा ६२ हजार ५९४ एवढा आहे. भारताच्या पुढे असलेल्या अमेरिकेत आतापर्यंत १ लाख ८५ हजार आणि ब्राझिलमध्ये १ लाख १८ हजार ९८८ मृत्यू झाले आहेत. दरम्यान, भारताचा मृत्यू दर हा १.८ टक्के आहे, जो सर्वात कमी आहे.

भारतात नवे रुग्ण आढळण्याचा वेगही प्रचंड आहे, तर मृतांचा आकडाही वाढत आहे. शुक्रवारी सलग चौथ्या दिवशी एक हजारपेक्षा जास्त रुग्ण आढळले. भारतात रुग्ण वाढण्याचा वेगही सर्वाधिक आहे. शुक्रवारी ७६ हजार ४६४ नव्या रुग्णांची नोंद करण्यात आली. गेल्या तीन दिवसात भारतात २ लाख २८ हजार ९६७ नव्या रुग्णांची नोंद झाली आहे. कोणत्याही देशात गेल्या तीन दिवसात नोंद झालेली ही सर्वात मोठी आकडेवारी आहे. अमेरिकेने जुलै १६-१८ या काळात एकूण २ लाख १६ हजार १४१ नव्या रुग्णांची यापूर्वी नोंद केली होती.

भारतातील एकूण बाधितांचा आकडा ३४ लाख ५७ हजार ७२० वर गेला आहे. यापैकी २६ लाख ४२ हजार १८० रुग्ण बरे झाले असून सध्या ७ लाख ५२ हजार ९०५ रुग्णांवर उपचार सुरू आहेत. गेल्या तीन दिवसात ४५ हजार एवढ्या अॅक्टिव्ह केसेस वाढल्या आहेत.

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (Ramdas Athawale) यांनी आज शुक्रवारी सुशांतसिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) याच्या कुटुंबीयांची भेट घेतली. हरयाणामधील फरीदाबाद येथे जाऊन त्यांनी सुशांतसिंहच्या वडिलांची भेट घेतली. आपल्याला नक्कीच न्याय मिळेल, असा विश्वास आठवले यांनी सुशांतच्या वडिलांना दिली. सुशांतसिंह याची हत्याच झाली असावी असा आपल्याला संशय असल्याचे आठवले यांनी सुशांतसिंहच्या वडिलांशी चर्चा करताना म्हटले आहे. इतकेच नाही, तर अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) हिचा हात असू शकतो असेही त्यांनी म्हटले आहे. ते सुमारे अर्धा तास तेथे होते.

सुशांतसिंहच्या कुटुंबीयांशी चर्चा केल्यानंतर आठवले यांनी प्रसारमाध्यमांना माहिती दिली. सुशांतसिह राजपूत याची हत्याच झाली असावी हा संशय मी या पूर्वीच व्यक्त केला असल्याचे आठवले म्हणाले. हे पाहता आता या प्रकरणाची सीबीआयमार्फत देखील चौकशी करण्यात येत आहे. आम्ही तुमच्या सोबत आहोत, आपल्या दु:खात आम्ही सहभागी आहोत. संपूर्ण देश आपल्या सोबत आहे, असे आपण सुशांतसिंह यांच्या कुटुंबीयांना सांगितले असल्याचेही ते म्हणाले. ज्या लोकांनी सुशांतसिंह याला आत्महत्या करण्यास प्रवृत्त केले किंवा त्यांची हत्या केली, अशा लोकांना कठोर शिक्षा व्हायला हवी, असेही आठवले म्हणाले.

विद्यापीठाच्या अंतिम वर्गाच्या परीक्षा होणार की नाही याबाबत सुप्रीम कोर्टाने मोठा निर्णय दिला आहे. परीक्षेची तारीख बदलू शकते मात्र परीक्षा रद्द होणार नाही, असा निर्णय सुप्रीम कोर्टानं दिला आहे. परीक्षांसंदर्भात यूजीसीच्या निर्णयावर सुप्रीम कोर्टानं शिक्कामोर्तब केलं आहे. यूजीसीच्या 6 जुलैच्या गाईडलाईन्सनुसार 30 सप्टेंबरपर्यंत परीक्षा घेण्यास सांगितलं होतं. ही तारीख राज्य सरकार पुढं ढकलू शकते, असं कोर्टानं म्हटलं आहे.

30 सप्टेबरपर्यंत परीक्षा घेऊ न शकणाऱ्या राज्यांनी परीक्षेची तारीख पुढं ढकलण्यासाठी यूजीसीशी संपर्क करावा, असं कोर्टानं म्हटलंय. एखाद्या राज्याला जर परीक्षा घ्यायची नसेल तर त्यांनी यूजीसीशी चर्चा करावी असंही कोर्टानं म्हटलं आहे.

राज्य सरकारची भूमिका काय? : राज्यातील 14 सार्वजनिक विद्यापीठात आत्ता 7 लाख 34 हजार 516 विद्यार्थी शिक्षण घेत आहेत. व्यावसायिक अभ्यासक्रमाचं शिक्षण घेणारे यात 2 लाख 83 हजार 937 विद्यार्थी आहेत. राज्य सरकारनं पदवीच्या मुलांच्या परीक्षा होणार नाहीत, असं म्हटलंय पण यूजीसी परीक्षांवर ठाम होती. 30 सप्टेंबरच्या आत परीक्षा घ्याव्यात अशा मार्गदर्शक सूचनाही यूजीसीनं दिल्या आहेत. त्याविरोधात महाराष्ट्र, ओडिशा आणि दिल्ली सरकारनं सुप्रीम कोर्टात याचिका दाखल केली होती. याशिवाय आदित्य ठाकरे यांच्यासह काही विद्यार्थ्यांनी आणि संस्थांनीही सुप्रीम कोर्टात धाव घेतली होती. यावर आज न्या. अशोक भूषण, न्या. सुभाष रेड्डी, न्या. एम.आर.शाह यांनी हा फैसला सुनावला.

समाजामध्ये होत असलेल्या बदलांवर विचार केल्याशिवाय आपण सामाजिक परिवर्तनाचं संविधानिक हेतू साध्य करू शकत नाही, असं सांगतानाच आरक्षणाचा लाभ समाजातील सर्वात खालच्या स्तरापर्यंत कसा पोहचवणार? हा खरा प्रश्न असल्याचं न्यायालयानं म्हटलंय. अनेक जातींची परिस्थिती आजही 'जैसे थे'च असल्याचंही सर्वोच्च न्यायालयानं नमूद केलंय. अनुसूचित जाती तसेच जमाती आरक्षणाअंतर्गत पुन्हा वर्गवारी करण्याचे अधिकार राज्यांना नाहीत, या सर्वोच्च न्यायालयाच्या सन २००४ मधील आदेशाचा फेरविचार करण्याची गरज असून सात किंवा अधिक न्यायाधीशांच्या पीठासमोर याची सुनावणी व्हावी, असा महत्त्वपूर्ण आदेश सर्वोच्च न्यायालयाने गुरुवारी दिला.

अनुसूचित जाती तसेच जमातींमध्येही गरीबातील गरीब व्यक्तींना प्राधान्याची वागणूक देण्याची परवानगी राज्यांना देण्याची गरज आहे, असंही पीठान स्पष्ट केलंय. सर्वाधिक गरजू तसेच गरीबातील गरीब व्यक्तींपर्यंत आरक्षणाचा लाभ पोहचलेला नाही, त्यामुळे आरक्षणातून सुखवस्तूंना वगळण्याची 'क्रीमी लेयर' ही संकल्पना अनुसूचित जाती आणि जमातींनाही लावण्याची गरज अत्यंत सुस्पष्ट आहे, असंही निरीक्षण सर्वोच्च न्यायालयानं नोंदवलंय.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्लीत करोना संक्रमित रुग्णांची संख्या वाढलेली दिसून येतेय. याच दरम्यान आरोग्य मंत्री सत्येंद्र जैन यांनी गृह सचिव अजय भल्ला यांना एक पत्र लिहिलंय. करोना चाचण्या वाढवण्यात येऊ नयेत यासाठी अधिकाऱ्यांवर दबाव टाकला जात असल्याचा आरोप जैन यांनी आपल्या पत्रात केला आहे. दिल्लीमध्ये करोना चाचण्या रोखण्याचा आरोपही सत्येंद्र जैन यांनी गृह मंत्रालयावर केलाय. 'काही अधिकाऱ्यांच्या म्हणण्यानुसार, गृह मंत्रालयाकडून दिल्लीच्या अधिकाऱ्यांवर दिल्लीत चाचणी आणखी वाढवल्या जाऊ नयेत यासाठी दबाव टाकण्यात येतोय' असं जैन यांनी म्हटलंय.

दिल्लीच्या आरोग्यमंत्र्यांचं पत्र
दिल्लीत निवडूण आलेलं सरकार आहे आणि हे सरकार आपल्या जनतेसाठी निर्णय घेण्यात सक्षम आहे. असं असतानाही दिल्लीत करोना चाचण्या करण्यासाठी अरविंद केजरीवाल सरकारला का रोखलं जातंय? असा प्रश्न विचारत दिल्लीचे आरोग्य मंत्री सत्येंद्र जैन यांनी गृह सचिव अजय भल्ला यांना पत्र लिहिलंय.

दिल्लीच्या अधिकाऱ्यांवर या पद्धतीनं असंविधानिक आणि बेकायदेशीर दबाव का टाकला जातोय? तुम्हाला विनंती करतो की अशा पद्धतीचा दबाव टाकला जाऊ नये, असं जैन यांनी आपल्या पत्रात लिहिलंय.

मोदी सरकारने जारी केलेल्या अध्यादेशावर विचार करण्यासाठी काँग्रेस पक्षाने एक समिती गठीत केली आहे. या समितीत अनेक ज्येष्ठ नेत्यांना स्थान देण्यात आले असले, तरी देखील गुलामनबी आझाद आणि आनंद शर्मा यांचा समावेश करण्यात आलेला नाही. दोन दिवसांपूर्वीा काँग्रेस कार्यकारी समितीच्या बैठकीपूर्वी गुलामनबी आझाद यांच्यासह २३ ज्येष्ठ नेत्यांनी सोनिया गांधी यांना लिहिलेल्या पत्रावरून पक्षात वाद उफाळून आला होता.

काँग्रेसच्या हंगामी अध्यक्षा सोनिया गांधी यांनी गठीत केलेल्या समितीत पक्षाचे ज्येष्ठ नेते आणि माजी केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम, दिग्विजय सिंह, जयराम रमेश, डॉ. अमरसिंह आणि गौरव गोगोई यांचा समावेश आहे. या समितीचे संयोजक म्हणून जयराम रमेश यांची नियुक्ती करण्यात आली आहे. ही समिती केंद्र सरकारडून जारी करण्यात येणाऱ्या महत्वाच्या अध्यादेशांवर चर्चा करून पक्षाची भूमिका ठरवण्याचे काम करणार आहे.

आझाद यांना म्हटले होते 'भाजप समर्थक'
सोनिया गांधींना पत्र लिहिणारे नेते हे भारतीय जनता पक्षाचे समर्थक असल्याचे म्हटले गेले होते. याच आरोपांमुळे राज्यसभेचे विरोधी पक्षनेते गुलामनबी आझाद नाराज आहेत. हे आरोप खोटे असून, ते सिद्ध झाल्यास आपण राजीनामा देऊ, असेही ते त्यावेळी म्हणाले होते. पत्र लिहिणाऱ्या इतर नेत्यांनीही या आरोपाचे खंडन केले होते.

भारत आणि चीन सीमेवर तणाव असला, तरी दोन्ही देश पुढील महिन्यात रशियात होणाऱ्या युद्धसरावासाठी सैन्यदलांच्या तुकड्या पाठविणार असल्याची माहिती सूत्रांनी दिली. शांघाय सहकार्य संघटनेच्या पाकिस्तान, चीनसह इतर १८ देशांचा समावेश आहे.

भारत आणि चीनमध्ये सीमेवर तणाव आहे. दोन्ही देशांतील तणाव निवळण्याची प्रक्रिया थांबली आहे. या अशा वातावरणात दोन्ही देश रशियामध्ये पुढील महिन्यात होणाऱ्या युद्धसरावासाठी एकत्र येण्याची शक्यता आहे. 'कावकाज-२०२०' असे या युद्धसरावाचे नाव आहे. या युद्धसरावामध्ये अठरा देश सहभागी होण्याची शक्यता आहे. यामध्ये शांघाय सहकार्य संघटनेचे सदस्य देशही सहभागी होणार आहेत. पाकिस्तानही या सरावामध्ये सहभागी होईल. संयुक्त राष्ट्रे आणि इतर बहुस्तरांवरील सरावामध्ये भारत, पाकिस्तान, चीन आदी देश सहभागी होत असतात.

रशियाच्या दक्षिण भागात १५ ते २६ सप्टेंबर या काळात हा युद्धसराव होणार असून त्यामध्ये लष्कराचे दीडशे जवान, हवाई दलाचे ४५ जवान, तर काही नौसैनिक सहभागी होणार आहेत. रशियामध्ये जून महिन्यात पार पडलेल्या 'व्हिक्टरी डे परेड'मध्ये भारताने सहभाग घेतला होता. शांघाय सहकार्य संघटनेचा भारत हा सदस्य देश आहे. २०१७मध्ये भारत सदस्य देश झाला होता.

 

जगातील १८० हून अधिक देशांमध्ये करोनाचं थैमान पाहायला मिळतंय. भारतासारख्या लोकसंख्या जास्त असलेल्या देशात करोना संक्रमणाचा धोका आणखीनच वाढलेला दिसून येतोय. जगभरात आत्तापर्यंत २.४१ कोटींहून अधिक जण करोना संक्रमणाच्या विळख्यात अडकलेले दिसत आहेत. तर ८.२५ लाखांहून अधिक संक्रमितांना करोना संक्रमणामुळे आपला जीव गमवावा लागलाय. भारतातही करोनाचे आकडे नवनवीन रेकॉर्ड करताना दिसत आहेत. आरोग्य मंत्रालयानं गुरुवारी जारी केलेल्या आकड्यांनीही असाच एक नवीन रेकॉर्ड तयार केलाय.

२४ तासांत भारतात कोविडचे नवीन ७५ हजार ७६० नवीन संक्रमित रुग्ण दाखल करण्यात आलेत. यामुळे देशातील एकूण रुग्णांची संख्या ३३ लाख १० हजार २३४ वर पोहचलीय. देशात अद्याप ७ लाख २५ हजार ९९१ रुग्णांवर उपचार सुरू आहेत.

२४ तासांत देशात १०२३ मृत्युची नोंद करण्यात आली. त्यामुळे एकूण मृत्युंची संख्या ६० हजार ४७२ वर पोहचलीय. तर आत्तापर्यंत या आजारावर मात करणाऱ्यांची एकूण संख्या २५ लाख २३ हजार ७७१ वर पोहचलीय.

उत्तर प्रदेशातल्या कनौजमध्ये धक्कादायक, लज्जास्पद आणि माणुसकीला काळीमा फासणारी घटना उघडकीस आलीय. इथं एका विधवा महिलाला आणि तिच्या दिव्यांग मित्राचं मुंडण करून त्यांच्या तोंडाला काळं फासण्यात आलं. त्यानंतर या दोघांची चप्पलांची माळ घालून गावभर धिंड काढण्यात आली. ही घटना बुधवारी सगळ्या गावाच्या साक्षीनं घडली. या घटनेचा व्हिडिओ समोर आल्यानंतर ही घटना उघडकीस आलीय.

धक्कादायक म्हणजे, राजधानी लखनऊपासून अवघ्या १२२ किलोमीटर अंतरावर ही घटना घडलीय. महिलेच्या नातेवाईकांनीच तिची आणि तिच्या मित्राची ही अवस्था केल्याचं सांगण्यात येतंय.

पोलिसांनी दिलेल्या माहितीनुसार, ३७ वर्षीय महिला विधवा आहे. दोन महिन्यांपूर्वीच तिच्या पतीनं आत्महत्या करत आपलं जीवन संपवलं होतं. त्यानंतर जवळच राहणारा ४० वर्षीय एक दिव्यांग व्यक्ती तिची मदत करत होता. परंतु, महिलेची आणि पुरुषाची ही मैत्री महिलेच्या नातेवाईकांना खुपत होती. त्यामुळे त्यांनीच अपमानित करण्यसाठी ही लज्जास्पद घटना घडवून आणली.

घटनेचा व्हिडिओ समोर आलाय. या व्हिडिओमध्ये महिला आणि दिव्यांग व्यक्तीचं मुंडण करण्यात आल्याचं दिसतंय. त्यानंतर त्यांच्या चेहऱ्यावर काळं फासून त्यांना गावातल्या एका छोट्या गल्लीतून फिरवण्यात आल्याचंही आणि आजूबाजूला मोठी गर्दी असल्याचंही यात दिसून येतंय. टवाळकी करत या घटनेला साथ देणारे पुरुष आणि लहान मुलंही हसताना दिसणारा हा व्हिडिओ या समाजाचा खरा आणि क्रूर चेहरा उघड करतोय.

एका 90 वर्षीय कोरोना पॉझिटिव्ह आजीबाईंना त्यांच्या नातेवाईकांनीच जंगलात सोडून दिल्याचा प्रकार उघडकीस आला होता. या 90 वर्षाच्या कोरोनाबाधित आजीने कोरोनावर मात केली आहे. त्यानंतर आता औरंगाबादमधील मदर तेरेसा वृद्धाश्रमात त्या आजींची सुश्रुषा केली जाणार आहे. (Aurangabad Corona positive grandmother tested negative)

औरंगाबादमधील कच्चीघाटी परिसरात काही नातेवाईकांनी आपल्या 90 वर्षीय कोरोनाबाधित आजींना थेट जंगलात सोडलं. शनिवारी 8 ऑगस्टला हा सर्व प्रकार समोर आला होता. तब्बल 18 दिवसानंतर या आजींनी कोरोनावर मात केली आहे. या आजी कोरोनामुक्त झाल्यानंतरही तिचे कोणीही नातेवाईक तिला घरी नेण्यासाठी किंवा बघण्यासाठी आले नाही. त्यामुळे या निराधार आजीला पोलिसांनी चिखलठाना जवळील वृद्धाश्रमात दाखल केलं आहे. औरंगाबादच्या मदर तेरेसा वृद्धाश्रमात त्या आजींची सुश्रुषा केली जाणार आहे.

औरंगाबादमधील कच्चीघाटी परिसरात 8 ऑगस्टला एका 90 वर्षीय कोरोना पॉझिटिव्ह आजीबाईंना त्यांच्या नातेवाईकांनीच जंगलात सोडून दिलं होतं. यानंतर या घटनेने एकच खळबळ उडाली होती. जर्जर म्हाताऱ्या आजींना जंगलात टाकून संबंधित नातेवाईक फरार झाले होते. या आजींना पोलिसांनी रुग्णालयात दाखल केलं होतं. त्यांच्यावर जिल्हा रुग्णालयात उपचार सुरु होते.

आजीला जंगलात सोडून पळून गेलेल्या नातेवाईकांविरोधात पोलिसांनी गुन्हा दाखल केला आहे. लवकरच या नातेवाईकांना अटक होण्याची शक्यता वर्तवली जात होती. (Aurangabad Corona positive grandmother tested negative)

शंभराहून अधिक सामाजिक संस्थांनी मुलींच्या विवाहाचे किमान वय वाढवण्याच्या केंद्र सरकारच्या प्रस्तावाला विरोध दर्शवला आहे. या निर्णयाचा मुली आणि अर्भकांच्या आरोग्याच्या स्थितीमध्ये सुधारणा होण्याशी फारसा संबंध नाही, असा दावाही त्यांनी केला आहे. केंद्र सरकार मुलीच्या विवाहाचे किमान वय वाढवण्याबाबत गंभीरपणे विचार करत असून पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी स्वातंत्र्यदिनाच्या भाषणात याबाबत वक्तव्य केले होते.

एक संयुक्त पत्रक काढून या संस्थांनी आपले म्हणणे मांडले आहे. 'अधिकाधिक महिलांना विवाह हक्कांपासून दूर ठेवणारा हा निर्णय असेल. अनेक कुटुंबांना सुरक्षा आणि गरिबीच्या कारणामुळे मुलीचा विवाह अपरिहार्यपणे लवकर उरकावा लागतो, अशा कुटुंबाना या निर्णयामुळे गुन्हेगार म्हणून वागवले जाईल.' असे या पत्रकात म्हटले आहे.

या निर्णयामुळे लिंग समानता, महिलांचे हक्क, मुलींचे सबलीकरण यात काहीही फरक पडणार नाही. मुलगा आणि मुलीचे लग्नाचे वय २१ करणे ही लिंग समानता आहे, हे अगदीच वरवरचे मत आहे. विवाहवयाच्या मुद्द्यावरच लिंगसमभावाचा विचार करायचा असेल, तर ते मुलगा आणि मुलगी दोघांसाठी १८ वर्षे करावे. असे जगातील बहुतांश भागात आहे, असेही सुचवण्यात आले आहे. या पत्रकाला २,५०० तरुणांच्या संघटना आणि १०० सामाजिक संस्थांनी पाठिंबा दर्शवला आहे.

या निर्णयामुळे बालविवाह रोखले जाण्याऐवजी अधिकाधिक विवाह गुन्हेगारीच्या कक्षेत येतील. गेल्या काही वर्षांत जणू सर्व प्रश्नांना कायदे, हेच उत्तर असल्यासारखे कायदे अधिकाधिक कडक केले जात आहेत. मुलींना उच्च शिक्षणासाठी पुरेशा सोयी, रोजगार संधी नाहीत, अशी स्थिती असताना विवाहाचे वय वाढवले, तर मुली त्यांच्या घरात अधिकाधिक बंदिस्त राहतील. अशा विपरित स्थितीत २१व्या वर्षापर्यंत वाट पाहण्याऐवजी अधिकाधिक पालक मुलींचे विवाह करून टाकतील. हुंडा आणि लग्नखर्चामुळे ते आणखी कर्जाच्या विळख्यात सापडतील, असे या पत्रकात म्हटले आहे.

१४ फेब्रुवारी २०१९ रोजी झालेल्या जम्मू काश्मीरच्या पुलवामा भागात घडवून आणल्या गेलेल्या दहशतवादी हल्ला प्रकरणात राष्ट्रीय तपास यंत्रणेकडून (NIA) १३ हजार ५०० पानांचं आरोपपत्र (Pulwama terror attack Chargesheet) दाखल करण्यात आलंय. या आरोपपत्रात मसूद अजहर तसंच त्याचा भाऊ अब्दुल रौफ असगर यांच्या नावाचा समावेश आहे. या आरोपपत्रात एनआयएकडून अनेक धक्कादायक खुलासेही केले आहेत. १४ फेब्रुवारी घडवून आणलेला हा हल्ला अगोदर ६ फेब्रुवारी २०१९ रोजी करण्याची योजना दहशतवाद्यांनी आखली होती, असा महत्त्वाचा खुलासा यात करण्यात आलाय. तसंच एका दुकानदाराकडून सीआरपीएफचा ताफा या भागातून जाणार असल्याचा सुगावा दहशतवाद्यांना लागला होता, असाही यात उल्लेख करण्यात आलाय.

पुलवामामध्ये फेब्रुवारी २०१९मध्ये झालेल्या आत्मघातकी हल्ल्याचे आरोपपत्र (एनआयए) दाखल केले असून, त्यात 'जैश ए महंमद'चा म्होरक्या मौलाना मसूद अझर, त्याचा भाऊ अब्दुल रौफ असगर, मारला गेलेला दहशतवादी महंमद उमर फारुख, आत्मघातकी हल्ला करणारा अदील अहमद दार आणि पाकिस्तानातील अन्य दहशतवाद्यांची नावे यात आहेत. त्याशिवाय, अटक केलेल्या सहा दहशतवाद्यांची नावेही या आरोपपत्रात आहेत.

काँग्रेसच्या अध्यक्ष सोनिया गांधी यांच्याकडून बुधवारी राज्यांच्या जीएसटीतील वाटा, देशभरात जेईई एनईईटी परीक्षा स्थगित करण्यासहीत अनेक मुद्यांवर एक डिजिटल बैठक बोलावण्यात आली आहे. या बैठकीसाठी मंगळवारी महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल आणि झारखंडच्या मुख्यमंत्र्यांना संपर्क करण्यात आला होता. मिळालेल्या माहितीनुसार, महाराष्ट्राचे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मात्र या बैठकीला उपस्थित राहू शकणार नाहीत. ठाकरेंशिवाय ममता बॅनर्जी यांच्यासहीत इतर मुख्यमंत्री या बैठकीला उपस्थित राहतील.

बुधवारी दुपारी २.३० वाजता या बैठकीला सुरुवात होणार आहे. मात्र, उद्धव ठाकरे यांनी आपण या बैठकीला उपस्थित राहू शकत नसल्याचं कळवलंय. काँग्रेसकडून अनेकदा आग्रह करण्यात आल्यानंतरही महाराष्ट्राचे मुख्यमंत्री या बैठकीत सहभागी होणार नसल्याचं म्हटलं जातंय. त्यामुळे एका वेगळ्या चर्चेला आणि नव्या वादाला तोंड फुटलंय.

उद्या गुरुवारी २७ ऑगस्ट रोजी 'जीएसटी काऊन्सिल'ची एक बैठक होणार आहे. यापूर्वी काँग्रेसच्या बैठकीत सामूहिकरित्या भूमिका घेण्यासाठी काँग्रेसशासित चार राज्यांच्या मुख्यमंत्र्यांसहीत उद्धव ठाकरे, ममता बॅनर्जी आणि हेमंत सोरेन तीन काँग्रेसेतर मुख्यमंत्र्यांनाही संपर्क करण्यात आला. या बैठकीत जीएसटी परिषदेच्या बैठकीत जीएसटीशी निगडीत राज्यांच्या पैशांची थकबाकी वेळेवर देण्यासाठी केंद्र सरकारवर दबाव टाकण्यासाठी रणनीती तयार करण्याचा संकल्प आहे.

सोबतच काँग्रेसच्या या बैठकीत देशभरातील जेईई-एनईईटी परीक्षा घेण्यासाठी सर्वोच्च न्यायालयाच्या आदेशांवरही चर्चा होण्याची शक्यता आहे. ममता बॅनर्जी या अगोदरपासून या प्रश्नावर सक्रीय आहेत. तसंच सोमवारी काँग्रेस नेते राहुल गांधी यांनी 'आज लाखो विद्यार्थी सरकारला काही सांगण्याचा प्रयत्न करत आहेत. एनईईटी, जेईई परीक्षेसंदर्भात त्यांचं म्हणणं ऐकलं गेलं पाहिजे आणि सरकारनं त्यावर सार्थ तोडगाही काढायला हवा' असं म्हणत हा मुद्दा उचलून धरला होता.

भारतात रेल्वेच्या माहितीसाठी अनेक वेबसाइटचा उपयोग प्रवासी करतात. तिकीट बुकींगसाठीही अनेक थर्ड पार्टी वेबसाइट आहेत. या वेबसाइटद्वारे अनेक प्रवासी तिकीट बुक करतात. या पैकीच एक रेल यात्री ही वेबसाइट आहे. या वेबसाइटच्या ७ लाख प्रवाशांचा डेटा लीक झाला आहे, असं एका वृत्तात म्हटलंय.

वेबसाइटकडून चुकून ७ लाख प्रवाशांची माहिती लीक झाली. यात डेबिट कार्ड डिटेल्स, यूपीआय डेटा आणि वैयक्तीक माहितीचा समावेश आहे.

वैयक्तीक माहितीमध्ये नाव, फोन नंबर, ई-मेल आयडी, डेबिट कार्ड नबर या गोष्टींचा समावेश आहे. 'The Next Web' ने हे वृत्त दिलं आहे. रेल यात्री वेब साइटने युजर्सचा डेटा अशा सर्व्हरमध्ये ठेवला होता जे सर्व्हर सेफ नव्हते. युजर्सचे डिटेल्स ज्या सर्व्हरमध्ये ठेवले गेले होते ते सर्व्हर एन्प्रिप्टेडही नव्हते आणि त्याला पासवर्डही नव्हता. आयपी अँड्रेसद्वारे एखादी सामन्य व्यक्तीही युजर्सचा डेटा मिळवू शकत होती, असं या लीक छडा लावणाऱ्या एका सुरक्षा कंपनीकडून सांगण्यात येतंय.

सेफ्टी डिटेक्टिव्ह नावाच्या एका सायबर सुरक्षा कंपनीने या डेटा लीकची माहिती दिलीय. या कंपनीला १० ऑगस्टला अनसिक्योअर सर्व्हरची माहिती मिळाली होती. या सर्व्हरमध्ये 43Gb डेटा होता.

रेल यात्रीच्या कथित सर्व्हरचा स्क्रिन शॉटही शेअर करण्यात आला. ज्यात प्रवाशांचे डिटेल्स होते. १७ ऑगस्टला या सायबर सुरक्षा कंपनीने इंडियन कंप्यूटर इमर्जन्सी रेस्पॉन्स टीम संस्थेला (CERT-In) कळवलं होतं. CERT ही केंद्र सरकारची संस्था आहे. नंतर हे सर्व्हर कंपनीने गुपचूप बंद केलं, असं नेक्स्ट वेबने आपल्या वृत्तात म्हटलं आहे.

उद्योग क्षेत्रातील दिग्गज म्हणून ओळखल्या जाणाऱ्या आनंद महिंद्रा यांच्या सहृदय सामाजिक जाणीवेची अनेक उदाहारणं आपल्याला माहितच आहेत. आता पुन्हा एकदा एका मजूर पित्याच्या मदतीसाठी आनंद महिंद्रा स्वत:हून पुढे आलेत. आपल्या मुलाच्या शिक्षणासाठी १०५ किलोमीटर सायकल चालवून परीक्षा केंद्रावर पोहचलेल्या पित्याची कहाणी 'टाईम्स'नं समोर आणली होती. मध्य प्रदेशातील धार जिल्ह्यातील एका गरीब कुटुंबावर ही वेळ आली होती. सोशल मीडियावर या कहाणीनं अनेकांचं लक्ष वेधून घेतलं. आनंद महिंद्रा यांनी या गरीब परंतु, जिद्दी आणि शिक्षणाची जाण असणाऱ्या कुटुंबाचं कौतुक केलंय. संबंधित मुलाच्या पुढच्या शिक्षणाचा खर्च आपण उचलणार असल्याचं आनंद महिंद्रा यांनी सोशल मीडियावर म्हटलंय.

आनंद महिंद्रा यांनी 'टाईम्स'च्या एका बातमीचा हवाला देत एक ट्विट केलंय. 'आपल्या मुलाच्या उज्ज्वल भवितव्याचं स्वप्न पाहणाऱ्या या पित्याला सलाम. अशीच स्वप्न आपल्या देशाला पुढे नेतात. आमची संस्था आशिषच्या पुढच्या शिक्षणाचा संपूर्ण खर्च उचलणार आहे' असं ट्विट करतानाच आनंद महिंद्रा यांनी पत्रकारांना या कुटुंबाचा संपर्क करून देण्याची विनंती केलीय.

दहावीत शिकणारा आशिष आपल्या कुटुंबासोबत धार जिल्ह्याच्या मुख्यालयापासून १०५ किलोमीटर अंतरावर असलेल्या बायदीपूर नावाच्या गावात राहतो. त्याचे वडील शोभाराम मजुरी करून आपल्या कुटुंबाचं पालन-पोषण करतात. परीक्षेसाठी आशिषला आपल्या गावातून जिल्ह्याचं मुख्यालय असेलल्या धारमध्ये पोहचणं गरजेचं होतं. परंतु, करोना लॉकडाऊनमुळे गाडी मिळणं कठीण होतं. कोणताही पर्याय समोर न दिसल्यानं शोभाराम यांनी मुलाला सायकलवर बसवलं आणि ते १०५ किलोमीटरचं अंतर कापत मजल - दरमजल करत धारला पोहचले होते.
 

अयोध्येत श्रीराम जन्मभूमीवरील भव्य मंदिरासाठी झालेल्या भूमिपूजनावेळी रामलल्लाची पूजा करणाऱ्या येथील मुस्लिम महिलेस धमकावले जात आहे. रूबी आसिफ खान असे त्यांचे नाव आहे. त्या भारतीय जनता पक्षाच्या पदाधिकारी आहेत. त्यांना धमक्या देणारे पोस्टरही शहरात अनेक ठिकाणी लावण्यात आले आहेत. पोलिसांनी या प्रकरणात तपास सुरू केला आहे.

रूबी खान यांनी राखी पौर्णिमेनिमित्त 'रामलल्ला विराजमान'ला राखीही पाठविली होती. दिल्ली गेट पोलिस ठाण्यात त्यांनी धमक्यांबाबत तक्रार दिल्यानंतर पोलिसांनी तपास सुरू केला आहे. दिल्ली गेट परिसरातील एडीए कॉलनीत त्या राहतात. महावीरगंज मंडल महिला मोर्चाच्या त्या अध्यक्ष आहेत. अयोध्येत भूमिपूजन सोहळा सुरू होता तेव्हा रूबी खान यांनी अन्य कार्यकर्त्यांसमवेत रामाची पूजा व आरती केली होती. तत्पूर्वी, त्यांनी मंदिर निर्माण कार्यासाठी सर्वोच्च न्यायालयाच्या आदेशाने तयार झालेल्या विश्वस्त मंडळाला ५,१०० रुपयांचा धनादेशही पाठविला होता. 'आपल्या या 'रामभक्ती'वर काही जण नाराज असून, घरात घुसून पेटवून ठार मारण्याची धमकी दिली आहे,' असे त्यांनी पोलिसांना सांगितले आहे.

रूबी या आक्रमक कार्यकर्त्या म्हणून ओळखल्या जातात. काही दिवसांपूर्वी त्यांनी अलिगड मुस्लिम विद्यापीठाच्या कुलगुरूंना बांगड्यांचा आहेरही केला होता. श्रीराम मंदिर निर्माण आंदोलनाच्याही त्या समर्थक आहेत. त्यांची या बाबतची अनेक छायाचित्रे सोशल मीडियावर मोठ्या प्रमाणावर व्हायरल होत असतात. ताज्या धमक्यांमुळे स्वत:च्या जीवाला आणि संपत्तीला धोका असल्याने त्या आणि त्यांच्या पतीने पोलिस संरक्षणाची मागणी केली आहे. दरम्यान, भाजपचे कार्यकर्ते रूबी यांच्या समर्थनासाठी पुढे आले आहेत.

चकमकीनंतर दिल्लीत पकडण्यात आलेला संशयित दहशतवादी अबू युसूफने चौकशीदरम्यान धक्कादायक खुलासा केला आहे. दिल्ली आणि यूपीमध्ये बॉम्बस्फोट घडवण्याचा कट रचत असल्याचं त्याने पोलिसांना सांगितलं. तो अफगाणिस्तानातील त्याच्या मास्टर्सच्या संपर्कात होता. तिथून त्याला सूचना दिल्या जात होत्या. आत्मघातकी हल्ल्यासाठी शरीराव बांधण्याकरता त्याने स्फोटकांनी भरलेला बेल्टही बनवला होता. १५ ऑगस्टला दिल्लीत स्वातंत्र्य दिनाच्या दिवशी तो हल्ला करणार होता. पण कडक सुरक्षेमुळे तो अपयशी ठरला, असं दिल्ली पोलिसांच्या स्पेशल सेलच्या डीएसपींनी ही माहिती दिली.

राम मंदिर बांधण्याविरोधात त्याला बॉम्बस्फोट करायचा होता. अफगाणिस्तानातल्या काही म्होरक्यांच्या तो संपर्क होता, अशी प्राथमिक माहिती संशयिताच्या चौकशीदरम्यान समोर आलीय. त्याच्याकडून जप्त केलेल्या प्रेशर कुकरमधील स्फोटकं आणि त्यात कोणते केमिकल वापरले गेले याचा एनएसजी टीम तपास करत आहे.

गुप्तचर यंत्रणांनी सुरक्षा यंत्रणांना काही दिवसांपूर्वीच अॅलर्ट जारी केला होता. राम मंदिर बांधण्याच्या मुद्द्यावर दहशतवादी मोठी घटना घडवू शकतात. त्यांच्या निशाण्यावर व्हीआयपी आणि राजधानी दिल्ली आहे, असं गुप्तचर यंत्रणांनी सांगितलं होतं.

दिल्ली पोलिसांच्या स्पेशल सेलने धौलकुआ आणि करोल बाग दरम्यान रिज रोडवर काल रात्री झालेल्या चकमकीनंतर आर्मी पब्लिक स्कूल जवळ एका संशयित दहशतवाद्याला पकडलं. त्याच्याकडून दोन प्रेशर कुकरमधील १५ किलो आयईडी जप्त करण्यात आला होता. आयईडी आढळून आल्याच्या वृत्तानंतर प्रशासन हादरलं. स्पेशल सेल आणि बॉम्ब डिस्पोजल पथक आयईडीसह बौद्ध जयंती पार्क येथे पोहोचले आणि त्यांनी ते बॉम्ब डिफ्यूज केले.

कारगिल लढाई जिंकण्यात बोफोर्स तोफने महत्त्वपूर्ण भूमिका बजावली होती. आता या बोफोर्स तोफपेक्षाही अधिक शक्तिशाली तोफेची निर्मिती भारतात होणार आहे. संरक्षण मंत्रालयाने बोफोर्स 155 एमएम होवित्झर्स तोफ (Boforce 155 MM Howitzer) artillery gun बनवण्याचे काम उद्योगपती बाबा कल्याणी यांची कंपनी भारत फोर्जला (Bharat Forge) देण्यात आले आहे. भारत फोर्ज या तोफेला भारत 52 ( Bharat 52) असं नाव दिलं आहे. चार तोफांपैकी तीन तोफांची चाचणी वेगवेगळ्या टप्प्यात आहे. तर चौथ्या तोफेची चाचणी अंतिम टप्प्यात असून लवकरच ती भारतीय लष्कराचा भाग असेल. कल्याणी समूहाने तयार केलेली पहिली तोफ आहे, असं भारत फोर्ज कंपनीकडून सांगण्यात आलं.

भारत फोर्ज कंपनीने तयार केली
भारत फोर्जचे उपव्यवस्थापकीय संचालक अमित कल्याणी यांनी यासंदर्भता माहिती दिली. पहिल्या तोफासाठी आम्ही तीन चाचण्या आणि दुसऱ्या तोफाच्या तीन चाचण्या केल्या आहेत. चाचणीचा अंतिम टप्पा संपला की आम्ही तोफेच्या विक्रीची प्रक्रिया सुरू करणार आहोत. भारत फोर्ज हे संरक्षण मंत्रालयाने सुरू केलेल्या सुधारित उपक्रमाचा एक भाग आहे. काही दिवसांपूर्वी संरक्षणमंत्री राजनाथ सिंह यांनी १०१ शस्त्रे आणि सैनिकी प्लॅटफॉर्मच्या आयातीवर निर्बंध घातले आहेत. या १०१ उत्पादनांमध्ये (artillery gun) तोफांचा समावेश आहे, असं अमित कल्याणी म्हणाले.

तोफ (155 मिमी x 52 कॅलिबर)
आर्टिलरी गन जिला आम्ही भारत ५२ असं नाव दिलं आहे. तिचे वजन १५ टन आहे आणि तोफेचे मारक क्षमता ही ४८ किमीपेक्षा अधिक आहे. ही तोफ ३० सेकंदात सहा तोफगोळे डागू शकते. ATAGS ही जगातील सर्वात प्रगत फील्ड तोफखाना प्रणाली मानली जाते. पण भारत अद्याप या प्रणालीचा समावेश सैन्यात करू शकलेला नाही. २०१६ मध्ये भारताने अमेरिकेकडून १४५ हॉवित्झर तोफा घेतल्या होत्या. ७५० दशलक्ष डॉलर्समध्ये ही डील झाली होती. अमेरिकेकडून घेतलेली १५५ मिमी x ३९ कॅलिबर अल्ट्रा लाईट हॉवित्झरची मारक क्षमता ही २४ ते ३९ किमी आहे. तर भारत ५२ एएजीएसपेक्षा खूपच कमी आहे.

भारतात सध्या तीन करोना लशींची मानवी चाचणी सुरू आहे. या लशी अद्याप तयार झाल्या नसल्या तरी केंद्रानं मात्र लशीच्या प्राथमिकतेबद्दल मंथन सुरू केलंय. लस तयार झाल्यानंतर सुरुवातीला ती करोनाविरुद्ध लढण्यासाठी ढाल बनलेल्या आरोग्य कर्मचारी, सेनेचे जवान आणि काही विशिष्ट श्रेणीतील लोकांसाठी उपलब्ध करून देण्याची तयारी करत आहे. यासाठी केंद्र सरकारकडून सुरुवातील करोना लशीचे जवळपास ५० लाख डोस खरेदी करण्याचाही विचार सुरू आहे. लशीला मंजुरी मिळाल्यानंतर ती सामान्यांपर्यंत पोहचवण्यासाठी प्राथमिकता यादी तयार केली जातेय. तसंच यामध्ये सुरुवातीला कुणाला लस मिळेल? त्याची किंमत काय असेल? यावर चर्चा सुरू आहे.

मोठ्या प्रमाणावर लशींचं वितरण केलं तरच मोठी लोकसंख्या असलेल्या आपल्या देशात प्रत्येकापर्यंत ही लस पोहचू शकेल. यासाठी सरकारचं लशीच्या पुरवठा साखळी आणि वितरणावर लक्ष आहे. यानुसार, आपलं कर्तव्य बजावताना अधिक धोका असणाऱ्या करोना योद्ध्यांना ही लस उपलब्ध करून देण्यासाठी सरकारकडून एक रुपरेषा तयार केली जातेय.

अधिकृत सूत्रांच्या माहितीनुसार, स्थानिक लस निर्मात्यांनी सरकारकडे एका निश्चित मागणीचा अनुमान मागितलाय. त्यामुळे, लस तयार झाल्यानंतर एकाच वेळी काही आठवड्यांच्या आत लस उत्पादन केलं जाईल. कंपन्यांना लशीच्या मागणीबद्दल आश्वस्त करण्यात आलंय. करोनाची एक लस या वर्षीच्या शेवटी किंवा पुढच्या वर्षाच्या सुरुवातीला तयार होऊ शकते, असं म्हटलं जातंय.

भारतीय अंतराळ संशोधन संस्थेचे (ISRO) अध्यक्ष डॉ. के सिवन यांनी 'इस्रोचं खासगीकरण होणार नाही, ही गोष्ट सगळ्यांच्याच डोक्यात खूप स्पष्ट आहे' असं म्हणत देशाला आश्वासन दिलंय. सरकार इस्रोचं खासगीकरण करणार असल्याच्या चर्चा सुरू आहेत परंतु हा केवळ भ्रम असून असं कधीही होणार नाही, असं के सिवन यांनी म्हटलंय. उल्लेखनीय म्हणजे, लवकरच 'स्पेस अ‍ॅक्टिव्हिटी बिल' संसदेत मांडलं जाईल, असंही के सिवन यांनी म्हटलंय. याद्वारे खासगी क्षेत्राला इस्रोसोबत काम करण्याची संधी मिळणार आहे.

इस्रोकडून आयोजित करण्यात आलेल्या 'अनलॉकिंग इंडियाज पोटेन्शिअल इन स्पेस सेक्टर' (Unlocking India's Potential in Space Sector) या वेबिनार ते बोलत होते.

इस्रो खासगी कंपन्यांना सोबत घेऊन पुढे वाटचाल करणार आहे, त्यामुळे तंत्रज्ञान विकास आणि क्षमता विस्तार होऊ शकेल, असंही के सिवन यांनी म्हटलंय. नव्या अंतराळ नीतीसहीत खासगी कंपन्या 'इस्रो'सोबत अंतराळ मोहिमांत भाग घेईल. परंतु मुख्य काम इस्रो आणि त्याचे वैज्ञानिकच करतील. अंतराळ क्षेत्रात बदलांकरता आणण्यात आलेली नव्या नीती इस्रो आणि देशासाठीही 'गेम चेंजर' ठरेल असा विश्वासही त्यांनी व्यक्त केलाय.

नव्या नीतीमुळे भारत अंतराळ क्षेत्रात आपली नवी ओळख तयार करेल. सध्या इस्रो संशोधन आणि विकासाद्वारे रॉकेट आणि सॅटेलाईट बनवण्यात सक्षम आहे. सरकारनं अंतराळ क्षेत्र खासगी कंपन्यांसाठी खुलं करण्याच्या केलेल्या घोषनेनंतर खासगी कंपन्याही ही साधनं बनवण्यात मदत करेल. त्यामुळे जास्तीत जास्त सॅटेलाईट अवकाशात सोडता येतील, असंही के सिवन यांनी म्हटलं.

खासगी कंपन्यांची भूमिका स्पष्ट करताना के सिवन म्हणाले, 'अंतराळ क्षेत्रात खासगी कंपन्यांसाठी ही खूप मोठी संधी आहे. देशाला आत्मनिर्भर बनवण्यासाठी मोठ्या संख्येत संचार उपग्रहांची गरज असेल. यासाठी खासगी कंपन्या पुढे येऊन इस्रोसोबत काम करू शकतील. पण, याचा अर्थ इस्रोचं खासगीकरण होणार असं नाही'

काँग्रेसचे माजी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) यांना यूपीए-२ च्या कार्याकालात देशाचे पंतप्रधान बनण्याची संधी चालून आली होती, असा दावा काँग्रेसचे प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल यांनी केला आहे. तत्कालिन पंतप्रधान डॉ. मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh) यांनी अस्वस्थतेमुळे राहुल गांधी यांनी पंतप्रधान बनावे असा प्रस्ताव ठेवला होता. राहुल गांधी यांनी मात्र डॉ. मनमोहन सिंह यांचा प्रस्ताव स्वीकारण्या नकार दिला. आपण आपला कार्यकाल पूर्ण करावा, अशी विनंती त्यावेळी राहुल गांधी यांनी डॉ. सिंह यांना केली होती, असेही गोहिल पुढे म्हणाले. (dr. manmohan singh had proposed rahul gandhi to become the next prime minister)

'गांधी कुटुंबाने मोठेपणा दाखवला'
गांधी-नेहरू कुटुंबाने नेहमीच मोठेपणा दाखवला आणि व्यक्तीगत हितांपेक्षा पक्षाचे हीच मोठे मानले असे एका ऑनलाइन पत्रकार परिषदेत गोहिल म्हणाले. त्यांनी अनेक संधी चालत आल्या असताना त्याग केला आणि सत्तेची कधीही लालसा धरली नाही. गांधी कुटुंब कधीही पदासाठी लोभी राहिलेले नाही, असे उदाहरणे सादर करत गोहिल म्हणाले.

राहुल गांधी यांनी पक्षाचे नेतृत्व करावे असी देशातील तरुण आणि काँग्रेसच्या कार्यकर्त्यांना वाटत आहे. मात्र, या बाबत निर्णय घेण्याचा हक्क काँग्रेस कार्यसमिती आणि अखिल भारतीय काँग्रेस समितीला आहे, असेही गोहिल पुढे म्हणाले.

काँग्रेसच्या नेत्या प्रियांका गांधी यांच्या एका वक्तव्यावरून चर्चा सुरू असताना गोहिल यांचे हे वक्तव्य आले आहे. काँग्रेस पक्षाचे नेतृत्व गांधी कुटुंबाच्या बाहेरील व्यक्तीने करावे, असे प्रियांका गांधी म्हणाल्या होत्या.

 

माजी राष्ट्रपती प्रणव मुखर्जी यांनी प्रकृती आणखीन खालावलीय. आर्मी रिसर्च अॅन्ड रेफरल रुग्णालयाकडून देण्यात आलेल्या माहितीनुसार, प्रणव मुखर्जी यांच्या फुफ्फुसापर्यंत संक्रमण पोहचल्यानंतर त्यांची तब्येत अधिकच खराब झालीय. गेल्या १० ऑगस्टपासून ते रुग्णालयात दाखल आहेत. मेंदूवर झालेल्या शस्रक्रियेनंतर त्यांना व्हेन्टिलेटरवर ठेवण्यात आलंय. रुग्णालयाच्या अधिकाऱ्यांच्या म्हणण्यानुसार, प्रणव मुखर्जी यांची परिस्थिती खालावत चाललीय.

रुग्णालयकाडून जारी करण्यात आलेल्या माहितीनुसार, माजी राष्ट्रपतींना सध्या व्हेन्टिलेटरद्वारे कृत्रिम श्वासोच्छवास दिला जातोय. तज्ज्ञांची एक टीम त्यांच्या प्रकृतीवर नजर ठेवून आहे.

एक दिवसापूर्वी राष्ट्रपतींचे पुत्र अभिजीत मुखर्जी यांनी ट्विट करून आपल्या वडिलांची प्रकृती स्थिर असल्याचं म्हटलं होतं. 'तुमच्या सगळ्यांच्या शुभकामना आणि डॉक्टरांच्या प्रामाणिक प्रयत्नांमुळे माझ्या वडिलांची प्रकृती आता स्थिर आहे. त्यांचं स्वास्थ्य नियंत्रणात आहे आणि त्यांच्यावर देखरेख ठेवण्यात येतेय. त्यांच्या प्रकृतीत सकारात्मक संकेत पाहायला मिळालेत. ते लवकरात लवकर बरे व्हावेत यासाठी सगळ्यांनी प्रार्थना करण्याची विनंती करतो' असं भावूक ट्वविट अभिजीत मुखर्जी यांनी केलं होतं.

दिल्लीच्या आर्मी रिसर्च अॅन्ड रेफरल रुग्णालयात १० ऑगस्ट रोजी ८४ वर्षीय प्रणव मुखर्जी यांना दाखल करण्यात आलं होतं. इथं त्यांच्या मेंदूवर शस्रक्रिया पार पडली होती. त्यातच ते कोविड १९ पॉझिटिव्ह आढळले होते. त्यामुळे चिंता अधिकच वाढली.
 

पंतप्रधान नरेंद्र मोदी आज गुरुवारी व्हिडिओ कॉन्फरन्सिंगद्वारे स्वच्छतेबाबतच्या 'स्वच्छ सर्वेक्षण-२०२०' च्या निकालांची आज घोषणा केली आहे. त्यानुसार मध्य प्रदेशातील इंदूरला सलग चौथ्या वर्षी स्वच्छतेत अव्वल स्थान प्राप्त झाले आहे. स्वच्छ सर्वेक्षणात पुणे शहराला पुन्हा अव्वल १० मध्ये स्थान मिळविण्यात अपयश आले आहे. पुण्याला २०२० च्या सर्वेक्षणात १५ वे स्थान प्राप्त झाले असून पहिल्या १० शहरांत राज्यातून केवळ नवी मुंबईचा समावेश आहे. नवी मुंबईला तिसरे स्थान प्राप्त झाले आहे. तर नाशिक आणि ठाणे अनुक्रमे ११ व्या आणि १४ व्या स्थानावर, तर नागपूर १८ व्या क्रमांकावर आले आहे.

करतील. या वेळी स्वच्छतेबाबत उत्कृष्ट कामगिरी करणाऱ्या शहरांना पुरस्कार दिले जाणार आहेत. या बरोबरच पंतप्रधान मोदी देशातील काही 'स्वच्छाग्रही' आणि सफाई कर्मचाऱ्यांशी संवाद साधतील.

देशाच्या नागरिकांमध्चे स्वच्छतेबाबत भागीदारी वाढवण्यासाठी स्वच्छ सर्वेक्षणाची सुरुवात करण्यात आली होती. गेल्या २८ दिवसांमध्ये स्वच्छ सर्वेक्षण २०२० पूर्ण करण्यात आले आहे. गुरुवारी आयोजित होणाऱ्या स्वच्छ महोत्सवात स्वच्छता सर्वेक्षण अहवालाव्यतिरिक्त स्वच्छ सर्वेक्षण इनोव्हेशन, स्वच्छ सर्वेक्षण सोशल मीडिया आणि गंगेच्या किनावरील शहरांवरील अहवाल देखील प्रसिद्ध केले जाणार आहेत.

सलग चार वर्षे इंदूर शहर अव्वल
स्वच्छता सर्वेक्षणाच्या पहिल्याच वर्षी भारतातील सर्वात स्वच्छ शहराचा किताव मैसूर या शहराने पटकावला होता . त्यानतर सतत चार वर्षे, म्हणजेच सन २०१७, २०१८ आणि २०१९ आणि आता सन २०२० मध्ये मध्य प्रदेशातील इंदूर हे शहर देशात सर्वात स्वच्छ शहर ठरले आहे.
 

राज्याचे ऊर्जा मंत्री डॉ. नितीन राऊत (Dr. Nitin Raut) यांना उत्तर प्रदेशातील आझमगडच्या सीमेवर पोलिसांनी ताब्यात घेतले आहे. राऊत हे आझमगडमधील बांसा या गावात दलित सरपंचाची हत्या झाल्यानंतर बांसाच्या दौऱ्यावर होते. डॉ. राऊत यांनी स्वत: ट्विट करत ही महिती दिली आहे.

डॉ. नितीन राऊत हे आझमगड सीमेवर आल्यानंतर प्रथम पोलिसांनी त्यांची गाडी अडवली. मात्र, आपल्याला बांसा येथे जायचे आहे, असे राऊत यांनी पोलिसांना सांगितले आपण बांसा येते जाऊ शकणार नाही कारण तेथे आता कोणालाही जाण्याची परवानगी नसल्याचे पोलिसांनी डॉ. राऊत यांना सांगितले. त्यानंतर पोलिसांनी त्यांना जवळच्या गेस्ट हाऊसवर चलण्याची विनंती डॉ. राऊत यांना केली. मात्र आम्ही गेस्ट हाऊस येथे जाऊन का करणार, आम्हाला आमचे लोक ज्या ठिकाणी थांबलेत निदान तिथे तरी जाऊ द्यावे, अशी विनती राऊत यांच्या कार्यकर्त्यांनी पोलिसांना केली.

'आम्हाला वरून ऑर्डर आली तसे करणार'
मात्र, पोलिसांनी ऊर्जामंत्री डॉ. राऊत यांना पुढे जाऊ दिले नाही. आपण सांगत आहात त्या वेगळ्या ठिकाणी आपल्याला जाता येणार ृ, तर आम्ही सांगतो त्या गेस्ट हाऊस येथे कृपया चलावे अशी विनंती पोलिसांनी त्याना केली. आम्हाला वरून ऑर्डर आली आहे त्या प्रमाणे आम्ही काम करू, असेही पोलिसांनी डॉ. राऊत यांना सांगितले.

केवळ अंडी फुटल्यानं झालेल्या नुकसानीनंतर एका १६ वर्षीय अल्पवयीन मुलाला आपले प्राण गमवावे लागलेत. ही घटना दिल्लीत घडलीय. या घटनेनंतर आरोपी तरुणाला पोलिसांनी १२ तासांत अटक केली. ही घटना १८ ऑगस्ट रोजी सकाळी घडल्याची माहिती मिळतेय. छोट्याशा गोष्टीवरून झालेल्या भांडणानंतर आरोपीनं अल्पवयीन मुलाच्या पोटात चाकू खुपसला.

आरोपीचं नाव फारुख असल्याचं समजतंय. तो संगम विहार भागाचा रहिवासी आहे. संगम विहार ही दिल्लीची सर्वात मोठी झोपडपट्टी म्हणून ओळखली जाते. इथं फारुख आपल्या वडिलांसोबत एका छोट्या दुकानात अंडी आणि इतर वस्तू विक्रीचा व्यवसाय करतो. मृत फैजानचा २४ वर्षांचा भाऊ मोहम्मद फैज यानं दिलेल्या माहितीनुसार, आपलं जुनं घर पुन्हा बांधण्याचं काम सुरू होतं. जुनं घर तोडताना तिथून काढल्या जाणाऱ्या विटा शेजारीच इरफान नावाच्या शेजाऱ्याच्या घरासमोर ठेवल्या जात होत्या. इरफानच्या घराच्या खाली त्याचं दुकान आहे

मंगळवारी, जुन्या विटा ठेवताना त्यातील एक वीट चुकून खाली कोसळली. ती खाली दुकानात ठेवलेल्या अंड्यांच्या ट्रेवर जाऊन पडली आणि सगळी अंडी फुटली. त्यानंतर दोन्ही पक्षांत मोठी बाचाबाची झाली. या दरम्यान हे भांडण सोडवण्यासाठी मध्ये पडलेल्या १६ वर्षीय फैजानवर आरोपी फारुखनं चाकूनं वार केले. गंभीर जखमी झालेल्या फैजानला उपस्थितांनी तत्काळा रुग्णालयात हलवण्याचा प्रयत्न केला परंतु, रुग्णालयात दाखल होण्यापूर्वीच फैजानचा मृत्यू झाला होता.

आपल्या हातून खून झाल्याचं लक्षात येताच आरोपी फारुखनं घटनास्थळावरून पळ काढला. परंतु, आरोपी फारुखला संगम विहार पोलिसांनी एमबी रोड स्थित बस स्टॉपवरून रात्री १०.०० च्या सुमारास अटक केली.

भारतीय हवाई दलाच्या (IAF) ७९८ पायलट्सनी गेल्या दहा वर्षांत राजीनामा दिला आहे. हा धक्कादायक खुलासा भारतीय हवाई दलानेच माहितीच्या अधिकाराच्या (RTI) याचिकेला उत्तर म्हणून दिला आहे.

IAF पायलट्सच्या कमतरतेचा सामना करावा लागतोय. १ फेब्रुवारी २०१८ ला सरकारने राज्यसभेत यासंदर्भात माहिती दिली होती. भारतीय हवाई दलाला ४,८५१ च्या पाटलट पदे मंजूर केली आहे. पण त्या तुलनेत ३,८५५ पायलट्स होते. तर २०१८ मध्येच हवाई दल ३७६ वैमानिकांच्या कमतरता भासली होती. ही स्थिती हवाई दलाच्या तयारीला अनुकूल नाही. यासंदर्भात इंडिया टुडेने माहिती अधिकारा कायद्यांतर्गत याचिका केली होती.

२०१६ मध्ये, १०० पायलट आणि २०१७ मध्ये ११४ पायलट्स हवाई दल सोडून गेले. २०१५ मध्ये ३७ पायलट्सनी सेवानिवृत्तीपूर्वीच राजीनामा दिला होता. २०१५ या वर्षात गेल्या दशकभरात तुलनेने सर्वात कमी पायलट भारतीय हवाई दल सोडून गेले. अन्यथा, दरवर्षी सरासरी ८० पायलट राजीनामा देत आहेत.

'सेवानिवृत्तीपूर्वी हवाई दल सोडणारे किती पायलट खासगी एअर लाइन्समध्ये दाखल झाले आहेत?' या संदर्भात कुठलाही डेटा ठेवला जात नाही, असं एअर हेड क्वार्टर्सकडून सांगण्यात आलंय.

हवाई दलाच्या पायलटचा महिन्याचा पगार जळपास २ लाख
राजीनामा देणाऱ्या ७९८ पायलट पैकी २८९ पायलट्सना खासगी एअर लाइन्सच्या विमानांच्या उड्डाणांसाठी ना हरकत प्रमाणपत्र प्राप्त केले. याचा थेट अर्थ असा आहे की गेल्या दशकात वायुसेना सोडलेल्या पायलटपैकी एक तृतीयांशाहून अधिक पायलट व्यावसायिक उड्डाणे करत आहेत.

बॉलिवूडचा दबंग अभिनेता सलमान खानच्या हत्येचा कट उधळण्यात आला आहे. सलमानच्या हत्येसाठी मुंबईत रेकी करणाऱ्याला गुन्हे अन्वेषण विभागाने अटक केली आहे. राहुल ऊर्फ सांगा ऊर्फ बाबा असं या गँगस्टरचं नाव असून तो लॉरेन्स बिश्नोई टोळीचा सदस्य असल्याचं सूत्रांनी सांगितलं. काळवीट शिकारप्रकरणी सलमान खान हा बिश्नोई गँगच्या रडारवर असून या गँगकडून सलमानला या आधीच जीवे मारण्याच्या धमक्या देण्यात आल्या होत्या. पंजाब, हरयाणा आणि राजस्थान या राज्यात ही टोळी सक्रिय आहे.

राहुल हा कुविख्यात गुंड असून त्याने आतापर्यंत चार हत्या केल्या आहेत. ऑगस्ट २०१९मध्ये झज्जरमध्ये एका व्यक्तिची हत्या केली होती. लॉरेन्स बिश्नोईच्या इशाऱ्यावरून त्याने डिसेंबर २०१९मध्ये मनोट येथे एकाची हत्या केली होती. तसेच २० जून २०२०मध्येही त्याने भिवानी येथे एकाची हत्या केली होती. त्याने फरिदाबादच्या एसजीएम नगरमध्येही २४ जून २०२०मध्ये एकाची हत्या केली होती. दिल्लीच्या गुन्हे अन्वेषण विभागाने त्याला उत्तराखंडमधून अटक केली आहे. त्याची चौकशी सुरू असून मुंबई पोलीसही त्याची चौकशी करणार असल्याचं सूत्रांनी सांगितलं.

 

 करोनाच्या पार्श्वभूमीवर बंद करण्यात आलेले थिएटर्स आणि सिनेमा हॉल पुन्हा कधी सुरू होणार? हे काही सांगता येत नाही परंतु, आता मात्र एनसीआर भागात 'ड्राईव्ह इन सिनेमा'चा पर्याय सुरू झालेला दिसतोय. त्यामुळे, आता लोकांना टीव्ही आणि कम्प्युटर किंवा मोबाईल स्क्रीनशिवाय मोठ्या स्क्रीनवरही पाहता येणं शक्य होणार आहे.

काय आहे 'ड्राईव्ह इन सिनेमा'?
'ड्राईव्ह इन सिनेमा'मध्ये सोशल डिस्टन्सिंग पाळताना लोक आपल्या गाडीतच बसून समोर भल्या मोठ्या स्क्रिनवर सुरू असणाऱ्या सिनेमाचा आनंद घेऊ शकतात. १९७० च्या दशकात अहमदाबाद आणि मुंबईत ड्राईव्ह इन सिनेमा सुरू करण्याचा प्रयत्न झाला होता. परंतु, हा प्रयत्न फसला. सध्या भारतात सहा ड्राईव्ह इन सिनेमा आहेत. यापैंकी दोन गुरुग्राममध्ये आहेत.

सोशल डिस्टन्सिंग
गेल्या रविवारी एनसीआरमध्ये गेल्या पाच महिन्यांत पहिल्यांदाच मुव्ही स्क्रीनिंग या पद्धतीनं करण्यात आली. आपापल्या गाडीत बसणाऱ्या लोकांनी मास्कसहीत सोशल डिस्टन्सिंगचही पालन केलं. हा सिनेमा पाहण्यासाठी जवळपास ३० गाड्या इथं दाखल झाल्या होत्या. यामध्ये, व्हिडिओ ३० फूट लांब स्क्रीनवर दिसतो तर ऑडिओ थेट कारमध्ये पोहचतो.

सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणाचा तपास आता सीबीआय करणार असल्याचे स्पष्ट झाले आहे. सुप्रीम कोर्टाने या प्रकरणाचा तपास मुंबई पोलिसांकडे न देता तो सीबीआयकडे सोपवण्याचा निर्णय दिला आहे. बिहार सरकार या प्रकरणाचा तपास करण्याची शिफारस करण्यास सक्षम असल्याचेही सुप्रीम कोर्टाने म्हटले आहे. महाराष्ट्र सरकार मात्र सुप्रीम कोर्टाच्या या निर्णयाला आव्हान देणार आहे. मुंबई पोलिसांनी तपास केलेला नसून केवळ चौकशी केली आहे, असेही सुप्रीम कोर्टाने म्हटले आहे. सुप्रीम कोर्टाने हे प्रकरण पूर्णपणे सीबीआयकडे सोपवले आहे. या पुढे या प्रकणात कोणताही एफआयआर दाखल झाल्यास तो सीबीआयच पाहण्याचे काम करेल असेही सुप्रीम कोर्टाने म्हटले आहे.

सुप्रीम कोर्टाने मागवले होते सर्व पक्षकारांचे जबाब
सुशांतसिंह राजपूत प्रकरणाचा तपास करण्याचा अधिकार कुणाला आहे, या बाबतचे प्रकरण सुप्रीम कोर्टात दाखल करण्यात आले होते. या प्रकरणी सुप्रीम कोर्टाने या प्रकरणातील सर्वच पक्षकारांचे लिखित जबाब मागवले होते. बिहार सरकार, रिया चक्रवर्ती आणि सुशांतसिंह राजपूत याच्या कुटुंबीयांकडून आपापले लिखित जबाब सुप्रीम कोर्टाला देण्यात आले होते. सुप्रीम कोर्टाने सीबीआय आणि ईडीला आपला या प्रकरणातील तपास सुरू ठेवण्याची परवानगी देण्यात यावे, असे जबाबात म्हटले होते.

'झी फाइव्ह' या ओटीटी प्लॅटफॉर्मवरून दाखवलेल्या वेबसीरीजच्या भागात वाँटेड गुन्हेगार म्हणून शहीद खुदीराम बोस यांचे छायाचित्र वापरल्याप्रकरणी निर्मात्याला नोटीस बजावण्यात आली आहे. स्वांतत्र्यदिनी 'अभय २' या सीरीजचा प्रारंभ झाला. या भागात पोलिस अधिकारी संशयिताची चौकशी करत असल्याचे दृश्य होते. त्या दृश्यात भिंतीवर लावलेल्या आरोपींच्या छायाचित्रांमध्ये क्रांतीकारक खुदीराम बोस यांचे छायाचित्र लावलेले होते. सीरीजमधल्या भागातील ते छायाचित्र समाजमाध्यमातून व्हायरल झाल्यानंतर 'झी फाइव्ह'वर बहिष्कार टाकण्याचे आवाहनही करण्यात आले. तृणमूल काँग्रेसचे आमदार मदन मित्रा आणि जेएनयूमधील विद्यार्थी नेता आयषी घोष यांनी हे 'अत्यंत लज्जास्पद' असल्याची टीका केली आहे.

करोना संक्रमणाची धास्ती नागरिकांनी किती घेतलीय? हे दर्शवणारी एक धक्कादायक घटना कर्नाटकमध्ये उघडकीस आलीय. करोनानं माणुसकीलाही हरवलंय की काय? अशी शंका यावी, असंच हे उदाहरण... या घटनेचा एक हृदयद्रावक व्हिडिओ सोशल मीडियावर व्हायरल होतोय. या व्हिडिओमध्ये एक कुटुंब आपल्या घरातील मृत व्यक्तीचा मृतदेह सायकलवरून नेताना दिसत आहेत. स्मशानभूमीपर्यंत येण्यासाठीही शेजाऱ्यांनी नकार दिल्यानं तसंच अॅम्ब्युलन्स न मिळाल्यानं या कुटुंबावर ही वेळ आल्याचं समजतंय. मृत व्यक्तीचा करोनामुळे मृत्यू झाल्याचा संशय शेजाऱ्यांना होता. त्यामुळे त्यांनी अंत्ययात्रेत सहभागी होण्यासही नकार दिला.

कर्नाटकातल्या बेळगाव जिल्ह्यातल्या कीत्तूरचा हा अंगावर काटे आणणारा व्हिडिओ... ही घटना गेल्या रविवारी घडल्याचं समोर येतंय. मृत व्यक्ती करोना संसर्गामुळे मरण पावल्याचं शेजाऱ्यांना वाटत होतं त्यामुळे त्यांनी अंत्ययात्रेत सामील होण्यास नकार दिला. त्यामुळे जवळच्या व्यक्तीच्या निधनानं अगोदरच दु:खात असलेल्या कुटुंबीयांसमोर पेच उभा राहिला.

मृतदेह स्मशानभूमीपर्यंत नेण्यासाठी काही मार्ग दिसेना त्यामुळे कुटुंबीयांनी एका सायकलचा आसरा घेतला... आणि एम के हुबळी गावातील स्मशानभूमीपर्यंत हा मृतदेह सायकलवरून नेण्यात आला. इथं या मृतदेहावर अंत्यसंस्कार पार पडले.

करोनाची सद्य परिस्थिती
दरम्यान, केंद्रीय आरोग्य मंत्रालयाच्या माहितीनुसार, देशात एकूण करोनाबाधित रुग्णांची संख्या २७,०२,७४३ वर पोहोचलीय. देशातील एकूण करोनाबाधित रुग्णांपैकी आतापर्यंत एकूण ५१,७९७ रुग्णांनी आपले प्राण गमावले आहेत. तर १९,७७,७८० रुग्णांनी करोनावर यशस्वीरित्या मात केली आहे. सध्या देशात ६,७३,१६६ रुग्णांवर उपचार सुरू आहेत.

देशात पहिल्यांदाच करोना व्हायरस संक्रमित मृतदेहाचं शवविच्छेदन (पोस्टमॉर्टेम) पार पडलंय. करोना रुग्णांवर उपचारांवर रिसर्च करणं, हा या पोस्टमॉर्टेमचा मुख्य उद्देश होता. व्यक्तीच्या मृत्यूनंतरही हा व्हायरस शरीरात किती काळ राहू शकतो तसंच शरीरातील कोणकोणत्या भागांना तो कशा पद्धतीनं प्रभावित करू शकतो, हे शोधून काढण्याचा आणि त्यावर अभ्यास करण्याचा तज्ज्ञांचा प्रयत्न आहे.

भोपाळच्या एम्स रुग्णालयात हे पोस्टमॉर्टेम पार पडलं. उल्लेखनीय म्हणजे, पोस्टमॉर्टेमसाठी परवानगी घेण्यासाठी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थेला (AIIMS) 'भारतीय वैद्यकीय संशोधन परिषद' (Indian Council of Medical Research - ICMR)कडून परवानगी घ्यावी लागली. त्यानंतर रविवारी करोना संक्रमित रुग्णावर अभ्यासाच्या उद्देशानं हे पोस्टमॉर्टेम पार पडलं.

भोपाळ 'एम्स'नं याअगोदरही 'आयसीएमआर'कडे संक्रमित व्यक्तीच्या शवविच्छेदनाच्या पोस्टमॉर्टेमची परवानगी मागितली होती. परंतु, संक्रमणाच्या धोक्याच्या पार्श्वभूमीवर यासाठी परवानगी नाकारण्यात आली होती. परंतु, भोपाळ एम्सनं हार मानली नाही. त्यांनी पुन्हा एकदा, संक्रमण रोखण्याच्या उपायांसोबत पोस्टमॉर्टेमच्या आधुनिक तंत्रज्ञानाच्या माहितीसहीत पुन्हा एकदा आयसीएमआरकडे परवानगी मागितली. तेव्हा यासाठी त्यांना मंजुरी मिळाली.

रविवारी करोना संक्रमित रुग्णाच्या मृत्यूनंतर त्याच्या मृतदेहाचं पोस्टमॉर्टेम करण्यात आलं. या दरम्यान पोस्टमॉर्टेम करणाऱ्या डॉक्टर्सच्या एका टीमनं पीपीई किटसही सुरक्षेच्या सगळ्या गाईडलाईन्सचं पालन केलं. एम्स भोपाळच्या दाव्यानुसार, करोना संक्रमित मृतदेहावर पार पडलेलं हे पहिलंच पोस्टमॉर्टेम आहे. यानंतरही आणखी काही मृतदेहांवर हा अभ्यास सुरू राहणार आहे त्यानंतर त्याचा अंतिम अहवाल तयार करण्यात येईल.

फॉरेन्सिक मेडिसनशिवाय तीन इतर विभागाच्या टीम्सनंही जवळपास दोन तास मृतदेहाचं पोस्टमॉर्टेम केलं. भोपाळ एम्सचे संचालक डॉ. सरमन सिंह यांच्या म्हणण्यानुसार, पोस्टमॉर्टेममुळे शरीराच्या विविध अंगांवर होणाऱ्या करोना परिणामांची माहिती मिळू शकेल.

 केंद्रीय गृहमंत्री अमित शहा यांना आज पुन्हा दिल्लीतील एम्स रुग्णालयात दाखल करण्यात आले आहे. त्याला हलका ताप आल्याने पुन्हा रुग्णालयात दाखल करण्यात आले आहे. रात्री उशिरा त्यांना एम्समध्ये दाखल करण्यात आल्याची माहिती मिळत आहे. एम्सचे डॉ. गुलेरिया यांच्या नेतृत्वातील डॉक्टरांचे पथक शहा यांच्यावर उपचार करत आहेत.

शहा यांना ताप आल्यानंतर मध्यरात्रीनंतर २ वाजण्याच्या सुमाराला त्यांना एम्समद्ये दाखल करण्यात आले. शुक्रवारी १४ ऑगस्ट या दिवशी त्यांचा करोना रिपोर्ट निगेटीव्ह आल्यानंतर त्यांना होम आयसोलेशनमध्ये राहण्याचा सल्ला देण्यात आला होता. स्वत: अमित शहा यांनी ही माहिती दिली होती. माझा करोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटीव्ह आला असून मी ईश्वराला धन्यवाद देतो, असे अमित शहा यांनी म्हटले होते. अमित शहा यांना २ ऑगस्ट या दिवशी करोनाची लागण झाल्याचे स्पष्ट झाले होते.

अमित शहा यांनी ट्विट करत ही माहिती दिली होती. आज माझी करोना टेस्ट निगेटीव्ह आली आहे. मी ईश्वराला धन्यवाद देतो. ज्या लोकांनी माझ्या आरोग्यासाठी शुभकामना दिल्या आणि माझे आणि माझ्या कुटुंबीयांचे धाडस वाढवले, त्या सर्वांचा मी आभारी आहे, असे अमित शहा यांनी म्हटले होते. डॉक्टरांच्या सल्ल्यानुसार मी आता काही दिवस होम आयसोलेशनमध्ये राहणार आहे, असेही अमित शहा यांनी सांगितले होते.

शहा यांच्यावर मेदांता रुग्णालयात उपचारकरण्या आले होते. करोना विषाणूविरोधातील या लढाईत माझी मदत करणारे आणि माझ्यावर उपचार करणारे मेदांता रुग्णालयाचे सर्व डॉक्टर्स आणि पॅरामेडिकल स्टाफचा मी आभारी आहे, असे अमित शहा यांनी म्हटले होते.

या पूर्वी २ ऑगस्ट या दिवशी गृहमंत्री अमित शहा यांनी स्वत:च आपल्याला करोनाची लागण झाल्याचे ट्विटद्वारे सांगितले होते. त्यानंतर शहा यांना मेदांता रुग्णालयात दाखल करण्यात आले. करोनाचे लक्षण दिसल्यानंतर गृहमंत्र्यांनी चाचणी केली होती. त्यात त्यांना करोनाची लागण झाल्याचे स्पष्ट झाले.

मोबाइलवर चित्रपट बघत असताना, अंगावर लघुशंका केली. त्यानंतर झालेल्या वादातून मित्राची हत्या करण्यात आली. गुजरात येथील वडोदराजवळील सावली तालुक्यातील लसुंद्रा गावात ही घटना घडली.

राकेश राठोडिया असे मृत तरुणाचे नाव आहे. राकेश आणि त्याचे दोन मित्र हे शेतावरील पाण्याच्या टाकीजवळ मोबाइलवर चित्रपट पाहत होते. त्याचवेळी कालिदास राठोडिया हा पाण्याच्या टाकीवर चढला. त्याने या तिघांवर लघुशंका केली. त्यानंतर त्या तिघांनाही शिवीगाळ करू लागला. त्याच्या कृत्याने राकेश त्याच्यावर संतापला. त्याने शेतावरून जायला सांगितले. मात्र, कालिदास हा त्यांना शिवीगाळ करतच होता. त्यानंतर त्यांच्यात कडाक्याचे भांडण झाले. त्याचे पर्यावसन हाणामारीत झाले. कालिदासने राकेशचा गळा दाबला. त्याच्या दोन मित्रांनी राकेशला त्याच्या तावडीतून सोडवण्याचा प्रयत्न केला. त्यानंतर दोघांनी बचावासाठी आरडाओरड केली. त्याचवेळी कालिदास तेथून पसार झाला. राकेश तोपर्यंत जमिनीवर कोसळला होता. तो बेशुद्ध झाला. त्याच्या मित्रांनी उचलून त्याला सुरुवातीला घरी नेले. तिथे राकेशचा मृत्यू झाला होता. याबाबत कुटुंबीयांनी सरपंचांना माहिती दिली. त्यांनी पोलीस ठाण्यात तक्रार दाखल केली. कालिदास अद्याप फरार आहे. कालिदासबद्दल याआधीही अनेक तक्रारी आल्या आहेत. त्याचे गावातील अनेक जणांशी वाद झाले होते, अशी माहिती पोलिसांनी दिली.

याआधीही अशाच प्रकारची एक घटना अहमदाबादमध्ये घडली होती. मोबाइलवरून ब्लँक कॉल केल्यावरून दोन मित्रांमध्ये हाणामारी झाली होती. दोघांमध्ये धक्काबुक्की झाली. जयेश पटानवाडिया या तरुणाने त्याचा मित्र सतीश पटानवाडिया याला खड्ड्यात ढकलले होते. यात त्याचा मृत्यू झाला होता. पोलिसांनी जयेशविरोधात हत्येचा गुन्हा दाखल केला होता.

वीजेच्या बाबतीत थोडासा जरी निष्काळजीपणा केलात तर तो जीवावर देखील बेतू शकतो. ग्रेटर नोएडामधील बिलोचन कॉलनीत एका मुलाचा झोपेत कुलरला स्पर्श झाला आणि वीजेचा धक्का लागून हा मुलगा काही मिनिटांतच गतप्राण झाला. याबाबत पोलिसांनी दिलेल्या माहितीनुसार, हा मुलगा सकाळी ११ वाजता कुलरला लागूनच असलेल्या बिछान्यावर झोपला होता. त्याचे वडील बाहेर होते आणि घरातील इतर आपापल्या कामाला लागले होते. अवघ्या १ वर्षांचा हा मुलगा कुलरच्या मेटल बॉडीच्या संपर्कात आला आणि वीजेच्या धक्क्याने भाजला. मुलाचे ओरडणे ऐकून घरातील धावतच आले. त्यांनी मुलाला जवळच्या रुग्णालयात दाखल केले. मात्र काही मिनिटातच त्याचा मृ्यू झाला. कदाचित कुलरने अर्थिंग करंट पकडला असावा, असा अंदाज पोलिसांनी व्यक्त केला.

कसा लागतो करंट?

इलेक्ट्रिक अप्लायंसमध्ये बिघाड किंवा अर्थिंगद्वारे
वायरिंगमध्ये बिघाड, लीकेज किंवा तार उघडी पडल्यास
ओल्या स्वीच किंवा सॉकेटला स्पर्श केल्यास
इलेक्ट्रिक अप्लायंसेसचा वापर करतेवेळी पाय नग्न असणे

घर बांधताना वायरिंग करताना सावधगिरी बाळगणे आवश्यक आहे. जर तुम्ही भाड्याच्या घरात राहात असाल, तर वीजेच्या तारा चांगल्या इलेक्ट्रिशियनकडून तपासून घ्या. तांब्याच्या तारांचा वापर करा. बाजारात मिळणाऱ्या रिसायकल्ड वायरचा वापर करू नका. तांब्याच्या तारा लवकर गरम होऊन वितळत नाहीत. या बरोबरच कोठेही तारा उघड्या ठेवू नका. संपूर्ण वायरिंग वर्ष-दोन वर्षांनी तपासून घ्या.

वायरिंग करताना ही काळजी घ्या
घरातील विजेचे काम एखाद्या प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियनला द्या. योग्य प्रकारे अर्थिंग करून घ्या. चांगल्या दर्जाची वायर आणि स्वीच तसेच सॉकेट खरेदी करा. प्रत्येक खोलीसाठी वेगळे एमसीबी बसवा. यामुळे शॉर्ट सर्किट झाल्यास तेवढाच वीजप्रवाह थांबवता येऊ शकतो. मेन एमसीबीसह एक रेझिड्यू करंट सर्किट ब्रेकर (RCCB) देखील आवश्यक आहे. यामुळे लीकेज झाल्यास संपूर्ण घराचा वीजपुरवठा बंद होतो.
 

भारतात सत्ताधारी भाजपशी आणि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाशी कथित लागेबांध्यावर सोशल मीडिया प्लॅटफॉर्म फेसबुकला आता स्पष्टीकरणासाठी पुढे यावं लागलंय. फेसबुक हे प्लॅटफॉर्म हिंसा किंवा घृणा पसरवणाऱ्या पोस्टसंबंधी नियमांकडे कधीही कानाडोळा करत नाही. जगभरासाठी यासंबंधी फेसबुकचे नियम एकच आहेत. त्यामुळे, कोणत्याही राजकीय पक्ष किंवा संस्थांना किंवा त्यांच्याशी संबंधित व्यक्तींना यापासून सूट दिली जात नसल्याचं स्पष्टीकरण फेसबुककडून देण्यात आलंय.

'आम्ही हिंसेला प्रवृत्त करणाऱ्या हेट स्पीच आणि कंटेन्टला आळा घालतो. कोणत्या पक्षाची काय राजकीय स्थिती आहे किंवा ते कोणत्या पक्षाशी निगडीत आहेत हे न पाहता फेसबुकची नीती जगभरात लागू केली जाते. आम्ही निष्पक्षता आणि अचूकता सुनिश्चित करण्यासाठी नियमांची काटेकोरपणे अंमलबजावणी करतोसोबतच आम्ही आपल्या प्रक्रियांचं नियमित रुपात ऑडिटिंगही करत असतो' असं स्पष्टीकरण फेसबुकच्या प्रवक्त्यांकडून देण्यात आलंय.

डेहराडून: गढवाल रायफल्सचा (garhwal rifles) बेपत्ता झालेला जवान हवालदार राजेंद्र सिंह (३५) यांचे शव तब्बल ७ महिन्यानंतर सापडले आहे. देहराडूनचे रहिवासी असलेले जवान राजेंद्र सिंह सात महिन्यांपूर्वी गुलमर्ग येथील नियंत्रण रेषेवर गस्त घालत होते. त्याच वेळी हिमस्खलन झाल्यानंतर ते बेपत्ता झाल्याचे बोलले जात होते. शनिवारी त्यांच्या कुटुंबीयांना त्यांचे शव मिळाल्याची माहिती देण्यात आली.

राजेंद्र यांच्या कुटुंबीयांनी दिलेल्या माहितीनुसार, मे महिन्यात भारतीय लष्कराने त्यांना युद्धात जखमी (Battle Casualty) झाल्याचे घोषित केले होते. त्याच प्रमाणे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्रसिंह रावत यांनी याच महिन्याच्या सुरुवातीला त्यांच्या पत्नीच्या नावे एक शोक संदेश देखील पाठवला होता. मात्र, राजेंद्र सिंह हे शहीद झाल्याचे त्यांनी मान्य केलेले नव्हते. याचे कारण म्हणजे राजेंद्र सिंह यांचे शव सापडलेले नव्हते.

शेवटचे दिवाळीला आले होते घरी
एकूण चार भावंडांमध्ये सर्वात मोठे असलेले राजेंद्र सिंह सन २००१ मध्ये गढवाल रायफल्स रेजिमेंटमध्ये दाखल झाले. त्यांच्या कुटुंबात त्यांच्या पत्नी राजेश्वरी, दोन मुली आणि एक मुलगा आहे. राजेंद्र यांचे चुलत भाऊ दिनेश नेगी लष्करातून निवृत्त झालेले आहेत. ते माहिती देताना म्हणाले की, 'राजेंद्र हे शेवटचे ऑक्टोबर २०१९ मध्ये दिवाळीला डेहराडूनला आले होते. ते पुन्हा ड्यूटीवर गेले असताना त्यांची तैनाती गुलमर्गमधील नियंत्रण रेषेजवळ करण्यात आली होती. याच वर्षी ९ जानेवारीला ते हिमस्खलनानंतर बेपत्ता झाल्याची माहिती आम्हाला मिळाली.'

बारामुला : जम्मू काश्मीरच्या बारामुला जिल्ह्यात सुरक्षा दलावर पुन्हा एकदा दहशतवादी हल्ला करण्यात आला. या हल्ल्यात काश्मीर पोलिसांच्या एका जवानाने तर सीआरपीएफच्या दोन जवानांनी आपले प्राण गमावलेत. दहशतवाद्यांनी बारामुलाच्या क्रेरी भागात हा क्रूर हल्ला केला. दहशतवाद्यांकडून सीआरपीएफ आणि पोलिसांच्या जॉईंट नाका टीमवर बंधुंद गोळीबार केला.

आयजी विजय कुमार यांनी दिलेल्या माहितीनुसार, 'हल्ल्यात जम्मू काश्मीर पोलिसांचे स्पेशल पोलीस अधिकारी घटनास्थळीच शहीद झाले. तर सीआरपीएफचे दोन जवान गंभीर जखमी झाले होते. त्यांना तत्काळ रुग्णालयात हलवण्यात आलं परंतु, उपचारा दरम्यान सीआरपीएफच्या दोन्ही जवानांचा मृत्यू झाला'

या हल्ल्यानंतर उत्तर काश्मीरच्या बारामुला जिल्ह्यातील क्रेरी भागाला सुरक्षा दलाकडून घेराव घालून सर्च ऑपरेशन सुरू करण्यात आलंय. हा हल्ला घडवून आणणारे दहशतवादी गावातच लपून बसले होते, अशीही माहिती सुरक्षा दलाच्या हाती लागली आहे.

शुक्रवारी नौगाम हल्ल्यात दोन शहीद
यापूर्वी १४ ऑगस्ट रोजी श्रीनगरनजिक नौगाम बायपासजवळ पोलिसांच्या टीमवर दहशतवादी हल्ला करण्यात आला होता. या हल्ल्यातही दोन पोलीस कर्मचारी शहीद झाले होते. १५ ऑगस्टसाठी तैनात करण्यात आलेल्या पोलीस दलावर हा हल्ला करण्यात आला होता.

एका अग्रगण्य हिंदी वृत्तवाहिनीवरील चर्चेनंतर बुधवारी सायंकाळी हृदयविकाराच्या झटक्याने निधन झालेले काँग्रेसचे राष्ट्रीय प्रवक्ते राजीव त्यागी यांच्या मृत्यूप्रकरणी काँग्रेस पक्षाच्या वतीने भाजपचे राष्ट्रीय प्रवक्ते संबित पात्रा आणि संबंधित वृत्तवाहिनीविरुद्ध लखनौ येथे तक्रार दाखल करण्यात आली आहे.

लखनऊच्या हजरतगंज कोतवालीत तसेच अयोध्येतील कोतवाली ठाण्यात संबित पात्रा, वृत्तवाहिनीचे वृत्तनिवेदक आणि मालकाविरुद्ध उत्तर प्रदेश काँग्रेसचे प्रवक्ते अंशू अवस्थी यांनी कटकारस्थानाने हत्या केल्याची फिर्याद दाखल केली आहे. पात्रा यांनी या चर्चेत मुद्द्यावर चर्चा करण्याऐवजी त्यागी यांना जयचंद म्हणून संबोधले आणि कपाळावर टिळा लावल्याने कोणी हिंदू होत नाही, अशी वैयक्तिक टीका केली. त्यामुळे अस्वस्थ झालेल्या त्यागी यांचा हृदयगती बंद पडून मृत्यू झाल्याचा त्यागी यांच्या निधनामुळे वृत्तवाहिन्यांवर होणाऱ्या चर्चांच्या खालावलेल्या स्तरावर प्रश्नचिन्ह लावले जात आहे. वृत्तवाहिन्यांवरील चर्चा अर्थहीन, विषारी आणि जीवघेण्या ठरत आहेत. यावर वृत्तवाहिन्याचे मालक, संपादक आणि अँकर्सनी आत्मचिंतन करण्याची ही घडी असल्याची भावना काँग्रेसचे ज्येष्ठ नेते अहमद पटेल यांनी व्यक्त केली आहे. या चर्चांमधील शब्द कधी कधी पिस्तुलातील गोळीसारखे ठरत असल्याचे पटेल यांनी म्हटले आहे. वृत्तवाहिन्यांवर होणाऱ्या विषारी चर्चा आणि विषारी प्रवक्ते संयम आणि साधेपणाने चर्चा करणाऱ्यांचे आणखी किती जीव घेणार आणि अशा चर्चांनी किती काळ टीआरपीचा धंदा चालवणार, असा सवाल काँग्रेसच्या प्रसिद्धी विभागाचे प्रमुख रणदीप सुरजेवाला यांनी केला आहे. माजी केंद्रीय माहिती व नभोवाणीमंत्री मनीष तिवारी तसेच काँग्रेसचे राष्ट्रीय प्रवक्ते जयवीर शेरगील यांनीही त्यागी यांच्या निधनावरुन वृत्तवाहिन्यांवरील घसरणाऱ्या चर्चेच्या स्तरावर टीका केली आहे.

दरम्यान, दिल्लीच्या सीमेवरील गाझियाबाद येथे राहणारे त्यागी यांच्या पार्थिवावर सकाळी काँग्रेस नेत्यांच्या उपस्थितीत शोकाकुल वातावरणात हिंडन स्मशानघाटावर अंत्यसंस्कार करण्यात आले.

राजस्थानमधील जोधपूर शहरात तरुणाची हत्या करण्यात आली होती. त्याच्या मृतदेहाचे तुकडे करून नाल्यात फेकण्यात आले होते. त्यामुळे परिसरात खळबळ उडाली होती. या निर्घृण हत्याकाडांचा उलगडा पोलिसांनी अवघ्या ४८ तासांत केला. मृत तरुणाची पत्नी, दोन मेहुण्या आणि मेहुणीच्या मित्रानं ही हत्या केल्याची धक्कादायक माहिती समोर आली आहे. हत्येनंतर मृतदेहाचे तुकडे करून त्यांनी नाल्यात फेकले होते.

या हत्याकांड प्रकरणात कायदेशीर मर्यादा लक्षात घेऊन पोलिसांनी अधिक तपशील दिले नाहीत. मृत तरूण आणि त्याच्या पत्नीमध्ये वाद होते, अशी माहिती पोलिसांनी दिली. सूत्रांच्या माहितीनुसार, मृत तरुणाची पत्नी ही समलिंगी होती आणि तिचे अन्य एका महिलेशी संबंध होते. त्यामुळे पती-पत्नीमध्ये वाद होत होते. या वादातूनच तिने बहिणींच्या मदतीने पतीची हत्या केली, अशी माहिती उघडकीस आली आहे.

पोलीस उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह यादव यांनी सांगितले की, बुधवारी सकाळी नांदडी गोशाळेच्या पाठिमागे एसटीएफ प्लांटजवळ एका अनोळखी व्यक्तीचे कापलेले हात, पाय आणि संध्याकाळी कापलेले शिर आढळून आले होते. या घटनेची गंभीर दखल घेऊन घटनास्थळी एफएसएल पथक, श्वान पथकाला पाचारण करण्यात आले होते. घटनास्थळाची पाहणी केल्यानंतर अनोळखी व्यक्तीच्या हत्येप्रकरणी गुन्हा दाखल करण्यात आला होता. घटनेचे गांभीर्य लक्षात घेऊन वरिष्ठ अधिकाऱ्यांनी अतिरिक्त पोलीस उपायुक्त भागचंद यांच्या नेतृत्वाखाली एसीपी राजेंद्र दिवाकर, अशोक आंजना आणि लालाराम यांचे पथक नेमले. त्यांनी या नाल्याची पाहणी केली. परिसरातील बेपत्ता व्यक्तींची माहिती संपूर्ण राज्यातून मागवली.

ज्या बॅगमधून मृतदेहाचे तुकडे फेकले होते, त्यातील एक बॅग आनंदपूर कालू आणि एक बॅग मेडतामधील दुकानातील होती. त्यावरून बेपत्ता झालेल्या तरुणाची माहिती मिळाली. १० ऑगस्ट रोजी चरणसिंह उर्फ सुशील चौधरी हा बेपत्ता असल्याची तक्रार मेडता शहर पोलीस ठाण्यात दाखल होती. मृतदेहाची ओळख पटवल्यानंतर पोलिसांनी त्या दिशेने तपास सुरू केला आणि या हत्याकाडांचे धागेदोरे हाती लागले. पत्नीनेच आपल्या बहिणींच्या आणि त्यांच्या एका मित्राच्या मदतीने सुशीलची हत्या केल्याचे स्पष्ट झाले.

सर्वोच्च न्यायालयानं (Supreme Court) वकील प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) यांना अवमानना प्रकरणात दोषी करार दिलंय. त्यांच्या शिक्षेवर येत्या २० ऑगस्ट रोजी सुनावणी होणार आहे. प्रशांत भूषण यांनी सर्वोच्च न्यायालयाच्या चार माजी सरन्यायाधीशांवर कथितरित्या आक्षेपार्ह ट्विट केलं होतं. याला 'कंटेम्ट ऑफ कोर्ट' (कायद्याचा अवमान) मानण्यात आलं. या प्रकरणात न्यायपालिकेनं संज्ञान घेतलं होतं. न्यायमूर्ती अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ती बी आर गवई आणि न्यायमूर्ती कृष्ण मुरारी यांच्या पीठानं या प्रकरणात भूषण यांना दोषी मानलंय.

'माजी १६ सरन्यायाधीशांमध्ये निम्म्याहून अधिक सरन्यायाधीश भ्रष्ट होते' असं प्रशांत भूषण यांनी २००९ मध्ये म्हटलं होतं. यावर, प्रशांत भूषण यांच्या या वक्तव्यामुळे प्राथमिकदृष्ट्या न्यायालयाचा अवमान होतो का? हे पाहिलं जाईल, असं सर्वोच्च न्यायालयानं म्हटलं होतं. आता या प्रकरणात सर्वोच्च न्यायालयानं प्रशांत भूषण यांना अवमाना करण्यासाठी दोषी ठरवलंय.

'ती' याचिका मागे घेण्याची अनुमती
दरम्यान, गुरुवारी अवमान कायद्याला (कंटेम्प्ट लॉ) आव्हान देणारी याचिका मागे घेण्यास सर्वोच्च न्यायालयानं माजी केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी, ज्येष्ठ पत्रकार एन. राम आणि वकील प्रशांत भूषण यांना अनुमती दिली. या मुद्द्यावर आधीच अनेक याचिका प्रलंबित असल्यानं त्यात आपल्या याचिकेची भर पडू नये, यासाठी याचिका मागे घेत असल्याचं त्यांचे वकील राजीव धवन यांनी न्यायाधीश अरुण मिश्रा यांच्या नेतृत्वाखालील खंडपीठाला सांगितलं. त्यानुसार खंडपीठाने अनुमती दिली. अवमान कायद्यामुळे घटनेतील अभिव्यक्ती स्वातंत्र्य आणि समानतेच्या तत्त्वांचा भंग होत असल्याचा दावा याचिकेत करण्यात आला होता.

मंगळवारी रात्री उशिरा बंगळुरूमध्ये घडवून आणलेल्या हिंसाचाराचे धागेदोरे याच वर्षी फेब्रुवारी महिन्यात घडवून आणल्या गेलेल्या दिल्ली दंगलीशी जुळल्याचं समोर येतंय. बंगळुरू हिंसाचारानंतर जवळपास ३० तासांनी पोलिसांच्या चौकशीत कट्टरतावादी 'सोशल डेमोक्रॅटिक पार्टी ऑफ इंडिया' (SDPI) आणि 'पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया' (PFI) या संस्थांचं नाव समोर आलंय.

एका आमदाराच्या नातेवाईकाकडून पैगंबर मोहम्मद साहेब यांच्याविषयी सोशल मीडियावर केलेल्या आक्षेपार्ह पोस्टवरून हा हिंसाचार उसळल्याचं प्रथमदर्शनी समोर आलं होतं. हिंसाचार रोखण्यासाठी पोलिसांनी केलेल्या गोळीबारात तीन जणांना आपले प्राण गमवावे लागले तर १०० हून अधिक पोलीस अधिकारी - कर्मचारी जखमी झाले. या हिंसाचारात पोलिसांनी ११० जणांना अटक केलीय.

'सोशल डेमोक्रॅटिक पार्टी ऑफ इंडिया'च्या नेत्याला अटक
अटक करण्यात आलेल्या एका आरोपीचा थेट संबंध दिल्ली दंग्याशी असल्याचं उघड झालंय. बंगळुरू पोलिसांनी डीजे हाळी पोलीस स्टेशन परिसरात हिंसाचार घडवून आणण्यासाठी लोकांना चिथावणी देण्याच्या आरोपावरून 'सोशल डेमोक्रॅटिक पार्टी ऑफ इंडिया'चा नेते मुजामिल पाशा याला अटक केलीय. पाशानंच हिंसाचार घडवून आणण्यासाठी लोकांना एकत्र करण्याचं आणि त्यांची माथी भडकावण्याचं काम केल्याचं सांगितलं जातंय. आरोपी पाशा या अगोदर सगायपुरा मतदार संघातून महानगरपालिकेच्या निवडणुकीलाही उभा होता.

केंद्रातील मोदी सरकारने (Modi Government) आणलेल्या पर्यावरण परिणामकारक मूल्यांकन धोरण २०२० च्या (EIA) मसुद्याला विरोधी पक्षांकडून विरोध होत आहे. विरोधी पक्षांबरोबरच पर्यावरणाचा मु्द्दा उचलणाऱ्या सामाजिक कार्यकर्त्यांनी देखील याबाबत विरोध दर्शवला आहे. आता काँग्रेसच्या हंगामी अध्यक्षा सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) यानी या प्रकरणी एक लेख लिहून केंद्र सरकारच्या या धोरणावर कठोर टीका केली आहे.

जर तुम्ही निसर्गाचे संरक्षण कराल, तर निसर्ग तुमचे रक्षण करेल. सध्या जगभरात निर्माण झालेले करोनाचे संकट मानवाला नवा धडा देत आहे. अशात पर्यावरणाचे संरक्षण करणे हे आपले कर्तव्य आहे, असे सोनिया गांधी यांनी एका इंग्रजी वर्तमानपत्रात लिहिलेल्या लेखात म्हटले आहे.

आमच्या देशात विकासाच्या स्पर्धेसाठी पर्यावरणाचा बळी दिला जात आहे. मात्र, याची देखील एक सीमा निश्चित करणे आवश्यक आहे. गेल्या ६ वर्षांच्या कालावधीत पर्यावरणाचे संरक्षण करण्याबाबत विचार करण्यात आलेला नाही. जगात आम्ही या विषयात बरेच मागे आहोत. करोनामुळेतरी सरकारने पर्यावरणाचा विचार करायला हवा होता, मात्र त्याकडे दुर्लक्ष केले आहे, असे सोनिया गांधी म्हणाल्या.

कोळसा खाण असो किंवा मग पर्यावरण परिणामकारक मूल्यांकन धोरण असो, या मु्द्द्यांवर कोणाचीही मते विचारात घेतली जात नाहीत, अशी तक्रार करत, गुजरातच्या मुख्यमंत्रिपदापासून आतापर्यंत नरेंद्र मोदी यांचे पर्यावरणाबाबतचे ट्रॅक रेकॉर्ड खराब आहे, अशा शब्दात सोनिया गांधी यांनी मोदींवर टीकास्त्र सोडले आहे. आता देखील सरकार ईज ऑफ डुईंग बिझनेसच्या नावावर सरकार नियमांना डावलत आहे, असेही त्या म्हणाल्या.

भारताचे माजी राष्ट्रपती, माजी केंद्रीय मंत्री आणि काँग्रेसचे ज्येष्ठ नेते प्रणव मुखर्जी (Pranab Mukherjee) यांची प्रकृती स्थिर असून त्यांच्या तब्येती सुधारणा व्हावी यासाठी प्रार्थना करण्याचे आवाहन त्यांचे कुटुंबीय करत आहेत. दरम्यान प्रणव मुखर्जी यांची प्रकृती अजूनही नाजूक असून त्यांना व्हेंटिलेटरवर ठेवण्यात आले आहे. त्यांना १० ऑगस्ट या दिवशी लष्कराच्या रिसर्च अॅण्ड रेफरल रुग्णालयात दाखल करण्यात आले. दरम्यान, आपल्या वडिलांबाबत चुकीच्या बातम्या पसरवल्या जात असल्याचे म्हणत प्रणव मुखर्जी यांचे पुत्र अभिजीत मुखर्जी यांनी नाराजी व्यक्त केली आहे. भारतीय प्रसारमाध्यमे आता फेक न्यूजचे कारखाने बनले असल्याची संतप्त प्रतिक्रियाही त्यांनी व्यक्त केली आहे. (former president of India pranab mukherjee in critical condition)

अभिजीत मुखर्जी यानी ट्विट करत प्रणवदांच्या तब्येतीची माहिती दिली. माझ्या वडिलांची प्रकृती स्थिर आहे. माझ्या वडिलांबाबत आज सकाळी प्रतिष्ठीत पत्रकार आणि सोशल मीडियावर चुकीच्या बातम्या पसरवल्या जात आहेत. भारतीय प्रसारमाध्यमे आता फेक न्यूजचे कारखाने बनले आहेत हेच यावरून स्पष्ट होत असल्याचे अभिजीत यांनी म्हटले आहे.

प्रणव मुखर्जी यांच्या मेंदूत रक्ताच्या गाठी झाल्यामुळे त्याच्या मेंदूवर शस्त्रक्रिया करण्यात आली. त्यानंतर त्यांना व्हेंटिलेटरवर ठेवण्यात आले आहे. मंगळवारी त्यांची प्रकृती ढासळली. त्यानंतर त्यांच्या तब्येतीत कोणतीही सुधारणा दिसली नाही. प्रणव मुखर्जी यांना करोनाची लागण झाल्याचेही स्पष्ट झाले आहे.

माजी राष्ट्रपती प्रणवदांना १० ऑगस्ट या दिवशी रात्री १२ वाजून ७ मिनिटांनी दिल्लीतील लष्करी छावणीत असलेल्या लष्कराच्या रिसर्च अॅण्ड रेफरल रुग्णालयात दाखल करण्यात आले. तेथे तपासणी केल्यानंतर धक्कादायक बाब समोर आली. प्रणव मुखर्जी यांच्या मेंदूत रक्ताची गाठ असल्याचे डॉक्टरांना आढळले. त्यानंतर त्यांच्यावर तत्काळ शस्त्रक्रिया करण्यात आली.

जयपूर: पत्नीशी किरकोळ भांडण झाल्यानंतर ती फोनवरच 'पागल' म्हणाली म्हणून २४ वर्षीय तरुणाने गळफास घेऊन आत्महत्या केली. जयपूरच्या श्यामनगर पोलीस ठाण्याच्या परिसरात ही धक्कादायक घटना घडली. आत्महत्या करण्यापूर्वी तरुणाने सोशल मीडियावर पोस्ट लिहिली होती. या पोस्टमध्ये त्याने आत्महत्येचे कारण सांगितले आहे.

रवी कुमार असं आत्महत्या केलेल्या तरुणाचे नाव आहे. पत्नीसोबत त्याचे किरकोळ भांडण झाले होते. फोनवर बोलताना ती त्याला 'पागल' म्हणाली. यामुळे त्यानं आत्महत्या केली. रवी हा घरकामगार होता. श्यामनगर पोलीस ठाण्याचे अधिकारी म्हणाले, की 'रवी कुमार हा मूळचा बिहारचा रहिवासी होता. तो जयपूरमध्ये काम करत होता. त्याचे कुटुंब हे मूळ गावी राहत आहे. मंगळवारी दुपारी त्याने खोलीमध्ये गळफास घेऊन आत्महत्या केली.'

पोलीस अधिकाऱ्यांनी दिलेल्या माहितीनुसार, आत्महत्या करण्यापूर्वी रवी कुमारने सोशल मीडियावर एक पोस्ट लिहिली होती. त्यात त्याने आत्महत्येचे कारण सांगितले होते. कुमार आणि त्याच्या पत्नीमध्ये फोनवर बोलताना किरकोळ वाद झाला होता. त्यादरम्यान पत्नी त्याला 'पागल' म्हणाली होती. 'माझे माझ्या पत्नीवर खूप प्रेम आहे. पण ती मला 'पागल' म्हणाली. त्यामुळे मला दुःख झाले आहे. मी माझे आयुष्य संपवत आहे,'असे त्याने पोस्टमध्ये नमूद केले. त्यानंतर केबलच्या वायरने गळफास घेऊन आत्महत्या केली. कौटुंबिक वादातून त्याने हे टोकाचे पाऊल उचलले आहे. घटनास्थळी कोणतीही सुसाइड नोट सापडली नाही. सोशल मीडियावर त्याने पोस्ट लिहिली आहे. त्याचे कुटुंबीय बिहारहून येथे येतील. त्यानंतर त्यांच्याकडे चौकशी केली जाणार आहे. अन्य कोणत्या कारणामुळे तो त्रस्त होता का, याबाबत विचारणा करण्यात येईल. त्याचा मृतदेह शवागारात ठेवण्यात आला आहे. त्याचा स्वॅब करोना चाचणीसाठी घेतला जाणार आहे. तसेच त्याचे कुटुंबीय जयपूरला आल्यानंतर शवविच्छेदन करण्यात येईल, अशी माहिती अधिकाऱ्यांनी दिली.

बेंगळुरू: काँग्रेसचे आमदार श्रीनिवास मूर्ती यांच्या निकटवर्तीयांनी लिहिलेल्या एका फेसबुकपोस्टमुळे भडकलेल्या जमावाने आमदाराच्या घरावर हल्ला केला. या वेळी दगडफेक झाली. घटनास्थळी पोलिस दाखल झाल्यानंतर भडकलेल्या जवामाला थांत करण्यात उद्देशाने पोलिसांना गोळीबार करावा लागला. यात दोघे ठार झाले आहेत. तर अनेक लोक जखमी झाले आहेत. परिस्थितीवर नियंत्रण आणण्यासाठी बेंगळुरूत जमावबंदीचा आदेश देण्यात आला आहे. तर हिंसा घडलेल्या परिसरात संचारबंदी लागू करण्यात आली आहे.

केव्हा आणि का झाला वाद?
या आमदाराच्या एका निकटवर्तीयाने एक फेसबुक पोस्ट लिहिली होती. त्यामुळे एका समुदायाचे लोक भडकले होते. यानंतर भडकलेल्या जमावाने पोलिस ठाणे आणि आमदाराच्या घराला घेराव घातला. रात्री सुमारे ९.३० वाजता सुमारे हजार लोक जमा झाले. यानंतर त्यांनी तोडफोड करणे सुरू केले. पाहता पाहता त्यांनी आमदाराचे घर आणि पोलिस ठाण्याला आग लावली.

येथे जमावाने पोलिसांच्या सुमारे १२ वाहनांना आग लावली. त्यानंतर जमावावर नियंत्रण मिळवण्यासाठी पोलिसांनी जमावावर लाठीमार सुरू केला. आणि त्यानंतर पोलिसांना गोळीबार करावा लागला. यात दोन लोकांचा मृत्यू झाला. तर अनेत लोक जखमी झाले.

 

मिझोराममधील (mizoram) दुर्गम चंपाई जिल्ह्यात डॉक्टर उपलब्ध नसल्यानं एका महिलेची प्रसूती आमदार झेड. आर. थियमसंग (Z R Thiamsanga) यांनी केली आणि महिलेला जीवदान दिलं. ते भूकंपग्रस्त भागाच्या भेटीवर आले असताना या भागात डॉक्टर उपलब्ध नसल्यानं एका महिलेच्या प्रसूतीचा गंभीर प्रश्न निर्माण झाल्याचं कळाल्यानंतर थियमसंग यांनी महिलेची शस्त्रक्रिया केली.

प्रसूती व स्त्री-रोगतज्ज्ञ असून, ते अनेकदा दुर्गम भागात भेटीला जाताना स्वत:जवळ स्टेथोस्कोपही ठेवतात. या भागात नुकत्याच झालेल्या भूकंपामुळे झालेल्या नुकसानीचा आणि 'कोव्हिड-१९'च्या परिस्थितीचा आढावा घेण्यासाठी थियमसंग सोमवारी म्यानमारच्या सीमेजवळील त्यांचा मतदारसंघ असलेल्या उत्तर चांफाई इथं गेले होते.

यावेळी त्यांना दुर्गम नग्गूर गावातील सी. लालमंगैहसंगी (C Lalhmangaihsangi) या ३८ वर्षीय महिलेची प्रकृती गंभीर असून, चाम्फाई रुग्णालयाचे वैद्यकीय अधिकारी आरोग्याच्या समस्येमुळे रजेवर असल्याचं समजलं. संबंधित महिलेची स्थिती दोनशे किलोमीटर अंतरावरील ऐजवाल येथील रुग्णालयात जाण्याची नव्हती. महिला रक्तस्रावानं आणि प्रसव वेदनांनी कळवळत होती.

त्यावेळी त्यांनी परिस्थितीचे गांभीर्य पाहून महिलेची सिझेरियन प्रसूती स्वत: केली. 'मला त्या महिलेच्या प्रकृतीची माहिती कळताच मी ताबडतोब रुग्णालयात दाखल झालो आणि महिलेची शस्त्रक्रिया केली,' असं थियमसंग यांनी म्हटलं. बाळ व बाळंतिणीची प्रकृती चांगली असल्याचंही त्यांनी सांगितले.

नवी दिल्ली: भारताच्या संरक्षण शस्त्र खरेदीतील महत्त्वाचा देश असणारा इस्रायल आता भारताला आरोग्य क्षेत्रातील मदत करण्यासाठीही धावून आला आहे. करोनाविरुद्ध सुरू असलेल्या लढाईत इस्रायलने भारताला आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्सवर आधारीत असलेल्या स्टेट ऑफ आर्ट टेक्नॉलॉजी आणि उपकरणे दिली आहेत. इस्रायली दूतावासाने याबाबतची माहिती दिली आहे. ही आधुनिक उपकरणे दिल्लीतील एम्सला देण्यात आली आहेत. या मुळे करोनाविरुद्धच्या लढाईसाठी मोठे बळ मिळणार आहे.

एम्सला मिळाली उच्च स्तरीय तंत्रज्ञानयुक्त उपकरणे
भारतातील इस्रायलच्या दूतावासाने एका निवेदनाद्वारे ही माहिती दिली आहे. या अत्याधुनिक उपकरणांमुळे एम्सला केवळ करोनाविरुद्धच्या लढाईत उपयोग होईल असे नाही, तर यांमुळे एकूणच आरोग्याच्या सुविधांमध्ये देखील सुधारणा आणि वाढ होणार आहे. ही उपकरणे प्रदान करताना भारतातील इस्रायलचे राजदूत डॉ. रॉन मलका याच्याव्यतिरिक्त भारतीय परराष्ट्र मंत्रालयाचे सचिव संजय भट्टाचार्य आणि एम्सचे संचालक डॉ. रणदीप गुलेरिया हे देखील उपस्थित होते.

चित्रदुर्ग: कर्नाटकात बेंगळुरूला येत असलेल्या एका बसला अचानक आग लागून (Karnataka Bus cathches fire) मोठी दुर्घटना घडली आहे. या आगीमुळे बसमधील एकूण ५ प्रवासी ठार झाले आहेत. कर्नाटकातील चित्रदुर्ग जिल्ह्यातील हरियूर येथे राष्ट्रीय महामार्ग-४ वर बुधवारी सकाळी आग लागल्यानेही दुर्घटना घडली. मृतांमध्ये लहान मुलांचाही समावेश आहे. तर या आगीत सुमारे २७ लोक जखमी झाले आहेत. राष्ट्रीय महामार्गावर पहाटे साडे तीनच्या सुमाराला या बसमध्ये आग लागली. ही बस विजापूरहून बेंगळुरूला येत होती.या दुर्घटनेत मृत्युमुखी पडलेल्या मृतांची अजूनही ओळख पटलेली नसल्याची माहिती एका पोलिस अधिकाऱ्याने दिली. या आगीत अनेक लोक भाजले. जखमींना हरियूर आणि चित्रदूर्ग येथील सरकारी रुग्णालयांमध्ये दाखल करण्यात आले आहे. ही बस महामार्गावर धावत असताना बसला अचानक आग लागली.चित्रदुर्ग जिल्ह्यातील हिरियूरजवळच ही दुर्घटना घडली. ही बस लक्झरी स्पीपर प्रकारातील बस होती. या दुर्घटनेबाबत मिळालेल्या माहितीनुसार, जेव्हा बसला आग लागली तेव्हा बसमधील सर्व प्रवासी गाढ झोपलेले होते. या बसला ही अचानक आग कशी काय लागली, हे मात्र समजू शकलेले नाही. या प्रकरणाचा तपास सुरू करण्यात आला आहे.

कॉंग्रेसचे माजी अध्यक्ष राहुल गांधी यांची भेट घेतल्यानंतर सचिन पायलट यांनी माध्यमांशी संवाद साधला. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यांच्यासोबच्या वादाच्या पार्श्वभूमीवर सचिन पायलट प्रथमच माध्यमांसमोर आले. ज्यांनी परिश्रम घेतले आहेत त्यांचे सरकारमध्ये वाटा असावा. आपली लढाई ही पदासाठी नव्हती तर स्वाभिमानासाठी होती. पक्ष पद देऊ शकतो तसंच पदावरून हकालपट्टी ही करू शकतो. सत्तेत येण्यासाठी जी आश्वासनं दिली गेली होती त्यांची पूर्तता केली जाईल, असं सचिन पायलट म्हणाले.

राहुल गांधी आणि प्रियांका गांधींशी झालेल्या चर्चेत आपण आपले मुद्दे स्पष्टपणे मांडले आहेत. कॉंग्रेस अध्यक्ष आणि काँग्रेसचे माजी अध्यक्ष राहुल गांधी यांनी आपल्याशी सविस्तर चर्चा केली. याचा आपल्याला आनंद आहे. सोबत असलेल्या सर्व आमदारांची मतं पक्ष नेतृत्वा समोर मांडली आहेत. पक्षाकडून नेमली जाणारी तीन सदस्यांची समिती लवकरच या सर्व मुद्द्यावर तोडगा काढेल. हे सैद्धांतिक मुद्दे होते, असं सचिन पायलट म्हणाले.

आपण कुठल्या पदाच्या लालसेपोटी नाही हे सर्व केलं नाही. पण जो आदर आणि स्वाभिमान बोललो, तो कायम राहिला पाहिजे, अशी आपली आपेक्षा होती. ज्यांच्या मेहनतीने सत्ता आली त्यांचाही सत्तेत वाटा असला पाहिजे. आपल्या तक्रारीवर नक्कीच तोडगा काढला जाईल, असं पायलट म्हणाले.
 

माजी राष्ट्रपती प्रणव मुखर्जी यांच्यावर दिल्लीतील लष्कराच्या हॉस्पिटलमध्ये उपचार सुरू आहे. लष्कराच्या रिसर्च अँड रेफरल हॉस्पिटलमध्ये त्यांच्यावर यशस्वी ब्रेन सर्जरी केली गेली. आता त्यांना व्हेंटिलेटरवर ठेवण्यात आलं आहे. मुखर्जी यांची करोना चाचणी पॉझिटिव्ह आढळून आली. त्यानंतर त्यांना सोमवारी सकाळी हॉस्पिटलमध्ये दाखल केलं गेलं.

हॉस्पिटलमध्ये एका वेगळ्या कारणाच्या तपासणीत करोनाचा चाचणी केली गेली. ही चाचणी पॉझिटिव्ह आली. गेल्या आठवड्याभरात जे आपल्या संपर्कात आले त्यांनी आयसोलेशनमध्ये जावं आणि करोना चाचणी करून घ्यावं, असं ट्विट मुखर्जी यांनी सोमवारी दुपारी केलं होतं. यानंतर प्रणव मुखर्जी यांच्यावर हॉस्पिटलमध्ये ब्रेन सर्जरी केली गेली. ही सर्जरी यशस्वी झाली, अशी माहिती अधिकाऱ्यांनी दिलीय.

 

 भारतीय वायू सेनेत नव्याने दाखल झालेले पाच राफेल लढाऊ विमान दिवसा आणि रात्रीही सरावासाठी सॉर्टी घेत आहेत. विविध प्रकारच्या प्रदेशात राफेलकडून सराव केला जात आहे. याचाच भाग म्हणून औपचारिक एंट्रीच्या अगोदरच हिमाचल प्रदेशात राफेलने मध्य रात्री सॉर्टी घेतली. या महिन्याच्या शेवटी एका कार्यक्रमात राफेलची भारतीय हवाई दलात औपचारिक एंट्री होणार आहे.

सूत्रांच्या मते, पाच राफेल विमानांना पूर्ण क्षमतेने ताफ्यात दाखल होण्यासाठी काही महिने लागणार आहेत. २९ जुलैला अंबाला एअर बेसवर या विमानांचं लँडिंग झालं होतं. आता राफेलकडून सरावासाठी सॉर्टीज घेतल्या जाणार आहेत. दरम्यान, चीनसोबत सध्या सुरू असलेला तणाव वाढल्यास आपत्कालीन परिस्थितीमध्ये हे दुहेरी इंजिनचं विमान तातडीने तैनात केलं जाऊ शकतं, अशीही माहिती आहे.

भारत आणि चीन यांच्यातील तणाव निवळण्यासाठी प्रयत्न सुरू असले तरी पँगोंग त्सो आणि गोग्रा क्षेत्रात अजूनही तणाव कायम आहे. या पार्श्वभूमीवर दोन्ही बाजूंकडून धोरणात्मकदृष्ट्या अत्यंत महत्त्वाच्या असलेल्या डेप्सांगवर सैन्यबळ वाढवलं जात आहे. भारत आणि चीनमध्ये संघर्ष कमी करण्यासाठी मुत्सद्दी आणि लष्करी स्तरावर विविध माध्यातून चर्चा झाली आहे.

जम्मू आणि काश्मीर खोऱ्यात प्रत्येकी एका जिल्ह्यात फोर जी इंटरनेट सुविधेची ट्रायल घेण्यात येणार आहे. १५ ऑगस्टनंतर या ट्रायलला सुरुवात होणार आहे. सर्वोच्च न्यायालयात जम्मू काश्मीरमध्ये फोर जी इंटरनेट सेवा देण्याच्या याचिकेवर मंगळवारी सुनावणी दरम्यान केंद्र सरकारनं हे स्पष्टीकरण दिलंय. जम्मू काश्मीरच्या प्रत्येकी एका जिल्ह्यात हाय स्पीड इंटरनेट सुविधा अगोदर ट्रायल म्हणून सुरू करण्याची तयारी पूर्ण झालीय. ही सुविधा जम्मू काश्मीर खोऱ्यात १५ ऑगस्टनंतर सुरू केली जाईल. त्यानंतर दोन महिन्यांनी याची समिक्षा केली जाईल.

ज्या क्षेत्रात फोर जी सेवा देता येणं शक्य आहे, अशा जिल्ह्याची अगोदर निवड करण्यात येणार आहे. त्यानंतर फोर जी सुविधा पुरविली जाईल, असं केंद्राची बाजू मांडणाऱ्या अॅटर्नी जनरल के के वेणुगोपाल यांनी कोर्टासमोर म्हटलंय. समितीच्या म्हणण्यानुसार सध्या शैक्षणिक संस्था आणि रुग्णालयांसाठी लँडलाईन माध्यमातून ब्रॉडबॅन्ड सुविधा उपलब्ध असल्याचंही त्यांनी म्हटलंय. विशेष समितीच्या सल्ल्यानुसार, कमी हिंसा क्षेत्रांची ओळख पटवून उच्च गतीचं इंटरनेट ट्रायल म्हणून सुरू केलं जाऊ शकतं.

नवी दिल्ली : भारताचे माजी नियंत्रक आणि महालेखा परीक्षक (CAG) राजीव महर्षी (Rajiv Mehrishi) यांच्या 'संरक्षण ऑडिट रिपोर्ट' (Defence Audit Report) संबंधी वक्तव्यावर काँग्रेसकडून टीकाकरण्यात आलीय. महर्षी यांचं वक्तव्य धक्कादायक आणि आश्चर्यकारक आहे, असं काँग्रेसचे प्रवक्ते अभिषेक सिंघवी यांनी म्हटलंय. सोबतच, महर्षी यांच्या अगोदरच्या कॅगनं संरक्षण ऑडिट अहवाल वेबसाईटवर अपलोड करून सुरक्षेशी तडजोड केली का? असा प्रश्नही काँग्रेसनं उपस्थित केलाय.

राजीव महर्षी यांनी गेल्याच आठवड्यात भारताचे नियंत्रक आणि महालेखा परीक्षक म्हणून आपला कार्यकाळ पूर्ण केलाय. पाकिस्तानसारख्या शत्रूराष्ट्रांना एका क्लिकवर संरक्षण ऑडिट अहवाल उपलब्ध होऊ नये, यासाठी तो वेबासाईटवर अपलोड करण्यात आलेला नाही, या त्यांच्या वक्तव्यावर वेगवेगळ्या प्रतिक्रिया समोर येत आहेत.
 

जयपूर: बंडखोरी करत राजस्थानातील गहलोत सरकार अडचणीत आणणारे सचिन पायलट (Sachin Pilot) आणि त्यांच्या समर्थक आमदारांवर कारवाई करण्याची मागणी आता राजस्थान काँग्रेसमधून होऊ लागली आहे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) यांनी जैसलमेरच्या सूर्यगड फोर्ट पॅलेस येथे घेतलेल्या काँग्रेस आमदारांच्या बैठकीत ही मागणी करण्यात आली.

या मागणीनंतर सचिन पायलट गटासाठी काँग्रसचे दरवाजे जवळजवळ बंद असल्याचे सांगितले जात आहे. या पुढे बंडखोर आमदारांची सोनिया गांधी यांची भेट घडवून आणली जाणार नाही, असेही राजस्थानचे काँग्रेसचे प्रभारी अविनाश पांडे यांनी म्हटले आहे. काँग्रेस आमदारांच्या या बैठकीत शांती धारीवाल यांनी सचिन पायलट यांच्यावर जोरदार टीकास्त्र केल्याचे समजते.

विजय हा सत्याचाच होणार असून आमच्या आमदारांची एकता अतूट आहे, असे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यांनी या बैठकीत आमदारांपुढे बोलाताना सांगितले. आमच्या आमदारांची एकता अभेद्य आहे. आमच्या आमदारांच्या एकतेमुळेच भारतीय जनता पक्षाला सावध व्हावे लागले. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शहा यांना काय हवे आहे, हे आता कुणापासून लपलेले नाही. भारतीय जनता पक्षाच्या षडयंत्राचे भांडे फुटलेले आहे. हे भारतीय जनता पक्षाच्या अनेक आमदारांना देखील माहीत आहे. भारतीय जनता पक्षातील गटबाजीने आता टोक गाठले आहे, अशा शब्दात मुख्यमंत्री गहलोत यांनी भारतीय जनता पक्षावर टीकास्त्र सोडले आहे.

दुबई-कालिकत हे एअर इंडिया एक्सप्रेसचं विमान धावपट्टीवरून घसरून दरीत कोसळलं यामुळे पायलटसह १७ जणांचा मृत्यू झाला. या विमानात क्रू मेंबर्ससह एकूण १९० जण होते. विमान दुर्घटनेत १७ जणांचा मृत्यू झाला आहे. ११० जणांचा कोझीकोडमधील हॉस्पिटलमध्ये आणि ८० जणांना मलप्पूरममधील हॉस्पिटलमध्ये दाखल करण्यात आलं आहे, अशी माहिती मलप्पुरमचे जिल्हाधिकारी के. गोपाळकृष्णन यांनी दिली. विमानाच्या दोन्ही पायलटचा मृत्यू झालाय. तर ४ केबिन क्रू मेबर्सं वाचले.

विमान दरीत पडले आणि त्याचे दोन तुकडे झाले. या विमानात एकूण १९० प्रवासी होते. यामध्ये १७४ प्रौढ, १० बालकं आणि ६ क्रू मेंबर्सचा समावेश आहे. दीड तासाच्या आत बचावकार्य पूर्ण केलं गेलं. सर्व मौल्यवान वस्तू आणि इतर वस्तू साहित्य ताब्यात घेण्यात आलं आहे. कोझिकोडमधील ७ हॉस्पिटल्समध्ये ११० जणांना दाखल करण्यात आलं असून त्यापैकी ११ जणांचा मृत्यू झाला आहे, असं गोपालकृष्णन यांनी सांगितलं.

उर्वरित जखमींवर उपचार सुरू आहेत. मलप्पूरम येथील हॉस्पिटलमध्ये दाखल झालेल्यांपैकी सहा जणांचा मृत्यू झाला आहे. काही जणांची प्रकृती चिंताजनक आहे. विमानाच्या मागील बाजूस अडकलेल्या दोन प्रवाशांना मोठ्या प्रयत्नानंतर बाहेर काढता आलं. धावपट्टीवर उतरण्यापूर्वी विमानाने दोन वेळा विमानतळाला फेऱ्या मारल्या. मी मागच्या सीटवर होतो आणि मोठा आवाज झाला आणि त्यानंतर काय घडले हे मला माहिती नाही, असं विमानातील प्रवासी रियाज यांनी एका वृत्त वाहिनीला सांगितलं.

नवी दिल्ली : करोना संक्रमणादरम्यान दिल्लीतील निझामुद्दीन प्रकरण समोर आल्यानंतर एकच खळबळ उडाली होती. 'जबलिघी जमात' प्रकरणा संदर्भात मीडियाच्या चुकीच्या रिपोर्टिंगवर 'उलेमा ए हिंद'नं सर्वोच्च न्यायालयात एक याचिका दाखल केलीय. या याचिकेवर सुनावणी करताना सर्वोच्च न्यायालयानं (Supreme Court On Tablighi Jammat) थेट केंद्र सरकारवर कडक शब्दांत ताशेरे ओढलेत. 'सरकारकडून तेव्हाच पावलं उचलली जातात जेव्हा त्यांना न्यायालयाकडून निर्देश दिले जातात', अशी टिप्पणी यावेळी सर्वोच्च न्यायालयानं केलीय. मरकझ प्रकरणात 'फेक न्यूज' दाखवल्यानं देशाच्या 'धर्मनिरपेक्षतेला' धक्का लागल्याचं याचिकाकर्त्यांचं म्हणणं आहे.

सरन्यायाधीश एस ए बोबडे यांच्या अध्यक्षतेखाली खंडपीठात या प्रकरणावर सुनावणी सुरू आहे. 'आमचा असा अनुभव आहे की जेव्हापर्यंत सर्वोच्च न्यायालयाकडून निर्देश दिले जात नाहीत तेव्हापर्यंत सरकारकडून काहीही पावलं उचलली जात नाहीत' असं यावेळी सर्वोच्च न्यायालयानं म्हटलंय.

करोनाकाळात दिल्लीतील तबलिघी जमात प्रकरणात मीडियाच्या चुकीच्या पद्धतीनं बातम्या प्रसारित केल्या. यावेळी सरकारला इच्छा असती तर त्यांनी यावर तत्काळ कारवाई केली असती, असं याचिकाकर्त्यांचे वकील दुष्यंत दवे यांनी सुनावणी दरम्यान म्हटलं. त्यावर सर्वोच्च न्यायालयानं ही महत्त्वपूर्ण टिप्पणी केलीय.

लखनऊ: आपण हिंदू असल्याने आयोध्येमध्ये बांधल्या जाणाऱ्या मशिदीच्या उद्घाटनाला उपस्थित राहणार नाही, असे उत्तर प्रदेशचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यांनी स्पष्ट केले आहे. या विधानावर योगी यांनी राज्यातील जनतेची माफी मागावी, अशी मागणी समाजवादी पक्षाने केली आहे. यासंदर्भात उत्तर प्रदेश काँग्रेसच्या प्रवक्त्यांशी संपर्क साधला असता त्यांनी मुख्यमंत्र्यांच्या मशिदीसंदर्भातील वक्तव्यावर काहीही बोलण्यास नकार दिला.

मुख्यमंत्री म्हणून मला कोणत्याही धर्माबद्दल, श्रद्धेबद्दल किंवा समुदायाबद्दल काहीही समस्या नाही. मात्र, योगी म्हणून मी मशिदीत जाऊ शकणार नाही. कारण एक हिंदू म्हणून मला माझा उपासना विधी अवलंबण्याचा पूर्ण अधिकार आहे, असे योगी म्हणाले. मी या प्रकरणात वादी किंवा प्रतिवादी यापैकी कोणीही नाही. त्यामुळे मला निमंत्रण दिले जाणार नाही आणि मी जाणारही नाही, असे ते वृत्तवाहिनीशी बोलताना म्हणाले होते. 'ज्या दिवशी ते मला निमंत्रण देतील, त्यावेळी अनेक जणांची धर्मनिरपेक्षात धोक्यात येईल. त्यांची धर्मनिरपेक्षता धोक्यात येऊ नये म्हणून मी शांतपणे काम करत राहीन. कोणताही भेदभाव न करता सर्वांना सरकारी योजनांचा फायदा मिळेल, हे मी बघेन,' अशी ग्वाही त्यांनी दिली.

'काँग्रेसला या वादावर उत्तर कधीही नको होते. राजकीय फायद्यासाठी हा वाद सुरू राहावा, असेच त्यांचे म्हणणे होते. टोपी घालून रोजा-इफ्तारला हजेरी लावणे म्हणजे धर्मनिरपेक्षता नव्हे. लोकांना हे नाटक आहे हे कळत असते, त्यांना सत्य परिस्थिती माहीत असते,' असा टोलाही त्यांनी लगावला.

गेल्या नोव्हेंबरमध्ये सर्वोच्च न्यायालयाने आयोध्या वादावर निर्णय देऊन वादग्रस्त जागेवर मंदिर उभारण्यास परवानगी दिली होती. १९९२मध्ये ध्वस्त केलेली बाबरी मशिद आयोध्येत अन्यत्र पाच एकर जागेवर उभी करावी, असा निर्णय न्यायालयाने दिला होता. या मशिदीच्या उभारणीसाठी सुन्नी वक्फ बोर्डाने ट्रस्ट तयार केला आहे.

लोकसभेचे खासदार आणि अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) पक्षाचे प्रमुख असदुद्दीन ओवेसी यांनी देशातील कथित गोरक्षकांच्या हल्ल्यांबाबत केंद्र सरकारवर निशाणा साधला आहे. गोरक्षकांची दहशत मुस्लिमांना आपल्या जीवाला धोका असल्याची जाणीव करून घेण्यास भाग पाडत आहे, असे ओवेसी यांनी आपल्या ट्विटद्वारे म्हटले आहे. असे हल्ले करणाऱ्यांना केंद्र सरकारचे मंत्री पुष्पहार घालतात, असेही ते म्हणाले. काही दिवसांपूर्वी हरियाणाच्या गुरुग्राममध्ये गोरक्षकांनी मांस घेऊन जाणाऱ्या व्यक्तीला कथित मारहाण केली होती. त्यानंतर पोलिसांनी कारवाई देखील केली होती.

असदुद्दीन ओवेसी यांनी आपल्या ट्विटमध्ये लिहिले, 'गोरक्षकांची दहशत मुस्लिमांमध्ये आपल्या जीवाला धोका असल्याची भावना विकसित करण्यास भाग पाडत आहे. या जमावावर त्वरित कारवाई व्हावी आणि त्यांना शिक्षा व्हायला हवी. असे करण्याऐवजी केंद्र सरकारच्या काही मंत्र्यांनी त्यांना पुष्पहार घातले. तसेच इतर काही प्रकरणांमध्ये गडबड देखील करण्यात आली. यामुळे अर्थातच त्याचे धैर्य वाढेल हे स्पष्टच आहे.'

यापूर्वी ५ ऑगस्टला अयोध्येत राम मंदिर भूमीपूजनानिमित्त ओवेसी यांनी बाबरी मशिदीबाबत वक्तव्य केले. १५२८ मध्ये, अयोध्येत मोगल बादशाह बाबर याने मशिदीची उभारणी केली. राम मंदिराच्या चळवळीचा भाग म्हणून १९९२ मध्ये ६ डिसेंबरच्या दिवशी कारसेवकांनी बाबरी मशीद तोडली होता. ओवेसी यांनी ५ ऑगस्टच्या ट्विटमध्ये, 'बाबरी मशीद होती, आहे आणि राहील', असे म्हटले होते.

पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या अयोध्येतील राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रमात सहभागी होण्यावरही ओवेसी यांनी प्रश्नचिन्ह उपस्थित केले. पंतप्रधान मोदी यांनी भूमिपूजनाच्या कार्यक्रमात भाग घेणे घटनाविरोधी असल्याचे ओवेसी म्हणाले होते.

अहमदाबाद: गुजरातमधील अहमदाबाद शहरातील एका रुग्णालयात आग लागून ८ रुग्णाची दुर्दैवी मृत्यू झाल्याचे वृत्त आहे. तर ही आग लागल्याने इतर ३५ रुग्णांना दुसऱ्या सुरक्षित वॉर्डात हलवण्यात आले आहे. आगीत भाजून मृत्यू पावलेले सर्व रुग्ण हे करोनाची लागण झालेले रुग्ण होते. या आगीबाबत कोणतीही अधिकृत माहिती आलेली नसून या आगीवर नियंत्रण मिळवण्यात आल्याचे वृत्त आहे.

'आय अॅम गुजरात'ने दिलेल्या वृत्तानुसार, ही आयसीयूमध्ये लागली. त्यानंतर ती इतरस्त्र पसरली. ही आग शॉर्ट सर्किटमुळे लागल्याचा अंदाज व्यक्त केला जात आहे. ही आग लागल्याचे समजताच रुग्णालयात एकच घबराट पसरले. रुग्णालयातील सर्वजण जीव वाचवण्यासाठी सैरावैरा पळू लागले. या दुर्घटनेबाबत प्रसिद्ध झालेल्या वृत्तांनुसार, आयसीयूत लागलेली ही आग नंतर पसरत गेली. ही आग अहमदाबादमधील शेरी रुग्णालयातच्या तिसऱ्या मजल्यावर ही आग लागली. विशेष म्हणजे या रुग्णालयात करोना झालेल्या रुग्णांवर उपचार सुरू आहेत.

आगीबाबत मिळालेल्या माहितीनुसार, नवरंगपुरा येथे हे करोनाला समर्पित केलेले शेरी रुग्णालय आहे. आज पहाटे साडे तिनच्या सुमाराला ही आग लागली. या आगीबाबत वृत्तवाहिन्यांनी दिलेल्या माहितीनुसार, या आगीत एकूण ८ करोना रुग्णांचा मृत्यू झाला आहे. मृतांमध्ये ५ पुरूष आणि ३ महिलांचा समावेश आहे. या सर्वांना करोनाची लागण झालेली होती. या आगीची माहिती मिळताच तातडीने अग्निशमन दलाचे जवान घटनास्थळी दाखल झाले. त्यांनी ५० हून अधिक रुग्णांची सुखरूप सुटका केली. तर या रुग्णालयातील एकूण ३५ रुग्णांना रुग्णालयाच्या दुसऱ्या सुरक्षित वॉर्डात हलवण्यात आले आहे.

श्रीनगर: जम्मू काश्मीरमधील कुलगाम येथे भारतीय जनता पक्षाचे नेते आणि सरपंच सज्जाद अहमद खांडे यांचा दहशतवाद्यांनी केलेल्या हल्ल्यात मृत्यू झाला आहे. सज्जाद हुसेन यांच्यावर दहशतवाद्यांनी गोळीबार केल्यानंतर त्यांना तातडीने रुग्णालयात दाखल करण्यात आले. मात्र त्यांचा मृत्यू झाल्याचे डॉक्टरांनी घोषित केले. सज्जाद अहमद खांडे हे आपल्या कुलमामधील वेसू या गावातील घराबाहेर उभे असताना अचानक त्यांच्यावर गोळीबार करण्यात आला.

या हल्ल्याबाबत अधिक माहिती हाती आली नसून हा दहशतवादी हल्ला कोणत्या दहशतवादी संघटनेने केला या बाबत देखील अद्याप माहिती मिळू शकलेली नाही.

काश्मीर खोऱ्यात गेल्या ४८ तासांमध्ये सरपंचावर झालेला हा दुसरा दहशतवादी हल्ला आहे. या पूर्वी ४ ऑगस्टच्या संध्याकाळी कुलगाम जिल्ह्यातील मीरबाजारमधील अखरान या भागाच पंचपीर आरिफ शाह यांच्यावर दहशतवाद्यांनी हल्ला केला. या हल्ल्यात ते जखमी झाले. गंभीर स्थितीत त्यांना श्रीनगरमधील रुग्णालयात दाखल करण्यात आले.

तसेच, ८ जून या दिवशी अनंतनाग जिल्ह्यातील लरकीपुरा भागातील सरपंच आणि काँग्रेसचे सदस्य अजय पंडित यांची त्यांच्या गावात हत्या करण्यात आली. या नंतर सुरक्षादलांनी शोध मोहीम हाती घेत सरपंच अजय पंडित यांच्यावर ज्यांनी हल्ला केला त्या दहशतवाद्यांना ठार केले.

दिल्लीतील पीरागढी परिसरात एका १३ वर्षीय मुलीवर बलात्कार केल्याची घटना घडली आहे. मुलगी फ्लॅटमध्ये एकटीच होती. त्यावेळी तिच्यावर बलात्कार केला. मुलीने प्रतिकार केला असता, तिला कैचीने भोसकले. गंभीर जखमी अवस्थेत मुलगी सरकत शेजारील फ्लॅटपर्यंत पोहोचली. दरवाजा ठोठावून तिनं शेजाऱ्यांना बोलावून घेतलं. त्यांना सर्व हकिकत सांगतानाच ती बेशुद्ध पडली. त्यांनी या घटनेची माहिती पोलिसांना दिली.

पश्चिम विहार (वेस्ट) पोलीस ठाण्यातील वरिष्ठ अधिकारी आणि पथक घटनास्थळी पोहोचले. त्यांनी तात्काळ मुलीला संजय गांधी रुग्णालयात दाखल केले. तिच्या शरीरावर जखमा होत्या. धारदार शस्त्राने तिच्यावर वार केल्याचे दिसत होते. रुग्णालयात उपचार केल्यानंतर तिला एम्स रुग्णालयात पुढील उपचारासाठी नेण्यात आले. घटनास्थळी पंचनामा केल्यानंतर पोलिसांनी हत्येचा प्रयत्न आणि पॉक्सो अंतर्गत विविध कलमान्वये गुन्हा दाखल केला आहे. आरोपींचा शोध घेण्यात येत आहे. मुलीने नोंदवलेल्या जबाबानुसार दोन मुले होती. दोघेही संशयित आजूबाजूच्या परिसरातीलच असतील असा अंदाज पोलिसांनी व्यक्त केला आहे.

जम्मू आणि काश्मीरच्या (Jammu and Kashmir) मुद्द्यावर पाकिस्तानला साथ देण्याच्या भूमिकेवरून भारताने चीनला कडक उत्तर दिले आहे (india gives befitting reply to china).काश्मीर मुद्दा हा भारताचा अंतर्गत मुद्दा असून त्यातील हस्तक्षेप करण्याची पद्धत आम्ही स्पष्टपणे फेटाळून लावत असल्याचे भारताने म्हटले आहे. भारताच्या अंतर्गत मुद्द्यांमध्ये हस्तक्षेप करण्याची चीनची ही पहिली वेळ नसल्याचे भारताने म्हटले आहे. चीनचे हे प्रयत्न निष्फळ आहेत, हे चीनने समजून घ्यावे, असेही भारताने चीनला बजावले आहे.

याबाबत भारतीय परराष्ट्र मंत्रालयाने एक निवेदन प्रसिद्ध केले आहे. चीनने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषदेत (United Nations Security Council) भारताचा केंद्र शासित प्रदेश असलेल्या जम्मू आणि काश्मीरशी संबंधित मुद्द्यावर चर्चा सुरू केल्याचे भारताच्या लक्षात आल्याचे भारताने या निवेदनात म्हटले आहे. चीन अशा प्रकारचे पाऊल प्रथमच उचलत आहे असे नसून चीन जो मुद्दा उचलू पाहत आहे ती भारताची अंतर्गत बाब असल्याचे परराष्ट्र मंत्रालयाने म्हटले आहे.

चीनचा हस्तक्षेप आम्हाला मान्य नाही- भारत
पूर्वी प्रमाणेच चीनच्या या प्रयत्नांना आंतरराष्ट्रीय समुदायकडून अतिशय कमी समर्थन मिळाले आहे, असे परराष्ट्र मंत्रालयाने आपल्या निवेदनात म्हटले आहे. आम्ही चीन भारताच्या अंतर्गत बाबीमध्ये करत असलेला हस्तक्षेप फेटाळून लावत आहोत. या पूर्वी आपला सदाबहार मित्र असलेल्या चीनच्या मदतीने पाकिस्ताने जम्मू आणि काश्मीरचा मुद्दा संयुक्त राष्ट्रात उचलण्याचा प्रयत्न केला होता, मात्र त्यावेळी पाकिस्तानचा मोठाच झटका मिळाला होता, असे परराष्ट्र मंत्रालयाने म्हटले आहे.

आज बुधवारी, ५ ऑगस्ट या दिवशी पंतप्रधान नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)अयोध्येतील राम मंदिराचे भूमिपूजन (Ram Mandir Bhoomi Pujan)करत आहेत. यानंतर मंदिर निर्मितीचे काम सुरू होणार आहे. राम मंदिर भूमिपूजनाच्या काही तास आधी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्डाने ट्विट केले आहे. सुप्रीम कोर्टाच्या निकाल अन्यायकारक असल्याचा उल्लेख करत बोर्डाने बाबरी मशीद होती आणि ती कायमस्वरूपी मशीदच राहील, असे आपल्या ट्विटमध्ये म्हटले आहे. या वेळी बोर्डाने हागिया सोफिया मशिदीचेही उदाहरण दिले आहे.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड आपल्या ट्विटमध्ये म्हणते, 'बाबरी मशीद होती आणि नेहमीच मशीदच राहील. हागिया सोफिया याचे मोठे उदाहरण आहे. अन्यायपूर्ण, दमनकारी, लज्जास्पद आणि बहुसंख्यंकांचे तुष्टीकरण करणाऱ्या निर्णयाद्वारे जमिनीवर झालेले पुनर्निर्माण हे बदलू शकणार नाही. दु:खी होण्याची आवश्यकता नाही. कोणतीही स्थिती कायमस्वरूपी राहत नाही.'

 भल्याभल्या देशांनी करोनासमोर हात टेकले असताना केवळ ३० करोना चाचणी शक्य आहे का? रुग्णाच्या केवळ आवाजावरून आणि श्वासोच्छवासाच्या वेगाद्वारे करोना संक्रमण (coronavirus) आहे किंवा नाही हे ओळखता येणं शक्य आहे का? यावरच दिल्लीत वैज्ञानिकांचा एक गट अभ्यास करतोय. इस्रायली वैज्ञानिकांची एक टीम एलएनजेपी रुग्णालयात याच्या वेगवेगळ्या प्रयोगांत गर्क आहे. त्यांनी लोकांना या ट्रायलमध्ये सहभागी होण्याचं आवाहन केलं आहे. दिल्लीमध्ये ही ट्रायल एलएनजेपी रुग्णालयाशिवाय राम मनोहर लोहिया रुग्णालयातही सुरू आहे. जवळपास १० हजार लोकांवर अशा पद्धतीनं करोना चाचणीचा प्रयोग केला जाणार आहे. हा प्रयोग जर यशस्वी ठरला तर केवळ ३० सेकंदांमध्ये रुग्ण करोना संक्रमित आहे किंवा नाही याचा तपास लागू शकेल.

एलएनजेपी रुग्णालयाच्या सूत्रांकडून मिळालेल्या माहितीनुसा, या ट्रायलमध्ये चार पद्धतींचा समावेश करण्यात आला आहे. परंतु, सर्वात महत्त्वाची व्हॉईस टेस्ट (voice test) आणि ब्रिदिंग टेस्ट (breathing test) आहे. याशिवाय आणखी दोन प्रकारच्या टेस्टचाही यात समावेश आहे. डॉक्टरांच्या म्हणण्यानुसार, १० हजार जणांवर एकदा नाही तर दोनदा ही चाचणी करण्यात येणार आहे, त्यानंतर त्याच्या निष्कर्षापर्यंत पोहचणं शक्य होणार आहे.
 

लडाख: भारत आणि चीनदरम्यान सुरू असलेला तणाव हा दीर्घ काळ चालेल असे दिसत आहे. पूर्व लडाखमध्ये चीनी सीमेजवळ भारतीय लष्कराच्या जवानांनी इन्सुलेटेड शेल्टर्स तयार करण्यास सुरुवात केली आहे. या व्यतिरिक्त, हिवाळ्यामध्ये कपडे आणि इतर आवश्यक गोष्टी जमा करण्याची प्रक्रिया देखील सुरू करण्यात आली आहे. भारत-चीन वादानंतर आता भारत चीनवर जराही विश्वास ठेवू इच्छित नाही, असे मानले जात आहे. याच कारणामुळे भारतीय लष्कर आता चीनला कोणतीही संधी देऊ इच्छित नाही.

या पार्श्वभूमीवर उच्चस्तरीय चायना स्टडी ग्रुपच्या सदस्यांशी भारताची बैठक होत आहे. यात भारतीय लष्कराचे आगामी कार्यक्रम आणि दोन्ही पक्षांदरम्याच्या पाचव्या टप्प्यातील बैठकीबाबत चर्चा होण्याची शक्यता आहे. या ग्रुपमध्ये राष्ट्रीय सुरक्षा सल्लागार अजित डोवाल यांच्या व्यतिरिक्त परराष्ट्र मंत्री एस. जयशंकर प्रसाद हे देखील सहभागी होत आहेत.

या पूर्वी रविवारी १४ कोअर कमांडर लेफ्टनंट जनरल हरिंदर सिंह आणि दक्षिण शिनजियांग लष्करी जिल्ह्याचे मेजर जनरल लियू लिन यांच्यामध्ये १० तास बैठक झाली. या बैठकीत भारताने पँगाँग त्सो आणि गोगरा येथील पेट्रोलिंग पॉइंट-१४ (PP-14) येथून चीनी सैन्याने पू्र्णपणे निघून जावे ही मागणी पुन्हा करण्यात आली. तथापि, याला अंतिम मंजुरी ही दोन्ही देशांच्या राजकीय नेतृत्वाकडून मिळणे आवश्यक आहे.
 

अलीगढ: सरकारी कर्मचारी असल्याची बतावणी करून ताजमहल, लाल किल्ला, राष्ट्रपती भवन आणि संसद भवन या देशातील ऐतिहासिक वास्तू नटवरलाल या महाठगानं विकल्याचे कारनामे आपण ऐकले आहेत. असाच एक 'कारनामा' उत्तर प्रदेशातील अलीगढमध्ये समोर आला आहे. अलीगढ मुस्लीम विद्यापीठातील इंजीनिअरिंग कॉलेजच्या प्रांगणात असलेले हवाई दलाचे मिग २३ हे लढाऊ विमान विकत असल्याची जाहिरात एका ठगानं ओएलएक्सवर टाकली आहे. सोशल मीडियावर ही जाहिरात व्हायरल होताच खळबळ उडाली असून, चौकशी करून कारवाईची मागणी केली जात आहे.

अलीगढमध्ये हा प्रकार घडल्याचं उघडकीस आलं आहे. अलीगढ मुस्लीम विद्यापीठाच्या इंजीनिअरिंग कॉलेजच्या प्रांगणात भारतीय हवाई दलाचे प्रतीक म्हणून सन २००९ मध्ये मिग २३ हे लढाऊ विमान ठेवलेले आहे. ते लढाऊ विमान विक्रीसाठी ठेवण्यात आल्याची जाहिरात एका 'नटवरलाल'ने ओएलएक्स या साइटवर दिली आहे. या विमानाची किंमत ९ कोटी ९९ लाख ९९९ रुपये इतकी आहे. हे विमान विकत असल्याची जाहिरात ओएलएक्सवर ३ ऑगस्टलाच पोस्ट करण्यात आली होती. ही पोस्ट सोशल मीडियावर वेगाने व्हायरल झाल्यानंतर खळबळ उडाली. त्यानंतर काही वेळानेच ही जाहिरात ओएलएक्सवरून डिलिट करण्यात आली. अलीगढ मुस्लीम विद्यापीठाने या प्रकरणाची गंभीर दखल घेतली असून, चौकशी करून कारवाई करण्याची मागणी केली आहे.

नवी दिल्ली : आम आदमी पक्षाचा (AAP) निलंबित नगरसेवक ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) यानं उत्तर पूर्व दिल्ली भागात उसळलेल्या दंगलीत (Delhi Violence Updates ) आपलाही हात असल्याची कबुली दिलीय. दंगलीसाठी हुसैननं लोकांना भडकावण्याची, चिथावण्याची आणि हिंसेची कबुली दििल्याचं दिल्ली पोलिसांनी चौकशी अहवालात म्हटलंय. काहीतरी मोठं करण्याची आपली योजना होती, असंही हुसैननं कबुल केलंय. याच वर्षी फेब्रुवारी महिन्यात दिल्लीत झालेल्या दंगलीत अनेकांना आपले प्राण गमवावे लागले होते.

जेएनयूचा विद्यार्थी असलेल्या उमर खालिद याच्याशी आपली ८ जानेवारी रोजी शाहीन बाग स्थित 'पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया'च्या (PFI) कार्यालयात भेट झाली होती, असं हुसैननं म्हटलंय. दिल्ली पोलिसांनी दिलेल्या माहितीनुसार, जास्तीत जास्त काचेच्या बाटल्या, पेट्रोल, अॅसिड, दगड लोकांच्या घरांच्या छतावर एकत्रित करण्याचं काम हुसैनकडे सोपवण्यात आलं होतं. तर हुसैनच्या ओळखीचा असलेल्या खालिद सैफी याच्याकडे रस्त्यावर लोकांना आंदोलनासाठी एकत्र करण्याची जबाबदारी सोपवण्यात आली होती.

'खालिद सैफी यानं आपली एक मैत्रिण इशरत जहाँ हिच्यासोबत अगोदर धरणं आंदोलन सुरू केलं. याची सुरुवात खुरेजी भागात झाली. इथं आम्हाला शाहीन बागसारखं आंदोलन उभं करायचं होतं. त्यानंतर पुन्हा एकदा ४ फेब्रुवारी रोजी दिल्लीच्या अबु फजल एन्क्लेव्हमध्ये माझी भेट खालिद सैफी याच्यासोबत झाली. इथंच दंगलीचा कट रचण्यात आला' असं ताहीर हुसैन यानं कबुल केल्याचं पोलिसांनी म्हटलंय.

 

गुरुग्राम, हरियाणा : 'बकरी ईद'च्या अगोदरच्या दिवशी म्हणजेच शुक्रवारी गुरुग्राममध्ये एक धक्कादायक घटना घडल्याचं समोर येतंय. दिल्लीनजिक गुरुग्राममध्ये शुक्रवारी पोलिसांसमोरच कथित गोरक्षकांकडून एका मांस विक्रेत्याला हातोडीनं बेदम मारहाण करण्यात आली. शुक्रवारी घडलेली ही घटना व्हिडिओ आणि फोटो सोशल मीडियावर व्हायरल झाल्यानंतर समोर आलीय. जखमी तरुणाला रुग्णालयात दाखल करण्यात आलंय. इथं त्याच्यावर उपचार सुरू आहेत.

सोशल मीडियावर व्हिडिओ व्हायरल झाल्यानंतर पोलिसांनी या प्रकरणात एका आरोपीला अटक केलीय. मारहाण करण्यात आलेला २५ वर्षांचा तरुण हा मेवातच्या लुकमानचा रहिवासी आहे. तो मांस विक्रीचा व्यवसाय करतो. पोलिसांच्या उपस्थितीत त्याला मारहाण कशी झाली? असा प्रश्न उपस्थितीत करत अनेकांनी कायदा-सुव्यवस्थेवर प्रश्नचिन्ह उपस्थित केलेत.

जखमी लुकमाननं दिलेल्या माहितीनुसार, सकाळी ९.०० वाजल्याच्या दरम्यान सेक्टर ४-५ मधल्या चौकात तो पोहचला होता. त्याच्या पिकअप व्हॅनमध्ये म्हशीचं मांस भरलेलं होतं. याचवेळी पाच दुचाकींवरून आलेल्या काही तरुणांनी त्याला रोखलं.

ते जवळपास ८-१० लोक असतील. त्यांनी आरडा-ओरडा करत प्रथम गाडी थांबवण्याचा प्रयत्न केला. त्यांचा हेतू लक्षात आल्यानंतर मी तिथून पळण्याचा प्रयत्न केला. परंतु, गुंडांनी सदर बाजारात गाठलं आणि गाडीतून खेचून बाहेर काढलं, अशी माहिती लुकमाननं दिलीय. गुंडांच्या हातात असलेल्या हातोडीनं लुकमानवर वार करण्यात आले. धक्कादायक म्हणजे, ही मारहाण सुरू असताना काही पोलिसही घटनास्थळी उपस्थित झाले होते परंतु, त्यांनी लुकमानला वाचवण्याचा साधा प्रयत्नही केला नाही. घटनास्थळी उपस्थित असलेल्या नागरिकांनीही बघ्याची भूमिका घेतली.

लोकमान्य टिळकांच्या स्मृतिशताब्दीच्या निमित्ताने पंतप्रधान नरेंद्र मोदींनी लोकमान्यांना आदरांजली अर्पण केली. 'भारत लोकमान्य टिळक यांना त्यांच्या १०० व्या पुण्यतिथी निमित्तानं नमन करत आहे. त्यांच्या बुद्धीमत्ता, साहस, भावना आणि स्वराज्याचे विचार नेहमीच प्रेरणा देत राहतील' असं ट्विट पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी केलं.

'स्वराज्य हा माझा जन्मसिद्ध अधिकार आहे आणि तो मी मिळवणारच, हा नारा लोकमान्यांनी दिला होता. १९ व्या शतकात त्यांनी सगळ्याचा त्याग करून संपूर्ण आयुष्य देशासाठी वेचलं. हे अनेक लोक करू शकत नाहीत. इतिहासात टिळकांचं नाव सुवर्णाक्षरांत लिहिलं जाईल' असं अमित शहा यांनी म्हटलंय. 'लोकमान्य टिळक : स्वराज ते आत्मनिर्भर भारत' या वेबिनारमध्ये बोलत होते.

'लोकमान्यांच्या पुण्यतिथीनिमित्त सर्व देशवासियांच्यावतीने मी त्यांना नमन करतो. तरुणांना भारत आणि इतिहास जाणून घ्यायचा असेल तर त्यांनी टिळकांचं साहित्य वाचायला हवं. देशातील तरुणांनी लोकमान्य टिळकांचे आत्मचरित्र वाचले तरी त्यांच्या आयुष्यातील अनेक समस्या सुटतील. आज १०० वर्ष उलटल्यानंतरही लोकमान्यांचे विचार तितकेच कालसुसंगत आहेत. यावरुन लोकमान्य टिळक किती द्रष्टे नेते होते, याची कल्पना येते' असंही अमित शहा यांनी म्हटलंय.

जैसलमेरः राजस्थानच्या राजकीय पेचप्रसंगामध्ये रोज नवनव्या घटना समोर येत आहेत. गहलोत गटातील आमदारांना आता जयपूर जैसलमेर येथे हलवण्यात आले आहे. त्याचबरोबर आरोप-प्रत्यारोपांचे राजकारणही तीव्र झाले आहे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हे शनिवारी जैसलमेरमध्ये दाखल झाले. आपले सरकार पाडण्यासाठी भाजप आमदारांच्या घोडेबाजाराचा मोठा खेळ खेळत आहे. राजस्थानमध्ये सुरू असलेला हा 'तमाशा' पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी थांबवावा, असे आवाहन गहलोत यांनी केले.

दुर्दैवाने, यावेळी आमदारांच्या घोडेव्यापाराचा भाजपचा खेळ खूप मोठा आहे. कर्नाटक आणि मध्य प्रदेशमध्ये केलेला प्रयोग ते राजस्थानमध्ये करत आहेत. संपूर्ण गृहमंत्रालय या कामात जुंपले आहे. आम्हाला कोणाचीही पर्वा नाही. आम्हाला लोकशाहीची काळजी आहे. आमची लढाई कुणाविरोधात नाही. तर आमची लढाई विचारधारा, धोरणं आणि कार्यक्रमांविरोधात आहे. निवडून आलेलं सरकार पाडणं या लढाई म्हणत नाही. आमची लढाई कोणत्याही व्यक्तीविरूद्ध नाही, आमची लढाई लोकशाही वाचवण्यासाठी आहे, असं अशोक गहलोत म्हणाले.

 

नोएडा: उत्तर प्रदेशातील (Uttar Pradesh) नोएडा येथे एक हृदयद्रावक घटना घडली आहे. घशात चॉकलेट अडकल्यानं गुदमरून एका अडीच महिन्याच्या बाळाचा मृत्यू झाला आहे. या घटनेमुळे परिसरात हळहळ व्यक्त करण्यात येत आहे.

बाळाच्या घशात चॉकलेट अडकल्याने त्याची प्रकृती बिघडली. घरातल्यांनी तातडीने रुग्णवाहिका मागवली. अनेकदा फोन केले. अर्ध्या तासापेक्षा अधिक वेळ रुग्णवाहिकेसाठी फोन करत होते. मात्र, रुग्णवाहिका वेळेत पोहोचली नाही. अखेर बाळाला रिक्षातून रुग्णालयात नेण्यात आले. मात्र, तोपर्यंत बाळ दगावले होते, अशी माहिती कुटुंबीयांनी दिली.

नोएडाच्या सेक्टर ८१ मध्ये राहणाऱ्या पिंकी शर्मा यांनी घडलेला प्रसंग सांगितला. तिच्या जावेचे अडीच महिन्यांचे बाळ घरात रांगत होते. तर दुसरा मुलगा चॉकलेट खात होता. त्याचवेळी त्याने या बाळाला चॉकलेट खाऊ घातले. ते बाळाच्या घशात अडकले, अशी माहिती तिने दिली. चॉकलेट घशात अडकल्याने बाळाची प्रकृती बिघडली. घरातल्या सदस्यांनी बाळाला उचलले आणि नजीकच्या रुग्णालयात नेले. डॉक्टरांनी प्रथमोपचार करून जिल्हा रुग्णालयात दाखल करण्यास सांगितले. जिल्हा रुग्णालयात बाळाला घेऊन जाण्यासाठी कुटुंबीयांनी हेल्पलाइन क्रमांकावर फोन करून रुग्णवाहिका मागवली. सर्व माहिती घेतल्यानंतर रुग्णवाहिका पाठवतो असे सांगण्यात आले. बाळाचे आईवडील रुग्णवाहिकेची वाट बघत होते. त्या वेळेला दुसरे कोणते वाहनही मिळाले नाही. बराच वेळ वाट पाहावी लागली. मात्र, रुग्णवाहिका काही आली नाही. बाळाची प्रकृती अधिकच खालावल्याने त्याला रिक्षेतून जिल्हा रुग्णालयात नेण्यात आले. तिथे पोहोचल्यानंतर बाळाला तपासले असता, डॉक्टरांनी तो मृत पावल्याचे सांगितले. वेळेवर रुग्णवाहिका न मिळाल्याने बाळ दगावला असा आरोप कुटुंबीयांनी केला आहे.

नवी दिल्ली: देशातील तरुणांना राष्ट्रनिर्मितीच्या कार्यात सहभागी करून घेण्याच्या दिशेने पाऊल उचलत राष्ट्रपती रामनाथ कोविंद यांनी एका गरीब कुटुंबातील इयत्ता ९वीत शिकणाऱ्या एका विद्यार्थ्याला एक रेसिंग सायकल भेट दिली. रियाझ असे या विद्यार्थ्याचे नाव असून राष्ट्रपतींनी त्याला इदीच्या रुपात ही भेट दिली. सायकलस्वार बनणे ही रियाझचे स्वप्न आहे. यासाठी तो सध्या प्रचंड परिश्रम करत आहे. राष्ट्रपती कोविंद यांनी त्याचे हे स्वप्न पूर्ण व्हावे यासाठी शुभेच्छा दिल्या आणि भरपूर परिश्रम करण्याचा सल्ला दिला.

रियाझला ३१ जुलै, अर्थात ईद-उल-अदाच्या एक दिवस आधी ही सायकल भेट देण्यात आली आहे. रियाझसाठी ही भेट ईदीच्या बरोबररीचीच आहे. ईदीच्या निमित्ताने मोठी माणसे लहानांना ईदी देत असतात. अत्यंत गरीब कुटुंबातील एक विद्यार्थी असूनही रियाझने मोठे स्वप्न पाहिले आहे आणि हे स्वप्न इतरांसाठी प्रेरणा देण्याचे काम करू शकते.

रियाझ हा दिल्लीतील आनंद विहारच्या सर्वोदय बाल विद्यालयाचा इयत्ता नववीत शिकणारा विद्यार्थी आहे. तो मूळचा बिहारमधील मधुबनीचा. त्याचे आई-वडील, दोन बहिणी आणि एक भाई तेथेच राहतात. मात्र, रियाझ हा गाझियाबादमधील महाराजपूरमध्ये एका भाड्याच्या खोलीत राहतो. त्याचे वडील स्वयंपाक्याचे काम करतात. कुटुंबाला आर्थिक मदत व्हावी यासाठी रियाझ रिकाम्या वेळेत गाझियाबादमधील एका छोट्या हॉटेलात भांडी धुण्याचे काम करतो.

नवी दिल्ली : करोनाविरुद्धच्या लढाई दरम्यान डॉक्टर्स आणि आरोग्य कर्मचाऱ्यांना आणखीन एक लढाई लढावी लागतेय. आरोग्य कर्मचाऱ्यांना सुरक्षा, सुविधा आणि वेतन देण्याच्या मागणीवर आज सर्वोच्च न्यायालयात सुनावणी पार पडली. आरोग्य कर्मचाऱ्यांना वेळेवर वेतन न मिळण्यासाठी सर्वोच्च न्यायालयानं महाराष्ट्र, दिल्ली, त्रिपुरा, पंजाब आणि कर्नाटक सरकारला धारेवर धरलंय. तसंच डॉक्टरांचा आणि आरोग्य कर्मचाऱ्यांचा 'क्वारंटीन' दिवस हे काही सुट्टीचे दिवस नाहीत, असं बजावताना क्वारंटीन पीरियडचाही पगार देण्याचे आदेश न्यायालयानं दिलेत.

डॉक्टर आणि आरोग्य कर्मचाऱ्यांचा 'क्वारंटीन' वेळ सुट्टी घोषित करून त्यांचा पगार कापला जाऊ शकत नाही, असं सर्वोच्च न्यायालयानं म्हटलंय. केंद्र सरकारला यावर स्पष्टीकरण देण्याचे निर्देशही न्यायालयानं दिलेत. आरोग्य कर्मचाऱ्यांना वेतन वेळेवर मिळेल, हे निश्चित करण्यासही शिखर न्यायालयानं बजावलंय.

दिल्ली, त्रिपुरा, पंजाब, महाराष्ट्र आणि कर्नाटक राज्यात डॉक्टर आणि पॅरा मेडिकल स्टाफला सेवा-सुविधा पुरवतानाच वेळेवर सुट्टी दिली जावी. सोबतच वेतन आणि भत्ते त्यांना वेळेवर दिले जावेत, असं सर्वोच्च न्यायालयानं म्हटलंय. राज्य सरकारनं केंद्राच्या दिशानिर्देशांचं काटेकोरपणे पालन करावं, असंही न्यायालयानं म्हटलंय. केंद्र यासाठी असहाय्य नाही, ते कारवाई करण्यासाठी मोकळे आहेत, अशी समजही न्यायालयानं दिलीय.

भारत-चीन सीमेवरील परिस्थिती चिघळली आहे. दोन्ही देशांमध्ये गेल्या काही महिन्यांपासून लडाखमध्ये सीमेवर तणावाची स्थिती आहे. आता यात आणखी भर पडल्याचं चित्र आहे. चीन सीमेवर आणखी ३५ हजार जवान तैनात करण्याचा निर्णय भारताने घेतला आहे.

भारताची चीनला लागून ३,४८८ किलोमीटर इतकी सीमा प्रत्यक्ष ताबा रेषा (LAC) आहे. ही प्रत्यक्ष ताबा रेषा हलवण्याचे चीनचे मनसुबे असल्याने तणाव वाढला आहे. सीमेवर आणखी जवान तैनात करण्यात येणार आहे. परिणामी सैन्याच्या बजेट ताणला गेला आहे, अशी माहिती एका वरिष्ठ अधिकाऱ्याने दिली.

पूर्ल लडाखमध्ये भारत-चीन सीमेवर गलवान खोऱ्यात १५ जूनला दोन्ही देशांच्या सैनिकामध्ये रक्तरंजित संघर्ष झाला होता. यात भारताचे २० जवान शहीद झाले होते. यानंतर दोन्ही देशांनी सीमेवर मोठ्या संख्येत सैनिकांची तैनाती वाढवली. तसंच तोफा आणि रणगाड्यांसह इतर शस्त्रास्त्रही तैनात करण्यात आली आहेत. दोन्ही देशात यापूर्वी झालेल्या कुठल्याही कराराचे चीनकडून सीमेवर पालन होत नाहीए. यामुळे तणाव आणखी वाढल्याने सीमेवर अतिरिक्त जवानांना तैनात करण्यात येत आहे, अशी माहिती अधिकाऱ्यांनी दिली.

 

नवी दिल्ली: केंद्रीय आरोग्य मंत्रालयाने (Union Health Ministry) देशवासीयांसाठी चांगली बातमी दिली आहे. देशात एकूण दोन स्वदेशी लशींची चाचणी (Trial of Corona Vaccine) घेण्यात येत असून या चाचण्याचे सकारात्मक परिणाम समोर येत आहेत, असे केंद्रीय आरोग्य मंत्रालयाने स्पष्ट केले आहे. आज पत्रकार परिषद घेऊन आरोग्य मंत्रालयाने ही माहिती दिली. जेव्हा केव्हा करोनावरील लस विकसीत होईल, त्यामध्ये भारताची भूमिका अत्यंत महत्त्वाची असेल, असेही आरोग्य मंत्रालयाने म्हटले आहे. देशातील लशीच्या उपलब्धतेसाठी जागतिक आरोग्य संघटनेव्यतिरिक्त (World Health Organisation) विविध देशांकडूनही व्यक्तीगत स्वरुपात भारताशी संपर्क केला जात असल्याचेही आरोग्य मंत्रालयाने म्हटले आहे. (two corona virus vaccines are being tested in the country)
केंद्रीय आरोग्य मंत्रालयाचे सचिव राजेश भूषण यांनी पत्रकार परिषदेत माहिती दिली. देशात करोनाची लागण झालेल्या रुग्णांचा बरे होण्याचा दर सकात्मक असल्याचे भूषण यांनी म्हटले आहे. एप्रिल महिन्यात करोना रुग्ण बरे होण्याचा दर ७.८५ टक्के इतका होता. आज मात्र हा दर ६४.४ टक्के इतका झाला आहे. देशात एकूण करोनाबाधित रुग्णांपैकी १० लाखांहून अधिक लोकांनी करोनावर मात केली आहे. यात डॉक्टर्स आणि परिचारिकांचे महत्वाचे योगदान आहे, असे भूषण म्हणाले.

देशभरातील एकूण १६ राज्यांमध्ये रुग्ण बरे होण्याचा दर हा सरासरीपेक्षा अधिक आहे. या राज्यांमध्ये दिल्लीचा रुग्ण बरे होण्याचा दर ८८ टक्के, लडाखचा दर ८० टक्के, हरयाणाचा दर ७८ टक्के, आसामचा दर ७६ टक्के, तामिळनाडूचा आणि गुजरातचा दर ७३ टक्के, राजस्थानचा दर ७० टक्के, मध्य प्रदेशचा दर ६९ टक्के आणि गोव्याचा रुग्ण बरे होण्याचा दर ६८ टक्के इतका असल्याची माहिती राजेश भूषण यांनी दिली.

श्रीनगर: जम्मू भागातील किश्तवार जिल्ह्यात दहशतवाद्यांनी आता मुलींबद्दल एक नवा हुकूम जारी केला आहे. दहशतवाद्यांनी मुलींना नृत्याचे व्हिडिओ सोशल मीडियावर अपलोड न करण्याची सूचना दिली आहे. जर मुलींनी नृत्याचे व्हिडिओ सोशल मीडियावर अपलोड केले, कर त्यांचे पाय तोडून टाकले जातील, अशी धमकीच दहशतवाद्यांनी दिली आहे.

हिजबुल मुजाहिद्दीन या दहशतवादी संघटनेने ही पोस्टर्स लावली आहेत. पोस्टरमध्ये हिजबुलने मुलींचा धाक दाखवत आपला नृत्य व्हिडिओ तातडीने सोशल मीडियावर अपलोड करायचा नाही, अशी ताकीद दिली आहे.

ज्या मुलींनी त्यांच्या नृत्यांचे व्हिडिओ सोशल मीडियावर अपलोड केले आहेत त्यांना इशारा देताना त्यांनी असे करणे थांबवावे अन्यथा त्यांचे पाय तोडून घेण्यासाठी तयार असावे, असे हिजबुल मुजाहिद्दीन यांनी ठिकठिकाणी टिकटवलेल्या केलेल्या पोस्टरमध्ये असे म्हटले आहे.

असे आदेश म्हणजे दहशतवादी आता खवळले असल्याचे दर्शवत आहेत. याचे कारण म्हणजे खोऱ्यातील सुरक्षा दलांकडून दहशतवाद्यांचा खात्मा करण्यात येत आहे. सुरक्षा दले आता दहशतवादी संघटनांमध्ये सामील झाल्यानंतर एका महिन्यातच दहशतवाद्यांचा खात्मा करत आहेत. याचा अर्थ खोऱ्यातील कोणताही दहशतवादी एका महिन्यापेक्षा जास्त काळ जगू शकत नाही अशी स्थिती आहे.

 

अंबाला: अत्याधुनिक क्षेपणास्त्र आणि प्राणघातक बॉम्बनी सुसज्ज असलेले भारतीय हवाई दलातील सर्वात प्राणघातक लढाऊ विमान राफेल (Rafale) २९ जुलैला अंबाला येथे पोहोचणार आहेत. सुरक्षेची स्थिती लक्षात घेऊन संपूर्ण शहरात कलम १४४ लागू करण्यात आले आहे. या बाबत हाती आलेल्या वृत्तानुसार हवाईदलाच्या तळाभोवती छायाचित्रण आणि व्हिडीओग्राफीवर बंदी घालण्यात आली आहे. आठवड्याभरात ही विमाने कोणत्याही मोहिमेसाठी सज्ज होणार आहेत. ही लढाऊ जेट विमाने उडवण्यासाठी एकूण १२ वैमानिकांना प्रशिक्षण देण्यात आले आहे. या लढाऊ विमानांच्या स्वागतासाठी भारतीय हवाई दलाने पूर्ण तयारी केली आहे. हवाई दलाचे फायटर पायलट ७००० किमी हवाई अंतर पार करून बुधवारी अंबाला हवाई तळावर पोहोचतील. यावेळी एअर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ उपस्थित राहणार आहेत. मंगळवारी त्यांनी हवाई दलाच्या स्टेशनला भेट दिली. यावेळी १७ गोल्डन अ‍ॅरो स्क्वॅड्रॉनची पुन्हा स्थापना करण्यात आली. एअर चीफ मार्शल धनोआ यांनी राफेलसंदर्भात करण्यात येत अशलेल्या तयारीची माहिती घेतली.

एकूण ५ राफेल विमाने २७ जुलै रोजी फ्रान्सहून भारताकडे रवाना झाली. सोमवारी अबू धाबी येथे ही विमाने उतरली. फ्रान्सहून युएईला पोहोचण्यासाठी विमानांना सात तास लागले. येथून ही विमाने अल-डाफ्रा हवाईतळावरून उड्डाण करतील आणि त्यानंतर थेट अंबाला येथे उतरतील. चीन आणि पाकिस्तानशी सुरू असलेल्या तणावामुळे ही लढाऊ विमाने भारताकडे असणे अत्यंत महत्त्वाचे मानले जाते. राफेल विमाने निघण्यापूर्वी फ्रान्समधील भारतीय दूतावासाने ही विमाने आणि भारतीय हवाई दलाच्या वैमानिकांचे छायाचित्रही प्रसिद्ध केले आहे.

नवी दिल्ली : महाराष्ट्रात नोकऱ्या आणि शैक्षणिक संस्थांमध्ये मराठा आरक्षणाला आव्हान देणाऱ्या याचिकेवर सोमवारी सर्वोच्च न्यायालयात सुनावणी पार पडली. व्हिडिओ कॉन्फरन्सिंगद्वारे पार पडलेल्या या सुनावणीत पुढील आदेशापर्यंत नेमणुकांना सुप्रीम कोर्टाने स्थगिती दिली आहे. त्यामुळे राज्य सरकारला मोठा झटका बसलाय. या प्रकरणाची पुढील सुनावणी २५ ऑगस्ट रोजी आणि अखेरची सुनावणी १ सप्टेंबर रोजी पार पडणार आहे.या अगोदर १५ जुलै रोजी सर्वोच्च न्यायालयानं मराठा आरक्षणावर अंतरिम स्थगिती आदेश देण्यास नकार देतानाच दोन्ही बाजूंच्या वकिलांना २७ ते २९ जुलै दरम्यान केवळ तीन दिवसांत युक्तिवाद पूर्ण करण्याचे निर्देश दिले होते.

उच्च न्यायालयानं राज्यात १३ टक्के मराठा आरक्षण वैध ठरवलं होतं. त्यानंतर उच्च न्यायालायाच्या या निर्णयाला सर्वोच्च न्यायालयात आव्हान देण्यात आलं होतं. सरकारकडून मराठा समुदायाला सरकारी नोकऱ्या आणि शैक्षणिक संस्थांत दिलं जाणारं १३ टक्के आरक्षण सर्वोच्च न्यायालयाच्या इंदिरा साहनी प्रकरणात दिल्या गेलेल्या निर्णयाचं उल्लंघन करत असल्याचं याचिकाकर्त्यांचं म्हणणं आहे.

अहमदाबाद: बहिणीशी बोलत असताना एक तरूण जवळच थुंकला म्हणून त्याच्याकडे पाहिलं असता, त्यानं महिलेच्या अंगावरील टी-शर्ट फाडला आणि तिला मारहाण केली. अहमदाबादमधील निकोल येथे ही धक्कादायक घटना घडली. या प्रकरणी आरोपीविरोधात गुन्हा दाखल करण्यात आला असून, तो फरार आहे. त्याचा शोध घेण्यात येत असल्याची माहिती पोलिसांनी दिली.

२४ वर्षीय तरुणीनं या प्रकरणी निकोल पोलीस ठाण्यात आरोपीविरोधात तक्रार दाखल केली आहे. बहिणीसोबत बोलत असताना, तो तरुण जवळच येऊन थुंकला. त्यामुळे त्याच्याकडे नुसतं पाहिलं. तर त्याने अगावरील टी-शर्ट फाडला आणि मारहाण केली, असं तिनं तक्रारीत म्हटलं आहे. ही तरूणी निकोलची रहिवासी आहे. त्याच परिसरात रवी राजपूत हा देखील राहतो. तो तिच्याजवळच येऊन थुंकला. त्यानंतर त्याच्याकडे नुसतं पाहिलं. काहीही बोलले नाही. त्यानं माझ्या अंगावरचा टी-शर्ट फाडला आणि मला मारहाण केली, असं तिनं सांगितलं. राजपूत मारहाण करत असताना, बहीण आणि आई बचावासाठी धावून आली, असंही ती म्हणाली.

पीडित तरुणीने दिलेल्या तक्रारीवरून पोलिसांनी आरोपी राजपूतविरोधात विविध कलमान्वये गुन्हे दाखल केले आहेत. घटनेनंतर राजपूत फरार झाला असून, त्याचा शोध घेतला जात आहे, अशी माहिती सहपोलीस आयुक्त एन. एल. देसाई यांनी दिली. तरुणीच्या तक्रारीनुसार, आरोपी राजपूतला ती ओळखते. ही तरुणी आपल्या बहिणीला भेटण्यासाठी गेली होती. त्याचवेळी ही घटना घडली. या दोघी बहिणी गप्पा मारत होत्या. त्याचवेळी तेथून जाणारा राजपूत तिच्या बाजूलाच थुंकला. तिनं फक्त त्याच्याकडे पाहिलं. काहीही बोलली नाही. मात्र, रागातून राजपूतने तिला मारहाण केली. तसंच तिच्या अंगावरील टी-शर्ट फाडला. घटनास्थळी स्थानिकांची गर्दी जमली. त्यानंतर त्यानं तेथून पळ काढला.

पाटणाः बिहारमध्ये कोरोना विषाणूमुळे परिस्थिती दिवसेंदिवस आणखी बिघडत चालली आहे. दररोज शकडो नवीन रुग्ण आढळून येत आहेत. एवढ्या मोठ्या प्रमाणावर रुग्ण आढळून येत असल्याने रूग्णालयांवर ताण पडत आहे. सुविधांचाही अभाव असल्याने परिस्थिती बिकट होत चालली आहे. भागलपूरमधील जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटलमधील स्थिती भीषण होत चालली आहे. राज्यातील कोविड विशेष रुग्णालयांमध्ये या रुग्णालयाचा समावेश आहे. या रुग्णालयात एका कुटुंबाने डॉक्टरांच्या सल्ल्याविरोधात रुग्णाला रुग्णालयातून बाहेर नेले. यामुळे रुग्णाचा मृत्यू झाला.

भागलपूरच्या या रूग्णालयात एकूण ८०० बेड आहेत. परंतु रुग्णालयात उपचार करण्यासाठी डॉक्टर आणि कर्मचाऱ्यांची मोठी कमतरता आहे. यातूनच रुग्णालयाच्या हलगर्जीपणामुळे मोठी घटना घडली आहे. एका कुटुंबाने आपल्या रुग्णाला तिसर्‍या मजल्यावरील आयसीयूमधून बाहेर काढले. रुग्णाला मोकळ्या आणि ताज्या हवेची आवश्यकता आहे, असं त्यांनी सांगितलं. डॉक्टरांनी याला विरोध केला. पण रुग्णाच्या कुटुंबाने त्यांचं काहीही ऐकलं नाही, असं डॉक्टरांचं म्हणणं आहे.

पण हलगर्जीपणामुळे रूग्णाचा मृत्यू झाला. ही घटना १९ जुलैला घडली. आता या घटनेचा एक व्हिडिओ व्हायरल ती पुन्हा चर्चेत आली आहे. कटिहारला आणताना रुग्णाचा मृत्यू झाला. डॉक्टरांच्या सल्ल्याविरोधात कुटुंबीय रूग्णाला घेऊन जात होते. रुग्णालयात योग्य उपचार होत नसल्याचा आरोप कुटुंबी यांनी केला आहे.

कोक्राझार: करोनानं जगभरासह देशात हाहाकार माजला आहे. करोनाला रोखण्यासाठी लागू केलेल्या लॉकडाउनच्या काळात सर्वसामान्यांवर संकटाचा डोंगरच कोसळला आहे. या लॉकडाउनचे भयानक परिणाम दिसू लागले आहेत. लॉकडाउनच्या काळात अनेकांना रोजगार गमवावा लागलाय. आता आपल्यावर अवलंबून असलेल्या मुलाबाळांना सांभाळायचं कसं असा प्रश्न अनेकांसमोर उभा राहिला आहे. आसाममधील कोक्राझारमध्ये एका पित्यावर तर आर्थिक तंगीमुळं आपल्या पोटच्या ४ महिन्यांच्या मुलीला विकण्याची वेळ आली आहे.

करोनाचा प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी लॉकडाउन लागू करण्यात आला. त्यामुळं उत्पन्नाचे सर्व मार्ग हळूहळू बंद झाले. त्यामुळं या हतबल पित्यावर ही वेळ आली. हाताला काम नाही. त्यामुळं पैशांची चणचण भासू लागली. पत्नी आणि तीन मुलांचं पोट भरायचं कसं असा प्रश्न या पित्यासमोर उभा राहिला. संकट आणि गरिबीच्या दरीत कोसळल्यासारखं झालं. गेल्या चार महिन्यांपासून बेरोजगारीनं खचून गेलेल्या या पित्यानं आपल्या पोटच्या गोळ्याला विकलं. दीपक ब्रह्मा असं या पित्याचं नाव आहे. तो मजूर आहे. दीपक हा गुजरातमध्ये मजुरीचं काम करायचा. लॉकडाउनमुळं त्याला आसाममध्ये परत यावं लागलं. जे काही पैसे हाती होते, ते गुजरातहून मूळगावी येण्यात खर्च झाले.

नवी दिल्ली : राजस्थानच्या सत्तासंघर्षावर राजस्थान उच्च न्यायालयाचा निकाल सुरक्षित असतानाच आता हा वाद सर्वोच्च न्यायालयात पोहोचला आहे. आमदारांच्या अपात्रतेच्या मुद्यावर राजस्थान उच्च न्यायालयाला निकाल देण्यापासून रोखण्यात यावे, अशी मागणी करणारी याचिका राजस्थान विधानसभेचे अध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी यांनी बुधवारी सर्वोच्च न्यायालयात दाखल केली. या याचिकेवर आज तीन न्यायमूर्तींच्या पीठापुढे या याचिकेवर सुनावणी सुरू आहे.

नोटीस प्रकरणात सर्वाच्च न्यायालयात सुनावणीला सुरुवात झालीय. विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी यांच्यातर्फे वकील कपिल सिब्बल न्यायालयासमोर बाजू मांडत आहेत. न्यायमूर्ती बी आर गवई यांच्या खंडपीठासमोर ही सुनावणी सुरू आहे.

उच्च न्यायालय विधानसभा अध्यक्षांना आदेश देऊ शकत नाहीत, असा युक्तीवाद कपिल सिब्बल यांनी न्यायालयासमोर मांडलाय. यासाठी २८ वर्षांपूर्वीच्या 'किहोटो होलोहोन १९९२' प्रकरणाचा उल्लेख करताना त्यांनी म्हटलं की उच्च न्यायालयानं विधानसभा अध्यक्षांवर लावलेली रोख न्यायसंगत नाही. सिब्बल यांच्या म्हणण्यानुसार, विधानसभा अध्यक्षांच्या निर्णयाची न्यायिक समिक्षा होऊ शकते परंतु ती रोखली जाऊ शकत नाही.

सिब्बल यांच्या युक्तीवादावर सर्वोच्च न्यायालयानं त्यांना उलट प्रश्न केलाय. 'विधासभा अध्यक्षांनी अयोग्य ठरवलं आणि आमदारांची याचिका कोर्टात प्रलंबित असेल तर कोर्ट दखल देऊ शकतं का?' असं कोर्टानं म्हटलंय. यावर अशा वेळी कोर्टाला दखल देण्याचा अधिकार आहे, कराण विधासनभा अध्यक्षांनी अगोदरच निर्णय घेतलाय. परंतु, निर्णय घेण्याअगोदरच त्यांना रोखणं चुकीचं आहे, असं सिब्बल यांनी म्हटलंय.
 

नवी दिल्ली: कोरोना, चीन, राजस्थान आणि उत्तर प्रदेशच्या कायदा आणि सुव्यवस्थेवरून काँग्रेस (Congress) आणि भारतीय जनता पक्षात (भाजप) (BJP) झालेल्या सर्घर्षाने आता गमतीजमतीचे रूप धारण केले आहे. आज कोण कामावर आहे?, असा प्रश्न काँग्रेसने भाजपला ट्विटरवर विचारला आहे. इतकेच नाही कर काँग्रसने विविध केंद्रीय मंत्र्यांचे ‘वर्क फ्रॉम होम’चे (Work From Home) वेळापत्रक तयार करून शेअर केले आहे. या यादीमध्ये परराष्ट्रमंत्री एस. जयशंकर यांच्यासह केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर, भाजपचे अध्यक्ष जे. पी. नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शहा, संरक्षण मंत्री राजनाथ सिंह, अर्थमंत्री निर्मला सीतारमण आणि स्मृती इराणी यांची नावे आहेत. यावर ट्विटर यूजर्सनी रविशंकर प्रसाद हे या रोस्टरमध्ये कुठे फिट बसतात, असा सवाल केला. या यादीतून पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनाही वगळण्यात आल्याचे एका यूजरने लक्षात आणून दिले आहे.

मंत्री रोज गेस्ट म्हणून उपलब्ध असतात, भाजपचे प्रवक्ते संबित पात्रा हे रोज ड्यूटीवर असतात, असे एका यूजरने म्हटले आहे. कॉंग्रेसला ट्रोल करत एका यूजरने सुचवले की, हे अगदी बरोबर आहे, हे ‘भारतीय लोक’ आहेत. आपण ठरवलेला कार्यक्रम पक्ष वाचू शकतो का?, असाही प्रश्न एकाने विचारला. गेल्या आठवड्यात राहुल गांधी ट्वीटद्वारे सरकारवर सातत्याने हल्ले करत आहेत. राहुल गांधी यांच्या या टीकेला भाजपाने प्रत्येक वेळी प्रत्युत्तर दिले आहे.

 

पाटणा: बिहारमधील बांका जिल्ह्यात थरारक घटना घडली आहे. तोंडावर मास्क लावला नसल्यानं पोलिसांनी दुचाकीस्वाराचा पाठलाग केला. पोलिसांच्या कारवाईपासून वाचण्याच्या नादात दुचाकी झाडाला धडकून भीषण अपघात झाला. यात २० वर्षीय तरुणाचा मृत्यू झाला. तर त्याचा १८ वर्षीय मित्र रुग्णालयात मृत्यूशी झुंज देत आहे.

संतोष यादव आणि मंजेश यादव हे दोघे काटोरिया मार्केटमध्ये खरेदीसाठी गेले होते. मात्र, या दोघांनी मास्क घातला नव्हता. लॉकडाउनचे नियम मोडल्यानं पोलिसांनी त्यांना सिग्नलवर थांबण्यास सांगितलं. मात्र, दंड भरावं लागेल म्हणून ते दोघे घाबरून दुचाकीवरून पळाले. बंदोबस्तावर असलेल्या दोन पोलिसांनी दुचाकीवरून या दोघांचा पाठलाग केला. जवळपास दोन किलोमीटरपर्यंत हा थरार सुरू होता. दुचाकी वेगानं पळवण्याच्या नादात त्यांची दुचाकी काटोरिया-सुईया मार्गावरील एका झाडाला धडकली. यात संतोष यादव आणि मंजेश हा गंभीर जखमी झाला. या दोघांना काटोरिया रुग्णालयात नेलं असता, संतोषचा मृत्यू झाला. तर मंजेश हा गंभीर जखमी असून, तो मृत्यूशी झुंज देत आहे. या घटनेला मंजेशच्या कुटुंबीयांनी पोलिसांना जबाबदार धरलं आहे.

या घटनेनंतर ग्रामस्थ आक्रमक झाले असून, संबंधित पोलिसांवर कारवाई करण्यात यावी, अशी मागणी त्यांनी केली आहे. या प्रकरणी मृताचे वडील जीवू यादव यांनी तक्रार दाखल केली असून, पोलिसांनी नोंद करून घेतली आहे. दोघांनी मास्क घातले नव्हते, तसंच हेल्मेटही घातला नव्हता, असं पोलिसांनी सांगितलं. या प्रकरणी बांकाचे पोलीस अधीक्षकांची प्रतिक्रिया मिळू शकली नाही.
 

जयपूर: राजस्थानमधील भरतपूर येथील राजा मानसिंह एन्काउंटर (Raja Mansingh Encounter Case) प्रकरणी उत्तर प्रदेशातील मथुरा जिल्हा न्यायालयानं बुधवारी निकाल सुनावला. या प्रकरणात तत्कालीन पोलीस उपअधीक्षकासह ११ पोलिसांना जन्मठेपेची शिक्षा सुनावली. तर एका प्रकरणात तीन आरोपींची निर्दोष सुटका केली.

जिल्हा आणि सत्र न्यायाधीश साधना राणी ठाकूर यांनी या प्रकरणाची सुनावणी मंगळवारी पूर्ण केली. त्यानंतर पोलीस उपअधीक्षक कानसिंह भाटी याच्यासह ११ आरोपींना दोषी ठरवलं. आरोपपत्रात आरोपनिश्चिती करण्यात आलेल्या १८ पोलीस कर्मचाऱ्यांपैकी उपअधीक्षक कानसिंह भाटी यांचे चालक कॉन्स्टेबल महेंद्रसिंहची यापूर्वीच निर्दोष सुटका करण्यात आली होती. तर तीन अन्य आरोपी शिपाई नेकीराम, सीताराम आणि कुलदीप सिंह यांचा खटला सुरू असतानाच मृत्यू झाला आहे.

विजयवाडा: १३ वर्षीय मुलीला तिच्या सावत्र भावानं २७ हजार रुपयांसाठी कुंटणखान्यात विकल्याचा धक्कादायक प्रकार उघडकीस आला आहे. आंध्र प्रदेशातील प्रकाशम जिल्ह्यातील सिंगरकोंडा येथे कुंटणखान्यावर धडक कारवाई केल्यानंतर ही घटना उघडकीस आली आहे.

पीडित मुलीनं १०० क्रमांकावर फोन करून मदत मागितली होती. पोलिसांनी तात्काळ सिंगरकोंडा येथील कुंटणखान्यावर १८ जुलैला छापा टाकला. त्यानंतर या मुलीची सुटका करण्यात आली, अशी माहिती कांदुकुर पोलीस ठाण्यातील निरीक्षक विजय कुमार यांनी दिली.

आई-वडील यांच्यात सतत वाद होत असल्यानं पीडित मुलगी ही सावत्र भावासोबत राहत होती. वडिलांनी दुसरं लग्न केल्यानं मालमत्तेवरून वाद होत होते. त्यानंतर सावत्र भाऊ आणि त्याच्या पत्नीनं मुलीला नेल्लोर जिल्ह्यातील कवाली येथून सिंगरकोंडा येथे नेलं. त्यानंतर कुंटणखान्यात नेऊन विकलं. त्या मोबदल्यात त्यानं २७ हजार रुपये घेतले, अशी माहिती पोलिसांनी दिली.

नवी दिल्ली : कानपूरमधील कुख्यात गँगस्टर विकास दुबे एन्काउन्टरसहीत बिकरु गावात घडलेल्या घटनेच्या प्रकरणात सर्वोच्च न्यायालयात बुधवारी सुनावणी पार पडली. या दरम्यान सर्वोच्च न्यायालयानं उत्तर प्रदेशातील योगी आदित्यनाथ सरकारला 'पुन्हा अशी घटना होणार नाही, हे राज्य सरकारनं सुनिश्चित करावं' असा सल्ला दिलाय.

सर्वोच्च न्यायालयानं या सुनावणी दरम्यान सरन्यायाधीशांच्या अध्यक्षतेखालील एका खंडपीठाच्या चौकशी समितीलाही हिरवा कंदिल दिलाय. या समितीत सर्वोच्च न्यायालयाचे न्यायमूर्ती बी एस चौहान आणि माजी डीजीपी के एल गुप्ता यांनाही सहभागी करण्यात आलंय.

उत्तर प्रदेश सरकारनं दिलेल्या शपथपत्रानुसार, चौकशी समितीत न्यायमूर्ती बी एस चौहान आणि माजी डीजी के एल गुप्ता यांना सहभागी करण्यात येईल, तसंच न्यायमूर्ती चौहान या समितीचे अध्यक्ष राहतील असं म्हटलं होतं. सर्वोच्च न्यायालयानं या चौकशी समितीला दोन महिन्यांत चौकशी पूर्ण करण्याचे आदेश दिले आहेत. या प्रकरणाची चौकशी एका आठवड्याच्या आत सुरु करण्याचे निर्देशही राज्य सरकारला दिले आहेत.

गाझियाबाद: गाझियाबादचे पत्रकार विक्रम जोशी यांचा बुधवारी सकाळी उपचारा दरम्यान मृत्यू झाला. पत्रकार जोशी यांच्यावर सोमवारी काही गुंडांनी जीवघेणा हल्ला केला होता. आपल्या मुलींसोबत बाईकवरून जाणाऱ्या जोशी यांना रस्त्यातच रोखून त्यांच्या डोक्यात गोळी घालण्यात आली होती. या प्रकरणात पोलिसांनी मुख्य आरोपी रवि याच्यासहीत नऊ जणांना अटक केलीय. तसंच प्रताप विहार पोलीस स्टेशन प्रभारी राघवेंद्र यांना कारवाई न करण्यासाठी निलंबित करण्यात आलंय. परंतु, न्याय मिळत नाही तोवर मृतदेह ताब्यात घेणार नसल्याची भूमिका जोशी यांच्या कुटुंबीयांनी घेतलीय.

विक्रम जोशी सोमवारी रात्री मोटारसायकलवरून त्यांच्या दोन मुलींबरोबर घराकडे परतत होते, तेव्हा डझनभर सशस्त्र व्यक्तींनी त्यांना अडविले. त्यांनी आधी धक्काबुक्की केली नंतर गोळ्या झाडल्या. ते गंभीर जखमी झाल्यानंतर हल्लेखोर पळून गेले. त्यांच्या मुलींनी मदतीसाठी आरडओरडा केल्यानंतर त्यांना गंभीर जखमी अवस्थेत गाझियाबादच्या यशोदा रुग्णालयात दाखल करण्यात आलं होतं. जोशी एका स्थानिक दैनिकात कार्यरत होते. परंतु, उपचारा दरम्यान त्यांनी बुधवारी अखेरचा श्वास घेतला.

 

जयपूर: राजस्थान विधानसभेचे अध्यक्ष सी. पी. जोशी आणि सचिन पायलट यांच्यातील राजस्थान हायकोर्टातील लढाई आता सुप्रीम कोर्टाच पोहोचली आहे. सचिन पायलट गटाला काहिसा दिलासा देणाऱ्या राजस्थानच्या हायकोर्टाच्या निर्णयाला राजस्थान विधानसभा अध्यक्षांनी सुप्रिम कोर्टात आव्हान देणार आहेत. जे काही राजस्थान हायकोर्टात झाले तो सुप्रीम कोर्टाच्या घटनापीठाच्या आदेशाचे उल्लंघन आहे, असेही जोशी म्हणाले.

मंगळवारी राजस्थान हायकोर्टात झालेल्या सुनावणीदरम्यान सचिन पायलट आणि बंडखोर आमदारांना दिलास देत विधानसभा अध्यक्षांनी या गटावर शुक्रवार पर्यंत कोणतीही कारवाई करू नये असा आदेश दिला होता. कोर्टाने या प्रकरणावरील आपला निर्णय राखून ठेवला आहे. कोर्ट आपला निर्णय शुक्रवारी देणार आहे.

दरम्यान, आपल्याला नोटीस देण्याचा अधिकार असून जे काही झाले ते संसदीय लोकशाहीविरोधी आहे. विधानसभा अध्यक्षांना नोटीस देण्याचा पूर्ण अधिकारआहे. विधानसभा अध्यक्षांच्या निर्णयानंतर कोर्टात जाता येते. मात्र हा करण्यात आलेला प्रयत्न म्हणजे संसदीय लोकशाहीला धोका आहे. मी केवळ कारणे दाखवा नोटीस बजावली असल्याचे सांगत, काय मला हा अधिकार नाही का, असा प्रश्नही विधानसभा अध्यक्ष सी. पी. जोशी यांनी म्हटले आहे.

नवी दिल्ली : उत्तर भारतातील लडाखच्या पूर्व भागात वास्तविक नियंत्रण रेषेजवळ (LAC) वेगवेगळ्या भागांवर केलेल्या अतिक्रमणानंतर चीननं भारताचा विश्वास गमावलाय. अशावेळी भारत-चीनच्या 'पीपल्स लिबरेशन आर्मी'च्या (PLA) प्रत्येक हालचालीवर लक्ष ठेवण्यासाठी लवकरच एक शक्तीशाली ड्रोन भारतीय लष्कराला सोपवण्यात येणार आहे. भारताच्या 'संरक्षण संशोधन आणि विकास संस्था' अर्थात डीआरडीओ (DRDO)च्या माध्यमातून या ड्रोनची निर्मिती करण्यात आलीय. या ड्रोनचं नामकरण 'भारत' असं करण्यात आलंय.

'भारत ड्रोन' उंचावरच्या डोंगराळ भागांची टेहाळणी करण्याची जबाबदारी व्यवस्थितपणे पार पाडू शकतो, असा विश्वास व्यक्त करण्यात येतोय. हा ड्रोन पूर्व लडाखजवळ एलएसीवर टेहाळणीसाठी वापरण्यात येणार आहे.

रडारलाही चकवा देणार
संरक्षण सूत्रांनी दिलेल्या माहितीनुसार, पूर्व लडाख भागातील तणावाच्या पार्श्वभूमीवर लवकरच भारतीय लष्कराला सुरक्षेसाठी ड्रोनची गरज आहे. ही गरज भारत ड्रोनच्या माध्यमातून पूर्ण केली जाणार आहे. या ड्रोनचं सर्वात महत्त्वाचं वैशिष्टय म्हणजे, हा ड्रोन रडारलाही चकवा देऊ शकतो.

फरीदाबाद: उत्तर प्रदेशात जमिनीच्या वादाबाबत तक्रार नोंदवण्यासाठी पोलीस ठाण्यात आलेल्या महिलेसमोर एका पोलीस अधिकाऱ्यानं हस्तमैथुन केल्याची घटना काही दिवसांपूर्वी घडली असतानाच, अशाच प्रकारची आणखी एक घटना फरीदाबादमधील मुजेसर पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत घडली आहे. सोन्याचे दागिने चोरी झाल्याची तक्रार नोंदवण्यासाठी पोलीस ठाण्यात आलेल्या महिलेसमोर सहायक पोलीस उपनिरीक्षकानं अश्लिल चाळे केले. तसेच तिच्यासोबत अश्लिल भाषेत बोलू लागला. इतकंच नाही तर तिच्या मोबाइलवर अश्लिल फोटो आणि व्हिडिओ पाठवले. महिलेनं याबाबत पोलीस आयुक्तांकडे तक्रार केली. त्यानंतर एनआयटी पोलीस ठाण्यात गुन्हा दाखल करून संबंधित पोलीस अधिकाऱ्याला तात्काळ निलंबित करून त्याची रवानगी तुरुंगात केली.

पोलीस अधिकारी धारणा यादव यांनी दिलेल्या माहितीनुसार, संजय कॉलनी चौकी क्षेत्रातील गल्ली क्रमांक ६९मध्ये राहणाऱ्या महिलेचे घरमालक सोनू आणि संजय यांच्यासोबत वाद सुरू होता. ३० जून रोजी महिलेनंचोरीचा आरोप करत घरमालक सोनू आणि संजय यांच्याविरोधात पोलीस चौकीत तक्रार दाखल केली होती. हे प्रकरण चौकीत सांमजस्यानं सोडवण्यातही आलं होतं. पंचायतीसमोर हे प्रकरण गेलं होतं. महिलेच्या चोरी गेलेल्या वस्तूंच्या बदल्यात ३० हजार रुपये देण्याचा निर्णय पंचायतीनं दिला होता. त्यासाठी १९ जुलैपर्यंतची मुदत दिली होती. त्यानुसार ३० हजार रुपये घेतल्यानंतर १९ जुलै रोजी घर रिकामा करण्याचं ठरलं होतं.

नवी दिल्ली: राजस्थानात अशोक गेहलोत विरुद्ध सचिन पायलट असा मुकाबला रंगला असतानाच काँग्रेसकडून या भांडणाला वेगळाच रंग देण्याचा प्रयत्न केला जातोय. याच दरम्यान काँग्रेसचे नेते आणि छत्तीसगडचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यांनी पायलट यांची बंडखोरी प्रकरण जम्मू काश्मीरचे माजी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला यांच्या सुटकेशी जोडल्यानं या प्रकरणाला नवं वळण मिळालंय. परंतु, पायलट - अब्दुल्ला यांच्या नात्याचा वापर राजकारणासाठी करणं बघेल यांना भारी पडण्याची चिन्हं आहेत.

सचिन पायलट हे उमर अब्दुल्ला यांच्या बहिणीचे - सारा पायलट यांचे पती आहेत. त्यामुळेच बघेल यांनी हे नातं सचिन पायलट यांच्या बंडखोरीशी जोडण्याचा प्रयत्न केलाय. परंतु, त्यामुळे बघेल आणि उमर अब्दुल्ला सोशल मीडियावर शाब्दिकरित्या भिडलेले पाहायला मिळत आहेत.

एका इंग्रजी दैनिकाला दिलेल्या मुलाखतीत बघेल यांनी सर्वप्रथम याचा उच्चार केला होता. 'राजस्थानच्या घटनेवर माझं फार लक्ष नाही. पण या दरम्यान एक उत्सुकतापूर्ण प्रश्न निर्माण होतोय तो म्हणजे, उमर अब्दुल्ला यांना का सोडण्यात आलं? अब्दुल्ला आणि महबूबा मुफ्ती यांच्या एकाच कायद्याखाली बंद करण्यात आलं होतं. महबूबा मुफ्ती अद्यापही त्याच स्थितीत आहेत आणि उमर मात्र बाहेर आहेत. हे केवळ सचिन पायलट मेव्हणे असल्यामुळे झालंय का?'

बघेल यांच्या या वक्तव्यानंतर उमर अब्दुल्ला यांचा पारा चढला. 'सचिन पायलट जे काही करत आहेत ते कोणत्या ना कोणत्या पद्धतीनं माझ्या किंवा माझ्या वडिलांच्या सुटकेशी निगडीत आहे, या पद्धतीच्या खोट्या आरोपांचा वीट आलाय. आता खूप झालं. भूपेश बघेल आता माझे वकीलच या प्रकरणात लक्ष घालतील' असं ट्विट उमर अब्दुल्ला यांनी केलं. यावेळी त्यांनी आपल्या ट्विटमध्ये राहुल गांधी, रणदीप सिंह सुरजेवाला आणि काँग्रेस पक्षालाही टॅग केलं.

नवी दिल्ली: संपूर्ण जग कोरोना लशीची वाट पाहत असताना भारताने या दिशेने एक मोठे पाऊल पुढे टाकले आहे. कोव्हॅक्सिनची (Covaxin) या करोनावरील देशी लशीची मानवी चाचणी भारतात सुरू झाली आहे. पहिल्या टप्प्यात तब्बल ३७५ स्वयंसेवकांना कोवॅक्सीन देण्यात येणार आहे. दिल्लीतील एम्स रुग्णालयात १०० स्वयंसेवकांवर या लशीची चाचणी घेण्यात येणार आहे. गुरुवारी एम्समधील पहिले कोवॅक्सीन दिले जाण्याची शक्यता आहे. (first human trial of covaxin to be conducted in delhi aiims)

मोठी पायरी मानली जात आहे. कोव्हॅक्सिनच्या मानवी चाचणीत मोठ्या संख्येने स्वयंसेवकांनी भाग घेण्याची तयारी दर्शविली होती. त्यांपैकी ३७५ स्वयंसेवकांची निवड करण्यात आली आहे. या सर्वांवर कोव्हॅक्सिनची चाचणी केली जाणार आहे. दिल्लीतील एम्समधे १०० स्वयंसेवकांवर मानवी चाचणी केली जाणार आहे, तर उर्वरित २७५ स्वयंसेवकांवर देशातील इतर केंद्रांवर ही मानवी चाचणी केली जाणार आहे.

एम्समधील चाचणीसाठी निवडण्यात आलेल्या १०० स्वयंसेवकांपैकी केवळ पहिल्या ५० स्वयंसेवकांना ही लस दिली जाणार आहे. या चाचणीचे जर चांगले निकाल आले तर या चाचणीबाबतटा अहवाल डेटा कमिटीला पाठविला जाईल. या चाचणीनुसार जर सर्व काही ठीक असेल तर ही लस मग इतर स्वयंसेवकांना देखील दिली जाईल. गुरुवारी किंवा शुक्रवारी या आठवड्यात प्रथम मानवी चाचणी अंतर्गत प्रथम लस दिली जाईल असे सांगण्यात येत आहे.

उत्तर प्रदेश : करोनासारख्या जीवघेण्या संकटामुळे अवघं जगच संकटात सापडलंय. अशा वेळी समाजवादी पक्षाच्या एका खासदार महाशयांनी मशिदीतील सामूहिक नमाज पठणाची मागणी उचलून धरलीय. इतकंच नाही तर 'मशिदीतील सामूहिक नमाज पठणामुळे करोना पळून जाईल' 'मशिदीतील सामूहिक नमाज पठणामुळे करोना पळून जाईल' असंही त्याचं म्हणणं आहे. करोनापासून सुटका मिळवायची असेल तर सरकारनं मशिदीत सामूहिक नमाजाची परवानगी द्यायला हवी, असंही त्यांचं म्हणणं आहे.

समाजवादी पक्षाचे खासदार डॉ. शफीकुर रहमान बर्क यांनी मशिदीतील नमाज पठनानं करोना पळून जाईल, असा दावा केलाय. देशातून करोना पळवून लावायचा असेल तर भारत सरकारनं मुस्लिमांना मशिदीत सामूहिक नमाज करण्यासाठी परवानगी द्यावी, असा सल्लाच त्यांनी दिलाय. 'ईद - उल - जुहा' सणाच्या निमित्तावर सरकारनं मशिदीत सामूहिक नमाज अदा करण्याची परवानगी द्यावी, अशी त्यांनी मागणी केलीय.

मुस्लिमांच्या सामूहिक नमाजवर बंदी घालणं चुकीचं असल्याचं सांगत देश वाचवण्यासाठी मुस्लिमांचं नमाज पठण गरजेचं असल्याचंही त्यांनी म्हटलंय. नमाज अदा केला नाही तर करोना महामारी नष्ट करता येणार नाही, असंही त्यांचं म्हणणं आहे.

भोपाळ: मध्य प्रदेशच्या माजी मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) यांनी अयोध्या राम मंदिर प्रकरणात माजी केंद्रीय मंत्री आणि राष्ट्रवादी काँग्रेस (राष्ट्रवादी) अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) यांच्या विधानावर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त केली. एवढेच नव्हे तर त्यांनी पवारांना ‘राम द्रोही’ असेही संबोधले आहे. शरद पवार यांचे हे विधान निंदनीय असून, हे विधान पंतप्रधान मोदींच्या (PM Narendra Modi) विरोधात नाही तर भगवान राम यांच्याविरूद्ध आहे, असे उमा भारती म्हणाल्या. पंतप्रधान जर केवळ २ तासांसाठी तेथे गेले तर कोणती अर्थव्यवस्था बिघडणार आहे, असा सवालही त्यांनी केला. (uma bharti criticizes sharad pawar over remarks about ram mandir)

मध्य प्रदेशच्या माजी मुख्यमंत्री उमा भारती यांनी आज भोपाळजवळील सीहोर येथील प्राचीन गणेश मंदिरात पूजा केली. त्या नंतर राष्ट्रवादी काँग्रेसचे प्रमुख शरद पवार यांचे व्यक्तव्य पंतप्रधान मोदी यांच्या विरोधात नसून ते भगवान रामाविरूद्ध आहे, असे उमा भारती प्रसारमाध्यमांशी बोलताना म्हणाल्या.

पंतप्रधान जर २ तासांसाठी तेथे पोहोचले तर कोणती अर्थव्यवस्था विस्कळीत होणार आहे?,पंतप्रधान मोदी दररोज फक्त ४ तासांपेक्षा जास्त झोपत नाहीत. ते २४ तास काम करतात. आजपर्यंत त्यांनी रजा घेतलेली नाही. ते विमानात असतानाही काम करत असतात. मला त्याचा स्वभाव माहीत आहे. शरद पवार यांचे विधान भगवान रामविरुध्द असून ते निंदाजनक आहे. पतंप्रधान अयोध्येला २ तास विमानाने जाताना पण काम करतच जातील आणि येताना देखील ते काम करतच येतील, असे उमा भारती म्हणाल्या.

कोटा: राजस्थानच्या झालावाड जिल्ह्यातील जावर पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत एक धक्कादायक प्रकार घडला आहे. तीन दारुड्यांनी एका सहा वर्षांच्या मुलाला जबरदस्ती बिअर पाजली. या घटनेचा व्हिडिओ व्हायरल झाला आहे. या प्रकरणी पोलिसांनी दोघांना अटक केली आहे.

जावर पोलीस ठाण्याच्या हद्दीतील जतावा गावात संतापजनक घटना घडली आहे. या घटनेमुळं प्रत्येकाच्या मनात चीड निर्माण झाली आहे. तीन दारूड्यांनी घृणास्पद कृत्य केलं आहे. एका सहा वर्षांच्या मुलाला त्यांनी बिअर पाजली आणि त्याचा व्हिडिओ सोशल मीडियावर व्हायरल केला. त्यानंतर पोलिसांनी तात्काळ कारवाई केली. या प्रकरणी दोन आरोपींना पोलिसांनी अटक केली. तर एक फरार असल्याचे सांगण्यात येत आहे.

जावर पोलीस ठाण्याचे प्रमुख बन्नालाल यांच्या माहितीनुसार, जतावा गावातील अल्पवयीन मुलाचे वडील हरिराम याने पोलीस ठाण्यात तक्रार दाखल केली आहे. हरिराम मनोहर हे पंचायत समितीत काम करतात. १७ जुलैला सकाळी १० वाजता ते कामावर गेले होते. पत्नी कालीबाई या दोन्ही मुलांना घेऊन शेतावर गेल्या होत्या. दुपारी दोन वाजताच्या सुमारास त्यांच्या मोबाइल फोनवर दिनेश कुमार लोधा यांच्या क्रमांकावरून एक व्हिडिओ पाठवण्यात आला. व्हिडिओ पाहिला असता, भुरालाल गुर्जर आणि रामस्वरूप गुर्जर हे दोघे त्यांच्या अवघ्या सहा वर्षांच्या मुलाला बिअर पाजत असल्याचं दिसून आलं. तर मोबाइल कॅमेऱ्यात त्याचा व्हिडिओही चित्रित केला जात होता. यानंतर दोघांनी हा व्हिडिओ व्हॉट्सअॅप ग्रुपवर व्हायरल केला.

बेळगाव: देशभरात करोनाचा (Corona Virus)कहर सुरू असताना कर्नाटकमधून हृदय हेलावणारे चित्र पुढे आले आहे. एका महिलेला आपल्या पतीचा मृतदेह एका कापडात गुंडाळून हातगाडीवर लादून स्मशानभूमीत अंत्यसंस्कारासाठी न्यावे लागले. अंत्यसंस्कारासाठी या महिलेला कुणीही मदतीला आले नाही. सर्वानांच करोना विषाणूची भीती असल्याने कुणीही अंत्यसंस्कारासाठी पुढे न आल्याने या महिलेला आपल्या पतीचा मृतदेह स्मशानभूमीत न्यावा लागला. (a woman had to carry his husbands deadbody on pushcart) या वेळी महिलेने तिच्या दोन मुलांची मदत घेतली. त्यांच्या मदतीने पतीचे प्रेत एका कापडात गुंडाळून त्यांनी ते चारचाकी हातगाडीवर लादले. त्यानंतर या महिलेने हा मतदेह स्मशानभूमीपर्यंत नेला. ही माहिती स्वत: महिलेने दिली आहे. या महिलेच्या पतीचा मृत्यू करोनामुळेच झाला असावा असे सर्वांना वाटत होते.

महिलेचे कुटुंब अत्यंत गरीब होते. हे कुटुंब आर्थिक आव्हांनांशी लढत असल्याची माहिती स्थानिक लोकांनी दिली. या कुटुंबाकडे पैसे नसल्याने या महिलेला आपल्या पतीचा मृतदेह चारचाकी हातगाडीवर लादून स्मशानभूमीपर्यंत न्यावा लागला.

जयपूर: राजस्थानातील राजकीय वादळात बंडखोर सचिन पायलट (Sachin Pilot) यांचे तारू किनारी लागणार की भरकटणार, याचा निकाल आज लागण्याची शक्यता आहे.आजचा दिवस राजस्थानच्या राजकारणात महत्त्वाचा ठरणार असून आज हायकोर्ट राजस्थानातील राजकीय नाट्यावर पडदा टाकू शकते. विधानसभा अध्यक्षांनी सचिन पायलट यांच्यासह १९ आमदारांना बजावलेल्या नोटीशीवर राजस्थान हायकोर्ट (Rajasthan High Court) आणि निर्णय देण्याची शक्यता असून आज काय निकाल येणार याकडे सर्वांच्या नजरा लागलेल्या आहेत. याला राज्यात पायलट आणि गहलोत लढाईचे क्लायमॅक्स मानले जात आहे. (Gehlot vs Pilot) राजस्थान विधानसभेच्या अध्यक्षांनी भारतीय राज्यघटनेच्या कलम १९१च्या दहाव्या अनुसूचीअंतर्गत आणि राजस्थान विधानसभा सदस्य नियम १९८९ अंतर्गत ही नोटीस बजावली आहे.

पायलट गटाकडून युक्तीवाद पूर्ण
सचिन पायलट गटाकडून खंडपीठापुढील युक्तीवाद पूर्ण करण्यात आला आहे. सर्व नोटीसधारकांनी आपल्या पक्षाविरोधात कोणत्याही प्रकारचे वक्तव्य केलेले नसून त्यांनी पक्षाविरोधात कोणतेही षडयंत्र रचले आहे, हे सिद्ध होईल असे कोणतेही काम केलेले नाही, असे सचिन पायलट गटाचे अधिवक्ता हरीश साळवे यांनी खंडपीठाला सांगितले. एखाद्या व्यक्तीविरोधी केलेले वक्तव्य म्हणजे पक्षविरोधी वक्तव्य असल्याचे मानले जाऊ शकणर नाही. असे केल्याने भारतीय राज्यघटनेचे कलम १९(१) अंतर्गत देण्यात आलेल्या अभिव्यक्ती स्वातंत्र्याचे उल्लंघन होते. अशात अशा प्रकारची नोटीस दिली जाऊ शकणार नाही, असे साळवे म्हणाले.

नवी दिल्ली: काँग्रेसचे माजी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) हे भारत-तीन तणावावरून आक्रमक होत सतत केंद्र सरकार आणि पंतप्रधान नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) यांच्यावर निशाणा साधत आहेत. राहुल गांधी यांनी आपल्या ट्विटर अकाउंवर व्हिडिओची एक मालिकाच सुरू केली आहे. या द्वारे ते विविध मुद्द्यांवरून पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांना सतत घेरत आहेत. आज पुन्हा एक व्हिडिओ शेअर करत त्यांनी पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्यावर टीकास्त्र सोडले आहे. या व्हिडिओद्वारे त्यांनी पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या प्रतिमेबाबत तिखट भाष्य केले आहे. (Rahul Gandhi Criticizes PM Narendra Modi Over India-China clash) एक मजबूत नेत्याच्या रुपात आपली प्रतिमा कायम राखणे ही पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांची मजबुरी आहे आणि चीनने याचाच फायदा उचलत पंतप्रधान मोदी यांच्या प्रतिमेवर प्रहार करत आहे, असे राहुल गांधी यांनी आपल्या व्हिडिओमध्ये म्हटले आहे. चीनची ही चाल ओळखून पंतप्रधान नरेंद्र मोदी चीनला उत्तर देणार की, आपल्या प्रतिमेत्या चिंतेत चीनपुढे नांगी टाकणार हे आता पाहायचे, असेही राहुल गांधी म्हणाले. हा प्रश्न उपस्थित करताना राहुल गांधी यांनी या प्रश्नाचे उत्तर देखील देऊन टाकले. मला वाटते की पंतप्रधान मोदी दबावात आलेले आहेत, असे उत्तर राहुल गांधी यांनी दिले आहे.

अहमदाबाद: वैद्यकीय व्यवसायाशी जोडलेल्या डॉक्टर आणि इतर कर्मचाऱ्यांना देवाचा दर्जा दिला जातो. ज्या व्यक्तींनी वाईट कृत्य केलेले असते अशा लोकांचाही जीव वाचवण्याचे काम ही मंडळी करत असतात. याबाबतचे एक उदाहरण गुजरातमधील अहमदाबादमधून आले आहे. येथील डॉक्टरांनी सन २००८ मध्ये झालेल्या बॉम्फस्फोटातील (2008 ahmedabad blast) एका आरोपीवर ४६ दिवस उपचार केले. या आरोपीला करोनाची लागण झाली होती. ज्या हॉस्पिटलमध्ये बॉम्बस्फोट करण्यात आला होता, त्याच हॉस्पिटलमध्ये या आरोपीवर उपचार करण्यात आले. मोहम्मद हबीब फलाही असे या आरोपीचे नाव असून त्याच्यावर सिटी हॉस्पिटलमध्ये उपचार करण्यात आले. हे उपचार Covid-19 फॅसिलिटीमध्ये करण्यात आले. हे केंद्र जुन्या ट्रॉमा सेंटरच्या जवळच आहे. या बॉम्बस्फोटाचे एकूण ७८ आरोपी आहेत. २६ जुलै २००८ मध्ये अहमदाबादमध्ये साखळी बॉम्बस्फोट केले गेले होते. या बॉम्बस्फोटात अनेक नागरिक मारले गेले होते.

आरोपी बरा झाल्यानंतर त्याची रवानगी तुरुंगात
फलाही या डिस्चार्ज दिल्यानंतर त्याची रवानगी गुरुवारी संध्याकाळी साबरमती तुरुंगात करण्यात आली. फलाही येथे गेल्या १२ वर्षांपासून कैद आहे. ताप आणि खोकल्याची लक्षणे दिसल्यानंतर फलाहीला १ जून या दिवशी रुग्णालयात भरती करण्यात आले. तेथे त्याला करोनाची लागण झाल्याचे स्पष्ट झाले. त्याला उच्च रक्तदाबाचा त्रास असल्याने त्याने बरे होण्यास वाढीव काळ लागला. श्वास घेण्यास त्रास होऊ लागल्यामुळे त्याला आयसीयूत देखील हलवण्यात आले होते.

मुंबई: भाजपच्या नेत्या पंकजा मुंडे, आशिष शेलार आणि विनोद तावडे यांची भाजपच्या राष्ट्रीय कार्यकारिणीत वर्णी लागणार असल्याची शक्यता वर्तवण्यात येत आहे. भाजप नेते देवेंद्र फडणवीस हे दिल्लीत तळ ठोकून असल्याने या चर्चेला अधिक बळ मिळालं आहे. जे. पी. नड्डा हे भाजपचे राष्ट्रीय अध्यक्ष झाल्यानंतरच्या या नव्या कार्यकारिणीत महाराष्ट्रातील चार नेत्यांचा समावेश होण्याची शक्यता आहे. त्यामुळे दिल्लीत सुरू असलेल्या भाजपच्या गोटातील हालचालीकडे राजकीय निरीक्षकांचे लक्ष लागले आहे.

जे. पी. नड्डा यांनी भाजपच्या राष्ट्रीय अध्यक्षपदाची २० जानेवारी रोजी सूत्रे स्वीकारली होती. नव्या अध्यक्षाबरोबरच नवी कार्यकारिणी जाहीर होणे अपेक्षित होते. मात्र, करोना आणि लॉकडाऊन यामुळे ही कार्यकारिणी लांबली होती. मात्र, येत्या ८ ते १० दिवसात ही नवी कार्याकारिणी अस्तित्वात येण्यार असल्याचं सूत्रांनी सांगितलं. दिल्लीतील सूत्रांनी दिलेल्या माहितीनुसार पंकजा मुंडे, आशिष शेलार, विनोद तावडे आणि संभाजी निलंगेकर-पाटील या महाराष्ट्रातील चार नेत्यांनी भाजपच्या राष्ट्रीय कार्यकारिणीत वर्णी लागण्याची शक्यता आहे. तसेच माजी मंत्री हंसराज अहिर यांनाही राष्ट्रीय स्तरावर मोठी जबाबदारी मिळण्याची शक्यता आहे. येत्या आठवडाभरात ही कार्यकारिणी जाहीर होणार असल्याचं सूत्रांनी सांगितलं. तसेच भाजप नेते देवेंद्र फडणवीस यांचीही भाजपच्या संसदीय कार्य समितीत नियुक्ती होण्याची शक्यता वर्तवण्यात येत आहे. फडणवीस सध्या दिल्लीत आहेत. दरम्यान, पंकजा मुंडे यांना भाजपच्या राज्य कार्यकारिणीत स्थान देण्यात आले नव्हते. त्यांची राष्ट्रीय कार्यकारिणीत वर्णी लागणार असल्याचं भाजपचे प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटील यांनी स्पष्ट केलं होतं. त्यामुळे मुंडे यांची राष्ट्रीय कार्यकारिणीवर वर्णी लागण्याच्या शक्यतेला अधिक बळ मिळालं आहे. मात्र पंकजा मुंडे यांना राष्ट्रीय स्तरावर कोणती जबाबदारी देण्यात येणार? याकडे सर्वांचं लक्ष लागलं आहे.

लखीमपूर खिरी: गोला गोकरन नाथ पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत एक धक्कादायक घटना घडली आहे. येथील कोर्टाच्या परिसरातच एका वकील आणि त्याच्या साथीदारांनी एक महिला आणि तिच्या मुलाला भररस्त्यात लाठ्याकाठ्यांनी बेदम मारहाण केली. या घटनेनं परिसरात खळबळ माजली आहे. या घटनेचा व्हिडिओ सोशल मीडियावर व्हायरल झाला आहे.

शंकर लाल असं या वकिलाचं नाव आहे. तो पीडित महिलेचा मेहुणा आहे. त्याने फसवणूक करून जमीन आपल्या नावावर करून घेतली, असा महिलेचा आरोप आहे. या प्रकरणी ती तहसील कार्यालयात तक्रार करण्यासाठी आली होती. त्याचवेळी वकील शंकर लाल याने महिलेला आणि तिच्यासोबत असलेल्या मुलाला बघितले. त्याने साथीदारांना सोबत घेऊन या महिलेला आणि तिच्या मुलाला लाठ्याकाठ्यांनी मारहाण केली.

घटनास्थळी एका पोलीस कर्मचाऱ्यानं वकील आणि त्याच्या साथीदारांच्या तावडीतून दोघांची सुटका केली. या मारहाणीत मायलेक जखमी झाले. त्यांना उपचारासाठी रुग्णालयात पाठवण्यात आले आहे. या प्रकरणी महिलेनं गोला पोलीस ठाण्यात तक्रार दाखल केली आहे.

घटनास्थळी उपस्थित असलेल्या काही लोकांनी या प्रकाराचा व्हिडिओ शूट केला आहे. त्यानंतर हा व्हिडिओ सोशल मीडियावर व्हायरल झाला आहे. महिलेच्या तक्रारीवरून एफआयआर दाखल करण्यात आला आहे. या घटनेची चौकशी करण्यात येत असून, त्यानंतर पुढील कारवाई करण्यात येणार आहे.

सूरत : काही दिवसांपूर्वी लॉकडाऊन दरम्यान एका मंत्र्याच्या मुलाला रोखल्यानं गुजरात महिला पोलीस कॉन्स्टेबल सुनीता यादव अचानक चर्चेत आल्या होत्या आता मात्र सुनीता यांच्या अडचणींत वाढ झालेली दिसून येतेय. सुनीता यांच्याविरुद्ध चौकशांचं सत्रच सुरू झालंय. तीन प्रकरणांत त्यांच्याविरुद्ध चौकशी सुरू करण्यात आलीय.

सुनीता यादव यांनी राजीनामा दिल्याचंही समोर आलं होतं. परंतु, प्रशासनाकडून अद्याप त्यांचा राजीनामा मंजूर करण्यात आलेला नाही. पोलीस आयुक्तांच्या म्हणण्यानुसार, सुनीता यांची चौकशी अद्याप सुरू आहे. त्यामुळे त्या आताच राजीनामा देऊ शकत नाहीत.

सुनीता यांच्यावर आरोप लावण्यात आलाय की त्या रस्त्यावर लोकांना उठा-बशा काढायला लावतात. या प्रकरणात त्यांची चौकशी सुरू करण्यात आलीय. तसंच गेल्या ९ जुलै रोजी त्या अचानक ड्युटीवरून गायब झाल्याचाही आरोप त्यांच्यावर करण्यात आलाय. शिवाय मंत्र्याच्या मुलाला रोखण्याच्या प्रकरणात अगोदरपासूनच त्यांची चौकशी सुरू आहे. अशा पद्धतीनं तीन वेगवेगळ्या प्रकरणांत त्यांच्यामागे चौकशी सत्र लावण्यात आलंय.

नवी दिल्ली: देशात कोरोनाचा संसर्ग झपाट्याने वाढत असताना एक चांगली बातमी आली आहे. करोनावर तयार करण्यात आलेल्या डीएनए लस झायकोव्ह-डीची (zycov-D) मानवी चाचणी सुरू केली आहे. भारतातील औषध निर्मिती करणारी कंपनी झायडस कॅडिला या कंपनीने ही लस तयार केली आहे. या डीएनए लशीचा पहिला डोस एका रूग्णाला चाचणी प्रक्रियेअंतर्गत देण्यात आल्याची माहिती कंपनीने दिली आहे. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआय) यांनी गेल्या महिन्यात या कंपनीला मानवी चाचणीसाठीची मंजुरी दिली होती.

कंपनीकडून सांगण्यात आले आहे की ही पहिला मानवी डोस चाचणी एक हजार (Volunteers ) स्वयंसेवकांवर सुरू करण्यात आल्याचे कंपनीने सांगितले. या मानवी क्लिनिकल चाचण्यांचे पहिले आणि दुसरा टप्पा एका पाठोपाठ पूर्ण केले जातील. झायकोव्ह-डी, प्लाझमिड डीएनए लस सुरक्षित मानली गेली आहे. यापूर्वी, या कोरोना लसीच्या क्लिनिकल चाचण्यांमध्ये रोगप्रतिकार शक्ती वाढवण्यासंदर्भातील चाचणीचे चांगले परिणाम दिसून आले आहेत.

काही दिवसांपूर्वी, झायडस कॅडिला कंपनीला मानवी चाचणी घेण्याची परवानगी देण्यात आली. क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री - इंडिया (सीटीआरआय) नुसार, क्लिनिकल परीक्षणाचे दोन मापदंडावर अधारित असणार आहे. टप्पा- १ मध्ये कंपनीने १८ ते ५५ वर्षे वयोगटातील निरोगी पुरुष आणि स्त्रियांना (गर्भवती नसलेल्या) निवडले गेल आहे.

नवी दिल्ली : दिल्लीच्या निझामुद्दीन स्थित तबलिघी जमातच्या मरकझ प्रकरणात साकेत कोर्टानं २७५ हून अधिक तबलिघी आरोपींना शिक्षा सुनावलीय. परदेशी तबलिघी जमातीच्या कार्यकर्त्यांना 'टिल रायजिंग कोर्ट' अर्थात एका दिवसासाठी कोर्ट रुममध्ये उभं राहण्याची शिक्षा फर्मावण्यात आलीय. सोबतच सर्व परदेशी तबलिघींना ५ ते १० हजार रुपयांचा दंडही ठोठावण्यात आलाय.

करोना संक्रमणादरम्यान भारतात उपस्थित असलेल्या या परदेशी तबलिघी जमातीच्या आरोपींनी कोर्टासमोर आपली चूक कबूल केली. आपल्याकडून करोना नियमांची अवहेलना झाल्याचं त्यांनी मान्य केलं. इतकंच नाही तर परदेशी कायदा, डिझास्टर मॅनेजमेंट कायदा आणि आयपीसीच्या अनेक कलमांचाही आपल्याकडून भंग झाल्याचं त्यांनी मान्य केलं. हे सर्व जण चीन, नेपाळ, इंडोनेशिया, फिजी आणि इतर देशांतून दिल्लीतील मरकझमध्ये सहभागी होण्यासाठी भारतात आले होते.

यापूर्वी, साकेत कोर्टानं बुधवारी ९१ तबलिघी जमातीशी संबंधित परदेशी आरोपींना जामीन मंजूर केला होता. या सर्वांनी दिल्लीतील निझामुद्दीन मरकझमध्ये तबलिघी जमातीच्या कार्यक्रमात सहभाग घेतला होता. न्यायालयानं या सर्वांना १०-१० हजारांच्या जातमुचलक्यावर जामीन मंजूर केला. तसंच त्यापूर्वी साकेत कोर्टानं मंगळवारी याच प्रकरणाशी निगडीत १२५ परदेशी नागरिकांना जामीन दिला होता.

नवी दिल्ली : पाकिस्तानी तुरुंगात बंद असलेल्या भारताच्या निवृत्ती नौदल अधिकारी कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav Case) यांना काऊन्सलर अॅक्सेस देण्यासाठी पुन्हा एकदा भारतानं पाकिस्तानला बजावलंय. सूत्रांनी दिलेल्या माहितीनुसार, भारतानं पुन्हा एकदा पाकिस्तानला याबाबतीत इशारा दिलाय. परराष्ट्र मंत्रालयाकडून गुरुवारी एका ब्रिफिंगमध्ये अधिकृतरित्या यावर भूमिका स्पष्ट केली जाणार आहे.

कुलभूषण जाधव याना भारताच्या दोन अधिकाऱ्यांना भेटण्याची परवानगी दिली जावी, अशी मागणी भारताकडून सातत्यानं केली जात आहे. चर्चेसाठी 'इंग्रजी' भाषेची सक्ती केली जाऊ नये तसंच जाधव यांना पाकिस्तानच्या बाहेरच्या वकिलांची मदत घेण्याची परवानगी द्यावी, अशी मागणी भारतानं लावून धरलीय.

गेल्या आठवड्यात रिव्ह्यू पिटीशन फाईल करण्यास कुलभूषण जाधव यांनी स्वत: नकार दिला असल्याचं पाकिस्तानच्या परराष्ट्र मंत्रालयाकडून सांगण्यात आलं होतं. तसंच ते आता केवळ दया याचिकेवरच जोर देऊ इच्छितात, असंही पाकिस्तानचं म्हणणं होतं.

पाकिस्ताननं रिव्ह्यू पिटीशन दाखल करण्यासाठी २० जुलै ही अंतिम तारीख निश्चित केलीय. पाकिस्तानच्या म्हणण्यानुसार, सैन्य न्यायालयाच्या निर्णयाच्या समिक्षेसाठी २० मे रोजी जो अध्यादेश आणला गेला होता त्यानुसार दोन महिन्यांच्या आतच रिव्ह्यू पिटीशन दाखल करता येऊ शकते. भारताकडून मात्र ही पाकिस्तानची एक चाल असल्याचं म्हटलं गेलंय.

जयपूर: राजस्थानातील राजकीय हालचाली शमललेल्या नसून काँग्रेस पक्षाकडून अजूनही सचिन पायलट यांची समजूत काढण्याचे प्रयत्न युद्धपातळीवर सुरू आहेत. काँग्रेस नेत्या प्रियांका गांधी वाड्रा या पुन्हा एकदा सक्रिय झाल्या असून त्यांनी पक्षाचे नेते अहमद पटेल आणि वेणुगेपाळ यांना सचिन पायलट यांची समजूत काढून पक्षात पुन्हा आणण्याची कामगिरी सोपवली आहे. सचिन पायलट यांच्या गटातील आमदारांना फोन करून त्यांचीही मने वळवण्याचे प्रयत्न सुरू करण्यात आले आहेत.

तर दुसरीकडे सचिन पायलट यांना विधानसभा अध्यक्षांकडून नोटीस मिळाली असून त्या विरोधात ते सुप्रीम कोर्टात जाण्याची तयारी करत आहेत. काल बुधवारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यांनी सचिन पायलट यांच्यावर जोरदार हल्ला चढवल्यानंतर सर्वांच्या नजरा सचिन पायलट यांच्याकडे लागल्या आहेत.

दरम्यान, काँग्रेसचे ज्येष्ठ नेते कपिल सिब्बल यांनाही सचिन पायलट प्रकरणी ट्विट केले आहे. त्यांनी आपल्या ट्विटमध्ये लिहिले आहे की, प्रतिमा मलिन करण्याच्या उद्देशाने अफवा पसरवल्या जात असल्याचे म्हटले जात आहे. त्यानंतर आपण भारतीय जनता पक्षात प्रवेश करणार नाही असे सचिन पायलट यांनी स्पष्ट केले आहे. मला वाटते की मानेसर येथे थांबलेले आमदार हरयाणाच्या भाजप सरकारच्या दृष्टीने ही पिकनिक आहे. मात्र घरवापसीचे काय? , असे कपिल सिब्बल यांनी म्हटले आहे.

 

जयपूर : भाजपच्या राजस्थानमधील प्रमुख नेत्या आणि माजी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सध्याच्या राजकीय संकटात पहिल्यांदाच सक्रिय झाल्या आहेत. जयपूरमध्ये भाजपच्या एका अत्यंत महत्त्वाच्या बैठकीला त्या संबोधित करणार आहेत. मंगळवारी रात्रीच त्या जयपूरसाठी रवाना झाल्या होत्या. गेल्या चार दिवसांपासून राजस्थानमध्ये सत्तासंकट चालू आहे. पण वसुंधरा राजेंनी यावर मौन बाळगलं होतं. आता वसुंधरा राजे पत्ते खोलणार का, याकडे सर्वांचं लक्ष लागलं आहे.

सचिन पायलट यांच्या बंडखोरीला भाजप कारणीभूत असल्याचा आरोप काँग्रेसने केला आहे. पण भाजपने यावर सध्या तरी मौन बाळगलं आहे. केंद्रीय नेतृत्त्वासोबत मतभेद असले तरी राजस्थानमध्ये वसुंधरा राजेच भाजपचा सर्वात मोठा चेहरा आहेत. २००३ ला भाजपने पहिल्यांदाच वसुंधरा राजे यांच्या नेतृत्त्वात राजस्थानमध्ये झेंडा फडकवला आणि २०० पैकी १२० जागा जिंकल्या. या विजयाने वसुंधरा राजे या लोकनेत्या बनल्या आणि राजस्थानच्या पहिल्या महिला मुख्यमंत्री होण्याचा मानही त्यांनी मिळवला.

पुन्हा एकदा २०१३ मध्ये त्यांनी दणदणीत विजय मिळवला आणि मुख्यमंत्रीपदी विराजमान झाल्या. २०१८ च्या निवडणुकीपूर्वी भाजपात अनेक मतभेद समोर आले. तत्कालीन भाजप अध्यक्ष अमित शाह आणि वसुंधरा राजे यांच्यात प्रदेशाध्यक्ष निवड आणि उमेदवार निवड यावरुन मतभेद समोर आले होते. या निवडणुकीत मतभेदांनीच भाजपचा घात केला आणि सत्ता गमवावी लागली. अनेक नेत्यांनी बंडखोरी केली आणि भाजपला त्याचा तोटा झाला. तरीही ७५ पैकी ४५ आमदार सध्या वसुंधरा राजे यांच्या गटाचे आहेत.

बेंगळुरू: 'गर्लफ्रेंड'ला नग्नावस्थेत व्हॉट्सअॅप व्हिडिओ कॉल करणं एका २६ वर्षीय तरुणाला चांगलंच महागात पडलं आहे. नग्नावस्थेतील व्हिडिओ आपल्याकडे असून, सोशल मीडियावर तो अपलोड करण्याची धमकी देत, त्याच्याकडे ५० हजार रुपयांची खंडणी मागितली. अखेर २२ हजार रुपये देण्याचे ठरले. त्याने त्या व्यक्तीला ते पैसे ऑनलाइन पाठवले. मात्र, त्या व्यक्तीने पुन्हा फोन करून आणखी पैशांची मागणी केली. आपली फसवणूक झाल्याचे लक्षात आल्यानंतर त्यानं पोलिसांकडे धाव घेतली.

व्हॉट्सअॅपवरून मैत्री करणं एका तरुणाच्या चांगलंच अंगलट आलं आहे. सिमन (नाव बदललेले आहे) हा एका खासगी कंपनीत नोकरी करतो. त्याची एका मुलीशी व्हॉट्सअॅपवर मैत्री झाली. तिच्याच सांगण्यावरून त्यानं नग्नावस्थेत व्हॉट्सअॅप व्हिडिओ केला. मात्र, हा व्हिडिओ आपल्याकडे असल्याचे सांगून त्याला ब्लॅकमेल केले. हा व्हिडिओ सोशल मीडियावर अपलोड करण्याची धमकी देत त्याच्याकडून २२ हजार रुपये उकळले.

सिमन हा डोड्डनकुंडी येथे राहत असून, एका खासगी कंपनीत नोकरी करतो. याबाबत त्यानं पोलिसांकडे तक्रार केली. 'गेल्या महिन्यात एका अनोळखी मुलीशी व्हॉट्सअॅपवरून ओळख झाली. गप्पा मारता मारता मैत्रीचं रुपांतर प्रेमात झालं. तिनं स्वतःची ओळख निशा या नावानं करून दिली. केरळात राहत असून कॉल सेंटरमध्ये काम करत असल्याचे सांगितले,' अशी माहिती सिमनने पोलिसांना दिली.

नवी दिल्ली: देशात कोरोनाच्या संसर्गाचे प्रमाण कमी न होता ते झपाट्याने वाढतच चालले आहे. कोविड -१९ (Covid-19) चे नवे नवे विक्रम जवळपास रोज नोंदवले जात आहेत. गेल्या २४ तासांत २९ हजार ४२९ नवीन कोरोनाबाधीत रुग्ण भारतात नोंदली गेली आहेत. एका दिवसात वाढणारी आतापर्यंत नवीन कोविड -१९ रूग्णांची आजची संख्या ही सर्वात मोठी आहे. यासह, देशात कोरोनाची लागण झालेल्या रुग्णांची एकूण संख्या ९ लाख, ३६ हजार १८१ पर्यंत वाढली आहे. आज बुधवारी जाहीर झालेल्या आरोग्य मंत्रालयाच्या आकडेवारीनुसार, गेल्या २४ तासांत करोनामुळे ५८२ लोकांचा मृत्यू झाला. तर, आतापर्यंत एकूण २४ हजार ३०९ लोकांनी आपला जीव गमावला आहे. तथापि, कोरोनामधून बरे होणार्‍या रुग्णांची संख्या वाढून ५ लाक ९२ हजार ०३२ झाली आहे. हयामुळे थोडा दिलासा मिळाला आहे. करूणाबाधित रुग्णांचा बरा होण्याचा दर वाढून तो ६३.२३ टक्क्यांपर्यंत पोहोचला आहे. (कोरोनाच्या वाढती रुग्णसंख्या लक्षात घेता चाचण्यांची गती वाढवण्याचे प्रयत्न सुरू करण्यात आले आहेत. मंगळवार, १४ जुलै रोजी ३ लाख २० हजार १६१ नमुन्यांची चाचण्या घेण्यात आल्याती माहिती केंद्र सरकारने दिली आहे. एका दिवसात केलेल्या चाचण्यांची ही सर्वात मोठी संख्या आहे. त्याचबरोबर १४ जुलै पर्यंत एकूण १ करोड २४ लाख १२ हजार ६६४ नमुन्यांची चाचणी घेण्यात आली आहे. करूणाबाधित रुग्णांचा बरा होण्याचा दर ९.१९ टक्के आहे. म्हणजेच, चाचणी दरम्यान, एकूण नमुन्यांपैकी ९.१९ टक्के लोकांना कोरोनाची लागण झाली असल्याचे आढळले आहे.

नवी दिल्ली : मान्सूनच्या काळात देशातील अनेक ठिकाणी पाऊस अक्षरश: कोसळतोय. धुवाँधार पावसामुळे अनेक ठिकाणी पूरस्थिती निर्माण झालीय. आसाम राज्यातील अनेक जिल्हे पुरानं (Assam Flood) वेढले आहेत. या पुरात काही जणांना आपले प्राणही गमवावे लागले आहेत. याच दरम्यान एक घटना समोर आलीय.

आसाममध्ये सध्या एनडीआरएफ सहीत अनेक संस्था नागरिकांच्या मदतीसाठी समोर आल्या आहेत. नागरिकांना सुरक्षित ठिकाणी हलवण्याचं काम सुरू आहे. अशा वेळी एक व्हिडिओ समोर आलाय. या व्हिडिओत भाजप आमदार मृणाल सैकिया हे पुराच्या पाण्यात उतरुन लहान मुलं, स्त्रिया आणि नागरिकांना मदत करताना दिसत आहेत.

पुराच्या पाण्यानं घरं आणि परिसर वेढलेला असताना मृणाल सैकिया यांनी नावेवर स्त्रिया-लहानग्यांना बसवलं. स्वत: पाण्यात चालत त्यांनी नागरिकांना सुरक्षित ठिकाणी पोहचवल्याचं या व्हिडिओत दिसत आहे. सैकिया यांचा हा व्हिडिओ सोशल मीडियावर व्हायरल झालेला दिसत आहे.

'माझ्या विधानसभा मतदारसंघात पुरानं हाहाकार उडवून दिलाय. आम्ही दुर्गम भागात पुरात अडकलेल्या लोकांना बाहेर काढण्याचा प्रयत्न करत आहोत. गावाच्या अर्थव्यवस्थेत पाळीव प्राण्यांचंही मोठं योगदान आहे. आज मी अनेक ठिकाणी अडकलेल्या हजारो बकऱ्यांना वाचवून आनंदी आहे' असं हा व्हिडिओ सोशल मीडियावर शेअर करताना आमदार सैकिया यांनी म्हटलंय.

नवी दिल्लीः काँग्रेस नेते सचिन पायलट यांनी बंडाचा झेंडा फडकवल्याने राजस्थानमधील गहलोत सरकार गोत्या आले आहे. गहलोत यांनी सोमवारी आपल्या निवासस्थानी आमदारांची बैठक बोलावली होती. या बैठकीत १०९ आमदारांचा पाठिंबा असल्याचा दावा गहलोत यांच्या गटाने केला. पण गहलोत सरकारला फक्त ८४ आमदारांचाच पाठिंबा असल्याचा दावा सचिन पायलट यांच्या गटाने केला आहे. सत्तेच्या डावपेचात सचिन पायलट यांच्या कार्यालयाकडून एक व्हिडिओ सोशल मीडियावर शेअर करण्यात आला. त्यावरू आता गहलोत आणि पायलट गटात 'व्हिडिओ वॉर'ला तोंड फुटले आहे.

मंगळवारच्या बैठकीला येणार नाहीः सचिन पायलट
काँग्रेसने सोमवारी मुख्यमंत्री गहलोत यांच्या निवासस्थानी आमदारांची बैठक बोलावली होती. या बैठकीसाठी बंडखोर नेते सचिन पायलट यांनाही आमंत्रण देण्यात आले होते. पण त्यांनी उपस्थित राहण्यास नकार दिला. सोमवारी राजस्थान आणि दिल्लीत काँग्रेसमध्ये मोठ्या हालचाली झाल्या. यानंतर रात्री काँग्रेसने मंगळवारी पुन्हा आमदारांची बैठक बोलावली आहे. मंगळवारी सकाळी १० वाजता ही बैठक बोलावण्यात आली आहे. या बैठकीसाठी पुन्हा काँग्रेसने सचिन पायलट यांना आमंत्रण दिले आहे. काँग्रेस प्रवक्ते रणदीप सुरजेवाला यांनी पायलट यांना चर्चेचे आवाहन केले आहे. सोनिया गांधी आणि राहुल गांधी हे तुमचं म्हणणं ऐकण्यास तयार आहेत, असंही ते म्हणाले. चर्चेतून वादावर तोडगा काढू असं सांगत सुरजेवाला यांनी मंगळवारच्या बैठकीसाठी सचिन पायलट यांना आमंत्रण दिलं आहे. पण बंडखोर नेते सचिन पायलट यांनी काँग्रेसचे आवाहन फेटाळून लावले आहे. आपण या बैठकीला उपस्थित राहणार नाही, असं सचिन पायलट यांनी स्पष्ट केलंय.

नवी दिल्ली: सचिन पायलट (Sachin Pilot) यांचे मन वळवण्यासाठी काँग्रेसचे सर्व पातळीवर प्रयत्न सुरू आहेत. राजस्थानच्या अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकारवर कोणतेही संकट येऊ नये यासाठी काँग्रेसचे वरिष्ठ नेते सतत प्रयत्नशील आहेत. मात्र सचिन पायलट कोणतीही प्रतिक्रिया न देता वेळ मारून नेणे हे त्यांचे धोरण असल्याचे पक्षातील एका गटाचे म्हणणे आहे. याद्वारे अधिकाधिक बंडखोर आमदारांना तयार करणे हा त्यांचा उद्देश असल्याचे म्हटले जात आहे. सचिन पायलट यांच्याकडे पुरेशी आमदारांची संख्या नसली तरी देखील ते भारतीय जनता पक्षाच्या मदतीने ते आपला गट मजबूत करू शकतात असे मानले जात आहे. अशा प्रकारे ते नक्कीच बंडखोर आमदारांची संख्या वाढवण्याचा प्रयत्न करतील असे म्हटले जात आहे. सचिन पायलट यांच्या गटातील आमदारांनीही या गोष्टीचा इन्कार केलेला नाही. मात्र आमचे भाजपशी काही देणेघेणे नसल्याची प्रतिक्रिया आमदार हेमाराम चौधरी यांनी प्रसारमाध्यमांशी बोलताना म्हटले आहे. आम्ही आमच्या मागणीवर ठाम असून जयपूमध्ये नेतृत्वात परिवर्तन करणे हे काँग्रेसच्या हिताचे असल्याचे त्यांनी म्हटले आहे. (Congress feel that Sachin Pilot is buying time)

कानपूर: कानपूरच्या बिकरू गावात झालेल्या पोलीस हत्याकांडातील मुख्य आरोपी गँगस्टर विकास दुबे याला पोलिसांनी चकमकीत ठार केलं. त्यानंतर आता पोलिसांनी विकास दुबे याच्या घरावर छापेमारी केली. त्याच्या घरात एक एके-४७ रायफल आणि एक इन्सास रायफल जप्त केली आहे. हत्याकांडात सामील असलेल्या आणखी एका आरोपीच्या अटकेनंतर ही छापेमारी केली.

याबाबत अतिरिक्त पोलीस महासंचालक (कायदा व सुव्यवस्था) प्रशांत कुमार यांनी मंगळवारी कानपूरमध्ये पत्रकार परिषद घेतली. पोलिसांनी कानपूर हत्याकांड प्रकरणात आणखी एक आरोपी शशिकांत उर्फ सोनू याला अटक केली आहे. त्याच्यावर ५० हजार रुपयांचे बक्षीस होते, अशी माहिती त्यांनी दिली.

चौबेपूर येथून आरोपीला केली अटक
शशिकांत हा देखील बिकरू गावातील आहे. त्याला पोलिसांनी चौबेपूर येथून अटक केली. घटनेच्या दिवशी तो विकास दुबेसोबत त्याच्या घरीच होता, अशी कबुली त्याने दिली आहे. चौकशीदरम्यान त्याने अनेक आरोपींची नावे सांगितली आहेत. ते देखील या हत्याकांडात सामील होते, अशी माहितीही कुमार यांनी दिली.

पोलीस हत्याकांडावेळी कोण- कोण होतं?
आरोपी शशिकांत यानं पोलीस चौकशीत कबुली दिली आहे. पोलिसांवरील हल्ल्यात प्रेम कुमार, प्रभात मिश्रा, शिवम, जिलेदार, रामसिंह, रमेश चंद, अखिलेश मिश्रा, विपुल, श्यामू बाजपेयी, राजेंद्र मिश्र, दयाशंकर अग्निहोत्री आदी सामील होते, असं त्यानं पोलिसांना सांगितलं.
 

जयपूर: राजस्थानमधील अशोक गहलोत सरकारवर घोंघावणारे संकट अजूनही दूर झाले नसून सरकारपुढील निर्माण झालेली समस्या अधिकाधिक गुंतागुंतीची बनत चालली आहे. या वर मार्ग काढण्यासाठी आज सकाळी ११ वाजता काँग्रेस पक्षाने विधिमंडळ पक्षाची बैठक घेतली. या बैठकीसाठी बंडखोर सचिन पायलट (Sachin Pilot) आणि त्यांच्या समर्थक आमदारांनाही आमंत्रण देण्यात ले होते. मात्र, सचिन पायलट आणि त्यांचे समर्थक आमदार अपेक्षप्रमाणे या बैठकीला आले नाहीत. मात्र, अशोक गहलोत यांचे नेतृत्व बदलण्याची मागणी सचिन पायलट गटाकडून केली जात असून गहलोत नेतृत्व बदलल्या शिवाय आम्ही परत येणार नाही, अशी भूमिका पायलट समर्थक आमदार भंवरलाल शर्मा यांनी मांडली आहे. (demand for change of leadership in आमच्याकडे २२ आमदारांचे संख्याबळ असल्याचे भंवरलाल शर्मा यांनी सांगितले. गहलोत यांच्याकडे बहुमत नाही, असा दावाही भंवरलाल यांनी केला.

कॉंग्रेसची बैठक सुरु, अनेक बाबींवर विचारमंथन
राजस्थानमध्ये सचिन पायलट आणि त्यांच्या समर्थकांच्या भूमिकेचा विचार करून काँग्रेस सरकारला वाचवण्याचा प्रयत्न गहलोत आणि त्यांचे समर्थक करत आहेत. हाय कमांडपासून ते स्थानिक नेत्यांपर्यंत सर्व नेते या समस्येवर मार्ग काढण्याचा प्रयत्न करत आहेत. काही नेते सचिन पायलट आणि त्यांच्या समर्थकांशी देखील बोलत आहेत. सूत्रांकडून मिळालेल्या माहितीनुसार, काँग्रेसचे ज्येष्ठ नेते मंगळवारी फेअरमाँट होटेलात असलेल्या आमदारांशीही या विषयावर चर्चा करीत आहेत. काँग्रेस विधिमंडळ पक्षाची बैठक आज सकाळी १० वाजता सुरू होती. मात्र ती १ तास पुढे ढकलण्यात आली.

भोपाळ: मध्य प्रदेशची राजधानी भोपाळमध्ये ४ अल्पवयीन मुलींसह ५ जणी मध्यरात्री रस्त्यावर सापडल्या. या पाचही मुली दारूच्या नशेत होत्या. चौकशीनंतर भयानक आणि हादरवणारी माहिती उघड झाली आहे. या मुलींचे लैंगिक शोषण झाल्याचं स्पष्ट झालं आहे. या प्रकरणी एका वरिष्ठ पत्रकारासह यात त्याला मदत करणाऱ्या एका तरुणीविरोधात रविवारी रातीबड पोलीस ठाण्यात एफआयआर नोंदवला आहे. आरोपी तरुणीला पोलिसांनी ताब्यात घेतलं असून, पत्रकार फरार आहे. पोलिसांनी या पीडित मुलींची चौकशी केली असता, धक्कादायक माहिती समोर आली आहे.

भोपाळ दक्षिणचे पोलीस अधीक्षक साई कृष्ण थोटा यांनी सांगितलं की, ५ मुलींचं लैंगिक शोषण केल्याप्रकरणी शहरातील रातीबड पोलीस ठाण्यात रविवारी ६८ वर्षीय प्यारे मियाँ आणि त्याची साथीदार २१ वर्षीय स्वीटी विश्वकर्मा यांच्याविरोधात बलात्कार आणि पॉक्सो अॅक्टनुसार गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे. स्वीटीला ताब्यात घेतलं आहे. तर प्यारे मियाँ हा फरार आहे. त्याचा शोध सुरू आहे. हे प्रकरण शहरातील शाहपुरा पोलीस ठाण्याकडे वर्ग करण्यात येणार आहे. त्या पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत या मुलींचं लैंगिक शोषण झालं होतं.

नवी दिल्ली:सचिन पायलट यांनी अशोक गहलोत सरकारपुढे पेचप्रसंग निर्माण केला असला, तरी देखील पक्षाचा त्यांना दूर लोटण्याचा विचार दिसत नाही. या राजकीय संघर्षात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यांनी प्रसारमाध्यमांपुढे राजकीय शक्तिप्रदर्शन केल्यानंतर सचिन पायलट यांना झटका मिळाल्याचे स्पष्ट होत आहे. मात्र, त्यांचे मन वळवण्याचे प्रयत्न काँग्रसकडून सुरू करण्यात आले आहेत. सुरुवातील राजस्थानमधील कोणत्याही नेत्याचे फोन सचिन पायलट उचलत नव्हते. प्रयत्न करूनही ते फोन उचलत नसल्याचे पाहून शेवटी ही जबाबदारी प्रियांका गांधींच्या खांद्यावर देण्यात आली आहे. राजस्थानात निर्माण झालेले पेज सोडवण्यासाठी प्रियांका आता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आणि सचिन पायलट यांच्याशी चर्चा करत आहेत.

काही वेळापूर्वी जयपूर येथील काँग्रेसच्या मुख्यालयात सचिन पायलट यांची पोस्टर हटवण्यात आली होती. मात्र, प्रियांका गांधी यांच्या आदेशानंतर ती पुन्हा लावण्यात आली.

प्रियांका गांधी यांनी शेवटी फोनद्वारे सचिन पायलट यांच्याशी चर्चा केली. त्यांचे म्हणणे पक्ष ऐकून घेईल असे आश्वासन प्रियांका गांधी यांनी पायलट यांना दिल्याचे सूत्रांनी सांगितले. चर्चेने राजस्थान काँग्रेसमधील समस्या सोडवली जाईल असे प्रियांका गांधी वाड्रा यांनी गहलोत आणि पायलट यांना सांगितले आहे.

नवी दिल्ली: राजस्थानात राजकीय संकट आले असताना मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यांच्या निकटवर्तीयांच्या निवासस्थानावर आयकर विभागाने फास आवळण्यास सुरुवात केली आहे. आयकर विभागाच्या २०० हून अधिक अधिकारी आणि कर्मचाऱ्यांनी दिल्ली आणि राजस्थानात अनेक ठिकामी छापेमारी केली. ही छापेमारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यांचे निकटवर्तीय धर्मेंद्र राठोड आणि राजीव अरोडा यांच्या ठिकाणांवर केली आहे.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यांचे निकटवर्तीय आणि दागिन्यांच्या कंपन्यांचे मालक राजीव अरोडा यांच्या ठिकाणावर सोमवारी सकाळी आयकर विभागाचे पथक पोहोचले. त्यांचे घर आणि कार्यालयावर आयकर विभागाने छापे टाकले आहेत. विशेष म्हणजे या छापेमारीची माहिती स्थानिक पोलिसांनी दिली गेली नाही. आयकर विभागाचे पथक राष्ट्रीय राखीव पोलिस दलासोबत ही छापेमारी करत आहे.

राजीव आरोडा यांच्या व्यतिरिक्त धर्मेंद्र राठोड यांच्या निवासस्थानी आणि त्यांच्या कार्यालयांमध्ये आयकर विभाग छापे टाकत आहे. धर्मेद्र अरोडा हे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यांचे निकटवर्तीय मानले जाते. राजीव अरोडा आणि धर्मेंद्र राठोड यांनी देशाबाहेर केलेल्या ट्रान्झॅक्शनबाबत चौकशी केली जाऊ शकते, असे सूत्रांनी सांगितले.

कांग्रेसने छापेमारीवर उपस्थित केले प्रश्न
राजीव अरोडा आणि धर्मेंद्र अरोडा यांच्या सुमारे २४ ठिकाणांवर ही छापेमारी सुरू आहे. या छापेमारीवर काँग्रेस पक्षाने प्रश्न उपस्थित केले आहेत. भारतीय जनता पक्ष गहलोत सरकार अस्थिर करण्याचा प्रयत्न करत असल्याचा आरोप काँग्रेसने केला आहे. या बरोबरच स्थानिक पोलिसांना याची काहीच कल्पना दिली गेली नाही, यावरही काँग्रेस प्रश्न उपस्थित करत आहे.

नवी दिल्ली: देशात कोरोनाचा कहर सुरूच असून करोनाचा संसर्ग कमी न होता तो तीव्र गतीने वाढत आहे.. गेल्या २४ तासांत, कोविड -१९ चे सर्वाधिक नवीन रुग्णांची संख्या २८ हजार ७०१ इतकी नोंदली गेली. एका दिवसात कोरोनाबाधित रुग्णांची झालेली ही सर्वात मोठी संख्या आहे. यासह, भारतात कोरोनाचा संसर्ग झालेल्या करोनाबाधित रुग्णांची एकूण संख्या ८ लाख ७८ हजार २५४ वर पोहोचली आहे.

सोमवारी आरोग्य मंत्रालयाने जाहीर केलेल्या आकडेवारीनुसार, गेल्या २४ तासांत देशभरात सर्वाधिक २ हजार ८०१ नवीन रुग्ण आढळले आहेत. तर या करोना विषाणूमुळे गेल्या २४ तासामध्ये देशभरात एकूण ५०० करोनाबाधित रुग्ण मरण पावले आहेत.भारतात कोविड -१९ मुळे आतापर्यंत एकूण २३ हजार१७४ लोकांनी आपला जीव गमावला आहे. मात्र, कोरोना साथीच्या या संकटकाळात थोडासा दिलासा म्हणजे देशातील एकूण कोरोनाबाधित रुग्णांपैकी ५ लाख ५३ हजार ४७१ रुग्ण उपचारानंतर बरे होऊन घरी गेले आहेत. या बरोबरच देशातील करोनाची बाधा झालेले रुग्ण बरे होण्याचा दर ६३.०१ टक्क्यांवर पोहोचला आहे. तर देशात करोनाचा संसर्ग होण्याचा दर १३.०९ टक्के इतका नोंदवला गेला आहे.

केंद्रीय आरोग्य मंत्रालायाने आज सोमवारी सकाळी प्रसिद्ध केलेल्या आकडेवारीनुसार, महाराष्ट्र राज्यात सर्वाधिक कोविड -१९ चे नवीन रुग्ण आढळले आहेत. गेल्या २४ तासांत महाराष्ट्रात ७ हजार ८२७नवीन रुग्ण सापडले आहेत. कोरोनाच्या नवे रुग्ण आढळण्याची स्थिती पाहता महाराष्ट्रानंतर तमिळनाडूत ४ हजार २४४, कर्नाटकात२ हजार ६२७, आंध्र प्रदेशात १ हजार ९३३ आणि राष्ट्रीय राजधानी असलेल्या दिल्लीत १ हजार ५७३ रुग्ण आढळले आहेत

उत्तर दीनाजपूर: पश्चिम बंगालच्या हेमताबादचे भाजप आमदार देवेंद्र नाथ रे यांचा मृतदेह लटकलेल्या अवस्थेत आढळून आला. त्यामुळं पश्चिम बंगालमध्ये खळबळ उडाली आहे. देवेंद्र नाथ रे यांची हत्या झाली झाल्याचा दावा पश्चिम बंगाल भाजपनं केला आहे. देवेंद्र नाथ रे यांनी गेल्या वर्षीच सीपीएममधून भाजपमध्ये प्रवेश केला होता. त्यांनी लोकसभा निवडणुकीनंतर पक्षाचे सदस्यत्व स्वीकारले होते.

आमदार देवेंद्र नाथ रे यांच्या घरापासून मार्केट परिसर एक किलोमीटरवर आहे. त्या मार्केटमधील एका दुकानाजवळील मोकळ्या जागेत त्यांचा मृतदेह लटकलेल्या अवस्थेत आढळून आला. त्यांची हत्या झाल्याचा दावा प्रदेश भाजपनं केला आहे. मध्यरात्री एक वाजताच्या सुमारास काही लोक घरी आले. त्यांना घराबाहेर बोलावून घेतले, अशी माहिती त्यांच्या घरातील एका सदस्यानं दिली. या घटनेची सखोल चौकशी व्हावी अशी मागणी आमदारांच्या कुटुंबीयांनी केली आहे.

तत्पूर्वी, आज, सोमवारी सकाळी काही लोकांना देवेंद्र नाथ रे यांचा मृतदेह लटकलेल्या अवस्थेत आढळून आला. त्यानंतर त्यांनी याबाबतची माहिती पोलिसांना दिली. हेमताबाद परिसरातील मार्केटमधील मोकळ्या जागेत रे हे लटकलेल्या अवस्थेत सापडले. आम्ही या प्रकरणाची चौकशी करत आहोत, अशी माहिती पोलीस अधिकाऱ्यांनी दिली. आमदार देवेंद्र रे यांची हत्या झाल्याचा दावा भाजपनं केला आहे. बंगालमध्ये भाजप नेत्यांच्या हत्येच्या घटना थांबलेल्या नाहीत. तृणमूल काँग्रेसमधून भाजपमध्ये आलेल्या आमदाराची हत्या होते. त्यांनी भाजपमध्ये प्रवेश केला होता म्हणून का? असा सवाल भाजप नेते कैलाश विजयवर्गीय यांनी केला.
 

नवी दिल्ली: केंद्र सरकारबरोबरच विविध राज्यातील राज्य सरकारांनी युद्ध पातळीवर सर्व प्रकारचे प्रयत्न करुनही भारतामध्ये कोरोना विषाणूचा प्रादूर्भाव कमी होताना दिसत नाही. आरोग्य मंत्रालयाने आज (रविवारी) सकाळी जाहीर केलेल्या ताज्या आकडेवारीनुसार, गेल्या २४ तासांत देशभरात पुन्हा एकदा कोविड -१९ ची बाधा झालेल्या सर्वाधिक २८ हजार ६३७ रुग्णांची नोंद झाली आहे. या मुळे देशात आता करोनाबाधित रुग्णीची संख्या ८ लाख ४९ हजार ५५३ वर पोहोचली आहे.

त्याच प्रमाणे गेल्या २४ तासात एकूण ५५१ करोनाबाधित रुग्ण मरण पावले आहेत. या मुळे देशात मृतांची एकूण संख्या २२ हजार ६७४ वर पोहोचली आहे. मात्र, ५ लाख ३४ हजार ६२१ करोनाबाधित रुग्णांना या धोकादायक विषाणूचा पराभव करण्यात यश आले आहे हे दिलासादायक आहे. हे रुग्ण बरे झाल्यानंतर त्यांना त्यांच्या घरी सोडण्यात आले आहे. या बरोबरच रुग्ण बरे होण्याच्या दरातही थोडीशी वाढ झाली आली आहे. रुग्ण बरे होण्याचा हा दर वाढून तो ६२.९२ टक्क्यांवर गेला आहे. याशिवाय लोकांना करोनाची लागण होण्याचा दर १०.२२ टक्क्यांवर आला आहे.

हैदराबाद: आईच्या विवाहबाह्य संबंधांतून पाच वर्षीय मुलीची निर्घृण हत्या करण्यात आल्याची धक्कादायक घटना हैदराबादमधील घाटकेसर पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत घडली. मुलीच्या मृत्यूनं दुःखी झालेल्या पित्यानं ट्रेनसमोर उडी मारून आत्महत्या केली. मुलीच्या हत्येप्रकरणी आरोपीसह मुलीची आई आणि आणखी एका व्यक्तीला पोलिसांनी अटक केली आहे.

हैदराबादमधील घाटकेसर पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत एका पाच वर्षीय मुलीची हत्या झाल्याचं उघड झालं आहे. या घटनेनंतर तिच्या दुःखी वडिलांनी धावत्या ट्रेनसमोर उडी मारून आत्महत्या केली. आठवडाभरापूर्वीच या मुलीची हत्या करण्यात आली होती. आईच्या विवाहबाह्य संबंधांतून ही हत्या झाल्याचं चौकशीनंतर स्पष्ट झालं आहे. कल्याण राव असं आत्महत्या करणाऱ्या व्यक्तीचं नाव आहे. सरकारी विभागात तो नोकरी करत होता. कल्याण राव याने भोंगीर रेल्वे स्थानकात ट्रेनसमोर उडी मारून स्वतःला संपवलं. तर आध्या असं हत्या झालेल्या मुलीचं नाव आहे. तिची करुणाकर नावाच्या व्यक्तीनं गळा चिरून हत्या केली. पोलिसांनी मारेकरी करुणाकर आणि मुलीच्या आईसह अन्य एका आरोपीला अटक केली आहे.

मुंबई: संपूर्ण देशाला हादरवणाऱ्या उत्तर प्रदेशातील पोलीस हत्याकांडातील दोन आरोपींना ठाण्यातील कोलशेत येथून अटक करण्यात आली आहे. अरविंद ऊर्फ गुड्डन रामविलास त्रिवेदी (४६) आणि सुशीलकुमार ऊर्फ सोनू सुरेश तिवारी (३०) अशी आरोपींची नावे असून हे दोघे गँगस्टर विकास दुबेचे साथीदार आहेत. दरम्यान, या हत्याकांडातील आणखी किमान १० आरोपी फरार असून उत्तर प्रदेश पोलीस त्यांचा कसून शोध घेत आहेत.

महाराष्ट्र दहशतवाद विरोधी पथकाने (महाराष्ट्र एटीएस) केलेल्या धाडसी कारवाईत विकास दुबेच्या दोन साथीदारांना बेड्या ठोकण्यात आल्या आहेत. एटीएसच्या जुहू युनिटचे पोलीस निरीक्षक दया नायक व त्यांच्या सहकाऱ्यांनी ही कारवाई केली. याबाबत एटीएसचे उपायुक्त विक्रम देशमाने यांनी पत्रकार परिषद घेऊन माहिती दिली. विकास दुबे एन्काउंटरमध्ये मारला गेल्यानंतर त्याची टोळी उद्ध्वस्त करण्यासाठी उत्तर प्रदेश पोलिसांनी कंबर कसली आहे. आतापर्यंत विकास दुबेसह टोळीतील ६ गुंडांना चकमकीत मारण्यात आले आहे.

'विकास दुबे या गुंडाला अटक करण्यासाठी पोलीस गेले असता त्याच्या साथीदारांनी केलेल्या गोळीबारात ८ पोलिसांचा मृत्यू झाला होता. या हत्याकांडातील अनेक आरोपी फरार असून त्यातील एक आरोपी ठाण्यात लपला असल्याची खात्रीशीर माहिती महाराष्ट्र एटीएसला मिळाली होती. त्या माहितीच्या आधारे सापळा रचण्यात आला होता. या सापळ्यात अरविंद ऊर्फ गुड्डन रामविलास त्रिवेदी हा आरोपी अलगद अडकला. त्याला व त्याचा वाहनचालक सुशिलकुमार ऊर्फ सोनू सुरेश तिवारी या दोघांना ठाण्यातील कोलशेत येथून अटक करण्यात आली आहे. याबाबत उत्तर प्रदेश पोलिसांना कळवण्यात आले आहे,' असे विक्रम देशमाने यांनी यांनी नमूद केले.
 

कानपूर: ८ पोलिसांच्या हत्याकांडातील प्रमुख आरोपी विकास दुबे याच्या पार्थिवावर कानपूरमधील भैरव घाटावर अंत्यसंस्कार करण्यात आले. यावेळी त्यांची पत्नी ऋचा दुबे, धाकटा मुलगा आणि मेहुणा दिनेश तिवारी उपस्थित होते. त्यावेळी भैरव घाटावर उपस्थित पत्रकारांनी विचारलेल्या प्रश्नांवर विकास दूबे यांची पत्नी ऋचा दुबे संतापली. त्यावेळी ऋचा दुबेने आक्षेपार्ह भाषा देखील वापरली. एक दिवस तुमचाही येईल असे ऋचा दुबे म्हणाली. त्यावर विकास दुबेने कुणाच्या हत्या केल्या नाहीत का असा प्रश्न पत्रकारांनी ऋचा दुबेला विचारला. त्यावर होय केल्या होत्या... तुमचाही एक दिवस येईल. इथून निघून जा, जे जसे वागले त्याना मी तसाच धडा शिकवणार. गरज भासल्यास मी बंदूकही उचलेन, असे ऋचा दुबे संतप्त होऊन म्हणाली.

शुक्रवारी सकाळी कानपूरपासून १७ किमीच्या अंतरावर असताना झालेल्या चकमकीत ठार करण्यात आले. या चकमकीमध्ये विकास दुबेच्या छातीत तीन, तर कमरेला एक गोळी लागली होती. त्यानंतर हॉस्पीटलमधे आणल्यावर त्याला मृत घोषित करण्यात आले. त्यानंतर शवविच्छेदन पूर्ण झाल्यानंतर, विकासचा मृतदेह त्याचा मेहुणा दिनेश तिवारी यांच्याकडे देण्यात आला. अंत्यसंस्काराला विकास दुबेचे काही जवळचे नातेवाईक उपस्थित होते. यावेळी पोलिस बंदोबस्तही ठेवण्यात आला होता.

कडक बंदोबस्तात विकास दुबेला उज्जैनहून कानपूरला आणले जात होते. या ताफ्यात पोलिसांची एकूण तीन वाहने होती. ज्या गाडीत विकास दुबेला बसवण्यात आले होते, त्या गाडीच्या मागे आणि पुढे इतर दोन गाड्याही होत्या.

नवी दिल्ली: कानपूर पोलिस हत्याकांडातील प्रमुख आरोपी गँगस्टर विकास दुबे हा आज शुक्रवारी सकाळी झालेल्या चकमकीत ठार झाला. या प्रकरणावरून विरोधी पक्ष सतत प्रश्न उपस्थित करत उत्तर प्रदेशातील योगी सरकावर प्रश्नांची सरबत्ती करत आहेत. या चकमकीवर अनेक प्रकारचे प्रश्न उपस्थित केले जात आहेत. आता या प्रकरणाची न्यायालयीन चौकशी व्हावी अशी मागणीही पुढे येऊ लागली आहे. काँग्रेसच्या नेत्या प्रियांका गांधी यांनी या प्रकरणी उत्तर प्रदेशातील योगी सरकारवर हल्ला चढवताना न्यायालयीन चौकशीची मागणी केली आहे. प्रियांका गांधी यांनी एक व्हिडिओ शेअर करत ही मागणी केली आहे. उत्तर प्रदेशातील कायदा आणि सुव्यवस्थेची स्थिती अतिशय वाईट झाली आहे. राजकीय नेते आणि गुन्हेगारांची युती उत्तर प्रदेशच्या राजकारणावर हावी झालेली दिसत आहे. कानपूर हत्याकांडाद्वारे ही युती उघड झालेली आहे. अशा गुन्हेगारांचे पालन-पोषण कऱण्यामध्ये कोण-कोण नेते सहभागी आहेत, या बाबतचे सत्य समोर आलेच पाहिजे. सुप्रीम कोर्टाच्या विद्यमान न्यायमूर्तींद्वारे या संपूर्ण प्रकरणाची न्यायालयीन चौकशी व्हायला पाहिजे, अशी मागणी प्रियांका गांधी वाड्रा यांनी केली आहे.

या पूर्वी प्रियांका गांधी यांनी एक ट्विट करत विकास दुबे याला संरक्षण देण्याबाबत आरोप केले होते. गुन्हेगार तर संपला, पण अशा गुन्हेगाराला संरक्षण देणाऱ्यांचे काय?, असा प्रश्न प्रियांका गांधी वाड्रा यांनी उपस्थित केला होता.

नवी दिल्ली: भारत आणि चीनदरम्यान लेफ्टनंट जनरल स्तरावरील अधिकाऱ्यांमधील चौथ्या टप्प्यातील चर्चा पुढील आठवड्यात होणार आहे. सूत्रांनी ही माहिती दिली आहे. या बैठकीत प्रामुख्याने सीमेवरील तणाव कमी करण्यावर चर्चा होणार आहे. याबाबत सूत्रांनी दिलेल्या माहितीनुसार, पुढील बैठकीत सीमेवर हजारोंच्या संख्येने सैनिक तैनात करणे, गन, टँक, हत्यारे, रॉकेट लाँचर, क्षेपणास्त्र आणि फायटर जेट हटवण्याची कालमर्यादा निश्चित करण्यासाठी चर्चा करण्यात येणार आहे. प्रत्यक्ष नियंत्रण रेषेच्या दोन्ही बाजूंना असलेले ४५००० सैनिक मागे हटवण्याबाबतही चर्चा केली जाणार आहे.

या पूर्वी भारत आणि चीनदरम्यान दोन वेळा चीनच्या मोलदो येथे आणि भारतातील चुशुल येथे चर्चा झाली होती. या वेळी ३० जूनला झालेल्या बैठकीत झालेल्या चर्चेतील सहमतीच्या मुद्द्यांवर पुढील बैठकीत चर्चा करण्यात येणार आहे. या पूर्वी दोन्ही देशांच्या लेफ्टनंट जनरल स्तरावरील अधिकाऱ्यांमध्ये ६ जून आणि २२ जूनला चीनच्या मोलदो येथे तसेच ३० जूनला चुशुल येथे बैठक झाली होती. १५ जूनला पूर्व लडाखमध्ये झालेल्या चीन आणि भारताच्या सैनिकांदरम्यान हिंसक संघर्ष झाला होता. या वेळी भारताचे २० सैनिक शहीद झाले होते. या हिंसक संघर्षाबाबत प्रसिद्ध झालेल्या वृत्तानुसार, चीनचे सुमारे ४५ सैनिक मारले गेले होते किंवा मग गंभीर स्वरूपात जखमी तरी झाले होते. भारत आणि चीन दरम्यान प्रत्यक्ष नियंत्रण रेषेवर जेथे जेथे तणाव निर्माण झालेला आहे, त्या सर्व ठिकाणांवरील तणाव कमी कसा करता येईल याबाबत चर्चा करण्यात येणार आहे.

उत्तर प्रदेशातील कानपूरमध्ये गुन्हेगारांना पकडण्यासाठी गेलेल्या पोलिसांच्या पथकावर गोळीबार करत विकास दुबेच्या गुंडांनी आठ पोलिसांची हत्या केली होती. या घटनेनंतर अवघ्या देशाचं लक्ष उत्तर प्रदेशकडे वळलं होतं. आज (शुक्रवारी) सकाळीच विकास दुबेचा पोलिसांच्या एन्काऊन्टरमध्ये मृत्यू झाल्याची बातमी समोर आली... सोशल मीडियावर या घटनेचे वेगवेगळे प्रतिसाद उमटताना दिसत आहे. काहींनी पोलिसांची हत्या करणाऱ्या विकास दुबेच्या एन्काऊन्टरसाठी उत्तर प्रदेश पोलिसांचं कौतुक केलंय, तर काही मुख्यमंत्री आदित्य नाथ यांचं... तर दुसरीकडे काहींनी गँगस्टर विकास दुबेच्या कथित एन्काऊन्टरवर काही प्रश्नचिन्हंही उपस्थित केले आहेत. महत्त्वाचं म्हणजे, उत्तर प्रदेशातील कायदे-व्यवस्थेच्या काही जाणकारांनी कालच विकास दुबेच्या अटकेनंतर लगेचच त्याच्या एन्काऊन्टरची शक्यताही व्यक्त केली होती. ही शक्यता आता खरी ठरलीय.

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे याला मध्य प्रदेशच्या उज्जैनहून कानपूरला आणण्यात येत होतं. यावेळी कानपूरच्या बर्रा भागात स्पेशल टास्क फोर्स (FTS)च्या गाड्यांच्या ताफ्यातील एका गाडीला अपघात झाला. याच गाडीत विकास दुबे बसला होता. अपघातानंतर विकास दुबेनं संधी साधत एसटीएफच्या एका अधिकाऱ्याच्या हातातला पिस्तुल हिसकावून घेतला आणि घटनास्थळावरून पळून जाण्याचा प्रयत्न केला. यावेळी दुबेनं पोलिसांवर गोळीबार केला. तो पळून जात असलेला पाहून पोलिसांनीही त्याच्यावर प्रत्युत्तरादाखल गोळीबार केला. या गोळीबारात दुबे जखमी झाला आणि थोड्या वेळानं त्याचा मृत्यू झाला, असा दावा पोलिसांनी केलाय. तर या घटनेत आणखीन चार पोलीस जखमी झाल्याची माहिती कानपूरचे पोलीस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल यांनी दिलीय

मुंबई: उत्तर प्रदेश पोलिसांनी गँगस्टर विकास दुबेचं एन्काउंटर केलं असून त्यावर काँग्रेस आणि समाजवादी पक्षाने प्रश्नचिन्हं उपस्थित केली असली तरी शिवसेनेने मात्र या एन्काउंटरचं समर्थन केलं आहे. विकास दुबेने ८ पोलिसांची हत्या केली. पोलिसांची प्रतिष्ठा धुळीला मिळाली. त्यामुळे यूपी पोलिसांनी सूड घेतला. या घटनेचं राजकारण कशाला करता? त्यामुळे पोलिसांचं मनोबल खच्ची होईल, असं शिवसेना खासदार संजय राऊत यांनी म्हटलं आहे. (vikas dubey encounter )

शिवसेना नेते संजय राऊत यांनी प्रसारमाध्यमांशी संवाद साधत या एन्काउंटरचं समर्थन केलं आहे. मी कधीच बनावट एन्काउंटरचं समर्थन केलं नाही. पण आज यूपीत जे झालं ते योग्यच आहे. पोलीस नेहमीच आपल्या सहकाऱ्यांचा बदला घेत असते. यावेळीही तेच झालं. प्रत्येक राज्यात तसं होतं. महाराष्ट्रातही मोठ मोठे एन्काउंटर स्पेशालिस्ट आहे. दुबेने ८ पोलिसांची हत्या केली. त्यामुळे पोलिसांनी त्याचा सूड घेतला. गुंडांना खाकीचा धाक बसलाच पाहिजे. त्यामुळे अशा एन्काउंटरचं समर्थन करायलाच हवं, असं सांगतानाच या एन्काउंटरवर प्रश्नचिन्हं निर्माण करता कामा नये. पोलिसांचं मनोबल खच्ची होता कामा नये, असं राऊत म्हणाले.

 

कानपूर : गँगस्टर विकास दुबे (vikas dubey) याला मारण्यासाठी पोलिसांचं अगोदरच 'प्लानिंग' झालं होतं का? असा प्रश्न आता निर्माण झालाय. कारण, असा प्रश्न निर्माण करणारा एक ऑडिओ व्हिडिओ पुरावाच समोर आलाय. या व्हिडिओत एक पोलीस अधिकारी दुसऱ्या पोलीस अधिकाऱ्याशी विकास दुबेबद्दल बोलताना दिसत आहे. 'विकास दुबे कानपूर ना पहुंचे' असं या व्हिडिओत म्हणताना दिसत आहे. यावरून पोलिसांनाही विकास दुबे कानपूरला पोहचेल याची खात्री नव्हती, असं दिसून येतंय.

आठ पोलिसांची हत्या करून फरार झालेल्या विकास दुबेला गुरुवारी मध्य प्रदेशच्या उज्जैनमध्ये अटक करण्यात आली होती. त्यानंतर त्याला शुक्रवारी पहाटे उज्जैनमधून कानपूरला आणण्यात येत होतं. पोलिसांच्या म्हणण्यानुसार, कानपूरच्या बर्रा भागात स्पेशल टास्क फोर्स (FTS)च्या गाड्यांच्या ताफ्यातील एका गाडीला अपघात झाला. अपघाताची संधी साधत विकास दुबेनं एसटीएफच्या एका अधिकाऱ्याच्या हातातला पिस्तुल हिसकावून घेतला आणि घटनास्थळावरून पळून जाण्याचा प्रयत्न केला. यावेळी दुबेनं पोलिसांवर गोळीबारही केला. त्यानंतर पोलिसांनीकडूनही प्रत्युत्तरादाखल गोळीबार केला. या गोळीबारात विकास दुबेचा मृत्यू झाला. तसंच या घटनेत आणखीन चार पोलीस जखमी झाल्याची माहिती कानपूरचे पोलीस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल यांनी दिली.

नवी दिल्ली: भारतीय लष्कराने एक मोठा अॅप स्ट्राइक केला आहे. लष्कराने महत्वाचा निर्णय घेत एकूण ८९ अॅप तडकाफडकी बंद करून टाकली. लष्करातील सैनिक, अधिकारी आणि इतर कर्मचाऱ्यांनी आपल्या स्मार्टफोनमधून यादीत समाविष्ट करण्यात आलेली अॅप ताबडतोब डिलिट करून टाकावीत असे आदेश भारतीय लष्कराने दिले आहेत.

या पू्र्वी केंद्रातील मोदी सरकारने चीनी अॅप विरोधात पाऊल उचलत ५९ अॅपवर तत्काळ बंदी घातली गेल्याची घोषणा केली. यामध्ये टिकटॉकसारखे अतिशय लोकप्रिय अॅप देखील आहे.

केंद्र सरकारने २९ जूनला घातली ५९ चीनी App वर बंदी
लडाखच्या पूर्व भागातील गलवान खोऱ्याच चीनने कुरघोडी केल्यानंतर भारताने चीनी अॅपवर बंदी घालण्याचे पाऊल उचलले. हा निर्णय केंद्र सरकारने २९ जून या दिवशी घेतला. एक परिपत्रक जारी करत भारताने एकूण ५९ चीनी अॅपवर बंदी घातली असल्याचे जाहीर केले. ही अॅप्स कमाईदेखील चांगली करत होते. पूर्व लडाखमधील गलवान खोऱ्यात चीनच्या कारवाईनंतर दुखावलेल्या भारताने हे पाऊल उचलले. या अॅपमध्ये अनेक तांत्रिक समस्या देखील होत्या. हे देखील ही अॅप बॅन करण्याचे एक कारण दिले जात आहे. भारताच्या या निर्णयानंतर चीनला तिळपापड झाला. भारताने ज्या चीनी अॅपवर बंदी घातली आहे, त्यांमध्ये टिकटॉक आणि यूसी ब्राउझर या भारतात अत्यंत लोकप्रिय अॅपचाही समावेश आहे. पूर्व लडाखमध्ये गलवान खोऱ्यात भारत-चीन सीमावादानंतर भारताने ही कारवाई केली.

भोपाळ: उत्तर प्रदेशातील कानपूर येथे डीएसपीसह आठ पोलिसांची हत्या करणारा कुख्यात गँगस्टर विकास दुबे याला मध्य प्रदेशातील उज्जेन येथील महाकाल मंदिरातून अटक करण्यात आली आहे. या घटनेनंतर मध्य प्रदेशचे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान यांनी एक ट्विट केले आहे. महाकालाला शरण जाऊन आपले पाप धवून निघेल असे ज्यांना वाटते त्यांनी महाकालाला ओळखलेच नाही, असे शिवराजसिंह चौहान यांनी ट्विटमध्ये म्हटले आहे. आमचे सरकार कोणत्याही गुन्हेगाराला सोडणार नाही, असेही ते म्हणाले.

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान यांनी आणखी एक ट्विट केले आहे. त्यात त्यांनी विकास दुबे याच्या अटकेसाठी उज्जैन पोलिसांचे अभिनंदन केले आहे. आपण उत्तर प्रदेशचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यांच्याशी बोललो असून लवकरच या प्रकरणी कायदेशीर कारवाई केली जाईल. मध्य प्रदेश पोलिस विकास दुबेला उत्तर प्रदेश पोलिसांच्या हवाली करेल, असेही शिवराजसिंह यांनी स्पष्ट केले आहे.

विकास दुबेचे आणखी दोन साथीदार अटकेत
विकास दुबेला आम्ही अटक केली असून तो आता आमच्या कैदेत आहे, अशी माहिती मध्य प्रदेशचे गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा यांनी दिली. विकास दुबे याला महाकाल मंदिरात अटक करण्यात आली का?, असा प्रश्न विचारल्यानंतर मिश्रा यांनी त्याला मंदिराच्या बाहेर-आत अटक झाली आहे हे मध्ये आणू नका मात्र त्याला उजैनमध्ये अटक झाली आहे, असे ते म्हणाले. या बरोबरच उज्जैनमध्ये विकास दुबेच्या दोन साथीदारांनाही अटक झाल्याची माहिती गृहमंत्री मिश्रा यांनी दिली.

लखनऊ: कानपूर जिल्ह्यातील चौबेपूर येथे काही दिवसांपूर्वी ८ पोलिसांची अमानुष हत्या करून फरार झालेला गँगस्टर विकास दुबे याला उजैन येथील महाकाल मंदिरात अटक करण्यात आली. त्यानंतर उत्तर प्रदेशचे माजी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यांनी एक ट्विट करत गँगस्टर विकास दुबेच्या अटकेवर प्रश्न उपस्थित केले आहेत. विकास दुबे याला अटक करण्यात आली आहे की तो पोलिसांना शरण आला आहे हे सरकारने स्पष्ट करावे, असे अखिलेश यादव यांनी म्हटले आहे.

अखिलेश यादव आपल्या ट्विटमध्ये म्हणतात, 'कानपूर हत्याकांडातील मुख्य आरोपी आता पोलिसांच्या ताब्यात आहे. जर हे खरे असेल तर तो शरण आला की त्याला अटक करण्यात आली याबाबत सरकारे स्पष्ट केले पाहिजे. या बरोबरच त्याच्या मोबाइलचा सीडीआर सार्वजनिक करा जेणेकरूण त्याचे कोणाशी संबंध होते, (त्याला कोण मदत करत होते) हे उघड होईल.'

कानपूरच्या चौबेपूर येथे पोलिसांची हत्या केल्यानंतर विकास दुबे फरार झाला. प्रथम तो दिल्ली-एनसीआर येथे पोहोचला. मात्र पोलिसांच्या भीतीपोटी तो मध्य प्रदेशातील उज्जैन जिल्ह्यात पोहोचला. तेथे महाकाल मंदिराबाहेर पोलिसांनी त्याला अटक केली. आरोपी गँगस्टर विकास दुबेला मंगळवारी दिल्लीजवळील हरयाणा येथील फरीदाबादमध्ये एका हॉटेलात पाहिले गेले होते. मात्र पोलिसांनी या हॉटेलवर छापा मारण्यापूर्वी तो तेथून पसार झाला होता.

 

श्रीनगर :
जम्मू-काश्मीरमधील कुलगाम येथे सुरक्षा दलासोबतच्या चकमकीत शनिवारी ठार झालेले हिजबूल मुजाहिद्दीनच्या दोन दहशतवाद्यांचा कोविड-१९ अहवाल पॉझिटिव्ह आला असल्याचे पोलिसांनी सांगितले. कायदेशीर वैद्यकीय तपासणीदरम्यान त्यांचे स्वॅब घेण्यात आले होते. रविवारी त्यांचा अहवाल प्राप्त झाला.

'कायदेशीर वैद्यकीय औपचारिकता पार पाडत असताना या दहशतवाद्याचे स्वॅब घेण्यात आले होते. रविवारी त्यांचे अहवाल श्रीनगरच्या सीडी रुग्णालयातून प्राप्त झाले. यामध्ये दोन्ही दहशतवादी करोनाबाधित असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे', असे पोलिस प्रवक्त्यांनी सांगितले. त्यांच्या मृतदेहांची कोविड-१९संबंधित नियमांनुसार विल्हेवाट लावण्यात आल्याचेही ते म्हणाले.कुलगाममधील अराह भागात झालेल्या चकमकीत हे दोन्ही दहशतवादी ठार झाले होते. यात एका परदेशी दहशतवाद्याचाही समावेश होता. अली भाई ऊर्फ हैदर असे त्याचे नाव असून, दुसऱ्याची ओळख पटलेली नाही. या चकमकीत लष्कराचा एक जवान जखमी झाला होता.

आयईडी स्फोटात जवान जखमी
दरम्यान, श्रीनगर भागात आयईडी स्फोटात केंद्रीय राखीव पोलिस दलाचा (सीआरपीएफ) जवान जखमी झाल्याची घटना जम्मू-काश्मीरमधील पुलवामा जिल्ह्यात घडली आहे. रविवारी सका‌ळी गाँगो भागातून 'सीआरपीएफ'ची तुकडी जात असताना हा स्फोट झाला. संबंधित जवानाच्या हाताला जखम झाली असून, त्याची प्रकृती आता स्थिर आहे. दरम्यान, त्यानंतर थोड्याच वेळात पुलवामातील दुसऱ्या भागात जवानांना आयईडी स्फोटके आढळून आली. मात्र, ती निकामी करण्यात त्यांना यश आले.

नवी दिल्ली: देशभरात करोना विषाणूची लागण झालेल्या रुग्णांची संख्या झपाट्याने वाढत आहे. गेल्या २४ तासांमध्ये देशभरात एकूण २४ हजार २४८ नवे रुग्ण वाढले आहेत. तर २४ तासांमध्ये बळी गेलेल्यांची संख्या आहे ४२५. केंद्रीय आरोग्य मंत्रालयाने आज सकाळी प्रसिद्ध केलेल्या माहितीनुसार, देशातील एकूण रुग्णांची संख्या ६ लाख ९७ हजार ४१३ वर पोहोचली असून आता पर्यंत देशात एकूण १९ हजार ६९३ करोनाबाधितांचा मृत्यू झाला आहे.

दिलासादायक बाब म्हणजे आतापर्यंत एकूण ४ लाख २४ हजार ४३३ करोनाचे रुग्ण बरे होऊन घरी गेले आहेत. तसेच २४ तासांमध्येच देशात एकूण १५ हजार ३५० लोकांनी करोनाला पराभूत केले आहे. देशात सध्या एकूण २ लाख ५३ हदार २८७ रुग्णावर विविध रुग्णांलयांमध्ये उपचार सुरू आहेत. या बरोबरच आसीएमआरने दिलेल्या माहितीनुसार, ५ जुलैपर्यंत एकूण ९९ लाख ६९ हजार ६६२ जणांच्या चाचण्या करण्यात आल्या.करोना संसर्गामध्ये भारताने आता रशियाला मागे सोडले आहे. भारत आता करोनाचा सर्वाधिक संसर्ग झालेल्या टॉप देशांमधील एक बनला आहे. प्रथम क्रमांकावर अमेरिका असून, दुसऱ्या क्रमांकावर ब्राझील हा देश आहे.

नवी दिल्ली: काँग्रेसचे माजी अध्यक्ष राहुल गांधी यांनी पुन्हा एकदा केंद्र सरकारवर हल्लाबोल केला आहे. राहुल गांधीनी आज पुन्हा एक ट्विट करत पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्यावर निशाणा साधला आहे. भविष्यात हार्वर्ड बिझनेस स्कूलमध्ये अपयशांवरील अभ्यासात करोना विषाणूचा सामना करण्यासाठी भारत सरकारने उचललेली पावले, नोटाबंदी आणि जीएसटी हे विषय देखील अंतर्भूत होतील, असा टोला राहुल गांधी यांनी लगावला आहे.

राहुल गांधी यांनी पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या भाषणाची एक क्लिप शेयर केली आहे. या क्लिपमध्ये पंतप्रधान नरेंद्र मोदी महाभारताचे युद्ध तीन दिवस चालले होते आणि करोनाविरुद्धची लढाई २१ दिवस चालेल, असे म्हणत आहेत. या व्हिडिओत एक ग्राफ देखील जोडण्यात आला आहे. या ग्राफमध्ये भारतातील कोविड-१९ चा वाढत्या आलेख दाखवण्यात आला आहे. भारत कसा जगभरात करोना विषाणू्च्या संसर्गाच्याबाबतीत तिसऱ्या स्थानी पोहोचला आहे, हे देखील दाखवण्यात आले आहे. राहुल गांधी ट्विटमध्ये लिहितात, 'भविष्यात एचबीएस (हार्वर्ड बिझनेस स्कूल) या अपयशांचा अभ्यास करेल: 1. कोविड-१९, २. नोटाबंदी आणि ३. जीएसटीची अंमलबजावणी.' राहुल गांधी यांची ही प्रतिक्रिया भारतात करोनाबाधितांची संख्या रशियाहून अधिक होण्याच्या एक दिवसानंतर आली आहे. आता करोना विषाणूच्या संसर्गामध्ये संपूर्ण जगात अमेरिका आणि ब्राझिल हे दोनच देश भारताच्या पुढे आहेत.

नवी दिल्ली: करोना विषाणूवरील 'रेमडेसिव्हिर' या प्रायोगिक औषधाच्या वीस हजार लहान बाटल्या महाराष्ट्र व दिल्लीसह पाच राज्यांना पाठवण्यात आल्या आहेत. गुजरात, तमिळनाडू आणि तेलंगण या राज्यांनाही या औषधाचा पुरवठा होणार आहे. भारतामध्ये या औषधासाठी कोव्हिफोर हे नाव निश्चित करण्यात आले आहे.

करोना विषाणूवरील 'रेमडेसिव्हिर' या प्रायोगिक औषधाचे उत्पादन करण्याची परवानगी हैदराबादस्थित हिटेरो या औषधनिर्माण कंपनीला मिळाली आहे. या औषधाच्या १०० मिलिग्रॅम बाटलीची किंमत ५,४०० रुपये इतकी असेल, अशी माहिती हिटेरो कंपनीने दिली. प्रौढांसाठी या औषधाची मात्रा पहिल्या दिवशी २०० मिलिग्रॅम, तर त्यानंतरचे पाच दिवस दररोज १०० मिलिग्रॅम इतका असेल. दुसऱ्या टप्प्यामध्ये हे औषध कोलकाता, इंदूर, भोपाळ, लखनौ, पाटणा, भुवनेश्वर, रांची, विजयवाडा, कोची, त्रिवेंद्रम आणि गोवा या ठिकाणी पोहचवण्यात येणार आहे.

पुढील तीन ते चार आठवड्यांमध्ये या औषधाच्या एक लाख कुपी निर्माण करण्याचे लक्ष्य कंपनीने बाळगले आहे. सध्या या औषधाची विक्री किरकोळ स्वरूपात उपलब्ध नसून केवळ सरकार आणि हॉस्पिटलमार्फत हे औषध उपलब्ध करून देण्यात येत असल्याची माहिती हिटेरोचे व्यवस्थापकीय संचालक वामसी कृष्णा बांदी यांनी दिली. यकृताचे व मूत्रपिंडाचे विकार असणारे रुग्ण, गर्भवती व स्तनपान देणाऱ्या महिला; तसेच १२ वर्षांखालील मुलांना हे औषध देता येणार नसल्याचेही बांदी यांनी सांगितले. दरम्यान, 'रेमडेसिव्हिर'या औषधाच्या निर्मितीसाठी सिप्ला या भारतीय कंपनीनेही अमेरिकास्थित जायलिड सायन्सेस आयएनसी या मूळ उत्पादक कंपनीशी परवान्यासंबंधीचा करार केला आहे. आपले औषध हे ५,००० रुपयांपेक्षा कमी किमतीत उपलब्ध होईल, असे सिप्लाने म्हटले आहे.

नवी दिल्ली : धोरणात्मकदृष्ट्या अत्यंत महत्त्वाच्या असलेल्या अंदमान आणि निकोबार बेटावर भारत लवकरच आपलं अतिरिक्त सैन्य तयार करण्याची शक्यता आहे. चीनची भारतीय उपमहासागरातील धोरणात्मक आणि वाढती उपस्थिती पाहता भारतही अंदमानात अत्यावश्यक पायाभूत सुविधांसह सैन्य वाढवण्याची शक्यता आहे. संरक्षण विभागातील सूत्रांच्या मते, अंदमानातील सैन्य वाढ आणि सैन्य पायाभूत सुविधा हे दीर्घ काळापासून प्रलंबित असलेलं धोरणं आता लडाखमधील परिस्थिती आणि चीनचं विस्तारवादी धोरण पाहता अत्यंत महत्त्वाचं बनलं आहे.

एएनसी म्हणजेच अंदमान आणि निकोबार कमांडची स्थापना २००१ मध्ये करण्यात आली होती. ही भारतातील अशा प्रकारची पहिलीच स्थापना होती. पण याकडे फारसं लक्ष देण्यात आलं नाही. एकाच कमांडरच्या अंतर्गत भूदल, नौदल आणि वायू दलाचा समावेश होता. या कमांडने गेल्या २० वर्षांपासून राजकीय उदासिनता, निधीची कमतरता, पर्यावरण परवानग्या आणि तीन सैन्यांमधील संघर्ष यांचा सामना केला आहे.

या सर्व गोष्टी आता इतिहासजमा होण्याची शक्यता आहे. लडाखमधील परिस्थिती पाहता भारतीय सैन्याने एएनसीचं पुनर्परीक्षण सुरू केलं आहे. अंदमानातील बेस अत्यंत महत्त्वाचा आहे. मलक्का स्ट्रेटमधून जाणाऱ्या तेल वाहक जहाजांवरही इथून नजर ठेवता येईल. चीनमध्ये जाणारं तेल रोखायचं असलं तरीही भारतीय सैन्याला ताकद मिळेल आणि चीनला मार्ग रोखण्याची भीती निर्माण होईल.

 

नवी दिल्ली: भारत-चीन तणावाच्या पार्श्वभूमीवर पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या लडाख दौऱ्यानंतर काँग्रसचे माजी अध्यक्ष राहुल गांधी यांनी लडाखमधील चीनी घुसखोरीविरोधात कृती करण्याची विनंती केंद्र सरकारला केली आहे. देशभक्त असलेले लडाखमधील नागरिक चीनी घुसखोरीविरुद्ध आवाज उठवत आहेत. त्यांचा या आवाजाकडे दुर्लक्ष करता येणार नाही, सरकारला त्यांचे म्हणणे ऐकायला हवे, असे आवाहन राहुल गांधी यांनी केंद्र सरकारला केले आहे.

राहुल गांधी यांनी एक व्हिडिओ ट्विट केला आहे. या व्हिडिओत लडाखचे काही नागरिक चीनी घुसखोरीबाबत बोलत आहेत. या व्हिडिओत चीनी घुसखोरीबाबत तसेच त्यांच्या हालचाली दाखवणारी काही छायाचित्रेही दाखवण्यात आली आहेत. राहुल गांधी आपल्या ट्विटमध्ये म्हणतात, 'देशभक्त लडाखचे नागरिक चीनच्या घुसखोरीविरोधात आवाज उठवत आहेत. ते ओरडून-ओरडून सावध करत आहेत. त्यांच्या या इशाऱ्याकडे डोळेझाक करणे महागात पडू शकते. भारतासाठी कृपा करून त्यांचे म्हणणे ऐकावे.'

प्रत्यक्ष नियंत्रण रेषेवर (एसएसी) चीनच्या कथित आक्रमणाबाबत काँग्रेसचे माजी अध्यक्ष राहुल गांधी पंतप्रधान नरेंद्र मोदी आणि केंद्र सरकारवर ट्विटच्या माध्यमातून सतत हल्ले करत आहेत. चीनने आमची जमीन हडपली असल्याचे लडाखचे नागरिक सांगत आहेत, मात्र कोणीही आमची जमीन घेतलेली नसल्याचे पंतप्रधान बोलत आहेत, असे राहुल गांधी यांनी काल शुक्रवारीही ट्विट करत म्हटले होते. याचा अर्थ कोणीतरी खोटे बोलत आहे, असा होतो, असेही राहुल गांधी म्हणाले होते.

नवी दिल्ली: विविध उपाययोजना योजून देखील देशभरात करोनाचा संसर्ग नियंत्रणात येताना दिसत नाही. देशातील लॉकडाऊन हटविल्यानंतर देखील करोनाचे रुग्ण जलद गतीने वाढत आहे. आज शनिवारी गेल्या २४ तासांमध्ये २० हजारांहून अधिक रुग्ण वाढल्याचे स्पष्ट झाले आहे. आज केंद्रीय आरोग्य मंत्रालयाने जारी केलेल्या आकडेवारीनुसार गेल्या २४ तासात एकूण २२ हजार ७७१ नवे रुग्ण वाढले आहेत. यामुळे आता देशातील एकूण करोनाबाधित रुग्णांची संख्या ६ लाख ४८ हजार ३१५ वर पोहोचली आहे. एका दिवसभरात झालेली ही आतापर्यंतची सर्वाधिक वाढ आहे. तर गेल्या २४ तासांमध्ये एकूण ४४२ करोना रुग्णांचा मृत्यू झाला आहे. यानंतर एकूण मृतांच्या संख्येत वाढ होऊन ही संख्या १८,६५५ वर पोहोचली आहे. मात्र करोनातून बरे झालेल्या रुग्णांच्या संख्येतही वाढ होत असून आतापर्यंत एकूण २ लाख ९४ हजार २२७ रुग्ण बरे झाले आहेत. हे पाहता देशातील रिकव्हरी रेट ६०.८० टक्क्यांवर पोहोचला आहे

केंद्रीय आरोग्य मंत्रालयाच्या माहितीनुसार, ३ जुलैपर्यंत संपूर्ण देशात २ लाख ४२ हजार ३८३ करोनाच्या चाचण्या करण्यात आल्या. तर, आतापर्यंत एकूण ९५ लाख ४० हजार १३२ इतक्या करोनाच्या चाचण्या करण्यात आल्या आहेत. यातील पॉझिटीव्ह गर वाढून तो ९.३९ टक्क्यांवर पोहोचला आहे. तर काल हाच दर ९ टक्क्यांच्या खाली होता.

करोनाच्या नव्या रुग्णांचा विचार करता महाराष्ट्र आजही सर्वात पुढे आहे. आरोग्य मंत्रालयाने दिलेल्या माहितीनुसार गेल्या २४ तासांमध्ये महाराष्ट्रात ६ हजार ३६४ नवे रुग्ण आढळले आहेत. त्यानंतर तामिळनाडू या राज्याचा क्रमांक लागतो. तामिळनाडूत गेल्या २४ तासांमध्ये एकूण ४ हजार ३२९ नवे रुग्ण वाढल्याची नोंद करण्यात आली आहे. तसेच तिसऱ्या क्रमांकावर आले तेलंगण. तेलंगणमध्ये गेल्या २४ तासांमध्ये १ हजार ८९२ नवे रुग्ण आढळले असून कर्नाटक राज्यात २४ तासांत १ हजार ६९४ इतक्या नव्या रुग्णांची भर पडली आहे.

नवी दिल्ली: देशभरात करोना विषाणूचा कहर सुरू असताना एक चांगली बातमी येत आहे. येत्या १५ ऑगस्ट या दिवशी करोनाची कोव्हॅक्सीन या नावाची लस लॉन्च होत आहे. ही लस हैदराबादच्या भारत बायोटेक इंटरनॅशनल लिमिटेड (बीबीआयएल) या फार्मास्यूटीकल कंपनीने तयार केली आहे. भारत बायोटेक आणि भारतीय वैद्यकीय संशोधन परिषद (आयसीएमआर) संयुक्तपणे ही लस लॉन्च करण्याची शक्यता व्यक्त होत आहे.

नुकतीच या लशीला मानवावर प्रयोग करण्यासाठी परवानगी देण्यात आली. भारतीय वैद्यकीय संशोधन परिषदने जारी केलेल्या पत्रानुसार, या लशीचा मानवावरील प्रयोग ७ जुलै या दिवशी सुरू करण्यात येणार आहे. या नंतर जर हा प्रयोग यशस्वी झाला, तर १५ ऑगस्ट या भारतीय स्वातंत्र्यदिनी ही लस लॉन्च केली जाईल. या पूर्वीत ही लस बाजारात उपलब्ध होणार आहे.

भारतीय वैद्यकीय संशोधन परिषदचे हे पत्र आयसीएमआर आणि सर्व स्टेकहोल्डरनी (यात एम्सचे डॉक्टरही आहेत) जारी केले आहे. जर ही चाचणी प्रत्येक टप्प्यावर यशस्वी झाली, तर येत्या १५ ऑगस्टपर्यंत ही लस बाजारात येऊ शकते असे त्यांचे म्हणणे आहे. भारतीय वैद्यकीय संशोधन परिषदने १५ ऑगस्टपर्यंत ही लस उपलब्ध होण्याचा अंदाज व्यक्त केला आहे. आम्ही ही लस यशस्वी करण्यासाठी टॉप प्रायॉरिटीवर काम करत आहोत, असे भारतीय वैद्यकीय संशोधन परिषदने म्हटले आहे.
 

लेह: भारतीय जवानांनी संपूर्ण जगाला आपहे साहस दाखवले असून संपूर्ण देश भारतीय सैनिकांपुढे आदरपू्र्वक नतमस्तक आहे, अशा शब्दांत गौरव करताना पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी चीनला खडे बोल सुनावले आहेत. आज विस्तारवादाचे युग संपले असून आता विकासवादाचे युग आले आहे, असा शब्दांत मोदी यांनी चीनला इशारा दिला आहे. संपूर्ण लडाख हा भारताचा आत्मसन्मान आहे, असे महत्त्वाचे विधानही पंतप्रधान मोदी यांनी सैनिकांना संबोधित करताना केले आहे.

पंतप्रधान मोदी लडाख दौऱ्यावर असून त्यांनी लेहमधील नीमूला भेट दिल्यानंतर रुग्णालयात जात जखमी जवानांची भेट घेतली. त्यानंतर त्यांनी गलवान खोऱ्यात शहीद झालेल्या २० जवानांना श्रद्धांजली वाहिली. त्यानंतर त्यांनी जवानांना संबोधित केले.

आज संपूर्ण देशाचील जनता आपल्यापुढे म्हणजेच आपल्या देशाच्या सैनिकांपुढे आदरपूर्वक नतमस्तक होत नमन करत आहेत. आज प्रत्येक भारतीयाची छाती तुमचे शौर्य आणि पराक्रमामुळे फुगलेली आहे. १४ कोअरच्या शौर्याचे किस्से सगळीकडे पसरले आहेत. संपूर्ण जगाने तुमचे अदम्य साहस पाहिले आहे. आपल्या शौर्यगाथा घराघरात दुमदुमत आहे. भारताच्या शत्रूंनी तुमची आगही पाहिली आहे आणि तुमचा रागही पाहिलेला आहे, असे मोदी सैनिकांना उद्देशून म्हणाले.

मोदींनी चीनला सुनावले
आता विस्तारवाद समाप्त झाला असून आता हे युग विकासवादाचे आहे. जलदगतीने बदलणाऱ्या या काळात विकासवाद हाच प्रासंगिक आहे. विकासवादाला आज संधी आहे आणि विकास हाच आधार आहे. गेल्या शतकात विस्तारवादानेच मानवजातीचा विनाश केला. कोणाच्या डोक्यात जर विस्तारवादाची जिद्द असेल तर ते नेहमीच विश्वशांतीपुढे एक संकट ठरते, अशा शब्दात मोदींनी चीनला सुनावले.

नवी दिल्ली : करोनाचा फैलाव होऊ नये म्हणून प्रत्येक व्यक्तीने तोंडावर मास्क लावणे बंधनकारक करण्यात आले आहे. मात्र, अनेक जण अद्याप मास्क लावत नाहीत. त्यामुळे तोंडावर मास्क लावण्यास सांगितले म्हणून रागाने मद्यधुंद अवस्थेत असलेल्या तीन तरुणांनी पोलीस कॉन्स्टेबलला मारहाण केल्याची घटना दिल्लीत घडली. बंदोबस्तावर असलेल्या इतर पोलिसांनी घटनास्थळी येऊन तिन्ही आरोपींना ताब्यात घेतले आहे.

दिल्लीत करोना व्हायरसचा प्रादुर्भाव वाढला आहे. रुग्ण आणि मृत्यूचा आकडा दिवसेंदिवस वाढतच आहे. त्यामुळे लोकांना घराबाहेर पडू नका, गरज असल्यास बाहेर पडा असे आवाहन सरकार आणि आरोग्य यंत्रणेकडून करण्यात येत आहे. तोंडावर मास्क लावणे बंधनकारक करण्यात आले आहे. सुरक्षित राहा असे सांगण्यात येत असले तरी, बेजबाबदार लोकांवर त्याचा काहीही परिणाम होताना दिसत नाही. उलट मास्क घालण्यास सांगितलं तर हाणामारीवर येत असल्याच्या घटना घडत आहेत.

दिल्लीच्या सिव्हिल लाइन परिसरात एका कॉन्स्टेबलने तीन तरुणांना मास्क घालण्यास आणि सार्वजनिक ठिकाणी थुंकू नका असं सांगितलं तर त्यांनी पोलीस कॉन्स्टेबललाच मारहाण करण्यास सुरुवात केली. १ जुलै रोजी ही घटना घडली. संबंधित पोलीस सिव्हिल लाइन परिसरात गस्तीवर होते. संध्याकाळी ७.२० वाजता त्यांनी मास्क न घालणाऱ्या तीन तरुणांना हटकले. तसेच त्या तिघांना रस्त्यावर थुंकताना पाहिले. दिल्लीत सार्वजनिक ठिकाणी थुंकण्यास मनाई करण्यात आली असताना, हे तरुण थुंकत होते. त्यांना हटकले असता पोलीस कॉन्स्टेबलला मारहाण केली, अशी माहिती पोलिसांनी दिली.

गॅबोरोनो: काही दिवसांपूर्वी केरळमध्ये झालेल्या हत्तीणीच्या अपघाती मृत्यूमुळे हळहळ व्यक्त करण्यात येत होती. आता आणखी धक्कादायक घटना समोर आली असून तलाव, पाणवठ्याजवळ शेकडो हत्तींचे मृतदेह आढळले आहेत. जवळपास ३५० हत्तींचा मृत्यू झाला असण्याचा अंदाज व्यक्त करण्यात येत आहे. आफ्रिका खंडातील बोत्सवाना देशातील हा भयंकर प्रकार घडला आहे.

मृत्यू झालेल्या बहुसंख्य हत्तींचा मृतदेह तलाव, पाणवठ्याजवळ आढळला आहे. त्यामुळे हा घातपाताचा प्रकार असावा अशी शक्यता वर्तवण्यात येत आहे. त्याशिवाय हा एखादा आजार आहे का, याचाही तपास करण्यात येत आहे. बोत्स्वाना सरकारने या मुद्यावर अद्यापही अधिकृत प्रतिक्रिया दिली नाही. मात्र, हस्तीदंतासाठी विष देऊन हत्तींना ठार मारण्याचा प्रकार झिम्बाब्वेमध्ये समोर आला होता. नॅशनल पार्क संवर्धनाचे डॉक्टर नील मॅकेन यांनी गार्डियनला सांगितले की, इतक्या मोठ्या संख्येने हत्तींची मृत्यू कधी झला नाही. दुष्काळादरम्यान असे मृत्यू होतात. मात्र, सध्या पाणीदेखील उपलब्ध आहे.

मॉस्को: रशियन राजकारणात आपले वर्चस्व कायम राखण्यात राष्ट्राध्यक्ष व्लामदिर पुतीन यांना यश आले आहे. पुतीन यांना २०३६ पर्यंत राष्ट्राध्यक्षपदी कायम ठेवण्यासाठी झालेल्या घटना दुरुस्ती मतदानात रशियन जनतेने पुतीन यांच्या पारड्यात मतदान केले आहे. यामुळे आता पुतीन हे सोव्हिएट रशियाचे माजी प्रमुख जोसेफ स्टालिन यांच्यापेक्षाही अधिक काळ सत्तेवर असणारे नेते होणार आहेत.

जवळपास आठवडाभर घटनादुरुस्तीसाठी मतदान सुरू होते. करोना संसर्गाच्या पार्श्वभूमीवर आठवडाभर मतदान करण्यात आले. यामध्ये ७७ टक्के लोकांनी घटनादुरुस्तीच्या बाजूने आपला कौल दिला. या घटना दुरुस्तीमुळे पुतीन यांना राष्ट्राध्यक्षपदाच्या प्रत्येकी सहा वर्षाच्या दोन टर्म पूर्ण करता येणार आहे. घटना दुरुस्ती न झाल्यास पुतीन यांचा कार्यकाळ २०२४ मध्ये संपुष्टात येणार असून त्यानंतर त्यांना पुन्हा निवडणूक लढवता येणार नाही.

ही घटना दुरुस्ती मंजूर करण्यासाठी पुतीन यांनी पूर्ण ताकद पणाला लावली होती. भविष्यातील देशासाठी आपण मतदान करत आहोत. आपण आपल्या मुलांकडे एका भक्कम देश सुपूर्द करणार आहोत, या विचारानेच मतदान करण्याचे आवाहन पुतीन यांनी केले होते. पुतीन यांनी जानेवारी महिन्यातच घटना दुरुस्तीचा प्रस्ताव मांडला होता. त्यानंतर पुतीन यांच्या सूचनेनंतर पंतप्रधान दिमित्री मेदवेदेव यांनी राजीनामा दिला. त्यानंतर पुतीन यांनी कमी राजकीय अनुभव असणाऱ्या मिखाइल मिशुस्टिन यांच्याकडे पंतप्रधानपदाची धुरा दिली होती. रशियात २००८ मध्ये झालेल्या राष्ट्राध्यक्षपदाच्या निवडणुकीत विरोधी पक्षनेते एलेक्सेई नावालनी यांनी भ्रष्टाचाराची प्रकरणे समोर आणत पुतीन यांना आव्हान निर्माण केले होते. मात्र, निवडणूक आयोगाने नावालनी यांना एका भ्रष्टाचाराप्रकरणी दोषी ठरवत त्यांच्या उमेदवारीला स्थगिती दिली होती.

नवी दिल्ली: केंद्र सरकारने रेल्वेच्या खासगीकरणाच्या दिशेने पाऊल टाकणे सुरू केले असून देशातील एकूण १०९ जोडी मार्गांवर खासगी रेल्वेसेवा सुरू करण्यासाठी रेल्वेने प्रस्ताव मागवले आहेत. रेल्वेमंत्री पीयूष गोयल यांनी ही माहिती दिली आहे. देशभरात असलेले रेल्वेचे जाळे एकूण १२ क्लस्टरमध्ये विभागले गेले आहे. याच क्लस्टरमध्ये या १०९ जोडी मार्गावर खासगी रेल्वे चालवण्याचा रेल्वेचा प्रयत्न आहे.

ही खासगी रेल्वे कमीतकमी १६ डब्यांची ठेवण्यात येणार आहे. तसेच या गाड्यांचा वेग १६० प्रति किमी इतका ठेवण्यात येणार आहे. या वेगात आणखीही वाढ होण्याची शक्यता आहे. या ट्रेनचा रोलिंग स्टॉक खासगी कंपनीकडून करण्यात येणार आहे. तसेच खासगी कंपन्यांनाच या सर्व गाड्यांची देखभाल करावी लागणार आहे. तर या सर्व ट्रेनसाठी लागणारे गार्ड आणि मोटरमन मात्र रेल्वेचे असणार आहेत.

या साठी खासगी क्षेत्राकडून ३० हजार कोटी रुपयांची गुंतवणूक अपेक्षित आहे. केंद्र सरकार हे पाऊल उचलून आधुनिक तंत्रज्ञानाला चालना देणे आणि त्याद्वारे देखभालीचा येणारा मोठा खर्च कमी करणे हा उद्देश साध्य करत आहे. या मुळे ट्रान्झिट टाइमदेखील कमी होणार असल्याचे सरकारचे म्हणणे आहे. या व्यतिरिक्त यामुळे देशातील बेरोजगारांसाठी नोकरीच्या नव्या संधी उपलब्ध होणार आहेत. तसेच या उपक्रमामुळे प्रवाशांना योग्य ती सुरक्षा पुरवून जागतिक दर्जाच्या सुविधा उपलब्ध करणेही शक्य होणार आहे. प्रवासी गाड्या चालण्यासाठी खासगी गुंतवणुकीचा रेल्वेचा हा पहिलाच उपक्रम आहे.

नवी दिल्ली : गलवान खोऱ्यातील तणावानंतर भारताकडून चीनला आणखीन एक धक्का देण्यात आलाय. भारत संचार निगम लिमिटेड अर्थात बीएसएनएल (BSNL) आणि महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड अर्थात एमटीएनएल (MTNL) या कंपन्यांनी आपले फोर-जी निविदा प्रक्रिया रद्द केली आहे.

यानंतर पुन्हा एकदा नवीन निविदा प्रक्रिया जारी केली जाईल. यात मेक इन इंडिया आणि भारतीय टेक्नॉलॉजीला प्रोत्साहन देण्यासाठी नवीन तरतुदी करण्यात येणार आहेत. उल्लेखनीय म्हणजे, बीएसएनएल आणि एमटीएनएलवर सर्वात जास्त चिनी सामान खरेदी करण्याचा आरोप करण्यात आला होता.

फोर जी तंत्रज्ञानाच्या सुधारित श्रेणीसाठी सुरू केलेली निविदा प्रक्रिया 'भारत संचार निगम लिमिटेड'ने (बीएसएनएल) रद्द केली आहे. चिनी कंपन्यांकडून कोणतेही सामान खरेदी न करण्याचे निर्देश दूरसंचार विभागाने दिल्यानंतर हा निर्णय घेण्यात आल्याचं सूत्रांनी म्हटलंय. आता मेक इन इंडिया आणि भारतीय तंत्रज्ञानाला प्रोत्साहन देणारी नवीन निविदा प्रक्रिया राबवली जाणार आहे. यासंदर्भात बीएसएनएलच्या अध्यक्षांशी वारंवार प्रयत्न करूनही संपर्क होऊ शकला नाही. दरम्यान, फोर जी निविदा प्रक्रियेपासून विदेशी कंपन्यांना दूर ठेवण्याची शिफारस निती आयोगाने काही दिवसांपूर्वी केली होती. याला विरोध करताना बीएसएनएलनं, या निर्णयामुळे कंपनीचे मोठे नुकसान होऊ शकते. विदेशी कंपन्यांना निविदा प्रक्रियेतून बाहेर ठेवल्यास उपकरणांची किंमत २५ टक्क्यांनी वाढू शकते, अशी भीतीदेखील व्यक्त केली होती.

मुंबई : मुंबई आंतरराष्ट्रीय विमानतळ (Mumbai International Airport Limited) विकासात ७०५ कोटींचा घोटाळा झाल्या प्रकरणी केंद्रीय गुन्हे अन्वेषण विभागाने (CBI) आज धडक कारवाई केली आहे. मुंबईत विमानतळाचा विकास आणि व्यवस्थापन करणाऱ्या जीव्हीके ग्रुप ऑफ कंपनीजचे (GVK) अध्यक्ष जी. वेंकट कृष्णा रेड्डी आणि त्यांचे चिरंजीव संजय रेड्डी यांच्यासह एअरपोर्ट ऑथोरीटी ऑफ इंडियाचे काही अधिकारी आणि नऊ कंपन्यांविरोधात '

कोलंबो: २०११ साली भारतात झालेल्या आयसीसी वर्ल्ड कप स्पर्धेतील अंतिम सामना फिक्स झाला होता. या प्रकरणी श्रीलंकेत सुरू असेलल्या तपास पथकाने माजी कर्णधार कुमार संगकारा याला समन्स बजावले आहे. मुंबईतील वानखेडे स्टेडियमवर झालेल्या अंतिम सामन्यात भारताने श्रीलंकेचा ६ विकेटनी पराभव करत विजेतेपद मिळवले होते. भारताच्या या विजेतेपदावर श्रीलंकेच्या माजी क्रीडमंत्र्यांनी खळबळजनक आरोप केले होते. त्यानंतर या प्रकरणाची चौकशी करण्याचे आदेश दिलेत.

पुणे: 'हिंदी भाषेला राष्ट्रभाषा म्हणून मान्य करणं म्हणजे राजस्थानी व काही अंशी पंजाबीसारखा आत्मनाश करून घेण्यासारखे आहे. हिंदीला राष्ट्रभाषा म्हणून कदापिही मान्यता देऊ नये. शहाणे लोक व शहाणे राज्यकर्ते ती कधीच देणार नाहीत,' असं परखड मत अखिल भारतीय मराठी साहित्य महामंडळाचे अध्यक्ष कौतिकराव ठाले-पाटील यांनी व्यक्त केलं आहे.

भोपाळ: मध्य प्रदेशात शिवराजसिंह चौहान सरकारच्या मंत्रिमंडळाचा आज गुरुवारी विस्तार करण्यात आला. कार्यकारी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल यांनी २८ आमदारांना मंत्री म्हणून पद आणि गोपनीयतेची शपथ दिली. या विस्तारात २० कॅबिनेट स्तरावरील मंत्री आणि ८ राज्यमंत्री आहेत. या मंत्रिमंडळात ज्योतिरादित्य शिंदे यांच्या गटाला विशेष स्थान मिळाले आहे. शिंद्यांच्या गटातील एकूण १० आमदारांना मंत्री बनवण्यात आले आहे. याचाच अर्थ आजच्या मंत्रिमंडळ विस्तारावर ज्योतिरादित्य शिंदे यांचा दबदबा असल्याचे स्पष्ट झाले आहे. शपथ घेतलेल्या एकूण २८ मंत्र्यांपैकी केवळ चारच चेहरे शिवराजसिंह चौहान यांचे निकटवर्तीय आहेत.

आज शपथ घेणाऱ्या मंत्र्यांमध्ये कमलनाथ सरकारमध्ये विरोधी पक्षनेते असलेले गोपाल भार्गव, विजय शाह, जगदीश देवडा, यशोधराराजे शिंदे, भूपेंद्र सिंह आणि विश्वास सारंग यांचा समावेश आहे. हे सर्व शिवराजसिंह यांचे निकटवर्तीय समजले जातात.

तसेच शिंद्यांच्या गटातून मंत्रिपदाची शपथ घेणाऱ्यामध्ये इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी, महेंद्रसिंह सिसोदिया यांचा समावेश आहे. मध्य प्रदेशचे राज्यपाल लालजी टंडन यांची तब्येत ठीक नसल्याने उत्तर प्रदेशच्या राज्यपाल आनंदीबेन पटेल यांना मध्य प्रदेशच्या राज्यपालपदाचा अतिरिक्त कार्यभार सोपवण्यात आला आहे. त्यांनीच नव्या मंत्र्यांना शपथ दिली.

चेन्नई: तामिळनाडूतील नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशनमध्ये (एनएलसी) बॉयलरमध्ये झालेल्या भीषण स्फोटात एकूण ६ जणांचा मृत्यू झाला आहे, तर या दुर्घटनेत १६ लोक जखमी झाले आहेत. कंपनीच्या बॉयलरमध्ये झालेल्या या स्फोटानंतर एनएलसीच्या अग्निशमन दलाने या आगीवर नियंत्रण मिळवले. या स्फोटानंतर कुड्डालोर जिल्हा प्रशासनाचे एक पथक परिस्थितीचा आढावा घेण्यासाठी घटनास्थळी तातडीने रवाना झाले.

हा स्फोट नेमका कशामुळे झाला याचे कारण समजू शकलेले नाही. तथापि, या स्फोटामागील कारणांचा तपासादरम्यान शोध घेतला जाणार आहे. असे असले तरी, प्राथमिक अहवालानुसार, बॉयलरच्या या स्फोटामुळे एकूण ६ लोकांचा जीव गेला असून यात १६ लोक जखमी झाल्याचे स्पष्ट झाले आहे. या दुर्घटनेतील मृतांचा आकडा वाढण्याची भीती देखील व्यक्त करण्यात येत आहे. अशाच प्रकारचा आणखी एक स्फोट ७ मे या दिवशी नवेली पॉवर प्लांटमध्ये झाला होता. मे महिन्यात झालेल्या या स्फोटात देखील कंपनीतील ५ लोकांनी आपला जीव गमावला होता..

 

श्रीनगर : जम्मू आणि काश्मीरमधून मंगळवारी एका लहानग्याचा फोटो समोर आल्यानंतर अनेकांना धक्का बसला. दहशतवादी आणि सुरक्षा दल यांच्या चकमकी दरम्यान ठार झालेल्या आपल्या आजोबांच्या मृतदेहाजवळ रडणाऱ्या एका चिमुकल्याचा हा फोटो होता. दहशतवाद्यांसोबत चकमक सुरू असताना घटनास्थळी अडकलेल्या एका तीन वर्षांच्या चिमुकल्याला सीआरपीएफच्या जवानांनी सुखरुपरित्या बाहेर काढलं. एका जवानानं मुलाला उचलून सुरक्षित ठिकाणी नेलं. या मुलाचा फोटो आणि व्हिडिओ सोशल मीडियावर व्हायरल झालेला दिसतोय.

एकीकडे यामुळे सुरक्षा दलाचं कौतुक केलं जातंय तर दुसरीकडे जम्मू काश्मीरचे माजी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला यांनी मात्र हे एक 'प्रचाराचं टूल' असल्याचं म्हटलंय.

'या फोटोंतून भारतीय सेनेला हे सिद्ध करायचं की आम्ही चांगले आहोत आणि ते वाईट आहेत' असं म्हणतानाच हा फोटो सोशल मीडियावर न शेअर करण्याचं आवाहनही त्यांनी केलंय.

'काश्मीरमधील खुनी संघर्षात प्रत्येक गोष्ट प्रोपोगंडा टूल बनते. एका तीन वर्षांच्या मुलाचं दु:ख सगळ्या जगभरात प्रसारीत केलं जातं. त्यातून हा संदेश दिला जातो की आम्ही चांगले आहोत आणि ते वाईट. आपण त्याचं दु:ख कॅमेऱ्यात कैद न करताही त्यांची पीडा समजू शकतो. त्यामुळे कृपया हे फोटो शेअर करू नये', असं आवाहन उमर अब्दुल्ला यांनी केलंय.

नवी दिल्ली : अगोदर कोरडा खोकला, ताप इत्यादी करोनाची लक्षणं समजली जात होती. परंतु, त्यात यात तब्बल ११ लक्षणांचा समावेश करण्यात आलाय. उल्लेखनीय म्हणजे, पाठीचं दुखणं हेदेखील करोनाचं लक्षण असू शकतं, असंही समोर येतंय.

ताप, कोरडा खोकला, श्वासोच्छवासास अडथळा, थकवा, शरीरदुखी, डोकं दुखी, स्वाद किंवा गंधाची क्षमता नष्ट होणं आणि घश्यात त्रास अशी एकूण नऊ करोना संक्रमणाची लक्षणं जाहीर करण्यात आली होती. त्यात आता आणखीन तीन लक्षणंही जोडण्यात आली आहेत. अमेरिकन सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) नं या तीन लक्षणांचा करोनाची लक्षणं म्हणून समावेश केलाय. यामध्ये वाहतं नाक, उलटी आणि अतिसार यांचा समावेश आहे.

पाठदुखीही ठरू शकते धोकादायक
उल्लेखनीय म्हणजे, पाठीच्या दुखण्याची तक्रार घेऊन आलेले अनेक लोक टेस्टिंगमध्ये करोना पॉझिटिव्ह आढळले आहेत. जर तुमची कंबर दुखतेय, पोटात दुखतंय किंवा पायाच्या पोटऱ्या दुखत असतील, तर ही करोनाची लक्षणंही असू शकतात, असं मुंबईच्या सीनियर डॉक्टर जलील पारकर यांचं म्हणणं आहे. गेल्या काही दिवसांपासून करोनाच्या रुग्णावर उपचार करत आहेत. त्यांनी आत्तापर्यंत जवळपास २०० रुग्णांवर उपचार केले आहेत. त्यानंतर त्या स्वत: करोना पॉझिटिव्ह आढळल्या. जलील यांच्या म्हणण्यानुसार, पाठीचं दुखणं हे त्यांच्यात आढळलेलं पहिलं लक्षणं होतं.

 

 

बेंगळुरू: कर्नाटकीतील एका मेंढपाळाला करोना विषाणूची लागण झाल्यानंतर त्याच्याकडील एकूण ४७ बकऱ्यांना क्वारंटीन करण्यात आले आहे. ही घटना बेंगळुरूपासून १२७ किमीच्या अंतरावर असलेल्या तुमकुरू जिल्ह्यातील गोडकेरे गावात घडली आहे.

तुमकुरू जिल्ह्याच्या पशुपालन विभागाच्या अधिकाऱ्याने याबाबत माहिती देताना सांगितले की, गौरलहट्टी तालुक्यात सुमारे ३०० घरे आहेत. या गावातील एकूण लोकसंख्या १००० एवढी आहे. या गावात मेंढपाळाव्यतिरिक्त आणखी एका व्यक्तीला करोना विषाणूची लागण झाली आहे. या बरोबरच येथे ४ बकऱ्यांताही संशयित मृत्यू झाला आहे. त्यानंतर गावात भीतीचे वातावरण पसरले आहे. काही बकऱ्यांना श्वास घेण्यास त्रास होत असल्याची माहितीही काही गावकऱ्यांनी दिली आहे.

स्वॅबचे नमुने तपासणीसाठी पाठवले भोपाळला
मंगळवारी जिल्हा पशु विभागाच्या अधिकाऱ्यांनी या गावाला भेट दिली. त्यांनी तेथे पोहोचल्यानंतर बकऱ्यांना गावाच्या बाहेर क्वारंटीन केले. तेथे बकऱ्यांच्या स्वॅबचे नमुने गोळा करण्यात आले. या बकऱ्यांचे गोळा केलेले नमुने तपासणीसाठी भोपाळमधील पशु आरोग्य आणि पशु चिकित्सा संस्थेकडे पाठवण्यात आले आहे, अशी माहिती या वैद्यकीय अधिकाऱ्यांनी दिली.

या प्रकरणावर आपले पू्र्ण लक्ष असल्याचे पशुपालन विभागाचे सचिव पी. मनीवन्नन यांनी माहिती देताना सांगितले. या बरोबरच मृत्यू पावलेल्या बकऱ्यांचे शवविच्छेदनही करण्यात आले आहे. या बकऱ्यांचे नमुने तपासणीसाठी बेंगळुरू येथील इन्स्टिट्यूट ऑफ अॅनिमल हेल्थ अॅण्ड वेटनरी बायलॉजिकल्स (IAHVB) या संस्थेत पाठवण्यात आले आहेत.

राजकोट: गुजरातमधील जुनागढचा दौलतपाडा जीआयडीसी परिसरात सोमवारी संध्याकाळी धक्कादायक घटना घडली. एका ३० वर्षीय महिलेला तिच्या पूर्वाश्रमीच्या प्रियकराने भरबाजारात भोसकले. यात तिचा जागीच मृत्यू झाला. दुसऱ्या व्यक्तीसाठी ती सोडून गेल्याचा राग त्याच्या मनात होता आणि त्याच रागातून त्याने हे भयानक कृत्य केले.

भावना सोनू गोस्वामी असे हत्या झालेल्या महिलेचे नाव आहे. जुनागढच्या दौलतपाडा जीआयडीसी परिसरातील भाजी बाजारात सोमवारी संध्याकाळी अमरेलीच्या लाठी टाऊन परिसरात राहणाऱ्या संजय प्रवीण गोस्वामी याने तिला गाठले. बाजारात गर्दी होती. त्याने भावनाला चाकूने भोसकले. तिच्या पोटात १० वेळा चाकू भोसकला. भावना रक्ताच्या थारोळ्यात रस्त्यावर पडली होती. दुसऱ्या व्यक्तीसाठी ती सोडून गेल्याचा रागातून त्याने भावनाची हत्या केली.

भावनाला चाकूने भोसकल्यानंतर ती रक्ताच्या थारोळ्यात रस्त्यावर निपचित पडली होती. तिचा जागीच मृत्यू झाला होता. पोलीस येईपर्यंत तो तिच्या मृतदेहाजवळ बसून राहिला होता. पोलीस आल्यानंतर त्यांनी संजयला अटक केली.

या प्रकरणी भावनाचा भाऊ भरत शेख याने जुनागढ अ विभाग पोलीस ठाण्यात तक्रार दाखल केली. त्यानुसार, संजय आणि भावना यांची २०१२-१३ मध्ये ओळख झाली होती. त्यानंतर ते रिलेशनशिपमध्ये होते. त्यांनी लग्न केल्याचे समजले होते. त्यानंतर दोघेही लाठीमध्ये राहायला गेले. दीड वर्षापूर्वी भावनाने त्याला घटस्फोट दिला आणि ती बागसरामध्ये आपल्या पालकांकडे राहायला आली. पुन्हा एकत्र राहण्यासाठी संजय तिच्यावर दबाव टाकत होता. मात्र, तिला ते मान्य नव्हतं. तिने संजयकडे राहायला जाण्यास नकार दिला.
 

नवी दिल्ली: पतंजली आयुर्वेदचे योगगुरू बाबा रामदेव यांनी कोरोनिल औषधावरून देशभरात सुरू झालेल्या चर्चेला पूर्णविराम देत विरोधकांवर निशाणा साधला आहे. ज्या प्रमाणे देशद्रोह्यांवर तसेच दहशतवाद्यांच्या विरोधात तक्रारी, प्रकरणे दाखल केली जातात, तशा प्रकारे माझ्यावर देशरात एफआयआर दाखल करण्यात आले. काही लोकांनी देशात घाणेरडे वातावरण बनवण्याचे काम सुरू केले आहेत, असा हल्लाबोल करत आम्ही तयार केलेल्या औषधाती रितसर परवानगी घेऊन आणि शास्त्रीय मापदंडांचे पालन करूनच संशोधन आणि निर्मिती केल्याचे बाबा रामदेव यांनी स्पष्ट केले. पत्रकार परिषद आयोजित करून त्यांनी ही माहिती दिली.

स्वामी रामदेव आणि आचार्य बालकृष्ण आम्ही गेली ३५ वर्षे आमची सेवा देत आहोत. एका सामान्य अशिक्षित आई-वडिलांच्या घरी जन्माला येऊन आचार्य बालकृष्ण येथपर्यंत आले आहेत. माझ्यावर आक्षेप असेल तर मला शिव्या द्या. मी शिव्या खातच आलो आहोत. मात्र जे करोनाने पीडित आहेत त्यांच्याबाबत सहानुभूती बाळगा. गेल्या ३ दशकांमध्ये भारतातील आम्ही १० ते २० कोटी आणि जगभरातील कोट्यवधी लोकांना योग आणि आयुर्वेदाद्वारे मदत केली आहे. आम्ही कोणता गुन्हा केला?, आम्ही जगातील कोट्यवधी लोकांना जीवन दिले आहे, असे बाबा रामदेव म्हणाले.

'आयुष मंत्रालय म्हणते पतंजलीचे काम चांगले'
पतंजलीने कोविड-१९ च्या व्यवस्थापनासाठी योग्य काम केले आहे असे आयुष मंत्रालयाने म्हटले आहे. पतंजलीने योग्य दिशेने काम करणे सुरू केले याची प्रशंसा करा असे मी म्हणत नाही आम्हाला सत्काराची चाड नाही. मात्र बदनामीही करू नका. आमच्या या औषधामुळे केवळ ७ दिवसात करोनाचे १०० टक्के रुग्ण बरे झाले. याचा संपूर्ण डेटा आम्ही आयुष मंत्रालयाला पाठवले आहेत. या चाचण्यांदरम्यान सर्वात मोठा धोका आमच्या फुफ्फुसांना असतो. एक विषाणू आत गेल्यावर आपला संसर्ग कसा पसरवतो हे पाहा. तो आपल्यासारखे हजारो लाखो विषाणू तयार करतो. हे औषध सरकारने बनवलेल्या नियमांच्या अधीन राहूनच या औषधावर आम्ही संशोधन केले आहे. क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायलचे संपूर्ण संशोधन आम्ही आयुष मंत्रालयाला दिलेले आहेत. आमच्याकडे ५०० शास्त्रज्ञ संशोधन करत असल्याचेही बाबा रामदेव म्हणाले.

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेशच्या बुलंदशहर जिल्ह्यात एक धक्कादायक घटना घडली आहे. जेवण उधळले म्हणून राग अनावर झाल्याने मानसिक संतुलन ढासळलेल्या २० वर्षीय भावाने आपल्या अवघ्या सहा वर्षांच्या बहिणीची ठोसे मारून हत्या केली. मुलीचा मृतदेह गावाबाहेरील एका शेतात आढळून आला. आरोपीला पोलिसांनी सोमवारी अटक केली.

मिळालेल्या माहितीनुसार, आरोपी गौरव प्रजापती हा गेंदपूर-शेखपूरमध्ये राहतो. त्याचे जेवण उधळले म्हणून तो सहा वर्षांच्या बहिणीवर नाराज होता. रविवारी सकाळी साधारण ११ वाजता गौरव आपल्या लहान भाऊ सौरव (वय ११), बिट्टू (७.५ वर्षे) आणि सहा वर्षीय बहिणीसोबत रानात खजूर खाण्यासाठी गेला. काही वेळानंतर त्याने भावंडांना घरी जाण्यास सांगितले. त्यांची घरी परतण्याची इच्छा नव्हती. मात्र, गौरवने त्यांना धमकावले. त्यामुळे ते घरी निघून गेले.

त्यानंतर गौरवने लहान बहिणीच्या चेहऱ्यावर ठोसे मारून तिला जखमी केले. दुपारी अडीच वाजताच्या सुमारास ही घटना घडली. ठोसे मारल्याने बहिणीचा जागीच मृत्यू झाला. काही ग्रामस्थांना गावाबाहेरील शेतात तिचा मृतदेह आढळून आला. मुलीच्या वडिलांनी पोलिसांत तक्रार दाखल केली. आरोपीविरोधात एफआयआर दाखल करण्यात आला असून, त्याला ताब्यात घेण्यात आले आहे. या घटनेचा पुढील तपास पोलीस करत आहेत.

अनंतनाग: जम्मू आणि काश्मीर राज्यातील अनंतनाग जिल्ह्यातील वाघमा भागात सुरक्षा दलांनी केलेल्या संयुक्त कारवाईत २ दहशतवादी ठार गेले आहेत. या भागात काही दहशतवादी लपले असल्याची माहिती सुरक्षा दलांना मिळाल्यानंतर सुरक्षा दलांनी या भागात शोधमोहीम हाती घेतली. ठार करण्यात आलेल्या दहशतवाद्यांपैकी एकाने सुरक्षा दलाचा जवान आणि एका मुलाला मारले होते. या पूर्वी सोमवारी सुरक्षा दले आणि जम्मू आणि काश्मीर पोलिसांच्या संयुक्त कारवाईत अनंतनागमधील खुलचोहर भागात ३ दहशतवाद्यांना ठार केले होते. त्यानंतर डोडा जिल्हा दहशतवाद मुक्त झाल्याचे घोषित करण्यात आले.

३० दिवसांमध्ये १८ चकमकी आणि ५१ दहशतवादी ठार
गेल्या महिन्याभराच्या काळात जम्मू आणि काश्मीरमधील विविध भागांमध्ये सुरक्षादले आणि दहशतवाद्यांमध्ये १८ चकमकी झाल्या. यात एकूण ५१ दहशतवादी मारले गेले. १ जून या दिवशी नौशेरा भागात ३, २ जूनला पुलवाम्यातील त्राल भागात २, ३ जूनला पुलवाम्यातील कंगन भागात ३, ५ जूनला राजौरीच्या कालाकोट भागात १, ७ जूनला शोपियानच्या रेबन भागात ५, ८ जूनला शोपियानच्या पिंजोरा भागात ४, १० जूनला शोपियानच्या सुगू भागात ५, १३ जूनला कुलगामच्या निपोरा भागात २, १६ जूनला शोपियानच्या तुर्कवंगम भागात ३, १८ आणि १९ जूनला अवंतीपोरा आणि शोपियानमध्ये ८, २१ जूनला शोपियान येथे ३, २३ जूनला पुलवाम्याच्या बंदजू येथे २, २५ जूनला बारामुल्लाच्या सोपोर येथे २, २५ आणि २६ जूनला पुलवाम्याच्या त्राल येथे ३, २९ जूनला अनंतनागच्या खुलचोहर येथे ३ आणि आज ३० जूनला अनंतनागच्या वाघमा येथे २ दहशतवादी ठार झाले. या प्रमाणे एकूण महिन्याभराच्या काळात एकूण ५१ दहशतवाद्यांचा खात्मा करण्यात आला आहे.
 

सोनीपत: हरयाणाच्या सोनीपतमध्ये एका टिकटॉक TikTok स्टार शिवानीची गळा दाबून हत्या करण्यात आल्याची घटना घडली आहे. शिवानीचा मृतदेह दोन दिवसांनी तिच्या ब्युटी पार्लरमधील बॉक्स बेडमध्ये आढळून आला. कुंडली येथे राहणाऱ्या आरिफवर तिच्या हत्येचा आरोप आहे. पोलिसांनी तिचा मृतदेह ताब्यात घेतला असून, विच्छेदनासाठी पाठवला आहे.

मिळालेल्या माहितीनुसार, शिवानीच्या बहिणीच्या मित्राने ब्युटी पार्लरमधील बॉक्स बेड उघडल्यानंतर तिचा मृतदेह आढळून आला. त्यानंतर त्याने कुटुंबीयांना कळवले. त्यांनी याबाबत पोलिसांनाही माहिती दिली. शिवानी ही खोबियान कुंडलीमध्ये पार्लर चालवायची. टिकटॉकवर तिचे एक लाखांहून अधिक फॉलोअर्स आहेत. कुंडलीतच राहणाऱ्या आरिफने तिची हत्या केल्याचा संशय पोलिसांना होता. कारण तो घटनेनंतर बेपत्ता झाला होता.

पोलिसांनी तपास केला असता, आरिफ २६ जून रोजी शिवानीच्या ब्युटी पार्लरला आला होता. शिवानीने याबाबत आपली बहीण श्वेता हिला सांगितले होते. जेव्हा शिवानी रात्री उशिरापर्यंत घरी परतली नाही, तेव्हा श्वेताने तिला व्हॉट्सअॅप मेसेज केला. त्यावर मी हरिद्वारमध्ये आहे, तीन-चार दिवसांनी परत येईल, असा रिप्लाय तिला मिळाला. मारेकरी शिवानीचा फोन घेऊन गेला होता आणि त्यावरूनच तो शिवानीला रिप्लाय देत होता, असे लक्षात आले.

जम्मू : जम्मू काश्मीरच्या कटरा भागात मंगळवारी सकाळी पुन्हा एकदा भूकंपाचं हादरे जाणवले. या भूकंपाची तीव्रता ४.० रिश्टर स्केलवर मोजण्यात आली. सकाळी लोक गाढ निद्रेत असताना अचानक आलेल्या या भूकंपानं रहिवाशांचा थरकाप उडवला. जीव वाचवण्यासाठी लोक आपल्या घराच्या बाहेर धावत आले. सकाळी जवळपास ८ वाजून ५६ मिनिटांनी हा भूकंपाचा हादरा बसला. भूकंपाचा केंद्रबिंदू कटरापासून पूर्वेत जवळपास ८४ किलोमीटर दूर होता. 'नॅशनल सेंटर फॉर सिस्मलॉजी'च्या म्हणण्यानुसार, भूकंपाचं केंद्र जमिनीपासून जवळपास १० किलोमीटर खोलवर होता.

'भारतीय मानक ब्यरो'नं वेगवेगळ्या एजन्सीकडून प्राप्त झालेल्या वैज्ञानिक माहितीच्या आधारे संपूर्ण भारताला चार भूकंपीय झोनमध्ये विभागलं आहे. यामध्ये सर्वात धोकादायक 'झोन ५' असल्याचं सांगितलं जातं. वैज्ञानिकांच्या माहितीनुसार, या क्षेत्रात ९ रिश्टर स्केल तीव्रतेचा भूकंपाचा धक्का बसू शकतो.

'झोन ५'मध्ये संपूर्ण ईशान्य भारत, जम्मू काश्मीरचा काही भाग, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरातचं कच्छ, उत्तर बिहारचा काही भाग आणि अंदमान निकोबार बेटांचा समूह यांचा समावेश होतो. या क्षेत्रात अनेकदा भूकंपाचे धक्के जाणवत राहतात.

हरिद्वार: करोनिल औषधाच्या मुद्द्यावर पतंजली आयुर्वेदने आता यू-टर्न घेतला आहे. आम्ही कोणत्याही प्रकारचे करोनावरी औषध तयार केलेले नाही, असे उत्तराखंड आयुष विभागाने धाडलेल्या नोटिशीला उत्तर देताना पतंजली आयुर्वेदने स्पष्ट केले आहे. काही दिवसांपूर्वी योगगुरू बाबा रामदेव आणि आचार्य बालकृष्ण यांच्या उपस्थितीत कोरोनिल औषधाचे लॉन्चिंग करण्यात आले होते.

आयुष मंत्रालयाची नोटीस मिळाल्यानंतर करोनावरील औषध बनवण्याचा दावा करणाऱ्या पतंजली आयुर्वेदने आम्ही करोनावर औषध बनवले आहे असा दावा केला नसल्याचे म्हटले आहे. आम्ही कधीही करोनावर औषध बनवल्याचा दावा केलेला नसून आम्ही बनवलेल्या औषधामुळे करोनाचे रुग्ण बरे झाले आहेत, असे आमचे म्हणणे असल्याचे पतंजली आयुर्वेदने उत्तराखंडच्या आयुष मंत्रालयाच्या नोटिशीला उत्तर देताना म्हटले आहे.

नवी दिल्ली: मोटार अपघात प्रकरणी सुप्रीम कोर्टात अतिशय महत्त्वाचा निर्णय दिला आहे. अपघाती मृत्यू झालेल्या व्यक्तीच्या विद्यमान कमाईत भविष्यातील संभाव्य संपूर्ण कमाई जोडूनच नुकसान भरपाई दिली जावी असे स्पष्ट आदेश सुप्रीम कोर्टाने दिले आहेत. अपघातात मृत्यू पावलेल्या उत्तराखंडातील पीडित कुटुंबीयांनी दाखल केलेल्या याचिकेवर सुप्रीम कोर्टाने हा महत्त्वाचा निर्णय दिला आहे. हा निर्णय देताना नुकसानभरपाईच्या रकमते सुप्रीम कोर्टाने वाढ केली आहे. या अपघाताला जबाबदार असलेल्या वाहनाची विमा कंपनीनी ही वाढलेली १७ लाख ५० हजार रुपये इतक्या नुकसान भरपाईची रक्कम द्यावी. या बरोबर या रकमेवर साडे सात टक्के व्याजही दिले जावे, असा आदेशही सुप्रीम कोर्टाने दिला आहे. विशेषाधिकाराचा प्रयोग करत नुकसान भरपाईची रक्कम वाढवल्याशिवाय पीडितांना संपूर्ण न्याय मिळणार नाही असेही सुप्रीम कोर्टाने म्हटले आहे.

'हायकोर्टाने शेवटच्या रिटर्नवरील मिळकतीचा विचार न करण्याची केली चूक'
उत्तराखंड हायकोर्टाने मृत्यू पावलेल्या व्यक्तीच्या शेवटी भरलेल्या आयकर परताव्याचा विचार न करून चूक केली आहे. मृत्यू पावलेल्या व्यक्तीने हा परतावा मृत्युपूर्वी दाखल केला होता. यात त्याने आपली मिळकत वार्षिक १ लाख रूपये असल्याचे सांगितले आहे. हायकोर्टाने त्यापूर्वीच्या तीन मिळकत पराव्याचा सरासरी ५२६३५ रुपये इतकी वार्षिक मिळकत असल्याचे मानले. ही हायकोर्टाची चूक असल्याचे सुप्रीम कोर्टाने म्हटले आहे. तर कनिष्ठ न्यायालयाने आयकर परतावा २००६-०७ ची मिळकत ९८५०० असल्याचे मान्य केले होते. मात्र त्यात भविष्यातील मिळकत जोडली नव्हती.

 

कराची: कराचीतील शेअर बाजारात दहशतवादी हल्ला झाला असल्याचे समोर आले आहे. या हल्ल्यात पाच जण ठार झाले असल्याचे प्राथमिक वृत्त आहे. यामध्ये चार दहशतवादी ठार झाले असल्याची माहिती स्थानिक माध्यमांनी दिली आहे. दहशतवादी हल्ला झाल्याचे समोर आल्यानंतर सुरक्षा दलाने शेअर बाजार इमारतीला घेरले आहे. शेअर बाजार इमारतीमधील नागरिकांना बाहेर काढण्याचे प्रयत्न सुरू आहेत. या दहशतवादी हल्ल्यातील मृतांची संख्या वाढण्याची भीती व्यक्त केली जात आहे. या दहशतवादी हल्ल्यात सात जण जखमी झाले असल्याची माहिती आहे.

पुणे: पुण्याहून मुंबईत येत असताना राष्ट्रवादी काँग्रेसचे अध्यक्ष शरद पवार यांच्या ताफ्यातील गाडी अचानक पलटल्याने झालेल्या अपघातात एक पोलीस जखमी झाला आहे. हा अपघात अत्यंत किरकोळ होता. अपघातात एका पोलिसाला मार लागला आहे.

मुंबई : देशभरात पेट्रोल आणि डिझेलच्या किमती कमी होण्याची चिन्हे दिसत नाही. रविवारी एक दिवस इंधन दरवाढीला ब्रेक लागला होता. मात्र आज पुन्हा सोमवारी पेट्रोलियम कंपन्यांनी पेट्रोल आणि डिझेलचे दर वाढवले आहे. इंधन दरवाढीविरोधात आज काँग्रेस आणि इतर विरोधी पक्षांकडून आंदोलन करण्यात येणार आहे.

श्रीनगर: जम्मू आणि काश्मीरमधील अनंतनाग जिल्ह्यात आज सोमवारी सकाळी सुरक्षा दले आणि दहशतवाद्यांमध्ये झालेल्या चकमकीत ३ दहशतवादी ठार झाले आहेत. ठार करण्यात आलेल्या या दहशतवाद्यांकडून सुरक्षा दलांनी एक एके रायफल आणि दोन पिस्तुली हस्तगत केल्या आहेत. हे दहशतवादी नेमक्या कोणत्या दहशतवादी संघटनेचे आहेत हे अद्याप कळू शकलेले नाही. सुरक्षा दलांनी अनंतनागमधील खुलचोहर या परिसराला घेराव घातला असून दहशतवाद्याविरोधातील शोध मोहीम सुरू आहे.

भोपाळ: आपल्या वादग्रस्त वक्तव्यांसाठी प्रसिद्ध असलेल्या भारतीय जनता पक्षाच्या भोपाळच्या खासदार प्रज्ञा सिंह ठाकूर यांनी नाव न घेता राहुल गांधीवर वादग्रस्त वक्तव्य करत नव्या वादाला तोंड फोडले आहे. परदेशी महिलेच्या गर्भातून जन्मलेली व्यक्ती कधीही देशभक्त होऊ शकणार नाही, असे वक्तव्य खासदार प्रज्ञासिंह ठाकूर यांनी केले आहे.

'परदेशी महिलेच्या गर्भातून जन्मलेली व्यक्ती देशभक्त असू शकत नाही'
काँग्रेस पक्षाला आपल्या आत डोकावून पाहण्याची गरज आहे. त्यांच्या पक्षात ना कुणाला बोलण्याची सभ्यता आहे, ना संस्कार आहेत ना देशभक्ती आहे. मी तर म्हणते दोन-दोन देशांची सदस्यता घेतल्यानंतर देशभक्ती येणार कुठून?, असे प्रज्ञासिंह ठाकूर म्हणाल्या. ठाकूर यांनी चाणक्यच्या वाक्याचा आधार घेत पुढे म्हटले की, 'या भूमीचा पुत्रच या देशाचे रक्षण करू शकतो असे चाणक्याने म्हटले आहे. परदेशी महिलेच्या गर्भातून जन्मलेली व्यक्ती देशभक्त होऊ शकत नाही.'

मेरठ: मेरठचे टी. पी. नगर शनिवारी रात्री मध्यरात्री हादरून गेले. एका तरूणासह त्याचे साथीदार मध्यरात्री लग्नघरात घुसले आणि त्यांनी बेछुट गोळीबार केला. यात १९ वर्षीय तरुणी आणि तिचे वडील ठार झाले. या तरुणीचे दोन दिवसांनी लग्न होणार होते. तरुणीचा भाऊ या गोळीबारात गंभीर जखमी झाला आहे. आंचल आणि राजकुमार अशी मृतांची नावे आहेत. दरम्यान एकतर्फी प्रेमातून हे हत्याकांड घडल्याची शक्यता व्यक्त केली जात आहे.

टीपी नगरमधील शिवपुरम कॉलनीत शनिवारी मध्यरात्रीच्या सुमारास ही घटना घडली. एकतर्फी प्रेमातून माथेफिरू तरुणाने लग्नाच्या दोन दिवस आधी तरुणी, तिचा भाऊ आणि वडिलांवर गोळ्या झाडल्या. तरुणीचा जागीच मृत्यू झाला, तर वडिलांनी रुग्णालयात प्राण सोडले. तर तरुणीचा भाऊ गंभीर जखमी असून, जिवाचा धोका टळला आहे, असे सांगितले जात आहे.

या माथेफिरू तरुणाचं तरुणीवर एकतर्फी प्रेम होतं. या तरुणीचं लग्न ठरलं होतं. दोन दिवसांनी तिचं लग्न होणार होतं. याच रागातून तरुणाने शनिवारी रात्री उशिरा तिच्या घरात घुसून गोळीबार केला.

राजकुमार यांच्या मुलीचं दोन दिवसांनी लग्न होतं. आज, २९ जूनला वरात घरी येणार होती. शेजारी राहणारा सागर या तरुणीवर एकतर्फी प्रेम करत होता. मात्र, या तरुणीचं दुसऱ्या मुलाशी लग्न ठरलं होतं. सागरने शनिवारी आपल्या दोन मावस भावांना घरी बोलावून घेतले होते. पोलिसांच्या माहितीनुसार, सागर आणि त्याचे मावस भाऊ राजकुमार यांच्या घरी धडकले. त्यांनी तरुणीसह भाऊ आणि वडिलांवर बेछुट गोळीबार केला. तरुणीचा जागीच मृत्यू झाला, तर राजकुमार यांचा रुग्णालयात मृत्यू झाला. तिचा भाऊ गंभीर जखमी झाला आहे. या घटनेनंतर परिसरात खळबळ माजली. गोळीबाराच्या आवाजानंतर शेजारचे लोक घटनास्थळी धावून आले. त्यांनी आरोपींना पकडण्याआधीच हवेत गोळीबार करून ते पसार झाले. या घटनेची माहिती पोलिसांना मिळताच, ते घटनास्थळी पोहोचले. पोलिसांनी आरोपीच्या घरी जाऊन शोधले, मात्र ते फरार झाले होते.

जम्मू : जम्मू काश्मीरमध्ये दहशतवाद मुळातून नष्ट करण्याचे प्रयत्न सुरू आहेत. ऑपरेशन ऑलआऊट अंतर्गत एका एका दहशतवाद्यांना टिपलं जातंय. काश्मीर खोऱ्यात 'दहशतवादीचा गड' म्हणून ओळखला जाणारा त्राल हा भाग दहशतवादमुक्त करण्यात आल्यानंतर आता जम्मूच्या डोडा जिल्ह्यातही सुरक्षा दलाला मोठं यश मिळालंय. जम्मू काश्मीरचे पोलीस महासंचालक (DGP) दिलबाग सिंह यांनी जम्मू झोनमधील डोडा जिल्ह्याची दहशतवाद्यांच्या तावडीतून सुटका झाल्याचं जाहीर केलंय.

डोडाची अखेर सुटका!

पोलीस महासंचालक दिलबाग सिंह यांच्या म्हणण्यानुसार, अनंतनागच्या खुल चोहार भागात पोलीस आणि लोकल राष्ट्रीय रायफल्स युनिटसोबत झालेल्या चकमकीत लष्कर ए तोयबाच्या दोन दहशतवाद्यांना कंठस्नान घालण्यात आलं. यामध्ये एक लष्कर ए तोयबाचा जिल्हा कमांडर होता. या चकमकीत हिजबुल मुजाहिद्दीनचा कमांडर मसूद यालाही ठार करण्यात आलं. यासोबतच जम्मू झोनमधील डोडा जिल्ह्याची दहशतवाद्यांच्या तावडीतून सुटका झालीय.

नवी दिल्ली : चीनच्या पिपल्स लिबरेशन आर्मीचे सैनिक प्रत्यक्ष नियंत्रण रेषेवर गस्त घालताना त्यांच्या बॅकपॅकमध्ये लोखंडी रॉड ठेवत असल्याचं दिसून आलं आहे. चीनच्या सैनिकांकडून वारंवार दोन्ही देशातील करारांचं उल्लंघन केलं जात आहे आणि काही चूक झाल्यास भारतावरच आरोप केला जातो, असं जाणकार सांगतात. सूत्रांच्या माहितीनुसार, भारत आणि चीनचे सैनिक आमनेसामने असतात तेव्हाही चीनच्या सैनिकांकडे लोखंडी रॉड असतात. गेल्या आठवड्यातच अरुणाचल प्रदेशात हे दिसून आलं होतं.

पीएलए सैनिक तयारीनिशीच येतात आणि दररोज नियम मोडतात. पण एखाद्या चकमकीत ते जखमी झाले की भारतावर नियम तोडल्याची ओरड करतात, असं सूत्रांनी सांगितलं. भारताने यापूर्वीच चीनला गलवना खोऱ्यातील पूर्वनियोजित हल्ल्याबद्दल सुनावलं होतं. या हल्ल्यात चीनच्या सैनिकांकडे काटेरी रॉड आणि दगड होते. एलएसीवर दोन्ही देशाचे सैनिक शस्त्र बाळगत नाहीत. त्यामुळे भारतीय सैनिकांकडे त्यावेळी शस्त्र नव्हती.

चेन्नई : तामिळनाडूच्या तुतीकोरीनमध्ये पोलिसांच्या ताब्यात असणाऱ्या पिता-पुत्राच्या मृत्यूनंतर पोलिसांना या मृत्यूसाठी जबाबदार धरलं जातंय. या प्रकरणामुळे राजकारणही ढवळून निघालंय. काँग्रेस नेते राहुल गांधी यांनीही सोशल मीडियावरून या प्रकरणात दु:ख व्यक्त केलंय.

लॉकडाऊनमध्ये दुकानं सुरू ठेवलं म्हणून...
मिळालेल्या माहितीनुसार, जयराज (५९ वर्ष) आणि त्यांचा मुलगा फेनिक्स (३१ वर्ष) यांनी पोलिसांनी १९ जून रोजी ताब्यात घेतलं होतं. लॉकडाऊन दरम्यान मोबाईल एक्सेसरीजचं दुकानं सुरू ठेवण्यासाठी त्यांना ताब्यात घेण्यात आलं होतं. फेनिक्स याचा सोमवारी कोविलपट्टी जनरल हॉस्पीटलमध्ये मृत्यू झाला तर त्याच्या वडिलांचं मंगळवारी सकाळी निधन झालं. पोलिसांच्या ताब्यात असताना त्यांच्यावर करण्यात आलेल्या अत्याचारामुळे दोघांचाही मृत्यू झाल्याचा आरोप मृतांच्या कुटुंबीयांनी केला. मृतदेहाचं शवविच्छेदन तिरुनेलवेलीच्या सरकारी रुग्णालयात करण्यात आलं.

न्यायालयानं घेतली दखल
पीडित कुटुंबानं दोषी पोलीस कर्मचाऱ्यांविरोधात हत्येचा गुन्हा दाखल करण्याची मागणी केलीय. तुतीकोरीनचं जिल्हाधिकारी संदीप नंदूर यांनी दिलेल्या माहितीनुसार, पोलीस अत्याचाराची तक्रार मिळाली असून प्रकरणाच्या न्यायालयीन चौकशीचे आदेश देण्यात आले आहेत.

तसंच मद्रास उच्च न्यायालयाच्या मदुराई पीठानंही या प्रकरणाची दखल घेतलीय. न्यायालयानं तुतीकोरीन पोलीस अधिक्षकांकडे घटनेच्या रिपोर्टची मागणी केलीय.

पणजी : गोव्याचे मुख्यमंत्री आणि भाजप नेते प्रमोद सावंत यांनी राज्यात करोना व्हायरसचा समूह संसर्ग सुरू झाल्याचं मान्य केलंय. राज्याच्या प्रत्येक भागातून करोना संक्रमणाचे रुग्ण समोर येत असल्याचं त्यांनी म्हटलंय.

आरोग्य अधिकाऱ्यांनी दिलेल्या माहितीनुसार, गोव्यात शुक्रवारी कोविड १९ संक्रमित नवीन ४४ रुग्ण आढळले आहे. यामुळे राज्यातील करोनाबाधितांचा एकूण आकडा १,०३९ वर पोहचलाय. यातील ६६७ रुग्णांवर उपचार सुरू आहेत. राज्यात आत्तापर्यंत ३७० जणांवर उपचार यशस्वी ठरलेत तर दोन जणांचा मृत्यू झाला आहे.

आपल्याला ही गोष्ट मान्य करावी लागेल की राज्यात करोनाचा समूह संसर्ग सुरू झालाय. परंतु, संक्रमणाचा ठावठिकाणी केवळ काही भागांतून लागतोय, असं मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत यांनी पत्रकारांशी बोलताना म्हटलंय.

आपल्याकडे संपूर्ण गोव्यातून करोना संक्रमित रुग्ण समोर येत आहेत. सध्या, जेव्हा संपूर्ण राज्यात ट्रान्समिशन होतं तेव्हा ते एका रुग्णातून दुसऱ्या रुग्णापर्यंत फैलावत जातं. आपल्याला हा समूह संसर्ग आहे हे सांगावं लागेल. आपल्याला हे स्वीकार करावं लागेल, असंही त्यांनी काळजीच्या सुरात म्हटलं.

गुवाहाटीः भारतासीठी शेजारी देश रोज नवी समस्या उभी करत आहेत. पूर्व लडाखमध्ये चीन सीमेवर तणाव असताना नेपाळने नव्या नकाशा मंजुरी देऊन भारतासोबतचा सीमावाद वाढवला आहे. पाकिस्तान, चीन, आणि नेपाळ या तीन आघाड्यावर भारताचा सामना सुरू आहे. आता भूतानने भारताला झटका दिला आहे. भारत-भूतान संबंध कायम चांगेल राहिले आहेत. पण भूतानने आता आसामच्या बक्सा जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांचे पाणी रोखले आहे.

भूतानच्या खोडसाळपणामुळे बक्सामधील शेतकरी वैतागले आहेत. शेतकरी रस्त्यावर उतरून आंदोलनही करत आहेत. बक्सा जिल्ह्यातील २६ हून अधिक गावांमध्ये किमान ६ हजार शेतकऱ्यांची शेती या पाण्यावर अवलंबून आहे. १९५३ पासून स्थानिक शेतकरी भूतानमधून येणाऱ्या नद्यांच्या पाण्यावर भात शेती करत आहेत.

सरकारने तोडगा काढावा, शेतकऱ्यांची मागणी
गेल्या दोन-तीन दिवसांपासून बक्साचे शेतकरी आणि स्थानिक संघटना याविरोधा आंदोलन करत आहेत. आंदोलन करणाऱ्या शेतकऱ्यांनी सोमवारी रोंगिया-भूतान हा रस्ता रोखून आंदोलन केलं. केंद्र सरकारने या मुद्द्यावर भूतानशी चर्चा करावी आणि तोडगा काढावा, अशी मागणी शेतकऱ्यांनी केलीय.
 

नवी दिल्ली: एकीकडे चीन भारतासोबत चर्चा करून समस्या सोडवण्याचा प्रयत्न करत असल्याचे सांगत असला तरी दुसरीकडे मात्र चीनी सैन्य करत असलेल्या वेगवेगळ्या कारवायांमुळे तणाव वाढत चालला आहे. भारताला पेट्रोल पॉइंट १४ (पीपी-१४) पर्यंत पोहोचणे कठीण व्हावे या दृष्टीने चीन चाली खेळत आहे. तर दुसरीकडे पूर्व लडाखमधील गावकऱ्यांनीही चीन खेळत असलेल्या या चालींबाबत माहिती दिली आहे. पँगाँग सरोवराजवळ चीनचे बांधकाम तीव्र गतीने सुरू असल्याचे गावकऱ्याचे म्हणणे आहे.

या बाबत मिळालेल्या माहितीनुसार, गलवान खोऱ्यात चीन करत असलेल्या बांधकामामुळे भारतीय सेनेला अनेक अडणींचा सामना करावा लागणार आहे. चीनने हे नवे बांधकाम गलवान आणि श्योक नदीच्या संगमावर केले आहे.

पीपी-१४ पर्यंतचा रस्ता केला ब्लॉक
चीनने हे बांधकाम अतिशय जलदगतीने केले आहे. या बांधकामांमध्ये सैनिकांसाठी राहण्याची व्यवस्था आणि इतर बांधकामांचा समावेश आहे. येथून पीपी-१४ पर्यंत पायी रस्ता जातो. या मोार्गावर अनेक दशकांपासून भारतीय सैनिक गस्त घालत आले आहेत. हा एक किमीचा रस्ता वापरणे चीनी सैनिकांना कठीण जाऊ नये यासाठी चीन हे बांधकाम करत असल्याचे स्पष्ट होत आहे. भारत आणि चीन दरम्यान अनेक ठिकाणांवरून आपले सैन्य मागे घेत असताना आता मात्र वाय नाल्याजवळ चीनी सैन्य बांधकाम करत आहे.

श्रीनगर: जम्मू आणि काश्मीरमधील अनंतनाग जिल्ह्यातील बिजबेहरा येथे दहशतवाद्यांनी केंद्रीय राखीव पोलिस दलाच्या (सीआरपीएफ) तुकडीवर हल्ला केला आहे. या हल्ल्यात सीआरपीएफचा एक जवान शहीद झाला असून तीन जवान जखमी झाले आहेत. तर या हल्ल्यात एका स्थानिक मुलाचा मृत्यू झाल्याचे वृत्त आहे. ही माहिती सीआरपीएफने दिली आहे.

दक्षिण काश्मीच्या बिजबेहरा भागात आज शुक्रवारी दहशतवाद्यांनी सुरक्षादलांना आपले लक्ष्य करत हल्ला केला. सुरक्षा दले आणि दहशतवाद्यांमध्ये बिजबेहरा येथे चकमक सुरू झाली आहे. या हल्ल्यानंतर सुरक्षा दलांनी संपूर्ण परिसर सील केला आहे. या भागात लपलेल्या सर्व दहशतवाद्यांना हुडकून काढण्याचे काम सुरक्षादलांनी हाती घेतले आहे. सध्या बिजबेहरा येथे चकमक सुरू असून सुरक्षा दलाचे जवान देखील दहशतवाद्यांना लक्ष्य करत आहेत.

हा दहशतवादी हल्ला होण्यापूर्वी त्रालमध्ये झालेल्या सुरक्षादले आणि दहशतवाद्यांमधील चकमकीत ३ दहशतवादी ठार झाले आहेत. ही चकमक गुरुवारी रात्रीपासून सुरू झाली होती. या चकमकीनंतर २ दहशतवाद्यांचे शव सुरक्षादलांनी ताब्यात घेतली आहे. तर तिसऱ्या दहशतवाद्याच्या मृतदेह शोधण्याचे काम सुरू आहे.

 

नवी दिल्ली: पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या हस्ते आज उत्तर प्रदेश सरकारच्या आत्मनिर्भर यूपी रोजगार अभियानाची सुरुवात झाली. या कार्यक्रमाच्या व्हिडिओ कॉन्फरन्सिंगद्वारे केलेल्या उद्घाटनानंतर पंतप्रधान मोदी यांनी काँग्रेसवर निशाणा साधण्याची संधी सोडली नाही. या वेळी बोलताना त्यांनी नाव न घेता भारताचे पहिले पंतप्रधान पंडित जवाहरलाल नेहरू यांच्यावर अप्रत्यक्षपणे टीकास्त्र सोडले.

पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी उत्तर प्रदेशने करोनाच्या काळात केलेल्या कामगिरीचीची प्रशंसा करत असताना सन १९५४ साली कुंभमेळ्यात झालेल्या चेंगराचेंगरीचा उल्लेख केला. परिस्थिती व्यवस्थित न हाताळली गेल्याने त्यांनी यावेळी अप्रत्यक्षपणे पंडित नेहरूंवर निशाणा साधला. पंतप्रधान मोदी आपल्या संबोधनात म्हणाले, ' एक तो दिवस होता ज्या दिवशी अलाहाबादचे खासदार देशाचे पंतप्रधान होते आणि कुंभमेळ्यात चेंगराचेंगरी झाली. त्यावेळी हजारो लोकांचे बळी गेले होते. त्या वेळी सरकारने मृ्त्युमुखी पडलेल्या लोकांची संख्या लपवण्यावर सर्व वजन वापरले होते. मात्र आताच्या उत्तर प्रदेश सरकारने धोका पत्करून लाखो स्थलांतरित मजुरांना परत बोलावले. जर पूर्वीचे सरकार असते तर त्यांनी रुग्णालयांची संख्यावरून बहाणे सांगितले असते.

बर्लिन: देशाची अर्थव्यवस्था खिळखिळी असताना पाकिस्तान अणवस्त्रांचा साठा सातत्याने वाढवत असल्याचे समोर आले आहे. जर्मन सरकारच्या एका अहवालात पाकिस्तानचा हा छुपा कार्यक्रम उघड करण्यात आला आहे. पाकिस्तानला याकामी चीनचाही पाठिंबा मिळत असल्याचे समोर आले आहे.

जर्मनीने १६ जून २०२० रोजी प्रकाशित केलेल्या या अहवालात अनेक धक्कादायक बाबी नमूद करण्यात आल्या आहेत. या अहवालानुसार पाकिस्तान, इराण, उत्तर कोरिया आणि सीरिया या देशांमध्ये घातक शस्त्रांची निर्मिती होत आहे. या घातक शस्त्रांमध्ये अणवस्त्रे, रासायनिक आणि जैविक शस्त्रांचाही समावेश आहे. हे देश अवैधरीत्या जर्मनीकडून घातक शस्त्रे बनवण्यासाठी सुट्टे भाग खरेदी करण्याचा प्रयत्न करत आहेत. अशा पद्धतीने शस्त्रांची निर्मिती करणे हे आंतरराष्ट्रीय समुदायासाठी गंभीर धोका असल्याचेही अहवालात नमूद करण्यात आले आहे.

पाकिस्तान राबवत असलेला अणवस्त्र कार्यक्रम हा भारताविरोधात असल्याचे अहवालात नमूद करण्यात आले आहे. जूनमध्ये स्वीडनमधील थिंक टँक स्टॉकहोम इंटरनॅशनल पीस रिसर्च इन्स्टिट्यूटने (सिप्री) पाकिस्तानकडे १६० अणूबॉम्ब असल्याचे म्हटले होते. पाकिस्तानकडे भारतापेक्षा अधिक अणूबॉम्ब आहेत.

 

श्रीनगर: जम्मू आणि काश्मीरच्या सोपोर भागात सुरक्षा दले आणि दहशतवाद्यांमध्ये सुरू असलेल्या चकमकीदरम्यान आतापर्यंत २ दहशतवादी ठार झाले आहेत. सुरक्षा दले आणि दहशतवाद्यांमध्ये चकमक सुरूच आहे. या भागात २ ते ३ दहशतवादी लपले असल्याची माहिती सुरक्षा दलांलना मिळाली आहे. सोपोर पोलिस, २२ आरआर आणि सीआरपीएफच्या संयुक्त पथकाद्वारे ही कारवाई सुरू करण्यात आली आहे. या कारवाई दरम्यान या भागातील इंटरनेट सेवा बंद करण्यात आली आहे.

या पूर्वी २३ जून या दिवशी पुलवामा येथील बांदजू भागात सुरक्षा दलांनी संयुक्त मोहिमेअंतर्गत २ दहशतवाद्यांना कंठस्नान घातले होते. या चकमकीदरम्यान सीआरपीएफचा एक जवान शहीद झाला होता. या चकमकीत २ दहशतवादी ठार झाल्याची माहिती काश्मीर परिमंडळाचे पोलिस महानिरीक्षक विजय कुमार यांनी दिली होती. पोलिस, लष्कर आणि सीआरपीएफच्या संयुक्त पथकाने बांदजूमध्ये शोध मोहीम हाती घेतली होती.

या बरोबरच, २१ जून या दिवशी जम्मू काश्मीरच्या कुलगाम आणि श्रीनगरमध्ये वेगवेगळ्या चकमकीत एका पाकिस्तानी दहशतवाद्यासह एकूण ४ दहशतवादी ठार झाले होते. श्रीनगरच्या जादिबल भागात दहशतवादी लपून बसले असल्याची माहिती मिळाल्यानंतर पोलिस आणि सीआरपीएफच्या जवानांनी संयुक्त शोधमोहीम राबवली. या वेळी सुरक्षदलांनी दहशतवाद्यांना शरण येण्याचे आवाहन केले.

नवी दिल्ली: देशाच्या इतिहासात २५ जून ही तारीख वादग्रस्त निर्णयासाठी ओळखली जाते. तत्कालीन पंतप्रधान इंदिरा गांधी यांनी २५ जून १९७५ या दिवशी देशात आणीबाणी लागू केली होती. या अंतर्गत सरकारचा विरोध करणाऱ्या अनेक नेत्यांना तुरुंगात टाकण्यात आले होते. या मध्ये सामान्य नागरिकांचे अधिकार देखील मर्यादित करण्यात आले होते. आणीबाणीला स्वतंत्र भारताच्या इतिहासात सर्वाधिक वादग्रस्त आणि लोकशाही विरोधी निर्णय मानला जातो. इंदिरा गांधी यांना याची किंमत पुढील लोकसभा निवडणुकीत मोजावी लागली होती. तत्कालीन राष्ट्रपती फखरुद्दीन अली अहमद यांनी तत्कालीन पंतप्रधान इंदिरा गांधी यांच्या शिफारशीवरून भारतीय राज्यघटनेच्या कलम ३५२ अंतर्गत आणीबाणीची घोषणा केली होती. आणीबाणीला आज ४५ वर्षे पूर्ण होत आहेत. या निमित्ताने भाजप नेते आणि केंद्रीय गृहंमंत्री अमित शहा यांनी अनेक ट्विट करत काँग्रेस पक्षावर निशाणा साधला आहे.

आजच्या दिवशी, ४५ वर्षांपूर्वी सत्तेसाठी एका कुटुंबाच्या लोभापायी आणीबाणी लागू करण्यात आली. रातोरात देश तुरुंगात परावर्तीत करण्यात आला. प्रसारमाध्यमे, न्यायलये, भाषण... सारे संपले. गरीब आणि दलितांवर अत्याचार करण्यात आले, असे एका ट्विटमध्ये अमित शहा म्हणाले. ते आणखी एका ट्विटमध्ये म्हणाले, 'लाखो लोकांच्या प्रयत्नांमुळे आणीबाणी हटवण्यात आली. भारतात लोकशाही आली मात्र काँग्रेस पक्षात ती आली नाही. कुटुंबाचे हीत हे पक्ष आणि राष्ट्रहीतावर हावी राहिले. ही खेदजनक स्थिती आज देखील काँग्रेसमध्ये आहे.'

विशाखापट्टणम : आंध्र प्रदेशातील नव्या प्रकारामुळे संपूर्ण देशातील चिंता वाढली आहे. विजयवाडाच्या एआरटी सेंटरमधील सरकारी दवाखान्यातील डॉक्टरला अचानक श्वसनाचा त्रास जाणवू लागला. छातीत त्रास होत असल्याचं एक्स-रेमध्ये समोर आल्यानंतर या डॉक्टरला कोविड वॉर्डात भरती करण्यात आलं. पण याच दिवशी या डॉक्टरचा करोना वॉर्डात मृत्यू झाला.

मृत्यूच्या एक दिवस अगोदरपर्यंत या डॉक्टरने करोनाबाधित रुग्णांची सेवा केली आणि करोनाचं कोणतंही लक्षण आढळून आलं नव्हतं. पण या डॉक्टरच्या मृत्यूने आंध्र प्रदेशात लक्षणं नसलेल्या व्यक्तींचाही मृत्यू होत असल्यावर प्रकाश टाकला आहे. राज्यात अशाच अनेक घटना घडत असल्याची माहिती आहे. करोनाचं कोणतंही लक्षण दिसून येत नाही, पण अचानक छातीत त्रास होऊन मृत्यू होत आहे.

पूर्व गोदावरी जिल्ह्यातील पेडापुडी आणि शेजारच्या भागात एकाच व्यक्तीपासून जवळपास २०० जणांना करोनाची बाधा झाल्याचा अंदाज आहे. या सुपर स्पेडर व्यक्तीचा काकीनाडामधील रुग्णालयात दाखल केल्यानंतर अर्ध्या तासातच मृत्यू झाला. तीन दिवसांपूर्वीही अमलापुरम रुग्णालयात एका रुग्णाचा अशाच पद्धतीने अचानक मृत्यू झाला होता. आंध्रातील इतर जिल्ह्यातही अशाच प्रकारच्या केसेस समोर येत आहेत, ज्यात रुग्णाला दाखल करताच एक ते अर्ध्या तासात मृत्यू होत आहे.

 

लडाख: पूर्व लडाख सीमेवर गलवान खोऱ्यात नदीवरील पुलाचे काम सुरू असताना दोन जवानांच्या पुराच्या तडाख्यातून वाचवताना महाराष्ट्राच्या सुपुत्राला वीरमरण आले आहे. सचिन विक्रम मोरे या या शूर जवानाचे नाव असून तो मालेगाव तालुक्यातील साकुरी येथील रहिवासी होता. सचिनच्या हौतात्म्याचे वृत्त धडकताच साकुरी गाव, मालेगाव तालुक्यासह महाराष्ट्रात शोककळा पसरली आहे.

सध्या लडाखमधील गलवान खोऱ्यात प्रत्यक्ष नियंत्रण रेषेवर तणावाचे वातावरण आहे. १५-१६ जूनला येथे चीनी सैनिकांच्या हल्ल्यात २० भारतीय जवान शहीद झाले. याच भागात गलवान खोऱ्यात शूर जवान सचिम विक्रम मोरे तैनात होते. सचिन मोरे हे ११५ इंजिनियरिंग रेजिमेंटमध्ये आपली सेवा देत होते. गलवान खोऱ्यातील नदीवर पुलाचे काम सुरू होते. मात्र या नदीला अचानक पूर आला आणि त्यावेळी नदीवर काम करणारे दोन जवान पाण्यात पडले. पाण्याच्या प्रवाहाबरोबर ते वाहून जात असल्याचे पाहून त्यांना वाचण्याचे प्रयत्न जवान सचिन मोरे यांनी केले. वाहून जाणाऱ्या जवानांना वाचवत असतानाच सचिन मोरे यांना वीरमरण आले. ही घटना काल घडली. मात्र, आज सकाळी त्यांच्या कुटुंबीयांना घडलेल्या घटनेबाबत माहिती देण्यात आली.

मोरे यांची पुढील एक वर्षाची सेवा शिल्लक होती. शहीद जवान सचिन मोरे यांच्या पश्चात त्यांची पत्नी, दोन मुली, आई-वडील असे कुटुंब आहे.