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सेंसेक्स 592.97 अंक की बढ़त के साथ 37,981.63 के स्तर पर और निफ्टी 177.30 अंक के लाभ से 11,227.55  के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में तेजी नजर आई। एक्सिस बैंक, इंडसएंड बैंक, आईसीआईसीआई, एसबीआई के शेयरों में तेजी नजर आई। सुबह वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख के बीच प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 300 अंकों से ज्यादा का उछाल देखने को मिला। इस दौरान आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज में बढ़त देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 326.57 अंक या 0.87 प्रतिशत बढ़कर 37,715.23 पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर एनएसई निफ्टी 96.05 अंक या 0.87 प्रतिशत बढ़कर 11,146.30 पर पहुंच गया।

शुक्रवार को गिरावट पर बंद हुआ था सेंसेक्स पिछले सत्र में सेंसेक्स 835.06 अंक या 2.28 प्रतिशत बढ़कर 37,388.66 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 244.70 अंक या 2.26 प्रतिशत बढ़कर 11,050.25 पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को सकल आधार पर 2,080.21 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची।

कारोबारियों के मुताबिक ज्यादातर एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुझान के चलते घरेलू बाजार में भी तेजी के साथ शुरुआत हुई। हांगकांग, टोक्यो और सियोल के शेयर बाजार दोपहर के सौदों के दौरान बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई लाल रंग में था। रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा के मुताबिक एक अप्रैल को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक के नतीजों पर बाजार की कड़ी नजर होगी। इसके अलावा कारोबारियों की नजर ऑटो बिक्री के आंकड़ों पर भी होगी।

ई-वाणिज्य कंपनी अमेजन इंडिया आगामी त्यौहारी मौसम से पहले अपने डिलिवरी नेटवर्क का विस्तार कर रही है। इसके लिए कंपनी ने अतिरिक्त डिलिवरी स्टेशन स्थापित किए हैं एवं अपने मंच से किराना दुकानों को भी जोड़ रही है। कंपनी ने कहा कि उसके इस कदम से रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी। साथ ही त्यौहारी मौसम के दौरान अधिक तेजी से डिलिवरी करने में मदद मिलेगी।
अमेजन इंडिया के निदेशक (अंतिम छोर परिचालन) प्रकाश रोचलानी ने कहा कि कंपनी ने करीब 200 डिलिवरी स्टेशनों को जोड़ा है। इसमें देशभर में डिलिवरी सेवाप्रदाता सहयोगियों के परिचालन वाले डिलिवरी स्टेशन शामिल हैं। इसमें देश के पूर्वोत्तर इलाकों के सूदूर स्थान चंपई, कोलासिब, लुमडिंग और मोकोचुंग शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि अमेजन इंडिया देशभर में करीब 250 और डिलिवरी सेवाप्रदाता सहयोगियों के माध्यम से चलने वाले 1,500 से अधिक डिलिवरी स्टेशन का परिचालन करता है। इनका परिचालन देशभर में 280 से अधिक उद्यमी करते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ने 'आई हैव स्पेस (मेरे पास जगह है) पहल का विस्तार किया है। अब इसके तहत उसने 350 से अधिक शहरों में 28,000 से अधिक मोहल्ले के किराना स्टोरों को जोड़ा है। इसके अलावा अमेजन ने अपने फ्लेक्स कार्यक्रम का भी दोगुना विस्तार किया है। अब यह 65 शहरों में अपनी सेवाएं दे रहा है।कंपनी के 'आई हैव स्पेस कार्यक्रम के तहत कंपनी स्थानीय किराना दुकानों के साथ साझेदारी करती है जो दो से चार किलोमीटर के दायरे में किराना सामान की आपूर्ति करते हैं। वहीं अमेजन फ्लेक्स कार्यक्रम के तहत कंपनी डिलिवरी सहयोगियों को उनकी सुविधानुसार अमे

मुंबई. घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत और अमेरिकी मुद्रा में कमजोरी के चलते सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले छह पैसे मजबूत होकर 73.55 के स्तर पर आ गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में स्थानीय इकाई तीन पैसे की गिरावट के साथ 73.64 के स्तर पर खुली, लेकिन फिर जमीन हासिल करते हुए डॉलर के मुकाबले 73.55 के स्तर पर आ गई, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले छह पैसे की बढ़त दर्शाता है। 

रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 73.61 पर बंद हुआ था। आईआईए ग्लोबल के संस्थापक और सीईओ अभिषेक गोयनका , ) ने कहा कि बाजार की चाल आगे अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में बिडेन और ट्रंप की  प्रतिस्पर्धा से प्रभावित होगी।   

मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) , ने सोमवार को कहा कि उसने इस सप्ताह होने वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी)की बैठक को टालने का फैसला किया है और नई तारीखों की घोषणा शीघ्र की जाएगी। केंद्रीय बैंक ने हालांकि बैठक को टालने का कोई कारण नहीं बताया। आरबीआई की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा मंगलवार से शुरू होनी थी, जो तीन दिनों तक चलती। 

इस दौरान मुख्य रूप से ब्याज दरों पर फैसला किया जाना था। आरबीआई ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘29 सितंबर, 30 और एक अक्टूबर, 2020 के दौरान एमपीसी की बैठक होनी थी… उसे अब टाला जा रहा है। एमपीसी की बैठक की तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।” आरबीआई समिति में नए बाहरी सदस्यों पर सरकार के फैसले का इंतजार कर रहा है। आरबीआई अधिनियम के अनुसार एमपीसी के बाहरी सदस्यों का कार्यकाल चार वर्ष का होता है। 

टिक-टॉक समेत कई चीनी ऐप को बैन कर दिए जाने के बाद देश में ये ऐप नए अवतार में सामने आ रहे हैं. पिछले कुछ महीनों के दौरान भारतीय ऐप स्टोर में ये नए नाम से दिखने शुरू हो गए हैं. मसलन, हाल में टेनसेंट समर्थित कुआइशोउ की से स्नैक वीडियो लॉन्च किया गया है. यह क्वाई के वीडियो जैसा ही है, जिसे जून में बैन किया गया था.

कई ऐप में बैन ऐप जैसे ही फीचर ही*:* स्नैक वीडियो का इस्तेमाल ठीक-ठाक संख्या में भारतीय करने लगे हैं. इसमें भी शॉर्ट वीडियो टिक-टॉक जैसे फीचर दिख रहे हैं. टिक-टॉक चीनी टेक कंपनी बाइटडांस का ऐप है. इसी तरह यूजर को चैट रूम क्रिएट करने और अजनबियों से बात करने और और उनसे गेम खेलने की सुविधा देने वाले हेगो ऐप्स की जगह अब ओला पार्टी को सामने किया गया है.

हेगो ऐप को पहले प्रतिबंधित कर दिया गया था. नए ऐप में गेमिंग का ऑप्शन नहीं है लेकिन साइन-इन का फीचर पहले जैसा ही है. इसने हेगो से ही फ्रैंड्स और चैट रूम का भी फीचर ले लिया है.  प्रतिबंधित ऐप्स के नए सिरे से प्ले स्टोर पर दिखने के बारे में पूछने पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए. मंत्रालय ने ऐसे ऐप की सूची जारी की है, जिन्हें भारतीय प्ले स्टोर में नहीं दिखना चाहिए.

सेंसेक्स में 802.44 की उछाल देखने को मिल रही है। इस उछाल के साथ सेंसेक्स  37,356.04 के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं निफ्टी 224.05अंकों की उछाल के साथ 11,029.60 के स्तर पर है। बजाज फिनसर्व, भारतीय एयरटेल और एचसीएल टेक में 5 फीसद से ज्यादा की तेजी है। वहीं सेंसेक्स के 30 में से 19 स्टॉक 2 फीसद से अधिक उछाल के साथ कारोबार कर रहे हैं। 

इस हफ्ते दो बड़ी गिरावटों के बाद शेयर बाजार आज मजबूती के साथ खुला। शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 438.29 अंकों की तेजी के साथ  36,991.89  के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी कारोबार की शुरुआत हरे निशान के साथ की। आज निफ्टी करीब 100 अंक ऊपर 10,910.40 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के सभी स्टॉक हरे निशान पर थे।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स में उछाल बाजार की शुरुआत में निफ्टी पर सभी सेक्टर हरे निशान पर कारोबार कर रहे थे। निफ्टी ऑटो में दो फीसद से ज्यादा बढ़त देखी जा रही है। वहीं निफ्टी बैंक 0.90 फीसद,  पीएसयू बैंक 0.68 फीसद, रियलिटी इंडेक्स 1.41 फीसद , फाइनेंशियल सर्विसेज 0.69 फीसद,  आईटी 1.35 फीसद, प्राइवेट बैंक 0.98 फीसद, मेटल 1.63, एफएमसीजी 1.35 फीसद और  मीडिया 1.04  फीसद की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था। 

गुरुवार का हाल देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार नहीं थमता देख और वैश्विक बाजारों में तेज बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को धड़ाम हो गया। बीएसई सेंसेक्स 1,115 गिरकर 36,553 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 326 अंक की भारी गिरावट के बाद 10,805 अंक पर बंद हुआ। बीते सिर्फ पांच दिन में बाजार में बिकवाली गहराने से सेंसेक्स में 2647 अंकों की भारी गिरावट आई है जिसके चलते निवेशकों को 10.23 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 386.24 अंक नीचे 37,282.18 पर और निफ्टी 120.85 अंक नीचे 11,011.00 के स्तर पर खुला था। इसके बाद लगातार बाजार में गिरावट गहराती गई। शेयर बाजार को गिराने में आईटी और बैंकिंग शेयरों की अहम भूमिका रही। शेयर बाजार को नीचे लाने में इंफोसिस की अहम भूमिका रही। इंफोसिस के शेयर में 4.12 फीसदी की गिरावट आने से सेंसेक्स में 150.04 अंक की गिरावट आई। 

 

शेयर बाजारों के सकारात्मक रुख तथा अन्य एशियाई मुद्राओं में मजबूती के बीच शुक्रवार को रुपया (Rupee) शुरुआती कारोबार में 16 पैसे की बढ़त के साथ 73.73 प्रति डॉलर (Dollar) पर पहुंच गया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 73.76 प्रति डॉलर पर खुलने के बाद और मजबूत हुआ। यह पिछले बंद भाव की तुलना में 16 पैसे की बढ़त के साथ 73.73 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा था। बृहस्पतिवार को रुपया 32 पैसे टूटकर करीब एक माह के निचले स्तर 73.89 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। छह मुद्राओं की तुलना में डॉलर का रुख दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत के नुकसान से 93.34 पर था।

जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. ने काकीनाड़ा एसईजेड लि. (केएसईजेड) में अपनी समूची 51 प्रतिशत हिस्सेदारी अरविंदो रीयल्टी को बेचने के लिए पक्का करार किया है। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि उसने काकीनाड़ा एसईजेड में अपनी अनुषंगी जीएमआर एसईजेड एंड पोर्ट होल्डिंग लि. (जीएसपीएचएल) की समूची 51 प्रतिशत हिस्सेदारी अरविंदो रीयल्टी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लि. को बेचने के लिए पक्का करार किया है। 

बुनियादी ढांचा क्षेत्र की कंपनी ने शुक्रवार को बयान में कहा कि काकीनाड़ा एसईजेड की हिस्सेदारी के स्थानांतरण के तहत केएसईजेड के पास काकीनाड़ा गेटवे पोर्ट लि. की 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी का भी अरविंदो रीयल्टी को स्थानांतरण किया जाएगा। केएसईजेड में इक्विटी हिस्सेदारी और उप-ऋण के बाद यह सौदा 2,610 करोड़ रुपये का बैठेगा।

इस राशि में से 1,600 करोड़ रुपये सौदा पूरा होने तथा 1,010 करोड़ रुपये अगले दो-तीन साल में प्राप्त होंगे। इस सौदे के लिए नियामकीय और अन्य सांविधिक मंजूरियां ली जानी हैं। इस राशि का इस्तेमाल जीएमआर ग्रुप के कर्ज के बोझ को कम करने के लिए किया जाएगा।

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) के मॉडल वैगरआर एस-सीएनजी की कुल बिक्री का आंकड़ा तीन लाख इकाइयों को पार कर गया है। यह अपने खंड में सबसे अधिक बिकने वाली कार हो गई है। मारुति सुजुकी ने शुक्रवार को बयान में कहा कि वैगनआर के सीएनजी संस्करण की बिक्री का आंकड़ा तीन लाख इकाइयों को पार कर गया है। यह सभी यात्री वाहन खंडों में सबसे सफल सीएनजी कार बन गई है। 

मारुति सुजुकी के कार्यकारी निदेशक (विपणन एवं बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, ''वैगनआर करीब दो दशक से देश की शीर्ष 10 कारों में रही है। वैगनआर को 1999 में पेश किया गया था। अब तक वैगनआर की 24 लाख इकाइयों की बिक्री की जा चुकी है। इनमें से करीब आधे ग्राहकों के लिए यह उनकी पहली कार थी। उन्होंने कहा कि वैगनआर एस-सीएनजी की तीन लाख इकाइयों की बिक्री का आंकड़ा एक और उपलब्धि है। यह कंपनी के प्रति ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है।  

कोविड-19 महामारी की मार से 2020 की पहली तीन तिमाहियों में वैश्विक स्तर पर श्रमिकों की आय में 10.7 प्रतिशत या 3,500 अरब डॉलर की जबर्दस्त गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने यह जानकारी दी।  आईएलओ ने महामारी से दुनियाभर में कामकाज की स्थिति पर अपनी रिपोर्ट में कहा, ''कोविड-19 की वजह से श्रम के घंटों का भारी नुकसान हुआ। इससे दुनियाभर में श्रमिकों की आमदनी में गिरावट आई है। 

वैश्विक स्तर पर 2020 की पहली तीन तिमाहियों में 2019 की समान अवधि की तुलना में श्रमिकों की कमाई 10.7 प्रतिशत या 3,500 अरब डॉलर घटी है। इन आंकडों में सरकारी उपायों के जरिये उपलब्ध कराया गया आय समर्थन शामिल नहीं है।  आईएलओ ने कहा कि सबसे अधिक नुकसान निम्न-मध्यम आय वर्ग के देशों में हुआ, जहां श्रमिकों की आय का नुकसान 15.1 प्रतिशत तक पहुंच गया। 'आईएलओ मॉनिटर: कोविड-19 और श्रम की दुनिया के छठे संस्करण में कहा है कि 2020 के पहले नौ माह में कार्य घंटों का नुकसान पूर्व में लगाए गए अनुमान से कहीं अधिक रहा है। 

संशोधित अनुमान के अनुसार, चालू साल की दूसरी तिमाही में में 2019 की चौथी तिमाही की तुलना में वैश्विक स्तर पर कार्य घंटों का नकसान 17.3 प्रतिशत रहा, जो 49.5 करोड़ पूर्णकालिक समतुल्य (एफटीई) रोजगार के बराबर है। 2020 की तीसरी तिमाही में कार्य घंटों का नुकसान उच्चस्तर 12.1 प्रतिशत या 34.5 करोड़ एफटीई रोजगार के बराबर रहने का अनुमान है।  आईएलओ ने कहा कि 2020 की चौथी तिमाही में कार्य घंटों का नुकसान पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 8.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 24.5 करोड़ एफटीई रोजगार के बराबर है।

फ्लिपकार्ट समूह की डिजिटल बी2बी मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट होलसेल ने त्योहारी सीजन से पहले 12 नए शहरों में अपने परिचालन का विस्तार करने की घोषणा की है।

फ्लिपकार्ट होलसेल ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि वह इन शहरों में फैशन श्रेणी के साथ विस्तार कर रही है। बयान में कहा गया है कि फ्लिपकार्ट होलसेल के परिचालन का गाजियाबाद, फरीदाबाद, मैसूर, चंडीगढ, मेरठ, आगरा, जयपुर, ठाणे-भिवंडी-उल्हासनगर, वृहद मुंबई सहित कुल 12 नए शहरों में विस्तार किया जा रहा है।

बयान में कहा गया है कि फ्लिपकार्ट होलसेल की इस साल के अंत तक होम एंड किचन तथा ग्रॉसरी बाजार में भी विस्तार की योजना है।

खाद्य मंत्रालय ने राशन कार्ड को आधार से जोड़ने की समय सीमा को बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी थी। जिन लोगों ने अभी तक राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं कराया है वह जल्द करा लें क्योंकि सिर्फ सात दिन का समय बचा है। राशन कार्ड के जरिये लाभार्थियों को सस्ते दाम में सब्सिडी के तहत अनाज मिलता है। सरकार ने गरीब और प्रवासी लाभार्थियों के हितों की रक्षा के लिए 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना के तहत राशन कार्ड धारकों की अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी को लागू करना शुरू कर दिया है। आइए जानते हैं कैसे राशन कार्ड को आधार से लिंक किया जा सकता है।

राशन कार्ड को आधार से लिंक कराने का तरीका..

1 भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI की वेबसाइट के मुताबिक, राशन कार्ड धारक को खुद के आधार समेत परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड की कॉपी और राशनकार्ड की कॉपी पीडीएस यानी राशन बांटने वाली दुकान पर जाकर जमा करनी होगी।
2 साथ में परिवार के मुखिया की पासपोर्ट साइज फोटो भी ले जानी होगी।
3 आप की डिटेल्स और आधार नंबर को मैच करने के लिए पीडीएस दुकान पर राशन कार्ड धारक से बायोमेट्रिक मशीन या सेंसर पर उंगली रखने को कहा जा सकता है।
4 जिसके नाम पर राशन कार्ड है, अगर उसका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं है तो उसे अपने बैंक अकाउंट की पासबुक की भी एक फोटोकॉपी पीडीएस दुकान में जमा करनी होगी।
5 राशन कार्ड से आधार लिंक होने पर राशनकार्ड धारक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मेसेज भेजा जाएगा।

90% राशन कार्ड हो चुके हैं लिंक
मई मध्य तक देश में मौजूद 23.5 करोड़ राशन कार्ड में से करीब 90 फीसदी कार्ड, राशन कार्ड धारकों के आधार से लिंक हो चुके हैं। सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को राशन कार्ड को आधार संख्या से जोड़ने की जिम्मेदारी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की सात फरवरी 2017 की अधिसूचना के आधार पर दी गई है। इस अधिसूचना को समय-समय पर संशोधित किया जाता रहा है।

पिछले चार दिन से सोना जहां सस्ता हो रहा है, वहीं चांदी औंधेमुंह गिरी है। सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 51620 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और चांदी हाजिर 65905 रुपये प्रति किलो पर। इसके बाद से मंगलवार को छोड़ सोने-चांदी के भाव गिर रहे हैं। सोमवार से लेकर गुरुवार सुबह तक 24 कैरेट सोना 1810 रुपये तक सस्ता हो चुका था। वहीं चांदी 9655 रुपये प्रति किलो टूट चुकी है। अगर सोने के रिकॉर्ड रेट से तुलना करें तो सात अगस्त से आज सुबह तक सोना 6444 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी 19758 रुपये प्रति किलो तक टूट चुकी है।

और गिर सकती हैं सोने की कीमतें : रुपया समेत अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में तेजी, कोरोना का टीका बनने को लेकर सकारात्मक खबरें, अमेरिकी सरकार द्वारा छोटे उद्योगों के लिए मदद की तैयारी और चीन का भारत और अमेरिका समेत अन्य देशों से तनाव की वजह से सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ने लगी है। निवेशक एक बार फिर सेफ हेवेन के रूप में अब डॉलर की ओर शिफ्ट होने लगे हैं।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकी डॉलर आई तेजी की वजह से विदेशी बाजारों में सोने के दाम 2 फीसद गिरकर 1862 डॉलर प्रति औंस पर आ गए। इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतें और गिर सकती हैं। अमेरिकी डॉलर में आ रही मजबूती का असर सोने पर दिखेगा। केडिया कमोडिटीज के डायरेक्टर केडिया कहते हैं कि सोना 44000 से नीचे नहीं जाएगा। 

वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली तथा विदेशी कोषों की निकासी से बृहस्पतिवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई का सेंसेक्स करीब 2.96 फीसदी यानी 1,114.85 अंकों की गिरावट के बाद 36,553.60 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 326.30 अंक गिरकर 10,805 के स्तर पर बंद हुआ।

आज शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 600 से अधिक अंक नीचे आ गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 609.63 अंक नीचे खुला। बाद में यह 571.26 अंक या 1.52 प्रतिशत के नुकसान से 37,097.16 अंक पर आ गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी शुरुआती कारोबार में 169.40 अंक या 1.52 प्रतिशत के नुकसान से 10,962.45 अंक पर कारोबार करता दिखा। 

आज हिन्दुस्तान यूनिलीवर को छोड़कर सेंसेक्स की बाकी सभी कंपनियों के शेयर नुकसान पर बंद हुए। इंडसएंड बैंक में 7 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली। महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंसके शेयरों में 6 फीसदी के अधिक की गिरावट रही। मारुति, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व और आईसीआईसीआई बैंक भारती एयरटेल, टाटा स्टील, पॉवरग्रिड, एनटीपीसी, ओएनजीसी, टीसीएस, आईटीसी, एसबीआई, सनफार्मा और बजाज ऑटो, इन्फोसिस, नेस्ले इंडिया, एचडीएफसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन जैसी सभी कंपनियों के शेयरों गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए।

कल लाल निशान पर बंद हुआ बाजार
सकारात्मक घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स में बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 300 अंकों से अधिक की तेजी देखने को मिली लेकिन ये बढ़त शाम तक गायब हो गई। बीएसई का सेंसेक्स 65.66 अंकों गिरावट के साथ 37,668.42 और निफ्टी 21.80 अंक लुढ़ककर 11,131.85 के स्तर पर बंद हुआ।  

अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA) ने आज दावा किया कि विमान में कोविड-19 संक्रमण की आशंका बेहद कम है। आयटा ने एक अध्ययन रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये यह बात कही है जिसमें बताया गया है कि इस साल मार्च में लंदन से हनोई और बोस्टन से हांगकांग तथा कुछ अन्य उड़ानों में यात्रा के दौरान लोगों के संक्रमित होने के प्रमाण मिले हैं। 

विमान सेवा कंपनियों के संघ ने कहा कि कोविड-19 महामारी फैलने के बाद से उड़ानों की संख्या लाखों में रही है, लेकिन यात्रा के दौरान संक्रमण के मामले गिने-चुने ही है। आँकड़ों से यह बात स्पष्ट है कि ट्रेन, बस, रेस्त्रां और कायार्लयों की तुलना में विमान में कोविड-19 का संक्रमण होने का खतरा बेहद कम है। विमानों में हेपा फिल्टर लगे होने से भी लाभ होता है जो वायरस समेत हवा में मौजूद 99.99 प्रतिशत सूक्ष्म कणों को फिल्टर कर देता है। 

उसने कहा कि अध्ययन में जिन दो उड़ानों का जिक्र किया गया है वे मार्च की हैं। उस समय से अब तक काफी कुछ बदल चुका है। अब चेहरे पर मास्क और अन्य कवर लगाना आम बात हो गई है। जून में अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन ने कोविड-19 के मद्देनजर नये दिशा-निदेर्श भी जारी किये हैं जिनका पालन किया जा रहा है।  इसके बावजूद आयटा ने यात्रियों को अपनी ओर से पूरी सावधानी बरतने और बार-बार साबुन से हाथ धोने की सलाह दी है। उसने कहा है कि यात्रियों को अपने आँख, नाक और मुँह को छूने से परहेज करना चाहिये, खासकर ऐसी सतहों को छूने के बाद जिसे कई लोग छूते हों। 

उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को इस त्योहारी मौसम में बिक्री में 30 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद है। उन्हें घरेलू कार्यों में मदद करने वाले कर्मियों की अनुपस्थिति तथा घर से काम को लेकर बिक्री को और सहारा मिलने की भी उम्मीद है। उद्योग संगठन सीईएएमए ने यह कहा।

उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरण क्षेत्र पहले ही अगस्त में ओणम के साथ सकारात्मक शुरुआत कर चुका है। पिछले कुछ महीनों में बिक्री में वृद्धि हुई है। लोग कोरोना वायरस महामारी की वजह से घरेलू कार्यों में मदद करने वाले कर्मियों का विकल्प खोज रहे हैं। ऐसे में वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव, डिशवॉशर, रेफ्रिजरेटर, आदि जैसे उपकरणों की मांग तेज हुई है। सोनी इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) सुनील नायर ने कहा, ओणम के साथ हमने त्योहारी मौसम की सकारात्मक शुरुआत की है। घर से काम और घर पर रहने के कारण टेलीविजन, घरेलू ऑडियो और व्यक्तिगत ऑडियो कारोबार में पिछले साल की तुलना में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है।

पैनासोनिक इंडिया व दक्षिण एशिया के अध्यक्ष एवं सीईओ मनीष शर्मा ने कहा, ''मेरा मानना है कि आगामी त्योहारी सीजन और निकट भविष्य के लिये रुझान बना रहेगा। पिछले कुछ महीनों के दौरान टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद उद्योग में लगभग 20 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। इस त्योहारी सीजन में हम कुछ नुकसान के ठीक होने की उम्मीद कर रहे हैं। इसी तरह की राय व्यक्त करते हुए दक्षिण कोरिया की कंपनी एलजी ने कहा कि उसे इस त्योहारी सीजन में 30 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के वीपी होम अप्लायंसेज विजय बाबू ने कहा, "हम समग्र कारोबार में अच्छी वृद्धि के बारे में आशावादी हैं और त्योहारी सीजन में हमारा 30 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य है। हालांकि उद्योग जगत भले ही आशावान हो, लेकिन खुदरा विक्रेता सतर्क हैं क्योंकि इस साल त्योहारों के दौरान कंपनियां पैसे की कमी व अन्य चुनौतियों के कारण पहले की तरह आक्रामक योजनाएं व विज्ञापन आदि नहीं करेंगी। कुल बिक्री में इन गतिविधियों का करीब 25 प्रतिशत तक हिस्सा होता है। 

पैनासोनिक, एलजी, सैमसंग, सोनी, वोल्टास और बीएसएच होम अप्लायंसेज जैसी कंपनियां नये जमाने के प्रीमियम उत्पादों जैसे बड़े स्क्रीन वाले टीवी और बड़े आकार के रेफ्रिजरेटर के अलावा डिशवॉशर, माइक्रोवेव ओवन और वॉशिंग मशीन आदि की अधिक मांग की उम्मीद कर रही हैं।

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कोविड-19 से प्रभावित रिटेल बॉरोअर्स को राहत देने के लिए लोन रिस्ट्रक्चरिंग पॉलिसी पेश की है। नई पॉलिसी के तहत एसबीआई के लोन ग्राहकों को किसी भी तरह की ईएमआई (EMI) चुकाने से दो साल तक की छूट मिल सकती है। एसबीआई ने लोन रिस्ट्रक्चरिंग पॉलिसी को बेहतर के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल पर बॉरोअर्स लोन मोरेटोरियम के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देश के मुताबिक एसबीआई बैंक ने यह कदम उठाया है।

24 महीने का ले सकते हैं लोन मोरेटोरियम

देशभर में 31 अगस्त को लोन मोरेटोरियम की योजना खत्म हो चुकी थी। अब एसबीआई के बॉरोअर्स एक से 24 महीने के लोन मोरेटोरियम के अलावा लोन टर्म बढ़ाने के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं। कोरोनाकाल में सैलरी कट और नौकरी खो चुके बॉरोअर्स इस सुविधा का लाभ उठा सकते है। इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए  ग्राहकों को एसबीआई की वेबसाइट www.sbi.co.in पर आवेदन करना होगा।

पहले चेक करनी होगी एलिजिबिलिटी
अगर आप भी एसबीआई की इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको एलिजिबिलिटी चेक करनी होगी। आप घर बैठे इस पोर्टल के जरिए लोन रिस्ट्रक्चरिंग के लिए अपनी एलिजिबिलिटी चेक कर सकते हैं।                                                          

ऐसे चेक कर सकते हैं एलिजिबिलिटी
एसबीआई के रिटेल ग्राहक को इस पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद अकाउंट नंबर डालना होगा। ओटीपी वैलिडेशन पूरा करने और कुछ जरूरी जानकारी देने के बाद ग्राहकों को अपनी एलिजिबिलिटी की जानकारी और रेफरेंस नंबर मिलेगा। यह रेफरेंस नंबर 30 दिन के लिए वैध होगा और इस अवधि के दौरान ग्राहकों को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए एसबीआई बैंक की शाखा में जाना होगा। 

दुनिया के टॉप 10 अमीरों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी एक बार फिर एलन मस्क से पिछड़ गए हैं। एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी अब छठे स्थान पर खिसक गए हैं। कुछ हफ्ते पहले वह चौथे स्थान तक पहुंच गए थे। अंबानी की रैंकिंग में यह गिरावट रिलायंस इंडस्ट्रीज के नेटवर्थ में कमी की वजह से आई है।  वैश्विक बाजारों से नकारात्मक रुझान मिलने और विदेशी फंड के बाहर जाने के चलते प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 300 अंकों से ज्यादा गिर गया और खासतौर से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। इससे मुकेश अंबानी के नेटवर्थ में 3.6 अरब डॉलर की कमी हो गई है। वहीं एलन मस्क के नेटवर्थ में 1.47 फीसद यानी 1.7 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के बाद एलन मस्क फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को चौथे स्थान से पांचवें स्थान पर ढकेल दिया है।        

फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट के मुताबिक मार्क जुकरबर्ग पांचवें स्थान पर हैं। छठे नंबर पर मुकेश अंबानी, सातवें पर वॉरेन बफेट हैं। पहले नंबर पर अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस, दूसरे पर बिलगेट्स और तीसरे स्थान बरनार्ड अर्नाल्ट एंड फैमिली है।

100 अरब डॉलर क्लब से बाहर हुए जुकरबर्ग

फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग 100 अरब डॉलर नेटवर्थ वाले कारोबारियों की सूची से फिर बाहर हो गए हैं। पिछले दिनों इस क्लब में शामिल होने वाले जुकरबर्ग चौथे रईस थे। अब इस क्लब में जेफ बेजोस, बर्नार्ड अर्नाट एंड फैमिली और बिलगेट्स ही हैं। वहीं 200 अरब डॉलर के नेट वर्थ तक पहुंचने वाले अमेजन के सीईओ भी इस ऊंचाई से फिसल गए हैं। 

बता दें कि फोर्ब्स के रियल-टाइम बिलियनेयर रैंकिंग्स से हर रोज पब्लिक होल्डिंग्स में होने वाले उतार-चढ़ाव के बारे में जानकारी मिलती है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में शेयर बाजार खुलने के बाद हर 5 मिनट में यह इंडेक्स अपडेट होता है. जिन व्यक्तियों की संपत्ति किसी प्राइवेट कंपनी से संबंधित है, उनका नेटवर्थ दिन में एक बार अपडेट होता है।

सर्राफा बाजारों में आज सोने के हाजिर भाव में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। जबकि चांदी 895 रुपये सस्ती हो गई है। आज सुबह  24 कैरेट गोल्ड का भाव शुक्रवार के मुकाबले 8 रुपये प्रति 10 ग्राम नीचे खुला। सोने का हाजिर भाव अब 51612 रुपये पर आ गया है। वहीं चांदी आज 895 रुपये प्रति किलोग्राम कमजोर होने के बाद 65010 रुपये पर आ गई है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (ibjarates.com) के मुताबिक 21 सितंबर 2020 को देशभर के सर्राफा बाजारों सोने-चांदी के हाजिर भाव इस प्रकार रहे...

बता दें कि IBJA द्वारा जारी किए गए रेट देशभर में सर्वमान्य है। हालांकि इस वेबसाइट पर दिए गए रेट में जीएसटी (GST) शामिल नहीं किया गया है। सोना खरीदते-बेचते समय आप IBJA के रेट का हवाला दे सकते हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन दिल्ली के मीडिया प्रभारी राजेश खोसला के मुताबिक ibja देशभर के 14 सेंटरों से सोने-चांदी का करेंट रेट लेकर इसका औसत मूल्य बताता है। खोसला कहते हैं कि सोने-चांदी का करेंट रेट या यूं कहें हाजिर भाव अलग-अलग जगहों पर अलग हो सकते हैं पर इनकी कीमतों में मामूली अंतर होता है। 

आईपीएल शुरु हो चुका है और क्रिकेट का बुखार भी देश में दिखने लगा है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए जियो नए प्रीपेड प्लान लेकर आया है जिसमें डेटा के साथ फ्री वॉयज कॉलिंग और एक साल के लिए डिज्नी हॉटस्टार प्लस वीआईपी प्लान का सब्सक्रिप्शन मिलेगा। जियो के ये प्लान 401 रुपये से शुरू है और इसमें टॉप अप कराने की भी सुविधा मिलेगी। 

401 रुपये के प्लान में प्रतिदिन 3 जीबी डेटा
जियो क्रेकट प्लान में 401 रुपये  से शुरू होकर यह प्लान्स 2599 रुपये  तक जाते हैं। 28 दिन की वैधता वाले 401 रुपये के प्लान में प्रतिदिन 3 जीबी डेटा मिलेगा। 

598 रुपये का प्लान
598 रुपये वाले प्लान में 2 जीबी डेटा प्रतिदिन मिलेगा पर उसकी वैधता 56 दिनों की होगी।

777 रुपये का प्लान
जियो का 777 रुपये का प्लान 84 दिनों की वैधता के साथ आता है। इसमें ग्राहकों को रोजाना 1.5जीबी डेटा मिलेगा।

2,599 रुपये में मिलेगा सालाना प्लान
जियो सालाना प्लान भी लेकर आया है। इसकी कीमत 2,599 रुपये है और इसमें रोजाना 2 जीबी डेटा मिलता है।

टॉपअप भी मिलेगा
बॉल दर बॉल पूरे मैच को कई बार देखने के शौकीनो के लिए जियो क्रिकेट प्लान्स में डेटा एड-ऑन की सुविधा भी उपलब्ध है। 499 रुपये में 1.5 जीबी डेटा प्रतिदिन का टॉप-अप मिल जाएगा। जिसकी वैधता 56 दिनों की रहेगी। एड-ऑन प्लान मौजूदा प्लान्स के साथ भी लिया जा सकता है।  इसमें डेटा के साथ 1 साल तक के लिए डिज़नी + हॉटस्टार ऐप का सब्सक्रिप्शन भी मिलेगा।

मिलेंगे ये फायदे
जियो किक्रेट प्लान्स में क्रिकेट प्रेमी डिज़नी + हॉटस्टार ऐप के माध्यम से फ्री लाइव ड्रीम 11 आईपीएल मैच देख सकते हैं। यह प्लान्स 1 महीने से लेकर 1 साल तक की वैधता वाले प्रीपेड प्लान्स हैं। प्लान्स की वैधता चाहे कितनी भी हो पर डिज़नी+ हॉटस्टार का सब्सक्रिप्शन पूरे साल भर के लिए मिलेगा। 

भारत में रिटायर हुए 90 प्रतिशत लोग अपनी बचत पर आश्रित होते हैं। ऐसे में आपके पास आपके रिटायरमेंट के लिए क्या प्लान है? क्या आपने बचत के लिए अभी से कोशिशें शुरू कर दी है या इसके लिए योजना बना रहे हैं। भारत में रिटायरमेंट की उम्र आमतौर पर 60 साल है। ऐसे में अगर आपकी उम्र 40 साल है तो अगले 20 सालों की संभावित महंगाई के हिसाब से अपने योजना को तैयार करना होगा, जिससे रिटायरमेंट के बाद भी आप आसानी से अपना समय गुज़ार सकें। एक बेहतर रिटायरमेंट प्लान के लिए आपको कई बातों का ध्यान रखना होगा। हम आपके रिटायरमेंट पर दो करोड़ पाने का टिप्स दे रहे हैं।

इस तरह बचत की योजना बनाएं मान लेते हैं कि आपकी मासिक आय 40 हजार रुपये हैं। इसमें से आप 10,000 रुपये किराया देते हैं। इसके अलावा घर खर्च में भी 10,000 रुपये का योगदान करते हैं। एक बच्चे की पढ़ाई पर 5000 रुपये खर्च होते हैं। आफिस जाने और दूसरे खर्च पर भी करीब 10 हजार रुपये खर्च होते हैं। ऐसे में आपके पास 5000 रुपये निवेश के लिए बचते हैं। अगर इस रकम को आप एसआईपी के जरिये म्यूचुअल फंड में रिटायरमेंट तक यानी 20 साल तक लंबी निवेश करते हैं तो आप आसानी से 2.62 करोड़ रुपये जमा कर लेंगे। निवेश पर रिटर्न की गणना यहां 10 फीसदी की दर से की गई है। यह रकम इससे कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि लंबी अवधि पर आपको इससे बेहतर रिटर्न मिल सकता है।

तीन गुना बढ़ जाएगा मासिक खर्च

जिस तरह से महंगाई में इजाफा हो रहा है, आने वाले दिनों में महीने का खर्च भी बढ़ना है। जब तक नौकरी है और अच्छी सैलरी है तो इसे लेकर ज्यादा चिंता नहीं रहती लेकिन रिटायरमेंट के बाद खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा। महंगाई दर अगर औसत छह फीसदी के हिसाब से ही आगे बढ़ता है तो 25 साल बाद मौजूदा खर्च दोगुने से भी ज्यादा हो जाएगा। यानी अगर आप अभी 25 हजार खर्च करते हैं तो 25 साल बाद यह 75 हजार रुपये होगा।

निवेश की शुरुआत जल्दी करें अगर आपने अभी तक रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए निवेश शुरू नहीं किया है तो अब देर मत करें। जल्दी निवेश शुरू करने पर आप आसानी से रिटायरमेंट के लिए फंड जमा कर पाएंगे। आपको निवेश के लिए बड़ी रकम की भी जरूरत नहीं होगी। आप आसानी से मनचाहा रकम योजना बनाकर जुटा लेंगे।

 

सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से सात कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह 59,259.58 करोड़ रुपये की गिरावट आई. हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक का बाजार मूल्यांकन सबसे अधिक घटा. इनके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, आईटीसी तथा आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण भी नीचे आया.

इस रुख के उलट टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस और भारती एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी दर्ज हुई.

बीते सप्ताह हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण 14,320.54 करोड़ रुपये घटकर 4,93,007.39 करोड़ रुपये रह गया. एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 11,611.6 करोड़ रुपये घटकर 5,81,900.65 करोड़ रुपये और कोटक महिंद्रा बैंक का 10,205.11 करोड़ रुपये घटकर 2,53,002.13 करोड़ रुपये रह गया.

रिलायंस इंडस्ट्रीज की बाजार हैसियत 9,027.32 करोड़ रुपये घटकर 15,58,987.77 करोड़ रुपये रह गई. एचडीएफसी का बाजार पूंजीकरण 8,144.93 करोड़ रुपये घटकर 3,09,076.75 करोड़ रुपये रह गया. आईटीसी का मूल्यांकन 5,783.23 करोड़ रुपये घटकर 2,20,500.76 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक का 166.85 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 2,55,082.88 करोड़ रुपये रह गया.

गूगल ने शुक्रवार को कहा कि उसने पेटीएम ऐप को खेलों में सट्टेबाजी संबंधी गतिविधियों पर अपनी नीति के उल्लंघन के चलते प्ले स्टोर से हटा दिया है। पेटीएम ऐप को अब डाउनलोड या अपडेट नहीं किया जा सकता है, लेकिन इस ऐप के मौजूदा उपयोगकर्ताओं पर फिलहाल कोई असर नहीं होगा। गूगल ने शुक्रवार को एक ई-मेल के जवाब में कहा, ‘‘ऐप को ‘प्ले’ नीतियों के उल्लंघन के चलते ब्लॉक किया गया है- हमारी नीति के संबंध में आईपीएल टूर्नामेंट से पहले आज एक स्पष्टीकरण जारी किया गया है।” 

गूगल ने यह भी कहा कि इस कदम से केवल प्ले स्टोर पर ऐप की उपलब्धता प्रभावित होगी और इसके उपयोगकर्ताओं पर कोई असर नहीं होगा। इस बीच पेटीएम ने एक ट्वीट किया कि नए डाउनलोड या अपडेट के लिए पेटीएम एंड्रॉइड ऐप गूगल प्ले स्टोर पर अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं है। कंपनी ने कहा, ‘‘यह (ऐप) बहुत जल्द (प्ले स्टोर पर) वापस आ जाएगा। आपका पूरा धन पूरी तरह सुरक्षित है, और आप अपने पेटीएम ऐप का सामान्य रूप से प्रयोग कर सकते हैं।” पेटीएम डिजिटल लेनदेन की एक लोकप्रिय ऐप है। गूगल ने शुक्रवार को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि वह खेलों में सट्टेबाजी को बढ़ावा देने वाले ऐप की इजाजत नहीं देता है और ऐसे ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया जाएगा।

भारत में आईपीएल जैसे प्रमुख खेल आयोजनों से पहले इस तरह के ऐप बड़ी संख्या में लॉन्च किए जाते हैं। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का नवीनतम सत्र 19 सितंबर से संयुक्त अरब अमीरात में शुरू होने वाला है। गूगल ने ब्लॉग पोस्ट में कहा, ‘‘हम ऑनलाइन कैसिनो की अनुमति नहीं देते हैं या खेलों में सट्टेबाजी की सुविधा देने वाले किसी भी अनियमित जुआ ऐप का समर्थन नहीं करते हैं। इसमें वे ऐप शामिल हैं जो ग्राहकों को किसी ऐसी बाहरी वेबसाइट पर जाने के लिए प्रेरित करते हैं, जो धनराशि लेकर खेलों में पैसा या नकद पुरस्कार जीतने का मौका देती है। यह हमारी नीतियों का उल्लंघन है।”

ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि ये नीतियां उपयोगकर्ताओं को संभावित नुकसान से बचाने के लिए हैं। गूगल ने यह भी कहा कि जब कोई ऐप इन नीतियों का उल्लंघन करता है, तो उसके डेवलपर को इस बारे में सूचित किया जाता है, और जब तक डेवलपर ऐप को नियमों के अनुरूप नहीं बनाता है, उसे तब तक गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया जाता है।

गूगल ने शुक्रवार को कहा कि वह खेलों में सट्टेबाजी को बढ़ावा देने वाले ऐप की इजाजत नहीं देता है और ऐसे ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया जाएगा। भारत में आईपीएल जैसे प्रमुख खेल आयोजनों से पहले इस तरह के ऐप बड़ी संख्या में लॉन्च किए जाते हैं। इंडियन प्रीमियर लीग का नवीनतम सत्र 19 सितंबर से संयुक्त अरब अमीरात में शुरू होने वाला है।

गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, ‘‘हम ऑनलाइन कैसिनो की अनुमति नहीं देते हैं या खेलों में सट्टेबाजी की सुविधा देने वाले किसी भी अनियमित जुआ ऐप का समर्थन नहीं करते हैं। इसमें वे ऐप शामिल हैं जो ग्राहकों को किसी ऐसी बाहरी वेबसाइट पर जाने के लिए प्रेरित करते हैं, जो धनराशि लेकर खेलों में पैसा या नकद पुरस्कार जीतने का मौका देती है। यह हमारी नीतियों का उल्लंघन है।” ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि ये नीतियां उपयोगकर्ताओं को संभावित नुकसान से बचाने के लिए हैं।

हालांकि, गूगल ने यह साफ नहीं किया है कि क्या इस आधार पर किसी ऐप को हटाया गया है या नहीं। गूगल ने यह भी कहा कि जब कोई ऐप इन नीतियों का उल्लंघन करता है, तो उसके डेवलपर को इस बारे में सूचित किया जाता है, और जब तक डेवलपर ऐप को नियमों के अनुरूप नहीं बनाता है, उसे तब तक गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया जाता है।

एंड्रॉइड सुरक्षा एवं गोपनीयता के उत्पाद उपाध्यक्ष सुजान फ्रे द्वारा पोस्ट किए गए इस ब्लॉग में कहा गया है कि ऐसे मामले जहां नीतियों का बार-बार उल्लंघन किया जाता है, गूगल अधिक गंभीर कार्रवाई कर सकती है, जिसमें डेवलपर के खातों को खत्म करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि ये नीतियां सभी डेवलपर्स पर समान रूप से लागू की जाती हैं।

सरकार ने सरकारी खरीद के प्रावधानों में संशोधन कर इसमें पारस्परिकता का उपनियम जोड़ दिया है। इसके तहत अब उन देशों की कंपनियां भारत में सरकारी खरीद में भाग नहीं ले सकेंगी, जिन देशों की सरकारी खरीद में भारतीय कंपनियों को भाग लेने की अनुमति नहीं है। एक आधिकारिक बयान में  इसकी जानकारी दी गई। सरकार ने इसके लिए सार्वजनिक खरीद (मेक इन इंडिया को तरजीह) आदेश 2017 में परस्पर आदान- प्रदान का उपनियम जोड़ा है।

बयान में कहा गया, आदेश के अनुसार, जो देश भारतीय कंपनियों को अपनी सरकारी खरीद में भाग लेने की अनुमति नहीं देते हैं, उन देशों की कंपनियों को भारत में भी सरकारी खरीद में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जायेगी। उन्हें सिर्फ संबंधित मंत्रालय व विभाग द्वारा अनुमति वाली प्रकाशित सूची में ही भागीदारी की अनुमति होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि यह प्रावधान केंद्र सरकार द्वारा की जानी वाली सभी खरीदारी की निविदाओं का हिस्सा होगा। सरकार के ई- मार्किटप्लेस पर होने वाली सभी तरह की खरीदारी पर भी मंत्रालयों, विभागों द्वारा पहचाने गए सामान के मामले में भी आवश्यक रूप से यह प्रावधान होगा।

अगस्त के मुकाबले सितंबर में अब तक सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। हालांकि इसके बावजूद सर्राफा बाजार में सोना अपने 7 अगस्त के ऑल टाइम हाई से 4634 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता है। वहीं चांदी भी पीक से 10103 रुपये प्रति किलो कमजोर है। जहांतक बीते हफ्ते यानी 14 से 18 सितंबर की बात करें तो सोने का हाजिर भाव 51394 से 51620 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इन पांच कारोबारी दिनों में सोना उतार-चढ़ाव के बीच 226 रुपये महंगा हो गया। अगर चांदी की बात करें तो यह 682 रुपये चढ़कर 65223 रुपये से 65905 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। इन सबके बावजूद एक्सपर्ट का मानना है कि सोना दिवाली तक 60 हजारी हो सकता है।

सितंबर के दूसरे हफ्ते का हाल: सितंबर के दूसरे हफ्ते में भी सोने-चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला। 7 से 11 सितंबर के बीच सोने का भाव 51065 रुपये से चढ़कर 51304 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया । इस दौरान यह 423 रुपये उछला। वहीं चांदी 65017 रुपये से 65424 रुपये पर पहुंच गई। इस दौरान चांदी 407 रुपये प्रति किलो मजबूत हुई।

सितंबर के पहले हफ्ते का हाल: सितंबर के पहले हफ्ते में सोना जहां 469 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ था वहीं चांदी में जबरदस्त गिरावट देखी गई थी। एक से चार सितंबर के बीच चांदी 68402 रुपये 64437 रुपये प्रति किलो पर आ गई थी। इस दौरान चांदी के हाजिर भाव में 3965 रुपये की तगड़ी चोट लगी थी।  

आगे क्या होगा: केडिया कैपिटल के अजय केडिया कहते हैं कि इस महीने सोने की कीमतों में जो गिरावट आई , उसकी वजह है पिछले दो महीनों में रुपए में आई मजबूती है। रुपया अभी 73-74 रुपए प्रति डॉलर की रेंज में है। कुछ महीनों पहले 76-77 रुपए प्रति डॉलर तक पहुंच गया था। इससे भी सोने की कीमत कम हुई है। अगर डॉलर में तेजी आएगी तो लॉन्ग टर्म में सोने के दाम और तेजी से बढ़ेंगे। यानी अगले साल तक सोना 60 से 70 हजार रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच सकता है।

दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने पिछले कुछ हफ्तों में कथिततौर पर कोरोना (Corona) वायरस संक्रमण की पुष्टि के प्रमाणपत्र प्राप्त यात्रियों को लाने को लेकर एअर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) की उड़ानों पर दो अक्टूबर तक रोक लगा दी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार के नियमों के अनुसार भारत से यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री को यात्रा से 96 घंटे पहले आरटी-पीसीआर परीक्षण कराना होगा और उनके पास परीक्षण में संक्रमण की पुष्टि नहीं होने वाला प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। एक अधिकारी ने कहा,‘‘एक यात्री के पास दो सितंबर को कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि वाला प्रमाणपत्र था और उसने चार सितंबर को एयर इंडिया एक्सप्रेस की ‘जयपुर-दुबई’ उड़ान से यात्रा की थी। इसी तरह की एक अन्य घटना पहले भी हुई थी जहां एक यात्री ने दुबई के लिए एयर लाइंस की एक अन्य उड़ान से यात्रा की थी।”

अधिकारियों ने कहा कि इसलिए दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने 18 सितंबर से दो अक्टूबर तक एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों को स्थगित कर दिया है । इस संबंध में पूछे जाने पर एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि वह यात्रियों को पेश आने वाली मुसीबतों को कम करने पर ध्यान केन्द्रित कर रहा है और वह शुक्रवार को भारत से दुबई जाने वाली उड़ानों को शारजाह ले जाने पर विचार कर रहा है। 

देश में पेट्रोल की बिक्री में लॉकडाउन के बाद पहली बार सितंबर के पहले पखवाड़े में वृद्धि दर्ज की गई। इससे ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि पेट्रोल की मांग कोरोना वायरस महामारी से पहले के स्तर पर पहुंच गई है। उद्योग जगत के प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार, एक सितंबर से 15 सितंबर के बीच पेट्रोल की बिक्री सालाना आधार पर 2.2 प्रतिशत और पिछले महीने की तुलना में सात प्रतिशत बढ़ी है। हालांकि, डीजल की बिक्री में गिरावट जारी रही।सितंबर महीने में यह सालाना आधार पर छह प्रतिशत और मासिक आधार पर 19.3 प्रतिशत कम रही है। यह पहली बार है जब दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक देश में पेट्रोल की बिक्री में 25 मार्च से देश भर में लागू लॉकडाउन के बाद हल्की वृद्धि दर्ज की गई है। लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियां चरमरा गयीं और मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के पूर्वार्द्ध में पेट्रोल की बिक्री बढ़कर 9,65,000 टन हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 9,45,000 टन रही थी। वहीं एक माह पहले एक से 15 अगस्त 2020 के दौरान पेट्रोल की खपत 9,00,000 टन रही थी।

मांग बढ़ने की ये है वजह देश में डीजल की मांग हालांकि, इस दौरान पिछले साल के 22.5 लाख टन से कम होकर 21.3 लाख टन रही। महीने भर पहले की समान अवधि यानी अगस्त के पूर्वार्द्ध में डीजल मांग 17.8 लाख टन रही थी। उद्योग जगत सूत्रों ने कहा कि जून से भारतीय अर्थव्यवस्था में लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील देने की शुरुआत हुई। हालांकि, राज्यों के स्तर पर लॉकडाउन जारी रहने से पेट्रोल की मांग तेजी से नहीं बढ़ पाई। सार्वजनिक वाहनों के बजाय निजी वाहनों को तरजीह दिए जाने से पेट्रोल की मांग बढ़ी है। इससे पहले अगस्त महीने में डीजल और पेट्रोल की मांग में तेज गिरावट देखने को मिली थी। अगस्त 2020 में डीजल और पेट्रोल की मांग सालाना आधार पर क्रमश: 21 प्रतिशत और 7.4 प्रतिशत कम हुई थी।

सितंबर महीने के पहले 15 दिन में विमानन ईंधन की बिक्री साल भर पहले की तुलना में 60 प्रतिशत कम रही लेकिन पिछले महीने की तुलना में 15 प्रतिशत बढ़कर 1,25,000 टन रही। इस दौरान रसोई गैस की बिक्री साल भर पहले की तुलना में 12.5 प्रतिशत तथा महीने भर पहले की तुलना में 13.5 प्रतिशत बढ़कर 11.3 लाख टन रही। कारों की बिक्री अगस्त माह में एक साल पहले के मुकाबले 14 प्रतिशत बढ़ी है जबकि दुपहिया वाहनों की बिक्री तीन प्रतिशत बढ़ी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चीन की वीडियो शेयर करने वाली सोशल नेटवर्किंग सेवा टिकटॉक के बारे में फैसला करने के लिए वालमार्ट और ओरेकल के दल के साथ बातचीत की है। पिछले महीने ट्रंप ने टिकटॉक और वीचैट पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए थे, जिसके तहत यदि दोनों चीनी कंपनियां अपना स्वामित्व किसी अमेरिकी कंपनी को देकर प्रतिबंध से बच सकती हैं। इस समय टिकटॉक का स्वामित्व बीजिंग स्थित बाइटडांस के पास है। शुरुआत में टिकटॉक के साथ बातचीत में माइक्रोसॉफ्ट शामिल था, हालांकि अब ओरेकल और वॉलमार्ट ने इस संबंध में बाइटडांस के साथ बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ''हम एक फैसला कर रहे हैं। हमने आज वॉलमार्ट, ओरेकल से बात की, मुझे लगता है कि माइक्रोसॉफ्ट अभी भी शामिल है। हम निर्णय लेंगे। लेकिन बहुत कुछ नहीं बदला है। हम जल्द ही निर्णय लेंगे।

इस बीच अमेरिकी सांसद टेड क्रूज, जो संसद की विदेश संबंध और न्यायपालिका से जुड़ी समितियों के एक सदस्य भी हैं, ने वित्त मंत्री स्टीवन म्नुचिन को पत्र लिखकर चिंता जताई है कि ओरेकल-टिकटॉक सौदे से अमेरिकी जनता चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रभाव में आ सकती है और ये अमेरिका की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज करता है। दरअसल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टिकटॉक को खरीदने में दिलचस्पी रखने वाली दूसरी कंपनियों ने महसूस किया कि वे चीनी सरकार की शर्तों के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में असमर्थ हैं। 

बेरोजगारी से परेशान युवाओं के लिए खुशखबरी है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत निर्माण के दौरान ही 90000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।  एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को क्रियान्वित करने वाले नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन (एनएचएसआरसीएल) ने कहा कि इसके निर्माण के दौरान ही प्रत्यक्ष और परोक्ष दोनों मिलाकर 90000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

51000 से अधिक टेक्निशियन, कुशल व अकुशल कामगारों की जरूरत कारपोरेशन की प्रवक्ता सुषमा गौर ने जारी बयान में कहा कि निर्माण सम्बंधी काम के लिए 51000 से अधिक टेक्निशियन तथा कुशल और अकुशल कामगारों की जरूरत होगी। कारपोरेशन ऐसे लोगों को विभिन्न सम्बंधित कामों के लिए प्रशिक्षण देने की सम्भावनाएं तलाश रहा है। पटरी बिछाने के लिए कारपोरेशन ठेकेदारों के कर्मियों के विशेष प्रशिक्षण की भी व्यवस्था करेगा।

अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णय से पहले बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर (Dollar) के मुकाबले रुपये (Rupee) के भाव में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 73.70 पर खुला, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले सात पैसे की गिरावट को दर्शाता है। रुपये ने जल्द ही इस गिरावट की भरपाई कर ली और पिछले बंद भाव के मुकाबले बिना किसी बदलाव के 73.64 पर कारोबार कर रहा था। छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को बताने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत बढ़कर 93.06 पर पहंच गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को सकल आधार पर 1,170.89 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसबीच ब्रेंट क्रूड वायदा 1.48 प्रतिशत बढ़कर 41.13 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया।

कोरोना काल में निर्यात के मुकाबले देश के आयात में ज्यादा गिरावट आई है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारत का निर्यात 12.66 फीसदी घटा है जबकि आयात में 26.04 फीसदी की गिरावट रही. भारत ने बीते महीने अगस्त में 22.70 अरब डॉलर की व्यापारिक वस्तुओं का निर्यात किया जबकि एक साल पहले इसी महीने में देश से 25.99 अबर डॉलर मूल्य के व्यापारिक वस्तुओं का निर्यात हुआ था. इस प्रकार, व्यापारिक वस्तुओं के निर्यात में पिछले साल के मुकाबले 12.66 फीसदी की गिरावट आई.वहीं, भारत ने इस साल अगस्त में 29.47 अरब डॉलर मूल्य का आयात किया जबकि पिछले साल इसी महीने में देश का आयात 39.85 अरब डॉलर था. इस प्रकार आयात में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले बीते महीने 26.04 फीसदी की गिरावट आई.

तेल आयात में भी गिरावट
तेल आयात अगस्त महीने में 6.42 अरब डॉलर था जोकि पिछले साल के इसी महीने के 11 अरब डॉलर के मुकाबले 41.62 फीसदी कम है. भारत ने अप्रैल से अगस्त के दौरान 26.03 अरब डॉलर मूल्य का तेल आयात किया जोकि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 53.61 फीसदी कम है. मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बीते महीने अगस्त में पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले मशीनरी, इलेक्ट्रिकल और गैर-इलेक्ट्रिकल उत्पादों के आयात में 41.58 फीसदी जबकि कोयला, कोक और ब्रिकेट आदि के आयात में 37.83 फीसदी, कार्बनिक व अकार्बनिक रसायनों के आयात में 18.36 फीसदी और इलेक्ट्रॉनिक गुड्स के आयात में 11.67 फीसदी की गिरावट आई.

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) 0.05 प्रतिशत घटा दी है। यह कटौती सभी अवधि के कर्ज के लिये की गयी है। नई दरें मंगलवार से प्रभाव में आएंगी। बैंक ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उसने एक साल के एमसीएलआर 7.15 प्रतिशत से कम कर 7.10 प्रतिशत कर दिया है। एक दिन और एक महीने की एमसीएलआर कम होकर अब 6.55 प्रतिशत हो गयी है जो पहले 6.60 प्रतिशत थी।

बैंक ने तीन महीने और छह महीने की अवधि वाली एमसीएलआर भी कम की है। इससे पहले, पिछले सप्ताह यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और बैंक आफ महाराष्ट्र ने भी एमसीएलआर में क्रमश: 0.05 प्रतिशत, 0.10 प्रतिशत और 0.10 प्रतिशत की कटौती की थी।

सोने-चांदी की कीमतों में आज बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आज देश भर के सर्राफा बाजारों में सोना-चांदी दोनों तेजी के साथ खुले। मंगलवार को 24 कैरेट गोल्ड का भाव सोमवार के मुकाबले के मुकाबले 399 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा खुला। सोना आज 51793 रुपये पर खुला। वहीं 23 कैरेट सोना 51586 रुपये, 22 कैरेट सोना 47442 रुपये और 18 कैरेट सोना 38845 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से खुला। जबकि चांदी में आज 1446 रुपये उछाल के साथ खुली। मंगलवार यानि आज चांदी हाजिर 66669 रुपये प्रति किलो पर खुली। 

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (ibjarates.com) के मुताबिक 15 सितंबर 2020 को देशभर के सर्राफा बाजारों सोने-चांदी के हाजिर भाव इस प्रकार रहे...

बता दें कि IBJA द्वारा जारी किए गए रेट देशभर में सर्वमान्य है। हालांकि इस वेबसाइट पर दिए गए रेट में जीएसटी (GST) शामिल नहीं किया गया है। सोना खरीदते-बेचते समय आप IBJA के रेट का हवाला दे सकते हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन दिल्ली के मीडिया प्रभारी राजेश खोसला के मुताबिक ibja देशभर के 14 सेंटरों से सोने-चांदी का करेंट रेट लेकर इसका औसत मूल्य बताता है। खोसला कहते हैं कि सोने-चांदी का करेंट रेट या यूं कहें हाजिर भाव अलग-अलग जगहों पर अलग हो सकते हैं पर इनकी कीमतों में मामूली अंतर होता है।

चीनी मोबाइल कंपनियों पर निर्भरता खत्म करने और देश में ही सस्ते 4जी स्मार्टफोन का निर्माण करने के लिए देसी कंपनियों ने कमर कस ली है। उद्योग सूत्रों के अनुसार, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो ने देसी मोबाइल कंपनियों से साझेदारी कर 1000 से 2500 रुपये तक के स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, एयरटेल ने स्थानीय ब्रैंड्स के साथ मिलकर लॉक्ड और अनलॉक्ड दोनों तरह के स्मार्टफोन लाने की तैयारी की है। हालांकि, भारत में लॉक्ड डिवाइस का बहुत ज्यादा चलन नहीं है। वहीं, यूएस और कई दूसरे पश्चिमी देशों में टेलिकॉम ऑपरेटर्स स्मार्टफोन कंपनियों के साथ मिलकर ऐसे फोन लाती हैं जो टैरिफ प्लान या मंथली पेमेंट ऑप्शन के साथ आते हैं। अब भारती एयरटेल भी भारत में ऐसे ही फोन ला सकती है।

वहीं, रिलायंस जियो जल्द ही 10 करोड़ से ज्यादा सस्ते स्मार्टफोन लाने जा रही है। यह ऐंड्रायड स्मार्टफोन होंगे और इनके साथ में डेटा पैक्स भी शामिल होगा। सूत्रों ने बताया कि रिलायंस जियो ऐंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले 10 करोड़ से ज्यादा सस्ते स्मार्टफोन की मैनुफैक्चरिंग करना चाहती है। इन स्मार्टफोन को दिसंबर, 2020 तक लॉन्च किया जा सकता है।

चीनी कंपनियों को मिलेगी टक्कर: रिलायंस और एयरटेल की ओर से देश में सस्ते 4जी स्मार्टफोन पेश करने के बाद चीनी स्मार्टफोन कंपनी शियोमी, रियलमी, ओप्पो और वीवो जैसे ब्रैंड्स को कड़ी टक्कर मिलेगी। चीनी फोन कंपनियों का भारतीय स्मार्टफोन बाजार में बड़ा मार्केट शेयर है। यहां बिकने वाले हर 10 में से 8 स्मार्टफोन चीनी कंपनी के होते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी मोबाइल कंपनियों का भारतीय मोबाइल बाजार पर 75 फीसदी से अधिक कब्जा है।

चीन की कंपनियों का प्रोडक्शन घटा: चीन के साथ भारत के सीमा विवाद से चीनी मोबाइल कंपनियों के प्रोडक्शन पर काफी असर हुआ है। शियोमी, ओपो, वीवो और रीयलमी जैसी चीनी कंपनियों के हजारों करोड़ रुपयों के स्मार्टफोन का प्रोडक्शन काफी प्रभावित हुआ है। इसकी वजह ये है कि चीन से आने वाले इनके कॉम्पोनेंट नहीं पहुंच पा रहे हैं, क्योंकि बंदरगाहों पर इस समय सख्त चेकिंग हो रही है और सप्लाई घट गई है।

निजी क्षेत्र की साधारण बीमा आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने अपने बीमा उत्पादों की बिक्री के लिए यस बैंक के साथ बैंकएश्योरेंस करार किया है। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि इस भागीदारी से बैंक के ग्राहकों की उसके बीमा पोर्टफोलियो तक पहुंच उपलब्ध होगी। बैंकएश्योरेंस बैंक और बीमा कंपनी के बीच करार होता है।

इसके जरिये बीमा कंपनी के उत्पादों की पेशकश बैंक के ग्राहकों को की जाती है। इस करार के जरिये आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का लक्ष्य देश के 28 शहरों और आठ संघ शासित प्रदेशों में यस बैंक के ग्राहकों को नवोन्मेषी बीमा समाधान उपलब्ध कराने का है। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कार्यकारी निदेशक संजीव मंत्री ने कहा, ‘‘दोनों ब्रांडों के बीच इस तालमेल से यस बैंकों के ग्राहकों को लाभ मिल सकेगा।”

बिजली मंत्री आर के सिंह ने रविवार को कहा कि सरकार गरीबों की मदद के लिए व्यापक स्तर पर खाना पकाने में बिजली के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने पर विचार कर रही है।  बिजली मंत्रालय के बयान के अनुसार मंत्री ने कहा कि समाज के गरीब तबकों को उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए सस्ते विकल्प के रूप में बिजली उपलब्ध करायी जाएगी। इससे न केवल देश आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा बल्कि आयात (पेट्रोलियम) पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी। 

मंत्री ने एनटीपीसी के नबीनगर, बाढ़ और बरौनी में क्रमश: सर्विस बिल्डिंग, शॉपिंग परिसर और मेन प्लांट कैंटीन का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें कही। ये केंद्र बिहार के लोगों और एनटीपीसी के कर्मचारियों की सुविधा के लिये बनाए गए हैं। सिंह ने कहा, ''बिजली भारत का भविष्य है और आने वाले समय में देश की ज्यादातर बुनियादी सुविधाएं बिजली ऊर्जा पर ही निर्भर होंगी।

गरीब वर्ग को खाना पकाने के लिए सस्ते विकल्प

उन्होंने कहा कि सरकार ने मंत्रालय स्तर पर एक पावर फाउन्डेशन के गठन का प्रस्ताव किया है। इसके लक्ष्यों में खाना पकाने के काम में सिर्फ बिजली का उपयोग किया जाना शामिल हैं। इससे न केवल हमारी अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर होगी बल्कि आयात पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।  सिंह ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए कार्यरत है और यह कदम समाज के गरीब वर्ग को खाना पकाने के लिए सस्ते विकल्प उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लॉकडाउन के दौरान भी गरीबों को ध्यान में रखते हुए पीएम आवास योजना और हर घर बिजली जैसी योजनाओं पर काम करना जारी रखा है।   मंत्री ने एनटीपीसी के विभिन्न प्रयासों की सराहना की, जो देश के आर्थिक विकास की दिशा में इस बिजली उत्पादक कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शातें हैं।

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग ने सोमवार को भारत के लिए अपने विकास के पूर्वानुमान को घटा दिया है। एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9 फीसद गिरावट का अनुमान लगाया है। इससे पहले उसने 5 फीसद की गिरावट की आशंका जताई थाी।  एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स एशिया-प्रशांत के अर्थशास्त्री विश्रुत राणा ने कहा, ''कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ने की वजह से निजी आर्थिक गतिविधियां रुकी हुई हैं। पिछले सप्ताह दो अन्य वैश्विक रेटिंग एजेंसियों मूडीज और फिच ने भी भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाया था। मूडीज ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 11.5 प्रतिशत तथा फिच ने 10.5 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है। हालांकि, गोल्डमैन सैश का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 14.8 प्रतिशत की गिरावट आएगी। 

अमेरिकी रेटिंग एजेंसी ने कहा, ''कोविड-19 के बढ़ते मामलों की वजह से भारत में निजी खर्च और निवेश लंबे समय तक निचले स्तर पर रहेगा। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स का अनुमान है कि 31 मार्च, 2021 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 9 प्रतिशत की गिरावट आएगी।  इससे पहले एसएंडपी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में 5 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया गया था। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली अप्रैल-जून की तिमाही में जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की गिरावट उम्मीद से कहीं अधिक रही है। 

एसएंडपी ने कहा, ''जून में भारत ने लॉकडाउन में ढील दी। हमारा मानना है कि इस महामारी की वजह से देश में आर्थिक गतिविधियां अभी बाधित रहेंगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूटीओ) के आंकड़ों के अनुसार 11 सितंबर को समाप्त सप्ताह में भारत में प्रतिदिन औसतन 90,000 संक्रमण के नए मामले आए। अगस्त में यह औसत 70,000 प्रतिदिन का था।  रेटिंग एजेंसी ने कहा कि जब तक कि वायरस का प्रसार का रुकता नहीं है, उपभोक्ता बाहर निकलकर खर्च करने में सतर्कता बरतेंगे तथा कंपनियां दबाव में रहेंगी। 

मूडीज ने लगाया है 11.5 फीसद की कमी का अनुमान

मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने चालू वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 11.5 फीसद की कमी आने का नया अनुमान व्यक्त किया है। इससे पहले मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था में चार फीसद की गिरावट का अनुमान लगाया था।  रेटिंग एजेंसी ने शुक्रवार को कहा कि भारत का साख परिवेश निचली वृद्धि, ऊंचे कर्ज तथा कमजोर वित्तीय प्रणाली से प्रभावित हो रहा है। कोरोना वायरस महामारी की वजह से ये जोखिम और बढ़े हैं। 

मूडीज ने कहा, ''अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रणाली में गहरे दबाव से देश की वित्तीय मजबूती में और गिरावट आ सकती है। इससे साख पर दबाव और बढ़ सकता है।  मूडीज ने कहा कि उसका अनुमान है कि 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 11.5 फीसद की गिरावट आएगी। मूडीज ने कहा है कि हालांकि अगले वित्त वर्ष 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था 10.6 फीसद की वृद्धि दर्ज करेगी। इससे पहले एक वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 10.5 फीसद की गिरावट का अनुमान लगाया है। घरेलू रेटिंग एजेंसियों क्रिसिल और इंडिया रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में क्रमश: 9 फीसद और 11.8 फीसद की गिरावट का अनुमान लगाया है।

सोने-चांदी की कीमतों में आज गिरावट देखने को मिल रही है। आज देश भर के सर्राफा बाजारों में सोना-चांदी दोनों गिरावट के साथ खुले। सोमवार को शुक्रवार के मुकाबले 24 कैरेट सोने के हाजिर भाव में मामूली गिरावट दर्ज की जा रही है। सोने का हाजिर भाव आज 55 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर 51386 रुपये पर खुला। वहीं 23 कैरेट सोना 51180 रुपये, 22 कैरेट सोना 47070 रुपये और 18 कैरेट सोना 38540 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से खुला। वहीं चांदी 198 रुपये नीचे खुली। आज चांदी 65226 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है।  

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (ibjarates.com) के मुताबिक 14 सितंबर 2020 को देशभर के सर्राफा बाजारों सोने-चांदी के हाजिर भाव इस प्रकार रहे...

बता दें कि IBJA द्वारा जारी किए गए रेट देशभर में सर्वमान्य है। हालांकि इस वेबसाइट पर दिए गए रेट में जीएसटी (GST) शामिल नहीं किया गया है। सोना खरीदते-बेचते समय आप IBJA के रेट का हवाला दे सकते हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन दिल्ली के मीडिया प्रभारी राजेश खोसला के मुताबिक ibja देशभर के 14 सेंटरों से सोने-चांदी का करेंट रेट लेकर इसका औसत मूल्य बताता है। खोसला कहते हैं कि सोने-चांदी का करेंट रेट या यूं कहें हाजिर भाव अलग-अलग जगहों पर अलग हो सकते हैं पर इनकी कीमतों में मामूली अंतर होता है। 

कोरोना के दौर में रोजगार पर दबाव और अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बीच सोने में निवेश को लेकर निवेशकों में उत्साह और बढ़ गया है। इस साल सिर्फ पांच माह में सोने में और खासकर ई-गोल्ड में निवेश तीन गुना बढ़ा है। रि्जर्व बैंक और एसोसिएशन ऑफ म्यूचु्अल फंड इंडिया के आंकड़ों में यह बात सामने आई है। रिजर्व बैंक के छह सीरीज में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी किया है, जिसमें निवेशकों ने 10130 करोड़ रुपये का निवेश किया है। चालू वित्त वर्ष के पांच माह में गोल्ड ईटीएफ में 3900 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। कुल मिलाकर इस अवधि में ई-गोल्ड में 14 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है जो पिछले साल की इसी अवधि से करीब तीन गुना अधिक है।

बॉन्ड में खूब हो रहा निवेश पिछले साल अप्रैल-अगस्त के बीच गोल्ड ईटीएफ में महज 75 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। जबकि इसी अवधि में सॉवरेन गोल़्ड बॉन्ड में 5741 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। निवेशकों को भी सोने ने निराश नहीं किया है। पिछले एक साल में सोने के दाम में 31 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती या उथल-पुथल की स्थिति में सोना सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। साथ ही इसे जब चाहे बेचकर नकदी हासिल की जा सकती है। इसकी वजह से निवेशक इसे पसंद करते हैं।

एंजल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी) अनुज गुप्ता का कहना है कि मौजूदा समय में भारत-चीन और अमेरिका-चीन के साथ ही चीन का कई देशों के साथ तनाव चल रहा है। ऐसे में दुनियाभर में अनिश्चतता का माहौल है। वहीं दूसरी ओर कोरोना के प्रसार पर भी बहुत ज्यादा अंकुश नहीं लग पाया है। इस स्थिति में निवेशक सोने को ज्यादा सुरक्षित समझते हैं। गुप्ता का यह भी कहना है कि कोरोना की वजह से अभी भी उपभोक्ता सोना खरीदने के लिए स्टोर पर बहुत कम जा रहे हैं। लेकिन वह घर बैठे ई-गोल्ड के जरिये सोने में निवेश कर रहे हैं। यही वजह से कोरोना शुरू होने के बाद ई-गोल्ड के निवेश में बहुत तेजी आई है।

कोरोना वायरस महामारी के बीच केंद्र सरकार के सभी पेंशनर्स अपना जीवन प्रमाणपत्र एक नवंबर से 31 दिसंबर के बीच जमा करा सकते हैं। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को यह घोषणा की।  उन्होंने कहा कि इससे पहले पेंशन जारी रखने के लिए जीवन प्रमाणपत्र सिर्फ नवंबर माह में जमा कराया जा सकता था। सिंह ने कहा कि महामारी तथा बुजुर्गों को इससे खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। 

मंत्री ने कहा, ''केंद्र सरकार के सभी पेंशनर्स एक नवंबर, 2020 से 31 दिसंबर, 2020 तक जीवन प्रमाणपत्र जमा करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 80 साल से अधिक आयु के पेंशनर्स एक अक्टूबर, 2020 से 31 दिसंबर, 2020 तक जीवन प्रमाणपत्र जमा करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि विस्तारित अवधि के दौरान वितरण प्राधिकरण पेंशनभोगियों को बिना किसी रुकावट पेंशन का भुगतान करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने का समय बढ़ने से बुजुर्गों को काफी राहत मिलेगी। 

मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैंक शाखाओं में भीड़भाड़ से बचने के लिए बैंकों से कहा गया है कि वे रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के दायरे में पेंशनभोगियों से जीवन प्रमाणपत्र लेने के लिए वीडियो आधारित ग्राहक पहचान प्रक्रिया (वी-सीआईपी) का इस्तेमाल करने का प्रयास करें। 

ऐसे निकाल सकते हैं ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र

वैसे जीवन प्रमाण पत्र की हार्ड कॉपी को बैंक मैनेजर या गजेटेड अधिकारी से अटेस्ट कराने के बाद जमा किया जाता है। वहीं ऑनलाइन प्रमाण पत्र किसी भी ईपीएफओ कार्यालय, पेंशन देने वाले बैंक, उमंग ऐप या कॉमन सर्विस सेंटर में जमा हो सकता है। जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के बाद पेंशनभोगी को ईपीएफओ कार्यालय में कोई भी दस्तावेज भेजने की जरूरत नहीं।  डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के बायोमेट्रिक वैरिफिकेशन के दौरान आपको आधार कार्ड नंबर, पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) नंबर, बैंक अकाउंट का विवरण और मोबाइल नंबर डालना होता है।

शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 14.23 अंकों की तेजी के साथ 38,854.55 और निफ्टी 15.20 अंकों की बढ़त के साथ 11,464.45 के स्तर पर बंद हुआ। आज सेंसेक्स की 10 कंपनियों को छोड़कर बाकी सभी 20 लाल निशान पर बंद हुई है।

आज सुबह शेयर बाजार कल की बढ़त को बनाए रखते 40000 के करीब पहुंचता लग रहा था लेकिन बाद में शेयर बाजार में बिकवाली नजर आने लगी। आज सेंसेक्स 136.93 अंकों की तेजी के साथ 38,977.25 के स्तर पर खुला। कल रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में जोरदार उछाल सेंसेक्स ने 646 अंक की लंबी छलांग लगाई।

आज सबसे ज्यादा 2.83 फीसदी की तेजी एसबीआई में नजर आई। टेक महिंद्रा, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, कोटक बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक, बजाज ऑटो और रिलायंस बढ़त के साथ हरे निशान पर बंद हुए। आईसीआईसीआई, ओएनजीसी, एनटीपीसी, बजाज फिन, टाटा स्टील, एलएंडटी, सनफार्मा, एनटीपीसी, एयरटेल आदि गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए।

इन कारणों से रही बाजार में तेजी
ब्रोकरों के अनुसार बड़ी कंपनियों में तेजी के रुख और विदेशी पूंजी के प्रवाह ने बाजार की धारणा प्रभावित की। इसलिए बाजार में बढ़त का रुख देखा जा रहा है। इसके अलावा बाजार में तेजी के रुख की एक बड़ी वजह भारत-चीन के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी की बातचीत में पांच सूत्रीय रुपरेखा पर सहमति बनना भी है।

कल 646 अंक की बढ़त के साथ हुआ बंद
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 646.40 अंक या 1.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38,840.32 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 171.25 अंक या 1.52 प्रतिशत के लाभ के साथ 11,449.25 अंक पर बंद हुआ।

एलपीजी वितरक चयन द्वारा हिंदुस्तान गैस डीलरशिप / LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए आपका चयन किया गया है। यह मैसेज अगर आपके मोबाइल फोन या मेल पर पर आए तो आपको खुशी का ठिकाना नहीं होगा। जिस गैस एजेंसी को पाने के लिए लोग एड़ी-चोटी का जोर लगा देते हैं वह इतनी आसानी से मिले तो कौन नहीं फूले समाएगा, लेकिन अगर आप भी ऐसे खुश हो रहे हैं तो जान लीजिए सोशल मीडिया पर LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स को लेकर वायरल हो रही यह पोस्ट पूरी तरह से फेक है।

वायरल पोस्ट में बताया गया है कि एलपीजी वितरक चयन द्वारा हिंदुस्तान गैस डीलरशिप / LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए आपका चयन किया गया है। दरअसल एक फेक वेबसाइट बनाकर और अनुमोदन पत्र जारी कर लोगों से रजिस्ट्रेशन के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि आपसे लिया जा रहा रजिस्ट्रेशन अमाउंट रिफंडेबल है, जिसे बाद में वापस कर दिया जाएगा।

लेटर और वेबसाइट फेक

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस फर्जी दावे की जांच जब पीआईबी ने की तो पता चला यह लेटर और वेबसाइट फेक है। पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा है कि इससे जुड़ी ऐसी कोई भी खबर LPG की वेबसाइट पर नहीं है। भारत सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक ने इस अनुमोदन पत्र को फेक बताते हुए कहा, फर्जी पत्र और वेबसाइट आवेदकों को धोखा देने के लिए बनाई गई हैं। प्रामाणिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट http://lpgvitarakchayan.in पर जाएं।

पिछले कई दिनों से सोने-चांदी के हाजिर भाव में चल रही तेजी पर आज ब्रेक लग गया। आज देश भर के सर्राफा बाजारों में सोना-चांदी दोनों गिरावट के साथ खुले।  चांदी के रेट में आज 839 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखी जा रही है तो वहीं 14 से 24 कैरेट तक के सोने की कीमतों में भी कमी दिख रही है। शुक्रवार को सर्राफा बाजारों 24 कैरेट सोना गुरुवार के बंद भाव 51476 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 172 रुपये चढ़कर सस्ता होकर 51304 रुपये पर खुला।वहीं, चांदी 65252 रुपये प्रति किलो के रेट से खुली।

सोना-चांदी क्यों हुए सस्ते वहीं वैश्विक बाजारों में पिछले सत्र में मजबूत लाभ दर्ज करने के बाद सोने की कीमतें आज गिर गईं। पिछले सत्र में यूरो के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में गिरावट आई, लेकिन वैश्विक आर्थिक सुधार पर चिंताओं ने सोने के नुकसान को कम रखा। पिछले सत्र में 1,965.94 डॉलर की वृद्धि के बाद हाजिर सोना 0.3% की गिरावट के साथ 1,947.41 डॉलर प्रति औंस पर था।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (ibjarates.com) के मुताबिक 11 सितंबर 2020 को देशभर के सर्राफा बाजारों सोने-चांदी के हाजिर भाव इस प्रकार रहे...

बता दें कि IBJA द्वारा जारी किए गए रेट देशभर में सर्वमान्य है। हालांकि इस वेबसाइट पर दिए गए रेट में जीएसटी (GST) शामिल नहीं किया गया है। सोना खरीदते-बेचते समय आप IBJA के रेट का हवाला दे सकते हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन दिल्ली के मीडिया प्रभारी राजेश खोसला के मुताबिक ibja देशभर के 14 सेंटरों से सोने-चांदी का करेंट रेट लेकर इसका औसत मूल्य बताता है। खोसला कहते हैं कि सोने-चांदी का करेंट रेट या यूं कहें हाजिर भाव अलग-अलग जगहों पर अलग हो सकते हैं पर इनकी कीमतों में मामूली अंतर होता है। 

लॉकडाउन के बाद से पहली बार गुरुवार को घरेलू उड़ानों की संख्या 1,300 के पार और हवाई यात्रियों की संख्या 1.32 लाख के पार पहुँच गई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, कल रिकॉर्ड 1,308 उड़ानें रवाना हुईं। इन उड़ानों में कुल 1,32,293 यात्रियों ने सफर किया जो पूर्णबंदी के बाद का नया रिकॉर्ड है। पूर्णबंदी के दौरान 25 मार्च से देश में सभी प्रकार की नियमित यात्री उड़ानों पर रोक लगा दी गई थी। दो महीने के अंतराल के बाद 25 मई से घरेलू यात्री उड़ानें दुबारा शुरू की गई हैं।

पहले कोविड-पूर्व की तुलना में एक-तिहाई उड़ानों की अनुमति दी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर अब 60 प्रतिशत कर दिया गया है। कोविड-19 महामारी से पहले देश में रोजाना औसतन तीन हजार उड़ानें रवाना होती थीं, जिनमें तीन लाख के करीब यात्री सफर करते थे। यात्रियों की संख्या कम रहने के कारण विमान सेवा कंपनियाँ अभी 60 फीसदी उड़ानों का भी परिचालन नहीं कर रही हैं।

ब्रिटिश एयरवेज की लंदन-हैदराबाद उड़ान 12 सितंबर से

ब्रिटिश एयरवेज की लंदन के हीथ्रो हवाईअड्डे से हैदराबाद की उड़ान सेवा 12 सितंबर से शुरू होगी। कंपनी ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय विशेष उड़ान समझौते (एयर बबल पैक्ट) के तहत कंपनी फिलहाल सिर्फ हैदराबाद से लंदन के लिए उड़ानें संचालित कर रही है। कंपनी ने कहा कि शनिवार से वह लंदन से हैदराबाद के बीच हफ्ते में चार उड़ानें चलाएगी।

इसके अलावा कंपनी वर्तमान में दिल्ली, मुंबई और लंदन के बीच भी उड़ान सेवाएं परिचालित कर रही है। चेन्नई और बेंगलूरू से भी लंदन के हीथ्रो के लिये उड़ानें हो रही है। कुल मिलाकर भारत से ब्रिटेन के लिये हैदराबाद की उड़ान सहित सप्ताह में 23 उड़ानें हो रही हैं। कोविड-19 संकट के चलते देश में मार्च में लगाए गए लॉकडाउन की वजह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। घरेलू उड़ानों को सीमित क्षमता और कड़े मानकों के साथ 25 मई से परिचालन की अनुमति दी गई। जबकि वंदे भारत मिशन समेत अमेरिका, फ्रांस, कुवैत, कतर, ब्रिटेन, कनाडा और जर्मनी के साथ द्विपक्षीय एयर बबल पैक्ट के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का भी परिचालन शुरू किया गया है।

भारत से नई उड़ानें शुरू करेगी यूनाइटेड एयरलाइंस अमेरिकी विमान सेवा कंपनी यूनाइटेड एयरलाइंस बेंगलुरु और दिल्ली से अमेरिका के लिए नई उड़ानें शुरू करेगी। एयरलाइन ने गुरुवार को बताया कि वह इस साल दिसंबर में दिल्ली से शिकागो के लिए दैनिक उड़ान शुरू करेगी। इसके अलावा अगले साल वह बेंगलुरु से सैनफ्रांसिस्को की दैनिक उड़ान शुरू करेगी। यह बेंगलुरु से अमेरिका के लिए पहली नॉन-स्टॉप उड़ान होगी। यूनाइटेड एयरलाइंस की दिल्ली और मुंबई से न्यूयॉर्क/नेवॉर्क तथा दिल्ली से सैनफ्रांसिस्को की सेवा पहले से है। नई उड़ानों के शुरू होने पर वह भारत और अमेरिका के बीच सबसे अधिक नॉन-स्टॉप सेवा देने वाली अमेरिकी एयरलाइन बन जाएगी।

ग्लोबल इकोनॉमिक फ्रीडम इंडेक्स 2020 में भारत 26 स्थान नीचे खिसककर 105वें स्थान पर पहुंच गया है। इसका मतलब यह है कि भारत में आर्थिक-कारोबारी गतिविधियों के मामले में आजादी पहले से कम हो गई है। साल 2019 की रिपार्ट में भारत 79 वें स्थान पर था लेकिन अब ये खिसककर 105वें स्थान पर आ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वैश्विक स्तर पर व्यापार की स्वतंत्रता, फाइनेंस, श्रम और व्यवसाय के रेगुलेशन जैसी कसौटियों पर भारत की स्थिति बहुत अच्छी नहीं रही जिसके कारण रैंकिंग गिरी है।

इन देशों ने बनाई टॉप 10 में जगह न्यूज एजेंसी के मुताबिक इस सूची में हांगकांग और सिंगापुर क्रमश: पहले और दूसरे स्थान पर रहे और चीन 124वें स्थान पर रहा। कारोबारी आजादी के मामले में भारत चीन से आगे है। टॉप 10 की लिस्ट में हांगकांग और सिंगापुर के बाद न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, मॉरीशस, जॉर्जिया, कनाडा और आयरलैंड शामिल हैं। जापान को सूची में 20वां, जर्मनी को 21वां, इटली को 51वां, फ्रांस को 58वां, रूस को 89वां और ब्राजील को 105वां स्थान मिला है।

ये देश रहे सबसे नीचे अफ्रीकी देश लिस्ट में सबसे नीचे रहे। इनमें  कांगो, जिम्बाब्वे, अल्जीरिया, ईरान, सूडान, वेनेजुएला आदि शामिल हैं। ये सर्वे कुल 162 देशों पर किया गया।

क्यों आई भारत की रैंकिंग में गिरावट रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक वर्ष में सरकार के आकार, न्यायिक प्रणाली और सम्पत्ति के अधिकार, वैश्विक स्तर पर व्यापार की स्वतंत्रता, वित्त, श्रम और व्यवसाय के रेगुलेशन जैसी कसौटियों पर भारत की स्थिति थोड़ी अच्छी नहीं रही।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने व्यक्तिगत गारंटरों के खिलाफ दिवालिया शोधन प्रक्रिया (आईआरपी) की वैधानिकता को चुनौती देने वाली पुंज लॉयड के संस्थापक अतुल पुंज की याचिका पर बुधवार को केन्द्र सरकार, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और आईबीबीआई से जवाब मांगा है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी एन पटेल एवं न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने केन्द्र, एसबीआई और दी इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आईबीबीआई) को नोटिस जारी कर पुंज द्वारा दायर की गई याचिका पर अपना पक्ष रखने को कहा। मुख्य न्यायाधीश की पीठ द्वारा इस मामले में नोटिस जारी किए जाने पहले पुंज एक अन्य ऐसी ही याचिका में भी नोटिस जारी किया जिसमें एसबीआई के बजाय एलएंडटी इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस पक्षकार है। दरअसल अतुल पुंज ने दूसरी याचिका में भी आईबीबीआई नियमावली 2019 की वैधानिकता को चुनौती दी है। पीठ ने नोटिस जारी करते हुए पुंज को वैसी किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया, जैसी राहत हाल ही में रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के अध्यक्ष अनिल अंबानी को इसी तरह की याचिका में एक अन्य पीठ द्वारा दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि वह इस मामले में सुनवाई कर रहे हैं तथ्य सामने आने पर ही कुछ निर्णय करेंगे। लेकिन बहरहाल कोई राहत जैसा आदेश नहीं दिया जा रहा।

अमेरिकी मुद्रा में कमजोरी तथा घरेलू शेयर बाजारों के सकारात्मक रुख से बृहस्पतिवार को रुपया (Rupee) नौ पैसे की बढ़त के साथ 73.46 (अस्थायी) प्रति डॉलर (Dollar) पर बंद हुआ। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 73.42 प्रति डॉलर पर मजबूत खुला। अंत में यह नौ पैसे की बढ़त के साथ 73.46 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। 

दिन में कारोबार के दौरान रुपये ने 73.16 प्रति डॉलर का उच्चस्तर छुआ। यह 73.50 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक भी गया। बुधवार को रुपया 73.55 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी मुद्रा का रुख दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.19 प्रतिशत के नुकसान से 93.07 पर आ गया। 

Weekly Expiry के दिन बाजार आज भरपूर जोश में दिखा। RIL की तेजी ने बाजार में जोश भर दिया। दिन के कारोबार में Nifty आज 11,400 के पार निकला। ब्याज पर ब्याज माफी केस का फैसला टलने से Nifty Bank Intraday में 22,650 के ऊपर पहुंचा। कारोबार के अंत में निफ्टी आज 171.25 अंक यानी 1.52 फीसदी की बढ़त के साथ  11,449.25 के स्तर पर बंद हुआ है। वहीं, Sensex 646.40 यानी 1.69 फीसदी की बढ़त के साथ 38,840.32 के स्तर पर बंद हुआ है। निफ्टी बैंक 199 अंक चढ़कर 22,466 पर बंद हुआ है। मिडकैप 203 अंक चढ़कर 16,653 पर बंद हुआ है। सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयरों में खरीदारी रही। निफ्टी के 50 में से 32 शेयरों में खरीदारी रही। बैंक निफ्टी के 12 में से 9 शेयरों में तेजी दिखी।  

सूत्रों के हवाले से एक्लूसिव जानकारी मिली है  जिसके मुताबिक Adani Ent अपने एयरपोर्ट करोबार में  हिस्सा बेच सकती है। कंपनी की इस हिस्सा बिक्री से  7500 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी है। सूत्रों के मिताबिक कंपनी Adani Airport Holdings में हिस्सा बेचने के लिए PE फंड्स, मिडिल ईस्ट Sovereign Funds से चर्चा कर रही है। Qatar Invt Authority से भी बात आगे बढ़ी है। इस बिक्री से मिले पैसे का इस्तेमाल मुंबई एयरपोर्ट के विस्तार पर खर्च होगा। एयरपोर्ट कारोबार का डीमर्जर हो सकता है। ADANI ENT बाद में मुंबई एयरपोर्ट का IPO ला सकती है।  बता दें कि Adani Group का MIAL(मुंबई एयरपोर्ट)  में मेजोरिटी हिस्सा है। 

दुनिया के टॉप 10 अमीरों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी सातवें स्थान से छलांग लगाकर एक बार फिर पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं। एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी कुछ दिन पहले चौथे स्थान तक पहुंच गए थे। अंबानी की रैंकिंग में यह उछाल आज यानी गुरुवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी की वजह से आई है। अमेरिकी कंपनी द्वारा रिलायंस रिटेल में हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा से RIL के शेयरों में तेजी आई और शेयर रिकॉर्ड नई ऊंचाई पर पहुंच गए। रिलायंस जियो के बाद अब रिलायंस रिटेल में सिल्वर लेक 1.75 फीसदी हिस्सा 7500 करोड़ रुपये में खरीदेगी। 

बता दें एशिया के सबसे अमीर मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों ने गुरुवार को शेयर बाजारों में कारोबार की शुरुआत से ही लंबी छंलाग भरी और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 14 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। उनके नेटवर्थ में दोपहर दो बजे तक 7.9 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हो चुकी थी। इस वजह से अब उनका नेटवर्थ 88.4 अरब डॉलर हो गया है। अब मुकेश अंबानी एलन मस्क और  वारेन बफेट से आगे पहुंच गए हैं। 

फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट के मुताबिक मार्क जुकरबर्ग चौथे स्थान पर हैं। वहीं छठे नंबर पर वॉरेन बफेट हैं और सातवें पर एलन मस्क हैं। पहले नंबर पर अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस, दूसरे पर बिलगेट्स और तीसरे स्थान बरनार्ड अर्नाल्ट एंड फैमिली है। 

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रचा इतिहास

रिलायंस इंडस्ट्रीज आज इतिहास रचते हुए  200 अरब डॉलर (करीब 15 लाख करोड़ रुपये) का मार्केट कैपिटल छूने वाली भारत की पहली कंपनी बन गई। कारोबार के दौरान गुरुवार को RIL के शेयर ने नया रिकॉर्ड बनाया। बीएसई पर आरआईएल के शेयर 8.45 फीसदी की तेजी के साथ 2,343.90 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। शेयर में तेजी से कंपनी का मार्केट कैप 200 अरब डॉलर के पार हो गया था।

 

फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 10.5 प्रतिशत की भारी गिरावट का अनुमान लगाया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिरावट के सबसे ऊंचे आंकड़ों में से है। कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में सख्त लॉकडाउन लगाया गया था। इसे अर्थव्यवस्था में गिरावट की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।

फिच रेटिंग्स ने मंगलवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी यानी अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में जीडीपी में सुधार देखने को मिलेगा। हालांकि, इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि अर्थव्यवस्था में सुधार की रफ्तार सुस्त और असमान रहेगी।

फिच ने कहा कि हमने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के अपने अनुमान को संशोधित कर -10.5 प्रतिशत कर दिया है। जून में जारी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था में गिरावट के अनुमान को पांच प्रतिशत बढ़ाया गया है। फिच ने इससे पहले चालू वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में पांच प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया था।

सोने-चांदी के हाजिर भाव में आज बदलाव देखने को मिला। मंगलवार को देशभर के सर्राफा बाजारों 24 कैरेट सोने के भाव में मामूली तेजी देखने को मिली। आज 10 ग्राम सोने का भाव 167 रुपये की तेजी के साथ 51,185 रुपये पर खुला। वहीं, चांदी का भाव 704 रुपये की बढ़त के साथ 65,721 रुपये पर खुला।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट  के मुताबिक 8 सितंबर 2020 को देशभर के सर्राफा बाजारों सोने-चांदी के हाजिर भाव इस प्रकार रहे...

बता दें कि IBJA द्वारा जारी किए गए रेट देशभर में सर्वमान्य है। हालांकि इस वेबसाइट पर दिए गए रेट में जीएसटी (GST) शामिल नहीं किया गया है। सोना खरीदते-बेचते समय आप IBJA के रेट का हवाला दे सकते हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन दिल्ली के मीडिया प्रभारी राजेश खोसला के मुताबिक ibja देशभर के 14 सेंटरों से सोने-चांदी का करेंट रेट लेकर इसका औसत मूल्य बताता है। खोसला कहते हैं कि सोने-चांदी का करेंट रेट या यूं कहें हाजिर भाव अलग-अलग जगहों पर अलग हो सकते हैं पर इनकी कीमतों में मामूली अंतर होता है।

जापान की अर्थव्यवस्था में अप्रैल-जून की दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड गिरावट आई है। अर्थव्यवस्था में यह गिरावट शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक रही है।
कैबिनेट कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि जापान के समायोजित वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में सालाना आधार पर 28.1 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह आंकड़ा पिछले महीने दिए गए 27.8 प्रतिशत के अनुमान से भी अधिक रहा है।

कोरोना वायरस महामारी की वजह से लोगों को अपने घर पर रहने को मजबूीर होना पड़ा है। महामारी के चलते रेस्तरां और स्टोर बंद है। यात्रा और पर्याटन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाएं इससे बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। लेकिन निर्यात पर निर्भर जापानी अर्थव्यवस्था को इस महामारी से अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कहीं अधिक बड़ी चोट लगी है।

जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो आबे स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने जा रहे हैं। अब देश नया नेता चुनने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में नए प्रधानमंत्री के समक्ष देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

विशेष पीएमएलए अदालत ने मंगलवार को आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को मनी लांड्रिंग मामले में जांच के सिलसिले में सितंबर 19 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। कोचर को सोमवार को ईडी ने गिरफ्तार किया था। 

आईसीआईसीआई बैंक और वोडाफोन केस में ICICI बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को गिरफ्तार किया था। इसस पहले प्रवर्तन निदेशालय ने जनवरी महीने में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर व उनके परिवार की संपत्ति को जब्त कर लिया था। कुल 78 करोड़ की चल अचल संपत्ति जब्त हुई थी। इसमें मुंबई में एक फ्लैट और चंदा के पति के कंपनी की प्रापर्टी शामिल थी।

प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर, धूत और अन्य के खिलाफ आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह को 1,875 करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी देने के मामले में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच के लिए पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। सीबीआई की प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की थी।

सीबीआई ने इस मामले में इन तीनों तथा धूत की कंपनियों- वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (वीआईईएल) और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड (वीआईएल) के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीबीआई की प्राथमिकी में सुप्रीम एनर्जी और दीपक कोचर के नियंत्रण वाली न्यूपावर रीन्यूएबल्स का भी नाम है। सुप्रीम एनर्जी की स्थापना धूत ने की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने सभी आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

किफायती किराया आवास परिसरों को सरकार की बुनियादी ढांचा उप-क्षेत्रों की सूची में शामिल किया गया है। एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी गई है। इससे शहरी प्रवासियों और गरीबों को रहने के लिए किराये पर सस्ते मकान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।   पिछले महीने 24 तारीख को जारी एक गजट अधिसूचना में कहा गया है, ''सक्षम प्राधिकार की मंजूरी के साथ बुनियादी ढांचा उप-क्षेत्रों की संशोधित सूची को अधिसूचित किया गया है।

वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर शुक्रवार को डाली गई इस अधिसूचना में कहा गया है कि किफायती किराया आवास परिसरों को बुनियादी ढांचा उप-क्षेत्रों की नई मुख्य सूची में शामिल किया गया है। सूची में 'सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना श्रेणी में इस नये क्षेत्र को शामिल किया गया है। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई में किराये पर देने के लिए किफायती किराया आवास परिसर योजना को मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी (पीएमएवाई- यू) के तहत आने वाले यह योजना सरकार के 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का हिस्सा है।  सस्ती किराया आवासीय परिसरों में शहरी गरीब और प्रवासी मजदूर सस्ती दर पर किराये पर मकान लेकर बेहतर जीवन जी सकेंगे। इन परिसरों में सभी तरह की बुनियादी सुविधायें उपलब्ध होंगी। ये मकान लंबी अवधि के लिए किराये पर दिये जा सकेंगे।

हीरो मोटोकॉर्प के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पवन मुंजाल का मानना है कि कोविड-19 महामारी भारत के वाहन और कलपुर्जा क्षेत्रों के लिए वैश्विक केंद्र बनने का अवसर है। उन्होंने कहा कि इन उद्योगों को इस अवसर को गंवाना नहीं चाहिए। मुंजाल ने शनिवर को भारतीय वाहन कलपुर्जा विनिर्माता संघ (एसीएमए) के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत अभियान में वाहन उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में वाहन क्षेत्र अन्य उद्योगों की अगुवाई कर सकता है। 

 मुंजाल ने कहा, ''इस महामारी के दौरान एक चमकता पहलू प्रधानमंत्री का आत्मनिर्भर भारत के लिए आह्वान है। मेरा मानना है कि आगे चलकर हमारा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत अभियान में वृद्धि का इंजन बन सकता है। वाहन क्षेत्र नवोन्मेषण, इंजीनियरिंग और शोध एवं विकास जैसे क्षेत्रों में संपर्क, संयोजन के जरिये इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।   उन्होंने कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ा लाभ उसकी युवा आबादी है। इसके जरिये भारत स्पष्ट तौर पर इस मामले में अन्य देशों से आगे नजर आता है। ''मैं जानता हूं कि आत्मनिर्भर भारत के जरिये हमारे उद्योग के पास निकट भविष्य में वैश्विक केंद्र बनने का अवसर है। 

इस संकट में अवसर को गंवाना नहीं चाहिए

मुंजाल ने कहा कि सामूहिक रूप से हमारा दृष्टिकोण सिर्फ अपने क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनने का नहीं होना चाहिए, हमें अन्य उद्योगों की अगुवाई भी करनी चाहिए।  उन्होंने कहा, ''मैं सभी से कहूंगा कि हमें इस संकट में अवसर को गंवाना नहीं चाहिए। संपर्क, बातचीत और संयोजन के जरिये हम न केवल एक-दूसरे का सहयोग कर सकते हैं, बल्कि देश को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में भी मदद कर सकते हैं। 

डिजिटल वित्तीय सेवा कंपनी पेटीएम ने शुक्रवार को कहा कि 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान उसकी आय बढ़कर 3,629 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी ने बताया कि वर्ष-दर-वर्ष आधार पर उसके घाटे में 40 प्रतिशत की कमी आई। पेटीएम ने एक बयान में कहा, ‘‘हम अपने मर्चेंट पार्टनर्स के लिए डिजिटल सेवाओं के निर्माण में भारी निवेश कर रहे हैं।”

बयान में कहा गया है कि वित्तीय सेवाओं और बिक्री उपकरणों से लेनदेन में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई और खर्च में कमी के कारण पिछले साल की तुलना में घाटा 40 फीसदी कम हुआ। पेटीएम के अध्यक्ष मधुर देवड़ा ने कहा कि कंपनी को 2022 तक मुनाफे में लाने का लक्ष्य है। कंपनी ने कहा कि उसने छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों (एसएमई), किराने की दुकानों आदि की मांग को देखते हुए एंड्रॉइड आधारित पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) उपकरणों की 2 लाख इकाइयां बेची हैं। 

अमेरिकी सरकार का बजट घाटा रिकार्ड 3,300 अरब डॉलर पहुंच जाने का अनुमान है।  कोविड-19 से निपटने के लिए जारी उपायों पर हो रहे खर्च और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 2,000 अरब डॉलर से अधिक के प्रोत्साहन उपायों को देखते हुए बजट घाटा रिकार्ड स्तर पर पहुंचने की आशंका है। कांग्रेस बजट कार्यालय ने यह अनुमान जताया है।  घाटे में वृद्धि का मतलब है कि संघीय कर्ज अगले साल सालाना सकल घरेलू उत्पाद को पार कर जाएगा। यह स्थिति ठीक वैसी ही होगी जैसा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद हुई थी। उस समय संचयी कर्ज अर्थव्यवस्था के आकार से भी अधिक हो गया था। 

2019 के घाटे से तीन गुना से भी अधिक

बुधवार को जारी 3,300 अरब डॉलर का अनुमान 2019 के घाटे से तीन गुना से भी अधिक है। वहीं 2008-09 में आयी नरमी के स्तर से दो गुना है।   एक तरफ जहां सरकार के खर्च बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मंदी के कारण कर राजस्व कम हुआ है। व्यक्तिगत आयकर संग्रह पिछले साल के मुकाबले 11 प्रतिशत कम है जबकि कंपनी कर संग्रह 34 प्रतिशत कम चल रही है।

अर्थव्यवस्था और लोगों के रोजगार पर पड़ी कोरोना की मार

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए अर्थव्यवस्था को बंद किया गया था। इसका असर अर्थव्यवस्था और लोगों के रोजगार पर पड़ा। रोजगार से हाथ धने वालों को राहत देने के लिए 1,200 डॉलर का सीधे भुगतान और प्रोत्साहन उपायों की घोषणा की गयी। इससे अल्पकाल में अर्थव्यवस्था को राहत मिली।

राहत पैकेज के आकार को लेकर आपस में उलझ रहे सांसद

बढ़ते खर्च को देखते हुए सांसद और व्हाइट हाउस पांचवें वायरस राहत पैकेज के आकार को लेकर आपस में उलझ रहे हैं। रिपब्लिकन सांसदों में महामारी से निपटने को लेकर बढ़ती लागत को लेकर चिंता बढ़ने लगी है, जबकि डेमोक्रेटिक नियंत्रण वाले सदन ने मई में 3,500 अरब डॉलर के पैकेज को पारित किया था। हालांकि, सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने इस कम कर 2,200 अरब डॉलर करने की इच्छा जतायी है।

देश के दूरसंचार क्षेत्र में चार साल पहले जब रिलायंस जियो ने कदम रखा तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि यह कंपनी कुछ ही सालों में इस क्षेत्र में डेटा बदलाव और क्रांति की जनक बनेगी तथा इसके आगमन से डेटा की कीमतें 40 गुना तक कम हो जाएंगी।  पांच सितंबर 2016 को दूरसंचार क्षेत्र में कदम रखने वाली मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने चार साल में ही क्षेत्र की तस्वीर बदलकर रख दी और इस अवधि में डेटा की कीमतें जहां करीब 40 गुना कम हुई वहीं देश मोबाइल डेटा खपत में मामले में 155वें स्थान से आज पहले नंबर पर पहुंच गया।

1 जीबी डेटा के लिए 185 से 200 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे

जियो के 2016 में आने के समय उपभोक्ता को 1 जीबी डेटा के लिए 185 से 200 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। वर्तमान में रिलायंस जियो के लोकप्रिय प्लान्स में ग्राहक को  प्रति जीबी डेटा के लिए करीब पांच रुपये ही खर्च करना पड़ते हैं। डेटा खर्च किफायती होने का परिणाम है कि  इसकी खपत में अप्रत्याशित बड़ा उछाल आया । जियो आने से पहले जहां डेटा खपत मात्र 0.24 जीबी प्रति ग्राहक प्रति माह थी, वहीं आज यह कई गुना बढ़कर 10.4 जीबी हो गई है। 

वर्क फ्रॉम होम' के लिए संजीवनी साबित हुआ जियो

कंपनी सूत्रों ने जियो के चार साल पूरा होने के मौके पर शुक्रवार को कहा कि  कोरोना काल में किफायती डेटा “वर्क फ्रॉम होम''के लिए“संजीवनी''साबित हुआ। लाकडाउन के कारण जब बड़ा हो या बच्चा घर से निकलना लगभग बंद था , वर्क फ्रॉम होम ही जरूरी कामों को निपटाने का जरिया बना। 'वर्क फ्रॉम होम' हो या बच्चों की ऑनलाइन क्लास, रोजमरार् का सामान मंगाना हो या डॉक्टर से परामर्श के लिए ऑनलाइन समय लेना,  सब काम तभी संभव हो सका जब डेटा की कीमतें हमारी जेब पर भारी नहीं पड़ी। यह जियो का ही प्रभाव है कि डेटा की कीमतें आज ग्राहकों की पहुंच में हैं। 

2106 में देश मोबाइल डेटा खपत के मामले में 155 वें स्थान पर था

वर्ष 2106 में रिलायंस की सालाना  आम बैठक में एशिया के सबसे अमीर मुकेश अंबानी ने जियो के साथ समूह के जब दूरसंचार क्षेत्र में कदम रखने का ऐलान किया था तो देश मोबाइल डेटा खपत के मामले में 155 वें स्थान पर था। आज 4 साल बाद जियो की डेटा क्रांति का परिणाम है कि दुनिया में देश ने इस क्षेत्र में अपना वर्चस्व स्थापित किया।
भारतीय दूरसंचार नियायक प्राधिकरण (ट्राई) के मुताबिक अमेरिका और चीन मिलकर जितना मोबाइल 4जी डेटा खपत करते हैं उससे कहीं ज्याद अकेले भारत के लोग डेटा का इस्तेमाल करते है। देश का 60 फीसदी से ज्यादा डेटा जियो नेटवर्क पर इस्तेमाल होता है। 

कोरोना काल में जब ज्यादातर कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं और ऐसे में ऑफिस का काम करने, ऑनलाइन वीडियो कॉल में हिस्सा लेने के लिए ज्यादा डेटा की जरूरत पड़ रही है। ऐसे ही ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में टेलिकॉम कंपनियों रिलायंस जियो, वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल प्लान लेकर आई हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही ज्यादा जीबी वाले प्लान के बारे में..

एयरटेल का 2 जीबी डेटा वाला प्लान

298 रुपये का प्लान
एयरटेल के 298 रुपये वाले प्लान में 2 जीबी रोजाना डेटा के हिसाब से कुल 56 जीबी डेटा मिलता है। इस प्लान की वैलिडिटी 28 दिन की है। इसमें रोजाना 100 एसएमएस और सभी नेटवर्क पर अनलिमिटेड वॉइस कॉल फ्री मिलती है। 

एयरटेल का 349 रुपये का प्लान
एयरटेल के 349 रुपये वाले इस प्लान में 2जीबी डेटा यानी कुल 56 जीबी डेटा मिलता है। इसमें भी 28 दिन की वैलिडिटी मिलती है। इसमें 100 एसएमएस (SMS) और सभी नेटवर्क पर अनलिमिटेड वॉइज कॉल मिलती है। इसमें अमेजन प्राइम की मेंबरशीप, एयरटेल एक्स्ट्रीम, विंक म्यूजिक जैसी सर्विस भी देता है। 

एयरटेल का 449 रुपये का प्लान
एयरटेल के 449 रुपये वाले प्लान में रोजाना 2जीबी डेटा के साथ 112 जीबी का डेटा मिलता है। इस प्लान की वैलिडिटी 56 दिन की है। इस पैक में भी 100 एसएमएस (SMS) और सभी नेटवर्क पर अनलिमिटेड वॉइज कॉल मिलती है। इसमें अमेजन प्राइम की मेंबरशीप, एयरटेल एक्स्ट्रीम, विंक म्यूजिक जैसी फ्री सर्विस मिलती है। 

भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शुक्रवार को कहा कि वाहन उद्योग के लिए सरकार जल्द ही प्रोत्साहन की घोषणा करेगी, लेकिन वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती की उद्योग की मांग पर तुरंत सहमत होना संभव नहीं है। वाहन निमार्ता कंपनियों के संगठन 'सियाम' के 60वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जावडेकर ने कहा, “सरकार हर सुझाव पर खुले मन से विचार करने के लिए तैयार है। हम हमेशा आपसे संवाद करते रहते हैं। हम जीएसी घटाने के बारे में तत्काल सहमत नहीं हो सकते, लेकिन इसका मतलब “अंतिम ना” भी नहीं है।”

हर तरह के उद्योग के लिए प्रोत्साहन पैकेज हो रहा तैयार

प्रोत्साहन पैकेज के बारे में उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय प्राथमिकता के आधार पर हर तरह के उद्योग के लिए प्रोत्साहन पैकेज तैयार कर रहा है और वाहन उद्योग को भी जल्द शुभ समाचार सुनने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन पैकेज में सबसे पहले दुपहिया, तिपहिया और यात्री बसों को स्थान मिलेगा तथा इसके बाद यात्री वाहनों यानी कारों, उपयोगी वाहनों और वैनों पर भी विचार संभव है।

इससे पहले सियाम के अध्यक्ष राजन वढ़ेरा ने सभी श्रेणी के वाहनों के लिए जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने और सीएनजी बसों की खरीद पर भी इलेक्ट्रिक बसों की तरह प्रोत्साहन देने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत स्टेज (बीएस)-6 ईंधन मानकों को अपनाने में वाहन उद्योग ने काफी निवेश किया है और उसके बाद कोविड-19 के कारण मांग में अचानक आई कमी के कारण अब कंपनियों के पास इतना पैसा नहीं है कि वे निकट भविष्य में नये मानकों के लिए निवेश कर सकें। इसलिए इन मानकों को टाल दिया जाना चाहिए। 

जीएसटी की दरों में कटौती के बारे में जावडेकर ने आश्वासन दिया कि वाहन उद्योग की मांग से वह वित्त मंत्री को अवगत करा देंगे। उन्होंने कहा “आप जीएसटी में स्थायी कटौती की मांग नहीं कर रहे हैं, आप कुछ समय के लिए राहत चाहते हैं। मैं वित्त मंत्री के साथ इस पर चर्चा करुंगा। जीएसटी परिषद् को इस पर फैसला करना होगा जो सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को ध्यान में रखकर निर्णय करता है। मुझे उम्मीद है कि सर्वसम्मति से कोई फैसला संभव होगा।”भारी उद्योग मंत्री ने कहा कि कोविड-19 से हर व्यक्ति और हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। सरकार के खजाने पर भी इसका असर हुआ है और उद्योगों को मदद करने की उसकी क्षमता प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय वाहन उद्योग ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और अब उसे आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते हुए नियार्त बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। 

भारत ने बुधवार को 118 ऐप पर और प्रतिबंध लगाया, जिनमें ज्यादातर का मालिकाना हक चीन का है या उनकी कंपनियों की 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। इसे चीन की दिग्गज डिजिटल कंपनियों पर बड़ी चोट माना जा रहा है। प्रतिबंधित ऐप में चीन की दिग्गज डिजिटल कंपनी श्याओमी, टेंसेंट, अलीबाबा और बाइदू पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध संयोजन केंद्र भी ऐसे ऐप पर नजर रखे हुए था और उसने भी इन पर रोक की सिफारिश की थी। 

टेंसेंट का पबजी में भारी निवेश
चीन की कंपनी टेंसेंट का पबजी गेमिंग ऐप में भारी निवेश है। उसका एप टेंसेंट वॉचलिस्ट, टेंसेंट वेइयुन भी सूची में है। लूडो वर्ल्ड-लूडो सुपरस्टॉर टेंसेंट का ही लोकप्रिय ऐप है। टेंसेंट समर्थित कंपनी क्वाई का ऐप फोटो और वीडियो एडीटर ऐप एमवी मास्टर भी नहीं चलेगा।

चीन के गूगल पर प्रहार
 बाइदू चीन का गूगल माना जाता है, जिससे जुड़े ऐप बाइदू, बाइदू एक्सप्रेस हैं। वीचैट के ऐप वीचैट वर्क, वीचैट वीचैट रीडिंग शामिल हैं। 

अलीबाबा भी मुश्किल में 
अलीबाबा के फाइनेंस और मैसेजिंग ऐप अलीपे, अलीचैट, मोबाइल ताओबाओ शामिल। टिकटॉक का वीपीएन ऐप भी सूची में है। 

फोर्ड मोटर कंपनी अपने अमेरिकी वेतनभोगी कर्मचरियों के लगभग 5% की छंटनी करने जा रही है। कंपनी एक व्यापक पुनर्गठन के हिस्से के रूप में यह कदम उठाने जा रही है, जिससे कोरोना संकट की वजह से हुई क्षति को कम किया जा सके। इसके तहत फोर्ड  1,400 पदों की कटौती कर रही है। पिछले दस साल में कंपनी को इस साल सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है।

यह छंटनी कंपनी को अधिक प्रतिस्पर्धी और लाभदायक बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए एक वैश्विक ओवरहाल का हिस्सा है। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के फोर्ड के अध्यक्ष कुमार गल्होत्रा ने कहा, "हम फोर्ड को अधिक फिट और प्रभावी बनाने की कइ साल से प्रक्रिया में हैं, बुधवार को यूएस में 30,000 वेतनभोगी श्रमिकों से उन्होंने अपने मेमो में कहा" हमारी आशा स्वैच्छिक प्रोत्साहन कार्यक्रम के साथ फिटनेस लक्ष्यों तक पहुंचने की है। यदि ऐसा नहीं होता है तो अनैच्छिक अलगाव की आवश्यकता हो सकती है।  "

फोर्ड ने पिछले साल दुनियाभर से 7000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। मल्टी ईयर मेकओवर अभियान के पहले चरण में छंटनी के शिकार कर्मचारियों में 2300 केवल अमेरिका से थे।  कार निर्माता कंपनी ने कहा कि उम्मीद है कि इस कदम से एक साल में 600 मिलियन डॉलर की बचत होगी। 2019 के अंत में दुनिया भर में 190,000 कर्मचारियों की संख्या थी। फोर्ड में छंटनी का यह नया दौर तब शुरू हो रहा है जब जिम फार्ले वर्तमान सीईओ जिम हैकेट से 1 अक्टूबर को मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने की तैयारी कर रहे हैं। फार्ले ने फोर्ड के उत्तरी अमेरिकी क्षेत्र को 10% लाभ मार्जिन पर वापस लाने का वादा किया है।

सोने-चांदी के हाजिर भाव में लगातार दूसरे दिन भी गिरावट देखी जा रही है। गुरुवार यानी आज देशभर के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना 51000 के नीचे खुला। वहीं चांदी में भी बड़ी गिरावट देखी जा रही है। बुधवार के मुकाबले गोल्ड आज 340 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर 50844 रुपये पर खुला। जबकि चांदी 1559 रुपये प्रति किलो के नुकसान के साथ 64362 रुपये पर खुली।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (ibjarates.com) के मुताबिक 3 सितंबर 2020 को देशभर के सर्राफा बाजारों सोने-चांदी के हाजिर भाव इस प्रकार रहे...

IBJA द्वारा जारी किए गए रेट देशभर में सर्वमान्य है। हालांकि इस वेबसाइट पर दिए गए रेट में जीएसटी (GST) शामिल नहीं किया गया है। सोना खरीदते-बेचते समय आप IBJA के रेट का हवाला दे सकते हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन दिल्ली के मीडिया प्रभारी राजेश खोसला के मुताबिक ibja देशभर के 14 सेंटरों से सोने-चांदी का करेंट रेट लेकर इसका औसत मूल्य बताता है। खोसला कहते हैं कि सोने-चांदी का करेंट रेट या यूं कहें हाजिर भाव अलग-अलग जगहों पर अलग हो सकते हैं पर इनकी कीमतों में मामूली अंतर होता है। 

कोरोना काल में करीब छह महीने से घर से काम कर रहे कर्मचारी अब दफ्तर को मिस करने लगे हैं।  नाइट फ्रैंक इंडिया की 'वर्क फ्रॉम होम एंड दी इंपैक्ट ऑन कॉरपोरेट रियल एस्टेट रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शामिल लगभग 90 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे घर से काम के इस दौर में कार्यालय के महौल को याद करते हैं। संपत्ति को लेकर परामर्श देने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया के  सर्वेक्षण में कॉरपोरेट रियल एस्टेट क्षेत्र के ऊपर 'घर से काम के प्रभाव का दो तरीके 'कर्मचारी अंतर्दृष्टि और लागत संरचना से अध्ययन किया गया।

दिल्ली-एनसीआर के 98 फीसद लोग कार्यालय के माहौल को याद करते हैं

सर्वेक्षण के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के सर्वाधिक 98 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय के माहौल को याद करते हैं। इसके बाद मुंबई में 94 प्रतिशत, बेंगलुरू में 91 प्रतिशत, चेन्नई में 90 प्रतिशत, पुणे में 88 प्रतिशत और हैदराबाद में 81 प्रतिशत लोग कार्यालय के माहौल को याद करते हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों  (एनबीएफसी) के प्रमुखों के साथ एक मंथन बैठक करेंगी। सीतारमण की इस बैठक का उद्देश्य कोविड-19 से जुड़े वित्तीय दबाव के समाधान के लिए एक बार ऋण पुनर्गठन योजना का सुचारू तरीके से और तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

बैठक में 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घोषित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। यह बैठक इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि 31 अगस्त को मोरेटोरियम की अवधि खत्म हो चुकी है। उम्मीद है बैठक मंं इसे और कई अन्य मुद्दों को लेकर चचार् हो सकती है। लॉकडाउन लगाने के बाद सरकार ने कोरोना संकट काल के दौरान कारोबारियों से लेकर आम आदमी तक के लिए कई राहतों का ऐलान किया था। 

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने सितंबर महीने में गैस की कीमत जारी कर दी है। इस महीने तेल कंपनियों (HPCL, BPCL, IOC) ने बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है। अगस्त महीने की तरह बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 594 रुपये में स्थिर है। अन्य शहरों में भी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, कमर्शियल सिलेंडरों के दाम में 2 रुपये की कटौती की गई है।

आपके शहर में सितंबर में ये रहे सिलेंडर के दाम
अगस्त की ही तरह सितंबर में भी किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। देश की राजधानी दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 594 रुपये पर ही है। अन्य शहरों में भी घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम में भी कई बदलाव नहीं किया गया है। मुंबई में बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 594 रुपये है। जबकि चेन्नई में 610 रुपये और कोलकाता में 620.50 रुपये प्रति सिलेंडर है। 

सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमतों में नहीं हुआ कोई बदलाव
जुलाई बाद से रसोई गैस की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। जुलाई महीने में 14 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 4 रुपये तक बढाई गई थी।

कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटे
19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में कटौती कर दी गई है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (Indian oil Corporation – IOC) की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर कीमत 2 रुपये कम हो गई है। अब इस सिलेंडर की दिल्ली में नया रेट 1133.50 रुपये प्रति सिलेंडर है। मुंबई में 2 रुपये घटकर 1,196.50 रुपये इसकी नई कीमत हो गई है। 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर कमर्शियल में इस्तेमाल किये जाते हैं।

रिलायंस जियो फाइबर (Reliance JioFiber) ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। रिलायंस जियो ग्राहकों के लिए चार नए प्लान्स लेकर आई है। ये प्लान 399 रुपये, 699 रुपये, 999 रुपये और 1,499 रुपये के हैं। इन प्लान्स को लॉन्च करने के साथ रिलायंस जियो ने नए ग्राहकों को 30 दिन बिना किसी शर्त के फ्री सर्विस देने का ऐलान किया है। आइए जानते हैं इन प्लान्स के बारे में..

रिलायंस जियो फाइबर का 399 रुपये और 699 रुपये का प्लान
जियो फाइबर के 399 रुपये वाले प्लान में 30 एमबीपीएस (Mbps) की स्पीड से अनलिमिटेड डेटा दिया जा रहा है। इसके अलावा इस प्लान पर ग्राहकों को अनिलिमिटेड वॉइस कॉलिंग का फायदा भी मिलेगा । वहीं, बात अगर 699 रुपये वाले प्लान  में 100Mbps की स्पीड से अनलिमिटेड डेटा दिया जा रहा है। इसमें भी अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग का फायदा मिलेगा।

999 रुपये और 1499 रुपये के प्लान्स

999 रुपये और 1499 रुपये वाले प्लान्स में ओटीटी ऐप्स की भरमार है। 999 रुपये में 150 एमबीपीएस स्पीड के साथ 1000 रुपये की कीमत के 11 ओटीटी ऐप्स का सब्सक्रिप्शन मिलेगा। वहीं 1499 रुपये वाले प्लान में 1500 रुपये की कीमत के 12 ओटीटी ऐप्स मिलेंगे। टीवी एंव नेट पर उपलब्ध कार्यक्रमों, फिल्मों और गेमिंग के शौकिनों के लिए यह प्लान्स खासतौर पर डिजाइन किए गए हैं।

मिलेगा एक महीने का फ्री ट्रायल
ग्राहकों को इसमें एक महीने फ्री ट्रायल सर्विस मिलेगी। एक महीने के फ्री ट्रायल के बाद ग्राहक किसी भी एक प्लान का चुन सकते हैं। ‘नए इंडिया का नया जोश’टैरिफ प्लान्स 399 रु प्रतिमाह से शुरू हो कर 1499 रु प्रतिमाह तक हैं। फ्री ट्रायल के बाद ग्राहक जियो फाइबर का कनेक्शन कटवा भी सकता है। इसके लिए कोई भी पैसा नही काटा जाएगा। 

मिलेंगे 4 सेट टॉप बॉक्स
साथ ही फ्री ट्रायल के लिए ग्राहक को मिलेगा 4के सेट टॉप बॉक्स और 10ओटीटी ऐप्स का फ्री सब्सक्रिप्शन मिलेगा।

कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप और उसकी रोकथाम के लिए लगाए गए 'लॉकडाउन से देश की नरमी में फंसी अर्थव्यवस्था पर और बुरा असर पड़ा है। सरकार की ओर से सोमवार को जारी सरकारी आंकड़े के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही में अथर्व्यवस्था में 23.9 प्रतिशत की अब तक की सबसे बड़ी तिमाही गिरावट आई है। 

इस दौरान कृषि को छोड़कर विनिर्माण, निर्माण और सेवा समेत सभी क्षेत्रों का प्रदर्शन खराब रहा है। सबसे अधिक प्रभाव निर्माण उद्योग पर पड़ा है। जो 50 प्रतिशत से भी अधिक गिरा है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़े के अनुसार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इससे पूर्व वर्ष 2019-20 की इसी तिमाही में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए 25 मार्च से पूरे देश में 'लॉकडाउन लगाया था। इसका असर अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों पर पड़ा है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में 2020-21 की पहली तिमाही में 39.3 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में इसमें 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

हालांकि कृषि क्षेत्र में इस दौरान 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एक साल पहले 2019-20 की पहली तिमाही में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। निर्माण क्षेत्र में जीवीए वृद्धि में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 50.3 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। खनन क्षेत्र उत्पादन में 23.3 प्रतिशत की गिरावट आयी जबकि एक साल पहले 2019-20 इसी तिमाही में 4.7 की वृद्धि हुई थी।

बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगी सेवा क्षेत्र में भी 2020-21 की पहली तिमाही में 7 प्रतिशत गिरावट आई जबकि एक साल पहले 2019-20 की इसी तिमाही में 8.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। आंकड़े के अनुसार व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से जुड़ी सेवाओं में आलोच्य तिमाही में 47 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

वित्तीय, रीयल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं में 2020-21 की पहली तिमाही में 5.3 प्रतिशत की गिरावट आयी जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। लोक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं में भी आलोच्य तिमाही में 10.3 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि एक साल पहले 2019-20 की इसी तिमाही में इसमें 7.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

एनएसओ ने बयान में कहा, ''स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीडीपी 2020-21 की पहली तिमाही में 26.90 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है है जो 2019-20 की पहली तिमाही में 35.35 लाख करोड़ रुपए था। यानी इसमें 23.9 प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि एक साल पहले 2019-20 की पहली तिमाही में इसमें 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।'' बयान के अनुसार, ''कोविड-19 महामारी पर अंकुश लगाने के इरादे से 25 मार्च से लोगों की आवाजाही समेत गैर-जरूरी आर्थिक गतिविधियों पर पाबंदी लगाई गई। इसमें कहा गया है, ''हालांकि पाबंदी को धीरे-धीरे हटाया गया है, लेकिन उसका असर आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ आंकड़ा संग्रह व्यवस्था पर भी पड़ा।''

बयान के अनुसार सांविधिक रिटर्न जमा करने की समयसीमा को ज्यादातर नियामकीय संगठनों से आगे बढ़ाया है। एनएसओ ने कहा, ''ऐसे हालात में सामान्य आंकड़ा स्रोत के बजाए जीएसटी जैसे वैकल्पिक आंकड़े, पेशेवर निकायों आदि का उपयोग किया गया। और ये सब स्पष्ट तौर पर सीमित रही हैं। केंद्र ने केंद्र ने 20 अप्रैल से धीरे-धीरे आर्थिक गतिविधियों को मंजूरी देनी शुरू की। ज्यादातर रेटिंग एजेंसियों और विशेषज्ञों ने देश के जीडीपी में 2020-21 में गिरावट का अनुमान जताया है। इस बीच, चीन की अर्थव्यवस्था में अप्रैल-जून तिमाही में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे पहले, जनवरी-मार्च, 2020 तिमाही में 6.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

घरेलू शेयर बाजार के सपाट रुख और अमेरिकी मुद्रा की मजबूती के चलते बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 25 पैसे टूटकर 73.12 के स्तर पर आ गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया कमजोरी के साथ 73.10 पर खुला, और आगे जमीन खोते हुए 73.12 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 25 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

इससे पहले मंगलवार को आरबीआई द्वारा घोषित नकदी बढ़ाने के उपायों के चलते रुपया 73 पैसे की मजबूती के साथ 72.87 के स्तर पर आ गया था। इसबीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत बढ़कर 92.35 पर था। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को सकल आधार पर 486.09 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। ब्रेंट क्रूड वायदा 0.72 प्रतिशत बढ़कर 45.91 डालर प्रति बैरल हो गया।

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि बैंक ऋण पुनर्गठन के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन वे कोविड-19 महामारी के दौरान किश्तों को स्थगित करने (मोरेटोरियम) की योजना के तहत ईएमई भुगतान टालने के लिए ब्याज पर ब्याज लेकर ईमानदार कर्जदारों को दंडित नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्थगन अवधि के दौरान स्थगित किस्तों पर ब्याज लेने के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान कहा कि ब्याज पर ब्याज लेना, कर्जदारों के लिए एक ‘‘दोहरी मार” है।

याचिकाकर्ता गजेंद्र शर्मा की वकील राजीव दत्ता ने कहा कि किश्त स्थगन की अवधि के दौरान भी ब्याज लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘आरबीआई यह योजना लाया और हमने सोचा कि हम किश्त स्थगन अवधि के बाद ईएमआई भुगतान करेंगे, बाद में हमें बताया गया कि चक्रवृद्धि ब्याज लिया जाएगा। यह हमारे लिए और भी मुश्किल होगा, क्योंकि हमें ब्याज पर ब्याज देना पड़ेगा।” उन्होंने आगे कहा, ‘‘उन्होंने (आरबीआई) बैंकों को बहुत अधिक राहत दी हैं और हमें सच में कोई राहत नहीं दी गई।” साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘मेरी (याचिकाकर्ता) तरफ से कोई चूक नहीं हुई है और एक योजना का हिस्सा बनने के लिए ब्याज पर ब्याज लेकर हमें दंडित नहीं किया जा सकता।”

दत्ता ने दावा किया कि भारतीय रिजर्व बैंक एक नियामक है और ‘‘बैंकों का एजेंट नहीं है” तथा कर्जदारों को कोविड-19 के दौरान दंडित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘अब सरकार कह रही है कि ऋणों का पुनर्गठन किया जाएगा। आप पुनर्गठन कीजिए, लेकिन ईमानदार कर्जदारों को दंडित न कीजिए।” कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सी ए सुंदरम ने पीठ से कहा कि किश्त स्थगन को कम से कम छह महीने के लिए बढ़ाया जाना चाहिए।

एजुटेक कंपनी अपग्रेड का अगले पांच साल में अपने कारोबार को आठ गुना बढ़ोतरी के साथ 10,000 करोड़ रुपये पर पहुंचाने का लक्ष्य है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को कहा कि देश में पेशेवरों के बीच ऑनलाइन उच्च शिक्षा लगातार लोकप्रियता हासिल कर रही है। इसके चलते कंपनी को अपने कारोबार में जोरदार वृद्धि का भरोसा है। अपग्रेड के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन रोनी स्क्रूवाला ने पीटीआई-भाषा से कहा कि कंपनी को चालू वित्त वर्ष में 300 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से ऑनलाइन शिक्षा की मांग में जोरदार इजाफा हुआ है। स्क्रूवाला ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य वित्त वर्ष 2024-25 तक कामकाजी पेशेवरों के साथ ‘लाइफलॉन्गलर्निंग’ तथा डिग्री कार्यक्रमों के जरिये अपने मूल कारोबार को 7,000 करोड़ रुपये पर पहुंचाने का है।” कंपनी को चालू वित्त वर्ष में अपना कारोबार करीब 1,200 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। रेडसीर मैनेजमेंट कंसल्टिंग के अनुसार 2024-25 ऑनलाइन उच्च शिक्षा तथा लाइफलॉन्ग लर्निंग कारोबार का आकार बढ़कर 3,600 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा। 2019-20 में यह 365 करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें दस गुना की वृद्धि होगी।

कोरोना के कारण देश लंबे समय तक लॉकडाउन में रहा और फिर कई चरणों में ये अनलॉक होना शुरू हो गया है। 1 सितंबर से अनलॉक-4.0 शुरू हो रहा है। ऐसे में कई चीजें जो अबतक प्रतिबंधित थीं वे खुलने लगी हैं। हालांकि, भारत द्वारा बताए गए अपवादों को छोड़कर, अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है।

दौड़ेंगी मेट्रो ट्रेन

7 सितंबर 2020 से मेट्रो रेल का संचालन किया जा सकेगा। गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से जारी मानकों के अनुसार यात्रियों की अन्र्तराष्ट्रीय हवाई यात्राएं पहले की तरह जारी रहेगी।

वैवाहिक कार्यक्रमों में 50 से ज्यादा लोगों को अनुमति नहीं

प्रदेश में विवाह समारोह में अधिकतम मेहमानों की संख्या 50 से अधिक नहीं होगी। जबकि केन्द्र सरकार ने अनलॉक 4.0 में 100 लोगों तक शामिल होने की छूट दी है। विवाह संबंधी आयोजन करने के लिए उपखण्ड मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना देनी होगी। कार्यक्रमों के दौरान सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जाएगी। 

अंतिम संस्कार में 50 लोग हो सकेंगे शामिल-

21 सितंबर के बाद से अत्येष्टि, अंतिम संस्कार में 50 लोगों तक शामिल होने की अनुमति होगी। 

आरोग्य सेतु ऐप इन्सटॉल करना जरूरी

कार्य स्थलों में सोशल डिस्टेंस, जांच एवं स्वच्छता और बार-बार सेनेटाइजेशन करना जरूरी होगा। आरोग्य सेतु इन्सटॉल करना जरूरी होगा। व्यक्तियों और वस्तुओं के अन्तर्राज्यीय और राज्य के अंदर आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्ति पुराने रोगों से पीड़ित व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर रहने की सलाह दी जाती है।

चीन में अगस्त महीने में विनिर्माण गतिविधियों में स्थिरता देखने को मिली। सोमवार को जारी एक सर्वे के अनुसार निर्यात बाजारों से ऑर्डर घटने के बावजूद घरेलू मांग की वजह से चीन में विनिर्माण गतिविधियां बढ़ी हैं। कोरोना वायरस महामारी की वजह से निर्यात बाजार संघर्ष कर रहे हैं, जिसके चलते ऑर्डरों में कमी आई है।   चीनी की सांख्यिकी एजेंसी और एक उद्योग समूह द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में मासिक खरीद प्रबंधक इंडेक्स 100 अंक पर घटकर 51 रह गया। जुलाई में यह 51.1 पर था। इंडेक्स के 50 से ऊपर होने का आशय गतिविधियों में बढ़ोतरी से है। 

आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में उत्पादन के लिए उप-उपाय घटकर 53.5 पर आ गया, जो पिछले महीने 54 था। इसी तरह निर्यात ऑर्डर भी घटे, लेकिन इसमें गिरावट की दर कम रही। यह 48.4 से बढ़कर 49.1 रहा।  चीन में कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत पिछले साल दिसंबर में हुई थी। महामारी से लड़ने के लिए चीन अपनी अर्थव्यवस्था को बंद करने वाला सबसे पहला देश था। मार्च में चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने घोषणा की कि उसने महामारी पर 'जीत हासिल कर ली है।  उसके बाद से चीन में उपभोक्ता मांग सुधर रही है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है। अमेरिका और अन्य महत्वपूर्ण बाजारों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से निर्यात परिदृश्य अनिश्चित बना हुआ है। 

संयुक्त राष्ट्र के श्रम निकाय ने रविवार को कहा कि कतर के नए श्रम कानूनों में प्रभावी रूप से देश के 'कफाला रोजगार प्रणाली को खत्म कर दिया है। इस कानून की लंबे समय से आलोचना की जाती रही है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने कहा कि अब प्रवासी श्रमिक अपने अनुबंध खत्म होने से पहले अपने मौजूदा नियोक्ताओं की अनुमति लिए बिना नौकरी बदल सकते हैं। एक अनुमान के मुताबिक कतर में 20 लाख से अधिक प्रवासी मजदूर हैं। कतर में काम करने वाले मजदूरों में अधिकांश भारत, नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश के हैं। कतर की कुल आबादी 28 लाख है । यानि कुल मिलाकर कतर में 27 लाख से ज़्यादा विदेशी कामगार हैं। 

आईएलओ ने कहा कि कतर ने श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन के रूप में 1,000 कतरी रियाल (20,110 रुपये) की राशि तय की है। इन कानूनों के प्रभावी होने में करीब छह महीने लगेंगे। आईएलओ ने बताया कि न्यूनतम वेतन कानून के तहत नियोक्ता को आवास और भोजन की सुविधा नहीं देने की स्थिति में इसके लिए भत्ता भी देना होगा। कतर 2022 में फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी करने वाला है और इससे पहले इसे बड़ा बड़ा श्रम सुधार माना जा रहा है।

पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के अध्यक्ष सुप्रतिम बंदोपाध्याय ने कहा कि प्राधिकरण न्यूनतम रिटर्न की गारंटी वाली पेंशन योजना पेश करने की तैयारी कर रही है।

उन्होंने कहा कि पेंशन प्राधिकरण इस संबंध में पेंशन फंडों और एक्चुरियल फर्मों के साथ बातचीत कर रही है। इस बातचीत के आधार पर प्रस्तावित योजना की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि पीएफआरडीए कानून के तहत हमें एक न्यूनतम सुनिश्चित रिटर्न की योजना शुरू करने की अनुमति है। पेंशन फंड (पीएफ) योजनाओं के तहत, प्रबंधित कोष बाजार आधारित हैं। इसलिए जाहिर तौर पर कुछ उतार-चढ़ाव होते हैं और मूल्यांकन बाजार की चाल पर आधारित होते हैं। बंदोपाध्याय ने कहा कि इसलिए कुछ ऐसे लोग हो सकते हैं, जो न्यूनतम सुनिश्चित रिटर्न चाहेंगे। इसलिए हम अपने पेंशन फंड प्रबंधकों और कुछ एक्चुरियल फर्मों के साथ काम कर रहे हैं कि न्यूनतम गारंटी की आदर्श स्तर क्या हो, जो दिया जा सकता है। इसके बावजूद गारंटी बाजार से जुड़ी होगी, क्योंकि फंड प्रबंधकों को ही निवेश पर प्रतिफल के गारंटीकृत हिस्से को तय करना होगा। यह पूछने पर कि क्या पीएफआरडीए चालू वित्त वर्ष में इस योजना की पेशकश कर देगा, उन्होंने कहा कि हम कोशिश करेंगे। यह ऐसा उत्पाद है जिसे हम खुद तैयार कर रहे हैं।

मोदी सरकार की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) को आज 6 साल पूरे हो गए हैं. 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 15 अगस्त 2014 को जनधन योजना को लॉन्च किया था. जिसका मकसद लोगों के बैंक खाते खुलवाना था. आज जब इसके 6 साल पूरे हुए तो पीएम मोदी ने ट्वीट (tweet) कर लोगों को बधाई दी और इस योजना से जुड़े कुछ तथ्य सभी के सामने रखे. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘आज से 6 साल पहले प्रधानमंत्री जनधन योजना को लॉन्च किया गया था, जिसका मकसद लोगों को बैंकिंग सिस्टम (banking system) से जोड़ना था. ये एक गेमचेंजर (game-changer) साबित हुआ, जिसने गरीबी में फंसे लोगों को फायदा पहुंचाने का काम किया.’ पीएम मोदी ने आगे लिखा, ‘प्रधानमंत्री जनधन योजना के कारण करोड़ों परिवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ है. इसमें अधिकतर लोग ग्रामीण इलाकों के हैं और महिलाएं हैं. जिन्होंने इस योजना के लिए काम किया है, मैं उनको धन्यवाद करता हूं’.

जनधन योजना कैसे बनी 'गेमचेंजर'?
1. अगस्त 2020 तक इस योजना के तहत 40.35 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं.
2. कुल बैंक खातों में 55. 2 परसेंट खाते महिलाओं के नाम हैं.
3. जनधन योजना के तहत खुले बैंक खातों में से 64 परसेंट ग्रामीण इलाकों में हैं, बाकी 36 परसेंट शहरों में हैं
4. इसमें जीरो बैलेंस के जरिए खाता खोला जा सकता है. 
5. इस योजना के तहत 2 लाख का दुर्घटना बीमा मिलता है, जो बिल्कुल फ्री होता है 

6. जनधन खातों में अब डेबिट कार्ड मिलने की सुविधा भी है

आपको बता दें कि PM Garib Kalyan Yojana के तहत सरकार अप्रैल-जून 2020 के दौरान महिलाओं के खातों में 30,705 करोड़ रुपये जमा कराए गए. ये वो समय है जब कोरोना संकट की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन लगा था. जन धन योजना के तहत 8 करोड़ 

लोगों को मोदी सरकार कई स्कीम का पैसा डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के जरिए पहुंचाती है. 

आप हवाई यात्रा करने वाले हैं या बार-बार फ्लाइट से आना-जाना लगा रहता है, तो आपके लिए अच्छी खबर है. क्योंकि अब आप फ्लाइट में शराब, नॉन-वेज फूड का भी आनंद ले सकते हैं. अबतक ये सेवाएं हवाई यात्रियों को नहीं मिलती थीं. लेकिन सरकार ने हवाई यात्राओं के  Standard Operating Procedure (SOP) में बदलाव किया है. आपको बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन के दौरान हवाई यात्राओं पर रोक थी. दोबारा जब सेवाएं शुरू हुईं तो कई प्रतिबंध लगाए गए.  

नए SOP में घरेलू एयरलाइंस अब यात्रा के दौरान अपने यात्रियों को प्री-पैक्ड फूड, ड्र्रिंक्स वगैरह दे पाएंगी. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्री अब शराब और हॉट मील्स का मजा ले सकेंगे. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अलग-अलग SOP जारी किया गया है. 

घरेलू उड़ानों के लिए नया SOP
- अबतक यात्रियों के लिए 'मील सर्विसेज' नहीं थीं. पानी की बोतलें या तो गैलरी एरिया में या फिर सीट के पास ही दी जाती थीं. यात्री फ्लाइट के अंदर कुछ भी नहीं खा सकते थे
- नए SOP के बाद एयरलाइंस प्री-पैक्ड स्नैक्स/मील्स/ड्रिंक्स यात्रियों को परोसा जा सकेगा 
- खाने पीने चीजें सिर्फ डिस्पोजेबल प्लेट, कटलरी और ग्लास में दी जाएंगी, जिसे दोबारा इस्तेमाल नहीं कर सकते
- क्रू मेंबर्स यात्रियों को खाना परोसेंगे तो उन्हें हर बार अपने दस्ताने (gloves) बदलने होंगे
- इस दौरान यात्री ऑन बोर्ड एंटरटेनमेंट का आनंद भी ले सकते हैं. 

- सभी ईयर बड्स और हेडफोन को सैनेटाइज करना होगा

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए नया SOP 
- बोर्डिंग से पहले प्री-पैक्ड फूड नहीं दे सकते थे, चाय, कॉफी तक की मनाही थी 
- अब फ्लाइट में हॉट मील्स और ड्रिंक्स की मंजूरी है, सीमित मात्रा में शराब का सेवन भी कर सकेंगे
- शराब को भी डिस्पोजेबल कंटेनर में ही देना होगा
- क्रू मेंबर्स यात्रियों को खाना परोसेंगे तो उन्हें हर बार अपने दस्ताने (gloves) बदलने होंगे

- सभी ईयर बड्स और हेडफोन को सैनेटाइज करना होगासरकार ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए ये सावधानियां यात्रियों के लिए अतिआवश्यक हैं। इसके अवाला यात्रा के दौरान एल्कोहल और एंटरटेनमेंट सिस्टम की भी अनुमति दी गई है.  सरकार के इस फैसले से उन एयरलाइंस कंपनियों को फायदा होगा जो कम किराए में सेवाएं दे रही हैं, इससे उन्हें यात्रियों से ज्यादा पैसा मिल सकेगा. यात्रियों की संख्या में इजाफा भी देखा जा सकता है.

अपने बकाए GST मुआवजे को लेकर राज्यों ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. गुरुवार को हुई GST काउंसिल की बैठक में भी ये मुद्दा जोरदार तरीके से उठा. हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यों के सामने इस मुश्किल से निकलने के दो रास्ते रखे हैं,और ये राज्यों पर छोड़ा है कि वो कौन सा रास्ता चुनते हैं. वित्त मंत्री के मुताबिक राज्यों के राजस्व में आई कमी को दूर करने के लिए फिलहाल दो विकल्प हैं, जिसमें रिजर्व बैंक की बड़ी भूमिका होगी.

विकल्प नंबर 1. राज्य अपना पूरा GST मुआवजा जो कि 2.35 लाख करोड़ रुपये होता है, RBI से सलाह मशविरा के बाद बाजार से उठाएं. 
विकल्प नंबर 2. रिजर्व बैंक की सलाह से राज्यों को एक विशेष विंडो दिया जाए ताकि वो एक तय ब्याज दर पर 97,000 करोड़ रुपये रकम उधार हासिल ले सकें. इस पैसे को पांच साल बाद वापस किया जा सकता है, क्योंकि तब तक कम्पेनसेशन सेस से राज्यों को काफी फंड मिल चुका होगा. 
इन दोनों विकल्पों पर अब राज्यों को 7 दिन के अंदर अपना जवाब देना है. सात दिन के बाद एक फिर एक बैठक होगी. ये दोनों विकल्प सिर्फ इसी साल के लिए होंगे. GST काउंसिल की अगली बैठक अप्रैल 2021 में होगी. तब मौजूदा हालातों की फिर से समीक्षा की जाएगी.

सरकार के पास नहीं हैं पैसे! 
GST मुआवजे को लेकर केरल, पश्चिम बंगाल, पंजाब ने अपनी नाराजगी जताई और केंद्र से जल्द से जल्द पैसा देने की मांग की. राज्यों ने केंद्र पर उन्हें धोखा देने तक के गंभीर आरोप लगाए हैं. वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय के मुताबिक कोरोना की वजह से मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 में GST मुआवजे का अंतर 3 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, इसमें से 65,000 करोड़ रुपये की भरपाई सेस से होगी. 

राज्यों को मई, जून, जुलाई और अगस्त यानी चार महीने का मुआवजा नहीं मिला है. सरकार ने हाल में वित्त मामलों की स्थायी समिति को बताया है कि उसके पास राज्यों को मुआवजा देने के लिए पैसे नहीं हैं. GST काउंसिल की बैठक के बाद वित्त सचिव ने बताया कि सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए GST मुआवजे के रूप में 1.65 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जारी किए. इसमें मार्च में 13,806 करोड़ रुपये भी शामिल हैं. 2019-20 के लिए जारी मुआवजे की कुल राशि  1.65 लाख करोड़ है, जबकि सेस 95,444 करोड़ था.

टू-व्हीलर्स पर फिलहाल राहत नहीं 
उम्मीद थी कि वित्त मंत्री टू-व्हीलर्स पर GST छूट को लेकर काउंसिल में चर्चा करेंगी लेकिन बैठक में इस पर कोई चर्चा नहीं हुई. आपको बता दें कि बीते दिनों पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टू-व्हीलर्स पर GST कटौती के संकेत दिए थे. वित्त मंत्री ने कहा था कि दोपहिया वाहन न तो विलासिता (luxury) का सामान है और न ही यह अहितकर सामान (sin goods) की श्रेणी में आता है इसलिये इस पर जीएसटी दर में संशोधन का मामला बनता है. उम्मीद है कि अगली GST काउंसिल की बैठक में ये मुद्दा उठे. 

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि नोवेल कोरोनावायरस संक्रमण के नियंत्रित होने के बाद, वित्तीय क्षेत्र को बिना नियामकीय छूट के अपने स्वयं के सामान्य संचालन पर लौटना होगा। एक ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, दास ने महामारी से उत्पन्न स्थिति के लिए आरबीआई की प्रतिक्रिया को अभूतपूर्व बताया और कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा किए गए उपायों का उद्देश्य कोविड की विशिष्ट स्थिति से निपटना है और यह स्थायी नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा, "कोविड-19 के नियंत्रण के बाद वित्तीय क्षेत्र को नियामक छूटों और अन्य उपायों पर भरोसा किए बिना सामान्य कामकाज पर लौटना होगा।"

बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों का आह्वान करते हुए दास ने कहा कि राष्ट्रीयकरण के बाद से बैंकिंग क्षेत्र में कई सुधारों के बावजूद बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है।

उनका विचार है कि समय में परिवर्तन के साथ, सुधारों की प्रकृति को फिर से संगठित करने की आवश्यकता है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा, "नरसिम्हम समिति की सिफारिश के अनुरूप सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के समेकन की दिशा में मौजूदा कदम सही दिशा में एक कदम है। भारतीय बैंक इस तरह से लाभ उठा सकते हैं और दुनियाभर में नए व्यापार के अवसरों में भागीदार बन सकते हैं।" 

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में बड़े और अधिक कुशल बैंक वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (ग्लोबल वेल्यू चेन) में एक अच्छा स्थान पाने के लिए वैश्विक बैंकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में, बैंकों के व्यवसाय परि²श्य में महत्वपूर्ण बदलाव आया है और अब बैंकों को सनराइज सेक्टर की तलाश करने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित व्यावसायिक अवसरों पर भी बात की। दास ने माना कि ग्रामीण क्षेत्र के व्यवसाय उछाल की क्षमता रखते हैं।

दास ने कहा, "स्टार्ट-अप, नवीनीकरण, लॉजिस्टिक्स, वैल्यू चेन और ऐसे अन्य संभावित क्षेत्रों को देखने की जरूरत है।" 

भारतीय दूरसंचार नियामक प्रधिकरण (TRAI ) ने निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया(Vodafone Idea) को उसके ‘तरजीही प्लान’ पर कारण बताओ नोटिस जारी की है। ट्राई ने कहा कि पेशकश में पारदर्शिता का अभाव है, ये गुमराह करने वाली है और नियामक सिद्धान्तों के अनुरूप नही है। पीटीआई-भाषा द्वारा देखी गई इस नोटिस में नियामक ने वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) से 31 अगस्त तक जवाब देने के लिए कहा है कि ‘‘रेडएक्स टैरिफ प्लान के मौजूदा नियामक ढांचे का उल्लंघन करने के लिए उसके खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।”

एक सूत्र ने कहा कि भारती एयरटेल को कारण बताओ नोटिस जारी नहीं की गई है। सूत्र ने कहा कि एयरटेल ने ट्राई  (TRAI ) के आदेश का पालन करने की बात कही है और स्वेच्छा से अपनी प्लैटिनम पेशकश को भी संशोधित किया। इसलिए ट्राई (TRAI ) उस पर जांच को आगे नहीं बढ़ा रहा है। ट्राई  (TRAI ) ने वीआईएल को भेजे कारण बताओ नोटिस में कहा है कि अपेक्षाकृत अधिक डेटा स्पीड के साथ तरजीही 4जी नेटवर्क की पेशकश करना मौजूदा नियामक ढांचे के अनुरूप नहीं है। ट्राई ने कारण बताओ नोटिस में कहा है कि रेडएक्स टैरिफ पेशकश में पारदर्शिता की कमी है और ये भ्रामक है। सूत्र ने कहा कि वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) कई मुद्दों पर ट्राई (TRAI ) को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया है। इनमें एक मुद्दा यह है कि कंपनी कैसे प्रीमियम प्लान लेने वाले ग्राहकों को प्राथमिकता वाली सेवा और स्पीड सुनिश्चित करेगी।

दूसरा मुद्दा यह है कि कैसे प्रायरिटी प्लान गैर-प्रीमियम ग्राहकों की सेवाओं पर प्रतिकूल असर नहीं डालेगा। इससे पहले वोडाफोन आइडिया ने अपने जवाब में कहा था कि नया टैरिफ प्लान, नई सेवा नहीं है। ट्राई (TRAI ) वोडाफोन आइडिया  (Vodafone Idea) के प्रायरिटी प्लान रेडएक्स तथा भारती एयरटेल के प्लैटिनम प्लान की जांच कर रहा है। नियामक यह पता लगा रहा है कि प्रायरिटी प्लान के जरिये कुछ ग्राहकों को नेटवर्क में प्राथमिकता देने से कही बिना प्रीमियम सेवा वाले ग्राहकों की सेवाएं तो प्रभावित नहीं हो रही हैं। और क्या इनके तहत नियमों का किसी तरह का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है।

जब बात निवेश की आती है, तो ज्यादातर लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि निवेश कहां किया जाए? वो ये भी चाहते हैं कि जहां भी निवेश किया जाए वो सुरक्षित हो और रिटर्न भी अच्छा मिले. कोई कहता है फिक्स्ड डिपॉजिट कर लो, निश्चिंत रहेंगे तो कहेगा म्यूचुअल फंड में SIP कर लो, बढ़िया रिटर्न मिलेगा. हालांकि इन दोनों विकल्पों में कोई बुराई नहीं है. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक अलग निवेश का जरिया है और म्यूचुअल फंड में SIP अलग तरीका है. तो सबसे पहले इन दोनों को लेकर अगर कोई कंफ्यूजन आपके दिमाग में है तो उसे दूर कर देते हैं.

FD क्या होता है?
फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposite) में आप किसी बैंक या किसी कंपनी में एक तय समय के लिए पैसा डाल देते हैं. जब इसकी मैच्योरिटी हो जाती है तो ब्याज के साथ आपको पैसा मिल जाता है. फिक्स्ड डिपॉजिट को निवेश का एक बहुत सरल और सुरक्षित जरिया माना जाता है, जिसे आमतौर पर रिटायर्ड लोग चुनते हैं, क्योंकि उनकी Risk Capacity यानि निवेश में खतरा लेने की क्षमता कम होती है. ये ऐसे लोगों के लिए एक तय आमदनी का यह अच्छा जरिया होता है. इसमें आप अपनी सहूलियत और जरूरत के हिसाब से ब्याज को एकसाथ बाद में भी ले सकते हैं और हर महीने भी ले सकते हैं. 

SIP क्या होता है? 
Systematic Investment plan या SIP म्यूचुअल फंड में निवेश का एक जरिया है. इसमें आप अपनी क्षमता के मुताबिक हर महीने कुछ पैसा म्यूचुअल फंड्स में लगाते हैं. ये एक लक्ष्य निर्धारित निवेश होता है, जैसे किसी को अगर 5 साल बाद करोड़पति बनना है तो उसे आज से ही कितना पैसा SIP के जरिए निवेश करना होगा, ये पहले से तैयारी करके चलता है. घर खरीदना, गाड़ी खरीदना, पढ़ाई के लक्ष्यों के हिसाब से अलग अलग SIP होती हैं. इसकी सबसे खास बात ये होती है कि रिस्क क्षमता के हिसाब से आप कैटेगरी भी चुनते हैं. अगर ज्यादा रिस्क लेने की क्षमता है तो इक्विटी फंड्स, कम रिस्क क्षमता है तो डेट फंड्स और हल्की रिस्क क्षमता है तो हाइब्रिड फंड्स चुनते हैं. 

इसलिए आपको FD या SIP में से कौन सा निवेश विकल्प चुनना है, ये आप अपनी रिस्क क्षमता और लक्ष्यों के आधार पर तय कर सकते हैं. 

किसानों को लोन देने के लिए अब सैटेलाइट का इस्तेमाल हो रहा है. ICICI बैंक ने इस नई तकनीक की शुरुआत कर दी है. बैंक सैटेलाइट के जरिए ली गई किसानों के खेतों की तस्वीरों का आंकलन करने के बाद उन्हें लोन दे रहा है. ICICI बैंक का कहना है कि इस तकनीक के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति का सही अंदाजा लगाने में मदद मिल रही है, साथ ही लोन को मंजूरी देने में भी कम वक्त लग रहा है. इस कदम से बैंक को अपना खर्च घटाने में भी मदद मिल रही है. 

ICICI बैंक महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के 500 से ज्यादा गांवों का पिछले कुछ महीनों से सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल कर रहा है और लोन बांट रहा है. बैंक की योजना इस तकनीक को 63000 गांवों तक फैलाने की है. बैंक का कहना है कि 'इस नई तकनीक से किसानों की लोन लिमिट बढ़ाने में मदद मिलेगी. साथ ही जो नए किसान बैंक से जुड़ रहे हैं उन तक पहुंच आसान बनेगी.' ICICI बैंक का दावा है कि वह इस तकनीक का इस्तेमाल करने वाला भारत का पहला बैंक होगा.

कैसे काम करती है 'सैटेलाइट' स्कीम?
दरअसल इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा ये है कि किसी बैंक के अधिकारी को लोन लेने वाले किसान के खेत में नहीं जाना पड़ता. अब तक किसानों को लोन देने से पहले बैंक के अधिकारी फसल की क्वालिटी, सिंचाई की व्यवस्था और जमीन की हालत का जायजा लेने खेतों में जाते थे. लेकिन अब बैंक खेतों की सैटेलाइट तस्वीरें लेकर इसे थर्ड पार्टी को भेज देता है, जो इसकी पूरी जांच पड़ताल कर बैंक को जानकारी देता है. इन सैटेलाइट तस्वीरों से खेत के आकार और फसल की क्वालिटी के आधार पर बैंक को किसानों को होने वाली आय का अंदाजा लगाने में मदद मिलती है.

 कोरोना वायरस महामारी से चौपट हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मोदी सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया, जिसके दायरे में इंडस्ट्रीज, MSME, किसान और आम नौकरीपेशा लोग भी आए. लेकिन इन राहतों की एक समयसीमा है, जब ये वापस ले ली जाएंगी तो अर्थव्यवस्था किस तरह से आगे बढ़ेगी और इसकी क्या चुनौतियां होंगी. इन चुनौतियों से कैसे निपटा जाएगा. RBI ने इन सवालों के जवाब अपनी सालाना रिपोर्ट  में दिए हैं. अपनी सालाना रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ने इस बात की उम्मीद भी जताई है कि जल्द ही देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी. 

रिजर्व बैंक ने अपनी सालाना रिपोर्ट 2019-20  में कहा है कि वित्तीय घाटे को काबू करने के लिए एक ठोस योजना तैयार करनी होगी, रोजगार पैदा करने के लिए एक लक्ष्य के तहत काम करना होगा. साथ ही सरकार को डेटा और टेक्नोलॉजी की मदद से बड़े टैक्स डिफॉल्टर्स की पहचान करना चाहिए और अपना टैक्स बेस बढ़ाना चाहिए. GST के नियमों को आसान और कम करने पर ध्यान देना होगा.

हालांकि, RBI ने चेतावनी दी है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती आगे भी जारी रह सकती है, क्योंकि कई राज्यों ने सख्त लॉकडाउन फिर से लागू कर दिया है. RBI ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन हटने के बाद मई और जून में इकोनॉमी में जो हल्का सुधार दिखा था, जुलाई और अगस्त के दौरान वो गायब हो गया. इसकी सबसे बड़ी वजह थी कि राज्यों ने फिर से लॉकडाउन लगा दिया. इसलिए आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती दूसरी तिमाही तक भी जारी रह सकती है. RBI ने अपनी सालाना रिपोर्ट में खपत में आई कमी को गंभीर बताया है, रिजर्व बैंक ने कहा कि खपत को पटरी पर लौटने में लंबा वक्त लग सकता है.

RBI ने अपनी सालाना रिपोर्ट में साफ कहा है कि 'जब भी ये लगे की कोविड-19 का इलाज मिल गया है, राहत पैकेजों को वापस लेना जरूरी होगा.' हालांकि RBI ने उम्मीद भी जताई कि वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही के बाद अर्थव्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा. जहां तक महंगाई की बात है, चौथी तिमाही में ये 6.7 परसेंट थी, अगले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में इससे कम होगी. 

सरकार को नए रोजगार पैदा करने पर फोकस बढ़ाना होगा, और ऐसी कंपनियों को इंसेंटिव देना होगा, जहां लेबर ज्यादा काम करते हैं. केंद्र और राज्य सरकारों को स्टील, कोयला, पावर, जमीन और रेलवे की संपत्तियों को मॉनेटाइज करने के रास्ते तलाशने चाहिए, साथ ही निजी निवेश को बढ़ावा देना चाहिए. 

भारतीय रिजर्व बैंक मुक्त बाजार परिचालन (ओएमओ) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की साथ-साथ खरीद और बिक्री आयोजित करेगा. दो चरणों में 20,000 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री की जाएगी. रिजर्व बैंक ने मंगलवार को बयान में कहा कि नीलामी दो चरणों में 27 अगस्त और तीन सितंबर को आयोजित की जाएगी. दोनों चरणों में सरकारी प्रतिभूतियों की 10,000-10,000 करोड़ रुपये की खरीद-बिक्री की जाएगी.

 केंद्रीय बैंक ने कहा, ‘‘मौजूदा स्थिति तथा नकदी और बाजार परिस्थतियों की समीक्षा के बाद रिजर्व बैंक ने ओएमओ के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की साथ-साथ खरीद-बिक्री करने का फैसला किया है. यह 10,000-10,000 करोड़ रुपये के दो चरणों में होगा.

रिजर्व बैंक ने कहा कि वह 27 अगस्त को 10,000 करोड़ रुपये की चार प्रतिभूतियों की बिक्री करेगा. वह इतनी ही राशि की चार प्रतिभूतियों की खरीद भी करेगा. दूसरे चरण की नीलामी तीन सितंबर को की जाएगी. इसकी घोषणा अलग से की जाएगी.

ऑफरोडिंग के शौकीन लोगों के लिए Force Motors बहुत जल्द अपनी नई कार गुरखा (Gurkha BS6) लॉन्च करने वाला है. कुछ दिन पहले ही Force Motors डीलरशिप ने अपने फेसबुक पेज से Gurkha BS6 की फोटो डाली थी, और लिखा था 'Coming Soon.' रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने नई गुरखा की सप्लाई अपने ऑफिशियल डीलरशिप में शुरू कर दी है. इसकी सीधी टक्कर महिंद्रा की Thar से होगी, जो फेस्टिव सीजन में 2 अक्टूबर 2020 को लॉन्च होगी. Force Motors भी इसी के आस-पास Gurkha को लॉन्च कर सकता है. Force Motors ने Gurkha BS6 को ऑटो एक्सपो 2020 में पेश किया था. 

नए लुक में Force की Gurkha
नई वाली Gurkha में वैसे तो काफी बदलाव हैं, लेकिन फिर भी लुक वैसा ही है. नई Gurkha को स्पोर्टी लुक दिया गया है. फ्रंट ग्रिल को पूरी तरह से बदल दिया गया है, इसमें बम्पर भी नया  है. BS6 Force Gurkha में 2.6 लीटर का डीजल इंजन है, जो 89 bhp की पावर जेनरेट करता है और 260 Nm का अधिकतम टॉर्क पैदा करता है. इसमें फाइव-स्पीड मैनुअल गियर बॉक्स है. इसके अलावा इसमें सर्कुलर LED DRLs, सिंगल स्लेट ग्रिल, फॉग लाइट, कार की छत पर लगेज करियर दिया गया है. इसे 4x4 के साथ भी पेश किया जाएगा. नई Gurkha में नया 16 इंच का अलॉय व्हील दिया गया है. इसके अगले पहियों में डिस्क ब्रेक और पीछे के पहियों में ड्रम ब्रेक का इस्तेमाल किया गया है. डैशबोर्ड में टच स्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, नया इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी दिया गया है. 

कंपनी का इरादा Gurkha को इस साल के शुरुआत में लॉन्च करने का था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से ये नहीं हो सका. इस SUV की कीमतों का खुलासा अभी नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही कीमतों का खुलासा भी कर दिया जाएगा.

अगर आपके ड्राइविंग लाइसेंस या गाड़ी की RC के एक्सपायर होने की तारीख नजदीक आ रही है, या एक्सपायर हो चुकी है. लेकिन लॉकडाउन की वजह से आप उसे रीन्यू नहीं करवा पा रहे हैं, तो घबराने की बात नहीं है, आपके पास 31 दिसंबर 2020 तक मौका है कि आप उसे रीन्यू करा सकें. केंद्र सरकार ने मोटर वाहन दस्तावेजों की वैधता तिथि को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है. अगर गाड़ियों के फिटनेस, परमिट, रजिस्ट्रेशन संबंधी दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो रही हो या खत्म हो गई हो, तो लोग 31 दिसंबर तक रीन्यू करवा सकते हैं. दरअसल देश के कई हिस्सों में अभी तक लॉकडाउन और धारा-144 लागू है. ऐसे में दस्तावेजों को रीन्‍यू कराने का काम मुश्किल से ही हो पा रहा है. लोग अपने दस्‍तावेज रीन्‍यू कराने के लिए दफ्तरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तारीख आगे बढ़ाने का फैसला किया है. 

कोई पेनाल्टी या लेट फीस नहीं लेगी सरकार 
सड़क और परिवहन मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि 1 फरवरी से लंबित दस्तावेजों के सत्यापन में देरी के लिए कोई अतिरिक्त या विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा. मंत्रालय के आदेश के मुताबिक 'कोविड 19 के दौरान नागरिकों की सुविधा के लिए 1 फरवरी, 2020 या उसके बाद के दस्तावेजों के नवीनीकरण के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. साथ ही अगर 1 फरवरी, 2020 से शुल्क का भुगतान करने में देरी हो रही है, तो 31 दिसंबर, 2020 तक ऐसी देरी के लिए कोई अतिरिक्त या विलंब शुल्क नहीं लगेगा. 

पहले भी 3 बार बढ़ा चुकी है मोहलत 
हालांकि ये पहली बार नहीं है कि सरकार ने गाड़ियों के पेपर्स को लेकर मोहलत दी है, इसके पहले भी तीन बार वैधता अवधि को बढ़ाया जा चुका है. सरकार ने सबसे पहले 30 मार्च और इसके बाद दूसरी बार 9 जून को इन जरूरी दस्तावेजों की वैधता बढ़ाई थी. यह वैधता 30 सितंबर को समाप्त हो रही थी. लेकिन अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि 'महामारी के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों के पालन को प्रभावी तरीके से लागू करने और लोगों की परेशानी को कम करने के लिए सरकार ने मोटर वाहन दस्तावेजों की वैधता तिथि को आगे बढ़ाने का एक बार फिर फैसला किया है.'  

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में खाता रखने वालों के लिए एक जरूरी खबर आई है. अब आप अपने डेबिट कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) नहीं कर पाएंगे. SBI खाताधारकों के डेबिट कार्ड (Debit Card) से ये सुविधा खत्म कर रहा है. ध्यान से पढ़ लीजिए आखिर बैंक क्यों उठा रहा है ये कदम...

ई-कॉमर्स साइटों पर नहीं चलेंगे SBI डेबिट कार्ड्स
एसबीआई ने खाताधारकों को सूचित किया है कि ऐसे ग्राहक, जिन्होंने कभी भी ई-कॉमर्स (ऑनलाइन शॉपिंग) के लिए डेबिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है, उनसे ये सुविधा वापस ली जा रही है. अपनी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए बैंक ने बताया है कि जिन ग्राहकों के डेबिट कार्ड से ये सुविधा खत्म की दी गई है, उन्हें SMS के जरिए सूचित किया जा रहा है. इन एसबीआई खाताधारकों के डेबिट कार्ड में अन्य सुविधाएं जैसे एटीएम (ATM) से पैसा निकालना या कार्ड स्वैप के जरिए पेमेंट (Payments) की सर्विस पहले जैसे ही बरकरार रहेंगे.

ऐसे दोबारा चालू करा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग सेवा
अगर बैंक ने गलती से आपके डेबिट कार्ड से ये सुविधा समाप्त कर दी है तो इसे दोबारा भी चालू करवाया जा सकता है. आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल फोन से बस एक एसएमएस (SMS) करना होगा. मोबाइल में 'swon ecom 0000' (आखिरी के चार डिजिट की जगह आपको डेबिट कार्ड के आखिरी चार संख्या डालने हैं) टाइप करना होगा. और इस मैसेज को आप 09223966666 पर भेज दें. मैसेज मिलने के बाद आपके कार्ड में ऑनलाइन शॉपिंग सेवा दोबारा शुरू हो जाएगी. आप इसके लिए बैंक की वेबसाइट onlinesbi.Com में भी जा सकते हैं. 

बताते चलें कि इन दिनों ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड (Online Shopping Fraud) लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में SBI ने फैसला किया है कि ग्राहकों को ऐसे धांधली से बचाने के लिए मौजूदा ई-कॉमर्स सेवाओं को डेबिट कार्ड से खत्म कर दिया जाए. ग्राहक अपने किसी भी सेवा को शुरू या बंद करवाने के लिए अपने नजदीकी बैंक शाखा (SBI Branch) से भी संपर्क कर सकते हैं. 

सोने और चांदी की नई कीमतें जारी हो गई हैं. दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना खरीदना लगातार चौथे दिन सस्ता हो गया है.

नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें गिरने से घरेलू बाजार में फिर से एक बार सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई है. मंगलवार को दिल्ली सर्राफा बाजार (Gold Spot Price) में गोल्ड की कीमतें 500 रुपये प्रति दस ग्राम से ज्यादा गिर गई है. वहीं, इस दौरान चांदी की कीमतों में 1,606 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट आई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन में भले ही देर लगे. लेकिन, इलाज को लेकर उम्मीद बन रही है. कई थैरेपी के अच्छे रिजल्ट देखने को मिले है. इसीलिए अमेरिकी और एशियाई बाजारों में तेजी आई है. उन्होंने बताया कि निवेशकों ने सोने में मुनाफावसूली इस हफ्ते भी जारी रखी है. हालांकि, अगले कुछ दिनों में फिर से एक हल्की तेजी की उम्मीद लगाई जा सकती है.

सोने की नई कीमतें (Gold Price on 25 August 2020)- HDFC सिक्योरिटीज के मुताबिक,  मंगलवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 52,907 रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर 52,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है. इस दौरान कीमतों में 557 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है. वहीं, मुंबई में 99.9 फीसदी वाले सोने के दाम गिरकर 51628.00 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गए हैं. 

चांदी की नई कीमतें (Silver Price on 25 August 2020)- मंगलवार को सोने की तरह चांदी की कीमतें भी गिर गई. दिल्ली में एक किलोग्राम चांदी के दाम 68,342 रुपये से गिरकर 66,736 रुपये पर आ गए हैं. इस दौरान कीमतों में 1,606 रुपये की गिरावट आई है. वहीं, मुंबई में चांदी के दाम गिरकर 64881 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए हैं.

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक में विलय के बाद किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। यह भरोसा दिलाया है पंजाब नेशनल बैंक के MD और CEO एसएस मल्लिकार्जुन राव ने। ANI ने राव के हवाले से एक ट्वीट किया है जिसके मुताबिक, "पंजाब नेशनल बैंक में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कामकाज का विलय करने के बाद किसी कर्मचारी की छंटनी नहीं की जाएगी।"

पंजाब नेशनल बैंक में इन दोनों बैंकों का विलय 1 अप्रैल 2020 से लागू हो गया है। इस विलय के बाद पंजाब नेशनल बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा। SBI सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। पिछले साल 20 अगस्त को फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने 10 सरकारी बैंकों का विलय करके 4 बैंक बनाने का ऐलान किया था।

पंजाब नेशनल बैंक के कमजोर नतीजे: अप्रैल-जून 2020 तिमाही के दौरान पंजाब नेशनल बैंक ने 308 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट दिया था। जबकि एक साल पहले की इसी तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 1018 करोड़ रुपए था। हालांकि आंकड़ों में यह तुलना विलय के कारण पूरी तरह सटिक नहीं है। 1 अप्रैल 2020 से ही पंजाब नेशनल बैंक में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का पंजाब नेशनल बैंक में विलय हो गया है।

इससे पहले मार्च तिमाही में प्रोविजनिंग की वजह से बैंक को 697.20 करोड़ रुपए का लॉस हुआ था। जून तिमाही में बैंक की आमदनी 24,292 करोड़ रुपए रही। एक साल पहले यह 15,161 करोड़ रुपए था।  

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने एविएशन सिक्योरिटी फी में बढ़ोतरी का फैसला किया है. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान, दोनों में एविएशन सिक्योरिटी फीस में बढ़ोतरी होगी. इससे विमान यात्रा थोड़ी महंगी हो जाएगी. इससे एक सितंबर से विमान किराये महंगे हो  सकते हैं. अधिकारियों के मुताबिक घरेलू उड़ानों में एविएशन सिक्योरिटी फीस बढ़ कर अब 160 रुपये हो जाएगी वहीं. अंतराष्ट्रीय उड़ानों में यह बढ़ कर 5.2 डॉलर हो जाएगी.

हवाईअड्डों की सुरक्षा में खर्च होती है एविएशन सिक्योरिटी फीस

एयरलाइंस ग्राहक की ओर से टिकट बुकिंग के दौरान एविएशन सिक्योरिटी फीस वसूलती हैं और इसे सरकार को सौंप देती हैं. एविएशन सिक्योरिटी फीस का इस्तेमाल देश भर में हवाईअड्डों की सुरक्षा के लिए होता है. एविएशन मिनिस्ट्री ने पिछले साल भी यह फीस बढ़ाई थी. 7 जून, 2019 को मंत्रालय ने कहा था कि घरेलू पैसेंजरों से एविएशन सिक्योरिटी फीस के तौर पर  130 रुपये की जगह 150 रुपये लिया जाएगा. इसी तरह अंतरराष्ट्रीय पैसेंजरों को 1 जुलाई, 2019 से एविएशन सिक्योरिटी फीस के तौर पर 3.25 डॉलर के बजाय 4.85 डॉलर देना होगा.

लॉकडाउन से एयरलाइंस कंपनियों की कमाई पर पड़ी मार

कोरोनावायरस संक्रमण रोकने के लिए लगने वाले लॉकडाउन की वजह से एयर ट्रैवल भी सीमित कर दिया है. इससे एयरलाइंस  की कमाई पर बहुत ज्यादा असर पड़ा है. कोरोनावायरस संक्रमण का सबसे ज्यादा असर ट्रैवल, टूरिज्म और एविएशन सेक्टर पर पड़ा है. 25 मार्च को लॉकडाउन  लागू होने के दो महीने बाद 25 मई को डोमिस्टिक फ्लाइट्स में पैसेंजरों को यात्रा की इजाजत दी गई थी. फिर भी विमानों की आधी सीटें खाली जा रही थीं. हालांकि अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स 23 मार्च से ही बंद कर दी गई थीं. वैसे डीजीसीए की इजाजत के साथ विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को परमिशन दी  गई है.

लॉकडाउन खुलने के बाद देशभर में आर्थिक गतिविधियां बहाल हो गई हैं। लेकिन काम उत्पादन क्षमता का आधा भी नहीं पा हो रहा है। मांग में कमी, लॉजिस्टिक की दिक्कतें और फंड की कमी के कारण उत्पादन आधा भी नहीं हो रहा है। नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (एनएसआईसी) के आंकड़ों के मुताबिक, एक अगस्त तक देश के 6.30 करोड़ एमएसएमई यूनिटों में से 91 फीसदी ने काम करना शुरू कर दिया है। लेकिन इनमें से 25 फीसदी ही अपनी 50 फीसदी क्षमता के साथ काम कर पा रही हैं। वहीं, नौ फीसदी अभी भी बंद हैं।

एनएसआईसी का कहना है कि एमएसएमई सेक्टर फंडिंग और नकदी की कमी, सप्लाई चेन में रुकावट,मांग में कमी और माल ढुलाई के लिए लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों का सामना कर रहा है। इस वजह से उत्पादन क्षमता में कमी आई है। देश के देश के निर्यात में एमएसएमई की 50 फीसदी और सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी मे 30 फीसदी हिस्सेदारी है। जबकि यह क्षेत्र 25 लोगों को रोजगार मुहैया कराता है।

सरकार एक जुलाई से टैक्सेबल फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड स्कीम पेश किया है। सरकार की ओर से इसे रिजर्व बैंक ने पेश किया है। इस स्कीम को 7.75 फीसदी वाले सेविंग्स (टैक्सेबल) बॉन्ड्स 2018 के स्थान पर लाया गया है, जिसे 28 मई 2020 के बाद से बंद कर दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड से लोगों को सुरक्षित सरकारी साधनों में निवेश करने का अवसर मिलेगा और यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए ज्यादा बेहतर विकल्प है। इसमें सावधि जमा (एफडी) के मुकाबले करीब दोगुना ब्याज मिल रहा है। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को बॉन्ड की समयपूर्व निकासी की सुविधा दी गई है जिससे यह उनके लिए और ज्यादा आकर्षक हो गया है।

ब्याज कितना और कैसे मिलेगा
यह  बॉन्ड सात साल की अवधि का है। और इनके ऊपर साल में दो बार 1 जनवरी और 1 जुलाई को ब्याज दिया जाएगा। एक जनवरी 2021 को दिया जाने वाला ब्याज 7.15 फीसदी की दर से होगा।  हर अगली छमाही के लिए छह-छह महीने के बाद ब्याज को नए सिरे से तय किया जाएगा। मौजूदा समय में आरडी और पीएफ सहित डाकघर की छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें हर तीन माह में तय होती हैं।

कितना कर सकते हैं निवेश
बॉन्ड में न्यूनतम निवेश सीमा एक हजार रुपये है। हालांकि निवेश की अधिकतम सीमा तय नहीं है। इसके अलावा निवेशकों की सुविधा के लिए नकद निवेश की अधिकतम  सीमा 20 हजार रुपये तय की गई है। यानी जो निवेशक ऑनलाइन या चेक की बजाय नकद  में निवेश करना चाहते हैं वह 20 हजार रुपये ही निवेश कर सकते हैं। इसमें ड्राफ्ट, चेक और इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड से भी बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। बॉन्ड को किसी भी सरकारी बैंक या एचडीएफसी और आईसीआईसीआई सहित कुछ अन्य निजी बैंकों से खरीदा जा सकता है। 

वरिष्ठ नागरिकों को विशेष सुविधा
इस बॉन्ड पर ब्याज यानी क्युमुलेटिव बेसिस पर ब्याज भुगतान का विकल्प नहीं है। यानी छह माह पूरे होते ही ब्याज का पैसा निवेशक के खाते में जमा हो जाएगा। बॉन्ड की राशि सात साल का मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद ही भुगतान की जाएगी यानी उसके पहले निकालने का विकल्प नहीं होगा। इसके बावजूद मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने से पहले बॉन्ड भुनाने का विकल्प वरिष्ठ नागरिकों को मिला हुआ है। इससे यह बॉन्ड वरिष्ठ नागरिकों के लिए ज्यादा बेहतर विकल्प हो गया है जिसमें ब्याज में ऊंचा है और जरूरत पर समय से पहले निकालने की सुविधा भी है।

रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि उसने 44 सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण की निविदा रद्द कर दी है जो पिछले साल आमंत्रित की गई थी। पिछले महीने जब निविदा खोली गई तो 16 डिब्बे वाली इन 44 ट्रेनों के इलेक्ट्रिकल उपकरणों एवं अन्य सामान की आपूर्ति के लिए छह दावेदारों में से एक चीनी संयुक्त उद्यम (सीआरआरसी-पायनियर इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड) एकमात्र विदेशी के रूप में उभरकर सामने आया। वर्ष 2015 में चीनी कंपनी सीआरआरसी योंगजी इलेक्ट्रिक कंपनी लिमिटेड और गुरुग्राम की पायनियर इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के बीच यह संयुक्त उद्यम बना था।

रेल मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, ” 44 सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों (वंदे भारत) के निर्माण की निविदा रद्द कर दी गई है। संशोधित सार्वजनिक खरीद (”मेक इन इंडिया” को वरीयता) आदेश के अंतर्गत एक सप्ताह के भीतर ताजा निविदा आमंत्रित की जाएगी।” हालांकि, रेलवे ने निविदा रद्द करने के पीछे किसी खास कारण का उल्लेख नहीं किया। सूत्रों ने कहा कि रेलवे यह सुनिश्चित करना चाहता है कि एक पूर्ण घरेलू इकाई निविदा हासिल करे और जैसे ही यह महसूस किया गया कि चीनी संयुक्त उद्यम दौड में सबसे आगे है तो इसे निरस्त कर दिया गया। चेन्नई की रेलवे कोच फैक्ट्री ने 10 जुलाई को 44 सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की थी।

इससे पहले, लद्दाख में चीन-भारत के बीच सीमा पर जारी गतिरोध के बीच भी रेलवे ने कोविड-19 निगरानी के लिए थर्मल कैमरा की आपूर्ति के लिए उस समय निविदा रद्द कर दी थी जब एक भारतीय कंपनी ने निविदा विनिर्देशों को चीनी कंपनी के पक्ष में होने का आरोप लगाया था। सूत्रों ने कहा कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भी रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर इस निविदा को समाप्त करने का आग्रह किया था।

सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को चालू वित्त वर्ष की जून में समाप्त पहली तिमाही में 308 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध लाभ हुआ है। हालांकि, इस दौरान डूबे कर्ज के लिए बैंक का नुकसान का प्रावधान बढ़कर दोगुना हो गया। देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक ने इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,018.63 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। इस तरह सालाना आधार पर पहली तिमाही में पीएनबी के शुद्ध लाभ में 70 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि बैंक ने कहा है कि इन आंकड़ों की तुलना पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के आंकड़ों से नहीं की जा सकती, क्योंकि एक अप्रैल, 2020 से ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पीएनबी में विलय प्रभावी हुआ है।

तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय बढ़कर 24,292.80 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 15,161.74 करोड़ रुपये थी। संपत्ति के मोर्चे पर बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) जून, 2020 के अंत तक घटकर 14.11 प्रतिशत रह गईं, जो जून, 2019 में 16.49 प्रतिशत थीं। इसी तरह बैंक का शुद्ध एनपीए 7.17 प्रतिशत से घटकर 5.39 प्रतिशत रह गया। हालांकि, इस दौरान डूबे कर्ज के लिए बैंक का प्रावधान दोगनुा से अधिक होकर 4,836.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2,147.13 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात (पीसीआर) सुधरकर 80.75 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 70.37 प्रतिशत था। तिमाही के दौरान बैंक ने रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुरूप 1,693.68 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के संबंध में पूंजी के प्रावधान को आगे के लिए टालने की सुविधा का लाभ लिया। 

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने भारती एंटरप्राइजेज प्रवर्तित भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस के अधिग्रहण के लिए पक्का करार किया है। यह पूर्णत: शेयरों की अदला-बदली का सौदा होगा। भारती एंटरप्राइजेज के पास फिलहाल भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी फ्रांसीसी बीमा कंपनी एक्सा के पास है। आईसीआईसीआई बैंक प्रवर्तित साधारण बीमा कंपनी ने शुक्रवार रात को शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस के निदेशक मंडल की 21 अगस्त को हुई बैठक में भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस (विघटित कंपनी) और पहली कंपनी तथा उनके संबंधित शेयरधारकों और ऋणदाताओं के बीच लेन-देन ‘व्यवस्था’ को मंजूरी दी गई।

विभाजन के बाद भारती एंटरप्राइजेज और एक्सा दोनों साधारण बीमा कारोबार से बाहर निकल जाएंगी तथा भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस का काम समाप्त हो जाएगा। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड और भारती एक्सा ने संयुक्त बयान में कहा कि इस सौदे के तहत भारती एक्सा के शेयरधारकों को कंपनी के प्रत्येक 115 शेयरों पर आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के दो शेयर मिलेंगे। शेयर आदान-प्रदान अनुपात की सिफारिश स्वतंत्र मूल्यांककों ने की है। दोनों कंपनियों के बोर्ड ने इसे मंजूरी दी है। बयानमें कहा गया है कि इस सौदे के बाद कंपनी की वित्तीय-गणना के आधार पर बाजार हिस्सेदारी 8.7 प्रतिशत होगी। कंपनी ने सौदे के मूल्य की जानकारी नहीं दी है। 

 यूरोपीय संघ (European Union) और ब्रिटेन (Britain) के बीच ब्रेक्जिट (Brexit) के बाद व्यापार संबंधों के बारे में समझौते के लिए चल रही वार्ता में गतिरोध शुक्रवार को भी बना रहा। यूरोपीय वार्ताकार माइकेल बार्नियर ने कहा कि ऐसा लगा रहा है कि समझौते का मौका हाथ से निकल रहा है। उन्होंने कहा कि समय काफी कम बचा है और ऐसा लग रहा है कि बातचीत में हम आगे बढ़ने के बजाए पीछे जा रहे हैं।

उन्होंने सातवें दौर की वार्ता के बाद कहा, ‘‘मुझे समझ में नहीं आता कि हम कीमती वक्त क्यों बर्बाद कर रहे हैं।” दूसरी ओर ब्रिटिश पक्ष ने निराश होकर कहा कि यूरोपीय संघ का कहना है कि ब्रिटेन को पूरी तरह मुक्त व्यापार के लिए यूरोपीय संघ के नियमों का पालन करना होगा, भले ही वह 31 जनवरी को ब्रेक्जिट के बाद यूरोपीय संघ को छोड़ चुका है।

ब्रिटेन के वार्ताकार डेविड फ्रॉस्ट ने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ अभी भी न सिर्फ इस बात पर जोर दे रहा है कि हमें ईयू की राज्य सहायता और मछली पालन नीति को स्वीकार करना चाहिए, बल्कि वह इस बात पर भी जोर दे रहा है कि वार्ता में किसी भी महत्वपूर्ण प्रगति से पहले इस पर सहमति दी जानी चाहिए।”

कनाडा (Canada) और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते के लिए जारी वार्ता की तर्ज पर ब्रिटेन भी यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता चाहता है। दूसरी ओर यूरोपीय संघ यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इस तरह के समझौते पर चर्चा करने से पहले श्रमिकों के अधिकारों, पर्यावरण और सरकारी सब्सिडी सहित कई मुद्दों पर दोनों के नियम समान हों। 

पेट्रोल (Petrol) की कीमतों में तेल कंपनियों द्वारा तेजी का सिलसिला जारी है. वहीं डीजल की कीमतों में लगातार 21वें दिन किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. तेल कंपनियों ने दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में 16 पैसे का इजाफा किया है. पेट्रोल की कीमतों में इस हफ्ते 92 पैसे की बढ़ोतरी हो चुकी है. 

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल का दाम बढ़कर 81.35 रुपये प्रति लीटर, जबकि एक लीटर डीजल की कीमत 73.56 रुपये है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 88.02 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 80.11 रुपये प्रति लीटर है. इसी तरह चेन्नई में पेट्रोल 84.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल 78.86 रुपये प्रति लीटर के भाव मिल रहा है. वहीं, कोलकाता में पेट्रोल 82.87 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 77.06 रुपये प्रति लीटर है.

इस हफ्ते बुधवार के अलावा सभी दिन पेट्रोल के भाव में इजाफा हुआ है. पिछले रविवार को दिल्ली में 14 पैसे, सोमवार को 16 पैसे, मंगलवार को 17 पैसे, गुरुवार को 10 पैसे, शुक्रवार को 19 पैसे और आज यानी शनिवार को 16 पैसे तक महंगा हो गया है. 

फेसबुक शेयरों में उछाल से जकरबर्ग की संपत्ति में भारी इजाफा

इसकी वजह से वह दुनिया के तीसरे सबसे अमीर शख्स हो गए

फेसबुक के CEO मार्क जकरबर्ग की संपत्ति 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गई है. अमेरिकी शेयर बाजार वाल स्ट्रीट में आई तेजी की वजह से फेसबुक के शेयरों में भी उछाल आया और इसकी वजह से जकरबर्ग के नेटवर्थ में इजाफा हुआ है.

सोशल नेटवर्किंग कंपनी फेसबुक के शेयर गुरुवार को 2.4 फीसदी चढ़ गए. इसकी वजह से एक ही दिन में जकरबर्ग का नेटवर्थ 2.3 अरब डॉलर बढ़ गया. उनका नेटवर्थ बढ़कर 102 अरब डॉलर तक पहुंच गया.

दुनिया के तीसरे अमीर हुए

शेयर बाजार में आई इस तेजी से जकरबर्ग एक बार फिर अमीरों की सूची में छलांग लगा चुके हैं. वह दुनिया के टॉप 10 अमीरों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं. उनसे ऊपर केवल अब एमेजॉन के सीईओ जेफ बेजोस (194 अरब डॉलर) और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स (122 अरब डॉलर) ही हैं.

हालांकि ऐसा नहीं है कि जकरबर्ग की संपत्ति पहली बार 100 अरब डॉलर के पार हुई हो. इसके पहले 7 अगस्त को जब फेसबुक के शेयर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए थे, तब भी जकरबर्ग की संपत्ति 100 अरब डॉलर के पार हो गई थी.

चौथे स्थान पर पहुंचे मस्क

उन्होंने टेस्ला और SpaceX के सीईओ एलन मस्क को पीछे छोड़ते हुए उन्हें चौथे पायदान पर पहुंचा दिया है. हालांकि मस्क की संपत्ति भी पिछले कुछ दिनों से काफी तेजी से बढ़ रही है और वह भी 100 अरब डॉलर के आंकड़े के पार हो सकते हैं.

ब्लूमबर्ग बिलियनरीज इंडेक्स के मुताबिक मस्क का नेटवर्क करीब 95 अरब डॉलर है और एक दिन में ही उनकी संपत्ति 5.18 अरब डॉलर बढ़ गई है. कोरोना संकट के दौर में जब दुनिया की इकोनॉमी में मंदी का दौर है, मस्क की संपदा इस साल से अब तक करीब 67.6 अरब डॉलर बढ़ गई है. यह दुनिया के सबसे अमीर शख्स जेफ बेजोस की कुल संपदा की करीब आधी है.

PM मोदी के लिए आ रहा है खास एअर इंडिया वन विमान

यह विमान हवा में उड़ने वाले अभेद्य किले जैसा सुरक्षित होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए नया VVIP बोइंग विमान 'एअर इंडिया वन' आ रहा है. यह अगले हफ्ते ही दिल्ली में लैंड करेगा. सरकार ने दो चौड़ी बॉडी वाले खासतौर से डिजाइन किये गये बोइंग 777-300 ER विमान ऑर्डर किये हैं. इनमें से एक पीएम मोदी के लिए तो दूसरा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के लिए होगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति जैसा

अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इस्तेमाल होने वाले 'एयरफोर्स वन' विमान की तर्ज पर भारत के लिए वीवीआईपी एयरक्राफ्ट 'एअर इंडिया वन' तैयार किया गया है. इन दोनों विमानों की अमेरिका में खास साज-सज्जा की जा रही है. इनके आने के बाद एअर इंडिया वीवीआईपी बेड़े से 25 साल पुराने बोइंग 747 विमान हटा लिये जाएंगे. ये दोनों विमान भारतीय वायुसेना के पायलटों द्वारा चलाये जाएंगे.

एअर इंडिया, इंडियन एयरफोर्स, और सरकार के कुछ अधिकारियों के साथ सुरक्षाकर्मियों का एक दल वीवीआईपी एयरक्राफ्ट 'एअर इंडिया वन' को भारत लाने के लिए अमेरिका गया है.

क्या है इस विमान का खासियत

-एअर इंडिया वन एडवांस और सिक्योर कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस है. ये विमान एक तरह से पूर्ण हवाई कमान केंद्र की तरह काम करते हैं जिनके अत्याधुनिक ऑडियो-वीडियो संचार को टैप या हैक नहीं किया जा सकता.

-दोनों विमान एक तरह से मजबूत हवाई किले की तरह हैं. इनकी खरीद पर करीब 8,458 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

-इस विमान का अपना मिसाइल डिफेंस सिस्टम, सेल्फ प्रोटेक्शन सूट है जो दुश्मन देश के रडार फ्रेंक्वेंसी को जाम कर सकते हैं.

इस विमान के अंदर एक कॉन्फ्रेंस रूम, वीवीआईपी यात्रियों के लिए एक केबिन, एक मेडिकल सेंटर और साथ ही साथ अन्य गणमान्य व्यक्तियों, स्टाफ के लिए सीटें होंगी.

-इस विमान पर एअर इंडिया वन (जिसे AI-1 or AICOO1 भी कहा जाता है) का खास तरह का साइन होगा. इस साइन का मतलब है कि विमान में राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री सवार हैं.

-इस विमान पर अशोक चक्र के साथ भारत और इंडिया भी लिखा होगा.

-यह विमान एक बार ईंधन भराने के बाद लगातार 17 घंटे तक उड़ान भर सकेगा. अभी वीवीआई बेड़े में जो विमान हैं, वे सिर्फ 10 घंटे तक ही लगातार उड़ सकते हैं.

 देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने आईआईएमबी स्थिति स्टार्टअप हब के साथ मोबिलिटी क्षेत्र में नवाचार के लिए गठजोड़ किया है। एमएसआई ने एक बयान में कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलोर (आईआईएमबी) स्थित एन एस राघवन उद्यमिता शिक्षण केंद्र (एनएसआरसीईएल) के साथ साझेदारी से मोबिलिटी क्षेत्र में लागू होने वाले नवाचारों की दिशा में मदद मिलेगी।

कंपनी ने बताया कि उसकी इस पहल से शुरुआती स्तर के स्टार्टअप को बड़े पैमाने पर व्यवसाय बनाने में मदद मिलेगी। एमएसआई के प्रबंध निदेशक और सीईओ केनिची आयुकावा ने कहा कि इस गठजोड़ का मकसद अगली पीढ़ी की कंपनियों का पोषण करना है, जो भविष्य में मोबिलिटी समाधान को परिभाषित करेंगी और जो रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान कर सकती हैं।

कोरोना वायरस महामारी का संक्रमण तेजी से बढ़ने के बीच भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) ने सामान्य रूप से प्रभावित मरीजों के सशुल्क पृथकवास के लिए ओयो होटल के कमरों को चुना है। इस संबंध में निर्णय उड़ीसा की राजधानी में बुधवार को कोविड-19 संक्रमण के 370 नए मामले सामने आने के बाद बीएमसी की बैठक में लिया गया। बीएमसी ने बताया सामान्य लक्षणों वाले मरीज इस सुविधा का लाभ अधिकतम 10 दिनों तक ले सकेंगे, जिसके बाद उन्हें अगले सात दिन तक घर में पृथकवास करना होगा। मरीज जितने दिनों तक होटल के कमरे में रुकना चाहेंगे, उसके किराए का 50 प्रतिशत उन्हें पहले जमा करना होगा।  

दिल्ली में पेट्रोल 10 पैसे महंगा

बुधवार को दाम में बदलाव नहीं

एक दिन की स्थिरता के बाद एक बार फिर पेट्रोल के दाम बढ़ गए हैं. देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 10 पैसे महंगा होकर 81 रुपये के भाव पर पहुंच गया है. करीब एक हफ्ते के भीतर दिल्ली में पेट्रोल 57 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है.

आपको बता दें कि बुधवार को पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ था. पेट्रोल के भाव में आखिरी बढ़त मंगलवार को हुई थी. मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल 17 पैसे, कोलकाता और मुंबई में 13 पैसे जबकि चेन्नई में 12 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया था. वहीं, डीजल की बात करें तो भाव में लगातार 19वें दिन स्थिरता बनी हुई है.

क्या है नई रेट लिस्ट

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल का दाम बढ़कर क्रमश: 81 रुपये, 82.53 रुपये, 87.68 रुपये और 84.09 रुपये प्रति लीटर हो गया. वहीं, चारों महानगरों में डीजल की कीमत क्रमश: 73.56 रुपये, 77.06 रुपये, 80.11 रुपये और 78.86 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है.

इन दिनों अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में उतार—चढ़ाव का दौर देखने को मिल रहा है. बीते सप्ताह कच्चे तेल के भाव में तेजी दर्ज की गई थी. लेकिन बीते दो दिन से नरमी देखने को मिल रही है. बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव 45 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है. 

पहले ही के IRCTC आईपीओ के द्वारा सरकार अपना हिस्सा घटा चुकी है

अब इसमें अपनी और हिस्सेदारी बेचकर सरकार जुटाएगी रकम

मोदी सरकार अब इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) में अपनी और हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है. यह बिक्री नरेंद्र मोदी सरकार के उस महत्वाकांक्षी योजना का ही हिस्सा होगा जिसके तहत इस वित्त वर्ष यानी 2020-21 में विनिवेश से सरकार 2.1 लाख करोड़ रुपये जुटाना चाहती है.

किस तरह होगी बिक्री

गौरतलब है कि पिछले साल IRCTC का आईपीओ आने के बाद वैसे ही इसमें सरकार की हिस्सेदारी घटकर 87.40 फीसदी रह गई थी. सीएनबीएसी-आवाज की एक रिपोर्ट के अनुसार, विनिवेश विभाग ने IRCTC में हिस्सेदारी बेचने के लिए मर्चेंट बैंकर और सेलिंग ब्रोकर्स की नियुक्ति शुरू कर दी है. यह बिक्री OFS के द्वारा की जाएगी. ओएफएस के लिए प्री-बिड मीटिंग हो चुकी है और अब बिडिंग प्रक्रिया 11 सितंबर से शुरू हो सकती है.

क्या होता है OFS रूट

ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस रूट के द्वारा कोई लिस्टेड कंपनी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर खुद ही शेयर बेचती है. यह एक विशेष विंडो है जिसकी सुविधा सिर्फ टॉप 200 कंपनियों को ही मिलती है. इसमें कम से कम 25 फीसदी शेयर म्यूचुअल फंड या बीमा कंपनियों जैसे संस्थागत निवेशकों के लिए रिजर्व रखने होते हैं.

पहले 100 फीसदी थी हिस्सेदारी

शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी को कम करने के लिए इसका इस्तेमाल करते है. गौरतलब है कि सितंबर 2019 में आए आईपीओ के द्वारा सरकार ने IRCTC में अपनी हिस्सेदारी 12.6 फीसदी घटा दी थी. पहले रेलवे के द्वारा सरकार की इसमें 100 फीसदी हिस्सेदारी थी.आईआरसीटीसी भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी है. आईआरसीटीसी ट्रेनों में सफर करने वाले लोगों की ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग के साथ ही यात्रा के दौरान भोजन आदि भी व्यवस्था करती है. इसके अलावा, इसी कंपनी द्वारा देश में प्राइवेट ट्रेनों का संचालन भी किया जाता है.

 घरेलू शेयर बाजारों में बढ़त के साथ शुरुआत होने और विदेशी पूंजी प्रवाह जारी रहने से अंतर बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में बुधवार को रुपये में मजबूती का रुख रहा। अमेरिकी डालर के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में सात पैसे बढ़कर 74.69 रुपये प्रति डालर पर पहुंच गया। बाजार में घरेलू मुद्रा में कारोबार की शुरुआत 74.71 रुपये पर मजबूती के साथ हुई।

कुछ ही देर में यह और मजबूत होकर 74.69 रुपये प्रति डालर पर पहुंच गया। इस भाव पर यह पिछले बंद भाव के मुकाबले सात पैसे ऊंचा रहा। डालर के मुकाबले रुपया मंलवार के कारोबार में 74.76 रुपये प्रति डालर पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक बाजार की नजर अमेरिका के फेडरल रिजर्व की बैठक का ब्योरा जारी होने पर है।

यह ब्योरा आज देर शाम तक जारी हो सकता है। इस बीच दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के समक्ष डालर की मजबूती को आंकने वाला डालर इंडेक्स 0.08 प्रतिशत बढ़कर 92.34 अंक पर पहुंच गया। कच्चे तेल का वैश्विक बेंचमार्क माना जाने वाला ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 0.75 प्रतिशत गिरकर 45.12 डालर प्रति बैरल रहा।

ऑनलाइन फार्मेसी में कड़ी टक्कर देगी रिलायंस

नेटमेड्स में किया 620 करोड़ का निवेश

यह ऑनलाइन दवा बेचने वाली कंपनी है

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ऑनलाइन फार्मेसी कंपनी नेटमेड्स में 620 करोड़ रुपये का निवेश किया है. रिलायंस ने विटालिक हेल्थ और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों में करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी ली है जिन्हें सामूहिक रूप से नेटमेड्स के रूप में जाना जाता है.

होगी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा

इससे देश के ऑनलाइन फार्मेसी कारोबार में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा शुरू होने वाली है, जहां ऐमजॉन प्रवेश कर चुका है और फ्लिपकार्ट भी इसमें उतरने का मन बना रहा है.

करार के मुताबिक रिलायंस ने विटालिक में 60 फीसदी इक्विटी होल्डिंग ली है, जबकि इसकी सब्सिडियरी ट्रेसरा हेल्थ, नेटमेड्स मार्केट प्लेस और Dadha फार्मा डिस्ट्रिब्यूशन में उसे 100 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी.

विटालिक की स्थापना 2015 में हुई थी और उसकी सहायक कंपनियां फार्मा डिस्ट्रीब्यूशन, बिक्री और बिजनेस सपोर्ट सर्विस में हैं. इसकी सब्सिडियरी के द्वारा ऑनलाइन फार्मेसी कारोबार नेटमेड्स के नाम से संचालित किया जाता है. जो ग्राहकों को फार्मासिस्ट से जोड़ती है और सीधे उनके घर तक दवाएं, न्यूट्रीशनल और वेलनेस उत्पाद पहुंचाती है.

क्या कहा रिलायंस ने

रिलायंस की रिटेल डायरेक्टर ईशा अंबानी ने एक बयान में कहा, 'यह निवेश हमारी उस प्रतिबद्धता के अनुरूप ही है जिसमें हमने भारत में हर व्यक्ति तक डिजिटल पहुंच की बात की है. नेटमेड्स के जुड़ने से रिलायंस रिटेल अच्छी गुणवत्ता के और किफायती हेल्थकेयर उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध करा पाएगी. नेटमेड्स ने जिस तरह से बहुत कम समय में देशव्यापी डिजिअल फ्रेंचाइजी विकसित की है उससे हम प्रभावित हुए हैं.'

क्या करती है नेटमेड्स

नेटमेड्स एक ई-फार्मा पोर्टल है जिसके द्वारा प्रिस्क्रिप्शन आधारित और ओवर-द-काउंटर दवाएं और अन्य हेल्थ उत्पादों की बिक्री की जाती है. इसकी सेवाएं देश के करीब 20,000 स्थानों में उपलब्ध हैं. इसकी प्रमोटर चेन्नई आधारित कंपनी Dadha Pharma है.

पिछले हफ्ते ही दिग्गज बहुराष्ट्रीय ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन ने भी ऑनलाइन फार्मेसी कारोबार में कदम रखा है. कंपनी ने बेंगलुरु से ई-फार्मेसी सेवा शुरू की है.

सेंसेक्स 478 अंक की बढ़त के साथ 38,528 अंक पर पहुंचा

निफ्टी 138 अंक की बढ़त के साथ 11,385.35 अंक पर बंद

प्राइवेट सेक्टर के ICICI बैंक में चीन के पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने छोटी हिस्सेदारी ली है. यह हिस्सेदारी ICICI बैंक के हाल में बंद हुए 15,000 करोड़ रुपये के क्यूआईपी इश्यू में खरीदी गई है. इस खबर के बाद निवेशकों में उत्साह का माहौल है.

यही वजह है कि बुधवार को बैंक का शेयर भाव 2 फीसदी तक चढ़ गया. इसके अलावा अन्य बैंकिंग शेयर में भी तेजी देखने को मिली. बीएसई इंडेक्स पर एसबीआई के शेयर 2 फीसदी की बढ़त के साथ टॉप पर थे. इसी तरह, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी के शेयर में भी तेजी दर्ज की गई है.

रिलायंस के शेयर में भी बढ़त

इस बीच, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में भी एक फीसदी से अधिक की बढ़त देखने को मिली है. आपको बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ऑनलाइन फार्मेसी कंपनी नेटमेड्स में 620 करोड़ रुपये का निवेश किया है. रिलायंस ने विटालिक हेल्थ और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों में करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी ली है जिन्हें सामूहिक रूप से नेटमेड्स के रूप में जाना जाता है.

निफ्टी 11,500 अंक के करीब

अगर सेंसेक्स और निफ्टी की बात करें तो एक बार फिर रौनक देखने को मिली है. सेंसेक्स 200 अंकों की बढ़त के साथ 38,800 अंक के करीब आ गया. वहीं, निफ्टी की बात करें तो 70 अंक की तेजी के साथ 11,500 अंक के नजदीक है.

कोरोना संकट की वजह से बड़े पैमाने पर हुई छंटनी

अप्रैल से जुलाई के बीच 1.89 करोड़ नौकरियां गईं

कोरोना संकट दुनिया के अन्य देशों की तरह ही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी भारी पड़ रहा है. कोराना की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण देश में करीब 1.89 करोड़ लोगों की नौकरियां चली गई हैं. यही नहीं, सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के मुताबिक जुलाई महीने में ही 50 लाख लोगों की नौकरियां चली गईं.

CMIE के कंज्यूमर पिरामिड्स हाउसहोल्ड सर्वे के अनुसार, अप्रैल से जून के दौरान करीब 1.7 करोड़ लोगों की नौकरियां चली गईं. जुलाई में तो हालत और खराब रही. जुलाई महीने के दौरान 50 लाख लोगों की नौकरियां चली गईं.

अनौपचारिक क्षेत्र बेहतर

सीएमआईई का कहना है कि अनौपचारिक क्षेत्र में नौकरियां अब लौट रही हैं यानी लोगों को मिलने लगी हैं, क्योंकि धीरे-धीरे इकोनॉमी खुल रही है. साल 2019-20 में गैर वेतन वाले अनौपचारिक रोजगार 31.76 करोड़ थे, जो जुलाई 2020 में बढ़कर 32.56 करोड़ तक पहुंच गए. यानी इस दौरान 2.5 फीसदी यानी करीब 80 लाख की बढ़त हुई. लेकिन इस दौरान सैलरीइड यानी वेतनभोगी नौकरियों में 22 फीसदी यानी 1.89 करोड़ की कमी आई है.

चिंता की बात

CMIE के अनुसार, अप्रैल 2020 तक 1.77 करोड़ लोग नौकरी गंवा चुके थे. इसके बाद मई में करीब 1 लाख लोगों की नौकरी गई. जून में लॉकडाउन खुलने के बाद 39 लाख नौकरियां बढ़ीं, लेकिन जुलाई में फिर 50 लाख लोग नौकरी से हाथ धो बैठे. वेतनभोगी लोगों की नौकरियां जाना चिंता का विषय है.

Amazon ने बेंगलुरु में शुरू किया फार्मेसी कारोबार

दवा दुकानदारों के संगठन ने इसे गैर कानूनी बताया

संगठन ने इसके खिलाफ PMO में शिकायत की है

Amazon ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से ऑनलाइन फार्मेसी कारोबार की शुरुआत कर दी है. एमेजॉन के इस कारोबार का विरोध होने लगा है. खुदरा दवा व्यापारियों के संगठन ने इसके खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को लेटर लिखा है.

कंपनी ने पिछले हफ्ते से ही बेंगलुरु में ओवर-द-काउंटर और प्रिस्क्रिप्शन आधारित दवाओं के लिए ऑर्डर लेना शुरू कर दिया है. अमेजन फार्मेसी इसके अलावा पारंपरिक हर्बल दवाओं और कुछ स्वास्थ्य उपकरण जैसे कि ग्लूकोज मीटर, नेबुलाइजर और हैंडहेल्ड मसाजर्स भी बेच रही है. असल में कोरोना संकट के बाद लोग बाहर निकलने की जगह घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर से हर सामान मंगाने को प्राथमिकता दे रहे हैं.

क्या कहा एमेजॉन ने

Amazon के प्रवक्ता ने इस सेवा के बारे में बताया, 'ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम बेंगलुरु में एमेजॉन फार्मेसी लॉन्च कर रहे हैं ताकि वे प्रिस्क्रिप्शन आधारित और ओवर-द-काउंटर दवाएं ले सकें. ग्राहकों को बेसिक हेल्थ डिवाइस और आयुर्वेद दवाओं की आपूर्ति भी की जाएगी.'

भारतीय रिजर्व बैंक से यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त एसबीएम बैंक इंडिया ने अग्रणी फिनटेक कंपनी ‘पे नियरबाई’ के साथ मिलकर एक नया लक्ष्य आधारित आवर्ती जमा प्लेटफार्म ‘निवेश’ लॉन्च किया है. यह मुंबई-महाराष्ट्र सहित देश भर में पे नियरबाई के 10 लाख से अधिक रिटेल टच पॉइंट्स पर उपलब्ध होगा. ये रिटेल टच पॉइंट्स 17,000 से अधिक पिन कोड में फैले हुए हैं. 

अभिनव रिकरिंग डिपॉजिच मंच ‘निवेश’ सभी पे नियरबाई’ आउटलेट्स पर उपलब्ध होने से छोटे जमाकर्ताओं तक आसानी से पहुंचेगा और उन्हें बचत के लिए प्रोत्साहन देने के साथ बेहतर प्रतिफल प्रदान करेगा.

वित्तीय सशक्तीकरण के लिए बचत प्रवृत्ति को बढ़ावा : सिद्धार्थ रथ

एसबीएम बैं‍क के प्रबंध निदेशक और सीईओ सिद्धार्थ रथ ने कहा कि एक बैंकिंग संस्थान होने के नाते हमारा मानना है कि वित्तीय सशक्तीकरण और समावेश से बड़े प्रभाव पड़ते हैं. इसलि‍ए हम लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. बिना किसी दस्तावेज और सहायता के आसान ऑनबोर्डिंग के साथ ‘निवेश’ मंच देश में लक्ष्य आधारित बचत व्यवहार को अपनाने और लचीलेपन के साथ वित्तीय स्वतंत्रता में सक्षम बनाने में मदद करेगा. फ्लेक्सिबल डिपॉजिटस जैसी सुविधाएं और बैंकिंग घंटों की बाधा से मुक्ति के साथ ‘निवेश’ का लक्ष्य बेहतर जीवन के लिए बचत प्रवृत्ति को बढ़ावा देना है.

शाखाहीन बैंकिंग को बढ़ावा : आनंद बजाज

‘पे नियरबाई’ के प्रबंध निदेशक आनंद कुमार बजाज ने कहा कि हमें भरोसा है कि हम अपने नजदीकी किराना दुकानदारों के सहयोग से शाखाहीन बैंकिंग में क्रांति ला सकते हैं और ‘निवेश’ के साथ वित्तीय सशक्तिकरण प्राप्त कर सकते हैं. 

भारत-मालदीव के बीच एक सीधी यात्री-सह-कार्गो नौका सेवा प्रारंभ करने के लिए विगत वर्ष हुए समझौते को मूर्त रूप देते हुए शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एससीआई) ने भारत-मालदीव शिपिंग सेवा शुरू करने की घोषणा की है. जून 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान भारत-मालदीव के बीच कनेक्टिविटी में सुधार करने और द्विपक्षीय व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए यह समझौता किया गया था.

यात्री परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

नवरत्न उपक्रम एससीआई ने यहां जारी एक बयान में कहा कि सीधी शिपिंग सेवा से यात्रियों और माल के परिवहन के लिए एक वैकल्पिक, सीधा और कम खर्चीला साधन उपलब्ध होगा. जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे. सीधी शिपिंग सेवा सितंबर, 2020 के तीसरे सप्ताह में भारत से प्रारंभ हो जाएगी. यह सेवा भारत सरकार के पोत परिवहन मंत्रालय की देखरेख में एससीआई द्वारा चलायी जाएगी. यह प्रत्यक्ष शिपिंग सेवा कंटेनर-सह-ब्रेकबल्क जहाज के साथ कोचीन/तूतीकोरिन और माले को जोड़ रही है, जो लगभग 200 टीईयू और 3,000 मीट्रिक टन बल्क कार्गो ले जा सकता है और यह सेवा 10 दिनों की एक राउंड वॉएज होगी.

बढ़ेगा निर्यात व्यापार

यह सेवा मालदीव के लिए भारतीय निर्यात को प्रोत्साहन देगी. जहाज में इलेक्ट्रिकल मशीनरी और उपकरण, टेलीविज़न, घरेलू उपकरण, फार्मास्युटिकल्स, लोहा और इस्पात, निर्माण सामग्री, रेत, कपड़े, फैब्रिक्स और अन्य टेक्सटाइल्स उत्पाद, टॉयलेट फिटिंग, फर्नीचर, फल और सब्जियां, अंडे, खाद्यान्न आदि सामान ले जाने की उम्मीद है. इन वस्तुओं की मालदीव में अच्छी मांग रहती है.

गोवा में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बावजूद यहां हवाईअड्डे पर पिछले महीने विमानों की आवाजाही इस साल अप्रैल की तुलना में 12 गुना बढ़ी है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने कहा कि यह वास्को स्थित आईएनएस हंसा बेस पर स्थित हवाईअड्डे पर स्थिति सामान्य होने का संकेत है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने सोमवार को ट्विटर पर एक चार्ट साझा किया, जिसमें यह दर्शाया गया है कि गोवा हवाईअड्डे पर अप्रैल में 27 विमानों की आवाजाही हुयी, मई में 59, जून में 265 और जुलाई में बढ़कर 318 हो गई है।

प्राधिकरण ने ट्वीट किया, ‘‘ एएआई के गोवा हवाईअड्डे पर 20 अप्रैल से धीरे-धीरे विमानों की आवाजाही बढ़ी है। अप्रैल में 27 उड़ानों की तुलना में जुलाई में विमानों की आवाजाही 12 गुना बढ़ गई। कोविड-19 के मद्देनजर हमारा लक्ष्य जितनी जल्दी हो सके भारतीय नागरिक उड्डयन को वापस पटरी पर लाना है।” आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गोवा में सोमवार तक कोविड-19 के 11,994 मामले थे और 111 लोगों की इससे जान भी गई है। 

निजी ट्रेन संचालकों को मिलेंगे कई अधिकार

ट्रेन कहां कितने देर रुकेगी, यह भी तय करेंगे

प्राइवेट ट्रेन संचालकों को रेलवे कई तरह की सहूलियतें देने जा रहा है. इनमें से एक सहूलियत यह होगी कि निजी ट्रेनों के संचालक खुद यह तय कर सकेंगे कि कौन से स्टेशन पर गाड़ी रोकी जाएगी और कौन-से स्टेशन पर नहीं रुकेगी.

गौरतलब है कि रेलवे द्वारा 109 मार्गों पर 150 निजी रेल गाड़ियां चलाने की जिम्मेदारी जिन निजी संचालकों को दी जाने वाली है. इन संचालतकों को ऐसे स्टेशनों का चुनाव करने की आजादी होगी जहां वे अपनी रेलगाड़ियों का ठहराव चाहते हैं.

रेलवे द्वारा इस संबंध में जारी दस्तावेज में इसकी जानकारी दी गई है. देश में प्राइवेट ट्रेनें मार्च 2023 से चलेंगी. इसके लिए टेंडर मार्च 2021 तक फाइनल कर लिए जाएंगे.

देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ई-कॉमर्स में अपनी जगह मजबूत करने के लिए अरबन लैडर (Urban Ladder) और मिल्क बास्केट (Milkbasket) जैसी कंपनियों को खरीद सकती है. इस बारे में रिलायंस की इन कंपनियों से बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है.

क्या करती हैं ये कंपनियां

अरबन लैडर ऑनलाइन फर्नीचर कारोबार की प्रमुख कंपनी है, जबकि मिल्क बॉस्केट ऑनलाइन दूध, फल-सब्जियों आदि की आपूर्ति के कारोबार में है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अरबन लैडर के साथ रिलायंस की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है. बातचीत कारगर हुई तो यह सौदा करीब 3 करोड़ डॉलर में हो सकता है. रिलायंस इस कारोबार में बाद में और निवेश कर इस सेगमेंट में अपनी पहुंच बढ़ा सकती है.

मिल्क बास्केट इसके पहले एमेजॉन से भी बातचीत में लगी थी, लेकिन अब वह अच्छे वैल्यूएशन की उम्मीद में रिलायंस से बातचीत कर रही है. दोनों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है.

गौरतलब है कि मिल्क बास्केट गुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में करीब 1.30 लाख घरों दूध के अलावा, अन्य डेरी आइटम, फल, सब्जियों, एफएमसीजी उत्पादों की भी आपूर्ति करती है.

* कोरोना संकट दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में मंदी ला रहा है

* जापान और इजरायल गहरे आर्थिक संकट में दिख रहे हैं

कोरोना संकट दुनिया की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर भारी पड़ रहा है. अप्रैल से जून की तिमाही में जापान की अर्थव्यवस्था में करीब 28 फीसदी और इजरायल की अर्थव्यवस्था में करीब 29 फीसदी की रिकॉर्ड गिरावट आई है.

उपभोग और व्यापार पर गहरा असर

जापान सरकार की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस महामारी की वजह से उपभोग तथा व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे अर्थव्यवस्था में जोरदार गिरावट दर्ज हुई है. जापान के कैबिनेट कार्यालय के अनुसार जापान का समायोजित वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी पहली तिमाही में 27.8 फीसदी घटा है.

सेकंड वर्ल्ड वार के बाद की सबसे बड़ी गिरावट

जापानी मीडिया की खबरों में कहा गया है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी गिरावट है. हालांकि, कैबिनेट कार्यालय का कहना है कि अर्थव्यवस्था के आंकड़ों की तुलना 1980 से शुरू हुई थी. इससे पहले जापानी अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी गिरावट 2009 में दर्ज हुई थी. यह 2008-09 के वैश्विक मंदी का समय था.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के खाताधारकों को बैंक ने झटका दिया है. SBI ने ATM से पैसे निकालने को लेकर नियमों में बदलाव किया है. बदले हुए नियमों के मुताबिक अब फ्री ट्रांजैक्शन (मुफ्त निकासी) की लिमिट को पार करने पर खाताधारकों पर जुर्माना लगेगा. यही नहीं, अगर SBI के खाताधारक के अकाउंट में बैलेंस नहीं होने पर फेल होने वाले ट्रांजैक्शन के लिए भी जुर्माना भरना होगा. SBI के ये नियम 1 जुलाई 2020 से लागू हो चुके हैं.

भारतीय स्टेट बैंक मेट्रो शहरों में बार ATM से 8 बार के मुफ्ल लेनदेन की सुविधा देता है. यानी अगर आप मेट्रो सिटी में रहते हैं तो महीने में 8 बार ATM से पैसे निकालने पर आपसे किसी प्रकार का चार्ज नहीं लिया जाएगा लेकिन इससे ज्यादा बार निकालने पर आपको जुर्माना भरना पड़ेगा.

SBI ATM से मुफ्त पैसे निकालने के नियमों (ATM Withdrawal Rules) के मुताबिक मेट्रो शहरों में SBI के खाताधारक 5 बार SBI ATM से लेनदेन कर सकते हैं और 3 बार अन्य बैंकों के ATM का इस्तेमाल कर सकते हैं. मेट्रो शहरों में मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल हैं.

इसके अलावा गैर-मेट्रो शहरों में SBI के खाताधारक 10 बार ATM से मुफ्त लेनदेन कर सकते हैं, इसमें 5 बार SBI ATM से और 5 अन्य बैंकों के एटीएम से लेनदेन किया जा सकता है. इस लिमिट को पार करने पर बैंक आपसे 10 रुपये से लेकर 20 रुपये तक GST शुल्क वसूल सकता है.

SBI के दूसरे बदले गए नियम के मुताबिक अगर SBI के खाताधारक के अकाउंट में पैसे नहीं हैं, वो ऐसी स्थिति में एटीएम से पैसा निकालता है और ट्रांजेक्शन फेल हो जाती है तो SBI खाताधारक को जुर्माना भरना होगा. बैंक इसके लिए 20 रुपए फाइन और GST चार्ज करेगा. यानी आपके खाते में पैसा नहीं होने पर एटीएम का इस्तेमाल करने पर जुर्माना लगेगा.

 

 इंडियन रेलवे किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसान स्पेशल ट्रेन चला रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को दूसरी किसान स्पेशन ट्रेन पूर्व मध्य रेल के बरौनी से टाटानगर के बीच दूध की सप्लाई के लिए शुरू की गई। इससे पहले इतिहास शुक्रवार को नासिक से इस तरह की पहली ट्रेन बिहार के दानापुर के लिए शुरू की गई थी।

किसान रेल का मकसद किसानों की इनकम को दोगुना करना है। ट्रेन की मदद से किसान देश के कोने-कोने से फल, फूल, सब्जी जैसे उत्पादों को कम समय में लाकर ज्यादा मुनाफा कमा पाएंगे। अगर ये सामान ट्रक से जाते हैं तो कई दिन का समय लग जाता है और ज्यादा समान खराब हो जाते हैं। इस ट्रेन में कंटेनर फ्रीज की तरह होंगे। मतलब यह एक चलता-फिरता कोल्ड स्टोरेज होगा। इसमें किसान खराब होने वाले सब्जी, फल, फिश, मीट, मिल्क रख सकेंगे। इससे उनका नुकसान कम होगा।  

मोदी ने बताया चलता फिरता कोल्ड स्टोरेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 महामारी से उत्पन्न इस संकटकाल से निपटने में देश के किसानों के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि किसानों के चलते भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था आज भी मजबूत है और इससे पूरी अर्थव्यवस्था को सहारा मिला है। हाल ही में शुरू किए गए किसान रेल को लेकर उन्होंने कहा कि 'किसान रेल' पूरी तरह से वातानूकुलित है। ये एक तरह से पटरी पर दौड़ता कोल्ड स्टोरेज है। इससे शहर के लोगों को ताजी वस्तुएं मिल सकेंगी और किसानों को अपनी फसल स्थानीय मंडियों पर मजबूरन बेचना नहीं पड़ेगा।

*  टाइटन कंपनी को 16 साल के इतिहास में पहली बार घाटा

*  जून तिमाही में कंपनी को 270 करोड़ रुपये का घाटा

*  इस कंपनी के शेयरों से निवेशकों ने अच्छा पैसा बनाया है

टाइटन शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला और बहुत से निवेशकों की पसंदीदा कंपनी है. अपने बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत टाइटन कंपनी (Titan Company) ने पिछले वर्षों में निवेशकों को मालामाल किया है. लेकिन अब इस कंपनी को पहली बार घाटे का सामना करना पड़ा है. जून तिमाही में कंपनी को 270 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है.

16 साल के इतिहास में पहली बार क्यों हुआ घाटा

यह कंपनी के 16 साल के इतिहास में हुआ पहला घाटा है. कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से कंपनी को यह घाटा हुआ है. लॉकडाउन की वजह से घड़ियों और ज्वैलरी का कारोबार करने वाली इस कंपनी की बिक्री में भारी गिरावट आई है. कोरोना संकट की वजह से अप्रैल तक तो कंपनी का कामकाज पूरी तरह ठप रहा, इसके बाद मई और जून में ही थोड़ी बिक्री हो पाई.

आय में भी भारी गिरावट

कंपनी द्वारा जारी नतीजों के अनुसार 30 जून को खत्म तिमाही में 270 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है. पिछले साल इस दौरान कंपनी को 371 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था. जून तिमाही में कंपनी की कुल आय 62 फीसदी गिरकर महज 1901 करोड़ रुपये रह गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी को 4,996 करोड़ रुपये की आय हुई थी.

अभी पूरे स्टोर नहीं खुल पाए हैं

जून तक कंपनी के 83 फीसदी स्टोर खुल गए थे और अब उसके करीब 93 फीसदी स्टोर खुल रहे हैं. अभी भी कई तरह की समस्याओं की वजह से सभी स्टोर नहीं खोले गए हैं. आय में इस कमी की वजह से ही टाइटन ने इस तिमाही में विज्ञापन पर खर्च सिर्फ 16 करोड़ रुपये का किया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कंपनी में विज्ञापनों पर 134 करोड़ रुपये का खर्च किया था.

निवेशकों को दिलाया था मोटा मुनाफा

बुवाई सीजन खत्म होने से गांवों में रोजगार कम हुआ

9 अगस्त को खत्म हफ्ते में बेरोजगारी दर बढ़कर 8.67%

देश की बेरोजगारी दर पांच हफ्ते की शीर्ष ऊंचाई पर पहुंच गई है. लॉकडाउन में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद जब इकोनॉमी अनलॉक हुई तो बेरोजगारी दर में गिरावट आई थी, लेकिन अब यह फिर बढ़ गई है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के मुताबिक 9 अगस्त को खत्म हफ्ते में बेरोजगारी दर 8.67 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है.

क्या है बढ़ने की वजह

यह 12 जुलाई के बाद की सबसे ऊंची बेरोजगारी दर है. इसके पहले 2 अगस्त के हफ्ते में बेरोजगारी दर 7.19 फीसदी थी. असल में बुवाई का सीजन अब गांवों में खत्म हो गया है. बुवाई के काम में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर लग गए थे, लेकिन अब वे खाली हो गए हैं. इसके अलावा मॉनसून की बारिश बढ़ने की वजह से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात से भी रोजगार घटा है.

जुलाई महीने की कुल बेरोजगारी दर भी 7.43 फीसदी ही थी. यानी अगस्त के पहले हफ्ते में बेरोजगारी इस औसत से भी ज्यादा हो गई है. मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक 9 अगस्त के हफ्ते में ग्रामीण बेरोजगारी दर 2 फीसदी बढ़कर आठ हफ्ते की ऊंचाई 8.37 फीसदी तक पहुंच गई. इसके पिछले पिछले हफ्ते में ग्रामीण बेरोजगारी सिर्फ 6.47 फीसदी थी. इसके पहले 14 जून के हफ्ते में ही ग्रामीण बेरोजगारी इससे ज्यादा 10.96 फीसदी की ऊंचाई तक थी. 

इसी तरह शहरी बेरोजगारी दर भी 9 अगस्त के हफ्ते में फिर बढ़ते हुए 9.31 फीसदी तक पहुंच गई. इसके पिछले हफ्ते में शहरी बेरोजगारी 8.73 फीसदी थी. पूरे जुलाई महीने में शहरी बेरोजगारी दर 9.15 फीसदी थी.

क्या आपने कभी सोचा है कि पेट्रोल भरवाने की लिमिट (Fuel Rationing ) तय कर दी जाए. जी हां, ऐसा ही कुछ भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में से एक मिजोरम (Mizoram) में ऐसा हो रहा है.

नई दिल्ली. मिजोरम सरकार (Government of Mizoram) ने मंगलवार को ईंधन की मात्रा प्रति वाहन (Fuel Rationing ) तय कर दी है. अब राज्य में स्कूटर में सिर्फ 3 लीटर और कार में 10 लीटर तक ही पेट्रोल-डीज़ल (Petrol Diesel Rationing) भरवाया जा सकता है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कोरोना वायरस की वजह से कई जगहों पर लॉकडाउन लगा हुआ है. फ्यूल टैंक समय पर नहीं पहुंच पा रहे है. जिसकी वजह से वहां पर पेट्रोल-डीज़ल की कमी हो गई है. ऐसे में सरकार ने फ्यूल राशनिंग का फैसला लिया है. इस फैसले के बाद मिजोरम की राजधानी आइजोल में पेट्रोलपंप पर लंबी लाइन लग गई है.

अब कार में डलवा सकेंगे सिर्फ 10 लीटर पेट्रोल- अधिकारियों ने कहा, आदेश के अनुसार, स्कूटरों के लिए 3 लीटर, अन्य दोपहिया वाहनों के लिए 5 लीटर, हल्के मोटर वाहन यानी कार के लिए 10 लीटर (LMV), मैक्सी कैब्स, मिनी ट्रक जिप्सी के लिए 20 लीटर की इज़ाजत है. वहीं, ट्रक और बस के लिए 100 लीटर की अनुमति दी गई है. इसके अलावा पेट्रोलपंप पर गैलन और अन्य किसी भी सामान में ईंधन लेन पर रोक लगा दी गई है. 

नई दिल्ली. मिजोरम सरकार (Government of Mizoram) ने मंगलवार को ईंधन की मात्रा प्रति वाहन (Fuel Rationing ) तय कर दी है. अब राज्य में स्कूटर में सिर्फ 3 लीटर और कार में 10 लीटर तक ही पेट्रोल-डीज़ल (Petrol Diesel Rationing) भरवाया जा सकता है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कोरोना वायरस की वजह से कई जगहों पर लॉकडाउन लगा हुआ है. फ्यूल टैंक समय पर नहीं पहुंच पा रहे है. जिसकी वजह से वहां पर पेट्रोल-डीज़ल की कमी हो गई है. ऐसे में सरकार ने फ्यूल राशनिंग का फैसला लिया है. इस फैसले के बाद मिजोरम की राजधानी आइजोल में पेट्रोलपंप पर लंबी लाइन लग गई है.

इन गाड़ियों को मिली छूट- पीटीआई के मुताबिक, जो वाहन चावल और अन्य खाने पीने की चीज़ों को लेकर जा रहा है उसे टैंक फुल करने की इज़ाजत है. अधिकारियों का कहना है कि ये वाहन सामान ढो रहे है इसीलिए इनके लिए ये नया नियम लागू नहीं होगा.  

सकारात्मक अंतरराष्ट्रीय संकेतों की वजह से सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई. कारोबार की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स सुबह 286 अंकों की तेजी के साथ 36,880.66 पर खुला. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 84 अंकों की तेजी के साथ 10,851.85 पर खुला. सुबह 9.30 बजे तक सेंसेक्स 421 अंकों की तेजी के साथ 37015 पर पहुंच गया.

इन शेयरों में आई तेजी: सेंसेक्स में तेजी हासिल करने वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, एचयूएल, मारुति आदि शामिल हैं, जबकि गिरने वाले शेयरों में भारती एयरटेल, एचडीएफसी ​आदि शामिल हैं.

रुपये में भी मजबूती: सोमवार को रुपया भी मजबूती के साथ डॉलर के मुकाबले 75.15 पर खुला है. शुक्रवार को रुपया 75.20 पर बंद हुआ था. घरेलू शेयर बाजार में अच्छी खरीदारी देखी जा रही है. करीब 882 शेयरों में तेजी और 343 में गिरावट देखी गई.

रिलायंस का मार्केट कैपिटल 12 लाख करोड़ के पार: रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की ऐसी पहली कंपनी हो गई है जिसका मार्केट कैपिटल 12 लाख करोड़ रुपये के पार हो गया है. एक महीने से कम समय में ही रिलायंस का मार्केट कैप 11 लाख करोड़ से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. अमेरिका के क्वालकॉम वेंचर्स ने रविवार को ऐलान किया है कि वह रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स में 730 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इस खबर के आने के बाद आज जब मार्केट खुला तो रिलायंस के शेयर चढ़ गए.

दूरसंचार नियामक ट्राई ने कथित रूप से नेट न्यूट्रलिटी को खत्म करने और इंटरनेट के मामले में भेदभाव बरतने के टेलीकॉम कंपनियों के प्रयास पर रोक लगा दी है. ट्राई ने भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया से उन खास दूरसंचार प्लान को रोकने के लिए कहा है, जिसके तहत खास कस्टमर्स को तेज स्पीड देने का वादा किया था.

यह सवाल उठाए जा रहे थे कि क्या टेलीकॉम कंपनियों ने अन्य ग्राहकों की सेवाओं में गिरावट की कीमत पर तरजीही नेटवर्क तैयार किया है? न्यूज एजेंसी पीटीआई से एक सूत्र ने कहा कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दोनों टेलीकॉम ऑपेरटर से अंतरिम अवधि के लिए इन विशेष प्लान को वापस लेने के लिए कहा है.

ट्राई ने मांगे इन बातों के जवाब: ट्राई ने इस बारे में दोनों ऑपेरटर- एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को इसके बारे में लिखा है और उनसे उनके प्लान के बारे में जानकारी मांगी है जिसमें कुछ तरजीही यूजर्स को को तेज गति देने का वादा किया है. ट्राई ने पूछा है कि क्या उन विशिष्ट प्लानों में अधिक भुगतान वाले ग्राहकों को तरजीह, अन्य ग्राहकों के लिए सेवा में गिरावट की कीमत पर आई है ट्राई ने ऑपेरटर्स से पूछा है कि वे दूसरे सामान्य ग्राहकों के हितों की रक्षा कैसे कर रहे हैं.

साल 2004 में केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्‍टम (NPS) को लॉन्‍च किया था. इसका मकसद उन सरकारी कर्मचारियों को पेंशन सिस्टम से जोड़ना था जो पुरानी पेंशन योजनाओं के दायरे से बाहर थे. सरकार ने 2009 में इसे निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भी खोल दिया. अब इस योजना में एक जरूरी बदलाव हुआ है.

क्या हुआ है बदलाव- दरअसल, पेंशन कोष नियामक पीएफआरडीए ने एनपीएस से जुड़ने के लिए ‘वन-टाइम पासवर्ड’ सुविधा पेश की है. नियामक ने एनपीएस खाता खोलने और उसे और आसान बनाने के लिये ये कदम उठाया है. इसके तहत अंशधारक अब ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिये अपना एनपीएस खाता खोल सकते हैं. इसमें पीओपी (प्वाइंट ऑफ प्रजेंस) के लिए रजिस्टर्ड बैंक के ग्राहक अगर संबंधित बैंक के इंटरनेट बैंकिंग के जरिये एनपीएस खाता खोलना चाहते हैं, वे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं.

देनी होगी केवाईसी की जानकारी- नॉन-इंटरनेट बैंकिंग डिजिटल माध्यम यानी पीओपी के जरिये बिना किसी कागजी दस्तावेज के लिए एनपीएस खाता खोलने को लेकर संबंधित ग्राहक के मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी और ई-मेल का उपयोग किया जा सकता है. केवाईसी (अपने ग्राहक को जानों) के पूरा होने के बाद पीओपी को एनपीएस अंशधारकों के बारे में सूचना/जानकारी ग्राहक के फोटो और हस्ताक्षर की इमेज के साथ सेंट्रल रिकार्ड कीपिंग एजेंसियों (सीआरए) को देनी होगी.

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच देश में 1 जुलाई से अनलॉक-2 लागू होने वाला है. इस बार कुछ इलाकों में सख्ती बरकरार है तो वहीं कई तरह की ढील भी दी गई है. इस नए अनलॉक का शेयर बाजार ने खुलकर स्वागत किया है.

एक दिन पहले सोमवार की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को रिकवरी देखने को​ मिली. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 250 अंक तक मजबूत होकर एक बार फिर 35 हजार अंक को पार कर गया. इसी तरह निफ्टी की बात करें तो करीब 70 अंक की तेजी रही और यह 10 हजार 400 अंक के स्तर पर पहुंच गया.

सोमवार को बाजार में गिरावट- विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों से सोमवार को घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा. सेंसेक्स 210 अंक यानी 0.60 फीसदी फिसलकर 34961.52 पर बंद हुआ. निफ्टी भी पिछले सत्र से 71 अंकों यानी 0.68 फीसदी की कमजोरी के साथ 10,312 अंक पर रहा.

किस शेयर का क्या रहा हाल- बीएसई के 30 शेयरों में से नौ शेयरों में तेजी रही जबकि 21 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए. सबसे अधिक तेजी वाले पांच शेयरों में एचडीएफसी बैंक (1.97 फीसदी), युनीलीवर (1.30 फीसदी), कोटक बैंक (1.27 फीसदी), भारती एयरटेल (1.24 फीसदी) और आईटीसी (1.08 फीसदी) शामिल रहे.

मंगलवार (16 जून, 2020) को शुरुआती कारोबार के दौरान गोल्ड की कीमतों में उछाल दर्ज की गई. सोने की तर्ज पर चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई. दरअसल भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से आर्थिक अनिश्चितताएं बढ़ गई हैं. इस वजह से सोने और चांदी की कीमत में उछाल दर्ज की जा रही है.

वायदा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमत में 0.32 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. इसकी कीमत 150 रुपये बढ़ कर 47,176 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गई. सिल्वर फ्यूचर में 0.61 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 287 रुपये बढ़ कर 47,680 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया.

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के मुताबिक सोमवार को सोने के कीमतों में 380 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी. राष्ट्रीय राजधानी में इसकी कीमत 47,900 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गई थी. सिल्वर की कीमत भी 590 रुपये गिर गई थी और घट कर यह 48,200 रुपये किलो ग्राम पर पहुंच गई थी.

इस बीच, अहमदाबाद के सर्राफा बाजार में गोल्ड हाजिर की कीमत 46,803 रुपये दर्ज की गई. वह 10 अगस्त को एक्सपायर होने वाले गोल्ड फ्यूचर की कीमत 47,100 रुपये दर्ज की गई.

सरकार की ओर से तीन लाख करोड़ रुपये का पैकेज जारी करने के बावजूद एमएसएमई की हालत ठीक नहीं है. क्रिसिल के हाल के आकलन के मुताबिक अगर जीडीपी में पांच फीसदी की कमी आई तो एमएसएमई की कमाई 21 फीसदी घट जाएगी. क्रिसिल ने कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक की ओर से उठाए गए कदमों से भी एमएसएमई को राहत मिलती दिखाई नहीं देती.

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुताबिक कोविड-19 की वजह से छोटी और मझोली कंपनियों के सामने संकट की स्थिति पैदा हो गई है. अगर हालात ऐसे ही रहे और जीडीपी में पांच फीसदी तक गिरावट आई तो एमएसएमई की कमाई 21 फीसदी तक घट जाएगी. इनके ऑपरेटिंग प्रॉफिट में चार से पांच फीसदी की गिरावट आ सकती है.

क्रिसिल ने कॉरपोरेट कंपनियों के रेवेन्यू में भी गिरावट की आशंका जताई है. उसका कहना है कि जीडीपी घटने से कॉरपोरेट कंपनियों की कमाई 15 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है.

ICSI अर्थात इन्स्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडियाने सीएस फाउंडेशन, एक्झिक्युटिव, प्रोफेशनल प्रोग्राम आमि पोस्ट मेंबरशीप क्वालिफिकेशन परीक्षा पुन्हा लांबणीवर टाकली आहे. सीएसची जून परीक्षा यापूर्वी एक लांबणीवर टाकत जुलै महिन्यात आयोजित केली जाण्याची घोषणा करण्यात आली होती. आता ही परीक्षा ऑगस्टमध्ये होणार आहे.

सीएस परीक्षा १८ ते २८ ऑगस्ट २०२० दरम्यान घेतली जाणार आहे. आयसीएसआय या परीक्षेसाठी मोफत ऑनलाइन क्रॅश कोर्सही चालवत आहे. याचे वर्ग २ जुलैपर्यंत चालणार आहे. आयसीएसआयच्या विद्यावाहिनी कार्यक्रमांतर्गत हे वर्ग घेण्यात येत आहेत.

कडाउन में ढील के बावजूद मई में नहीं हो पाया खास उत्पादन

मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट का सिलसिला मई में भी जारी रहा

इसके पहले अप्रैल में आई थी मैन्युफैक्चरिंग में भारी गिरावट

कोरोना के कहर और लॉकडाउन की वजह से देश की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को लगातार नुकसान हुआ है. आईएचएस मार्किट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के अनुसार मई महीने में भी देश की मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट आई है.

पीएमआई सर्वे के अनुसार मई महीने में मैन्युफैक्चरिंग का पीएमआई 30.8 रहा जो गिरावट को दर्शाता है. इस सर्वे में 50 से नीचे अंक हासिल होने का मतलब गिरावट और 50 से ऊपर होने का मतलब बढ़त होना है. इसके पहले अप्रैल महीने में मैन्युफैक्चरिंग में रिकॉर्ड गिरावट आई थी और तब पीएमआई इंडेक्स महज 27.4 ही था.

गौरतलब है कि देश में लगातार 32 महीने तक मैन्युफैक्चरिंग पॉजिटिव था यानी इसमें बढ़त हुई थी, लेकिन अप्रैल 2020 में इसमें इतने अंतराल के बाद पहली बार गिरावट देखी गई.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक आईएचएस मार्किट की इकोनॉमिस्ट इलियट केर ने कहा, 'नवीनतम पीएमआई डेटा से पता चलता है कि मई महीने में भी भारतीय मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट आई है.'

कोरोना के प्रकोप के बीच राहत के उपायों के तहत आईटी कंपनी कॉग्निजैंट (Cognizant) भारत और फिलीपींस में अपने करीब दो—तिहाई कर्मचारियों को अगले महीने 25 फीसदी अतिरिक्त सैलरी देगी.

कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि एसोसिएट और उससे नीचे के स्तर के कर्मचारियों को अप्रैल महीने के लिए 25 फीसदी का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा. इससे भारत में कंपनी के करीब 1.30 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा.

कंपनी का कहना है कि कोरोना वायरस संकट के बीच भी सेवाओं को जारी रखते हुए कर्मचारी असाधारण काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें एक तरह से प्रोत्साहन स्वरूप यह अतिरिक्ति वेतन दिया जाएगा. यह अतिरि​क्त राशि उनके मूल वेतन के आधार पर तय की जाएगी. गौरतलब है कि दिसंबर 2019 तक कंपनी के भारत में कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 2,03,700 थी.

 कोरोना वायरस (Coronavirus) का खौफ दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है. ऐसे में रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी कोरोना के प्रकोप को देखते हुए बंद करने का फैसला किया है. देश में 5 लाख रेस्टोरेंट का प्रतिनिधित्व करने वाले नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन (NRAI) ने 18 मार्च से 31 मार्च तक रेस्टोरेंट बंद करने की एडवाइजरी जारी की है. इससे देश में तकरीबन 5 लाख रेस्टोरेंट बंद रह सकते हैं. हालांकि यह रेस्टोरेंट के मालिक के ऊपर निर्भर करता है कि वो बंद करने का फैसला लेंगे या नहीं. इससे सबसे ज्यादा वो लोग प्रभावित होंगे जो बाहर भोजन करते हैं.

बिजनेस पर पड़ेगा असर
NRAI अपने जारी किए गए बयान में कहा है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हमें ऐसा फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इससे हमारे बिजनेस पर असर पड़ेगा. लेकिन ग्राहकों, कर्मचारियों और सामाजिक सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है. NRAI कहा कि हमारे ज्यादातर कर्मचारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं. इस दौरान इन कर्मचारियों को कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का खतरा है. ऐसे में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों को ऑपरेशन बंद करने की सलाह दी है. 

संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी के अनुसार, कोरोनो वायरस महामारी के कारण दुनिया भर में लगभग 25 मिलियन नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है. अगर सरकारों ने तेजी से कोई कारगर कदम नहीं उठाए और इसके लिए सही पॉलिसी नहीं बनाई तो बेरोजगारी और ज्यादा बढ़ेगी.
ILO ने चेतावनी दी 
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि दुनिया भर में आर्थिक संकट आ सकता है जिससे लोगों की नौकरियां मुश्किल में आ जाएंगी. ILO का ये भी कहना है कि कंपनियों को कर्मचारियों के लिए कुछ ख़ास कदम उठाने होंगे जिसमें सामाजिक सुरक्षा, काम का समय कम करना, पेड लीव देना शामिल है. ILO का प्रस्ताव है कि कुछ सेक्टर्स में काम करने वाले लोगो को वित्तीय सहायता भी मिलनी चाहिए. हालांकि आईएलओ ने यह भी कहा कि यदि उसी तरह से समन्वित रूप से अंतरराष्ट्रीय नीतिगत कदम उठाए गए जैसा कि 2008-09 की मंदी के दौरान हुआ था, तो बेरोजगारी को कम किया जा सकता है. 

रिपोर्ट यह बताती है कि कोरोनो वायरस के कारण कैसे बेरोजगारी बढ़ रही है. और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी बढ़ने की भी उम्मीद है, क्योंकि वायरस के फैलने के आर्थिक परिणाम काम के घंटों और वेतन में कटौती में बदल जाते हैं.

कोरोना वायरस (COVID-19) पर आज प्रधानमंत्री शाम 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. लेकिन, इसके ठीक पहले रेल मंत्रालय (Ministry of Railway) ने एक बड़ा फैसला लिया है. सभी कैटेगरी की ट्रेन टिकट (Train Tickets) पर मिलने वाली छूट को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है. हालांकि, दिव्यांगजनों की 4 कैटेगरी और 11 तरह के मरीजों को मिलने वाली छूट जा रही रहेगी. रेल मंत्रालय ने यह फैसला COVID-19 को देखते हुए लिया है. यह छूट अगली सूचना तक नहीं दी जाएगी.

रेलवे ने यह फैसला लिया है ताकि कम से कम संख्या में लोग ट्रैवल करें और कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को कम किया जा सके. इसके पहले रेलवे ने देश के कुल 250 रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले प्लेटफॉर्म टिकट को 10 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया था.

 कोरोना वायरस ने दुनियाभर के देशों में अपनी गिरफ्त में ले लिया है. अमेरिका से लेकर कई यूरोपीय देशों में खाली बड़े बाजार कोरोना के असर की दास्तां बयान कर रहे हैं. इटली, फ्रांस और स्पेन में जरूरी सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद कर दिया गया है. वहीं ब्रिटेन में सरकार ने लोगों को जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है.

अमेरिका में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. यहां पूरी तरह से लॉकडाउन नहीं है लेकिन होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, पब बंद हैं. जाहिर है कोरोना लोगों के साथ-साथ अब इकोनॉमी की हेल्थ पर भी असर डाल रहा है. इससे निपटने के लिए दुनियाभर के देशों ने इकोनॉमी के लिए राहत पैकेज देना शुरू कर दिया है. टैक्स छूट के साथ-साथ लोगों के हाथ में पैसा देने की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि इकोनॉमी का पहिया चलता रहे. भारत में भी इस तरह के कदम उठाने पर विचार हो रहा है.

भारत की जीडीपी ग्रोथ पर 0.5 फीसदी तक कमी आने का अनुमान 

कोरोना का असर इंडस्ट्री पर दिखने लगा है. सबसे ज्यादा असर एयरलाइंस, टूर एंड ट्रैवल्स, होटल एंड रेस्टोरेंट और ऑटो सेक्टर पर पड़ा है. एक्सपोर्टर्स भी सरकार से आर्थिक राहत की मांग कर रहे हैं. कोरोना की वजह से भारत की जीडीपी ग्रोथ पर 0.5 फीसदी तक कमी आने का अनुमान लगाया जा रहा है. सरकार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है और मदद के लिए तैयार है.

वैसे तो कोरोना वायरस के चलते सभी तरह के बचाव वाले कदम उठाए जा रहे हैं. शायद इसी एतियात भरे कदम के चलते लोगों ट्रेनों से भी यात्रा करने बच रहे हैं. लेकिन इस कदम का खामियाजा रेलवे को उठाना पड़ रहा है. हर रोज करीब 4 लाख यात्री अपनी यात्रा की टिकट कैंसिल करा रहे हैं. ऐसे में जब रेलवे को यात्री नहीं मिल रहे तो उसने सैकड़ों ट्रेनें भी कैंसिल कर दी है. यहां तक की आईआरटीसी ने भी अपनी 4 खास ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है.

मार्च महीने में रिकॉर्ड टिकट कैंसिल हुए हैं. सिर्फ उत्तर रेलवे जोन में 1 मार्च से 12 मार्च के बीच 12.29 लाख के करीब टिकट कैंसिल हुए हैं. जबकि एक महीना पहले फरवरी में इस दौरान सिर्फ 7.25 लाख टिकट कैंसिल हुए थे. इसके जरिए उत्तर  रेलवे ने करीब 85 करोड़ रुपये कमाई की है.

रेलवे कितनी करती है कमाई  - आरटीआई में हुए खुलासे के मुताबिक रेलवे के पिछले चार साल में तत्काल टिकट बुकिंग से 25,392 करोड़ रुपए की कमाई की. नेशनल ट्रांसपोर्टर ने साल 2016 से 2019 के बीच तत्काल कोटा टिकट से 21,530 रुपए और तत्काल प्रीमियम टिकट से 3862 रुपए की कमाई की है. वहीं, रेलवे को 2017 से 2020 के दौरान टिकटों के कैंसिल कराने से काटी गई रकम से 4,684 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. यही नहीं यदि इसमें वेटिंग लिस्ट में शामिल टिकटों को कैंसल न कराने पर काटी गई रकम को भी जोड़ लें तो यह आंकड़ा 9,000 करोड़ रुपये है. यदि आप भी टिकट कैंसिल कराने पर होने वाले नुकसान से परेशान हैं तो आपके लिए ये रेलवे के नियम पढ़ना जरूरी है.

दुनिया का सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका पर भी अब कोरोना का असर दिखने लगा है. दुनियाभर में अमेरिकी एक्सचेंज न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) के फेमस ट्रेडिंग फ्लोर को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया गया है. लेकिन वहां ई ट्रेडिंग जारी रहेगी. ऐसा अमेरिका के के इतिसाहस में तीसरी बार हुआ है जब एक्सचेंज पर कारोबार रोकना पड़ा. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की ओर से जारी ने दो लोगों में COVID-19 पॉजिटिव आने के बाद एहतियातन यह कदम उठाया है.

आपको बता दें कि अमेरिकी शेयर बाजार का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स डाओ जोंस  20 हजार के नीचे बंद हुआ है. ये फरवरी 2017 के बाद का निचला स्तर है. वहीं, एक महीने में इंडेक्स 30 फीसदी लुढ़क गया. ऐसे ही हालात भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों में है.

क्यों लिया ये फैसला-एनवाईएसई की पेरेंट कंपनी इंटरनेशनल एक्सचेंज के मुताबिक, न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के ट्रेडिंग फ्लोर कम्युनिटी के एक सदस्य और एक्सचेंज के एक कर्मचारी में कोरोना वायरस के पॉजिटिव आने के बाद यह कदम उठाया गया है. 

न्यूयॉर्क में न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज अमेरिकन ऑप्शंस मार्केट भी बंद हो जाएगा. इसी तरह सेन फ्रांसिस्को में एनवाईएसई आर्का ऑप्शंस  भी बंद होगा.

इससे पहले कब हुआ- एनवाईएसई के ट्रेडिंग फ्लोर पर हजारों ब्रोकर्स ट्रेडिंग करते और कराते है. 

 कोरोना वायरस  की मार एयरलाइन कंपनियों पर पड़ने लगी है. बजट एयरलाइन इंडिगो  ने गुरुवार को अपने सभी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती की घोषणा की है. इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रोनोजॉय दत्ता ने सभी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की घोषणा की है. वह खुद 25 फीसदी कम वेतन लेंगे. कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट्स और इससे ऊपर के कर्मचारियों की सैलरी में 20 फीसदी की कटौती होगी, जबकि वाइस प्रेसिडेंट्स और कॉकपिट क्रू की सैलरी 15 फीसदी कटेगी.

इंडिगो के सीईओ ने वेतन कटौती की घोषणा करते हुए कहा कि कोराना वायरस महामारी के कारण इनकम में गिरावट आई है, इससे एयरलाइन इंडस्ट्री का अस्तित्व संकट में है.

आर्थिक माहौल काफी बिगड़ गया है, सख्त कदम उठाने होंगे
इंडिगो के फ्लाइट ऑपरेशन के प्रमुख अशीम मित्रा ने गुरुवार को पायलटों को भेजे एक ई-मेल में कहा कि विमानन क्षेत्र में आर्थिक माहौल काफी बिगड़ गया है और अगले कुछ दिनों तथा हफ्तों में सख्त कदम उठाना आवश्यक हो गया है. कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण दुनियाभर में देशों के आंशिक या पूरी तरह से सीमाएं सील करने के कारण विमानन क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है क्योंकि विश्वभर में ज्यादातर विमानन कंपनियों ने अपने विमान संचालन में जबरदस्त तरीके से कटौती कर दी है. मित्रा ने ई-मेल में कहा, आर्थिक माहौल काफी बिगड़ गया है और कोई भी विमानन कंपनी इस गिरावट से बची नहीं है. 

 

यस बैंक (Yes Bank) को संभालने की सरकार की कोशिशों के बाद रेटिंग एजेंसी मूडीज (Rating Agency Moody's) से भी बैंक को राहत मिली है. मूडीज ने बैंक के आउटलुक में बदलाव करते हुए इसे पॉजिटिव कर दिया है. आरबीआई की पुनर्गठन योजना के तहत पूंजी स्थिति में तेजी के साथ सुधार को देखते हुए रेटिंग एजेंसी ने यह कदम उठाया है.

इससे पहले, दिन में यस बैंक ने घोषणा की कि एसबीआई की अगुवाई में सात बैंकों ने बैंक की आधार पूंजी मजबूत करने को लेकर करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है. बाद में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि जरूरत पड़ने पर यस बैंक को केन्द्रीय बैंक और अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध करायेगा.

मूडीज इनवेस्टर सर्विस ने देर शाम एक बयान में कहा कि हम आज (सोमवार) यस बैंक की लॉन्ग टर्म विदेशी मुद्रा निर्गमकर्ता और विदेशी मुद्रा (सीनिएर अनसिक्योर्ड) एमटीएन कार्यक्रम रेटिंग को क्रमश: सीएए3 से (पी) सीएए1 और (पी) सीएए3 से (पी) सीएए1 करते हैं. इसके अनुसार ऋण परिदृश्य को नकारात्मक से बदलकर सकारात्मक कर दिया गया है. 

 

 अगर आपके पास बैंक से जुड़े कुछ जरुरी काम है तो अगले हफ्ते मंगलवार तक उन सभी कामों को निपटा लें. क्योंकि अगले हफ्ते बैंक 4 दिन के लिए बंद हैं. पीएसयू बैंकों (PSU Banks) के मेगा विलय का विरोध, सैलरी बढ़ाने और हर हफ्ते दो छुट्टी मिले इन मांगों को मनवाने के लिए बैंक यूनियन 27 मार्च को हड़ताल करने वाली हैं. ये हड़ताल पहले 11 मार्च से तीन दिन के लिए होने वाली थी.  बता दें कि यूनियनों का यह भी कहना है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन देशव्यापी बैंक हड़ताल करेंगे.

ये हैं मांगे  - उनकी मांगों में 10 पीएसयू बैंकों के प्रस्तावित विलय को रोकना, आईडीबीआई बैंक का निजीकरण, बैंकिंग सुधारों का रोलबैक, बेड लोन की वसूली और जमा पर ब्याज दर में वृद्धि शामिल है.

4 दिन बंद रहेंगे बैंक - अगर ये हड़ताल होती है तो बैंकों की इस महीने के आखिर में 3 तीन की छुट्टी हो जाएगी. 25 मार्च को गुड्डी पड़वा की वजह से कई राज्यों की बैंक ब्रांच बंद रहेंगी. 27 मार्च को हड़ताल होगी, 28 मार्च को चौथा शनिवार है और 29 मार्च को रविवार की वजह से बैंक की छुट्टी रहेगी.

इस साल 2 बार पहले भी हो चुकी है बैंक हड़तालमार्च में अगर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल होती है तो यह इस साल अब तक की तीसरी बैंक हड़ताल होगी. इससे पहले 8 जनवरी को भारत बंद के दौरान बैंक यूनियनों मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया था. इसके बाद 31 जनवरी और 1 फरवरी को हड़ताल रही.

बेटियों का भविष्य वित्तीय रूप से सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Scheme) सबसे बेहतर निवेश योजना माना जाती है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि यह एक सरकारी स्कीम है और इसमें बेहतर रिटर्न भी मिलता है. इसके अलावा 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए उच्च शिक्षा और शादी के लिए बचत करने के लिहाज से केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना एक अच्छी निवेश योजना है. इस निवेश स्कीम में कई बदलाव हुए हैं. 12 दिसंबर 2019 के एक नोटिफिकेशन में इस बारे में बताया गया है. वित्त मंत्रालय ने इस बारे में बताया है कि सुकन्या समृद्धि स्कीम में क्या क्या बदला गया है. आइए आपको बताते हैं इस स्कीम से जुड़ी सभी जानकारी..

समय से पहले बंद करने पर - सुकन्या योजना के नए नियमों के तहत अगर तय समय से पहली किसी सुकन्या अकाउंट को बंद कर दिया जाता है तो इसकी इजाजत है. बच्ची को किसी गंभीर बीमारी या माता-पिता की मृत्यु की स्थिति में सुकन्या अकाउंट बंद किया जा सकता है. पहले सुकन्या स्कीम में बच्ची की मौत या उसके निवास स्थान में बदलाव के बाद ही अकाउंट बंद करने की सुविधा थी.

सुरक्षित भविष्य - सुकन्या समृद्धि योजना में हालांकि कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. आपके लिए हालांकि यह भी जानना जरूरी है कि बेटियों का भविष्य सुरक्षित करने वाली इस सरकारी बचत स्कीम में क्या बदलाव हुए हैं.

अधिक ब्याज - सुकन्या योजना के नए नियमों में अगर आप किसी वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये की रकम जमा नहीं भी कर पाते हैं तब भी इसे डिफॉल्ट अकाउंट ही माना जायेगा. नए नियम के मुताबिक डिफॉल्ट अकाउंट में जमा रकम पर भी वहीं ब्याज मिलेगा जो नियमित अकाउंट पर मिलता है.

संकट से जूझ रहे यस बैंक (Yes Bank) को पटरी पर लाने के लिए लागू हुए नए प्लान के बाद अब यस बैंक खाताधारकों के लिए एक राहत की खबर है. बैंक ने सोमवार को ट्वीट कर ये जानकारी दी है कि खाताधारकों के ऊपर से बैंक ने सारे प्रतिबंध हटा लिए हैं. कल यानी 18 मार्च शाम 6 बजे के बाद ग्राहक अपने खाते से सामान्य लेन-देन कर सकेंगे. खाताधारक बैंक की सभी 1,132 शाखाओं से लेनदेन कर सकेंगे. बता दें कि 5 मार्च 2020 को शाम 6 बजे से आरबीआई द्वारा यस बैंक डिपॉजिटर्स के विड्रॉल लिमिट 50,000 रुपये तय कर दी थी. इसके बाद से ही यस बैंक का कोई भी ग्राहक किसी भी माध्यम से न तो पैसे ट्रांसफर कर पा रहा था और न ही एटीएम से कैश निकाल पा रहा था. 

यस बैंक को पटरी पर लाने के लिए प्राइवेट बैंक भी देंगे पैसा- वित्ती मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यस बैंक (Yes Bank) में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी. SBI 3 साल तक अपनी स्टेक को 26 फीसदी से कम नहीं कर सकेगी. इसके अलावा प्राइवेट बैंक भी इसमें निवेश करेंगे. प्राइवेट बैंकों के लिए भी लॉक इन पीरियड 3 साल तक का ही होगा, लेकिन उनके लिए स्टेक की लिमिट 75 फीसदी तक है.
यस बैंक को 18,564 करोड़ रुपये का घाटासंकटग्रस्त यस बैंक ने दिसंबर, 2019 में समाप्त हुई तिमाही में उसे 18,564 करोड़ रुपये का घाटा होने की शनिवार को जानकारी दी. निजी क्षेत्र के इस बैंक का संचालन फिलहाल भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश पर प्रशांत कुमार कर रहे हैं. बैंक ने पिछले साल इसी अवधि में 1,000 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था और सितंबर में समाप्त हुई तिमाही में 629 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. यस बैंक की गैर-निस्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) दिसंबर तिमाही में 18.87 प्रतिशत हो गयी हैं जो पिछली तिमाही (सितंबर) में 7.39 प्रतिशत थीं. साथ ही बैंक के पास अनिवार्य रूप से रखी जाने वाली नकदी में भी गिरावट आयी है.

पेट्रोल-डीजल कीमतों में लगातार पांचवे गिरावट आई है. सोमवार को भी पेट्रोल-डीजल के दाम घटे हैं. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज को पेट्रोल के दाम 0.17 रुपए प्रति लीटर और डीजल 0.16 रुपए सस्ते कर दिए हैं. बता दें कि तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे से पेट्रोल रेट और डीजल रेट में संशोधन करती हैं, और जारी करती हैं.

चार महानगरों में पेट्रोल-डीजल का भाव
>> दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 69.59 रुपये, जबकि एक लीटर डीजल के लिए 62.29 रुपये खर्च करने होंगे.
>> कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल का दाम 72.29 रुपये है. वहीं डीजल का भाव 64.62 रुपये प्रति लीटर पर है.

>> मुम्बई में पेट्रोल का भाव 75.30 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल 65.21 रुपये प्रति लीटर पर है.
>> चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 72.28 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल का भाव 65.71 रुपये प्रति लीटर पर है.

अगर आप किसान हैं और 6000 रुपये वाली स्कीम का लाभ लेना चाहते हैं तो आधार वेरीफिकेशन के लिए तैयार हो जाईए. जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), लद्दाख, असम और मेघालय के किसानों को पीएम-किसान स्कीम का पैसा लेने के लिए 31 मार्च 2020 तक हर हाल में आधार लिंक करवाना होगा. वरना पैसा मिलना बंद हो जाएगा. यानी इसके लिए सिर्फ 15 दिन बाकी हैं. इसके बाद सरकार कोई मौका नहीं देगी. सरकार का यह निर्णय जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), लद्दाख, असम और मेघालय के किसानों के लिए है. जबकि शेष राज्यों में एक दिसंबर 2019 से ही आधार को अनिवार्य कर दिया गया है.

कितने किसानों को मिल चुका हैं पैसा- कृषि मंत्रालय (Ministry of Agriculture) के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के 7,91,245 किसान परिवारों को स्कीम की तीनों किश्तों का पैसा मिल चुका है. जबकि दूसरे चरण में 2000 रुपये की पहली किश्त 5,75,202 किसान ले चुके हैं.  इसी तरह असम में 19,97,844 किसानों को 2-2 हजार रुपये की तीनों किश्त मिल चुकी है जबकि 9,53,609 किसानों को दूसरे चरण की पहली किश्त का पैसा मिला है. जबकि मेघालय में कुल 36,951 किसानों को तीसरी किश्त जबकि 24,665 किसानों को दूसरे चरण की पहली या फिर यूं कहें कि स्कीम की चौथी किश्त मिली है. देश भर की बात करें तो 14.5 करोड़ किसान परिवारों में से सिर्फ 6.44 करोड़ को ही 2-2 हजार की तीसरी किश्त मिली है. ऐसा इसलिए है कि आधार अनिवार्य होने के बाद लाभार्थियों की संख्या तेजी से नहीं बढ़ रही है.

कोरोना वायरस (COVID-19) आपदा की वजह से दुनियाभर के कई बड़े बैंकों ने ब्याज दरों में इमरजेंसी कटौती करने का फैसला लिया है. भारतीय केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) से भी इसकी उम्मीद की जा रही थी. इसी को ध्यान में रखते हुए भी RBI भी जरूरी कदम उठा सकता है. अब से कुछ देर में ही आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं.

दुनियाभर के प्रमुख बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की है

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिज़र्व (Fed Reserve) ने भी लगातार दूसरी बार रविवार को ब्याज दरों मे कटौती करने का ऐलान किया है. फेड रिजर्व बैंक ने यह कटौती इसलिए की है तो कि आर्थिक सुस्ती की डर के बीच अर्थव्यवस्था में पर्याप्त तरलता बनी रहे. अमेरिका ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूरोपियन यूनियन ने भी इसी प्रकार ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया है.

जापान ने भी उठाए जरूरी कदम - बैंक ऑफ जापान (Bank of Japan) ने भी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF - Exchange Traded Fund) की दोगुनी खरीदारी की है. साथ ही, इस बैंक ने कॉरपारेट बॉन्ड्स और कॉमर्शियल पेपर की खरीद को पहले की तुलना में बढ़ाया है. इसके बाद अब कयास लगाया जा रहा है कि बैंक ऑफ जापान भी ब्याज दरों में कटौती कर सकता है.

दुनियाभर में कोरोना वायरस की दहशत से हर कोई कांप रहा है. इसी वजह से बाजार से मास्क और सैनेटाइजर गायब हो चुके हैं और जहां मिल रहे हैं वहां इनकी कीमतें आसमान पर हैं. लेकिन हम आपको दे रहा हैं मास्क से जुड़ी एक अच्छी. ये खबर आपको ख़ुशी दे सकती हैं. वैसे ये खबर केरल में रहें वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दरअसल यहां दो रुपये में मिल रहा है कोरोना से बचने का मास्क.  मास्ककेमिस्ट और फार्मेसीज जहां कोरोना के मास्क को बेचकर मोटा मुनाफा बनाने के चक्कर में गए हुए हैं. वहीं एक ऐसा दुकानदार ऐसा भी है, जो सिर्फ 2 रुपये में मास्क बेच रहा है.

2 रुपए में बेच रहे हैं मास्क  - कोरोना एक महामारी बन चुका है और भारत में इसके 100 से ज्यादा मामले सामने आ गए हैं. यही वजह है कि सभी दुकानदार इसकी ज्यादा कीमत वसूल कर रहे हैं. लेकिन केरल के एक सर्जिकल स्टोर ने यह फैसला किया है कि वह मास्क की ऑरिजनल कीमत पर बेचेगा. 2 रुपये के दाम पर इस स्टोर ने दो दिनों में 5000 मास्क बेचे हैं. कोच्चि में सर्जिकल शॉप के को-ओनर नदीम ने इकॉनोमिक टाइम्स को बताया कि दो दिनों में 2 रुपये की कीमत पर उन्होंने 5000 मास्क बेचे हैं. नदीम ने कहा कि उन्होंने फैसला लिया है कि उचित दाम पर वह मास्क बेचेंगे, खासतौर पर ह़ॉस्पिटल स्टाफ और स्टूडेंट्स को. कोचिन सर्जिकल्स के को-ओनर थसलीम पीके कहते हैं कि हम पिछले 8 सालों से 2 रुपये के भाव पर मास्क बेच रहे हैं. अब हर जगह दाम बढ़ गए हैं, हमने इन्हें 8 से 10 रुपये के भाव पर खरीदा है लेकिन 2 रुपये की कीमत पर बेच रहे हैं. वहीं अन्य लोग इसे 25 रुपये के दाम बेच रहे हैं. 

देश की दूसरी सबसे बड़ी क्रेडिट कार्ड इश्यू करने वाली कंपनी एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड (SBI Cards and Payment Services Ltd) की लिस्टिंग पर बाजार की गिरावट भारी पड़ी. SBI कार्ड्स के आईपीओ की शेयर बाजार में कमजोर लिस्टिंग हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर 755 के इश्यू प्राइस के मुकाबले 13% डिस्काउंट के साथ 658 रुपये पर लिस्ट हुआ. वहीं, एनएसई (NSE) पर शेयर 12.45 फीसदी डिस्काउंट के साथ 661 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ. बता दें कि यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 2-5 मार्च को खुला था. SBI Cards के आईपीओ को शेयर बाजार में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी. इस आईपीओ को 26 गुना ज्यादा बोलियां मिलीं.

ये थे आईपीओ के मैनेजर्स - कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, एक्सिस कैपिटल, डीएसपी मेरिल लिंच, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स ऑफर के लिए मैनेजर थे. भारतीय स्टेट बैंक की एसबीआई कार्ड में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि शेष हिस्सेदारी कार्लाइल ग्रुप के पास है. 

 

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार के लिए बहुत ही निराशाजनक रहा. खराब ग्लोबल संकेत के चलते भारतीय बाजारों में आज अंकों के लिहाज से सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली.  बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 1800 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. वहीं निफ्टी भी 500 अंकों से ज्यादा गिर गया. शुरुआती गिरावट के बाद बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स खबर लिखे जाने तक 1550 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ यानी 4.60 फीसदी नीचे 32,426 पर कारोबार कर रहा है. एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी शुरुआत में ही 432.35 अंक यानी 4.34 फीसदी की गिरावट के साथ 9522.85 पर कारोबार कर रहा था.
इससे पहले शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 3100 अंक टूट गया था. इतनी बड़ी गिरावट के बाद शेयर बाजार में कारोबार 45 मिनट के लिए रोकना पड़ा. आपको बता दें कि जब बाजार में लोअर सर्किट  (Lower Circuit) लग जाता है, तब कुछ देर के लिए कारोबार पर रोक लगा दी जाती है. 

एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि अमेरिकी शेयर बाजार के इंडेक्स डाओ फ्यूचर्स में गुरुवार की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को खरीदारी लौटी आई है. डाओ फ्यूचर्स 455 अंक बढ़कर 21,560 के स्तर पर पहुंच गया है. आपको बता दें कि गुरुवार की रात को अमेरिका समेत दुनियाभर के सभी शेयर बाजारों में 1987 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली. इसी का असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी दिख रहा है. आसिफ का मानना है कि सरकार जल्द बाजार को राहत देने के लिए बड़े ऐलान कर सकती है.

व्यापारियों के शीर्ष संगठन कैट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  को कोरोना वायरस महामारी के कारण प्रभावित कारोबार को बीमा दायरे में लाने को लेकर उपयुक्त निर्देश देने का आग्रह किया है. संगठन ने वित्त मंत्री से इस बारे में बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) को जरूरी निर्देश देने का आग्रह किया, ताकि वह बीमा कंपनियों को यह जिम्मेदारी दें.

व्यापारियों के अखिल भारतीय परिसंघ (कैट) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने सीतारमण को लिखे पत्र में जरूरत आधारित बीमा कवर लाने की आवश्यकता को रेखांकित किया.

उन्होंने इसमें मच्छर के काटने और विषाणु, जीवाणु से होने वाली बामरियों को बीमा दायरे में लाने की जरूरत बताई. कैट ने इस मामले को वित्त मंत्री के समक्ष उठाने के लिए इसी प्रकार का पत्र वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को भी भेजा है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते प्रकोप से निवेशकों में खौफ का माहौल है, जिसके कारण पूरी दुनिया के शेयर बाजारों (Share Market) में गिरावट का सिलसिला जारी है. इसी कड़ी में यूएस फेडरल रिजर्व बैंक (फेड) ने बेंचमार्क ब्याज दर जो एक फीसदी से 1.25 फीसदी थी उसे घटाकर शून्य से 0.25 फीसदी कर दिया है. आरबीआई फेडरल रिजर्व के ग्लोबल स्वैप लाइन फैसिलिटी का हिस्सा नहीं है, लेकिन वित्तीय बाजार में फ्रीजिंग जैसी स्थिति से बचने के लिए उभरते देशों के केंद्रीय बैंक के साथ सहयोग करने के लिए वह दरों में कटौती कर सकता है.

RBI गवर्नर की शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस होने वाली है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरबीआई रेपो रेट में कटौती की घोषणा कर सकती है. रेपो रेट में कटौती की घोषणा होने के बाद बैंक ब्याज दरों में कटौती कर सकती हैं. ब्याज दरों में कटौती से आपके लोन की ईएमआई घट जाएगी और आपको बड़ी बचत हो सकती है.

ब्याज दरों को जीरो किया  - वित्तीय बाजार के संकट को टालने के लिए बाकी उभरते देश के केंद्रीय बैंक की तरह भारत का बैंकिंग नियामक रिजर्व बैंक भी दरें कम करने की रणनीति में शामिल हो सकता है. कोरोना वायरस के प्रकोप से अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने की दिशा में अमेरिका के केंद्रीय बैंक यूएस फेडरल रिज़र्व ने बड़ा कदम उठाया है. फेडरल रिज़र्व ने प्रमुख ब्याज दरों में कटौती की है. यूएस फेड ने ब्याज दरों को घटाकर लगभग जीरो कर दिया है.

महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को राहत मिली है. फरवरी में थोक महंगाई दर (WPI Inflation) जनवरी के 3.1 फीसदी से घटकर 2.26 फीसदी पर पहुंच गई है. महीने दर महीने के आधार पर फरवरी में थोक खाद्य महंगाई दर जनवरी के 10.12 फीसदी से घटकर 7.31 फीसदी रही है. वहीं प्राइमरी ऑर्टिकल्स की थोक महंगाई दर जनवरी के 10.01 फीसदी के मुकाबले 6.71 फीसदी रही है.

सब्जियों की थोक महंगाई घटी
फरवरी में सब्जियों की थोक महंगाई भी घटी है. फरवरी में सब्जियों की थोक महंगाई 52.72 फीसदी से घटकर 29.97 रही है. वहीं फरवरी में अंडे, मांस की थोक महंगाई 6.73 फीसदी से बढ़कर 6.88 फीसदी रही.  

दाल और आलू की थोक महंगाई में गिरावट

इसके अलावा, फरवरी में दाल और आलू की थोक महंगाई में गिरावट रही. दाल की थोक मंहगाई 12.81 फीसदी से घटकर 11.42 फीसदी, जबकि आलू की थोक महंगाई 87.84 फीसदी से घटकर 60.73 फीसदी और प्याज की थोक महंगाई 293.37 फीसदी से घटकर 162.30 फीसदी रही. 

 

संकट से जूझ रहे यस बैंक (Yes Bank) को पटरी पर लाने के लिए लागू हुए नए प्लान के बाद अब यस बैंक खाताधारकों के लिए एक राहत की खबर है. बैंक ने आज यानी सोमवार को ट्वीट कर ये जानकारी दी है कि खाताधारकों के ऊपर से बैंक ने सारे प्रतिबंध हटा लिए हैं. यानी 18 मार्च शाम 6 बजे के बाद ग्राहक अपने खाते से सामान्य लेन-देन कर सकेंगे. खाताधारक बैंक की सभी 1,132 शाखाओं से लेनदेन कर सकेंगे. बता दें कि 5 मार्च 2020 को शाम 6 बजे से आरबीआई द्वारा यस बैंक डिपॉजिटर्स के विड्रॉल लिमिट 50,000 रुपये तय कर दी थी. इसके बाद से ही यस बैंक का कोई भी ग्राहक किसी भी माध्यम से न तो पैसे ट्रांसफर कर पा रहा था और न ही एटीएम से कैश निकाल पा रहा था. 

यस बैंक को पटरी पर लाने के लिए प्राइवेट बैंक भी देंगे पैसा- वित्ती मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यस बैंक (Yes Bank) में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी. SBI 3 साल तक अपनी स्टेक को 26 फीसदी से कम नहीं कर सकेगी. इसके अलावा प्राइवेट बैंक भी इसमें निवेश करेंगे. प्राइवेट बैंकों के लिए भी लॉक इन पीरियड 3 साल तक का ही होगा, लेकिन उनके लिए स्टेक की लिमिट 75 फीसदी तक है.
यस बैंक को 18,564 करोड़ रुपये का घाटासंकटग्रस्त यस बैंक ने दिसंबर, 2019 में समाप्त हुई तिमाही में उसे 18,564 करोड़ रुपये का घाटा होने की शनिवार को जानकारी दी. निजी क्षेत्र के इस बैंक का संचालन फिलहाल भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश पर प्रशांत कुमार कर रहे हैं. बैंक ने पिछले साल इसी अवधि में 1,000 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था और सितंबर में समाप्त हुई तिमाही में 629 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. यस बैंक की गैर-निस्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) दिसंबर तिमाही में 18.87 प्रतिशत हो गयी हैं जो पिछली तिमाही (सितंबर) में 7.39 प्रतिशत थीं. साथ ही बैंक के पास अनिवार्य रूप से रखी जाने वाली नकदी में भी गिरावट आयी है.

SBI Cards के आईपीओ में पैसा लगाकर शेयर बाजार से भारी मुनाफे की उम्मीद रहे निवेशकों को झटका लगा है. दुनिया भर में कोरोना के कहर से शेयर बाजार हलकान हैं. इसके असर से सोमवार को एसबीआई कार्ड के आईपीओ की लिस्टिंग इश्यू से भी करीब 13 फीसदी कम प्राइस पर हुई है, जबकि यह उम्मीद की जा रही थी कि इसकी लिस्टिंग इश्यू कीमत से 30 से 40 फीसदी प्रीमियम पर होगी. एसबीआई कार्ड्स की इश्यू कीमत 755 रुपये प्रति शेयर थी, लेकिन सोमवार को बीएसई में इसकी लिस्टिंग 658 रुपये प्रति शेयर पर ही हुई. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई में इसकी लिस्टिंग 661 रुपये प्रति शेयर पर हुई. गौरतलब है कि SBI Cards के आईपीओ में निवेश 2 से 5 मार्च तक खुला था और यह 26.54 गुना सब्सक्राइब हुआ था.

कारोबार के दौरान कुछ सुधार - हालांकि दिन में कारोबार के दौरान इसके शेयरों में कुछ सुधार दिख रहा है. सुबह 10.15 बजे तक SBI Cards का शेयर मूल्य इसके इश्यू कीमत के करीब 755 रुपये पर पहुंच गया था. दोपहर 11 बजे तक बीएसई पर इसकी बाजार पूंजी करीब 69,295 करोड़ रुपये थी. कोरोना वायरस के असर से ही सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 1000 अंकों की गिरावट के साथ खुला और थोड़ी ही देर में इसमें 2100 से ज्यादा अंकों की गिरावट आ गई. ऐसे में एसबीआई काड्र्स की लिस्टिंग के लिए यह अच्छा दिन साबित नहीं हुआ.

रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में बिकवाली के बीच बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 400 अंक टूट गया. बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 393.03 अंक टूट गया. हालांकि, बाद में इसने कुछ नुकसान की भरपाई की और यह 201.94 अंक या 0.50 प्रतिशत की हानि के साथ 40,079.26 अंक पर कारोबार कर रहा था. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी शुरुआती कारोबार में 58.10 अंक या 0.49 प्रतिशत के नुकसान से 11,739.80 अंक पर आ गया. सेंसेक्स की कंपनियों में सनफार्मा, भारती एयरटेल, टाटा स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी के शेयर दो प्रतिशत तक टूट गए.वहीं दूसरी ओर हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया, पावरग्रिड और एशियन पेंट्स के शेयर लाभ में थे. कारोबारियों ने कहा कि कोरोना वायरस की चिंता के बीच वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख और विदेशी कोषों की निकासी से बाजार धारणा प्रभावित हुई.

अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे की बढ़त के साथ 71.74 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में रुपया 71.76 प्रति डॉलर पर खुला. बाद में यह और सुधार के साथ 71.74 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. पिछले बंद स्तर की तुलना में यह 11 पैसे की बढ़त है. मंगलवार को रुपया 71.85 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

 चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस  का असर अब दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है. इसीलिए, मंगलवार को एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली. इन्हीं संकेतों का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिख रहा है. दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी  एक फीसदी तक लुढ़क गए है. इस गिरावट में निवेशकों के कुछ ही घंटों में 1.67 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन के कोरोना वायरस की वजह से बिजनेस एक्टिविटी बेहद धीमी हो गई हैं. इसीलिए अर्थशास्त्रियों (Economist) ने ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है.
आपको बता दें कि कोरोना वायरस से दुनिया भर में 60,000 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं. चीन में इस वायरस की वजह से 1400 लोगों की मौत हो चुकी है. इससे होने वाली मौतें 2002-03 में SARC से होने वाली मौतों से आगे निकल चुकी हैं. WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) ने आधिकारिक तौर पर ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है. इस वायरस की वजह से अभी तक 25 देशों के लोग संक्रमित हो चुके हैं.

कोरोना वायरस का भारत पर असर - एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन में कमोडिटी की कीमतें कम हो गई हैं. इसका असर धीरे-धीरे अब भारतीय कंपनियों पर भी होगा. भारत चीन का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. भारत के कुल इंपोर्ट का करीब 14 फीसदी चीन से आता है.मौजूदा हालात को देखते हुए सिटी ने चीन की इकोनॉमी की ग्रोथ का अनुमान 5.8 फीसदी से घटाकर 5.5 फीसदी कर दिया है. हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि शेयर बाजार पर इसका लॉन्ग टर्म नुकसान नहीं होगा. SARC, स्वाइन फ्लू, इबोला जैसी बीमारियों का मार्केट पर असर हुआ है लेकिन फिर इसमें तेजी से सुधार भी हुआ.

कोरोना वायरस की वजह से Apple  का उत्पादन घटा

इसकी वजह से दुनियाभर के शेयर बाजार में नरमी

बीएसई सेंसेक्स भी 13 अंकों की गिरावट के साथ खुला

थोड़ी ही देर में सेंसेक्स में आई 264 अंकों की गिरावट

वैश्विक बाजार में नरमी के संकेतों की वजह से भारतीय शेयर बाजार में भी मंगलवार को गिरावट देखी गई. अमेरिकी ऐपल इंक ने कोरोना वायरस की वजह से नुकसान की बात कही जिसके बाद वैश्विक बाजार टूटे हैं. मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 13 अंकों की गिरावट के साथ 41,042.46 पर खुला और सुबह 9.45 बजे तक यह 264 अंकों की गिरावट के साथ 40,791.61 पर पहुंच गया. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का एनएसई 17 अंकों की गिरावट के साथ 12,028.25 पर खुला और सुबह 9.45 बजे तक 82 अंकों की गिरावट के साथ 11,963.25 पर पहुंच गया. 

किन शेयरों में आई गिरावट - एनएसई के करीब 318 शेयरों में तेजी और 442 में गिरावट देखी गई. बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में जी एंटरटेनमेंट, कोल इंडिया, नेटवर्क 18, डेन नेटवर्क, हैथवे केबल आदि रहे, जबकि गिरने वाले शेयरों में यस बैंक, हिंडाल्को, वेदांता, टाटा मोटर्स और इंडसइंड बैंक शामिल रहे.

 चीन में कोरोना वायरस आपदा के बाद अब दुनिया की दूसरी सबसे अधिक आबादी वाली देश में मोबाइल फोन से लेकर जरूरी दवाओं की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले दवाओं में से एक पैरासिटामोल  की कीमतों में 40 फीसदी से अधिक का इजाफा हो चुका है. वहीं, बैक्टिरियल इन्फेक्शन से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा एजिथ्रोमाइसिन भी 70 फीसदी तक महंगा हो चुका है. फार्मा कंपनी Zydus Cadila के चेयरमैन पंकज पटेल ने यह जानकारी दी है. पटेल ने कहा लाइव मिंट को कहा कि अगर अगले महीने की पहले सप्ताह तक दवाओं की सप्लाई दुरुस्त नहीं की गई तो इससे अप्रैल महीने में फार्मा इंडस्ट्री 

 दवाओं की भारी कमी से जूझ सकता है.   

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को तगड़ा झटका - कोरोना वायरस आपदा में अब तक 1 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. अब दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को इसका खतरा सता रहा है. वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ भारत के लिए भी यह चिंताजनक स्थिति है, जो कि पहले से आर्थिक सुस्ती  के दौर से गुजर रहा है. चीन में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसके बाद से उत्पादन सेक्टर को तगड़ा झटका लगा है. भारत कच्चे माल से लेकर कई इंटरमीडिएट उत्पादों के लिए चीन पर निर्भर रहता है. ऐसे में चीन की ये आपदा, भविष्य में भारत की मुश्किलें बढ़ा सकता है.

 

भारत की इकॉनमी के लिए कई दिनों बाद अच्छी खबर आई है. अमेरिका की शोध संस्थान वर्ल्ड पॉपुलेशन रीव्यू ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया कि भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है. 2.94 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के साथ भारत ने साल 2019 में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले पांच साल के भीतर भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है.

वर्ल्ड पॉपुलेशन रीव्यू ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आत्मनिर्भर बनने की पूर्व की नीति से भारत अब आगे बढ़ते हुए एक खुली बाजार वाली अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित हो रहा है.  

ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का आकार 2.83 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि फ्रांस का 2.7 ट्रिलियन डॉलर है. क्रय शक्ति समानता (पीपीपी) के आधार पर भारत का जीडीपी 10.51 ट्रिलियन डॉलर है और यह जापान तथा जर्मनी से आगे है. हालांकि, भारत में अधिक आबादी के कारण प्रति व्यक्ति जीडीपी महज 2170 डॉलर है. अमेरिका में प्रति व्यक्ति जीडीपी 62,794 डॉलर है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत की रियल जीडीपी वृद्धि दर लगातार तीसरी तिमाही में कमजोर रह सकती है और 5 फीसदी के आसपास रह सकती है.  

रिपोर्ट में कांग्रेस की भी तारीफ
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में आर्थिक उदारीकरण (कांग्रेस के दौर में) 1990 की दशक में शुरू हुआ है. उद्योगों को नियंत्रण मुक्त किया गया और विदेशी व्यापार एवं निवेश पर पर नियंत्रण कम किया. साथ ही सरकारी कंपनियों का निजीकरण किया गया. इन उपायों से भारत को आर्थिक वृद्धि तेज करने में मदद मिली है. रिपोर्ट जारी करने वाला अमेरिकी का वर्ल्ड पॉपुलेशन रीव्यू एक स्वतंत्र संगठन है. 

कोरोना का पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है

इसका असर इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ पर भी होगा

मूडीज ने इस साल का जीडीपी ग्रोथ अनुमान घटा दिया है

मोदी सरकार के लिए यह एक और नेगेटिव खबर है

रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने वर्ष 2020 के लिए  भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ अनुमान को घटा दिया है. मूडीज ने यह अनुमान 6.6 फीसदी से घटाकर 5.4 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही मूडीज ने 2021 में जीडीपी बढ़त के अनुमान को भी 6.7 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है.मूडीज ने कहा कि नोवेल कोरोना वायरस (Covid-19) के प्रकोप की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो सुस्ती आई है, उसकी वजह से भारत के जीडीपी ग्रोथ में तेजी की रफ्तार कम हो सकती है. उसने कहा कि भारत में अब किसी भी तरह के सुधार को उम्मीद से कम ही माना जाना चाहिए.

चीन का अनुमान भी घटाया - मूडीज ने कहा कि साल 2020 में G-20 देशों की इकोनॉमी में 2.4 फीसदी बढ़त होने का अनुमान है. मूडीज ने इस साल चीन की ग्रोथ रेट अनुमान को भी घटाकर 5.2 फीसदी और 2021 के लिए 2.4 फीसदी कर दिया है. मूडीज ने कहा कि कोरोना वायरस के कहर का चीन की अर्थव्यवस्था के लिए काफी नकारात्मक असर होगा.

राधाकृष्ण दमानी बने भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स

वह D-Mart रिटेल चेन चलाने वाली कंपनी के संस्थापक हैं

दमानी का नेटवर्थ करीब 17.5 अरब डॉलर हो गया

उन्होंंने शि‍व नाडर, गौतम अडानी जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ा

शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और D-Mart रिटेल चेन चलाने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्केट के संस्थापक राधाकृष्ण दमानी भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए हैं. अपने 17.5 अरब डॉलर (करीब 1,25,000 करोड़ रुपये) के नेटवर्थ के साथ उन्होंने शि‍व नाडर, गौतम अडानी जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है. देश के सबसे अमीर शख्स रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुख‍िया मुकेश अंबानी हैं, जिनका नेटवर्थ 57.4 अरब डॉलर है.

फोर्ब्स रियल टाइम बिलिनियरीज इंडेक्स के मुताबिक पिछले हफ्ते एवेन्यू सुपरमार्केट के शेयर पिछले हफ्ते 5 फीसदी चढ़ गई. इसकी वजह से दमानी का नेटवर्थ बढ़ गया. शनिवार को दमानी का नेटवर्थ 17.8 डॉलर तक पहुंच गया था. उनके बाद अमीर भारतीयों की बात करें तो एचसीएल के श‍िव नाडर (16.4 अरब डॉलर),  उदय कोटक (15 अरब डॉलर) और गौतम अडानी (13.9 अरब डॉलर) का स्थान है.

मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने वर्ष 2020 के लिए भारत का सकल घरेलू उत्पाद  ग्रोथ अनुमान 6.6 फीसदी से घटाकर 5.4 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही मूडीज ने 2021 में जीडीपी बढ़त के अनुमान को भी 6.7 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है. मूडीज ने कहा, ''अब सुधार पहले की उम्मीद से कम रफ्तार से होगा. इसलिए ग्रोथ अनुमान 2020 के लिए 5.4 फीसदी और 2021 के लिए 5.8 फीसदी कर दिया है.'' मूडीज ने कहा कि मौजूदा तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स में कुछ सुधार दिखा है, लेकिन यह उम्मीद से कम है. इसके चलते हमने 2020 के लिए अनुमान को घटा दिया है. मूडीज के मुताबिक भारत की इकॉनमी स्थिरता की ओर बढ़ रही है, लेकिन प्रक्रिया बहुत धीमी है.

अभी उबरने की संभावना कम - मूडीज ने ग्लोबल आउटलुक जारी करते हुए कहा कि भारत की आर्थिक ग्रोथ बीते दो सालों में तेजी से कम हुई है और अभी इसके उबरने की संभावना कम ही है. बता दें कि 2019 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी से नीचे गिरते हुए 4.5 फीसदी पर पहुंच गई थी, जो बीते 11 सालों का सबसे निचला स्तर था. हालांकि जनवरी महीने में सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स में कुछ उछाल से आने वाले वक्त में स्थिरता की उम्मीद जगी है.  

चीन का अनुमान भी घटाया - मूडीज ने कहा कि साल 2020 में G-20 देशों की इकोनॉमी में 2.4 फीसदी बढ़त होने का अनुमान है. मूडीज ने इस साल चीन की ग्रोथ रेट अनुमान को भी घटाकर 5.2 फीसदी और 2021 के लिए 2.4 फीसदी कर दिया है.कोरोना वायरस का असर
मूडीज ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो सुस्ती आई है, उसकी वजह से भारत की जीडीपी ग्रोथ में तेजी की रफ्तार कम हो सकती है. मूडीज ने कहा, ''बजट 2020 में मांग में कमी के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया गया. जैसा कि अन्य देशों में इसी तरह की नीतियां दिखी हैं कि जब जोखिम ज्यादा होती है तो टैक्स कटौती हायर कंज्यूमर और व्यापार खर्च में तब्दील होने की संभावना नहीं है.''

भारतीय रेलवे अब भगवान राम से जुड़े स्थानों को कवर करने के लिए विशेष टूरिस्ट ट्रेन को फिर से शुरू करने जा रहा है. इसे ‘रामायण सर्किट ऑफ इंडिया’ कहा जाता है. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी के यादव का कहना हैं कि अब रामायण सर्किट को भी IRCTC ही चलाएगी. इसे होली के बाद मार्च महीने में चलाने की योजना है. इस ट्रेन की खासियत इसकी रामायण थीम है यानी अंदर भी रामायण की कलाकृति होंगी. वीके यादव ने बताया कि बोर्ड इसे मंजूरी दे दी है. इस ट्रेन में घूमने वालों को कई सुविधाएं मिलती हैं. लेकिन रास्ते में अगर लांड्री, दवा या किसी अन्य सामान की जरूरत होती है तो उसके लिए यात्री को अलग से पैसे देने होते है. किसी स्मारक में घूमने जाने के लिए आपको फीस देनी होगी.

रामायण एक्सप्रेस ट्रेन इन जगहों पर घुमाएगी- IRCTC के इस टूर पैकेज के तहत यात्रियों को हम्पी  - नासिक  - चित्रकूट धाम - वाराणसी  - बक्सर  - रघुनाथपुर  - सीतामढ़ी  - जनकपुरी  - अयोध्या  - नंदीग्राम - इलाहाबाद (Allahabad) - और श्रृंगवेरपुर   की यात्रा कराएगी जाएगी.मिलती हैं ये सुविधाएं- इस ट्रेन में यात्रियों को स्लीपर क्लास के तहत यात्रा करायी जाएगी.यात्रा के दौरान रास्ते में यात्रियों को धर्मशाला, हॉल या मल्टी शेयरिंग बेसिस पर ठहराया जाएगा.यात्रियों को सुबह की चाय, कॉफी, दी जाएगी.इसके अलावा सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और डिनर दिया जाएगा. यात्रियों को हर दिन पीने के लिए एक लीटर की पानी की बोतल दी जाएगी. रास्ते में यात्रियों को नॉन एसी गाड़ियों से ले जाया जएगा.ट्रेन में सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है. ट्रेन में सुरक्षा कर्मी मौजूद रहेंगे.कितने दिन का होगा टूर पैकेज- वी के यादव का कहना हैं कि इस बार टूर पैकेज की अवधि को घटाया जा सकता है क्योंकि 14 दिन की छुट्टी मिलना बहुत मुश्किल होता है. इससे पहले नवंबर 2019 में इस टूर पैकेज के तहत कुल 14 दिन की यात्रा करायी गई थी.कितना होगा किराया-IRCTC के रामायाण यात्रा  स्पेशल टूर पैकेज के लिए यात्रियों को अभी तक 15,990 रुपये किराया देना होगा. इस टूर पैकेज की बुकिंग IRCTC की वेबसाइट, IRCTC के किसी टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर,जोनल या क्षेत्रीय कार्यालय से की जा सकती है. लेकिन मार्च के लिए अभी तक रामायाण यात्रा  स्पेशल टूर पैकेज के दाम तय नहीं हुए है. 

आज वेलेंटाइन डे है. इस दिन प्रेम करने वाले अपने का इज़हार करते हैं. वेलेंटाइन डे के दिन प्रेमी एक-दूसरे को गुलाब का फूल भेंट करते हैं. आम दिनों में 5 रुपये में बिकने वाले गुलाब, वेलेंटाइन डे के दिन 200 रुपये का हो जाता है. वेलेंटाइन डे और अन्य समारोहों में फूलों की मांग को देखते हुए यहां कमाई का मौका बना है. फूलों के व्‍यापार को शुरू करने के लिए न्‍यूनतम 15,000 से 20,000 रुपए की आवश्‍यकता होती है. आप चाहें तो यह व्‍यापार बड़े पैमाने पर भी कर सकते हैं. अगर आप फूलों को बेचने के लिए शोरुम खोलना चाहते हैं तो लागत 2 से 3 लाख रुपये तक जा सकती है. जिसके अंतर्गत आप फर्नीचर, इंटीरियर आदि के हल्‍के, फुल्‍के काम करा सकते हैं, हालांकि एक साधारण स्‍थान से यह व्‍यापार अधिकतम 20,000 रुपये तक में शुरू किया जा सकता है.
 इस व्‍यापार में लाभ बहुत ही जल्‍दी प्राप्‍त होता है. आप फूल मंडी से थोक के भाव में फूल खरीद कर उससे बुके, माला आदि बना कर बेचें, तो आप को दुगना-तिगुना लाभ होता है. यदि आप खुदरे फूल पर 1,000 रुपये खर्च करते हैं तो आपको उन फूलों से माला आदि बनाकर बेचने पर 2,500 से 3,000 रुपये तक का फायदा होता है. आपका व्‍यापार जितना अधिक चलेगा उतना अधिक मुनाफा आपको प्राप्‍त होगा.  

आप अपने फूलों का व्‍यापार मंदिर के बाहर के दुकानों, बुके स्‍टाल, डेकोरेटर आदि के साथ मिलकर कर सकते हैं. आप चाहें तो एक होल सेलर के रुप में इन दुकानों और डेकोरेटर को अपना फूल दे कर व्‍यापार कर सकते हैं. आप अपने फूल व्‍यापार को एक वेबसाइट बना कर प्रमोट कर सकते हैं. आप इस वेबसाइट में सब तरह के बुके, फूल, अलग-अलग तरह की मलाओं के डिजाइन अपडेट करके ग्राहकों का दिल जीत सकते हैं.

अगर किसी बैंक में आपका अकाउंट है और किन्हीं कारणों से वह बैंक डूब जाता है तो आपके 5 लाख रुपये जरूर सुरक्षित रहेंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ऐलान किया था कि बैंक में हर अकाउंट होल्डर्स की जमा रकम पर डिपॉजिट इंश्योरेंस  को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. अंतिम बार साल 1993 में डिपॉजिट इंश्योरेंस को बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया गया था. इसके बाद करीब 27 साल बाद एक बार फिर इसमें 5 गुणा अधिक का इजाफा किया गया है.

सभी बैंकों को दे दी गई है जानकारी - बजट भाषण में ऐलान के बाद डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ने सभी बैंकों को इस संबंध में जानकारी दे दी है. DICGC द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया है कि प्रति 100 रुपये पर प्रीमियम को 12 पैसे कर दिया गया है. यह 1 अप्रैल 2020 से शुरू होने वाली वित्त वर्ष की छमाही से लागू होगा. इस सालाना प्रीमियम को 10 पैसे से बढ़ाकर 12 पैसे कर दिया गया है. 

1 व्यक्ति के कितने अकाउंट पर मिलेगा डिपॉजिट इंश्योरेंस का लाभ?
5 लाख रुपये का डिपॉजिट इंश्योरेंस प्रति डिपॉजिटर प्रति बैंक के आधार पर लागू होगा. ऐसे में अगर एक ही बैंक के कई ब्रांच में किसी व्यक्ति के अकाउंट है तो इन ब्रांचेज (Bank Branches) में जमा कुल रकम का केवल 5 लाख रुपये ही सुरक्षित रह सकेगा. हालांकि, अगर किसी एक ही व्यक्ति का अकाउंट अलग-अलग बैंक में है तो ऐसी स्थिति में सभी बैंकों के अकाउंट का डिपॉजिट 5 लाख रुपये तक सुरक्षित होगा. 

 

किन अकाउंट्स पर मिलेगा यह लाभ - बैंक डिपॉजिट में डिपॉजिटर्स के सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट, रिकरिंग डिपॉजिट, फिक्स्ड डिपॉजिट आदि शामिल होगा. ध्यान देने वाली बात है कि 5 लाख रुपये का यह डिपॉजिट आपके द्वारा इन्वेस्ट किए गए प्रिंसिपल अमाउंट के साथ-साथ इस पर मिलने वाले ब्याज भी शामिल होगा.

ज्वाइंट अकांउट की स्थिति में क्या होता है? - किसी एक ज्वाइंट अकाउंट को एक ही ईकाई माना जाता है. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इस अकाउंट में कितने लोगों का नाम है. इस एक अकाउंट में 5 लाख रुपये का ही डिपॉजिट इंश्योरेंस बनता है. जानकारों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति ने एक ही अन्य व्यक्ति के साथ 1 से अधिक ज्वाइंट अकाउंट खोल रखा है तो ऐसी परिस्थिति में सभी अकाउंट को मिलाकर केवल 5 लाख रुपये का ही डिपॉजिट सुरक्षित होगा.

 

कई बैंकों का पैसा लेकर लंदन भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या गुरुवार को ब्रिटिश हाईकोर्ट में रो पड़ा. माल्या ने कोर्ट में हाथ जोड़कर कहा कि भारतीय बैंक तुरंत पैसे वापस ले ले. रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस के बाहर माल्या ने कहा, 'मैं मूल रकम का 100 फीसदी वापस करने को तैयार हूं. सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय मेरे साथ जो कर रहे हैं, वह किसी भी तरह से ठीक नहीं है.' 64 साल के विजय माल्या पर भारत के बैंकों के 9 हजार करोड़ की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के हाथ में है.माल्या ने कहा, 'बैंकों की इस शिकायत पर कि मैं भुगतान नहीं कर रहा हूं, ईडी ने मेरी संपत्तियां जब्त कर लीं. मैंने पीएमएलए (मनी लान्ड्रिंग निरोधक कानून) के तहत कोई अपराध नहीं किया है कि ईडी मेरी संपत्तियां अपने आप जब्त कर ले.'

वकील बोले- गलत जानकारी दी - भारत सरकार की ओर से पेश क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीए) ने माल्या के वकील के उस दावे को गलत ठहराया, जिसमें माल्या के खिलाफ भारत में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के चार्जेस को अनुचित बताया गया था. सुनवाई में प्रॉसिक्यूशन की ओर से माल्या के खिलाफ सुबूत पेश किए गए और बताया गया कि वह बैंकों से कर्ज के रूप में लिए 9 हजार करोड़ रुपये चुकाने से बचने के लिए ब्रिटेन आया है.  

प्रॉसिक्यूशन ने ये भी कहा कि माल्या के खिलाफ 32 हजार पेज के सबूत पेश किए जा चुके हैं. भारत में बैंकों ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रखा है, जिसमें पेशी के लिए भारतीय एजेंसियों (CBI-ED) को माल्या की जरूरत है.

 केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने  प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया हैं, कि कोरोना वायरस से डरने की जरुरत नहीं है. साथ ही उन्होंने बताया कि देश में दवाओं की कोई कमी नहीं है. भारत, दवाओं के लिए चीन पर निर्भर नहीं है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देश में 21 हवाई अड्डों पर यात्रियों की अनिवार्य स्क्रीनिंग प्रक्रिया के तहत अब तक 2315 उड़ानों से आये 2,51,447 यात्रियों की अब तक जांच की गयी. हवाईअड्डों के अलावा चीन से संपर्क वाले 77 छोटे बड़े बंदरगाहों पर भी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना वायरस के सेंपल टेस्ट के लिए देश भर में कार्यरत 15 प्रयोगशालाओं में अब तक 1756 सैंपल परीक्षण किये गये. इनमें सिर्फ तीन सैंपल में कोरोना वायरस की पुष्टि हुयी है और 26 सेंपल की रिपोर्ट अभी आना बाकी है.

भारत के दवा का पर्याप्त भंडार- भारत में दवाओं के लिये कच्चे माल की चीन से आपूर्ति, कोरोना वायरस के कारण प्रभावित होने के कारण देश में दवाओं की कमी के सवाल पर डा. हर्षवर्धन ने कहा कि मंत्री समूह की बैठक में इस विषय पर चर्चा हुयी. उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख लाल मांडविया ने आश्वस्त किया है कि देश में तीन महीने का दवाओं का पर्याप्त भंडार सुरक्षित है.
उन्होंने कहा, अगले कुछ महीनों में चीन में हालात सामान्य नहीं होने पर भी भारत में दवाओं की आपूर्ति के लिये चिंता की कोई बात नहीं है. सरकार ने स्थिति से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुये पर्याप्त वैकल्पिक इंतजाम कर लिये हैं.  

हर्षवर्धन ने सरकार को अन्य देशों से प्राप्त जानकारी के हवाले से बताया कि चीन सहित 28 देशों में कोरोना वायरस की पहुंच हो गयी है. चीन में अब तक 48,206 लोगों में संक्रमण पाये जाने और 1310 की मौत हो गयी है.चीन से बाहर 27 देशों में कुल 570 मामलों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुयी और दो लोगों की मौत हुयी है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों के समूह की दूसरी बैठक के बाद डा. हर्षवर्धन ने बताया कि पूरे देश में कुल 15991 लोग निगरानी के दायरे में हैं. इनमें से 497 लागों में जुकाम और बुखार के लक्षण पाये जाने पर इन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया करायी गयी, जबकि 41 लोगों में संक्रमण के शुरुआती लक्षण पाये जाने पर पृथक चिकित्सा निगरानी केन्द्र (आईसोलेशन सेंटर) में रखा गया है. 

 

 

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक छोटे कारोबारी की समस्या को समझते हुए तुरंत एक्शन लिया. दरअसल  एक छोटे कारोबारी संजय पटेल  ने बैंक से परेशान होकर वित्त मंत्री को ट्विटर पर टैग करते हुए मदद मांगी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लिखा था कि कारोबार को मुश्किल हालात से उबारने के लिए हमने अपनी निजी प्रॉपर्टी तक बेच दी. हमारी मदद कीजिए. हमारी फैक्ट्री की काफी वैल्यू है. इस पर वित्त मंत्री  ने बिजनेसमैन को हुई परेशानी के लिए माफी मांगते हुए तुरंत मदद का भरोसा दिया. आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में नए बिजनेसमैन के लिए इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस सेल बनाने का ऐलान किया है. ये एक पोर्टल से काम करेगा. साथ ही, पीपीपी मॉडल 5 नए स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव है. इसके जरिए उद्योग को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा मोबाइल, इलेक्ट्रानिक उपकरणों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए नई स्कीम आएगी.

क्या है मामला- एक बिजनेसमैन संजय पटेल ने गुरुवार (13 फरवरी) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा हैं कि सरकारी बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया उनके घर के कागजात नहीं दे रहा है, जबकि वह चार महीने पहले ही लोन का पेमेंट कर चुके हैं.

श के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच को बंद करने और कर्मचारियों की छंटनी को लेकर सरकार ने सफाई देते हुए कहा हैं कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है. संसद के बजट सत्र के दौरान वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, कि न ही SBI की ब्रांच को ई-कॉर्नर्स से बदलने का कोई प्लान है और न ही बैंक के कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी. आपको बता दें कि लोकसभा में इस मामले को लेकर सवाल पूछा गया था कि, क्या सरकार देश में SBI ब्रांच बंद करके उन्हें ई-कॉर्नर्स से बदलने की योजना बना रही है. साथ ही क्या सरकार ने मार्च 2021 तक 16 लाख SBI कर्मचारियों की छंटनी का प्रस्ताव रखा है.

सरकार ने संसद में दी इसकी पूरी जानकारी- वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने लिखित जवाब में बताया हैं कि, SBI की ओर दी गई जानकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में SBI के देशभर में कुल 2.5 लाख कर्मचारी है. मार्च 2021 तक इनकी संख्या में कटौती करने की कोई योजना नहीं है और सरकार ने  SBI की शाखाएं बंद करने और इन्हें ई-कॉर्नर्स से रिप्लेस करने की भी कोई योजना नहीं बनाई है.

भारतीय रेलवे अब भगवान राम से जुड़े स्थानों को कवर करने के लिए विशेष टूरिस्ट ट्रेन को फिर से शुरू करने जा रहा है. इसे ‘रामायण सर्किट ऑफ इंडिया’ कहा जाता है. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी के यादव का कहना हैं कि अब रामायण सर्किट को भी IRCTC ही चलाएगी. इसे होली के बाद मार्च महीने में चलाने की योजना है. इस ट्रेन की खासियत इसकी रामायण थीम है यानी अंदर भी रामायण की कलाकृति होंगी. वीके यादव ने बताया कि बोर्ड इसे मंजूरी दे दी है. भारतीय रेलवे ने पिछले साल नवंबर में भी रामायण सर्किट चलाई थी. इससे पहले साल 2018 में चार विशेष पर्यटक ट्रेनें चलाईं थीं. ये ट्रेन 14 दिसंबर, 2018 को दिल्ली से संचालित हुई थी. भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा नवंबर में इस सर्किट पर रामायण यात्रा और रामायण एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाएंगी. ये पैकेज IRCTC की भारत दर्शन योजना का हिस्सा हैं. ट्रेन की यात्रा विभिन्न तीर्थस्थलों को कवर करेगी, जो भगवान राम से जुड़े हैं.

बीते 3 दिन से कच्चे तेल के दाम में तेजी का रुख बना हुआ है

गुरुवार को 56 डॉलर से ऊपर पहुंच गई कच्‍चे तेल की कीमत

बीते कुछ दिनों से चीन में कोरोना वायरस के कहर की वजह से कच्‍चे तेल के भाव कम हुए हैं. इसका फायदा ये हुआ कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत में लगातार कटौती हुई है. हालांकि, अब आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर राहत मिलने की संभावना बेहद कम है.

दरअसल,  तेल उत्पादक देशों का समूह ओपेक और इसके सहयोगी रूस तेल के उत्पादन में अतिरिक्त कटौती करने जा रहे हैं. यही वजह है कि बीते 3 दिन से कच्चे तेल के दाम में तेजी का रुख बना हुआ है.

इन तीन दिनों में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव करीब तीन डॉलर प्रति बैरल बढ़ गया है. ब्रेंट क्रूड का अप्रैल डिलीवरी अनुबंध 10 फरवरी को 53.27 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था जोकि गुरुवार को 56 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया.

 

इस वित्त वर्ष के पहले नौ महीने में गिरा चावल निर्यात

बासमती चावल के निर्यात में करीब 3% की गिरावट

गैर-बासमती चावल के निर्यात में 36.5 फीसदी की गिरावट

ईरान से भुगतान की समस्या के कारण भारत के बासमती चावल निर्यात पर इस साल असर पड़ा है. भारत का बासमती चावल निर्यात चालू वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीने में पिछले साल के मुकाबले तकरीबन तीन फीसदी घट गया है. वहीं, गैर-बासमती चावल के निर्यात में 36.5 फीसदी की गिरावट आई है.  

क्यों घटा निर्यात - ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध की वजह से वहां भारत का बासमती निर्यात प्रभावित हुआ. ईरान बासमती चावल का प्रमुख आयातक था. गैर-बासमती चावल का निर्यात घटने की वजह के संबंध में कारोबारी बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारत का गैर-बासमती चावल अन्य देशों के चावल के मुकाबले महंगा है, जिसके कारण इसकी मांग कम है.  हालांकि यह बात बासमती चावल पर लागू नहीं होती है, क्योंकि बासमती चावल का भारत का अपना एक बाजार है, जहां इसकी स्पर्धा किसी अन्य देशों से नहीं है. 

केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2019-20 के शुरुआती नौ महीने यानी अप्रैल से लेकर दिसंबर तक भारत ने करीब 297.75 करोड़ डॉलर मूल्य का बासमती चावल निर्यात किया, जोकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अविध के करीब 306.51 करोड़ डॉलर के मुकाबले 2.86 फीसदी कम है.  

बुलंदशहर के असदपुर घेड़ गांव निवासी चंद्रमणि आर्य पिछले छह माह से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम का लाभ पाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों की लालफीताशाही से लड़ रहे हैं. वह तीन बार अपने जिले के कृषि उप निदेशक, दो बार तहसीलदार, समाज कल्याण अधिकारी, तहसील दिवस में एसडीएम और लेखपाल के सामने अपनी बात रख चुके हैं. किसान पोर्टल पर शिकायत एक मैसेज आया लेकिन समाधान नहीं हुआ. आर्य ऐसे अकेले किसान नहीं हैं जिन्हें आधार, बैंक खाता नंबर और राजस्व रिकॉर्ड के बावजूद पैसा नहीं मिल रहा. देश में ऐसे लगभग 1.16 करोड़ किसान हैं. यानी इतने किसान अभी 6000 रुपये सालाना सहायता से वंचित हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने बजट दिया हुआ है, लेकिन अधिकारी किसानों को सरकारी तंत्र में फंसाए हुए हैं. हमने जब बुलंदशहर के कृषि उप निदेशक आरपी चौधरी से बात की तो उन्होंने कहा, “हमारे जिले में ही करीब सवा लाख किसानों को पैसा नहीं मिल रहा है. उनके कागजात का वेरीफिकेशन होना है. चौधरी के इस बयान के बाद हमने राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे किसानों का आंकड़ा निकाला जिनका रजिस्ट्रेशन है लेकिन लाभ नहीं मिला. कृषि मंत्रालय की ओर से लोकसभा में पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना के तहत 6 फरवरी तक रजिस्टर्ड कुल किसानों और लाभार्थियों की संख्या के बीच 1.16 करोड़ से अधिक का अंतर है.  

रिपोर्ट में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि योजना का पैसा लाभार्थियों के खातों में तब ट्रांसफर किया जाता है जब उनका सत्यापित डेटा पीएम किसान वेब पोर्टल पर संबंधित राज्यों द्वारा अपलोड किया जाता है. भुगतान से पहले कई स्तर का वेरीफिकेशन होता है. इसलिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना ही लाभ पाना तय नहीं करता. मंत्रालय राज्यों से किसान की भूमि जोत, गांव, बैंक डिटेल और आधार कार्ड नंबर आदि हासिल करता है. अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो उसे सुधारा जाना जरूरी है.

आखिर वेरीफिकेशन की याद दिसंबर 2019 में ही क्यों आई? 
सवाल ये भी उठता है कि तमाम कृषि प्रधान राज्यों और आम चुनाव के दौरान बिना वेरीफिकेशन किसानों के अकाउंट में पैसा क्यों भेजा गया? लाभार्थियों के डेटा का वेरीफिकशन दिसंबर 2019 से ही क्यों अनिवार्य किया गया, जबकि योजना दिसंबर 2018 से चल रही है. जानकारों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि तुरंत पैसा न मिलने पर किसानों के वोट का नुकसान हो सकता था. 

 

देश में ट्रेन से सफर करने के लिए टिकट बुकिंग का सबसे आसान तरीका IRCTC की वेबसाइट और ऐप है. आईआरसीटीसी यानी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड इसके लिए कुछ शुल्क भी लेती हैं. लेकिन आपको बता दें कि अक्टूबर-नवंबर और दिसंबर महीने में इंटरनेट टिकट बुकिंग के जरिए IRCTC की आमदनी तीन गुना बढ़कर 227 करोड़ रुपये हो गई हैं. वहीं, इस दौरान IRCTC ने पानी यानी रेल नीर को बेचकर कुल 58.6 करोड़ रुपये की आय हासिल की हैं. ये 42 फीसदी बढ़ी हैं.

जानिए IRCTC की आमदनी के बारे में...
IRCTC ने गुरुवार को अपने तिमाही नतीजों का ऐलान किया. अक्टूबर-नवंबर और दिसंबर में कंपनी की आमदनी 435 करोड़ रुपये से बढ़कर 716 करोड़ रुपये हो गई हैं. वहीं, मुनाफा 73.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 206 करोड़ रुपये हो गया है यानी मुनाफे में 180 फीसदी का उछाल आया हैं.  कंपनी ने अपने निवेशकों को खुश करने के लिए 10 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने का भी ऐलान किया हैं.  

केटरिंग यानी ट्रेन में खाना बेचने से IRCTC को दिसंबर तिमाही में 269 करोड़ रुपये की आय हुई है. यह 8.23 फीसदी बढ़ी हैं. इससे पहले वित्त वर्ष यानी साल 2018 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही से आमदनी 249 करोड़ रुपये रही थी. टूरिज्म पैकेज बेचकर IRCTC ने दिसंबर तिमाही में 95 करोड़ रुपये की कमाई की हैं. इसमें 15 फीसदी की ग्रोथ आई है. इससे पहले वित्त वर्ष यानी साल 2018 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही से आमदनी 82.75 करोड़ रुपये रही थी.आपको बता दें कि IRCTC देश की पहली दो प्राइवेट ट्रेन लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस और अहमदाबाद-मुंबई तेजस एक्सप्रेस  का संचालन कर रही है. अब इंदौर-वाराणसी रूट पर IRCTC तीसरी प्राइवेट ट्रेन चलाएगी. काशी महाकाल एक्सप्रेस चलने को तैयार है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से हरी झंडी दिखा सकते हैं. ये ट्रेन वाराणसी में बाबा विश्वनाथ, उज्जैन में महाकालेश्वर और इंदौर में ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के श्रद्धालुओं को दर्शन कराएगी. 

अगर आप भी अपने जन्मदिन को बेहद खास बनाना चाहते हैं तो आप मेट्रो के एक कोच को बुक कर ऐसा कर सकते हैं. इसके लिए आपको हर घंटे के हिसाब से पेमेंट करना होगा. इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक,बुकिंग कंफर्म होने के बाद प्रति घंटे 5 से 10 हजार रुपये तक की रकम जमा करानी होगी. इसके अलावा बुकिंग कराने वाले को सिक्योरिटी मनी के तौर पर 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी जमा करानी होगी, जो कि बाद में वापस हो जाएगी. मेट्रो में मनाएं बर्थडे पार्टी और कराएं प्री-वेडिंग सूट -एक्वा लाइन पर नोएडा-ग्रेनो मेट्रो के कोच में बर्थडे पार्टी करने का मौका अब आपको मिल जाएगा. चलती या फिर खड़ी हुई मेट्रो में इसकी अनुमति दी जाएगी. इसके लिए आपको 10 हजार रुपये तक चुकाने होंगे. 

नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड  ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी हैं. मेट्रो के कोच में जन्मदिन, प्री-वेडिंग या फिर कोई भी अन्य पार्टी करने का मौका मिलेगा. हालांकि इसके लिए एनएमआरसी की कुछ शर्तों का पालन करना होगा. अगर आयोजन मेट्रो की रोजाना की टाइमिंग में होनी है या फिर रात के 11 बजे से दो बजे तक होनी है इसका विकल्प चुनने का भी मौका मिलेगा. एक कोच में अधिकतम 50 लोग रह सकते हैं.नियम और शर्तों के बारे में जानिए- नोएडा के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से डिपो स्टेशन तक राउंड ट्रिप, बिना सजावट के रेगुलर रनिंग मेट्रो कोच-8 हजार रुपये प्रति घंटा प्रति कोच फीस होगी. वहीं, नोएडा सेक्टर-51 और डिपो मेट्रो स्टेशन पर खड़ी बिना सजावट की मेट्रो कोच-5 हजार रुपये प्रति प्रति घंटा प्रति कोच फीस होगी.जयपुर मेट्रो में पहले से मिल रही हैं बर्थडे पार्टी मनाने की ये सर्विस 

नोएडा सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से डिपो स्टेशन तक राउंड ट्रिप, सजावट के साथ रेगुलर रनिंग मेट्रो कोच-10 हजार रुपये प्रति घंटा प्रति कोच फीस होगी. नोएडा सेक्टर-51 और डिपो मेट्रो स्टेशन पर खड़ी सजावट की हुई मेट्रो कोच-7 हजार रुपये प्रति प्रति घंटा प्रति कोच फीस तय की गई हैं.

दुनिया के सबसे अमीर और अमेजन के फाउंडर-सीईओ जेफ बेजोस  ने अमेरिका के लॉस एंजिल्स में 16.5 करोड़ डॉलर (करीब 1200 करोड़ रुपये से अधिक) का आलीशान घर खरीदा है.अमेरिकी अखबार वॉलस्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक, बेजोस ने वार्नर एस्टेट को मीडिया कारोबारी डेविड गेफेन से खरीदा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह खरीद लॉस एंजिल्स में किसी रिहायशी संपत्ति का अब तक का सबसे महंगा सौदा है. इससे पहले 2019 में लाशन मर्डोक ने बेल-एयर एस्टेट को खरीदने के लिए करीब 15 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था. आपको बता दें कि अमेरिका की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस की संपत्ति 13 फरवरी को 131.3 अरब डॉलर आंकी गई है. वह मौजूदा समय में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं.

क्या है खास-यह घर नौ एकड़ में फैला है. फोर्ब्स मैगजीन की एक रिपोर्ट में बताया गया हैं कि आर्किटेक्चरल डाइजेस्ट की 1992 की एक स्टोरी में वार्नर एस्टेट का जिक्र हैं. इसके मुताबिक, 13600 वर्ग फीट का जॉर्जियन स्टाइल में यह मेंशन बना है. इसमें एक्सपेंसिव टेरेस और गार्डन हैं. इसके अलावा वॉर्नर एस्टेट में दो गेस्ट हाउस, नर्सरी और तीन हैटहाउस, टेनिस कोर्ट, स्विमिंग पूल, 9 होल गोल्फ कोर्स, मोटर कोर्ट, सर्विस गैराज और गैस पंप हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह  लॉस एंजिल्स में प्रॉपर्टी का नया रिकॉर्ड है. आपको बता दें कि इस आलीशान घर का नाम ‘वार्नर एस्टेट’ है. इससे पहले वार्नर ब्रदर्स के पूर्व अध्यक्ष जैक वार्नर ने 1930 में बनवाया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में आज कीटनाशकों की कीमतों से जुड़े एक कानून पर फैसला हो सकता हैं. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक Pesticide Management Bill 2020 को मंजूरी मिल सकती है. इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी. अब कंपनियां किसानों से कीटनाशकों की मनमानी कीमत नहीं वसूल पाएंगी. ऐसा करने पर 5 साल तक जेल की हवा खानी पड़ सकती है. इसके लिए सरकार नया बिल लाने जा रही है. सरकार चाहती है कि कृषि रसायनों की कीमतें सस्ती रहें और ये किसानों को आसानी से उपलब्ध भी हो सकें. कैबिनेट की बैठक में Major Port Authority Bill 2020 को भी मंजूरी मिल सकती हैं. इससे 11 पोर्ट ट्रस्ट अथॉरिटी में बदल जाएंगे. ये अथॉरिटी अपनी मर्जी से टैरिफ फिक्स कर सकेंगी. कैबिनेट से बिल को मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में पास कराया जाएगा. किसानों को मिलेगी बड़ी राहत- सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार एक प्राधिकरण का गठन करेगी जो अधिसूचित कीटनाशकों को बेचने के लिए कीमत तय करेगा. मौजूदा समय में कीमतों को रेगुलेट करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. इसके चलते कई कंपनियां किसानों से मनमानी कीमत वसूलती रही हैं.  

 (1) इसके लिए, संसद में लंबे समय से लंबित पड़े कीटनाशक प्रबंधन विधेयक को पारित कराने की संभावना है. नया बिल कीटनाशक अधिनियम, 1968 की जगह लेगा. इस अधिनियम के कई कानून काफी पुराने होने से कीटनाशक बनाने वाली कंपनियां नियमों का उल्लंघन करने के बाद भी बच जाती हैं.

(2) इसके अलावा, एक केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड बनाया जाएगा. यह किसानों के हितों का ध्यान रखेगा. इसमें किसानों को भी शामिल किया जाएगा.(3) बाजार में नया कीटनाशक उतारने से पहले इस बोर्ड की अनुमति लेनी पड़ सकती है. कई बार खराब बेसअर कीटनाशक के चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. नया कानून अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप होगा.

(4) अगर कीटनाशक बनाने वाली कंपनियां नियमों का उल्लंघन करेंगी तो उन्हें 25 हजार से लेकर 50 लाख तक का जुर्माना भरना पड़ेगा.

(5) मौजूदा नियमों के तहत फिलहाल 500-75,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है. इस तरह सरकार जुर्माने की रकम करीब 70 गुना ज्यादा करने की तैयारी में है. नए बिल में पांच साल तक की कैद का भी प्रस्ताव है. मौजूदा कानून में अधिकतम 2 वर्ष तक की सजा संभव है.

(6) मौजूदा कानून में, कीटनाशकों के केवल विनिर्माण, बिक्री, आयात, परिवहन उपयोग और वितरण को कवर किया गया है. प्रस्तावित कानून में, निर्यात, पैकेजिंग, लेबलिंग, मूल्य निर्धारण, भंडारण, विज्ञापनों को भी रेगुलेट किया जाएगा. सरकार लंबे समय से कीटनाशक अधिनियम, 1968 को बदलने की योजना बना रही है.

D-Mart के फाउंडर राधाकिशन दमानी रिटेल बिजनेस के किंग माने जाते हैं. लेकिन उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शेयर बाजार में निवेशक के तौर पर की थी.  लेकिन एक आइडिया ने उनकी किस्मत बदल दी और महज 24 घंटे में उनकी संपत्ति 100 फीसदी बढ़ गई. आपको बता दें कि D-Mart को चलाने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स का मार्केट कैप सोमवार को 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. सुपरमार्केट 'डीमार्ट' का मालिकाना हक एवेन्यू सुपरमार्ट्स के पास है. इस तरह अब यह कंपनी देश की 18वीं सबसे वैल्यूएबल  कंपनी बन गई है. इसका मार्केटकैप नेस्ले और बजाज फिनसर्व से ज्यादा हो गया है.

साल 1980 में राधाकिशन दमानी ने शेयर बाजार में एक निवेशक के तौर पर अपनी करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने साल 2017 में D-Mart का IPO लाने का ऐलान किया. 20 मार्च 2017 तक  राधाकिशन दमानी सिर्फ एक रिटेल कंपनी के मालिक थे, लेकिन 21 मार्च की सुबह जैसे ही उनकी कंपनी के शेयर की ट्रेडिंग BSE में शुरू हुई, वैसे ही उनकी संपत्ति 100 फीसदी तक बढ़ गई.

फिच सॉल्यूशंस ने कहा कि भारत की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रणाली की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारत में वायरस का संक्रमण फैलने की रफ्तार चीन की तुलना में अधिक होगी और घरेलू वाहन उद्योग पर अधिक व्यापक असर देखने को मिलेगा.

फिच सॉल्यूशंस ने चीन में कोरोना वायरस  के फैले संक्रमण के कारण 2020 में घरेलू वाहन विनिर्माण 8.3 फीसदी सिकुड़ जाने का अनुमान व्यक्त किया है. चीन में इस वायरस का संक्रमण के फैलने के कारण वाहनों के कल-पुर्जे बनाने वाली कंपनियों ने उत्पादन रोक दिया है. फिच ने कहा कि यदि भारत में भी वायरस का संक्रमण फैला तो यहां भी इस तरह की नीतियां अपनायी जा सकती हैं. उसने कहा कि भारत की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रणाली की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारत में वायरस का संक्रमण फैलने की रफ्तार चीन की तुलना में अधिक होगी और घरेलू वाहन उद्योग पर अधिक व्यापक असर देखने को मिलेगा.

वर्ष 2019 में 13.2 फीसदी रही थी गिरावट - फिच ने कहा कि चीन भारतीय वाहन उद्योग के लिये कल-पुर्जों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है. ऐसे में चीन में तैयार कल-पुर्जों की कमी होने से भारतीय वाहन उद्योग को उत्पादन की गति कम करने या बंद करने को बाध्य होना पड़ सकता है. उन्होंने कहा, इन कारणों से हम 2020 में घरेलू वाहन विनिर्माण में 8.3 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान करते हैं. वर्ष 2019 में इसमें 13.2 प्रतिशत की गिरावट रही थी. फिच ने कहा, चीन भारत के वाहन कल-पुर्जा जरूरत की 10 से 30 फीसदी की पूर्ति करता है. यदि भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की बातें करें तो यह दो या तीन गुना अधिक हो जाता है. इससे पता चलता है कि भारतीय वाहन उद्योग किस तरह से चीन के कल-पुर्जों पर निर्भर है. 

सरकार ने अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी वाली कंपनी निलांचल इस्पात निगम लिमिटेड को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी हैं. निलांचल इस्पात निगम लिमिटेड में MMTC की 49.08 फीसदी हिस्सेदारी है. निलांचल इस्पात निगम लिमिटेड में NMDC की 10.10 फीसदी हिस्सेदारी है.

सरकारी कंपनी निलांचल इस्पात निगम लिमिटेड  में हिस्सेदारी बेचने के लिए 17 फरवरी को सलाहकार की नियुक्ति होगी. इस बिक्री के लिए सलाहकार, लीगल एडवाइजर और एसेट वैल्यूअर नियुक्त होगी. SBI Capital Markets, Deloitte, ICICI Securities और IDBI Capital Market & Securities ने सलाहकार के आवेदन किए हैं. वहीं, मर्चेंट बैंकर के लिए Adroit Technical Services और LSI Financial Services ने आवेदन दिए हैं. लीगल एडवाइजर के लिए Link Legal India Law Services, Trilegal और L & L Partners ने आवेदन दिए है.
आपको बता दें कि कैबिनेट ने निलांचल इस्पात निगम लिमिटेड को बेचने की मंजूरी दी है. निलांचल इस्पात में सरकार अपनी पूरी 100 हिस्सेदारी बेचेगी. इस कंपनी का खास बात ये है कि निलांचल इस्पात में MMTC की हिस्सेदारी 49.08 फीसदी, NMDC की हिस्सेदारी 10.10 फीसदी, मेकॉन और BHEL की हिस्सेदारी 0.68 फीसदी है. 2018-19 में इस कंपनी का ग्रोथ 126 फीसदी रही है. इसकी उत्पादन क्षमता 1.1 मिलियन टन है.  

एक्सपर्ट्स का कहना हैं कि कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद रणनीतिक खरीदार का चयन दो चरणों वाली नीलामी प्रक्रिया से होता हैं. रणनीतिक विनिवेश के तहत सरकार किसी कंपनी में अपनी बहुमत हिस्सेदारी बेचती है. इसके बाद कंपनी का प्रबंधन भी सरकार खरीदार का सौंप देती है. इसका सीधा मतलब यह माना जा सकता है कि सरकारी कंपनी रणनीतिक विनिवेश के बाद एक निजी कंपनी हो जाती है.  नीलांचल इस्पात के वेबसाइट के मुताबिक कंपनी 2004-05 के बाद से देश में पिग आयरन की सबसे बड़ी निर्यात है. कंपनी के पास 11 लाख टन के एकीकृत लोहा और इस्पात संयंत्र हैं. कंपनी के पास अपनी जरूरत की पूर्ति के लिए अपना अलग बिजली संयंत्र है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Union Cabinet Decision) में  कीटनाशकों की कीमतों से जुड़े बिल (Pesticide Management Bill 2020) को मंजूरी मिल गई है. इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी. अब कंपनियां किसानों को कीटनाशक मनमानी कीमत पर नहीं बेच पाएंगी. मौजूदा कानून में, कीटनाशकों के केवल विनिर्माण, बिक्री, आयात, परिवहन उपयोग और वितरण को कवर किया गया है. प्रस्तावित कानून में, निर्यात, पैकेजिंग, लेबलिंग, मूल्य निर्धारण, भंडारण, विज्ञापनों को भी रेगुलेट किया जाएगा. सरकार लंबे समय से कीटनाशक अधिनियम, 1968 को बदलने की योजना बना रही है. इसके पीछे सरकार का मकसद कृषि रसायनों की कीमतें सस्ती करना और आसानी से किसानों को उपलब्ध कराना है.आपको बता दें कि कैबिनेट ने Major Port Authority Bill 2020 को भी मंजूरी दे दी हैं. इससे 11 पोर्ट ट्रस्ट अथॉरिटी में बदल जाएंगे. ये अथॉरिटी अपनी मर्जी से टैरिफ फिक्स कर सकेंगी. कैबिनेट से बिल को मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में पास कराया जाएगा.

किसानों को क्या होगा फायदा- कैबिनेट की बैठक के बाद अब Pesticide Management Bill 2020 को संसद से पास कराया जाएगा. केंद्र सरकार एक अथॉरिटी का गठन करेगी जो अधिसूचित कीटनाशकों को बेचने के लिए कीमत तय करेगा. मौजूदा समय में कीमतों को रेगुलेट करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. इसके चलते कई कंपनियां किसानों से मनमानी कीमत वसूलती रही हैं. आपको बता दें कि नया बिल कीटनाशक अधिनियम, 1968 की जगह लेगा. इस अधिनियम के कई कानून काफी पुराने होने से कीटनाशक बनाने वाली कंपनियां नियमों का उल्लंघन करने के बाद भी बच जाती हैं.

इण्डेन गैस ग्राहकों को एक ही इटके में बड़ी चपत। इंडियन ऑइल ने रसोई गैस सिलिंडर के दाम में करीब 150 रुपये का इजाफा कर दिया है। सभी महानगरों में बिना सब्सिडी वाले 14 किलो के रसोई गैस सिलिंडर के दाम में 144.50 रुपये से 149 रुपये तक की बढोतरी कर दी गई है, जो आज से लागू है।दिल्ली में अब 14 किलो का गैस सिलिंडर 858.50 रुपये में मिलेगा। यहां 144.50 रुपये दाम बढ़ाए गए हैं। वहीं, कोलकाता के ग्राहकों को 149 रुपये ज्यादा चुकाकर 896.00 रुपये के दाम पर सिलिंडर मिलेगा। मुंबई में 145 रुपये की बढ़ोतरी के साथ नया दाम 829.50 रुपये हो गया है और चेन्नै में इसके ने दाम 147 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 881 रुपये कर दिए गए हैं।

इससे पहले 1 जनवरी 2020 को रसोई गैस के दाम बढ़ाए गए थे। हर महीने सब्सिडी और मार्केट रेट में बदलाव होता है, लेकिन फरवरी की शुरुआत में कोई बदलाव नहीं किया गया था। 1 फरवरी को पेश हुए बजट से पहले कामर्शल गैस सिलेंडर के दाम में 224.98 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। कमर्शल सिलिंडर 1550.02 रुपये के दाम पर मिल रहा है। वहीं, घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया था। यानी में घरेलू रसोई गैस सिलिंडर (14.2 किलो) 749 रुपये का ही मिल रहा था। उधर, पिछले महीने तक सब्सिडी वाली कुकिंग गैस के दाम पिछले छह महीने में 13 पर्सेंट यानी 62 रुपये प्रति सिलिंडर बढ़े। सरकार के फ्यूल सब्सिडी में कटौती करने के बाद ऑयल कंपनियों ने कीमतों को प्रकाशित करना बंद कर दिया है। इस कारण LPG की महंगाई पर अब तक गौर नहीं किया गया था। बता दें कि रसोई गैस के कुल 27.6 करोड़ के करीब उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब दो करोड़ को सब्सिडी नहीं मिलती है।

 

फोर्ड-महिंद्रा 1925 करोड़ रुपये के निवेश से ज्‍वाइंट वेंचर बनाएंगी

महिंद्रा का मुनाफा तीसरी तिमाही में 73% घटकर 380 करोड़ रहा

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अमेरिकी ग्रुप फोर्ड मोटर और भारत की ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के बीच की डील को मंजूरी दे दी है.

दरअसल, दोनों कंपनियां 1925 करोड़ रुपये के निवेश से ज्‍वाइंट वेंचर बनाएंगी. यह ज्‍वाइंट वेंचर अमेरिकी ऑटो कंपनी के उत्पादों को भारत में विकसित करेगी और उसकी मार्केटिंग और वितरण करेगी. ज्‍वाइंट वेंचर में महिंद्रा एंड महिंद्रा की 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि शेष हिस्सेदारी फोर्ड की होगी. प्रतिस्पर्धा आयोग ने ट्वीट कर बताया कि उसने एमएंडएम और फोर्ड मोटर के बीच संयुक्त उद्यम के गठन को मंजूरी दे दी है.

इस दौरान कंपनी की आय 12,120 करोड़ रुपये रही. इससे पिछले वित्त की इसी अवधि में कंपनी की आय 12,893 करोड़ रुपये थी. तीसरी तिमाही में कंपनी की वाहन बिक्री 1,23,353 इकाई रही यह इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की 1,33,508 इकाई से आठ फीसदी कम है. समीक्षावधि में कंपनी के ट्रैक्टर की बिक्री छह फीसदी घटकर 81,435 इकाई रही. वहीं कंपनी का निर्यात 22 फीसदी घटकर 9,633 वाहन रहा. 

Ola के प्लेटफॉर्म पर 25,000 से ज्यादा चालक रजिस्‍टर्ड हैं

अगस्‍त 2019 में ब्रिटेन के कार्डिफ में ओला की हुई थी एंट्री

भारत में ऐप के जरिए कैब सर्विस प्रोवाइड कराने वाली प्राइवेट कंपनी ओला ने नया मुकाम हासिल किया है. दरअसल, ओला ने ब्रिटेन की राजधानी लंदन में अपनी कैब सर्विस शुरू की है. इसके तहत ओला ने कंफर्ट, कंफर्ट एक्सएल और एक्जीक्यूटिव राइड श्रेणियों में सेवाएं शुरू की हैं. वहीं कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 25,000 से ज्यादा चालक रजिस्‍टर्ड हैं. कंपनी को उम्मीद है कि लंदन की शुरुआत से वैश्विक विस्‍तार होगा. ओला के सह - संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भवीश अग्रवाल ने कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में बताया, " लंदन वास्तव में कैब सर्विस इंडस्‍ट्री में वैश्विक ताकत और शीर्ष कंपनी बनने की हमारी यात्रा की शुरुआत है. बहुत कम भारतीय ब्रांड हैं जो इस पैमाने पर और महत्वाकांक्षा के साथ वैश्विक बाजार में आते हैं. हमारी यात्रा और सफलता एक कीर्तिमान स्थापित करेगी."

अगले 3 महीने काफी अहम - भवीश अग्रवाल ने कहा कि अगले तीन महीने परिचालन के लिहाज से काफी अहम हैं. अग्रवाल ने कहा कि कंपनी तीन चीजों चालक, सुरक्षा और स्थानीय अधिकारियों एवं नियामकों के साथ सहयोग का रुख रखने पर ध्यान देगी. ओला इंटरनेशनल के प्रमुख सिमॉन स्मिथ ने कहा, "हम लंदन में परिचालन चालू करने को लेकर रोमांचित हैं. यह हमारे व्यवसाय के लिहाज से एक अहम उपलब्धि है. यह लोगों को जोड़ने की हमारी महत्वाकांक्षा की दिशा में अगले कदम को दर्शाता है."

अगस्‍त 2019 से ब्रिटेन में एंट्री - बता दें कि ओला ने पिछले साल अगस्त में कार्डिफ में परिचालन शुरू करके ब्रिटेन में कदम रखा था. इसके बाद बर्मिंघम, लिवरपूल, एक्सेटर, रीडिंग, ब्रिस्टल, बाथ, कोवेंट्री और वारविक में अपनी सेवाओं का विस्तार किया.  इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो ओला की एंट्री ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में हुई थी. यहां ओला ने फरवरी 2018 में सर्विस की शुरुआत की थी

 

Ola के प्लेटफॉर्म पर 25,000 से ज्यादा चालक रजिस्‍टर्ड हैं

अगस्‍त 2019 में ब्रिटेन के कार्डिफ में ओला की हुई थी एंट्री

भारत में ऐप के जरिए कैब सर्विस प्रोवाइड कराने वाली प्राइवेट कंपनी ओला ने नया मुकाम हासिल किया है. दरअसल, ओला ने ब्रिटेन की राजधानी लंदन में अपनी कैब सर्विस शुरू की है. इसके तहत ओला ने कंफर्ट, कंफर्ट एक्सएल और एक्जीक्यूटिव राइड श्रेणियों में सेवाएं शुरू की हैं. वहीं कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 25,000 से ज्यादा चालक रजिस्‍टर्ड हैं. कंपनी को उम्मीद है कि लंदन की शुरुआत से वैश्विक विस्‍तार होगा. ओला के सह - संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भवीश अग्रवाल ने कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में बताया, " लंदन वास्तव में कैब सर्विस इंडस्‍ट्री में वैश्विक ताकत और शीर्ष कंपनी बनने की हमारी यात्रा की शुरुआत है. बहुत कम भारतीय ब्रांड हैं जो इस पैमाने पर और महत्वाकांक्षा के साथ वैश्विक बाजार में आते हैं. हमारी यात्रा और सफलता एक कीर्तिमान स्थापित करेगी."

अगले 3 महीने काफी अहम - भवीश अग्रवाल ने कहा कि अगले तीन महीने परिचालन के लिहाज से काफी अहम हैं. अग्रवाल ने कहा कि कंपनी तीन चीजों चालक, सुरक्षा और स्थानीय अधिकारियों एवं नियामकों के साथ सहयोग का रुख रखने पर ध्यान देगी. ओला इंटरनेशनल के प्रमुख सिमॉन स्मिथ ने कहा, "हम लंदन में परिचालन चालू करने को लेकर रोमांचित हैं. यह हमारे व्यवसाय के लिहाज से एक अहम उपलब्धि है. यह लोगों को जोड़ने की हमारी महत्वाकांक्षा की दिशा में अगले कदम को दर्शाता है."

अगस्‍त 2019 से ब्रिटेन में एंट्री - बता दें कि ओला ने पिछले साल अगस्त में कार्डिफ में परिचालन शुरू करके ब्रिटेन में कदम रखा था. इसके बाद बर्मिंघम, लिवरपूल, एक्सेटर, रीडिंग, ब्रिस्टल, बाथ, कोवेंट्री और वारविक में अपनी सेवाओं का विस्तार किया.  इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो ओला की एंट्री ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में हुई थी. यहां ओला ने फरवरी 2018 में सर्विस की शुरुआत की थी

 

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के बाद देश के सबसे बड़े बैंक यानी SBI ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों को घटा दिया है. इसके साथ ही अब कई बैंकों ने FD पर ब्याज दरें कम देने का फैसला लिया है. ऐसे में अगर आप भी FD के जरिए अधिक ब्याज कमाने का सोच रहे तो इस इन बैंकों में FD कराना आपके लिए बेहतर विकल्प नहीं होगा. लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे बैंकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां अभी भी FD पर ब्याज दरें 9 फीसदी के करीब है. यानी इन बैंकों में FD कराने पर आपकी बेहतर कमाई हो सकती है.

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें 4 फीसदी से लेकर 9 फीसदी तक है. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह ब्याज दरें 4.25 फीसदी से लेकर 9.25 फीसदी तक हैं. इस बैंक में 5 साल की FD पर सबसे अधिक ब्याज दरें हैं. सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में आपको 7 से 14 दिन और 15 से 45 दिन के लिए 4 फीसदी ब्याज दर मिल रहा है. 46 दिन से लेकर 90 दिन के लिए FD पर 5 फीसदी और 91 दिन से लेकर 6 महीने की FD पर 5.50 फीसदी की ब्याज मिल रही है. इस बैंक में 6 महीने से 9 महीने के लिए 7.50 फीसदी और 9 महीने से लेकर 1 साल तक की FD पर 7.75 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इस बैंक में 1 साल से लेकर 2 साल की अवधि पर और 2 साल से लेकर 3 साल की अवधि पर क्रमश: 8.25 फीसदी और 8.50 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. 3 साल से लेकर 5 साल की अवधि पर 8.50 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. अगर आप सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में 5 साल से अधिक समय के लिए FD कराते हैं तो इसपर आपको 9 फीसदी अधिक ब्याज मिलेगा.  

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक: जना स्मॉल फाइनेंस बैंक में आपको 5 फीसदी से लेकर 8.50 फीसदी की दर से FD पर ब्याज मिल रहा है. इस बैंक में आपको 7 से 10 दिन की FD पर 5 फीसदी और 15 से 45 दिन की FD पर 5.25 फीसदी, 46 से 60 दिन की अवधि पर 6 फीसदी और 61 से 90 दिन की अवधि पर 6.25 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. 91 दिन से लेकर 180 दिन की FD पर 7 फीसदी, 181 दिन से 198 दिन की अवधि के लिए 7.75 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इस बैंक में 1 साल के लिए FD पर 8 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. अगर आप इस बैंक में 499 दिन के लिए FD कराते हैं तो इसपर आपको 8.25 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा. वरिष्ठ नागरिकों के लिए इस बैंक में 60 आधार अंक अधिक दर से FD पर ब्याज मिलेगा.  

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक:  उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक में आपको 7 से 29 दिन, 30 से 89 दिन और 90 से 179 दिन के लिए FD पर क्रमश: 5.50 फीसदी, 6.10 फीसदी और 6.60 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. वहीं, 180 दिन से लेकर 364 दिन के लिए ब्याज दर 7 फीसदी हे. 1 साल से 2 साल में मैच्योर हाने वाले FD पर ब्याज दर 8 फीसदी है. 

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक: उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में 7 से 45 दिनों और 46 दिन से लेकर 90 दिनों की FD पर ब्याज दरें क्रमश: 4.75 फीसदी और 5.50 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इस बैंक में 91 दिनों से लेकर 180 दिनों की FD पर 6.75 फीसदी की दर से और 181 दिन से लेकर 270 दिन के ब्याज पर ब्याज मिल रहा है. अगर आप इस बैंक में 271 दिन से लेकर 1 साल के FD कराते हैं तो 7.20 फीसदी और 1 साल से 445 दिनों के FD कराते हैं तो इस पर आपको 8.20 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इस बैंक में FD पर सबसे अधिक ब्याज दर 456 दिन से लेकर 2 साल की अवधि के लिए मिल रहा है. उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50 आधार अंक यानी 0.50 फीसदी अधिक ब्याज मिल रहा है.

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 दिल्ली के विधान सभा चुनाव नतीजे वाले दिन पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई हैं. पेट्रोल-डीजल के मोर्चे पर आम आदमी को बड़ी राहत मिली है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में इस हफ्ते लगातार दूसरे दिन कटौती की हैं. इस कटौती के बाद पेट्रोल-डीजल का भाव 5 महीने के निचले स्तर पर आ गया है. यानी पेट्रोल-डीजल 5 महीने में सबसे कम भाव पर बिक रहा है. अब दिल्ली में एक लीटर  पेट्रोल के दाम 72 रुपये प्रति लीटर के नीचे आ गए हैं. वहीं, एक लीटर डीज़ल की कीमतें 65 रुपये प्रति लीटर के नीचे फिसल गई हैं. आपको बता दें कि इस साल अभी तक पेट्रोल-डीज़ल के दामों में  4 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की गिरावट आ चुकी हैं.

पेट्रोल-डीज़ल  दिल्ली में पेट्रोल के दाम 71.94 रुपये प्रति लीटर पर आ गए हैं. वहीं, डीज़ल के दाम गिरकर 64.87 रुपये प्रति लीटर पर आ गए हैं. इसके अलावा मुंबई में पेट्रोल 77.60 रुपये प्रति लीटर हैं. कोलकाता में पेट्रोल के दाम 74.58 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में पेट्रोल के दाम 74.73 रुपये प्रति लीटर हैं.  

विदेशी बाजारों में लगातार कच्चा तेल सस्ता हो रहा हैं. इसी का असर घरेलू  बाजार पर पड़ रहा हैं. पिछले एक महीने में क्रूड यानी कच्चा तेल 30 फीसदी तक सस्ता हो गया हैं. 

वर्ल्ड की बड़ी रेटिंग एजेंसियों की रिपोर्ट में क्रूड कीमतों के और गिरने का अनुमान लगाया गया हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस  के चलते दुनियाभर में बिजनेस गतिविधियां कम हो गई हैं. इसलिए कच्चे तेल की डिमांड में बड़ी गिरावट आई है. जिसका असर कीमतों पर पड़ा है. आने वाले दिनों में कच्चे तेल के और सस्ता होने की उम्मीद हैं. 

भारतीय रेलवे ने अपनी यात्रियों की सुविधा का खास ख्याल रखते हुए नई सुविधा शुरू करेगी. रेल मंत्री पीयूष गोयल की ओर से ट्विटर पर दी गई जानकारी के मुताबिक, अब यात्रियों को उनके स्टेशन आने के आधे घंटे पहले एक Wake-up कॉल के जरिए अलर्ट (घ) किया जायेगा. इससे यात्रियों को बड़ी मदद मिलेगी. जी हां, अपने स्टेशन के आने से पहले ही उतरने के लिये तैयार हो सकेंगे. अगर आसान शब्दों में कहें तो कई बार सफर के दौरान यात्री सोते रह जाते हैं और उनका स्टेशन पीछे छूट जाता है, जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे रेल-यात्रियों की सुविधा और रेलवे यात्रा को ज्यादा आरामदेह बनाने के इरादे से भारतीय रेल स्टेशन आने संबंधी जानकारी देने के लिए फोन कॉल सेवा देती है.

यह सेवा आईआरसीटीसी और भारत बीपीओ के बीच संयुक्त पहल का हिस्सा है. इस सेवा के इस्तेमाल के लिए यात्री को रेलवे सहायता नंबर 139 पर फोन मिलाना होगा. इस सेवा एक अंतर्गत गंतव्य आने की जानकारी स्टेशन पर गाड़ी पहुंचने से आधे घंटे पहले ही यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एलर्ट फोन कॉल द्वारा भेज दी जाएगी.  

पैसेंजर की ओर दी गई जानकारी के बाद, सिस्टम उस ट्रेन की तत्कालीन स्थिति का पता लगाकर वेक-अप फोन कॉल के माध्यम से यात्री को सही जानकारी मुहैया कराएगा. 

139 सेवा, जो कि एक प्रमुख रेलवे इंक्वायरी नंबर है, में पिछले कुछ समय के दौरान काफी बदलाव किए गए हैं.इन सेवाओं के साथ-ही-साथ, 139 नंबर के माध्यम से तत्काल सेवा के अंतर्गत रेलवे सीट की उपलब्धता, सीट कैंसल करना, रिफंड संबंधी नियम और ट्रेन की प्लेटफॉर्म स्थिति के विषय में भी जाना जा सकता है.

बजट में हुए फैसलों का असर अब दिखने लगा हैं. देश की सबसे बड़ी सिगरेट कंपनी ITC ने अपने कई प्रोडक्ट के दाम बढ़ा दिए है.  मिली जानकारी के मुताबिक, ITC ने सभी सिगरेट के दाम 10-12 फीसदी तक बढ़ाने का ऐलान किया हैं. आपको बता दें कि बजट में 1 फरवरी को पेश हुए आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में तंबाकू और सिगरेट पर भी एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है. इसीलिए ITC ने दाम बढ़ा दिए हैं.

कितनी महंगी हुई सिगरेट- ITC का ब्रैंड KSFT की 10 सिगरेट वाले पैकेट के दाम 300 रुपये से बढ़कर 320 रुपये हो गए हैं. वहीं, गोल्ड फेल्क सुपरस्टार सिगरेट के दाम 50 रुपये से बढ़कर 60 रुपये हो गए हैं. इसके अलावा लिबर्टी सिगरेट के दाम 40 रुपये से बढ़कर 50 रुपये हो गए है. हालांकि, अभी तक कंपनी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई हैं.  

आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 जुलाई 2019 को अपने पहले बजट में सिगरेट पर 5 रुपये प्रति हजार से लेकर 10 रुपये प्रति हजार तक एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया था. जबकि, पहले ज्यादातर सिगरेट पर अभी तक एक्साइज ड्यूटी जीरो थी. लेकिन, मोदी सरकार 2.0 के पहले बजट में इसे बढ़ाकर 5-10 रुपये प्रति हजार तक कर दिया. सिगरेट की लंबाई और बनाबट के अधार पर सरकार ने एक्साइज ड्यूटी को तय किया. बजट में सरकार ने बीड़ी पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी थी.

65 मिमी से अधिक किंतु 70 मिमी लंबाई वाली फिल्टर सिगरेट का दाम पांच रुपए प्रति हजार बढ़ गए थे. 60 मिमी तक लंबाई वाली सिगरेट (फिल्टर की लंबाई सहित, फिल्टर की लंबाई 11 मिमी हो अथवा इसकी वास्तविक लंबाई, इनमें से जो भी अधिक) का दाम भी पांच रुपए प्रति हजार बढ़ गया था. 

60 मिमी से अधिक किंतु 70 मिमी से अनधिक फिल्टर सिगरेट (फिल्टर की लंबाई सहित, फिल्टर की लंबाई 11 मिमी हो अथवा इसकी वास्तविक लंबाई, इनमें से जो भी अधिक) का दाम भी सरकार ने पांच रुपये प्रति हजार बढ़ गया था.

कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लौटी खरीदारी के चलते घरेलू शेयर बाजार में जोरदार तेजी आई है. प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स  सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा उछल गया है. वहीं, निफ्टी में 120 अंक की तेजी बनी हुई है. आज के कारोबार में चौतरफा खरीदारी हो रही है. निफ्टी के ऑटो इंडेक्स में 0.81 फीसदी, आईटी इंडेक्स में 0.41 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स में 1.04 फीसदी, मेटल इंडेक्स में 0.99 फीसदी, फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 0.58 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है. बैंकिंग शेयरों में जोरदार तेजी दिख रही है जिसके चलते बैंक निफ्टी 0.72 फीसदी की बढ़त के साथ 31,280 के आसपास कारोबार कर रहा है.

क्यों आई शेयर बाजार में तेजी - वीएम पोर्टफोलियों के रिसर्च हेड विवेक मित्तल ने न्यूज18 हिंदी को बताया हैं कि भारतीय बाजारों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी क्रूड में आई गिरावट है. क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता हैं. ऐसे में कच्चे तेल का सस्ता होना आम आदमी के साथ-साथ सरकार के लिए फायदेमंद है.  

विवेक कहते हैं कि हर वायरस की उम्र होती है. साथ ही, मौसम में बदलाव भी वायरस पर असर डालते हैं. उनका मानना हैं कि मार्च के अंत तक चीन में कोरोना वायरस की समस्या से निपटना आसान हो जाएगा. इसके अलावा चीनी सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 12,900 करोड़ डॉलर (करीब 9 लाख करोड़ रुपये) सिस्टम में डाले हैं. इसका असर भी शेयर बाजार पर दिख रहा है. 

 गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) के मौजूदा दरों (Rates) और स्लैब (Slab) में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, सरकार मौजूदा 9 दरों की बजाय जीएसटी (GST) में सिर्फ 3 दर रखना चाहती है. ऐसे में कुल तीन स्लैब 8%, 18% और 28% पर सहमति बनाने पर जोर होगी. हालांकि इस पूरी कवायद में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि बदलाव से खाने-पीने की चीजों की महंगाई न बढ़े. फरवरी के अंत में जीएसटी काउंसिल  की बैठक हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक, बजट से निपटने के बाद जीएसटी दरों को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है. सरकार ज्यादातर आइटम्स के रेट रेवेन्यू न्यूट्रल से थोड़ा ज्यादा रखने के पक्ष में है.  

सरकारी नीति पर सलाह देने वाली संस्था नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने भी पिछले साल कहा था कि जीएसटी के सिर्फ दो स्लैब रखे जाएं. इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि जीएसटी के स्लैब या दरों में बार-बार बदलाव होने से कारोबार पर प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ जाए तो जीएसटी दरों में सालाना आधार पर बदलाव किया जा सकता है. एक जुलाई 2017 से देश में जीएसटी लागू होने के बाद सभी अप्रत्यक्ष कर (वैट, सर्विस टैक्स आदि) इसमें शामिल हो गए हैं. जीएसटी के लागू होने के बाद से कई बार जीएसटी की दरों में बदलाव किया गया है. इस समय जीएसटी के तहत चार स्लैब 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी हैं. इसके बावजूद कई उत्पाद पर जीएसटी नहीं लगता. इसके साथ ही पांच ऐसे भी उत्पाद हैं, जिन पर जीएसटी के अलावा उपकर या सेस भी लगता है. 

अब क्या होगा- सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर आइटम के रेट 18% वाले स्लैब में जा सकते हैं. निचले सभी स्लैब को मिलाकर सिर्फ एक 8% का स्लैब बनाने पर विचार हो सकता है, जबकि लग्जरी और डी-मेरिट गुड्स के लिए अधिकतम 28% बरकरार रहेगा.जीएसटी पर बनी एक समिति ने सरकार से सिर्फ दो स्लैब रहने की सिफारिश की है, इनमें 10 और 20 फीसदी के स्लैब हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी जीएसटी पर बनी समिति के मुखिया हैं. उन्होंने इस आशंका को भी खारिज किया कि किसी प्रोडक्ट पर जीएसटी की दर बढ़ाने की बात हो रही है. मोबाइल फोन, फार्मा, मानव निर्मित धागे/कपड़े, रेडीमेड गारमेंट, खाद, फैब्रिक और अक्षय ऊर्जा उपकरण पांच और 12 फीसदी स्लैब में आते हैं जिन पर इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर लगता है.

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI-State Bank of India) में अगर आपने फिक्सड डिपॉजिट यानी एफडी (FD-Fixed Deposit) कराई है तो यह खबर आपके लिए है. आपको बता दें कि एसबीआई ने एफडी की दरों में बदलाव कर दिया हैं यानी ब्याज दरें घटा दी हैं. ऐसे में अब एफडी कराने वालों को कम मुनाफा मिलेगा. एसबीआई द्वारा जारी की गई एफडी दरें 10 फरवरी 2020 से लागू होंगी. बैंक ने 1 साल से लेकर 10 साल में मैच्योर होने वाले लॉन्ग टर्म डिपॉजिट्स पर FD की दरों में 0.10 फीसदी से 0.50 फीसदी तक की कटौती करने का ऐलान किया है.
(1) 7 से 45 दिन की FD कराने वालों को 4.5 फीसदी ब्याज मिलेगा.

(2) 46 दिन से 179 दिन की FD- अब 46 से 179 दिनों की एफडी पर 5 फीसदी ब्याज मिलेगा. इससे पहले 5.50 फीसदी ब्याज मिल रहा था.  

 

(3) 180 दिन से 210 दिन की FD- बैंक 180 दिनों से 210 दिनों की एफडी पर 5.50 फीसदी ब्याज दे रहा है. 

 

(4) 211 दिन से 1 साल तक की FD- एसबीआई ने 211 दिन से 1 साल की एफडी पर ब्याज दरें 5.50 फीसदी हैं. 

 

(5) 1 साल से 2 साल तक की FD- एसबीआई अब 1-2 साल की एफडी पर 6 फीसदी ब्याज देगा.

(6) 2 साल से 3 साल तक की FD- एसबीआई अब 2-3 साल की FD पर 6.10 फीसदी की बजाय 6 फीसदी ब्याज देगा.

(7) 3 साल से 5 साल तक की FD- इस एफडी पर SBI 6 फीसदी ब्याज देगा.

(8) 5 से 10 साल तक की FD- इस एफडी पर 10 फरवरी से SBI सिर्फ 6 फीसदी ब्याज देगा  

SBI की सीनियर सिटीजन के लिए नई एफडी ब्याज दरें 

(1) 7 से 45 दिन की एफडी- एसबीआई 7 से 45 दिन के लिए एफडी पर 5 फीसदी ब्याज देगा.

(2) 46 दिन से 179 दिन - एसबीआई 46 से 179 दिनों के लिए एफडी पर 5.5 फीसदी ब्याज देगा.

(3) 180 दिन से 210 दिन - 180 दिन से 210 दिनों के लिए एफडी पर 6 फीसदी ब्याज देगा.

(4) 211 दिन से 1 साल तक के लिए - एसबीआई इस दौरान एफडी पर 6 फीसदी ब्याज देगा.

(5) 1 साल से 2 साल तक - इस एफडी पर 6.5 फीसदी का ब्याज मिलेगा.  

(6) 2 साल से 3 साल तक - 2 से 3 साल के लिए एफडी पर 6.5 फीसदी ब्याज देगा.

(7) 3 साल से 5 साल तक - 3 से 5 साल के लिए एफडी पर SBI 6.5  फीसदी ब्याज देगा.

(8) 5 साल से 10 साल तक - 5 से 10 साल के लिए एफडी पर 6.50 फीसदी ब्याज मिलेगा.

दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम 23-24 पैसे प्रति लीटर तक कम हो गए है. वहीं, इस दौरान डीज़ल की कीमतों में 25-27 पैसे प्रति लीटर की गिरावट दर्ज की गई हैं. आपको बता दें कि 11 जनवरी से अभी तक पेट्रोल-डीज़ल के दाम 4 रुपये प्रति लीटर तक गिर गए हैं.

देश की बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने लगातार तीसरे दिन पेट्रोल-डीज़ल सस्ता कर दिया हैं. शनिवार को दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल (Petrol Price Today) के दाम 23-24 पैसे प्रति लीटर तक कम हो गए है. वहीं, इस दौरान डीज़ल (Diesel Price Today) की कीमतों में 25-27 पैसे प्रति लीटर की गिरावट दर्ज की गई हैं. आपको बता दें कि 11 जनवरी से अभी तक पेट्रोल-डीज़ल के दाम 4 रुपये प्रति लीटर तक गिर गए हैं. दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसियों का कहना हैं कि चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते दुनियाभर में बिजनेस गतिविधियां कम हो गई हैं. इसीलिए कच्चे तेल की डिमांड में बड़ी गिरावट आई है. जिसका असर कीमतों पर पड़ा है. आने वाले दिनों में कच्चे तेल के और सस्ता होने की उम्मीद हैं. लिहाजा घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर घट सकती हैं.

पेट्रोल के नए प्राइस (Petrol Price in India on 8 February 2020)- शनिवार को दिल्ली में पेट्रोल के दाम गिरकर 72.45 रुपये प्रति लीटर पर आ गए हैं. वहीं, मुंबई में 78.11 रुपये प्रति लीटर हैं. इसके अलावा कोलकाता में 75.13 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 75.27 रुपये प्रति लीटर है. 

दिल्ली में गुरुवार को एक लीटर पेट्रोल के दाम गिरकर 72.89 रुपये के भाव पर आ गए हैं. इससे पहले 9 नवंबर को दिल्ली में पेट्रोल के दाम 73 रुपये प्रति लीटर के नीचे आए थे. आपको बता दें कि 10 जनवरी के बाद से अब तक पेट्रोल और डीज़ल 3 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा सस्ते हो चुके हैं.

नए साल में आम आदमी को महंगाई से थोड़ी राहत मिली हैं. क्योंकि पेट्रोल-डीज़ल  की कीमतें 3 महीने के निचले स्तर पर आ गई हैं. दिल्ली में गुरुवार को एक लीटर पेट्रोल के दाम गिरकर 72.89 रुपये के भाव पर आ गए हैं. इससे पहले 9 नवंबर को दिल्ली में पेट्रोल  के दाम 73 रुपये प्रति लीटर के नीचे आए थे. आपको बता दें कि 10 जनवरी के बाद से अब तक पेट्रोल और डीज़ल 3 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा सस्ते हो चुके हैं. एक्सपर्ट्स इसके पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को मुख्य वजह बता रहे हैं. उनका कहना हैं कि चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस के चलते क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल के दाम एक महीने में 27 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए हैं. इसीलिए घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीज़ल लगातार सस्ता हो रहा हैं. एक्सपर्ट्स आने वाले दिनों में भी पेट्रोल के दाम और गिरने का अनुमान लगा रहे हैं.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. RBI ने रेपो रेट को 5.15 फीसदी पर बरकरार रखा है. MPC के सभी 6 सदस्यों ने ब्याज दरें नहीं बदलने के पक्ष में मत दिया हैं. लगातार दूसरी बैठक में रेपो दर को स्थिर रखा गया है. वहीं, रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी पर बरकरार है. रिजर्व बैंक ने CRR 4 फीसदी और SLR 18.5 फीसदी पर बनाए रखा है. RBI ने इससे पहले लगातार 5 बार ब्याज दरों में कटौती की थी. RBI द्वारा ब्याज दरों में बदलाव नहीं किए जाने के असर निवेशकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) यानी FD पर पड़ेगा. आइए जानते हैं कैसे ब्याज दरों बदलाव नहीं होने का असर FD पर होगा...

निवेशकों के FD पर होगा असर - ब्याज दरों को बनाए रखने के आज के फैसले का मतलब यह होगा कि बैंक द्वारा एफडी दरों में कोई बदलाव आंतरिक कारकों के कारण होगा. जिसमें विभिन्न बैंकों की फंड जरूरतें शामिल हैं. RBI ने पिछले साल लगातार 5 बार रेपो रेट घटाया था. रेपो रेट में कटौती का असर फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले रिटर्न पर पड़ा था. दिसंबर 2019 में RBI ने ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया था. इसके बाद SBI ने निश्चित समय के लिए FD पर ब्याज दरें 15 बेसिस प्वाइंट घटा दी थीं.

10 जनवरी 2020 से एसबीआई के एक साल के एफडी पर ब्याज दर 6.10 फीसदी है, जबकि नवंबर 2019 को इस पर ब्याज दर 6.25 फीसदी थी. वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक साल के फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर 6.60 फीसदी है जो नवंबर 2019 को 6.75 फीसदी थी. इसके पहले, अगस्त 2019 में आम लोगों के लिए एफडी पर ब्याज दर 6.8 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.3 फीसदी थी.

वरिष्ठ नागरिकों पर होता सबसे ज्यादा असर - फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें घटने का सबसे ज्यादा असर वरिष्ठ नागरिकों पर होता है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी, इनकम का बेहतर जरिया है. एफडी की ब्याज दरें घटने से पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे टर्म डिपॉजिट और सीनियर सीटिजन सेविंग स्कीम्स वरिष्ठ नागरियों के बेहतर विकल्प हो सकती है.

2019-20 में 5 प्रतिशत रहने के अनुमान पर कायम - रिजर्व बैंक ने आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 में 5 प्रतिशत रहने के अनुमान को बनाये रखा. उसने कहा कि आर्थिक वृद्धि 2020-21 में सुधरकर 6 प्रतिशत हो सकती है. उसने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर अभी भी अपनी संभावित क्षमता से कम है. 

टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने बुधवार को 11 सर्किल्स में 3जी नेटवर्क बंद कर दिया है. कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी. Airtel का प्लान इस साल मार्च तक मौजूदा स्पेक्ट्रम को बूस्ट कर अपने 4G नेटवर्क पर रिफार्म करने का है. टेलीकॉम सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच एयरटेल का लक्ष्य सब्सक्राइबर्स को हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है. बता दें कि कंपनी ने पिछले साल अगस्त में मार्च 2020 तक देशभर में 22 टेलीकॉम सर्किल्स में अपने 3G नेटवर्क बंद करने की घोषणा की थी. 3G नेटवर्क बंद कर कंपनी अपना फोकस ज्यादा खर्च करने वाले यूजर्स को बेहतर सर्विस देने पर बढ़ाएगी.
भारती एयरटेल ने पिछले साल जुलाई में 3G नेटवर्क बंद करने की प्रक्रिया शुरू की थी. कंपनी ने कोलकाता के बाद हरियाणा और पंजाब सर्किल्स में 3जी सर्विस बंद की थी. हालांकि, टेलीकॉम कंपनी फीचर फोन ग्राहकों को 2G सर्विस प्रदान कर रही है. 

एयरटेल ने NCR में बंद की 3जी सेवाएं - इसके पहले, एयरटेल ने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली एनसीआर में अपनी 3जी सेवाओं को बंद कर दिया. भारती एयरटेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोपाल विट्टल ने बुधवार को निवेशकों से कहा, '11 सर्किल्स में 3G सेवा बंद हो चुकी है और हमारे सभी 2100MHz स्पेक्ट्रम मार्च तक 4G नेवटर्क्स तक रिफार्म्ड होंगे.'
मोबाइल फोन के लिए वॉयस ओवर लॉन्ग-टर्म इवोलूशन (VoLTE) एक हाई स्पीड वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम है. भारत में सिर्फ रिलायंस जियो पूरी तरह 4G-VoLTE नेटवर्क ऑपरेट करती है. रेवेन्यू के लिहाज से एयरटेल देश के दूसरे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर का प्लान धीरे-धीरे 2G और 4G नेवटर्क पर फोकस है. वोडाफोन आइडिया अब 2G, 3G और 4G पर ऑपरेट करती है. 

1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 87 हजार करोड़ की जगह सिर्फ 55 हजार करोड़ रुपए का फंड जारी करने का प्रस्ताव पेश किया गया है.

नई दिल्ली. मोदी सरकार की ओर से 1 फरवरी को पेश किए गए आम बजट 2020 में किसान सम्मान निधि फंड में भारी कटौती की गई है. 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 87 हजार करोड़ की जगह करीब 55 हजार करोड़ रुपये का फंड जारी करने का प्रस्ताव पेश किया गया है. वजह ये है कि स्कीम के पहले चरण में सरकार ने जितनी रकम के खर्च का अनुमान लगाया था उससे बहुत कम रकम खर्च हुई है. सभी 14.5 करोड़ किसान पैसा नहीं ले पाए हैं. मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर के सूत्रों के मुताबिक 2 फरवरी तक 8.38 करोड़ लोगों के खाते में अब तक पैसा आ चुका हैं. वहीं, 6.12 करोड़ लोगों को खाते में जल्द सरकार 37 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर करेगी. लेकिन, ये पैसा आधार वेरिफिकेशन पास करने वाले किसानों को ही मिलेगा.

कैसे हुआ 87 हजार करोड़ का फंड - जब दिसंबर 2018 में इस स्कीम को शुरू किया गया तो पैसा सिर्फ लघु एवं सीमांत किसानों को ही दिया जाना था. इस दायरे में केवल 12 करोड़ ही किसान आते थे. इसलिए इसका बजट 75 हजार करोड़ रुपये तय किया गया था. लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में वादा किया कि मोदी सरकार दोबारा सत्ता आई तो सभी 14.5 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा. बीजेपी जीत गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल की पहली कैबिनेट बैठक में वादा पूरा कर दिया. इसके साथ ही स्कीम का फंड बढ़ाकर 87 हजार करोड़ कर दिया गया.  

14 करोड़ किसानों को ही मिलेगा इस योजना का लाभ

सरकार के मुताबिक, कुछ राज्यों में चालू वित्त वर्ष के लिए यह बजट का आवंटन रिवाइज्ड अनुमान के आधार पर किया गया है. इन राज्यों में पश्चिम बंगाल भी शामिल है. बता दें कि पश्चिम बंगाल ने अभी तक इस स्कीम को अपने राज्य में लागू नहीं किया है. वहीं, कुछ अन्य राज्य सरकारों के पास किसानों को लेकर पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध नहीं है.साथ ही, इस स्कीम के लिए लाभ लेने वाले अनुमानित किसानों की संख्या को घटा दिया गया है. अकेले पश्चिम बंगाल में करीब 71 लाख किसान परिवार हैं, जिनमें से एक भी परिवार को पैसा नहीं लेने दिया गया है. जहां 14.5 करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाना था, वहां अब 14 करोड़ किसानों को ही इस योजना का लाभ देने का प्रोजेक्शन किया गया है. 

किसानों के लिए बजट में क्या - बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार बजट में फल और सब्जी जैसे जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों की ढुलाई के लिए किसान रेल का प्रस्ताव किया है. इसके तहत इन उत्पादों को रेफ्रिजरेटेड डिब्बों में ले जाने की सुविधा होगी. विशेष किसान रेलगाड़ियां सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत चलाने का प्रस्ताव है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए किसानों के लाभ के लिए कई उपायों का प्रस्ताव किया.
उन्होंने कहा कि जल्द खराब होने वाले सामान के लिए राष्ट्रीय शीत आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण को रेलवे पीपीपी मॉडल में किसान रेल बनाएगी. इससे ऐसे उत्पादों की ढुलाई तेजी से हो सकेगी. उन्होंने कहा कि सरकार का चुनिंदा मेल एक्सप्रेस और मालगाड़ियों के जरिये जल्द खराब होने वाले सामान की ढुलाई के लिये रेफ्रिजरेटेड पार्सल वैन का भी प्रस्ताव है. जल्द खराब होने वाले फल, सब्जियों, डेयरी उत्पादों, मछली, मांस आदि को लंबी दूरी तक ले जाने के लिये इस तरह की तापमान नियंत्रित वैन की जरूरत है.

पंजाब नेशनल बैंक को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में एकल आधार पर 492.28 करोड़ रुपये का घाटा जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में उसे 246.51 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। समीक्षाधीन तिमाही में बैंक ने खराब ऋणों के लिए 4,445.36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। यह साल भर पहले की गई 2,565.77 करोड़ रुपये की रकम से अतिरिक्त था।

पीएनबी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि बैंक की कुल आय दिसंबर, 2019 को समाप्त तिमाही में 15,967.49 करोड़ रुपये रही जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में उसकी आय 14,854.24 करोड़ रुपये थी।   बैंक ने आलोच्य तिमाही में फंसे कर्ज के एवज में 4,445.36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह राशि 2,565.77 करोड़ रुपये रही थी।

 एकीकृत आधार पर बैंक को 2019-20 की तीसरी तिमाही में 501.93 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। वहीं एक साल पहले इसी तिमाही में उसे 249.75 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।  एकीकृत आधार पर आलोच्य तिमाही में आय 16,211.24 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में 15,104.94 करोड़ रुपये थी।

 बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) दिसंबर 2019 को समाप्त तिमाही में सकल कर्ज का कम होकर 16.30 प्रतिशत रही। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 16.33 प्रतिशत थी।  बैंक का शुद्ध एनपीए (फंसा कर्ज) आलोच्य तिमाही में घटकर 7.18 प्रतिशत रहा जो एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में 8.22 प्रतिशत थी। 

मजबूत विदेशी संकेतों को देखते हुए घरेलू शेयर बाजार में आज तेजी का माहौल देखने को मिला. सुबह करीब 11 बजे सेंसेक्स 710 अंक उछलकर 40,583 अंकों पर और निफ्टी 210 अंक उछलकर 11,918 अंकों पर पहुंच गया. सेंसेक्स में बैंकिंग, ऑटो, ऑयल एंड गैस, आईटी-टेक कंपनियों के शेयरों में तेज लिवाली का माहौल बना हुआ है. इस कारण शेयर बाजार में तेजी का माहौल देखने को मिल रहा है.

इससे पहले सुबह करीब 10.29 बजे सेंसेक्स 560 अंकों की तेजी के साथ 40,432 अंकों पर और निफ्टी 167 अंकों की तेजी के साथ 11875 अंकों पर कारोबार कर रहा था. वैश्विक बाजारों में आई तेजी के कारण घरेलू शेयर बाजार में भी तेजी देखने को मिली.

सुबह बंबई स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक कल के मुकाबले जोरदार तेजी के साथ 40,178.74 पर खुला और 40,382.51 तक उछला. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी तेजी के साथ 11,786.25 पर खुला और 11,857.10 तक पहुंचा.

शुरुआती कारोबार में हीरो मोटोकॉर्प, हिंडाल्को, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस, आईसीआईसीआई बैंक, आईओसी, बजाज फिनसर्व, भारती इंफ्राटेल, वेदांता, जी इंटरटेनमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, डॉ रेड्डीज लैब्स, ओएनजीसी, एसबीआई और टेक महिंद्रा में मजबूती के साथ कारोबार शुरू हुआ.

 चीन में 11,800 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं. इसके कारण एप्पल ने चीन में अपने सभी स्टोरों को 9 फरवरी तक अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है. कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण एप्पल 9 फरवरी तक चीन में अपने सभी कॉर्पोरेट कार्यालयों, दुकानों और संपर्क केंद्रों को बंद रखेगा. जिसके कारण एप्पल के सीईओ टिम कुक ने आशंका जताई थी कि कंपनी के संचालन पर इसका असर पड़ सकता है. वहीं एप्पल आपूर्तिकर्ता फॉक्सकॉन का कहना है इसके चलते चीन में iPhone SE 2 के लॉन्च में देरी नहीं होगी.
फॉक्सकॉन का कहना है कि इसके लिए 'बैकअप योजना' बनाइ गई है. वहीं एप्पल के उत्पादन को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए उपाय किए गए हैं. बता दें कि एप्पल अगले महीने iPhone SE 2 लॉन्च करने की योजना बना रहा है. ऐसे में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण हुए लॉक डाउन के कारण एप्पल के सीईओ टिम कुक ने एप्पल के उत्पादन में असर पड़ने कि बात कही थी. वहीं फोनएरिना ने शुक्रवार को मायड्राइवर्स के हवाले से बताया कि एप्पल ने बहुप्रतीक्षित iPhone SE 2 का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है.

जहां तक ​​iPhone SE 2 की बात कि जाए तो इसमें कुछ नए फीचर्स होंगे. खबर है कि यह फोन 3GB रैम, 64GB और 128GB इंटरनल स्टोरेज और एप्पल A13 प्रोसेसर के साथ आने वाला है. इसके साथ ही इसमें मोटे बेजल्स के साथ 4.7 इंच का डिस्प्ले आने की बात कही गई है. वहीं कोवेन के एक प्रसिद्ध विश्लेषक कृष शंकर ने दावा किया है कि iPhone SE 2 की कीमत लगभग $ 475 तक होगी. बता दें कि चीन के कोरोना वायरस के कारण मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर अब 304 तक पहुंच गया है. वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों ने14 हजार से भी ज्यादा लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि की है.

चीन में कोरोनावायरस का प्रकोप गहराने के कारण विदेशी संकेत कमजोर रहने से घरेलू शेयर बाजार में गिरावट आई.

कोरोनावायरस का प्रकोप गहराने के कारण पैदा हुई आर्थिक चिंता के चलते एशियाई बाजारों में नरमी का रुख बना हुआ था.

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को तेजी के साथ हुई लेकिन विकवाली के दबाव में बाजार जल्द ही टूट गया. चीन में कोरोनावायरस का प्रकोप गहराने के कारण विदेशी संकेत कमजोर रहने से घरेलू शेयर बाजार में गिरावट आई. सेंसेक्स सुबह 9.39 बजे पिछले सत्र के मुकाबले 157.81 अंकों यानी 0.38 फीसदी की गिरावट के साथ 41,198.66 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी 49.55 अंकों यानी 0.41 फीसदी की कमजोरी के साथ 12,079.95 पर कारोबार कर रहा था. इससे पहले बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 181.48 अंकों की तेजी के साथ 41,380.14 पर खुला लेकिन विकवाली के दबाव में टूटकर 41,023.13 पर आ गया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी पिछले सत्र के मुकाबले बढ़त के साथ 12,147.75 पर खुला और 12,150.30 तक उछला, लेकिन जल्द ही फिसल कर 12,072.65 पर आ गया. पिछले सत्र में निफ्टी 12,129.50 पर बंद हुआ था. चीन में कोरोनावायरस का प्रकोप गहराने के कारण पैदा हुई आर्थिक चिंता के चलते एशियाई बाजारों में नरमी का रुख बना हुआ था. एशियन स्टॉक्स टूटकर करीब सात सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया है. जानकार बताते हैं कि कोरोनावायरस के कहर से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर असर पड़ने के कारण शेयर बाजारों में मंदी का माहौल है. 

कोरोना वायरस से 16 देश प्रभावित- कोरोना वायरस से अबतक दुनिया के तकरीबन 16 देश प्रभावित हो चुके हैं. बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात में भी पहला मामला दर्ज किया गया. इसके अलावा अभी तक थाईलैंड में 14, हॉन्गकॉन्ग में 8, ताइवान में 8, जापान, सिंगापुर, मकाऊ और मलेशिया में 7-7, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में 5-5, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और जर्मनी में 4-4, कनाडा और वियतनाम में 2-2, कंबोडिया और नेपाल में 1-1 मामले सामने आ चुके हैं.

वुहान शहर में सबसे अधिक असर- एक जानकारी के मुताबिक चीन में 28 जनवरी तक 31 प्रांतों में कोरोना वायरस के संदिग्ध मामले पाए गए हैं. अभी तक चीन के वुहान शहर में सबसे अधिक 3554 मामले पाए गए हैं. इस शहर में 500 के करीब भारतीय रहते हैं. भारत की सरकार इन भारतीयों को लेकर गंभीर है और स्थिति पर नजर रखे हुए है. इस शहर में इस वायरस के चलते अबतक 125 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 1239 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

तेजी से फैल रहा है वायरस- वुहान के बाद अब हुबई प्रांत में 840 नए मामले सामने आए हैं. वहीं पूरे चीन में अब तक करीब 6000 से अधिक मामले पाए जा चुके हैं. इन लोगों में उन लोगों की संख्या ज्यादा है जिनकी उम्र 60 के पार है. इसके साथ ही हांगकांग में 8, मकाउ में 7 और ताइवान में 8 मामले सामने आ चुके हैं.

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल ने उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक में स्‍वतंत्र निदेशक पद से इस्‍तीफा दे दिया है. बैंक ने इसकी जानकारी बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) को दी है. बैंक की ओर से दी गई जानकारी में सचिन बंसल के इस्‍तीफे की कॉपी भी अटैच है.

क्‍या है इस्‍तीफे की वजह - सचिन बंसल ने अपने पत्र में बताया है कि उनकी मुख्‍य ईकाई ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया है. ऐसे में यह कॉरपोरेट प्रशासन के हित में है, इसलिए मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए. सचिन बंसल ने स्‍पष्‍ट किया है कि उन्होंने किसी और वजह से इस्‍तीफा नहीं दिया है.

पत्र में सचिन बंसल ने बोर्ड मेंबर्स को संबोधित करते हुए लिखा है, ''मैं 27 जनवरी, 2020 से बैंक के एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में इस्तीफा देना चाहता हूं. मेरे स्वामित्व वाली एक इकाई ने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए RBI को एक आवेदन किया है. ऐसे में मुझे लगता है कि स्वामित्व और कॉरपोरेट प्रशासन के हित में ये उचित है कि मैं अपने पद को छोड़ दूं. मेरे लिए बैंक के बोर्ड में काम करना एक बेहद खुशी की बात है और मैं बैंक के प्रबंधन के सफलता की कामना करता हूं. ''

बता दें कि सचिन बंसल अपनी कंपनी नवी टेक्नोलॉजीज के माध्यम से फाइनेंसल सर्विस सेक्टर पर फोकस कर रहे हैं. मई 2018 में फ्लिपकार्ट से निकलने के बाद बंसल ने नवी टेक्नोलॉजीज की स्थापना की थी. इसकी माइक्रो फाइनेंस कंपनी चैतन्य इंडिया फाइनेंस क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड ने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया है. इसी ईकाई का जिक्र सचिन बंसल ने अपने इस्‍तीफा पत्र में किया है. 

शेयर में आई तेजी - इस खबर के बीच मंगलवार को उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर में 1.50 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली. बैंक के शेयर दोपहर 11 बजे 55.20 रुपये प्रति के हिसाब से कारोबार कर रहे थे.

पिछले दिनों आपने पढ़ा कि इटली के कई गांवों में खूबसूरत घर एक डॉलर से दस डॉलर के बीच बिक रहे हैं. बहुत से लोगों ने ये घर खरीदे भी. अब इटली में पहाड़ पर बसे एक और खूबसूरत कस्बे में एक डॉलर यानि केवल 70 रुपए में आलीशान घर और बंगले बिकाऊ हैं.

हम लोगों ने कुछ समय पहले पढ़ा था कि इटली के कुछ खाली पड़े गांवों में लोगों को बसाने के मकसद से एक डॉलर से दस डॉलर में घर बिक रहे हैं. कुछ गांवों में तो लोगो को मुफ्त में घर देने की पेशकश की गई है. बशर्ते कि घर में आने वाली दंपत्ति वहां कम से कम पांच से दस साल रहे. अब इटली के एक और खूबसूरत कस्बे में ऐसी ही पेशकश की गई है.
जिस दौर में घर और प्रापर्टी के रेट लगातार आसमान की ओर जा रहे हों, उसमें ये पेशकश हैरान करने वाली है. खासकर तब जबकि घर पुराने तो हों लेकिन खूबसूरत हों और उनके आसपास का कैनवॉस भी उतना ही सुंदर लगने वाला हो. अब इटली के जिस कस्बे में घर केवल एक डॉलर यानि केवल 70 रुपए में बिकाऊ हैं. वो चाहते हैं कि कुछ नए परिवार या दोस्तों का ग्रुप वहां आए. साथ ही कई प्रापर्टीज खरीदकर वहां रहे.
जैसा कि आप तस्वीरों में देख रहे होंगे कि ये कस्बा कितना खूबसूरत लग रहा है. इसका नाम बिसासिया है. ये इटली के दक्षिणी हिस्से कैंपानिया का इलाका है. यहां करीब 90 घर खाली पड़े हैं. बाजार में इसकी कीमत एक यूरो है. दरअसल इटली में गांव जितनी तेजी से खाली हो रहे हैं. उसके मद्देनजर स्थानीय निवासी इन इलाकों में लोगों को बेहद सस्ते में बुलाकर इसे आबाद करना चाहते हैं. 

यहां घर खरीदने पर क्या होगी सहूलियत - इटली के अन्य कस्बों में जहां खाली मकान सस्ते में बेचे जा रहे हैं, वहां समय सीमा में घर में निवेश कर उसे बेहतर करने और लंबे समय तक वहां रहने की बात है लेकिन बैसासिया में ऐसी कोई शर्त नहीं है कि आप कब तक पुराने मकान को खरीदने के बाद रेनोवेट करें या उसकी मरम्मत कराएं.

बैसासिया की एक खास ये भी है कि जब यहां के लोग बेहतर अवसर की तलाश में ये जगह छोड़कर दूसरे स्थानों पर गए तो इस संपत्ति को पूरी तरह स्थानीय अधिकारियों के हवाले कर गए.इसलिए यहां मकान लेने वालों को किसी तरह के कानूनी दांवपेच में फंसने की गुंजाइश भी नहीं है.

हालांकि ऐसी शिकायतें इटली के उन गांवों-कस्बों से आई हैं, जहां लोगों ने एक डॉलर या एक यूरो में मकान खरीद लिए लेकिन फिर वो मालिकाना हक के लिए मूल मालिक के साथ कानूनी दांवपेच में फंस गए.

कलात्मक तौर पर बनाया गया कस्बा - लिहाजा बैसासिया के अधिकारी लोगों को ऑफर कर रहे हैं यहां आइए, मकान या बंगला खरीदिए और फिर तेजी के साथ कानूनी प्रक्रिया भी पूरी कर लीजिए. कहीं कोई दिक्कत ही नहीं है.

बैसासिया नाम की ये जगह आमतौर पर कलात्मक तौर पर बनाई गई थी. इसमें लकड़ी का इस्तेमाल ज्यादा है. लेकिन इसके खाली होते जाने की दो वजहें हुईं. पहली लोग यहां से बेहतर अवसरों की तलाश में निकले तो कभी लौटे ही नहीं और दूसरी ये कि यहां कई भूकंप आते रहे हैं. हालांकि पिछला भूकंप 1980 में आया था.

गांव के लोग मेहनती और दोस्ताना - इस कस्बे को लोग जेंटल कस्बे के तौर पर भी जानते हैं. यहां के लोग हमेशा शिष्टाचार से भरे और मेहमानों का स्वागत करने के लिए जाने जाते रहे हैं. वो कड़ी मेहनत करने वाले भी रहे हैं. यहां के मेयर कहते हैं कि हम चाहते हैं कि ये जगह फिर गुलजार हो.

इसी तरह इटली में सिसिली का एक कस्बा बिवोना में भी घर एक डॉलर में बिक रहे हैं. यहां के स्थानीय लोगों को भी काफी दोस्ताना और मस्त रहने वाला जाता है. ऐसा भी कहा जा सकता है.  

नयी दिल्ली, मजबूत वैश्विक रुख के साथ सटोरियों के सौदे बढ़ाने से मंगलवार को वायदा कारोबार में सोना 203 रुपये चढ़कर 40,150 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में फरवरी महीने में डिलिवरी वाला सोना 203 रुपये यानी 0.51 प्रतिशत बढ़कर 40,150 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। इसमें 1,873 लॉट का कारोबार हुआ।

इसी प्रकार, अप्रैल डिलिवरी वाला सोना 208 रुपये यानी 0.52 प्रतिशत बढ़कर 40,269 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया। इसमें 455 लॉट का कारोबार हुआ। विश्लेषकों ने कहा कि वैश्विक बाजारों से सकारात्मक रुख के साथ प्रतिभागियों के नए सौदे करने से वायदा कारोबार में सोने के भाव में मजबूती आई। वैश्विक बाजार में न्यूयॉर्क में सोना 0.37 प्रतिशत बढ़कर 1,566 डॉलर प्रति औंस रहा।

नयी दिल्ली, कीमती धातु में मजबूत रुख के साथ प्रतिभागियों के सौदे बढ़ाने से मंगलवार को वायदा कारोबार में चांदी 238 रुपये उछल कर 46,939 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में मार्च महीने में डिलिवरी वाली चांदी 238 रुपये यानी 0.51 प्रतिशत बढ़कर 46,939 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गयी। इसमें 2,992 लॉट का कारोबार हुआ।
 
इसी प्रकार, मई डिलिवरी वाली चांदी 217 रुपये यानी 0.46 प्रतिशत बढ़कर 47,386 रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी। इसमें 16 लॉट का कारोबार हुआ। कारोबारियों ने कहा कि वैश्विक बाजारों से सकारात्मक रुख के साथ प्रतिभागियों के नए सौदे करने से वायदा कारोबार में चांदी के भाव में मजबूती आई। वैश्विक बाजार में न्यूयॉर्क में चांदी 0.15 प्रतिशत बढ़कर 18.10 डॉलर प्रति औंस रही।

घरेलू शेयर बाजार में गिरावट के साथ रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 71.17 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। मुद्रा डीलरों ने कहा कि अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं की तुलना में डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने रुपये में गिरावट को थामने का प्रयास किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया गिरावट के साथ 71.17 रुपये प्रति डॉलर पर खुला।

रुपया सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 71.11 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच , बंबई शेयर बाजार का सेसेंक्स शुरुआती कारोबार में 136.94 अंक यानी 0.33 प्रतिशत घटकर 41,391.97 अंक पर चल रहा था। ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.49 प्रतिशत गिरकर 64.88 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। शेयर बाजार के पास मौजूद आरंभिक आंकड़ों के मुताबिक , विदेशी संस्थागत निवेशक सोमवार को 5.87 करोड़ रुपये के शेयरों के शुद्ध लिवाल रहे।

कमजोर वैश्विक रुख के बीच एचडीएफसी , कोटक बैंक और आईटीसी जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट से सेंसेक्स मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 150 अंक गिर गया। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 150.97 अंक यानी 0.36 प्रतिशत घटकर 41,377.94 अंक पर आ गया। इसी प्रकार , नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी शुरुआती दौर में 45.70 अंक यानी 0.37 प्रतिशत गिरकर 12,178.85 अंक पर आ गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में कोटक बैंक में सबसे ज्यादा 1.25 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इसके अलावा टाटा स्टील , हीरो मोटोकॉर्प , एचडीएफसी , एचडीएफसी बैंक , पावरग्रिड और टाइटन भी नीचे रहे। इसके विपरीत , रिलायंस इंडस्ट्रीज , इंडसइंड बैंक , एनटीपीसी , एसबीआई , आईसीआईसीआई बैंक , ओएनजीसी और एचसीएल टेक लाभ में रहे। कारोबारियों के मुताबिक , कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के अनुरूप नहीं होने और वैश्विक बाजारों में नकरात्मक रुख के बीच घरेलू निवेशक सावधानी बरत रहे हैं।

शंघाई , हांगकांग , तोक्यो और सियोल के बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा। इस बीच , ब्रेंट कच्चा तेल 0.48 प्रतिशत गिरकर 64.89 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। शेयर बाजार के पास मौजूद आरंभिक आंकड़ों के मुताबिक , विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध रूप से 5.87 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक 1,419.85 करोड़ रुपये के शेयरों के शुद्ध बिकवाल रहे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव तकरीबन 10 दिनों की ऊंचाई पर चला गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई तेजी से घरेलू वायदा में भी तेल के भाव में तेजी का रुझान बना हुआ था. ली‍बिया में तनाव से कच्चे तेल की कीमत हुई प्रभावितअंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 दिनों की ऊंचाई पर गया भावदेश में पेट्रोल-डीजल कीमत पर भी आगे हो सकता है असर
तनावग्रस्त लीबिया से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से सोमवार को तेल के दाम में एक फीसदी से ज्यादा की तेजी आई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव तकरीबन 10 दिनों की ऊंचाई पर चला गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई तेजी से घरेलू वायदा में भी तेल के भाव में तेजी का रुझान बना हुआ था. 

घरेलू वायदा में भी तेजी - मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कच्चे तेल के फरवरी अनुबंध में सुबह 10.50 बजे 57 रुपये यानी 1.37 फीसदी की तेजी के साथ 4,219 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले तेल का भाव 4,222 रुपये प्रति बैरल तक उछला.  

फिर बढ़त सकती है कीमत - अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी आने से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर इजाफा हो सकता है. गौरतलब है कि लगातार पांच दिनों की कटौती के बाद दिल्ली में पेट्रोल 72 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है और डीजल का दाम भी 80 पैसे प्रति लीटर कम हो गया है. लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतों में ऐसे ही तेजी रही तो अगले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर से तेजी आ सकती है.

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार सोमवार को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम घटकर क्रमश: 74.98 रुपये, 77.58 रुपये, 80.58 रुपये और 77.89 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं.  

क्यों आई कच्चे तेल में तेजी - काफी लंबे अरसे से राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहे लीबिया की ताजा घटना से तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं से कीमतों में तेजी आई है. लीबिया में फौज द्वारा एक पाइपलाइन को बंद किए जाने के बाद नेशनल ऑयल कॉरपोरेशन ने कहा कि उसने दक्षिण-पश्चिम इलाके में दो ऑयलफील्ड को बंद करना शुरू कर दिया है.

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के मार्च डिलीवरी अनुबंध में 1.31 फीसदी की तेजी के साथ 65.70 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले ब्रेंट क्रूड का भाव 66 डॉलर प्रति बैरल तक उछला. बीते नौ जनवरी के बाद का ब्रेंट क्रूड के दाम का यह सबसे ऊंचा स्तर है.

पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार दूसरे दिन उपभोक्ताओं को राहत दी गई है. तीन दिनों से जारी बढ़ोतरी के बाद रविवार को पेट्रोल-डीजल के दाम में कमी आई थी. सोमवार को फिर से रेट में थोड़ी कटौती की गई.

सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल का दाम 10 पैसे प्रति लीटर घटकर 75.80 रुपये प्रति लीटर हो गया. इसी तरह डीजल 5 पैसे प्रति लीटर घटकर 69.06 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

कितना हुआ अब रेट - इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में सोमवार को पेट्रोल का दाम घटकर क्रमश: 75.80  रुपये, 78.39 रुपये, 81.39 रुपये और 78.76 रुपये प्रति लीटर हो गया है. इसी प्रकार कोलकाता में डीजल 71.43 रुपये, मुंबई में 72.42 रुपये और चेन्नई में डीजल 72.98 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

नए साल में पहली बार रविवार को तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती की थी. रविवार को दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल के दाम में 11 पैसे जबकि चेन्नई में 12 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई है जिसके बाद दिल्ली में पेट्रोल का दाम फिर 76 रुपये लीटर से नीचे आ गया. 

अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर - गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. कीमतें काफी ऊपर हो गई हैं, जिसकी वजह से अगले दिनों में भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बना रहेगा.

कच्चे तेल में जारी है उतार-चढ़ाव - अमेरिका ने इराक के एक एयरपोर्ट पर स्ट्राइक कर ईरान की सेना के सबसे हाई प्रोफाइल सैन्य अधिकारी मेजरल जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था जिसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है. अपने सैन्य अधिकारी की हत्या से ईरान गुस्से से उबल रहा है. उसने पलटवार करते हुए बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे गए.

इस तनातनी की वजह से लंदन के ब्रेंट क्रूड का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नरमी दिखाने के बाद इसमें नरमी आई है. अब ब्रेंट क्रूड 65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है.

नई दिल्ली: सेंसेक्स में 300 अंको की बढ़त और मजबूत रुपये के बीच सोने के दाम (Gold Price Today) भी अब गिरने लगे हैं. सोमवार को MCX पर सोने की कीमत 126 रुपये की गिरावट के साथ 39,745 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. वहीं चांदी में भी 226 रुपये की गिरावट के साथ 46,685 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है.

दिल्ली में पिछले सप्ताह ये रहे सोने के दाम
हमारे सहयोगी ज़ीबिज़ के अनुसार, विदेशों में सोने के दामों में रही तेजी का असर पिछले सप्ताह दिल्ली सराफा बाजार पर भी देखा गया. दिल्ली सराफा बाजार में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोने के दामों में 380 रुपये की तेजी रही. सोना 41,670 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. सोना बिटुर भी तेजी के साथ सप्ताहांत पर 41,500 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. आठ ग्राम वाली गिन्नी 100 रुपये की साप्ताहिक तेजी के साथ 31,000 रुपये हो गई. 

एक दिन में 1,160 रुपये टूटा सोना
यह लगातार पांचवां सप्ताह है जब स्थानीय बाजार में सोने की कीमत बढ़ी है. इन पांच सप्ताह के दौरान यह 2,570 रुपये महंगा हो चुका है. बीते सप्ताह इसमें भारी उतार-चढ़ाव देखा गया. बुधवार को यह 42,300 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गया था. हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से अगले ही दिन 1,160 रुपये टूट गया. चांदी में विदेशों में नरमी रही जिससे स्थानीय बाजार में भी यह 475 रुपये लुढ़ककर सप्ताहांत पर 48,025 रुपये प्रति किलोग्राम रह गयी.चांदी के दामों में आई गिरावट
चांदी हाजिर 475 रुपये गिर कर सप्ताहांत पर 48,025 रुपये प्रति किलोग्राम रह गयी. चांदी वायदा 616 रुपये की गिरावट में 46,911 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गयी. सिक्का लिवाली और बिकवाली 40-40 रुपये की साप्ताहिक बढ़त के साथ क्रमश: 980 रुपये और 990 रुपये प्रति इकाई पर पहुंच गये.

सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार हरे निशान के साथ खुला है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 128.86 अंक यानी 0.31 फीसदी की बढ़त के बाद 41,728.58 के स्तर पर खुला.
नई दिल्ली. सोमवार को हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी उछाल दर्ज किया गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 128.86 अंक यानी 0.31 फीसदी की बढ़त के साथ 41,728.58 के रिकॉर्ड स्तर पर खुला. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी  46.55 अंक यानी 0.38 फीसदी की बढ़त के बाद 12,303.35 के स्तर पर खुला.

वैश्विक संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत आज अच्छी तेजी के साथ हुई है. दिग्गज शेयरों के साथ ही मिड और स्मॉलकैप शेयर में भी तेजी नजर आ रही है. बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.28 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.15 फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है. तेल-गैस शेयरों में भी आज जोरदार तेजी नजर आ रही है. बीएसई का ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.27 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है.  
दिग्गज शेयरों की बात करें, तो इंफोसिस, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, सन फार्मा, इंफ्राटेल, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक और एसबीआई के शेयर हरे निशान पर खुले. वहीं यस बैंक, टाटा मोटर्स और टीसीएस के शेयर लाल निशान पर खुले.

शुक्रवार को दिनभर के कारोबार के बाद शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ था. सेंसेक्स 147.37 अंक यानी 0.36 फीसदी की बढ़त के बाद 41,599.72 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं निफ्टी 40.90 अंक यानी 0.33 फीसदी की बढ़त के बाद 12,256.80 के स्तर पर बंद हुआ था.

           ओयो 1,200 कर्मचारियों की छंटनी करने वाली हैअब तक 12 फीसदी की छंटनी की जा चुकी है
होटल इंडस्‍ट्री की चर्चित कंपनी ओयो (Oyo) के कर्मचारियों की नौकरी खतरे में है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी अगले तीन से चार महीनों में भारत में 1,200 अन्य कर्मचारियों की छंटनी करने वाली है. भारत के अलावा चीन में भी कंपनी कर्मचारियों की संख्‍या कम करेगी. यहां बता दें कि स्‍टार्टअप कंपनी ओयो भारत और चीन में बजट होटल सर्विस मुहैया कराती है.

कितने कर्मचारियों पर संकट?

रिपोर्ट के मुताबिक ओयो चीन में कार्यरत 12 हजार कर्मचारियों में से 5 फीसदी को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है. वहीं भारत में कार्यरत 10 हजार कर्मचारियों में से 12 फीसदी की छंटनी की जा चुकी है. जिन विभागों में छंटनी हुई है उनमें सेल्स, सप्लाई और ऑपरेशन शामिल हैं. इसके अलावा आने वाले तीन से चार महीने में 1200 अन्‍य कर्मचारियों की भी छंटनी होगी.

क्‍या कहा कंपनी ने?

रितेश अग्रवाल द्वारा स्थापित फर्म ओयो ने एक बयान में कहा, "हम काम करने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक हैं. इसकी एक अहम वजह लगातार कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन, ईनाम और पहचान करने की हमारी क्षमता रही है." बहरहाल, ओयो के भीतर का यह संकट मासायोशी सोन की सॉफ्टबैंक के लिए चिंता बढ़ाने वाला है.

इस कंपनी को सॉफ्टबैंक ने विजन फंड के जरिए 1.5 बिलियन डॉलर इन्वेस्ट किए हैं. कंपनी की वैल्‍यू फिलहाल 10 बिलियन डॉलर है. वहीं ओयो रूम्स के पास एक लाख से अधिक कमरे हैं.  बता दें कि 'ओरावल' नाम से शुरू हुई वेबसाइट का नाम साल 2013 में ओयो रूम्‍स दिया गया. इसकी शुरुआत रितेश अग्रवाल ने की थी. बेहद कम समय में इस स्‍टार्टअप को पहचान और सॉफ्टबैंक का समर्थन भी मिल गया.

      नयी दिल्ली. देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी टीसीएस ने शुक्रवार को कहा कि साइरस मिस्त्री को पुन: कंपनी का निदेशक बनाने के राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के फैसले पर उच्चतम न्यायालय ने रोक लगा दी है। टीसीएस ने एनसीएलएटी के निर्णय के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी।

टीसीएस ने कहा, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय ने 10 जनवरी के आदेश में एनसीएलएटी के उक्त फैसले पर रोक लगा दी है और मामले को अगली तारीख की सुनवाई के लिये सूचीबद्ध कर दिया है।'' उच्चतम न्यायालय ने मिस्त्री को पुन: टाटा समूह का कार्यकारी चेयरमैन बनाने के एनसीएलएटी के निर्णय पर भी रोक लगा दी है। टीसीएस ने शेयर बाजार को अलग से बताया कि वह दिसंबर तिमाही के परिणाम की घोषणा 17 जनवरी को करेगी। कंपनी ने तीसरे अंतरिम लाभांश के भुगतान के लिये 25 जनवरी रिकॉर्ड तिथि तय की है। उसने कहा कि निदेशक मंडल परिणाम को मंजूरी देने के लिये 17 जनवरी को बैठक करेगा। निदेशक मंडल शेयरधारकों को तीसरा अंतरिम लाभांश देने पर भी विचार करेगा।

       अमेज़न इंडिया की बहुप्रतीक्षित ‘ग्रेट इंडियन सेल’ वापस आ गई है, इसमें 19 से 22 जनवरी, 2020 तक बड़ी बचत की पेशकश की जा रही है. जबकि प्राइम मेंबर्स को 12 घंटे का एक्सक्लूसिव अर्ली एक्सेस मिलेगा, इनके लिए यह सेल 18 जनवरी, 2020 को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी. इस सेल में स्मार्टफ़ोन, कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन एवं सौंदर्य, घर एवं रसोई, लार्ज अप्लाइंसेस, टीवी, रोजाना इस्तेमाल किये जाने वाले प्रोडक्ट्स पर शानदार डील्स मिलेगी. साथ ही, ग्राहक अमेजन.इन पर सैकड़ों कैटेगरी में 20 करोड़ से ज्यादा प्रोडक्ट्स की खरीदारी कर सकते हैं.

ग्रेट इंडियन सेल के दौरान खरीदारी करने वाले ग्राहक एसबीआई क्रेडिट कार्ड और ईएमआई के साथ 10 फीसदी  का अतिरिक्त इंस्टेंट डिस्काउंट प्राप्त कर सकेंगे. ग्राहक बजाज फिनसर्व ईएमआई कार्ड, अमेज़ॅन पे आईसीआईसीआई क्रेडिट कार्ड और ईएमआई एवं चुनिंदा डेबिट और क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर नो-कॉस्ट ईएमआई के साथ 12 करोड़ से अधिक उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं. ग्रेट इंडियन सेल में ग्राहक बड़े ब्रांड्स पर बड़ी बचत प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा अमेजन की इको रेंज, फायर टीवी स्टिक और किंडल ईडीडर्स जैसे अमेज़न डिवाइसेस पर शानदार डील्स पा सकते हैं. अमेजन ग्रेट इंडियन सेल में ग्राहकों के लिए बेहतरीन भारतीय प्रोडक्ट पेश किए जाएंगे. यहां न केवल बड़े ब्रांड मिलेंगे, बल्कि छोटे और मध्यम व्यवसायों के अनूठे उत्पाद, इनोवेटिव टेक प्रोडक्ट्स, भारतीय स्टार्टअप्स के हेल्थ फूड प्रोडक्ट्स और भारत के प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के कारीगरों, बुनकरों और आदिवासी समुदाय के पारंपरिक हैंडीक्राफ्ट और बुनाई पेश की जाएंगी. अमेजन ग्रेट इंडियन सेल ग्राहकों को भारत के कारीगरों, महिला उद्यमियों और एमएसएमई द्वारा पेश की गई विशाल प्रोडक्ट रेंज में से खरीदारी का मौका प्रदान करेगी. इतना ही नहीं, स्टार्ट-अप और उभरते हुए ब्रांड बड़ी संख्या में क्रिएटिव गिफ्टिंग प्रोडक्ट, खास गैजेट और हर दिन के लिए इनोवेटिव सॉल्यूशंस पेश करेंगे.

अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से मिले सकारात्मक संकेतBSE सेंसेक्स 113 अंकों की तेजी के साथ 41,585 पर खुलाNSE का निफ्टी 56 अंकों की तेजी के साथ 12,271 पर खुला
ग्‍लोबली मिल रहे पॉजिटिव संकेतों के बीच सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में जबरदस्‍त तेजी दर्ज की गई. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स 41 हजार 800 अंक के स्‍तर के करीब था तो वहीं निफ्टी ने नए रिकॉर्ड बनाए. निफ्टी पहली बार 12 हजार 300 अंक के स्‍तर को पार किया. यह अब तक का उच्‍चतम स्‍तर है. वहीं सेंसेक्‍स ने 20 दिसंबर 2019 को 41 हजार 809 अंक के उच्‍चतम स्‍तर को टच किया था. बाजार में तेजी का यही माहौल रहा तो आज यानी शुक्रवार को यह रिकॉर्ड टूट सकता है.

- इससे पहले सेंसेक्स 113 अंकों की तेजी के साथ 41,585 पर खुला. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 56 अंकों की तेजी के साथ 12,271 पर खुला.

- कारोबार के दौरान एसबीआई, टाटा स्‍टील, एनटीपीसी, सनफार्मा और बजाज फाइनेंस के शेयर में तेजी रही.

इन्‍फोसिस में 2 फीसदी की तेजी

देश की दिग्गज आईटी फर्म इन्फोसिस के शेयर में 2 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई. दरअसल, शुक्रवार को तीसरे क्‍वार्टर के नतीजों का ऐलान होने की संभावना है. यही वजह है कि तेजी आई है. बता दें कि बीते कुछ महीनों में इन्‍फोसिस लगातार विवादों में है. कंपनी की मैनेजमेंट पर गड़बड़ी के आरोप भी लगे. गौरतलब है कि ग्लोबल पॉजिटिव खबरों की वजह से गुरुवार को भी भारतीय शेयर बाजार में रौनक देखी गई. कारोबार के अंत में सेंसेक्‍स 634.61 अंक यानी 1.55 फीसदी की बढ़त के साथ 41,452.35 अंक पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी 190.55 अंक (1.58%) की तेजी के साथ 12,215.90 अंक पर रहा. कारोबार के दौरान सेंसेक्‍स  41,482 अंक के उच्‍चतम और 41,175 अंक के निचले स्‍तर पर आया.

दो दिन में दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने (Gold Rate 10 January 2020) के दाम 846 रुपये प्रति दस ग्राम तक कम हो गए है. वहीं, शुक्रवार को चांदी 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है. आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटने से विदेशी बाजार में सोने के दाम लुढ़क गए है.

नई दिल्ली. रुपये में आई मज़बूती और विदेशी बाजार में कीमतें गिरने से घरेलू बाजार में लगातार दूसरे दिन सोने के दाम लुढ़क गए है. दो दिन में दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने के दाम (Gold Rate 10 January 2020)- 846 रुपये प्रति दस ग्राम तक कम हो गए है. वहीं, शुक्रवार को चांदी 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है. आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटने से विदेशी बाजार में सोने के दाम लुढ़क गए है.

सोने की नए भाव (Gold Price 10 January 2020)- शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा में 99.9 फीसदी वाले सोने के दाम 40,634 रुपये से गिरकर 40,554 रुपये पर आ गए है. जबकि, 24 कैरेट सोने की कीमत 41400 रुपये प्रति दस ग्राम से गिरकर 40,634 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गई थी. इस दौरान सोने की कीमतें 766 रुपये प्रति दस ग्राम तक सस्ती हुई. आपको बता दें कि दो दिन में ही सोने के दाम 846 रुपये तक लुढ़क गए है.

बुधवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमतें 41,325 रुपये से बढ़कर 41,810 रुपये पर पहुंच गई है. इस दौरान कीमतों में 485 रुपये प्रति दस ग्राम की तेजी आई.

सेंसेक्‍स 634.61 अंक की बढ़त के साथ 41,452.35 अंक पर बंदनिफ्टी 190.55 अंक की तेजी के साथ 12,215.90 अंक पर रहा बीते एक हफ्ते से ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव कम होता दिख रहा है. वहीं ट्रेड वॉर के मोर्चे पर अमेरिका और चीन के बीच पहले चरण का समझौता होने वाला है. ग्‍लोबली पॉजीटिव खबरों की वजह से गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में रौनक देखी गई. कारोबार के अंत में सेंसेक्‍स 634.61 अंक यानी 1.55 फीसदी की बढ़त के साथ 41,452.35 अंक पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी 190.55 अंक (1.58%) की तेजी के साथ 12,215.90 अंक पर रहा. कारोबार के दौरान सेंसेक्‍स  41,482 अंक के उच्‍चतम और 41,175 अंक के निचले स्‍तर पर आया.

ईरान-अमेरिका में तनाव कम - ईरान के समक्ष अमेरिका के शांति प्रस्ताव के बाद वैश्विक बाजारों में सुधार देखा गया. इसे पश्चिमी एशिया में तनाव कम करने के लिए अहम माना जा रहा है. कारोबारियों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान नेतृत्व को शांति की पेशकश करने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में सुधार देखा गया.  इसके चलते घरेलू निवेशकों का रुख भी सकारात्मक रहा.  ट्रंप ने दावा किया कि इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले में किसी भी अमेरिकी को नुकसान नहीं पहुंचा है.  ट्रंप ने साथ ही ईरानी नेतृत्व के सामने शांति की पेशकश की है. इस नरम हालात में कच्‍चे तेल के भाव भी कम हो गए.

 चीन-अमेरिका में पहले चरण का समझौता - इस बीच, चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि चीन के उप-प्रधानमंत्री लियू हे अमेरिका के साथ "पहले चरण" का व्यापार समझौता करने के लिए न्‍यूयॉर्क जाएंगे. मंत्रालय ने कहा कि लियू सोमवार से बुधवार तक अमेरिका में रहेंगे. इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और चीन के बीच नये आंशिक व्यापार समझौते पर 15 जनवरी को हस्ताक्षर किए जाएंगे.

केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी कंपनियों को हर तरह के एसी में डिफॉल्ट तापमान 24 डिग्री रखना होगा। ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियएंसी और सरकार ने 1 जनवरी से यह एनर्जी परफॉर्मेंस तय किया है। एसी बनाने वाली कंपनियों के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी कंपनियां केवल उन एसी का निर्माण कर पाएंगी जिनका न्यूनतम तापमान 16 के बजाए 24 डिग्री पर तय होगा। नए नियम के पीछे सरकार का उद्देश्य ऊर्जा की बचत के साथ ही ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन को कम करना भी है। इस नियम से 1 वर्ष में करीब 4.6 अरब यूनिट ऊर्जा की बचत होगी। दुनिया में भारत, जापान के बाद दूसरा देश होगा, जहां यह नियम लागू होगा। इस पर एक रिसर्च करवाया था था और 2018 में एयर कंडीशनर में तापमान 24 डिग्री सेल्सियस निर्धारित करने की सिफारिश की थी।सभी प्रकार के 1 से लेकर के 5 स्टार रेटिंग वाले इन्वर्टर और सामान्य एसी 24 डिग्री पर पर शुरू होंगे। स्पलिट एसी का नया स्टैंडर्ड 3.30 से 5 और विंडो एसी के 2.70 से 3.50 के बीच होगा।

   भारत में सोने को लेकर काफी आकर्षण है साथ ही इससे सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। यही कारण है कि इस पीली धातु के प्रति लोगों का रुझान कम ही नहीं होता। हाल ही में सोने के दामों में बेहत तेजी दर्ज की गई। माना जा रहा है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी रहता है तो सोना नई ऊंचाई को छू सकता है। अमेरिका और चीन के बीच पिछले डेढ साल में व्यापारिक मसलों के टकराव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास की रफ्तार धीमी हो गई है| इसी कारण 2019 में सोने के दामों में उछाल आया|

       पिछले सप्ताह सोने के भावों में 29 डॉलर से अधिक बढ़ते हुई| ऐसा माना जा रहा है अभी सोने के भावों में और भी उछाल आएगा| 2019 में सोने में निवेश करने वाले लोगों को अच्छा रिटर्न मिला| ऐसे में माना जा रहा है कि इस साल भी सोने के भावों में निवेश करने वालों को अच्छी रिटर्न का बेहतर विकल्प मिल सकता है| वहीं देश में सोने का भाव 40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचकर नए रिकॉर्ड बना रहा है| एक्सपर्ट मान रहे हैं कि आने वाले तीन महीनों में ये भाव और अधिक बढ़ सकता है| चलिए जानते हैं सोने के दामों में तेजी होने के कारण|

      अमेरिकी एयरस्ट्राइक के दौरान ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है| इससे सोने के दामों को बढ़ने का सपोर्ट मिल रहा है| वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती और डॉलर में कमजोरी भी सोने के दामों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है| 

म्यूचुअल फंड में इंवेस्ट करना न सिर्फ बहुत आसान हो गया हे बल्कि आप बहुत ही कम समय में अपने निवेश की रकम को कुछ ही सालों में कई गुणा बढ़ा सकते हैं.

 

आपको जानकर हैरानी होगी कि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के लांग टर्म इक्विटी फंड के जरिए लोगों को 20 सालों में 36 गुणा रिटर्न दिया है. 1999 में आईसीआईसीआई म्यूचुअल फंड में जिन लोगों ने मात्र 1 लाख रूपए का निवेश किया था आज उसका रिटर्न उन्हें 36 लाख रूपए के रूप में मिल रहा है.

म्यूचुअल फंड से ना सिर्फ आप अपना टैक्स बचाते हैं बल्कि ये रिटर्न पाने का एक बेहतर विकल्प भी है. यदि किसी व्यक्ति ने 10 हजार रूपए मासिक के हिसाब से एसआईपी में इंवेस्ट किया था तो अब वो कीमत 24 लाख 20 हजार रूपए से बढ़कर 2 करोड़ 13 लाख रूपए के साथ निवेशकों को रिटर्न में मिली है.

सिप यानिए एसआईपी में निवेश का सबसे बड़ा फायदा आप डेढ़ लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर टैक्स सेविंग कर सकते हैं. इसके अलावा ये आपकी रिटायरमेंट की सेविंग के लिए बेहतर विकल्प है. इतना ही नहीं, आप सिप में निवेश करके बेहतर रिटर्न पा सकते हैं. ध्यान रहें, म्यूचुअल फंड में निवेश करने में रिस्क होता है लेकिन लॉन्ग टर्म में निवेश करने का आपको निश्चित रूप से लाभ मिलता है.

 कल 6 करोड़ किसानों में बांटे जाएंगे 12000 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार नए साल पर किसानों को एक बड़ा तोहफा देने जा रही है| 2 जनवरी को मोदी सरकार की फ्लैगशिप PM-Kisan योजना के तहत करोड़ों किसानों को इस योजना का फायदा मिलेगा| Financial Express की एक रिपोर्ट ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि कर्नाटक के तुमकुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह करोड़ किसानों के लिए 12,000 करोड़ की रकम जारी करेंगे| सूत्रों ने बताया कि किसानों को दिसंबर महीने की 2,000 रुपये की किश्त नहीं मिली है| सरकार की योजना किसानों को नए साल पर एक साथ ही पूरी रकम देने की है|

14 करोड़ किसानों को फायदा मिलने का अनुमान
इस वित्त वर्ष की यह आखिरी किश्त होगी| इस किश्त में 6.5 करोड़ किसानों को फायदा मिलेगा| इतने किसानों का डेटा उनके आधार से जुड़े बैंक अकाउंट के साथ वेरिफाई कर लिया गया है| सरकार की इस योजना में 14 करोड़ किसानों को फायदा मिलने का अनुमान है| केंद्र सरकार 29 दिसंबर तक लगभग 9.2 करोड़ किसानों का डेटा इकट्ठा कर चुकी है| उत्तर प्रदेश में कुल 2.4 करोड़ किसान हैं, जिनमें से 2 करोड़ किसानों का डेटा इकट्ठा हो चुका है| इस स्कीम में बस पश्चिम बंगाल के किसानों का डेटा शामिल नहीं है, क्योंकि यहां की ममता बनर्जी की सरकार ने किसानों का डेटा साझा करने से मना कर दिया है|

FY19 में सरकार ने 6,000 करोड़ ट्रांसफर किया
इस योजना के शुरू होने के बाद से 30 नवंबर, 2019 तक केंद्र सरकार 35,955.66 करोड़ रुपये की रकम पहली किश्त 7.62 करोड़ किसानों, दूसरी किश्त 6.5 करोड़ और तीसरी किश्त 3.86 करोड़ किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर चुकी है| अकेले FY19 में सरकार ने 6,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं| ये भी पढ़ें: बेटी के लिए SSY के बाद नए साल पर ऐसे करें बेटे का

भविष्य सुरक्षित
बता दें कि पीयूष गोयल ने अपने वित्त मंत्री के कार्यकाल के दौरान अपने अंतरिम बजट में इस डायरेक्ट-बेनेफिट ट्रांसफर स्कीम का ऐलान किया था| इस योजना में 12 करोड़ छोटे और मार्जिनल किसानों , उन्हें तीन किश्तों में 2000-2000 करके साल भर में 6000 रुपये की रकम देने की योजना थी| हालांकि, इस साल दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में आने के बाद सरकार ने इसमें हर किसान को स्कीम का फायदा देने का फैसला किया|

      देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के कदम उठाने के बाद होम लोन फाइनैंस कंपनियां भी एक्सटर्नल बेंचमार्क रेट घटाने की तैयारी में जुट गई हैं। ये हाउसिंग फाइनैंस कंपनियां हर लोन प्रॉडक्ट में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 पर्सेंटेज पॉइंट तक की कमी करने पर विचार कर रही हैं। इन योजनाओं पर विचार करने के लिए ये कंपनियां जनवरी में अपनी ऐसेट लायबिलिटी कमिटी की मीटिंग बुला सकती हैं। LIC हाउसिंग फाइनैंस ने होम लोन कंपनियों की तरफ से पहल करते हुए कुछ दिनों पहले ही बेंचमार्क रेट में लगभग 25 बेसिस पॉइंट की कमी की थी। सूत्रों ने बताया कि HDFC, PNB हाउसिंग फाइनैंस, इंडियाबुल्स हाउसिंग ने भी रेट कट के वित्तीय पहलुओं पर विचार करना शुरू कर दिया है।
       ICRA रेटिंग्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कार्तिक श्रीनिवासन ने कहा, 'कॉम्पिटिटर्स के दबाव के चलते हाउसिंग फाइनैंस कंपनियां भी रेट में कमी लाना शुरू करेंगी। रेट कट कितना पर्सेंटेज पॉइंट होगा, यह उनकी उधारी की लागत पर निर्भर करेगा। चुनिंदा फर्म्स को छोड़कर बाकी हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों के लिए सस्ता फंड हासिल करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। उनके पास पब्लिक डिपॉजिट के ऐक्सेस वाले बैंकों जितनी लिक्विडिटी नहीं है।'
       सितंबर 2018 में IL & FS के रिपेमेंट में डिफॉल्ट कर जाने से डेट इन्वेस्टर्स में बदहवासी मचने के बाद से होम लोन कंपनियों को लिक्विडिटी के मोर्चे पर बैंकों से ज्यादा चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। होम लोन कंपनियों का रेट कट एकसमान होने के बजाय प्रॉडक्ट के हिसाब से हो सकता है। LIC हाउसिंग उन ऐप्लिकेशंस पर कम रेट लेगी जिसमें कम से कम एक ऐप्लिकेंट फीमेल होगी।
       PNB हाउसिंग फाइनैंस लिमिटेड के सीएफओ कपीश जैन ने कहा, 'कॉम्पिटिशन, कॉस्ट ऑफ बॉरोइंग और अपने कई होम लोन प्रॉडक्ट्स की मौजूदा प्राइसिंग जैसे एक्सटर्नल फैक्टर्स को देखते हुए रेट कट पर फैसला लिया जाएगा।' इसी महीने होने वाली कंपनी की ऐसेट लायबिलिटी कमिटी की अगली मीटिंग में रेट रीसेट से जुड़े फैसलों की समीक्षा की जाएगी। होम लोन फाइनैंस कंपनियों की लोन ग्रोथ इस साल सुस्त रही है जिसके चलते बैंकों को उनका मार्केट शेयर हथियाने का मौका मिल गया। ICRA रेटिंग्स के डेटा के मुताबिक सितंबर क्वॉर्टर में टोटल हाउसिंग लोन लगभग 10% बढ़कर 19.5 लाख करोड़ रुपये हो गया। टोटल होम लोन में हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों और नॉन बैंकिंग फाइनैंस कंपनियों का हिस्सा 36% रह गया है जो सालभर पहले 38% था जबकि बैंकों का हिस्सा पिछले साल के 62% से बढ़कर 64% हो गया। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनैंस के एमडी गगन बंगा ने कहा, 'हम जनवरी के पहले हफ्ते में होनेवाली अपनी ऐसेट लायबिलिटी कमिटी की मीटिंग में रेट कट पर विचार करेंगे। कैलेंडर इयर 2020 के पहले क्वॉर्टर में लोन की डिमांड में रिकवरी होने की उम्मीद है।' मार्च क्वॉर्टर में कंजम्पशन को बढ़ावा देने की सरकार की कोशिशों से लेंडर्स को लोन ग्रोथ बढ़ने की उम्मीद बंधी है।

  बिना सब्सिडी वाला घरेलू गैस सिलिंडर साल के पहले दिन महंगा हो गया है। लगातार पांचवें महीने एलपीजी गैस सिलिंडर की कीमत में इजाफा हुआ है। महानगरों में 14.2 किलोग्राम वाला इंडेन गैस 22 रुपये तक महंगा हो गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलिंडर की कीमत दिल्ली में 714 रुपये, कोलकाता में 747 रुपये, मुंबई में 684.50 रुपये और चेन्नै में 734 रुपये है। अगस्त महीने से घरेलू गैस करीब 140 रुपये तक महंगा हो चुका है।
         दिसंबर में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस की कीमत दिल्ली में 695 रुपये, कोलकाता में 725.50 रुपये, मुंबई में 665 रुपये और चेन्नै में 714 रुपये थी। अगस्त के महीने में रसोई गैस सिलिंडर करीब 62 रुपये सस्ता हुआ था। उसके बाद हर महीने कीमत में उछाल आया। अगस्त महीने से घरेलू गैस करीब 140 रुपये तक महंगा हो चुका है। 19 किलोग्राम वाले सिलिंडर की कीमत में भी करीब 33 रुपये तक का इजाफा हुआ है। 1 जनवरी से इस सिलिंडर की कीमत दिल्ली में 1241 रुपये, कोलकाता में 1308.50 रुपये, मुंबई में 1190 रुपये और चेन्नै में 1363 रुपये है। दिसंबर में 19 किलोग्राम वाले सिलिंडर की कीमत दिल्ली में 1211.50 रुपये, कोलकाता में 1275.50 रुपये, मुंबई में 1160.50 रुपये और चेन्नै में 1333 रुपये थी।

व्यक्ति या ऑर्गनाइजेशन बैंक से 1 करोड़ रूपए या उससे अधिक निकालता है तो उसे बैंक को 2 फीसदी टैक्स देना होगा| इस नियम को 1 सितंबर को लागू किया गया था| इस नियम का अहम मकसद लोगों द्वारा कैश के लेन-देन में कमी करना है| इन सभी नियमों और शर्तों को सरकार ने सरकार ने फाइनेंस बिल में सेक्शन 194एन के तहत पेश किया था|
      हालांकि कुछ ऐसी कंडीशंस भी हैं जब इतना अधिक पैसा निकालने के लिए आपको टैक्स नहीं देना होगा| इस स्थिति में टैक्स बचाने के लिए कैश निकालने वाले व्यक्ति को सेंट्रल, स्टेट, बैंक, डाकघर या आरबीआई से परामर्श करना होगा और सरकार द्वारा नोटिफाई होने पर ही उस व्यक्ति को टैक्स नहीं देना होगा|
      टैक्स काटने की में स्थिति में ये जरूरी नहीं कि आप एक साथ ही 1 करोड़ रूपए निकालें| यदि आपने हर सप्ताह कुछ लाख रूपए या हर महीने 10-10 लाख रूपए निकाले तो एक साल के अंदर 1 करोड़ रूपए की निकासी होते ही टैक्स के रूप में आपके 2 लाख रूपए कट जाएंगे| बैंक टैक्स काटकर सरकार को जमा करवा देता है|
         

इस साल बीएसई के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में ना सिर्फ 15 फीसदी की तेजी हुई है बल्कि कई शेयरों ने रिकॉर्ड तोड़ तेजी दिखाई| एक्सपर्ट मान रहे हैं कि अगले साल भी इन शेयरों का बोलबाला रहेगा| जानिए आपका 2020 में किन शेयरों में निवेश करने से मिल सकता है बड़ा लाभ| 

 

  • एयरटेल कंपनी के शेयर्स ने इस साल सेंसेक्स में धूम मचाई| कंपनी शेयर्स को इस साल 59.23% का फायदा हआ| इनका करेंट प्राइज 457.35 है|
  • बजाज फाइनैंस हमेशा से ही निवेशकों की पसंद रहा है| इस साल भी लोगों ने इसमें खूब निवेश किया| इस साल इनके शेयर्स में 56.69% बदलाव हुआ| इनका करेंट प्राइज 4138.35 है|
  • आईसीआई बैंक के शेयर्स ने भी इस साल अच्छा परफॉर्म किया| इन्होंने 50.29% का प्रोफिट शेयर होल्डर्स को दिया| इनका करेंट प्राइज 541.04 है| निवेश के हिसाब से
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे सुरक्षित माना जाता है| इस साल इनके शेयर्स में 37.9% बदलाव हुआ| इनका करेंट प्राइज 1545.95 है|
  • कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर्स ने इस साल आउटस्टैंडिंग परफॉर्म किया| 36.42% तक इस साल इनके शेयर्स में बदलाव देखा गया| इनका करेंट प्राइज 1,711.7 है|
     

गुरुवार को सोने का वायदा भाव 107 रुपये की बढ़त के साथ 38,746 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने का फरवरी अनुबंध 107 रुपये या 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38,746 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। इसमें 2,981 लॉट का कारोबार हुआ। इसी तरह सोने का अप्रैल अनुबंध 147 रुपये या 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38,835 रुपये प्रति दस ग्राम रहा। इसमें 277 लॉट का कारोबार हुआ।  
         चांदी का वायदा भाव 482 रुपये की बढ़त के साथ 46,988 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में चांदी का मार्च आपूर्ति का अनुबंध 482 रुपये की बढ़त के साथ 46,988 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इसमें 2,654 लॉट का कारोबार हुआ। इसी तरह चांदी का मई अनुबंध 574 रुपये की छलांग से 47,462 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। 

पीपीआई का उपयोग 10 हजार रुपये तक की खरीददारी और सर्विस का लाभ उठाने के लिए किया जा सकता है| पीपीआई कार्ड या इलेक्ट्रॉनिक रूप में हो सकता है| रिजर्व बैंक ने छोटी डिजिटल पेमेंट के लेन-देन को बढ़ावा देने के लिये हाल ही में पीपीआई को जारी किया है| आप कार्ड या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ही इसमें पैसे भर सकते हैं| कुछ समय पहले ही आरबीआई ने घोषणा की थी कि वो छोटे मूल्य के डिजिटल लेन-देन के लिये इस प्रकार के पीपीआई को पेश करेगा| आरबीआई ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा है कि छोटी कीमतों के लिए डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने और ग्राहकों को बेहतर अनुभव करवाने के लिए इस नए तरह के सेमी-क्लोज्ड पीपीआई को जारी किया गया है|
 फिलहाल तीन प्रकार के पीपीआई - क्लोज्ड सिस्टम, सेमी क्लोज्ड ओर ओपन पीपीआई हैं|
क्लोज्ड पीपीआई- आप केवल वस्तुओं और विभिन्न सेवाओं को खरीद सकते हैं इसके जरिए आप कैश नहीं निकाल सकते और ना ही किसी तीसरी पार्टी के लिए भुगतान कर सकते| 
सेमी क्लोज्ड पीपीआई- में छोटी मूल्य वाली वस्तुओं और सेवाओं को खरीद सकते हैं| साथ ही इनमें के साथ मनी ट्रांसफर करने या मंगवाने की सुविधा होती है| 
ओपन पीपीआई- में अन्य सुविधाओं के साथ आप कैश भी निकाल सकते हैं|
       पीपीआई को बैंक और गैर-बैंकिंग इकाइयां ही जारी कर सकती हैं| इसके लिए ग्राहकों से उनकी कुछ बेसिक जानकारी लेने के बाद इसे जारी किया जाएगा| इसके लिए ग्राहकों को वन टाइम पिन-ओटीपी, अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड जैसी चीजें वैरीफिकेशन के दौरान देनी होंगी| 

     वरिष्ठ ना‍गरिकों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में अब वरिष्ठ नागरिक तय सीमा से दोगुनी कीमत का निवेश कर सकते हैं| 60 साल या इससे अधिक उम्र के लोग इस योजना में निवेश कर सकते हैं| निवेश की अंतिम तारीख मार्च 2020 तक है| इसमें 10 साल तक निवेश कर सकते हैं जिसमें आपको 8 फीसदी तक रिटर्न की गारंटी के साथ ही पेंशन भी मिलेगी| 
     निवेश की कीमत दोगुनी करने से मासिक अधिकत्तम 10 हजार रूपए और न्यूनतम 1 हजार तक पेंशन मिलेगी| निवेश के लिए https://eterm.licindia.in/onlinePlansIndex/pmvvymain.do इस वेबसाइट से फॉर्म भर सकते हैं और जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे पैन कार्ड, बैंक खाता डिटेल्स और एड्रेस प्रूफ अटैच कर सकते हैं| 
     बुजुर्ग की उम्र 60 साल या इससे अधिक होनी चाहिए| बुजुर्ग गिरवी रखे हुए घर में रह सकता है| बुजुर्ग की मृत्यु् के बाद घर बैंक का हो जाता है| घर की कीमत के आधार पर 60 फीसदी तक बैंक लोन देता है| बुजुर्ग को लोन वापिस नहीं करना होता| यदि बुजुर्ग के परिवार के सदस्य बैंक से घर वापिस लेना चाहते हैं तो उन्हें बैंक को घर की पूरी कीमत देनी होगी| 

बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं| 1 फरवरी 2020 को पेश होने वाले बजट के लिए वित्त मंत्रालय ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात शुरू कर दी है| 2020-21 के आम बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व परामर्श शुरू कर दिया है| इस क्रम में वित्त मंत्री ने सोमवार को दो महत्वपूर्ण बैठकें की| पहली बैठक में वित्त मंत्री ने डिजिटल इकोनामी फिनटेक और स्टार्टअप क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श किया|वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, वित्त सचिव राजीव कुमार, इकोनामिक अफेयर्स सचिव अतनु चक्रवर्ती, राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सचिव अजय प्रकाश साहनी, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम सचिव अंशु प्रकाश समेत वित्त मंत्रालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे| वहीं, उद्योग क्षेत्र की तरफ से इस बैठक में विप्रो की तरफ से दीपक आचार्य, जिओ मोबाइल्स की तरफ से विशाखा सहगल, नैसकॉम की तरफ से आशीष अग्रवाल, उबर की तरफ से अमित बंसल, एप्पल की तरफ से विराट भाटिया समेत तमाम लोगों ने अपनी तरफ से सरकार को बजट संबंधी सुझाव दिए|

एनईएफटी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का नायाब तरीका है| अब इसको लेकर नियम बदल गए हैं| अब एनईएफटी की सुविधा सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे मिलनी शुरू हो चुकी है| यह नियम आज से लागू होगा| बता दें कि इससे पहले शनिवार और रविवार को यह सुविधा बंद रहती थी| NEFT से कैसे ट्रांसफर करे पैसे- NEFT ट्रांजैक्शन के लिए इंटरनेट बैंकिंग इस्तेमाल करने वाले लोगों के पास थर्ड-पार्टी ट्रांजैक्शन ऐक्टिवेट कराना जरूरी है| इसके अलावा जिस आदमी को पैसा भेजा जाना है, उसे बेनिफिशरी के तौर पर ऐड करना जरूरी है| पैसे भेजने के लिए सबसे पहले ट्रांसफर ऑप्शन का चुनाव करें| इसके बाद बेनिफिशरी का नाम, राशि और ट्रांसफर का ब्योरा पेश करें| डीटेल्स और सिक्युरिटी ट्रांजैक्शन पासवर्ड देने के बाद ट्रांसफर की प्रोसेसिंग हो जाती है|

नौकरी के दौरान आपने जैसी शानदार जिंदगी जी है वैसी ही आप रिटायरमेंट के बाद भी जी सकते हैं| चलिए जानें इसके लिए आपको किन बातों का ध्यान रखना होगा| रिटायरमेंट के साथ ही इमरजेंसी फंड भी हमेशा निवेश करें| कई बार जरूरत पड़ने पर आपको अपना रिटायरमेंट निवेश ही खर्च करना पड़ता है| ऐसे में आप मुश्किल हालातों का सामना कर सकते हैं| रिटायरमेंट फंड के साथ ही इमरजेंसी फंड के लिए भी निवेश करें| इससे आप भविष्य में आने वाली मुसीबतों से आसानी से बच सकते हैं और अपनी रिटायरमेंट को खुशी-खुशी जी सकते हैं| रिटायरमेंट के लिए सेविंग बहुत जरूरी है और ये सेविंग आपको नौकरी के कुछ समय बाद ही शुरू कर देनी चाहिए| कुछ लोग लंबे समय तक रिटायरमेंट के बारे में नहीं सोचते, लेकिन आप ये गलती ना करें| हमेशा जोखिम भरे निवेश से दूर रहें| बहुत से लोग लालच में आकर या हाई रिर्टन के चक्कर में गलत निवेश कर जाते हैं| आप ऐसा ना करें| आप रिटायरमेंट के लिए निवेश ऐसी जगह करें जो बिल्कुल सुरक्षित हो और समय पर आपको आपकी पेंशन देने में मदद करें|

आप कितने साल का बीमा ले रहे हैं| आपको बीमा से क्या लाभ होगा| बीमा में क्या-क्या चीजें कवर होंगी| चलिए जानते हैं ऐसी ही और कौन सी अहम बातों का आपको ख्याल रखना है| कुछ लोग बीमा तो करवा लेते हैं लेकिन उसमें मनी बैक पॉलिसी ले लेते हैं| इससे हर साल आपको बीमा पॉलिसी का कुछ एमाउंट वापिस मिल जाता है| जबकि ऐसी पॉलिसी को अच्छा नहीं कहा जाता क्योंकि इसका कवर लाभ ना के बराबर होता है| साथ ही, हर साल आने वाले रूपयों को यदि आप सही जगह इंवेस्ट नहीं कर पाते तो आपका बीमा करवाने का कोई लाभ नहीं होता| ऐसे में मनी बैक इंश्योरेंस पॉलिसी से बचे| जरूरी बातें- आपको हमेशा हर चीज़ का इंश्योरेंस करवानी चाहिए| फिर वो सेहत का हो, वाहन का हो या फिर भूमिका| हर महंगी चीज का बीमा करवाकर आप लाखों के नुकसान से बच सकते हैं| आप इंश्योरेंस करवाकर अपने वेतन से टैक्स को बचा सकते हैं| हमेशा ध्यान रखें ही बीमा पॉलिसी में कुछ नियम और शर्तें छिपी हुई होती हैं| इनके बारे में अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर लें| जैसे बीमा के दौरान गंभीर रोगों या पहले से हुई बीमारी को कवर किया गया है नहीं| वाहन में किन कंडीशंस में बीमा मिलेगा| ये भी ध्यान रखें सिर्फ कंपनी की बीमा पॉलिसी पर निर्भर ना रहें| अपना निजी बीमा जरूर करवाएं क्योंकि आप ये नहीं जानते कि कब आपकी नौकरी चली जाए| समय-समय पर अपने बीमा और इसमें हो रही अपडेट्स के बारे में जानते रहें और समीक्षक के संपर्क में रहें|

यदि आप बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए सोच रहे हैं तो आपको अभी से ही उनके नाम का निवेश कर देना चाहिए| बच्चों के लिए निवेश करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए| निवेश योजना बनाएं- बच्चों के लिए निवेश के दौरान योजना बनाएं. जैसे बच्चे के 18 साल तक होने के लिए निवेश, शादी के लिए निवेश, पढ़ाई के लिए निवेश और बच्चे के जीवन के अहम समय के लिए निवेश| इन सभी निवेशों का कैलकुलेट करके अलग-अलग वर्ष के हिसाब से निवेश करना शुरू करें| मैच्योरिटी डेट का ध्यान रखें- निवेश करते हुए ध्यान रखें कि मैच्योरिटी डेट क्या है| आप पैसा किन कंडीशंस में निकाल सकते हैं| मैच्योरिटी डेट में किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी| इन जगहों पर करें निवेश - हमेशा एक ही जगह निवेश ना करें| आप एफडी, आरडी, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स और सिप में भी पैसा निवेश कर सकते हैं| इससे आपको अलग-अलग जगह से रिटर्न मिलेगी और जरूरत के हिसाब से आप इसका इस्तेमाल कर पाएंगे| नियमित रहें- यदि आपने निवेश कर दिया है तो इस बात का खास ख्याल रखें कि निवेश लॉन्ग टर्म के लिए हो और आप नियमित रूप से निवेश की निर्धारित तिथी पर रूपया जमा करवा सकें| ये भी सुनिश्चित करें कि आप छोटी-छोटी जरूरतों पर इस पैसे को ना निकालें| तालिका बनाएं- आपने जहां भी जितना निवेश किया है| उसका पूरा हिसाब मेंटन करके रखें| आप पूरे कैलकुलेशन का रिकॉर्ड अपने पास रखें| इससे समय आने पर आपको समस्या नहीं होगा|

16 दिसंबर से बदल रहा ये नियम ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन करने वाले लोगों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बड़ी राहत दी है| दरअसल, आरबीआई ने एक बयान में कहा कि अब नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के तहत ट्रांजेक्शन की सुविधा अवकाश समेत सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध होगी| इसका मतलब ये हुआ कि अब आप कभी भी और किसी भी वक्‍त NEFT के जरिए पैसों का ऑनलाइन लेन-देन कर सकते हैं| आरबीआई ने क्‍या कहा रिजर्व बैंक ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि NEFT ट्रांजेक्शन को चौबीसों घंटे, सातों दिन शुरू करने का निर्णय लिया गया है| इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने सभी सदस्य बैंकों को नियामक के पास चालू खाते में हर समय पर्याप्त राशि रखने को कहा है ताकि एनईएफटी ट्रांजेक्शन में कोई समस्या नहीं हो| वहीं सभी बैंकों को सही ढंग से इस सर्विस को लागू करने को कहा गया है| आरबीआई के मुताबिक बैंक NEFT में किए गए बदलाव के बारे में उपभोक्ताओं को सूचित कर सकते हैं| क्‍या होता है NEFT NEFT ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन का एक तरीका है| इसके तहत आप एक समय में 2 लाख रुपये तक की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं| यह ट्रांजेक्‍शन बैंक ब्रांच या फिर इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग के जरिए किया जा सकता है| अभी की बात करें तो सामान्‍य दिनों में NEFT ट्रांजेक्शन सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के दौरान होता है| वहीं पहले और तीसरे शनिवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक घंटे के आधार पर किया जाता है| आरबीआई के मुताबिक अक्टूबर 2018 से सितंबर 2019 की अवधि में NEFT से 252 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है| सालाना आधार पर इनके लेनदेन में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है| बता दें कि रिजर्व बैंक पहले ही एनईएफटी ट्रांजेक्शन पर शुल्क समाप्त करने का निर्णय ले चुका है|

केन्‍द्रीय जीएसटी और राज्‍य जीएसटी से जुड़े प्राधिकरण आज से नए जीएसटी रिटर्न के लिए राष्‍ट्रव्‍यापी जीएसटी हितधारक प्रतिक्रया दिवस मना रहे हैं| इसका मकसद नए जीएसटी रिटर्न के बारे में मौके पर ही आवश्‍यक प्रतिक्रियाएं प्राप्त करना है| नई प्रणाली 1 अप्रैल 2020 से अमल में आएगी| आधिकारिक बयान के तहत इसके तहत अनुपालन में हो रही आसानी के आकलन और इन नये रिटर्नों की अपलोडिंग पर जोर दिया जाएगा ताकि जब ये रिटर्न भरना अनिवार्य हो जाएं, तो कारो‍बारियों को किसी भी तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े| फीडबैक में कौन लेंगे भाग इस फीडबैक से जुड़े इन सत्रों में उद्योग मंडल, करदाताओं, कर विशेषज्ञ एवं अनुपालन प्रबंधकों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले अन्‍य संगठन भाग लेंगे| इस अवसर पर कर अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे, जो करदाताओं का मार्गदर्शन करेंगे और इसके साथ ही नए रिटर्नों को उपयोग में लाने के लिए उनकी सहायता करेंगे| गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स को लागू करने के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर करदाता परामर्श की व्‍यवस्‍था की गई है| GST स्लैब की दरों में होने जा रहा बड़ा बदलाव वस्तु एवं सेवा कर पैनल रेवेन्यू कलेक्शन बढ़ाने के बारे में विचार कर रहा है| इसी सिलसिले में अब खबर आ रही है कि जीएसटी पैनल 5 फीसदी के टैक्स स्लैब को 1 फीसदी बढ़ाकर 6 फीसदी करना चाहता है| उम्मीद की जा रही है कि जीएसटी स्लैब में इस बदलाव से जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन में हर माह करीब 1,000 करोड़ रुपये का इजाफा होगा| इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संबंध में जीएसटी पैनल इसी माह के मध्य में राज्यों और अधिकारियों से बातचीत कर सकता है|

इनकम टैक्स में कटौती की तैयारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को इस बात की तरफ इशारा किया है कि बहुत जल्द ही इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया जा सकता है| सरकार की तरफ से यह कदम इसलिए उठाया जा सकता है ताकि लोगों के हाथों में अधिक से अधिक पैसे रखकर खपत को बढ़ाया जा सके| सरकार की तरफ से यह कदम एक ऐसे समय पर आएगा, जब कमजोर प्राइवेट इन्वेस्टमेंट और मांग में कमी की वजह से अर्थव्यवस्था चरमरा चुकी है| बजट तक करना पड़ सकता है इंतजार वित्त मंत्री ने हिंदुस्तान टाइम्स लीटरशीप समिट 2019 में कहा कि सरकार कई सारी चीजों पर विचार कर रही है| इनकम टैक्स में कटौती करना भी इन्हीं में से एक हो सकता है| जब उनसे पूछा गया कि कितनी जल्दी आम लोगों को इनकम टैक्स में कटौती का तोहफा मिल सकता है तो उन्होंने अपने जवाब में कहा कि बजट तक का इंतजार करिए| बता दें कि वित्त वर्ष 2021 के लिए फरवरी 2020 में केंद्रीय बजट पेश किया जाना है| GDP दर 4.5 फीसदी पर गौरतलब है कि सितंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार 4.5 फीसदी के करीब रही है, जोकि बीते 26 तिमाही में सबसे खराब है| हालांकि, बीते चार महीनों में केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई बड़े कदम उठाए हैं| सितंबर माह में केंद्र सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती करने का फैसला लिया था, जिसका सरकार के खजाने पर करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये का असर पड़ा था| भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले हफ्ते हुए मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया था|

अमेरिका और चीन के बीच चल रहे हैं ट्रेड वॉर से भारत को फायदा होते ही दिख रहा है| दरअसल ट्रेड वॉर के कारण व्यापारियों को अब चीन में बिजनस का वह माहौल नहीं मिल पा रहा है, जो ट्रेड वॉर से पहले मिल रहा था| यही वजह है कि वहां की कंपनियां अब अपने लिए दूसरे बाजार की तलाश कर रही हैं और धीरे-धीरे चीन से कारोबार समेटना शुरू कर दिया है| चीन की पांच कंपनियों ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की इच्छा जताई है| ग्रेटर नोएडा में 800 करोड़ रुपये निवेश होगा यह पांच कंपनियां ग्रेटर नोएडा में 800 करोड़ रुपये निवेश करने के बारे सोच रही हैं| अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी| उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल निवेश को आकर्षित करने के लिए चीन के तीन शहरों की यात्रा पर गया था| उसी के बाद यह निवेश आया है| ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के बयान के मुताबिक, प्रमुख फोन निर्माता शाओमी को स्पेयर्स की आपूर्ति करने वाली चीन की होलीटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात की और अपनी पांच साझेदारी कंपनियों का आशय पत्र सौंपा है|

दिग्गज उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया को लेकर एक बड़ा बयान दिया है| बिड़ला ने एनबीसी टीवी 18 की मैनेजिंग एडिटर शीरीन भान से बातचीत में कहा कि हमने ऐसा कल्चर कारोबार में पैदा किया है कि यदि अपेक्षा के अनुसार सरकारी सहायता नहीं मिली तो वह वोडाफोन आइडिया को बंद कर देंगे| इस कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में बिड़ला ने संकेत दिया है अब बिड़ला ग्रुप वोडाफोन-आइडिया में कोई निवेश नहीं करेगा| उन्होंने कहा कि अच्छे रुपये को बुरे रुपये में निवेश का कोई मतलब नहीं है| सरकारी राहत नहीं मिलने पर कंपनी के कदम के सवाल पर बिड़ला ने कहा कि हम अपनी दुकान बंद कर देंगे| उन्होंने कहा कि राहत नहीं मिलने की स्थिति में कंपनी दिवालिया प्रक्रिया का रास्ता अपनाएगी| सुप्रीम कोर्ट की ओर से एजीआर पर दिए गए फैसले का वोडाफोन-आइडिया पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है| इसके कारण कंपनी ने दूसरी तिमाही में 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा बताया है| रिलायंस जियो की लॉन्चिंग के बाद टेलीकॉम सेक्टर में बने रहने के लिए कुमार मंगलम बिड़ला ने अपनी आइडिया सेल्युलर का वोडाफोन इंडिया के साथ विलय कर दिया था और नई कंपनी वोडाफोन आइडिया अस्तित्व में आई थी| अभी कंपनी में 26 फीसदी हिस्सेदारी है बिड़ला ग्रुप की पिछले साल हुए विलय समझौते के अनुसार, वोडाफोन-आइडिया कंपनी में 45.1 फीसदी हिस्सेदारी वोडाफोन के पास है जबकि 26 फीसदी हिस्सेदारी आदित्य बिड़ला ग्रुप के पास है| अन्य शेयरहोल्डर्स के पास 28.9 फीसदी हिस्सेदारी है| वोडाफोन-आइडिया का संचालन दोनों कंपनियां संयुक्त रूप से करती हैं| वोडाफोन ने सरकार से मांगा था राहत पैकेज वोडाफोन ने सरकार से स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए दो साल का वक्त, लाइसेंस शुल्क में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ब्याज और जुर्माने में छूट सहित एक राहत पैकेज की मांग की थी| वोडाफोन दुनिया की दूसरी बड़ी मोबाइल ऑपरेटर है और स्पेन व इटली में सुधार के संकेतों से उसके राजस्व में लगातार सुधार हो रहा है| कैलेंडर वर्ष 2019 की पहली छमाही में उसके सेवा राजस्व में 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी| वहीं कंपनी ने मुश्किल दौर को देखते हुए पहली बार मई में अपने डिविडेंट में कटौती की थी|

देश में 15 जनवरी तक 21,000 टन आयातित प्याज आने की संभावना है जिसके ठेके हो चुके हैं| इसके अलावा एमएमटीसी ने 15,000 टन प्याज आयात के तीन नए टेंडर जारी किए हैं| प्याज की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है, जिसके तहत प्याज का आयात करने के साथ-साथ घरेलू स्तर पर प्याज की आपूर्ति व वितरण की व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है| सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि देश में विदेश व्यापार की सबसे बड़ी कंपनी एमएमटीसी ने 4,000 टन प्याज तुर्की से आयात करने का नया ठेका दिया है| यह प्याज जनवरी के मध्य तक देश में आएगा| मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि एमएमटीसी ने तुर्की से फिर 4000 टन प्याज मंगाने का अनुबंध किया है, जो इससे पहले दिए गए ठेके के अतिरिक्त है| इससे पहले कंपनी तुर्की से 11,000 टन और मिस्र से 6,090 टन प्याज मंगाने का अनुबंध कर चुकी है|

भारतीय रेलवे एक बड़ी सुविधा देने जा रहा है। रेलवे अब ट्रेन के जनरल डिब्बे में भी यात्रा करने वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट देगा। आपकी सीट का नंबर आपके फोटो के साथ आपके वॉट्सऐप पर आ जाएगा। यह रेलवे की डिजिटल टिकट होगी। इससे प्लेटफॉर्म पर लंबी लाइनों के झंझट से तो छुटकारा मिलेगा ही साथ ही सीट को लेकर गड़बड़ी की आशंका भी कम हो जाएगी। जनरल कोच में अनारक्षित सीटों पर कन्फर्म टिकट देते वक्त ही यात्रियों को बोर्डिंग पास दिया जा रहा है। इस टिकट को लेने के लिए जब आप ट्रेन के लिए रेलवे काउंटर से टिकट लेंगे तो साथ ही में ही एक पूरब का काउंटर बनाया गया है।

वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी यानी आर्थिक विकास दर में भारी गिरावट आई है| जुलाई-सितंबर तिमाही में देश की जीडीपी गिरकर 4.5 फीसदी हो गई है| पिछले साल इसी तिमाही में विकास दर 7.1 फीसदी रही थी| केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी है| 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर घटकर पांच फीसदी रह गयी| यह पिछले छह साल से ज्यादा वक्त में न्यूनतम स्तर था| इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने अनुमान दिया था कि मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी की बढ़ोतरी दर 5.6 फीसदी रहेगी| इससे तकरीबन एक महीना पहले एजेंसी ने 2019-20 में जीडीपी की बढ़ोतरी दर 6.1 फ़ीसदी रहने का अनुमान लगाया था| इसके अलावा हाल ही में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी कड़ी टिप्पणी की थी|

केंद्र सरकार ने देश में सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग अनिवार्य बनाने का फ़ैसला किया है| अगले साल 15 जनवरी से सरकार का फ़ैसला अमल में आ जाएगा लेकिन इसे पूरी तरह लागू करने के लिए एक साल का वक्त दिया जाएगा| ऐसे में इसे अनिवार्य बनाए जाने से यह सोने के आभूषणों में सोने की मात्रा की सरकार की ओर से दी जाने वाली गारंटी बन जाएगा| इससे असली और नकली सोने के आभूषणों की पहचान करना आसान हो जाएगा| अब बीआईएस हॉलमार्किंग के निशान और नंबर के साथ-साथ आभूषणों पर निर्माता का नाम और कैरेट में सोने की शुद्धता लिखना भी ज़रूरी बनाया गया है| 2016 के तहत केंद्र सरकार को सोने की हॉलमार्किंग ज़रूरी बनाने का अधिकार दिया गया था| सरकार के फ़ैसले के मुताबिक़ अब देशभर में सोने के आभूषण बेचने वाले ज्वैलर्स को बीआईएस से रजिस्ट्री करवाना होगा| रजिस्ट्री करवाने के बाद ज्वैलर्स केवल बीआईएस प्रमाणित किसी सेंटर से ही सोने की शुद्धता की जांच करवा पाएंगे| आभूषण निर्माता हॉलमार्क वाले आभूषण ही बेच पाएंगे| फ़ैसले की एक बड़ी बात ये है कि ये सोने की कलाकृतियों पर भी लागू होगा| फिलहाल भारत में सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग की व्यवस्था तो है लेकिन उसे अनिवार्य नहीं बनाया गया है| अगर चाहे तो सोने के आभूषणों का कोई निर्माता भारतीय मानक ब्यूरो से अपने उत्पाद के लिए हॉलमार्किंग का अधिकार ले सकता है|

पूरे देश में ही प्याज़ के दामों में आग लगी हुई है| राजधानी दिल्ली में प्याज़ 80-100 रुपए किलो बिक रहा है और थोक में भी इसकी कीमत 60 रुपए किलो है| पिछले कई दिनों से प्याज की कीमत से लोगों को राहत नहीं मिल पाई है, ऐसे में बचत करने के लिए लोगों ने अब प्याज से ही कन्नी काटना शुरु कर दिया है| पहले जो लोग एक-दो किलो प्याज़ लिया करते थे अब वे केवल आधा किलो ही प्याज़ खरीद पाते हैं| छोले या राजमा ज़्यादातर लोगों के घर खाने में बनता है लेकिन बचत करने के लिए लोग अब सादा खाना ही बना रहे हैं| सबको खाने का स्वाद आज कल फीका लग रहा है क्योंकि पहले जिस खाने के मसाले में प्याज़ पड़ता था अब बस वहां छौंका लगाने या मसाले में नाम भर का स्वाद डालने के लिए प्याज का इस्तेमाल किया जा रहा है|